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इंडिया ओपन शॉटगन प्रतियोगिता आज से हुई शुरू, क्वालीफिकेशन का रास्ता साफ

जयपुर नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) द्वारा आयोजित इंडिया ओपन शॉटगन प्रतियोगिता बुधवार को शुरू हुई। यह आयोजन राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेने के इच्छुक एथलीटों के लिए एक महत्वपूर्ण क्वालीफायर के रूप में काम करेगा, जिसमें देश भर से 329 निशानेबाज हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की दो श्रेणियां हैं: राष्ट्रीय नियम (एनआर) श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिन्होंने अभी तक राष्ट्रीय स्तर के लिए क्वालीफाई नहीं किया है, और अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) श्रेणी उन लोगों के लिए है जिन्होंने पहले ही राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपना स्थान अर्जित कर लिया है। यह डिवीजन एक अत्यधिक प्रतिस्पर्धी माहौल सुनिश्चित करता है, जो उभरती हुई प्रतिभाओं को अनुभवी पेशेवरों के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करता है। 329 प्रतिभागियों में से 221 ने एनआर श्रेणी में पंजीकरण कराया है, जबकि शेष 108 आईएसएसएफ श्रेणी में हैं। भाग लेने वाले उल्लेखनीय एथलीटों में पूर्व ओलंपियन कीनन चेनाई के साथ-साथ प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज भवानीश मेंदीरत्ता, जोरावर सिंह संधू, मनीषा कीर, दर्शना राठौर, आशिमा अहलावत, प्रीति रजक, कार्तिकी सिंह शखावत और राजकुंवर इंगले शामिल हैं। इन शीर्ष निशानेबाजों के लिए, इंडिया ओपन एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण मैदान के रूप में काम करेगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय चैम्पियनशिप और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से पहले अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का मौका मिलेगा। इस आयोजन के बारे में बोलते हुए, एनआरएआई के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने कहा, “शॉटगन में इंडिया ओपन प्रतियोगिता भारत में निशानेबाजी खेलों को विकसित करने और उन्हें आगे बढ़ाने के हमारे निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह टूर्नामेंट न केवल राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के लिए एक महत्वपूर्ण योग्यता मार्ग प्रदान करता है, बल्कि हमारे निशानेबाजों को अपने कौशल का परीक्षण करने और उन्हें निखारने के लिए एक प्रतिस्पर्धी मंच भी देता है। उभरती प्रतिभाओं और अनुभवी एथलीटों दोनों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए, हम भारतीय निशानेबाजी के भविष्य को एक्शन में देख रहे हैं। मैं सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देता हूं।” प्रतिभागियों की प्रभावशाली लाइनअप के साथ, टूर्नामेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा और उच्च-क्षमता वाले प्रदर्शन का वादा किया गया है, जो 2 दिसंबर को एक रोमांचक समापन के लिए मंच तैयार करता है।  

साइबर फ्रॉड होने पर टोल-फ्री नंबर 1930 पर तुरंत करें संपर्क, पैसे जल्द मिल सकते हैं वापस

 जबलपुर यदि आप डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्राड के शिकार होते हैं तो सर्वप्रथम हेल्पलाइन टोल-फ्री नंबर 1930 पर डायल करें। स्टेट साइबर सेल आपकी शिकायत को गंभीरता से लेकर अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। समय रहते शिकायत अपराधियों के पकड़े जाने का आधार बन सकती है समय रहते शिकायत करने की सावधानी और जागरूकता डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्राड करने वालों के पकड़े जाने का आधार बन सकती है। एकदम से काल उठाने पर साइबर ठगों की बातों के शिकार इंटरनेशनल काल भी नहीं उठाने चाहिए। इनके जरिए साइबर ठगी हो सकती है। मोबाइल पर जब भी कोई काल आए सबसे पहले जांच-परख कर लें। एकदम से काल उठाने से आप साइबर ठगों की बातों के शिकार हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल लाइन के विस्तार से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा रेल मंत्रालय की 7 हजार 927 करोड़ रुपये लागत की 3 मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान करने पर प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय कैबिनेट का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल लाइन के विस्तार से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं इको पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल से प्रदेश में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (खंडवा), खजुराहो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, असीरगढ़ किला और रीवा किला जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं की स्वीकृत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री का आभार माना। मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के 7 जिलें होंगे कवर बता दें कि केंद्रीय मंत्री-मंडल ने रेल मंत्रालय की 3 परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी लागत 7 हजार 927 करोड़ रुपये है। इनमें जलगांव-मनमाड चौथी लाइन (160 किमी), भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन (131 किमी) तथा प्रयागराज (इरादतगंज) मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) शामिल हैं। ये परियोजनाएं 3 राज्यों अर्थात महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के 7 जिलों को कवर करेंगी। इससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 639 किलोमीटर की वृद्धि होगी। निर्माण अवधि के दौरान लगभग एक लाख मानव-दिनों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे। इससे कोयला परिवहन और यात्री ट्रेनों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और मालगाड़ी के यात्रा समय में कमी करने में भी मदद मिलेगी। तीर्थ यात्रियों, प्रकृति प्रेमियों को मिलेगा लाभ स्वीकृत परियोजना खंडवा और चित्रकूट जैसे 2 आकांक्षी जिलों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, जिससे लगभग एक हजार 319 गांवों और लगभग 38 लाख आबादी को सेवा मिलेगी। मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करके कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। नासिक (त्र्यंबकेश्वर) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ) के ज्योतिर्लिंग के साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा। अजंता और एलोरा गुफाएँ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, देवगिरी किला, यावल वन्यजीव अभयारण्य, केवटी फॉल्स और पुरवा फॉल्स आदि जैसे विभिन्न आकर्षणों तक बेहतर पहुँच के माध्यम से प्रकृति प्रेमियों और इतिहास में रूचि रखने वाले पर्यटकों को भी सुविधा होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।  

नशे के सौदागर, आतंकवादी, आय के स्त्रोत सहित अन्य गतिविधियों को छिपाने के लिए इसका उपयोग हो रहा : विशेषज्ञ

इंदौर इंदौर में आयोजित यूरेशियन ग्रुप की मीटिंग के तीसरे दिन अलग-अलग देश से आए विशेषज्ञों ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय नवाचार का दौर है, जो जोखिम से भी भरा है। नशे के सौदागर, आतंकवादी, आय के स्त्रोत सहित अन्य गतिविधियों को छिपाने के लिए इसका उपयोग हो रहा है। इन जोखिमों को कम करने के लिए वैश्विक स्तर पर कानून और मजबूत करना होंगे। वित्तीय अपराध रोकने के लिए तकनीक को ही औजार बनाने के जरूरत है। भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा कि आर्थिक अपराधों को रोकने के लिए हमारे पास वैश्विक दृष्टिकोण चाहिए। वैश्विक वित्तीय प्रणाली की अखंडता को बनाकर रखना होगा, ताकि अपराधी कमजोर वित्तीय नीतियों का फायदा न उठा सके। जापान के प्रतिनिधि सोशी काजे कवाका ने कहा कि नई तकनीकों का उपयोग पैसे के स्त्रोत को छिपाने के लिए हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद विश्व के लिए खतरा है। आजकल आतंकवादी फंडिंग के लिए क्रिप्टो करेंसी का उपयोग कर रहे हैं। इन अपराधियों को रोकने के लिए सदस्य देशों को मिलकर वैश्विक नेटवर्क और मॉडल विकसित करना होंगे। मीटिंग के अलग अलग सत्रों में प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। बता दें कि इंदौर में हो रही यूरेशियन ग्रुप की अंतर्राष्ट्रीय बैठक   में 25 देशों के 200 से ज्यादा प्रतिनिधि आए हुए हैं। इस बैठक में आतंकवाद के लिए होने वाली फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों की रोकथाम को लेकर सभी सदस्य देशों की कारगर रणनीति बनाई जा रही है। बुधवार को एक फिनटेक प्रदर्शनी का शुभारंभ भी हुआ।  

पहाड़ों पर बर्फबारी ने एमपी में बढ़ाई ठिठुरन, पचमढ़ी सबसे ठंडा, भोपाल

भोपाल  जम्मू कश्मीर, मनाली सहित उत्तर भारत के राज्यों में हो रही बर्फबारी का असर मध्य प्रदेश में दिखने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में सर्द हवाएं चलना शुरू हो चुकी हैं। मंगलवार को प्रदेश का न्यूनतम तापमान गिरकर 5.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मैदानी जिलों की बात करें तो यहां न्यूनतम पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। राजधानी भोपाल सहित पांच शहरों का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से तापमान में और गिरावट आने के आसार नजर आ रहे हैं। सर्द हवाओं के चलने से मध्य प्रदेश में सिहरन हो सकती है। कहां कितना तापमान प्रमुख स्थानों के न्यूनतम तापमान को देखा जाये तो मैदानी क्षेत्र के जिलों में मंडला सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी की बात करें तो यहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। भोपाल में 9.8, राजगढ़ में 9.6, नौगांव 9.3 और उमरिया में 9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। आगे भी रह सकता है ऐसा मौसम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हाल ही में हुई बर्फबारी के बाद उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में काफी गिरावट आ रही है। अभी हवा का रुख भी उत्तरी बना हुआ है। उत्तर भारत की तरफ से लगातार आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश में अच्छी ठंड पड़ रही है। आगे भी ऐसा ही मौसम रह सकता है। इन सलाहों को अपनाएं मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों का मौसम शुष्क बने रहने का अनुमान जताया है। विभाग ने सुझाव दिया है कि कुछ स्थानों में कोहरा पड़ सकता है, इसलिए लोगों को बस का उपयोग करना चाहिए क्योंकि कोहरे में मौजूद कारण पदार्थ और विभिन्न प्रकार के प्रदूषण होते हैं। इनके संपर्क में आने से लोगों के फेफड़े के कार्य क्षमता प्रभावित हो सकती है। खांसी और सांस की समस्या भी बढ़ सकती है। साथ ही वाहनों को धीमी या औसत गति पर चलाएं। आगे वाली गाड़ी से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। फॉग लैंप का इस्तेमाल करें ताकि कोहरे के कारण किसी भी प्रकार की दुर्घटना ना हो पाए।

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी छिनने का खतरा बढ़ा, पाकिस्तान में बवाल के कारण पीसीबी की मुश्किलें भी बढ़ा दी

नई दिल्ली पाकिस्तान में इस समय हालात सही नहीं हैं। भारत के पड़ोसी मुल्क में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और सरकार के बीच संघर्ष खून-खराबे में बदल गया। कई लोग इसमें अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि, इमरान समर्थक और सेना के बीच हुआ विरोध प्रदर्शन थम गय, लेकिन इस घटना ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं, जिसे फरवरी-मार्च में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी करनी है। अगर हालात जल्द ठीक नहीं होते हैं तो फिर पाकिस्तान से इसकी मेजबानी छिन सकती है। हालांकि, एक बात तय है कि अब पाकिस्तान को इस टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित करने के लिए झुकना पड़ सकता है। पाकिस्तान में क्यों हो रही है हिंसा? बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ दिन पहले पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में कम्यूनल वॉयलेंस हुआ। अफगान सीमा के करीब कुर्रम के जनजातीय जिले में यह हिंसा हुई। करीब 80 लोगों ने इसमें अपनी जान गंवा दी। हाल ही में शिया समुदाय के सुरक्षा से घिरे हुए एक काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें करीब 40 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से ये हिंसा और भी ज्यादा भड़क गई। हालांकि, एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, शिया और सुन्नी समुदाय के नेताओं के बीच बातचीत हो गई है और हिंसा को रोकने पर सहमत हो गए हैं, लेकिन जमीन पर अभी हालात सामान्य नहीं हैं। वहीं, एक अन्य बड़ी घटना इस्लामाबाद में देखने को मिली, जहां इमरान खान के समर्थन और सेना के बीच टकराव देखने को मिला। बात गोलीबारी तक पहुंच गई, जिसमें 10 लोगों की जान चली गई। इनमें 4 सैनिक भी शामिल हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर असर पाकिस्तान में जारी हिंसा का असर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर पड़ने की पूरी उम्मीद है और इसकी शुरुआत श्रीलंका के पाकिस्तान दौरे के साथ शुरू हो चुकी है। श्रीलंका ए ने पाकिस्तान का दौरा हिंसा के कारण कैंसिल कर दिया है। इसके अलावा इसी शुक्रवार को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी की बैठकर चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर होनी है। अगर उस समय तक हालात सामान्य नहीं होते हैं तो फिर पीसीबी से मेजबानी छिनने का भी खतरा है। बांग्लादेश में हाल ही में तख्तापलट हुआ था और उस समय बांग्लादेश में आईसीसी वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप होना था, लेकिन इसे यूएई शिफ्ट कर दिया गया। अगर पाकिस्तान में भी यही हालात जारी रहते हैं तो फिर चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर भी ऐसा ही ऐलान आईसीसी की ओर से हो सकता है। हालांकि, अब भारत का पॉइंट प्रूव हो गया है कि इन हालातों में टीम इंडिया का पाकिस्तान जाना सुरक्षित नहीं है और ऐसे में टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित किया जाएगा। इसकी पुष्टि शुक्रवार को हो सकती है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस बात पर अड़िग है कि टूर्नामेंट पूरी तरह पाकिस्तान में होना चाहिए, लेकिन मौजूदा हालातों के कारण पाकिस्तान को झुकना पड़ेगा। हालांकि, जिन तीन शहरों में चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी होनी है। उनमें कोई बड़ी हिंसा या हमले की खबर नहीं है, लेकिन पाकिस्तान एक छोटा देश है तो फिर कुछ भी कहना सेफ नहीं होगा। यही कारण है कि फिलहाल के लिए आईसीसी हाइब्रिड मॉडल का प्रस्ताव पारित कर सकती है। अगर बाद में हालात खराब रहते हैं तो इसे शिफ्ट करने पर विचार किया जा सकता है। पाकिस्तान में हो रहे हमले पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बृहस्पतिवार को आतंकवादियों ने यात्रियों को ले जा रहे तीन वाहनों को निशाना बनाकर हमला किया था, जिसमें करीब 50 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से ये हिंसा भड़की, लेकिन इससे पहले भी कुछ हमले पाकिस्तान में हुए हैं। नवंबर की शुरुआत में ही पाकिस्तानी अलगाववादियों ने दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत के एक रेलवे स्टेशन पर बम विस्फोट किया था, जिसमें 14 सैनिकों सहित 26 लोगों की जान चली गई थी। आए दिन पाकिस्तान में ये होता रहता है। ऐसे में भारतीय टीम का पाकिस्तान जाना सुरक्षित नहीं है। भारत सरकार चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम को वहां भेजने की अनुमति नहीं देगी।

इजरायल ने लेबनान के चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह को कमजोर कर उसे दशकों पीछे धकेला, इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम

तेल अवीव अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्थता से इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम हो गया है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि इजरायल ने लेबनान के चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह को कमजोर कर उसे दशकों पीछे धकेल दिया है. नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट की मंजूरी के बाद सीजफायर को ग्रीन सिग्नल दे दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान और हमास समर्थित हिजबुल्लाह मौजूदा समय में बहुत कमजोर हो चुका है. नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह ने आठ अक्तूबर को लेबनान से हम पर हमला करने का सोचा. एक साल बाद हिज्बुल्लाह अब वह पुराना हिजबुल्लाह नहीं रह गया है. हमने उसे दशकों पीछे धकेल दिया है. हमने हसन नसरल्लाह सहित उसके कई बड़े लीडर्स को मार गिराया है. हमने उनके हजारों आतंकियों को मार गिराया है और उनकी सुरंगों को तबाह कर दिया है, जिन्हें दोबारा तैयार करने में उन्हें सालों लगेंगे. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में हमने शतरंज की चाल पलट दी है. हम पर सात मोर्चों से हमला किया गया लेकिन हम डटकर लड़े. हम मिडिल ईस्ट का चेहरा बदल रहे हैं. बता दें कि इस सीजफायर के तहत इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान से अपने सैनिकों को वापस बुलाएगी और लेबनान की सेना इस क्षेत्र में अपने सैनिकों की तैनाती करेगी. इसके साथ ही हिजबुल्लाह लिटानी नदी से सटे इलाकों से अपने लड़ाकों को हटाएगी. क्या हैं सीजफायर की शर्तें सीजफायर समझौते के तहत इजरायली सैनिकों को दक्षिण लेबनान से वापस जाना होगा और लेबनान की सेना को इस क्षेत्र में तैनात करना होगा. इसके साथ ही हिज्बुल्लाह लिटानी नदी के दक्षिण में सीमा पर अपनी सशस्त्र मौजूदगी भी खत्म कर देगा. लेबनान के विदेश मंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि लेबनान की सेना इजरायली सैनिकों के वापस जाने पर दक्षिणी लेबनान में कम से कम 5000 सैनिकों को तैनात करने के लिए तैयार है. नेतन्याहू का कहना है कि युद्धविराम की अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि लेबनान में क्या होता है. अगर हिज्बुल्लाह समझौते का उल्लंघन करता है और खुद को हथियारबंद करने की कोशिश करता है, तो हम हमला करेंगे, अगर वह सीमा के पास आतंकवादी बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण करने की कोशिश करता है, तो हम हमला करेंगे. अगर वह रॉकेट लॉन्च करता है, अगर वह सुरंग खोदता है, अगर वह रॉकेट ले जाने वाला ट्रक लाता है, तो हम हमला करेंगे.  

डोनाल्ड ट्रंप ने एक और भारतवंशी जय भट्टाचार्य को दी बड़ी जिम्मेदारी, NIH में मिला अहम रोल

नई दिल्ली  अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति का भारतीय मूल के लोगों पर भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है।डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से एक भारतवंशी पर विश्वास जताया है। उन्होंने जय भट्टाचार्य को राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) के डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया है। दरअसल, जय भट्टाचार्य का जन्म कोलकाता में हुआ था। वह एक बड़े अर्थशास्त्री हैं। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से मेडिकल शिक्षा प्राप्त की है। अपनी जिम्मेदारी के दौरान वह करीब 47.3 अरब डॉलर के बजट की निगरानी करेंगे। अमेरिका ने इस बजट को मेडिकल रिसर्च पर खर्च करने के लिए रखा है। क्या बोले जय भट्टाचार्य? नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के डायरेक्टर के रूप में नॉमिनेट होने पर जय भट्टाचार्य ने खुशी जाहिर की है। इस दौरान उन्होंने कहा, “अगले NIH के डायरेक्टर के तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मुझे नामांकित किए जाने से मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हम अमेरिकी वैज्ञानिक संस्थानों में सुधार करेंगे, जिससे लोग फिर एक बार उन पर भरोसा कर सकें। अमेरिका को फिर से स्वस्थ बनाने के लिए बेहतरीन विज्ञान के रिजल्ट के रूप में तैनात करेंगे।” डोनाल्ड ट्रंप ने कही ये बात नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जय भट्टाचार्य के नॉमिनशन का एलान करते हुए कहा कि मैं NIH के डायरेक्टर के रूप में सेवा करने के लिए जय भट्टाचार्य, एमडी, पीएचडी को नॉमिनेट कर रोमांचित हूं। वह देश के चिकित्सा अनुसंधान को निर्देशित करने और महत्वपूर्ण रिसर्च के लिए रॉबर्ट एफ. कैंनेडी जूनियर के साथ मिलकर काम करेंगे। जिससे हेल्थ सेक्टर में सुधार होगा और लोगों की सुरक्षा होगी। कोविड के दौरान चर्चा में थे भट्टाचार्य COVID-19 महामारी के दौरान जय भट्टाचार्य ने अमेरिका के स्वास्थ्य नीतियो की आलोचना की थी। इस कारण वह सुर्खियों में रहे। वहीं, भट्टाचार्य ने अक्तूबर 2020 में दो स्कॉलरों के साथ मिलकर ‘ग्रेट बैरिंगटन डिक्लेरेशन’ प्रकाशित किया था। इस रिसर्च में उन्होंने कहा था कि कोरोना वायरस जो लोग प्रभावित नहीं हैं उनको सामान्य जीवन की ओर लौटने दिया जाना चाहिए और संवेदनशील लोगों की रक्षा की जानी चाहिए। जानिए जय भट्टाचार्य के बारे में     जय भट्टाचार्य का जन्म साल 1968 में कोलकाता में हुआ था।     वर्ष 1997 में उन्होंने स्टैनफोर्ड से चिकित्सा में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने उसी विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की।     वर्तमान में जय भट्टाचार्य नेशनल ब्यूरो ऑफ़ इकोनॉमिक्स रिसर्च में शोध सहयोगी हैं।     जय भट्टाचार्य को अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NIH के डायरेक्टर के रूप में नॉमिनेट किया है।     जय भट्टाचार्य ने COVID-19 महामारी के दौरान जय भट्टाचार्य ने अमेरिका के स्वास्थ्य नीतियो की आलोचना की थी।  

बेंगलुरु में गर्लफ्रेंड की छाती पर चाकू घोंपकर हत्या, कई घंटे शव के साथ कमरे में रहा बॉयफ्रेंड, फिर हो गया फरार

बेंगलुरु कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इंदिरा नगर में माया गोगोई नाम की युवती की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, असम की रहने वाली माया गोगोई की उसके प्रेमी आरव अनय ने बेरहमी से हत्या की है। केरल का रहने वाला आरव इस घटना के बाद फरार हो गया। पुलिस हत्या के मकसद की जांच कर सबूत जुटा रही है। आरोपी को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। असम की रहने वाली थी लड़की पुलिस ने बताया कि इंदिरा नगर इलाके में एक सर्विस अपार्टमेंट में लड़की की बेरहमी से हत्या की गई है। पीड़िता एक निजी कंपनी में काम करती थी। लड़की हत्या उसके प्रेमी आरव अनय ने चाकू घोंपकर कर की है। माया असम की रहने वाली थी। वह एक व्लॉगर थी। सुबह तक शव के साथ कमरे में रहा हत्यारा रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता और आरव नाम का एक व्यक्ति 23 नवंबर को सर्विस अपार्टमेंट में आए थे। पुलिस को संदेह है कि आरव ने 24 नवंबर को माया की छाती पर कई बार चाकू घोंपकर हत्या की है। पुलिस का यह भी मानना ​​है कि वह सुबह तक शव के साथ कमरे में रहा। उसके बाद वह मौके से भाग गया। तीन दिन पहले केरल से बेंगलुरु आया था आरव पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हत्यारे की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, माया कोरमंगला में एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थी। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि दोनों एक-दूसरे को जानते थे। 3 दिन पहले जब आरोपी आरव केरल से बेंगलुरु आया था तब से लेकर हत्या किए जाने तक माया उसके साथ ही रह रही थी। हत्या की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस स्पेशल टीम बनाकर हत्यारे की तालाश में जुटी हुई है। ताते चलें कि सितंबर में बेंगलुरु में एक महिला की हत्या की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी. यहां के व्यालीकवल इलाके में एक घर के कमरे में 165 लीटर मॉडल का सिंगल डोर फ्रिज में 29 साल की महालक्ष्मी की लाश के 30 से 40 टुकड़ो में मिली थी. कई टुकड़े फर्श तक पर बिखरे पड़े थे.  वारदात के करीब 19 दिन बाद कमरे का दरवाज़ा 21 सितंबर को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे खुला था. उस बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर पांच महीने पहले ही महालक्ष्मी किरायेदार के तौर पर रहने आई थी. नेपाल की रहने वाली महालक्ष्मी वहां अकेली रहती थी. पड़ोसी भी उसे नहीं जानते थे.  वजह ये थी कि हर रोज़ वो सुबह 9.30 बजे घर से निकलती और रात 10.30 के बाद ही घर लौटती. उसकी मां और बहन बेंगलुरु में रहते हैं. दो सितंबर के बाद अचानक महालक्ष्मी का फोन बंद हो गया. उसकी मां और बहन लगातार फोन करते रहे, पर बात नहीं हो रही थी. इसी बीच पड़ोसियों को घर से बदबू आई. 20 सितंबर को मकान मालिक ने महालक्ष्मी की मां को फोन किया. उन्हें महालक्ष्मी के घर से आ रही बदबू के बारे में जानकारी दी. मकान मालिक की बात सुन कर वो घबरा गई. महालक्ष्मी के घर की एक चाबी मां के पास रहती थी. वो फौरन चाबी लेकर अपनी दूसरी बेटी के साथ महालक्ष्मी के साथ घर पहुंची.  मकान मालिक और पड़ोसियों की मौजूदगी में घर का दरवाजा खोला गया. लेकिन दरवाज़ा खुलते ही अंदर से इतनी तेज़ बदबू आई कि सभी पीछे हट गए. कुछ देर बाद हिम्मत कर फिर से वो अंदर गए. फर्श पर हर तरफ खून के निशान थे. मांस के छोटे-छोटे लोथड़े यहां वहां पड़े थे. इस तरह इस वारदात का खुलासा हुआ था.

एयरसेल के सस्थापक मालिक आनंद कृष्णन के बेटे ने लिया संन्यास, ठुकराई 40000 करोड़ की संपत्ति

कुआला लम्पुर मलेशिया के टेलीकॉम टायकून आनंद कृष्णन के बेटे वेन अजान सिरिपान्यो ने मात्र 18 साल की उम्र में अपने समृद्ध और विलासी जीवन को त्यागकर संन्यास लेने की घोषणा करके लोगों को चौंका दिया है। आनंद कृष्णन मलेशिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनके पास 5 अरब अमेरिकी डॉलर यानी कि 40,000 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। दूरसंचार, मीडिया, उपग्रह, तेल, गैस और रियल एस्टेट में उनका व्यापार फैला हुआ है। आनंद कृष्णन एयरसेल के पूर्व मालिक भी रहे हैं, जो कभी आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स को स्पॉन्सर किया करता था। वेन अजान सिरिपान्यो का बचपन शाही अंदाज में बीता है। अब उन्होंने अपनी आरामदायक और ऐश्वर्यपूर्ण जीवनशैली को छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाया और संन्यासी बनने का फैसला किया। उनके पिता आनंद कृष्णन भी खुद को एक समर्पित बौद्ध अनुयायी बताते हैं। उन्होंने अपने बेटे के इस फैसले का सम्मान किया है। अजान सिरिपान्यो का जीवन वेन अजान सिरिपान्यो की संन्यास की यात्रा 18 साल की उम्र में थाईलैंड यात्रा से शुरू हुई थी। थाईलैंड में अपनी मां के परिवार से मिलने के दौरान उन्होंने अस्थायी रूप से एक आश्रम में संन्यास लेने का निर्णय लिया था। आज वे थाईलैंड-म्यांमार सीमा के पास स्थित द्ताओ डम मठ के प्रमुख (अब्बॉट) के रूप में जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने लंदन में अपनी दो बहनों के साथ बचपन बिताया। वहीं उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। अलग-अलग संस्कृतियों के बीच पले-बढ़े अजान सिरिपान्यो ने बौद्ध धर्म के सिद्धांतों को गहराई से समझा है। वेन अजान सिरिपान्यो को आठ भाषाओं का ज्ञान है। उन्हें अंग्रेजी, तमिल और थाई भाषा का भी ज्ञान है। साधारण जीवन वेन अजान सिरिपान्यो बहुत ही साधारण जीवन जीते हैं। वह भिक्षाटन करके अपना जीवन-यापन करते हैं। वह अपने परिवार से भी जुडे हुए हैं और समय-समय पर परिवार के साथ अपने रिश्तों को बनाए रखने के लिए पूर्व जीवनशैली में लौटते हैं। वे कभी-कभी परिवार के सदस्य से मिलने के लिए यात्रा भी करते हैं। एक बार उन्हें अपने पिता से मिलने के लिए एक प्राइवेट जेट में इटली जाते हुए देखा गया था। आपको बता दें कि बौद्ध धर्म में पारिवारिक प्रेम को महत्व दिया गया है। सिरिपान्यो इस सिद्धांत का पालन करते हुए अपने पिता से मिलने का समय निकालते हैं। उनके पिता ने उनकी सुविधा के लिए पेनांग हिल में एक आध्यात्मिक रिट्रीट भी खरीदी है।

आगरा एक्सप्रेसवे पर जोरदार हादसा में 5 डॉक्टरों की मौत, शादी से लौटते समय कन्नौज में हुआ एक्सिडेंट

कन्नौज  उत्तर प्रदेश के कन्नौज में भीषण सड़क हादसा हुआ है। इस हादसे में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के पांच डॉक्टरों की दर्दनाक मौत हो गई है। बुधवार सुबह उतर तड़के 4:00 बजे यह हादसा हुआ। इस भीषण हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मिल रही जानकारी के अनुसार, सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टर लखनऊ में शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहां से लौटते समय यह हादसा हुआ। कन्नौज के पास जैसे ही उनकी गाड़ी पहुंची, उसकी टक्कर ट्रक से हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही डॉक्टरों की मौत हो गई। लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। घटना पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लेने का आदेश दिया है। साथ ही, इस घटना पर कन्नौज पुलिस का बयान सामने आया है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि एक कार लखनऊ से आगरा की तरफ जा रही थी। थाना तिर्वा क्षेत्र के तहत 196 किलोमीटर पर अनियंत्रित होकर दूसरी साइड जा रहे ट्रक से टकरा गई। पुलिस ने कहा कि इसमें कुल 6 लोग सवार थे। थाना तिर्वा पुलिस की ओर से तत्काल सभी घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज तिर्वा में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों की ओर से 5 लोगों को मृत घोषित किया गया। 1 व्यक्ति मेडिकल कॉलेज तिर्वा में इलाजरत है। मृतकों के शव को मॉर्चरी में रखवा दिया गया है। अन्य विधिक कार्यवाही की गई है। कन्नौज हादसे में कार की स्थिति देख कांप गए लोग कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में मृतक डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं। भीषण सड़क हादसे में डॉ.अनिरुद्ध वर्मा, डॉ.संतोष कुमार मौर्य, डॉ.जयवीर सिंह, डॉ अरुण कुमार, डॉ.नरदेव की मौत हुई है। सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में तैनात डॉक्टरों की मौत की जानकारी मिलते ही दुख पसर गया है। तिर्वा कोतवाली क्षेत्र में हादसा आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ रही है। इस मामले में सामने आया है कि लखनऊ से सैफई लौटते समय कार की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान आगरा एक्सप्रेसवे पर तिर्वा कोतलवाली क्षेत्र में बेकाबू कार की टक्कर ट्रक से हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में कार के उड़े परखच्चे कार और ट्रक की टक्कर में मौके पर ही पांचों डॉक्टरों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पांचों डॉक्टर सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में तैनात थे। वे अपने साथी के शादी समारोह में शामिल होने लखनऊ आए थे। शादी समारोह में भाग लेने के बाद वापस लौटते समय यह भीषण हादसा हो गया। मौके पर पहुंचे अधिकारी तिर्वा कोतवाली क्षेत्र में हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची। दुर्घटना की जांच की गई। मृतकों के शवों को कार से निकाला गया। इसके बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामले की जानकारी संस्थान को भी दी गई है। वहीं, दुर्घटना वाली सड़क से हटाकर यातायात को सुचारू कराया गया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अलीगढ़ में बारातियों से भरी बस और ट्रैक्टर की भीषण भिड़ंत, 12 घायल, चार की हालत गंभीर अलीगढ़ में थाना छर्रा इलाके के छर्रा मंडी रोड पर मंगलवार देर रात बारातियों से भरी एक तेज रफ्तार बस अनाज से लदे ट्रैक्टर से टकरा गई. इस भीषण दुर्घटना में बस के परखचे उड़ गए और 12 लोग घायल हो गए. इनमें चार की हालत गंभीर है, जिन्हें तत्काल जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. बारातियों से भरी यह बस बुलंदशहर जिले के जहांगीराबाद के भामनी गांव से अलीगढ़ के बरला के बमनोई जा रही थी. बताया जा रहा है कि बस का ड्राइवर नशे की हालत में था और उसने तेज रफ्तार के कारण बस से नियंत्रण खो दिया. इसके चलते बस अनाज से लदे ट्रैक्टर से आमने-सामने टकरा गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने घायलों को बस से बाहर निकाला. पुलिस क्षेत्राधिकारी महेश कुमार ने बताया कि दुर्घटना में बस के ड्राइवर सत्यदेव समेत 12 लोग घायल हुए हैं. घायलों को पहले छर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चार गंभीर घायलों को जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. घायल लोगों में सत्यदेव (ड्राइवर), ललित, प्रदीप, जय सिंह, सोहनलाल, चरण सिंह, अर्जुन, और रघुराम शामिल हैं। इनमें सत्यदेव, ललित, प्रदीप और चरण सिंह की हालत गंभीर है. बाकी घायलों का इलाज छर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है.

एलएनआईपीई मैदान पर 3 दिसंबर तक चलेगी प्रतियोगिता

भोपाल सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने मंगलवार को ग्वालियर में इंटर स्टेट वुमन ब्लाइंड क्रिकेट टूर्नामेंट का उदघाटन किया। मंत्री  कुशवाह ने कहा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांग प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है। सरकार द्वारा दिव्यांग खिलाड़ियों को हर संभव खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। मंत्री कुशवाह ने टूर्नामेंट में भाग ले रहीं  क्रिकेट टीम के सदस्यों  से परिचय प्राप्त कर उन्हें प्रोत्साहित किया।  ग्वालियर के  एलएनआईपीई  क्रिकेट मैदान पर  मध्यप्रदेश की क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित प्रतियोगिता 03 दिसंबर तक चलेगी। इसमें गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान एवं मध्यप्रदेश की टीमें हिस्सा ले रहीं हैं। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर अध्यक्ष क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड के अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र शर्मा, अतुल अतरौली, एस.के. अग्रवाल सहित अतिथियों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया एवं मैच का आनंद लिया।  

राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर के अवसर पर कृषक परमार को मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया गया

शाजापुर जिले का किसान गोपाल रत्न राष्ट्रीय पुरस्कार 2024 से सम्मानित केंद्रीय पशुपालन मंत्री ने  देवेन्द्र परमार को दिल्ली में प्रदान किया पुरस्कार राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर के अवसर पर कृषक परमार को मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया गया भोपाल केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह द्वारा शाजापुर जिले के शुजालपुर कैंप की पटलावदा दुग्ध समिति के डेयरी किसान देवेन्द्र परमार को ‘गोपाल रत्न’ राष्ट्रीय पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर के अवसर पर कृषक परमार को मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में उपलब्धि के लिए प्रदेश के शाजापुर जिले के किसान देवेंद्र परमार का केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2024 के लिए चयन हुआ। उन्हें बेस्ट डेरी फार्मर वर्ग में देसी पशु नस्ल सुधार के लिए द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया है। कृषक देवेंद्र शाजापुर जिले के पटलावदा के दुग्ध उद्यमी किसान हैं, जो भोपाल दुग्ध संघ के अंतर्गत शुजालपुर दुग्ध उत्पादन समिति के सदस्य हैं। वे बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं का पालन करते है और देसी गायों की नस्ल सुधार में उल्लेखनीय कार्य किया है। वे देव डेयरी के नाम से पैकेज्ड दूध बेचते हैं। उन्होंने अपने खेत में गोबर गैस संयंत्र भी लगा हुआ है, जिससे बड़ी मात्रा में गोबर गैस उत्पन्न करते हैं, साथ ही जैविक खाद बेचकर भी अच्छी आमदनी लेते हैं।  

वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही

अवैध कटाई में संलिप्त वन माफियाओं को पकड़ने की मुहिम जारी सागौन के अवैध परिवहन का आरोपी गिरफ्तार वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही भोपाल वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही है। इसी क्रम में वन मण्डलाधिकारी, उत्तर बैतूल, सामान्य वन मण्डल नवीन गर्ग ने बताया कि उत्तर बैतूल, सामान्य वन मण्डल के परिक्षेत्र बैतूल सामान्य वन मण्डल में 18 एवं 19 नवम्बर को वन विभाग द्वारा रात्रि गश्त के दौरान खारी बीट में जाँच करने पर सागौन की लकड़ी से भरा अशोक लीलेण्ड मिनी ट्रक जप्त कर वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। वाहन की जाँच करने पर वाहन में रामकुमार वल्द पुरुषोत्तम मेहरा के नाम के ड्रायविंग लायसेंस की छायाप्रति प्राप्त हुई। इसके आधार पर वन मण्डलाधिकारी उत्तर बैतूल नवीन गर्ग सामान्य वन मण्डल के निर्देशन में उप वन मण्डलाधिकारी श्रेयस श्रीवास्तव और परिक्षेत्र अधिकारी ए.एस. बघेल के नेतृत्व में अलग-अलग दल गठित कर विभिन्न स्थलों पर छापामार कार्रवाई की गयी। छापामार कार्रवाई में वाहन मालिक रामकुमार मेहरा निवासी राहुल नगर मण्डीदीप जिला रायसेन को गिरफ्तार कर बयान दर्ज किये गये। आरोपी रामकुमार मेहरा ने बयान में यह बताया कि उसके द्वारा राजू वाड़ीवा निवासी ग्राम पाठई तहसील शाहपुर के साथ में सागौन कटाई कर परिवहन किया गया। वन विभाग द्वारा पूर्व में 27 अक्टूबर को 3 आरोपियों में राजा पिता राजू वाड़ीवा, शेख अफजल और पाढर के सोनू मुईनुद्दीन की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वन विभाग की टीम द्वारा 22 नवम्बर को आरोपी को न्यायालय द्वारा उसके बयान के आधार पर पूछताछ एवं मौका निरीक्षण के लिये 3 दिवस के लिये फॉरेस्ट रिमाण्ड पर भेजा गया है। आरोपी रामकुमार मेहरा को 25 नवम्बर को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण की विवेचना में आरोपी द्वारा किये गये अपराध के आधार पर 7 दिसम्बर 2024 तक ज्यूडीशियल रिमाण्ड पर भेजा गया है। प्रकरण में आगामी कार्रवाई की जा रही है।  

महिला सुरक्षा संवाद का दूसरा दिन कार्यात्मक दृष्टिकोण और युवा केंद्रित समाधानों के साथ संपन्न हुआ

हम होंगे कामयाब पखवाड़ा भोपाल “हम होंगे कामयाब” पखवाडा में आयोजित कार्यशाला ‘महिला सुरक्षा संवाद’ के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विभागों और नागरिक समाज के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिये प्रतिबद्ध है, जहां महिलाएं हिंसा और भेदभाव के बिना आगे बढ़ सकें। कार्यशाला के स्काई सोशल की संस्थापक सृष्टि प्रगट ने युवा पीढ़ी की बदलाव लाने की अपार क्षमता को उजागर किया और महिलाओं के खिलाफ हिंसा से मुक्त एक भविष्य बनाने में उनके योगदान की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने सामूहिक प्रयासों और सक्रिय युवा भागीदारी की बात की, जिससे प्रणालीगत समस्याओं का समाधान किया जा सके, और यह सुनिश्चित किया जा सके। रेडियो बुन्देलखण्ड की आर.जे. सुवर्षा ने कैसे युवा सामाजिक परिवर्तन के प्रेरक बन सकते हैं पर चर्चा की। इसमें यूनिसेफ के अधिकारियों के साथ-साथ ‘आरंभ’ और ‘उदय’ के युवाओं ने अपनी परिवर्तनकारी कहानियाँ और लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ जमीनी स्तर पर संघर्ष की रणनीतियाँ साझा कीं। इस सत्र ने युवाओं को समुदाय विकास और लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। डॉ. वंचना सिंह परिहार ने महिला हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों के लिए एक समग्र सहायता प्रदान करने वाली वन स्टॉप सेंटर्स की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने इन केंद्रों के संचालन को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि ये अधिक सुलभ और पीड़ित केंद्रित हो सकें। अधिवक्ता योगेश पंडित ने साइबर हिंसा से उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं को ऑनलाइन उत्पीड़न से बचाने के लिए कार्यात्मक दृष्टिकोण प्रदान किए और कानून व्यवस्था के तहत अपराधियों को जिम्मेदार ठहराने के तरीकों पर चर्चा की। क्लिनिकल साइकॉलाजिस्ट सुगर्गी कन्हेरे द्वारा संचालित “लिंग आधारित हिंसा का मानसिक प्रभाव” सत्र में लिंग आधारित हिंसा युवाओं पर मानसिक प्रभाव कितना गहरा हो सकता है पर चर्चा की गई। सत्र में इस तरह के मानसिक आघात को समझने, सहनशीलता का निर्माण करने और सहानुभूतिपूर्ण समर्थन प्रणालियाँ विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि युवा मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और जीबीटी से प्रभावित साथियों का समर्थन करने के लिए क्या रणनीतियाँ और उपकरण अपना सकते हैं। डॉ. दीपल मेहरोत्रा ने शिक्षा संस्थानों में सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए आंतरिक शिकायत समितियों जैसी संस्थागत उपायों का खाका प्रस्तुत किया। साथ ही उन्होंने छात्रों और शिक्षकों के बीच लिंग संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के सर्वोत्तम अभ्यासों को साझा किया। लिंग आधारित हिंसा जागरूकता बढ़ाने मनोचा और चिन्मय गोड़ ने संचालित किया, इस बात पर चर्चा की गई कि सोशल मीडिया का किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है जिससे लिंग आधारित हिंसा के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके, संवाद शुरू किया जा सके और समुदायों को क्रियान्वयन के लिए प्रेरित किया जा सके।  

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