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हिमाचल प्रदेश में आज और कल बारिश-बर्फबारी, शीतलहर और कोहरे का अलर्ट जारी, बादल एक बार फिर बरसने को तैयार

शिमला हिमाचल प्रदेश में बादल एक बार फिर बरसने को तैयार है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य भर में आज और कल बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। 11 जनवरी को राज्य के कई हिस्सों में अंधड़ और बिजली गिरने की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 12 जनवरी को कुछ इलाकों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस सीजन की चौथी बर्फबारी होगी। इससे तापमान में भारी गिरावट होगी और शीतलहर का कहर और तेज होगा। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फिर जमेगी बर्फ की चादर राजधानी शिमला से सटे पर्यटन स्थलों कुफरी, नारकंडा और अन्य ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में इस सीजन में पहले भी बर्फबारी हो चुकी है। बीते पांच और छह जनवरी को हुई बर्फबारी के बाद इन इलाकों में बर्फ की मोटी चादर जमी थी। अब 11 व 12 जनवरी की बर्फबारी से इन इलाकों में सैलानियों को फिर बर्फ़बारी का नज़ारा देखने को मिलेगा। 13 से 16 जनवरी तक साफ रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार 13 जनवरी से राज्य में मौसम साफ रहेगा। चार दिन यानी 16 जनवरी तक बारिश और बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है। इसके बावजूद बारिश और बर्फबारी के बाद बढ़ी ठंड और शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मैदानी इलाकों में कोहरे का कहर राज्य के मैदानी इलाकों में कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांगड़ा, बिलासपुर, ऊना और मंडी में शुक्रवार की सुबह घने कोहरे के चलते विजिबिलिटी 50 मीटर तक कम हो गई है। कांगड़ा जिला के देहरा गोपीपुर, बिलासपुर और ऊना में कोहरे का असर सबसे ज्यादा है। इस कारण सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को सात जगह पारा शून्य से नीचे राज्य भर में ठंड का कहर जारी है। शुक्रवार को सात जगह न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के ताबो में सबसे अधिक ठंड पड़ी जहां पारा -11.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इसके अलावा कुकुमसेरी में -10.2 डिग्री, समधो में -7.6 डिग्री, कल्पा में -1.6 डिग्री, भुंतर में -0.6 डिग्री, बजुआरा व सियोबाग में -0.3 डिग्री, मनाली में 0.2 डिग्री, सुंदरनगर में 1.5 डिग्री और शिमला में 6.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। शीतलहर ने बढ़ाई ठिठुरन राज्य के मैदानी इलाकों में भी ठंड का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। ऊना, हमीरपुर, बरठीं और मंडी में ठंड के कारण जनजीवन प्रभावित है। सुबह और शाम के समय सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। शिमला और मनाली में धूप खिलने से सुहावना हुआ मौसम शुक्रवार को शिमला और मनाली जैसे पर्यटन स्थलों पर सुबह खिली धूप ने मौसम को सुहावना बना दिया। हालांकि ठंड का असर यहां भी बरकरार है। शिमला और मनाली में आने वाले पर्यटक दिन के समय धूप का आनंद ले रहे हैं।  

अमेरिकी कंपनी ‘टी स्पेसमोबाइल’ के संचार उपग्रह को प्रक्षेपित करेगा इसरो

नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का एलवीएम3 रॉकेट मार्च में अमेरिकी कंपनी ‘टी स्पेसमोबाइल’ के संचार उपग्रह को प्रक्षेपित करेगा, जो स्मार्टफोन पर अंतरिक्ष आधारित सेलुलर ब्रॉडबैंड नेटवर्क सेवाएं प्रदान करने की योजना बना रहा है। यहां जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘मार्च के लिए निर्धारित वाणिज्यिक एलवीएम3-एम5 मिशन, अमेरिका की ‘टी स्पेसमोबाइल’ के साथ अनुबंध के तहत ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रहों को तैनात करेगा।’’ यह बयान विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अंतरिक्ष विभाग के कामकाज की समीक्षा के बाद आया है, जिसमें इसरो के निवर्तमान अध्यक्ष एस सोमनाथ, उनके उत्तराधिकारी वी नारायणन और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (आईएन-स्पेस) के अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका शामिल थे। नारायणन 14 जनवरी को सोमनाथ का स्थान लेंगे। उन्होंने बैठक के दौरान इसरो के वैश्विक विस्तार के लिए एक रणनीतिक खाका तैयार किया। बयान में कहा गया है कि नासा-इसरो का संयुक्त उपग्रह – निसार – और नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-02 फरवरी में जीएसएलवी रॉकेट के दो अलग-अलग मिशनों के जरिए प्रक्षेपित किए जाएंगे। ‘गगनयान’ के तहत पहले ‘मानवरहित’ कक्षीय मिशन समेत महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के साथ, भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण प्रयास अभूतपूर्व उपलब्धियों के लिए तैयार हैं। इसरो ने तकनीकी कौशल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करने वाले महत्वपूर्ण मिशनों की योजना बनाई है, जिसमें गगनयान के मानवरहित कक्षीय परीक्षण मिशन का प्रक्षेपण भी शामिल है। बयान में कहा गया है, ‘‘यह महत्वपूर्ण प्रयास भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिसका लक्ष्य चालक दल की सुरक्षा और पुनर्प्राप्ति के लिए प्रणालियों का परीक्षण तथा उन्हें मान्य करना है।’’ इसके अलावा, आने वाले महीनों में दो जीएसएलवी मिशन, एलवीएम3 का वाणिज्यिक प्रक्षेपण और निसार (एनआईएसएआर) उपग्रह पर बहुप्रतीक्षित इसरो-नासा सहयोग निर्धारित है। सिंह ने नवाचार को बढ़ावा देने में इसरो की प्रगति की सराहना की। उन्होंने देश की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा देने में सार्वजनिक-निजी सहयोग के महत्व पर बल दिया।  

आईएमडी के 150 साल पूरे होने पर आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए ‘अविभाजित भारत’ से मेहमानों को किया आमंत्रित

नई दिल्ली सरकार ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए अविभाजित भारत का हिस्सा रहे पाकिस्तान समेत सभी देशों के अधिकारियों को आमंत्रित किया है। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, म्यांमा, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, श्रीलंका और नेपाल के अधिकारियों को समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। पश्चिम एशिया और दक्षिण-पश्चिम एशिया के प्रतिनिधि भी अतिथि सूची में हैं। आईएमडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया ‘‘हम चाहते थे कि आईएमडी की स्थापना के समय अविभाजित भारत का हिस्सा रहे सभी देशों के अधिकारी समारोह का हिस्सा बनें।’’ पाकिस्तान ने अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है, लेकिन आईएमडी को अभी भी बांग्लादेश की प्रतिक्रिया का इंतजार है। समारोह को यादगार बनाने के लिए वित्त मंत्रालय ने 150 रुपये के विशेष स्मारक सिक्के को मंजूरी दी है। मैराथन से लेकर प्रदर्शनियों, कार्यशालाओं से लेकर ओलंपियाड तक, विभिन्न उत्सव भारत के मौसम की तरह ही जीवंत होने की उम्मीद है। पहली बार, आईएमडी गणतंत्र दिवस परेड में अपनी खुद की झांकी प्रदर्शित करेगा। ब्रिटिश काल के दौरान 1875 में स्थापित आईएमडी के 15 जनवरी को 150 वर्ष पूरे हो जाएंगे। इसकी स्थापना 1864 में कलकत्ता में आए चक्रवात और 1866 और 1871 में मानसून की लगातार विफलता के बाद हुई थी। कभी एक सामान्य ढांचे के रूप में शुरू हुआ यह संस्थान आज मौसम पूर्वानुमान, संचार और वैज्ञानिक नवाचार का केंद्र बन गया है। टेलीग्राम के दौर में, आईएमडी पुराने तरीके से मौसम की चेतावनी भेजता था। बाद में, यह एक तकनीकी कौशल युक्त प्रमुख संस्थान बन गया, जिसने वैश्विक डेटा आदान-प्रदान के लिए भारत का पहला संदेश-स्विचिंग कंप्यूटर और मौसम विज्ञान अनुसंधान के लिए सबसे शुरुआती इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटरों में से एक पेश किया। भारत ने चौबीसों घंटे मौसम की निगरानी और चक्रवात संबंधी सतर्कता के लिए अपना स्वयं का भूस्थिर उपग्रह, आईएनएसएटी प्रक्षेपति करने वाला पहला विकासशील देश बनकर इतिहास भी रच दिया।  

बीजेपी दुष्प्रचार करने में लगी है. दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी अरविंद केजरीवाल की टॉयलेट में फंसी हुई है: संजय सिंह

नई दिल्ली दिल्ली में चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही सियासी घमासान तेज हो गया. इसी बीच आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है. संजय सिंह बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी अरविंद केजरीवाल की टॉयलेट के बाहर नहीं निकल पा रही है. एक चैनल से बातचीत में संजय सिंह ने कहा, हम लोग पार्टी के चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं. हमारे कार्यकर्ता सबसे पहले जमीन पर उतरे. उन्होंने हमारी योजनाओं को घर-घर जाकर बताया. दो बड़ी घोषणाएं जो लागू होने वाली हैं… महिला सम्मान राशि 2100 और बुजुर्गों के इलाज का पूरा इंतजाम. हम अपनी योजनाओं की बात कर रहे हैं. दुष्प्रचार में फंसी बीजेपी- संजय सिंह उन्होंने कहा, भारतीय जनता पार्टी दुष्प्रचार करने में लगी है. दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी अरविंद केजरीवाल की टॉयलेट में फंसी हुई है. वे केजरीवाल की टॉयलेट से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. कभी कह रहे हैं सोने की सीट है. कभी कह रहे हैं स्वमिंग पूल है. कभी कहते हैं मिनी बार है. ये तो बताओ दिल्ली में करोगे क्या. इसकी चर्चा के लिए वे तैयार नहीं है. आप सांसद संजय सिंह से जब फर्जी वोटर से जुड़े आरोपों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 89 लोगों ने करीब 4800 लोगों के नाम कटवाने के लिए चुनाव आयोग में अर्जी दी. जब हमने चुनाव आयोग से इन ऑब्जेक्टर को बुलाने के लिए कहा. तो खुद चुनाव के अधिकारियों ने ऑब्जेक्ट्स को बुलाया. कई नोटिस के बाद उसमें से 18 लोग आए बाकी लोग आए भी नहीं और 18 के 18 लोगों ने कहा हमने तो इनका नाम कटवाने के लिए कोई एप्लीकेशन नहीं दी. ये इतना बड़ा फ्रॉड चल रहा है. 15 दिन में अचानक 13 हजार नए वोट आ गए.

जम्मू-कश्मीर में शीतलहर जारी, श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 4.3 और पहलगाम में 10 डिग्री तक पहुंचा

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में शीतलहर जारी है और शुक्रवार को श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 4.3 और पहलगाम में माइनस 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में शीतलहर जारी है और रात में आसमान साफ रहने के कारण न्यूनतम तापमान में और गिरावट आ सकती है। शुक्रवार को श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 4.3 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग में माइनस 8.1 डिग्री सेल्सियस और पहलगाम में माइनस 10 डिग्री सेल्सियस रहा। जम्मू शहर में रात का न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस, कटरा शहर में 6.1 डिग्री सेल्सियस, बटोत में 3 डिग्री सेल्सियस, बनिहाल में 4.9 डिग्री सेल्सियस और भद्रवाह में शून्य डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग की तरफ से जारी की गई जानकारी के मुताबिक 10 जनवरी को शाम/रात में बादल छाए रहने के साथ मौसम आमतौर पर शुष्क रहेगा। 11 जनवरी को जम्मू के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश के साथ आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और जम्मू संभाग तथा कश्मीर संभाग के कुछ ऊंचे इलाकों में बर्फबारी होगी। 12 से 14 जनवरी को मौसम आम तौर पर शुष्क रहेगा। 15 से 16 जनवरी को आम तौर पर बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर हल्की बर्फबारी होगी। विभाग के अनुसार कुछ जगहों पर शीतलहर चलेगी। स्थानीय तौर पर ‘चिल्लई कलां’ के नाम से जानी जाने वाली 40 दिनों की भीषण सर्दी की अवधि 21 दिसंबर से शुरू हुई और 30 जनवरी को समाप्त होगी। घाटी में झीलों, नदियों, तालाबों और कुओं सहित अधिकांश जल निकाय आंशिक रूप से जम गए हैं। सुबह के कोहरे और ठंड ने घाटी में पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही को बहुत सीमित कर दिया है। फिरन नामक एक ढीला ट्वीड ओवरगारमेंट और कांगडी नामक विलो विकर टोकरी में बुना हुआ मिट्टी का अग्निपात्र, लंबी सर्दियों के महीनों के दौरान घाटी में देखी जाने वाली दो पसंदीदा चीजें हैं। ऑफिस जाने वालों के लिए इसके डिज़ाइन के अनुरूप, दर्जी ने अलग-अलग डिज़ाइन और स्टाइल के फिरन बनाए हैं। नतीजतन सर्दियों के महीनों में पिछले कुछ सालों में पूरे देश में फेरन एक फैशनेबल परिधान बन गया है।  

मध्यप्रदेश में चल रही अग्निवीर भर्ती के दौरान तीन दिन में पकड़े गए 42 जालसाज अभ्यर्थी

ग्वालियर भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए चल रही शारीरिक परीक्षा में जालसाज अभ्यर्थी पकड़े गए हैं। तीन दिन में सेना के अधिकारियों ने दस्तावेज परीक्षण में 42 जालसाज अभ्यर्थियों को पकड़ा। इनमें से किसी ने आधार कार्ड, मार्कशीट में अपनी जन्मतिथि बदली तो किसी ने पता ही बदल डाला। यह खुलासा दस्तावेजों की जांच में हुआ। इसके बाद इनके दस्तावेज जब्त कर इन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। कॉलेज के मैदान में चल रही शारीरिक परीक्षा इन्हें सेना द्वारा ब्लैकलिस्ट भी कर दिया गया है, जिससे आगामी किसी भर्ती में यह फर्जीवाड़ा कर शामिल न हो सकें। सागर के इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज के मैदान पर छह जनवरी से शारीरिक परीक्षा चल रही है। छह, सात और आठ जनवरी को शारीरिक परीक्षा में उत्तीर्ण हुए अभ्यर्थियों को दस्तावेज परीक्षण के लिए भेजा गया। दस्तावेज परीक्षण एक दिन बाद हो पाता है। गुरुवार तक 42 ऐसे अभ्यर्थियों को पुलिस ने पकड़ा, जिन्होंने दस्तावेज में फर्जीवाड़ा किया। कुछ ने तो दस्तावेज ही फर्जी तैयार कराए। इन्हीं के आधार पर भर्ती में शामिल हो गए। शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण कर मेडिकल तक आधे ही पहुंच सके शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आधे अभ्यर्थी किसी न किसी वजह से अनफिट हो गए। आधे ही मेडिकल पूरा होने के बाद फिट पाए गए। इन्हें आगामी प्रक्रिया के लिए भेजा गया। पहले दिन शारीरिक परीक्षा 336 ने उत्तीर्ण की, फिट 156 पाए गए। जबकि दूसरे दिन 298 ने परीक्षा उत्तीर्ण की और 173 फिट पाए गए, तीसरे दिन 317 ने परीक्षा उत्तीर्ण की, इसमें से 180 फिट पाए गए। यह की हेराफेरी उप्र और राजस्थान के अभ्यर्थी पता बदलकर हुए शामिल सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए जो उम्र निर्धारित है, वह उम्र पूरी होने के बाद भी कुछ अभ्यर्थियों ने दस्तावेजों में जन्मतिथि में हेरफेर की और परीक्षा में शामिल हो गए। जब आधार कार्ड की जांच सेना द्वारा की गई तो यह फर्जीवाड़ा खुला। फर्जीवाड़े में कुछ ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल थे, जिन्होंने झूठा पता लिख दिया। यह लोग मूल रूप से उप्र और राजस्थान के रहने वाले थे। मप्र का पता डालकर परीक्षा में शामिल हो गए। यह भर्ती मध्यप्रदेश के ग्वालियर सहित दस जिलों के लिए थी। इसमें उप्र, राजस्थान तक के युवक फर्जीवाड़ा कर शामिल हुए। यह फर्जीवाड़ा जांच में पकड़ा गया। दलाल भी सक्रिय, सेना के अधिकारी बोले- सावधान रहें दलाल भी खूब सक्रिय हैं। यह लोग भर्ती स्थल से लेकर सेना भर्ती कार्यालय के आसपास भी घूमते रहते हैं। यह लोग परीक्षा में उत्तीर्ण कराने का झांसा देकर ठगते हैं। इस संबंध में सेना द्वारा एडवायजरी जारी की गई है। चौथा दिन : 1062 में से 389 अभ्यर्थी दौड़ में सफल गुरुवार को छतरपुर, मुरैना, सागर और टीकमगढ़ के 1062 अभ्यर्थियों ने शारीरिक परीक्षा में भाग लिया। इसमें से 389 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की।

बिजली उपभोक्ताओं को ई-केवायसी कराना अनिवार्य, अब तक 6 लाख 4 हजार से अधिक ने कराई ई-केवायसी

भोपाल राज्य शासन की लाभकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए बिजली उपभोक्ताओं को ई-केवायसी कराना अनिवार्य है। उपभोक्ताओं से कहा गया है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के “उपाय” ऐप के जरिए भी ई-केवायसी करा सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध उपाय ऐप डाउनलोड कर बिजली उपभोक्ता समग्र केवायसी में अपना उपभोक्ता क्रमांक एवं समग्र क्रमांक दर्ज करने के बाद लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज कर केवायसी प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं। केवायसी प्रक्रिया के तहत अब तक 6 लाख 4 हजार 399 उपभोक्ताओं ने सफलतापूर्वक केवायसी करा ली है। कंपनी ने बताया है कि केवायसी प्रक्रिया के तहत नर्मदापुरम ग्रामीण में 71 हजार 140, बैतूल ग्रामीण में 84 हजार 948, राजगढ़ ग्रामीण में 40 हजार 783, शहर वृत्त भोपाल में 49 हजार 170, भोपाल ग्रामीण में 37 हजार 259, गुना ग्रामीण में 31 हजार 838, विदिशा ग्रामीण में 43 हजार 124, सीहोर ग्रामीण में 23 हजार 204, ग्वालियर ग्रामीण में 20 हजार 927, शहर वृत्त ग्वालियर में 38 हजार 240, अशोकनगर ग्रामीण में 18 हजार 558, दतिया ग्रामीण में 22 हजार 133, रायसेन ग्रामीण में 43 हजार 190, शिवपुरी ग्रामीण में 22 हजार 884, हरदा ग्रामीण में 18 हजार 601, श्योपुर ग्रामीण में 8 हजार 966, मुरैना ग्रामीण में 20 हजार 203 और भिण्ड ग्रामीण में 9 हजार 241 बिजली उपभोक्ताओं की केवायसी की गई है। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली संबंधी व्यक्तिगत विवरण को कंपनी के रिकार्ड में अपडेट करने के लिए नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी द्वारा नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया के तहत बिजली उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी जैसे समग्र आईडी, मोबाइल नंबर एवं बैंक खाता इत्यादि की जानकारी को अपडेट किया जा रहा है। नो योर कंज्यूमर (केवायसी) प्रक्रिया से बिजली उपभोक्ताओं को जहां राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकेगा वहीं दूसरी ओर प्रणाली में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही केवायसी से वास्तविक उपभोक्ताओं के विद्युत संयोजन एवं उनके भार की स्थिति का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे कंपनी कार्यक्षेत्र में विद्युत संरचनाओं के भविष्य में विस्तार की योजना बनाने में आसानी होगी तथा कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की सही पहचान और मोबाइल नंबर को सटीक रूप से टैग करने में मदद मिलेगी।  

कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी किए गए जीएसटी ‘कारण बताओ नोटिस’ पर रोक लगाई: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी किए गए 1.12 लाख करोड़ रुपये के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ‘कारण बताओ नोटिस’ पर रोक लगा दी, जिससे इस सेक्टर को अस्थायी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने मामले के अंतिम निपटारे तक डीजीजीआई द्वारा जारी सभी ‘कारण बताओ नोटिस’ के संबंध में आगे की सभी कार्यवाही पर रोक लगा दी। मामले की अंतिम सुनवाई 18 मार्च को तय की गई है। फैसले के बाद, स्टॉक एक्सचेंजों पर इंट्रा-डे ट्रेड के दौरान डेल्टा कॉर्प और नाजारा टेक जैसी गेमिंग कंपनियों के शेयरों में 7 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई। ई-गेमिंग फेडरेशन (ईजीएफ) के सीईओ अनुराग सक्सेना ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई राहत का स्वागत किया। सक्सेना ने कहा, “यह सरकार और गेमिंग ऑपरेटर्स दोनों के लिए फायदेमंद है। गेमिंग ऑपरेटर्स के लिए जो जबरदस्ती की कार्रवाई का सामना कर रहे थे और सरकार के लिए जिसकी समयसीमा अब बढ़ाई जा सकती है। हम इस मुद्दे के निष्पक्ष और प्रगतिशील समाधान को लेकर आश्वस्त हैं, जिसके बाद हम गेमिंग सेक्टर में निवेश, रोजगार और वैल्यूएशन को अपनी पूरी क्षमता तक बढ़ते देखेंगे।” डीजीजीआई ने 2023 में गेमिंग कंपनियों को 71 नोटिस भेजे, जिसमें उन पर 2022-23 और 2023-24 के पहले सात महीनों के दौरान 1.12 लाख करोड़ रुपये के जीएसटी की चोरी करने का आरोप लगाया गया, जिसमें ब्याज और जुर्माना शामिल नहीं है। जीएसटी अधिनियम की धारा 74 के तहत नोटिस जारी किए गए थे, जो विभाग को कर मांग के 100 प्रतिशत तक का जुर्माना लगाने की अनुमति देता है और कुल देयता ब्याज सहित 2.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। अगस्त 2023 में, जीएसटी परिषद ने कानून में संशोधन किया, जिसमें कहा गया कि दांव लगाने वाले सभी ऑनलाइन गेम, स्किल या चांस की परवाह किए बिना, उसी वर्ष 1 अक्टूबर से लगाए गए दांव के पूरे मूल्य पर 28 प्रतिशत की जीएसटी दर लगेगी, न कि सकल गेमिंग राजस्व पर।  

ऑस्ट्रेलिया का नेतृत्व करने के अवसर को लेकर वह थोड़ा अधिक आराम महसूस कर रहे हैं: स्टीव स्मिथ

सिडनी अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने कहा कि नियमित कप्तान पैट कमिंस की अनुपस्थिति में गॉल में दो टेस्ट मैचों के लिए ऑस्ट्रेलिया का नेतृत्व करने के अवसर को लेकर वह “थोड़ा अधिक आराम महसूस कर रहे हैं”। श्रीलंका के दो मैचों के दौरे के लिए स्मिथ को टेस्ट कप्तान बनाया गया है क्योंकि नियमित कप्तान कमिंस अपने दूसरे बच्चे के जन्म और हाल ही में टखने की चोट के कारण इस दौरे से बाहर रहेंगे। स्मिथ ने सिडनी सिक्सर्स के लिए अपने बीबीएल मैच से पहले सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड को बताया, “जब पैटी (कमिंस) यहां नहीं हैं, तो मुझे कमान संभालने का कोई भी मौका मिलना मजेदार है। मैं अभी भी अपने तरीके से काम करने की कोशिश करता हूं। यहां-वहां कुछ अवसर मिलना अच्छा रहा।” “यह एक अच्छा दौरा होने वाला है। मुझे लगता है कि मैं स्पिन और उपमहाद्वीप को कोणों और क्या होने की जरूरत है, के मामले में अच्छी तरह समझता हूं। साथ ही, खेल की गति जिसे निश्चित समय पर खेला जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं शायद अब थोड़ा और आराम से हूं। मैं काफी शांत हूं। मैं बस इसका आनंद लूंगा।” स्मिथ पर 2018 के सैंडपेपरगेट गाथा में अपनी भूमिका के लिए दो साल का नेतृत्व प्रतिबंध लगाया। प्रतिबंध समाप्त होने के बाद से 35 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने देश की चार बार कप्तानी की है। उन्होंने 2023 में भारत में कुछ टेस्ट मैचों में कप्तानी करने से पहले एडिलेड (2021) में इंग्लैंड के खिलाफ, पर्थ (2022) में वेस्टइंडीज के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की। स्मिथ ने 2016 में श्रीलंका के दौरे पर ऑस्ट्रेलिया का नेतृत्व किया, जो 3-0 की विनाशकारी श्रृंखला हार में समाप्त हुआ। श्रीलंका की स्पिन के अनुकूल परिस्थितियों के बारे में बात करते हुए स्मिथ ने कहा, “वे कठिन परिस्थितियां हो सकती हैं।” स्मिथ ने कहा, “वे वहां बहुत अच्छा खेलते हैं, खासकर अगर विकेट काफी चरम पर हों। यह सिर्फ बल्लेबाजों के रूप में योजनाएं विकसित करने की बात है… अलग-अलग तरीके जो उन्हें स्कोर करने और टिके रहने की अनुमति देते हैं। यह ऑस्ट्रेलिया में स्पिन खेलने से बहुत अलग है। जो भी हो, पहली गेंद से ही उस पर टिके रहो, उस पर भरोसा करो।” बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के सिडनी टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल करने वाले 15वें खिलाड़ी बनने से एक रन दूर रह जाने के बाद स्मिथ 10,000 रन क्लब में शामिल होने के सबसे बड़े मील के पत्थर पर नज़र गड़ाए हुए हैं। स्मिथ ने कहा, “एक रन… उस समय यह थोड़ा दुखदायी था।” उन्होंने कहा, “मेरे सभी दोस्तों और परिवार के सामने अपने घरेलू मैदान पर इसे पूरा करना अच्छा होता, लेकिन उम्मीद है कि मैं गॉल में सबसे पहले इसे पूरा कर पाऊंगा। मैंने शायद खेल के दौरान इसे अपने दिमाग में बहुत ज़्यादा घूमने दिया। यह एक शानदार मील का पत्थर होगा।”  

कृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मामले पर न्यायालय का बड़ा संकेत, अब दोनों की सुनवाई एक ही अदालत में हो सकेगी

नई दिल्ली कृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह के बीच चल रहे भूमि विवाद को लेकर एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान संकेत दिया है कि सभी संबंधित याचिकाओं की सुनवाई अब किसी एक अदालत में हो सकती है। इससे विवाद के समाधान में एक नया मोड़ आ सकता है, जो दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हो सकता है। उच्चतम न्यायालय का रुख कृष्ण जन्मस्थान-शाही ईदगाह भूमि विवाद को लेकर उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। पीठ ने पूछा कि मथुरा की विभिन्न सिविल अदालतों से संबंधित लगभग 18 मुकदमों को एक साथ एकीकृत करके सुनवाई उच्च न्यायालय के पास क्यों न की जाए, जबकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस संबंध में पहले ही फैसला सुनाया था। उच्चतम न्यायालय ने यह भी कहा कि मुकदमों का एकीकरण पक्षकारों के लिए अधिक सुविधाजनक हो सकता है, क्योंकि इससे अलग-अलग अदालतों में लंबी और जटिल प्रक्रियाओं से बचा जा सकता है। मुस्लिम पक्ष की आपत्ति मुस्लिम पक्ष के वकील ने हालांकि इस एकीकरण पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ये मुकदमे समान प्रकृति के नहीं हैं और यदि उन्हें एक साथ सुना जाता है, तो यह जटिलताओं का कारण बन सकता है। हालांकि, उच्चतम न्यायालय की पीठ ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि इससे किसी प्रकार की जटिलता नहीं आएगी, और यह पक्षकारों के लिए सुविधाजनक होगा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 26 मई 2023 को इस मामले में मथुरा की विभिन्न सिविल अदालतों से कृष्ण जन्मस्थान-शाही ईदगाह भूमि विवाद से संबंधित मुकदमों को अपने पास स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। इसके बाद 1 अगस्त 2024 को उच्च न्यायालय ने एक और महत्वपूर्ण आदेश देते हुए मस्जिद प्रबंधन समिति की चुनौती को खारिज कर दिया था और मामले की सुनवाई जारी रखने का निर्देश दिया था। जानें 16 जनवरी से पहले की स्थिति 16 जनवरी 2024 को उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 14 दिसंबर 2023 के आदेश पर रोक लगाते हुए शाही ईदगाह मस्जिद का सर्वेक्षण करने का निर्देश अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। इस फैसले से मामले की आगे की सुनवाई में भी नए पहलू जुड़ सकते हैं, जो विवाद को सुलझाने में सहायक हो सकते हैं। अगली सुनवाई की तारीख उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 1 अप्रैल 2025 की तारीख निर्धारित की है, जब दोनों पक्षों के वकील अपने तर्क पेश करेंगे। यह तारीख इस मामले के भविष्य के लिए अहम हो सकती है, क्योंकि इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और विवाद का समाधान निकलने की संभावना है।  

अब दिल्ली और श्रीनगर के बीच डायरेक्ट ट्रेन सेवा का सपना फिलहाल अधूरा रहेगा, नहीं मिलेगी डारेक्ट ट्रेन

नई दिल्ली देशभर में दिल्ली और श्रीनगर के बीच एक नई ट्रेन सेवा के शुरू होने की उम्मीदें बहुत थीं। इसे लेकर भारतीय रेलवे ने हाल ही में एक बड़ा अपडेट दिया है, जो उन सभी यात्रियों के लिए बुरी खबर है, जो बिना रुके दिल्ली से श्रीनगर या जम्मू तक यात्रा करने का सपना देख रहे थे। भारतीय रेलवे ने घोषणा की है कि श्रीनगर जाने वाली ट्रेनों को जम्मू के कटरा रेलवे स्टेशन पर रुकना पड़ेगा, और वहां सुरक्षा कारणों से यात्रियों को दूसरी ट्रेन में चढ़ने के लिए ट्रांसफर होना होगा। इसका मतलब यह है कि अब दिल्ली और श्रीनगर के बीच डायरेक्ट ट्रेन सेवा का सपना फिलहाल अधूरा रहेगा। 26 जनवरी को PM Modi करेंगे उद्घाटन इस नई ट्रेन सेवा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर करेंगे। यह उद्घाटन एक बहुत बड़े रेल प्रोजेक्ट के अंतर्गत हो रहा है, जो लगभग तीन दशकों से लंबित था। इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली और श्रीनगर के बीच एक रेल कनेक्टिविटी स्थापित की जाएगी, जिसे लेकर लोगों में भारी उत्साह था। कटरा स्टेशन पर होगा अनिवार्य ट्रांसशिपमेंट रेलवे अधिकारियों ने बताया है कि श्रीनगर और कटरा के बीच चलने वाली सभी ट्रेनों को कटरा रेलवे स्टेशन पर रुकना होगा। यहां पर यात्रियों को ट्रेन बदलने के लिए उतरना होगा। कटरा स्टेशन पर स्थित प्लेटफॉर्म-1 को कश्मीर जाने वाली ट्रेनों के लिए समर्पित किया जाएगा। यह सुरक्षा कारणों से किया गया है, ताकि यात्रियों का ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा प्रक्रिया सही तरीके से की जा सके। कटरा स्टेशन पर यात्रियों को अपने सामान को फिर से स्कैन कराना होगा और फिर दूसरी ट्रेन में चढ़ने के लिए उन्हें प्लेटफॉर्म पर जाना होगा। इस ट्रांसफर प्रक्रिया के कारण यात्रियों को अतिरिक्त समय लग सकता है। कटरा स्टेशन पर रुकने से यात्रा में समय का इजाफा होगा, लेकिन यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए आवश्यक है। वंदे भारत और मेल एक्सप्रेस ट्रेनें उत्तर रेलवे ने पहले ही इस ट्रेन सेवा का टाइम टेबल 31 दिसंबर 2024 को जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि कटरा और श्रीनगर के बीच हर रोज़ एक वंदे भारत और दो मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चलेंगी। इन ट्रेनों की शुरुआत 2024 के अंत से होने की उम्मीद है। वंदे भारत ट्रेन, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी, कटरा से सुबह 8:10 बजे रवाना होगी और 11:20 बजे श्रीनगर पहुंचेगी। दूसरी तरफ, मेल एक्सप्रेस ट्रेनें कटरा से सुबह 9:50 बजे और दोपहर 3 बजे रवाना होंगी, जो क्रमशः 1:10 बजे और 6:20 बजे श्रीनगर पहुंचेंगी। श्रीनगर से कटरा के लिए मेल एक्सप्रेस ट्रेनें सुबह 8:45 बजे और दोपहर 3:05 बजे रवाना होंगी। इस प्रकार, रेलवे ने दोपहर और शाम के समय भी ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित किया है। क्या होगा कटरा स्टेशन पर? कटरा स्टेशन पर हर ट्रेन के आने के बाद, सभी यात्रियों को उतरकर स्टेशन के बाहर जाना होगा। यहां पर उन्हें फिर से अपनी सामान की जांच करवानी होगी और फिर आगे की यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन का इंतजार करना होगा। कटरा का प्लेटफॉर्म-1 पूरी तरह से कश्मीर जाने वाली ट्रेनों के लिए समर्पित रहेगा। इस प्रक्रिया से यात्रियों को अपने सामान की दोबारा जांच करनी होगी, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी यात्री बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा जारी रखें। यात्री यात्रा में अतिरिक्त समय का सामना करेंगे कटरा स्टेशन पर ट्रांसशिपमेंट प्रक्रिया के कारण यात्रियों को यात्रा में अतिरिक्त समय का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, यह कदम सुरक्षा के लिहाज से लिया गया है, और रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। यात्रियों को कटरा में अपने सामान की फिर से जांच करवानी होगी और फिर अपनी यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन में बैठना होगा। कश्मीर जाने का सपना देखने वाले दिल्लीवासियों के लिए यह एक बड़ा झटका हो सकता है, क्योंकि अब उन्हें सीधे श्रीनगर पहुंचने के लिए कटरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन बदलनी पड़ेगी। हालांकि, यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। अब यात्रियों को अपनी यात्रा के दौरान अधिक समय देना होगा, लेकिन रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरे यात्रा अनुभव को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए जरूरी है।  

सरकार और संभल प्रशासन को शाही जामा मस्जिद के विवादित कुएं को लेकर कोई भी कदम उठाने से रोका: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार और संभल जिला प्रशासन को शाही जामा मस्जिद के विवादित कुएं को लेकर कोई भी कदम उठाने से रोक दिया। इस कुएं का आधा हिस्सा मस्जिद के अंदर और आधा हिस्सा मस्जिद के बाहर है। कोर्ट ने इस मामले में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की जरूरत की बात कही है। आपको बता दें कि इसी इलाके में मस्जिद के स्थान पर एक हिंदू मंदिर होने का दावा किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट की जिस बेंच ने इस मामले पर रोक लगाई है उसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) संजीव खन्ना और जस्टिस पीवी संजय कुमार शामिल थे। पीठ ने आदेश दिया कि संभल नगर पालिका परिषद द्वारा दिसंबर 2024 में जारी किए गए नोटिस पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। नोटिस में कुएं की सफाई, संपत्ति की जांच और मस्जिद के बाहरी हिस्से को सार्वजनिक उपयोग के लिए खोलने की बात की गई थी। कोर्ट ने इस मामले पर कड़ी निगरानी रखने की बात कही है। आपको बता दें कि इस मामले में अब 21 फरवरी को सुनवाई होगी। कोर्ट ने जिला प्रशासन को दो सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले में शाही जामा मस्जिद के प्रबंधन समिति द्वारा एक याचिका दाखिल की गई थी। उनके द्वारा निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें मस्जिद का सर्वे करने का आदेश दिया गया था। मस्जिद के प्रबंधन का आरोप था कि सर्वे बिना किसी सूचना के किया गया और यह कार्रवाई अवैध तरीके से और जल्दबाजी में की गई थी। इस सर्वे के बाद 24 नवंबर 2024 को संभल में हिंसक झड़पें हुई थीं, जिसमें चार लोग मारे गए थे और कई लोग घायल हो गए थे। मस्जिद के वकील ने की रोक की मांग सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता हुजैफा अहमदी ने अदालत से अनुरोध किया कि वह जिला प्रशासन को कुएं की जांच और उस पर की जाने वाली कार्रवाई पर रोक लगाए। उन्होंने कहा कि कुआं मस्जिद के अंदर और बाहर स्थित है और इसे बिना अदालत की अनुमति के सार्वजनिक उपयोग के लिए खोलना अनुचित होगा। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) केएम नटराज ने इस दलील का विरोध किया। उनका कहना था कि यह एक सार्वजनिक कुआं है और राज्य की संपत्ति है। अब स्थिति शांतिपूर्ण है, लेकिन कुछ लोग इसमें समस्या पैदा करना चाहते हैं। कुआं खोलने से क्या ऐतराज? इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “यह पानी है। इसे सभी को उपयोग करने देना चाहिए। आप खुद कह रहे हैं कि इसका आधा हिस्सा मस्जिद के अंदर है और आधा बाहर। यदि कोई व्यक्ति बाहर के हिस्से से पानी का उपयोग करता है तो इससे कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।” अहमदी ने इसके जवाब में कहा, “यह कुआं पूरी तरह से ढका हुआ था और इसका उपयोग कभी नहीं किया गया। मस्जिद इसका पानी एक पंप के माध्यम से उपयोग करती है। नगरपालिका के नोटिस में इसे हरी मंदिर कहा गया है। पूजा और भक्तों की स्नान के लिए पानी इस्तेमाल करने की बात की गई है।” इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले को नकारते हुए कहा, “यह क्या है? इसे मत बढ़ाइए। ऐसा करना उचित नहीं है।” कोर्ट ने सरकार से स्टेटस रिपोर्ट की मांग करते हुए आदेश दिया कि नगरपालिका परिषद का कुएं से संबंधित नोटिस प्रभावी नहीं होगा। हिंदू पक्ष ने किया SC के पुराने आदेश का जिक्र हिंदू पक्ष की ओर से पेश हुए वकील विष्णु शंकर जैन ने इस बात को याद दिलाया कि मस्जिद प्रबंधन समिति को पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि वह इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाए, न कि सीधे सुप्रीम कोर्ट आए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हां, हम जानते हैं। हम चाहते थे कि वे हाईकोर्ट जाएं, लेकिन हम इस मामले पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं ताकि कोई हिंसा न हो और शांति और सौहार्द बना रहे।” आपको बता दें कि यह विवाद तब बढ़ा जब एक मुकदमे में यह दावा किया गया कि शाही जामा मस्जिद उस स्थान पर बनाई गई थी जहां पहले एक हिंदू मंदिर खड़ा था। उसे “हरीहर मंदिर” के रूप में जाना जाता है। हिंदू पक्ष ने मंदिर में पूजा करने के लिए पहुंच की मांग की थी। इसके बाद स्थानीय अदालत ने मस्जिद का सर्वे कराने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 29 नवंबर को सेशन कोर्ट को इस मामले में कोई भी कार्यवाही करने से रोक दिया। इसके अलावा मस्जिद प्रबंधन समिति को इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि वह इलाके में शांति बनाए रखने के लिए कदम उठाए और विवाद का समाधान समुदायों के बीच मध्यस्थता के माध्यम से करने का प्रयास करे।

रिपोर्ट: AI के चलते नौकरियां जाएंगी और अब ऐसा ही देखने को मिल रहा है, अब होने लगे है AI से काम, झटका

नई दिल्ली आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभाव जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है और इसके चलते ढेरों काम अब आसान हो गए हैं। एक्सपर्ट्स ने पहले ही चिंता जताई थी कि AI के चलते नौकरियां जाएंगी और अब ऐसा ही देखने को मिल रहा है। Bloomberg Intelligence की नई रिपोर्ट में सामने आया है कि अगले तीन से पांच साल के अंदर ग्लोबल बैंक्स के कर्मचारियों की दो लाख से ज्यादा नौकरियां जाने वाली हैं। BI में चीफ इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी ऑफिसर्स के सर्वे में संकेत मिले हैं कि कुल नौकरियाों में से 3 प्रतिशत की कटौती होने वाली है और लाखों नौकरियां जाएंगी। BI के सीनियर एनालिस्ट Tomasz Noetzel ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ऐसी जो भी नौकरियां, जिनमें एक जैसा काम बार-बार करना पड़ता है, उनके जाने का रिस्क है। हालांकि कई नौकरियां पूरी तरह खत्म नहीं होंगी और उनके लिए काम करने का तरीका बदल जाएगा। इन वजहों से जाने वाली हैं नौकरियां ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस ने जो पीयर ग्रुप कवर किया, उसमें Citigroup Inc., JPMorgan Chase & Co. और Goldman Sachs Group Inc. वगैरह शामिल हैं। 93 लोगों में से करीब एक चौथाई ने कहा है कि कुल कर्मचारियों में से 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत के बीच AI के इस्तेमाल के बाद प्रभावित होंगे। दरअसल, AI टूल्स के साथ ना सिर्फ कंपनियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी, बल्कि वे अपना खर्च भी कम कर पाएंगे। मौजूदा काम की स्पीड भी AI टूल्स के चलते बढ़ जाएगी। सामने आया है कि सबसे ज्यादा नौकरियां बैंकिंग सेक्टर से जाने वाली हैं और किसी अन्य सेक्टर के मुकाबले बैंकिंग के क्षेत्र की तो 54 प्रतिशत नौकरियों का ऑटोमेशन किया जा सकता है। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि नौकरियां पूरी तरह खत्म होने के बजाय नए अवसर पैदा होंगे और मौजूदा काम करने का तरीका AI के आने के बाद बदलेगा।

योगी ने कहा- कुंभ में ऐसे लोगों का स्वागत है जो अपने गोत्र को भारत के ऋषियों के नाम से जोड़कर देखते हैं

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भव्य महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इसकी तैयारी बड़े ही जोर-शोर से की जा रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। वह बार-बार प्रयागराज का दौरा कर रहे हैं। इस सबके बीच इस बात की चर्चा थी कि कुंभ के दौरान यहां मुसलमानों की एंट्री बैन कर दी गई है। हालांकि, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद इस मुद्दे पर खुलकर बात की है। जब योगी आदित्यनाथ से इस विषय पर पूछा गया तो उन्होंने साफ-साफ कहा कि जिस किसी को भी भारत की सनातन परंपरा में आस्था है वह यहां आएं। हालांकि उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कह दिया कि गलत मानसिकता से लोग यहां नहीं आएं। कुछ भी गलत करते हुए पकड़े जाने पर उनके साथ दूसरे तरीके से व्यवहार हो सकता है। योगी आदित्यनाथ ने कुंभनगरी में मुसलमानों का स्वागत करते हुए शर्तें भी लगा दी हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान ऐसे ही लोगों का स्वागत है जो अपने को भारतीय मानते हों। सनातन परंपरा में श्रद्धा रखते हैं। जिन्हें ऐसा लगता है कि भूतकाल में किसी दबाव में आकर उनके पूर्वजों ने उपासना विधि के रूप में इस्लाम स्वीकार किया था, लेकिन वे सनातनी हैं तो उनका कुंभ में स्वागत हैं। योगी ने कहा कि कुंभ में ऐसे लोगों का स्वागत है जो अपने गोत्र को भारत के ऋषियों के नाम से जोड़कर देखते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे लोग प्रयागराज आएं और परंपरागत तरीके से संगम में स्नान करें। ऐसे लोगों के आने में कोई समस्या नहीं हैं। योगी आदित्यनाथ वक्फ बोर्ड के दावों का जवाब देते हुए कहा कि अगर कोई आएगा और कहेगा कुंभ की यह भूमि हमारी है और हम लोग इस पर कब्जा करेंगे तो मुझे लगता है कि उनको ‘डेंटिंग-पेंटिंग’ का सामना करना पड़ सकता है। अखाड़ों के संतों के साथ योगी का डिनर वहीं, योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज दौरे के पहले दिन साधु संतों के साथ रात्रि भोज किया और उन्हें उपहार भी भेंट किया। रात्रि भोज में सभी अखाड़ों, खाकचौक, दंडीबाड़ा और आचार्यबाड़ा के संत उपस्थित रहे। इस रात्रि भोज कार्यक्रम में जूना, निरंजनी, उदासीन बड़ा, निर्मल, तीनों वैष्णव अखाड़े (निर्मोही, दिगंबर, निर्वाणी), अग्नि, आवाहन, अटल एवं आनंद अखाड़े के संत भी शामिल रहे। साथ ही खाकचौक से संतोष दास (सतुआ बाबा) भी इस दौरान उपस्थित रहे। साधु संतों ने मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुष्प वर्षा कर स्वागत और अभिनंदन किया।

शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग, उद्घाटन से पहले ही रेस्टोरेंट पूरी तरह जलकर खाक

कटनी रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बरगवां में मौजूद सिंध बैंक के ऊपरी हिस्से में नया रेस्टोरेंट खोलने के लिए तेजी से काम लगा हुआ था। 15 तारीख को रेस्टोरेंट का उद्घाटन होना था। इससे पहले की रेस्टोरेंट उद्घाटित हो पाता बीती रात आज की लपटों में पूरा रेस्टोरेंट जलकर खाक हो गया। जिस बिल्डिंग में आग लगी उसी बिल्डिंग के निचले हिस्से पर सिंध बैंक मौजूद था। बताया जाता है कि एटीएम में देर रात शॉर्ट सर्किट होने के बाद आग भड़क गई, जिससे पूरी बिल्डिंग कुछ देर में ही आग का गोला बन गई। आग इतनी भीषण थी कि आग की लपटे अगल-बगल वाली बिल्डिंग को भी अपनी चपेट में लेने लगी थी। धधकती बिल्डिंग के ठीक बगल वाली बिल्डिंग में मौजूद एक कर्मचारी आग की लपटों से घिर गया। आग के बीच कर्मचारी को अंदर फंसा देख पुलिस ने सक्रियता दिखाई और जान हथेली पर रखकर उसे आग की लपटों के बीच से बाहर निकाला। शॉर्ट सर्किट बना वजह सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सिंध बैंक के समीप मौजूद एटीएम में शुक्रवार देर रात लगभग साढ़े 12 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। धीरे-धीरे आग ने पूरी बिल्डिंग को ही चपेट में ले लिया। बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में नए रेस्टोरेंट का काम चल रहा था। रेस्टोरेंट का उद्घाटन 5 दिन बाद 15 जनवरी को होना था। रेस्टोरेंट का काम लगभग पूर्ण हो चुका था। बताया जाता है कि भीषण आग के कारण रेस्टोरेंट पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। निचले हिस्से में मौजूद सिंध बैंक की बाहरी दीवारों और शीशे आग से प्रभावित हुए हैं। यहां पर शीशे चटक गए आग की तपिश तो अंदर पहुंची, लेकिन बैंक के अंदर आग नहीं लगी, जिसके कारण सिंध बैंक में मामूली नुकसान बताया जा रहा है। फंसा था एक व्यक्ति देर रात लगभग 12:30 बजे हुई आगजनी पर बड़ी मशक्कत के बाद लगभग 3:30 बजे तड़के काबू पाया जा सका। आग लगभग 3 घंटे तक यहां तांडव मचाती रही। आग के शोले उगल रही बिल्डिंग के ठीक बगल वाली बिल्डिंग भी आग की चपेट में आ रही थी और उस बिल्डिंग के अंदर वहां काम करने वाला एक कर्मचारी फंस गया था। आग की लपटों के बीच फंसे कर्मचारियों पर जैसे ही रंगनाथ नगर थाना प्रभारी नवीन नामदेव और उनके स्टाफ की नजर पड़ी उन्होंने बिना समय गंवाए कर्मचारी को बचाने के प्रयास शुरू कर दिए। बीच बचाव में कर्मचारी चोटिल भी हुआ है उसे तुरंत शासकीय जिला अस्पताल पुलिस के द्वारा भिजवाया गया। आगजनिक की इस घटना में रेस्टोरेंट में भारी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।

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