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हमीदिया अस्पताल को मिलेंगे 3 करोड़ 45 लाख रुपये लागत के अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरण

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल में अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरणों की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य है कि शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक उपकरणों और उन्नत चिकित्सा सेवाओं से सुसज्जित किया जाए। राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों को भी ऐसे उन्नत उपकरणों से लैस करने की योजना पर कार्य कर रही है। उन्होंने चिकित्सकों से इन सुविधाओं का उपयोग कर राज्य के नागरिकों को श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिये हैं। गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल में 3 करोड़ 45 लाख रुपये लागत के अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरणों की स्थापना की स्वीकृति दी गयी है। इनमें एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS), एसोफेजियल मैनोमेट्री, पीएच मैट्री और ब्रीथ एनालाइज़र जैसी तकनीकें शामिल हैं। यह उन्नत सुविधाएँ किसी भी सरकारी अस्पताल में पहली बार उपलब्ध कराई गई हैं। इन नवीन उपकरणों की मदद से पाचन तंत्र की गंभीर बीमारियों की सटीक और त्वरित पहचान संभव हो सकेगी। अब मध्य प्रदेश के मरीजों को उन्नत और सटीक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपचार के लिए अन्य राज्यों या निजी अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उपकरणों का विवरण     एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS): पेट और आंतों की गहराई से जांच कर कैंसर, पैंक्रियास की बीमारियों और अन्य गंभीर समस्याओं का जल्द पता लगाने में मदद करता है।     एसोफेजियल मैनोमेट्री: निगलने में होने वाली समस्याओं के सही निदान में सहायक।     पीएच मैट्री: एसिडिटी और रिफ्लक्स से जुड़ी बीमारियों के सटीक निदान के लिए उपयोगी।     ब्रीथ एनालाइज़र: एक दर्द-रहित जांच जो आंतों में बैक्टीरिया की अधिकता और लैक्टोज असहिष्णुता जैसी समस्याओं का पता लगाने में मदद करता है।  

जीसीसी नीति लागू करने वाला भारत का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश, तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भारत की पहली समर्पित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) नीति 2025 लागू की है। इससे राज्य नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर हो गया है। यह नीति भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे टियर-2 शहरों को वैश्विक परिचालन केंद्रों के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे भारत में विस्तार की चाह रखने वाले व्यवसायों को प्रतिस्पर्धी लाभ मिलेगा। आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2023 की सफलता को आगे बढ़ाते हुए यह नई नीति मध्यप्रदेश को एक सशक्त जीसीसी ईको सिस्टम प्रदान करने और राज्य को भारत के तकनीकी विकास में अग्रणी बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हाल ही में इस नीति को कैबिनेट की स्वीकृति मिल चुकी है, जो इसके रणनीतिक महत्व और प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। भारत पहले से ही वैश्विक जीसीसी परिदृश्य में अग्रणी है, जहां इसका 50% से अधिक बाजार हिस्सेदारी है और 2023 में यह सेक्टर 46 अरब डॉलर का था, जो 2030 तक 110 अरब डॉलर से अधिक होने की संभावना है। वर्तमान में भारत में 1,600 से अधिक जीसीसी परिचालन में हैं, जहां 19 लाख से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं और 2030 तक यह संख्या 45 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। मध्यप्रदेश के लिए यह क्षेत्र में प्रवेश करने का उपयुक्त समय है, जिससे वह 2030 तक अनुमानित 2,400 से अधिक जीसीसी केंद्रों में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी प्राप्त कर सकेगा। जीसीसी नीति के तहत प्रमुख फोकस सेक्टर मध्यप्रदेश की जीसीसी नीति में पारंपरिक परिचालन के लिए लेवल-1 जीसीसी और उच्च-मूल्य नवाचार के लिए एडवांस जीसीसी को लक्षित किया गया है। नीति आईटी/आईटीईएस, ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल्स, जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम और अन्य तकनीकी क्षेत्रों पर केंद्रित है। राज्य में 5 विशेष आर्थिक क्षेत्र और 15 से अधिक आईटी पार्क हैं, जो उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों के लिए समर्पित उत्कृष्टता केंद्रों से सुसज्जित हैं। मध्यप्रदेश की स्वच्छतम शहरों में पूरे वर्ष कम वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) दर्ज किया जाता है, जिससे श्रेष्ठ जीवनशैली और कार्य-जीवन संतुलन सुनिश्चित होता है। यहां कम यात्रा समय और किफायती जीवनयापन के कारण पेशेवरों और व्यवसायों के लिए यह आदर्श स्थान बनता जा रहा है। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य की कुल स्थापित क्षमता का 27% नवकरणीय ऊर्जा स्रोतों से आता है और ओपन एक्सेस नीतियों के तहत उद्योगों को इसका अधिकतम लाभ मिल रहा है। मध्यप्रदेश में निवेश और व्यवसायों की स्थापना को सरल बनाने के लिए “नो क्वेरी पोर्टल” के माध्यम से सिंगल विंडो क्लियरेंस की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। निवेशकों को मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के माध्यम से व्यापक सहायता प्रदान की जाती है। मध्यप्रदेश में व्यवसाय संचालन की लागत मेट्रो शहरों की तुलना में काफी कम है, जहां कार्यालय स्थान पर 50% तक की बचत, संचालन लागत में 55% तक की कमी और रहने की लागत 60% तक कम है, जिससे यह कंपनियों और पेशेवरों के लिए एक आकर्षक स्थान बनता जा रहा है। राज्य की नई नीति के तहत कंपनियों को विभिन्न प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जिसमें 40% पूंजीगत सब्सिडी (अधिकतम 30 करोड़ रुपये तक), किराया सहायता और पेरोल सब्सिडी शामिल हैं। इसके अलावा, अपस्किलिंग व री-स्किलिंग के लिए प्रतिपूर्ति, मार्केटिंग सहायता, पेटेंट फाइलिंग और आर एण्ड डी खर्चों पर अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश की यह नीति सिर्फ एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भविष्य का वादा, सतत विकास का रोडमैप और तकनीकी क्रांति में अग्रणी बनने का संकल्प है। जीसीसी नीति-2025 के माध्यम से राज्य भारत के तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी प्रमुख भूमिका सुनिश्चित कर रहा है।

प्रयागराज महाकुंभ में मंत्री जयशंकर के साथ 116 देशों के राजनयिक संगम में आज लगाएंगे डुबकी

प्रयागराज संपूर्ण दुनिया के आकर्षण का केंद्र बना प्रयागराज महाकुंभ नित नए कीर्तिमान रच रहा है। विश्व के 116 देशों के राजनयिक कल महाकुंभनगर आ रहे हैं। सभी राजनयिक प्रयागराज के बमरौली एयरपोर्ट पर उतरेंगे। वहां से हेलीकाप्टर से अरैल पहुंचेंगे। राजनयिकों के साथ विदेशमंत्री एस.जयशंकर पहुंच रहे हैं।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी का प्रयागराज में स्वागत करेंगे। सभी राजनयिक अरैल पहुंचने पर सबसे पहले अपने देश का झंडा फहरायेंगे। इसके बाद संगम में डुबकी लगाने पहुंचेंगे ।यह वैश्विक आयोजन मां गंगा के तट पर होगा। इस समागम में धुर विरोधी रूस और यूक्रेन के राजदूत भी शामिल होंगे। इसके अलावा अमेरिका, बांग्लादेश, जापान, जर्मनी, हंगरी, बेलारूस, कजाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, मलेशिया, जिम्बाम्बे, कम्बोडिया, इटली, नेपाल, थाईलैंड, स्वीडन व स्विटजरलैंड समेत 116 देशों के राजनयिक अमृतकाल के साक्षी बनेंगे।मेला अधिकारी विजय किरन आनंद के अनुसार, इस संबंध में सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राजनयिक संगम में डुबकी लगाने के बाद अक्षयवट और लेटे हुए हनुमान जी का दर्शन करेंगे। इसके बाद डिजिटल अनुभूति केंद्र में प्रयागराज के महात्म्य के संबंध में जानकारी लेंगे। इस बार 116 देशों के राजनायिक आ रहे हैं। वे आज शनिवार को सुबह अरैल पहुंचेंगे। अरैल स्थित टेंट सिटी में उनका परंपरागत तरीके से स्वागत किया जाएगा। इसी क्रम में राजनायिक झंडे को सलामी देंगे। इसके बाद उन्हें क्रूज से वीआईपी घाट लाया जाएगा। संगम पर उनके स्नान की भी व्यवस्था रहेगी। इसके लिए जेटी तैयार की जा रही है। वे अक्षयवट, हनुमान मंदिर में दर्शन करेंगे और संतों से भी मिलेंंगे। विदेशी डेलीगेट्स कला कुंभ, डिजिटल अनुभूति केंद्र समेत अन्य प्रदर्शनियों का अवलोकन करेंगे। शाम को सांस्कृतिक आयोजन में भी शामिल होंगे। इसके बाद वे वाराणसी के लिए रवाना होंगे। मेले में वाटर एटीएम दे रहा है फ्री आरओ पानी यूपी जल निगम ने मेला क्षेत्र में 200 वाटर एटीएम लगाए हैं। इनके माध्यम से श्रद्धालुओं को फ्री आरओ पानी मिल रहा है। प्रतिदिन 12 से 15 हजार लीटर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि मेला प्रशासन ने पहले इसके लिए एक रुपये का शुल्क लगाया था, पर अब यह पूरी तरह मुफ्त है। वाटर एटीएम पर ऑपरेटर बैठते हैं, जो श्रद्धालुओं के कहने पर बटन दबाकर शुद्ध जल उपलब्ध करा रहे हैं। इनकी सेंसर के माध्यम से निगरानी भी होती है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को डेढ़ करोड़ ने किए हस्ताक्षर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति और मंदिर के भव्य निर्माण को लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास की ओर से मेले में चल रहे अभियान में डेढ़ करोड़ लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। एक फरवरी को सेक्टर-16 स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राजेश्वर माऊली के पंडाल में महासंवाद होगा। इसमें आगे के आंदोलन की आधारशिला रखी जाएगी। अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की मूल जन्मस्थली (वर्तमान में शाही ईदगाह मस्जिद) को मुक्त कराने के लिए अभियान की शुरुआत जन्मभूमि के मुख्य द्वार से की गई थी। इसमें अब तक डेढ़ करोड़ लोगों ने हस्ताक्षर कर आंदोलन को समर्थन दिया है। साधु-महात्मा, महामंडलेश्वर, जगद्गुरु और शंकराचार्य महासंवाद में शामिल होंगे।  

इंवेस्टर्स समिट में एमपी का जायका चख मेहमानों के मुंह में आ जाएगा पानी , दिल्ली-मुंबई से बुलाए जा रहे मसाले

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 और 25 फरवरी को होने जा रहे इंवेस्टर्स समिट में देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों को बुलाया गया है. इसमें रिलायंस समूह के मुकेश अंबानी, अदाणी समूह के गौतम अडानी सहित कई बड़े उद्योगपति के अलावा विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. समिट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी होंगे. उधर समिट में आने वाले देशी-विदेशी मेहमानों को प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के फूड से लुभाया जाएगा. इसके लिए एमपी टूरिज्म द्वारा खाने का मेन्यू तैयार कराया जा रहा है. देश-विदेश के मेहमानों को मालवा के दाल पानिये, मटर मोगरी की सब्जी परोसी जाएगी. वहीं बुंदेखंड के बरा और चंबल के बफोरी भी मेन्यु में शामिल किए जा रहे हैं. स्थानीय खानों के अलावा कॉन्टिनेंटल, चाइनीज फूड भी होंगे. 50 से ज्यादा व्यंजन परोसे जाएंगे ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में उद्योगपतियों के साथ मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के साथ मध्य प्रदेश के आथित्य और अलग-अलग क्षेत्र के स्वाद से भी रू-ब-रू कराया जाएगा. समिट में देश के नामचीन उद्योगपतियों के अलावा दूसरे देशों की बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. समिट में करीबन 5 हजार निवेशकों और कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. इन मेहमानों के सामने मध्य प्रदेश के संस्कृति और खान-पान की ब्रांडिंग भी की जाएगी. इसके लिए मेहमानों के सामने 50 से ज्यादा व्यंजन परोसे जाएंगे. एमपी की खास डिश होगी सर्व इनमें मध्य प्रदेश की अलग-अलग क्षेत्रों की डिसेस को परोसा जाएगा. इसमें इंडियन और इंटरनेशनल फूड के अलावा स्थानीय डिसेस भी होंगी. इनके हिसाब से अलग-अलग फूड जोन बनाए जाएंगे. दाल बाफले, दाल पानिए परोसे जाएंगे देशी-विदेशी मेहमानों को मालवा क्षेत्र के प्रसिद्ध दाल बाफले परोसे जाएंगे. इसके अलावा दाल पानिये, आमड़ी की भाजी और मटर मोगरी की सब्जी परोसी जाएगी. बुंदेलखंड क्षेत्र के बरा, गक्कड़-भर्ता, चंबल का बफोरी के अलावा मिलेट्स की रोटी और मिलेट्स के स्वीट्स परोसे जाएंगे. मेन्यु में मध्य प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के एक-एक स्पेशल व्यंजन को शामिल किया जाएगा. फूड जोन में व्यंजनों के साथ उनकी खासियत और क्षेत्र के नामों को प्रदर्शित किया जाएगा. दिल्ली-मुंबई से बुलाए जा रहे मसाले पर्यटन विकास निगम के कॉर्पोरेट शेफ सिद्धार्थ वीरेन्द्र बताते हैं कि “मेन्यू में विदेश से आने वाले मेहमानों के स्वाद का विशेष ख्याल रखा जाएगा. हमारी कोशिश है कि यहां आने वाले सभी मेहमान सभी डिसेस का स्वाद लेकर जाएं. व्यंजनों में स्थानीय के साथ इंडियन और इंटरनेशनल फूड को भी शामिल किया जाएगा. कई डिसेज के लिए मुंबई और पुणे से स्पेशल मसालों को बुलाया जा रहा है. इसमें स्नोपी, बूसल, स्प्राट खासतौर से बुलाए जा रहे हैं. इसके अलावा पांच अलग-अलग तरह की सलाद, 5 अलग-अलग डेजर्ट, तीन तरह से सूप और सादा रोटी के अलावा मिलेट्स तक की रोटी मिलेंगी.” मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के सीजीएम अमन मिश्रा बताते हैं कि “मेन्यू इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि मेहमानों को स्थानीय स्वाद से लेकर इंटरनेशनल डिसेज शामिल हों.” एमपी के स्वाद से सजेगा जीआईएस का मेन्यू ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के लिए ऐसा मेन्यू तैयार किया जा रहा है, जिससे मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और खानपान विरासत की ब्रांडिंग भी हो। मेन्यू को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की खास डिशेस के आधार पर तैयार किया जा रहा है। इसमें मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और बघेलखंड की पारंपरिक और लोकप्रिय डिशेस शामिल होंगी। कुल 50 तरह के व्यंजन परोसे जाएंगे, जिनमें इंडियन, कॉन्टिनेंटल और चाइनीज जैसे इंटरनेशनल फूड भी रहेंगे। इस खास मेन्यू का उद्देश्य विदेशी और भारतीय मेहमानों को एमपी के स्वाद और व्यंजनों से रूबरू कराना है, ताकि राज्य की खानपान संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान मिले। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मेहमानों के लिए खास मेन्यू ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में 25 देशों के करीब 1000 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। इसे देखते हुए एमपी टूरिज्म बोर्ड मेहमानों के लिए लोकल, इंडियन और इंटरनेशनल फूड का खास मेन्यू तैयार कर रहा है। इसमें मध्य प्रदेश के पांचों प्रमुख क्षेत्रों – मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, बघेलखंड और महाकौशल की विशेष व्यंजन शामिल किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विदेश यात्राओं के बाद सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि विदेशी मेहमानों को एमपी के पारंपरिक स्वाद का अनुभव कराया जाए। इसके लिए बोर्ड के अधिकारी लोकल फ्लेवर के साथ पनीर और अन्य कॉमन डिशेस को भी शामिल कर रहे हैं। मप्र पर्यटन विकास निगम के कॉर्पोरेट शेफ सिद्धार्थ बीरेंद्र के मुताबिक, मेन्यू को विदेशी मेहमानों की पसंद के हिसाब से तैयार किया जा रहा है, ताकि हर अतिथि एमपी के स्वाद का आनंद लेकर जाए। समिट के लिए खास मसाले भी होंगे इस्तेमाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के मेन्यू को खास बनाने के लिए कई मसाले और सामग्री मुंबई और पुणे से मंगाई जा रही हैं। कुछ डिशेज में स्नोपी और बूसल स्प्राउट्स जैसे खास इंग्रीडिएंट्स का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, इंटरनेशनल फूड्स के लिए कुछ आवश्यक सामग्री और मसाले विदेशों से भी आयात किए जा सकते हैं, ताकि हर व्यंजन का स्वाद और गुणवत्ता बरकरार रहे। एमपी टूरिज्म बोर्ड इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारी कर रहा है।

प्रदेश में तीन जिलों की फोरलेन सड़क को क्रॉस करेगी नई रेल लाइन, साल 2025 पूरा हो जाएगा काम

भोपाल  ब्यावरा जिले के महत्वपूर्ण भोपाल-रामगंजमंडी रेल लाइन का काम अलग-अलग हिस्सों में भोपाल, सीहोर और राजगढ़ जिले में चल रहा है।ब्यावरा में देवास-ब्यावरा फोरलेन के ऊपर से होकर नई रेल लाइन गुजरेगी तो जयपुर-जबलपुर नेशनल हाइवे राजगढ़ रोड पर सड़क के नीचे से ट्रेन गुजरेगी। दरअसल, दोनों ही जगह काम चालू है। यहां ट्रैक को तैयार करने आसपास पटरियां बिछाई जा रही हैं और ओवरब्रिज के लिए सड़क के दोनों और पिलर खड़े कर दिए हैं।  वहीं, राजगढ़ रोड का उक्त हिस्से का ट्रैफिक डायवर्ट कर रोड को खोदना शुरू कर दिया है, जिसके बाद बड़ा ब्रिज बनेगा और नीचे से ट्रेन गुजरेगी। इसके अलावा अलग-अलग हिस्सों में रेलवे का काम चल रहा है। हालांकि जमीन से जुड़े मामलों को लेकर नरसिंहगढ़ ब्लॉक में कुछ अड़चने हैं, जिन्हें प्रशासन दूर नहीं कर पा रहा है। जमीनी स्तर पर उनका काम जारी है लेकिन निराकरण नहीं हो पाने से रेलवे काम नहीं कर पा रही। पूरे प्रोजेक्ट को यूं समझें एक नजर में भोपाल मंडल निशातपुरा डी-संत हिरदाराम नगर: करीब 10 माह पूर्व यह 10 किमी का ट्रैक तैयार हो चुका है। सीआरएस निरीक्षण हो चुका है। अब यहां से ट्रेन चालू होगी। संत हिरदाराम नगर- झरखेड़ा: यह ट्रैक भी लगभग तैयार है। खिलचीपुर में होने वाले सीआरएस निरीक्षण के साथ ही यहां भी फरवरी के आखिर में निरीक्षण का अनुमान है। राजगढ़ जिला कुरावर-नरसिंहगढ़: जमीन के मामले अटके होने से यहां काम सुस्त है। तुर्कीपुरा और बड़ोदिया तालाब के ग्रामीणों का प्रकरण कोर्ट में है। प्रशासन हल नहीं निकाल पा रहा। ब्यावरा-राजगढ़: स्टेशन बनने के साथ ही नेवच नदी पर ब्रिज बन रहा है। रास्ते में हाइवे को खोदकर नीचे से ट्रैक निकालने का काम किया जा रहा है। खिलचीपुर-नयागांव: पटरियां लगभग बिछाई जा चुकी हैं, फरवरी के आखिर तक इस वाले ट्रैक पर सीआरएस निरीक्षण की उम्मीद जताई जा रही है। कोटा मंडल झालावाड जिला घाटोली-झालावाड़: यह ट्रैक पूरी तरह से तैयार है। यहां ट्रेन चालू है। पैसेंजर गाडिय़ां आने लगी हैं। अब मप्र के नयापुरा तक का ट्रैक तैयार किया जा रहा है। जिले में यहां-यहां रोड क्रॉस करेगी रेल लाइन खिलचीपुर से चलकर जीरापुर रोड को क्रॉस कर राजगढ़ पहुंचेगी। यहां जयपुर-जबलपुर नेशनल हाइवे को क्रॉस कर ब्यावरा पहुंचेंगे। यहां से पड़ोनिया बायपास होकर देवास-गुना फोरलेन को क्रॉस करते हुए भोपाल की और जाएगी। नरसिंहगढ़ में फिर भोपाल-ब्यावरा फोरलेन को क्रॉस कर कुरावर पहुंचेगी। यहां से श्यामपुर जाएगी और फिर वहां दोबारा भोपाल-ब्यावरा फोरलेन को क्रॉस कर झरखेड़ा स्टेशन के लिए निकलेगी। तेजी से चल रहा है काम निशातपुरा से संत हिरदाराम नगर का ट्रैक तैयार है। अब झरखेड़ा वाला तैयार होगा। मप्र की सीमा में विभिन्न जगह काम चल रहे हैं। जमीनों के कुछ मामले शेष हैं। फिलहाल दिसंबर 2025 की डेडलाइन तय है। -हर्षित श्रीवास्तव, सीपीआरओ, पश्चिम मध्य रेल, जबलपुर काम में तेजी आई है, ज्यादा अड़चनें नहीं हैं। बजट को लेकर भी समस्या नहीं है। डेड लाइन की जहां तक बात है तो जल्द से जल्द ट्रैक तैयार करने पर फोकस है। जमीन के प्रकरणों के लिए प्रशासन से बात की है। -रोडमल नागर, सांसद, राजगढ़

पॉवर ट्रांसफार्मर से भोपाल के चौकसे नगर, शारदा नगर, लाबाखेड़ा परेवा खेड़ा, जगदीशपुर बाईपास सहित अनेक गांव होंगे लाभान्वित

भोपाल मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्रांतर्गत भोपाल वृत्त के लाम्बाखेड़ा स्थित 33/11 केवी उपकेंद्र पर 5 एमवीए पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि कर 8 एमवीए नवीन पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के तहत इस पॉवर ट्रांसफार्मर की स्थापना से चौकसे नगर, शारदा नगर, लाम्बाखेड़ा परेवाखेड़ा, जगदीशपुर बायपास, देवल खेड़ी, बिशन खेड़ी, अरवलिया, परवलिया सानी, श्यामपुर आदि ग्रामों के उपभोक्ताओं को निर्बाध तथा गुणवत्तापूर्ण सतत बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने कहा है कि कंपनी कार्यक्षेत्र के अंतर्गत सभी श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कंपनी कृत संकल्पित है। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि से एक ओर जहॉं विद्युत वितरण प्रणाली मजबूत होगी वहीं दूसरी ओर विद्युत हानियां कम होकर प्रणाली की क्षमता वृद्धि से उपभोक्ताओं को पर्याप्त वोल्टेज पर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।  

आज से नए नियम होंगे लागू, UPI ट्रांजेक्शन से लेकर LPG दाम में होंगे ये बड़े बदलाव

नई दिल्ली देश में आज केंद्रीय आम बजट होगा पेश, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में प्रस्तुत करेंगी। बजट को लेकर आम जनता और उद्योग जगत की नजरें टिकी हुई हैं, लेकिन इसके साथ ही कुछ अहम बदलाव भी आज से लागू हो रहे हैं, जो हर घर और जेब पर असर डाल सकते हैं।   1. एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों की समीक्षा करती हैं। बीते कुछ महीनों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कई बदलाव हुए हैं, जबकि 14 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं। 1 फरवरी को नई दरें जारी होने की उम्मीद है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है या फिर कीमतों में बढ़ोतरी संभव हो सकती है। 2. एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में संशोधन महाकुंभ 2025 के चलते प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण हवाई किराए में उछाल देखा गया, जिसके बाद सरकार और DGCA को हस्तक्षेप करना पड़ा। 1 फरवरी से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हवाई ईंधन (ATF) के दामों में संशोधन करेंगी। बीते महीनों में ATF की कीमतों में कटौती की गई थी, और इस बार भी ऐसी उम्मीद जताई जा रही है। यदि दाम घटते हैं तो हवाई यात्रा करना सस्ता हो सकता है, लेकिन बढ़ोतरी हुई तो यात्रियों की जेब पर असर पड़ेगा। 3. UPI ट्रांजेक्शन के नियमों में बदलाव यूपीआई पेमेंट से जुड़ा एक नया नियम 1 फरवरी से लागू होने जा रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई ट्रांजैक्शन आईडी को स्टैंडर्डाइज्ड करने का फैसला लिया है। अब केवल अल्फान्यूमेरिक कैरेक्टर्स वाली आईडी से ही ट्रांजैक्शन होंगे। यदि किसी ऐप की ट्रांजैक्शन आईडी में स्पेशल कैरेक्टर्स होंगे, तो वह पेमेंट अमान्य कर दी जाएगी। इस बदलाव का असर Paytm, PhonePe, Google Pay सहित अन्य यूपीआई ऐप के उपयोगकर्ताओं पर पड़ेगा। 4. मारुति सुजुकी की कारें होंगी महंगी देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने 1 फरवरी से अपनी कई कारों के दाम बढ़ाने की घोषणा की है। कंपनी ने लागत बढ़ने के कारण कुछ मॉडल्स की कीमतों में 32,500 रुपये तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इसमें ऑल्टो K10, एस-प्रेसो, सेलेरियो, वैगन आर, स्विफ्ट, डिजायर, ब्रेजा, अर्टिगा, इग्निस, बलेनो, सियाज, XL6, फ्रोंक्स, इनविक्टो, जिम्नी और ग्रैंड विटारा शामिल हैं। अगर आप नई कार खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो इस बदलाव को ध्यान में रखना जरूरी है। 5. बैंकिंग नियमों में बदलाव कोटक महिंद्रा बैंक ने 1 फरवरी 2025 से अपने बैंकिंग नियमों में बदलाव करने की घोषणा की है। इसके तहत एटीएम ट्रांजेक्शन की फ्री लिमिट में कटौती की जा सकती है और कुछ अन्य सेवाओं पर शुल्क बढ़ाए जाने की संभावना है। यदि आप कोटक महिंद्रा बैंक के ग्राहक हैं, तो इन नए बदलावों का सीधा असर आपके बैंकिंग खर्चों पर पड़ेगा। निष्कर्ष: आज से देश में न सिर्फ बजट पेश होगा, बल्कि कई अहम बदलाव भी लागू हो रहे हैं। इनमें गैस सिलेंडर की कीमतें, हवाई ईंधन दरें, यूपीआई नियम, कारों के दाम और बैंकिंग सेवाओं में संशोधन शामिल हैं। इन बदलावों का असर हर व्यक्ति की जेब पर पड़ेगा, इसलिए पहले से तैयारी करना फायदेमंद रहेगा।  

आईसीसी पुरुष चैंपियंस ट्रॉफी आगामी नौवां संस्करण, 19 फरवरी से 9 मार्च तक पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित होगा

नई दिल्ली आईसीसी पुरुष चैंपियंस ट्रॉफी 2025 ट्रॉफी टूर ने अपने रोमांचक ऑस्ट्रेलियाई चरण का समापन किया। टूर्नामेंट का आगामी नौवां संस्करण, 19 फरवरी से 9 मार्च तक पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित किया जाना है। इस जीवंत दौरे के दौरान, ट्रॉफी ने मेलबर्न और सिडनी में प्रतिष्ठित स्थानों का दौरा किया, जहां प्रशंसकों ने विभिन्न गतिविधियों और क्रिकेट दिग्गजों की प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों का मनोरंजन किया। ऑस्ट्रेलियाई चरण ने प्रशंसकों और मीडिया को पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर और दो बार के आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी विजेता शेन वॉटसन से बातचीत करने का अवसर भी दिया, जिन्होंने इस आयोजन की अनूठी प्रकृति और आगामी संस्करण के लिए अपनी भविष्यवाणियों के बारे में विस्तार से बताया। ट्रॉफी को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान भी प्रदर्शित किया गया था, जो मेलबर्न और सिडनी में आयोजित चौथे और पांचवें टेस्ट में दिखाई दी, जहां इरफान पठान, एडम गिलक्रिस्ट, माइकल वॉन और जस्टिन लैंगर जैसे पूर्व क्रिकेट सितारों ने ट्रॉफी के साथ पोज़ दिया। मेलबर्न में, ट्रॉफी को कई प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया गया, जैसे मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी), फ्लिंडर्स स्ट्रीट, यारा रिवर और होज़ियर लेन। मेलबर्न में अपने समय के बाद, यह दौरा सिडनी में जारी रहा, जहां प्रशंसक बॉन्डिंग के बीच, सिडनी हार्बर, सिडनी ओपेरा हाउस और प्रतिष्ठित सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) में ट्रॉफी देखी जा सकती थी।  

ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन का कार्य पूरा होते ही पूरे विन्ध्य के विकास को गति मिलेगी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि अधोसंरचनात्मक विकास से ही क्षेत्र का विकास होगा। विन्ध्य क्षेत्र में विकास के लिए हाई-वे एयरपोर्ट की सुविधा हो गई है। ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन का कार्य पूरा होते ही पूरे विन्ध्य के विकास को गति मिलेगी। इससे रोजगार के अवसरों और औद्योगीकरण भी तेजी से होगा। उन्होंने कहा कि ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन निर्माण में भू अर्जन की शेष कार्यवाही करके रेलवे को जमीन उपलब्ध कराएं। विस्थापित के लिये वैकल्पिक आवासीय भूमि देकर मकानों की व्यवस्था कराएं। कलेक्टर पूरी संवेदनशीलता के साथ विस्थापन की कार्यवाही पूरी करें। रेलवे के निर्माण कार्य में अनुचित ढंग से बाधा डालने वालों पर कड़ी कार्यवाही करें। कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पन्ना से सतना, गोविंदगढ़ से सीधी तथा सीधी से सिंगरौली तक रेलवे लाइन निर्माण कार्य की बिन्दुवार समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि राजस्व, वन विभाग रेलवे के अधिकारियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। ताकि कार्य तेज गति से पूर्ण किया जा सके। बताया गया कि सीधी से सिंगरौली के बीच के निर्माण कार्यों के लिए रेलवे द्वारा वन विभाग को वांक्षित 17 करोड़ रुपए की राशि जमा की गयी है। वन मण्डलाधिकारी 15 दिन की समय सीमा में रेलवे को विभागीय अनुमति जारी कराएं जिससे टेण्डर की कार्यवाही की जा सके। उन्होंने निर्देश दिये कि चुरहट के पास सोन नदी पर पुल तथा बहरी के पास गोपद नदी पर पुल एवं 17 प्रस्तावित सुरंगों का निर्माण कार्य तेजी से कराएं। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी श्री एमएस हाशमी ने बताया कि मार्च तक सीधी जिले के बघवार स्टेशन तक तथा मई तक रामपुर नैकिन स्टेशन तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। सांसद रीवा श्री जनार्दन मिश्रा, सांसद सीधी डॉ. राजेश मिश्रा, अध्यक्ष नगर निगम रीवा श्री व्यंकटेश पाण्डेय, कमिश्नर रीवा श्री बीएस जामोद, डीआईजी श्री साकेत प्रकाश पाण्डेय सहित प्रशासनिक, पुलिस, राजस्व, विभागीय अधिकारियों सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मंत्री विश्वास सारंग ने सभी विश्वविद्यालय के युवा एवं फैकल्टी को फिट रहने के लिये मैराथन में भागीदारी करने की अपील की

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने 19 जनवरी को होने वाली ऑर्मी मैराथन के संबंध में निजी और शासकीय विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने सभी विश्वविद्यालय के युवा एवं फैकल्टी को फिट रहने के लिये मैराथन में भागीदारी करने की अपील की। सभी ने फिट रहने के लिये इसमें भागीदारी करने की सहमति प्रदान की। मंत्री श्री सारंग ने भोपालवासियों से अधिक से अधिक संख्या में मैराथन में सहभागिता करने का आह्वान किया। तीन श्रेणियों में होगी मैराथन मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्वच्छ भारत, हरित भारत, फिट इंडिया के लिये भारतीय सेना के साथ दौड़े। यह सहन शक्ति, दृढ़ संकल्प और विजय की परिचायक बने। उन्होंने बताया कि मैराथन अपने आदर्श वाक्य “फिट इंडिया, रन विद इंडियन ऑर्मी” के माध्यम से भारत सरकार के फिट इंडिया एकता और देशभक्ति के अभियान को बढ़ावा देगा। मैराथन में 3 श्रेणी रखी गई है इसमें 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी के लिये न्यूनतम शुल्‍क पर रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। सहभागियों को टी-शर्ट और ऑर्मी मैराथन में भाग लेने का प्रमाण-पत्र दिया जायेगा। यही नहीं संस्था, विश्वविद्यालयों को भी इसका प्रमाण-पत्र मोमेन्टो के साथ प्रदाय किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मैराथन भोपाल स्थित द्रौणांचल से वीआईपी रोड होते हुए द्रौणांचल पर समाप्त होगी। मंत्री श्री सारंग ने सभी विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों से संबंधित संस्था एवं संस्थानों के सोशल मीडिया एकाउन्ट से व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा है। हमारी सुरक्षा में ऑर्मी की महतवपूर्ण भूमिका मंत्री श्री सारंग ने कहा कि हम घर और देश में सुरक्षित हैं, इसमें ऑर्मी का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इसके लिये सार्वजनिक रूप से सेना और सैनिकों के प्रति सम्मान करने की भावना को व्यक्त करने को कहा है। भोपाल में भी ऑर्मी का महत्वपूर्ण सेट-अप स्थापित है। ऑर्मी मैराथन के माध्यम से नागरिक सहयोग और सम्मान प्रकट कर सकते है। उन्होंने कहा ‍कि मैराथन में अधिक से अधिक भागीदारी कर इतिहास बनाया जा सकता है। कल्चर ऑफ फिटनेस को बढ़ावा ऑर्मी मेजर जनरल श्री सुमित कबथियाल ने कहा कि मंत्री श्री सारंग के माध्यम से राज्य सरकार का सहयोग मिल रहा है। यह मैराथन कल्चर ऑफ फिटनेस को बढ़ावा देगी और फिट रहने एवं हेल्थ के प्रति जागरूक करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि द्रौणांचल में युद्धस्थल के माध्यम से युद्ध के इतिहास और शहीदों के बारे में जानकारी भी अर्जित होगी। उन्होंने बताया कि मैराथन में एनसीसी के ही लगभग 600 रजिस्ट्रेशन हो चुके है। मैराथन सभी के लिये है, इसमें परिवार, दोस्त सभी भागीदारी कर सकते हैं। 10 लाख रुपये तक का पुरस्कार ऑर्मी मैराथन सुबह 6 बजे से शुरू होगी। इसमें सभी क्षेत्रों से लगभग 12 हजार प्रतिभागी तीनों श्रेणियों की दौड़ में हिस्सा लेंगे। आकर्षक प्रायोजित पुरस्कारों के अलावा 10 लाख रूपये तक के नकद पुरस्कार भी दिये जायेंगे। हॉफ मैराथन में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं के लिये 5,30,000 रूपये के नकद पुरस्कार, 10 किमी में विभिन्न श्रेणी के विजेताओं को 2,64,000 रूपये और 5 किमी में 1,87,000 रूपये के नकद पुरस्कार दिये जायेंगे। मैराथन में भाग लेने के लिये www.armymarathonbhopal.com पर रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिये 62690-33347 पर संपर्क कर सकते है। भारतीय सेना के सुदर्शन चक्र कोर द्वारा ऑर्मी मैराथन भोपाल 2025 के आयोजन सेना दिवस 15 जनवरी के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। जनरल केएम करियप्पा के वर्ष 1949 में भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ के रूप में पदभार ग्रहण करने पर इस ऐतिहासिक दिन को वार्षिक श्रद्धांजलि के रूप में मनाते हुए इस मैराथन का आयोजन किया गया है। इसका शुभारंभ भोपाल से होगा, जिसमें सशस्त्र बलों, स्थानीय समुदायों और खेल प्रमियों के सदस्य एक साथ आयेंगे। भोपाल में ऑर्मी मैराथन, मुख्यालय पश्चिम एमपी सब एरिया के तत्वाधान में भोपाल में आयोजित होने वाला पहला खेल आयोजन है। इसका उद्देश्य ऑर्मी मैराथन को खेल जगत में एक प्रमुख आयोजन बनाना और फिट इंडिया अभियान के साथ वार्षिक मैराथन कैलेण्डर के रूप में दर्ज करना है। बैठक में ब्रिगेडियर एस.एस. छिल्लर सेना मेडल, कर्नल विशाल आहूजा, कर्नल राजेश नायक, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव सहित भोपाल स्थित निजी और शासकीय विश्वविद्यालय के पदाधिकारी उपस्थित थे।  

जबलपुर कलेक्टर ने बताया- अब अभिभावकों की जेब पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा, सस्ती दरों पर मिलेंगी स्कूल की किताबें और यूनिफॉर्म

जबलपुर अगर आपको नवीन शिक्षा सत्र में अपने बच्चों की यूनिफार्म और स्कूली किताबों के खर्चे की चिंता सता रही है तो यह खबर आपके लिए काफी लाभप्रद है. मध्य प्रदेश के जबलपुर में कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने निजी स्कूलों के साथ ऐसा प्लान बनाया है कि अब अभिभावकों की जेब पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा. जबलपुर में पुस्तक मेला लगने जा रहा है, जिसमें 500 करोड़ का व्यापार होने की संभावना है. जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने बताया कि विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म खरीदने और स्कूल का कोर्स लेने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. इसके अलावा कई बार अधिक दरों पर किताबें और यूनिफॉर्म बेचे जाने की शिकायत भी मिलती हैं. इस समस्या का स्थाई निदान करने के लिए जबलपुर जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है. प्रशासन ने निजी स्कूल संचालकों से बातचीत करते हुए एक ही स्थान पर सभी विद्यालय की यूनिफार्म और स्कूल की किताबें उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है. 22 मार्च से जबलपुर में पुस्तक मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी निजी विद्यालयों की किताबें और यूनिफॉर्म रियायती दर पर उपलब्ध कराई जाएंगी. स्कूल संचालकों में भी इस बात की सहमति दी है. पुस्तक मेले में उनकी सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी. जबलपुर में 350 करोड़ का व्यापार कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने बताया कि स्कूली किताबें और यूनिफॉर्म से जुड़ा व्यापार काफी बड़ा है. यदि केवल जबलपुर जिले की बात की जाए तो 350 करोड़ का व्यापार हर साल होता है. इसके बाद यदि आसपास के जिलों को भी इसमें जोड़ लिया जाए तो उम्मीद की जा रही है कि 20 मार्च 2025 से लगने वाले मेले में 500 करोड़ का व्यापार होगा. जबलपुर में शिक्षा माफिया पर लगी लगाम दीपक कुमार सक्सेना ने जबलपुर में शिक्षा माफिया पर पूरी तरह लगाम कस रखी है. उनकी ओर से अधिक फीस लेने वाले स्कूल संचालकों पर भी करोड़ों रुपये का जुर्माना किया जा चुका है. इसके अलावा शिक्षा विभाग के नियमों का पालन नहीं करने पर भी स्कूल संचालकों को काफी जुर्माना किया जा चुका है. इससे जिला भर के लोगों को काफी लाभ मिला है.

स्व रोजगार व स्वावलंबन के माध्यम से आर्थिक स्थिति में सुधार करते हुए महिलाओं को सशक्त करना हमारा उद्देश्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीब युवा शक्ति किसान और नारी के जीवन में बदलाव लाने के लिए चारों मिशन पर कार्य कर रही है। विशेषकर नारी सशक्तिकरण की दिशा में मकर संक्रांति पर्व पर एक वृहद कार्यक्रम प्रस्तावित है। स्व रोजगार व स्वावलंबन के माध्यम से आर्थिक स्थिति में सुधार करते हुए महिलाओं को सशक्त करना हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ही लाड़ली बहनों को दिए जा रहे अनुदान की राशि में भी वृद्धि की गई थी। बहनों की स्थिति में उत्तरोत्तर उन्नति के उद्देश्य से उद्योग, स्वावलंबन और स्व-सहायता समूह की गतिविधियों जैसे आयाम भी जोड़े जा रहे हैं। रेडीमेड गारमेंट्स सहित अन्य उद्योगों में महिला श्रम आधारित ऐसे कार्य आरंभ किए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त होंगे और उन्हें बेहतर जीवन का अवसर प्राप्त हो सकेगा। प्रदेश में इस प्रकार के चार उद्योग आरंभ किए जा चुके है, साथ ही गतिविधियों का और विस्तार किया जा रहा है। इन उद्योगों को राज्य सरकार की ओर से प्रति श्रमिक पाँच हजार रूपए इंसेंटिव की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश और देश की उन्नति में सब सहभागी हों, इसी भाव से राज्य सरकार विकास और जनकल्याण की दिशा में सक्रिय है। हमारा विश्वास है कि सबके समन्वित प्रयास से ही प्रदेश की तकदीर बदलेगी।  

अमित शाह आज नई दिल्ली में ड्रग तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर क्षेत्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे

नई दिल्ली केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज नई दिल्ली में ड्रग तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर क्षेत्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य ड्रग तस्करी की बढ़ती समस्या और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके प्रभाव, विशेष रूप से उत्तर क्षेत्र के आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों, से निपटने पर ध्यान केंद्रित करना है। गृह मंत्री, ड्रग विनष्टीकरण पखवाड़े का शुभारंभ, NCB के भोपाल जोनल यूनिट के नए कार्यालय परिसर का उद्घाटन और MANAS-2 हेल्पलाइन के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विस्तार की शुरुआत करेंगे। सम्मेलन में राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘MANAS’ पोर्टल से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के साथ रीयल-टाइम जानकारी साझा करने,  ड्रग तस्करी के खिलाफ राज्यों की प्रगति और नार्कोटिक्स समन्वय तंत्र (NCORD) की प्रभावशीलता पर चर्चा की जाएगी। साथ ही राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (SFSLs) की कार्यक्षमता को मजबूत करने और उनकी प्रभावशीलता बढ़ाने, ड्रग तस्करी के खिलाफ प्रयासों को मजबूत करने के लिए NIDAAN डेटाबेस के उपयोग, PIT-NDPS अधिनियम के प्रावधानों के कार्यान्वयन, ड्रग से संबंधित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए विशेष NDPS अदालतों की स्थापना और ड्रग तस्करी तथा इनके दुरुपयोग से निपटने के लिए सभी एजेंसियों के बीच Whole of Govt. approach पर विचार-विमर्श किया जाएगा। 11 से 25 जनवरी 2025 तक चलने वाले ड्रग विनष्टीकरण पखवाड़े के दौरान ₹2411 करोड़ मूल्य के 44,792 किलोग्राम मादक पदार्थों का विनष्टीकरण किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने ड्रग तस्करी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ अपनाई है जिससे ड्रग के खतरे को कम किया जा सके। गृह मंत्रालय संस्थागत ढांचे को मजबूत करने, सभी नार्को एजेंसियों के बीच समन्वय और व्यापक जनजागरूकता अभियान की 3 सूत्रीय रणनीति पर चल 2047 तक मोदी जी के नशामुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करेगा। सम्मेलन में आठ प्रतिभागी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के राज्यपाल, उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों, विभागों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

गणतंत्र दिवस समारोह: रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय ने ‘वीर गाथा’ की संयुक्त पहल की, 1.76 करोड़ छात्र बने हिस्सा

नई दिल्ली गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के रूप में रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय ने ‘वीर गाथा’ की संयुक्त पहल की है। इसके चौथे संस्करण में इस वर्ष, लगभग 2.31 लाख स्कूलों के लगभग 1.76 करोड़ छात्रों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया है। इसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर सौ (100) विजेताओं का चयन किया जाना है। इन्हें विशेष अतिथि के रूप में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में आमंत्रित किया जाएगा। ‘प्रोजेक्ट वीर गाथा’ को 2021 में भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के हिस्से के रूप में लॉन्च किया गया था। इस परियोजना का उद्देश्य वीरता पुरस्कार विजेताओं के बहादुरी भरे कार्यों और इन नायकों की जीवन से जुड़ी कहानियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। यह पहल छात्रों में देशभक्ति और नागरिक मूल्यों को स्थापित करने में मदद करती है। शीर्ष 100 प्रविष्टियों को ‘सुपर-100’ विजेताओं के रूप में चुना गया। इन विजेताओं को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक विजेता को 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार और विशेष अतिथि के रूप में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड देखने का अवसर मिलेगा। 100 राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं के अतिरिक्त, राज्य स्तर पर आठ विजेताओं और जिला स्तर पर चार विजेताओं का चयन किया जाएगा। उन्हें प्राधिकारियों द्वारा सम्मानित किया जाएगा। विजेताओं को चार श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा, जिनमें से प्रत्येक से 25 विजेता होने हैं। 5 सितंबर 2024 को लॉन्च किए गए प्रोजेक्ट ‘वीर गाथा 4.0’ में निबंध और पैराग्राफ लेखन के लिए कई प्रेरक विषय प्रस्तुत किए गए। छात्रों को अपने चुने हुए रोल मॉडल के बारे में, विशेष रूप से वीरता पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए लिखने का अवसर मिला। उन्हें रानी लक्ष्मीबाई जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के प्रेरक जीवन, 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी विद्रोह की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। स्कूल स्तर की गतिविधियां 31 अक्टूबर 2024 को समाप्त हो गईं। राज्य और जिला स्तर पर मूल्यांकन के बाद राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन के लिए लगभग 4,029 प्रविष्टियां भेजी गईं, जहां वीरगाथा के संस्करण 1 से संस्करण 4 तक प्रोजेक्ट की यात्रा प्रेरणादायक रही है, जिसने पूरे देश में प्रतियोगिता की पहुंच का विस्तार किया है।  

दिल्ली चुनाव 2025 : मालवीय नगर सीट पर आप पार्टी का कब्जा है, ऐसे में भाजपा की राह नहीं है आसान

नई दिल्ली दिल्ली की मालवीय नगर विधानसभा सीट की गिनती हाई प्रोफाइल सीटों में होती है। कभी कांग्रेस का गढ़ रही मालवीय नगर सीट पर पिछले तीन विधानसभा चुनाव से आम आदमी पार्टी (आप) का कब्जा है। आइए जानते हैं मालवीय नगर सीट से जुड़ी अहम बातें। मालवीय नगर सीट पर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप), बीजेपी और कांग्रेस ने अपने-अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। आप ने लगातार चौथी बार यहां से सोमनाथ भारती को उतारा है, वह पिछले तीन चुनाव 2013, 2015 और 2020 में जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। वह दिसंबर 2013 से फरवरी 2014 तक अरविंद केजरीवाल की सरकार में कानून, पर्यटन, प्रशासनिक सुधार, कला और संस्कृति मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। बीजेपी ने सतीश उपाध्याय को यहां से उतारा है, जो भाजपा की दिल्ली इकाई के पूर्व अध्यक्ष भी रहे हैं। जुलाई 2014 में लोकसभा चुनाव में उन्हें दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष चुना गया गया था। दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष पद संभालने से पहले वह दिल्ली भाजपा इकाई के उपाध्यक्ष और सचिव भी रह चुके हैं। वहीं, कांग्रेस ने मालवीय नगर से जितेंद्र कुमार कोचर को टिकट दिया है, जो दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के पूर्व नेता सदन भी रह चुके हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डालें तो आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार सोमनाथ भारती ने बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें 52,043 वोट मिले थे और उनका वोट शेयर 57.97 फीसद था, जबकि भाजपा के उम्मीदवार शैलेंद्र सिंह को 33,899 वोट मिले और उनका वोट शेयर 37.76 फीसद था। वहीं, कांग्रेस की नीतू वर्मा को 3.18 फीसद वोटों के साथ 2,856 वोट मिले थे। इस बार कांग्रेस और भाजपा ने यहां से अपने उम्मीदवारों को बदला है। मालवीय नगर विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या डेढ़ लाख से अधिक है। यहां पुरुष मतदाता 80,777, महिला मतदाता 70,020 और थर्ड जेंडर वोटर 3 हैं। यहां कुल वोटर 1,50,800 हैं। बता दें कि मालवीय नगर विधानसभा सीट दिल्ली के नई दिल्ली जिले में आती है। 1993 से 2020 तक के विधानसभा चुनाव की बात करें तो सिर्फ एक बार ही इस सीट पर भाजपा जीत दर्ज कर पाई है। 1993 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस ने 1998, 2003 और 2008 में जीत हासिल की थी। हालांकि, 2013 विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पहली बार इस सीट पर जीत हासिल की थी, जो वर्तमान में भी आप के पास है।

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