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दिल्ली विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान, पार्टी से कहूंगी आपके खिलाफ न उतारे कैंडिडेट, CM आतिशी का विजेंद्र गुप्ता को चैलेंज

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा विधायक दल के नेता विजेंद्र गुप्ता के सामने एक चैलेंज पेश की। आतिशी ने कहा कि अगर ऐसा हो जाता है तो वह पार्टी से कहेंगी कि रोहिणी से वह कैंडिडेट न उतारे। आतिशी ने तो यहां तक कहा कि वह गुप्ता के लिए प्रचार भी करेंगी। दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन बस मार्शलों के मुद्दे पर चर्चा हुई। चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि विजेंद्र गुप्ता जी बार-बार कहते हैं कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कहने पर बस मार्शलों को हटाया गया। आतिशी ने कहा, मैं भी मुख्यमंत्री हूं। मैं बार-बार एलजी साहब से कह चुकी हूं कि बस मार्शलों को वापस लगा लें। अगर वो मुख्यमंत्री की हर बात मानते हैं तो मेरी भी गुजारिश है कि वे बस मार्शलों को तुरंत प्रभाव से वापस लगा लें। मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा विधायक दल के नेता विजेंद्र गुप्ता को चैलेंज देते हुए कहा कि आप एलजी साहब से बस मार्शलों की नियुक्ति पर साइन करा लीजिए, मैं अपने पार्टी को मना लूंगी कि वह आपके खिलाफ रोहिणी से कोई कैंडिडेट खड़ा नहीं करे। यहां तक कि मैं आपके लिए वहां प्रचार करूंगी। आतिशी ने कहा कि हमारे लिए एक सीट मायने नहीं रखती। हमारे लिए बस मार्शलों की नियुक्ति मायने रखती है। दिल्ली की महिलाओं की सुरक्षा मायने रखती है। आतिशी ने कहा कि 13 नवंबर को दिल्ली सरकार के कैबिनेट द्वारा बस मार्शलों की नियुक्ति का जो प्रस्ताव भेजा गया है, एलजी साहब उसे पास कर दें और तुरंत प्रभाव से उन्हें नियुक्त कर दें। इससे पहले आतिशी ने कहा कि मैंने भी दिल्ली से पढ़ाई की है। कोई भी महिला जब डीटीसी बस से कॉलेज या नौकरी के लिए जाती हैं, तो बस के अंदर इनके साथ किस प्रकार दुर्व्यवहार होता है, मैं भलीभांति जानती हूं। नेता तो अपने काफिले में जाते हैं, उन्हें क्या पता इन लड़कियों का दर्द। दिल्ली की लड़कियां और महिलाओं का भाग्य उस दिन बदला जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने। अरविंद केजरीवाल पहले ऐसे नेता थे, जिन्होंने दिल्ली की लड़कियों और महिलाओं का दर्द समझा।

ऐशबाग स्थित जर्जर मकानों को हटायेंगे: वैध परिवारों को करेंगे विस्थापित: मंत्री श्री सारंग

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को मंत्रालय में नरेला विधानसभा अतंर्गत विभिन्न विकास कार्यों एवं द्वारकाधाम तथा गोकुलधाम कॉलोनी में विद्युत कनेक्शन के संबंध में कलेक्टर भोपाल श्री कौशलेंद्र सिंह, विद्युत वितरण कंपनी, नगर निगम, बीएचईएल, रेलवे, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में मंत्री श्री सारंग ने द्वारकाधाम और गोकुलधाम में बिजली की समस्या दूर करने के लिए द्वारकाधाम में बिजली सब स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिये। इसके लिए कॉलोनी के रहवासी और बिल्डर पूर्व की बकाया राशि को 5 किश्तों में जमा करेंगे। प्रथम किस्त 15 दिसंबर को बिल्डर द्वारा जमा की जाएगी। मंत्री और कलेक्टर के समक्ष इस संबंध में दोनों पक्षों ने रजामंदी दी। सुभाष नगर आर.ओ.बी. पर प्रस्तावित थर्ड लेग निर्माण के लिये मोतीनगर के अतिक्रमण तथा झुग्गियों के विस्थापन पर समय पर कार्यवाही न करने पर और अनुविभागीय अधिकारी, वृत्त एम.पी.नगर की उदासीनता पर मंत्री श्री सारंग ने नाराजगी व्यक्त की| बिल्डर और दोनों कॉलोनियों के रहवासी पांच किश्तों में जमा करेंगे बकाया बिजली बिल बैठक में द्वारकाधाम कॉलोनी एवं गोकुलधाम कॉलोनी द्वारा मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का बकाया बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर कॉलोनी के काटे गए कनेक्शन का स्थाई समाधान के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में द्वारकाधाम कॉलोनी की विद्युत की बकाया राशि 62 लाख रूपये एवं गोकुलधाम कॉलोनी की बकाया राशि 72 लाख रूपये की अदायगी के संबंध में आम सहमति बनी। कॉलोनीवासियों द्वारा अभी वर्तमान में 5 किश्तों में राशि जमा की जाएगी। बिल्डर द्वारा 5 किश्तों में 15 दिसम्बर से राशि जमा की जाएगी। कॉलोनी में प्राथमिकता के आधार पर विद्युत सब स्टेशन एवं अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। वहीं जिन रहवासियों द्वारा बिजली बिल जमा नहीं किए जा रहे हैं उनसे भी वसूली की जायेगी। रहवासियों को किश्त के साथ ही वर्तमान बिजली का बिल भी भरते रहना होगा मंत्री श्री सारंग की पहल पर की गई कार्रवाई से दोनों कॉलोनियों को विद्युत विच्छेदन की समस्या से भी निजात मिली है। वहीं रहवासियों को किश्त के साथ ही वर्तमान बिजली का बिल भी भरते रहना पड़ेगा। अतिरिक्त राशि से दोनों कॉलोनियों को विकसित किया जाएगा। उन्होंने दोनों कॉलोनियों की बिजली पानी की समस्या का निराकरण करने भी निर्देश दिये। इसके साथ ही दोनों कॉलोनियों को विकसित करने के लिये प्लान तैयार किया जाये। इससे बिजली का इंटरनल नेटवर्क भी सुव्यवस्थित होगा। विकास नगर और अन्ना नगर में बिजली समस्या होगी दूर मंत्री श्री सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत अन्नानगर, विकास नगर, बौद्ध बिहार, कैलाश नगर, सुदामा नगर, पुराना नगर के रहवासियो को स्थाई विद्युत कनेक्शन देने के संबंध में निर्णय लिया। अनुविभागीय अधिकारी एम.पी.नगर. अपनी सर्वे रिपोर्ट म.प्र. विद्युत वितरण कंपनी को प्रस्तुत करेंगे। उसके बाद रहवासियों के आवेदन प्राप्त होने पर कंपनी के द्वारा ऐसे रहवासियों से विहित शुल्क जमा कराकर स्थाई कनेक्शन दिया जाएगा। विद्युत वितरण की अधोसंरचना निर्माण के लिये प्राक्कलन राशि को समान रूप से रहवासियों के द्वारा जमा कराया जाएगा। इस पर बी.एच.ई.एल. के अधिकारियों द्वारा सहमति दी गई। मोतीनगर के अतिक्रमण तथा झुग्गियों के विस्थापन पर लिया निर्णय बैठक में नवनिर्मित सुभाष नगर आर.ओ.बी. पर प्रस्तावित थर्ड लेग निर्माण के लिये मोतीनगर के अतिक्रमण तथा झुग्गियों के विस्थापन पर निर्णय लिया गया। कलेक्टर भोपाल 7 दिवस में कार्यवाही पूरी करें जिससे रेल्वे की योजना को समय सीमा में पूरा किया जा सके। वैध परिवारों को विस्थापित कर ऐशबाग स्थित जर्जर मकानों को हटाया जायेगा मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि ऐशबाग क्षेत्र में जर्जर मकानों में रह रहे वैध 50 परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किया जाए। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड को निर्देशित किया कि इन परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। जर्जर मकानों को धराशायी करने की प्रक्रिया पुनर्वास कार्य पूरा होने के तुरंत बाद शुरू होगी। मंत्री श्री सारंग ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि इस कार्यवाही में पारदर्शिता और तत्परता सुनिश्चित की जाए। एमपी नगर एसडीएम की उदासीनता पर मंत्री सारंग हुए नाराज सुभाष नगर आर.ओ.बी. पर प्रस्तावित थर्ड लेग निर्माण के लिये मोतीनगर के अतिक्रमण तथा झुग्गियों के विस्थापन पर समय पर कार्यवाही नहीं करने पर और अनुविभागीय अधिकारी, वृत्त एम.पी.नगर की उदासीनता पर मंत्री सारंग ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अब अगर समय पर एसडीएम ने कार्य नहीं किया तो उनको वहां से हटाने की कार्रवाई की जाये।  

निवेश के लिए आमंत्रित किया है कि वह हमारे लिए मेहमान नहीं, बल्कि परिवार का अंग हैं : यादव

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जर्मनी के निवेशकों को ये कहते हुए मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है कि निवेशक हमारे लिए मेहमान नहीं, बल्कि परिवार का अंग हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव कल म्यूनिख (जर्मनी) में अपनी 3 दिवसीय यात्रा के प्रथम दिन इन्टरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भोपाल में फरवरी माह में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में आने के लिए जर्मनी के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने निवेशकों के हित में जटिलताओं को समाप्त/सरलीकृत कर प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को दूर करने का काम किया है। निवेशकों को प्रदेश में उद्योग लगाने पर बिजली और पानी की कमी नहीं आने दी जायेगी। निवेशक हमारे लिये मेहमान नहीं, हमारे परिवार का एक अंग हैं। उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने दी जाएगी। प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के लिये भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जर्मनी के अतीतकाल से बहुत गहरे संबंध है। यूरोप के सभी देशों से तुलना की जाए तो जर्मनी मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा निवेश करने वाला देश है। हम जर्मनी के साथ एक नई तरह की साझेदारी चाहते हैं, जो केवल व्यापार तक ही सीमित न हो। हम चाहते हैं कि जर्मनी की कम्पनियां अपनी उन्नत तकनीक के साथ मध्यप्रदेश में निवेश करें। मध्यप्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक और मानव संसाधनों के साथ जर्मनी की तकनीक का संगम हो। मध्यप्रदेश आज भारत की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हमारी अर्थव्यवस्था पिछले एक दशक में तीन गुना बढ़ी है। विकास दर दोहरे अंक में है। एक पॉवर सरप्लस स्टेट है। ग्रीन एनर्जी की दिशा में प्रदेश काफी आगे बढ़ा है। इसके साथ ही पर्याप्त जल और भूमि की उपलब्धता भी मध्यप्रदेश की विशेषता है। इस अवसर पर डॉ. यादव ने जर्मन विद्वान मैक्स मूलर का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय ग्रंथों और वेदों का जर्मनी सहित अन्य भाषाओं में अनुवाद किया। वे संस्कृत के भी विद्वान थे। स्वामी विवेकानंद भी उनकी प्रतिभा की प्रशंसा करते थे। जर्मनी ने विश्व युद्ध सहित अनेक कठिनाईयों का सामना किया है, लेकिन जर्मनी के नागरिकों की जीवटता सराहनीय है। डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का इकलौता प्रदेश कहा जा सकता है, जहाँ उद्योग संबंधी सभी प्रकार की अनुमतियाँ और स्वीकृतियाँ मात्र 30 दिन में दी जाती हैं। इस महत्वपूर्ण विभाग की मॉनीटरिंग उत्साही, जिज्ञासु और कर्मठ अधिकारियों के हाथों में है। इसके अतिरिक्त वे स्वयं निरंतर इस विभाग की मॉनीटरिंग करते हैं। ‘इन्वेस्ट अपोर्चुनिटीज इन एमपी’ के लिए गुरुवार को जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करते हुए जर्मनी में भारत के कौंसुलेट जनरल शत्रुघन सिन्हा ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का भौगोलिक हृदय प्रदेश तो है ही, साथ ही यह भारत के आर्थिक विकास का भी प्रमुख गंतव्य बन रहा है। श्री सिन्हा ने बताया कि यहां 5 पूर्ण विकसित हवाई अड्डे, 4 हजार किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग और विस्तृत रेलवे नेटवर्क है। मध्यप्रदेश के शहरों से देश के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक किसी भी स्थान पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। मध्यप्रदेश में एडिटिव प्लास्टिक उत्पादक कंपनी बेयरलोशर के चेयरमेन डॉ. रोसेन्थाल ने मध्यप्रदेश में उद्यमिता के अपने 25 वर्ष के अनुभव साझा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में उनका इतना अच्छा अनुभव रहा कि उनकी कंपनी ने दुनिया भर के 15 प्लांट्स में सबसे बड़ा प्लांट मध्यप्रदेश में स्थापित किया। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने कहा कि मध्यप्रदेश, भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में योगदान देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और प्रगतिशील प्रशासन के साथ राज्य इस राष्ट्रीय दृष्टिकोण में एक प्रमुख भूमिका निभाने के लिए तैयार है।  

भाजपा की नई रणनीति को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ी, नए मंत्रिमंडल से सीनियर नेताओं को बाहर किया जा सकता है

महाराष्ट्र महाराष्ट्र चुनाव में महायुति गठबंधन की जीत के बाद मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर ऐलान का इंतजार है। राज्य मंत्रिमंडल के गठन के लिए भी कोशिशें तेज हैं। इस बीच, भाजपा की नई रणनीति को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। सूत्रों की मानें तो महायुति के नए मंत्रिमंडल से सीनियर नेताओं को बाहर किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि युवा विधायकों को मौका देने की तैयारी है। बीजेपी के नेतृत्व वाली की सरकार में नई ऊर्जा भरने और भविष्य के चुनावों को ध्यान में रखते हुए इसे अहम माना जा रहा है। फिलहाल, पार्टी आलाकमान स्तर तक मुख्यमंत्री पद के नाम पर चर्चा चल रही है। इसके बाद देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार और एकनाथ शिंदे अपनी-अपनी पार्टियों के कैबिनेट मंत्रियों के नाम आगे बढ़ाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा आलाकमान की ओर से तीनों नेताओं को एक रिपोर्ट सौंपी गई थी। इसमें बदलाव की जरूरत पर जोर दिया गया। हालांकि, लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन न हो पाने पर इस योजना को टाल दिया गया। सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र कैबिनट से किन चेहरों को बाहर किया जाएगा, यह काफी हद तक तय किया जा चुका है। इसे देखते हुए ही कहा जा रहा है कि अगले मंत्रिमंडल में तीनों दलों से नए चेहरे शामिल होंगे। कुछ दिग्गजों को आराम दिया जाएगा। हालांकि, उन्हें गठबंधन या अपने-अपने दलों के लिए काम करते रहना होगा। ‘50 साल से कम आयु के विधायकों को मिलेगा मौका’ सूत्रों की मानें तो भाजपा 50 साल से कम आयु के विधायकों को मंत्री पद के लिए प्राथमिकता देना चाहती है। इसका मकसद युवा मतदाताओं को पार्टी की ओर से आकर्षित करना है। ऐसा करने से अगले चुनाव में मजबूत प्रदर्शन की संभवना बढ़ जाएगी। नए लोग पार्टी और गठबंधन से जुड़ने के लिए आगे आएंगे। यह जरूर है कि इस घटनाक्रम को लेकर सीनियर विधायकों में चिंता पैदा हो गई है। कई लोगों को अपना मंत्री पद खोने का डर सताने लगा है। हालांकि, यह बात भी निकलकर सामने आ रही कि युवा और अनुभवी चेहरों के साथ मंत्रिमंडल में संतुलन बैठाने का प्रयास किया जाएगा। अजित पवार पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के भी आज राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने की उम्मीद है, जहां सीएम पद पर अंतिम मुहर लग सकती है।

उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विजयी उम्मीदवारों को शपथ दिलाई, मोदी-योगी के नेतृत्व पर जताई निष्ठा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और प्रभावी रणनीति के चलते उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकदल ने उपचुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 में से 7 सीटों पर जीत हासिल की। इसके बाद शुक्रवार को विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सभी विजयी उम्मीदवारों को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे प्रदेश के विकास और जनता की आस्था की जीत बताया। जिन नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ली उनमें कुंदरकी से रामवीर सिंह, फूलपुर से दीपक पटेल, खैर से सुरेंद्र सिंह, गाजियाबाद से संजीव शर्मा, कटेहरी से धर्मराज निषाद, मझवां से सुचिस्मिता मौर्य और मीरापुर से रालोद की मिथलेश पाल शामिल हैं। इन सभी उम्मीदवारों ने जनता के विश्वास और समर्थन का धन्यवाद करते हुए अपने क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। सभी ने एक स्वर में ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प को दोहराया, साथ ही मोदी-योगी के नेतृत्व के प्रति अपनी निष्ठा जताई। शपथ ग्रहण समारोह के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नवनिर्वाचित सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का सदस्य होना गौरव की बात है। जनता की सेवा का अवसर आपको मिला है। मुख्यमंत्री के कार्यों को लेकर अगर जनता के बीच में जाएं तो हर बार जीत आपको मिलेगी। आपके पास ढाई साल का समय है, उसे जनता के बीच ज्यादा से ज्यादा व्यतीत करें। इसके साथ ही आपकी उपस्थिति विधानसभा में भी दिखनी चाहिए। यहां आपकी परफॉर्मेंस ही जनता के बीच आपकी सक्रियता के संदेश के रूप में जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री द्वय केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना सहित कई विधायक मौजूद रहे। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास और पारदर्शी प्रशासन पर जोर दिया गया है। उनकी सरकार की जनहितकारी योजनाओं जैसे उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व सड़क परियोजनाओं ने लोगों का विश्वास मजबूत किया है। इसके अलावा, प्रदेश में अपराध नियंत्रण और धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार जैसे कदमों ने योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता को और बढ़ावा दिया है। परिणामस्वरूप यूपी विधानसभा उप चुनाव में भाजपा और सहयोगी दल रालोद के शानदार प्रदर्शन ने पार्टी के उत्साह में गजब का इजाफा किया है। वहीं, उपचुनाव में समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के तमाम दावे ध्वस्त हो गए। गठबंधन की तमाम कोशिशों और बड़े बड़े दावों के बावजूद, विपक्षी दल अपनी साख बचाने में नाकाम रहे। भाजपा और सहयोगी दलों की इस जीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता का भरोसा योगी सरकार पर कायम है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भाजपा ने प्रदेश में अपनी मजबूत स्थिति का प्रमाण दिया है।

कोलकाता में सड़कें जाम रहीं, बांग्लादेश में चल रहे संकट के खिलाफ हिंदू सड़कों पर, मुसलमान भी कर रहे हैं विरोध

कोलकाता पश्चिम बंगल की राजधानी कोलकाता में सड़कें जाम रहीं। हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों ने बांग्लादेश में चल रहे संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया, वहीं मुस्लिम संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में प्रदर्शन किया। पश्चिम बंगाल स्टेट जमीयत-उल-उलमा की तरफ से विरोध में एक सभा आयोजित की गई। शहर के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग इस विरोध में शामिल हुए। उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ आवाज उठाई और साथ ही एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य की भी मांग की। इस सभा को जमीयत-उल-उलमा पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष और राज्य के जन शिक्षा विस्तार व पुस्तकालय सेवा मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा, “भारत का संविधान हर नागरिक को स्वतंत्रता प्रदान करता है। यदि कोई संविधान में छेड़छाड़ करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ विरोध होगा। वक्फ संशोधन विधेयक के माध्यम से सरकार ने सीधे संविधान पर हमला किया है। यह मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को छीनने और वक्फ संपत्तियों को नष्ट करने की साजिश है।” हिंदू संगठनों का प्रदर्शन वहीं दूसरी ओर हिंदू संगठनों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे कथित अत्याचारों पर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ा रुख अपनाने की मांग की। कोलकाता में यातायात व्यवस्था चरमराई इन दोनों बड़े प्रदर्शनों के चलते कोलकाता की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शहर के महत्वपूर्ण मार्गों पर जाम लगा रहा और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सरकार के खिलाफ बढ़ता विरोध मुस्लिम संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि वक्फ संशोधन विधेयक वापस नहीं लिया गया, तो राज्यभर में व्यापक प्रदर्शन किए जाएंगे। दूसरी ओर, हिंदू संगठनों ने भी बांग्लादेश के मामले पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। राजनीतिक हलकों में इन प्रदर्शनों को लेकर चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ बंगाल में विरोध की यह लहर और तेज हो सकती है।

एमपी नगर थाने के पास हुआ दर्दनाक हादसा, बस ने बाइक सवार तीन लोगों को रौंदा, दो लोगों की मौत

 भोपाल शहर के एमपी नगर इलाके में शुक्रवार सुबह एक तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार तीन लोगों को रौंद दिया। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पर उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। टक्कर मारने के बाद बाइक को बस करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गई थी। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। थाने के पास हुआ हादसा एमपी नगर थाना पुलिस के मुताबिक बाइक क्रमांक एमपी 20 एनएम 7243 पर सवार तीन युवक थाने से चंद मीटर दूर डीबी मॉल की ओर आ रहे थे। तभी पीछे से तेज रफ्तार से आ रही पुष्प ट्रैवल्स की बस क्रमांक एमपी 04 पीए 2336 ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मारते हुए रौंद दिया। हादसे में दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि उनका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों की फिलहाल पहचान नहीं हो सकी है। घटना की खबर लगते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतकों के शव बरामद कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिया। इसके साथ ही पुलिस ने घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस मृतकों की पहचान करने में जुटी हुई है। पुलिस ने टक्कर मारने वाली बस के साथ-साथ बाइक को भी जब्त कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जाच में जुटी हुई है।

WTC Final की रेस में बने रहने के लिए सीरीज के साथ -साथ भारत को ऑस्ट्रेलिया से जीतने होंगे इतने मैच, मुश्किल है गणित

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट मैच में 295 रनों से जीत हासिल की थी. ऑस्ट्रेलियाई धरती पर भारतीय टीम की ये सबसे बड़ी टेस्ट जीत रही. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की लीड ले ली. अब दोनों टीमों के बीच दूसरा टेस्ट 6 दिसंबर (शुक्रवार) से एडिलेड ओवल में खेला जाएगा. WTC फाइनल के लिए 5 टीमें रेस में… पर्थ टेस्ट में जीत के चलते भारतीय टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) की अंकतालिका में भी फायदा पहुंचा. भारतीय टीम WTC टेबल में फिर से पहले नंबर पर आ गई. WTC की ताजा अंकतालिका पर नजर डालें तो इसमें फिलहाल भारत और ऑस्ट्रेलिया का दबदबा दिख रहा है. इसके अलावा साउथ अफ्रीका, श्रीलंका और न्यूजीलैंड की टीमें भी फाइनल की रेस में हैं. जबकि पाकिस्तान समेत चार टीमें फाइनल की रेस से पूरी तरह बाहर हो चुकी हैं. फाइनल मुकाबला जून 2025 में क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स में खेला जाना है. भारतीय टीम के अब तक 15 मैचों में 9 जीत, 5 हार और एक ड्रॉ से 110 अंक हैं. उसके अंकों का प्रतिशत 61.11 प्रतिशत है. भारत को मौजूदा चक्र में 4 मैच और खेलने हैं, जो ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ हैं. उधर WTC टेबल में ऑस्ट्रेलिया दूसरे स्थान पर है. कंगारू टीम के 13 मैच में 8 जीत, चार हार एवं एक ड्रॉ से 90 अंक हैं. उसका अंक प्रतिशत 57.69 है. उधर श्रीलंका की टीम तीसरे स्थान पर है. श्रीलंका के नौ मैचों में 55.56 प्रतिशत अंक हैं. वहीं न्यूजीलैंड चौथे, साउथ अफ्रीका पांचवें और इंग्लैंड छठे पायदान पर है. जबकि पाकिस्तान सातवें, वेस्टइंडीज आठवें और बांग्लादेश नौवें नंबर पर है. हालांकि इंग्लैंड, पाकिस्तान, बांग्लादेश और वेस्टइंडीज फाइनल की रेस से आउट हो चुका है. भारत को WTC फाइनल में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बाकी के चार में से तीन टेस्ट जीतने होंगे और एक मुकाबले को ड्रॉ कराना होगा. अगर भारतीय टीम एक भी मैच गंवाती है तो उसे दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भर रहना होगा. भारतीय टीम अधिकतम 69.30% अंकों तक पहुंच सकती है. ऑस्ट्रेलिया को अपने दम पर WTC फाइनल में पहुंचने के लिए 6 में से पांच मुकाबले जीतने होंगे. ऑस्ट्रेलियाई टीम को भारत के खिलाफ अपने घर पर चार और टेस्ट मैच खेलने हैं. फिर श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए उसे भारतीय उपमहाद्वीप का दौरा करना है. श्रीलंका के लिए भी समीकरण साफ है. उसे WTC फाइनल में पहुंचने के लिए चाारों मुकाबले जीतने होंगे. श्रीलंका फिलहाल साउथ अफ्रीका के खिलाफ उसकी धरती पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है. फिर उसे अपने घर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज की मेजबानी करनी है. न्यूजीलैंड ने हाल ही में भारत के खिलाफ उसकी धरती पर टेस्ट सीरीज में 3-0 से जीत हासिल की थी. इसके बावजूद न्यूजीलैंड के लिए समीकरण अब भी मुश्किल है. कीवी टीम फिलहाल इंग्लैंड के खिलाफ अपने घर पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है. यदि कीवी टीम इन तीनों मैचों में जीत हासिल कर लेती है, तो ही उसके लिए कुछ चांस बनेगा. साउथ अफ्रीका के लिए भी समीकरण काफी स्पष्ट है. साउथ अफ्रीकी टीम यदि चारों मैच जीत लेती है तो वह फाइनल में पहुंच जाएगी. साउथ अफ्रीकी टीम फिलहाल श्रीलंका के खिलाफ अपने घर पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है. फिर उसे दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए पाकिस्तानी टीम की भी मेजबानी करनी है. फाइनल का समीकरण (दूसरे नतीजों पर निर्भर रहे बिना) ऑस्ट्रेलिया: 6 में से 5 जीतने पर भारत: चार में 3 जीत और एक ड्रॉ श्रीलंका: चार में से चार जीतने पर न्यूजीलैंड: 3 में से 3 जीतने पर* साउथ अफ्रीका: 4 में से 4 जीतने पर बता दें कि वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का यह तीसरा चक्र है, जो 2023 से 2025 तक चलेगा. इस तीसरे चक्र के लिए आईसीसी प्वाइंट्स सिस्टम से जुड़े नियमों को पहले ही रिलीज कर चुकी है. टेस्ट मैच जीतने पर टीम को 12 अंक, मैच ड्रॉ होने पर 4 अंक और मुकाबला टाई होने पर 6 प्वाइंट मिलेंगे. वहीं मैच जीतने पर 100 फीसदी, टाई होने पर 50 फीसदी, ड्रॉ होने पर 33.33 फीसदी और हार पर शून्य फीसदी अंक जोड़े जाएंगे. किसी दो मैच की सीरीज में कुल 24 प्वाइंट और पांच मैच की सीरीज में 60 अंक उपलब्ध होंगे. चूंकि प्वाइंट्स टेबल में जीत प्रतिशत के आधार पर रैंकिंग का प्राथमिक तौर पर निर्धारण होता है.  

हंगामा नहीं थमा तो श्री बिरला ने सदस्यों से कहा- देश की जनता चाहती है कि उनके सवाल यहां पर उठे, नहीं चला प्रश्नकाल

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों ने आज फिर हंगामा और शोरशराबा किया जिसके कारण सदन में प्रश्नकाल बाधित रहा और अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई विपक्ष के सदस्य अपनी मांगों को लेकर खड़े हो गए और सदन में चर्चा की मांग करने लगे। अध्यक्ष ने सदस्यों की बात अनसुनी कर प्रश्न काल जारी रखा तो विपक्षी दलों के सदस्यों का हंगामा तेज हो होने लगा। प्रश्नकाल में सबसे पहला मुद्दा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का आया जिसमें मंत्री, सदस्य का सवाल और शोर शराबे के कारण सुन नहीं पाए और उन्होंने दोबारा प्रश्न करने का आग्रह किया। हंगामे के बीच सदस्य ने दोबारा सवाल किया जिसका स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेप नड्डा ने लंबा जवाब दिया लेकिन शोर शराबे में कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था। हंगामा नहीं थमा तो श्री बिरला ने सदस्यों से कहा “ देश की जनता चाहती है कि उनके सवाल यहां पर उठे। यह सदन उनकी आशा और आकांक्षा का मंदिर है और उसमें सबको सहयोग करना चाहिए। आज महत्वपूर्ण विषय है। प्रश्नकाल आपका समय है इसलिए आपसे आग्रह है कि प्रश्नकाल चलने दें। देश की जनता माननीय सांसदों के बारे में और अपने मुद्दों को लेकर चिंता कर रही है। सदन सबका है इसलिए सदन चलने दीजिए। आपके जो मुद्दे हैं उन सब पर बोलने का आप सबको मौका दिया जाएगा।”  

खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने ओडिशा में होने वाले पुलिस कार्यक्रम में बाधा डालने का बनाय प्लान

ओडिशा खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने ओडिशा में होने वाले पुलिस कार्यक्रम में बाधा डालने का प्लान बनाय है। खबर है कि पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) और पुलिस महानिरीक्षकों (आईजीपी) का सालाना अखिल भारतीय सम्मेलन को लेकर धमकी जारी की है। फिलहाल, इसे लेकर पुलिस की तरफ से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पन्नू ने वीडियो में कहा, ‘भुवनेश्वर सिर्फ मंदिर का शहर नहीं है, बल्कि आतंक का भी शहर है जहां CISF, BSF, CRPF, NSG, NIA और IB के 200 आतंकवादी अमित शाह के नेतृत्व में बैठक कर रहे हैं, जिसने शहीद निज्जर को मारने में भूमिका निभाई। हिंसक हिन्दुत्व विचारधारा के प्रभाव में खालिस्तान समर्थक सिखों, कश्मीरी लड़ाकों, नक्सलों और माओवादियों को मारने की साजिश करने वाले डीजीपी की आंतकी कॉन्फ्रेंस में बाधा डालें और रोके।’ आगे कहा, ‘नक्सलों और माओवादियों, कश्मीरी लड़ाकों, मैं अपील करता हूं कि अपने मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए भुवनेश्वर के होटलों और मंदिरों में कवर लें।’ इस सम्मेलन में आंतरिक सुरक्षा, जम्मू-कश्मीर और खालिस्तान समर्थक तत्वों सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल एवं अन्य गणमान्य लोग इस तीन दिवसीय सम्मेलन में शामिल होंगे जहां साइबर अपराध, एआई उपकरणों से उत्पन्न चुनौतियों तथा ड्रोन से पैदा होने वाले खतरों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि डीजीपी और आईजीपी रैंक के लगभग 250 अधिकारी सम्मेलन में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेंगे, जबकि 200 से अधिक अन्य अधिकारी डिजिटल तरीके से हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन उन ठोस उपलब्धियों की पहचान करने तथा उनकी प्रगति की निगरानी करने का अवसर भी प्रदान करता है, जिसे हर वर्ष प्रधानमंत्री के समक्ष भी प्रस्तुत किया जाता है। वर्ष 2013 तक यह वार्षिक सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया जाता था। उसके अगले साल जब, मोदी सरकार के सत्ता में आयी, तब गृह मंत्रालय (एमएचए) और खुफिया ब्यूरो (आईबी) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय राजधानी के बाहर आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जर्मनी यात्रा ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। गुरूवार को डॉ. यादव ने निवेशकों से मिलने के बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटित की। यह निर्णय मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। भोपाल को मिलेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र का दर्जा भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा ने प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है, जहां व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया ने ही जर्मन कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार की प्रेरणा दी है। भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाएगी, बल्कि इसे प्रदेश के समग्र विकास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस ऐतिहासिक यात्रा ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है।  

पॉर्नोग्राफी मामले में फिर बढ़ीं शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की मुश्किलें, घर और दफ्तर में ED की छापेमारी

मुंबई ईडी ने शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के घर और ऑफिसों पर छापेमारी की है। मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए अश्लील कंटेंट बनाने और इसे बेचने से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में ED ने कपल के घर पर छापेमारी की है। ईडी की जांच 2021 के मुंबई पुलिस मामले पर आधारित है। राज कुंद्रा को इससे पहले जुलाई 2021 में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। राज कुंद्रा ने मामले में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया था। इस साल की शुरुआत में राज कुंद्रा ईडी के जाल में फंस गए थे, जब मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत मुंबई के जुहू में एक फ्लैट, पुणे में एक बंगला और 98 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयरों सहित उनकी संपत्ति जब्त कर ली गई थी। कब शुरू हुई कानूनी परेशानी! दोनों की ये कानूनी परेशानी 2018 में ईडी की शुरू की गई जांच के बाद आई, जब उन्होंने पोंजी स्कीम में शामिल होने के लिए अमित भारद्वाज की जांच शुरू की। जबकि शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा को शुरू में संदिग्धों के तौर पर देखा जा रहा था। राज और शिल्पा दोनों ने अपनी बेगुनाही बरकरार रखते हुए दावा किया कि उन्होंने ईडी की जांच में पूरा सहयोग किया है। राज ने कई सम्मनों में भाग लिया और शिल्पा ने भी सभी पेपर दिखाए। पति-पत्नी ने दी चुनौती बाद में, राज और शिल्पा ने अपनी प्रॉपर्टीज को खाली करने के लिए ईडी के नोटिस को चुनौती दी, जिसमें जुहू में उनका मुंबई का घर और पुणे के पास एक फार्महाउस भी शामिल था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बेदखली आदेश पर रोक लगाकर उन्हें अंतरिम राहत दी थी। कब गिरफ्तार हुए राज कुंद्रा? राज कुंद्रा को जुलाई 2021 में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था जब चार महिलाओं ने शिकायत की थी कि एक वेब सीरीज में एक्टिंग का काम देने का वादा करने के बाद उन्हें अश्लील कंटेंट शूट करने के लिए मजबूर किया गया था। उन्हें सितंबर में आर्थर जेल से रिहा किया गया था।

संभल जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट तैयार नहीं! अब 8 जनवरी को सुनवाई करेगा कोर्ट

संभल  उत्तर प्रदेश के संभल में हलचल काफी गरम है। संभल कोर्ट में जामा मस्जिद सर्वे रिपोर्ट पेश की जानी थी, लेकिन कोर्ट कमिश्नर के अनुरोध पर सुनवाई को आगे टाल दिया गया। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 8 जनवरी की तिथि निर्धारित की है। 19 नवंबर को संभल कोर्ट ने शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर मामले में कोर्ट कमिश्नर की अगुआई में जांच का आदेश दिया था। कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में वकीलों की टीम ने मस्जिद का सर्वे किया। 1875 में शाही जामा मस्जिद का निर्माण कराया गया है। इस सर्वे में गणेश जी प्रतिमा का जिक्र किया गया था। टीले पर बनी इमारत को लेकर दावे किए गए थे। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर हिंदू पक्ष मंदिर पर मस्जिद होने का दावा कर रहा है। हालांकि, अब कोर्ट कमिश्नर का बयान सामने आया है कि आज वे रिपोर्ट पेश नहीं करेंगे। 8 जनवरी को अब अगली सुनवाई शाही जामा मस्जिद सर्वे के मामले में अब अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी। चंदौसी कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से कई सवाल किए गए। मुस्लिम पक्ष ने हिंदू पक्ष से शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर बताने के किए जा रहे दावों का साक्ष्य पेश किया जाए। मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट की सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि अब आगे सर्वे नहीं होगा। संभल में हिंसा के कारण सर्वे रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। मुस्लिम पक्ष के वकील ने दावा किया कि शाही जामा मस्जिद का अब दोबारा सर्वे नहीं होगा। आगे सर्वे लिए कोर्ट से इजाजत लेनी होगी। वहीं, कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से भी मस्जिद को लेकर कागजात की मांग की गई है। वहीं, कोर्ट कमिश्नर रमेश राघव ने कहा कि हिंसा के कारण रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। इस कारण 10 दिन और समय की मांग की गई। रिपोर्ट के लिए मांगेंगे समय संभल कोर्ट कमिश्नर रमेश राघव ने कहा कि चंदौसी कोर्ट में शाही जामा मस्जिद सर्वे की रिपोर्ट पेश नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम कोर्ट से 10 दिनों का समय मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट पूरी करने के बाद ही इसे जमा कराया जाएगा। 19 नवंबर को कोर्ट के आदेश के बाद कमिश्नर टीम ने शाही जामा मस्जिद का जायजा लिया था। 2 घंटे जांच की थी। इसके बाद रविवार 24 नवंबर को सर्वे किया गया। इस दौरान संभल में बवाल मच गया। अब कोर्ट कमिश्नर को अपनी रिपोर्ट पेश करनी है। एएसआई के वकील पहुंचे कोर्ट एएसआई के वकील विष्णु गुप्ता संभल जिला कोर्ट पहुंच गए हैं। संभल से आ रही जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को कोर्ट में केवल जामा मस्जिद सर्वे के मुद्दे पर सुनवाई होनी है। इसके अलावा कोई कार्य नहीं होना है। सर्वे रिपोर्ट पेश किए जाने के बीच बढ़ी हलचल के बीच संभल डीएम और एसपी भी कोर्ट पहुंचे हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि आज रिपोर्ट को कोर्ट में पेश नहीं किया जा सकता है। 1875 के सर्वे रिपोर्ट में क्या? यूपी के संभल स्थित शाही जामा मस्जिद के 1875 सर्वे की रिपोर्ट सामने आई है। इसके तहत दावा किया जा रहा है कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया था। सर्वे रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मंदिर के चारों तरफ भगवान की आकृतियां दिखाई दी। वहां पर एक गणेश जी की प्रतिमा का जिक्र किया गया है, जिसको नष्ट करने का प्रयास किया गया था।

घंटेभर से बाथरूम में थी नई नवेली दुल्‍हन, बंद था दरवाजा; घरवालों ने खोलकर देखा तो रह गए दंग

बरेली  विवाह के पांच दिन बाद विवाहिता की मृत्यु हो गई। स्वजन के अनुसार नहाते वक्त बाथरुम में गैस गीजर फटने से मृत्यु हुई। पुलिस ने मौत का कारण जानने को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बुलंदशहर के गांव काले का नगला निवासी सूरजपाल की बेटी दामिनी का विवाह 22 नवंबर को भोजीपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम पीपलसाना निवासी जसवंत सिंह यादव के बेटे दीपक यादव के साथ हुआ था। ससुराल वालों के अनुसार, बुधवार की सुबह दामिनी नहाने के लिए बाथरूम गई थी, लेकिन एक घंटे बाद तक बाहर नहीं निकली। बाथरूम में बेसुध पड़ी थी दाम‍िनी इस पर उन्होंने बाथरूम का दरवाजा तोड़ दिया। बाथरूम के अंदर देखा तो दामिनी बेसुध पड़ी थी। स्वजन उसे उपचार को एसआरएमएस ले गए, जहां डॉक्‍टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जसवंत सिंह यादव ने बताया कि उनका बेटा दीपक केंद्रीय मंत्रालय दिल्ली में नौकरी करता है। थाना प्रभारी प्रवीण सोलंकी ने बताया कि दोनों पक्षों के स्वजन ने बताया कि गैस गीजर फटने से दामिनी की मृत्यु हुई है, लेकिन मौत के सही कारणों का पता करने को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। ममेरी बहन की शादी में आ रहे युवक की हादसे में मौत, पत्नी घायल उधर, रामपुर में ममेरी बहन की शादी में दिल्ली से पत्नी के साथ आ रहे युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई, जबकि पत्नी घायल हो गई। हादसे से मृतक के घर पर मातम छा गया। थाना पटवाई के रहटगंज गांव निवासी हरकिशोर दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे। पिछले साल 28 नवंबर को दिल्ली के संगम विहार की नीलू से शादी हुई थी। वह पत्नी के साथ दिल्ली में ही रह रहा था। ममेरी बहन की शादी है। शादी में शामिल होने वह ट्रेन से पत्नी के साथ तड़के रामपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा। ज्वालानगर तक दोनों पैदल गए और वहां से अपने गांव जाने के लिए पिकअप में बैठ गए। अजीतपुर में एआरटीओ कार्यालय के पास तेज रफ्तार डंपर ने पिकअप को टक्कर मार दी, जिससे दंपति झटका लगने से नीचे गिर गए। डंपर का पहिया हरकिशोर के ऊपर से गुजर गया, जिससे मौत हो गई। पत्नी घायल हो गई। हादसे के बाद चालक डंपर लेकर फरार हो गया। खुशी वाले घर में पसरा मातम सिविल लाइंस पुलिस पहुंच गई। घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जानकारी मिलने पर मृतक के स्वजन आ गए। पिता कृष्णपाल ने बताया कि दोनों ममेरी बहन की शादी में शामिल होने आए थे। इसके बाद घर पर सब मिलकर उनकी शादी की सालगिरह मनाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन यह हादसा हो गया।

धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा आज खत्म होगी, ओरछा आखिरी पड़ाव

ओरछा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का आज नौवां और अंतिम दिन है. पदयात्रा आज अपने तय समय से 2 घंटे पहले सुबह करीब 7 बजे हजारों भक्तों के साथ ओरछाधाम की ओर प्रस्थान करेगी. जानकारी के अनुसार, सनातन हिंदू एकता पदयात्रा सुबह करीब साढ़े दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे के बीच ओरछा पहुंचेगी. यात्रा के ओरछा पहुंचने पर सबसे पहले साधु संत और अन्य अतिथियों के उद्बोधन होंगे. इसके बाद हजारों सनातन भक्त एक साथ सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. हनुमान चालीसा के पाठ के बाद धीरेंद्र शास्त्री सभी श्रद्धालुओं के साथ भगवान राम के दर्शन करेंगे और इसके बाद बागेश्वर धाम के लिए निकल जाएंगे. जहां एक तरफ धीरेंद्र शास्त्री यात्रा में शामिल होने को लेकर हिंदूओं से अपील कर रहे थे. वहीं, अब आज यात्रा में शामिल ना होने की गुहार लगा रहे हैं. आइए जानते हैं पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को अब क्यों रोक रहें हैं? जानिए क्या है पूरा मामला बताते चले कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 21 नवंबर को छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी. इस यात्रा में उन्होंने जात-पात से हटकर सभी हिंदुओं को साथ आने की अपील की थी. इसका असर भी देखने को मिल रहा है. पंडित धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा जिस रास्ते से होकर गुजर रही है, वहां बड़ी संख्या में हिंदू शामिल हो रहे हैं. यही नहीं पंडित धीरेंद्र शास्त्री की इस पदयात्रा बड़े-बड़े नेता-राजनेता भी शामिल होने पहुंच रहे हैं. आज यानी 29 नवंबर को यात्रा का आखिरी दिन है. पदयात्रा का आखिरी दिन होने के चलते भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. रामराजा सरकार की नगरी ओरछा जहां यात्रा का समापन होना है, वहां एक दिन पहले से ही बड़ी संख्या में हिंदू एकत्रित हो गए हैं. भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अब लोगों को इस यात्रा में शामिल ना होने की अपील की है. जानिए क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री  पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि यात्रा में पहले से ही लाखों की संख्या में समर्थक मौजूद हैं, यात्रा में अब और जो लोग यात्रा में आना चाहते है, जो जहां हैं वहीं, रुक जाएं. यात्रा में शामिल ना हों… आप सभी लाइव के माध्यम से इस यात्रा में शामिल हो जाएं. बढ़ते भीड़ को देखते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को आने से रोकने की अपील की है.  ‘यह हिंदुओं की जागृति का उबाल है’ अपनी इस यात्रा का शुरू करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है और इसे रोकने के लिए सड़क पर उतरने की जरूरत है. ये बजरंगबली के भक्तों की भक्ति का उबाल है, यह हिंदुओं की जागृति का उबाल है. हमें बजरंगबली की कृपा पर भरोसा है. आज हमें हिंदुओं पर भी भरोसा बढ़ रहा है जब एक आवाज में हिंदू एक दिन धर्म विरोधियों के खिलाफ सड़कों पर उतर जाएंगे तो उसी दिन इस देश में हिंदुओं पर होने वाला अत्याचार बंद हो जाएगा. ऐसा है यात्रा का रूट बागेश्वरधाम से शुरू हुई ये यात्रा पहले दिन 15 किलोमीटर का सफर पूरा कर कदारी पहुंची. इसके बाद दूसरे दिन 17 किलोमीटर का सफर पूरा  कर छतरपुर के पेप्टेक टाउन पहुंची थी. तीसरे दिन यात्रा 21 किलोमीटर का सफर पूरा कर नौगांव पहुंची. चौथे दिन यात्रा 22 किलोमीटर की दूरी तय कर देवरी रेस्ट हाउस पहुंची. पांचवें दिन यात्रा 22 किलोमीटर का सफर तय कर मऊरानीपुर पहुंची. यहां से पदयात्रा 17 किलोमीटर का सफर तय कर घुघसी पहुंचेगी. सातवें दिन यात्रा 17 किलोमीटर का सफर पूरा कर निवाड़ी पहुंची थी. यहां से ये यात्रा 15.5 किलोमीटर की दूरी तय कर ओरछा तिगैछा पहुंची. यहां रात में विश्राम करने के बाद पदयात्रा ओरछाधाम पहुंचेगी, जहां सभी श्रद्धालु राजाराम मंदिर में दर्शन करेंगे. जिसके बाद ये पदयात्रा संपन्न होगी. 9 दिन में 160 किसी की यात्रा धीरेंद्र शास्त्री ‘हिंदू एकता’ के लिए 21 नवंबर से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुरू की थी जो कि 29 नवंबर यानी शुक्रवार को पूरी होगी. वह 9 दिनों में बागेश्वर धाम से ओरछा तक 160 किमी की दूरी तय करेंगे. इस यात्रा के लिए कुल आठ पड़ाव बनाए गए थे. धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि हिंदुओं को एकजुट करने और सनातन धर्म का प्रचार करने के लिए वो ये पदयात्रा निकाल रहे हैं. इस यात्रा में बाबा बागेश्वर के साथ हजारों भक्त भी चलेंगे. इस दौरान वह रोजाना 20 किमी पैदल चलेंगे. कई हस्तियों ने पदयात्रा में लिया भाग 21 नवंबर से शुरू हुई बाबा की इस यात्रा में अभिनेता संजय दत्त और द ग्रेट खली भी शामिल हो चुके हैं. इसके अलावा कई नेताओं ने भी उनकी इस यात्रा को समर्थन दिया है, जिनमें बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, बीजेपी विधायक राजेश्वर शर्मा और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह भी शामिल हैं. वहीं, यात्रा के दूसरे दिन छतरपुर में धीरेंद्र शास्त्री ने एक सभा को भी संबोधित किया था. जिसमें हैदराबाद की गोशामहल विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक टी राजा ने भी भाग लिया था.  

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