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प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में अधिकारियों, कर्मचारियों और अतिथि विद्वानों की उपस्थिति सार्थक एप से दर्ज करना अनिवार्य

 भोपाल  प्रदेश के सरकारी कालेजों में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी और अतिथि विद्वानों की सार्थक एप से उपस्थिति पिछले साल जुलाई से ही अनिवार्य की गई है। इसके बावजूद उपस्थिति आनलाइन दर्ज नहीं हो रही है। हालांकि उच्च शिक्षा विभाग आनलाइन उपस्थिति के लिए लगातार कवायद कर रहा है। 60 फीसद उपस्थिति अभी भी सिर्फ 60 फीसद उपस्थिति एप के माध्यम से लगाई जा रही है। इसे देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने फिर से सभी क्षेत्रीय संचालकों को पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि एक मार्च से सबकी उपस्थिति सार्थक एप से ही मान्य की जाएगी। वेतन का भुगतान रोक दिया जाएगा इसमें गैरहाजिर होने पर वेतन का भुगतान रोक दिया जाएगा। साथ ही कार्रवाई भी की जाएगी। आदेशित में यह भी कहा गया है कि कालेजों के सभी अधिकारी/कर्मचारी/अतिथि विद्वान/आउटसोर्स एवं अन्य सभी की एक सूची बनाएं। सूची के अनुसार अधिकारी व कर्मचारी के लिए लागिन उनका ट्रेजरी एम्प्लाय कोड ही होना चाहिए। वहीं अतिथि विद्वानों के लिए लागिन आइडी उनका मोबाइल नंबर ही होना चाहिए। प्रदेश के सभी अतिरिक्त संचालकों को इस कार्य को पूर्ण करने के लिए 28 फरवरी तक का समय दिया गया है। एक मार्च से सभी की उपस्थिति सार्थक एप के माध्यम से की जाएगी।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने किया दावा- कोहली से बेहतर खिलाड़ी मैंने वनडे क्रिकेट में नहीं देखा

नई दिल्ली पाकिस्तान के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी 2025 मैच में भारत के लिए विराट कोहली सबसे बड़े हीरो रहे। उन्होंने दमदार शतक जड़कर एक दबाव भरे मैच में टीम इंडिया को जीत दिलाई। विराट के बल्ले से 51वां वनडे इंटरनेशनल शतक निकला। इस पारी को देखकर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग भी हैरान रह गए और उन्होंने विराट की जमकर तारीफ की। रिकी पोंटिंग ने यहां तक कह दिया है कि इस फॉर्मेट में उनसे बेहतर कोई भी खिलाड़ी नहीं है। आईसीसी रिव्यू में रिकी पोंटिंग ने महत्वपूर्ण क्षणों में आगे आकर खेलने की कोहली की क्षमता और इस दौरान ढेर सारे रिकॉर्ड तोड़ने की उनकी सराहना की। आईसीसी हॉल ऑफ फेम हासिल कर चुके पोंटिंग ने कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि बड़े मैच बड़े नामों के बराबर होते हैं। आपको उन बड़े मौकों पर अपने बड़े नामों को खड़ा करने की जरूरत होती है और भारत के लिए पाकिस्तान के खिलाफ मैच से बड़ा कोई मैच नहीं हो सकता। आपकी प्रतिष्ठा अंतरराष्ट्रीय मंच पर सबसे बड़ी प्रतियोगिताओं में आपके प्रदर्शन से बनती है। इसलिए मेरे लिए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि ऐसा हुआ है।” विराट को लेकर ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने कहा, “हां, जैसा कि आप कहते हैं, 2022 और अब, वह उस टीम के खिलाफ खड़ा हुआ जिसके खिलाफ खेलने के लिए वह शायद खुद को सबसे अधिक तैयार करेगा और कल रात से बड़ा कोई पल नहीं था, जब पाकिस्तान ने मुश्किल विकेट पर पहले बल्लेबाजी की थी। उस तरह की मैच जीतने वाली पारी खेलने के लिए शीर्ष क्रम में किसी की जरूरत थी और एक बार फिर कोहली ने इस काम को पूरा किया।” मैच को लेकर पोंटिंग बोले, “आप दोनों टीमों का स्कोरकार्ड देखें, एक में विराट ने शतक बनाया और दूसरे में कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने शुरुआत हासिल की, लेकिन बड़ा स्कोर नहीं बनाया। मैंने हमेशा कहा है कि खेल के किसी भी प्रारूप में, अर्धशतक से आप या आपकी टीम को कुछ नहीं मिलता। आपको बड़े स्कोर बनाने होते हैं। इस मैच में पाकिस्तान के लिए व्यक्तिगत बड़े स्कोर भी नहीं थे और ना ही बड़ी साझेदारियां थीं।” इस मैच के दौरान विराट कोहली ने सबसे तेज वनडे में 14000 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी तोड़ा और इंटरनेशनल क्रिकेट में रनों के मामले में रिकी पोंटिंग को भी पीछे छोड़ा। इस पर पोंटिंग ने कहा, “वह स्पष्ट रूप से लंबे समय से चैंपियन खिलाड़ी रहे हैं और विशेष रूप से सफेद गेंद के प्रारूपों में, जहां वह अविश्वसनीय रूप से अच्छे 50 ओवर के खिलाड़ी रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि मैंने विराट कोहली से बेहतर इस फॉर्मेट में कोई खिलाड़ी कभी देखा है। अब जब वह मुझसे आगे निकल गए हैं और उनसे केवल दो ही बल्लेबाज आगे हैं तो मुझे यकीन है कि वह खेल में सर्वकालिक अग्रणी रन स्कोरर के रूप में याद किए जाने का खुद को सर्वश्रेष्ठ मौका देना चाहेंगे।”

छात्रों ने 150 प्रोफेसर्स को बनाया बंधक, होलकर साइंस कॉलेज में बवाल

इंदौर इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में सोमवार को छात्र नेताओं ने बड़ा हंगामा किया। उन्होंने प्रिंसिपल समेत 150 से अधिक प्रोफेसर्स को 30 मिनट तक बंधक बना लिया। सभी को हॉल में बंद कर बाहर से लकड़ी अड़ा दी, ताकि कोई बाहर न आ सके। इतना ही नहीं, उन्होंने मेन स्विच ऑफ कर पूरे परिसर की बिजली भी बंद कर दी।   दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब छात्र नेताओं ने कॉलेज परिसर में एक निजी कोचिंग द्वारा प्रायोजित होली मिलन समारोह के पोस्टर लगाए। प्रिंसिपल डॉ. अनामिका जैन ने बिना अनुमति के पोस्टर लगाए जाने की वजह से उन्हें हटवा दिया। इससे नाराज छात्र नेताओं ने प्रोफेसर्स को यशवंत हॉल में बंद कर दिया और गेट के बाहर नारेबाजी करने लगे। एक कर्मचारी किसी तरह हॉल की खिड़की से बाहर निकला और गेट खोलकर सभी को बाहर निकाला। इसके बाद प्रिंसिपल डॉ. अनामिका जैन ने कलेक्टर से मुलाकात की और पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से इस आयोजन को मंजूरी नहीं दी गई थी। बिना अनुमति लगे पोस्टर हटवाने पर छात्र नेताओं ने बवाल खड़ा कर दिया। इस आयोजन को किसी “शर्मा कोचिंग” द्वारा स्पॉन्सर किया गया था।   प्राचार्य कक्ष में भी हुआ हंगामा कुछ दिन पहले कुछ छात्र नेता और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने 7 मार्च को कॉलेज मैदान में होली सेलिब्रेशन की अनुमति मांगी थी। हालांकि, सोमवार को पूरे परिसर में शर्मा कोचिंग के सहयोग से इस आयोजन के पोस्टर लगा दिए गए थे। कॉलेज प्रशासन ने इन्हें हटवाया, तो छात्र नेताओं ने विरोध शुरू कर दिया। प्रिंसिपल डॉ. अनामिका जैन उस समय फैकल्टी की मीटिंग के लिए यशवंत हॉल में थीं। छात्र नेता वहां भी पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख प्रिंसिपल ने हॉल के दरवाजे अंदर से बंद करवा दिए, लेकिन गुस्साए छात्र नेताओं ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने प्राचार्य कक्ष में भी जमकर हंगामा किया।   छात्र नेताओं का दावा- मिली थी अनुमति   एबीवीपी से जुड़े छात्र नेता रितेश पटेल ने मीडिया से कहा कि उन्होंने होली मिलन समारोह के लिए कॉलेज प्रशासन से अनुमति ली थी। अनुमति मिलने के बाद ही उन्होंने पोस्टर लगाए थे। जब प्रिंसिपल ने पोस्टर हटवा दिए और इसका कारण पूछा गया, तो वह कोई जवाब देने के बजाय सीधे मीटिंग में चली गईं। इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। कॉलेज प्रबंधन ने इस मामले में कलेक्टर से शिकायत कर दी है और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।

सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को कोर्ट से मिली राहत, आजम खान को बड़ी राहत

हरदोई धोखाधड़ी के केस में हरदोई जेल में बंद आजम खान के बेटे और सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान मंगलवार को करीब 17 महीने बाद रिहा हो गए। कोर्ट से उनकी जमानत मंजूर होने के बाद सोमवार को रिहाई का परवाना जेल प्रशासन के लिए भेज दिया गया था। दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में कोर्ट द्वारा अक्तूबर 2023 में सात साल की सजा सुनाए जाने के बाद से सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए रामपुर जिला जेल भेज दिया था। उनके साथ ही उनके पिता आजम खान और मां तजीन फात्मा को भी जेल भेज दिया गया था। सुरक्षा कारणों से आजम खान को सीतापुर, अब्दुल्ला आजम को हरदोई जेल शिफ्ट किया गया था। तब से आजम और अब्दुल्ला जेल में ही हैं। हालांकि, तजीन फात्मा जमानत पर रिहा हैं। अब अब्दुल्ला भी सलाखों से बाहर आ गए हैं। अब्दुल्ला के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि अदालत ने चंद रोज पहले जमानत मंजूर कर दी थी लेकिन,जमानतियों का सत्यापन आदि की औपचारिताएं पूरी होने के बाद सोमवार को रिहाई परवाना जारी हो गया। आज उनकी रिहाई हो गई है। उनकी रिहाई की सूचना से समर्थकों में खुशी की लहर है। बिना न्यायालय की अनुमति के अब्दुल्ला आजम देश नहीं छोड़ेंगे हरदोई जेल में बंद सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम भले ही मंगलवार को सलाखों से बाहर आ जा गए लेकिन, जिन शर्तों पर उनकी जमानत अर्जी अदालत ने मंजूर की है, उनके अनुसार वह जमानत अवधि में देश नहीं छोड़ सकेंगे। मालूम हो कि पूर्व में शत्रु संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के आरोप से घिरे सपा नेता आजम खान व अब्दुल्ला आजम को रामपुर पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी। जिस पर यह मामला शासन तक पहुंचा था। जिसके बाद इस मामले में शासन ने दोबारा विवेचना के आदेश दिए गए थे। एसपी ने इस मामले की विवेचना अपराध शाखा के इंस्पेक्टर नवाब सिंह को सौंपी थी। नवाब सिंह इस वक्त रामपुर में शहर कोतवाल हैं। इस मामले में बीते मंगलवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की जमानत अर्जी मंजूर की थी। लेकिन, कोर्ट ने अपने आदेश में चार शर्तें भी लगाई हैं। कोर्ट ने कहा है कि बिना न्यायालय की अनुमति के अब्दुल्ला आजम देश नहीं छोड़ेंगे, प्रत्येक तिथि पर न्यायालय में हाजिर होंगे और गवाहों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे एवं विचारण में पूरा सहयोग करेंगे।

मुश्किलों में घिरी पाकिस्तान टीम, अब स्पॉन्सर जुटाना भी पीसीबी के लिए चुनौती बन सकता है

कराची पाकिस्तान क्रिकेट एक बार फिर मुश्किल में है। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अपनी मेजबानी में पाकिस्तान ने खराब प्रदर्शन किया है। इसके बाद राष्ट्रीय टीम के लिए स्पॉन्सर जुटाना भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के लिए चुनौती बन सकता है। पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी भारत ने रविवार 23 फरवरी को दुबई में खेले गए मैच में पाकिस्तान को छह विकेट से हरा दिया था। इसके बाद मेजबान टीम टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर पहुंच गई थी। अगले दिन न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज की और इससे आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान का चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से सफर समाप्त हो गया। भारत से हारने से एक दिन पहले ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड मैच के लिए गद्दाफी स्टेडियम में लोगों की शानदार भीड़ को देखकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अधिकारी आत्मविश्वास से भरे हुए थे। बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘लोगों की प्रतिक्रिया और पाकिस्तान से इतर मैच का आनंद लेते देखना एक उत्साहवर्धक अनुभव था, लेकिन अब चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि पाकिस्तान में बचे हुए मैचों के लिए दर्शकों की भीड़ आती रहे, क्योंकि हम 29 साल बाद इतने बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं।” 1996 के विश्व कप के बाद पाकिस्तान में आठ टीमों की चैंपियंस ट्रॉफी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का पहला टूर्नामेंट है और उम्मीद थी कि घरेलू टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी। हालांकि, सोमवार को न्यूजीलैंड की जीत का मतलब है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान दोनों ही टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। वहीं, न्यूजीलैंड और भारत ने ग्रुप ए से सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। उधर, बोर्ड के वाणिज्यिक इकाई के एक विश्वसनीय सूत्र ने कहा कि अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल में नहीं भी खेलता है तो भी पीसीबी को वित्तीय रूप से कोई बड़ा झटका नहीं लगेगा, क्योंकि केवल गेट पर्ची और मैदान की आय के अन्य स्रोत ही प्रभावित होंगे। इसके अलावा संकटग्रस्त टीम की ‘ब्रांड वैल्यू’ पर असर पड़ने वाला है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें मेजबानी शुल्क, टिकट बिक्री सहित आईसीसी राजस्व में हमारा हिस्सा मिलने की गारंटी है, लेकिन अन्य मुद्दे भी हैं जैसे कि लोगों का इस बड़े टूर्नामेंट में रुचि खत्म होना और प्रसारणकर्ता द्वारा आधे भरे हुए स्टेडियम दिखाना आदि। और सबसे बड़ी चिंता यह है कि यहां क्रिकेट के प्रति दीवानगी के बावजूद भविष्य में पाकिस्तान क्रिकेट को एक ब्रांड के रूप में बेचना आसान नहीं होगा। ’’

पीलीभीत में जाली नोटों का कारोबार करने वाले चार अपराधी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद की 2.90 लाख की नकली करंसी

पीलीभीत उत्तर प्रदेश के पीलीभीत की बरखेड़ा थाना पुलिस ने नकली नोट का कारोबार करने वाले चार इंटरस्टेट धंधेबाजों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से 2.90 लाख रुपये की नकली भारतीय करेंसी और इसे बनाने की मशीन बरामद हुई है. पुलिस द्वारा पकड़े गए चारों आरोपी शाहजहांपुर, बरेली, और बदायूं के रहने वाले हैं. अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर इन्हें पकड़ा गया है पूछताछ में इन्होंने बताया कि यूट्यूब के जरिए इन्होंने नोट बनाना सीखा था. नकली नोट बनाकर यह ग्रामीण क्षेत्रों में भोले भाले लोगों को दे दिया करते थे. पकड़े गए आरोपियों में से 2 लोग शाहजहांपुर जनपद के है जिनके नाम रिजवान व अब्दुल सत्तार है. तो वही खलील अहमद बदायूं का रहने वाला है. चौथा आरोपी फरियाद बरेली का रहने वाला है. पुलिस का कहना है कि रिमांड लेकर इनसे पूछताछ की जाएगी इन्होंने अभी तक एक करोड़ के नकली नोट छापने की बात कबूली है. पीलीभीत  के अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया  ने बताया कि नकली नोट छापने वाले गैंग का आज भंडाफोड़ हुआ है. सभी पकड़े गए आरोपी जेल जा रहे है,ये लोग अब तक 1 करोड़ रुपये के नकली नोट छाप चुके है.    

नजमुल हुसैन शांतो ने कहा- हम वनडे क्रिकेट में रेग्युलर 300 रन नहीं बना रहे, खोला बांग्लादेश की टीम का कच्चा-चिट्ठा

नई दिल्ली बांग्लादेश की टीम आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से एलिमिनेट हो गई है। बांग्लादेश को पहले इंडिया और अब न्यूजीलैंड से हार का सामना करना पड़ा और इस तरह टीम टॉप 4 की रेस से बाहर हो गई। टीम के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने हार का कारण बताया और उन्होंने अपनी टीम के बल्लेबाजों के साथ-साथ फील्डर्स पर भी गुस्सा जाहिर किया। नजमुल हुसैन शांतो ने कहा है कि हम वनडे क्रिकेट में रेग्युलर 300 रन नहीं बना रहे। न्यूजीलैंड के खिलाफ बांग्लादेश की टीम 236 रन बना सकी थी। न्यूजीलैंड ने 237 रनों के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया था। खराब शॉट सिलेक्शन, बहुत अधिक डॉट बॉल खेलना, स्पिनरों के खिलाफ योजना की कमी और गलत समय आउट होने के कारण रावलपिंडी में सपाट पिच पर भी बांग्लादेश के बल्लेबाजों का खराब प्रदर्शन रहा। कप्तान शांतो ने जरूर 110 गेंदों में 77 रन बनाए, जबकि जाकिर अली ने फिर से 45 रनों की पारी खेली। पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में नजमुल हुसैन शांतो ने कहा, “एक कप्तान के तौर पर यह सचमुच निराशाजनक है। मुझे लगता है कि बल्लेबाजी और फील्डिंग के मामले में हमें काफी सुधार करने की जरूरत है। मैंने कई बार कहा है कि बल्लेबाजी इकाई के तौर पर हमें काफी सुधार करने की जरूरत है, लेकिन हमने बार-बार वही गलतियां कीं। हमें अपनी बल्लेबाजी को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। मुझे उम्मीद है कि इस टूर्नामेंट के बाद, हम एक बल्लेबाजी इकाई के रूप में कुछ बदलाव करेंगे और अलग-अलग तरीकों के बारे में सोचेंगे और अपनी बल्लेबाजी को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे।” जब उनसे पूछा गया कि वे किस तरह के बदलावों की बात कर रहे हैं, तो शांतो ने जोर देकर कहा कि खिलाड़ियों में कोई बदलाव नहीं, बल्कि उनकी सोच और वर्किंग प्रोसेस में बदलाव होना चाहिए। उन्होंने कहा, “मेरा मतलब यह नहीं था कि खिलाड़ियों में बदलाव होगा। मुझे लगता है कि हमें अपनी थॉट प्रोसेस में बदलाव करने की जरूरत है। हमें बल्लेबाजी करते समय अधिक जिम्मेदारी लेने की जरूरत है, ताकि टीम के लिए अधिक योगदान दे सकें।” कप्तान शांतो ने आगे कहा, “दरअसल यह हमें ही करना है। अगर हम बहुत ज्यादा बदलाव करेंगे, तो बल्लेबाजों के लिए भी मुश्किल हो जाएगी। इसलिए हमें अपने पास मौजूद संसाधनों को मौके देने होंगे।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे ऐसी टीम नहीं हैं, जो हर दिन 300 से ज्यादा रन बना सकें। भारत में खेले गए 2023 वनडे विश्व कप के बाद से बांग्लादेश ने 24 फरवरी को खेले गए मैच को मिलाकर कुल 23 मैच खेले हैं और केवल एक बार ही 300 से ज्यादा का स्कोर बनाया है। वनडे में 300 रन बनाने के लिए जद्दोजहद कर रही बांग्लादेश की टीम को लेकर कप्तान ने कहा, “हम नियमित रूप से 300 रन नहीं बना पाते। यह सच्चाई है और हमें इसे स्वीकार करना होगा। हमें नियमित रूप से 300 रन बनाने की आदत डालनी होगी; कभी-कभार नहीं। इसलिए हमें नियमित रूप से अभ्यास करना होगा और अच्छी विकेटों पर मैच खेलना होगा, बड़ी टीमों के खिलाफ खेलना होगा और रन बनाने होंगे।”

खाटूश्यामजी मेले से पहले बस में लगी आग से टला बड़ा हादसा, 50 यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

सीकर विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी लक्खी मेले से पहले राजस्थान में सीकर-जयपुर नेशनल हाईव पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अचानक एक राजस्थान रोड़वेज बस में आग लग गई। गनीमत रही की सवारियों से भरी बस के खिड़कियां और दरवाजे खुले थे जिसके चलते आग का गोला बनी एक्सप्रेस श्रेणी की बस में सवार लोगों ने कूदकर जान बचा ली। कहा जा रहा है कि अगर यही बस एसी या वोल्वो श्रेणी की होती तो बस के खिड़कियां और दरवाजा पैक होते और ऐसी स्थिति में खाटूश्यामजी आते भक्तों के साथ बड़ा हादसा हो सकता था। आग की भेंट चढ़ी खाटूश्यामजी से जाती रोड़वेज बस दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर जयपुर सीकर मार्ग पर सीकर जिले के रींगस थाना क्षेत्र के सरगोठ गांव के पास एक रोड़वेज बस भयंकर आग की भेंट चढ़ गई। तकरीबन 50 से अधिक सवारियों से भरी हुई बस जयुपर से खाटूश्यामजी आ रही थी कि अज्ञात कारणों के चलते बस में आग लगनी शुरू हो गई। बस में आग लगने का आभास होते देखकर चालक पुष्पेदसिंह ने जयपुर सीकर मार्ग पर स्थित एक होटल के पास रोका। आग लगातार बढ़ती देखकर सवारियों में अफरा तफरी का माहौल बन आया। किसी ने बस के दरवाजे से उतरकर तो किसी ने बस की खिड़कियों से उतरकर जान बचाई। आग लगने से बस कबाड़ में हो गई तब्दील आग की सूचना पर रींगस नगर पालिका की दमकल मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी से पानी की बौछारे होती रही। बड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर कबाड़ में तब्दील हो चुकी थी। क्यों लगी सवारियों में भरी बस में आग रींगस थानाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि जयपुर डिपो की रोडवेज बस में आग लगने की सूचना मिली। जिस पर पालिका की दमकल गाड़ी को रवाना करने के साथ पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। बस में करीब 50 यात्री सवार थे जो सकुशल है। प्रांरभिक जानकारी में सामने आया कि जयपुर आगार की रोडवेज बस खाटूश्याम जी जा रही थी जो सरगोठ गांव के समीप पहुंचने पर आग की भेंट चढ़ गई। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। कहा जा रहा है कि चालक पुष्पेद्रसिंह की सूझबूझ से समय रहते आगजनी का पता लगा और सवारियों को सकुशल बस से उतार दिया गया। अन्यथा बड़ा हादसा घटित हो सकता था।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025: दो संस्थाओं ने एक हजार करोड़ का निवेश रखा प्रस्ताव

भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में इन्वेस्टिंग इन ह्यूमन केपीटल-कौशल विकास विषय पर केंद्रित सत्र में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने की रणनीतियों पर गहन मंथन हुआ। कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन सबसे महत्वपूर्ण कारक है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रगति के साथ ही प्रदेश के युवाओं को नवीनतम तकनीकों में दक्ष बनाना सरकार की प्राथमिकता है, जिससे वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सकें। मंत्री टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार “शासन कम, सुशासन अधिक” की नीति के साथ काम कर रही है, जिसमें केवल सरकारी स्तर पर पहल न होकर निजी क्षेत्र की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रणाली विकसित हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश ने कौशल विकास को औद्योगिक नीति का अभिन्न अंग बनाया है, जिससे प्रदेश के युवाओं को आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा सके। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आपकी भागीदारी अभिनंदनीय है। शिक्षा में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। तकनीकी शिक्षा में निवेश कर सरकार के सहभागी बनें। आप कैम्पस चयन की तरह ही संस्थाओं का चयन कर उनमें सेंटर खोलें, ताकि स्किल्ड युवा मिल सकें। प्रदेश में हम परम्परागत कोर्स को बदलकर इण्डस्ट्री की मांग अनुसार कोर्स सम्मिलित करते जा रहे हैं। मंत्री परमार ने तकनीकी एवं उच्च शिक्षा में निवेश करने का भी आह्वान निवेशकों से किया। 1000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सत्र में मध्यप्रदेश के शिक्षा और कौशल विकास परिदृश्य में दो महत्वपूर्ण निवेश की घोषणाएँ की गई हैं, जो प्रदेश को शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक नई ऊँचाई पर ले जाएंगी। पहली निवेश योजना जागरण सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा प्रस्तुत की गई है, जिसका प्रतिनिधित्व संस्था के अध्यक्ष हरि मोहन गुप्ता कर रहे हैं। श्रियुसबरी स्कूल, यूके की संस्थान भोपाल में पूरी तरह से आवासीय अंतरराष्ट्रीय विद्यालय की स्थापना करने जा रहा है। 500 करोड़ रु. के इस निवेश से अगस्त 2025 से विद्यालय का संचालन शुरू होगा, जो 11 से 18 वर्ष की आयु के छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करेगा और 500 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करेगा। डॉ. भरत अग्रवाल, अध्यक्ष, विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी द्वारा दूसरी निवेश योजना प्रस्तावित की गई है। विश्वकर्मा समूह अगले 3 से 5 वर्षों में 500 करोड़ रु. का निवेश कर मध्यप्रदेश में एक स्व-वित्तपोषित निजी विश्वविद्यालय की स्थापना करेगा। इस विश्वविद्यालय में 25,000 छात्रों को शिक्षा प्रदान करने की योजना है, जिससे 2,000 से अधिक रोजगार उत्पन्न होंगे और शोध एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। एक हजार करोड़ रूपये के दोनों निवेश मध्यप्रदेश को शिक्षा और कौशल विकास का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। इससे प्रदेश के युवाओं को उज्जवल भविष्य की दिशा में सशक्त किया जाएगा। प्रदेश में कौशल विकास को गति देने के लिए नई भागीदारी सत्र के दौरान प्रदेश सरकार और औद्योगिक संस्थानों के बीच महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। निजी औद्योगिक समूह ट्राइडेंट ग्रुप ने एसएसआर ग्लोबल कौशल पार्क में एफआईएएटी योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण सामग्री, तकनीकी शिक्षण प्रणाली और प्रशिक्षण के प्रभावी संचालन में सहयोग प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस भागीदारी के तहत ट्राइडेंट ग्रुप द्वारा 100 युवाओं के प्रशिक्षण और नियोजन के लिए निवेश किया गया है। कौशल विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए आठ प्रमुख औद्योगिक और शैक्षणिक संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। सत्र में प्रमुख संस्थाओं ने प्रदेश के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई। प्रदेश सरकार ने जीआईजेड और श्नाइडर, जीआईजेड और सीमेंस, साइंटेक टेक्नोलॉजीज, अपना टाइम टेक प्राइवेट लिमिटेड, मार्तंडक सोलर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, उन्नति फाउंडेशन और वन वर्ल्ड अलायंस जापान के साथ ही समझौते किये गये। पैनल चर्चा में औद्योगिक विशेषज्ञों ने रखे विचार सत्र के दौरान आयोजित पैनल चर्चा में कौशल विकास के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं और उद्योगों की आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस चर्चा का संचालन एलएंडटी कौशल विकास मिशन के प्रमुख के. रामकृष्णन ने किया। चर्चा में सिंगापुर के आईटीई शिक्षा सेवा के मुख्य परिचालन अधिकारी लिम बून टियॉन्ग, ईवाई के वरिष्ठ भागीदार गौरव तनेजा, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मानव संसाधन प्रमुख वैभव गोयल, इंडो-जर्मन ग्रीन कौशल परियोजना के प्रमुख मोहम्मद बदरान, श्नाइडर इलेक्ट्रिक की नवाचार टीम की प्रमुख मेरी कैस्टेला और एक्सेंचर के प्रबंध निदेशक नवीन गुप्ता ने अपने विचार रखे। पैनल में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सरकार और उद्योग जगत को मिलकर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने चाहिए। चर्चा में कौशल विकास को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप रूपांतरित करने और नवीनतम तकनीकों को प्रशिक्षण में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रदेश सरकार की नीतियों से निवेशकों का भरोसा मजबूत सत्र में उपस्थित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए एक फवरेट डेस्टिनेशन बन रहा है। जागरण सोशल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष हरि मोहन गुप्ता और विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी पुणे के अध्यक्ष भरत अग्रवाल ने कहा कि सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता से प्रदेश में निवेश की असीम संभावनाएं बनी हैं। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव रघुराज एम. राजेंद्रन ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगों के साथ साझेदारी को मजबूत कर रही है और इस दिशा में नए निवेशकों को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह समिट केवल निवेशकों को आकर्षित करने का मंच नहीं है, बल्कि यह उद्योगों की आवश्यकताओं को समझकर प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने की नीति-निर्माण का भी अवसर प्रदान कर रहा है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक कौशल विकास को मिलेगा नया आधार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के इस महत्वपूर्ण सत्र ने प्रदेश में औद्योगिक कौशल विकास … Read more

सेक्स सीडी कांड : भूपेश बघेल सहित सभी आरोपी कोर्ट में पेश, अगली सुनवाई 4 मार्च को

रायपुर  छत्तीसगढ़ के चर्चित कथित सेक्स सीडी कांड मामले की सुनवाई आज रायपुर कोर्ट में हुई. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कोर्ट पहुंचे और हाजिरी देने के बाद बघेल विधानसभा के लिए रवाना हुए. वहीं कांग्रेस सरकार में मीडिया सलाहकार रहे विनोद वर्मा कोर्ट, कैलाश मुरारका समेत अन्य आरोपी कोर्ट में पेश हुए. इस मामले की अगली सुनवाई अब 4 मार्च को होगी. बता दें कि कोर्ट ने सीडी कांड मामले में सभी आरोपियों को समन जारी किया था. न्यायाधीश भूपेश कुमार बसंत के रायपुर कोर्ट में हाजरी देने के बाद भूपेश बघेल विधानसभा के लिए रवाना हो गए. वहीं विनोद वर्मा, कैलाश मुरारका समेत अन्य आरोपी कोर्ट में मौजूद रहे. बता दें कि इस केस के एक आरोपी रिंकू खनूजा की मौत हो चुकी है. बचाव पक्ष के वकील फैसल रिजवी ने बताया, कैलाश मुरारका सहित अन्य को कोर्ट में पेश किया गया. मामले में अब 4 मार्च को बहस होगी. CBI ने बताया है कि 2017 बॉम्बे के मानस नाम ने CD को जारी किया है. उससे पैसे का लेन-देन हुआ है. बता दें कि पिछले करीब 7 साल से सीडी कांड की सुनवाई रुकी थी. सीबीआई ने राज्य में 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद केस दिल्ली ट्रांसफर के लिए अर्जी लगाई थी, क्योंकि उसमें तत्कालीन सरकार के प्रभावशाली लोगों के नाम भी थे. सीबीआई की अर्जी दिल्ली की कोर्ट में विचाराधीन रही. इस वजह से फैसला ही नहीं हुआ कि केस की सुनवाई कहां होगी. पिछले माह दिल्ली की कोर्ट ने फैसला किया है कि केस ट्रांसफर नहीं होगा. यानी अब रायपुर की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में केस की सुनवाई होगी. उसके बाद केस डायरी दिल्ली से रायपुर कोर्ट भेजी थी. कोर्ट ने सभी आरोपियों को समन जारी किया था. इस मामले में आज सुनवाई हुई. जानिए क्या है सीडी कांड मामला चर्चित अश्लील सीडी कांड की शुरूआत 27 अक्टूबर, 2017 को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बंगले से हुई थी. दरअसल भूपेश बघेल ने 27 अक्टूबर की सुबह 6 बजे एक प्रेस कांफ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने मीडिया को एक सीडी बांटी थी. इस सीडी में एक आपत्तिजनक वीडियो था, जिसे लेकर भूपेश ने दावा किया था कि महिला के साथ बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिखने वाला व्यक्ति मंत्री राजेश मूणत है. इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ, लेकिन सीडी के सामने आने के बाद मंत्री राजेश मूणत ने इसका खंडन करते हुए सीडी को फर्जी बताया और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की थी. कथित सीडी के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गाजियाबाद से वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व सीएम भूपेश बघेल के मीडिया सलाहकार विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया था. इस मामले में पुलिस ने दावा किया था कि उनके निवास से इस अश्लील सीडी के वीडियो क्लिप की 500 सीडी और 2 लाख नगद जब्त किया था. यह कार्रवाई प्रकाश बजाज नामक एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर की गई थी.

मध्यप्रदेश को इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम, प्रमुख सड़क परियोजनाओं पर व्यापक चर्चा

भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2025 के पहले दिन “सड़क अवसंरचना में तेजी: निवेश, नवाचार और संभावनाएं” थीमैटिक सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी, विदेशी निवेश संभावनाओं, सतत एवं स्मार्ट अवसंरचना विकास, बहु-मोडल कनेक्टिविटी और प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में निवेश के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। सत्र में एमपीआरडीसी के प्रबंध निदेशक भरत यादव, सेवानिवृत्त महानिदेशक, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय आई.के. पांडेय, क्षेत्रीय अधिकारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एस.के. सिंह, मुख्य परिचालन अधिकारी क्यूब हाईवेज डॉ. राजू, प्रबंध निदेशक पाथ इंडिया नितिन अग्रवाल, कार्यकारी उपाध्यक्ष एसबीआई कैप्स मुकुल मोदी सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। मध्यप्रदेश में सड़क अवसंरचना क्षेत्र में निवेश और विकास की संभावनाओं पर गहन विमर्श हुआ। सत्र की शुरुआत में एमपीआरडीसी के प्रबंध निदेशक यादव ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें मध्यप्रदेश के सड़क नेटवर्क, निवेश अवसरों और नवाचारों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश तेजी से भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश 47 राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा हुआ है और 3.5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क इसे देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से जोड़ता है। इसके अलावा, राज्य में 6 वाणिज्यिक हवाई अड्डे, 26 एयर-प्स और एक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा हैं, जो वैश्विक कनेक्टिविटी को और अधिक सशक्त बना रहे हैं। राज्य सरकार बहु-मोडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा दे रही है, जिससे औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियां सुगम हो रही हैं। थीमैटिक सत्र में राज्य में चल रही और आगामी प्रमुख सड़क परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इनमें अटल प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, नर्मदा प्रगति पथ, मालवा-निमाड़ विकास पथ, बुंदेलखंड विकास पथ और मध्य भारत विकास पथ जैसी परियोजनाएँ शामिल हैं। इनका उद्देश्य प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देना और निवेशकों के लिए लॉजिस्टिक्स एवं परिवहन सुविधाओं को सुगम बनाना है। सत्र में यह भी बताया गया कि राज्य में 75 हजार करोड़ रूपये की सड़क परियोजनाएँ वर्तमान में निर्माणाधीन हैं, 50 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाएँ डीपीआर चरण में हैं और 1.3 लाख करोड़ रूपये की सड़क परियोजनाएँ पाइपलाइन में हैं। इसके अलावा, मध्यप्रदेश सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को सफलतापूर्वक लागू करते हुए अब तक 137 से अधिक सड़क परियोजनाएँ पूरी की हैं। इससे निवेशकों का भरोसा और अधिक बढ़ा है। प्रदेश सरकार ने निवेशकों को पारदर्शिता, सुरक्षा और लाभदायक अवसरों का आश्वासन दिया है। निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ई-टेंडरिंग, डिजिटल भुगतान सुविधा, समय से पहले परियोजनाओं को पूरा करने पर बोनस और विभिन्न सरकारी सहयोगी योजनाओं का लाभ दे रही है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे तेज़ी से विकसित होते राज्यों में से एक है और इंफ्रास्ट्रक्चर लीडर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश उनकी विकास यात्रा का एक सशक्त भागीदार बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। सत्र में एक पैनल चर्चा भी हुई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस चर्चा में आई.के. पांडेय (सेवानिवृत्त महानिदेशक, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय), एस.के. सिंह (क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई), डॉ. राजू (मुख्य परिचालन अधिकारी, क्यूब हाईवेज), नितिन अग्रवाल (प्रबंध निदेशक, पाथ इंडिया) और मुकुल मोदी (कार्यकारी उपाध्यक्ष, एसबीआई कैप्स) ने भाग लिया। इस पैनल चर्चा में सड़क अवसंरचना के तेज़ी से विकास के लिए निवेश के अवसरों, नवीन तकनीकों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल, टिकाऊ सड़क निर्माण तकनीकों और बुनियादी ढांचे के विकास में वित्तीय संस्थानों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। सड़क अवसंरचना में ऐतिहासिक निवेश, एक लाख करोड़ रूपये के एमओयू पर हस्ताक्षर सत्र से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की उपस्थिति में राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बीच एक लाख करोड़ रूपये के ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के विकास के लिए एक लाख करोड़ रूपये के निवेश को सुनिश्चित करेगा, जिससे लगभग 4010 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं का निर्माण एवं विकास किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस अवसर पर भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया को त्वरित एवं सुगम बनाने का संकल्प लिया, जिससे निवेशकों को बिना किसी बाधा के अपने प्रोजेक्ट्स को कार्यान्वित करने में सुविधा होगी।  

इसलिए दबाए रहे केजरीवाल; सिरसा बोले- CAG की 14 रिपोर्ट्स से खुलेगा लूट का चिट्ठा

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा सत्र का आज दूसरा दिन है। आज का सत्र हंगामेदार होने की पूरी संभावना है। सूत्रों के मुताबिक आज CAG की 14 रिपोर्ट में से सिर्फ एक ही रिपोर्ट ही पेश की जाएगी, जिसमें शराब घोटाला प्रमुख है। उसके बाद हो सकता है कि दूसरे दिन डीटीसी बसों को लेकर कैग की दूसरी रिपोर्ट पेश की जाए। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) पर सीएजी की रिपोर्ट में वित्तीय घाटे का गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि 2015-16 से 2021-22 तक, डीटीसी का संचयी घाटा 25,300 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 60,750 करोड़ रुपये हो गया। इसका प्रमुख कारण पुराना बेड़ा था, 45% बसें पुरानी हो चुकी थीं और उनके खराब होने का खतरा था, जिसके परिणामस्वरूप बेड़े का उपयोग कम हो रहा था। सूत्रों के अनुसार यह रिपोर्ट्स होंगी पेश 1. मार्च 2021 को खत्म हुए साल के लिए राज्य वित्त ऑडिट रिपोर्ट 2. 31 मार्च 2020 और 2021 को खत्म हुए साल के लिए राजस्व, आर्थिक, सामाजिक और सामान्य क्षेत्र और सार्वजनिक उपक्रम रिपोर्ट 3. 31 मार्च 2021 को खत्म हुए साल के लिए दिल्ली में वाहन वायु प्रदूषण की रोकथाम और मिटिगेशन परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 4. 31 मार्च 2021 को खत्म हुए साल के लिए देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 5. मार्च 2022 को खत्म हुए साल के लिए राज्य वित्त ऑडिट रिपोर्ट 6. दिल्ली में शराब आपूर्ति पर परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 7. मार्च 2023 को खत्म हुए साल के लिए राज्य वित्त ऑडिट रिपोर्ट 8. सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन पर परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 9. दिल्ली परिवहन निगम के कामकाज पर सीएजी की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट 10. 31 मार्च 2022 के लिए सीएजी की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट सूत्रों ने बताया कि कुल 14 रिपोर्टों में से 4 रिपोर्ट फाइनेंस अकाउंट और अप्रोप्रीएशन (स्वायत्तीकरण) अकाउंट हैं, जिन्हें दिल्ली सरकार के लेखा नियंत्रक ने 2021-22 और 2022-23 के लिए तैयार किया है। इससे पहले, दिसंबर 2024 में, दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने विधानसभा के समक्ष सीएजी रिपोर्ट पेश करने में विफल रहने के लिए पूर्व सीएम आतिशी की निंदा की थी, जिसके कारण उन्होंने 19-20 दिसंबर को एक विशेष सत्र भी बुलाया था। पूर्व सीएम आतिशी को लिखे पत्र में, सक्सेना ने विधायिका के सामने वैधानिक ऑडिट रिपोर्ट पेश करने के सरकार के संवैधानिक कर्तव्य पर जोर दिया था। उन्होंने पूर्व सीएम को याद दिलाया कि ये रिपोर्ट सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। सक्सेना ने बताया था कि लगातार याद दिलाने के बावजूद, सीएजी रिपोर्ट को दो साल तक रोककर रखा गया। उन्होंने इन रिपोर्टों को पेश करने में सरकार की विफलता को ‘जानबूझकर की गई चूक’ बताया और पारदर्शिता की कमी के लिए प्रशासन की आलोचना की। सीएम रेखा गुप्ता ने पिछली सरकार पर लोगों की मेहनत की कमाई का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है और कहा है कि उन्हें एक-एक पाई का हिसाब देना होगा। गुप्ता ने कहा, ‘हम दिल्ली से किए अपने वादों पर खरे उतरेंगे और उन्हें पूरा किया जाएगा।’ सीएम गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘सबसे अहम बात आने वाली है। हमने कहा था कि हमें पहले सत्र में सीएजी रिपोर्ट सदन के पटल पर रखनी चाहिए। यह लोगों की मेहनत की कमाई है जिसका पिछली सरकार ने दुरुपयोग किया। उन्हें लोगों के सामने एक-एक पाई का हिसाब देना होगा।’

महिला सशक्तिकरण के लिये समाज को और अधिक जागरूक करने की जरूरत : मंत्री सारंग

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिये समाज को और अधिक जागरूक करने की जरूरत है । महिलाओं को स्वयं को कमजोर नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा और कि महिला सशक्त होगी तो घर, समाज, देश सशक्त होगा। महिलाओं के बिना पुरुष भी अधूरा है। मंत्री सारंग ने जीआईएस में विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग के तहत महिलाओं को सशक्त बनने और अधिक सामाजिक संकेतकों में सुधार करना विषय पर संबोधित किया। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है कि वर्ष 2047 में भारत विश्व का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बने। इसमें महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उनके सशक्त होने से ही देश सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी अपनी मानसिकता बदलनी होगी, वृद्ध अपने आपको अबला न समझे। वह घर, परिवार, समाज और देश की निर्माता है। महिलाओं के बिना समाज की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती। प्राचीन समय में भी महिला प्रधान समाज हुआ करता था। हम जान, शक्त्ति और धन अर्जित करने के लिये माँ सरस्वती, माँ दुर्गा और माँ लक्ष्मी की पूजा अर्चना करते हैं। पिछले 75 वर्षों में महिलाओं की स्थिति पर विचार किया जाना चाहिए। मंत्री सारंग ने कहा कि महिलाओं के लिए उनके वर्क प्लेस पर अनुकूल वातवरण बने। इसके लिये शासकीय और अशासकीय संस्थानों में विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मंत्री सारंग ने कहा कि महिला-पुरुष को अलग-अलग न मानते हुए सकरात्मक सोध के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति महिला प्रधान रही है। स्टील इनोवेशन प्रा.लि. की डायरेक्टर सुनिधि अग्रवाल ने प्रत्येक संस्था में पुरुष एवं महिला नहीं हुनर के हिसाब से वेतन देने की बात कहीं। उन्होंने ग्रामीण और शहरी महिलाओं की परिस्थिति पर अलग-अलग विचार करने को कहा। स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. प्रिया भाव चितावर ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर विचार करने को कहा। उन्होंने महिलाओं के वर्क प्लेस पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। मेजर अनिकेत चतुर्वेदी ने महिला सुरक्षा और उनके आत्म-विश्वास को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि “मिट्टी सिस्टम” के माध्यम से वे निःशुल्क महिलाओं को सशक्त बनाने का अभियान चला रहे है। कार्यक्रम का संचालन वाथआई भोपाल की प्रमुख सुश्रद्धा सुहाने ने किया और कार्यक्रम के बारे में सुनिशा, हरिश और प्रखर दवे ने जानकारी दी।  

दिल्ली के नए सीएम का नाम सभी जानना चाहते, 15 नाम तय किए जा चुके हैं, 9 मंत्री बनेंगे

नई दिल्ली दिल्ली के नए सीएम के लिए लगातार कयासों का दौर जारी है. बीजेपी में बैठकों का दौर जारी है. पीएम मोदी विदेश दौरे पर थे. वे अब भारत लौट आए हैं. अब विधायक दल के लिए पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जा सकती है. इसके बाद ही नए मुख्यमंत्री के नाम का फैसला होगा. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को बीजेपी के बैठक में 48 विधायकों में से 15 विधायकों की एक लिस्ट तैयार की गई है. इस लिस्ट से 9 विधायकों को सलेक्ट किया जाएगा, जो दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्री होंगे. मुख्यमंत्री बनने के रेस में कौन-कौन? सूत्रों के हवाले से मीडिया में खबर है कि दिल्ली के सीएम रेस में रेखा गुप्ता का नाम सबसे आगे है. वो एक महिला विधायक है. इनके अलावा आशीष सूद, जितेंद्र महाजन और राजकुमार भाटिया बीजेपी के पुराने पंजाबी चेहरे हैं. ब्राह्मण और संगठन के पुराने व्यक्ति में पवन शर्मा और सतीश उपाध्याय हैं. प्रवेश वर्मा जाट चेहरा हैं. विजेंद्र गुप्ता और मोहन सिंह बिष्ट के स्पीकर के लिए चुने की संभावना है. खबर है कि दिल्ली में 19 या 20 फरवरी को शपथग्रहण हो सकता है. आज 15 जनवरी है. इसका मतलब ये कि दिल्ली को 5 दिनों के अंदर नया मुख्यमंत्री मिल जाने की पूरी पूरी संभावना है. जानकारी ये भी है कि 17 या 18 फरवरी को बीजेपी विधायक दल की बैठक हो सकती है, उसमें सीएम के नाम पर मुहर लग सकती है. सूत्रों से खबर है कि 48 में से 15 विधायकों के नाम छांटे गए हैं, उसमें से 9 नाम शॉर्ट लिस्ट किए जाएंगे. फिर उन 9 में से ही मुख्यमंत्री, मंत्री और स्पीकर का नाम तय किया जाएगा. इन नामों की चर्चा तेज फिलहाल जिन नामों की चर्चा मुख्यमंत्री को लेकर हो रही है… उनमें रेखा गुप्ता, शिखा राय, प्रवेश वर्मा, मोहन सिंह बिष्ट, विजेंद्र गुप्ता, सतीश उपाध्याय, आशीष सूद और पवन शर्मा जैसे नाम शामिल हैं… पहले बात रेखा गुप्ता और शिखा राय की… रेखा गुप्ता आरएसएस के बैकग्राउंड से हैं. वो शालीमार बाग सीट से पहली बार विधायक बनीं हैं. दिल्ली नगर निगम में तीन बार की पार्षद हैं. वहीं एक और नाम है शिखा राय का.. जो तीन बार से विधायक हैं. इस बार उन्होंने ग्रेटर कैलाश सीट से कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज को हराया है. प्रवेश वर्मा भी रेस में दिल्ली की लड़ाई में इस बार सबसे अहम चेहरा रहे प्रवेश वर्मा भी रेस में हैं. नई दिल्ली सीट से उन्होंने केजरीवाल को चुनाव में हराया है. 2 बार के विधायक और 2 बार सांसद रह चुके हैं. दिल्ली के पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं. 6 बार के विधायक हैं मोहन सिंह विष्ट एक नाम मोहन सिंह बिष्ट का है जो 6 बार के विधायक हैं. मूल रुप से उत्तराखंड के रहने वाले बिष्ट छात्र जीवन में ही आरएसएस से जुड़ गए थे. विजेंदर गुप्ता का नाम भी… दिल्ली बीजेपी का बड़ा चेहरा माने जाने वाले विजेंदर गुप्ता भी रेस में हैं. वो लगातार 3 बार के विधायक हैं. दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं. बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं. कौन हैं सतीश उपाध्याय वहीं, सतीश उपाध्याय भी दावेदारों में हैं. वो ब्राह्मण चेहरा होने के साथ इस बार चुनाव भी जीता है. पहले वो दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. इसके अलावा एक नाम आशीष सूद का है जो पहली बार विधायक बने हैं. फिलहाल वे गोवा बीजेपी के प्रभारी हैं और जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के सह-प्रभारी हैं. नवनिर्वाचित विधायक पवन शर्मा का नाम भी सामने आ रहा है. वो इस बार उत्तम नगर से विधायक चुने गए हैं. दरअसल, दिल्ली में बीजेपी का सीएम कौन होगा, ये चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि चुनाव के वक्त बीजेपी ने कोई चेहरा घोषित नहीं किया था. और आम आदमी पार्टी बार-बार बीजेपी पर सीएम के चेहरे को लेकर प्रहार कर रही थी. बीजेपी ने 48 सीट जीती दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में बीजेपी ने 48 सीट पर जीत दर्ज की. जबकि आम आदमी पार्टी (आप) को 22 सीट से संतोष करना पड़ा. वहीं, कांग्रेस 2015 और 2020 के बाद एक बार फिर अपना खाता नहीं खोल पाई.

कांग्रेस के सूत्र गांधी परिवार के महाकुंभ में जाने पर चुप! सोनिया गांधी को गंगा में स्नान करते हुए देखा गया था

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के द्वारा महाकुंभ को लेकर दिए गए बयान पर विवाद गहरा गया था। इसके बावजूद उनकी पार्टी के कई नेताओं ने पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद लोगों की नजर गांधी परिवार के अगले कदम पर जा टिकी है। आपको बता दें कि एक रैली के दौरान खरगे ने यह सवाल उठाया था कि क्या गंगा में पवित्र स्नान करने से देश में गरीबी समाप्त हो सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था। उनका दावा था कि उन्होंने भाजपा नेताओं की आलोचना के लिए ऐसे बयान दिए थे। उनके बयान के बीच INDIA गठबंधन के सहयोगी अखिलेश यादव और उनकी पत्नी ने सबसे पहले कुंभ में स्नान किया। हाल ही में कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह, उनके बेटे, राजस्थान कांग्रेस के कद्दावर नेता सचिन पायलट सहित कई कांग्रेसी स्नान करने के लिए प्रयागराज की यात्रा कर चुके हैं। दिग्विजय सिंह और उनके बेटे, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और सचिन पायलट ने कुंभ में जाकर स्नान किया। इन सभी नेताओं को यह समझ है कि ‘हिंदू आस्था’ एक ऐसा विषय है जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान जो गलती हुई थी, उसे दोहराया नहीं जा सकता। आपको बता दें कि कांग्रेस ने इसे सरकारी आयोजन कहकर छोड़ दिया था। हालांकि पार्टी ने बाद में मंदिर जाने का दावा किया था, लेकिन अब तक कोई प्रमुख नेता अयोध्या में नहीं दिखाई दिए हैं। कांग्रेस के सूत्र गांधी परिवार के महाकुंभ में जाने पर चुप हैं। 2001 में सोनिया गांधी को गंगा में पवित्र स्नान करते हुए देखा गया था। उस समय भाजपा उनके धर्म और उनकी जाति को लेकर सवाल उठाती थी। आपको बता दें कि इंदिरा गांधी हिंदू थीं और हमेशा ‘रुद्राक्ष’ पहनती थीं।

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