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बड़ौदा ने सिक्किम के खिलाफ बनाए 5 विकेट पर 349 रन, T20 इतिहास का सबसे बड़ा टोटल किया खड़ा …

नई दिल्ली बड़ौदा क्रिकेट टीम ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में इतिहास रच दिया। उन्होंने गुरुवार को इंदौर में टी20 क्रिकेट का अब तक का सबसे बड़ा टोटल बना दिया। बड़ौदा ने सिक्किम के खिलाफ 5 विकेट पर 349 रन बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है। यह टी20 क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। आज से पहले किसी टीम ने इतने रन टी20 में नहीं बनाए हैं। इससे पहले सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड जिम्बाब्वे के खिलाफ था। उन्होंने इसी साल गांबिया के खिलाफ 20 ओवर में 344 रन बनाए थे। भानू पनिया ने ठोका दमदार शतक 349 रन बनाने के दौरान बड़ौदा के लिए सबसे तूफानी बैटिंग तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे भानू पनिया ने की। इस खिलाड़ी ने 262.75 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 51 गेंद में नाबाद 134 रन बना डाले। उन्होंने अपनी पारी में 15 छक्के और 5 चौके लगाए। इसके अलावा ओपनर्स शाश्वत रावत (43 रन) और अभिमन्यू सिंह राजपूत (53 रन) ने टीम को अच्छी शुरुआत दी। शिवालिक शर्मा ने भी 55 तो विश्णु सोलांकी ने भी 16 गेंद में तूफानी अर्धशतक ठोका। इन बल्लेबाजों के बूते बड़ौदा ने वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। सिक्किम के खिलाफ इस पारी में बड़ौदा ने कुल 37 छक्के लगाए। बता दें कि बड़ौदा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। बता दें कि क्रुणाल पंड्या इस मैच में बड़ौदा की कप्तानी कर रहे हैं जबकि उनके भाई हार्दिक पंड्या इस मैच का हिस्सा नहीं हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पिछला सबसे बड़ा टीम स्कोर पंजाब का था, जिसने टूर्नामेंट के आखिरी संस्करण में आंध्र के खिलाफ 275 रन बनाए थे। टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा टीम स्कोर     बड़ौदा 349/5 बनाम सिक्किम – 2024     जिम्बाब्वे 344/4 बनाम गाम्बिया – 2024     नेपाल 314/3 बनाम मंगोलिया – 2023     भारत 297/6 बनाम बांग्लादेश – 2024

शपथ ग्रहण समरोह से ठीक पहले फिर बढ़ा सस्पेंस, एकनाथ शिंदे का शपथ लेना तय नहीं

मुंबई शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे का नई सरकार में आज डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लेना तय नहीं है। बुधवार रात से खबर थी कि वह उपमुख्यमंत्री बनने के लिए राजी हो गए हैं, लेकिन आज उनकी पार्टी के नेता उदय सामंत ने कहा कि अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे जल्दी ही तय करेंगे कि क्या करना है। शिवसेना नेता और निवर्तमान उद्योग मंत्री ने कहा कि सभी विधायकों ने तय किया है कि यदि एकनाथ शिंदे सरकार का हिस्सा नहीं बनेंगे तो हम भी शामिल नहीं होंगे। सामंत ने कहा कि सभी मंत्री बुधवार की शाम को एकनाथ शिंदे से मिले थे और उन्हें इसके लिए राजी करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि हमने तय किया है कि मिलकर काम करेंगे और जिला एवं नगर पंचायत के चुनावों में तीन और धनुष के सिंबल पर जीत दर्ज करेंगे। उदय सामंत ने कहा कि मैंने और अन्य सभी नेताओं ने एकनाथ शिंदे से कहा कि यदि आप डिप्टी सीएम नहीं बने तो फिर हम सब भी सरकार में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि शिवसैनिकों की जरूरत है कि एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम बनें। वहीं उन्होंने साफ कर दिया कि अब तक एकनाथ शिंदे का शपथ लेना तय नहीं है। सामंत ने कहा कि अगले करीब एक घंटे में एकनाथ शिंदे इसके बारे में फैसला कर लेंगे। उदय सामंत के इस बयान ने महाराष्ट्र की नई सरकार को लेकर जारी सस्पेंस को फिर से बढ़ा दिया है। एकनाथ शिंदे ने बुधवार को राजभवन में देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के साथ मीडिया से बात की थी। इस दौरान जब उनसे शपथ के बारे में पूछा गया था तो उनका कहना था कि इतनी क्या जल्दी है। शपथ समारोह तो कल शाम को होना है। हालांकि रात तक जानकारी आई थी कि एकनाथ शिंदे राजी हो गए हैं। वहीं एक बार फिर से स्पेंस बढ़ गया है और उदय सामंत का कहना है कि वह करीब एक घंटे में अपना फैसला बताएंगे कि शपथ लेंगे या नहीं। बता दें कि शपथ समारोह के लिए जो आमंत्रण पत्र दिया जा रहा है, उसमें सिर्फ देवेंद्र फडणवीस का ही नाम है। शिवसेना के एक अन्य नेता दीपक केसरकर ने कहा कि हम तो साफ कर चुके हैं कि एकनाथ शिंदे नहीं तो फिर कोई नहीं। यानी शिंदे ने यदि डिप्टी सीएम की शपथ नहीं ली तो कोई भी नेता मंत्री नहीं बनेगा। गौरतलब है कि शपथ समारोह को लेकर जो आमंत्रण पत्र साझा किया गया है, उसमें सिर्फ देवेंद्र फडणवीस की शपथ का ही जिक्र है। ऐसे में कयासों को और बल मिल रहा है कि एकनाथ शिंदे आखिर शपथ लेने वाले हैं या नहीं।

54 साल की उम्र में देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार महाराष्ट्र जैसे अहम राज्य के सीएम बनने वाले हैं

मुंबई महाराष्ट्र में 2019 में तीन दिन की सरकार चलाने के बाद सत्ता से विदाई के दौरान देवेंद्र फडणवीस ने खुद को समंदर बताया था। उनका कहना था- मेरा पानी उतरता देख, मेरे किनारे पर घर न बसा लेना। मैं समंदर हूं, फिर लौट कर आऊंगा। उनकी इस टिप्पणी की खूब चर्चा हुई थी। 2022 में उद्धव ठाकरे की सरकार विदा हुई तो एकनाथ शिंदे को भाजपा नेतृत्व ने सीएम बना दिया। फडणवीस को डिप्टी सीएम के तौर पर संतोष करना पड़ा था। लेकिन अब भाजपा को जब 132 सीटें अपने दम पर मिली है तो वह सीएम बनने जा रहे हैं। आज शपथ ग्रहण समारोह है और समंदर की इस वापसी का जोरदार जश्न मनाया जा रहा है। आइए जानते हैं, कैसा होगा यह जश्न… 1. देवेंद्र फडणवीस के साथ एकनाथ शिंदे और अजित पवार डिप्टी के तौर पर शपथ लेंगे। बुधवार को शाम तक एकनाथ शिंदे को मनाने की कोशिशें जारी थीं और अंत में उन्होंने सरकार का हिस्सा बनने पर सहमति दी। 2. अब तक मिली जानकारी के अनुसार देवेंद्र फडणवीस के शपथ ग्रहण समारोह में 40 हजार मेहमान होंगे। इनमें 2000 वीआईपी भी होंगे। मुख्य अतिथि के तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे। 3. शपथ समारोह शाम को 5:30 बजे आयोजित किया जाएगा। आजाद मैदान में इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। इस कार्यक्रम में एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी रहेंगे। 4. एकनाथ शिंदे के सरकार का हिस्सा बनने को लेकर देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि उन्होंने मुलाकात की थी। मैंने एकनाथ शिंदे से कहा था कि आप सरकार का हिस्सा बनें। ऐसा महायुति के सभी लोग चाहते हैं। अब हम मिलकर जनता के वादों को पूरा करेंगे। 5. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 235 सीटों पर महायुति को जीत मिली है। बीते कई चुनावों के बाद पहली बार राज्य में इतनी मजबूत सरकार बनने वाली है। 6. शपथ समारोह में देश के अलग-अलग हिस्सों से संतों को भी आमंत्रित किया गया है। 7. आजाद मैदान फिलहाल पूरी तरह सजकर तैयार है। यहां सुरक्षा के लिए 4000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा एसआरपीएफ, क्विक रेस्पॉन्स टीम आदि भी तैनात हैं। 8. देवेंद्र फडणवीस के सीएम बनने का इतना जोरदार जश्न है कि समर्थकों ने नागपुर समेत तमाम समर्थकों में ‘आपले देवेंद्र भाऊ’ के पोस्टर लगाए हैं। इसका अर्थ है- अपने देवेंद्र भाई। 9. 54 साल की उम्र में देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार महाराष्ट्र जैसे अहम राज्य के सीएम बनने वाले हैं। वह पहली बार 44 साल की आयु में ही मुख्यमंत्री बने थे और पूरे 5 साल शासन चलाया था। 10. पहली बार में ही देवेंद्र फडणवीस ने नितिन गडकरी, विनोद तावड़े जैसे सीनियर नेताओं को पीछे छोड़ते हुए मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल की थी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से की  सौजन्य मुलाकात बस्तर ओलंपिक और पुलिस अवार्ड कार्यक्रम में शामिल होंगे गृह मंत्री अमित शाह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बस्तर ओलंपिक के समापन और पुलिस अवार्ड कार्यक्रम में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया, जिसे गृह मंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी उपस्थित थे।    मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों की हालिया उपलब्धियों और बस्तर संभाग में चलाए जा रहे विकास कार्यों के सम्बन्ध में  केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि सरकार द्वारा सड़कों, स्कूलों, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार के लिए किए गए प्रयासों ने स्थानीय जनता का भरोसा जीता है, जिससे माओवादी प्रभाव कमजोर हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों के कारण बस्तर क्षेत्र में नक्सल प्रभावित इलाकों में घटनाओं में तेजी से कमी आई है। सरकार के प्रयासों से बस्तर अब नक्सल मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा बल लगातार प्रभावी अभियान चला रहे हैं, और विकास कार्यों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त कर लिया जाएगा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 15,000 मकानों के निर्माण को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा सके। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को बस्तर ओलंपिक के महत्व और राज्य में इसके प्रभावों के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन युवाओं को खेलों के माध्यम से जोड़ते हुए शांति और विकास की दिशा में एक प्रभावशाली कदम है। अब तक इस ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बस्तर ओलंपिक में हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी और वॉलीबॉल समेत 11 पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है, जो युवाओं को एकजुटता, सकारात्मकता और सामुदायिक भावना से जोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की एक नई लहर का प्रतीक है।

जिले के 96 हितग्राहियों को 2 करोड़ 16 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि

सीधी                मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘‘मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना’’ के अंतर्गत 10 हजार 236 श्रमिक परिवारों को  225 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि का वितरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया। कार्यक्रम में सीधी जिले के 96 हितग्राहियों को 2 करोड़ 16 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि वितरित की गई। जिले में सभी जनपद मुख्यालयों तथा नगरीय निकायों में वेबकास्ट का सीधा प्रसारण किया गया, जहाँ हितग्राहियों द्वारा सहभागिता की गई। एनआईसी कक्ष में विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक, अध्यक्ष जनपद पंचायत सीधी श्री धर्मेन्द्र सिंह परिहार, कलेक्टर श्री स्वरोचिष सोमवंशी सहित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सीधी श्री अशोक तिवारी, श्रम निरीक्षक एवं प्रभारी श्रम अधिकारी श्री इंद्रजीत सिंह व हितग्राही शामिल हुए।  कार्यक्रम में जिले के संबल योजना अन्तर्गत 96 हितग्राहियों को 02 करोड़ 16 लाख रूपये अनुग्रह सहायता राशि का वितरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया गया। जनपद पंचायत सीधी के 43 हितग्राहियों को 94 लाख रूपये, सिहावल के 10 हितग्राहियों को 24 लाख रुपये, कुसमी के 23 हितग्राहियों को 52 लाख रूपये, रामपुर नैकिन के 06 हितग्राहियों को 14 लाख रूपये, नगर पालिका परिषद सीधी के 05 हितग्राहियों को 12 लाख रूपये, नगर पंचायत चुरहट के 03 हितग्राहियों को 06 लाख रूपये, नगर पंचायत मझौली के 02 हितग्राहियों को 04 लाख रूपये एवं नगर पंचायत रामपुर नैकिन के 04 हितग्राहियों को 10 लाख रूपये अनुग्रह सहायता राशि का वितरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया गया।

pak को फाइनल में रौंद भारत लगातार तीसरी बार बना जूनियर एशिया कप का चैंपियन

मस्कट  डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने लगातार तीसरी बार मेंस जूनियर एशिया कप हॉकी खिताब अपने नाम किया। भारत के युवा शेरों ने बुधवार रात फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 5-3 से हरा दिया। भारत के लिए अरिजीत हुंदल सिंह ने सबसे ज्यादा चार गोल किए। एक गोल धीरज सिंह की स्टिक से आया। यह महाद्वीपीय टूर्नामेंट में भारत का पांचवां खिताब है। इससे पहले भारत ने 2004, 2008, 2015 और 2023 में यह खिताब जीता था। कोविड-19 महामारी के कारण यह टूर्नामेंट 2021 में आयोजित नहीं किया गया। इससे पहले भारत ने सेमीफाइनल में मलेशिया को 3-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। दूसरी ओर पाकिस्तान जापान को हराकर खिताबी मुकाबले में पहुंचा था। हुंडल ने चौथे, 18वें और 54वें मिनट में तीन पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला और 47वें मिनट में मैदानी गोल दागा। भारत के लिए एक अन्य गोल दिलराज सिंह (19वें मिनट) ने किया। पाकिस्तान के लिए सूफियान खान (30वें और 39वें मिनट) ने दो पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला जबकि हन्नान शाहिद ने तीसरे मिनट में मैदानी गोल किया। पाकिस्तान ने मुकाबले की अच्छी शुरुआत की और तीसरे मिनट में ही शाहिद के मैदानी गोल से बढ़त बना ली। भारत ने कुछ सेकेंड बाद ही अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया, जिससे हुंडल ने शक्तिशाली ड्रैग फ्लिक पर पाकिस्तान के गोलकीपर के दाईं ओर से गोल में पहुंचाकर टीम को बराबरी दिला दी। दूसरे क्वार्टर में भारत ने अपने खेल में सुधार किया और 18वें मिनट में अपना दूसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया जिससे हुंडल ने गोल में बदला। एक मिनट बाद दिलराज के एक बेहतरीन मैदानी गोल करके भारत की बढ़त को 3-1 कर दिया। पाकिस्तान ने 30वें मिनट में सूफियान के पेनल्टी कॉर्नर पर दागे गोल से स्कोर 2-3 किया। सूफियान ने 39वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर पाकिस्तान को बराबरी दिला दी। भारत ने अंतिम क्वार्टर में 47वें मिनट में अपना तीसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन हुंडल के शॉट को पाकिस्तान के गोलकीपर मुहम्मद जंजुआ ने बचा लिया। हुंडल ने हालांकि कुछ सेकंड बाद ही मैदानी गोल दागकर भारत को फिर से बढ़त दिला दी। भारत ने अंतिम 10 मिनट में पाकिस्तान पर कड़ा दबाव बनाया और कुछ और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए और हुंडल ने एक बार फिर बेहतरीन वैरिएशन से गोल करके टीम की 5-3 से जीत सुनिश्चित की।

निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीकों पर आधारित कार्यशाला संपन्न : मंत्री सिंह

लोक निर्माण से लोक कल्याण नवाचार हमारी ताकत, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ इन्हें लागू करें : मंत्री सिंह निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीकों पर आधारित कार्यशाला संपन्न भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की अध्यक्षता में निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीकों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन प्रशासनिक अकादमी में किया गया। इस दौरान अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता एमडी एमपीआरडीसी अविनाश लावनिया,एमडी एमपीबीडीसी डॉ पंकज जैन,ईएनसी पीडब्ल्यूडी केपीएस राणा, ईएनसी (भवन) एसआर बघेल एवं ईएनसी भवन विकास निगम अनिल श्रीवास्तव सहित विभाग के अन्य सभी मुख्य अभियंता, वरिष्ठ अधिकारी एवं इंजीनियर उपस्थित रहे। विभाग में नवाचार,पारदर्शिता और सामूहिकता से बढ़ेगी कार्यक्षमता  लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में नवाचार, पारदर्शिता और सामूहिकता की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा “नवाचार हमारी ताकत है हमें नवाचार के साथ समरस होकर कार्य करना चाहिए।”  मंत्री सिंह ने कहा कि “विकसित प्रदेश से विकसित भारत” की परिकल्पना को साकार करने में इंजीनियर्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “हम सभी भाग्यशाली हैं कि हमें ‘लोक निर्माण से लोक कल्याण’ की भावना को मूर्त रूप देने का अवसर मिला है। विभाग को अधिक जनहितैषी बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।” मंत्री सिंह ने विभाग में नए आने वाले इंजीनियर्स को प्रेरित करते हुए कहा कि नई पीढ़ी नवाचारों के माध्यम से विभाग को और अधिक सक्षम बना सकती है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे हमारे युवा इंजीनियरों की नई सोच को समझें और अगर कोई सुझाव उपयोगी हो तो उसे अपनाएं। हमारे निर्णय सही होने के साथ सही दिखना भी चाहिए  निर्माण क्षेत्र में नवीन तकनीक व्हाइट टॉपिंग पर चर्चा के दौरान कुछ इंजीनियर ने सुझाव दिया कि व्हाइट टॉपिंग के लिए सड़कों का चुनाव करते समय परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों को भी सम्मिलित किया जा सकता है क्योंकि व्हाइट टॉपिंग के लिए ऐसी सड़के चाहिए जिनकी बुनियाद या क्रस्ट मजबूत हो। इस बात पर मंत्री सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि हमारे निर्णय सही होने के साथ-साथ सही दिखने भी चाहिए। यदि तकनीकी रूप से ऐसा करना आवश्यक है तो इस आशय की सूचना सार्वजनिक रूप से जारी कर इस आवश्यकता को प्रचारित करना बेहतर होगा। अपने निर्माण कार्य को गर्व के साथ प्रचारित करें  मंत्री सिंह ने विभाग के अधिकारियों और इंजीनियर्स को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने निर्माण कार्यों के प्रति स्वामित्व का भाव रखते हुए पूरी जिम्मेदारी के साथ सामने आना चाहिए और गर्व से कहना चाहिए कि निर्माण हमने किया है। भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। कार्य की पूर्णता और सफलता तब होती है जब उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ किया जाए।”  मंत्री सिंह ने सड़कों और संरचनाओं की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा, “जो संरचनाएं हम बनाते हैं, उन पर पीढ़ियां चलती हैं। हमें गर्व होना चाहिए कि हम ऐसा काम कर रहे हैं जो लंबे समय तक समाज के लिए उपयोगी साबित हो।”  मंत्री सिंह ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और संवाद बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, “हमारे अच्छे कार्य संवाद के अभाव में जनता तक नहीं पहुँच पाते हैं। हमें अपने कार्यों की जानकारी लोगों तक प्रामाणिकता के साथ पहुंचानी चाहिए।” मानक निविदा दस्तावेज पर हुई वृहद चर्चा विभाग में पहली बार ऐसा हुआ कि निविदा दस्तावेज पर इतने व्यापक स्तर और एक बड़े मंच पर गहन चर्चा की गई है। मानक निविदा दस्तावेज में सुधार की संभावनाओं को तलाशने के लिए अन्य राज्यों में प्रचलित निर्माण कार्यों के निविदा दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया गया। मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग से तीन अध्ययन दल महाराष्ट्र, तेलंगाना और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भेज कर निविदा शर्तों का अध्ययन कराया गया। इन दलों से प्राप्त सुझावों को कार्यशाला में सम्मिलित करते हुए इन पर विस्तार से चर्चा की गई। निविदा पत्र दस्तावेज में प्रस्तावित संशोधनो पर सार्थक चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि सभी निर्माण विभागों के लिए एक मानक निविदा दस्तावेज वर्ष 2014 में तैयार किया गया था। कालांतर में हुए तकनीकी विकास और नियमों में परिवर्तन के कारण इस दस्तावेज में अनेक सुधारो की गुंजाइश है। आज की आवश्यकताओं के अनुरूप मानक निविदा दस्तावेज को संशोधित कर निर्माण कार्यों को और अधिक पारदर्शी,गुणवत्तापूर्ण एवं अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।   निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने हेतु कार्यशाला में निविदा दस्तावेज में सुधार हेतु अनेक सुझाव प्राप्त हुए जिनमें मुख्य सुझाव इस प्रकार हैं:         2 करोड़ से अधिक लागत वाली सभी निविदाओं में प्रीक्वालिफिकेशन शर्तें लागू की जाएं पूर्व में यह सीमा 5 करोड़ थी।         अनुमानित लागत के 20% के बराबर के तीन कार्यों के अनुभव के स्थान पर 40% के तीन कार्यों को रखाजाए।         निविदाकर्ता के पास उपलब्ध मानव संसाधन और उपकरणों के लिए न्यूनतम शर्ते जोड़ी जाए।         2 करोड़ से अधिक के सड़क निर्माण कार्यों के लिए निर्माण स्थल पर गुणवत्ता परीक्षण लेब की स्थापना अनिवार्यकी जाए।         अव्यावहारिक दरें डालकर टेंडर प्राप्त की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए 80 प्रतिशत से कम दरें डालने वाले निविदाकर्ताओ से अंतर की दोगुनी परफॉर्मेंस गारंटी ली जाए। साथ ही बैंक गारंटी के स्थान पर फिक्स्ड डिपॉजिट रिसिप्ट के माध्यम से परफॉर्मेंस सिक्योरिटी ली जाए।         क्षमता से अधिक कार्यों के ठेके लेने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए बिड कैपेसिटी संबंधी शर्तों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।         निविदाकर्ता के पास बैच मिक्स प्लांट, डब्लू एम एम मिक्स प्लांट एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता संबंधी शर्त जोड़ी जाए।         गुणवत्ता नियंत्रण हेतु समय-समय पर किए जाने वाले परीक्षणों, डामर की गुणवत्ता, आदि से संबंधित शर्तें भी जोड़ी जाए।  इसी प्रकार कंसलटेंट के चयन हेतु निर्धारित निविदा दस्तावेज पर भी अनेक सुझाव प्राप्त हुए जिसे कंसलटेंट एजेंसी और नियुक्त इंजीनियरिंग स्टॉफ की गुणवत्ता में सुधार हो सके।  मंत्री सिंह राकेश सिंह ने इन सभी सुझावों के अनुसार निविदा दस्तावेज में सुधार करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।  मानक निविदा दस्तावेज में सुधार की यह प्रक्रिया न केवल कार्यकुशलता को बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि ठेकेदारों से होने वाले विवादों को … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को दी जानकारी

पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना के “मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट” पर सहमति  पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी परियोजना के  “मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट” पर हस्ताक्षर की सहमति बन गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को दी जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना के “मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग” के बाद अब उसके “मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट” पर हस्ताक्षर की सहमति बन गई है। योजना की प्रशासकीय स्वीकृति के लिए मंत्रि-परिषद के समक्ष संक्षेपिका 15 दिवस में प्रस्तुत की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक के पूर्व मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की 75 हजार करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से प्रदेश के 11 जिले गुना, शिवपुरी, सीहोर, देवास, राजगढ़, उज्जैन, आगर मालवा, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर और मुरैना के 2094 गांवों में लगभग 6 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। साथ ही पेयजल एवं औद्योगिक आपूर्ति के लिए जल भी उपलब्ध होगा। योजना में मध्यप्रदेश में 21 बांध एवं बैराज बनाए जाएंगे। योजना अंतर्गत प्रदेश में कराए जाने कार्यों की लागत लगभग 36 हजार 800 करोड़ रुपए है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से प्रदेश के चंबल और मालवा क्षेत्र के लाखों किसानों का जीवन बदलेगा। उन्हें न केवल सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा, अपितु संबंधित क्षेत्र में पर्यटन और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की 17 परियोजनाएं एवं राजस्थान की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना शामिल हैं। परियोजना की कुल लागत 72 हजार करोड़ रूपए प्रस्तावित है। परियोजना के क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश के कुल लगभग 6.11 लाख हेक्टेयर नवीन क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजल व उद्योगों के लिए लगभग 172 मि.घ.मी. जल का प्रावधान किया गया है। परियोजना से लगभग 40 लाख परिवार लाभांवित होंगे। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना में मध्यप्रदेश से प्रारम्भ होने वाली पार्वती, कूनो, कालीसिंध, चंबल, क्षिप्रा एवं सहायक नदियों के जल का अधिकतम उपयोग किया जायेगा। परियोजना के अंतर्गत श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्पलेक्स में 04 बांध (कटीला, सोनपुर, पावा एवं धनवाड़ी), 02 बैराज (श्यामपुर, नैनागढ), कुम्भराज कॉम्पलेक्स में 02 बांध (कुम्भराज-1 एवं कुम्भराज-2) तथा रणजीत सागर, लखुंदर बैराज एवं ऊपरी चम्बल कछार में 07 बांध (सोनचिरी, रामवासा, बचेरा, पदुनिया, सेवरखेडी, चितावद तथा सीकरी सुल्तानपुरा) शामिल हैं। इसके अलावा गांधी सागर बांध की अपस्ट्रीम में चंबल, क्षिप्रा और गंभीर नदियों पर छोटे-छोटे बांधों का निर्माण भी प्रस्तावित है। राज्य शासन की यह एक बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। केन्द्र सरकार के सहयोग से बनने वाली इस परियोजना का कार्य आगामी 05 वर्ष में पूर्ण कर लिया जाएगा। परियोजना अंतर्गत कुल 21 बांध, बैराज एवं बैलेंसिंग रिजर्वायर आदि का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। साथ ही परियोजना में मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के मध्य मौजूदा चंबल दायीं मुख्य नहर (CRMC) एवं मध्य प्रदेश क्षेत्र में CRMC सिस्टम को अंतिम छोर तक नवीकरण एवं आधुनिकीकरण हेतु प्रावधान रखा गया है, जिससे मध्य प्रदेश के श्योपुर, मुरैना, भिण्ड जिलों को सिंचाई एवं पेयजल हेतु आवंटित जल प्राप्त हो सकेगा। जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के मंत्री, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री और दोनों राज्यों के अपर मुख्य सचिव एवं सचिव की उपस्थिति में दिनांक 28 जनवरी 2024 को परियोजना की डी.पी. आर. तैयार करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की श्रीमंत माधवराव सिंधिया सिंचाई कॉम्पलेक्स की 06 परियोजनाओं की डीपीआर तैयार कर राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण, भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है। शेष परियोजनाओं की डीपीआर विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना सह पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का भारत सरकार से प्राप्त ड्राफ्ट समझौता अनुबंध (MOA) को मध्य प्रदेश शासन द्वारा संशोधन उपरांत भारत सरकार को 25 अक्टूबर 2024 को प्रेषित कर अनुरोध किया गया था कि मध्यप्रदेश के बिन्दुओं (कार्यों) को MOA में समावेश कर अंतिम रूप दिये ड्राफ्ट समझौता अनुबंध (MOA) को मध्य प्रदेश शासन को भेजें, जिससे अंतिम ड्राफ्ट (MOA) पर शासन से अनुमोदन प्राप्त किया जा सके।  

प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से हुआ चीता अभियान शुरू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीता दिवस पर प्रदेशवासियों को दी बधाई चीते हमारे प्रदेश ही नहीं देश की भी धरोहर, इसको संभालकर रखना है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से हुआ चीता अभियान शुरू भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चीता दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पूरे देश में वन्यजीवों के लिए एक आदर्श स्थान है। इसी कारण मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट बना है। चीते हमारे प्रदेश ही नहीं देश की धरोहर हैं। इस नाते इस धरोहर को हमें संभालकर रखना है। चीतों से हमारा ऐसा ही आत्मीय स्नेह बना रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो नेशनल पार्क में दो चीतों की सौगात मिली है। “अग्नि और “वायु” को स्वतंत्र वन क्षेत्र में छोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीतों के साथ मध्यप्रदेश में पर्यटन भी रफ्तार भरेगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि भारत के सभी राज्यों में जितने टायगर नहीं हैं उससे अधिक संख्या में मध्यप्रदेश में हैं, जो एक रिकार्ड है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने दो दिन पहले ही टाइगर रिजर्व को मंजूरी दी है। रातापानी टाइगर रिजर्व 8वें क्रम पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार माधव टाइगर पार्क के लिए भी जल्द ही आवश्यक मंजूरी देने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग सौ साल पहले चीता मध्यप्रदेश ही नहीं पूरे देश या एशिया से भी विलुप्त हो गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से हमने अन्य महाद्वीप से लाकर इस प्राणी को अपने यहां बसाने का अभियान शुरू किया। मुझे संतोष है मध्यप्रदेश में चीतों का परिवार फल-फूल रहा है। अब उनकी नई पीढ़ी आंखें खोल कर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस प्रयोग से आगे चलकर यह संभव होगा कि अन्य राज्य भी भागीदार बन सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीता दिवस के अवसर पर आनंद के क्षणों के साथ प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देना चाहता हूँ जिनके प्रयासों से हमें यह चीता प्रोजेक्ट मिला। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विभिन्न आयोजन अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर श्योपुर जिले के विभिन्न हिस्सों में कूनो राष्ट्रीय उद्यान द्वारा चीता-मित्रों की रैलियों का आयोजन किया गया। इस अवसर को यादगार बनाने के लिये भारतीय भूमि पर चीतों के रोचक छायाचित्रों से भरपूर कूनो राष्ट्रीय उद्यान के ऑफीशियल कैलेण्डर-2025 का विमोचन पालपुर में किया गया। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर एक लघु फिल्म जारी की गयी। फिल्म में चीता परियोजना के पिछले 2 वर्षों की झलक दिखायी गयी। नेशनल पार्क के अंतिम विस्थापित ग्राम बागचा की एक वीडियो स्टोरी भी जारी की गयी। इस अवसर पर वन विभाग के एसीएस अशोक वर्णवाल, पीसीसीएफ एण्ड होप असीम श्रीवास्तव, पीसीसीएफ वन्य-जीव शुभरंजन सेन एवं मुख्य वन्य-प्राणी अभिरक्षक और चीता स्टीरिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजेश गोपाल, सदस्य डॉ. एच.एस. नेगी और सलाहकार डॉ. एस.पी. यादव उपस्थित रहे।  

बिजली चोरी में एक आरोपी को दो वर्ष कारावास सहित 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माना

बिजली चोरी के पॉंच मामलों में अर्थदंड की सजा  बिजली चोरी के मामलों में दोष सिद्ध होने पर पॉंच आरोपियों को अर्थदंड सहित एक आरोपी को 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माना की सजा सुनाई बिजली चोरी में एक आरोपी को दो वर्ष कारावास सहित 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माना भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के दतिया, बैतूल एवं सबलगढ़ में विशेष न्‍यायाधीश विद्युत अधिनियम एवं जिला न्‍यायालय द्वारा बिजली चोरी के मामलों में दोष सिद्ध होने पर पॉंच आरोपियों को अर्थदंड सहित एक आरोपी को 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माना की सजा सुनाई है। गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा दतिया वृत्‍त अंतर्गत चेकिंग के दौरान दिनेश साहू आत्‍मज सुरेश साहू द्वारा उनकी राइस मिल में स्‍थापित कनेक्‍शन के मीटर को बायपास कर विद्युत चोरी पकड़ते हुए माननीय न्‍यायायल के समक्ष परिवाद दायर किया गया था। इस पर विशेष न्‍यायाधीश विद्युत अधिनियम दतिया सुदीप कुमार श्रीवास्‍तव द्वारा दोष सिद्ध पाए जाने पर आरोपी दिनेश साहू को दो वर्ष की सजा एवं 2 लाख 97 हजार 548 रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। बैतूल वृत्‍त के मुलताई ग्रामीण वितरण केन्‍द्र अंतर्गत विनोदीलाल कवड़े द्वारा अपने परिसर में स्‍थापित घरेलू कनेक्‍शन के मीटर को बायपास कर विद्युत चोरी के मामले में विशेष न्‍यायाधीश विद्युत अधिनियम मुलताई जिला बैतूल पंकज चतुर्वेदी द्वारा आरोपी विेनादीलाल कवड़े के विरूद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत दोष सिद्ध पाए जाने पर वित्‍तीय लाभ का तीन गुना 22 हजार 071 रूपये का जुर्माना तथा अदायगी नहीं करने पर चार माह की सजा सुनाई है। इसी तरह सबलगढ़ अंतर्गत बिजली चोरी के मामलों में माननीय न्‍यायालय द्वितीय अति सत्र न्‍यायाधीश उपेन्‍द्र देशवाल द्वारा तीन आरोपियों को तीन गुना जुर्माना तथा अदायगी नहीं करने पर चार माह की सजा सुनाई है। इन तीन मामलों के आरोपियों में सोनू कुशवाह को 6 हजार 848 रूपये, वीरेन्‍द्र कुशवाह को 7 हजार 188 रूपये एवं राजेश कुशवाह को 7 हजार 698 रूपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में सभी आम लोगों से आग्रह किया गया है कि वे वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। अनधिकृत या अवैध रूप से बिजली चोरी दण्डनीय अपराध है तथा इसमें जुर्माना और कारावास का भी प्रावधान है।  

दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना -राज्यपाल

व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट दिव्य शक्तियों का प्रदर्शन- राज्यपाल पटेल  खेल के दौरान दिव्यांग जन की दिव्य शक्तियों को प्रदर्शन का अवसर देना सराहनीय पहल – राज्यपाल पटेल  दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना -राज्यपाल राज्यपाल ने टूर्नामेंट का किया शुभारंभ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि दिव्य शक्तियों के दर्शन और प्रदर्शन का अवसर व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट हैं। खेल के दौरान दिव्यांग जन की दिव्य शक्तियों को प्रदर्शन का अवसर देना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग करते है। बॉलिंग करते है। फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना है।उन लोगों को जो मामूली शारीरिक मानसिक चुनौतियों से निराश हो जाते है। उन्हें नई प्रेरणा और उत्साह मिलेगा। राज्यपाल पटेल उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित अस्थिबाधित महिला एवं पुरुष व्हील चेयर डे एण्ड नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग,सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय श्रीमती सोनाली वायंगणकर पोक्षे, आयुक्त रामाराव भोसले एवं खेल प्रेमी उपस्थित थे। प्रतियोगिता का आयोजन ओल्ड कैंपियन ग्राउंड मे किया गया था। खेलते रहने वाला ही होता है विजेता राज्यपाल पटेल ने कहा कि जीवन की सच्चाई है कि निरंतर प्रयास से ही परिणाम मिलते है। हारना-जीतना उतना मायने नहीं रखता है जितना निरंतर खेलते रहना। निरंतर खेलते रहने वाले ही विजेता होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को उनके उत्साह और जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि खेल भावना से खेलते रहना ही विजेता बनने का तरीका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब वर्ष 2000 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। तभी से वे खेल और खिलाड़ियों के उन्नयन के लिए कार्य कर रहें है। देश में खेलों और खिलाड़ियों के प्रति नया वातावरण निर्मित हुआ है। इसी तरह मोदी ने दिव्यांगजन की शक्तियों को उन्नति और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए है। इसी क्रम में जनवरी माह में युवाओं का सम्मेलन हो रहा है, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से चयनित युवा शामिल होंगे। उन्होंने प्रतियोगिताओं के खिलाड़ियों और उपस्थित युवाओं आह्वान किया कि वह इन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर सम्मेलन में शामिल होने का प्रयास करें। राज्यपाल नियत अवधि से कार्यक्रम में आधे घन्टे अधिक रहे राज्यपाल पटेल अस्थिबाधित महिला एवं पुरुष व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में नियत अवधि से आधे घन्टे अधिक समय तक उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच खेले जा रहे क्रिकेट मैच में छत्तीसगढ़ की पुरूष टीम की बैटिंग के नियत 10 ओवरों में से छह ओवर तक के खेल का अवलोकन किया। खिलाड़ियों के मनोबल का उत्साह वर्धन किया। इससे पूर्व राज्यपाल पटेल ने क्रिकेट खेलकर खिलाड़ियों में जोश का संचार किया। प्रत्येक टीम के खिलाड़ियो के पास पहुंचकर उनका परिचय प्राप्त कर उन्हें उत्साहित किया। खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने दिखाया है कि जीतता वही है, जिसमें ज़िद और जज्बा होता। उन्होंने प्रतियोगिता आयोजकों को प्रतिवर्ष प्रतियोगिता में कुछ नया करने के प्रयासों की सराहना की। कहा कि सुखद है कि हर वर्ष जो नया किया जाता है वह भी किसी से कम नहीं होता है। यह बड़ी बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार ज्ञापित किया, जिन्होंने दिव्यांग-जनों के लिए संवेदनशीलता के साथ विकास और उन्नयन के कार्य किए है। साथ ही उनकी मानसिक और शारीरिक दिव्यता को उजागर किया है। उन्होंने प्रदेश के राज्यपाल पटेल के पालक भाव से अभिभूत होने की बात कही। राज्यपाल का सामाजिक सरोकारों में आगे रहने को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि सिकल सेल रोग उन्‍मूलन प्रयासों को आंदोलन का रूप राज्यपाल के प्रयासों से ही मिला है। सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजन कल्याण प्रयासों को व्यापक स्तर पर संचालित कर रही है। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांग जन के लिए विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताएं ग्वालियर में आयोजित की गई। इससे पूर्व ग्वालियर में ही दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। उन्होंने बताया कि पैरा ओलम्पिक में मेडल विजेता दिव्यांग खिलाड़ियों को भी प्रदेश सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया है। उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी की संस्थापक श्रीमती दीप्ती पटवा ने प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी दी। बताया कि प्रतियोगिता में आठ राज्यों की दस टीमें शामिल हुई है। प्रतियोगिता में 180 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ी भाग ले रहे है। कार्यक्रम में निर्मला उपाध्याय के संयोजन में दिव्यांग बच्चों ने गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन और मैच की कॉमेन्ट्री विकास ने की।  

कूनो नेशनल पार्क में अब पर्यटकों को हो सकेंगे दीदार, बाड़े से आजाद हुए चीते, अग्नि और वायु को जंगल में छोड़ा

श्योपुर लंबे इंतजार के बाद कूनो नेशनल पार्क के बाड़े में रखे गए चीतों में से दो चीते अग्नि और वायु को बुधवार को जंगल में छोड़ दिया गया। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर विशेषज्ञों ने जंगल में उनेक विचरण, सुरक्षा, भोजन आदि को लेकर अंतिम चर्चा के बाद यह निर्णय लिया। बाड़े में कुल 12 चीते और 12 शावक हैं, जिसमें से एक मादा शावक मुखी पौने दो साल का होने के साथ पूर्ण वयस्क हो चुकी है। इसके साथ ही जल्दी ही जंगल में और चीते छोड़े जाने की संभावना बढ़ गई है। अगले दो-तीन दिन में दो और चीते छोड़े जा सकते हैं। सिंह परियोजना के निदेशक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान के पारोंद वन क्षेत्र में चीते छोड़े गए हैं। यह क्षेत्र अहेरा पर्यटन क्षेत्र का हिस्सा है। ऐसे में पर्यटकों को सफारी के दौरान चीतों को देखने का अवसर मिल सकता है। पवन ने बार-बार लांघी कूनो की सीमाएं कूनो नेशनल पार्क में 17 सिंतबर 2022 को नामीबिया से लाए जाने के बाद पवन चीता को सबसे पहले 21 मार्च 2023 को जंगल में छोड़ा था। बार-बार कूनो की सीमा लांघकर कभी शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क तो कभी यूपी की सीमा तक जाने के बाद उसे ट्रैंकुलाइज कर वापस लाकर बाड़े में बंद करने पड़ा था। पिछले साल नौ चीतों को जंगल में छोड़ा अग्नि-वायु, गौरव-शौर्य, आशा, वीरा सहित कुल नौ चीतों को जंगल में छोड़ा जा चुका है। पिछले साल जुलाई और अगस्त में कुछ चीतों की मौत व संक्रमण के मामले सामने आने के बाद सभी चीतों को वापस बाड़े में बंद कर दिया था। बरसाती नाले में एक की डूबने से हुई थी मौत छह माह पहले पवन व वीरा चीता का जोड़ा जंगल में छोड़ा था। वीरा के मुरैना व ग्वालियर क्षेत्र तक आकर ग्रामीणों के पशुओं के शिकार करने के बाद वापस बाड़े में ले जाना पड़ा था। पवन की बरसाती नाले में डूबकर मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही सभी चीतों बाड़े में ही बंद थे। अग्नि और वायु उम्र में अधिक बड़े और मजबूत चीतों में से हैं, इसलिए पहले इन्हे छोड़ा है।

सतना जिले में जिले में सिंचाई की पानी की आपूर्ति के लिए चार नए बांध बनाने के लिए सर्वे प्रक्रिया का काम जल्द शुरू

सतना सतना जिले में जिले में सिंचाई की पानी की आपूर्ति के लिए चार नए बांध बनाने के लिए सर्वे प्रक्रिया का काम जल्द शुरू होने जा रहा है. नए बांध के जरिए जिले के 3 हजार हेक्टेर कृषि भूमि को सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिले में चार नए बांधों के निर्माण की रुपरेखा तैयार की जा रही है. जल संसाधन विभाग अवर सचिव के निर्देश पर जिले में चार नए बांध के निर्माण के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है. प्राथमिक तौर पर रैगांव विधानसभा क्षेत्र के बालकुंड़ चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के कंदर, नरदहा और गहबर इलाके में बांध निर्माण करने का सर्वे किया जाएगा. चार महीने के अंदर सर्वे पूरा करके पेश करना होगा रिपोर्ट जिले चार नए बांध निर्माण के लिए चार महीने के अंदर सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है. इसके बाद बांधों का डीपीआर तैयार किया जाएगा. वहीं, जल संसाधन संभाग सतना को संबंधित योजनाओं का सर्वे करवाए जाने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शिका जारी की गई है.  रैगांव विधानसभा क्षेत्र के बालकुंड में होगा बांधों का निर्माण जानकारी के मुताबिक शासन के स्वीकृत के अनुसार विधानसभा क्षेत्र चित्रकूट के अंतर्गत कंदर, नरदहा और गहबर में जबकि रैगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बालकुंड में बांधों का निर्माण किया जाएगा. इन चारों योजनाओं के निर्माण पर करीब 102 करोड़ रुपए खर्च होने और लगभग 3 हजार हेक्टेयर की सिंचाई होने का लक्ष्य प्रस्तावित है. बालकुंड से लगभग 355 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का खर्च 12.39 करोड़ रुपए होगा.कंदर बांध से 888 हेक्टेयर रकबे के लिए 27.95 करोड़, नरदहा के 1120 हेक्टेयर सिंचाई के लिए 37.10 करोड़ और गहबर से लगभग 724 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए 24.85 करोड़ खर्च आएगा. सतना में चार नए बांध निर्माण के लिए विधायकों ने की थी पहल बताया जा रहा है कि योजनाओं के प्रस्ताव शासन स्तर पर काफी समय से लंबित हैं, जिसके लिए आवश्यक मंजूरी के लिए राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और चित्रकूट क्षेत्र के लिए विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की 3 सिंचाई योजनाओं को शासन से मंजूरी दिलाए जाने की मांग रखी थी. चारों बांध के निर्माण पर आएगा करीब 102 करोड़ रुपए खर्च बालकुंड से लगभग 355 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य है, जिसकाखर्च 1 2.39 करोड़ रुपए होगा. वहीं, कंदर बांध से 888 हेक्टेयर रकबे के लिए निर्माण खर्च 27.95 करोड़, नरदहा के 1120 हेक्टेयर सिंचाई के लिए 37.10 करोड़ और गहबर से लगभग 724 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए बांध निर्माण पर  24.85 करोड़ आएगा.

जैविक खेती के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले नायक राहुल कुमार वसूले, आज एक प्रगतिशील कृषक हैं

भोपाल छिंदवाड़ा जिले के खजरी गांव के राहुल कुमार वसूले आज एक प्रगतिशील कृषक हैं। इसके साथ-साथ वे जैविक खेती के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले नायक भी हैं। कभी 15 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर नौकरी करने वाले राहुल ने इंजीनियरिंग और प्रबंधन की पढ़ाई करने के बाद पावर प्लांट में कार्य किया। लेकिन परिवार के स्वास्थ्य पर रसायनिक खेती के दुष्प्रभावों को देखकर उन्होंने नौकरी छोड़ दी और जैविक व प्राकृतिक खेती की राह चुनी। बी.टेक और एम.बी.ए. की शिक्षा लेने के बाद राहुल ने लगभग 15 वर्षों तक पॉवर प्लांट में कार्य किया, लेकिन अपने पिता और पुत्र को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में खोने के बाद उन्होंने महसूस किया कि इन समस्याओं की मूल जड़ रासायनिक खेती से पैदा हुआ अनाज और सब्जियां हैं। इस गहरी सोच के बाद उन्होंने वर्ष 2018 में अपनी नौकरी छोड़कर जैविक खेती करने का फैसला किया। जैविक खेती को समझने और इसे प्रभावी ढंग से अपनाने के लिए राहुल ने राज्य सरकार की मदद से देश के विभिन्न संस्थानों और वैज्ञानिकों से मार्गदर्शन लिया। उन्होंने जीवामृत, घनजीवामृत, केंचुआ खाद और नीमास्त्र जैसे जैविक उत्पाद तैयार करना सीखा। साथ ही इज़राइल की तकनीक से संरक्षित खेती और मशरूम उत्पादन जैसे आधुनिक तरीके भी अपनाये। राहुल की प्रगतिशीलता से उन्हें 1 से 3 दिसंबर 2024 तक पूसा, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें ‘मिलेनियर फॉर्मर ऑफ इंडिया 2024’ जैसे प्रतिष्ठित नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वर्ष 2022 में आगरा में उन्हें जैविक इंडिया अवार्ड मिला। वर्ष 2023 में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में गौ आधारित जैविक कृषि अवार्ड में भी राहुल को सम्मानित किया गया। जैविक खेती का मॉडल राहुल के पास 10 एकड़ भूमि है, जहां वे गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, चना, मूंग, और सब्जियों की खेती करते हैं। उन्होंने प्राकृतिक खाद और जैविक तरीकों का उपयोग कर अपनी उपज की गुणवत्ता को बेहतर बनाया। इसके अलावा वे दुग्ध और मशरूम उत्पादन भी कर रहे हैं। राहुल की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है “रसायनमुक्त नवरत्न आटा,” जिसमें ज्वार, बाजरा, रागी, मूंग, काला गेहूं और अन्य अनाज भी शामिल हैं। यह आटा उनके जैविक प्र-संस्करण यूनिट में तैयार होता है, जो ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस यूनिट से क्षेत्र के 50 से अधिक जरूरतमंद लोगों को रोजगार भी मिला है। राहुल पहले 15 लाख रुपये के पैकेज पर नौकरी कर रहे थे, अब खेती करने के बाद उनका का वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है। उनके उत्पाद गुरुग्राम, नोएडा, पुणे, मुंबई जैसे शहरों तक भेजे जा रहे हैं। राहुल ने “श्रीराम जैविक कृषक समूह” की स्थापना की, जिससे 600 से अधिक किसान जुड़े हैं। वे सभी किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करते हैं और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाते हैं। उनकी सफलता ने आसपास के किसानों को भी रसायनमुक्त खेती की ओर मोड़ दिया है। अपनी सफलता से प्रफुल्लित होकर राहुल कहते हैं कि सही सोच और मेहनत से हम न केवल अपनी, बल्कि समाज की दिशा भी बदल सकते हैं। वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताते हुए कहते हैं कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों की वजह से ही वे आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं।  

अब लंबी और खुली सीमा के कारण भारतीय पहले कनाडा जाते हैं और वहां से यूएस में एंट्री करते हैं

वॉशिंगटन  भारतीय बड़ी संख्या में ‘अमेरिकन ड्रीम’ के लिए अपना सब कुछ जोखिम में डाल रहे हैं। अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (USCBP) के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि अमेरिका में अवैध रूप से भारतीयों के जाने में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। अकेले इस साल कनाडाई सीमा पर अवैध रूप से प्रवेश करते हुए पकड़े गए लोगों में 22 फीसदी भारतीय थे। आइए समझें कि भारतीयों की इतनी बढ़ती संख्या के पीछे क्या कारण है? USCBP के डेटा का वित्तीय वर्ष अक्टूबर से सितंबर तक चलता है। इसका डेटा कनाडाई सीमा के जरिए अवैध रूप से अमेरिका में घुसते भारतीय अमेरिकियों की बढ़ती संख्या दिखाता है। 2022 में अवैध क्रॉसिंग की कोशिश कर रहे 109,535 लोगों को पकड़ा गया था। इसमें भारतीयों की संख्या 16 फीसदी थी। 2023 में इसमें वृद्धि हुई और 189,402 लोगों में से 30,010 भारतीय पकड़े गए। इस साल आंकड़ों में फिर वृद्धि हुई है। 42764 भारतीयों को अवैध रूप से कनाडा से अमेरिका में घुसते पकड़ा गया। भारतीयों का नंबर बढ़ा BBC की रिपोर्ट के मुताबिक वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक निस्कैनन सेंटर के इमीग्रेशन एनालिस्ट गिल गुएरा और स्नेहा पुरी ने कहा कि ये आंकड़े हालांकि लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई प्रवासियों की तुलना में कम हैं। लेकिन पिछले चार वर्षों में भारतीय पश्चिम गोलार्ध के बाहर अमेरिकी सीमा पर आने वाले प्रवासियों का सबसे बड़ा समूह बन गए हैं। लेकिन बड़ा सवाल है कि अभी तक ज्यादातर लोग मैक्सिको बॉर्डर से अमेरिका में घुसते हैं, तो आखिर कनाडा पहली पसंद क्यों बन गया। आखिर कनाडा क्यों? निस्कैनन सेंटर के मुताबिक कनाडा से अवैध एंट्री बढ़ने का कारण कनाडा की अधिक सुलभ वीजा प्रक्रिया है। कनाडा भारतीयों के लिए अधिक सुलभ एंट्री पॉइंट बनता जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि कनाडा का वीजा पाने के लिए औसत 76 दिन लगते हैं। जबकि अमेरिकी वीजा के लिए एक साल से ज्यादा का समय लग जाता है। इसके अलावा मैक्सिको-अमेरिका बॉर्डर की तुलना में यूएस-कनाडा बॉर्डर ज्यादा लंबा और कम संरक्षित है। आने वाले ट्रंप के कार्यकाल में यूस-कनाडा बॉर्डर पर भी सख्ती देखी जा सकती है।

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