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मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिये कृत संपल्पित होकर कार्य कर रही है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान (GYAN) से ध्यान पर फोकस करते हुए 4 मिशन के क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल्द ही प्रदेश में किसान कल्याण के लिये मिशन भी प्रारंभ होने वाला है। वर्तमान में किसानों के कल्याण की विभिन्न योजनाएँ संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना में 4 लाख रूपये की सहायता प्रदेश के कृषकों की सहायता के लिये मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना लागू की गई है। योजनांतर्गत कृषकों को आंशिक अपंगता के लिये 50 हजार रूपये की सहायता प्रदान की जाती है। स्थायी अपंगता पर एक लाख रूपये एवं मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये प्रदान किये जाते है। साथ ही अंत्येष्टि के लिये 4 हजार रूपये की सहायता दिये जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री मण्डी हम्माल एवं तुलावटी सहायता योजना प्रदेश की कृषि उपज मण्डी समितियों में अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों के उत्थान के लिये यह योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रसूति व्यय एवं प्रसूति अवकाश सहायता, विवाह के लिये सहायता, प्रावीण्य छात्रवृत्ति सहायता, चिकित्सा सहायता, दुर्घटना में स्थायी अपंगता सहायता, मृत्यु सहायता, अंत्येष्टि सहायता, मण्डी प्रांगण में कार्य करते समय हुई दुर्घटना में सहायता आदि का समावेश किया गया है। मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना प्रदेश की कृषि उपज मण्डी समितियों में कार्यरत अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों के सहायतार्थ मुख्यमंत्री कृषि उपज मण्डी हम्माल एवं तुलावटी वृद्धावस्था सहायता योजना-2015 लागू की गई। यह योजना उन हम्माल एवं तुलावटियों एवं उनके परिवार के आश्रित सदस्यों पर प्रभावी होगी, जो मण्डी उपविधि के प्रावधान अनुसार मण्डी समिति में 18 से 55 वर्ष आयु के अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटी हैं। योजनांतर्गत हितग्राही को न्यूनतम एक हजार एवं अधिकतम 2 हजार रूपये तक प्रति वर्ष अंशदान जमा करना होगा। इस योजना का लाभ पात्रता रखने वाले अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण या हितग्राही की आकस्मिक मृत्यु/स्थायी अपंगता/असाध्य बीमारी होने की दशा में प्राप्त होगा। कृषि विपणन पुरुस्कार योजना प्रदेश में मण्डियों में प्रत्येक वर्ष में 2 बार नर्मदा जयंती एवं बलराम जयंती के अवसर पर लॉटरी पद्धति द्वारा ड्रा निकाले जाते हैं, जिसमें बम्पर ड्रा के पुरुस्कार में “क” प्रवर्ग की मण्डी समिति में 35 अश्व शक्ति का ट्रेक्टर एवं “ख”, “ग” तथा “घ प्रवर्ग की मण्डी समितियों में 50 हजार रूपये मूल्य तक के कृषि यंत्र दिये जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त मण्डी के श्रेणी अनुसार एक हजार से 21 हजार रूपये तक की नगद राशि के रुप में पुरुस्कार दिये जाते हैं। कृषकों को 5 रुपये में भोजन थाली उपलब्ध कराने की योजना प्रदेश में राज्य शासन द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार प्रदेश की 257 मण्डी समितियों में कृषि उपज के विक्रय के लिये आये कृषकों को 5 रुपये में भोजन थाली (न्यूनतम अनिवार्य मीनू 6 पूड़ी अथवा 6 रोटी, दाल एवं सब्जी के साथ) उपलब्ध कराने की योजना लागू की गई।  

शिवराज सिंह चौहान ने कहा- पीएम मोदी की नीति के कारण नारियल के उत्पादन में आज भारत नंबर एक बना है

नई दिल्ली संसद के बजट सत्र की कार्यवाही चौथे दिन भी जारी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान नारियल के उत्पादन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की नीति के कारण नारियल के उत्पादन में आज भारत नंबर एक बना है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में कहा, “मैं सांसद पार्थ सारथी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने नारियल से संबंधित प्रश्न पूछा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाना है। मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि आज भारत नारियल उत्पादन में पीएम मोदी की नीति के कारण दुनिया में नंबर एक बना है।” उन्होंने कहा, “मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि 2014-15 में नारियल का उत्पादन 140 लाख मीट्रिक टन था, जो अब 153.29 लाख मीट्रिक टन हो गया है। विश्व में हमारी उत्पादकता सबसे अधिक है। आंध्र प्रदेश में भी नारियल का उत्पादन होता है। इसे बढ़ाने की नीति के कारण आंध्र प्रदेश में उत्पादकता 11 मीट्रिक टन है। पिछले दिनों अनेक बीमारियों की शिकायत आई थी। नारियल विकास बोर्ड ने इसको नियंत्रित करने के लिए विभिन्न केंद्रीय संस्थान और अन्य संस्थानों के माध्यम से प्रबंधन के लिए आठ परियोजनाएं अनुमोदित की हैं।” शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “नारियल में होने वाली अलग-अलग प्रकार की बीमारियों से निपटने के लिए आईसीएआर ने अनेक उपाय किए हैं। नई फसलें विकसित करने के साथ सहायता राशि भी उपलब्ध कराई गई है।” साथ ही उन्होंने फसल बीमा योजना का जिक्र करते हुए कहा, “फसल बीमा योजना में किसानों का विश्वास बढ़ता जा रहा है। इस बार किसानों के 14 करोड़ आवेदन आए हैं, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। सरकार खुले मन से प्रयत्न करेगी कि किसानों को अधिकतम लाभ प्रदान क‍िया जा सके।”

योगी सरकार का आठ लाख करोड़ का हो सकता है यूपी का बजट, फरवरी के अंतिम सप्ताह में पेश होने की उम्मीद

लखनऊ यूपी विधानमंडल का बजट सत्र फरवरी के आखिरी सप्ताह में आहूत किया जाएगा। इसमें करीब 8 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किए जाने की संभावना है। इस बजट में विकास के योगी मॉडल की छाप दिखेगी। मध्यवर्ग, युवा, किसान और महिलाएं बजट के फोकस में होंगी। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, अभी सत्र की तिथियां फाइनल नहीं हुई हैं। लेकिन, तैयारियां फरवरी के आखिरी सप्ताह को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। सभी विभागों के बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप दे दिया गया है। पेश हो चुका है आम बजट केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में मोदी सरकार 3.0 का दूसरा बजट पेश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम बजट को ऐतिहासिक करार दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह हर भारतीय के सपनों को पूरा करेगा, ‘विकसित भारत’ के मिशन को आगे ले जाएगा और विकास, निवेश और उपभोग को कई गुणा बढ़ाएगा। हालांकि, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आर्थिक संकट को हल करने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत पर जोर दिया और बजट को गोली के घाव पर केवल मरहम पट्टी करार दिया। अलग-अलग राजनीतिक दलों ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। देश के बजट का 16 फीसदी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 50.65 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। यूपी का बजट भी आठ लाख करोड़ तक होगा। यह केंद्र के बजट का करीब 16 फीसदी होगा। सभी विभागों से पहुंचे प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रदेश सरकार के करीब-करीब सभी विभागों से बजट के लिए प्रस्ताव मिल गए हैं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और वित्त विभाग के अधिकारी उन प्रस्तावों पर मंथन करेंगे। उसके बाद बजट का प्रारंभिक मसौदा सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने पेश किया जाएगा। रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर होगा फोकस जानकारों का मानना है कि गत वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार की वजह बेरोजगारी को माना गया। सरकार बजट में सरकारी नौकरियों के साथ स्वरोजगार पर फोकस करेगी। वहीं, एक्सप्रेस वे, स्टेट हाईवे के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस रहेगा। दलितों और महिलाओं पर भी ध्यान विपक्ष की ओर से लगातार भाजपा को दलित विरोधी साबित करने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार बजट में दलितों को साधने के लिए कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। संकल्प पत्र पूरा करने का लक्ष्य भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2022 से पहले संकल्प पत्र पेश किया था। संकल्प पत्र के 131 वादों में से 110 पूरे हो चुके हैं। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, आगामी बजट में शेष 21 वादे पूरे कर सरकार संकल्प पत्र का हर वादा पूरा करने की योजना बना रही है। किसान से ‘श्रीराम’ तक समर्पित रहा बजट योगी सरकार का हर बजट किसी न किसी वर्ग के लिए समर्पित रहा है। 2017-18 का बजट किसानों की कर्जमाफी के चलते किसानों को समर्पित रहा। वहीं, 2024-25 का बजट ‘श्रीराम’ को समर्पित रहा।

एकनाथ शिंदे ने कहा- राज्य में लाडकी बहिन योजना बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी

ठाणे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महिलाओं के कल्याण के लिए महायुति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए कहा कि राज्य में लाडकी बहिन योजना बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। महाराष्ट्र में पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले गठबंधन की बड़ी जीत का श्रेय लाडकी बहिन योजना को भी दिया जाता है। योजना के तहत महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह सहायता प्रदान की जाती हैं। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) सत्तारूढ़ महायुति के घटक दल हैं। ठाणे शहर में सोमवार रात एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा, ‘‘महायुति सरकार कभी भी लाडकी बहिन योजना को बंद नहीं होने देगी।’’ उन्होंने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। आवास एवं शहरी विकास विभाग का प्रभार संभाल रहे शिंदे ने कहा, ‘‘हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है क्योंकि हमें लोगों की सेवा करने का एक और मौका मिला है।’’ उन्होंने मुंबई, ठाणे, पुणे और महाराष्ट्र के अन्य स्थानों में लंबित आवास परियोजनाओं से संबंधित चिंताओं पर चर्चा की। मंत्री ने आश्वासन दिया कि रुकी हुई विकास परियोजनाएं अब समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी। इन परियोजनाओं में कुछ 25 वर्षों से भी अधिक समय से लंबित हैं। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई क्लस्टर विकास योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक अनूठी पहल है जो किसी अन्य देश में नहीं देखी गई है। शिंदे ने कहा कि इससे झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) योजना की कमियों, विशेषकर ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले निवासियों को पुनर्वास लाभों से वंचित रखने की समस्या का प्रभावी ढंग से समाधान हो सकेगा। उन्होंने कहा, ‘‘क्लस्टर योजना सभी प्रकार के पुनर्वास एवं विकास के लिए एक व्यापक समाधान प्रदान करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को वह लाभ मिले जिसके वे हकदार हैं।’’ राजनीतिक विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए शिंदे ने कहा कि उनकी सरकार केवल तस्वीरें नहीं दिखाती और बड़ी-बड़ी घोषणाएं नहीं करती, बल्कि कदम उठाती हैं और परिणाम देती है।  

एनसीसी और एनएसएस से मिल रही है चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण की शिक्षा : राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि नई पीढ़ी एन.सी.सी. और एन.एस.एस. का हिस्सा जरूर बने। इससे चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संस्कारों पर आधारित शिक्षा मिलती है। व्यक्ति में राष्ट्र सेवा के प्रति संकल्प और समर्पण की भावना पैदा करती है। राज्यपाल श्री पटेल एन.सी.सी. और एन.एस.एस. के एट होम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन भी मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल ने गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय परेड में शामिल हुए एन.सी.सी. कैडेट्स और एन.एस.एस. के स्वयं सेवकों को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने की बधाई दी। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि वर्तमान समय युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य की असीम संभावनाओं से भरा है। जरूरत एकीकृत, एकजुट, एकमत और एकता के साथ समाज तथा राष्ट्र के लिए कार्य करने एवं देश की समकालीन संस्कृति और सभ्यता के विभिन्न पहलुओं में हो रहे, सुखद बदलावों को समझते हुए प्रेरणा प्राप्त करने की है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि एन.सी.सी. का मूल उद्देश्य, युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण, त्याग और अनुशासन में रहते हुए एकता की भावना का विकास करना है। इसी प्रकार एन.एस.एस. समाज सेवा से राष्ट्र निर्माण पर आधारित गतिविधियों से विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण कर जिम्मेदार नागरिक बनाने की सराहनीय योजना है। उन्होंने कहा कि युवा ही हमारे देश की गौरवशाली संस्कृति, इतिहास और सभ्यता से भावी पीढ़ी को जोड़ने वाले सूत्रधार बन सकते हैं। युवाओं को संवेदनशीलता के साथ समाज के गरीब, वंचित, महिला, बुजुर्ग और दिव्यांगजनों का साहस और संबल बनकर उनके सशक्तिकरण में सहयोग करना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल का एनसीसी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय के ए.डी.जी. मेजर जनरल विक्रांत एम. धुमने और एन.एस.एस. के राज्य अधिकारी डॉ. मनोज अग्निहोत्री ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल श्री पटेल के समक्ष एन.सी.सी. और एन.एस.एस. के प्रतिभागियों ने सामूहिक देशभक्ति गायन, गौरवशाली भारतीय संस्कृति पर आधारित समूह नृत्य और नाटिका प्रस्तुत की। स्वागत उद्बोधन ए.डी.जी. मेजर जनरल श्री धुमने ने दिया। आभार मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ एन.एस.एस. के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने माना। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, एन.सी.सी. के ग्रुप कमान्डर ब्रिगेडियर अजीत सिंह, एन.एस.एस. और एन.सी.सी. के प्रतिभागी और उनके अभिभावक गण उपस्थित थे।  

मध्यप्रदेश में 5 से 10फरवरी तक बंद रहेगा mpedistrict पोर्टल, आय, जाति, मूलनिवासी और ईडब्ल्यूएस सेवा के नहीं होंगे काम

भोपाल  मध्यप्रदेश के नागरिकों के लिए जरुरी खबर सामने आई है। अगर आप भी लोक सेवा केंद्र से आय, मूलनिवासी, जातिप्रमाण, ईडब्ल्यूएस और जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाना चाहते हैं तो जरा ठहर जाइए। लोक सेवा गारंटी की वेबसाइट mpedistrict.gov.in पोर्टल को अपग्रेड किया जा रहा है। जिस वजह से 4 फरवरी की रात से 10 फरवरी की रात तक पोर्टल बंद रहेगा। जिसके चलते दस्तावेज नहीं बन पाएंगे। बंद रहेंगी सभी सेवाएं mpedistrict.gov.in पोर्टल बंद के कारण सभी सेवाएं पूर्ण रूप से बंद रहेंगी। लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आय, जाति, मूल, ईडब्ल्यूएस और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित दूसरे दस्तावेज बनाएं जाते हैं। पोर्टल बंद होने के कारण ये सभी सेवाएं बंद रहेंगी। इस दौरान, MP eDistrict.gov.in पोर्टल पर सभी सेवाएं बंद रहेंगी। जिला लोक सेवा प्रबंधक आनंद झेरवार ने बताया कि लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से पोर्टल से आय, जाति, मूल निवासी, ईडब्ल्यूएस, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सहित अन्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं। पोर्टल बंद होने के चलते लोग लोक सेवा केंद्रों पर कर्मचारी देर शाम तक काम करते रहे, ताकि लोगों को परेशानी न हों। 5 फरवरी से 10 फरवरी तक लोक सेवा केंद्रों से किसी भी प्रकार के आवेदन, ऑनलाइन या ऑफलाइन, स्वीकार नहीं किए जा सकेंगे और न ही सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। इस अवधि में नागरिकों से अनुरोध है कि वे किसी भी प्रकार की सेवा प्राप्ति के लिए समय से पहले तैयारी कर लें। 5 फरवरी से 10 फरवरी तक बंद रहेंगे आवेदन लोक सेवा केंद्र में सभी प्रकार के ऑफलाइन और ऑनलाइन आवेदन 5 फरवरी से 10 फरवरी तक बंद रहेंगे। ऐसे में विभाग की ओर से अपील की गई है कि 10 फरवरी तक नागरिक पोर्टल शुरु होने का इंतजार करें। बता दें कि, mpedistrict.gov.in पोर्टल में को नए SDC 2.0 पर माइग्रेट किया जा रहा है।

भूटान नरेश ने संगम में डुबकी लगाई, स्नान-पूजन के बाद अक्षयवट का किया दर्शन, प्रवासी पक्षियों को खिलाया दाना

प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के लिए भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांग्चुक प्रयागराज पहुंच गए। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हैं। भूटान नरेश और योगी ने संगम में डुबकी लगाई। भूटान नरेश सुबह बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे। 10:50 बजे किला घाट गए, घाट से संगम नोज आए। यहां स्नान-पूजन के बाद अक्षयवट दर्शन किया। इसके बाद हनुमान मंदिर पहुंचे दर्शन-पूजन किया। उनके साथ सीएम योगी भी हर जगह मौजूद हैं। भूटान नरेश ने अक्षयवट का दर्शन किया भूटान नरेश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संगम में स्नान के बाद अक्षयवट का दर्शन किया। भूटान नरेश ने संगम में डुबकी लगाई भूटान नरेश ने मुख्यमंत्री, मंत्री स्वतंत्रदेव, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सतुआ बाबा के साथ किया संगम स्नान भूटान नरेश ने प्रवासी पक्षियों को दाना खिलाया भूटान नरेश और मुख्यमंत्री सीएम योगी ने प्रवासी पक्षियों को दाना खिलाया। मोटरबोट से मुख्यमंत्री योगी और भूटान नरेश संगम नोज पहुंच रहे मोटरबोट से मुख्यमंत्री योगी और भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांग्चुक संगम जा रहे है। सीएम योगी और भूटान नरेश में पक्षियों का प्रेम दिखा। कल आएंगे पीएम मोदी, करेंगे गंगा स्नान महाकुंभ में गंगा स्नान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच फरवरी को प्रयागराज आएंगे। गंगा स्नान और पूजन कर वह वापस चले जाएंगे। पूर्व में पीएम का पांच घंटे का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया था। सोमवार को उनके कार्यक्रम को लेकर पुर्वाभ्यास किया गया। पीएम सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज आएंगे। बमरौली एयरपोर्ट से वह डीपीएस हेलीपैड पर उतरेंगे। वहां से निषादराज क्रूज से संगम पर बनी वीआईपी जेटी पर पहुंचेंगे। यहां तकरीबन एक घंटे रहेंगे। इस दौरान स्नान और पूजन करेंगे। फिर क्रूज से अरैल और अरैल से फिर एयरपोर्ट जाएंगे। वहां से वापस चले जाएंगे।  मेला के अफसरों का कहना है कि कार्यक्रम संशोधित किया गया है। पूर्व में पीएम को संगम स्नान के बाद सेक्टर छह में बनाए गए स्टेट पवेलियन और नेत्र कुम्भ के शिविर में भी जाना था, लेकिन सोमवार शाम आए कार्यक्रम में यह शामिल नहीं है। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रयागराज आएंगे। इससे पूर्व पीएम 19 दिसंबर को प्रयागराज आए थे और गंगा पूजन किया था। महाकुंभ से लौट रहे श्रद्धालुओं की कार खड़े ट्रेलर में घुसी, एक की मौत लखनऊ में गोसाईगंज के कबीरपुर में सड़क किनारे खड़े ट्रेलर में श्रद्धालुओं की कार घुस गई। हादसे में ड्राइवर की मौत हो गई। वहीं, कार सवार छह अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के समय सभी दोस्त महाकुंभ स्नान करने के बाद वाराणसी दर्शन कर राजस्थान लौट रहे थे। गोसाईगंज पुलिस ट्रेलर को कब्जे में लेकर नंबर के आधार पर ड्राइवर की तलाश कर रही है।

चीन का ट्रंप पर पलटवार, अमेरिकी प्रोडक्ट पर 10 से 15 फीसदी टैरिफ का किया ऐलान, बढ़ा तनाव

बीजिंग  चीन ने अमेरिका पर नए टैरिफ लगाने का फैसला लिया है। ये टैरिफ 10 फरवरी से अमेरिकी उत्पादों पर लागू हो जाएंगे। चीन ने ये कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से उसके उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ के जवाब में उठाया है। अमेरिका ने चीन के उत्पादों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। चीन ने भी इसके जवाब में अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा दिया है। चीनी वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को अमेरिकी उत्पादों पर 10 से 15 प्रतिशत टैरिफ लगाने के फैसले की जानकारी दी है। बीजिंग के टैरिफ लगाए जाने से चीन में अमेरिका से आने वाले बड़ी कारों, पिक ट्रक, एलएनजी, कच्चा तेल और खेती-बाड़ी की मशीनों के आयात पर असर पड़ेगा। चीन ने कोयले और प्राकृतिक गैस पर 15 प्रतिशत और पेट्रोलियम, कृषि उपकरण, उच्च उत्सर्जन वाले वाहनों और पिकअप ट्रकों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। चीन ने कुछ प्रमुख खनिजों के निर्यात पर नियंत्रण लगाया है। साथ ही गूगल और कुछ अमेरिकी कंपनियों की जांच शुरू कर दी है। चीन-यूएस में ट्रेड वॉर! अमेरिका और चीन के एक-दूसरे पर टैरिफ लगाने से दोनों मुल्कों में व्यापार के स्तर पर तनाव बढ़ गया है। इससे आने वाले दिनों में अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर तेज होने की भी संभावना है। ये तनाव डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद शुरू हुआ है। ट्रेप ने कई देशों पर टैरिफ लगाए हैं। इन देशों में चीन भी शामिल है। चीन ने अमेरिका की ओर से अपने सामानों पर टैरिफ बढ़ाए जाने के बाद नाराजगी जताई है। चीन के वित्त मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका की ओर से एकतरफा टैरिफ लगाना WTO के नियमों का खुला उल्लंघन है। डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला चीन और अमेरिका के बीच सामान्य आर्थिक और व्यापार सहयोग को कमजोर करता है। अमेरिकी कंपनियों पर भी एक्शन चीन ने अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल के खिलाफ एकाधिकार विरोधी जांच शुरू की है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने टंगस्टन, टेल्यूरियम, बिस्मथ, मोलिब्डेनम और इंडियम को निर्यात नियंत्रण सूची में जोड़ा है। चीन ने अमेरिकी कपड़ों की कंपनी PVH और बायोटेक्नोलॉजी कंपनी इलुमिना को अविश्वसनीय संस्थाओं की सूची में डाल दिया है। चीन सरकार का कहना है कि इन संस्थाओं ने चीनी उद्यमों के साथ सामान्य लेनदेन में बाधा डाली और उनके खिलाफ भेदभावपूर्ण उपाय अपनाए हैं।

महाकुंभ में आए हजारों लोगें के परिजन लापता हो गए हैं, सपा सांसद ने दावा किया कि भगदड़ में गायब हो गए 15 हजार लोग

नई दिल्ली महाकुंभ को लेकर संसद में बवाल के बाद अब समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने एक और बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि 15 हजार लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई है कि उनके परिवार के लोग नहीं मिल रहे हैं। महाकुंभ में आए हजारों लोगें के परिजन लापता हो गए हैं। वहीं सरकार कोई भी जानकारी देने से इनकार कर रही है। उन्होंने कहा कि 1954 के प्रयाग कुंभ में भगदड़ के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संसद में बताया कि कितने लोग घायल हुए हैं और कितने लोग मारे गए हैं। यादव ने कहा कि योगी आदित्यनाथ का पूरा अमला केवल वीआईपी लोगों को सुविधाएं देने में व्यस्थ था। उन्हें आम आदमी की कोई फिक्र ही नहीं थी। उन्होंने कहा, हमारे मुख्यमंत्री रोज ही पहुंचते हैं। अधिकारी व्यवस्था में व्यस्त है कि वीआईपी लेन साफ-सुथरी रहनी चाहिए। वहीं आम आदमी चाहे डूब जाए या मर जाए। 15 हजार लोग कह रहे हैं कि उनके परिवार के सदस्य लापता हैं। सरकार कोई जानकारी ही नहीं दे रही है। बता दें कि सोमवार को बजट सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा किया था। विपक्ष का कहना था कि सदन में महाकुंभ में मची भगदड़ पर चर्चा करवाई जाए। एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि मृतकों की सही संख्या ना बताना बहुत निंदनीय है। मिल्कीपुर विधानसभा चुनाव के लिए अयोध्या में एक रैली को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि सरकार यह आंकड़ो तो रोज बताती है कि कितने लोगों ने डुबकी लगाई है लेकिन मरने वालों का आंकड़ा आज तक साफ नहीं कर पाई है। अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर 5 तारीख को चुनाव होने हैं। बीजेडी नेता ने भी उठाए सवाल बीजू जनता दल (बीजद) की सदस्य सुलता देव ने महाकुंभ में एआई सहित अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के बावजूद मृतकों और लापता श्रद्धालुओं के आंकड़ों को पता करने में सरकार की असमर्थता पर सोमवार को सवाल उठाया। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान देव ने कहा कि इस घटना पर सदन में अल्पकालिक चर्चा होनी चाहिए। देव ने सवाल किया, “राष्ट्रपति ने कुंभ मेले में मृतकों के लिए दुख व्यक्त किया। कुंभ में जो कुछ भी हुआ और जो स्थिति है, उसकी आलोचना होनी चाहिए क्योंकि हम जानते हैं कि हजारों लोग बेघर हो गए हैं और खो गए हैं और उनका पता नहीं लगाया जा सका है। अगर हम एआई से भीड़ की संख्या देख सकते हैं तो हम तकनीक की मदद से यह क्यों नहीं देख पा रहे हैं कि कितने लोग गायब हैं। इसकी आलोचना क्यों नहीं की जा रही है?” उन्होंने कहा कि जब 27 जुलाई को दिल्ली में जलजमाव की घटना में छात्रों की मौत हो गई तब इस पर अल्पकालिक चर्चा हुई थी तो महाकुंभ की घटना पर चर्चा क्यों नहीं हो सकती है।

SP-DSP समेत 500 पुलिस वालों ने डाली रेड, मिली 20 करोड़ की अफीम, अफीम की खेती को की नष्ट

रोहतास नशे के खिलाफ बिहार में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 20 करोड़ की अफीम की खेती को नष्ट किया है। बताया जा रहा है कि रोहतास जिले में बिहार- झारखंड के सीमा पर स्थित नौहट्टा थाना के बेलौजा सोनडीला पर एसपी रौशन कुमार के नेतृत्व मे बड़ी छापेमारी की गई। इस दौरान बीस करोड़ के अफीम की खेती को नष्ट किया गया। इस दौरान शराब की कई भट्ठियों को भी ध्वस्त किया गया है। बताया जा रहा है कि एसपी-डीएसपी, 23 थानाध्यक्ष समेत करीब पांच सौ पुलिस बल छापामारी में शामिल थे। इतनी बड़ी संख्या में पुलिस की इस छापेमारी से हड़कंप मच गया। पुलिस ने इस दौरान अफीम की खेती को नष्ट कर नशे पर जोरदार प्रहार किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रोहतास जिले के सुदूर सिंहपुर गांव में अफीम की यह खेती की जा रही है। इसके बाद पुलिस ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने पूरे इलाके को सीज कर दिया। ट्रैक्टर ला कर पुलिस ने पूरी फसल को नष्ट कर दिया। कहा जा रहा है कि अफीम की यह पूरी खेती 10 एकड़ में की गई थी। 10 एकड़ की अफीम की खेती की कीमत 20 करोड़ बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि फसल के पूरी तरह से तैयार होने के बाद इसकी कीमत और भी ज्यादा हो सकती है। खुले आसमान के नीचे अफीम की यह फसल लहलहा रही थी और अफीम की मोटी-मोटी गांठें लहरा रही थीं। हालांकि, अफीम की यह खेती किसने की थी अभी इसके बारे में पुलिस की तरफ से विशेष जानकारी नहीं दी गई है।

पडोसी देश पाकिस्तान से 400 हिंदुओं की अस्थियां भारत पहुंची, मृतकों को भारत में मिलेगा मोक्ष; हरिद्वार में होगा गंगा विसर्जन

अमृतसर  पाकिस्तान से लगभग 400 हिंदुओं की अस्थियां लेकर एक समूह भारत आया है। ये लोग इन अस्थियों को हरिद्वार में गंगा नदी में विसर्जित करना चाहते हैं। साथ ही महाकुंभ में प्रयागराज जाकर पवित्र स्नान करने की भी इच्छा रखते हैं। यह तीसरी बार है जब विभाजन के बाद पाकिस्तान से हिंदुओं की अस्थियां भारत लाई गई हैं। पहले 2011 और 2016 में भी अस्थियां लाई जा चुकी हैं। यह समूह सोमवार को अटारी बॉर्डर पहुंचा। दिल्ली के निगम बोध घाट पर 4 से 21 फरवरी तक अस्थियां रखी जाएंगी। 22 फरवरी को हरिद्वार के कनखल में सीता घाट पर विसर्जन होगा। इसके साथ 100 किलो दूध की आहुति भी दी जाएगी। वीजा एक्सटेंशन की उम्मीद पाकिस्तान से आए हिंदू समूह के पास लखनऊ और हरिद्वार जाने का वीजा है। वे प्रयागराज जाने के लिए वीजा एक्सटेंशन की उम्मीद कर रहे हैं ताकि महाकुंभ में पवित्र स्नान कर सकें। कराची के श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत राम नाथ मिश्र महाराज ने बताया कि पाकिस्तान में कई हिंदुओं की इच्छा होती है कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी अस्थियां गंगा में विसर्जित की जाएं। उनके परिजन उनकी यह अंतिम इच्छा पूरी करना चाहते हैं। ऐसे में अस्थियों को मंदिरों में कलश में सुरक्षित रखा जाता है। जब पर्याप्त संख्या में कलश इकट्ठे हो जाते हैं, तो भारत का वीजा लेने का प्रयास किया जाता है। इस तरह मृतक या उनके परिवार की अंतिम इच्छा पूरी होती है। राम नाथ मिश्र ने बताया कि वे लगभग 400 कलश लेकर आए हैं। ये अस्थियां पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों से एकत्रित की गई हैं। 22 फरवरी को कनखल के सीता घाट पर विसर्जन दिल्ली की श्री देवोथान सेवा समिति के महासचिव विजय शर्मा और अन्य लोग अटारी बॉर्डर पर अस्थियां लेने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि 4 से 21 फरवरी तक अस्थियों को दिल्ली के सबसे पुराने और बड़े श्मशान घाट, निगम बोध घाट पर रखा जाएगा। लोग यहां आकर श्रद्धांजलि दे सकेंगे। 21 फरवरी को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अस्थियों को हरिद्वार ले जाया जाएगा। 22 फरवरी को कनखल के सीता घाट पर विसर्जन होगा। इसके साथ 100 किलो दूध की आहुति दी जाएगी। यह एक पारंपरिक हिंदू रस्म है। विजय शर्मा ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वे उन हिंदुओं को वीजा जारी करें जो अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार हरिद्वार में करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे सभी मंचों के माध्यम से अपनी मांग उठाएंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि पाकिस्तानी हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान हो।

गुजरात में जल्द लागू होगा UCC,सीएम भूपेन्द्र पटेल ने किया कमेटी का ऐलान

अहमदाबाद  उत्तराखंड के बाद अब एक और बीजेपी शासित राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, गुजरात सरकार समान नागरिक संहिता को लागू करने को लेकर मंगलवार को घोषणा कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि गुजरात सरकार आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यूसीसी समिति के बारे में घोषणा कर सकती है। इस समिति में तीन से पांच लोग हो सकते हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूसीसी को लेकर ऐलान करेंगे। गुजरात में वर्तमान में भाजपा की सरकार है, इसे भाजपा का गढ़ भी माना जाता है। पिछले 30 सालों से यहां की सत्ता पर भाजपा काबिज है। उत्तराखंड में यूसीसी लागू गुजरात में 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने यूसीसी को लेकर अपने इरादों को जाहिर किया था। बता दें कि उत्तराखंड में 27 जनवरी को यूसीसी लागू किया गया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी (समान नागरिक संहिता) पोर्टल और नियम को लॉन्च किया। उन्होंने बताया था कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू करके हम संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उत्तराखंड सरकार ने यूसीसी के लिए काफी बातों पर विचार-विमर्श किया। यूसीसी में अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई है। इसके अनुसार, यूसीसी उत्तराखंड और उससे बाहर रहने वाले राज्यों के निवासियों पर लागू होगा। हालांकि, अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई है। UCC के प्रावधान – विवाह और तलाक के लिए कानून एक समान होगा। एक पुरुष और महिला के बीच विवाह तभी हो सकता है जब वे विवाह के लिए योग्य आयु प्राप्त कर चुके हों और विवाह के समय दोनों पक्षों में से किसी का भी कोई जीवित जीवनसाथी न हो। – कपल को मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए और विवाह के लिए सहमति देने में सक्षम होना चाहिए। – UCC के अनुसार, पुरुष की कानूनी विवाह आयु 21 वर्ष और महिला की 18 वर्ष होनी चाहिए, और दोनों पक्ष निषिद्ध संबंधों के दायरे में नहीं होने चाहिए। – UCC 60 दिनों के भीतर विवाह पंजीकरण को भी अनिवार्य बनाता है। हालांकि, यूसीसी का कहना है कि केवल पंजीकरण न होने के कारण विवाह को अमान्य नहीं माना जाएगा। – जिन व्यक्तियों ने पहले ही नियमों के अनुसार अपना विवाह पंजीकृत करा लिया है, उन्हें फिर से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उन्हें पावती देनी होगी। – विवाह पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से कराया जा सकता है। पंजीकरण के लिए आवेदन प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर उप-पंजीयक को निर्णय लेना अनिवार्य है। यदि 15 दिनों के भीतर कोई निर्णय नहीं होता है, तो अधिनियम के अनुसार आवेदन स्वचालित रूप से रजिस्ट्रार को भेज दिया जाएगा। – आवेदन खारिज होने पर पारदर्शी अपील प्रक्रिया उपलब्ध है। साथ ही, गलत जानकारी देने पर दंड का प्रावधान है। – राज्य सरकार विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्रार और उप-रजिस्ट्रार नियुक्त करेगी। – यह वसीयत और कोडिसिल (वसीयतनामा उत्तराधिकार) के निर्माण और निरस्तीकरण के लिए एक सुव्यवस्थित ढांचा प्रदान करती है।

SC ने बांग्लादेशियों उनके देश भेजने के बजाय सुधार गृहों में रखने के संबंध में केंद्र सरकार से जवाब मांगा

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने भारत में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की अनिश्चितकालीन हिरासत पर सवाल उठाया है। अदालत ने इन्हें उनके देश भेजने के बजाय पूरे भारत के सुधार गृहों में लंबे समय तक हिरासत में रखने के संबंध में केंद्र सरकार से जवाब मांगा। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने इस बात पर बल दिया कि जब किसी अवैध बांग्लादेशी प्रवासी को पकड़ा जाता है और विदेशी अधिनियम 1946 के अंतर्गत उसे दोषी ठहराया जाता है, तो उसकी सजा पूरी होने के तुरंत बाद उसे निर्वासित किया जाना चाहिए। पीठ ने पूछा कि विदेशी अधिनियम के अंतर्गत अपनी सजा पूरी करने के बाद फिलहाल कितने अवैध आप्रवासियों को विभिन्न सुधार गृहों में हिरासत में रखा गया है? शीर्ष अदालत ने लगभग 850 अवैध प्रवासियों की अनिश्चितकालीन हिरासत पर चिंता व्यक्त की। एससी ने 2009 के परिपत्र के खंड 2 (v) का पालन करने में सरकार की विफलता पर सवाल उठाया, जो निर्वासन प्रक्रिया को 30 दिनों में पूरा करने का आदेश देता है। न्यायालय ने इस बात पर भी केंद्र से ठोस स्पष्टीकरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार से क्या कदम अपेक्षित हैं। ‘सजा पूरी होने के बाद सुधार गृहों में कैद’ माजा दारूवाला बनाम भारत संघ का मामला 2013 में कलकत्ता उच्च न्यायालय से उच्चतम न्यायालय में भेजा गया था। यह मामला मूल रूप से 2011 में शुरू हुआ जब एक याचिकाकर्ता ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की दुर्दशा पर प्रकाश डाला, जिन्हें उनकी सजा पूरी होने के बाद भी पश्चिम बंगाल सुधार गृहों में कैद रखा गया था। शीर्ष अदालत में स्थानांतरित होने से पहले कलकत्ता एचसी ने इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लिया था। पीठ ने कहा कि ये प्रथाएं मौजूदा दिशा-निर्देशों के विपरीत हैं, जो तेजी से निर्वासन प्रक्रियाओं की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 फरवरी को होगी।

यूक्रेन को मिलने वाली US मदद पर रोक, जंग के बीच ट्रंप का बड़ा फैसला

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को संकेत दिया कि वह रूस के खिलाफ युद्ध में अमेरिकी समर्थन इस शर्त पर जारी रखने पर सहमत हैं कि यूक्रेन अपनी धरती पर मिलने वाले दुर्लभ खनिज तत्वों तक अमेरिकी पहुंच को लेकर समझौता करे। ट्रंप ने ‘ओवल ऑफिस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यालय) में पत्रकारों से कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन को अपने यूरोपीय सहयोगियों की तुलना में कहीं अधिक सैन्य और आर्थिक सहायता भेजी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम यूक्रेन के साथ एक ऐसा समझौता करना चाहते हैं, जिसके तहत हम उन्हें जो कुछ भी दे रहे हैं, उसके बदले में वे हमें अपने दुर्लभ खनिज तत्व दें।’’ ट्रंप ने सुझाव दिया कि उन्हें यूक्रेन की सरकार से यह संदेश मिला है कि वह आधुनिक उच्च प्रौद्योगिकी वाली अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण तत्वों तक अमेरिका को पहुंच प्रदान करने संबंधी एक समझौता करने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने कहा, ‘मैं धरती पर मिलने वाले इन दुर्लभ खनिज तत्वों का संरक्षण चाहता हूं। हम सैकड़ों अरब डॉलर खर्च कर रहे हैं। उनके पास बहुत बढ़िया दुर्लभ खनिज तत्व हैं और मैं इन दुर्लभ खनिज तत्वों का संरक्षण चाहता हूं। वे ऐसा करने के लिए तैयार हैं।’ ट्रंप ने पहले कहा था कि वह युद्ध को तेजी से समाप्त करेंगे औ इसके लिए बातचीत जारी है। ट्रंप ने कहा, ‘हमने रूस और यूक्रेन के मामले में बहुत प्रगति की है। देखते हैं कि क्या होता है। हम उस बेतुके युद्ध को रोकने जा रहे हैं।’ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) को कहा कि उनके देश की मौजूदगी के बिना अमेरिका और रूस के बीच कोई भी बातचीत अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ट्रंप प्रशासन के संपर्क में है, लेकिन ये चर्चाएं अभी सामान्य स्तर पर हैं और उनका मानना ​​है कि अधिक विस्तृत समझौते के लिए आमने-सामने की बैठकें जल्द होंगी। जेलेंस्की ने कहा, ‘हमें इस पर और काम करने की जरूरत है।’

दिल्ली : सीएम आतिशी के खिलाफ दर्ज हुई FIR, जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले सीएम आतिशी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। आतिशी के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में गोविंदपुरी थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। क्या है मामला? दरअसल दिल्ली चुनाव के लिए कल प्रचार थम गया लेकिन देर रात तक पार्टी के कार्यकर्ता कई जगहों पर प्रचार करते दिखे। जिसकी वजह से कई जगहों पर हंगामा भी हुआ। सबसे ज्यादा हंगामा सीएम आतिशी की सीट कालकाजी में हुआ। जिसके बाद गोविंदपुरी पुलिस स्टेशन में पुलिस ने आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए आतिशी खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। दिल्ली पुलिस के डीसीपी ने बताया कि आतिशी 4 फरवरी की रात को फतेह सिंह मार्ग पर काफी लोगों और गाड़ियों के साथ मौजूद थीं। पुलिस के अनुसार, उनके साथ 50 से 70 लोग और लगभग 10 गाड़ियां थीं। यह आचार संहिता का उल्लंघन है। फ्लाइंग स्क्वाड टीम की शिकायत पर गोविंदपुरी थाने में केस दर्ज हुआ है। यह केस बीएनएस की धारा 223 और आरपी ऐक्ट 126 के तहत दर्ज किया गया है। दिल्ली में कल होनी है वोटिंग दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को होने हैं और परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।बता दें कि दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 36 सीटों की आवश्यकता होती है। वर्तमान में,आम आदमी पार्टी (AAP) सत्ता में है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस आगामी चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही हैं।

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