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योजनाओं की जानकारी पहुंचानें में सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर निभाए अहम भूमिका

उमरिया सूचना का उपयोग जनहित में किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया में कंटेंट पोस्ट  करने से पहले उसकी सत्यता की जांच कर लें तभी उस कंटेंट को पोस्ट करें। सोशल मीडिया के महत्व को देखते हुए जनसंपर्क विभाग द्वारा अलग-अलग तरीके से कार्य किया जा रहा है। यह जानकारी आज उमरिया जिले के ताला बांधवगढ़ स्थित द सन रिसोर्ट में आयोजित सोशल मीडिया एवं न्यू एज मीडिया विषय पर संभाग स्तरीय कार्यशाला में अपर संचालक जनसंपर्क संजय जैन व्दारा दी गई।   कार्यशाला का शुभारंभ अपर संचालक जनसंपर्क श्री संजय जैन ने दीप प्रज्वलित कर किया।  कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर संचालक जनसंपर्क  संजय जैन ने कहा कि सोशल मीडिया आमजन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । इसके लिए सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर का तकनीकी रूप से दक्ष होना आवश्यक है जिससे सोशल मीडिया पर सकारात्मक रूप से कार्य करने वाले लोगों को और बढ़ावा दिया जा सके। जिससे आमजन को शासन की विभिन्न योजनाओ,कार्यक्रम तथा अभियानों से अवगत कराया जा सके।     कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप संचालक जनसंपर्क भोपाल  सुनील वर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया रियल टाइम और खुद का मीडिया है। उहोंने कहा कि सूचना ही शक्ति है जिसका सही दिशा में उपयोग किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने में सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अहम भूमिका निभाए। आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, राजस्व महा अभियान जैसे अन्य जन कल्याणकारी योजनाएं  व केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय चलाए जा रहे अभियानों के बारे में सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचने का प्रयास करें जिससे हर  पात्र व्यक्ति को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर जनता द्वारा न चुने जाने के बावजूद भी जनता के लिए कार्य करती है। उन्होंने बताया कि जनसंपर्क विभाग द्वारा लगभग 400 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।       द सन रिसोर्ट ताला बांधवगढ़ में आयोजित सोशल मीडिया एवं न्यू एज मीडिया विषय पर संभाग स्तरीय कार्यशाला में ग्राफिक्स डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग, डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट पोस्ट करने जैसे अन्य विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर सहायक संचालक जनसंपर्क उमरिया गजेन्द्र द्विवेदी, जिला सहायक जनसंपर्क अधिकारी शहडोल अरूणेंद्र सिंह, जिला सहायक जनसंपर्क अधिकारी अनूपपुर सुश्री कुसुम मरकाम, शहडोल संभाग के सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर उपस्थित थे।

अब मध्यप्रदेश में जनता सीधे चुन सकेगी जनपद और जिला पंचायत अध्यक्ष, अधिनियम में होगा संसोधन

भोपाल प्रदेश में जिस तरह महापौर सीधे जनता से चुने जाते हैं, वही व्यवस्था जिला और जनपद पंचायत अध्यक्ष के लिए भी बनाने की तैयारी है। अभी जिला और जनपद पंचायत के अध्यक्ष निर्वाचित सदस्यों के माध्यम से चुने जाते हैं। अध्यक्षों के चुनाव में प्रलोभन की शिकायत पंचायत चुनाव वैसे तो गैरदलीय आधार पर होते हैं लेकिन इसमें राजनीतिक दलों का पूरा दखल रहता है। जिस दल की सदस्य संख्या अधिक होती है, उसका समर्थित व्यक्ति अध्यक्ष बन जाता है। जिन निकायों में एक दल के समर्थकों का बहुमत नहीं होता है, वहां सदस्यों को प्रलोभन दिए जाने के साथ धमकाने की शिकायतें भी सामने आती हैं। इसे देखते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायतराज अधिनियम में संशोधन की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पंचायतराज संचालनालय ने अन्य राज्यों के प्रविधानों की जानकारी मंगाई है ताकि उनका अध्ययन करके अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित किया जा सके। सदस्य करते हैं अध्यक्ष का चुनाव प्रदेश में 52 जिला और 313 जनपद पंचायतें हैं। प्रत्येक जिला पंचायत में औसत 15 तक सदस्य होते हैं। वर्तमान व्यवस्था में सदस्यों का चुनाव होता है। निर्वाचन उपरांत सदस्यों का सम्मेलन बुलाया जाता है, जिसमें अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होता है। हॉर्स ट्रेडिंग की शिकायत कई बार मुकाबला बराबरी या नजदीकी होने के कारण सदस्यों को प्रलोभन देकर या डरा-धमकाकर उनका समर्थन प्राप्त कर अपना अध्यक्ष बनवा लिया जाता है। इससे चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठते हैं। यही कारण है कि नगरीय निकायों में महापौर और अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराने का प्रविधान किया गया था लेकिन शिवराज सरकार ने नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता के स्थान पर पार्षदों के माध्यम कराने की व्यवस्था कर दी। इससे निकाय में जिस दल का बहुमत हुआ, उसका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बन गया। जहां बहुमत की स्थिति नहीं बनीं, वहां ठीक वैसा ही हुआ, जैसा जिला और जनपद पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव में होता है। फिलहाल सरकार नगरीय निकाय तो नहीं पर पंचायत चुनाव की व्यवस्था में परिवर्तन करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर पंचायतराज संचालनालय ने इसकी तैयारी भी प्रारंभ कर दी है। इसके लिए अन्य राज्यों के प्रविधानों की जानकारी मंगाई गई है ताकि उनका अध्ययन करके अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित किया जा सके। हालांकि, विधानसभा के 16 दिसंबर से प्रारंभ होने वाले शीतकालीन सत्र में संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत होने की संभावना कम ही है।

बढ़ती हुई ठंड को देखते हुए मंदिर समितियों व ट्रस्टों के पदाधिकारियों ने सभी भगवानों को गर्म वस्त्र धारण कराने शुरू किए

भोपाल शहर में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। ऐसे में लोगों ने ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों को पहनना शुरू कर दिया है। बढ़ती हुई ठंड को देखते हुए अलग-अलग मंदिर समितियों व ट्रस्टों के पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम, मां दुर्गा, श्रीराधा-कृष्ण, गणेश जी सहित सभी भगवानों को गर्म वस्त्र धारण कराने शुरू कर दिए हैं। शाल ओढ़ाई जा रही हैं। वहीं ठंड के चलते भगवान जी को गर्म खाद्य पदार्थ खजूर, गुड़ सहित अन्य पदार्थों का भोग लगाना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं, भगवान के दरबार में ठंड का असर कम हो और गर्मी बनी रहे, इसके लिए हीटर और अलाव जैसे उपाय भी भक्तों ने करना शुरू कर दिया है। इसके साथ-साथ सुबह व शाम की आरती व्यवस्था में भी बदलाव होने लगा है।   बाबा बटेश्वर के समीप जलाया अलाव पुराने शहर के श्री बड़वाले महादेव मंदिर सेवा समिति के द्वारा गुरु प्रदोष के अवसर पर बाबा बटेश्वर का रुद्राभिषेक किया गया। एक क्विंटल फूल, बेल पत्र, धतूरा व चंदन आदि से भोलेनाथ का अलौकिक श्रृंगार किया गया। इसके साथ ही भगवान को गुड़ से बनी गजक व अन्य गर्म वस्तुओं का भोग लगाया गया। शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए बाबा के समक्ष अलाव भी जलाया गया। प्रतिदिन अब भगवान को ऊनी वस्त्र धारण कराए जाएंगे एवं गुड़ से बनी गजक तथा अन्य गर्म वस्तुओं का भोग लगेगा। रात्रि में महा आरती के बाद प्रसादी वितरण हुआ। इस अवसर पर संयोजक संजय अग्रवाल, सदस्य प्रमोद नेमा, शिशिर मित्तल, अभिषेक लाला, केशव फुलवानी, प्रकाश मालवीय सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।

एक जिला-एक उत्पाद :बुरहानपुर के केलों की मिठास अब सबकी जुबां पर

भोपाल एक जिला-एक उत्पाद मध्यप्रदेश का एक छोटा सा जिला बुरहानपुर बरसों से अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और हरे-भरे खेतों के लिए प्रसिद्ध है। अब यह जिला “एक जिला-एक उत्पाद” पहल के तहत सफलता के नये आयाम गढ़ रहा है। केले की फसल, जो इस जिले की मूल पहचान है, अब न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि एक नई उद्यम क्रांति का प्रतीक भी बन गई है। इसी साल फरवरी में हुए “बनाना फेस्टिवल” में यहां के उद्यमियों और किसानों के बीच संवाद का परिणाम अब धरातल पर नजर आ रहा है। इसी प्रेरणा से बुरहानपुर के उद्यमी रितिश अग्रवाल ने “बनाना पाउडर” बनाने की यूनिट स्थापित की हैं। यह यूनिट जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से खकनार के धाबा गांव में संचालित की जा रही है। “बनानीफाय” ब्रांड के नाम से तैयार किया जा रहा यह बनाना पाउडर शारीरिक पोषण से भरपूर है। यह बच्चों और बड़ों सभी के लिए ऊर्जा और सेहत का खजाना है। इस यूनिट में केले से तीन प्रकार का पाउडर तैयार किया जा रहा है। खाने योग्य पाउडर (केले के गूदे से), जो शुद्ध और बेहद उच्च गुणवत्ता वाला है। सादा पाउडर (केले के छिलके सहित), जो खाने योग्य है और फाइबर से भी भरपूर है। केले के छिलके से तैयार पाउडर को खाद (मैन्योर) के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसके उपयोग से सभी प्रकार की फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन मात्रा में भी सुधार होगा। इस प्रोजेक्ट को “प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना” के तहत 10 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। कुल 75 लाख रुपये पूंजी निवेश से बनी यह यूनिट एक मिसाल बन गई है। इसमें अहमदाबाद से लाई गई आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जो उत्पादन प्रक्रिया को तेज और कुशल बनाती हैं। “बनानीफाय” ब्रांड के उत्पादों को न केवल मध्यप्रदेश बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, और दिल्ली जैसे राज्यों में भी भेजा जा रहा है। इसके 250 ग्राम और 500 ग्राम पैकेट क्रमशः 280 रुपये और 480 रुपये की कीमत पर उपलब्ध हैं। यूनिट की खासियत यह है कि यहां केले के छिलके को भी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाता। छिलकों से बना पाउडर नर्सरियों और उद्यानिकी फसलों में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह पर्यावरणीय संरक्षण और कृषि उत्पादकता बढ़ाने का एक बेहतरीन उदाहरण है। नेपानगर की विधायिका सुमंजू दादू और कलेक्टर बुरहानपुर सुभव्या मित्तल द्वारा शुभारंभ की गई यह यूनिट अब न केवल बुरहानपुर के किसानों और उद्यमियों के लिए प्रेरणा बन गई है। यह यूनिट “एक जिला-एक उत्पाद” योजना की वास्तविक सफलता का प्रतीक बन गई है। “बनानीफाय” का बनाना पावडर न केवल आर्थिक समृद्धि ला रहा है, बल्कि यह एक उदाहरण है कि सही दिशा में किए गए प्रयास किस तरह से छोटे जिलों को भी अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिला सकते हैं। बुरहानपुर के मस्त केले अब सबकी जुबां पर मिठास घोल रहे हैं।  

राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड संस्कृत शिक्षा को दे रहा है बढ़ावा

भोपाल प्रदेश में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड अरूण, उदय और प्रभात कक्षाओं का संचालन 53 चयनित एजुकेशन फॉर ऑल (ईएफए) स्कूल में कर रहा है। इन विद्यालयों में संस्कृत माध्यम की कक्षाएं इस वर्ष शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ हो गई हैं। देश की सांस्कृतिक विरासत में संस्कृत भाषा का प्राचीन काल से महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में संस्कृत भाषा के विस्तार के लिये विशेष प्रावधान रखे गये हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में उल्लेख किया गया है कि संस्कृत भाषा केवल संस्कृत पाठशाला एवं विश्वविद्यालयों तक सीमित न रहे बल्कि इसे मुख्य धारा में लाया जाये। इसके अनुपालन में प्रदेश में प्री-स्कूल के 3 वर्ष तथा कक्षा 1 और 2 के 2 वर्ष इस प्रकार बच्चे की उम्र 3 से 8 वर्ष की अवधि में बच्चों को संस्कृत माध्यम से पढ़ाई कराये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग संस्कृत माध्यम के विद्यालयों के संचालन की निगरानी भी रख रहा है। संस्कृत भाषा एक बीज भाषा है। यह भाषा सभी भाषाओं की जननी है। बाल मनोवैज्ञानिकों के अनुसार बच्चों के मस्तिष्क का 85 प्रतिशत विकास 6 वर्ष की अवस्था से पूर्व हो जाता है। शोध में यह बात भी सामने आयी है कि जो विद्यार्थी प्रारंभ से संस्कृत भाषा बोलते हैं, वे बाद के वर्षों में विश्व की किसी भी भाषा को बोलने की क्षमता रखते हैं। इसको दृष्टिगत रखते हुए 53 संस्कृत विद्यालय प्रदेश में प्रारंभ किये गये हैं। यह एक ऐसा अनोखा प्री-स्कूल है, जिसमें छोटे बच्चों को संस्कृत माध्यम से भारतीय संस्कृति और परम्परा के बारे में सीखने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। इन विद्यालयों में पुस्तकालय, प्रदर्शन क्षेत्र, कठपूतली का कोना, विश्राम क्षेत्र, कहानी का कोना, कला कोना, खिलौनों का कोना, उत्सव की दीवार, भोजन क्षेत्र, संस्कृत अध्ययन सामग्री, बाल उपवन, तुलसी का बर्तन और ध्यान कुटिया जैसी सुविधाएं बच्चों को उपलब्ध कराई गई हैं।  

मतदाता शिक्षा और मतदान जागरूकता के अभियान में चार श्रेणियों में मिलेगा पुरस्कार

भोपाल भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा मतदाता शिक्षा और मतदान जागरूकता के सर्वोत्तम अभियान के लिये नेशनल मीडिया अवार्ड-2024 प्रदान किये जायेंगे। मीडिया संस्थानों को पुरस्कार चार श्रेणियों में प्रदान किये जायेंगे। पुरस्कार मतदाताओं को मतदान के लिये प्रेरित करने और मतदान के प्रति जागरूकता के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिये चलाये जा रहे उत्कृष्ट अभियानों को प्रोत्साहित करने के लिये दिये जायेंगे। आयोग ने 10 दिसम्बर 2024 तक संस्थानों से प्रस्ताव आमंत्रित किये हैं। प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक (टेलीविजन) मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक (रेडियो) मीडिया और ऑनलाइन (इंटरनेट एवं सोशल) मीडिया श्रेणियों में पृथक-पृथक पुरस्कार दिये जायेंगे। वर्ष-2024 में मतदान के प्रति मतदाताओं को जागरूक करने के लिये मीडिया संस्थानों द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों और विशिष्ट उपलब्धियों को प्रदर्शित करते हुए चार पृथक-पृथक श्रेणियों में अपने प्रस्ताव भेजने होंगे। सभी नामांकनों पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा गठित मीडिया अवार्ड जूरी विचारोपरान्त निर्णय लेगी। नेशनल मीडिया अवार्ड-2024 से संबंधित विस्तृत विवरण (मेमोरेण्डम) कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश की वेबसाइट www.ceomadhyapradesh.nic.in और जनसम्पर्क विभाग की वेबसाइट www.mpinfo.org  पर उपलब्ध है। मीडिया संस्थान अपने प्रस्ताव श्री राजेश कुमार सिंह, अवर सचिव (संचार), भारत निर्वाचन आयोग, निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली 110001 को भेजे जा सकते हैं। संस्थान अपने प्रस्ताव मेमोरेण्डम में लिखी शर्तों का पालन करते हुए ई-मेल एड्रेस media-division@eci.gov.in पर भी भेज सकते हैं।  

जून 2025 तक पूरा हो जायेगा सड़क निर्माण का पहला चरण, बनेंगी 1284.29 किमी लम्बी 1035 सड़कें

भोपाल गांव-गांव तक पहुंच सड़क प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में केन्द्र सरकार प्रदेश के 24 जिलों में निवासरत 3 विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) की सभी बसाहटों तक एप्रोच रोड तैयार कर रही हैं। केन्द्र सरकार द्वारा पीएम जन-मन में प्रदेश की चिन्हित कुल 1295 पीवीटीजी बसाहटों में कुल 1284.29 किलोमीटर लम्बाई वाली 1035 सड़कें मंजूर की गई है। गांव-गांव तक कुल 1050 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाली इन सम्पर्क सड़कों का निर्माण कार्य 5 चरणों में पूरा किया जायेगा। पहला चरण जून 2025 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य तय किया गया है। पहले चरण में 235 करोड़ रूपये की लागत से 295 किमी लम्बी 125 सड़कें बनाई जा रही है। इन पर काम तेजी से जारी है। पहले चरण के ही दूसरे भाग में 150.72 करोड़ रूपये की लागत से 180.29 किमी लम्बी 40 सड़कें बनाई जानीं है। इनके लिये निर्माण एजेंसी तय कर दी गई हैं। दूसरे चरण में 112.69 करोड़ रूपये लागत से 152 किमी लम्बी 60 सड़कें बनाई जायेंगी। तीसरे चरण 162 करोड़ रूपये की लागत से 216 किमी लम्बी 86 सड़कें निर्मित की जायेंगी। चौथे चरण में 187.74 करोड़ रूपये से 254 किमी लम्बी 97 सड़कें तथा 5वें चरण में 801 करोड़ रूपये लागत से 1187 किमी लम्बाई वाली 627 सड़कें तैयार की जायेंगी। पीएम जन-मन अभियान में सभी गांव-गांव पहुंच सड़़कें प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ाभागके अधीन निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (एमपी आरआरडीए) द्वारा बनाई जायेंगी। निर्माण एजेंसी एमपी आरआरडीए द्वारा पहले चरण में मंजूर हुईं। सभी सड़कें जून 2025 तक निर्मित कर लेने के लिये तेजी से कार्य किया जा रहा है। दूसरे, तीसरे, चौथे एवं 5वें चरण में स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य भी हर हाल में वर्ष 2025 के अंत तक पूरा कर लेने के लिये निर्माण एजेंसी ने ठोस तैयारी कर ली है।

30 नवंबर शनिवार को इन राशियों में दिखेगा लाभ

मेष राशि-प्रोफेशनल लाइफ में सफलता मिलेगी। कार्यों के मनचाहे परिणाम मिलेंगे। व्यापार में विस्तार होगा। विद्यार्थियों को करियर में नई उपलब्धि हासिल होगी। नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल समय है। रिश्तों में गलतफहमी हो सकती है। साथी से बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने का प्रयास करें। वृषभ राशि-अपने काम पर फोकस करें। व्यर्थ के वाद-विवाद से दूर रहें। आर्थिक मामलों में अच्छा दिन है। निवेश के नए विकल्पों पर नजर रखें। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को बातचीत करके सुलझाएं। इससे घर में सुख-शांति बनी रहेगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता होगी। मिथुन राशि-कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। बॉस आपके कार्यों की तारीफ करेंगे। स्टॉक मार्केट में निवेश करना फायदेमंद साबित हो सकता है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों पर फोकस करना चाहिए। कुछ अविवाहित जातकों का शादी-विवाह तय हो सकता है। यात्रा में देरी होगी। कुछ लोगों की लाइफ में एक्स-लवर की वापसी संभव है। कर्क राशि-घर में मेहमानों के आगमन से खुशनुमा माहौल रहेगा। ऑफिस में कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। शैक्षिक कार्यों के अच्छे परिणाम मिलेंगे। अपने सेहत पर थोड़ा ध्यान दें। हेल्दी डाइट लें। लव लाइफ शानदार रहेगी। सिंह राशि-खर्चों की अधिकता रहेगी। इसलिए आमदनी के नए स्त्रोतों की तलाश करने की आवश्यकता पड़ सकती है। गृह-क्लेश की स्थिति बनी रहेगी। परिजनों से बातचीत करके समस्या का समाधान निकालें। क्रोध से बचें। विद्यार्थियों के लिए अच्छा दिन है। आज धन का लेन-देन न करें। लव लाइफ रोमांटिक रहेगी। कन्या राशि-प्रोफेशनल लाइफ में सराहे जाएंगे। आपके द्वारा लिए गए आर्थिक फैसले लाभकारी साबित होंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। फ्रेंड्स के साथ वेकेशन के प्लान में देरी हो सकती है। रिलेशनशिप में अहंकार बीच में न आने दें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे आप हेल्दी और फिट रहेंगे। तुला राशि-करियर में उन्नति के कई मौके मिलेंगे। पुराने निवेशों से धन लाभ होगा। प्रॉपर्टी से जुड़े कानूनी विवाद सुलझ जाएंगे। लव लाइफ में उतार-चढ़ाव के संकेत हैं। जीवनसाथी से विचार मैच नहीं खाएंगे। जिससे साथी से नोकझोंक हो सकती है। अपने हेल्थ पर फोकस करें। हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करें। वृश्चिक राशि-आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। पारिवारि जीवन में खुशियों का माहौल रहेगा। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों को अपने पढ़ाई पर ज्यादा फोकस करना होगा। प्रेमी आपसे अपनी फीलिंग्स को शेयर करेंगे। इससे आपका कनेक्शन पहले से ज्यादा स्ट्रॉन्ग होगा। धनु राशि-महंगी वस्तुओं की खरीदारी करने की इच्छा बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन में वाद-विवादों से मन चिंतित रहेगा। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलेगी। इससे आय में भी वृद्धि के योग बनेंगे। शैक्षिक कार्यों में सुधार आएगा। रोमांटिक लाइफ में किसी दिलचस्प से मुलाकात के संकेत हैं। मकर राशि-कार्यों के मनचाहे परिणाम नहीं मिलेंगे। पारिवारिक जीवन की गलतफहमियों को सुलझाने का प्रयास करें। प्रोफेशनल लाइफ में मान-सम्मान बढ़ेगा, लेकिन बढ़ते तनाव से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। रोमांटिक लाइफ में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कुंभ राशि-पुराने निवेशों से अच्छा रिटर्न मिलेगा। पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में सफल होने के लिए खूब मेहनत करना होगा। काम के सिलसिले में सुखद यात्रा के योग बनेंगे। पार्टनर की बातों को नजरअंदाज न करें और रिश्ते को खुशहाल बनाने का प्रयास करें। मीन राशि-आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। व्यापार में बढ़ोत्तरी के नए मौके मिलेंगे। यात्रा के योग बनेंगे। विद्यार्थियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य प्रभावित रहेगा। एलर्जी की समस्या हो सकती है। सिंगल जातकों की किसी खास से मुलाकात होगी। लव लाइफ में नए रोमांटिक मोड़ आएंगे।

पेंच टाइगर रिजर्व में बाघ ने युवक पर किया हमला, शव का कुछ हिस्सा खा लिया, सिर धड़ से कर दिया अलग

सिवनी पेंच टाइगर रिजर्व के जंगल में बाघ ने युवक पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बावनथड़ी वनग्राम में बाघ ने युवक पर हमले के बाद शव का कुछ हिस्सा खा लिया है। घटनास्थल से 20 वर्षीय कृष्ण कुमार भलावी का शव बरामद कर पोस्ट मार्टम के बाद वन अधिकारियों ने स्वजनों को सौंप दिया है। मवेशियों को लेकर गया था जंगल पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि मृतक कृष्ण कुमार भलावी शुक्रवार सुबह जंगल में मवेशियों को चराने लेकर गया था। दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे जंगल गए मवेशी वापस घर लौटकर आ गए, जबकि मवेशियों के साथ युवक नहीं लौटा। ऐसे में युवक को लेकर परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई। शव को नोच रहा था बाघ इसकी जानकारी देकर परिवार के लोग स्थानीय बीटगार्ड को साथ लेकर युवक को खोजने जंगल पहुंचे। युवक को खोजते हुए लगभग दो किलोमीटर अंदर जंगल में पहुंचे लोगों को खून के निशान दिखाई दिए। कुछ दूरी पर बाघ की मौजूदगी होने पर ग्रामीणों ने शोरगुल किया। काफी प्रयास के बाद युवक को मारने वाला बाघ दूर जंगल में चला गया।   क्षत-विक्षत हालत में मिला शव जानकारी के अनुसार मौके पर युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। हमलावर बाघ ने युवक के धड़ से सिर अलग कर दिया सिर और पैर का कुछ हिस्सा खा लिया था। बाघ के हमले में युवक की मौत से परिवार व क्षेत्रवासियों में शोक और डर का माहौल है। मौके पर पहुंचे पेंच टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मृतक के परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। गौरतलब है कि जिस स्थान पर बाघ ने युवक का शिकार किया है वह पेंच-कान्हा वन्यजीव कॉरीडोर में आता है। यहां पर वन्यप्राणियों की मौजूदगी और आवाजाही बनी रहती है।

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई, खरगे ने कहा कि चुनाव परिणामों से सबक लेकर कठोर निर्णय लेने होंगे

नई दिल्ली अखिल भारतीय कांग्रेस मुख्यालय में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली हार पर मंथन किया। बैठक में खरगे ने कहा कि चुनाव परिणामों से सबक लेकर कठोर निर्णय लेने होंगे। जवाबदेही तय करनी होगी और खामियों को दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि तीन राज्यों के परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे हैं। अंदरूनी कलह से होता है नुकसान कांग्रेस नेताओं ने पार्टी की कलह पर मंथन किया। उनका मानना है कि इसकी वजह से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एकजुटता की कमी और अपने ही पार्टी नेताओं के खिलाफ बयानबाजी से काफी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि जब तक हम एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी बंद नहीं करेंगे और एकजुट होकर चुनाव नहीं लड़ेंगे तब तक अपने विरोधियों को कैसे हरा पाएंगे। सभी को कड़ाई से अनुशासन का पालन करना होगा। सभी को यह सोचना होगा कि कांग्रेस पार्टी की जीत हमारी जीत है और पार्टी की हार हमारी हार है। हमारी ताकत पार्टी की ताकत में है।   ईवीएम पर उठाया सवाल बैठक में ईवीएम पर भी सवाल उठाया गया। खरगे ने कहा कि ईवीएम ने चुनावी प्रक्रिया को संदिग्ध बना दिया। देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। चुनाव परिणाम हमारे लिए संदेश हैं कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि I.N.D.I.A के दलों ने चार में से दो राज्यों पर सरकार बनाई है। मगर कांग्रेस का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। यह चुनाव रिजल्ट एक संदेश हैं। हमें चुनाव परिणामों से तुरंत सीख लेने और संगठनात्मक स्तर पर अपनी सभी कमजोरियों और कमियों को दूर करने की जरूरत है। हम माहौल का फायदा क्यों नहीं उठा पाए? खरगे ने कहा कि चुनाव के दौरान माहौल कांग्रेस के पक्ष में था। मगर सिर्फ माहौल का कांग्रेस के पक्ष में होना जीत की गारंटी नहीं है। हमें माहौल को नतीजों में बदलना सीखना होगा। क्या कारण है कि हम माहौल का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं? उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को कड़ी मेहनत करनी होगी। समय पर रणनीति बनानी होगी। बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना होगा। मतदाता सूची बनाने से मतगणना तक सतर्क और सावधान रहना होगा। चुनाव लड़ने के तरीके बदल गए हैं खरगे ने कहा कि जाति जनगणना आज एक अहम मुद्दा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ छह महीने पहले लोकसभा में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के पक्ष में जिस तरह के नतीजे आए, उसके बाद विधानसभा चुनाव के नतीजे राजनीतिक पंडितों की समझ से परे हैं। नतीजों को कोई भी अंकगणित सही नहीं ठहरा पा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि समय बदल गया है और चुनाव लड़ने के तरीके भी बदल गए हैं। पार्टी को अपनी सूक्ष्म संचार रणनीति को अपने विरोधियों से बेहतर बनाना होगा। प्रचार और गलत सूचना से लड़ने के तरीके भी खोजने होंगे। हमें पिछले परिणामों से सबक लेकर आगे बढ़ना होगा। कमियों को दूर करना होगा। आत्मविश्वास के साथ कठोर निर्णय लेने होंगे। बैठक में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे हैं।

‘लॉरेंस बिश्नोई को सरकार का मिल रहा संरक्षण!’, केंद्र सरकार पर भड़के केजरीवाल

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला किया है. उन्होंने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को सरकार का संरक्षण मिल रहा है. केजरीवाल ने कहा कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह दिल्ली में कहर बरपा रहा है. उन्होंने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई खुद साबरमती जेल में बंद है, जो भाजपा शासित राज्य है. वो वहां की जेल से दिल्ली में जबरन वसूली रैकेट कैसे चला रहा है? लॉरेंस बिश्नोई को सरकार का मिल रहा संरक्षण- अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कई आपराधिक घटनाओं का जिक्र भी किया. केजरीवाल ने कहा कि इनसे दिल्ली संभल नहीं रही है.दिल्ली विधानसभा में AAP विधायक ने कहा कि पिछले 10 सालों दिल्ली की कानून व्यवस्था बद से बदतर हो गई है. गृहमंत्री अमित शाह पर साधा निशाना आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2019 के बाद जब अमित शाह गृह मंत्री बने, उस समय से दिल्ली की हालत बद से बदतर होती चली गई है. अपराध को रोकने में वो असमर्थ दिख रहे हैं. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में हत्या की घटनाएं अक्सर हो रही हैं. लोगों को रंगदारी के लिए कॉल आ रहे हैं. खुलेआम गैंगवॉर और गोलीबारी हो रही है. केजरीवाल ने कहा कि जो हमने फिल्मों में देखा वो आज दिल्ली में हो रहा है. किडनैपिंग, महिलाओं का अपहरण, दुष्कर्म सब दिल्ली में रहा है.उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने में नाकाम है.

पीएम मोदी ने गोंदिया सड़क हादसे पर जताया दुख, स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता कर रहा

नई दिल्ली महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में शुक्रवार को हुए सड़क हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। साथ ही उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों और घायलों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है। पीएम मोदी ने बताया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता कर रहा है। गोंदिया में शुक्रवार को भीषण सड़क हादसे में एक बस पलट जाने के कारण 9 लोगों की मौत हो गई। हादसे में कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हादसा गोंदिया-कोहमारा राज्य महामार्ग पर ग्राम खजरी के पास हुआ। पीएम मोदी के कार्यालय ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार को पोस्ट किया, ”महाराष्ट्र के गोंदिया में बस दुर्घटना में लोगों की मृत्यु से व्यथित हूं। उन लोगों के प्रति संवेदना जिन्होंने अपने प्रियजन को खो दिया। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।” पोस्ट में आगे बताया गया, ”हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। ” इससे पहले महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हादसे पर दुख जताया और पीड़ितों को 10 लाख रुपये की तत्काल सहायता देने की घोषणा की। गोंदिया सड़क हादसे पर प्रदेश के कार्यवाहक डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि गोंदिया जिले में सड़क अर्जुनी के पास एक शिवशाही बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई और कुछ यात्रियों की मृत्यु हो गई। मैं दिवंगतों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हम उनके परिवार का दुख साझा करते हैं। इस घटना में घायल हुए लोगों का अगर किसी निजी अस्पताल में इलाज कराना भी पड़े तो उन्हें तुरंत ऐसा करने का निर्देश दिया गया है। मैंने गोंदिया के कलेक्टर से भी कहा है कि यदि आवश्यकता हो तो उन्हें नागपुर स्थानांतरित करने की व्यवस्था करें। मैं ईश्वर से इस घटना में घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”

वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही का जीडीपी डेटा जारी, राजकोषीय घाटे में आई कमी

नई दिल्ली राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही का जीडीपी डेटा जारी किया। जुलाई से सितंबर तिमाही में जीडीपी विकास दर 5.4 प्रतिशत रही है। हालांकि, जीडीपी वृद्धि में दूसरी तिमाही में धीमापन देखने को मिला है। लेकिन, भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी विकास दर अनुमान 7.2 प्रतिशत निर्धारित किया है। वित वर्ष 25 की दूसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की विकास दर 2.2 प्रतिशत, खनन और उत्खनन सेक्टर की विकास दर नकारात्मक -0.1 प्रतिशत, कृषि और उससे जुड़े सेक्टर की विकास दर 3.5 प्रतिशत और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की विकास दर 7.7 प्रतिशत रही है। ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग सर्विसेज की विकास दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 6 प्रतिशत रही है। तृतीयक क्षेत्र की विकास दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 7.1 प्रतिशत रही है । वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में रियल ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में 6 प्रतिशत बढ़ा है। इस दौरान सरकारी अंतिम उपभोग व्यय में 4.4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। देश की जीडीपी में निजी खपत की हिस्सेदारी 60 फीसदी है और विकास दर में तेजी भविष्य के लिए शुभ संकेत है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 के अप्रैल-अक्टूबर अवधि में राजकोषीय घाटा 7.51 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो कि पिछले साल 8.04 लाख करोड़ रुपये था। यह पूरे वित्त वर्ष के लक्ष्य 16.13 लाख करोड़ रुपये का 46.5 प्रतिशत है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अक्टूबर अवधि में कुल व्यय 24.74 लाख करोड़ रुपये रहा है, यह वित्त वर्ष 2023-24 की समान अवधि में 23.94 लाख करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2024-25 के अप्रैल से अक्टूबर के बीच कुल प्राप्तियां 17.23 लाख करोड़ रुपये रही है। यह पिछले साल समान अवधि में 15.91 लाख करोड़ रुपये थी। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से अक्टूबर के बीच पूंजीगत खर्च 4.67 लाख करोड़ रुपये रहा है। यह पिछले साल समान अवधि में 5.47 लाख करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2024-25 के अप्रैल-अक्टूबर अवधि में सकल कर आय 20.33 लाख करोड़ रुपये रही है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 18.35 लाख करोड़ रुपये थी।

2017-18 से लेकर अब तक महिलाओं की श्रम बल में भागीदारी में काफी बढ़ोतरी हुई: मंत्री शोभा करंदलाजे

नई दिल्ली श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने शुक्रवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि 2017-18 से लेकर अब तक महिलाओं की श्रम बल में भागीदारी में काफी बढ़ोतरी हुई है। नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 2017-18 में महिलाओं का श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 22 प्रतिशत था, जो अब 2023-24 में बढ़कर 40.3 प्रतिशत हो गया है। इसी तरह, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) 23.3 प्रतिशत से बढ़कर 41.7 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने बताया कि सरकार ने महिलाओं के लिए रोजगार सृजन और रोजगार क्षमता को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके तहत, सरकार ने मातृत्व अवकाश, लचीले कामकाजी घंटे और समान वेतन जैसे श्रम कानूनों में बदलाव किए हैं। सरकार ने महिला श्रमिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और अन्य योजनाओं को लागू किया है। इसके साथ ही, महिला श्रमिकों को प्रशिक्षण देने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों के नेटवर्क को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। बजट 2024-25 में सरकार ने 5 योजनाओं का ऐलान किया है, जिसके तहत 2 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय बजट से 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर सृजित होंगे। साथ ही, महिलाओं के लिए कामकाजी छात्रावास और क्रेच की भी योजना बनाई गई है।

संजय राउत ने महायुति और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला, कहा- ‘EVM का मंदिर बने, मोदी-शाह की मूर्तियां लगें’

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद सियासी दल बौखलाए हुए हैं। विपक्ष एमवीए की हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रहा है। इसी बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नेता संजय राउत ने महायुति और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। उनका कहना है कि ईवीएम का एक मंदिर बनना चाहिए और एक तरफ पीएम मोदी और दूसरी तरफ अमित शाह की मूर्तियां होनी चाहिए।   यह ईवीएम का कमाल संजय राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”महाराष्ट्र में महायुति की जीत के बाद से सरकार के सभी फैसले राज्य के बजाय दिल्ली में लिए जाएंगे।” राउत ने एक बार फिर ईवीएम पर संदेह जताते हुए दावा किया कि गठबंधन ”ईवीएम के कमाल” की वजह से खुश है। उन्होंने कहा, ”आजकल उनके चेहरों पर काफी खुशी है, लोकसभा चुनाव के बाद उनके चेहरों की चमक गायब हो गई थी, जो अब लौट आई है, यह ईवीएम का कमाल है। ईवीएम का एक मंदिर बनना चाहिए, इसमें तीन मूर्ति होनी चाहिए। एक तरफ पीएम और दूसरी तरफ अमित शाह और बीच में ईवीएम।” महाराष्ट्र के फैसले दिल्ली में लिए जाएंगे- राउत राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “गर्व, जो अब नहीं रहा। एकनाथ शिंदे और अजित पवार को अपने मुद्दे रखने के लिए बार-बार दिल्ली आना पड़ेगा। भले ही वे अलग-अलग पार्टियों से हैं, लेकिन उनका हाईकमान दिल्ली में है, मोदी और शाह उनके हाईकमान हैं।” उन्हें (एकनाथ शिंदे और अजित पवार) महाराष्ट्र में जो कुछ भी करवाना है, उसे दिल्ली से मंजूरी लेनी होगी, कल भी वे (दिल्ली में) मिले थे। तो अब महाराष्ट्र में बैठक कर वे क्या करेंगे? इसलिए मोदी और शाह जो भी आदेश दे रहे हैं, उन्हें सुनना होगा।” आत्मसम्मान जैसी कोई चीज नहीं बची उन्होंने आगे देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नेताओं की राजनीतिक यात्रा काफी घटनापूर्ण रही है, क्योंकि वे मुख्यमंत्री से उपमुख्यमंत्री (डीसीएम) तक बदलते रहे हैं। “पहले भी देवेंद्र फडणवीस सीएम थे, वे डीसीएम बन गए, एकनाथ शिंदे उनसे काफी जूनियर थे। एकनाथ शिंदे ने फडणवीस के मंत्रिमंडल में भी काम किया है, अचानक फडणवीस शिंदे के मंत्रिमंडल में काम करने लगे। महाराष्ट्र में जिस तरह की राजनीति हो रही है, उसमें अब आत्मसम्मान जैसी कोई चीज नहीं बची है।”

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