LATEST NEWS

बजट की तैयारी के बीच वित्तीय दबाव: 5,600 करोड़ और उधार लेने का निर्णय, कुल कर्ज हुआ 72,900 करोड़

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार चालू वित्त वर्ष में कर्ज का नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। मंगलवार को विधानसभा में तीसरा अनुपूरक बजट पेश किए जाने के साथ ही सरकार बाजार से 5,600 करोड़ रुपये और उधार उठाने जा रही है। इसके बाद 11 माह में लिया गया कुल कर्ज बढ़कर 72,900 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन निवेशों से राजस्व सृजन करने वाली परिसंपत्तियां विकसित हुई हैं, जिससे दीर्घकाल में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।  चार चरणों में लिया जाएगा कर्ज सरकार चार अलग-अलग अवधियों के लिए ऋण जुटाएगी। इसमें 1,200 करोड़ रुपये आठ वर्ष के लिए, 1,400 करोड़ रुपये तेरह वर्ष के लिए, 1,600 करोड़ रुपये उन्नीस वर्ष के लिए और 1,400 करोड़ रुपये तेईस वर्ष के लिए जाएगा। इन सभी ऋणों का भुगतान अर्धवार्षिक किस्तों में किया जाएगा। वित्त विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।  फरवरी माह में लगातार तीसरे सप्ताह कर्ज लिया जा रहा है। इसी महीने अब तक कई किश्तों में उधारी ली जा चुकी है। 10 फरवरी को 5,000 करोड़ और 3 फरवरी को 5,200 करोड़ रुपये बाजार से जुटाए गए थे। नए ऋण के बाद चालू वित्त वर्ष में कुल उधार की संख्या 40 तक पहुंच जाएगी। राशि जुटाने के लिए राज्य सरकार प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की नीलामी करेगी। यह प्रक्रिया 17 फरवरी 2026 को मुंबई स्थित भारतीय रिजर्व बैंक के फोर्ट कार्यालय में आयोजित होगी। बोली प्रक्रिया आरबीआई के ई-कुबर (Core Banking Solution) प्लेटफॉर्म पर सुबह 10:30 से 11:30 बजे के बीच पूरी की जाएगी। प्रतिभूतियां न्यूनतम 10,000 रुपये के अंकित मूल्य पर जारी की जाएंगी। 

कांग्रेस को झटका? हुमायूं कबीर ने अधीर रंजन का थामा हाथ, AIMIM क्या देगी जवाब?

कलकत्ता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए JUP यानी जनता उन्नयन पार्टी नेता हुमायूं कबीर साथी तलाश रहे हैं। खबर है कि उन्होंने कांग्रेस समेत कई दलों के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया है। बंगाल में बाबरी मस्जिद निर्माण के ऐलान के बाद कबीर चर्चा में आ गए थे। इसके बाद उन्हें तृणमूल कांग्रेस ने निलंबित कर दिया था। उन्होंने राज्य में टीएमसी को हराने की बात कही है। कांग्रेस नहीं अधीर रंजन का साथ देंगे मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कबीर ने इंडियन सेक्युलर फ्रंट और सीपीएम के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया है। साथ ही भरोसा जताया है कि वह सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन से गठबंधन कर सकते हैं। वहीं, उन्होंने कांग्रेस से दूरी बनाने की बात भी कही है। जबकि, दावा किया है कि चुनाव में उनकी पार्टी अधीर रंजन चौधरी को समर्थन दे सकती है। कबीर ने कहा, ‘ISF सीट शेयरिंग पर फैसला लेने में देरी कर रही है। वो मुझे कम आंकने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में हम आईएसएफ और इसी वजह से सीपीआई (एम) के साथ सीटें साझा नहीं कर सकते।’ उन्होंने कांग्रेस से भी गठबंधन नहीं करने की बात कही है। उन्होंने कहा, ‘अगर अधीर रंजन चौधरी बेहरमपुर से चुनाव लड़ते हैं, तो हम उनका समर्थन करेंगे। वह अच्छे व्यक्ति हैं। समर्थन सिर्फ उनके लिए होगा और कांग्रेस पार्टी के लिए नहीं।’ AIMIM से कर सकते हैं गठबंधन उन्होंने कहा, ‘मुझे भरोसा है कि AIMIM मेरे साथ होगी। कुछ और पार्टीयां भी मेरे साथ आएंगी। यह तय है। आने वाले दिनों में हम उनके साथ बैठकें करने वाले हैं।’ बीते साल AIMIM ने पश्चिम बंगाल की सभी सीटों पर लड़ने की बात कही थी। बाबरी मस्जिद का निर्माण शुरू कबीर ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बहुचर्चित मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू किया। कबीर ने घोषणा की कि बेलडांगा के रेजिनगर में इस मस्जिद का निर्माण दो साल के भीतर पूरा हो जाएगा और इसकी लागत लगभग 50-55 करोड़ रुपये आएगी। यह मस्जिद 11 एकड़ जमीन पर बनाई जा रही है और इसमें लगभग 12,000 लोग एकसाथ नमाज अदा कर सकेंगे। सभी सीटों पर लड़ने का प्लान कबीर ने यह भी घोषणा की कि उनकी पार्टी राज्य के 294 निर्वाचन क्षेत्रों में से 135 पर प्रत्याशी खड़ा कर आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों को टक्कर देगी। इस बीच, कबीर एक नए विवाद में फंस गए हैं, क्योंकि पश्चिम बंगाल पुलिस ने मंगलवार को मादक पदार्थों की तस्करी के एक मामले में उनके कुछ रिश्तेदारों से संबंधित लगभग 11 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क कर लिया है।

सरकारी स्कूल ने प्राइवेट को दी चुनौती, रतलाम के बच्चे बिना बैग आए और 40 तक के पहाड़े याद किए

रतलाम  सरकारी स्कूलों का जब जिक्र आता है, तब ज्यादातर समय दिमाग में पहली तस्वीर बदहाल व्यवस्था की बनती है लेकिन मध्य प्रदेश के रतलाम में एक ऐसा अनूठा स्कूल है, जो इसके विपरीत एक नजीर पेश कर रहा है. यह स्कूल अपने आप में एक मिसाल है. इसके बारे में यह कहना हरगिज गलत नहीं होगा कि यह सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों को मात दे रहा है. स्कूल की अपनी कार्यशैली के चलते इसे ‘समस्या मुक्त विद्यालय’ नाम दिया गया है. यहां के प्रधानाध्यापक ने अपने खर्च पर स्कूल को सजाया-संवारा है. वहीं उनका शिक्षा की गुणवत्ता पर भी खासा फोकस रहता है. हम बात कर रहे हैं रतलाम के जावरा स्थित रूपनगर के सरकारी प्राथमिक स्कूल की. प्राथमिक स्कूल को बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया है. स्कूल में बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ वह तमाम जानकारी मुहैया करवाई जा रही है, जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक है. स्कूल में इस तरह हरियाली छाई हुई है कि एक बार के लिए लगता है कि आप किसी गार्डन में आ गए हों. स्कूल की साफ-सफाई पर बहुत ध्यान दिया जाता है ताकि बच्चे अभी से स्वच्छता के महत्व को समझ सकें और इसे अपने जीवन में अपना सकें. खाली हाथ स्कूल आते हैं बच्चे पहली से पांचवीं क्लास तक यह स्कूल पूरी तरह से एक बैगलेस स्कूल है. बच्चे घर से बैग लेकर स्कूल नहीं आते हैं ताकि उनके नाजुक कंधों पर वजनी बोझ न पड़े. स्कूल में पढाई के साथ-साथ होमवर्क भी करवाया जाता है. बच्चों की यूनिफॉर्म पूरी तरह से व्यवस्थित है. इन नन्हे-मुन्ने स्टूडेंट्स की छोटी-छोटी बातों पर पूरा ध्यान दिया जाता है ताकि वे भी अच्छी बातें सीख सकें. बच्चों को 40 तक के पहाड़े मुंहजबानी याद स्कूल से प्रधानाध्यापक की मेहनत का ही यह नतीजा है कि उन्होंने इस सरकारी स्कूल की तस्वीर बदल दी. यहां बच्चों को 40 तक के पहाड़े मुंहजबानी याद हैं. जावरा के रूपनगर का यह सरकारी स्कूल रतलाम ही नहीं बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में मिसाल पेश करता नजर आ रहा है.

T20 वर्ल्ड कप 2026 अपडेट: India-Pakistan मैच हो सकता है फिर से, जानें कब और कैसे होगा

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 के लीग फेज में टीम इंडिया और पाकिस्तान की भिड़ंत रविवार 15 फरवरी को हुई, जिसमें भारतीय टीम ने बुरी तरह से पाकिस्तान को धोया। पाकिस्तान की टीम को इस मैच में 61 रनों से हार मिली। इस हार की वजह से टीम का सुपर 8 में पहुंचने का गणित भी गड़बड़ा गया है। हालांकि, एक और मैच जीतकर पाकिस्तान की टीम सुपर 8 में पहुंच जाएगी, लेकिन फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान का मैच फिर से इस टी20 विश्व कप में खेला जाए? अब क्या संभव है कि इंडिया और पाकिस्तान फिर से टूर्नामेंट में भिड़ेंगे? इसका जवाब है- हां, ऐसा हो सकता है। ये कैसे संभव है? ये आप इस स्टोरी में जान लीजिए। दरअसल, इंडिया और पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप ए में थे। ऐसे में दोनों के बीच टी20 विश्व कप में कम से कम एक मुकाबला संभव था, जो कि 15 फरवरी को खेला जा चुका है, लेकिन जिस तरह का मुकाबला हुआ है, उसे देखकर फैंस चाह रहे हैं कि एक बार फिर से दोनों देशों के बीच मुकाबला खेला जाएगा, जो कि कांटे का हो। हालांकि, सुपर 8 में ये संभव नहीं होने वाला है। इसके पीछे का कारण ये है कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी करते हुए टॉप टीमों को सीडिंग दी थी, जिसके तहत सुपर 8 के मुकाबले लगभग तय हैं कि कौन सा मैच किस टीम के बीच खेला जाएगा। सुपर 8 में दो ग्रुप बनाए जाएंगे। ग्रुप 1 की चार टीमों को आपस में मुकाबले खेलने होंगे, जबकि दूसरे ग्रुप में भी ऐसा ही करना होगा। भारतीय टीम (X1) ग्रुप 1 में होगी, जिसमें ऑस्ट्रेलिया (X2), वेस्टइंडीज (X3) और साउथ अफ्रीका (X4) होगी। वहीं, ग्रुप 2 में इंग्लैंड (Y1), न्यूजीलैंड (Y2), पाकिस्तान (Y3) और श्रीलंका (Y4) को रखा जाएगा। बर्शते ये टीमें क्वालीफाई करें। अगर कोई टीम सुपर 8 में नहीं पहुंचती है तो उस टीम को उस ग्रुप की दूसरी टीम से रिप्लेस कर दिया जाएगा। इस तरह सुपर 8 में इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मुकाबला संभव नहीं है, लेकिन अगर भारत और पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करती हैं तो फिर दोनों के बीच भिड़ंत हो सकती है। टी20 विश्व कप 2026 में इंडिया वर्सेस पाकिस्तान सेमीफाइनल मैच तभी होगा, जब ग्रुप 1 में भारत टॉप पर रहे और ग्रुप 2 में पाकिस्तान दूसरे स्थान पर रहे या फिर पाकिस्तान ग्रुप 2 में पहले स्थान पर रहे और ग्रुप 1 में भारत दूसरे स्थान पर सुपर 8 फेज को फिनिश करे। अगर ऐसा नहीं होता तो फिर इंडिया वर्सेस पाकिस्तान सेमीफाइनल मैच संभव नहीं होगा। इसके लिए फैंस को उम्मीद करनी होगी कि दोनों टीमें फाइनल में भिड़ें। अगर पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल में पहुंचती है तो उसका सेमीफाइनल कोलंबो में होगा। अगर इंडिया वर्सेस पाकिस्तान सेमीफाइनल होता है तो यह भी कोलंबो में होगा। अन्यथा इंडिया किसी अन्य टीम से सेमीफाइनल में भिड़ेगी तो वह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। अगर पाकिस्तान की टीम ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं किया तो दूसरा सेमीफाइनल कोलकाता के ईडन गार्डेंस में खेला जाएगा। फाइनल में अगर पाकिस्तान की टीम पहुंची तो फिर फाइनल कोलंबो में होगा। अगर फाइनल में पाकिस्तान नहीं पहुंचा तो फिर टी20 विश्व कप 2026 फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा।

AI Impact Summit 2026 बना भारत की ताकत का मंच, राघव चड्ढा ने बताया वैश्विक प्रभाव

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और प्रौद्योगिकी शासन से संबंधित चर्चाओं को आकार देने में भारत को वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित कर दिया है। यहां शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन में चड्ढा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के शासन, विकास और जनहित में इसके उपयोग को लेकर वैश्विक बहसों में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अब केवल एक तकनीकी मुद्दा नहीं बल्कि एक रणनीतिक मुद्दा है। उन्होंने कहा कि मजबूत कंप्यूटिंग क्षमता और बुनियादी ढांचे वाले देश आने वाले वर्षों में विश्व पर हावी होने की संभावना रखते हैं। चड्ढा ने कहा कि प्रसंस्करण क्षमता और डिजिटल बुनियादी ढांचा यह तय करेगा कि एआई युग में कौन से देश नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में तीन वैश्विक एकाधिकारों की ओर भी इशारा किया। चड्ढा ने कहा कि एआई डिजाइन पर नियंत्रण कुछ ही कंपनियों के हाथों में है, उत्पादन सीमित क्षेत्रों में केंद्रित है, और अमेरिका जैसी नीतियों के कारण निर्यात प्रतिबंधित है। उन्होंने आगे कहा कि भारत अभी तक इन तीनों स्तंभों पर नियंत्रण नहीं कर पाया है, लेकिन मानव संसाधन के मामले में देश की एक बड़ी ताकत है। भारत की प्रतिभाओं की प्रचुरता पर जोर देते हुए, चड्ढा ने कहा कि विश्व एआई पेशेवरों और कुशल मानव संसाधन के लिए भारत की ओर तेजी से देख रहा है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि केवल प्रतिभा ही पर्याप्त नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए भारत को उच्च स्तरीय कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित करनी होगी, आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लानी होगी और मजबूत घरेलू बुनियादी ढांचा तैयार करना होगा। ऐतिहासिक तुलना करते हुए चड्ढा ने कहा कि जिस प्रकार 20वीं शताब्दी में तेल, गैस और इस्पात ने वैश्विक शक्ति को परिभाषित किया, उसी प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सेमीकंडक्टर निर्माण 21वीं शताब्दी में भू-राजनीतिक प्रभाव को आकार देंगे। उन्होंने आगे कहा कि इस नई वैश्विक व्यवस्था में अपना स्थान सुरक्षित करने के लिए भारत को निर्णायक कदम उठाने होंगे।

दीन-दुखियों की सेवा का संकल्प प्रेरणादायी और अनुकरणीय : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल बड़वानी के ग्राम नागलवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल हर ग्राम–एक काम अभियान का किया शुभारंभ सिकल सेल शिविर का अवलोकन और हितलाभ वितरण किया भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा का संकल्प प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है। खरगौन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने माता-पिता के संस्कारों से प्रेरित होकर जो सेवा का संकल्प लिया है, वह अत्यंत पुण्य का कार्य है। उन्होंने सुशीला देवी उमराव सिंह पटेल सेवा संस्थान द्वारा पीड़ित मानवता की सेवा के लिये निरंतर किए जा रहे कार्यों की सराहना की। राज्यपाल पटेल सोमवार को बड़वानी के भिलट देव धाम, ग्राम नागलवाड़ी में सुशीला देवी उमरावसिंह पटेल सेवा संस्थान द्वारा सिकल सेल एनिमिया उन्मूलन एवं टी.बी. मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं पोषण आहार वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम से पूर्व स्थानीय भिलट देव धाम पहुँचकर पूजा-अर्चना भी की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि संस्था द्वारा टी.बी. रोगियों को पोषण आहार वितरण, सिकल सेल जांच, व्यापक जागरूकता तथा विभिन्न प्रकार की जांच-परामर्श आदि सेवाएँ निःशुल्क प्रदान करना गरीब, वंचित और जरूरतमंदों की बड़ी मदद है। इससे ग्रामीण क्षेत्र की जनता को सीधा लाभ मिल रहा है। ‘हर ग्राम–एक काम’ जनकल्याण की सार्थक पहल राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर सांसद अभियान अंतर्गत ‘हर ग्राम–एक काम’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत प्रत्येक पंचायत में केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं के माध्यम से जनकल्याणकारी कार्य करना सार्थक पहल है। यह अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ प्रभावी रूप से पहुँचाने का विशेष प्रयास है। राज्यपाल पटेल को बताया गया कि अभियान में सांसद प्रत्येक पंचायत में युवाओं, महिलाओं एवं नागरिकों से संवाद करेंगे। उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों एवं नवीन अवसरों का सृजन करेंगे। स्वरोजगार-रोजगार के नवाचार करेंगे। स्थानीय उद्योगों एवं लघु व्यवसायों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में सिकल सेल मरीजों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं टी.बी. मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत निक्षय मित्र योजना के टी.बी. मरीजों को पोषण आहार वितरित किया। स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा हृदय रोग, कैंसर, स्त्री रोग, स्तन कैंसर, नाक-कान-गला, हड्डी रोग, शिशु रोग, मूत्र रोग, नेत्र रोग एवं जनरल मेडिसिन संबंधी परामर्श प्रदान किया गया। ईको, ई.सी.जी., शुगर, हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, मोतियाबिंद एवं नेत्र परीक्षण, सर्वाइकल कैंसर, कोल्पोस्कोपी, पैप स्मियर तथा मैमोग्राफी आदि जांचें भी की गईं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य, सांसद रतलाम-झाबुआ श्रीमती अनिता नागरसिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष बड़वानी बलवंतसिंह पटेल, पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल सहित श्रीमती नंदा ब्राह्मणे, अजय यादव, संस्था अध्यक्ष श्रीमती बसंती गजेंद्रसिंह पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, चिकित्सक, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में खरगोन-बड़वानी संसदीय क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे।  

बीएलओ से सीईओ तक सभी इलेक्शन कमीशन हैं, सभी की भूमिका महत्वपूर्ण: पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त रावत

हर वोट है महत्वपूर्ण : पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त परशुराम म.प्र. राज्य निर्वाचन आयोग को निर्वाचन आयोगों का कहा जाता है वर्ल्ड बैंक : राज्य निर्वाचन आयुक्त श्रीवास्तव राज्य निर्वाचन आयोग के 32वें स्थापना दिवस समारोह में वक्ताओं ने रखे विचार भोपाल बीएलओ से लेकर चीफ इलेक्शन ऑफिसर तक सभी इलेक्शन कमीशन हैं। निर्वाचन में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। भारत निर्वाचन आयोग के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओ.पी. रावत ने यह बात सोमवार को प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के 32वें स्थापना दिवस समारोह में कही। रावत ने “वन नेशन-वन इलेक्शन में स्थानीय निर्वाचन की भूमिका” विषय पर बोलते हुए कहा कि इस पर चर्चा 2015 में शुरू हई थी। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इसमें सहमति व्यक्त की गयी थी। राज्य निर्वाचन आयोग जरूरी रावत ने कहा कि “वन नेशन-वन इलेक्शन” को लागू करने पर भी राज्य निर्वाचन आयोग जरूरी होंगे। पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव इनके माध्यम ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरी उम्मीद है कि “वन नेशन-वन इलेक्शन” का ड्राफ्ट जरूर मंजूर होगा। रावत ने माडल कोड ऑफ कंडक्ट के बारे में भी विस्तार से चर्चा की। चुनाव, चुनाव होता है, चाहे वह लोकसभा का हो या पंचायत का पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त आर. परशुराम ने “स्थानीय निर्वाचन में सुधार की चुनौती”  विषय पर कहा कि ‘हर वोट-हर निकाय’ महत्वपूर्ण है। परशुराम ने कहा कि चुनाव, चुनाव होता है, चाहे वह लोकसभा का हो या पंचायत का। उन्होंने कहा कि निर्वाचन में प्रिपेयर, प्रिपेयर और प्रिपेयर के फार्मूले का हमेशा पालन करना चाहिए। नवीनतम तकनीकों के उपयोग से घबराना नहीं चाहिए। म.प्र. राज्य निर्वाचन आयोग तुलनात्मक रूप से अधिक अधिकार संपन्न है। विभागाध्यक्ष दैनिक भास्कर स्कूल ऑफ जर्नलिज्म नरेन्द्र कुमार सिंह ने “जमीनी लोकतंत्र में पारदर्शी एवं निष्पक्ष चुनाव ” विषय पर 1952 के प्रथम लोकसभा निर्वाचन से लेकर वर्तमान लोकसभा निर्वाचन तक के अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि सन 1977 के चुनावों ने सिद्ध कर दिया कि देश में मतदाता बहुत हुए जागरूक हैं और लोकतंत्र में आस्था मजबूत हुई। सिंह ने बताया कि ब्रिटेन में वर्ष 1928 में सभी को मताधिकार मिला जबकि भारत ने स्वतंत्र होने के साथ ही सभी को मताधिकार (युनिवर्सल एडल्ट फ्रेंचाइज) दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ ने “स्थानीय निर्वाचन में न्यायालीन सबक” विषय पर विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि संविधान एक जीवंत ग्रंथ है। उन्होंने निर्वाचन से संबधित कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोगों की पिछली बैठक में मध्यप्रदेश को राज्य निर्वाचन आयोगों का वर्ल्ड बैंक कहा गया। उन्होंने रावत, परशुराम, सिंह और सेठ के द्वारा किये गये कार्यों का उल्लेख किया। श्रीवास्तव ने कहा कि यह समारोह विशेष इसलिए भी है, क्योंकि सभी उपस्थित अतिथियों ने निर्वाचन की यात्रा को प्रेरणा और दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि इलेक्टोरल टेक्नॉलोजी में परशुराम ने मध्यप्रदेश को पॉयनियर बना दिया है। श्रीवास्तव ने कहा कि मैदानी अधिकारियों ने आयोग में नवाचारों को लागू करने में निष्ठा और मनायोग से काम किया। इससे हमारे आत्मविश्वास में वृद्धि हुई। अतिथियों ने आयोग के ‘निर्वाचन साहित्य ई-बुक’ का विमोचन और ‘प्रेक्षा मोबाइल ऐप’ का शुभारंभ किया। उन्होंने उल्लेखनीय कार्य करने वाले कलेक्टर्स, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग दीपक सिंह ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान आयोग अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

शहीद निरीक्षक आशीष शर्मा के भाई अंकित को मिली एसआई पद पर नियुक्ति

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस ने शहादत का सम्मान करते हुए बालाघाट में नक्कल आपरेशन के दौरान पिछले दिनों शहीद हुए है हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर स्वर्गीय आशीष शर्मा के भाई अंकित शर्मा को उपनिरीक्षक पद पर नियुक्ति प्रदान की है। अंकित शर्मा ने जिला नरसिंहपुर में उपनिरीक्षक पद का पदभार ग्रहण कर लिया है। अमर शहीद स्वर्गीय आशीष शर्मा पुलिस-नक्सल मुठभेड़ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए थे। मध्यप्रदेश शासन के आदेशानुसार अमर शहीद के भाई अंकित को उपनिरीक्षक पद पर विशेष अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर: 8वें वेतन आयोग पर सरकार का बड़ा बयान

नई दिल्ली केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी जहां 8वां वेतन आयोग के तहत संभावित वेतन बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं, वहीं साइबर ठग उनकी इसी उत्सुकता का फायदा उठा रहे हैं। हाल ही में “8th पे कमीशन सैलरी कैलकुलटर” नाम का एक फर्जी ऐप तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे डाउनलोड करने के लिए लोगों को मैसेज और व्हाट्सएप के जरिए लिंक भेजे जा रहे हैं। दावा किया जाता है कि इस ऐप से कर्मचारी अपनी संशोधित सैलरी का हिसाब लगा सकते हैं, लेकिन असल में यह एक बड़ा साइबर फ्रॉड है। कई लोगों के साथ ठगी की घटनाएं सामने आने के बाद एजेंसियों ने चेतावनी जारी की है। सरकार की चेतावनी गृह मंत्रालय की साइबर सुरक्षा पहल Cyber Dost ने इस मामले को लेकर अलर्ट जारी किया है। बताया गया है कि यह ऐप किसी भी आधिकारिक प्लेटफॉर्म जैसे गुगल प्ले पर उपलब्ध नहीं है। ठग इसे APK फाइल के रूप में भेजते हैं और लोगों से कहते हैं कि इसे सीधे फोन में इंस्टॉल कर लें। आमतौर पर अनजान लोग यह समझ नहीं पाते कि APK फाइल को साइडलोड करना कितना खतरनाक हो सकता है। सरकार ने साफ कहा है कि वह कभी भी व्हाट्सएप या किसी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए APK फाइल नहीं भेजती। जानकारों की राय विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे ही यह फर्जी ऐप फोन में इंस्टॉल होता है, यह बैकग्राउंड में काम करना शुरू कर देता है। इसके जरिए ठग मोबाइल के मैसेज, बैंक डिटेल और यहां तक कि OTP तक एक्सेस कर लेते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि यूजर को भनक भी नहीं लगती और कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खाते खाली हो जाते हैं। साइबर अपराधी इसी तरीके से लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। इसलिए किसी भी अनजान लिंक या फाइल को डाउनलोड करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूरी है। क्या करें कर्मचारी अगर गलती से ऐसा कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड हो जाए तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें और जरूरत पड़े तो फोन को फैक्ट्री रीसेट कर दें। किसी भी सूरत में OTP या बैंक से जुड़ी जानकारी साझा न करें। 8th पे कमीशन से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट से ही प्राप्त करें। किसी भी तरह की साइबर ठगी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर या आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से तुरंत दर्ज कराएं। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें—क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही भारी नुकसान का कारण बन सकती है।

किसानों के लिए गेमचेंजर बनेगा AI-पावर्ड भारत-विस्तार, लॉन्च से पहले जानें इसके बड़े फायदे

नई दिल्ली कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति लाकर भारत मंगलवार (17 फरवरी) को एक इतिहास रचने जा रहा है क्योंकि उस दिन केंद्र सरकार भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) नाम का एक क्रांतिकारी AI-पावर्ड मल्टीलिंगुअल टूल लॉन्च करने जा रही है। यह किसानों को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने हालिया बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिसजेंस (AI) पर आधारित कृषि प्लेटफॉर्म भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) को जल्द लॉन्च करने का ऐलान किया था। इस प्लेटफॉर्म का शुभारंभ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा जयपुर में किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य किसानों तक तकनीक को सरल तरीके से और सरल भाषा में पहुंचाना है, ताकि वे सही समय पर सही खेती संबंधी निर्णय ले सकें। यह टूल किसानों को उनकी अपनी भाषा में खेती से जुड़ी जरूरी जानकारी मोबाइल ऐप या फोन कॉल के जरिए उपलब्ध कराएगा। क्या है Bharat-VISTAAR यह AI आधारित एक मल्टीलिंगुअल अत्याधुनिक टूल है, जो देश के करोड़ों किसानों के लिए ‘डिजिटल कृषि विशेषज्ञ’ की भूमिका निभाएगा। इसका पूरा नाम ‘वर्चुअली इंटीग्रेटेड सिस्टम टू एक्सेस एग्रीकल्चरल रिसोर्सेज’ (Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources _VISTAAR) है। यह डिजिटल सिस्टम किसानों के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहेगा और इसमें ‘भारती’ नाम का AI वॉइस असिस्टेंट होगा। किसान इसे मोबाइल ऐप या साधारण वॉइस कॉल यानी हेल्पलाइन नंबर 155261 नंबर डायल करके सीधे जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। शुरुआत में यह सेवा हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध होगी, बाद में इसे क्षेत्रीय भाषाओं में भी शुरू किया जाएगा। ओला-बारिश, बाढ़-सुखाड़ का पूर्वानुमान इस टूल के माध्यम से किसानों को फसल योजना, खेती की तकनीक, कीट नियंत्रण, मौसम पूर्वानुमान, बाजार कीमत और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी। इसके जरिए किसान प्रधानमंत्री किसान योजना, फसल बीमा योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य कई सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी लेकर आवेदन भी कर सकेंगे। सरकार के अनुसार यह सिस्टम देश के कृषि डेटा और रिसर्च को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ने का काम करेगा। इसमें कृषि अनुसंधान संस्थान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की जानकारी और राष्ट्रीय AI ढांचे जैसे India AI Mission और BHASHINI का सहयोग लिया जाएगा। परियोजना पर इस वर्ष 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में इस परियोजना पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि का हालिया बजट में आवंटन किया गया है। सरकार का मानना है कि यह सिर्फ एक ऐप नहीं बल्कि देश का डिजिटल कृषि ढांचा बनेगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने, खेती का जोखिम कम करने और कृषि नीति को डेटा के आधार पर बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो यह भारत के कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति साबित हो सकती है और छोटे किसानों को भी तकनीक का पूरा लाभ मिल सकेगा। बजट में सीतारमण ने किया था ऐलान बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2026 को अपना लगातार 9वां बजट पेश करते हुए इस स्कीम की घोषणा की थी और कहा था, “मैं भारत-विस्तार लॉन्च करने का प्रस्ताव करती हूं—एक मल्टीलिंगुअल AI टूल जो एग्रीस्टैक पोर्टल्स और खेती के तरीकों पर ICAR पैकेज को AI सिस्टम के साथ इंटीग्रेट करेगा। इससे खेती की प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी, किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद मिलेगी और कस्टमाइज्ड एडवाइजरी सपोर्ट देकर रिस्क कम होगा।” विशेषज्ञों के मुताबिक, “भारत विस्तार इंटरैक्टिव है। इसके जरिए किसानों का फीडबैक सरकारी सिस्टम में वापस आएगा। इसके सबूतों के आधार पर पॉलिसी बनाने और रिसर्च को प्राथमिकता देने में मदद मिलेगी।”  

जेल में इमरान खान की सेहत पर अपडेट: कानून मंत्री बोले- चश्मा लगाकर देखने में नहीं दिक्कत

इस्लामाबाद पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने सोमवार को दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत दुरुस्त है, चिंता की कोई बात नहीं है, और चश्मे के साथ उनकी एक आंख की रोशनी 70 फीसदी बची है। इसके साथ ही उन्होंने पीटीआई शासित केपी में किए जा रहे रोड ब्लॉक को भी गैर कानूनी करार दिया। कानून मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक की दूसरी आंख की रोशनी 6/6 है। तरार ने कहा, “चिंता की कोई बात नहीं है।” पंजाब के शाहदरा में बार एसोसिएशन फिरोजवाला को संबोधित करते हुए, तरार ने इमरान की सेहत के बारे में “नवीनतम रिपोर्ट जो जमा करनी थी” का जिक्र किया। मंत्री ने कहा कि बार एसोसिएशन आने से पहले उन्होंने पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल (एजीपी) मंसूर उस्मान अवान और “संबंधित” लोगों से इस बारे में चर्चा की थी। इसके साथ ही उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा में पीटीआई सरकार के राज में जगह-जगह किए गए घेराव और प्रदर्शन को भी गलत बताया। उन्होंने कहा, “मेडिकल टीम ने विपक्षी नेताओं और पीटीआई संस्थापक के निजी चिकित्सकों को उनकी सेहत के बारे में जानकारी दे दी है। मोटरवे और जीटी रोड को बंद करना गैर-कानूनी है।” कानून मंत्री ने धमकी भरे अंदाज में खैबर पख्तूनख्वा सरकार से संविधान और कानून का पालन करने की अपील की। ​​उन्होंने पीटीआई लीडरशिप से अपील की कि वे केपी में अपनी सरकार से सड़कें खोलने के लिए कहें। तरार ने कहा, “शिकायत मत करो, अगर सड़कें नहीं खोली गईं तो फेडरल सरकार कार्रवाई करने के लिए मजबूर होगी।” कानून मंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिरता के लिए राजनीतिक स्थिरता जरूरी है। तरार का यह बयान सुप्रीम कोर्ट (एससी) को खान के खराब विजन की जानकारी देने के बाद आया है। कोर्ट को वकील ने बताया था कि इमरान की दाहिनी आंख में सिर्फ 15 फीसदी रोशनी बची है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 16 फरवरी (सोमवार) से पहले उनकी जांच के लिए एक मेडिकल टीम बनाई थी। इसके बाद, पांच डॉक्टरों की एक टीम रविवार को रावलपिंडी की अदियाला जेल पहुंची। जेल में बंद इमरान खान की आंखें जांची, ब्लड सैंपल लिए और उनका ब्लड प्रेशर चेक किया। हालांकि, पीटीआई ने उनके परिवार और निजी चिकित्सकों के बिना किए गए चेक-अप को खारिज कर दिया था।

PM मोदी की इजरायल यात्रा से पहले नेतन्याहू का बयान, बोले—भारत अब बेहद पावरफुल देश

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह इजरायल के दौरे पर जाएंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा कई मायनों में खास होगा। यह दौरा सुरक्षा, काउंटर-टेररिज़्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई टेक्नोलॉजी में आपसी रिश्तों को मजबूत करने की कोशिशों के बीच हो रहा है। यह इसीलिए भी खास है क्योंकि PM मोदी 2017 के बाद, यानी 9 सालों में पहली बार इजरायल जा रहे हैं। इससे पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत और इजरायल के संबंधों पर चर्चा करते हुए इसे बेहद अहम बताया है। हालांकि भारत ने इस दौरे की आधिकारिक घोषणा नहीं है, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के न्योते के बाद पीएम मोदी आगामी 24-25 फरवरी को इजरायल की यात्रा पर रवाना हो सकते हैं। दौरे से पहले नेतन्याहू ने भी इसके संकेत दिए हैं। हाल ही में मेजर अमेरिकन ज्यूइश ऑर्गेनाइजेशन के प्रेसिडेंट के कॉन्फ्रेंस में अपने भाषण में, नेतन्याहू ने देशों के बीच मजबूत रिश्तों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “संसद में भाषण होने वाला है। अगले हफ्ते यहां कौन आ रहा है? नरेंद्र मोदी।” उन्होंने आगे कहा, “इजरायल और भारत के बीच बहुत अच्छे संबंध है, और हम हर तरह के सहयोग पर बात करेंगे।” उन्होंने आगे भारत को एक पावरफुल देश बताया। नेतन्याहू ने कहा, “जैसा की आप जानते हैं, भारत कोई छोटा देश नहीं है। यहां 1.4 बिलियन लोग रहते हैं। भारत बहुत पावरफुल है, बहुत पॉपुलर है।… मैं चाहता हूं कि आप सभी इसे जानें।” उन्होंने भारत में इजरायल की प्रसिद्धि की भी बात कही। किन मुद्दों पर होगी चर्चा? पीएम मोदी के दौरे पर उनके और नेतन्याहू के बीच बातचीत रक्षा सहयोग के साथ-साथ काउंटर-टेररिज़्म की कोशिशों को तेज करने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। दोनों नेताओं ने हाल के दिनों में आतंकवाद पर कड़ा प्रहार करने की बात कही है। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम रिसर्च और एडवांस्ड एग्रीकल्चर जैसे उभरते हुए क्षेत्रों के भी समझौतों की उम्मीद है।  

बैंक में ही हुई सबसे बड़ी चोरी, डिप्टी मैनेजर ने 3.5 करोड़ का सोना सट्टे में झोंक दिया

बेंगलुरु कर्नाटक के बेंगलुरु में इंडियन बैंक के एक डिप्टी मैनेजर पर ग्राहकों के सोने के आभूषणों की हेराफेरी करने और उन्हें बिना अनुमति के गिरवी रखने का आरोप है। जब्त किए गए सोने का कुल वजन लगभग 2,780 ग्राम है, जिसकी अनुमानित कीमत 3.5 करोड़ रुपये से अधिक है।   बैंक लॉकर में सोना रखना अब भी सुरक्षित है या नहीं? यह सवाल बेंगलुरु के एक चौंकाने वाले मामले ने सबके मन में उठा दिया है। जहां लोग बैंक को सबसे भरोसेमंद जगह मानते हैं, वहां ही बैंक का उप प्रबंधक (डिप्टी मैनेजर) ग्राहकों के सोने का सेंधमार निकला। रिपोर्ट के अनुसार डिप्टी मैनेजर ने कथित तौर पर 15 ग्राहकों के लॉकर से करीब 2.78 किलो (2,780 ग्राम) सोने के आभूषण चुराए, उन्हें बिना अनुमति गिरवी रखा और मिली रकम ऑनलाइन सट्टेबाजी में उड़ा दी। पुलिस के अनुसार, कर्नाटक के बेंगलुरु में इंडियन बैंक के एक उप प्रबंधक (डिप्टी मैनेजर) पर ग्राहकों के सोने के आभूषणों की हेराफेरी करने और उन्हें बिना अनुमति के गिरवी रखने का आरोप है। जब्त किए गए सोने का कुल वजन लगभग 2,780 ग्राम है, जिसकी अनुमानित कीमत 3.5 करोड़ रुपये से अधिक है। खबर के मुताबिक, बैंक के मुख्य प्रबंधक ने 5 फरवरी को बेंगलुरु के गिरिनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद यह धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपी ने उच्च अधिकारियों को बताए बिना बैंक लॉकरों से ग्राहकों के 2,780 ग्राम सोने के आभूषण निकाल लिए और उन्हें एक फाइनेंस कंपनी के पास गिरवी रख दिया। जांच के दौरान प्रारंभिक सबूत मिले हैं कि इस तरीके से प्राप्त पैसे को आरोपी ने ऑनलाइन सट्टेबाजी (ऑनलाइन बेटिंग/जुआ) पर खर्च कर दिया था। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) लोकेश बी जगलासर ने बताया कि आरोपी उप प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया है। हम बाकी सोना बरामद करने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक करीब 700 ग्राम सोना बरामद हो चुका है। उन्होंने आगे बताया कि फाइनेंस कंपनी से जरूरी सहयोग नहीं मिल रहा है, इसलिए हम अदालत का रुख करेंगे और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे। फिलहाल मामले की जांच अभी जारी है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।  

SKY का अनुशासन मंत्र: स्लेजिंग पर लगाम लगाने की दी हिदायत, BCCI वीडियो से सामने आई अंदर की बात

दुबई भारतीय टीम ने रविवार को टी20 विश्व कप मुकाबले में पाकिस्तान को 61 रनों से धूल चटाई। एक बार फिर फैंस को कांटे की टक्कर का मुकाबला देखने को नहीं मिला क्योंकि भारतीय टीम ने एकतरफा इस मुकाबले में अपना दबदबा बनाए रखा था और अंत तक पाकिस्तान पर हावी रहा। मैच के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खिलाड़ियों से कहा था कि किसी से कुछ बोलना नहीं है। टीम हडल में खिलाड़ियों को निर्देश दिया कि पाकिस्तानी बल्लेबाजों से कोई बात या स्लेजिंग न करें, बल्कि सिर्फ अपने खेल पर फोकस करें। बीसीसीआई ने सोमवार को सोशल मीडिया पर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच के दौरान का एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें कप्तान सूर्यकुमार यादव टीम हडल में खिलाड़ियों को पाकिस्तानी बल्लेबाजों को स्लेजिंग न करने के लिए कह रहे हैं। सूर्यकुमार यादव ने वीडियो में कहा, ”बीच के ओवरों में दौड़ते रहो। किसी को कुछ भी मत कहो। हमें अच्छा क्रिकेट खेलना है। हम अच्छे स्किल के दम पर ये मैच जीतेंगे।” कोलंबो में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम पूरी तरह से पाकिस्तान पर हावी रही। पाकिस्तान ने टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही भारत के खिलाफ मैच को बहिष्कार करने का फैसला किया था। हालांकि आईसीसी और बांग्लादेश से बातचीत के बाद पीसीबी ने यूटर्न लिया और मैच खेलने के तैयार हो गया। हालांकि टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। स्पिनरों से भरी पाकिस्तान की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए 20 ओवर में 175 रन दिए। वहीं बल्लेबाजों का प्रदर्शन भी खराब रहा। पाकिस्तान के सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। पाकिस्तान की टीम पूरे ओवर भी नहीं खेल सकी और 18 ओवर में 114 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। पाकिस्तान पर 61 रनों से जीत दर्ज करने के बाद सूर्यकुमार ने कहा, ” यह जीत के लिए भारत के लिए है। लेकिन हम इसी तरह की क्रिकेट खेलना चाहते हैं और टॉस के दौरान जैसा कि मैंने कहा था कि हम पहले बल्लेबाजी ही करना चाहते थे। शुरुआत में हमने विकेट गंवा दिया था लेकिन किशन ने बढ़िया बल्लेबाजी की। 155 का स्कोर मुकाबले को करीबी बना सकता था लेकिन 175 पार स्कोर था। तिलक, रिंकू, शिवम सबने बढ़िया बल्लेबाजी की और गेंदबाजी में सभी ने अच्छा प्रदर्शन किया। ”  

असम में सियासी हलचल: रिपुन बोरा का इस्तीफा, हिमंता का बयान बना चर्चा का विषय

असम असम में कांग्रेस इकाई के चीफ रहे रिपुन बोरा के इस्तीफे के बाद सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के आखिरी हिंदू नेता ने भी पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे व्यक्ति थे जो कि बिना परिवारवाद के राजनीति में आए थे। असम के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कांग्रेस पर करारा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि भूपेन बोरा कांग्रेस के ऐसे आखिरी हिंदू नेता थे जो कि किसी के दम पर राजनीति में नहीं आए थे। उन्होंने कहा कि बोरा के इस्तीफे का संदेश यही है कि कांग्रेस किसी सामान्य व्यक्ति को फलते-फूलते नहीं देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल तुष्टीकरण कि राजनीति करना जानती है। सरमा ने कहा कि भूपेन ने बीजेपी जॉइन करने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। सरमा ने कहा कि मंगलवार की शाम को वह बोरा के घर जाएंगे। अगर वह चाहेंगे तो बीजेपी उन्हें स्वीकार करेगी और सुरक्षित सीट भी देगी। सरमा ने कहा, असम में कांग्रेस की स्थिति खराब है। कांग्रेस के कई कार्यालयों में मीटिंग भी एक खास समुदाय की प्रार्थना के साथ शुरू होती है। असम में कांग्रेस बहुत तेजी से बदल रही है। लोग इसे देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई बीजेपी में आना चाहता है तो उसके लिए पार्टी के अंदर चर्चा करनी पड़ेगी क्योंकि यहां कोई वैकेंसी नहीं है। बता दें कि बोरा जुलाई 2021 से प्रदेश में पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे, उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस के बड़े नेताओं जिनमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल हैं, को भेज दिया है। उन्होंने 2006 से 2016 तक असम विधानसभा में बिहपुरिया सीट का प्रतिनिधित्व किया था। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद बोरा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से अपना नाम भी हटा दिया। बोरा का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब असम में कांग्रेस ने राज्य भर के लोगों की ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए ‘बदलाव की यात्रा’ शुरू की थी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रोंगानोडी सीट से कांग्रेस टिकट के एक बड़े दावेदार भी थे, वह प्रदेश पार्टी अध्यक्ष गौरव गोगोई के साथ परिवर्तन यात्रा में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे थे। बोरा ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, ” मैंने अपना इस्तीफ़ा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया है, और मैंने अपने कारण विस्तृत में बताये हैं। मैंने अपनी ज़िंदगी के 32 साल पार्टी को दिये हैं, और ज़ाहिर है, मैंने राजनीति से रिटायरमेंट लेने के लिए इस्तीफ़ा नहीं दिया है। ” उन्होंने कहा कि इस पुरानी पार्टी के भविष्य को लेकर कुछ कारण हैं और उन्होंने पार्टी हाईकमान को अपने इस्तीफ़े के कारण बता दिए हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या वह भाजपा में शामिल होंगे, श्री बोरा ने कहा कि उन्होंने अभी अपने भविष्य के कदम के बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया है। उन्होंने कहा, ” मैंने आपको वह सब कुछ बता दिया है, जो मैं बता सकता था। हालांकि, अभी तक किसी भी पार्टी ने मुझे कुछ भी ऑफ़र नहीं किया है। मैं जो भी फ़ैसला लूंगा, मैं असम के लोगों को सही समय पर बता दूंगा। ” पार्टी के अदंरूनी लोगों ने इशारा किया कि पार्टी के आम कार्यकर्ता के बीच राय में मतभेद हैं। हाल ही में पार्टी हाईकमान ने हालांकि श्री बोरा को दूसरी क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों के साथ गठबंधन से जुड़े मामलों को देखने के लिए कहा था, लेकिन श्री गौरव गोगोई के करीबी कुछ दूसरे पार्टी नेताओं के दखल से उन्हें नुकसान हुआ है।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet