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माता पूर्णिमा जी का जीवन पूरी तरह से त्याग, तपस्या और समाज सेवा की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत करता: मुख्यमंत्री

रायपुर यह हम सभी के लिए अत्यधिक गौरव का विषय है कि हम इस पवित्र स्थल पर एकत्रित होकर परम पूज्य संत गहिरा गुरु जी और माता पूर्णिमा जी के योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि माता पूर्णिमा जी का जीवन पूरी तरह से त्याग, तपस्या और समाज सेवा की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत करता है। उनका विग्रह समाज के कल्याण के प्रति उनके अडिग समर्पण का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज श्रीकोट आश्रम बलरामपुर में परम पूज्य संत गहिरा गुरु  की धर्मपत्नी  पूर्णिमा जी के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के विशेष अवसर पर यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संत गहिरा गुरु जी ने गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी समाज की सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने दीन-हीन और असहायों की सेवा को अपना परम धर्म माना और सत्य, शांति, दया और क्षमा के सिद्धांतों को धर्म के अमूल्य स्तंभ के रूप में स्थापित किया। मुख्यमंत्री साय ने  संत गहिरा गुरु जी द्वारा आदिवासी समुदायों के उत्थान में दिए गए अतुलनीय योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को इस पावन अवसर पर शुभकामनाएं दी और उन्हें आह्वान किया कि वे माता पूर्णिमा जी और संत गहिरा गुरु जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारते हुए समाज को एक नई दिशा देने हेतु मनोयोग से जुट जाएं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यहां आने पर मुझे माता के विग्रह के दर्शन सौभाग्य मिला, उनका सजीव और मनोरम विग्रह देखकर ऐसा लगा मानो किस क्षण वह बोल उठे। साय ने गहिरा गुरु जी का स्मरण करते हुए कहा कि गहिरा गुरु जी आदिवासी समाज के बड़े संत हुए, जिनके उपदेशों और कथनों के जरिए पूरे समाज ने सत्य सनातन धर्म का महत्त्व जाना। उन्होंने कहा कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास से पिछड़े हुए आदिवासी समुदाय के जीवन में गहिरा गुरु महाराज के उपदेशों से आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सुधार आया।    साय ने कहा कि मेरा सौभाग्य रहा कि गहिरा गुरु समाज का आशीर्वाद मुझे मिलता रहा। रायगढ़ के सांसद रहते गहिरा गुरु महाराज के जन्म ग्राम को गोद लेकर उसका विकास करने का सौभाग्य मिला। आज उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज आगे बढ़ रहा है। जगह-जगह संस्कृत महाविद्यालय खुल रहे हैं और आदिवासी समाज लगातार आगे बढ़ रहा है। समारोह में  बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

देश-विदेश की 26 महिला विभूतियाँ हुईं ऊर्जस्विता सम्मान से अलंकृत

भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास के नये आयाम छू रहा है। इसमें महिलाओं का योगदान अहम है। आत्मनिर्भर भारत बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिये महिला सशक्तिकरण, अनुसंधान और उद्यमिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वे न केवल समाज को सशक्त बनाती हैं बल्कि देश को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। मंत्री सुश्री भूरिया भोपाल में आयोजित अनुनय, एजुकेशन एण्ड वेलफेर सोसायटी की 14वीं वर्षगांठ पर ऊर्जस्विता सम्मान-2025 कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास पर केन्द्रित अनेक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। महिला शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने विकास में सभी की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिये प्रशासन के साथ हर नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि आज इस कार्यक्रम में उन महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में इतने महत्वपूर्ण कार्य किये हैं, जिसकी गूंज देश-विदेश तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि संस्था पिछले 14 वर्ष से गरीब और वंचित तबके के बच्चों की शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास के लिये कार्य कर रही है। संस्था ने ऐसे बच्चों को भी शामिल किया है, जो मजदूरी, भीख मांगना या कचरा बीनने का काम करते थे। मंत्री सुश्री भूरिया ने सभी सम्मानित महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे विभिन्न क्षेत्रों में महती भूमिका निभाकर समाज और देश को आगे ले जाने का काम कर रही हैं, जो वाकई काबिल-ए-तारीफ है। इन महिला विभूतियों का हुआ सम्मान डॉ. अनामिका जैन- उच्च शिक्षा (इंदौर), डॉ. पल्लवी तिवारी – विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (यूएस), सुश्री संप्रिया पूजा- लोकनृत्य एवं गायन (छत्तीसगढ़), डॉ. वंदना अग्रवाल -स्कूल शिक्षा (छत्तीसगढ़), सुश्री ओरियल प्रिज़मैन – संरक्षण (यूके), डॉ. आरती सिन्हा- साउंड हीलर एवं वेलनेस कोच, सुश्री चंद्रकला परस्ते- जनजातीय संस्कृति (डिंडोरी), सुश्री प्रभाकर खलको- प्रशासन (छत्तीसगढ़), सुश्री मेघा मुक्तिबोध- शिक्षा, सुश्री मनीषा आनंद- मिसेज़ इंडिया, सुश्री शोमिता भट्टाचार्य- पर्यावरण (इंदौर), सुश्री रोली शर्मा-विपणन पेशेवर (नई दिल्ली), सुश्री आशा पठानिया- सत्कार उद्योग (हरियाणा), सुश्री दिव्या अत्रि- समाज सेवा, सुश्री भूमिका कलम- ज्योतिष (इंदौर), सुश्री अंजु तड़ियाल – कौशल विकास, सुश्री दक्षा वैदकर- प्रिंट मीडिया, सुश्री हुमेरा ख़ान – सामाजिक उद्यमी, सुश्री श्रुति सिंह – राजनीति, सुश्री विशाखा कवठेकर- आर्किटेक्ट, सुश्री अर्पणा चेंडके- उद्यमी (इंदौर), सुश्री दीक्षा पाटकर भदौरिया – नवाचार, सुश्री आराधना मालवी – आदिम कल्याण एवं खेलकूद (बैतूल), सुश्री मीरा – इंफ्लुएंसर (चीन) तथा सुश्री पूर्वा त्रिवेदी- इलेक्ट्रॉनिक मीडिया। बालाघाट में सामुदायिक विकास के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए सुश्री मार्गी वॉट्स कार्टर को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।  

राज्य मंत्री जायसवाल ने नर्मदापुरम जिले के मढ़ई में शोरूम “प्राकृत” का किया शुभारंभ

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिलीप जायसवाल ने सिल्क टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत नर्मदापुरम जिले के मढ़ई में “सिल्क शोरूम-प्राकृत’ का शुभारंभ किया। सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, विधायक विजयपाल सिंह, आयुक्त रेशम मोहित बुंदस उपस्थित रहे। इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों और रेशम प्रेमियों को मध्यप्रदेश में उत्पादित शुद्ध रेशम वस्त्रों से परिचित कराना और रेशम उद्योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। सिल्क एस्टेट में पर्यटक रेशम उत्पादन, बुनाई और डिजाइनिंग की प्रक्रिया को नजदीक से देख और समझ सकेंगे। इसके साथ ही, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म silkestatesmadai.com के माध्यम से पर्यटक सिल्क एस्टेट में ठहरने और कैंपिंग का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम में विधायक विजयपाल सिंह ने सिल्क एस्टेट में ठहरने की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और राज्य मंत्री, कुटीर एवं ग्रामोद्योग से सिल्क एस्टेट की ठहरने की क्षमता बढ़ाने का अनुरोध किया। राज्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही विस्तार प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सिल्क फेडरेशन अंतर्गत प्राकृत शोरूम का भी उद्घाटन किया गया, जिससे मढ़ई में आने वाले पर्यटक शुद्ध रेशम वस्त्रों की खरीदारी कर सकेंगे। यह नवाचार न केवल रेशम उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देगा, बल्कि प्रदेश के रेशम उत्पादकों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस पहल को जिला प्रशासन का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है और यह रेशम उद्योग के विस्तार में एक मील का पत्थर साबित होगा।  

मध्यप्रदेश भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र , मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हम सब इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे :मंत्री लोधी

भोपाल संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के नए “अकादमिक भवन” का लोकार्पण किया। राज्य मंत्री लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र है और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में हम सब इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। आने वाले समय में मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की तर्ज पर विकसित किया जायेगा।राज्य मंत्री लोधी ने बसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजन कर भवन की गतिविधियों का शुभारंभ किया।  अकादमिक भवन के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान नाट्य विद्यालयों के विद्यार्थियों ने स्थानीय लोकगीतों की सुंदर प्रस्तुति दी। राज्य मंत्री लोधी ने युवा कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की और उनका प्रोत्साहन करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद कहा करते थे सारी शक्ति अपने अंदर समाहित है, जरूरत है उसे पहचानने की और अपने आत्मबल को जगाने की। मंत्री लोधी ने इस दौरान अकादमिक भवन का भ्रमण किया और सुविधाओं का जायजा लिया।  कार्यक्रम के दौरान प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला, संचालक संस्कृति एन. पी. नामदेव, निदेशक टीकम चंद्र जोशी, विद्यालय के शिक्षकगण, अलग-अलग क्षेत्रों के कलाकार एवं कलाप्रेमी उपस्थित रहे।  

अपर मुख्य सचिव डॉ.राजौरा ने उज्जैन संभाग की संभागीय समीक्षा बैठक ली

भोपाल अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने कहा है कि जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यरत एजेंसियों के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर कार्य तीव्र गति से मापदण्ड व अनुबंध की शर्तों अनुसार करवाना सुनिश्चित करें। डिफॉल्टर एजेंसियों पर ब्लैक लिस्टेड करने के साथ व टर्मिनेशन की सख्त कार्रवाई की जाएं। एसीएस डॉ. राजौरा उज्जैन में संभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि पूर्व में प्रगतिरत रोड़ रिस्टोरेशन के कार्य पूर्ण न होने तक नई खुदाई के कार्य प्रारंभ न किए जाए और प्रत्येक पखवाड़े में जल जीवन मिशन की जानकारी बैठक के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को प्रदान करें। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बैठक में संभाग के सभी जिलो के कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, संभागीय व जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता के हित से जुड़े सभी कार्यों पर सभी संबंधित अधिकारी विशेष ध्यान दे। जल जीवन मिशन के अंतर्गत रोड़ रिस्टोरेशन के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर सभी रिस्टोरेशन कार्य मार्च 2025 तक पूर्ण किए जाएं। रोड़ रिस्टोरेशन के पूर्ण कार्यों का पुन: निरीक्षण अगले एक सप्ताह में जनप्रतिनिधियों एवं एसडीएम की टीम के साथ किए जाने के पश्चात ही कार्य पूर्णता का सर्टिफिकेट दिया जाए। जल जीवन मिशन अंतर्गत रोड़ रिस्टोरेशन, रोड़ खुदाई एवं योजना के संपूर्ण कार्यों की जानकारी सतत रूप से स्थानीय विधायकों को दी जाए। एसीएस डॉ.राजौरा ने संभागायुक्त संजय गुप्ता को निर्देशित किया कि सभी जिला कलेक्टर से सुनिश्चित करवाएं कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण व समयावधि में हो। कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। जिला कलेक्टर प्रत्येक माह जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सभी विभागों के प्रमुख मुददों पर समन्वय स्थापित करें। बैठक में ऊर्जा विभागांतर्गत केबल, ट्रांसफॉर्मर, डीपी को समय-समय पर बदले जाने के कार्य का भौतिक सत्यापन जनप्रतिनिधियों के साथ कराए जाने के निर्देश दिए गए। विद्युत संबंधी रख-रखाव की जानकारी आमजन को पहले से प्रदान की जाए। अस्थाई कनेक्शन के कारण अतिरिक्त दाब के कारण बार-बार डीपी को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए स्थाई हल निकाला जाए। प्रत्येक माह जिला सलाहकार समितियों के माध्यम से विद्युत विभाग जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक जानकारी प्रदान करें। बैठक में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा में एसीएस डॉ. राजौरा ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना से बचाव के लिए सड़क के दोनों तरफ लेबलिंग के कार्य पश्चात ही कार्य पूर्णता का प्रमाण-पत्र दिया जाए। वर्षा ऋतु में सड़कों के रख-रखाव की कार्ययोजना पर अभी से कार्य कर विशेष ध्यान दिए जाए। सड़क निर्माण में जो क्षेत्र वन विभाग के अधिकार में आ रहे हैं वहां निर्माण कार्य के लिए संबंधित विभाग से एनओसी समय पर प्राप्त कर ली जाए। बैठक में उज्जैन के विधायक तेजबहादुर सिंह चौहान, जितेन्द्र पण्ड्या, अनिल जैन कालूहेडा, महेश परमार, दिनेश जैन बोस, विधायक दिलीप सिंह परिहार, ओमप्रकाश सकलेचा, विधायक विपीन जैन, हरदीप सिंह डंग, चंदर सिंह सिसौदिया, विधायक माधव सिंह (मधु गेहलोत), विधायक श्रीमती गायत्री राजे पंवार, राजेश सोनकर, मनोज चौधरी, आशीष शर्मा, विधायक अरूण भीमावत, विधायक मथुरालाल डामर, राजेन्द्र पांडे, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल आदि उपस्थित थे। एसीएस डॉ. राजौरा ने सिहस्थ क्षेत्र की कार्य योजना का किया निरीक्षण अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने महाकाल दर्शन कर मन्दिर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और महाकाल आने वाले श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था का अवलोकन किया। एसीएस डॉ. राजौरा ने सिंहस्थ-2028 के सुचारू संचालन के लिये विशेष स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये व्यवस्थित प्लान बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने महाकाल लोक में भी सिंहस्थ के मद्देनजर आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा। इस अवसर पर संभाग आयुक्त संजय गुप्ता, आईजी उमेश जोगा, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को मूर्त रूप दिए जाने के उद्देश्य से प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को मूर्त रूप दिए जाने के उद्देश्य से प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में फ्यूचर रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे यहां अधिक से अधिक निवेश आएं, उद्योग धंधे स्थापित हों और बड़ी संख्या में रोजगार सृजित हो। मध्यप्रदेश में रेल, सड़क और हवाई सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य के आंतरिक मार्गों के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का भी विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश के शहरों में सड़क यातायात के सुधार के लिए इंदौर, भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर और सतना में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इनमें से इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर पर 350 करोड़, ग्वालियर में 1100 करोड़, जबलपुर में 660 करोड़ और भोपाल में 306 करोड़ रुपए की लागत आएगी। साथ ही राज्य सरकार ने 724 किमी लंबी 24 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया है, जिनकी कुल लागत 10 हजार करोड़ रूपये है। ये परियोजनाएं प्रदेश के शहरों की रोड-कनेक्टिविटी को बढ़ाएंगी, यात्रा समय को कम करेंगी और व्यापार को बढ़ावा देंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का निर्माण और उन्नयन केन्द्र सरकार से मिले 3,500 करोड़ रुपए से किया जा रहा है। विशेष रूप से उज्जैन-जावरा 4-लेन ग्रीनफील्ड हाइ-वे परियोजना को 5 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश के साथ मंजूरी दी गई है। यह हाइ-वे उज्जैन, इंदौर और आस-पास के क्षेत्रों को मुंबई-दिल्ली इंडस्ट्रियल कॉरीडोर से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव में बताया कि प्रदेश में ग्रामीण यातायात को सुगम करने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य 8,565 गांवों को 19,378 किमी लंबी सड़कों के नैटवर्क से जोड़ना है। यह पहल ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सके और यात्री व वस्तुओं की आवाजाही सुगम हो सके। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 2024-25 के वित्तीय वर्ष के दौरान 1 हजार किमी नई सड़कों का निर्माण और लगभग 2 हजार किमी सड़कों की नवीनीकरण किया जाएगा ताकि ग्रामीण यातायात नेटवर्क को और भी मजबूत किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में 133 रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण किया गया है, इससे यातायात की गति में सुधार होगा एवं यात्रा सुगम और सुरक्षित होगी। वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ मध्यप्रदेश में हाई-स्पीड ट्रेन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, भोपाल में 100 करोड़ रुपए की लागत से एक नया कोच कॉम्प्लेक्स बन रहा है, जो राज्य की रेलवे सुविधाओं को और बेहतर बनाएगा और यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के अन्य राज्यों और विदेशों के साथ संपर्क में सुधार के लिए हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। रीवा में हवाई अड्डे का निर्माण और ग्वालियर में राजमाता विजयराजे सिंधिया हवाई अड्डे का विस्तार एवं आधुनिकीकरण राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के महत्वपूर्ण कदम हैं। इनसे निवेशकों को सुविधाएं मिलेंगी और निवेश आकर्षित होगा। हवाई सेवाओं के विस्तार से मध्यप्रदेश में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।  

मुख्यमंत्री 5 फरवरी को स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 बच्चों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 5 फरवरी बुधवार को प्रात: 11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 बच्चों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह एवं जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह भी उपस्थित रहेंगे। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में शासकीय विद्यालय के किसी भी संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले करीब 7 हजार 900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी वितरित की जायेगी। कार्यक्रम का ईलेक्ट्रॉनिक चैनल के माध्यम सीधे प्रसारण की व्यवस्था भी की गई।  

मुख्यमंत्री से मिले राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2025 पर आए विद्यार्थी

मध्यप्रदेश, देश की सांस्कृतिक एकता का संवाहक है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अन्तर्राज्यीय छात्र जीवन दर्शन यात्रा पर आये पूर्वोत्तर के छात्रों का प्रदेश में हुआ आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री से मिले राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2025 पर आए विद्यार्थी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की संस्कृति अपनी अनूठी विविधता और समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां विभिन्न प्रांतों, वर्गों और भाषाओं के लोग सौहार्दपूर्वक निवास करते हैं। मध्यप्रदेश, देश के उस गौरवशाली इतिहास और संस्कृति का संवाहक है, जो देशभक्ति, राष्ट्र रक्षा और सम्मान के मूल्यों को संजोकर रखता है। स्टूडेंट एक्सपीरियंस इन इन्टर-स्टेट लिविंग (SEIL) द्वारा सांस्कृतिक आदान-प्रदान की मंशा से आयोजित राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा -2025 पर आये पूर्वोत्तर राज्यों के छात्र दल का मध्यप्रदेश में आत्मीय स्वागत किया गया। यह यात्रा 22 जनवरी से प्रारंभ होकर 13 फरवरी तक जारी है, इसमें पूर्वोत्तर के विद्यार्थी देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे हैं। पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थियों का यह दल 1 से 5 फरवरी तक मध्यप्रदेश के भ्रमण पर है। इस छात्र दल ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुख्यमंत्री निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के अनुभव सुने, उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें मध्यप्रदेश की सदभाव और समरसता से भरपूर संस्कृति से परिचित कराया। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों का देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश में स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दी। भोपाल अपनी झीलों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यह देश की ऐसी अनूठी राजधानी है, जहां रात के समय बाघ भी सड़क किनारे दिखाई दे सकते हैं, क्योंकि रातापानी वन अभयारण्य भोपाल शहर के समीप ही स्थित है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को जनजातीय संग्रहालय, मानव संग्रहालय, वन विहार और अन्य पर्यटन स्थल जरूर देखने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाने के बाद विद्यार्थियों ने इस यात्रा को अपने जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे पहली बार किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिले हैं। यह रोमांच वे कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, यहां के ऐतिहासिक स्थलों और अतिथि-सत्कार की विशेष रूप से सराहना की। अन्तर्राज्यीय छात्र दर्शन जीवन यात्रा के आयोजन का उद्देश्य राष्ट्र की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करना है, जिसमें युवाओं को देश की विविधता से परिचित कराने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा भारतीय युवाओं को एकजुट करने और उनके बीच आपसी समझ एवं भाईचारे की भावना को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पूर्वोत्तर राज्यों के इस छात्र दल में 28 विद्यार्थी एवं 2 समन्वयकों सहित कुल 30 प्रतिभागी भारत के विभिन्न राज्यों की यात्रा पर हैं। इनमें दो-दो विद्यार्थी असम, नागालैंड व सिक्किम राज्य से, चार-चार त्रिपुरा, मिजोरम व अरुणाचल प्रदेश से तथा पांच-पांच विद्यार्थी मणिपुर एवं मेघालय राज्य से आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों एवं समन्वयकों को स्मृति-चिह्न के रूप में शॉल, मध्यप्रदेश शासन की डायरी, कैलेंडर और एक विशेष उपहार भेंट किया। कार्यक्रम में शिवम जाट, चेतस सुखाड़िया, रोहित दुबे, दीपक पालीवाल, कमन सिबोह, राहुल मोग सहित अन्य विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित थे।  

10 स्वर्ण पदकों के साथ मध्यप्रदेश पदक तालिका में प्रथम 4 राज्यों में बरक़रार

भोपाल उत्तराखंड में चल रहे नेशनल गेम्स 2025 में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का दबदबा कायम है। आज विभिन्न खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें सबसे बड़ी उपलब्धि डाइविंग में पलक शर्मा द्वारा जीता गया स्वर्ण पदक रहा। मध्यप्रदेश के खिलाडियों ने उत्तराखंड नेशनल गेम्स में अब तक कुल 10 स्वर्ण, 5 रजत, और 5 कांस्य पदकों के साथ कुल 20 पदक आर्जित करके मध्यप्रदेश को पदक तालिका में प्रथम 4 राज्यों की सूची में बरक़रार रखा है| खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विजेताओं को बधाई दी और कहा कि यह प्रदर्शन प्रदेश की खेल संस्कृति को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने खिलाड़ियों को आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएँ दीं। ओलंपिक संघ अध्यक्ष रमेश मेंदोला, सचिव दिग्विजय सिंह  और  संचालक खेल रवि कुमार गुप्ता ने भी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। पलक शर्मा ने डाइविंग में जीता तीसरा पदक एक मीटर स्प्रिंग बोर्ड डाइविंग व्यक्तिगत महिला वर्ग में मध्य प्रदेश की स्टार खिलाड़ी पलक शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह उत्तराखंड नेशनल गेम्स में पलक का तीसरा पदक है। मध्य प्रदेश की पुरुष बास्केटबॉल 3×3 टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तेलंगाना और पंजाब को हराकर फाइनल में जगह बना ली है। टीम के खिलाड़ी तुशल सिंह, सूर्य सिंह, राकेश शर्मा और ब्रिजेश तिवारी कल स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेंगे। 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन व्यक्तिगत महिला वर्ग में आशी चौकसे ने कड़ी टक्कर दी लेकिन वह सातवें स्थान पर रहकर पदक से चूक गईं। मध्यप्रदेश के बॉक्सिंग खिलाड़ियों ने मिलाजुला प्रदर्शन किया। अनिरुद्ध बुंदेला (मध्य प्रदेश) बनाम तमिलनाडु – अनिरुद्ध ने जीत हासिल कर अगले दौर में प्रवेश किया। दिव्या पवार (मध्य प्रदेश) – शानदार प्रदर्शन कर अगले दौर में जगह बनाई। रोइंग में मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। 11 में से 8 इवेंट्स में प्रदेश के खिलाड़ी फाइनल में पहुंच चुके हैं। 3 इवेंट्स में रेपेचाज मुकाबले बाकी हैं, जिनमें खिलाड़ियों के फाइनल में पहुंचने की संभावना है। कल के महत्वपूर्ण मुकाबले मध्य प्रदेश के खिलाड़ी  आर्चरी,  बास्केटबॉल  3×3,  रोइंग,  कयाकिंग,  कैनोइंग,  सलालोम, बॉक्सिंग, साइकिलिंग, लॉन बॉल, हॉकी और योगासन में मुकाबला करेंगे।   बास्केटबॉल 3×3 फाइनल–पुरुष टीम स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेगी।   हॉकी पुरुष व महिला टीम – मध्य प्रदेश की टीम हॉकी में अपनी दावेदारी पेश करेंगी।  

परीक्षाओं में इस साल दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या होगी कम, वस्तुनिष्ठ और अति लघु उत्तरीय प्रश्नों की संख्या पहले से बढ़ेगी

भोपाल  माध्यमिक शिक्षा मंडल की पांचवी और आठवीं की वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों की रूपरेखा और अंक योजना जारी हो गई है। इस परीक्षा में परीक्षार्थियों को प्रश्नों के छोटे-छोटे उत्तर अधिक देने होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ, रिक्त स्थान भरो और अति लघु उत्तरीय प्रश्न अधिक पूछे जाएंगे। वहीं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या बेहद कम होगी।     मंडल की यह वार्षिक परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होकर पांच मार्च तक चलेगी।     इस परीक्षा के लिए प्रदेश में 12 हजार केंद्र बनाए गए हैं।     दोनों कक्षाओं के करीब 24 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे।     इस सबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।     परीक्षा परिणाम के लिए अधिभार अंक भी निर्धारित कर दिया गया है।     इसके मुताबिक अर्द्धवार्षिक परीक्षा के लिए अधिभार अंक 20, वार्षिक परीक्षा लिखित अधिभार अंक 60 और वार्षिक परीक्षा प्रोजेक्ट कार्य के लिए अधिभार अंक 20 निर्धारित किए गए हैं।     प्रत्येक विषय में दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या चार होगी। वहीं पांच बहु विकल्पीय प्रश्न, पांच रिक्त स्थान भरो और छह अति लघुउत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे।     लघु उत्तरीय प्रश्नों की संख्या भी छह होगी। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा निर्धारित ब्लू प्रिंट के आधार पर प्रश्न-पत्र तैयार होंगे।     सरकारी स्कूलों के लिए प्रश्न-पत्र राज्य स्तर से तैयार कराए जाएंगे, जबकि निजी स्कूल निर्धारित ब्लू प्रिंट के आधार पर प्रश्न-पत्रों को स्वयं तैयार कराएंगे।     सरकारी स्कूलों में भाषा विषय (हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृत) की राज्य स्तर के एससीईआरटी पाठ्यपुस्तक से और निजी स्कूलों में एनसीईआरटी से प्रश्न पूछे जाएंगे। अन्य विषयों के प्रश्नपत्र एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक से पूछे जाएंगे। भोपाल जिले के 68 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे भोपाल जिले में दोनों कक्षाओं की परीक्षा में करीब 68 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। इसमें पांचवीं के 34,213 और आठवीं के 34,773 विद्यार्थी होंगे। जिले में करीब 250 केंद्र बनाए गए हैं। 33 प्रतिशत से कम अंक लाने पर होंगे फेल प्रत्येक विषय की लिखित परीक्षा व आंतरिक मूल्यांकन में अलग-अलग न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक विषय के बाह्य एवं आंतरिक मूल्यांकन में न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं करने वाले परीक्षार्थी को फिर से परीक्षा देनी होगी। उसमें भी पास नहीं हुए तो उसी कक्षा में दोबारा पढ़ना होगा। परीक्षा अंक की योजना     छमाही परीक्षा-अधिभार 20 अंक     वार्षिक परीक्षा(लिखित) – 60 अंक     आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य) -20 अंक लिखित परीक्षा के प्रश्नों का पैटर्न ऐसा होगा     बहु विकल्पीय प्रश्न-पांच अंक (पांच प्रश्न)     रिक्त स्थान की पूर्ति वाले प्रश्न-पांच अंक (पांच प्रश्न)     अति लघुउत्तरीय प्रश्न -12 अंक (छह प्रश्न)     लघु उत्तरीय प्रश्न -18 अंक (छह प्रश्न)     दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-20 अंक (चार प्रश्न)  

ड्राइविंग लाइसेंस होगा रद्द, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की अब खैर नहीं

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गाड़ी चलाने वालों को यातायात नियमों में चूक भारी पड़ सकती है। परिवहन विभाग ट्रैफिक नियमों को लेकर भोपाल में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को पहले से अब और मजबूत बना रहा है। इसमें यातायात नियमों को तोड़ने वालों पर अब ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) निरस्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी। निरस्त कर दिया जाएगा डीएल इसकी निगरानी राजधानी के 32 प्रमुख चौक-चौराहों में लगे अत्याधुनिक कैमरों से होगी। इन कैमरों से अभी नियम तोड़ने वालों पर नोटिस व जुर्माना लगता था। अब चार नोटिस के बाद पांचवीं बार चालक का सीधे डीएल निरस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए स्मार्ट सिटी कंपनी भोपाल एवं टेक्नोसेस कंपनी के सॉफ्टवेयर को जल्द ही परिवहन विभाग से सर्वर से जोड़ा जाएगा। भोपाल के रजिस्टर्ड वाहनों से शुरुआत इंटीग्रेटेड सिस्टम से शुरुआत में भोपाल रजिस्टर्ड वाहनों पर इसे लागू किया जाएगा। नियम तोड़ने वाले वाहनों की सूचना परिवहन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। चालक की पहचान करने के बाद लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। फिलहाल इंदौर में भी इसी सिस्टम पर काम हो रहा है, जिसे अन्य बड़े शहरों में भी लागू किया जा सकता है।

अगर नहीं करवाई ई-केवाईसी तो ग्राहकों को सब्सिडी नहीं मिलेगी , कनेक्शन भी सस्पेंड हो सकता

ग्वालियर घरेलू गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए गैस कंपनियों ने ई-केवाईसी जरूरी कर दी है, लेकिन उपभोक्ता इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। ग्वालियर में तीन गैस कंपनियों की 40 एजेंसियों पर करीब 5 लाख 44 हजार ग्राहक हैं, लेकिन अभी तक इनमें से 45 फीसदी ने ही ई-केवाईसी कराई है। ई-केवाईसी नहीं करवाने वाले ग्राहकों को सब्सिडी नहीं मिलेगी और उनका कनेक्शन भी सस्पेंड हो सकता है। उपभोक्ता नहीं ले रहे रूचि ई-केवाईसी की प्रक्रिया करीब 8 महीने से चल रही है। गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी कराने की गुजारिश कर रही हैं। साथ ही मोबाइल पर ई-केवाईसी कराने के मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। इसके बावजूद उपभोक्ता इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ताओं ने जिस गैस कंपनी का सिलेंडर ले रखा है, उन्हें उसकी एजेंसी पर आधार, गैस की डायरी और मोबाइल लेकर जाना होगा। वहां बायोमैट्रिक के जरिए ई-केवाईसी हो जाएगी। ई-केवाईसी के लिए ये है जरूरी इसमें ग्राहकों के फिंगर प्रिंट स्कैनर और फेस आइडी से ई-केवाईसी किया जा रहा है। ई-केवाईसी के लिए आधार कार्ड और गैस का उपभोक्ता नंबर चाहिए। जिन उपभोक्ताओं के नाम से कनेक्शन है, उनका होना आवश्यक है। इसके अलावा जो लोग एजेंसी नहीं जाना चाहते वे ऑनलाइन भी ई-केवाईसी करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें मोबाइल एप डाउनलोड करना होंगे। असल मकसद उपभोक्ताओं की पहचान करना गैस कंपनियों की ओर से ई-केवाईसी कराने का मुय मकसद यह है कि सही उपभोक्ताओं की पहचान हो सके। कई ऐसे उपभोक्ता हैं, जो अपने पते को छोड़ कर दूसरी जगहों पर चले गए हैं, लेकिन उनका कनेक्शन कोई अन्य व्यक्ति इस्तेमाल कर रहा है। ई-केवाईसी हर ग्राहक को कराना जरूरी एलपीजी के हर ग्राहक को ई-केवाईसी करना जरूरी है। इंडेन गैस कंपनी के शहर में 3 लाख 72 हजार ग्राहक हैं, इनमें से 36 फीसदी ग्राहकों ने ही अभी तक ई-केवाईसी कराया है।-श्यामानंद शुक्ला, कॉर्डिनेटर ग्वालियर-चंबल एलपीजी फेडरेशन

04 फरवरी 2025 मंगलवार का राशिफल, जानिए क्या कहती है आपकी राशि

मेष राशि- जो लोग रिलेशनशिप में हैं, उनके लिए बातचीत करते रहना जरूरी है। किसी भी पेंडिंग मुद्दे को ईमानदारी के साथ हैंडल करें। आज बंधन को मजबूत करने और अपने साथी के करीब आने का एक अच्छा समय है। वृषभ राशि- आज नए अनुभवों के लिए खुले रहें और प्रक्रिया पर भरोसा रखें। आपका प्रेम जीवन एक दिलचस्प मोड़ लेगा। अगर आप सिंगल हैं, तो कोई मुलाकात कनेक्शन में बदल सकती है। नए मौकों के लिए खुले रहें। मिथुन राशि- आज का दिन काफी रोमांटिक साबित हो सकता है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वाले जातक अपनी बीच की दूरियां कम करने में सक्षम रहेंगे। डाइट में हरी सब्जियां शामिल करें। बहुत ज्यादा तनाव लेने से बचें। कर्क राशि- आज का दिन थोड़ा सा बिजी रहने वाला है। स्टूडेंट्स किसी असाइनमेंट या प्रोजेक्ट के चक्कर में खुद के लिए वक्त निकालने में प्रॉब्लम का सामना करेंगे। लव लाइफ पर ध्यान देने की जरूरत है। सिंह राशि- आज सोच-समझकर चुनाव करना आपको स्टेबिलिटी बनाए रखने और अपनी फाइनेंशियल सिक्योरिटी बढ़ाने में मदद करेगा। कन्या राशि- आज का दिन खुशनुमा रहने वाला है। कुछ जातक आज अपने पार्टनर के साथ अच्छा टाइम स्पेंड कर सकते हैं। करियर में पॉलिटिक्स का शिकार होने से बचें। रोज एक्सरसाइज करें। तुला राशि- आज के दिन आपको सभी टास्क समय पर पूरे कर लेने चाहिए। इससे आप बॉस की नाराजगी से बच सकते हैं। पैसों के मामले में दिन शुभ माना जा रहा है। बहुत ज्यादा काम का प्रेशर न लें। वृश्चिक राशि- आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। सिंगल लोगों को अपने ऑफिस या क्लास में कोई नया क्रश मिल सकता है। धन को समझदारी के साथ मैनेज करें। स्ट्रेस कम लें। धनु राशि- आज आप पाएंगे कि आप अपने गोल्स के करीब पहुंच रहे हैं। मुसीबतों को पार करने की अपनी क्षमता पर भरोसा रखें। अपने शरीर की जरूरतों पर फोकस करें। मकर राशि- आज का दिन आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं में बदलाव ला सकता है। चाहे प्यार, करियर, पैसा या हेल्थ हो, अप्रत्याशित अवसरों के लिए तैयार रहें। सभी बदलावों को खुले दिल और दिमाग से अपनाएं। कुंभ राशि- आज का दिन नॉर्मल रहने वाला है। काम के सिलसिले में भागदौड़ बढ़ सकती है। सेहत पर निगरानी रखें। परिवार के बुजुर्गों का ख्याल रखें। रोजाना योग करें। जंक फूड्स से दूरी बनाएं। मीन राशि- आज का आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। लव के मामले में साथी के साथ अनबन करने से बचें। खुद की सेहत पर ध्यान दें। परिवार के साथ कुछ समय बिताना अच्छा रहेगा।

विवाह के 30 साल बाद पत्नी ने लगाया दहेज प्रताड़ना का केस, चार दिन के सदमे के बाद उठाया ये कदम

भोपाल  शादी के 30 साल बाद एक पत्नी अपने पति के खिलाफ थाने पहुंची तो दुखी पति ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। अवधपुरी में रहने वाली पत्नी ने 26 जनवरी को महिला थाने में पति के विरूद्ध दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करवाया था। चार दिन तक सदमे में रहने के बाद पति ने शुक्रवार को जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने के बाद उसका बेटा अस्पताल लेकर पहुंचा। कुछ देर इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। अवधपुरी पुलिस ने मर्ग कायम कर खुदकुशी के कारणों की जांच शुरू की है। दंपती की बेटी की शादी हो चुकी है अवधपुरी थाना प्रभारी के अनुसार 52 वर्षीय राजीव गिरी मूलत: रायसेन जिले के बरेली के रहने वाले थे। वर्तमान में वह सौम्य स्टेट कॉलोनी में रहते थे। वह पूर्व में राजीव सिविल ठेकेदार थे, फिलहाल खेती करते थे। करीब 30 साल पहले राजीव की जानकी गिरी से शादी हुई थी। उनके दो बच्चे हैं, एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि बेटा अविवाहित है और प्राइवेट नौकरी करता है। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था, जिसके बाद जानकी ने दहेज प्रताड़ना की शिकायत पुलिस से की थी, जिस पर प्रकरण भी दर्ज कर लिया गया था। पत्नी ने पुलिस से कहा केस खत्म करने का दबाव बना रहा है पति शुक्रवार को राजीव गिरी के जहर खाने के बाद उनका बेटा अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा। जबकि उनकी पत्नी जानकी पति की खैर मनाने की बजाए थाने पहुंच गई। पति वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा था, जबकि पत्नी पुलिस से कह रही थी कि उसका पति केस वापस लेने का दबाव बना रहा है, उस पर कार्रवाई की जाए। हालांकि पुलिस ने वह कार्रवाई नहीं की और फिर कुछ देर बाद राजीव गिरी ने दम तोड़ दिया।

संबंध बनाने के दौरान ही रवीना ने इकबाल को गिराकर, गला घोंटकर की हत्या , शव को दरवाजे पर फेंका

 बरेली  बरेली में एक शादीशुदा महिला ने कथित तौर पर ब्‍लैकमेलिंग और बार-बार की धमकी से परेशान होकर शारीरिक संबंध बनाते समय अपने प्रेमी पड़ोसी युवक की गला दबाकर हत्‍या कर दी। प्रेमी से मिलने के लिए जाने से पहले महिला ने अपने पति को नशीली चाय पिलाकर सुला दिया था। पुलिस ने कारचोबी ठेकेदार इकबाल अहमद की हत्‍या का पर्दाफाश कर दिया है। इसके साथ ही उसकी प्रेमिका रवीना को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। पुलिस के सामने प्रेमिका ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। लेकिन इकबाल के परिवारीजन इस घटना में शामिल अन्‍य लोगों के शामिल होने का भी आरोप लगा रहे हैं। बरेली के भोजीपुरा के गांव घुर समसपुर के रहने वाले कारचोबी ठेकेदार इकबाल अहमद का शव 30 जनवरी की सुबह अपने ही घर के बाहर सीढ़ियों पर मिला था पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्‍या करने की पुष्टि हुई थी। इस मामले में इकबाल की पत्‍नी शहनाज ने शनिवार को गांव की रहने वाली महिला रवीना और उसके पति इदरीश के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोप था कि रवीना से उसके पति के अवैध संबंध थे। इस वजह से रवीना ने अपने पति के साथ मिलकर इकबाल की हत्या कर दी है। रविवार दोपहर पुलिस ने रवीना को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अपने जुर्म का इकबाल कर लिया। एसपी उत्तरी मुकेश चन्द्र मिश्र ने बताया कि इकबाल अहमद रवीना से जरी का काम कराता था। इसी दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गए। 29 जनवरी को इकबाल अपनी शहनाज के साथ ससुर की बरसी के लिए ससुराल गया और उसे वहां छोड़कर वापस आ गया। रात में इकबाल रवीना ने को कॉल करके मिलने की इच्छा जाहिर की और उसे नींद की दो गोलियां देकर पति को देने को कह दिया। पति को नशीली चाय पिलाने के बाद रात 11.40 बजे उसे इकबाल का फाेन आया। इकबाल ने उसे अपने घर आने को कहा। जब वह पहुंची तो इकबाल खिड़की से निकलकर बाहर चबूतरे पर खड़ा मिला। संबंध बनाने के दौरान ही रवीना ने इकबाल को गिराकर उसके दोनों हाथ पैरों से दबा दिए। एक हाथ से मुंह दबाया और दूसरे से गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर शव को दरवाजे पर फेंककर चली गई। एसपी उत्तरी ने बताया कि रवीना ने इस बारे में अपने पति को भी जानकारी नहीं। रवीना बोली, ब्लैकमेल करता था इकबाल रवीना ने पुलिस को बताया कि काम के सिलसिले में नजदीकियां बढ़ने पर इकबाल से मोबाइल नंबर का आदान प्रदान हो गया। एक दिन इकबाल ने जबरन दुष्कर्म किया। उसने पति से शिकायत करने की बात कही तो इकबाल बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग के जरिये बदनाम करने की धमकी देने लगा। फिर इसी बहाने आए दिन उसे बुलाकर संबंध बनाने लगा। वह इससे परेशान हो गई थी, इसी वजह से हत्या कर दी। परिजनों ने खुलासे पर उठाए सवाल इस खुलासे को लेकर इकबाल के परिजन संतुष्ट नहीं हैं। इकबाल के भाई कल्लू का कहना है कि कोई भी महिला अकेले पुरुष की हत्या नहीं कर सकती। पुलिस रवीना के पति और इस वारदात में शामिल अन्य लोगों को बचा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि रवीना इतनी ताकतवर नहीं है, जो इकबाल की अकेले हत्या कर दे।

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