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राष्ट्रीय बाल रंग में अपनी सांस्कृतिक विशिष्टता का सहेजे विभिन्न प्रांतों के बच्चे यहां पहुंचते

भोपाल विद्यालयीन छात्र-छात्राओं में सृजनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के मकसद से 3 दिवसीय राष्ट्रीय बाल रंग की शुरूआत 20 दिसम्बर से भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित इंदिरा मानव संग्रहालय में हो रही है। स्कूल शिक्षा विभाग का राष्ट्रीय बाल रंग स्कूली बच्चों की सृजनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित कर अभिव्यक्ति के विविध अवसर प्रदान करता है। यह महोत्सव भारत की शाश्वत संस्कृति का संदेश वाहक है। अनेकता में एकता, भारतीय संस्कृति की विशेषता है। अपनी सांस्कृतिक विशिष्टता का सहेजे विभिन्न प्रांतों के बच्चे यहां पहुंचते हैं। 20 दिसम्बर को बाल रंग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं प्रात: 10 बजे से शुरू होंगी। बालरंग समारोह का शुभारंभ स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह करेंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में सांस्कृतिक, साहित्यिक, निबंध लेखन, चित्रकला और केलीग्राफी प्रतियोगिताएं मुख्य रूप से आयोजित होंगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 9 संभागों के करीब एक हजार बच्चे विभिन्न प्रतियोगिताओं में सहभागिता करेंगे। राष्ट्रीय बाल रंग 21 और 22 दिसम्बर को देश के 17 राज्यों सहित 5 केन्द्र शासित प्रदेश के 15 हजार बच्चे विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। राष्ट्रीय बाल रंग में लोक नृत्य प्रतियोगिता होगी। इनमें हिमाचल प्रदेश, बिहार, पंजाब, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मध्यप्रदेश, सिक्किम, गोवा, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, कर्नाटक, हरियाणा, तेलंगाना, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली, झारखंड, दिल्ली, छत्तीसगढ़ एवं पुडुचेरी शामिल हैं। स्कॉउट केम्प इंदिरा मानव संग्रहालय में बच्चों में साहसिक एवं अनुशासन की भावना को मजबूत करने के लिये स्काउट केम्प भी लगाया जायेगा। इनमें बच्चे जंगल केम्प, रिवर क्रॉसिंग, मंकी ब्रिज, कमांडो ब्रिज, वॉच टॉवर, रॉक क्लाईम्बिंग और वॉल रेपलिंग जैसी गतिविधियों में अपना प्रदर्शन करेंगे। विजन-2047 पर केन्द्रित सजीव प्रदशर्नी बाल रंग के दौरान 20 से 22 दिसम्बर तक विजन-2047 थीम के अंतर्गत बच्चों द्वारा निर्मित सामग्री का प्रदर्शन किया जायेगा। प्रदर्शनी में देश की विविधता वाली संस्कृति देखने का अवसर भी मिलेगा। इनमें जीवन कौशल, एक भारत श्रेष्ठ भारत, खेलो इंडिया, अन्न खाद्यान्न, व्यावसायिक शिक्षा से रोजगार, अंतरिक्ष विज्ञान, जलवायु परिवर्तन विषय को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है। फूड जोन बाल रंग में विभिन्न राज्यों के व्यंजनों के स्टॉल भी लगाये जायेंगे। इसके साथ ही परिसर में हस्तशिल्प पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। प्रतियोगिताएं बाल रंग में तात्कालिक भाषण, लोक गीत, शास्त्रीय नृत्य, सुगम संगीत, सामुहिक लोक नृत्य, दिव्यांगजनों की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, वेद पाठ, नृत्य नाटिका, योग जैसी अनेक प्रतियोगिताएं होंगी। बाल रंग में 20, 21 और 22 दिसम्बर को प्रात: 9 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजन होंगे।  

200 वंदे भारत स्लीपर रेक के निर्माण का काम भी प्रौद्योगिकी भागीदारों को सौंपा गया : रेल मंत्री वैष्णव

नई दिल्ली वर्तमान में देश में लंबी और मध्यम दूरी की यात्रा के लिए 10 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का निर्माण कार्य चल रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पहला प्रोटोटाइप स्लीपर वंदे भारत निर्मित हो चुका है और इसका फील्ड ट्रायल किया जाएगा। 136 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं चालू रेल मंत्री ने लोकसभा में एक वक्तव्य में कहा कि इसके अलावा 200 वंदे भारत स्लीपर रेक के निर्माण का काम भी प्रौद्योगिकी भागीदारों को सौंपा गया है। ट्रेन के रोलआउट की समय-सीमा परीक्षणों के सफल समापन पर निर्भर है। 2 दिसंबर तक, देशभर में छोटी और मध्यम दूरी की यात्रा के लिए भारतीय रेलवे के ब्रॉड गेज विद्युतीकृत नेटवर्क पर 136 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं चालू हैं। एलएचबी कोच का उत्पादन लगातार बढ़ा रेल मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयां अप्रैल 2018 से केवल एलएचबी कोच का उत्पादन कर रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में एलएचबी कोच का उत्पादन लगातार बढ़ा है। 2014-24 के दौरान निर्मित एलएचबी कोच की संख्या 2004-14 के दौरान निर्मित (2,337) संख्या से 16 गुना (36,933) अधिक है। भारतीय रेलवे (आईआर) ने एलएचबी कोचों की भरमार कर दी है जो तकनीकी रूप से बेहतर हैं और इनमें एंटी क्लाइम्बिंग व्यवस्था, विफलता संकेत प्रणाली के साथ एयर सस्पेंशन और कम संक्षारक शेल जैसी विशेषताएं हैं। दिव्यांगजनों और कम गतिशीलता वाले यात्रियों के लिए सुगमता सुनिश्चित उन्होंने कहा कि “सुगम्य भारत मिशन” (सुलभ भारत अभियान) के हिस्से के रूप में, भारतीय रेलवे दिव्यांगजनों और कम गतिशीलता वाले यात्रियों के लिए सुगमता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के दिशा-निर्देशों के तहत, रैंप, सुलभ पार्किंग, ब्रेल और स्पर्शनीय संकेत, कम ऊंचाई वाले काउंटर और लिफ्ट व एस्केलेटर जैसी व्यापक सुविधाएं प्रदान की गई हैं। नवंबर 2024 तक, भारतीय रेलवे ने 399 स्टेशनों पर 1,512 एस्केलेटर और 609 स्टेशनों पर 1,607 लिफ्टें स्थापित की थीं, जो पिछले दशक की तुलना में क्रमशः 9 और 14 गुना की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा, अधिकांश मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में चौड़े प्रवेश द्वार, सुलभ शौचालय और व्हीलचेयर पार्किंग वाले समर्पित कोच उपलब्ध हैं, जबकि वंदे भारत ट्रेनें दिव्यांगजनों के लिए स्वचालित दरवाजे, निर्धारित स्थान और ब्रेल साइनेज जैसी सुविधाओं के साथ बेहतर सुगमता प्रदान करती हैं।  

मप्र में 23 दिसम्‍बर से पड़ेगी कड़ाके की सर्दी, भोपाल-उज्जैन में गिरेगा पारा, ग्वालियर-चंबल में गिरेगा पारा

भोपाल  मध्य प्रदेश में बुधवार से ठंड के तेवर थोड़े नरम पड़े है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों के न्यूनतम तापमान में से दो से तीन डिग्री बढ़ोतरी देखने को मिली है। लेकिन दिसम्‍बर के अंतिम सप्‍ताह फिर से पारा गिरने और ठंड बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर 23 से 25 दिसंबर के बीच आएगा। यह जनवरी 2025 तक रहेगा। इससे पहले अगले 4-5 दिन तक प्रदेश के उत्तरी हिस्से यानी ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में कोहरा रहेगा। भोपाल, उज्जैन, जबलपुर में रात का पारा 8-10 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहेगा। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कोहरा छाने का अनुमान जताया है। बाकी जगहों पर मौसम साफ रहेगा। दिन में तेज धूप हो सकती है। इससे पहले मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली। रात के पारे में 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, कई शहर ऐसे हैं, जहां पारा 5 डिग्री सेल्सियस से कम ही रहा। पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 2.4 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 3.5 डिग्री, उमरिया में 3.8 डिग्री, नौगांव में 4 डिग्री, टीकमगढ़ में 5.3 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री और राजगढ़ में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 5.2 डिग्री, ग्वालियर में 5.4 डिग्री, भोपाल में 6.2 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और इंदौर में 11.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, बुधवार को दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत कई शहरों में पारा 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। खंडवा और खरगोन जैसे शहरों में तापमान 30 डिग्री के पार दर्ज किया गया है। प्रदेश में अधिकतम तापमान खंडवा का दर्ज किया गया, जो 31.1 डिग्री रहा। इसके अलावा खरगोन में 30.2 डिग्री, नर्मदापुरम में 29.9 डिग्री, धार 29.5 डिग्री, भोपाल में 26 डिग्री और इंदौर में 28.4 डिग्री दर्ज किया गया। इसलिए बदला मौसम मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने कहा– शीतलहर और कोल्ड डे यानी ठंडे दिन की कंडीशन खत्म हो गई है। चार से पांच दिन तक टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम होगा। उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। उत्तरी हवाएं फिर चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर दोबारा आएगा। दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड इस बार दिसंबर महीने में ही ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। बुधवार से शीतलहर का दौर थमा। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई जबकि वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगा दिए गए। मंदिरों में भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए जा रहे हैं। यहां देखें तापमान पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री दर्ज किया गया. कल्याणपुर (शहडोल) में 3.1 डिग्री, मंडला में 3.5 डिग्री, उमरिया में 3.8 डिग्री और नौगांव (छतरपुर) में 4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. सबसे अधिक तापमान खंडवा में 31.1 डिग्री दर्ज किया गया. यह प्रदेश में सबसे अधिक रहा. इसके अलावा खरगोन में 30.2 डिग्री, नर्मदापुरम में 29.9 डिग्री, धार में 29.5 डिग्री और इंदौर में 28.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं से राहत मिलेगी, लेकिन इसके जाते ही पारा फिर गिरेगा और ठंड बढ़ने की संभावना है. पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, ‘उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है। इस कारण दिसंबर के पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी का दौर शुरू हो गया। अमूमन दिसंबर के दूसरे सप्ताह में तेज ठंड पड़ती है। पिछले 10 साल से यही ट्रेंड रहा है।’ बता दें कि नवंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। भोपाल में 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड भोपाल में दिसंबर में दिन-रात में ठंड और बारिश का ट्रेंड रहा है। 10 में से पिछले 5 साल से भोपाल दिसंबर में भीग रहा है। आधा से पौन इंच तक बारिश हुई है। हालांकि, इस बार बारिश नहीं हुई लेकिन लगातार सात दिन तक शीतलहर और कोल्ड डे जैसी स्थिति रही। वहीं, रात के पारे में जबरदस्त गिरावट हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर में ठंड की बात करें तो 11 दिसंबर 1966 की रात में पारा 3.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। यह अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड है। 3 साल पहले 2021 में पारा 3.4 डिग्री पहुंच चुका है लेकिन 15-16 दिसंबर की रात में यह 3.3 डिग्री दर्ज किया गया यानी पिछले 10 साल में तो पारा सबसे कम रहा ही, साथ में ओवरऑल रिकॉर्ड के करीब भी है।

20 दिसंबर से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ

मेष राशि- आज मेष राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। माता की सेहत में सुधार होगा। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। भूमि, भवन सुख में वृद्धि होगी। आर्थिक रूप से आप बेहतर स्थिति में आएंगे। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि वालों का दिन अच्छा रहने वाला है। अपनों का साथ होगा। शिक्षा से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। माता-पिता की सेहत का ध्यान रखें। व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। आर्थिक रूप से दिन परेशानी भरा हो सकता है। वाणी में मधुरता रखें। किसी महत्वपूर्ण कार्य में धैर्य बनाकर रखें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। आय में कमी व खर्च की अधिकता रह सकती है। कर्क राशि- कर्क राशि वालों का दिन लाभकारी रहने वाला है। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। सेहत को लेकर सतर्क रहें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। आय में वृद्धि होगी। सेहत का ध्यान रखें। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज परिस्थितियां प्रतिकूल हैं। किसी भी तरह का रिस्क न लें। चोट-चपेट लग सकती है। कारोबार में बदलाव के योग बन रहे हैं। परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन मध्यम फलदायी रहने वाला है। आर्थिक प्रसन्नता रहेगी। बातचीत में बैलेंस बनाकर रखें। कारोबार में भागदौड़ बढ़ सकती है। लाभ में वृद्धि होगी। किसी मित्र के साथ कहीं घूमने जाने की प्लानिंग बना सकते हैं। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। किसी पुराने मित्र से लंबे समय के बाद मुलाकात हो सकती है। कारोबार में व्यस्तता रह सकती है। वाणी के प्रभाव से रुके काम बनेंगे। व्यापारिक स्थिति सामान्य रहने वाली है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का शुभ रहने वाला है। व्यापारियों के कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। यात्रा पर भी जा सकते हैं। माता की सेहत में सुधार होगा। कुटुंबों में वृद्धि होगी। धनु राशि- धनु राशि वालों को व्यापार में नई डील मिल सकती हैं। आय के नवीन साधन बन सकते हैं। पुराने सोर्स से भी रुपए-पैसे आएंगे। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। परिवार के साथ यात्रा के योग हैं। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज भाग्यशाली दिन का निर्माण हो रहा है। नौकरी चाकरी की स्थिति अच्छी होगी। अपने से बड़े बुजुर्गों का पूरा-पूरा सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी रहेगी। मन प्रसन्न रहेगा। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों की आज लव लाइफ अच्छी रहे वाली है। प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात संभव है। जीवनसाथी का पूरा साथ मिलेगा। छुट्टी सा महसूस करेंगे। नौकरी चाकरी की स्थिति अच्छी रहेगी। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहेगा। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहने वाला है। गुण ज्ञान की प्राप्ति होगी। अच्छे समाचार की प्राप्ति होगी। शत्रु भी मित्र बनने की कोशिश करेंगे। यात्रा के योग हैं। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी कर सकते हैं।

अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस कम से कम 14 दिन पहले लाया जाना चाहिए था, जो नहीं हुआ, धनखड़ के खिलाफ नोटिस खारिज

नई दिल्ली उप राष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ विपक्ष का लाया गया अविश्वास प्रस्ताव नोटिस खारिज हो गया है। इसके पीछे की वजह यह है कि अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस कम से कम 14 दिन पहले लाया जाना चाहिए था, जो नहीं हुआ। इसलिए, राज्यसभा के उसभापति ने तकनीकी आधार पर विपक्ष के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही विपक्षी दलों का दांव फेल हो गया है। सूत्रों के अनुसार, उपसभापति हरिवंश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह प्रस्ताव दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ एक नैरेटिव बनाने के लिए लाया गया था। उपसभापति हरिवंश ने अस्वीकृति के कारणों को बताते हुए कहा कि 14 दिन का नोटिस, जो इस तरह के प्रस्ताव को पेश करने के लिए अनिवार्य है, नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि सभापति महोदय जगदीप धनखड़ का नाम भी सही ढंग से नहीं लिखा गया था। पिछले हफ्ते उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को पद से हटाने संबंधी प्रस्ताव के मुद्दे पर राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का जोरदार दौर चला, जिसके कारण हुए भारी हंगामे के बाद उच्च सदन की कार्यवाही शुक्रवार को दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई थी। कार्यवाही स्थगित होने से पहले धनखड़ ने विपक्ष पर उनके खिलाफ दिन-रात अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वह एक किसान के बेटे हैं और कभी ‘कमजोर’ नहीं पड़ेंगे। उन्होंने कहा था, ‘‘दिन भर सभापति के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है…..यह अभियान मेरे खिलाफ नहीं है, यह उस वर्ग के खिलाफ अभियान है जिससे मैं जुड़ा हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं व्यक्तिगत रूप से इस कारण से दुखी हूं कि मुख्य विपक्षी दल ने इसे सभापति के खिलाफ अभियान के रूप में पेश किया है। उन्हें मेरे खिलाफ प्रस्ताव लाने का अधिकार है। यह उनका संवैधानिक अधिकार है लेकिन वे संवैधानिक प्रावधानों से भटक रहे हैं।’’

अब मायावती ने होम मिनिस्टर अमित शाह को माफी मांगने और अपने शब्दों को वापस लेने की नसीहत दी

नई दिल्ली बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर को लेकर अमित शाह के भाषण के एक हिस्से पर मचे बवाल के बीच मायावती ने भी मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने होम मिनिस्टर अमित शाह को माफी मांगने और अपने शब्दों को वापस लेने की नसीहत दी है। मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में कहा कि यदि अमित शाह ने माफी नहीं मांगी तो फिर दलित समाज भूल नहीं सकेगा। यही नहीं उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अमित शाह के बयान से पूरे देश के दलितों में गुस्सा है। वह उन्हें भगवान की मानते हैं। ऐसे में अमित शाह के बयान का बड़ा असर हो सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि माफी न मांगने पर भाजपा का हाल भी कांग्रेस जैसा हो सकता है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, ‘अमित शाह के बयान से बाबासाहेब आंबेडकर के अनुयायियों में जबरदस्त गुस्सा व्याप्त है। अमित शाह को अपने कहे शब्दों को वापस ले लेना चाहिए और पश्चाताप भी करना चाहिए। ऐसा नहीं किया तो फिर आंबेडकर के अनुयायी कभी इसे भूला नहीं पाएंगे और माफ नहीं कर सकेंगे। यह ऐसा ही होगा, जैसे कांग्रेस के तमाम पापों को आज भी बाबासाहेब आंबेडकर के अनुयायी भुला नहीं सकेंगे। कांग्रेस कितने ही रंग और ढंग बदल ले, लेकिन लोग उस पर भरोसा नहीं कर सके हैं। मायावती ने कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने बाबासाहेब के देहांत के बाद उनके नाम को और संविधान निर्माण में रहे उनके योगदान को मिटाने की भी पूरी-पूरी कोशिश की है। यह पार्टी अपने मकसद में कामयाब हो जाती, लेकिन मान्यवर कांशीराम के आगे आने से ऐसा नहीं हो सका। यही नहीं इस मिशन को मंजिल तक पहुंचाने के लिए मुझे भी अपनी जिंदगी समर्पित करनी पड़ी। लेकिन आज अलग-अलग पार्टियां तमाम हथकंडे अपनाकर उनकी विरासत को खत्म करना चाहती हैं।’ उन्होंने कहा कि बसपा की सरकार 4 बार यूपी में रही और लखनऊ एवं नोएडा में हमने उनके नाम पर कई भव्य स्मारक बनाए। उनके नाम पर हमने किए जिले भी बनाए, लेकिन समाजवादी पार्टी ने नामों को बदल दिया। मायावती ने कहा कि दलित समाज के तमाम संतों, गुरुओं को बसपा ने हमेशा सम्मान दिया है। अब कांग्रेस और भाजपा आदि की नींद उड़ी हुई है। मायावती ने कहा कि भाजपा जैसे दल तो अब मजबूर होकर कुछ कदम उठा रहे हैं। अब कांग्रेस भी दलित वर्ग को लुभाने के लिए किस्म-किस्म के हथकंडे अपना रही है। अब कांग्रेस भी यही कोशिश कर रही है कि अमित शाह के बयान के आधार पर वोट बटोर लिए जाएं।

महिलाओं को साधने की जद्दोजहद, दिल्ली में बड़े ऐलान की तैयारी, AAP से भी ज्यादा पैसा देने का वादा कर सकती है BJP!

नई दिल्ली दिल्ली में सभी पार्टियां आधी आबादी यानी महिलाओं को साधने की जद्दोजहद कर रहे हैं। सत्तासीन आम आदमी पार्टी (आप) ने जहां ऐलान किया है कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना की पहली किस्त (1000 रुपए) महिलाओं के खाते में भेजेगी। वहीं भाजपा आप से बड़ी योजना के ऐलान को लेकर तैयारी कर रही है। ऐसी अटकले हैं कि भाजपा अपने घोषणापत्र में महिलाओं के लिए एक योजना का ऐलान कर सकती है, जिसके तहत उन्हें प्रतिमाह 2,500 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा पार्टी छठ पूजा या करवा चौथ जैसे त्यौहारों के दौरान साल में एक बार लगभग 1,000 रुपये देगी। दोबारा जीतने पर 2100 देगी आप सरकार आप सरकार ने हाल ही में महिला सम्मान योजना शुरू की है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता देने का वादा किया गया है, जिसकी रकम दोबारा सत्ता में आने पर बढ़कर 2,100 रुपये कर दी जाएगी। वहीं टीओआई ने भाजपा पदाधिकारियों के हवाले से बताया है कि घोषणापत्र समिति पार्टी शासित राज्यों में चल रही डायरेक्ट ट्रांसफर वाली योजनाओं की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के लिए सटीक राशि फिलहाल तय नहीं हुई है, लेकिन यह निश्चित तौर पर आप के वादे से ज्यादा होगी। फ्री योजनाओं का मिलता रहेगा लाभ भाजपा के एक अन्य पदाधिकारी ने कहा कि घोषणापत्र में पार्टी लोगों को आश्वस्त करेगी कि वह पानी और बिजली की मौजूदा मुफ्त योजनाएं जारी रखेगी। दिल्ली सरकार प्रति माह 200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देती है। हर महीने 201 से 400 यूनिट बिजली की खपत करने वालों को 50 फीसदी सब्सिडी दी जाती है। वहीं 20,000 लीटर तक पानी इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को भी इतनी ही सब्सिडी मिलती है। जनता से मांगे सुझाव दिल्ली भाजपा ने इस महीने की शुरुआत में घोषणापत्र तैयार करने से पहले जनता से सुझाव मांगने के लिए इस महीने की शुरुआत में ‘मेरी दिल्ली मेरा संकल्प भाजपा’ नाम से एक अभियान शुरू किया था। पार्टी जिन फीडबैक और मुद्दों पर काम कर रही है, उनमें नौकरी की सुरक्षा, वेतन संशोधन और छात्रों के लिए स्कॉलरशिप शामिल हैं। एक नेता ने कहा कि दिल्ली के लोग जानते हैं कि भाजपा कानूनों में बदलाव करने की बेहतर स्थिति में है, क्योंकि केंद्र में भी हमारी सरकार है।

मध्यप्रदेश शासन वन विभाग द्वारा राष्ट्रीय उद्यान-जू में अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन

भोपाल मध्यप्रदेश शासन वन विभाग द्वारा अनुभूति कार्यक्रम 2024-25 के अंतर्गत स्कूली विद्यार्थियों को वन, वन्यप्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अनुभूति कराकर उनके संरक्षण हेतु जागरूक करना एवं सहभागिता हेतु प्रेरित करने के साथ-साथ वन विभाग एवं विभागीय कार्यों, उत्तरदायित्वों एवं चुनौतियों से विद्यार्थियों को अवगत कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड के समन्वय से “मैं भी बाघ” और “हम हैं बदलाव” थीम पर आयोजित प्रशिक्षण सह जागरूकता शिविर वत्त विहार राष्ट्रीय उद्यान में आज 19 दिसम्बर को आयोजित किया गया, जिसमें शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ उच्चतर माध्यमिक विद्यलाय भोपाल के दृष्टि बाधित 15, श्रवण बाधित 83, बौद्धिक विकलांग 11 एवं मूकबधिर 6 विद्यार्थियों सहित कुल 115 विद्यार्थियों एवं 7 शिक्षकों ने भाग लिया। अनुभूति कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर के रूप में डॉ. एस.आर. वाघमारे, सेवा निवृत उप वन संरक्षक एवं डॉ. एस.आर. वाघमारे, सेवा निवृत उप वन संरक्षक उपस्थित रहे। साथ ही श्री विजय नंदवंशी बायोलॉजिस्ट भी उपस्थित रहे। इस दौरान संचालक वन विहार श्री मीना अवधेशकुमार शिवकुमार, सहायक संचालक वन विहार श्री एस.के. सिन्हा एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे। शिविर में सम्मिलित हुये प्रत्येक बच्चे को अनुभूति बुक, अनुभूति बैग, केप, वन विहार के ब्रोशर के साथ-साथ जलीय पक्षी, स्थलीय पक्षी, तितली प्रजाति, गिद्ध कुंजी के ब्रोशर भी प्रदान किये गये। कार्यक्रम की शुरूआत दिव्यांग बच्चों द्वारा राष्ट्रगान से की गई। विद्यार्थियों को मास्टर ट्रेनर एवं नवीन प्रेरकों द्वारा पक्षी दर्शन, वन्यप्राणी दर्शन, प्रकृति पथ भ्रमण, स्थल पर विद्यमान वानिकी गतिविधियों एवं फूड चैन की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही फूड वेब, फूड चेन सम्बंधित खेल, खेलकर जानकारी प्राप्त की। वन, वन्यप्राणी व पर्यावरण से संबंधित रोचक गतिविधियों कराई गई एवं जानकारी प्रदान कर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया। इसी प्रकार दृष्टि दिव्यांग बच्चों ने चिड़ियों और वन्यप्राणियों की आवाज सुनकर उनकी पहचान की तथा शाकाहारी वन्यप्राणियों के सींग, एंटलर एवं वन्यप्राणियों के मॉडल को छूकर उन्हें समझा। कार्यक्रम के अंत में दिव्यांग बच्चों द्वारा एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर संचालक वन विहार श्री मीना अवधेश कुमार शिवकुमार द्वारा शिविर में सम्मिलित बच्चों को शपथ दिलाई गई एवं पुरस्कार तथा प्रमाण-पत्र वितरण किये गये। अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी शिविर 26 दिसम्बर 2024 को वन विहार में आयोजित किया जावेगा।  

जान बचाने के लिए 14 करोड़ की जरूरत, इलाज का खर्च उठाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में 11 महीने की बच्ची की गुहार

नई दिल्ली भावुक याचिका दायर की गई है, जिसमें 11 महीने की एक बच्ची के इलाज के लिए 14 करोड़ रुपये की आवश्यकता की बात की गई है। बच्ची स्पाइनल मस्क्युलर अट्रोफी (SMA) नामक एक दुर्लभ और खतरनाक बीमारी से जूझ रही है, जो अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो 24 महीने की उम्र तक जानलेवा हो सकती है। इस बीमारी में बच्चों की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है और शरीर के अन्य अंगों का कार्य प्रभावित होता है। इस गंभीर स्थिति में बच्ची को बचाने के लिए उसकी मां ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। स्पाइनल मस्क्युलर अट्रोफी (SMA) क्या है? स्पाइनल मस्क्युलर अट्रोफी (SMA) एक जीन से संबंधित बीमारी है, जिसमें मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली तंत्रिका कोशिकाओं में कमी आ जाती है। इससे मांसपेशियों की ताकत घटने लगती है और धीरे-धीरे मांसपेशियां कार्य करना बंद कर देती हैं। SMA के विभिन्न प्रकार होते हैं, जिनमें से सबसे गंभीर प्रकार में बच्चे की मौत 2 साल की उम्र से पहले हो सकती है। इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में **ज़ोलजेंस्मा** नामक एक इंजेक्शन को इस बीमारी के इलाज के लिए मंजूरी दी गई है, जो बेहद महंगा है और इसका असर बच्चे की स्थिति को स्थिर करने और मांसपेशियों को फिर से सक्रिय करने में मदद करता है। क्या है याचिका में मांग? याचिका में बच्ची की मां ने सुप्रीम कोर्ट से यह अपील की है कि उनकी बच्ची को इलाज के लिए ज़ोलजेंस्मा इंजेक्शन की तत्काल आवश्यकता है, जिसकी कीमत 14 करोड़ 20 लाख रुपये है। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने इस इंजेक्शन के लिए यही राशि निर्धारित की है, जो एक सामान्य परिवार के लिए जुटाना नामुमकिन है। याचिका में बताया गया है कि इस इंजेक्शन के बिना बच्ची की जान को गंभीर खतरा है, और समय की कमी के कारण किसी प्रकार की देरी से उसकी जान जा सकती है। क्या कहती है बच्ची के परिवार की स्थिति? याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि बच्ची के पिता भारतीय वायुसेना में एक नॉन-कमीशंड अधिकारी हैं। वायुसेना में सैनिकों और उनके आश्रितों के इलाज के लिए एक प्रावधान है, लेकिन दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता में इस बीमारी का इलाज शामिल नहीं है। इस कारण से बच्ची के परिवार को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। सैनिकों के बीच क्राउड फंडिंग (आपसी चंदे से राशि जुटाने) के लिए उच्च अधिकारियों ने अनुमति देने से मना कर दिया। याचिकाकर्ता ने उदाहरण देते हुए बताया कि बीकानेर में एक अन्य बच्चे के इलाज के लिए, जो इसी बीमारी से पीड़ित था, उसके शिक्षक पिता ने विभाग से कर्मचारियों के वेतन से कुछ राशि काटने की अनुमति ली थी, ताकि इलाज के लिए आवश्यक राशि जुटाई जा सके। लेकिन वायुसेना के अधिकारियों ने इस तरह की पहल को अस्वीकार कर दिया और सैनिकों को किसी प्रकार का संदेश भेजने की अनुमति भी नहीं दी। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से क्या राहत मांगी? याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि वह केंद्र सरकार को आदेश दे कि वह बच्ची के इलाज का खर्च उठाए। साथ ही, उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि कोर्ट रक्षा मंत्रालय और वायुसेना प्रमुख को निर्देश दे कि वे सैनिकों को क्राउड फंडिंग के लिए संदेश भेजने की अनुमति दें, ताकि बच्ची का इलाज संभव हो सके। याचिकाकर्ता ने यह भी अपील की है कि केंद्र सरकार ज़ोलजेंस्मा इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए, ताकि इलाज में कोई देरी न हो। याचिका में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून की नज़र में समानता) और अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का हवाला भी दिया गया है, जिसमें यह कहा गया है कि अगर समय रहते इलाज नहीं किया गया, तो बच्ची की जान को खतरा हो सकता है, और उसे इस दुर्लभ बीमारी से बचाने के लिए त्वरित कदम उठाए जाने चाहिए। याचिकाकर्ता ने अदालत से यह आग्रह किया है कि वह इस मामले में तुरंत दखल दे और बच्ची को जीवन बचाने का अधिकार दिलवाए। सुप्रीम कोर्ट का संभावित कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर त्वरित सुनवाई की आवश्यकता जताई और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है कि वह इस गंभीर स्थिति में बच्ची के इलाज के लिए कैसे मदद करेगा। इस मामले में अदालत का निर्णय बेहद महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह न केवल एक बच्चे की जिंदगी से जुड़ा है, बल्कि यह देश के स्वास्थ्य और अधिकारों के बुनियादी सिद्धांतों को भी चुनौती देता है। भारत में दुर्लभ बीमारियों का इलाज और उसकी लागत इस मामले से एक बार फिर यह तथ्य सामने आया है कि भारत में दुर्लभ बीमारियों का इलाज अत्यधिक महंगा है, और सरकारी योजनाओं के तहत ऐसी बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान नहीं किया गया है। ज़ोलजेंस्मा इंजेक्शन की कीमत इतनी अधिक है कि इसे एक सामान्य परिवार के लिए वहन करना संभव नहीं है। यह मुद्दा यह भी उजागर करता है कि सरकारी संस्थाओं और स्वास्थ्य मंत्रालयों को इस तरह की गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कुछ ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। साथ ही, यह भी साबित करता है कि ऐसे मामलों में क्राउड फंडिंग जैसी मदद से इलाज के खर्च को पूरा करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सरकारी समर्थन का अभाव महसूस किया जा रहा है। 

प्रदेश में जनजातीय विकास के लिये सामाजिक, आर्थिक प्रगति की लिखी जा रही नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जनजातीय विकास के लिये सामाजिक और आर्थिक प्रगति की नई इबारत लिखी जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय वर्ग के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों से राज्य में जनजातीय समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और आर्थिक जीवन में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार के सतत् प्रयासों से यहाँ के जनजातीय समुदाय अब प्रगति की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह विकास न केवल राज्य के लिए बल्कि देश के लिए भी एक प्रेरणा है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) के जरिए प्रदेश की तीन विशेष पिछड़े जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के समग्र विकास एवं कल्याण के लिए अभूतपूर्व काम हो रहा है। मध्यप्रदेश पीएम जन-मन के क्रियान्वयन में देश में अव्वल स्थान पर है। ड्रॉप-आउट में कमी और रोजगार में वृद्धि राज्य में शिक्षा संबंधी प्रोत्साहन योजनाओं के प्रभाव से जनजातीय विद्यार्थियों की साक्षरता दर 51 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। उच्च शिक्षा के लिए शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति मिलने से छात्रों के ड्रॉप-आउट में उल्लेखनीय कमी आई है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थानों में जनजातीय छात्रों की भागीदारी में वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही सरकार के प्रयासों से अब युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। स्वरोजगार और ऋण योजनाओं का लाभ सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वरोजगार और आर्थिक कल्याण योजनाओं से जनजातीय हितग्राहियों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराए गए हैं। इससे वे विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर बेहतर जीवन यापन कर रहे हैं, माध्यम से वे अपने रोजगार सफलतापूर्वक चला रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। वन अधिकार अधिनियम से मिला भूमि का अधिकार वन अधिकार अधिनियम-2006 के प्रभावी क्रियान्वयन से लगभग 2 लाख 75 हजार जनजातीय परिवारों को उनकी जमीनों पर अधिकार प्रदान किया गया है। इससे उन्हें अपनी भूमि पर खेती करने और जीवन स्तर को सुधारने का मौका मिला है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान जनजातीय अनुसंधान और विकास संस्थान द्वारा स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले जनजातीय सेनानियों की वीर गाथाओं को संरक्षित करने के लिए म्यूजियम बनाए गए हैं। यह पहल न केवल उनके बलिदान को सम्मानित करती है, बल्कि युवा पीढ़ी को प्रेरित भी करती है। साहूकारों से मिली आजादी मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति साहूकार विनियम 1972 को 2021 में संशोधित कर लागू किया गया, जिससे जनजातीय समुदाय को गैरकानूनी साहूकारों के शोषण से मुक्ति मिली है। आधुनिक सुविधाओं का विस्तार जनजातीय क्षेत्रों में कृषि, सिंचाई, विद्युत, सड़क, और संचार सुविधाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे इन क्षेत्रों का विकास तीव्र गति से हो रहा है।  

बालासोर से सांसद प्रताप सारंगी और फर्रुखाबाद से सांसद मुकेश राजपूत को चोटें आई हैं, पीएम ने पूछा हाल-चाल

नई दिल्ली संसद भवन के बाहर हुई धक्का-मुक्की में भाजपा के दो सांसद घायल हुए हैं। बालासोर से सांसद प्रताप सारंगी और फर्रुखाबाद से सांसद मुकेश राजपूत को चोटें आई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों सांसदों को फोन करके उनसे हाल-चाल पूछा है। बता दें कि प्रताप सारंगी ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने एक अन्य सांसद को धक्का मारा। इसके बाद वह सांसद प्रताप सारंगी के ऊपर गिर पड़े। इससे प्रताप सारंगी के माथे पर गहरी चोटें लगी हैं। बाद में पता चला कि सांसद मुकेश राजपूत को भी चोट लगी है। दोनों सांसद फिलहाल आईसीयू में भर्ती हैं। इस बीच भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी के ऊपर हमला बोला है। भाजपा इस मामले में कानूनी रास्ता भी देख रही है। वहीं, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने संवाददाताओं से बातचीत में कहाकि राहुल गांधी मारपीट करने के लिए बीच में घुसे थे। उनका व्यवहार मानो गुंडे का व्यवहार था, यह देश गुंडे को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने हमारे एक बुजुर्ग सांसद को धक्का देकर गिरा दिया। गौरतलब है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने बाबासाहेब आंबेडकर पर टिप्पणी को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ संसद परिसर में प्रदर्शन किया। वहीं भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने मुख्य विपक्षी दल पर संविधान निर्माता के अपमान का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच कथित तौर धक्का-मुक्की भी हुई। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धक्का-मुक्की की जिसमें उसके सांसद प्रताप सारंगी के सिर पर चोट लग गई। दूसरी तरफ, राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा सांसदों ने उन्हें संसद भवन में जाने से रोका और धक्का-मुक्की की। राहुल गांधी ने कहाकि मैं अंदर जाने की कोशिश कर रहा था। भाजपा के सांसद मुझे रोकने की कोशिश कर रहे थे, मुझे धमका रहे थे। अक्सर सफेद रंग टी-शर्ट पहनने वाले राहुल गांधी गुरुवार को नीले रंग की टी-शर्ट पहनकर संसद पहुंचे। उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्दा यह है कि संविधान और बाबासाहेब की स्मृति का अपमान हुआ है।

भाजपा ने आतिशी का आरक्षण पर एक पुराना बयान निकालकर बड़ा पलटवार किया, चुनाव में आंबेडकर पर घमासान

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को लेकर घमासान छिड़ गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आंबेडकर के अपमान का आरोप लगाकर आम आदमी पार्टी (आप) और इसके मुखिया अरविंद केजरीवाल बेहद आक्रामक हैं। इस बीच भाजपा ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी का आरक्षण पर एक बुराना बयान निकालकर बड़ा पलटवार किया है। भाजपा ने 10 साल पुराने बयान की याद दिलाकर ‘आप’ पर आरक्षण और दलित विरोधी होने का आरोप लगाया है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी के पुराने ट्वीट के स्क्रीनशॉट को साझा करते हुए एक्स पर लिखा, ‘आम आदमी पार्टी ने हमेशा से आरक्षण के खिलाफ अपनी मानसिकता को जाहिर किया है। मुख्यमंत्री आतिशी का यह ट्वीट इसका सबसे बड़ा प्रमाण है, जिसमें उन्होंने आरक्षण का खुलकर विरोध किया था। यह साफ दर्शाता है कि ‘आम आदमी’ का झूठा मुखौटा पहनने वाली AAP वास्तव में दलितों, पिछड़ों और वंचितों के हक के खिलाफ काम करती रही है।’ भाजपा के और भी नेता और कार्यकर्ता आतिशी का पुराना बयान दिखाकर ‘आप’ से सवाल दाग रहे हैं। भाजपा इसके साथ हैशटैग ‘आप अगेंस्ट रिजर्वेशन’ का इस्तेमाल कर रही है। आतिशी का पुराना बयान भाजपा आतिशी के जिस बयान को सामने आई है वह 4 अप्रैल 2014 का है। तब #askatishiaap के जरिए आतिशी एक्स (तब ट्विटर) पर सोशल मीडिया यूजर्स के सवालों का जवाब दे रही थीं। सुधांशु नाम के एक एक्स यूजर ने आतिशी से पूछा, ‘नौकरी और उच्च शिक्षा में आरक्षण को लेकर आम आदमी पार्टी की राय क्या है?’ इसके जवाब में आतिशी ने जवाब दिया, ‘जिन लोगों को आरक्षण का लाभ मिल चुका है, उनकी अगली पीढ़ी को कतार में सबसे पीछे रखना चाहिए।’

डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी ने भोपाल रेलवे स्टेशन के फ़ूड स्टॉल्स का निरीक्षण किया, पाया गया कि स्टॉल्स में खराब खाना परोसा जा रहा

भोपाल भारत में ज्यादातर लोग यात्रा के लिए ट्रेन का सहारा लेते हैं. यातायात का ये साधन सस्ता होने के साथ ही साथ आरामदायक भी होता है. चाहे कम दूरी हो या ज्यादा, रेलवे हर तरह की ट्रेन यात्रियों की सुविधा के लिए चलाता है. रेलवे यात्रियों को यात्रा के दौरान असुविधा ना हो, इसके लिए कैटरिंग का भी इंतजाम किया जाता है. रेलवे स्टेशनों पर वाजिब दाम में नाश्ता, खाना मुहैय्या करवाने के लिए स्टॉल मौजूद है. इन स्टॉल के लिए रेलवे टेंडर निकालता है, जिसे पाने के बाद लोग रेलवे स्टेशन पर दुकान लगाते हैं. यहां यात्रियों को नाश्ता, खाना और स्नैक्स आदि मिल जाता है. इसके अलावा ट्रेवल के दौरान जरुरी चीजें भी मिलती है. लेकिन पिछले कुछ महीनों से भोपाल रेलवे स्टेशन के इन स्टॉल्स में बासी और सड़े खाने की शिकायत मिल रही थी. इसके बाद डीआरएम ने अचानक ही स्टेशन का औचक निरीक्षण किया. छापेमारी से मचा हड़कंप डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी ने भोपाल रेलवे स्टेशन के फ़ूड स्टॉल्स का निरीक्षण किया. इसमें पाया गया कि स्टॉल्स में खराब खाना परोसा जा रहा था. स्टॉल्स से बासी नाश्ता, एक्सपायर चिप्स और गंदगी के बीच स्टोर किया गया खाना बरामद किया गया. इसे ही यात्रियों को बेचा जा रहा था. इनके सेवन से कई बीमारियां होने की आशंका थी. बरामद की ऐसी चीजें इस निरीक्षण में टीम ने स्टॉल्स से बासी पोहा, सड़ा उपमा, समोसा, ढोकला, बिरयानी, ऑमलेट, कचोरी आदि बरामद किया. कई दिनों पहले बने इन फ़ूड आइटम्स को गर्म कर बेचा जा रहा था. टीम ने सभी बरामद खाद्य पदार्थों को अपनी निगरानी में नष्ट करवाया. साथ ही स्टॉल संचालकों को आगे से ऐसा ना करने की वार्निंग दी. बता दें कि पिछले कुछ समय से भोपाल रेलवे स्टेशन पर कई यात्रियों ने स्टॉल संचालक द्वारा बासी खाना देने की शिकायत की थी. उसी पर ये कार्यवाई की गई.

छपरा – एलएलटी, अयोध्या कैंट तुलसी एक्सप्रेस सहित 12 ट्रेनों के रूट डायवर्ट

भोपाल  उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के बाराबंकी-अयोध्या कैंट-जफराबाद खंड पर कार्य किया जा रहा है। ऐसे में अयोध्या कैंट स्टेशन पर यार्ड रिमाडलिंग कार्य के चलते भोपाल मंडल से गुजरने वाली कुछ ट्रेनों को मार्ग परिवर्तित किया गया है। ट्रेन 15023 गोरखपुर – यशवंतपुर एक्सप्रेस 24, 31 दिसंबर एवं सात जनवरी को एवं ट्रेन 15024 यशवंतपुर – गोरखपुर एक्सप्रेस 19, 26 दिसंबर एवं दो जनवरी को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली ट्रेन परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में पूर्व मार्ग के बजाय गोरखपुर-गोंडा-बाराबंकी होकर जाएगी। छपरा-एलएलटी एक्सप्रेस ट्रेन 15101 छपरा – एलएलटी एक्सप्रेस 24 एवं 31 दिसंबर को एवं ट्रेन 15102 एलएलटी – छपरा एक्सप्रेस 19 एवं 26 दिसंबर को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली ट्रेन परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी। यह गाड़ी दोनों दिशाओं में पूर्व मार्ग के बजाय छपरा-गोरखपुर-गोंडा- बाराबंकी-ऐशबाग-कानपुर सेंट्रल होकर जाएगी। एलटीटी-अयोध्या कैंट तुलसी एक्सप्रेस ट्रेन 22129 एलटीटी-अयोध्या कैंट तुलसी एक्सप्रेस 22, 24, 29, 31 दिसंबर एवं पांच जनवरी को एवं ट्रेन 22130 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्स. 23, 25, 30 दिसंबर तथा एक एवं छह जनवरी को सुल्तानपुर स्टेशन से प्रारंभ और समाप्त होगी। एलटीटी- अयोध्या कैंट एक्सप्रेस ट्रेन 22183 एलटीटी- अयोध्या कैंट एक्सप्रेस 18, 21, 25, 28 दिसंबर एवं एक व चार जनवरी को एवं ट्रेन 22184 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्सप्रेस 19, 22, 26, 29 दिसंबर तथा दो व पांच जनवरी को सुल्तानपुर स्टेशन से प्रारंभ और समाप्त होगी। ट्रेन 22103 एलटीटी -अयोध्या कैंट एक्सप्रेस 23, 30 दिसंबर एवं छह जनवरी को एवं ट्रेन 22104 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्सप्रेस 24, 31, दिसंबर एवं सात जनवरी को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली ट्रेन परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी। यह गाड़ी दोनों दिशाओं में जफराबाद-जौनपुर सिटी-सुल्तानपुर होकर जाएगी।

भाजपा सांसदों की धक्का मुक्की में घुटने में लगी चोट, कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाए

नई दिल्ली कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाए हैं कि भारतीय जनता पार्टी के सांसदों की धक्का मुक्की में उनके घुटने में चोट लगी है। इस संबंध में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी लिखा है। यह ऐसे समय पर हुआ, जब भाजपा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर एमपी प्रताप सारंगी को धक्का देकर गिराने के आरोप लगाए। सामने आए वीडियो में नजर आ रहा है कि सारंगी के सिर से खून बह रहा है। खरगे का आरोप है कि मकर द्वार पर भाजपा सांसदों ने उन्हें धक्का दिया है। उन्होंने पत्र में लिखा, ‘आज सुबह INDIA पार्टी के सांसद प्रेरणा स्थल पर डॉक्टर आंबेडकर की प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च निकाल रहे थे। यह प्रदर्शन केंद्रीय गृहमंत्री की तरफ से 17 दिसंबर 2024 को राज्यसभा में दिए भाषण के दौरान डॉक्टर आंबेडकर के अपमान के खिलाफ किया गया था।’ उन्होंने लिखा, ‘जब मैं INDIA दलों के सांसदों के साथ मकर द्वार पहुंचा, तो मुझे भाजपा सांसदों ने धक्का मारा। इसके चलते मेरा संतुलन बिगड़ गया और मकर द्वार के सामने जमीन पर बैठना पड़ा। इसके कारण मेरे घुटनों में चोट लग गई है, जिसकी पहले ही सर्जरी हो चुकी है। घटना के बाद कांग्रेस सांसद कुर्सी लेकर आए और मुझे उसपर बिठाया गया।’ कांग्रेस चीफ ने लिखा, ‘बड़ी मुश्किल और साथियों की मदद से मैं सुबह 11 बजे लड़खड़ाता हुआ सदन पहुंचा। मैं अपील करता हूं कि इस घटना की जांच कराए, जो कि न सिर्फ मुझपर बल्की राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला है।’ भाजपा सांसद के सिर से बहा खून संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद प्रताप सारंगी घायल हो गए थे। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के धक्के की वजह से चोट लगी है। एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें सारंगी को घायल हालत में लेकर जा रहे थे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का मारा था, जो मेरे ऊपर गिर पड़े और इसके बाद मैं गिरा…। जब मैं सीढ़ियों के पास खड़ा था और राहुल गांधी ने एक एमपी को धक्का लगाया, जो मेरे ऊपर गिर पड़ा।’

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