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अमित शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि उन्होंने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का अपमान किया

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा राज्यसभा में कल दिए गए एक भाषण पर हंगामा मच गया है। इंडिया समूह के नेताओं ने संसद भवन परिसर में गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि उन्होंने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का अपमान किया है। वायनाड से लोकसभा उपचुनाव जीतकर संसद पहुंची प्रियंका गांधी ने भी अपनी पार्टी की तरफ से मोर्चा संभाल लिया है। विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने राज्यसभा में मंगलवार को संविधान पर चर्चा का जवाब देते हुए बाबा साहब का अपमान किया और विपक्षी दल इस अपमान को स्वीकार नहीं करेंगे। विपक्षी नेताओं ने कहा कि इसके लिए अमित शाह माफी मांगे। विपक्षी दलों के इस विरोध-प्रदर्शन में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ ही कई दलों के प्रमुख नेता मौजूद थे। प्रदर्शन कर रहे नेता बाबा साहब की तस्वीर हाथ में लेकर भीमराव आंबेडकर की जय और मोदी सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अपनी मानसिकता का परिचय दिया है और बाबा साहब का संसद में अपमान किया है। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख राजेश लिलोथिया ने कहा, “अमित शाह ने संसद में बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर जी के लिए अपमानजनक बयान दिया। इससे आरएसएस और भाजपा की मनुवादी सोच उजागर होती है। बाबा साहब के संविधान में दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को बराबरी का हक मिला है। अमित शाह जी को देश से माफी मांगनी चाहिए।” लोकसभा में भी हंगामा विपक्ष के हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने प्रश्न संख्या पुकारा, लेकिन विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। अध्यक्ष ने कहा कि आप लोग प्रश्नकाल चलाने में सहयोग करें। इस बीच विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहब का अपमान किया है। जब बाबा साहब जिंदा थे, तब उनका तिरस्कार किया था। कांग्रेस ने तो अपने कार्यालय में बाबा साहब की तस्वीर लागने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बाबा साहब को लोकसभा चुनाव हराया था। ये बाबा साहब का अपमान करने वाले लोग है। हम बाबा साहब का सम्मान करने वाले लोग हैं। क्या कहा था अमित शाह ने? कांग्रेस और विपक्षी दलों का आरोप है कि शाह ने राज्यसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को अपने संबोधन के दौरान बाबासाहेब का अपमान किया। मुख्य विपक्षी दल ने शाह के संबोधन का एक वीडियो अंश जारी किया जिसमें गृह मंत्री विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए यह कहते सुने जा सकते हैं , ‘‘अभी एक फैशन हो गया है- आंबेडकर, आंबेडकर…। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।’’

सौर ऊर्जा से जगमग हो रहा उत्तर प्रदेश, तेजी से लगाए जा रहे सोलर रूफटॉप पैनल: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में ‘पीएम सूर्य घर योजना’ को यूपी में नए आयाम मिल रहे हैं। केंद्र की योजनाओं को प्रदेश के विकास से जोड़ते हुए योगी सरकार ने यूपी को सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में शीर्ष राज्यों में ला खड़ा किया है। बिजली बचत, आय वृद्धि और हरित ऊर्जा के लक्ष्य को पूरा करने वाली इस योजना से प्रदेश के लाखों घर लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार की सक्रियता का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश, सोलर रूफ टॉप इंस्टालेशन के मामले में गुजरात और महाराष्ट्र के बाद देशभर में तीसरे स्थान पर है। अब तक प्रदेश में 53 हजार से अधिक सोलर रूफ टॉप पैनल लगाए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 25 लाख सोलर रूफ टॉप पैनल लगाने का है। योजना को जनता तक पहुंचाने में मिली सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 18 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं, जिनमें से 32 हजार से अधिक घरों में पैनल का इंस्टालेशन भी पूरा कर लिया गया है। ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत सरकार सोलर रूफटॉप लगाने के लिए आकर्षक सब्सिडी प्रदान कर रही है। 1 किलोवॉट क्षमता के पैनल के लिए केंद्र सरकार 30 हजार रुपए और प्रदेश सरकार 15 हजार रुपए की सहायता देती है, यानी कुल 45 हजार रुपए की सब्सिडी। इसी तरह, 2 किलोवॉट के पैनल के लिए केंद्र सरकार द्वारा 60 हजार और योगी सरकार द्वारा 30 हजार, कुल 90 हजार रुपए की सहायता लाभार्थियों को दी जा रही है। वहीं, 3 किलोवॉट या उससे ऊपर के पैनल के लिए केंद्र की ओर से 78 हजार रुपए और राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपए की सब्सिडी मिलाकर 1 लाख 8 हजार रुपए तक की सहायता दी जा रही है। इस योजना का सीधा फायदा उन घरों को मिल रहा है जो बिजली बिल के बोझ से राहत पाना चाहते हैं। सोलर पैनल लगवाने से न केवल बिजली के बिलों में भारी कमी आ रही है, बल्कि लोग अतिरिक्त ऊर्जा का उपयोग करके आय में वृद्धि भी कर रहे हैं। खास बात यह है कि सौर ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण को भी स्वच्छ और हरित बनाया जा रहा है। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शहरी स्थानीय निकायों और पंचायतों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में 25 लाख सोलर रूफटॉप पैनल लगाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए प्रदेश के सातों डिस्कॉम और हर जिले के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री स्वयं इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। आरईसी, डिस्कॉम्स और वेंडर्स के साथ समन्वय स्थापित कर इस योजना में आने वाली हर चुनौती का समाधान किया जा रहा है। यह योजना न केवल बिजली के संकट को दूर करने में सहायक है, बल्कि इससे प्रदेश को आत्मनिर्भर और हरित ऊर्जा से संपन्न राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत न केवल बिजली बचत की दिशा में सफलता मिल रही है, बल्कि यह योजना रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रही है। सोलर पैनल इंस्टालेशन से तकनीकी विशेषज्ञों, श्रमिकों और अन्य संबंधित क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए रोजगार के द्वार खुले हैं। इसके अलावा, सौर ऊर्जा के उपयोग से प्रदेश में कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिल रही है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। जनता को राहत, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के इस अद्भुत संगम से यूपी आने वाले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है।  

नौवीं कक्षा के छात्र के उत्पीड़न के बाद आत्महत्या करने की कोशिश, मामला दर्ज

ग्वालियर ग्वालियर शहर में एक सरकारी स्कूल के दो टीचर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.आरोप है कि उनके द्वारा नौवीं कक्षा के एक छात्र के उत्पीड़न के बाद कथित तौर पर उसने आत्महत्या करने की कोशिश की. अधिकारियों ने बुधवार को ये जानकारी दी है. एक अधिकारी ने बताया कि घटना 8 नवंबर को हुई थी लेकिन छात्र का बयान दर्ज होने के बाद मामला दर्ज किया गया.अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि महाराजपुरा थाना क्षेत्र स्थित केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 में पढ़ने वाले 14 साल के लड़के ने आत्महत्या करने के लिए कथित तौर पर फिनाइल पी लिया. उन्होंने बताया कि कैमिकल पीने से पहले उसने एक सुसाइड नोट छोड़ा था. अधिकारी ने बताया कि लड़के के ठीक होने के बाद उसका बयान दर्ज किया गया है, जिसमें उसने दो टीचर्स पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया. उन्होंने बताया कि इसके बाद दोनों शिक्षकों के खिलाफ किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया.अधिकारी ने कहा, मामले में आगे कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं. बता दें कि ये कोई अपने तरह का पहला मामला नहीं है बल्कि एक दिन पहले ही हैदराबाद के एक निजी आवासीय स्कूल के छात्रावास में 12 साल के लड़के ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. कक्षा सात के छात्र को बीते रात उसके रूममेट ने छत के पंखे से लटका पाया. सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित किया गया. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं, परिजनों ने टीचर्स द्वारा प्रताड़ना के   गंभीर आरोप लगाए हैं. 

खजराना गणेश मंदिर में तिल चतुर्थी पर तीन दिन का मेला लगेगा, नए साल पर आते हैं लाखों श्रद्धालु

इंदौर खजराना गणेश मंदिर लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है। नए साल और तिल चतुर्थी को लेकर यहां पर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही है। इसे लेकर कलेक्टर आशीष सिंह ने एक बैठक की, जिसमें कई निर्देश दिए गए।नए साल और तिल चतुर्थी पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएगी। मंदिर में साज-सज्जा होगी। भक्तों के लिए कई सुविधाएं जुटाई जाएगी। तिल चतुर्थी पर मंदिर में तीन दिन का मेला भी लगेगा। 20 दिसंबर को भक्त निवास और प्रवचन हॉल का सीएम डॉ. मोहन यादव द्वारा लोकार्पण करना भी प्रस्तावित है। खजराना मंदिर परिसर में हुई बैठक में नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, स्मार्ट सिटी सीईओ दिव्यांक सिंह, अपर कलेक्टर ज्योति शर्मा, डीसीपी अमरेंद्र सिंह, मुख्य पुजारी अशोक भट्ट और जयदेव भट्ट भी शामिल रहें। नए साल पर आते हैं लाखों श्रद्धालु 31 दिसंबर और 1 जनवरी को लाखों की संख्या में भक्त भगवान गणेश के दर्शन करने मंदिर आते हैं। इसे देखते हुए भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि मंदिर में ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे किसी भी भक्त को परेशानी न हो। आसानी से भक्तों को दर्शन हो सकें। ट्रैफिक, पार्किंग, कतारबद्ध दर्शन, पानी, लाइट आदि की उचित व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है। ऐसी रहेगी व्यवस्थाएं     पूरा मंदिर परिसर दो दिन तक लाइटों से विशेष रूप से सजेगा।     झिग-झेग और स्टेपिंग के जरिए दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। दर्शन के लिए मंदिर पहुंच मार्ग (एकांकी) रहेगा।     सीसीटीवी कैमरों से यहां पर निगरानी रखी जाएगी।     अस्थायी रूप से अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।     आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था भी रखी जाएगी। तीन दिन लगेगा मेला तिल चतुर्थी उत्सव 17 से 19 जनवरी तक मनाया जाएगा। मेला आयोजन के साथ कई प्रोग्राम भी होंगे। भगवान गणेश का स्वर्ण आभूषणों से विशेष श्रृंगार होगा। पूरे मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जाएगा। मंदिर के प्रस्तावित मास्टर प्लान के संबंध में भी बैठक में चर्चा की गई। इसका डीपीआर तैयार किया जा रहा है। बैठक में मंदिर के आय-व्यय के संबंध में भी बात की गई। 20 दिसंबर को सीएम के हाथों लोकार्पण प्रस्तावित खजराना गणेश मंदिर में भक्तजनों की सुविधा के लिए भक्त निवास बनाया गया है। प्रवचन हॉल भी तैयार किया गया है। इन दोनों सुविधाओं का सीएम डॉ. मोहन यादव द्वारा 20 दिसंबर को लोकार्पण किया जाना प्रस्तावित है। इस मौके पर आयोजित किए जाने वाले प्रोग्राम की तैयारियों की कलेक्टर आशीष सिंह ने मौके पर मुआयना कर समीक्षा की। उन्होंने प्रोग्राम के संबंध में प्रस्तावित तैयारियों का भी निरीक्षण किया।

रोहित शर्मा से शमी की मौजूदा ट्रॉफी के लिए उपलब्धता के बारे में पूछा तो कहा-एनसीए की मंजूरी पर निर्भर

ब्रिस्बेन भारतीय कप्तान रोहित शर्मा से जब अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की मौजूदा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए उपलब्धता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह सब राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) की मंजूरी पर निर्भर करता है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा में तीसरे टेस्ट में भारत के ड्रॉ के बाद बोलते हुए, रोहित ने शमी की फिटनेस उपलब्धता के सवाल को एनसीए के हाथों में छोड़ दिया, जहां नवंबर 2023 में टखने की सर्जरी के बाद शीर्ष तेज गेंदबाज पुनर्वास से गुजर रहा है। रोहित ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मुझे लगता है कि एनसीए से किसी को उसके बारे में बात करने का समय आ गया है। यह हमारी राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी है, जहां वह पुनर्वास कर रहा है। उन लोगों को ही आकर हमें किसी तरह की अपडेट देने की जरूरत है। लेकिन देखिए, मैं समझता हूं कि वह घर पर बहुत क्रिकेट खेल रहा है, लेकिन उसके घुटने के बारे में कुछ शिकायतें भी हैं।” रोहित ने बीच सीरीज में चोटों के कारण होने वाली गड़बड़ी का जिक्र करते हुए चुटकी ली, “आखिरी चीज जो आप चाहते हैं वह यह है कि खिलाड़ी यहां आए और फिर खेल के बीच में बाहर हो जाए। आप जानते हैं कि जब ऐसा होता है तो क्या होता है,” शमी, जो नवंबर 2023 में भारत के वनडे विश्व कप फाइनल के बाद से अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई से बाहर हैं, ने घरेलू क्रिकेट के माध्यम से वापसी की है सर्जरी और गहन पुनर्वास कार्यक्रम के बाद, अनुभवी तेज गेंदबाज ने रणजी ट्रॉफी में प्रतिस्पर्धी वापसी की, इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। शमी की घरेलू सफलता के बावजूद, भारतीय टीम प्रबंधन एनसीए से स्पष्ट हरी झंडी के बिना उनकी फिटनेस को जोखिम में डालने से हिचक रहा है। रोहित ने दोहराया कि अकादमी से केवल 200 प्रतिशत आश्वासन ही टीम को उन्हें टीम में लाने के लिए प्रेरित करेगा। “हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं जब तक कि हम सौ प्रतिशत नहीं, 200 सौ प्रतिशत सुनिश्चित न हों। हम कोई जोखिम नहीं लेने जा रहे हैं। लेकिन हां, जैसा कि मैंने पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, दरवाज़ा खुला है। अगर एनसीए के लोगों को लगता है कि वह ठीक हो सकता है और खेल सकता है, तो मुझे उसे लेने में खुशी होगी।” भारत का मौजूदा गेंदबाजी आक्रमण जसप्रीत बुमराह पर बहुत अधिक निर्भर है, जिन्होंने श्रृंखला में अधिकांश कार्यभार संभाला है। अब तक तीन टेस्ट मैचों में बुमराह ने लंबे स्पैल में गेंदबाजी की है और प्रभावशाली प्रदर्शन किया है, लेकिन उन्हें साथी तेज गेंदबाजों मोहम्मद सिराज, आकाश दीप और हर्षित राणा से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला है।  

रूस-यूक्रेन के बीच चल रही जंग अब एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर, रूस यूक्रेन के खिलाफ बड़ा कदम उठा ……

 मॉस्को रूस-यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रही जंग अब एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर आ गई है. रूसी सेना के न्यूक्लियर डिपार्टमेंट के चीफ इगोर किरिलोव की मंगलवार को मॉस्को में हुई हत्या के बाद तनाव बढ़ गया है. रूस ने साफ किया है कि वह इसका बदला लेगा. हाई लेवल मीटिंग का दौर जारी है. माना जा रहा है कि रूस यूक्रेन के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठा सकता है. कब और कैसे हुआ हमला… इगोर किरिलोव की मंगलवार को मॉस्को में उनके अपार्टमेंट के बाहर स्कूटर ब्लास्ट में मौत हो गई थी. इस धमाके में उनके सहायोगी की भी जान चली गई थी. रूस की जांच समिति ने बताया कि जब इगोर किरिलोव सुबह-सुबह अपने घर की बिल्डिंग से बाहर निकल रहे थे, तभी वहां खड़े एक स्कूटर में जोरदार विस्फोट हो गया. इगोर किरिलोव इसके चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई. किस इलाके में हुआ हमला यह घटना मॉस्को के Ryazansky Prospekt इलाके में हुई, जो क्रेमलिन से करीब सात किलोमीटर दूर है. धमाका इतना जबरदस्त था कि बिल्डिंग की कई खिड़कियां टूट गईं और मुख्य दरवाजा पूरी तरह से तहस-नहस हो गया. यूक्रेन ने ली जिम्मेदारी यूक्रेन की SBU Security Service ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. SBU के सूत्रों के अनुसार, किरिलोव की हत्या एक ‘स्पेशल ऑपरेशन’ का हिस्सा थी. SBU के एक अधिकारी ने कहा, ‘इगोर किरिलोव एक युद्ध अपराधी थे और पूरी तरह वैध टारगेट थे क्योंकि उन्होंने यूक्रेन के खिलाफ प्रतिबंधित केमिकल हथियारों का इस्तेमाल करने का आदेश दिया था.’ यूक्रेन ने हमले पर क्या कहा यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा, ‘इगोर किरिलोव एक युद्ध अपराधी थे और पूरी तरह वैध टारगेट थे क्योंकि उन्होंने यूक्रेन के खिलाफ प्रतिबंधित केमिकल हथियारों का इस्तेमाल करने का आदेश दिया था.’ कितना खतरनाक था विस्फोटक रूसी जांचकर्ताओं के मुताबिक इस धमाके में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक की क्षमता करीब 200 ग्राम TNT के बराबर थी. सूत्रों का कहना है कि स्कूटर में विस्फोटक सामग्री को रात के करीब 4 बजे बिल्डिंग के बाहर खड़ा किया गया था. Baza Telegram Channel की रिपोर्ट के अनुसार, यह संभावना है कि बिल्डिंग के आसपास के लोगों की निगरानी के लिए सामने की गली में एक अपार्टमेंट किराए पर लिया गया था. इसके अलावा बिल्डिंग के सीसीटीवी कैमरे को हैक करके भी हमलावरों ने निगरानी की हो सकती है. कौन थे इगोर किरिलोव 54 वर्षीय लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरिलोव 2017 से रूसी सेना के रेडियोलॉजिकल, केमिकल और बायोलॉजिकल डिफेंस फोर्स का नेतृत्व कर रहे थे. हाल ही में ब्रिटेन ने उन पर और उनकी यूनिट पर यूक्रेन में कथित केमिकल हथियारों के इस्तेमाल को लेकर बैन लगाया था. उन्हें ‘रूसी प्रोपेगैंडा का बड़ा चेहरा’ भी कहा गया. किरिलोव ने कई बार यूक्रेन पर रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का आरोप लगाया था.  

गाबा टेस्ट ड्रॉ , WTC Final में कैसे पहुंच सकता है भारत, मेलबर्न और सिडनी में हारना मना है; ये है पूरा समीकरण

गाबा  भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2024-25 का तीसरा मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हो गया. ब्रिस्बेन के गाबा में आज (18 द‍िसंबर) मैच का आख‍िरी और पांचवां द‍िन था. मैच पहले खराब रोशनी और फ‍िर बार‍िश के कारण रोका गया. इसके बाद इस मुकाबले को दोनों कप्तानों की रजामंदी से ड्रॉ करने का फैसला क‍िया गया. जब मैच रुका तो यशस्वी जायसवाल (4) और केएल राहुल (4)  क्रीज पर थे. वहीं भारतीय टीम ने दूसरी पारी में  8/0 का स्कोर बना ल‍िया था. ट्रेव‍िस हेड को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के पुरस्कार से नवाजा गया, उन्होंने पहली पारी में शानदार 151 रन जड़े थे.    इससे पहले ऑस्ट्रेल‍िया ने अपनी दूसरी पारी 89/7 पर घोष‍ित की. इस तरह भारत के सामने 275 रनों का टारगेट म‍िला, जो उसे 54 ओवर्स (म‍िन‍िमम) में कंपलीट करना था.भारतीय टीम पहली पारी में 260 रनों पर ऑलआउट हो गई. ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 445 रन बनाए थे.BGT सीरीज के पर्थ में हुए पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने 295 रनों से जीत दर्ज की, वहीं एड‍िलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेल‍िया ने 10 व‍िकेट से जीत दर्ज की थी. देखा जाए तो भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिस्बेन गाबा के मैदान पर इससे पहले सात टेस्ट खेले गए थे. इस दौरान भारतीय टीम को 5 मुकाबलों में हार मिली और एक मुकाबला ड्रॉ भी रहा. गाबा में भारतीय टीम को इकलौती टेस्ट जीत जनवरी 2021 में मिली थी. तब उसने अजिंक्य रहाणे की अगुवाई में ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हराया था. ऑस्ट्रेल‍िया की दूसरी पारी 89 पर घोष‍ित ऑस्ट्रेल‍िया ने अपनी दूसरी पारी 89 रनों पर घोष‍ित की. तब तक उसके 7 व‍िकेट ग‍िर चुके थे. ऑस्ट्रेल‍िया की शुरुआत दूसरी पारी में भी बेहद खराब रही. पांचवें द‍िन जसप्रीत बुमराह ने बहुत ही जल्दी उस्मान ख्वाजा को 8 रनों पर क्लीन बोल्ड कर द‍िया. इसके कुछ देर बाद ही बुमराह का जादू एक बार फ‍िर चला और उन्होंने मार्नस लाबुशेन (1) को भी विकेटकीपर पंत के हाथों कैच आउट करवा द‍िया. फ‍िर आकाश दीप ने अपने पहले ही ओवर में नाथन मैकस्वीनी (4) को पंत के हाथों लपकवाया. कुछ देर बाद ही आकाश ने  म‍िचेल मार्श (2) को भी पंत के हाथों कैच आउट करवा द‍िया. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया का स्कोर 28/4 हो गया. इसके बाद स्टीव स्म‍िथ ने मोहम्मद सिराज की गेंद पर चौका जड़कर अपने इरादे जताए, लेक‍िन वह ठीक अगली ही गेंद पर फ्ल‍िक करने के चक्कर में पंत के हाथों कैच आउट हुए. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया का स्कोर 33/5 हो गया. ट्रेव‍िस हेड रंग में लग रहे थे, लेक‍िन वह भी अपनी पारी ज्यादा लंबी नहीं खींच सके और 17 रन बनाकर मोहम्मद स‍िराज का श‍िकार बने. हेड के बाद आए कप्तान पैट कम‍िंस ने 10 गेंदों पर 22 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, लेक‍िन वह बुमराह की गेंद पर केएल राहुल को कैच थमा बैठे. दूसरी पारी में भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 3, वहीं मोहम्मद स‍िराज और आकाश दीप ने 2-2 व‍िकेट झटके. व‍िकेट पतन: 1-11 (उस्मान ख्वाजा, 2.4 ओवर), 2-16 (मार्नस लाबुशेन, 6.1 ओवर), 3-16 (नाथन मैकस्वीनी, 7.3 ओवर), 4-28 (मिचेल मार्श, 9.5 ओवर), 5-33 (स्टीव स्मिथ, 10.6 ओवर), 6-60 (ट्रेविस हेड, 14.4 ओवर), 7-85 (पैट कमिंस, 17.1 ओवर) भारत की पहली पारी: आकाश-बुमराह ने बचाया फॉलोआन भारतीय टीम पहली पारी में महज 260 रनों पर ऑल आउट हो गई. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया को पहली पारी के आधार पर 185 रनों की बढ़त म‍िली है. इस मुकाबले में भी भारत का टॉप ऑर्डर बुरी तरह फ्लॉप  रहा और एक के बाद एक बल्लेबाज आउट होते गए.  भारत की ओर से केएल राहुल (84) और रवींद्र जडेजा (77) ही बल्ले से हिट रहे. ऑस्ट्रेल‍िया की ओर से कप्तान पैट कम‍िंस ने भारत की पहली पारी में सबसे ज्यादा 4 विकेट झटके. वहीं म‍िचेल स्टार्क को 3, जोश हेजलवुड, नाथन लायन और ट्रेव‍िस हेड को 1-1 सफलता म‍िली.   यशस्वी जायसवाल (4 रन), शुभमन गिल (1 रन), विराट कोहली ( 3) बेहद सस्ते में आउट हुए. वहीं ऋषभ पंत (9 रन) भी कुछ खास नहीं कर सके. बार‍िश से बाध‍ित इस मैच में चौथे द‍िन रोहित शर्मा (10 ) से अच्छे खेल की उम्मीद थी लेकिन वो सस्ते में निपट गए. रोहित के आउट होने के बाद केएल राहुल और रवींद्र जडेजा ने मिलकर छठे विकेट के लिए 67 रन जोड़कर भारत को संभाला. राहुल ने आउट होने से पहले 8 चौके की मदद से 139 गेंदों पर 84 रन बनाए. इसके बाद नीतीश रेड्डी (16) और रवींद्र जडेजा (77) आउट भारतीय टीम के लिए संघर्ष किया. मोहम्मद सिराज (1) सस्ते में निपट गए. वैसे भारतीय टीम को आकाश दीप (31) और जसप्रीत बुमराह (10) को धन्यवाद कहना चाहिए. दोनों ने मिलकर दसवें विकेट के लिए 47 रन जोड़े ओर 246 रनों का फॉलोआन का आंकड़ा पार करवाया. वैसे आउट होने वाले अंत‍िम बल्लेबाज आकाश दीप रहे, ज‍िन्हें ट्रेव‍िस हेड ने व‍िकेट के पीछे एलेक्स कैरी के हाथों स्टम्प आउट करवाया.   विकेट पतन: 1-4 (यशस्वी जायसवाल, 0.2 ओवर), 2-6 (शुभमन गिल, 2.1 ओवर), 3-22 (विराट कोहली, 7.2 ओवर), 4-44 (ऋषभ पंत, 13.5 ओवर), 5-74 (रोहित शर्मा, 23.5 ओवर), 6-141 (केएल राहुल, 42.3 ओवर) , 7-194 (नीतीश कुमार रेड्डी, 59.5 ओवर), 8-201 (मोहम्मद सिराज, 62.6 ओवर), 9-213 (रवींद्र जडेजा, 65.6 ओवर),10-260 (आकाश दीप, 78.5 ओवर) भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तीसरा टेस्ट मैच के ड्रॉ रहा। इससे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 (WTC 2025) के फाइनल के लिए क्वालिफाई करने की भारत की संभावनाओं को झटका लगा। मैच ड्रॉ होने पर भारत को मेलबर्न और सिडनी में जीत दर्ज करनी होगी। ड्रॉ होने से भारत का पीसीटी 57.29 से गिरकर 55.88 हो गया। वह साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बाद डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग में तीसरे स्थान पर है। एडिलेड टेस्ट में भारत को हराकर मौजूदा साइकल में ऑस्ट्रेलिया की नौवीं जीत दर्ज की। इससे उसका पीसीटी 57.69 से बढ़कर 60.71 हो गया। वह केवल साउथ अफ्रीका (63.33) से पीछे है। उसे दो टेस्ट घरेलू सरजमीं पर खेलने हैं। इसलिए ब्रिस्बेन में ड्रॉ या हार ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों के लिए चुनौती कड़ी कर देगी,लेकिन रोहित शर्मा की टीम के लिए यह और भी … Read more

आगर मालवा में बस हादसा, दिल्ली से इंदौर जा रही बस पलटी, 20 से ज्यादा घायल, 1 बच्ची की मौत

राजगढ़ आगर मालवा ज़िले में बुधवार सुबह एक सड़क हादसे में एक बच्ची की मौत हो गई। इसमें 20 से ज़्यादा लोग घायल हो गए। दिल्ली से इंदौर जा रही एक बस सुबह लगभग 7 बजे सुसनेर के पास पलट गई। हादसा उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 552G पर किटखेड़ी मोड़ के पास हुआ। हादसे के बाद बस में फंसी बच्ची को जेसीबी की मदद से निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घायलों को तुरंत पास के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ को गंभीर चोटों के कारण ज़िला अस्पताल रेफर कर दिया गया। कलेक्टर, एसपी समेत कई आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य का जायज़ा लिया। कैसे हुआ हादसा हादसा सुबह करीब 7 बजे सुसनेर के पास किटखेड़ी मोड़ पर हुआ। बताया जा रहा है कि बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के वक़्त बस में लगभग 30 यात्री सवार थे। दुर्घटना के तुरंत बाद चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने मदद के लिए आगे आकर घायलों को बस से बाहर निकाला। एक 6 साल की बच्ची बस के नीचे दब गई थी। जेसीबी मशीन की मदद से बस को हटाकर बच्ची को निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मौके पर पहुंचे आला अधिकारी हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। सभी घायलों को फौरन सुसनेर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने घायलों का इलाज शुरू किया। करीब 8-9 लोगों को गंभीर चोटें आई थीं, जिन्हें ज़िला अस्पताल रेफर कर दिया गया। SDOP देवनारायण यादव समेत कई पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। हादसे की ख़बर मिलते ही कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी विनोद कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया और बाद में अस्पताल जाकर घायलों से मिले और उनका हाल-चाल पूछा। मीडिया से बोले एसपी एसपी विनोद कुमार सिंह ने मीडिया को बताया, ‘दिल्ली से इंदौर जा रही बस में लगभग 30 यात्री सवार थे। इस हादसे में 20 लोग घायल हुए हैं। कुछ घायलों को फ्रैक्चर और गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें जिला अस्पताल भेजा गया है। हादसे में एक बच्ची की मौत हो गई है।’ हादसे की जांच कर रही पुलिस पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में बताया जा रहा है कि बस तेज़ रफ़्तार और चालक की लापरवाही के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। हालांकि, पुलिस अभी भी मामले की गहनता से जांच कर रही है। प्रशासन ने घायलों और मृतक बच्ची के परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ऐसीआई की पूरी टीम की प्रशंसा की

 एसीआई के डॉक्टरों ने कोरोनरी धमनी में जमे कैल्शियम को डायमंड कोटेड ड्रिल डिवाइस की मदद से नसों के अंदर महीन चूर्ण के रूप में पीसकर निकाला एसीआई में कोरोनरी ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति से हृदय रोगियों के लिए उपचार सुविधा की शुरुआत स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ऐसीआई की पूरी टीम की प्रशंसा की रायपुर पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में  दो हृदय रोगियों के धमनियों में जमे कैल्शियम को ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया के जरिये हटाते हुए हृदय में रक्त प्रवाह को सुगम बनाया गया। एथेरेक्टोमी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग एंजियोप्लास्टी से पहले कैल्सीफाइड ब्लॉक (प्लाक) को खोलने के लिए किया जाता है। इसमें 1.25 मिमी का डायमंड-कोटेड ड्रिल डिवाइस होता है जो कैल्शियम को लगभग दो माइक्रोन आकार के महीन कणों में बदल देता है। सरल शब्दों में कहें तो यह कैल्शियम को चूर-चूर करके महीन आकार के कण बना देता है। इस पद्धति के जरिये धमनियों को अच्छी तरह से साफ करके रक्त प्रवाह को सुगम बनाया जाता है। आर्बिटल एथेरेक्टोमी का उपयोग भारी (हैवी) कैल्सीफाइड कोरोनरी धमनियों वाले रोगियों के इलाज के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में एक पतले कैथेटर के जरिये धमनी के अंदर अपने अक्ष पर घूमने वाला हीरे का लेप किये हुए बर को प्रविष्ट कराया जाता है जो कैल्सिफाइड सतह को धीरे-धीरे पीस कर बाहर निकालता है और धमनी की सतह को चिकना कर देता है। इस चिकनी सतह में रक्त का प्रवाह सुगमता से होता है जिससे दिल के दौरे पड़ने की संभावना कम हो जाती है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मरीजों के सफल उपचार के लिए टीम को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। एसीआई में हृदय रोग विशेषज्ञों की अनुभवी एवं समर्पित टीम ने कोरोनरी ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति से हृदय रोगियों के लिए नयी उपचार सुविधा की शुरुआत की है। शासकीय चिकित्सालय में इस तकनीक का उपयोग कर एसीआई ने उपलब्धि हासिल की है। हृदय रोग के उपचार की दिशा में एसीआई की टीम द्वारा किये जा रहे नवाचार मरीजों में अच्छे जीवन की नई उम्मीद जगा रहे हैं। केस के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि रायपुर निवासी 77 वर्षीय को-मॉर्बिड बुजुर्ग मरीज को बी. पी., शुगर की समस्या के साथ-साथ उनके हृदय की पम्पिंग क्षमता काफी कम थी। एंजियोग्राफी रिपोर्ट में हृदय की बायीं मुख्य एवं तीनों नसों में कैल्शियम का जमाव था। इस वजह से सामान्य एंजियोप्लास्टी पद्धति से एंजियोप्लास्टी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में ऑर्बिटल एथरेक्टोमी प्रक्रिया के जरिए कैल्शियम को हटाते हुए एंजियोप्लास्टी की गई। वहीं भिलाई निवासी 68 वर्षीय मरीज की नसों में कैल्शियम का जमाव था। बाहर के अस्पताल में एंजियोग्राफी करवाया था। वहां पर बाईपास सर्जरी का सुझाव दिया गया। मरीज वहां से सुझाव लेकर एसीआई आया और एसीआई में उसके लेफ्ट साइड की मुख्य नस में बहुत ज्यादा कैल्शियम जमा होने की वजह से ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति का उपयोग करते हुए सफलतापूर्वक एंजियोप्लास्टी कर दी गई। एक दिन में ही मरीज स्वस्थ होकर अपने घर चला गया। क्या है ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया कार्डियोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कुणाल ओस्तवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया में धमनी में एक पतली कैथेटर डाली जाती है। इस कैथेटर में एक घूमता हुआ हीरा-लेपित बर (डायमंड कोटेड बर (किसी उपकरण या धातु की खुरदरी सतह)) होता है जो विशेष वृत्ताकार धुरी पर 360 डिग्री घूमते हुए नसों के अंदर जमे हुए कैल्शियम को खुरचकर निकालता है। कैल्शियम के जमाव को तोड़कर या पीसकर, यह प्रक्रिया रक्त प्रवाह के लिए एक चिकनी सतह बनाती है, जिससे एंजियोप्लास्टी करने एवं स्टंट लगाने में सहूलियत प्राप्त होती है और रुकावटों की संभावना कम हो जाती है। ऐसी नसें जिनमें सामान्य तरीके से एंजियोप्लास्टी एवं स्टंटिंग नहीं की जा सकती। उनमें यह तरीका अपनाया जाता है। यह कैल्शियम को इतने छोटे टुकड़ों में तोड़ता है कि वह आर्टरिज के कैपिलरी के द्वारा ही निकल जाता है।

पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगी बुकिंग, शुरूआती किराया मात्र 999

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहा है हवाई सेवाओं का विस्तार रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर शहरों को जोड़ने नई विमान सेवा 19 दिसंबर से शुरू होगी पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगी बुकिंग, शुरूआती किराया मात्र 999 सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होगी उड़ानें रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में केन्द्र सरकार की रिजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।रिजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत शुरू हो रही नई उड़ान सेवाओं का उद्देश्य हवाई यात्रा को न केवल किफायती बनाना है बल्कि क्षेत्र में यात्रियों के लिए पसंदीदा विकल्प भी बनाना है। इन उड़ानों के शुरू होने से व्यापारिक यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय समुदायों को बहुत लाभ होगा, समय की बचत होगी और आर्थिक विकास के नए द्वार खुलेंगे।       इसी कड़ी में रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। इन तीनों शहरों को जोड़ने के लिए नई उड़ान सेवा का संचालन 19 दिसंबर, 2024 से शुरू होने जा रहा है।       रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर को जोड़ने वाली नई उड़ानें सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होंगी। यह नई सेवा न केवल यात्रा के समय को कम करेगी बल्कि इंटरसिटी यात्राओं को एक आरामदायक और सुविधाजनक बनाएगी, जिससे पर्यटन, व्यापार के अवसरों और क्षेत्रीय विकास को और बढ़ावा मिलेगा। इन शहरों में पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर यात्री विमान सेवा के लिए बुकिंग करा सकते हैं। इस नई उड़ान सेवा का शुरुआती किराया मात्र 999 रूपए रखा गया है। इस संबंध में अधिक जानकारी और बुकिंग के लिए 

मुख्यमंत्री इंदौर में हुए एनआरआई समिट से वर्चुअली जुड़े

इंदौर मॉडल को पूरे प्रदेश में पहुंचाने का प्रयास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने 2 नदी जोड़ो परियोजनाओं को दी है मंजूरी, मध्यप्रदेश दोनों में शामिल मुख्यमंत्री इंदौर में हुए एनआरआई समिट से वर्चुअली जुड़े भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यापार, वाणिज्य, उद्योग क्षेत्र के साथ ही अन्य क्षेत्रों में इंदौर की महत्वपूर्ण भूमिका है। सूचना प्रौद्योगिकी से लेकर निवेश के विभिन्न क्षेत्रों में इंदौर में आने वाले कल की आहट सुनकर विकास पथ पर कदम बढ़ाए हैं। इसलिए इंदौर मध्यप्रदेश का सिरमौर है। इंदौर एक ग्लोबल सिटी है। चाहे यहां खान-पान की बात हो, कला जगत की बात हो, परम्पराओं को सहेजने की बात हो या फिर स्वच्छता में सबसे आगे रहने की। इंदौर एक मॉडल है। इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और समिट के इंदौर मॉडल को पूरे प्रदेश में पहुंचाया गया है। प्रदेश के विभिन्न संभागों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर मध्यप्रदेश के तीव्र विकास को गति देने की पहल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअली जुड़कर इंदौर में एनआरआई फोरम द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इस समिट में 29 देशों के 128 प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने बनाया रिकार्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नदी जोड़ो परियोजनाओं का पहला प्रयोग कर एक रिकार्ड बनाया है। मध्यप्रदेश दोनों परियोजनाओं में शामिल है। केन-बेतवा परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से मध्यप्रदेश के बड़े इलाके में पेयजल और सिंचाई के लिए बेहतर व्यवस्थाएं होंगी। समृद्धि के नए मार्ग खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज जयपुर में पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना संबंधित त्रिपक्षीय अनुबंध हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परियोजना के लिए 70 हजार करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह केन-बेतवा परियोजना पर लगभग एक लाख करोड़ रुपए व्यय होंगे, जिसकी स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा दी गई। एशिया से लुप्त हो चुके चीतों की प्रजाति का संरक्षण करते हुए उन्हें मध्यप्रदेश में बसाया गया। अब तो भोपाल देश की एकमात्र ऐसी राजधानी है जिसमें शहर से चंद दूरी पर टाइगर घूमते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत का 700 टन से अधिक सोना जो ब्रिटेन में था उसमें से 500 टन से अधिक वापस स्वदेश आ चुका है। प्रधानमंत्री मोदी गुटनिरपेक्षता की नीति का पालन करते हुए वैश्वविक स्तर पर भारत की साख बढ़ाने में सफल हुए हैं। उन्होंने भारत को एक बड़ी अर्थ व्यवस्था बनाने का कार्य किया है। भारत की ग्रोथ अनेक क्षेत्रों में सर्वाधिक है। इंदौर की पहचान भारत ही नहीं विश्व तक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर की अलग पहचान है। हाल ही में यूके और जर्मनी के दौरे में उन्हें अनेक अप्रवासी भारतीय मिले जिन्होंने इंदौर के छप्पन्न दुकान इलाके से लेकर अन्य विशेषताओं की चर्चा की। देश और विदेश की श्रेष्ठ बातों को इंदौर अंगीकार करता है। भविष्य की दृष्टि से इंदौर में अनेक संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनआरआई समिट के प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। एनआरआई फोरम के प्रतिनिधियों से चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनआरआई फोरम के पदाधिकारियों से चर्चा की और फोरम की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जापान के रोहन अग्रवाल,न्यूजीलैंड की सुस्नेहा लड्ढा, यूएस की सुचांदनी के अलावा सिंगापुर और अन्य देशों के एनआरआई से भी संवाद किया। एनआरआई फोरम की ओर से इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि फोरम से 45 देशों के करीब 1800 से प्रतिनिधि जुड़े हैं। इस तरह की समिट का यह तीसरा वर्ष है। फोरम द्वारा इंदौर में एक बड़ी लाइब्रेरी प्रारंभ करने का विचार है। एनआरआई के सहयोग से इंदौर के यातायात में आवश्यक सुधार का प्रस्ताव भी मिला है। अन्य क्षेत्रों में भी एनआरआई बंधु सहयोग के लिए तत्पर हैं। अनेक जनप्रतिनिधि समिट में हुए शामिल इंदौर में हुई एनआरआई समिट में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मधु वर्मा एवं अन्य अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए।  

जल संसाधन मंत्री सिलावट ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया आभार व्यक्त

पीकेसी लिंक प्रोजेक्ट पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया जल संसाधन मंत्री सिलावट ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया आभार व्यक्त भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में मंगलवार जयपुर में पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) लिंक परियोजना पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित होने पर प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया है। मंत्री सिलावट ने कहा है कि यह परियोजना दोनों राज्यों में विकास के नए द्वार खोलेगी। इस परियोजना से न सिर्फ सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा अपितु उद्योगों और पर्यटन का विकास होने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इस परियोजना का कार्य प्रदेश में नियत समय अवधि में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाएगा। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने कहा परियोजना की सौगात मिलना प्रदेश के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है। इस परियोजना से मालवा और चंबल क्षेत्र की तस्वीर एवं तकदीर बदलेगी। सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में तरक्की होगी। इस परियोजना से प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्र में 6 लाख 13 हजार 520 हेक्टेयर में सिंचाई होगी और 40 लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त लगभग 60 वर्ष पुरानी चंबल दाईं मुख्य नहर एवं वितरण तंत्र प्रणाली के आधुनिकीकरण कार्य से भिंड, मुरैना एवं श्योपुर जिलों के 1205 ग्रामों में 03 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कृषकों की मांग अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना से प्रदेश के 13 जिलों गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, इंदौर, धार, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़ जिलों के 3217 ग्रामों को लाभ मिलेगा। पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना मध्य प्रदेश एवं राजस्थान दोनो़ं राज्यों के किसानों और नागरिकों के लिए वरदान साबित होगी। इससे किसानों को भरपूर सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और विकास के नये द्वार खुलेंगे। परियोजना से दोनों राज्यों में समृद्धि आयेगी। परियोजना से मिलने वाले जल से किसान अपनी उपज को दोगुना कर सकेंगे, जिससे उनके परिवार के साथ प्रदेश भी समृद्ध होगा। पीकेसी लिंक परियोजना की अनुमानित लागत 72 हजार करोड़ है, जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ और राजस्थान 37 हजार करोड़ रूपये व्यय करेगा। केन्द्र की इस योजना में कुल लागत का 90 प्रतिशत केन्द्रांश और 10 प्रतिशत राज्यांश रहेगा। परियोजना की कुल जल भराव क्षमता 1908.83 घन मीटर होगी। साथ ही 172 मिलियन घन मीटर जल, पेयजल और उद्योगों के लिये आरक्षित रहेगा। परियोजना अंतर्गत 21 बांध/बैराज निर्मित किये जाएंगे।  

भक्तों की भेंट से भगवान महाकाल का खजाना फिर भर गया, 1 साल में 112 करोड़ रुपए से अधिक की आय

उज्जैन भक्तों की भेंट से भगवान महाकाल का खजाना फिर भर गया है। 1 जनवरी से 13 दिसंबर 2024 तक मंदिर समिति को विभिन्न स्रोतों से 112 करोड़ 31 लाख 85 हजार 988 रुपये की आय हुई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2024 में शीघ्र दर्शन टिकट व भस्म आरती बुकिंग से आय बढ़ी है। अन्नक्षेत्र में भी गतवर्ष की तुलना में अधिक दान आया है। विविध आय भी दो गुना हो गई है। अभी दिसंबर माह के 18 दिन शेष है। इस अवधि में जो भी आय होगी, इसे मिलाकर इस साल की आय पिछले साल से अधिक रहेगी।   लड्डू प्रसाद की बिक्री से प्राप्त राशि शामिल नहीं     मंदिर प्रशासन के आय के आंकड़े जारी किए हैं। इस राशि में लड्डू प्रसाद की बिक्री से प्राप्त राशि शामिल नहीं है, क्योंकि लड्डू प्रसाद लागत मूल्य पर विक्रय किया जाता है। इसलिए यह आय नहीं है।     1 जनवरी से 31 दिसंबर 2023 तक मंदिर समिति को 14 करोड़ 58 लाख 4 हजार 675 रुपये की आय हुई थी। वहीं वर्ष 2024 में 1 जनवरी से 13 दिसंबर तक 112 करोड़ 31 लाख 85 हजार 988 रुपये प्राप्त हुए हैं।     वर्ष 2023 में जनवरी से जुलाई माह तक 750 रुपये की प्रोटोकॉल दर्शन तथा 1500 रुपये की जल अर्पण रसीद पर गर्भगृह में प्रवेश की व्यवस्था थी। मंदिर समिति को छह माह में इस मद से करीब 21 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई थी।     अगस्त 2023 से गर्भगृह में भक्तों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। इसलिए वर्ष दो हजार 2024 में यह आय प्रभावित हुई है। दोनों वर्षों की आय का तुलनात्मक अध्ययन करें तो इस मद में राशि प्राप्त नहीं होने से वर्ष 2024 में गतवर्ष के मुकाबले आय बढ़ी है।  

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया 7 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ

मध्यप्रदेश वन संपदा की दृष्टि से समृद्ध राज्य : राज्यपाल पटेल मध्यप्रदेश के वन, वनोपज और वन्य-प्राणी प्रदेश की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया 7 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ लाल परेड ग्राउंड में 23 दिसंबर तक होगा मेले का आयोजन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश वन संपदा की दृष्टि से समृद्ध राज्य है। यहां पर औषधीय जड़ी-बूटियों का समृद्ध भंडार है। कोविड महामारी ने विश्व को आयुर्वेद के महत्व से पुन: परिचित कराया है। उन्होंने महामारी के दौरान मरीजों के ईलाज के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा वितरण कार्य के लिए प्रदेश सरकार की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वन मेले का आयोजन, वन संसाधनों की महत्ता, उनके संरक्षण और संवर्धन की जागरूकता प्रसार की दिशा में सुखद संकेत है। राज्यपाल पटेल 10वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हितग्राहियों को लघु वनोपज संघ अंतर्गत प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि का वितरण किया। वन एवं राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ द्वारा 10वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का लाल परेड ग्राउंड भोपाल में 17 से 23 दिसंबर तक आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का अपना महत्व है, लेकिन वनों से प्राप्त औषधियों की विशेष उपयोगिता है। कोरोना के कठिन समय में आयुर्वेद ने लोगों के जीवन बचाने में मदद की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा दिया है। अब चिकित्सा जगत में फिर से आयुष का महत्व बढ़ा है। वन मेले जैसे आयोजन इस नाते बहुत महत्व रखते हैं। वास्तव में यह अंतर्राष्ट्रीय वन मेला अनोखा है। इस मेले की शुरूआत 2001 से हुई और धीरे-धीरे यह प्रदेश से आगे बढ़कर देश तक और फिर वैश्विक हो गया। मेले ने अपनी अलग पहचान बनाई है। आम तौर पर वन और वन-सम्पदा से मेलों का इतना विस्तार होना हम सब के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 10वें अंतर्राष्ट्रीय वन मेले को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश की वन सम्पदा विशिष्ट है। हम तो सौभाग्यशाली हैं कि हमारे यहां वन सम्पदा, वनों का आंतरिक वातावरण भी विशेष है और प्रदेश के वनों की अलग पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य प्राणी हमारे जंगल के आभूषण होते हैं, जिनके कारण जंगल की शोभा होती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश चीतों को पुनर्स्थापित करने में सफलता प्राप्त हुई है। वन्य जीव परम्परा में सभी प्रकार के टाइगर, तेंदुआ, चीता का महत्व है। टाइगर में हम देश में नम्बर वन पर है। वास्तव में पुनर्स्थापना में मध्यप्रदेश की भूमि का चयन होना हमारे लिये गर्व की बात है। जो चीते सम्पर्णू एशिया से ही गायब हो गए थे। इसके लिए वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी बधाई के पात्र हैं। वन विभाग ने यह अनोखा प्रयोग किया है। इस प्रयोग के अच्छे परिणाम उनके लिये आ रहे हैं। धीरे-धीरे हमारे यहाँ नए-नए मेहमान आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है वे कि मध्यप्रदेश का वातावरण अनुकूल हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के वनवासी भी वनों की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच सिंचाई, उद्योग क्षेत्र और पेयजल की दृष्टि से महत्वपूर्ण पार्वती-काली सिंध-चम्बल परियोजना के लिए आज जयपुर में त्रिपक्षीय अनुबंध का अवसर दिया। केंद्र सरकार द्वारा परियोजना के लिए 90 प्रतिशत राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसम्बर से प्रारंभ हुए जनकल्याण पर्व की गतिविधियां 26 दिसम्बर तक चलेंगी। प्रतिदिन प्रदेशवासियों को एक नई सौगात दी जा रही है। हाल ही में राजधानी के निकट लोकार्पित अभ्यारण का नाम पुरातत्वशास्त्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से आहवान किया कि वे वन मेले में प्रदर्शित औषधियों को खरीदें और लाभ प्राप्त करें। उन्होंने वन विभाग को श्रेष्ठ आयोजन के लिए बधाई दी। प्रारंभ में राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन, विदिशा, सिवनी और अन्य जिलों से आए 9 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की बोनस राशि के चेक प्रदान किए। वन्य राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि यह मेला दिव्यता और भव्यता का प्रतीक है। राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय तीन हजार रुपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा किया है। विभाग में अनुकंपा नियुक्ति, दुर्घटना पर राहत राशि के महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। प्रारंभ में लघुवनोपज संघ के एमडी विभाष ठाकुर ने स्वागत भाषण दिया। अतिथियों को बांस की टोकरी एवं अन्य वन्य उत्पाद, स्मृति चिन्ह के रूप में दिए गए। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन मेले में विभिन्न स्टाल्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समाज के पारम्परिक वाद्य यंत्रों को बजाते हुए जनजातीय लोक कलाओं से जुड़े कलाकार दल से भेंट एवं चर्चा की।  

कोई भी स्कूल परिवहन (बस) फीस भी अब अलग से नहीं ले सकेगा, निजी स्कूलों के लिए फीस वृद्धि पर नया नियम लागू

भोपाल राज्य सरकार प्रदेश के निजी स्कूलों को बड़ी राहत देने जा रही है। अब ऐसे स्कूल जिनकी किसी भी कक्षा के लिए वार्षिक फीस 25 हजार रुपये से कम है, वे फीस नियंत्रण अधिनियम के दायरे में नहीं आएंगे। यदि ऐसे स्कूल 15 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि करते हैं तो इसके लिए पहले जिला समिति से अनुमति लेनी होगी। ऐसा नहीं करने पर अधिनियम के प्रविधान के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वाहन शुल्क वार्षिक फीस में होगा शामिल कोई भी स्कूल परिवहन (बस) फीस भी अब अलग से नहीं ले सकेगा। इसे भी वार्षिक फीस का ही भाग माना जाएगा। सरकार ने यह प्रविधान मध्य प्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम-2024 में संशोधन के लिए प्रस्तुत विधेयक में किए हैं। सदन से विधेयक पारित होने के बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अनुमति मिलने पर प्रविधान प्रभावी होंगे। प्रदेश के आधे स्कूलों में वार्षिक फीस 25 हजार से कम प्रदेश में 34,652 निजी स्कूल हैं। इनमें से लगभग 16 हजार ऐसे हैं, जिनकी किसी भी कक्षा में वार्षिक फीस 25 हजार रुपये या इससे कम है। मध्य प्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम-2017 के तहत वर्ष 2020 में नियम बनाए गए। इसके प्रविधान अनुसार सरकार को यह अधिकार दिया गया कि वह निजी स्कूलों की फीस और अन्य विषयों पर निर्णय लेकर फीस विनियमन कर सकेगी। 10 फीसदी तक बिना अनुमति के बढ़ाई जा सकती है फीस 10 प्रतिशत वार्षिक फीस बिना अनुमति के बढ़ाई जा सकती है लेकिन अधिक वृद्धि के लिए जिला समिति की अनुमति लेना आवश्यक है। स्कूल 25 हजार रुपये तक फीस लेने वाले स्कूलों को शिक्षकों के वेतन सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए वित्तीय प्रबंधन में परेशानी होती है। 25 हजार रुपये वार्षिक फीस वाले स्कूलों को छूट यदि दस प्रतिशत वृद्धि करते हैं तो अभिभावकों पर अधिक भार नहीं पड़ता है, इसलिए नई उपधारा प्रस्तावित की गई है कि 25 हजार रुपये वार्षिक फीस लेने वाले स्कूल अधिनियम के दायरे से बाहर रहेंगे। इसके साथ ही यह प्रविधान भी किया जा रहा है कि परिवहन फीस स्कूलों की वार्षिक फीस का भाग होगा। अभी स्कूल इसे वार्षिक फीस से अलग लेते हैं और इसमें वृद्धि भी अधिक होती है। इससे वार्षिक फीस नियंत्रित रहेगी। फीस बढ़ाने की शिकायत सुनने बनेगी समिति फीस बढ़ाने पर आपत्ति की अपील सुनने मंत्री की अध्यक्षता में समिति अधिनियम में यह संशोधन भी प्रस्तावित किया गया है कि वार्षिक फीस में 15 प्रतिशत से अधिक वृद्धि के आदेश के विरुद्ध अपील सुनने के लिए राज्य स्तरीय समिति होगी। इसके अध्यक्ष स्कूल शिक्षा मंत्री रहेंगे।

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