LATEST NEWS

33% महिला आरक्षण कानून को चुनौती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को निरर्थक बताया

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने 33% महिला आरक्षण कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई से शुक्रवार को इनकार कर दिया। अदालत ने उस याचिका को निरर्थक बताया जिसमें विधेयक को चुनौती दी गई थी, न कि अधिनियम को। दूसरी याचिका में इस मामले को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने सहित अन्य उपाय तलाशने की मांग रखी गई, जिसे नकार दिया गया। एससी की बेंच ने कहा कि पहले भी संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का मुद्दा उठाया गया, मगर इसे कभी लागू नहीं किया जा सका। हालांकि, इस बार इसे परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने की शर्त पर लागू किया जा रहा है। महिला आरक्षण कानून क्या है? महिला आरक्षण अधिनियम (नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023) लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करता है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों पर भी यह नियम लागू होगा। इसका मतलब है कि लोकसभा की 543 सीटों में से 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी जाएंगी। हालांकि, पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित नहीं होंगी। मालूम हो कि जनगणना के आंकड़े जारी होने के बाद यह आरक्षण लागू होगा। जनगणना के आधार पर महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित होंगी जिसके लिए परिसीमन किया जाएगा। यह आरक्षण 15 साल की अवधि के लिए मिलेगा। फिलहाल, लोकसभा की 131 सीटें एससी-एसटी के लिए आरक्षित की गई हैं। महिला आरक्षण कानून लागू होने के बाद इनमें से 43 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इन 43 सीटों को सदन में महिलाओं के लिए आरक्षित कुल सीटों का ही हिस्सा माना जाएगा। इसका मतलब है कि महिलाओं के लिए आरक्षित 181 सीटों में से 138 ऐसी होंगी, जिन पर किसी भी जाति की महिला उम्मीदवार होगी। साफ है कि इन सीटों पर उम्मीदवार पुरुष नहीं हो सकते हैं। मालूम हो कि यह गणना लोकसभा में सीटों की मौजूदा संख्या पर की गई है। परिसीमन के बाद इसमें बदलाव हो सकता है।

अरविंद केजरीवाल का एक और वादा- अपने-अपने इलाकों में स्कियोरिटी गार्ड नियु्क्त करने के लिए सरकार पैसा देगी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए बड़ा वादा कर दिया है। उन्होंने दिल्ली की कॉलोनियों और गली-मोहल्ले की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आरडब्लूए को सिक्योरिटी गार्ड नियुक्त करने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर पैसे दिए जाने का वादा किया है। उन्होंने कहा है कि अगर उनकी पार्टी फिर सत्ता में आती है तो जितनी भी RWA हैं, उन्हें अपने-अपने इलाकों में स्कियोरिटी गार्ड नियु्क्त करने के लिए सरकार पैसा देगी। उन्होंने कहा, इसके लिए कुछ मापदंड तय किए जाएंगे कि किस RWA को कितने सिक्योरिटी गार्ड के लिए पैसे दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, वैसे तो पुलिस की जगह कोई नहीं ले सकता लेकिन यह सिक्योरिटी गार्ड्स इलाकों में बेसिक सुरक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा, हमने पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगवाए। उससे अपराधी को पकड़ना आसान हो जाता है। ऐसे ही हम RWA को सिक्योरिटी गार्ड रखने के लिए पैसे मुहैया कराएंगे। इसी दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, बीजेपी की केंद्र सरकार ने दिल्ली को देश की क्राइम कैपिटल बना कर रख दिया है। लोग बहुत ज्यादा डरे हुए हैं। बीजेपी और इनकी केंद्र सरकार को दिल्ली के लोगों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, ये लोग दिल्ली के लोगों से नफरत करते हैं, इसीलिए बीजेपी 25-27 सालों से दिल्ली की सत्ता में नहीं आ पाई है।

राजस्थान में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित दूसरे चिंतन शिविर में शामिल होंगी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया

भोपाल महिला-बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया राजस्थान में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित दूसरे चिंतन शिविर में शामिल होंगी। उदयपुर में 10 से 12 जनवरी के बीच इस चिंतन शिविर में सभी राज्यों की महिला एवं बाल विकास मंत्री मौजूद रहेंगी। मंत्री सुश्री भूरिया शिविर में झाबुआ जिले में किए गये नवाचार कुपोषण मुक्त अभियान के तहत ‘मोरी आई’ कान्सेज के संबंध में जानकारी साझा करेंगी। झाबुआ जिले में लागू इस नवाचार के सुखद और सकारात्मक परिणाम मिले है। केन्द्रीय महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने झाबुआ में शुरू किए गये नवाचार की सराहना की थी। राजस्थान के उदयपुर में हो रहे चिंतन शिविर में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्रियों के साथ-साथ राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं। ये अधिकारी आंगनबाड़ी केंद्रों, पोषण आहार तथा महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर और राज्यों की जरूरत के अनुसार रोडमैप तैयार करेंगे।  

भीषण ठंड से राजस्थान वासियों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन कुछ जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की आशंका, अलर्ट जारी

जयपुर पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण ठंड से राजस्थान वासियों को थोड़ी राहत मिली है। यहां कई क्षेत्रों के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। अगले कुछ दिनों में कई जगह आने वाले दिनों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। छह जिलों में इसे लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। बुधवार को फतेहपुर में 1.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, जो गुरुवार को बढ़कर 3.3 डिग्री सेल्सियस हो गया, जिससे लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, बाड़मेर में राज्य का सबसे अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि फतेहपुर में सबसे कम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अब मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और अजमेर में हल्कीअ बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही 11 जनवरी को सीकर, चूरू, झुंझुनू और अलवर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है। वहीं मौसम में थोड़े बदलाव के बावजूद जयपुर, धौलपुर, बाड़मेर और जैसलमेर सहित कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। जयपुर, अजमेर और बीकानेर जैसे शहरों में आसमान साफ रहा और धूप खिली रही, जिससे ठंड से कुछ समय के लिए राहत मिली। हालांकि, 12 जनवरी से घना कोहरा छाने की उम्मीद है, जिससे मौसम की स्थिति और जटिल हो जाएगी। राजस्थाौन में सुबह और शाम मौसम बेहद ठंडा रहता है। सीकर के फतेहपुर में सबसे कम 1.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि सिरोही के माउंट आबू में 1.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। इसके साथ ही छह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो जैसलमेर, बाड़मेर, जयपुर और अजमेर सहित कई शहरों में दिन के अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हुई। बाड़मेर में दिन का सबसे अधिक तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, इसके बाद जैसलमेर में 27 डिग्री सेल्सियस, बीकानेर में 25.6 डिग्री सेल्सियस, चित्तौड़गढ़ में 25.2 डिग्री सेल्सियस, जालौर में 25.7 डिग्री सेल्सियस, अजमेर में 23.4 डिग्री सेल्सियस, पिलानी में 23.9 डिग्री सेल्सियस, उदयपुर में 23.4 डिग्री सेल्सियस, जोधपुर में 24.5 डिग्री सेल्सियस, गंगानगर में 23.9 डिग्री सेल्सियस और चूरू में 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 10 से 12 जनवरी तक बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में बारिश और आंधी-तूफान आएगा, जिससे ठंड बढ़ जाएगी।  

शीतकाल में मकर संक्रांति पर्व से पहले तिल की गजक व लड्डू से बाजार महकने लगे, बाजार में बिक रही 15 से अधिक प्रकार की गजक

जबलपुर शीतकाल में मकर संक्रांति पर्व से पहले तिल की गजक व लड्डू से बाजार महकने लगे हैं। गजक, लड्डू, काजू पट्टी, काजू रोल, तिल की वर्फी के साथ विभिन्न प्रकार की गजक रोजाना तैयार की जा रही है। एक दुकान पर पचास से साठ किलो माल रोज तैयार हो रहा है। सर्दी के चलते बाजारों में गजक व तिल के मिष्ठानों की दुकानें सज चुकी हैं, जिनसे लोग जमकर खरीद कर रहे हैं। हालांकि बीते कुछ वर्षों के दौरान तिल, गुड़ की मिठाईयां, गजक महंगी हुई है। इसके बावजूद गजक और तिल-गुड़ के लड्डुओं की महक लोगों को पूर्ववत दुकानों की ओर आकर्षित कर रही है। इस मकर संक्रांति पर बाजार में 15 से अधिक तरह की गजक लोगों के लिए उपलब्ध हैं। सादा गजक, तिल के लड्डू की डिमांड-मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ से बनी मिठाई का विशेष महत्व होता है।   सादा गजक और तिल के लड्डू की डिमांड सबसे ज्यादा यही वजह है कि बाजारों में बड़ी तादाद में गुड़ और तिल से बनी मिठाई लोगों के लिए उपलब्ध है। मकर संक्रांति पर पूजा में इस्तेमाल के अलावा लोग इसका उपयोग दान-पुण्य में भी करते हैं। इस बार सबसे ज्यादा सादा गजक और तिल के लड्डू की डिमांड है। गजक व्यवसायी बताते हैं कि सर्दी ज्यादा पड़ने के कारण इस साल बाजार में रौनक अच्छी है। इस मकर संक्रांति पर अच्छी ग्राहकी की उम्मीद है। शुक्ला नगर निवासी वृद्धा चंद्रकला देवी कहती हैं, ‘एक समय था जब पौष शुरू होते ही बाजार से सफेद व काला तिल खरीदकर ले आते थे। तिल को धोकर उसे सुखाया जाता था फिर उसे चुना जाता था।’ ‘इसके बाद कड़ाही में सेंककर उसमें गुड़ की चाशनी मिलाकर लड्डू बनाए जाते थे। भगवान को भोग लगाकर पूरे माह लड्डू खाते थे, खासकर संक्रांति के दिन विशेष रूप से डिब्बा भरकर लड्डू बनते थे।’ ‘अब इतनी मेहनत करने की हमारी उम्र नहीं रही और वर्तमान पीढ़ी की बहूओं को लड्डू बनाने में कोई रुचि नहीं रह गई है। इसलिए बाजार से लड्डू खरीदकर लाते हैं और पूजन की परंपरा निभाते हैं।’ मकर संक्रांति पर तिल का है विशेष महत्व मकर संक्रांति पर तिल खाने और दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन लोग स्नान इत्यादि करने के बाद काले और सफेद तिल से बनीं वस्तुओं का दान करते हैं।

आखिर संतों के आश्रमों को अखाड़ा क्यों कहा जाने लगा, इस बारे में जानकार मानते हैं कि यहां अखाड़ा का भाव अखंड से है

प्रयागराज अखाड़ा शब्द सुनते ही हमारे जेहन में पहलवानों और उनके मल्ल युद्ध करने की तस्वीरें उभरने लगती हैं। लेकिन आध्यात्मिक क्षेत्र में अखाड़े संतों के होते हैं। निर्मोही अखाड़ा, जूना अखाड़ा, शंभू पंच दशनाम अखाड़ा समेत संतों के कई अखाड़े हैं, जो चर्चा में रहते हैं। फिलहाल सभी अखाड़ों के संत महाकुंभ 2025 में पहुंचे हुए हैं और उनके अस्थायी आश्रम ही बन गए हैं। करोड़ों की संख्या में महाकुंभ पहुंचने वाले लोग भी अलग-अलग अखाड़ों में जाकर संतों का आशीर्वाद लेना नहीं भूलते। लेकिन यह सवाल भी बनता है कि आखिर संतों के आश्रमों को अखाड़ा क्यों कहा जाने लगा। इस बारे में जानकार मानते हैं कि यहां अखाड़ा का भाव अखंड से है। दरअसल अखण्ड शब्द ही अपभ्रंश होते-होते अखाड़ा बन गया। यहां अखंड से आध्यात्मिक भाव यह है कि जिसका विभाजन न हो सकता हो। आदि गुरु शंकराचार्य ने सनातन धर्म की रक्षा हेतु साधुओं के संघों को मिलाने का प्रयास किया था। उसी प्रयास के तहत सनातन धर्म की रक्षा एवं मजबूती बनाए रखने एवं विभिन्न परम्पराओं व विश्वासों का अभ्यास करने वालों को एकजुट करने तथा धार्मिक परम्पराओं को अक्षुण्ण रखने के लिए विभिन्न अखाड़ों की स्थापना हुई। अखाड़ों से सम्बन्धित साधु-सन्तों की विशेषता यह होती है कि इनके सदस्य शास्त्र और शस्त्र दोनों में पारंगत होते हैं। अखाड़ा सामाजिक-व्यवस्था, एकता, संस्कृति तथा नैतिकता का प्रतीक है। समाज में आध्यात्मिक मूल्यों की स्थापना करना ही अखाड़ों का मुख्य उद्देश्य है। अखाड़ा मठों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सामाजिक जीवन में नैतिक मूल्यों की स्थापना करना है। इसीलिए धर्म गुरुओं के चयन के समय यह ध्यान रखा जाता है कि उनका जीवन सदाचार, संयम, परोपकार, कर्मठता, दूरदर्शिता तथा धर्ममय हो। भारतीय संस्कृति एवं एकता इन अखाड़ों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। अलग-अलग संगठनों में विभक्त होते हुए भी अखाडे़ एकता के प्रतीक हैं। नागा संन्यासी अखाड़ा मठों का एक विशिष्ट प्रकार है। प्रत्येक नागा संन्यासी किसी न किसी अखाड़े से सम्बन्धित रहते हैं। ये संन्यासी जहाँ एक ओर शास्त्र पारंगत होते हैं वहीं दूसरी ओर शस्त्र चलाने का भी इन्हें अनुभव होता है। वर्तमान में अखाड़ों को उनके इष्ट-देव के आधार पर निम्नलिखित तीन श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। तीन प्रकार के होते हैं अखाड़े- शैव अखाड़े: इस श्रेणी के इष्ट भगवान शिव हैं। ये शिव के विभिन्न स्वरूपों की आराधना अपनी-अपनी मान्यताओं के आधार पर करते हैं। वैष्णव अखाड़े: इनके इष्ट भगवान विष्णु हैं। ये विष्णु के विभिन्न स्वरूपों की आराधना अपनी-अपनी मान्यताओं के आधार पर करते हैं। उदासीन अखाड़ा: सिक्ख सम्प्रदाय के आदि गुरु श्री नानकदेव के पुत्र श्री चंद्रदेव जी को उदासीन मत का प्रवर्तक माना जाता है। इस पन्थ के अनुयाई मुख्यतः प्रणव अथवा ‘ॐ’ की उपासना करते हैं।

टीम स्मृति मंधाना की कप्तानी में आयरलैंड के खिलाफ आज शुरू हो रही वनडे श्रृंखला में इस लय को कायम रखना चाहेगी भारत

राजकोट वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद आत्मविश्वास से ओतप्रोत भारतीय टीम स्मृति मंधाना की कप्तानी में आयरलैंड के खिलाफ आज शुरू हो रही पहली महिला द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला में इस लय को कायम रखना चाहेगी। भारत ने वेस्टइंडीज को वनडे श्रृंखला में 3.0 से और टी20 में 2.1 से हराया। मंधाना ने दोनों प्रारूपों में सर्वाधिक रन बनाये जिसमें वनडे श्रृंखला में 148 और टी20 में 193 रन शामिल है। मंधाना उसी फॉर्म को आयरलैंड के खिलाफ श्रृंखला में जारी रखना चाहेंगी। नियमित कप्तान हरमनप्रीत कौर की गैर मौजूदगी में वह कप्तानी की भी जिम्मेदारी संभालेंगी। हरमनप्रीत और तेज गेंदबाज रेणुका सिंह को आराम दिया गया है। हरमनप्रीत और रेणुका की गैर मौजूदगी में हरलीन देयोल, प्रतीका रावल और जेमिमा रौड्रिग्स पर रन बनाने की जिम्मेदारी होगी। देयोल ने वनडे श्रृंखला में 160 रन बनाये जबकि रावल ने 134 और जेमिमा ने 112 रन का योगदान दिया। गेंदबाजी में रेणुका की कमी खलेगी जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ दस विकेट लिये थे। अब नई गेंदबाज टिटास साधू और साइमा ठाकोर पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। वनडे में तीन और टी20 में 13 विकेट ले चुकी साधू पर शुरूआती विकेट लेने की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी रफ्तार और स्विंग से प्रभावित किया है। वहीं साइमा ने अब तक आठ वनडे में सात विकेट लिये हैं। आफ स्पिनर और उपकप्तान दीप्ति शर्मा की भूमिका भी अहम होगी जिसने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में 31 रन देकर छह विकेट लिये। उनका साथ देने के लिये प्रिया मिश्रा और तनुजा कंवर होंगी। हरफनमौला राघवी बिष्ट और सयाली सतघारे को भी टीम में जगह दी गई है जो इस मौके को भुनाना चाहेंगी। दूसरी ओर गैरी लुईस की कप्तानी वाली आयरलैंड टीम के लिये भारत की चुनौती कठिन होगी। आयरलैंड टीम ने अब तक 12 वनडे में एक भी बार भारत को नहीं हराया है। आखिरी बार दोनों टीमों का सामना 2023 टी20 विश्व कप में हुआ था जब भारत ने पांच रन से जीत दर्ज की थी। टीमें : भारत : स्मृति मंधाना (कप्तान), दीप्ति शर्मा, प्रतीका रावल, हरलीन देयोल, जेमिमा रौड्रिग्स, उमा छेत्री, रिचा घोष, तेजल हसंबिस, राघवी बिष्ट, मिन्नू मनी, प्रिया मिश्रा, तनुजा कंवर, टिटास साधू, साइमा ठाकोर, सयाली सतघारे। आयरलैंड : गैबी लुईस (कप्तान), एवा केनिंग, क्रिस्टिना रीली, अलाना डालजेल, लौरा डेलानी, जॉर्जिना डेंपसे, सारा फोर्ब्स, अर्लेने केली, जोआना लोगरान, एमी मागिरे, लीह पॉल, ओर्ला प्रेंडेरगास्ट, उना रेमंड होए, फ्रेया सार्जंट, रेबेका स्टोकेल।  

रिपोर्ट : नागालैंड में एचआईवी/एड्स की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक पाया गया

कोहिमा राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 में कहा गया है कि नागालैंड में 15 से 49 साल के उम्र के लोगों में एचआईवी/एड्स की दर 1.36 प्रतिशत है, जो पूरे देश में 0.2 प्रतिशत की दर से काफी ज्यादा है। आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार सामान्य आबादी में एचआईवी/एड्स की दर 1.61 प्रतिशत है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि नागालैंड में 2006 से 2023 तक लगभग 16 लाख रक्त नमूनों की जांच के बाद कुल 33,396 व्यक्ति एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। 2023-24 के दौरान परीक्षण किए गये कुल रक्त नमूनों में से 1.17 प्रतिशत एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। इसके अलावा, एचआईवी पॉजिटिव पाए गए 14.83 प्रतिशत मरीजों का उपचार चल रहा है। वर्ष 2023-24 के दौरान 14 वर्ष से कम आयु के जिन बच्चों के रक्त की जांच की गई, उनमें से 2.06 प्रतिशत बच्चे एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि 14 वर्ष से कम आयु के एचआईवी पॉजिटिव बच्चों में 53.70 प्रतिशत लड़के और 46.30 प्रतिशत लड़कियां थीं। अक्टूबर 2007 से नवंबर 2023 तक 14 वर्ष से कम आयु के कुल 1,385 बच्चे (2,099 प्रतिशत) एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में बताया गया है कि एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी सेंटर (एआरटीसी) में कुल 26,419 एचआईवी पॉजिटिव मरीज रजिस्टर्ड थे। इनमें से 21,110 एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) पर थे जबकि एआरटी पर कुल 3,116 मरीजों की मौत हो गई। इसमें यह भी बताया गया है कि एचआईवी पॉजिटिव कुल 6,205 पुरुष, 6,332 महिलाएं, 12 ट्रांसजेंडर/ट्रांससेक्सुअल व्यक्ति, तथा 370 लड़कियों सहित 748 बच्चे एआरटी पर हैं। हाल ही में जारी भारत एचआईवी अनुमान 2023 रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2.5 मिलियन से अधिक लोग एचआईवी से प्रभावित हैं। वयस्कों में एचआईवी का प्रसार 0.2 प्रतिशत पर है और अनुमानित वार्षिक नए एचआईवी संक्रमणों की संख्याो लगभग 66,400 हैं। वर्ष 2010 से अब तक नए वार्षिक एचआईवी संक्रमणों में 44 प्रतिशत की कमी आई है, जो वैश्विक कमी दर 39 प्रतिशत से अधिक है।  

प्रवेश वर्मा पर आरोपों की बौछार करते हुए केजरीवाल ने मांग की कि प्रवेश वर्मा को चुनाव लड़ने से रोक दिया जाए

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को चुनाव आयोग जाकर अपने खिलाफ लड़ रहे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार प्रवेश वर्मा की शिकायत की। दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी और पंजाब के सीएम भगवंत मान के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त से मिले केजरीवाल ने कहा कि उनकी सीट पर बहुत बड़ा स्कैम चल रहा है। प्रवेश वर्मा पर आरोपों की बौछार करते हुए केजरीवाल ने मांग की कि प्रवेश वर्मा को चुनाव लड़ने से रोक दिया जाए। ‘आप’ के मुखिया ने कहा कि कई तरह से वोटर्स को प्रभावित किया जा रहा है और यूपी-बिहार से लोगों को लाकर फर्जी वोट बनवाए जा रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा, ‘नई दिल्ली सीट पर 22 दिन में साढ़े पांच वोट कटाने के आवेदन आ गए हैं। जिन 89 लोगों के नाम से वोट काटने के आवेदन लगाए गए उनमें से सामने आए 18 लोगों ने कह दिया कि उन्होंने आवेदन नहीं किया है। इसका मतलब है कि बहुत बड़े स्केल पर स्कैम चल रहा है, फ्रॉड चल रहा है। कल तक 13 हजार नए वोट बनाने के लिए आवेदन कहां से आ गए, पिछले 15 दिन में। जाहिर तौर पर यूपी-बिहार, आसपास के राज्यों से लोगों को लाकर फर्जी वोट बनवाए जा रहे हैं। साढ़े 18 पर्सेंट वोट यदि इधर से उधर कर दी जाएंगी तो फिर चुनाव थोड़ी है, नाटक है, तमाशा है।’

आस्ट्रेलियाई ओपन के पहले दौर में माचाक से होगा सुमित नागल का सामना

मेलबर्न भारत के चोटी के एकल टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल का सामना रविवार से शुरू हो रहे आस्ट्रेलियाई ओपन के पहले दौर में चेक गणराज्य के थॉमस माचाक से होगा। 27 वर्ष के नागल फिलहाल एटीपी रैंकिंग में 96वें स्थान पर हैं। उन्होंने शीर्ष 104 खिलाड़ियों में होने की वजह से सत्र के पहले ग्रैंडस्लैम के मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई है। हरियाणा के इस खिलाड़ी ने पिछले साल आस्ट्रेलियाई ओपन के पहले दौर में 27वीं रैंकिंग वाले कजाखस्तान के अलेक्जेंडर बुबलिक को हराया था लेकिन अगले दौर में चीन के जुनचेंग शांग से हार गए। वह आस्ट्रेलियाई ओपन की तैयारी के लिये अहम माने जाने वाले आकलैंड एएसबी क्लासिक में अमेरिका के एलेक्स मिचेलसेन से पहले ही दौर में हार गए थे।  नागल डेविस कप खेलने से इनकार के कारण हाल ही में चर्चा में रहे थे।  

जनजातीय कल्याण कार्यक्रम क्रियान्वयन का लक्ष्य अन्त्योदय हो : राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजातीय कल्याण कार्यक्रम क्रियान्वयन में अन्त्योदय का लक्ष्य रहें। जनजातीय समुदाय की सबसे पिछड़ी जनजाति, उसमें सबसे पिछड़े परिवार को हितलाभ देने में प्राथमिकता दी जाए। राज्यपाल श्री पटेल ने गुरुवार को पशुपालन, उच्च शिक्षा, वन और जनजातीय कार्य विभाग की क्रमिक रुप से राजभवन में समीक्षा की। बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। राज्यपाल द्वारा जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा राज्यपाल श्री पटेल ने जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा में कहा कि प्रधानमंत्री की पहल जनमन कार्यक्रम जनजातीय समुदायों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का अभूतपूर्व प्रयास है। जनजातीय परिवार को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का दुर्लभ अवसर है। आवश्यकता संवेदनशीलता के साथ लक्ष्य बनाकर समर्पित भाव से कार्य करने की है। उन्होंने कहा कि जनमन के तहत बनी कार्य-योजना के कार्य समय पर पूरे हों और उनकी गुणवत्ता उत्कृष्ट हो। उन्होंने सिकल सेल के संबंध में चर्चा के दौरान कन्या छात्रावास के रक्त परीक्षण में 78 प्रतिशत लड़कियों में रक्त अल्पता मिलने की जानकारी देते हुए, छात्रावासों में पौष्टिक भोजन के अनुसार मेन्यू तैयार करने की जरूरत बताई। उन्होंने जनमन के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल वैन में सिकल सेल जांच और सिकल सेल औषधियों के वितरण की व्यवस्था किए जाने के लिए कहा है। जनजातीय विकासखण्डों के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के परिसर में जन औषधि केन्द्र खोलने और केन्द्र संचालन की पात्रता पूरी करने वाले जनजातीय युवाओं को नियुक्त करने के लिए कहा है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने जनजातीय छात्रावासों के रहवासियों को हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने की बात कही है। बैठक में प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा उपस्थित थे।                                                राज्यपाल द्वारा पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा राज्यपाल श्री पटेल ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य पी.वी.टी.जी. जनजातियों को सतत आजीविका उपलब्ध कराना है। जरूरी है कि योजना में अति गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी जाए। योजना राज्य सरकार के कार्यक्रम के रूप में पृथक से ही संचालित की जाए। किसी अन्य योजना अथवा कार्यक्रम में समावेशन नहीं किया जाए। राज्यपाल को बताया गया कि राजभवन के निर्देशानुसार जनसंख्या के अनुपात में लक्ष्यों का निर्धारण किया गया है। बैगा जनजाति के 30, सहरिया जनजाति के 374 और भारिया जनजाति के 30 हितग्राही परिवारों को 2-2 दुधारू पशुओं से लाभान्वित किया जा रहा है। पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल और प्रमुख सचिव पशुपालन श्री उमाकांत उमराव भी उपस्थित थे। राज्यपाल द्वारा उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा राज्यपाल श्री पटेल ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा में जनजाति प्रतिभाओं के टैलेंट पूल के ऑन एवं ऑफ लाइन सम्मेलनों के आयोजनों की जरूरत बताई है। जनजाति कल्याण योजनाओं केन्द्र सरकार के पोर्टल के साथ विभाग को संबंद्ध होने के लिए कहा है, जिससे योजनाओं के दोहरे लाभ की समस्या उत्पन्न नहीं हो। उन्होंने कहा कि जनजातीय आबादी के मान से विभागीय बजट के प्रावधान के संबंध में विचार किया जाना चाहिए। विभाग द्वारा जनजातीय युवाओं की खेल प्रतिभा और अभिरुचि के अनुसार केन्द्र सरकार के खेल प्राधिकरण के साथ समन्वय से किसी एक खेल को चयनित कर प्रोत्साहन का प्रयास समग्रता के साथ किया जाए। उन्होंने जनजातीय पदों के बैकलॉग के संबंध में भी चर्चा की। उच्च शिक्षा विभाग से अपेक्षा की है कि वह बैकलॉग के स्वरूप और पदों की पूर्ति में होने वाली समस्याओं को चिन्हांकित करें। पदों की पूर्ति के लिए योग्य जनजाति उम्मीदवारों की उपलब्धता कराने के प्रयासों का नेतृत्व करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत बरबड़े उपस्थित थे। राज्यपाल ने की वन विभाग के कार्यों की समीक्षा राज्यपाल श्री पटेल ने वन विभाग की समीक्षा में विभाग के अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सामुदायिक वन अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष पहल करें। आवश्यकता होने पर मानव संसाधनों की उपलब्धता के संबंध में विचार किया जाना चाहिए। राज्यपाल को बताया गया कि वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे देने के प्रावधानों को सरलीकृत किया गया है। विभागीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार पट्टाधारियों को वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे देने की कार्रवाई प्रचलित है। अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल उपस्थित थे।  

सीएम ने मृतक बच्चियों के परिजन को चार-चार लाख और घायल बच्ची को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए

भोपाल/दमोह मध्य प्रदेश के दमोह जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जिसमें मासूम बेटियों के जिंदा जलने की घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख जाहिर किया है। सीएम ने दमोह कलेक्टर को पीड़ित परिवार के सहयोग और तीसरी घायल बच्ची के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। सीएम ने मृतक बच्चियों के परिजन को चार-चार लाख और घायल बच्ची को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया कि तीसरी बच्ची को जबलपुर रेफर किया गया है और डॉक्टर और प्रशासन की टीम भी भेजी गई है ताकि उसे अच्छा इलाज मिल सके। बता दें कि यह पूरा मामला जिले के हटा ब्लाक के ग्राम बरोदा कला का है जहां खेत मे बनी झोपड़ी में आग लगने की वजह से ये हादसा हुआ है। दरअसल बरोदा में एक खेत मे सागर जिले के आदिवासी मजदूर गोविंद आदिवासी और उनकी पत्नी खेत मे काम कर रही थी जबकि उनकी तीन बेटियां 3 साल की कीर्ति, 4 साल जान्हवी, और 5 महीने हीर, खेत मे बनी झोपड़ी में थी। अचानक झोपड़ी से आग की लपटें निकलते देख बच्चियो के माता पिता और दूसरे लोग दौड़े लेकिन जब तक वो वहां पहुंचते आग ने विकराल रूप ले लिया और तीनों बहिने बुरी तरह जल गई। जाँच में जुटी पुलिस पीड़ित परिवार तीनो को लेकर हटा के सिविल अस्पताल पहुंचा जहां उपचार के बाद उन्हें दमोह रेफर किया गया। जिला अस्पताल में दो मासूमो 4 साल की जान्हवी और 5 महीने की हीर ने दम तोड़ दिया है वहीं तीसरी जिंदगी की जंग लड़ रही है। प्राथमिक तौर पर झोपड़ी में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हटा पुलिस मौके पर है और जाँच में जुटी है। सीएम ने जताया दुःख, सहायता राशि की घोषणा मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा कि दमोह जिले के ग्राम बरोदा कला में एक मजदूर परिवार की झोपड़ी में आग लगने की वजह से आग की चपेट में आकर एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियों के असमय काल कवलित होने एवं एक बच्ची के गंभीर रूप से जलने का समाचार हृदय विदारक है। दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। शासन की ओर से मृतकों बच्चियों के परिजनों के लिए ₹4-4 लाख और गंभीर घायल बच्ची हेतु नियमानुसार आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। परमपिता परमात्मा से प्रार्थना है कि दिवंगत बच्चियों की पुण्यात्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करें।  

विद्यार्थियों को सही शिक्षा और संस्कार ही श्रेष्ठ नागरिक बनाते हैं: कमिश्नर

रीवा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम बेहतर करने के लिए रीवा और मऊगंज जिले में आपरेशन निखार चलाया जा रहा है। इसके तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के सभागार में किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि रीवा जिले में माड़ौ स्कूल में परीक्षा परिणाम जब शत-प्रतिशत हो सकता है तो अन्य स्कूलों में क्यों नहीं है। सभी प्राचार्य विद्यार्थियों को सही रणनीति बनाकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कराएं। विद्यार्थियों की कमजोरी का परिमार्जन करने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाएं। प्राचार्य बेहतर परीक्षा परिणाम प्राप्त करने के लिए लगन और समर्पण से प्रयास करें। बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए सतत प्रयास करें। कमिश्नर ने कहा कि शिक्षा विकास की कुंजी है। शिक्षक विद्यार्थियों को सही शिक्षा और अच्छे संस्कार देंगे तभी वे श्रेष्ठ नागरिक बनेंगे। प्राचार्य और शिक्षक विद्यार्थियों से आत्मीय संबंध बनाकर उनकी कमियों को दूर करने का प्रयास करें। स्कूल में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति और नियमित कक्षाओं का संचालन होगा तो परिणाम बेहतर आएंगे। विद्यार्थियों को गत तीन वर्ष के प्रश्नपत्रों और बोर्ड से प्राप्त मॉडल प्रश्नपत्र का लगातार अभ्यास कराएं। स्कूल में ज्ञान दान देने के साथ खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा अन्य रोचक कार्यक्रम आयोजित कर इसका वातावरण ऐसा बनाएं कि हर विद्यार्थी स्कूल जाने के लिए लालायित रहे। कमिश्नर ने कहा कि विद्यार्थी के कॅरियर और जीवन दोनों को सही दिशा देने के लिए उनका उचित मार्गदर्शन करें। विद्यार्थियों में ज्ञान और शिक्षा का विकास होने पर ही आत्मविश्वास का भाव पैदा होगा। विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। इस भावी पीढ़ी को दिशा देने और गढ़ने की जिम्मेदारी शिक्षकों की है। आप सब लगन के साथ विद्यार्थियों को जब शिक्षा देंगे तो आपके मन में जो आत्मसंतोष का भाव और अभिभावकों के मन में सम्मान होगा वही सबसे बड़ा पुरस्कार है। स्कूलों के साथ-साथ छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार तथा पठन-पाठन की बेहतर व्यवस्था के लिए भी प्राचार्य निरंतर प्रयास करें। कार्यशाला में कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव ने कहा कि कमिश्नर सर के मार्गदर्शन में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए अभिनव प्रयास किया जा रहा है। बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम जब अच्छे आते हैं तो हम सबका सर ऊंचा होता है। जिन स्कूलों के परिणाम संतोषजनक नहीं हैं उनके प्राचार्य कमियों का मंथन करें। बोर्ड परीक्षाओं के लिए बहुत अधिक समय नहीं बचा है। अभी भी हम प्रयास करेंगे तो परिणाम बेहतर आएंगे। अच्छे परिणाम देने वाले प्राचार्यों को सम्मानित किया जाएगा। स्कूल के जो अच्छे विद्यार्थी हैं उन्हें प्रदेश की मैरिट सूची में स्थान बनाने के लिए प्रेरित करें। अगले शिक्षा सत्र के शुरू होते ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और परीक्षा परिणाम बेहतर करने के प्रयास शुरू कर दें। कार्यशाला में संयुक्त संचालक शिक्षा केपी तिवारी ने आपरेशन निखार की जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्मार्ट कक्षाओं में गुणी शिक्षकों के लगातार लेक्चर विद्यार्थियों को सुनाए जाते हैं। मॉडल प्रश्नपत्र तथा टिप्स एण्ड ट्रिक्स का भी लगातार अभ्यास कराया जा रहा है। कार्यशाला में माखनलाल चतर्वेदी विश्वविद्यालय के संचालक डॉ संदीप भट्ट ने कॅरियर मार्गदर्शन के संबंध में उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी के कॅरियर की प्लानिंग कक्षा 8वीं के बाद करनी चाहिए। उसी के अनुरूप उसे विषयों का चयन करना चाहिए। कार्यशाला में रीवा और मऊगंज जिले में कक्षा 10वीं और 12वीं में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले स्कूलों के प्राचार्यों को सम्मानित किया गया। कार्यशाला में सीएम राइज पीके स्कूल रीवा के प्राचार्य वरूणेन्द्र सिंह ने बोर्ड परीक्षा परिणामों का विकासखण्डवार विश्लेषण प्रस्तुत किया। कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी सुदामालाल गुप्ता तथा तीन सौ प्राचार्य एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी शामिल हुए।

MP में ठंड ने बरपाया कहर, भोपाल, राजगढ़ और पचमढ़ी समेत कई जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. पारा लगातार गोते लगा रहा है. भोपाल, राजगढ़ और पचमढ़ी समेत कई जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. कोहरे की वजह से दिन में भी वाहन चालकों को लाइट का सहारा लेना पड़ रहा है. प्रदेश में सबसे ठंडा पंचमढ़ी रहा. पंचमढ़ी में तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया. मौसम विभाग की तरफ से जारी अपडेट के मुताबिक पंचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. भोपाल में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. राजगढ़ का न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बैतूल में 6.7 डिग्री सेल्सियस, धार में 5.8 डिग्री सेल्सियस, गुना में 5.4 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में 6.6 डिग्री सेल्सियस, नर्मदापुरम में 9.4 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 6.6 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में 10 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तपामान रिकॉर्ड किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक रायसेन में 5.1 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में 5.8 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 6 डिग्री सेल्सियस, छिंदवाड़ा में 5.6 डिग्री सेल्सियस, उमरिया में 5.5 डिग्री सेल्सियस, टीकमगढ़ में 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ है. इन जिलों के मौसम का जानें हाल मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि अभी लोगों को भीषण ठंड से निजात नहीं मिलने वाली है. तापमान में गिरावट का दौर जारी रहने वाला है. राजगढ़ में भी रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ रही है. हालांकि कुछ जिलों का पारा दो डिजिट में रहा. सीधी में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा देखने को मिला है. रीवा और खजुराहो में मौसम साफ है. अधिकतम तापमान खंडवा में रिकॉर्ड किया गया. 28.5 डिग्री सेल्सियस तापमान से खंडवा में गर्मी का असर देखा जा रहा है. बैतूल में 23, भोपाल में 21, गुना में 21, इंदौर में 22, खरगोन में 26 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा. रायसेन में 23, रतलाम में 22.5, उज्जैन में 22, दमोह में 22, जबलपुर में 21, खजुराहो में 20, उमरिया में 21, टीकमगढ़ में 20, सीधी में 21, सतना में 19, रीवा में 18 और मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, सागर में 23 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ है.

हॉट डॉग के नॉर्थ कोरिया के लोग दिवाने हो रहे हैं, इस बीच वहां के तानाशाह किम जोंग-उन ने हॉट डॉग को देश में बैन किया

नई दिल्ली इनदिनों अमेरिका के फेमस स्ट्रीट फूड हॉट डॉग के नॉर्थ कोरिया के लोग दिवाने हो रहे हैं. पिछले कुछ सालों से ये स्ट्रीट फूड वहां काफी लोकप्रिय हुआ है. इसी बीच वहां के तानाशाह ने किम जोंग-उन ने हॉट डॉग को देश में बैन कर दिया. इसके पीछे की जो वजह बताई, वो भी काफी मजेदार है. उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन ने देश में हॉट डॉग खाने और बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसे पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव को खत्म करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है. अब, अगर कोई व्यक्ति हॉट डॉग पकाते या बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे देश के कुख्यात श्रम शिविरों में सजा भुगतनी पड़ सकती है. हॉट डॉग पर प्रतिबंध क्यों? कहा जा रहा है कि यह प्रतिबंध दक्षिण कोरिया से प्रेरित अमेरिकी व्यंजन ‘बुदाए-जिगे’ के बढ़ते चलन के कारण लगाया गया है. बुदाए जिगे को यहां ‘आर्मी बेस स्टू’ भी कहा जाता है. इसमें हॉट डॉग और स्पैम जैसे मांस शामिल होते हैं. ये एक तरह से हॉट डॉग ही है. 1950 में कोरियाई युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिकों द्वारा छोड़े गए मांस का उपयोग इसे बनाया जाता था. स्ट्रीट वेंडरों को चेतावनी उत्तर कोरिया में यह व्यंजन 2017 के आसपास लोकप्रिय होना शुरू हुआ. लेकिन अब इसे ‘पूंजीवादी संस्कृति’ का प्रतीक मानते हुए इसे पूरी तरह से बैन कर दिया गया है.उत्तर कोरिया के उत्तरी प्रांत रयांगगांग के एक विक्रेता ने बताया कि बाजार में बुदाए-जिगे बेचना बंद हो चुका है. अधिकारियों ने घोषणा की है कि अगर कोई इस फूड आयटक को बेचते हुए पकड़ा गया, तो उसकी दुकान को बंद कर दी जाएगी. यहां तलाक पर भी सख्ती इसके अलावा, उत्तर कोरिया में तलाक लेने वालों पर भी सख्त कार्रवाई हो रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, तलाक को सरकार ‘विरोधी समाजवादी कृत्य’ मानती है और किसी भी कानूनी तलाक को सरकार की स्वीकृति की आवश्यकता होती है.तलाक लेने वालों को एक से छह महीने तक श्रम शिविर में भेजा जा रहा है. महिला तलाकशुदाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक कठोर सजा दी जा रही है. दक्षिण प्योंगन प्रांत की एक तलाकशुदा महिला ने बताया कि श्रम शिविर में लगभग 80 महिलाएं और 40 पुरुष कैद हैं. इनमें से करीब 30 पुरुष और महिलाएं तलाक के कारण सजा भुगत रहे हैं. महिलाओं को पुरुषों से अधिक लंबी सजा दी जा रही है. देश में लागू हैं कई कठोर नीतियां और प्रतिबंध उत्तर कोरिया में पश्चिमी और दक्षिण कोरियाई संस्कृति के प्रभाव को रोकने के लिए कई कठोर कदम उठाए गए हैं. इन कदमों में पारंपरिक व्यंजनों और रीति-रिवाजों को बढ़ावा देने और बाहरी प्रभावों पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है. विशेषज्ञ मानते हैं कि इन प्रतिबंधों का मकसद जनता पर नियंत्रण बनाए रखना और विदेशी संस्कृति के प्रवेश को रोकना है. यह उत्तर कोरियाई सरकार की कठोर नीतियों का एक और उदाहरण है.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet