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भगवान श्रीमहाकाल से प्रभावितों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए की कामना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी पर दिवंगतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दीं। उन्होंने कहा कि दुनिया की इस भीषण त्रासदी के दिन मैं भोपाल प्रवास पर ही था। इसकी तकलीफ सिर्फ वो ही समझ सकता है, जिसने इसे वास्तविक रूप से भोगा है। उन्होंने कहा कि मैंने स्वयं जाकर गैस प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गैस त्रासदी में प्रभावितों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए भगवान महाकाल से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना में अनेक लोग असमय काल के ग्रास में समा गए, जो बचे वो किसी न किसी रूप से एमआईसी गैस के दुष्प्रभावों से कई साल पीड़ित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से दिवंगत एवं पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं एवं सहानुभूति व्यक्त की।  

पन्ना में 4 दिसंबर से शुरू होगा हीरों का मेला, नीलामी में करीब 4.17 करोड़ मूल्य के127 Diamond

पन्ना  हीरा नगर पन्ना में एक बार फिर हीरों का बाजार सजने जा रहा है। इस साल भी, हर वर्ष की तरह, पन्ना के कलेक्ट्रेट भवन में 4 दिसंबर से 3 दिन तक हीरों की नीलामी का आयोजन किया जाएगा। इस नीलामी में देशभर से हीरा व्यापारी भाग लेंगे, जहां विभिन्न आकारों और प्रकारों के 127 हीरे बिक्री के लिए रखे जाएंगे। इन हीरों की अनुमानित कीमत 4 करोड़ 17 लाख 49 हजार 726 रुपए बताई गई है। पांच प्रमुख हीरों पर सबकी रहेगी नजर नीलामी में पांच प्रमुख हीरे आकर्षण का केंद्र होंगे। इनमें सबसे बड़ा हीरा 32.80 कैरेट का है, जबकि अन्य बड़े हीरे क्रमशः 19.22 कैरेट, 16.10 कैरेट, 6.97 कैरेट और 6.65 कैरेट के हैं। इन हीरों पर व्यापारियों की नजरें रहेंगी। इस बार नीलामी में कुल 313 कैरेट के हीरे रखे जाएंगे। सुरक्षा का विशेष ध्यान हीरा निरीक्षक नूतन जैन ने जानकारी दी कि नीलामी में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। नीलामी प्रक्रिया के दौरान व्यापारियों के लिए विशेष लेंस की व्यवस्था की गई है ताकि वे आसानी से हीरों का परीक्षण कर सकें। नीलामी की प्रक्रिया सुबह 9:00 बजे से 2:00 बजे तक होगी, जिसके बाद आधे घंटे के भोजन के बाद बोली प्रक्रिया शुरू होगी। शासन के राजस्व में जमा होगी 11% राशि नीलामी के अंत में जो भी व्यापारी सफल बोली लगाकर हीरे खरीदेंगे, उन्हें कुल राशि का 11% शासन के राजस्व में जमा करना होगा, जबकि बाकी राशि सीधे हीरे के मालिक के खाते में जाएगी। पन्ना में यह हीरा मेला हर वर्ष विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यहां की उथली खदानों से प्राप्त हीरे देशभर में प्रसिद्ध हैं। पन्ना जिले की इस नीलामी में व्यापारियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। यह गांव के गरीब लोगों को लखपति बनने का बड़ा अवसर देता है। खनिज एवं हीरा निरीक्षक नूतन जैन ने बताया कि व्यापारियों के लिए सर्वसुविधायुक्त नीलामी हॉल तैयार किया गया है. इसमें एलईडी लाइट्स, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं. नीलामी में भाग लेने के लिए व्यापारियों को मात्र 5,000 रुपये की अमानत राशि जमा करनी होगी. बता दें नीलामी में 4 करोड़ 17 लाख 49 हजार 726 रूपये अनुमानित कीमत के कुल 127 नग छोटे-बड़े हीरे रखे जाएंगे. इसके साथ ही कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित नीलामी में अन्य छोटे-बड़े हीरे भी नीलाम किए जाएंगे. खनिज अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि ऐसे व्यापारी जो बोली लगाकर रॉयल्टी जमा नहीं करते, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा. इससे न केवल हीरा मालिक बल्कि सरकार को भी नुकसान होता है. नीलामी से पहले व्यापारियों को हीरों का निरीक्षण करने का मौका दिया जाएगा. पिछले अनुभवों को देखते हुए इस बार सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए अतिरिक्त उपाय किए गए हैं. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए यह नीलामी तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें लगभग 127 हीरे रखे जाएंगे. इनका कुल वजन 300.13 कैरेट बताया जा रहा है. जिसकी कीमत 4 करोड़ 11 लाख रुपये बताई जा रही है. इसमें दूर-दूर से ई-पेपर के माध्यम से पोर्टल के माध्यम से व्यापारियों को सूचित कर दिया गया है. साथ ही, सूरत मुंबई और दिल्ली से व्यापारी इसमें शामिल होने के लिए आने वाले हैं.

मध्य प्रदेश के जंगल में अब आजाद हो जाएंगे चीते, कूनो में पर्यटकों की भी मौज

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस, 4 दिसंबर को, कूनो नेशनल पार्क में चीते अग्नि और वायु को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। यदि सब ठीक रहा, तो बाकी चीतों को भी चरणबद्ध तरीके से उनके बाड़ों से आजाद किया जाएगा। यह चीता पुनर्स्थापना परियोजना का एक महत्वपूर्ण कदम है, जो लगभग 70 वर्षों के बाद भारत में चीतों की आबादी को पुनर्जीवित करने के लिए महत्वपूर्ण है। पर्यटकों को इन राजसी जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अनोखा अवसर मिलेगा। आधे से अधिक हैं शावक कूनो में 24 चीते, जिनमें से आधे शावक हैं, एक साल से भी ज्यादा समय से सुरक्षा के लिए बाड़ों में रह रहे हैं। कई चीतों की मौत हो गई है, कुछ का कारण भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल होने में कठिनाई बताया गया है, और कुछ की मौत के कारण अस्पष्ट हैं। भटकने वाला पवन नाम का चीता अकेला जंगल में था, लेकिन इस साल अगस्त में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाया गया। उसकी मौत एक बड़ा झटका थी और बाकी 24 चीतों के जंगल में छोड़ने पर एक सवालिया निशान लग गया। चीता दिवस पर मिलेगी खुशखबरी लेकिन 2024 का चीता दिवस खुशियों की किरण लाने वाला है। राजेश गोपाल की अध्यक्षता वाली एक संचालन समिति 3 दिसंबर को कूनो का दौरा करेगी। यह चीतों को छोड़ने की अंतिम तैयारियों की समीक्षा करेगी। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि संरक्षित बाड़ों से जंगल में सुचारु रूप से बदलाव के लिए सभी साजो-सामान, सुरक्षा और बचाव के उपाय मौजूद हों। अग्नि और वायु हैं सबसे मजबूत अग्नि और वायु सबसे तेज और सबसे मजबूत चीतों में से हैं, इसलिए उन्हें पथप्रदर्शक के रूप में चुना गया है। जंगल में उन पर कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे अपने नए वातावरण में अच्छी तरह से ढल जाएं। अधिकारियों ने कहा कि पर्यटकों को इन राजसी जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अनोखा अवसर मिलेगा। चीतों को देखने का मिलेगा मौका पिछले चीता रिलीज के विपरीत, जहां आगंतुक केवल तेज चीतों की दूर से झलक ही पाते थे, खुला जंगल करीब से देखने का मौका दे सकता है, हालांकि उनकी सुरक्षा के लिए अभी भी एक नियंत्रित वातावरण में। भाग्यशाली लोग चीतों को शिकार करते हुए भी देख सकते हैं। 70 साल बाद चीते देखने को मिलेंगे चीतों को जंगल में छोड़ना चीता पुनर्स्थापना परियोजना में एक मील का पत्थर होगा। यह लगभग 70 वर्षों के बाद जंगली चीता आबादी को पुनर्जीवित करने के लिए महत्वपूर्ण है। कई चीतों की मौत चिंता का विषय रही है। कुछ मौतें भारतीय परिस्थितियों के अनुकूलन की कठिनाई के कारण हुईं, जबकि कुछ अस्पष्टीकृत रहीं। पवन की रहस्यमयी मौत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। यह चीता पुनर्स्थापना परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो भारत में चीतों की आबादी को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। संचालन समिति चीतों के जंगल में सफलतापूर्वक संक्रमण सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए प्रतिबद्ध है।

छिंदवाड़ा में बस हुई हादसे का शिका , अयोध्या से दर्शन कर लौट रहे 15 श्रद्धालु घायल

 छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा में मगंलवार (3  दिसंबर) को बड़ा सड़क हादसा हो गया. यहां चौरई के पास यात्रियों से भरी बस पलट गई. इस हादसे में 15 श्रद्धालु घायल हो गए. बताया जा रहा है कि ये श्रद्धालु अयोध्या से दर्शन करके लौट रहे थे, तब ही ये दुर्घटना हुई. ये एक्सीडेंट की घटना छिंदवाड़ा के चौरई में केंद्रीय विद्यालय हुई. जानकारी के मुताबिक बस में छिंदवाड़ा के यात्री सवार थे जो अयोध्या दर्शन कर छिंदवाड़ा लौट रहे थे. घायलों को पुलिस 108 एंबुलेंस वाहन द्वारा अस्पताल भेज रही है. एसपी अजय पांडेय ने बताया कि हादसे में कुल 21 लोग घायल हुए हैं। श्रद्धालु 27 नवंबर को छिंदवाड़ा से काशी विश्वनाथ और अयोध्या दर्शन के लिए निकले थे। 108 एम्बुलेंस वाहन द्वारा घायलों को सिविल अस्पताल या जिला अस्पताल रवाना कर दिया गया है। छिंदवाड़ा एडिशनल एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिस बस का एक्सीडेंट हुआ है वह छिंदवाड़ा की राहुल बस है, जो श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या दर्शन से लौट रही थी।

निगम ने शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए टॉस्क फोर्स और कार्य योजना बनाई

भोपाल भोपाल में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते निगम प्रशासन को मैदान में उतरकर अब कमान संभालनी पड़ रही है, निगम ने शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए टॉस्क फोर्स और कार्य योजना बनाई है निगम ने शहर में अलाव जलाने को पूर्णतः प्रतिबंधित करने, आग जलाने की घटना पर सख्त कार्यवाही करने, वाहनों का प्रदूषण नियंत्रित करने और नागरिकों में जागरूकता हेतु अनाउंसमेंट कर व्यापक प्रचार-प्रसार करने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए जायेंगे। अहम बैठक में लिया फैसला निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायन की अध्यक्षता में वायु गुणवत्ता सुधार हेतु अहम बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में पी.सी.बी. के अधिकारियों ने निगम द्वारा फागर मशीन से जल के छिड़काव की सराहना करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक प्रभावी परिणाम भी देखने को मिल रहे है। निगम आयुक्त श्री नारायन ने कचरा जलाने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों का एक टॉस्क फोर्स भी गठित किया और इसकी सूचना फोन नंबर (155304) पर देने हेतु कहा साथ ही रहवासी संघों, मैरिज गार्डन, होटल आदि को पत्र लिखा जाएगा। बनी कार्ययोजना, लगेगा इन पर प्रतिबंध बैठक में शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए टॉस्क फोर्स और कार्य योजना बनाई गई। शहर में अलाव जलाने को पूर्णतः प्रतिबंधित करने, आग जलाने की घटना पर सख्त कार्रवाई करने, मैरिज गार्डनों, रहवासी संघ, होटलों को पत्र लिखकर अलाव न जलाने हेतु निर्देशित किया जाएगा। निगम के रैन बसेरों, बस स्टैंडों में अलाव के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक हीटर जैसे वैकल्पिक संसाधन उपलब्ध कराए जायेंगे। इसके साथ ही जागरूकता हेतु निगम के वाहनों से अनाउंसमेंट किया जाएगा और कचरा, सूखी पत्तिया, लकड़ी, टायर न जलाने तथा पर्यावरण प्रदूषित होने से बचाने हेतु सचेत किया जाएगा। निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायन ने वायु गुणवत्ता में सुधार हेतु आग लगाने की घटना को रोकने हेतु रात्रिकालीन सुपरवाईजर, वाहन चालकों एवं सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों का एक टॉस्क फोर्स गठित किया और सख्त निर्देश दिए कि कचरा, पत्तिया, अलाव जलते पाए जाने पर फोन नंबर (155304) पर कॉल करें। स्पॉट फाईन की कार्रवाई को और सख्त करने के निर्देश निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायन ने स्पॉट फाईन की कार्रवाई को और सख्त करने, सेंट्रल वर्ज एवं साईड वर्ज के दोनों ओर की धूल को हटाने तथा 10 मेकनाईज्ड रोड स्वीपिंग वाहन को शीघ्र ही सड़क की साफ-सफाई हेतु संलग्न करने के निर्देश दिए। निगम आयुक्त श्री नारायन ने निगम के संसाधनों और टीम के साथ वायु गुणवत्ता सुधार हेतु प्रतिबद्धता जताई और इस कार्य में सभी रहवासियों को भी जागरूक होकर वायु प्रदूषण रोकने में सहयोग और योगदान देने का आव्हान किया। निगम आयुक्त ने आग जलाने के स्थलों को चिन्हित कर वहां पर जन-जागरूकता और संवाद आयोजित करने के निर्देश दिए। वही निगम आयुक्त ने आर.टी.ओ. से वाहनों के पी.यू.सी चेक कराने हेतु सघन अभियान हेतु पत्र व समन्वय करने के लिए भी  कहा है, साथ ही सभी विभागों के साथ मिलकर सतत् रूप से प्रयास किये जायेंगे। ट्राफिक पुलिस द्वारा जहां सिग्नल नहीं है उन स्थानों पर यातायात बाधित न हो और प्रदूषण न बढ़े इस हेतु अतिरिक्त टीम की तैनाती की जाएगी और इसके लिए पत्राचार किया जाएगा।

ग्वालियर में आयुर्वेदिक डॉक्टर से 21 लाख की ठगी, 29 घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा

 ग्वालियर ग्वालियर में आयुर्वेदिक डॉक्टर को ठगों ने 29 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग में गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे 21 लाख रुपए ऐंठ लिए। डॉक्टर को ठगों का कॉल आया था। डॉक्टर को बदमाशों ने उनके आधार नंबर पर महालक्ष्मी ट्रांसपोर्टेशन कंपनी बनाकर करोड़ों रुपए मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए इधर-उधर करने की बात कहकर डराया। ठगों ने कहा गया कि आपको और आपके परिवार को उम्रकैद तक हो सकती है। बाद में एक बदमाश ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताकर उनसे बात की। मदद का कहकर अपने अकाउंट में 21 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए डलवा लिए। जब डॉक्टर को एहसास हुआ कि वे ठग लिए गए, तो उन्होंने पुलिस के पास पहुंचकर शिकायत की। बता दें शहर के गोला का मंदिर इलाके में हनुमान नगर निवासी मुकेश शुक्ला आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं। वे घर से ही प्रैक्टिस करते हैं। उनके मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाला उनसे बोला कि वह आईटी कंपनी से बोल रह है। उनके नाम पर चल रही महालक्ष्मी ट्रांस्पोर्टेशन कंपनी पर 9 लाख 40 हजार 44 रुपए की रिकवरी निकली है। इसके बाद कहा कि लगता है कि आपके आधारकार्ड का गलत यूज किया गया है। उसने पुलिस मुख्यालय दिल्ली में दो घंटे में शिकायत करने के लिए कहा। ऐसा नहीं करने पर उनकी गिरफ्तारी की बात कही। इस पर बुजुर्ग डॉक्टर घबरा गए। डॉक्टर ने कहा कि वे ग्वालियर में हैं और दो घंटे में दिल्ली कैसे पहुंच सकते हैं। इस पर कॉल करने वाले ने दिल्ली पुलिस में ऑनलाइन एफआईआर कराने में मदद करने का वादा किया। ऐसे समझिए पूरा मामला शहर के गोला का मंदिर स्थित हनुमान नगर निवासी 63 वर्षीय मुकेश पुत्र केके शुक्ला आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं। वह घर पर ही प्रैक्टिस करते हैं। 29 नवंबर की सुबह 10.13 बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने उनसे बातचीत करते हुए बताया कि वह इनकम टैक्स से बोल रह है और उनके नाम पर चल रही महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट कंपनी पर 9 लाख 40 हजार 44 रुपए की रिकवरी निकली है। जब उन्होंने महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट कंपनी उनकी नहीं होने की बात कही तो कॉल करने वाले ने बताया कि कंपनी तो आपके आधार नंबर पर ही बनी है। इस पर कॉल करने वाले ने कहा कि लगता है कि आपका आधार कार्ड का गलत उपयोग किया गया है। इसके बाद उसने पुलिस मुख्यालय दिल्ली में दो घंटे में शिकायत करने के लिए कहा। ऐसा नहीं करने पर उनकी गिरफ्तारी की बात कही। इस पर बुजुर्ग डॉक्टर घबरा गया। डॉक्टर ने कहा कि वह ग्वालियर में हूं और दो घंटे में दिल्ली कैसे पहुंच सकता हूं। इस पर कॉल करने वाले ने दिल्ली पुलिस में ऑनलाइन एफआईआर में मदद करने का वादा किया। कॉल करते ही आरोपी ने मनी लॉन्ड्रिंग का जाल बिछाया इसके बाद डॉक्टर को कॉल करने वाले ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय में पदस्थ सब इंस्पेक्टर अजय शर्मा का मोबाइल नंबर दिया और कहा कि आप इनको कॉल कीजिए। मैं भी उनको आपकी मदद के लिए बोलता हूं। जब उन्होंने अजय शर्मा से कॉल लगाकर बातचीत की तो अजय शर्मा ने उनके दस्तावेज मांगे और बताया कि उनके आधार कार्ड पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज है। कुछ दिन पहले मनीष चौधरी के यहां पर CBI (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) की रेड हुई थी। वहां आपका यह आधार कार्ड मिला था। जिस पर करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है। इसके बाद अजय ने डॉक्टर का फोटो लगा गोल्डन कार्ड दिखाया। साथ ही गिरफ्तारी वारंट भी दिखाया। जिसे देखने के बाद उनके पैरों तले जमीन निकल गई, क्योंकि कार्ड पर उनका नाम और फोटो लगा हुआ था। ठगों ने अगले दिन डॉक्टर से 21 लाख रुपए अकाउंट में आरटीजीएस करा लिए। डॉक्टर बोले-डरा दिया था किसी से जिक्र तक नहीं कर सका डॉक्टर मुकेश कुमार शुक्ला का कहना है कि ठगी करने वाले अपने शिकार के दिमाग से खेलते हैं। ठगों ने उनको जमकर डराया। कहा कि किसी से इस बात का जिक्र करने पर पूरे परिवार को 10 मिनट में ग्वालियर पुलिस से अरेस्ट करा देंगे। साथ ही बदनामी भी होगी। इसी कारण डॉक्टर शुक्ला अपनी दूसरी पत्नी को भी कुछ नहीं बता पा रहे थे। पत्नी को उन्होंने एहसास भी नहीं होने दिया कि वह किस मुसीबत से गुजर रहे हैं। वह मन में सोच रहे थे कि वह परिवार को बचा रहे हैं, जबकि वह ठगी के शिकार हो रहे थे। पत्नी-बेटे को खोने की बात बताते हुए भावुक हो गया फरियादी डॉक्टर मुकेश कुमार शुक्ला से जब उनके पत्नी और बेटे के कोविड में जान गंवाने के सवाल पर ठगों का क्या रवैया था यह पूछा गया तो कुछ कहने से पहले ही वह भावुक हो गए थे। उनका कहना है कि मैं सामने आकर इसलिए सारी बात बता रहा हूं जिससे मेरी तरह और कोई इन ठगों के शिकार न हों। मेरे जीवन भर की जमा पूंजी को ठगों ने मुझे डराकर ठग लिया है। इस मामले में टीआई क्राइम ब्रांच अजय पवार ने बताया कि- कॉल करने वाले ने डॉक्टर को एक नंबर यह कहते हुए दिया कि यह दिल्ली पुलिस मुख्यालय में पदस्थ सब इंस्पेक्टर अजय शर्मा का मोबाइल नंबर है। इन्हें कॉल कर लीजिए, मैं भी उनसे आपकी मदद के लिए बोल देता हूं। डॉक्टर ने जब दिए गए नंबर पर बात की, तो खुद को सब इंस्पेक्टर अजय बताने वाले ने उनसे डॉक्यूमेंट्स मांगे, फिर बोला कि आपके आधारकार्ड पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है। आपका आधारकार्ड मिला था। इसके जरिए करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है। इसके बाद ठग ने डॉक्टर का फोटो लगा गोल्डन कार्ड दिखाया। साथ ही गिरफ्तारी वारंट भी दिखाया। इसमें भी उनका फोटो था। इसे देखने के बाद वह और भी घबरा गए। खुद को अजय बताने वाले ने डॉक्टर को निगरानी में रहने की बात कही। आरोपी वीडियो कॉलिंग के जरिए नजर रखे हुए था। इसके बाद उसने डॉक्टर को मदद करने का कहकर किसी तीसरे से बात कराई। इसे सीबीआई अधिकारी प्रवीण सूद बताया। सीबीआई अधिकारी बने तीसरे बदमाश ने भी उन्हें गिरफ्तारी का डर दिखाया। कहा कि फ्रॉड आपके पीछे पड़े हुए हैं, … Read more

शादी पहले दूल्हे को मौत की नींद सुलाने की थी तैयारी, बारात में पहुंचकर कर दी फायरिंग, दुल्हन का चेहरा देखने से पहले हुआ फरार

 ग्वालियर ग्वालियर में बाइक सवार बदमाशों द्वारा बारात चढ़त के दौरान दूल्हे पर फायरिंग करने का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में देखा सकता है कि बग्गी पर बैठकर बारात लेकर जाते हुए दूल्हे पर दो बदमाशों ने कट्टा निकालकर फायरिंग कर दी। दूल्हा समय रहते नीचे झुक गया, जिससे उसकी जान बच गई। इसके बाद दूल्हे ने बग्गी से कूदकर परिजनों की ओर दौड़ लगा दी। फायरिंग करने के बाद दोनों बदमाश अपनी बुलेट से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद दूल्हे के पिता की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। जनकगंज थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि लोहागड़ ढोली बुआ का पुल निवासी सचिन पांडे की सोमवार को शादी थी। सचिन की बारात रात 9 बजे बारात जैसे ही छत्री मंडी नाग देवता मंदिर के पास पहुंची, दो नकाबपोश बदमाश बुलेट पर सवार होकर नजदीक आ गए। इस बीच पीछे बैठे एक बदमाश ने कट्‌टा निकालकर सचिन पांडे पर गोली चला दी। सचिन समय रहते नीचे झुक गया और गोली उसके सिर के ऊपर से होती हुई पीछे बग्गी में जा लगी। फायरिंग करने के बाद बदमाश वहां से भाग निकले। बताया यह गया है कि दुल्हन पक्ष डबरा का रहने वाला है। डबरा में दुल्हन के पिता और परिजनों से वहीं रहने वाले अंकित शर्मा के साथ झगड़ा भी हुआ था। झगड़ा किस कारण हुआ यह दूल्हे के परिजनों ने स्पष्ट नहीं किया है। दूल्हे के पिता सतीश पांडे ने संदेह जताया है कि दूल्हा सचिन पांडे पर गोली चलाने वाला अंकित और उसका साथी ही है। पुलिस संदिग्ध की तलाश कर रही है। थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सतीश पांडे ने शिकायत में बताया कि बेटे की बारात जा रही थी तभी दो युवक बिना नंबर की बुलट पर सवार होकर पहुंचे। इन्होंने दूल्हे पर गोली चला दी।

केरल में बस में घुसी तेज रफ्तार कार, 5 एमबीबीएस छात्रों की मौत, बस से टकराने के बाद कार के उड़ गए परखच्चे

अलाप्पुझा  केरल के अलाप्पुझा में सोमवार रात एक भयानक सड़क हादसे में पांच MBBS छात्रों की मौत हो गई। ये छात्र जिस कार में सफ़र कर रहे थे, उसकी केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की बस से टक्कर हो गई। हादसा रात लगभग 10 बजे कलाकोड के पास हुआ। इस टक्कर में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। छात्रों को कार तोड़कर बाहर निकाला गया। पुलिस के अनुसार, मृतक एक सरकारी मेडिकल कॉलेज के MBBS छात्र थे। कार में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें से पांच की मौत हो गई। बस में सवार यात्रियों को मामूली चोटें आईं। हादसे के बाद सड़क पर यातायात प्रभावित रहा। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। टीडी मेडिकल कॉलेज के थे छात्र जानकारी के अुसार, मृतक छात्र TD मेडिकल कॉलेज, अलाप्पुझा के प्रथम वर्ष के छात्र थे। मृतकों की पहचान लक्षद्वीप के देवनंदन, मुहम्मद इब्राहिम, आयुष शाजी, श्रीदीप वलसन और मुहम्मद जब्बार के रूप में हुई है। हादसा इतना भयानक था कि उनकी कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। रेस्क्यू टीम को कार में फंसे छात्रों को निकालने के लिए मेटल कटर का इस्तेमाल करना पड़ा। हादसे में पांच छात्रों की मौत सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पांच छात्रों को मृत घोषित कर दिया। बस को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन बस में सवार यात्रियों को मामूली चोटें आईं। भारी बारिश के कारण सड़क पर फिसलन होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के सही कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

बांग्लादेश में हिंदू पुजारी चिन्मय दास के वकील पर घातक जानलेवा हमला, हालत गंभीर

कोलकाता बांग्लादेश में हिंदू धर्मगुरु चिन्मय कृष्ण दास प्रभु के मामले की लड़ाई लड़ रहे वकील रमन राय पर हमला हुआ है। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता राधारमण दास ने सोमवार को यह दावा किया। वकील रमन राय के लिए प्रार्थना करने की अपील दास ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर की गई एक पोस्ट में लिखा, ”कृपया वकील रमन राय के लिए प्रार्थना करें। उनकी केवल यही गलती थी कि उन्होंने अदालत में चिन्मय कृष्ण प्रभु का बचाव किया। इस्लामी कट्टरपंथियों ने उनके घर में तोड़फोड़ की और उन पर गंभीर हमला कर उन्हें आइसीयू में पहुंचा दिया, जहां वह अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।” एक बंगाली चैनल से चर्चा में दास ने बताया कि यह घटना बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की वकालत करने वालों पर बढ़ते खतरों को बताती है। गौरतलब है कि बीते 25 नवंबर को चिन्मय दास को बांग्लादेश में गिरफ्तार किया गया था और मंगलवार को अदालत ने उनकी जमानत खारिज करते हुए जेल भेज दिया था। भारतीय दस्तावेज के साथ 29 बांग्लादेशी धरे मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने बताया कि 29 संदिग्ध बांग्लादेशियों को इंफाल पश्चिम जिले से पकड़ा गया है और उनके पास से असम में जारी हुए आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। एक गुप्त सूचना के बाद सोमवार को पुलिस ने बेकरी में काम कर रहे लोगों को धरा गया। बांग्लादेश सांप्रदायिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा एएनआइ के अनुसार बांग्लादेश के विदेश सलाहाकर मोहम्मद तौहीद हुसैन ने बताया कि यह सरकार सभी को साफ बताना चाहती है कि वो किसी भी तरह की सांप्रदायिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार हिंदू और मुस्लिम को एक बराबर देखती है। कानून अपने हिसाब से काम करेगा। अगर कोई गड़बड़ी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मांट्रियल में प्रदर्शन कनाडा में बांग्लादेशी हिंदुओं ने इस्कॉन बांग्लादेश के समर्थन में प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से अंतरिम बांग्लादेशी सरकार से उनके यहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों के प्रति सम्मान की मांग की। उन्होंने एकजुटता, शांति और न्याय की मांग की। वहां पर कट्टरपंथियों को खुला छोड़ दिया गया है और वो हर जगह कब्जा कर रहे हैं। बांग्लादेश के साथ व्यापार बंद करने का एलान आइएएनएस के अनुसार असम के श्रीभूमि जिले के कम से कम 500 व्यापारियों ने घोषणा की है कि वे बांग्लादेश के साथ आयात-निर्यात नहीं करेंगे। करीमगंज जिला आयात-निर्यात समन्वय समिति के अमरेश राय ने कहा कि वे बांग्लादेश में इसाइयों और हिंदुओं के साथ धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का विरोध करते हैं। संयुक्त रूप से फैसला लिया गया है कि बांग्लादेश में हालात सामान्य होने तक व्यापार नहीं किया जाएगा। बांग्लादेशी अल्पसंख्यक आयोग ने जताई चिंता बांग्लादेशी हिंदू बौद्ध इसाई एकता परिषद ने चिट्टागोंग में 70 अल्पसंख्यक वकीलों और दो पत्रकारों पर लगाए गए झूठे और परेशान करने वाले मामलों को दर्ज किए जाने पर चिंता जताई है। बीते 30 नवंबर को कोतवाली पुलिस थाने में देसी बम विस्फोट और वाहनों को नष्ट किए जाने के मामले पर रिपोर्ट दर्ज की थी।  

मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर पहुंचकर आदिगुरु की प्रतिमा के किये दर्शन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्य जी की किसी से तुलना नहीं हो सकती, वे ज्ञान परंपरा में सूर्य के समान प्रकाशमान है। उनका यहां विराजना ही शुभता का सूचक है, वर्तमान में हिंसा का दौर चल रहा है ऐसे में आचार्य शंकर का जीवन दर्शन हमें शांति की प्रेरणा देता है। उन्होंने संतो को प्रणाम करते हुए कहा कि शंकराचार्य जी की परिकल्पना को पूर्ण रूप से साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संस्कृति के संरक्षण के लिए सदैव हमारा मार्गदर्शन करते है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी उत्सवों एवं पर्वों में समाज के साथ सहभागी है। उन्होंने ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते एकात्म धाम को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आदिगुरू शंकराचार्य ने एकात्मवाद का अद्भुत संदेश जन-जन तक पहुंचाया। सनातन धर्म परम्परा की रक्षा एवं उसके सिद्धांतों के वैश्विक प्रचार-प्रसार में उनकी अहम भूमिका रही। कठिनाइयों और संघर्षों का सामना करते हुए वे अपने गुरु से दीक्षा लेने के लिए केरल से ओंकारेश्वर आए। उन्होंने गुरु दक्षिणा को अपने आचरण एवं कृतित्व से सार्थक किया और देश को एक रूप में जोड़ने की नई दिशा दिखाई। आदिगुरु शंकराचार्य ज्ञान परम्परा के बड़े वाहक थे। आदिगुरू शंकराचार्य ने देश की चारों दिशाओं में पीठ की स्थापना कर सबको एकता के सूत्र में पिरोया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर दत्तात्रेय आश्रम पूज्य स्वामी विवेकानंद पुरी जी ने कहा कि ओंकारेश्वर-ममलेश्वर अद्वैत एकात्मता का धाम है। यह आदिगुरू शंकराचार्य और भारत को एक पहचान देने का केंद्र है। उन्होंने कहा ओंकारेश्वर, आदिगुरू शंकराचार्य जी की दीक्षाभूमि और साधना स्थली रही है। ओंकारेश्वर को पांचवें पीठ के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक किया। उन्होंने बाबा ओंकारेश्वर से प्रदेश की सुख-समृद्धि, विकास और कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पैदल पुल से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने माँ नर्मदा के विहंगम दृश्य का अवलोकन कर माँ नर्मदा को प्रणाम किया। उन्होंने फूल-प्रसादी विक्रय करने वाले दुकानदारों से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में आदिगुरू शंकराचार्य की प्रतिमा के दर्शन किये और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुष्प अर्पित कर पूजन किया। बटुकों ने मंत्रोच्चारों के साथ पूजन विधि संपन्न कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर आयोजित एकात्म धाम पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और एकात्म धाम परिसर में पुस्तक एवं कैलेंडर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ट्रस्ट के ट्रस्टी राव देवेंद्र सिंह चौहान, सहायक सी.ई.ओ. अशोक महाजन सहित अन्य ट्रस्टी गण ने बाबा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की प्रतिकृति का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर विधायकगण नारायण पटेल, श्रीमती कंचन मुकेश तनवे, श्रीमती छाया मोरे, जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेड़े और बड़ी संख्या में संतजनों समेत प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, संभागायुक्त दीपक सिंह, आईजी अनुराग, डीआईजी खरगोन रेंज सिद्धार्थ बहुगणा और कलेक्टर अनूप कुमार सिंह मौजूद रहे।  

रातापानी अभयारण्य टाइगर रिजर्व घोषित

भोपाल की पहचान टाइगर राजधानी के रूप में होगी रातापानी को प्रदेश का आठवाँ टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया रातापानी अभयारण्य टाइगर रिजर्व घोषित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल और मार्गदर्शन पर 2 दिसम्बर, 2024 को रातापानी को प्रदेश का आठवाँ टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया है। राज्य शासन द्वारा इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी है। प्रस्तावित रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया का रकबा 763.812 वर्ग किलोमीटर तथा बफर एरिया का रकबा 507.653 वर्ग किलोमीटर है। इस प्रकार टाइगर रिजर्व का कुल रकबा 1271.465 वर्ग किलोमीटर होगा। रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र की सीमा के अंदर स्थित राजस्व ग्राम झिरी बहेड़ा, जावरा मलखार, देलावाड़ी, सुरई ढाबा, पांझिर, कैरी चौका, दांतखो, साजौली एवं जैतपुर का रकबा 26.947 वर्ग किलोमीटर राजस्व भूमि इन्क्लेव के रूप में बफर क्षेत्र में शामिल है। टाइगर रिजर्व में भौगोलिक रूप से स्थित, उक्त 9 ग्राम अभयारण्य की अधिसूचना में कोर क्षेत्र में शामिल नहीं हैं। रातापानी टाइगर रिजर्व बनने से टाइगर रिजर्व का सम्पूर्ण कोर क्षेत्र रातापानी टाइगर अभयारण्य की सीमा के भीतर है। इससे ग्रामीणों के वर्तमान अधिकार में कोई परिवर्तन नहीं होगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन से नये रोजगार सृजित होंगे, जिससे आर्थिक लाभ होगा। टाइगर रिजर्व गठित होने से भारत सरकार के राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से बजट प्राप्त होने से वन्य-प्राणियों का और बेहतर ढंग से प्रबंधन किया जा सकेगा। इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को ईको टूरिज्म के माध्यम से लाभ प्राप्त होगा। टाइगर रिजर्व बनने से रातापानी को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी तथा भोपाल की पहचान “टाइगर राजधानी’’ के रूप में होगी।  

प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

माँ नर्मदा के घाट सनातन तीर्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव संतगण समाज को सदमार्ग पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करते हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर में मां नर्मदा का पूजन और आरती की मुख्यमंत्री ओंकारेश्वर में आयोजित अमृतस्य मां नर्मदा पद परिक्रमा कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल संत और भगवा की अपनी एक विशेषता होती है। संतजन समाज और हजारों जीवन को सद मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हुए ऊर्जा प्रदान करने का कार्य करते हैं। जिस प्रकार से सूर्य और दीप हमें ऊर्जा प्रदान कर अंधकार से मुक्त कराते हैं, वैसे ही संत जन हमारे जीवन को ज्ञान रूपी प्रकाश की नई ज्योति प्रदान करते हैं। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज ओंकारेश्वर में ब्रह्मपुरी घाट पर आयोजित “अमृतस्य मां नर्मदा पद परिक्रमा कार्यक्रम” में कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रह्मपुरी घाट पर मां नर्मदा का पूजन कर आरती की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत हमें सदैव सदमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा नदी, पर्वत, पहाड़ हम मनुष्यों को प्रकृति की एक देन है। इसके संरक्षण के लिए हम सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व है और सभी को होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक देवस्थान पर बेहतर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने कहा प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित करते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएंगी, जिससे नर्मदा परिक्रमा यात्रियों को सुविधा होगी। उन्होंने कहा इसके लिए 5 सदस्यीय मंत्रियों की समिति भी बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व में एक विशेष पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा हम सभी को भारतीय संस्कृति पर गर्व और अभिमान हैं। मां नर्मदा अमरकंटक से निकलकर खंभात की खाड़ी में मिलती है। मां नर्मदा इस पूरे मार्ग में लंबी यात्रा तय करती है। पतित पावनी सलिल मां नर्मदा की धारा जिस भी मार्ग से गुजरती है वहां जीवन का सृजन और प्रकृति जीवंत होती है। मां नर्मदा के दर्शन में जीवन का दर्शन समाहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा पूरे नर्मदा पद पर विभिन्न विकास कार्यों के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि माँ नर्मदा के पूरे परिक्रमा क्षेत्र में चल रहें सेवा के अनेक प्रकल्पों जिसमें नि:शुल्क अन्नक्षेत्र एवं आवास व्यवस्था विश्व के लिए प्रेरणा का विषय हैं, और यह केवल भारत में माँ नर्मदा के खंड में ही होता है। मध्यप्रदेश में तो यह और भी अद्भुत है, जहां घर घर से परिक्रमा करने वालों के लिए भोजन भेजा जाता है। श्रद्धेय गुरुदेव विवेक जी, जोड़ गणपति हनुमान मंदिर ओंकारेश्वर के महंत मंगलदास जी त्यागी, महानिर्वाणी अखाड़ा ओंकारेश्वर के महंत कैलाश भारती, मार्कण्डेय संन्यास आश्रम ओंकारेश्वर के महंत प्रणवानंद जी सरस्वती एवं निजानंद धाम खाचरोद के ब्रह्मचारी जी महाराज, खण्डवा विधायक श्रीमती कंचन तनवे, पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, मान्धाता विधायक नारायण पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेड़े सहित संतगण, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। नर्मदा परिक्रमा का ऐप से डिजिटल क्रांति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा का ऐप से परिक्रमा कर रहे लोगों को परिक्रमा मार्ग में मदद मिलेगी, साथ ही स्थानीय लोगों के लिये रोज़गार के अवसरों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि रोज़गार के अवसर लोगों को अपने ग्राम और शहर से जोड़े रखेंगे। डिजिटल क्रांति से स्थानीय लोगों को रोज़गार देने का प्रयास नर्मदा जी के खंड में नूतन अध्याय लिखेगा। इस एप से परिक्रमा कर रहे लोग स्थानीय संस्कृति से भी परिचित होंगे। परिक्रमा मात्र साधना नहीं भारत की संस्कृति की यात्रा भी होगी और मध्यप्रदेश से आरंभ होने वाली यात्रा पूरे भारत में ऐसे और अध्यायों को लिखेगी। परिक्रमा मार्ग में पौध-रोपण माँ नर्मदा के स्वरूप को अनादि काल तक रखेगा अक्षुण्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माँ नर्मदा के पावन स्वरूप को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु तट पर 5-5 पौधे (सीड बाल्स) रोपने का पुनीत कार्य करें। इस प्रकार जब सरकार और समाज दोनों समन्वित रूप से प्रयास करेंगे तो माँ नर्मदा का आदि स्वरूप अनादि काल तक अक्षुण्ण बना रहेगा।  

बीएमएचआरसी के 25वें वर्ष में प्रवेश करने पर डाक विभाग जारी करेगा विशेष आवरण

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी की पूर्व संध्या के मौके पर सोमवार को भोपाल गैस त्रासदी के दिवंगतों को मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी गयी। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय एवं बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव सहित अस्पताल के कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने नम आंखों से गैस त्रासदी के दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी एवं दो मिनट का मौन रखा। सारंग ने कहा कि 2 और 3 दिसंबर की रात में हुई गैस त्रासदी पूरी मानव जाति के लिए भयावह त्रासदी है। इस त्रासदी ने हमें यह सिखाया कि विकास और औद्योगिकीकरण का अपना महत्व है, लेकिन इसे किसी भी व्यक्ति की जान से बड़ा नहीं होना चाहिए। उस रात जो हुआ, वह सभी के लिये भयावह है। इस मौके पर मंत्री सारंग एवं महापौर ने अस्पताल भर्ती मरीजों को हेल्थ किट वितरित किए। बाद में सभी वार्डों में भर्ती मरीजों को हैल्थ किट बांटे गए। भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) के 25वें वर्ष में प्रवेश करने पर डाक विभाग द्वारा मंगलवार 3 दिसम्बर को एक विशेष आवरण जारी किया जाएगा तथा सर्वधर्म सभा आयोजित होगी और बुजुर्ग गैस पीड़ितों का सम्मान किया जाएगा। 3 दिसंबर को सर्वधर्म सभा एवं बुजुर्ग गैस पीड़ित मरीजों का सम्मान 3 दिसंबर को सुबह 8:30 बजे से बीएमएचआरसी के ‘श्रद्धांजलि एवं आशा’ स्मारक के पास सर्वधर्म सभा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सभी धर्मों के धर्मगुरू अपने-अपने धर्मग्रंथों का पाठ करेंगे। इसके बाद 85 वर्ष अधिक उम्र के गैस पीड़ित बुजुर्ग मरीजों का सम्मान किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बीएमएचआरसी के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, निशुल्क जांच एवं दवा वितरण, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। शिविरों में आभा तथा आयुष्मान आईडी बनाई जाएंगी। रोटरी क्लब एवं महावीर इंटरनैशनल नामक संस्थाओं द्वारा गरीब मरीजों के लिए कंबल भी दान किए गए हैं, जिन्हें वार्डों में वितरित किया जाएगा। डाक विभाग द्वारा विशेष आवरण का किया जाएगा अनावरण बीएमएचआरसी ने हाल ही में अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश किया है। गैस त्रासदी की 40वीं बरसी पर संस्थान के इस योगदान को चिन्हित करने के लिए भारतीय डाक विभाग द्वारा एक विशेष आवरण जारी किया जाएगा। डाक विभाग द्वारा जारी किया गया विशेष आवरण एक विशिष्ट डाक कवर होता है, जो किसी महत्वपूर्ण अवसर, घटना, व्यक्ति, स्थान, या किसी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक या वैज्ञानिक महत्व के विषय को समर्पित होता है। विशिष्ट विषयों पर जनता के बीच जागरूकता फैलाने के लिए भी इसे जारी किया जाता है। इसे खास डिजाइन और प्रतीकों के साथ तैयार किया जाता है, जो उस अवसर या विषय का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करते हैं। इस मौके पर मध्यप्रदेश सर्कल के मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल विनीत माथुर, डाक सेवाओं के प्रमुख पवन कुमार डालमिया एवं बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव मौजूद रहेंगी। बीएमएचआरसी में अब तक 1.06 करोड़ विजिट हो चुकी हैं बीएमचआरसी और इसके सभी स्वास्थ्य केंद्रों में वर्ष 2000 से अब तक मरीजों को 1.06 करोड़ विजिट हो चुके हैं। इनमें से 98 प्रतिशत गैस पीड़ित या गैस पीड़ितों के आश्रित हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में ही करीब 64 लाख मरीजों की विजिट हो चुकी है। अस्पताल में करीब 3.92 लाख गैस पीड़ित रजिस्टर्ड हैं, जबकि 61725 गैस पीड़ित आश्रित मरीज पंजीकृत हैं।  

प्रदेश में 4 दिसम्बर को कक्षा-3, 6 और 9 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण किया जायेगा

भोपाल प्रदेश में 4 दिसम्बर को चयनित सेम्पल शालाओं में कक्षा-3, 6 और 9 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण किया जायेगा। सर्वेक्षण की रिपोर्ट का केन्द्र सरकार द्वारा नीति निर्धारण में उपयोग किया जायेगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए राज्य शिक्षा केन्द्र ने सर्वेक्षण कार्य में पारदर्शिता रखे जाने के निर्देश मैदानी अमले को दिये हैं। राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 के संचालन की जिम्मेदारी एनसीईआरटी के पास है, जबकि सीबीएसई को सर्वेक्षण के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी गयी है। प्रदेश में सर्वेक्षण के सुचारु और निष्पक्ष संचालन के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पेशल ऑब्जर्वर नियुक्त किये हैं। यह ऑब्जर्वर जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक से तालमेल रखकर सर्वेक्षण की व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगे। स्पेशल ऑब्जर्वर की जिलेवार नियुक्ति की गयी है। इसके साथ ही जिले में डिस्ट्रिक्ट लेवल को-ऑर्डिनेटर भी बनाये गये हैं। मैदानी अमले को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं कि जिन सेम्पल शालाओं में सर्वेक्षण का कार्य किया जायेगा, उन शालाओं में दर्ज विद्यार्थियों की उपस्थिति शत-प्रतिशत हो। मॉडल डाइट के रूप में चयन केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित डाइट्स का सर्वे किया गया है। सर्वे के बाद इन डाइट्स की अधोसंरचना एवं व्यावसायिक विकास के लिये विस्तृत योजना तैयार की गयी है। इस कार्य-योजना के आधार पर वर्तमान में प्रदेश के संचालित सभी डाइट्स को मॉडल डाइट के रूप में विकसित करने के लिये चयनित किया गया है। वर्ष 2023-24 में भोपाल, सीहोर, मंदसौर, सागर, ग्वालियर, खण्डवा, रीवा और जबलपुर डाइट को मॉडल डाइट के रूप में विकसित करने के लिये विकास योजना तैयार कर ली गयी है। प्रदेश में वर्तमान में संचालित 50 डाइट्स के माध्यम से शासकीय शालाओं में कार्यरत शिक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है।  

सच्चर समिति की रिपोर्ट में कई राज्यों में वक्फ संपत्तियों पर कब्जे का उल्लेख किया गया था, राज्यों से मांगा ब्योरा

नई दिल्ली वक्फ (संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संसदीय समिति ने राज्य सरकारों से अनधिकृत कब्जे वाली वक्फ संपत्तियों का ब्योरा मांगा है। सच्चर समिति की रिपोर्ट में कई राज्यों में वक्फ संपत्तियों पर कब्जे का उल्लेख किया गया था। समिति ने राज्यों से वक्फ अधिनियम की धारा 40 के तहत वक्फ बोर्डों द्वारा दावा की गई संपत्तियों का भी विवरण मांगा है। बता दें कि संसदीय समिति का कार्यकाल अब बजट सत्र के अंतिम दिन तक बढ़ा दिया गया है। धारा 40 पर छिड़ी बहस कांग्रेस सरकार ने 2013 में वक्फ अधिनियम में संशोधन किया था। इस कानून की धारा 40 पर सबसे अधिक विवाद है। दरअसल, यह धारा वक्फ बोर्डों को यह तय करने का अधिकार देता है कि कोई संपत्ति वक्फ की है या नहीं। अब मौजूदा संशोधन विधेयक में इस पर ही अंकुश लगाने की तैयारी है। हालांकि विपक्षी दलों समेत कई मुस्लिम संगठनों ने सरकार के कदम की आलोचना की। उन्होंने विधेयक को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करार दिया। राज्यों से मांगा कब्जे वाली संपत्तियों का ब्योरा संसदीय समिति ने उन वक्फ संपत्तियों का भी ब्योरा मांगा है, जहां पर राज्य सरकार या उनकी आधिकारिक एजेंसियों का कब्जा है। 2005 में बनी सच्चर समिति को विभिन्न वक्फ बोर्डों ने अधानिकृत कब्जों की जानकारी दी थी। संसदीय समिति केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के माध्यम से राज्यों से जानकारी जुटा रही है।

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