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स्वास्थ्य सहायता समूह की महिलाओं को समर्थन मूल्य में 33% भागीदारी देने एवं 0% पर बैंक लोन दिए जाने की रखी मांग

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से दिल्ली प्रवास के दौरान सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, महिलाओं के आर्थिक उत्थान और स्वावलंबन को प्रोत्साहन देने के लिए दो महत्वपूर्ण मांगें रखीं। श्रीमती बागरी ने आग्रह किया कि समर्थन मूल्य पर संचालित खरीदी केंद्रों में महिला स्वसहायता समूहों को 33% आरक्षण दिया जाए। वर्तमान में, स्वसहायता समूहों को केवल उन खरीदी केंद्रों का संचालन सौंपा जाता है, जो शेष रह जाते हैं। इस नीति में संशोधन कर महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने से समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा। साथ ही महिला स्वसहायता समूहों के आर्थिक बोझ को कम करने के लिए उन्होंने सहकारी बैंकों से जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देने की योजना प्रारंभ करने का भी मांग रखी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में महिलाएं उच्च ब्याज दर पर ऋण लेकर कार्य कर रही हैं, जिससे उनके लाभ का बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में चला जाता है। सहकारी बैंकों से जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देने की योजना के माध्यम से महिलाओं को अपने व्यवसाय और योजनाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने का अवसर मिलेगा। राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन से महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेंगी और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह पहल न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश की महिलाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी।  

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 को लेकर 29 नवंबर को वर्चुअल (ऑनलाइन) बैठक करेगा आईसीसी बोर्ड

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का बोर्ड अगले साल फरवरी-मार्च में पाकिस्तान में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए 29 नवंबर को वर्चुअल (ऑनलाइन) बैठक करेगा। टूर्नामेंट का कार्यक्रम घोषित करने में काफी विलंब हो चुका है। देरी का कारण भारत द्वारा दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों को देखते हुए पाकिस्तान में खेलने से इनकार करना है। भारत ने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद से पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) चाहता है कि टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल में खेला जाए, जिसमें भारत के मुकाबले किसी तीसरे देश में आयोजित किए जाएं। जय शाह एक दिसंबर को संभालेंगे कार्यभार हाइब्रिड मॉडल पर अब तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने सहमति नहीं जताई है। आईसीसी के प्रवक्ता ने मंगलवार को पीटीआई को बताया, ‘‘आईसीसी बोर्ड चैंपियंस ट्रॉफी के कार्यक्रम पर चर्चा करने के लिए 29 नवंबर को बैठक करेगा।’’ यह महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक बीसीसीआई सचिव जय शाह के एक दिसंबर को आईसीसी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने से दो दिन पहले हो रही है। वह और बोर्ड के अन्य सदस्य नए पदाधिकारियों के कार्यभार संभालने से पहले मामले को सुलझाने के इच्छुक होंगे। ICC की इस पेशकश को नहीं मान रहा PCB आईसीसी के कार्यकारी बोर्ड सदस्य बढ़े हुए वित्तीय प्रोत्साहन के वादे के साथ पीसीबी को चैंपियंस ट्रॉफी के लिए हाइब्रिड मॉडल स्वीकार करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्र ने कहा, ‘‘पीसीबी ने कड़ा रुख अपनाया है और हाइब्रिड मॉडल के तहत टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं करना चाहता है। इसलिए अब गतिरोध को समाप्त करने के लिए उन्हें अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन की पेशकश की जा रही है।’’ ‘हाइब्रिड मॉडल अपनाया जाता है तो ऐसा हो’ उन्होंने कहा, ‘‘पीसीबी ने अब तक ऐसे सभी कदमों का विरोध किया है और इस बात पर जोर दिया है कि यदि भारत पाकिस्तान में खेलने को इच्छुक नहीं है तो यह उनकी समस्या है क्योंकि भाग लेने वाले अन्य छह देशों को पाकिस्तान में खेलने में कोई समस्या नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पीसीबी इस बात पर जोर दे रहा है कि अगर हाइब्रिड मॉडल अपनाया जाता है तो भी भारत बनाम पाकिस्तान मैच और फाइनल लाहौर में खेले जाएं। जाहिर है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड इस पर सहमत नहीं होगा। वह पाकिस्तान के खिलाफ मैच के साथ सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबला भी दुबई में खेलना चाहता है।’’

आयुष्मान कार्ड में ओटीपी बन रहा बड़ी मुसीबत, परेशानियों के बीच जारी है आयुष्मान कार्ड बनाने का काम

राजगढ़ भारत सरकार द्वारा बनाए जा रहे आयुष्मान कार्ड को गति जरूर मिल रही है, लेकिन वेरिफिकेशन के लिए आने वाला वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) अब कर्मचारियों के लिए सिरदर्द बन चुका है। दरअसल, कभी मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने के कारण ओटीपी नहीं आता, तो कभी मोबाइल में बैलेंस नहीं होने के कारण इनकमिंग सेवा बंद हो जाने के कारण भी मैसेज नहीं आ पा रहा है। ऐसे में कार्ड बनाने वाले परेशान होकर वापस लौटने को मजबूर हो जाते हैं। परेशानियों के बीच जारी है आयुष्मान कार्ड बनाने का काम नगर परिषद के संजय शर्मा बताते हैं कि आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी फिलहाल परेशानी बना हुआ है। वेरीफाई और आयुष्मान कार्ड को एक्टिवेट करने के लिए ओटीपी आवश्यक होता है। हालांकि टीम लगातार काम कर रही है। इसी का नतीजा है कि 400 से अधिक आयुष्मान कार्ड बन भी चुके हैं। विडंबना यह है कि बुधवार से लेकर शनिवार तक कार्ड जरूर बने, लेकिन दिक्कत आती जा रही है। मूल रूप से आयुष्मान कार्ड बनाने की बड़ी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का अमला निश्चित दिनों पर टीकाकरण में लग जाता है। ऐसे में नगर परिषद के अमले को ही मैदान में उतरना पड़ रहा है। संजय शर्मा ने बताया कि सोमवार को सिर्फ एक एएनएम और नगर परिषद के कर्मचारियों ने कार्ड बनाने की प्रक्रिया की। नगर परिषद के प्रतीक यादव, यश मकवाना, विशाल मेवाती, मुकेश यादव आदि मौजूद रहे। 400 कार्ड और बनना बाकी नगर परिषद के अनुसार, अधिकांश लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके तहत बुधवार को जहां सिर्फ पांच कार्ड बने थे, तो वहीं गुरुवार को 71, शुक्रवार को 104 और शनिवार को 102 कार्ड बनाए जा चुके हैं। अब भी करीब 400 लोगों के कार्ड बनाने का काम बाकी है। माना जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर इस कार्य को पूर्ण कर दिया जाएगा। एसडीएम और सीएमओ लगातार बनाए हुए हैं नजर एसडीएम और सीएमओ इस काम को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं। दरअसल, पिछले दिनों एसडीएम आशा परमार ने नगर में पहुंचकर इस कार्य की प्रगति को देखते हुए जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देश भी दिए थे। नगर परिषद के संजय शर्मा के मुताबिक सीएमओ आरती गरवाल के मार्गदर्शन में तेजी से काम करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

बैरागढ़ जोन में एक भी रैन बसेरा नहीं, सर्दी जोर पकड़ने लगी, नहीं मिल रहा अलाव का सहारा

भोपाल नगर निगम के बैरागढ़ जोन में एक भी रैन बसेरा नहीं है। उधर, सर्दी जोर पकड़ने लगी है। ऐसे में गरीब एवं बेसहारा लोगों के लिए रेलवे स्टेशन, आरक्षण केंद्र एवं फुटपाथ ही आसरा बने हुए हैं। सर्दी लगातार बढ़ रही है, पर अभी तक अलाव की व्यवस्था भी नहीं की गई है। कड़ाके की ठंड शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में पारा और लुढ़कने की संभावना है। ऐसे में बेसहारा, गरीब बुजुर्गों के पास खुले आसमान में रात बिताने का अलावा कोई विकल्प नहीं है। बैरागढ़ जोन में वार्ड क्रमांक तीन, चार एवं पांच हैं। किसी भी वार्ड में रैन बसेरा नहीं है। पिछले साल नगर निगम ने थद्धाराम ज्ञानचंदानी सामुदायिक भवन में अस्थायी रैन बसेरा बनाया था। सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से यहां चादर एवं गद्दों की व्यवस्था की गई थी। इस बार अभी तक यह व्यवस्था नहीं की गई है। आरक्षण केंद्र के बाहर कंपकपाते मिले बुजुर्ग सोमवार रात्रि करीब नौ बजे संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र परिसर में बुजुर्ग ठंड से कंपकपाते नजर आए। कोई आशियाना नहीं है। इसलिए यहां रात गुजारना मजबूरी है। स्टेशन के टिकट काउंटर के पास भी देर रात को बेसहारा लोग सोते नजर आते हैं। बैरागढ़ मेन रोड पर रात्रि करीब 11 बजे कपड़े की दुकानें बंद होती हैं। दुकानों के सामने खाली जगह पर भी मुसाफिर एवं बेसहारा लोग आराम करते नजर आते हैं। सिविल अस्पताल के गेट के पास भी अस्थायी आश्रय स्थल नजर आता है।   हलालपुर बस स्टैंड पर 15 बेड नगर निगम ने पांच साल पहले हलालपुर बस स्टैंड पर सामुदायिक आश्रय स्थल बनाया था। जोन क्रमांक 20 में शामिल इस रैन बसेरे में 15 बेड हैं। बस स्टैंड पर रात के समय कई कई गरीब यात्री भी बसों से उतरते हैं। दिसंबर से फरवरी माह तक यहां लोगों को रात गुजारने के लिए जगह नहीं मिलती। बैरागढ़ एवं गांधीनगर बस स्टैंड के पास भी नया रैन बसेरा बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है। जोनल अधिकारी जोन एक  के विक्रम झा ने बताया बैरागढ़ के थद्धाराम कम्युनिटी हॉल में जल्द ही अस्थायी रैन बसेरा बनाया जाएगा। हॉल अभी खाली है। यहां दो कर्मचारी भी तैनात किए जाएंगे, ताकि बेसहारा लोगों को कोई परेशानी नहीं हो। फिलहाल जोन क्षेत्र में स्थायी रैन बसेरा बनाने का प्रस्ताव नहीं है।

पीएम जन-मन योजना का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर एवं पिछड़े जनजातीय समूहों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा समाज के सबसे कमजोर आय वर्ग के लोगों को सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई पीएम जन-मन योजना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर एवं पिछड़े जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। छिंदवाड़ा जिले के तामिया ब्लॉक के भारियाढाना गांव की श्रीमती प्रमिला पति संजय भारती को इस योजना का भरपूर लाभ मिला है। प्रमिला मध्यप्रदेश की विशेष पिछड़ी भारिया जनजाति से हैं। वे अपने परिवार के साथ बड़ी विपरीत परिस्थितियों में जीवन-यापन कर रही थीं। परिवार में पांच सदस्य हैं। दिहाड़ी मजदूरी ही उनके परिवार का मुख्य आय स्रोत था और न्यूनतम आय में उनका जीवन बेहद कठिन था। श्रीमती प्रमिला भारती और उनके परिवार को इसी योजना से कई लाभ मिल रहे हैं, जिनसे उनका जीवन अब बेहद खुशहाल हो गया है। परिवार के पास आधार कार्ड, समग्र आईडी, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड जैसे सभी जरूरी दस्तावेजों सहित जन-धन बैंक खाता भी है। इनकी मदद से उन्हें शासन की सभी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। योजना के तहत सबसे पहले उन्हें एक पक्का मकान मिला। पहले उनके पुराने (मिट्टी और बांस से बने) कच्चे मकान में बारिश में पानी टपकता था और दीवारें भी अत्यंत कमजोर थीं। बारिश भीगते हुए और सर्दी कंपकपाते हुए बीतती थी। पक्की छत वाले मकान के रूप में अब उनके परिवार को एक स्थायी, मजबूत और सुरक्षित आवास मिल गया है। पहले चूल्हे पर लकड़ी जलाकर धुंए में खाना पकाने से उन्हें स्वास्थ्य समस्याएं होती थीं। लेकिन उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन मिलने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। अब वे साफ-सुथरे वातावरण में भोजन बनाती हैं और गैस सिलेंडर रिफिल के लिए उन्हें सब्सिडी भी मिलती है। परिवार के सभी सदस्यों के जाति प्रमाण पत्र बन जाने से प्रमिला को अपने बच्चों की शिक्षा में भी उन्हें भरपूर मदद मिल रही है। एमपीटास पोर्टल पर प्रोफाइल बनने के बाद दोनों बच्चों को एसटी छात्रवृत्ति का लाभ मिला। इससे उनके शिक्षा संबंधी खर्चों का भार भी कम हुआ। पीएम जन-धन योजना से परिवार का बैंक खाते खोलने से उन्हें भारिया पोषण आहार योजना के तहत हर महीने पोषण आहार के लिए राशि सीधे खाते में मिल रही है। साथ ही आयुष्मान कार्ड मिलने से उनके परिवार को अब पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा भी मिल गई है। पीएम जन-मन योजना के कारण श्रीमती प्रमिला भारती और उनके परिवार को वे सभी सुविधाएं मिल रही हैं, जिनकी उन्हें लंबे समय से आस थी। शासकीय योजनाओं का सीधा और समग्र लाभ मिलने से उनका जीवन स्तर बेहतर हो गया है। श्रीमती प्रमिला भारती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इस परिवर्तन के लिए धन्यवाद देती हैं। वे कहतीं हैं “पी.एम. जन-मन ने हमारी सारी समस्याएं दूर कर दी हैं। आज मेरा पूरा परिवार खुशहाल और सुरक्षित जीवन जी रहा है।”

दिल्ली में अफसरों को आप पार्टी के वोटर्स का नाम वोटर लिस्ट से काटने का आदेश, दिल्ली की CM आतिशी का बड़ा दावा,

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने विधानसभा चुनाव से पहले सनसनीखेज दावा किया है। आतिशी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि दिल्ली में अफसरों को आम आदमी पार्टी (आप) के वोटर्स का नाम वोटर लिस्ट से काटने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बकायदा लिस्ट सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि एक डीएम ने अपने तहत आने वाले हर विधानसभा में 20 हजार वोटर्स का नाम काटने को कहा है। आतिशी ने कहा कि उन्हें कई बीएलओ ने यह जानकारी दी है। आतिशी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्र सरकार दिल्लीवालों के लिए बहुत बड़ी साजिश रच रही है। आने वाले दिल्ली के विधानसभा चुनाव को गलत तरीके से जीतने के प्रयास में केंद्र सरकार लोकतंत्र का हनन करने के लिए तैयार है। बहुत बड़े स्तर पर सरकारी तंत्र के माध्यम से केंद्र सरकार दिल्लीवालों के वोट काटने का काम शुरू कर रही है। यह सिस्टमैटिक तरीके से चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इसका पहला कदम था 28 अक्टूबर को दिल्ली में 29 एसडीएम के ट्रांसफर का आदेश, जोकि केंद्र सरकार और एलजी के हाथ में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तबादले के बाद अफसरों को बड़े स्तर पर वोट काटने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से कई बीएलओ ने संपर्क करके उन्हें बताया कि वोट काटने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। आतिशी ने कहा कि एक डीएम, जिनके क्षेत्र में सात विधानसभा सीटें हैं, ने अपने हर असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (एईआरओ) को 20 हजार वोटर्स की लिस्ट दी है और नाम काटने को कहा है। उन्हें कहा गया है कि यह लिस्ट केंद्र सरकार ने पार्टी के माध्यम से एकत्रति की है, जो-जो आम आदमी पार्टी के वोटर्स हैं उनकी लिस्ट बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक एसडीएम ने अपने सभी बीएलओ को कहा कि केंद्र सरकार पार्टी के माध्यम से वोटर लिस्ट देगी। जो वोटर आम आदमी पार्टी के वोटर हैं उनके नाम दिए जाएंगे, बीएलओ को उनके नाम को वोटर लिस्ट से काटना है। उन्हें यह भा कहा गया है कि कोई नया वोट नहीं बनवाना है। यह आदेश सरकारी तंत्र की ओर से बीएलओ को दिए जा रहे हैं, क्योंकि भाजपा को पता है कि वह चुनाव हार रही है। केंद्र सरकार के गलत इस्तेमाल के अलावा उनके पास चुनाव जीतने का कोई रास्ता नहीं है। आतिशी ने कहा, ‘मैं दिल्ली के सभी एसडीए, एडीएम, एईआरओ, बीएलओ से कहना चाहती हूं कि मुझे पता है कि आपको डराया जा रहा है कि आपका करियर केंद्र सरकार के हाथ में है, बात नहीं मानी तो तलवार गिर जाएगी। लेकिन मैं सबसे अपील करना चाहती हूं कि कोई भी अफसर आपको गलत तरीके से वोट काटने को कहे, आपको नए वोट बनवाने से मना करे तो आप उनकी रिकॉर्डिंग कर लें और मुझे भेजना। उन अफसरों पर ऐक्शन हम लेंगे।’

बांग्लादेश में हिंदू प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज की और साउंड ग्रेनेड भी दागे

चटगांव बांग्लादेश में इस्कॉन के महंत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद माहौल काफी गर्माया है। दरअसल चटगांव की एक अदालत ने मंगलवार को चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की जमानत याचिका खारिज कर उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। जमानत खारिज किए जाने के बाद दास के समर्थनों ने इसका विरोध किया है और बांग्लादेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध के प्रदर्शनकारियों ने अदालत परिसर में प्रिजन वैन को घेर लिया और करीब ढाई घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंदू प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज की और साउंड ग्रेनेड भी दागे। पुलिस वैन को समर्थकों ने घेरा चिन्मय कृष्ण को सुबह करीब साढ़े दस बजे अदालत में पेश किया गया था। सुनवाई के बाद दोपहर 12:20 बजे उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने के आरोप में सोमवार को उन्हें ढाका से गिरफ्तार किया गया था। जब पुलिस उन्हें प्रिजन वैन में लेकर जा रही थी, तो उनके सैकड़ों समर्थकों ने वैन को घेर लिया और सड़क पर लेटकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस के बार-बार अनुरोध के बावजूद समर्थक टस से मस नहीं हुए और चिन्मय कृष्ण की रिहाई की मांग करते हुए नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने लाठीचार्ज, साउंड ग्रेनेड भी दागे स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और बॉर्डर गार्ड्स ने दोपहर करीब 2:50 बजे लाठीचार्ज किया और साउंड ग्रेनेड फेंककर भीड़ को तितर-बितर किया। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने प्रिजन वैन के टायर की हवा निकाल दी, जिसके बाद पुलिस ने चिन्मय कृष्ण को अपनी गाड़ी में बैठाकर चटगांव जेल भेजा। चटगांव पुलिस के अतिरिक्त उपायुक्त (प्रॉसिक्यूशन) मोफिजुर रहमान ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद चिन्मय कृष्ण को जेल भेजा जा रहा था, लेकिन उनके समर्थकों ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को मजबूरन बल का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोगों के घायल होने की खबर है। क्या है पूरा मामला? 31 अक्टूबर को चटगांव के कोतवाली थाने में चिन्मय कृष्ण दास और 18 अन्य के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। यह मामला चांदगांव मोहल्ला वार्ड के बीएनपी नेता फिरोज खान ने दायर किया था। हालांकि, बाद में फिरोज खान को बीएनपी से बर्खास्त कर दिया गया। चिन्मय कृष्ण के वकील स्वरूप कांति नाथ ने बताया कि उनकी जमानत के लिए महानगर सत्र न्यायालय में अपील की गई है, जिसकी सुनवाई बुधवार को होगी।

बमोरी के पन्हेटी गांव में वनभूमि पर कब्जे को लेकर भील और बंजारा समुदाय के बीच विवाद, 12 घरों में लगाई आग

गुना जिले के फतेहगढ़ थानाक्षेत्र के पन्हेटी गांव में भील समुदाय के लोगों ने बंजारा समाज के घरों में आग लगा दी। इस आगजनी में 12 घरों के साथ टपरे, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, राशन, सर्दी के कपड़े भी खाक हो गए। घटना के समय ग्रामीण खेतों में मजदूरी के लिए गए थे अन्यथा माल के साथ जनहानि भी हो सकती थी। इधर, सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। फिलहाल हालात नाजुक बने हुए हैं। जानकारी के अनुसार बमोरी तहसील के पन्हेटी गांव में वनभूमि पर कब्जे को लेकर भील और बंजारा समुदाय के बीच विवाद चला आ रहा है। दीपावली के दिन भी दोनों समुदाय आमने-सामने हुए थे, जिसमें दोनों पक्ष से दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। गलसिंह भील का इंदौर और कल्लू बंजारा का भोपाल में इलाज चल रहा था। लेकिन सोमवार रात गलसिंह भील की इंदौर में मौत हो गई। इससे गुस्साए भील समुदाय के 30-35 लोगों ने मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे बंजारा समाज के घरों व टपरों में आग लगा दी। इससे दो ट्रैक्टर, पांच बाइक, राशन, सर्दी के कपड़े और खलिहान में रखी फसल जलकर खाक हो गई। इतना ही नहीं, पानी के बोरों को भी पूर दिया गया।   इधर, सूचना पर फतेहगढ़ थाना की पुलिस गांव पहुंची, तो घुसने नहीं दिया और पुलिस वाहनों पर पथराव कर दिया। इससे वापस लौटना पड़ा। इसके बाद जिला मुख्यालय के अलावा आसपास के थानों से बड़ी संख्या में पुलिस बल गांव में तैनात किया गया है। लेकिन भील समुदाय के लोगों का गांव के मंदिर पर एकत्रित होने से हालात फिलहाल नाजुक बने हुए हैं, जिसके चलते पुलिस भी तैयारी में है। पुलिस के पहुंचने से पहले लगा दी थी घरों में आग एसडीओपी विवेक अष्ठाना ने बताया कि दिवाली के दिन बंजारा और भील समुदाय में वनभूमि पर कब्जे को लेकर आमने-सामने हुए थे। इस दौरान पुलिस ने आठ नामजद और अज्ञात के खिलाफ क्रास मामला दर्ज किया था। सोमवार रात उक्त मारपीट में घायल और इंदौर में उपचाररत गलसिंह भील की मौत हो गई। इस सूचना पर मंगलवार को पन्हेटी गांव में आसपास के थानों का बल गांव में पहुंचाया था, लेकिन उससे पहले भील समुदाय के करीब 30-35 लोगों ने बंजारा समाज के 12 घरों में आग लगा दी। इस दौरान बंजारा समाज के लोग खेतों में मजदूरी को गए थे। फिलहाल गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। जिन घरों में नुकसान हुआ है, उनकी तरफ से रिपोर्ट कराने पर मामला पंजीबद्ध कर विवेचना करेंगे। वनभूमि पर कब्जे को लेकर बंजारा और भील समुदाय के बीच विवाद है। पिछले दिनों दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी, जिसमें घायल गलसिंह भील की बीती रात इंदौर में मृत्यु हो गई। इसके बाद भील समुदाय ने मंगलवार सुबह बंजारा समाज के घरों और सामान को आग लगा दी। फिलहाल दमकल बुलाकर आग पर काबू पा लिया गया है।शिवानी पांडे, एसडीएम गुना-बमोरी

आरोपियों ने महिला को लगभग एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा, की 3.8 करोड़ रुपये की ठगी

मुंबई मायानगर मुंबई में एक 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला से 3.8 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। महिला अपने पति के साथ दक्षिण मुंबई इलाके में रहती है। आरोपियों ने महिला को लगभग एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा। माना जा रहा है कि यह सबसे लंबी अवधि तक डिजिटल अरेस्ट रखने का पहला मामला है। ठगों ने महिला को अपनी पहचान आईपीएस अधिकारियों के तौर पर बताई। करोड़ों रुपये की ठगी के बाद जब महिला को रकम वापस नहीं मिली तो उसने मामले की जानकारी अपनी बेटी को दी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पार्सल के नाम पर की ठगी बुजुर्ग महिला के मुताबिक सबसे पहले उसके पास एक व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने कहा कि ताइवान भेजा गया आपका पार्सल रोक लिया गया है। जालसाज ने कहा कि उसमें आपत्तिजनक सामान मिला है। इसके बाद उसने फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार करने की धमकी दी। महिला के पूछने पर शख्स ने कहा कि पार्सल में बैंक कार्ड, पांच पासपोर्ट, चार किलो कपड़े और एमडीएमए ड्रग्स मिला है। बुजुर्ग महिला ने कहा कि उसने कोई पार्सल ताइवान नहीं भेजा है। इसके बाद जालसाज ने नया दांव चला। उसने कहा कि आपके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया है। आपको मुंबई पुलिस के अधिकारी से संपर्क करना होगा। क्राइम ब्रांच का फर्जी नोटिस भी भेजा खबर के मुताबिक जालसाज ने महिला की कॉल को एक फर्जी पुलिस अधिकारी के पास ट्रांसफर किया। उसने बताया कि आपका आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग के मामले से जुडा है। शातिरों ने महिला को एक नोटिस भी भेजा। इसमें क्राइम ब्रांच की फर्जी मुहर लगी थी। यहीं से बुजुर्ग महिला को आरोपियों पर यकीन होने लगा। मगर उसे क्या पता था कि वह एक जाल में फंस रही है। स्काइप एप डाउनलोड कराया जालसाजों ने महिला को स्काइप एप डाउनलोड कराया। वीडियो कॉल पर एक शख्स ने अपनी पहचान आईपीएस अधिकारी आनंद राणा के तौर पर बताई। फर्जी आईपीएस ने महिला से बैंक खाते की डिटेल्स मांगी। कुछ ही देर में एक और फर्जी आईपीएस वीडियो कॉल में प्रकट हुआ। उसने अपना नाम वित्त विभाग से आईपीएस जॉर्ज मैथ्यू बताया। आरोपियों ने महिला से कहा कि आपको पैसे ट्रांसफर करने होंगे। अगर जांच में आप बेकसूर मिली तो आपकी रकम को लौटा दी जाएगी। ठगों के छह खाते सीज आरोपियों ने बुजुर्ग महिला को 24 घंटे वीडियो कॉल की निगरानी में रखा। कॉल कटने पर प्रताड़ित किया। बार-बार उसे वीडियो कॉल पर बने रहने को कहा जाता था। यह सिलसिला लगभग एक महीने तक चलता रहा। इस दौरान आरोपियों ने महिला से 3.8 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया। महिला के दो बच्चे विदेश में रहते हैं। वह अपने सेवानिवृत्त पति के साथ घर में रहती है। बेटी की सलाह पर महिला ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर मामले की जानकारी दी। इसके बाद आरोपियों के छह खातों को सीज कर दिया गया है।

कल्याण बनर्जी ने कांग्रेस के प्रदर्शन और नेतृ्त्व पर सवाल उठाया, कहा-गठबंधन तो है, मगर परिणाम अपेक्षित नहीं, बड़ी विफलता

नई दिल्ली महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को मिली करारी हार के बाद अब सहयोगी दल भी सवाल उठाने लगे हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी ने कांग्रेस के प्रदर्शन और नेतृ्त्व पर सवाल उठाया। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि कांग्रेस हरियाणा और महाराष्ट्र में उम्मीदों के मुताबिक परिणाम लाने में विफल रही है। हमें कांग्रेस से बहुत उम्मीद थी कि वे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। बनर्जी ने कहा कि I.N.D.I.A गठबंधन तो है, मगर परिणाम अपेक्षित नहीं हैं। यह कांग्रेस की बड़ी विफलता है। आज अगर भाजपा से लड़ना है तो जरूरी है कि I.N.D.I.A मजबूत हो। और इसे मजबूत बनाने के लिए एक नेता की आवश्यकता है। अब नेता कौन हो सकता है? यही मूल प्रश्न है। कांग्रेस ने हर तरह के प्रयोग किए। मगर सफलता नहीं मिली। महायुति को मिला प्रचंड बहुमत महाराष्ट्र की कुल 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को मतदान हुआ। 23 नवंबर को नतीजों की घोषणा हुई। महाराष्ट्र की जनता ने महायुति को भारी जनादेश दिया। वहीं विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी को करारी हार का सामना करना पड़ा। महायुति को 236 और महा विकास अघाड़ी को सिर्फ 48 सीटों पर जीत मिली। सबसे अधिक 132 सीटों पर भाजपा ने कब्जा किया। 57 सीटों पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना और 41 सीटों पर अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने जीत हासिल की है। अगर विपक्ष की बात करें तो सबसे अधिक 20 सीटों पर उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी), 16 सीटों पर कांग्रेस और महज 10 सीटों पर शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) ने जीत दर्ज की है।

संवैधानिक मूल्यों और कानून के शासन का क्षरण बेहद चिंताजनक है: पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में लिखा, “आज जब हम संविधान दिवस मना रहे हैं, ऐसे में यह देखना निराशाजनक है कि हमारे देश में सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय को अभूतपूर्व खतरों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी गरिमा, जीवन, आजीविका और पूजा स्थलों पर हमला किया जा रहा है, जो संविधान द्वारा हर नागरिक के लिए समान अधिकारों और सम्मान की गारंटी का उल्लंघन है, चाहे उनकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो।” उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा,”उत्तर प्रदेश के संभल में हाल ही में हुई हिंसा, जिसमें चार निर्दोष लोगों की जान चली गई, इस कड़वी सच्चाई की दर्दनाक याद दिलाती है। मस्जिदों के नीचे मंदिर खोजने का यह चलन सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद जारी है कि सभी धार्मिक स्थलों पर 1947 जैसी ही स्थिति बनी रहनी चाहिए।” पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा कि संवैधानिक मूल्यों और कानून के शासन का क्षरण बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा, “जब तक हम जो भारत के विचार में विश्वास करते हैं, इन मूल्यों की रक्षा के लिए नहीं उठ खड़े होते, तब तक हमारे राष्ट्र के सामने अपनी विशिष्ट पहचान खोने और अपने पड़ोसियों से अलग न रह जाने का खतरा बना रहेगा।” वहीं, जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने संविधान दिवस पर संविधान निर्माताओं के योगदान को याद किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “संविधान दिवस की शुभकामनाएं। हमारे संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मैं सभी से संविधान की पवित्रता को बनाए रखने और सामाजिक न्याय, समानता के सिद्धांतों को और मजबूत करने और समाज की शांति प्रगति के लिए खुद को समर्पित करने की अपील करता हूं।” ज्ञात हो कि संविधान के 75 वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पीएम मोदी ने संविधान की ऐतिहासिक यात्रा और गौरवशाली विरासत का सम्मान करने के लिए एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया है।

धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों का जिक्र किया, कहा-एकजुट हो जाओ वरना मंदिर मस्जिद बन जाएंगे

मऊरानीपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू एकता यात्रा का मंगलवार को छठा दिन है। यात्रा झांसी के मऊरानीपुर से घुघसी गांव तक पहुंची। यात्रा में बढ़ते हुए भक्तों का उत्साह और जोश साफ दिखाई दे रहा है। इस दौरान शास्त्री ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे, जिनमें संभल हिंसा, चिन्मय दास मामले और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर चर्चा की। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार धीरेंद्र शास्त्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लगातार हमले हो रहे हैं और वहां की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब हो रही है। इस संदर्भ में उन्होंने भारत के हिंदुओं से अपील की और कहा, “हम अपने लिए नहीं मर रहे हैं, अगर हम नहीं जागे तो एक-एक करके आपके मंदिर और मस्जिद में बदल जाएंगे।” हिंदुओं से आवाज उठाने की अपील बांग्लादेश में इस्कॉन पुंडरीक धाम के अध्यक्ष चिन्मय कृष्णन दास (चिन्मय प्रभु) को ढाका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चिन्मय प्रभु ने शेख हसीना की सरकार के खिलाफ और हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लगातार आवाज उठाई थी। पिछले शुक्रवार को उन्होंने रंगपुर में एक विरोध रैली भी की थी, जिसमें बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप था। बांग्लादेश पुलिस ने चिन्मय प्रभु को गिरफ्तार किया है। शास्त्री का बयान चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी के बाद, धीरेंद्र शास्त्री ने इस मामले पर कहा, “बांग्लादेश के हिंदू अगर कायर होंगे तो उन्हें कोई नहीं छुड़वा पाएगा। अगर हमारी बात बांग्लादेश के हिंदुओं तक पहुंचे, तो जैसे यहां भारत में पदयात्रा हो रही है, वैसे ही वे भी सड़कों पर उतरकर अपनी संस्कृति के रक्षक को बचाएं। अगर बांग्लादेश के हिंदू इस मामले में नहीं उठेंगे, तो उनके मंदिर एक-एक कर मस्जिदों में बदल जाएंगे, और उनकी बहन-बेटियां या तो धर्म परिवर्तन करेंगी या फिर मारी जाएंगी।” भारत के हिंदुओं को चेतावनी धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि भारत के हिंदुओं को बांग्लादेश के हालात को समझना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम अपने लिए नहीं मर रहे हैं। हम 100 करोड़ हिंदुओं की सुरक्षा और एकता के लिए इस यात्रा को कर रहे हैं। हम बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ खड़े हैं, और हमें उनका समर्थन करना चाहिए। अगर हम चुप रहे तो भविष्य में कोई हमारे लिए आवाज नहीं उठाएगा।”   भारत के हिंदुओं को एकजुट होने की अपील शास्त्री ने यह भी कहा कि हिंदू समाज को जात-पात की बेड़ियों से बाहर निकलकर एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा, “हम सड़कों पर, गांव-गांव, गली-गली में हिंदू समुदाय को जागरूक कर रहे हैं। हमारी यह यात्रा केवल भारत में हिंदू एकता के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए भी है। हम बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ खड़े हैं और उनकी मदद करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।” धीरेंद्र शास्त्री की हिंदू एकता यात्रा में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा प्रमुख रूप से उभर कर सामने आया। उन्होंने भारतीय हिंदुओं से अपील की कि वे एकजुट होकर अपनी संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए आगे आएं। यात्रा के दौरान, शास्त्री ने यह भी कहा कि अगर बांग्लादेश में हिंदू आवाज नहीं उठाएंगे तो वहां की स्थिति और भी बिगड़ सकती है।  

प्रयागराज में महाकुंभ 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा, स्वच्छ कुंभ के साथ डिजिटल कुंभ के भी दर्शन होंगे: योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि प्रयागराज में अगले साल जनवरी में शुरु होने वाले महाकुंभ में श्रद्धालुओं को स्वच्छ कुंभ के साथ डिजिटल कुंभ के भी दर्शन होंगे। योगी ने कहा कि पहले कुंभ मेले के प्रभारी मंत्री का दायित्व ऐसे लोगों को मिलता था, जिनके भीतर श्रद्धा तक नहीं थी। हम सबने कुंभ को गंदगी, भगदड़ व अव्यवस्था का पर्याय बना दिया था। कुंभ मेले के प्रभारी मंत्री का दायित्व भी ऐसे लोगों को दिया जाता था, जिन लोगों में श्रद्धा, परंपरा, संस्कृति व विरासत के प्रति का सम्मान नहीं था, लेकिन हमने विरासत के प्रति सम्मान, श्रद्धा का भाव रखा। प्रयागराज कुंभ की व्यवस्था को देखकर 2019 में यूनेस्को ने मानवता के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में कुंभ को मान्यता दी है।         13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा महाकुंभः योगी   सीएम योगी ने बताया कि प्रयागराज में महाकुंभ 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा। 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा का स्नान होगा। 14 जनवरी को मकर संक्रांति का शाही स्नान होगा। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी 3 फरवरी, 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा व 26 फरवरी को महाशिवरात्रि का स्नान होगा। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक आयोजन में से एक प्रयागराज कुंभ का आयोजन इस बार 45 दिन का होगा। योगी ने विकास, विरासत व महाकुंभ को लेकर हो रहे मीडिया समूह के इस कार्यक्रम को सकारात्मक सोच का परिचायक बताया। उन्होंने महाकुंभ-2025 को लेकर सरकार की तैयारियों पर भी प्रकाश डाला। केंद्र व राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही है। 2019 कुंभ में 23-24 करोड़ श्रद्धालु आए थे। इस बार 45 दिन में 35-40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। वायु, रेल के साथ ही सड़क मार्ग के जरिए प्रयागराज फोर व सिक्स लेन से जुड़ सके। इसकी तैयारी भी युद्ध स्तर पर चल रही है। कुंभ के क्षेत्रफल में भी विस्तार किया गया है। महाकुंभ का क्षेत्रफल 4000 हेक्टेयर में होगाः योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 कुंभ का क्षेत्रफल 3200 हेक्टेयर था, 2025 महाकुंभ का क्षेत्रफल 4000 हेक्टेयर में होगा। इसे 25 सेक्टर में विभाजित किया है। इसके अलावा पाकिर्ंग की भी सुविधा होगी। सरकार इंतजाम कर रही है कि संगम तट तक पहुंचने के लिए डेढ़-दो किमी. से अधिक की यात्रा न करनी पड़े। सरकार ने अलग-अलग रूट पर 1850 हेक्टेयर से अधिक में पाकिर्ंग स्थल चिन्हित किया है। यह स्थल संगम तट से दो से पांच किमी. के दायरे में होंगे। वहां से इलेक्ट्रॉनिक, परिवहन निगम के 7000 बस से कुंभ स्थल तक लाने की व्यवस्था होगी। 2019 कुंभ में 9 रोड फ्लाईओवर व 6 अंडरपास बनाए गए थे। इस बार 14 रोड ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। गत कुंभ में चार पक्के घाट थे, महाकुंभ में 9 पक्के स्नान घाट बनाए जा रहे हैं। इन पर युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। 30 नवंबर तक इन कार्यों को संपन्न कर लिया जाएगा। रिवर फ्रंट का भी निर्माण हो रहा है। इस बार 550 शटल बस लगाई जाएंगी। बस स्टैंड भी सात स्थान पर बनाए गए हैं। सड़क चौड़ीकरण के द्दष्दिगत सिंगल लेन को डबल लेन, टू लेन की सड़क फोर, फोर लेन को सिक्स लेन बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है।     

भारत की एकजुटता को बनाए रखने में बाबा साहेब अंबेडकर का योगदान महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविधान दिवस पर लंदन स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर हाउस में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहाँ भारतीय संविधान की प्रति लेकर पहुंचे और उनके साथ प्रवास पर गए दल के सदस्यों के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजिटर्स बुक में अपने विचार अंकित किए तथा संग्रहालय का अवलोकन भी किया। उल्लेखनीय है कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने अध्ययन के लिए लंदन आने पर इस भवन में वर्ष 1921-1922 में निवास किया था। डॉ. अंबेडकर, अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर आगे बढ़ने के श्रेष्ठतम उदाहरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत यदि आज एकजुट है, तो इसमें बड़ा योगदान श्रद्धेय बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का है, जिन्होंने समय रहते उस बीमारी को पहचाना, जिसके कारण समाज में फूट या अलगाव उत्पन्न होने की संभावना थी। विभिन्न कठिनाइयों के बावजूद, व्यक्ति अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर कैसे आगे बढ़ सकता है, डॉ. अंबेडकर इसके सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। उन्होंने जातिगत भिन्नता और विषमता से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को भांपकर देश की एकजुटता बनाए रखने के प्रयास किए। 26 नवंबर को होती है संविधान सभा के सदस्य डॉ. गौर की जयंती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के संदर्भ में 26 नवंबर संविधान दिवस का विशेष महत्व इस कारण भी है, क्योंकि सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक और संविधान सभा के सदस्य डॉ. हरिसिंह गौर की आज ही जयंती भी है। डॉ. गौर ने अपनी संपूर्ण सम्पत्ति सागर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए दान दी थी। सागर विश्वविद्यालय ने बुंदेलखंड क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाकर क्षेत्रवासियों की प्रगति का पथ प्रशस्त किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अंबेडकर के जीवन से जुड़े स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन से जुड़े स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा‍कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की इस पहल से जनसामान्य को बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन और विचारों को जानने-समझने और देखने का अवसर प्राप्त हुआ है। संविधान में बताए मार्ग पर चलने से ही संविधान की आत्मा के साथ होगा न्याय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि संविधान की मूल भावना से प्रदेशवासियों को अवगत कराने के उद्देश्य से वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे। जन-सामान्य को संविधान के संबंध में जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर उपलब्ध हो रहा है। संविधान की आत्मा के साथ न्याय तब होगा जब हम देश भक्ति से सराबोर होकर संविधान में बताए मार्ग पर चलेंगे। “हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” की थीम पर वर्षभर प्रदेश में कार्यक्रम होंगे। गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने देशवासियों से संविधान दिवस पर संविधान की शपथ लेने और संपूर्ण वर्ष इससे संबंधित उत्सव मनाने का आहवान किया है। संविधान की महिमा को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संविधान से संबंधित कार्यक्रम चार स्तंभों पर आयोजित किए जाएंगे। संविधान की प्रस्तावना को समझने के लिए लोग सक्षम बनें, अपने संविधान को लोग जाने, संविधान का‍निर्माण होने में जो परिश्रम, विचार-विमर्श हुआ, जो कठिनाई आयी, यह भी सभी के सामने आना चाहिए। हमारा संविधान केवल भाषा या विचार ही नहीं है, इसमें चित्रों का संग्रह भी है। यह संविधान की महिमा को उत्सव के रूप में मनाने का प्रयास है। संविधान दिवस पर लंदन के अंबेडकर हाउस आना सुखद संयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में फरवरी माह में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों और उद्योग समूहों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से लंदन यात्रा के दौरान यह सुखद संयोग निर्मित हुआ कि संविधान दिवस पर उस भवन में आने का अवसर प्राप्त हुआ, जहां बाबा साहेब अंबेडकर लंदन प्रवास के दौरान रहे थे।  

नए शाल से माता वैष्णोदेवी दर्शन होगा हाईटेक, मिलेंगी डिजिटल सुविधाएं, भक्तों की हुई मौज

नई दिल्ली नए साल से माता वैष्णो देवी जाने वाले भक्तों के लिए कई नई और लग्जरी सुविधाएँ शुरू की जा रही हैं। खासकर भैरव घाटी में नव विकास का एक विस्तृत प्लान तैयार किया गया है, जिसमें भैरव मंदिर में लंगर सेवा भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, दर्शन में समय कम करने के लिए भीड़ प्रबंधन पर काम चल रहा है। जैसे ही रोपवे शुरू होगा, इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिसके लिए रास्ते को चौड़ा करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए सीमा सड़क संगठन का सहयोग लिया जाएगा। डिजिटल युग में डिजिटल सुविधाएं कटरा यात्रा के दौरान श्रद्धालु अब ऑनलाइन पंजीकरण, पूजा, आवास, चॉपर, बैटरी कार और रोपवे जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा, अब भक्तों को डिजिटल लॉकर की सुविधा भी मिल रही है, जिसमें वे अपनी ज़रूरी वस्तुएं रख सकते हैं। भवन पर स्थित तृप्ति भोजनालय में भी अब डिजिटल ऑर्डरिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, सभी प्रसाद दुकानों को इंटरनल नेटवर्किंग से जोड़ा जा रहा है ताकि समय और ऊर्जा की बचत हो सके और इसे अन्य परियोजनाओं में लगाया जा सके। वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालु किसी भी सुविधा का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। भक्तों के लिए हेल्थ एटीएम और स्वास्थ्य सुविधाएं यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने विशेष प्रबंध किए हैं। पूरे मार्ग पर 8 औषधालय स्थापित किए गए हैं, जहाँ दिन-रात 30 लोग ड्यूटी पर रहते हैं। गंभीर मामलों के लिए, आधे घंटे के अंदर एम्बुलेंस द्वारा श्रद्धालु को भवन से कटरा पहुँचाने का प्रावधान है। इसके अलावा, कटरा और जम्मू के बीच मल्टीस्पेशल अस्पताल से अनुबंध किया गया है और ऑनलाइन परामर्श की सुविधा भी दी जा रही है। सबसे खास बात यह है कि इलाज के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है और पंजीकरण के दौरान पांच लाख का बीमा कवर भी दिया जाता है, जो गंभीर इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेल्थ एटीएम की भी व्यवस्था की गई है, जहाँ 15 प्रकार के टेस्ट किए जा सकते हैं और यदि समस्या गंभीर हो, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से ऑनलाइन परामर्श भी लिया जा सकता है। एलजी मनोज सिन्हा की तीखी नज़र श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा बोर्ड के कार्यों पर लगातार नजर रखते हैं। वे हर महीने एक बार श्री वैष्णो देवी दर्शन के लिए आते हैं और वहां चल रही परियोजनाओं का रिव्यू करते हैं। इस दौरान, वे श्रद्धालुओं से सीधे बात करते हैं और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी लेते हैं। इसके बाद, अगले महीने के एजेंडे का निर्धारण कर बोर्ड प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं। उन्होंने पुजारियों के मंत्रोच्चारण पर विशेष ध्यान दिया है। अटका आरती में मंत्रोच्चारण को शामिल करने का विचार भी उनका ही था। श्राइन बोर्ड ने एक गुरुकुल भी स्थापित किया है, जहां छात्रों को संस्कृत और वेदों की शिक्षा दी जाती है। इस गुरुकुल पर सालाना 6 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। अब इस गुरुकुल के छात्र पुजारियों के रूप में तैनात किए जा रहे हैं, ताकि मंत्रोच्चारण की पद्धति में किसी प्रकार का समझौता न हो।

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