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ASI ने पत्नी और साली को उतरा मौत के घाट, डबल मर्डर से भोपाल में सनसनी, हैरान कर देगी वजह

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल मंगलवार को डबल मर्डर से दहल गया। राजधानी भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में पुलिस के एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) ने अपनी अलग रह रही पत्नी और साली की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ASI ने पत्नी और साली को उतरा मौत के घाट एएसआई की पहचान योगेश मरावी के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वह मंडला में पदस्थ हैं। उनकी पत्नी विनीत भोपाल में नौकरी करती थीं और अपनी बहन के साथ ऐशबाग इलाके में फ्लैट लेकर रहती थीं। बताया जा रहा है कि योगेश का पिछले कुछ समय से अपनी पत्नी के साथ विवाद चल रहा था। जांच में जुटी पुलिस हत्या की जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) प्रियंका शुक्ला ने बताया, “एएसआई की पहचान योगेश मरावी के रूप में हुई है। उसकी पत्नी विनीता अपनी बहन के साथ ऐशबाग इलाके में एक फ्लैट में रहती थी, जहां सुबह मरावी आया और दोनों की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। मृतकों की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच थी।” पुलिस उपायुक्त प्रियंका शुक्ला ने कहा कि मृतक के घरेलू सहायक ने उनके रिश्तेदारों को इसकी सूचना दी, जिन्होंने बाद में पुलिस को सूचित किया। आरोपी अपनी पत्नी के फ्लैट पर सुबह करीब 11 बजे पहुंचा था। डीसीपी ने आगे कहा कि आते ही आरोपी ने घरेलू सहायक को बाहर धकेल दिया और अपराध करने से पहले अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। 10 साल पहले हुई थी शादी उल्लेखनीय है कि मरावी वर्तमान में मंडला में ड्यूटी पर तैनात थे और उन्होंने करीब 10 साल पहले विनीता से शादी की थी। डीसीपी ने बताया कि वे विवाद के चलते लंबे समय से अलग रह रहे थे। उन्होंने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गया था।

जबलपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ पर मेहरबान विभाग, अब तक कोई एक्शन नहीं : जबलपुर विकास प्राधिकरण का घोटाला

जबलपुर जबलपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा अपराध पंजीकृत किए जाने के बाद से शहर में एक नई बहस छिड़ गई है। यह मामला न केवल भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को उजागर करता है, बल्कि शहर के विकास कार्यों पर भी सवाल खड़े करता है। करप्शन सामने आने के बाद भी अब तक भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, पीङित किसान परेशान हैं। न्याय के लिए भटक रहे हैं। जिम्मेदारों ने साध रखी चुप्पी सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। यह चुप्पी लोगों में और अधिक संदेह पैदा कर रही है। क्या सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है? यह एक गंभीर सवाल है जिसका जवाब सरकार को कारॅवाई कर देना होगा।   यह था मामला… जेडीए की जमीन में फर्जीवाड़ा कर सरकार को 2 करोड़ 40 लाख चपत लगाने एवं 25 लाख की स्टाम्प ड्यूटी की हानि पहुँचाने के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने जेडीए के सीईओ दीपक वैद्य सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में गढ़ा मानस स्कूल के पास रहने वाली विद्याबाई प्यासी और उनके बेटे हरीश प्यासी, सौरभ प्यासी, प्रवीण प्यासी और आशीष प्यासी को भी आरोपी बनाया गया है। ज्ञात हो कि पूर्व में संजीवनी नगर थाने में विद्याबाई और उसके बेटों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। जानकारी के अनुसार ईओडब्ल्यू को गढ़ा निवासी अशोक प्यासी द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया था कि कछपुरा में योजना क्रमांक 6 और 41 की कुछ जमीन को जेडीए द्वारा अधिग्रहित किया गया था। इसके एवज में जेडीए ने भू-स्वामियों को दो करोड़ 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया। जेडीए इस जमीन के दस्तावेजों में अपना नाम नहीं चढ़वा पाई। इस दौरान विद्या बाई और उनके बेटों ने जेडीए अधिकारियों के साथ साँठगाँठ कर अधिग्रहित की गई जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाए और जमीन को बेच दिया। इसमें 25 लाख रुपए के स्टाम्प की भी हानि शासन को पहुँचाई। गलत जानकारी प्रस्तुत की थी जाँच के दौरान ईओडब्ल्यू ने सीईओ दीपक वैद्य से जानकारी माँगी, तो उनके द्वारा ईओडब्ल्यू को गलत जानकारियाँ दी गईं। इस पूरे मामले में तत्कालीन जेडीए सीईओ समेत भू-अर्जन अधिकारी और राजस्व अधिकारी की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। इनकी भी जाँच की जा रही है। जाँच में जिन अधिकारियों की मिलीभगत होगी उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है। यह सवाल लोगों के जेहन में उठ रहे  * क्या इस मामले में राजनीतिक दखल है?  * क्या विभाग इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है?  * क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीतियां कागजों पर ही सिमट कर रह गई हैं?

IANS की रिपोर्ट के अनुसार चिन्मय दास की बेल के लिए पैरवी करने को कोई वकील ही तैयार नहीं, बेल के लिए करना होगा इंतजार

ढाका इस्कॉन के संत चिन्मय कृष्ण दास को बांग्लादेश में जेल से बाहर निकलने के लिए इंतजार करना होगा। मंगलवार को केस की सुनवाई थी, लेकिन उनकी पैरवी के लिए कोई वकील ही नहीं पहुंचा। खबर है कि कट्टरपंथियों के डर से वकील उनका केस लेने से ही डर रहे हैं। इसी के चलते जब मंगलवार को अदालत लगी तो उनकी पैरवी के लिए कोई नहीं था। इस पर बेंच ने उनकी बेल अर्जी पर सुनवाई के लिए 2 जनवरी, 2025 की नई तारीख तय की है। IANS की रिपोर्ट के अनुसार चिन्मय दास की बेल के लिए पैरवी करने को कोई वकील ही तैयार नहीं हुआ है। इससे पहले उनके एक वकील पर हमला भी हुआ है, जो फिलहाल आईसीयू में एडमिट हैं और उनकी हालत गंभीर है। बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण जोते के प्रवक्ता रहे चिन्मय कृष्ण दास को बीते सोमवार को देशद्रोह के मामले में अरेस्ट कर लिया गया था। वह हिंदुओं और इस्कॉन के खिलाफ हिंसा के विरोध में हुए एक प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके बाद उन पर देशद्रोह का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया गया और एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। चिन्मय कृष्णदास पर इस तरह की कार्रवाई किए जाने की भारत समेत दुनिया भर में निंदा हो रही है। कनाडा, अमेरिका जैसे देशों में रह रहे हिंदुओं ने भी इस ऐक्शन की निंदा की है और वहां विरोध प्रदर्शन हुए हैं। चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी का बांग्लादेश में अच्छा प्रभाव रहा है। वह बांग्लादेश चटग्राम में इस्कॉन के डिविजनल ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी रहे हैं। उनके वकील रामेन रॉय पर भी सोमवार को हमला हुआ है। वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। चिन्मय दास ने भी इस पर बयान जारी किया है। उनका कहना है कि रामेन रॉय का अपराध यही था कि अदालत में उन्होंने उनकी पैरवी की थी। खबरों के अनुसार इस्लामिक कट्टरपंथियों ने रामेन रॉय के घर पर हमला किया था और फिर उन्हें भी जमकर पीटा गया। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल में एडमिट हैं। इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता ने कहा कि रामेन रॉय फिलहाल अस्पताल में एडमिट हैं। वह अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘एडवोकेट रामेन रॉय के लिए प्रार्थना करें। उनकी एक ही गलती थी कि उन्होंने अदालत में चिन्मय कृष्ण दास की पैरवी की थी।’ बता दें कि भारत ने भी बांग्लादेश के हालातों पर चिंता जताई है और वहां की सरकार से कहा है कि हिंदुओं पर हमले न किए जाएं।

सुरक्षाबलों को आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी, किया एक आतंकी ढेर, मुठभेड़ जारी

जम्मू जम्मू-कश्मीर में दाचीगाम जंगल के ऊपरी इलाकों में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया है। सुरक्षाबलों को इस इलाके में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर सुरक्षाकर्मियों ने इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। आतंकियों ने खुद को गिरा देख सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी। इसके बाद जवानों में भी जवाबी कार्रवाई शुरू की। जवानों ने एक आतंकी को मार गिराया है। फिलहाल, अभी दोनों ओर से गोलीबारी जारी है। इससे पहले कश्मीर जोन पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ एक पोस्ट में कहा, “विशिष्ट खुफिया इनपुट के आधार पर, सुरक्षाबलों के संयुक्त दलों ने दाचीगाम जंगल के ऊपरी इलाकों में सीएएसओ (घेराबंदी और तलाशी अभियान) शुरू किया है। ऑपरेशन जारी है।” बता दें कि आतंकवादियों द्वारा किए गए कई हमलों के बाद हाल के दिनों में सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। 20 अक्टूबर को आतंकवादियों ने गांदरबल जिले के गगनगीर इलाके में एक बुनियादी ढांचा परियोजना कंपनी के श्रमिकों के शिविर पर हमला किया था। इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 24 अक्टूबर को बारामूला जिले के गुलमर्ग के बोटापथरी इलाके में सेना के वाहन पर हमला कर आतंकवादियों ने सेना के तीन जवानों और दो नागरिक कुलियों की हत्या कर दी थी। वहीं, 2 नवंबर को श्रीनगर में पर्यटक स्वागत केंद्र के पास व्यस्त संडे मार्केट में आतंकवादियों ने ग्रेनेड फेंका था। इसमें एक 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी, जबकि नौ अन्य नागरिक घायल हो गए थे। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इन दो हमलों के बाद कहा कि इन हमलों में शामिल लोगों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।  

दिल्ली में इस बार भाजपा विधानसभा चुनाव में मुफ्त लारही है योजनए, आप पार्टी के दाव से पटकने की तैयारी

नई दिल्ली दिल्ली में अपना ‘वनवास’ खत्म करने को बेकरार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जहां इस बार आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ एंटी इंकंबेंसी की आस है तो अरविंद केजरीवाल को परास्त करने के लिए इस बार उनके ही ‘हथियार’ को अपनाने की तैयारी है। मुफ्त बिजली, पानी और महिलाओं को मुफ्त बस सफर जैसी स्कीमों के जरिए लगातार तीन बार दिल्ली की सत्ता में पहुंची ‘आप’ से ‘विधानसभा की चौथी जंग’ में भाजपा मुफ्त पर खूब दांव लगाने जा रही है। भाजपा ने साफ कर दिया है कि यदि वह सत्ता में आई तो दिल्लीवालों को मुफ्त बिजली, पानी और बस सफर की सुविधा मिलती रहेगी। भाजपा ने यह वादा ऐसे समय पर किया है जब केजरीवाल जनता से कह रहे हैं कि यदि भाजपा जीत गई तो मुफ्त वाली स्कीमों को बंद कर देगी। पार्टी के मेनिफेस्टो कमिटी के चेयरमैन और सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यदि भाजपा को विधानसभा में बहुमत मिलता है तो भाजपा मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी और महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर जैसी स्कीमों को जारी रखेगी। बिधूड़ी ने कहा कि गुरुवार से पार्टी दिल्लीवालों से संकल्प पत्र के लिए सुझाव लेने की शुरुआत करेगी। भाजपा नेता ने कहा कि आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और दूसरे पार्टी नेता प्रोपेगेंडा के जरिए लोगों को गुमराह करना चाहते हैं कि भाजपा की सरकार बनी तो मुफ्त वाली स्कीमों को बंद कर दिया जाएगा। बिधूड़ी ने कहा कि ना सिर्फ भाजपा इन योजनाओं को जारी रखेगी बल्कि इनमें सुधार किए जाएंगे। पार्टी के एक नेता ने बताया कि दिल्ली में इन स्कीमों का बड़ा लाभार्थी वर्ग है, जो अरविंद केजरीवाल सरकार के कामकाज से संतुष्ट तो नहीं है, लेकिन इन योजनाओं का लाभ चाहती है। आम लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी और महिलाओं के लिए बस सफर जैसी योजनाओं को जारी रखने का वादा किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को 2100 रुपए प्रति माह आर्थिक सहायता देने का वादा भी किया जा सकता है। वह मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र तक कई राज्यों में भाजपा को मिली चुनावी सफलता में इसके योगदान का जिक्र करते हैं। गौरतलब है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार 200 यूनिट मुफ्त बिजली और हर महीने 20 हजार लीटर पीने का पानी मुफ्त देती है। इसके अलावा महिलाओं के लिए बस में सफर भी मुफ्त है। माना जाता है कि पिछले दो चुनावों में ‘आप’ को मिली बंपर जीत में इन योजनाओं का अहम योगदान है। भाजपा ने पहले इन योजनाओं का ‘रेवड़ी कल्चर’ कहकर विरोध किया, लेकिन दिल्ली की जनता में इन योजनाओं की स्वीकार्यता को देखते हुए पार्टी अपने स्टैंड को बदलती दिख रही है। दिल्ली में अगले साल जनवरी या फरवरी में विधानसभा के चुनाव हो सकते हैं। 70 सदस्यीय विधानसभा में अभी भाजपा के महज 8 विधायक हैं, जबकि 2015 में केवल उसे तीन सीटों पर जीत मिली थी। जुमले में नहीं आएंगे दिल्लीवाले: AAP भाजपा की ओर से मुफ्त बिजली, पानी और बस सफर योजना को जारी रखने के वादे पर पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा है कि यह जुमला है और लोग इस पर भरोसा नहीं करेंगे। आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंक कक्कड़ ने एएनआई से बातचीत में कहा, ‘दिल्लीवाले भाजपा के जमुलों में नहीं आने वाले हैं। हमें पता है कि भाजपा के पास 20 राज्य हैं, वे कहीं भी आज तक मुफ्त बिजली या मुफ्त पानी नहीं दे पाए हैं। अगर गलती से भी भाजपा दिल्ली में जीत जाती है तो सबसे पहले दिल्लीवालों की मुफ्त बिजली और मुफ्त पानी बंद करेगी। सीधा डिस्कॉम को अडाणी के हाथ में देगी जो महंगी बिजली और लंबे-लंबे पावर कट देंगे,जैसा कि उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में होता है।’

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जाते-जाते यूक्रेन को दी सहायता, दिया ऐसा घातक हथियार भड़क उठे मानवाधिकार संगठन

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अगले महीने खत्म हो रहे अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में यूक्रेन को 725 मिलियन डॉलर यानी करीब 6139 करोड़ रुपए की बड़ी सैन्य मदद देने जा रहे हैं। इसका उद्देश्य युद्ध के मैदान में न केवल रूस का मुकाबला करना है बल्कि कीव को रणक्षेत्र में आगे बढ़ाना है। इस सहायता पैकेज के साथ अमेरिका यूक्रेन को कई किस्म के हथियार भी उपलब्ध करा रहा है, जिसमें कई ड्रोन रोधी सिस्टम, हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) और एंटी पर्सनल लैंड माइंस भी शामिल है। राष्ट्रपति बाइडेन द्वारा HIMARS जैसे घातक हथियार सौंपने के बाद चर्चा का बाजार गर्म है और आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) को लेकर कई किस्म की अटकलें लगाई जा रही है, जिसकी लंबी दूरी की मारक क्षमता है। यूक्रेन लंबे समय से इसका इस्तेमाल रूस के खिलाफ 186 मील अंदर तक करना चाह रहा है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यूक्रेन को भेजे जा रहे इस सैन्य खेप में ATACMS को शामिल किया जा रहा है या नहीं। बड़ी बात ये है कि अमेरिका इस नए खेप में यूक्रेन को एंटीपर्सनल लैंड माइंस देने जा रहा है, जिसका कई मानवाधिकार संगठनों ने आलोचना की है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बाइडेन प्रशासन के इस कदम को विनाशकारी करार दिया है और कहा है कि इसके इस्तेमाल से नागरिक आबादी को लंबे समय तक खतरा हो सकता है। बता दें कि एंटी-पर्सनल माइन या एंटी-पर्सनल लैंडमाइन (APL) एक प्रकार की बारूदी सुरंग है, जिसे मनुष्यों के खिलाफ उपयोग के लिए डिजायन किया गया है, जबकि एंटी-टैंक माइन्स का टारगेट वाहन होते हैं। उधर, अमेरिकी सरकार ने इसे यूक्रेन के लिए तत्काल जरूरी बताया है और कहा है कि यह स्थाई नहीं है। अमेरिका का तर्क है कि इससे नागरिकों को अप्रत्याशित नुकसान से बचाने के उपाय किए गए हैं। अमेरिका का कहना है कि इसका डिजायन ऐसा है कि ये लैंड माइन्स एक निश्चित समयावधि के बाद निष्क्रिय हो जाते हैं। पिछले करीब तीन साल से यूक्रेन और रूस 620 मील लंबी सीमा रेखा पर युद्ध लड़ रहे हैं, इसलिए यूक्रेन को भौगोलिक इलाकों में रूसी सैनिकों की बढ़त को रोकने के लिए इस एंटी पर्सनल लैंड माइन्स को तुरूप का पत्ता समझा जा रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप के आने से घबराया है व्यापार जगत? जयशंकर बोले- लेन-देन होता रहेगा

नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति का पदभार संभालने वाले हैं। उससे पहले भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर संभावित ट्रंप प्रशासन के प्रभाव को लेकर चिंताएं उठ रही हैं। अब इन चिंताओं को दूर करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच हमेशा कुछ न कुछ लेन-देन होता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक मेलजोल में हाल के वर्षों में गहराई आई है। इससे आपसी सहयोग को और बढ़ाने के लिए अनुकूल माहौल बना है। विदेश मंत्री ने सीआईआई पार्टनरशिप समिट में बोलते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे प्रशासन का आगमन व्यापारिक क्षेत्रों के लिए एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा, “एकमात्र सुरक्षित भविष्यवाणी यह है कि इसमें अनिश्चितता का कुछ स्तर रहेगा। विभिन्न देशों ने पहली ट्रंप सरकार से अनुभव लिए हैं और संभवतः इससे सीखकर दूसरे कार्यकाल के लिए अपनी रणनीतियां बनाएंगे।” जयशंकर ने कहा, “जहां तक भारत का संबंध है, मैं यकीन से कह सकता हूं कि अमेरिका के साथ रणनीतिक मेलजोल समय के साथ केवल गहरा हुआ है। इससे सहयोग के लिए अधिक संभावनाएं बनी हैं। निश्चित रूप से, दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच हमेशा कुछ लेन-देन होते रहेंगे। लेकिन आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में भरोसेमंद साझेदारी का मामला हाल के वर्षों में और मजबूत हुआ है।” जयशंकर ने अमेरिक के राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल और भारत के लिए इससे जुड़े निहितार्थों पर कहा कि अमेरिका के साथ भारत का रणनीतिक तालमेल समय के साथ और गहरा हुआ है जो कई सहयोगी अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा, ‘‘दूसरे ट्रंप प्रशासन का आगमन भी स्पष्ट रूप से व्यापारिक हलकों में एक प्रमुख विचारणीय विषय है। जाहिर है, एकमात्र सुरक्षित भविष्यवाणी एक हद तक अप्रत्याशित ही है।’’ सुरक्षा और निवेश को लेकर सतर्कता जरूरी उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच ऐसे साझेदारी के ढांचे तैयार करने होंगे जो परस्पर लाभकारी माने जाएं। बिना चीन का नाम लिए जयशंकर ने कहा कि आर्थिक निर्णयों और निवेश को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने चीन द्वारा अपनाई जा रही आक्रामक व्यापार प्रथाओं को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच सोमवार को कहा कि निवेश समेत आर्थिक निर्णयों के दौरान “राष्ट्रीय सुरक्षा की शर्त” को भी ध्यान में रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “यह पसंद हो या नहीं, हम तेजी से शस्त्रीकरण के युग में नहीं बल्कि (सुविज्ञ निर्णयों का) लाभ उठाने के युग में हैं। इसलिए, नीति निर्माताओं को निवेश सहित आर्थिक निर्णयों के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखना होगा।’’ वैश्विक दक्षिण पर आर्थिक दबाव और भारत की भूमिका जयशंकर ने अमेरिका-चीन विवाद और यूक्रेन संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि ग्लोबल साउथ महंगाई, कर्ज, मुद्रा की कमी और व्यापार में अस्थिरता का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, “दुनिया कठिन दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में अधिक मित्र और साझेदारों की जरूरत होती है।” पड़ोस में हाल में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि आज के समय में अर्थव्यवस्थाएं और समाज पहले से कहीं अधिक जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, “कोविड, यूक्रेन संघर्ष या वित्तीय संकट के दौरान हमने साथ मिलकर काम किया और इसका सामूहिक लाभ उठाया। हालांकि, आतंकवाद जैसी चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सहयोग से हटने की लागत चुकानी पड़ती है।” जयशंकर ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि चुनौतियों के बावजूद भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी के लिए अभी भी व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

आज ओम बिरला का लोकसभा में दिखा चुटीला अंदाज, टीआर बालू से पूछ लिया ऐसा सवाल

नई दिल्ली लोकसभा में मंगलवार को अध्यक्ष ओम बिरला का चुटीला अंदाज देखने को मिला। इस दौरान उन्होंने कुछ नेताओं ने मजाकिया सवाल पूछे, जिससे सदन का माहौल हल्का-फुल्का नजर आया। ओम बिरला ने प्रश्नकाल के दौरान द्रमुक नेता टी आर बालू से चुटीले अंदाज में सवाल किया कि क्या वह उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात में अपनी पार्टी का विस्तार करना चाहते हैं? उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की जब बालू ने मनरेगा से जुड़ा पूरक प्रश्न पूछा। असल में टीआर बालू ने इस मुद्दे को उठाते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात में मनरेगा का मानदेय कम होने का दावा किया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि क्या बालू जी, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात में पार्टी का विस्तार करना चाह रहे हो? गौरतलब है कि टीआर बालू द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) पार्टी से सांसद हैं। बीते लोकसभा चुनाव में डीएमके ने तमिलनाडु में 39 में 22 सीटों पर जीत हासिल की है। उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। मनरेगा से जुड़े पूरक प्रश्न पूछे जाने के दौरान बिरला ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी पर भी व्यंग्यात्मक अंदाज में टिप्पणी की। प्रश्नकाल में पूरक प्रश्न पूछने के लिए आसन से नाम पुकारे जाने पर जब बनर्जी खड़े नहीं हुए जो बिरला ने कहाकि थोड़ा कानों को ठीक रखो कल्याण बाबू। इससे पहले मंगलवार को भी सदन की कार्यवाही बाधित रही। विपक्षी गठबंधन के कई घटक दलों के सांसदों ने अदाणी समूह से जुड़े मुद्दे को लेकर मंगलवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग दोहराई। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), शिवसेना (उबाठा), द्रमुक और वाम दलों सहित अन्य सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए और जवाबदेही की मांग की। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, आप के संजय सिंह, राजद की मीसा भारती और शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत ने संसद भवन के ‘मकर द्वार’ पर आयोजित प्रदर्शन में भाग लिया।

पिंक बॉल टेस्ट से ऑस्ट्रेलिया को एक और बड़ा झटका स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ हुए चोंटिल

एडिलेड भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी की सीरीज खेली जा रही है। भारतीय टीम इस दौरे पर ऑस्ट्रेलिया के साथ पांच टेस्ट मुकाबले खेलने वाली है। वहीं पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 295 रनों की करारी मात दी है। जिसके बाद अब 6 दिसंबर से दोनों टीमों के बीच दूसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा। वहीं दूसरे टेस्ट मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया को दो बड़े झटके लग गए हैं। कुछ समय पहले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड चोंट के चलते दूसरे मुकाबले से बाहर हो गए थे। वहीं अब ऑस्ट्रेलिया को एक और बड़ा झटका लग गया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो टीम के स्टार बैट्समैन स्टीव स्मिथ चोंटिल होने के चलते दूसरे टेस्ट मैच से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई टीम के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी होती हुई दिखाई दे रही है। हालांकि इसे लेकर अभी तक ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्टीव स्मिथ हुए प्रैक्टिस के दौरान चोंटिल जानकारी के मुताबिक स्टीव स्मिथ दूसरे टेस्ट मैच के लिए नेट में प्रैक्टिस कर रहे थे। वहीं इस दौरान उनकी उंगली में चोंट लग गई है। जिसके चलते दूसरे टेस्ट मैच में स्मिथ खेलते हुए दिखाई नहीं देंगे। चोंट लग जाने के चलते स्टीव स्मिथ नेट सेशन में भी बल्लेबाजी करते हुए दिखाई नहीं दिए। हालांकि अभी तक इस बात को लेकर ऑफीशियली जानकारी सामने नहीं आई है कि स्मिथ दूसरे टेस्ट मैच में खेलते हुए दिखेंगे या नहीं। बता दें कि स्टीव स्मिथ के लिए 2024 का यह साल इतना अच्छा नहीं रहा है। स्मिथ ने 6 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें सिर्फ 25 की औसत से 230 ही रन बनाए हैं। इन 6 मुकाबले में स्टीव स्मिथ ने एक भी शतक नहीं लगाया है। ऑस्ट्रेलिया को यह सीरीज जीतना जरूरी इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम के स्टार गेंदबाज जोश हेजलवुड भी चोंट के चलते बाहर हो गए थे। ऐसे में दूसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के सामने तेज गेंदबाजी को लेकर समस्या खड़ी हो सकती है। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया को भारत से यह सीरीज जीतना बेहद जरूरी है। दरअसल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया को भारत को पांच मैच हराना होंगे। ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पॉइंट्स टेबल में फिलहाल तीसरे स्थान पर मौजूद है। उसे दक्षिण अफ्रीका से आगे निकलने के लिए भारत को यह सीरीज हराना होगी।

संभल के भाईचारे को गोली मारी दी, लोकसभा में बोले अखिलेश-अफसरों पर दर्ज हो हत्‍या का मुकदमा

संभल समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में संभल हिंसा का मामला उठाया। उन्‍होंने कहा कि अचानक ये जो घटना हुई है। ये सोची समझी साजिश के तहत वहां के भाईचारे को गोली मारने का काम हुआ है। देश के कोने-कोने में भाजपा और उनके शुभचिंतक बार-बार खुदाई की जो बात कर रहे हैं, ये खुदाई, हमारे देश का सौहार्द, भाईचारा और गंगा-जमुनी तहजीब को खो देगा। उन्‍होंने कहा कि यूपी में उपचुनाव की तारीख को 13 से बढ़ाकर 20 नवंबर कर दिया गया। अखिलेश जब संभल पर बोल रहे थे तो लोकसभा में भाजपा सदस्‍यों की ओर से लगातार आपत्ति जताई गई। शोर शराबे के बीच अखिलेश ने अपनी बात जारी रखी। उन्‍होंने संभल हिंसा के लिए याचिका दायर करने वालों के साथ पुलिस-प्रशासन को जिम्‍मेदार ठहराते हुए संबंधित अफसरों को सस्‍पेंड करने और उनके खिलाफ हत्‍या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। सपा मुखिया ने कहा कि संभल की शाही जामा मस्जिद के खिलाफ सिविल जज सीनियर डिविजन के यहां एक याचिका डाली। दूसरे पक्ष को सुने बिना कोर्ट ने उसी दिन सर्वे का आदेश दे दिया और अधिकारी उसी दिन दो घंटे बाद पुलिस बल के साथ सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंच भी गए। जामा मस्जिद की कमेटी और अन्‍य लोगों ने पूरा सहयोग दिया। संभल के डीएम और एसपी ने ढाई घंटे सर्वे के बाद कहा कि सर्वे पूरा हो चुका है और रिपोर्ट कोर्ट को भेज दी जाएगी। लेकिन 22 नवंबर को जब लोग जुमे की नमाज के लिए पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। उसके बाद भी लोगों ने संयम बरतते हुए नमाज अदा की और किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं किया। 29 नवंबर की तारीख को कोर्ट में सुनवाई तय थी। मस्जिद पक्ष के लोग कोर्ट में सुनवाई के लिए तैयारी कर रहे थे लेकिन 23 नवंबर की रात पुलिस प्रशासन ने कहा कि अगली सुबह दोबारा सर्वे किया जाएगा। मुस्लिम पक्ष ने कहा कि सर्वे तो पूरा हो चुका है। दोबारा सर्वे कराना ही है तो कोर्ट से आदेश लें लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। तानाशाही दिखाते हुए सुबह के वक्‍त से पहले शाही जामा मस्जिद आ गए। अखिलेश ने कहा कि मुस्लिम कम्‍युनिटी के लोगों ने फिर भी धैर्य रखा और दोबारा सर्वे के लिए अंदर ले गए। सर्वे के दौरान करीब डेढ़ घंटे बाद लोग इक्‍ट्ठा हो गए। लोगों ने सर्वे का कारण जानना चाहा तो सर्किल ऑफिसर ने उनके साथ गाली-गलौज की और लाठीचार्ज करवाकर बुरी तरह घायल कर दिया। इसका विरोध करते हुए चंद लोगों ने पत्‍थर चलाए। इसके बदले में सिपाही से लेकर अधिकारियों तक ने अपने सरकारी और प्राइवेट हथियारों से गोलियां चलाईं, जिसका वीडियो रिर्कार्डिग है। दर्जनों लोग घायल हो गए। पांच लोग जो अपने घर से सामान लेने के लिए निकले थे उनकी मृत्‍यु हो गई। संभल का माहौल बिगाड़ने में याचिका दायर करने वाले लोगों के साथ पुलिस और प्रशासन के लोग जिम्‍मेदार हैं। इनको निलंबित करके हत्‍या का मुकदमा चलाना चाहिए। जिससे लोगों को इंसाफ मिल सके और आने वाले दिनों में कोई इस तरह संविधान के खिलाफ और गैरकानूनी घटना को अंजाम न दे सके। अखिलेश ने कहा कि ये लड़ाई दिल्‍ली और लखनऊ की है। वे दिल्‍ली पहुंचे जिस रास्‍ते, लखनऊ वाले भी उसी रास्‍ते दिल्‍ली पहुंचना चाहते हैं। कमेंट पर भड़के अखिलेश यादव मंगलवार को जब लोकसभा में संभल हिंसा पर बोल रहे थे उसी वक्‍त सत्‍ता पक्ष की ओर से किसी ने कोई कमेंट किया जिस पर वह भड़क गए। अखिलेश ने कहा कि ‘हम बनते तो बहुत कुछ हैं।’ इसके बाद वह फिर मुस्‍कुरा दिए और संभल की घटना पर बोलना शुरू कर दिया। लोकसभा में उनके ठीक पीछे की सीट पर संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बैठे हुए थे। गिरिराज सिंह और पीयूष गोयल ने टोका अखिलेश ने संभल हिंसा पर बोलना शुरू किया तो सत्‍ता पक्ष की ओर से भी टोका-टाकी होने लगी। बेगूसराय से भाजपा सांसद गिर‍िराज सिंह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल उन्‍हें टोकने लगे। अखिलेश ने इस टोका-टाकी पर ज्‍यादा ध्‍यान नहीं दिया और संभल पर अपनी बात रखते रहे।

विधानसभा चुनाव के नतीजों के 10 दिन बाद भी मुख्यमंत्री पद को लेकर महायुति के दलों के बीच सहमति नहीं बनी

मुंबई महाराष्ट्र में सरकार के गठन में हो रही देरी में एकनाथ शिंदे की भूमिका होने से शिवसेना ने इनकार कर दिया है। साथ ही पार्टी ने यह भी कहा है कि शिंदे के सम्मान का ध्यान भारतीय जनता पार्टी को रखना होगा। विधानसभा चुनाव के नतीजों के 10 दिन बाद भी मुख्यमंत्री पद को लेकर महायुति के दलों के बीच सहमति नहीं बनती दिख रही है। पूर्व राज्य मंत्री दीपक केसरकर ने कहा ‘हमारे नेता ने पहले ही साबित कर दिया है कि शिवसेना का असली प्रतिनिधित्व कौन करता है। अब यह दिल्ली पर निर्भर करता है कि वह कैसे उनका कद बरकरार रखते हैं। हम उस निर्णय में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।’ राज्य में सरकार गठन में हो रही देरी पर किए गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘पांच दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह होना है, लेकिन कई बेबुनियाद अफवाहें फैलाई जा रही हैं। कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर एकनाथ शिंदे की सरकार गठन में हो रही देरी में कोई भूमिका नहीं है। भाजपा की आंतरिक चयन प्रक्रिया उनका मामला है। शिंदे पहले ही बता चुके हैं कि वे उनके द्वारा लिए गए किसी भी फैसले को स्वीकार करेंगे।’ केसरकार ने महायुति के भीतर असंतोष या मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए इन्हें विपक्ष द्वारा फैलाई गई गलत सूचना बताया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केसरकर यह भी साफ कर चुके हैं कि मुंबई के आजाद मैदान में होने वाला शपथ ग्रहण कार्यक्रम टाला नहीं जाएगा। इससे पहले भाजपा के महाराष्ट्र प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने 5 दिसंबर को कार्यक्रम होने की बात कही थी। एनसीपी नेता अजित पवार भी जानकारी दे चुके हैं कि सीएम भाजपा से होगा और डिप्टी सीएम एनसीपी और शिवसेना को मिलेंगे। भाजपा ने बढ़ाई रफ्तार महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति का नेतृत्व करने वाली भाजपा ने मुंबई में अपनी विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रूपाणी को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में नामित किया, जहां विधायक अपने नेता का चुनाव करेंगे। रूपाणी ने राजकोट में अपने आवास पर कहा, ‘महाराष्ट्र भाजपा विधायक दल की बैठक मंगलवार या बुधवार को होगी। भाजपा विधायकों की उस बैठक में आम राय से एक नेता चुनने का प्रयास किया जाएगा। मैं और सीतारमण जी पर्यवेक्षक के रूप में बैठक में भाग लेंगे और आलाकमान को एक नेता की घोषणा के लिए एक रिपोर्ट सौंपेंगे, जो मुख्यमंत्री बन सकता है बशर्ते इस तरह के फॉर्मूले को अंतिम रूप दिया जाए।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि महाराष्ट्र को इस बार भाजपा का मुख्यमंत्री मिलेगा क्योंकि (निवर्तमान मुख्यमंत्री) एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पार्टी के उम्मीदवार (शीर्ष पद के लिए) का समर्थन करेंगे।’ आर्थिक राजधानी में पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा कि नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार सुबह दक्षिण मुंबई के विधान भवन में होगी।

एडिलेड टेस्ट में विराट के पास ब्रैडमैन के 75 साल से चल रहे राज को खत्म करने का मौका

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में विराट कोहली ने शतक ठोक गेंदबाजों की नींद उड़ा दी है. पर्थ टेस्ट की दूसरी पारी में भारतीय धुरंधर ने अपने करियर की 81वीं इंटरनेशनल सेंचुरी जमाई. अब एडिलेड में खेले जाने वाले दूसरे मुकाबले में उनके पास ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन के रिकॉर्ड की बराबरी का मौका है. पिंक बॉल टेस्ट में सेंचुरी ठोकने वाले विराट कोहली अकेले भारतीय हैं. उनको पास ब्रैडमैन के 75 साल से इस रिकॉर्ड पर चल रहे राज को खत्म करने का मौका होगा. जब भारत और ऑस्ट्रेलिया 6 दिसंबर को एडिलेड ओवल में डे-नाइट टेस्ट मैच खेलेंगे तो विराट कोहली पर सबकी नजर रहेगी. उनके पास ब्रैडमैन के सबसे बड़े रिकॉर्ड की बराबरी करने या उसे पार करने का मौका होगा. ब्रैडमैन ने 1930 से 1948 के बीच इंग्लैंड में 19 मैचों में 11 शतक लगाए थे. किसी भी विदेशी बल्लेबाज की तरफ से एक देश में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल सेंचुरी का रिकॉर्ड है. कौन-कौन लिस्ट में शामिल साल 2011 में खेलना शुरू करने के बाद से कोहली ने ऑस्ट्रेलिया में 43 मैचों में 10 शतक लगाए हैं. इस लिस्ट में वेस्टइंडीज के दिग्गज विवियन रिचर्ड्स (इंग्लैंड में 8 शतक), भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर (वेस्टइंडीज में 7 शतक), इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी जैक हॉब्स (ऑस्ट्रेलिया में 9 शतक), और भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (श्रीलंका में 9 शतक) भी शामिल हैं. कोहली ने ऑस्ट्रेलिया में 43 मैचों में 54.20 की औसत से 2710 रन बनाए हैं. इसमें दिसंबर 2014 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेली गई उनकी 169 की सबसे बड़ी पारी भी शामिल है. पर्थ में विराट ने ठोकी सेंचुरी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट की पहली पारी में विराट कोहली सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए थे. इसके बाद दूसरी पारी में उन्होंने 8 चौके और 2 छक्के की मदद से 100 रन की पारी खेली. इस पारी की बदौलत भारत ने 6 विकेट पर 487 रन का स्कोर बना पारी घोषित कर ऑस्ट्रेलिया 534 का विशाल लक्ष्य दिया था.

‘एफए कप’ के तीसरे दौर में मैनचेस्टर यूनाइटेड का सामना आर्सेनल से होगा

लंदन ‘एफए कप’ के तीसरे दौर में मैनचेस्टर यूनाइटेड का सामना आर्सेनल से होगा। तीसरे दौर के मुकाबले सप्ताह के अंत 10-13 जनवरी में खेले जाएंगे, एफए ने अभी तक पूरे कार्यक्रम की पुष्टि नहीं की है। यह 17वां अवसर होगा जब ‘एफए कप’ के 14 बार के विजेता आर्सेनल और 13 बार के विजेता मैन यूनाइटेड प्रतियोगिता में आमने-सामने होंगे। इन मुकाबलों में 1979 और 2005 के फाइनल शामिल हैं, जिन्हें गनर्स ने जीता था। अन्य ऑल-प्रीमियर लीग मुकाबले में, सात बार के ‘एफए कप’ विजेता एस्टन विला ने वेस्ट हैम यूनाइटेड की मेजबानी की। टूर्नामेंट में क्लब तीन बार मिले हैं, विला ने दो बार जीत हासिल की और एक बार हार गया। प्रीमियर लीग के शीर्ष क्लब लिवरपूल का ड्रा लीग टू के एक्क्रिंगटन स्टेनली के साथ हुआ है। मैनचेस्टर सिटी, जिसने कुल सात बार ट्रॉफी जीती है, लीग टू की टीम सैलफोर्ड सिटी से भिड़ेगी। एवर्टन के 39 वर्षीय डिफेंडर एशले यंग संभवतः अपने 18 वर्षीय बेटे टायलर के खिलाफ खेल सकते हैं, जो पीटरबरो यूनाइटेड के लिए खेलते हैं, क्योंकि टॉफीज़ का ड्रा लीग वन साइड के साथ हुआ है। टोटेनहम हॉटस्पर टैमवर्थ की यात्रा करेगा, जो प्रतियोगिता में बचे हुए केवल दो गैर-लीग क्लबों में से एक है। जबकि न्यूकासल यूनाइटेड का सामना लीग टू के नए क्लब ब्रॉमले से होगा, जिसका मैनेजमेंट उनके पूर्व गोलकीपर कोच एंडी वुडमैन द्वारा किया जाता है।  

भिंड में एक अनोखा शादी का निमंत्रण पत्र सोशल मीडिया पर छाया, कुरीति के खिलाफ उठाई आवाज

भिंड ज़िले में एक अनोखा शादी का निमंत्रण पत्र सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। इस कार्ड पर लिखे संदेश ने सबका ध्यान खींचा है। खनेता धाम के महंत के भाई के बेटे सत्यदीप की शादी में मेहमानों से हथियार ना लाने की अपील की गई है। यह अपील चंबल इलाके में हथियारों के प्रदर्शन और हर्ष फायरिंग की परंपरा को चुनौती देती है। भिंड-मुरैना में 56,000 से ज़्यादा लाइसेंसी हथियार हैं, जिन्हें लेकर घूमना यहां स्टेटस सिंबल माना जाता है। ख़ासकर शादियों में हथियार लाना और हर्ष फायरिंग करना आम है। हालांकि, इससे कई दुर्घटनाएं भी हुई हैं। प्रशासन के प्रयासों के बावजूद, इस प्रथा पर रोक नहीं लग पाई है। कुरीति के खिलाफ उठाई आवाज सत्यदीप के परिवार ने इस कुरीति के खिलाफ आवाज़ उठाई है। उन्होंने अपने शादी के कार्ड पर एक संदेश छपवाया है। इस संदेश में लिखा है, ‘करबद्ध निवेदन है- हमारे यहां दो परिवारों के बीच प्रेम के संबंध होने जा रहे हैं, लड़ाई झगड़ा नहीं कृपया शादी समारोह में हथियार लेकर ना आए।’ लोग कर रहे सराहना यह संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग इस पहल की सराहना कर रहे हैं। खनेता धाम, गोहद इलाके का एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर के महंत के परिवार द्वारा उठाया गया यह कदम समाज के लिए एक मिसाल है। चंबल में हथियारों का चलन चंबल क्षेत्र में हथियारों का चलन काफी पुराना है। लोग इसे अपनी शान और शौकत से जोड़कर देखते हैं। शादियों जैसे खुशी के मौकों पर हर्ष फायरिंग करना आम बात है। लेकिन कई बार यह खुशी मातम में बदल जाती है। हर्ष फायरिंग की वजह से कई लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने इस पर रोक लगाने की कोशिश की है, लेकिन पूरी तरह से सफलता नहीं मिली है। जागरूकता फैलाने की कोशिश सत्यदीप के परिवार ने इस सामाजिक बुराई के खिलाफ एक अनूठा कदम उठाया है। इससे लोगों में जागरूकता फैलाने की कोशिश की है। उम्मीद है कि उनकी यह पहल रंग लाएगी और लोग हथियारों के प्रदर्शन से दूर रहेंगे।  

बांग्लादेशी पर्यटकों के लिए Tripura में न कमरे मिलेंगे, न भोजन

गुवाहाटी  बांग्लादेश से आने वाले पर्यटकों को कमरे नहीं देने का ऐलान ऑल त्रिपुरा होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन (ATHROA) ने किया है। एसोसिएशन के महासचिव ने बताया कि भारतीय ध्वज का अपमान और हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों के बाद कल हुई आपात बैठक में यह फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और सभी धर्मों का सम्मान करता है। “कुछ कट्टरपंथियों ने हमारे देश के झंडे का अपमान किया और अल्पसंख्यकों पर हमला किया।” उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, लेकिन अब स्थिति हद से ज्यादा बिगड़ गई है। इससे पहले अगरतला में सैकड़ों लोगों ने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ विरोध रैली निकाली थी।  कुछ निजी अस्पतालों ने भी बांग्लादेशी नागरिकों को इलाज नहीं देने की घोषणा की थी। त्रिपुरा सरकार भी इस मामले में बांग्लादेश के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। त्रिपुरा सरकार ने बांग्लादेश को 135 करोड़ रुपये का बिजली बकाया जल्द चुकाने को कहा है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति चिंताजनक बंद्योपाध्याय ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ कट्टरपंथियों के अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने इसे गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा हमेशा सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करता है, लेकिन यह कदम बांग्लादेश में हो रही घटनाओं के खिलाफ उठाया गया है। अस्पतालों का भी विरोध इससे पहले त्रिपुरा के आईएलएस मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने बांग्लादेशी मरीजों का इलाज करने से इनकार कर दिया था। यह अस्पताल बांग्लादेशी नागरिकों के बीच काफी लोकप्रिय है, लेकिन अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ यह फैसला लिया गया। कोलकाता के जेएन रे अस्पताल ने भी इसी तरह का कदम उठाते हुए बांग्लादेशी मरीजों का इलाज बंद करने का फैसला किया। अस्पताल के अधिकारी ने कहा कि भारत ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन इसके बावजूद वहां से भारत-विरोधी गतिविधियां हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने घेरा बांग्लादेश उच्चायोग इस बीच, त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में प्रदर्शनकारियों का एक समूह बांग्लादेश उच्चायोग परिसर में घुस गया। इस घटना पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने खेद जताया है। बांग्लादेश के खिलाफ यह विरोध लगातार तेज होता जा रहा है, और “बांग्लादेश बॉयकॉट मूवमेंट” राज्य में जोर पकड़ता दिख रहा है।

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