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शहडोल के ऐतिहासिक विराट मंदिर में मरम्मत के लिए ASI ने लगाया ताला, लोहे का गेट लगाकर श्रद्धालुओं की आवाजाही हुई बंद

शहडोल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई ) ने शहडोल के ऐतिहासिक विराट मंदिर में ताला लगा दिया है। बाहर लोहे का गेट लगाकर श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद की गई है। इसकी कोई सूचना पहले से नहीं दिए जाने से श्रद्धालुओं में काफी नाराजगी है। किवदंतियों में इस मंदिर को महाभारत कालीन, पांडवों के अज्ञातवास का प्रतीक माना जाता रहा है। मंदिर के गर्भगृह के द्वार पर ताला लगा दिए जाने से पूजन में व्यवधान होने लगा है। मंदिर की दीवार जर्जर एएसआई , जबलपुर के अधीक्षक डा. शिवकांत वाजपेयी का कहना है कि मंदिर की दीवार का एक हिस्सा जर्जर हो गया है। सुरक्षा की दृष्टि से गर्भगृह में ताला लगाया गया है। इंजीनियर सर्वे करेंगे और जल्द ही मंदिर की मरम्मत कराई जाएगी। इसके बाद गर्भगृह का ताला खोल दिया जाएगा। स्थानीय कर्मचारियों को कहा गया था कि इस संदर्भ में नोटिस चस्पा कर दें, ताकि लोगों में भ्रम की स्थिति न बने। यदि नोटिस नहीं लगा है तो लगवाया जाएगा। इसके अलावा सुबह पूजा के लिए गर्भगृह में पुजारी को जाने दिया जाएगा। बता दें, विराटेश्वर मंदिर सदियों से स्थानीय नागरिकों की आस्था का केंद्र रहा है। गर्भगृह बंद किए जाने का विरोध इधर, हिंदूवादी संगठन गर्भगृह बंद किए जाने के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत महाकोशल महामंत्री शक्ति सिंह ने कहा कि मंदिर में ताला बंद करना उचित नहीं है। विराट मंदिर में दूर-दूर से लोग भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने आते हैं, लेकिन ताला लगा होने से वे बिना दर्शन व पूजा के वापस हो रहे है। इसका विरोध किया जाएगा। यदि इस ओर प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन किया जाएगा। गोलकाकी मठ के आचार्य को भेंट की निशानी भगवान शिव को समर्पित विराट मंदिर को कलचुरी राजा युवराज देव द्वितीय ने बनवाया था। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और कलचुरी राजवंश की बेहतरीन वास्तुकलाओं में से एक है। इस मंदिर को खजुराहो के शिव मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। 70 फीट ऊंचे मंदिर को गोलकाकी मठ के आचार्य को भेंट के तौर पर बनवाया गया था। एएसआई की देखरेख में मंदिर मंदिर को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई ) के संरक्षण में रखा गया है। गर्भगृह में एक छोटा शिवलिंग है। स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना: मंदिर के बाहर की दीवारों पर दिग्पाल वसु, शिव के विविध रूप, शिव परिवार, विष्णु अवतार, मिथुन दृश्य, और गजशार्दुल की मूर्तियां हैं। मंदिर में नृत्य मुद्रा में महावीर, शिव, और पार्वती की मूर्ति, सरस्वती, गणेश, विष्णु, नृसिंह, व्याल, कांटा निकालती सुंदर युवती, युद्धरत कलाकृतियां देखी जा सकती हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कार्यभार संभालते ही पहला बड़ा फैसला लिया, निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदान की जाएगी

चंडीगढ़़ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद आज नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के सीएम का पदभार ग्रहर कर लिया। इस दौरान  सीएम नायब सैनी ने ट्वीट कर लिखा “हरियाणा प्रदेश के अपने 2.80 करोड़ परिवारजनों की अनथक सेवा का व्रत लेकर प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। मैं भावुक और नतमस्तक हूं। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का संकल्प सर्वोपरि है। हरियाणा प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ,समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी पूर्ण बहुमत की ये सरकार सेवा, सुशासन,समानता,समृद्धि और गरीब कल्याण के लिए समर्पित होगी।” इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सभी मंडियों को उनके कमरे में बैठाया। मुख्यमंत्री नायब सिंह का पहला बड़ा फैसला मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कार्यभार संभालते ही पहला बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में क्रोनिक किडनी रोगियों के लिए निःशुल्क डायलिसिस सेवा उपलब्ध रहेगी। भविष्य में सभी मेडिकल कॉलेज में भी निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदान की जाएगी। कैबिनेट मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि कैबिनेट मीटिंग में हमने अनुसूचित जाति के वर्गीकरण से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने का फैसला लिया है। हमने फैसला किया है कि हम एससी के वर्गीकरण के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा है, उसे लागू करेंगे। अपराधियों को सीएम की चेतावनी सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि उनकी सरकार नारी शक्ति को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने उन लोगों को चेतावनी देते हुआ कहा जो आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं या तो राज्य छोड़ दें या फिर सुधर जाएं। नहीं तो हम सुधार करेंगे। ‘जनता ने कांग्रेस के नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने घोषणापत्र में वादा किया था कि हम किडनी के मरीजों को मुफ्त इलाज मुहैया कराएंगे। हमने उससे संबंधित फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। हरियाणा सरकार किडनी डायलिसिस का खर्च वहन करेगी। मैं हरियाणा की जनता को तीसरी बार भारी जनादेश देने और पीएम मोदी की नीतियों को मंजूरी देने के लिए धन्यवाद देता हूं। हरियाणा की जनता ने विपक्ष के नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया। कांग्रेस ने किसानों को भड़काने की कोशिश की। उन्होंने युवाओं में संदेह पैदा किया। उन्होंने हरियाणा के एथलीटों का इस्तेमाल किया। एथलीट हमारे देश का गौरव हैं। पीएम मोदी ने पिछले 10 सालों में किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। हरियाणा की जनता ने पीएम मोदी की नीतियों को मंजूरी दी है और कांग्रेस के नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया है। हरियाणा के मंत्रियों को सचिवालय में कमरे अलॉट हरियाणा के मंत्रियों को सचिवालय में कमरे अलॉट कर दिए गए हैं। कैबिनेट मंत्री आरती राव को कमरा नंबर 43सी मिला है। रणबीर गंगवा को कमरा नंबर 43ए मिला है। राव नरबीर को कमरा नंबर 39 मिला है। कृष्ण लाल पंवार को कमरा नंबर 34 मिला है। अनिल विज को कमरा नंबर 32 यानी पुराना कमरा ही मिला है। कृष्ण बेदी को कमरा नंबर 24 मिला है। श्रुति चौधरी को कमरा नंबर 31 मिला है। विपुल गोयल को कमरा नंबर 49 मिला है। श्याम सिंह राणा कमरा नंबर 47 मिला है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी राजनीतिक दांव-पेंच में लगी हुई, दो सरकारी बंगले पर कब्जा करना चाहती हैं : विजेंद्र गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी पर हमला बोला। विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (आप) पर शीशमहल को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी राजनीतिक दांव-पेंच में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर को सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्‍ल्यूडी) ने आतिशी को शीश महल का अलॉटमेंट लेटर जारी किया था। 14 अक्टूबर को आतिशी ने इसे स्वीकार कर लिया और 16 अक्टूबर को पीडब्‍ल्यूडी ने उन्हें शीश महल पर कब्ज़े की स्लिप भी दे दी। लेकिन अब, आतिशी द्वारा दिए गए बयान में यह कहा जा रहा है कि उन्हें 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर कब्जा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि आतिशी दोनों सरकारी बंगलों, एबी-17 मथुरा रोड और 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर एक साथ कब्जा करना चाहती हैं। उनकी इस नीति से स्पष्ट होता है कि उनका इरादा सत्ता का दुरुपयोग करना है। आतिशी ने पहले ही पीडब्‍ल्यूडी से सभी आवश्यक दस्तावेज हासिल कर लिए हैं। उन्होंने पीडब्‍ल्यूडी से मांग की है कि आतिशी से एबी-17 बंगला तुरंत खाली कराया जाए। क्योंकि, जब उन्हें 6 फ्लैग स्टाफ रोड का अलॉटमेंट मिल गया है, तो एबी-17 बंगले पर उनके कब्जे का कोई अर्थ नहीं है। बता दें कि गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी थी कि सीएम आतिशी को 6 फ्लैगस्टाफ रोड पर स्थित बंगले के आवंटन के संबंध में लोक निर्माण विभाग (पीडब्‍ल्यूडी) से एक पत्र प्राप्त हुआ है। हालांकि, अभी तक उन्हें इस बंगले का कब्जा नहीं मिला है। बयान में यह भी कहा गया है कि आतिशी अभी भी एबी-17, मथुरा रोड आवास में रह रही हैं, जिसे उन्हें पिछले साल दिल्ली सरकार में मंत्री नियुक्त होने पर आवंटित किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बाल विवाह रोकथाम कानून जरूरी है, कोई और मजहब का पर्सनल लॉ इस कानून के आड़े नहीं आ सकता

नई दिल्ली बाल विवाह रोकथाम अधिनियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह कानून जरूरी है। इसके अलावा किसी भी मजहब का पर्सनल लॉ इस कानून के आड़े नहीं आ सकता। अदालत ने कहा कि बाल विवाह गलत है और इससे किसी के भी मनपसंद जीवनसाथी चुनने का अधिकार प्रभावित होता है। कोर्ट ने कहा कि बचपन में कराए गए विवाह अपनी पसंद का जीवन साथी चुनने का विकल्प छीन लेते हैं। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की पीठ ने देश में बाल विवाह रोकथाम कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई दिशानिर्देश भी जारी किए। प्रधान न्यायाधीश ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के कानून को ‘पर्सनल लॉ’ के जरिए प्रभावित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह की शादियां नाबालिगों की जीवन साथी चुनने की स्वतंत्र इच्छा का उल्लंघन हैं। पीठ ने कहा कि अधिकारियों को बाल विवाह की रोकथाम और नाबालिगों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और उल्लंघनकर्ताओं को अंतिम उपाय के रूप में दंडित करना चाहिए। पीठ ने यह भी कहा कि बाल विवाह निषेध कानून में कुछ खामियां हैं। इसे दूर करने की जरूरत है। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 बाल विवाह को रोकने और इसका उन्मूलन सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया था। इस अधिनियम ने 1929 के बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम का स्थान लिया। पीठ ने कहा, ‘बाल विवाह पर रोकथाम की रणनीति अलग-अलग समुदायों के हिसाब से बनाई जानी चाहिए। यह कानून तभी सफल होगा जब बहु-क्षेत्रीय समन्वय होगा। कानून प्रवर्तन अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की आवश्यकता है। हम इस बात पर जोर देते हैं कि इस मामले में समुदाय आधारित दृष्टिकोण की आवश्यकता है।’ कोर्ट का कहना था कि इन मामलों की रोक के लिए कानून के पालन के साथ ही जागरूकता और शिक्षा की भी जरूरत है।

जम्मू-कश्मीर में नए मंत्रियों में हुआ विभागों का बंटवारा

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक के पहले प्रस्ताव में राज्य का दर्जा बहाल करने का आह्वान किया गया।आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि  पहली बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने का आग्रह किया गया। जानकारी मिली है कि कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने वाले मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री को प्रस्ताव का मसौदा सौपेंगे और उनसे चार अगस्त, 2019 से पहले की तरह राज्य का दर्जा बहाल करने का आग्रह करेंगे। कैबिनेट की ओर से पारित प्रस्ताव पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने कल की कैबिनेट बैठक में किसी भी फैसले के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी खुलासा नहीं किया। जम्मू-कश्मीर में नए मंत्रियों में हुआ विभागों का बंटवारा  जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रदेश में सरकार गठन के बाद नये मंत्रियों को विभाग सौंप दिये हैं। उप मुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी को लोक निर्माण (आर एंड बी), उद्योग एवं वाणिज्य, खनन, श्रम एवं रोजगार और कौशल विकास विभाग सौंपे गए हैं। सुसकीना इटू स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा और समाज कल्याण का प्रबंधन करेंगी। इसी तरह जावेद अहमद राणा को जल शक्ति, वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण और जनजातीय मामलों का प्रभार दिया गया है। जावीद अहमद डार को कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, सहकारिता और चुनाव की जिम्मेदार दी गयी है। सतीश शर्मा खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले, परिवहन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी, युवा सेवा और खेल तथा एआरआई और प्रशिक्षण विभाग संभालेंगे। उपराज्यपाल ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर सरकार के कामकाज के लेन-देन नियम, 2019 के नियम 4 (2) के अनुसार मंत्रियों को प्रभार सौंपा। आदेश में यह भी कहा गया है कि इन मंत्रियों को आवंटित नहीं किए गए कोई भी अन्य विभाग या विषय मुख्यमंत्री के पास रहेंगे। गौरतलब है कि उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के लिए पांच मंत्रियों को चुना- दो कश्मीर से और तीन जम्मू से। उमर ने पहले 2008 से 2014 तक जम्मू-कश्मीर सरकार का नेतृत्व किया था, जब यह क्षेत्र पूर्ण राज्य था और इसे अनुच्छेद 370 के तहत विशेष दर्जा प्राप्त था।    

पुलिस का ऐक्शन बाबा सिद्दीकी मामले में पांच और आरोपियों को किया गिरफ्तार, फडणवीस से मिले बेटे जीशान

मुंबई मुंबई में एनसीपी के वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच ने पांच और आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। मुंबई पुलिस ने यह जानकारी दी है। बाबा सिद्दीकी की उनके विधायक बेटे जीशान के कार्यालय के बाहर पिछले दिनों गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम से भी सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली गई है। मामले में पुलिस ने घटना के तुरंत बाद ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि बाद में भी कई को अरेस्ट किया है। इस मामले में बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात की। इस दौरान डिप्टी सीएम अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल व सीनियर पुलिस ऑफिसर भी मौजूद थे। पुलिस ने जीशान और उनके परिवार को मामले की जांच के बारे में जानकारी दी है। डिप्टी सीएम के दफ्तर ने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य परिवार को जांच के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाना था। इससे पहले गुरुवार को मुंबई पुलिस ने मुख्य शूटर शिवकुमार गौतम समेत तीन आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया, ताकि उन्हें देश से भागने से रोका जा सके। एलओसी में नामित अन्य दो आरोपी सह-साजिशकर्ता शुभम लोनकर और संदिग्ध हैंडलर मोहम्मद जीशान अख्तर हैं। अधिकारी ने कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की टीमों को देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा गया है। एलओसी इसलिए जारी किया गया है क्योंकि आरोपी देश से भागने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सर्कुलर के अनुसार, आरोपियों को पकड़ने के लिए सभी बंदरगाहों और हवाईअड्डों को अलर्ट पर रखा गया है। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री सिद्दीकी (66) की 12 अक्टूबर की रात मुंबई के पॉश इलाके बांद्रा में उनके विधायक बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें हरियाणा निवासी गुरमेल बलजीत सिंह (23) हरीशकुमार बालकराम निसाद (23), और सह-साजिशकर्ता तथा शुभम लोनकर का भाई प्रवीण लोनकर, जो पुणे का रहने वाला है।

पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम सैनी ने एक्स पर लिखा, “मैंने राज्य के मुख्य सेवक के रूप में कार्यभार संभाला”

चंडीगढ़  हरियाणा के नए मुख्यमंत्री के रूप में अपने 13 कैबिनेट सहयोगियों के साथ शपथ लेने के बाद नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को अपना पदभार ग्रहण किया और प्रदेश के 2.80 करोड़ लोगों की सेवा करने का वादा किया। मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैंने राज्य के मुख्य सेवक के रूप में कार्यभार संभाला।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका विकास’ संदेश को दोहराते हुए कहा कि मैं भावुक और नतमस्तक हूं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ का संकल्प सर्वोपरि है। हरियाणा को सर्वश्रेष्ठ, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी पूर्ण बहुमत वाली सरकार सेवा, सुशासन, समानता, समृद्धि और गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित रहेगी। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने 10 वर्षों की एंटी-इनकंबेंसी को दरकिनार करते हुए राज्य में पूर्ण बहुमत हासिल कर लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है। नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत एनडीए के कई नेताओं की उपस्थिति में दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मंत्रिपरिषद ने भी पंचकूला में 45 मिनट चले समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। मंत्रिपरिषद में 11 कैबिनेट मंत्री और दो राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शामिल हैं। पंचकूला में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 11 कैबिनेट मंत्रियों और दो स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों सहित मंत्रिपरिषद ने गुरुवार को शपथ ली राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सैनी और उनके मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। दो महिला कैबिनेट मंत्री आरती राव और श्रुति चौधरी पहली बार विधायक बनी हैं। आरती राव केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी हैं और श्रुति चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल की पोती हैं। श्रुति चौधरी ने अपनी मां किरण चौधरी के साथ हाल ही में भाजपा का दामन थामा था। किरण चौधरी अब राज्यसभा सदस्य हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के साथ अनबन होने के बाद किरण चौधरी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गई थीं।  

उज्जैन में अतिक्रमण पर बुलडोजर एक्शन, 90 अवैध मकानों को किया ध्वस्त

उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ, नगर निगम और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ मुहिम शुरू कर दी गई है. शहर में 90 अवैध मकानों को हटाने की कार्रवाई की गई.  इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया. अधिकारियों का कहना है कि कई बार अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए थे मगर उन्होंने अवैध अतिक्रमण नहीं हटाए. उज्जैन के एडीएम अनुकूल जैन ने बताया कि जूना सोमवारिया क्षेत्र में सिंहस्थ 2016 के बाद से लगातार कई लोगों ने अतिक्रमण करने की कोशिश शुरू कर दी थी. जिला प्रशासन, नगर निगम द्वारा कई बार लोगों को हटाने और सिंहस्थ की जमीन पर अतिक्रमण रोकने के लिए समझाइए दी गई. इसके बावजूद लोगों ने अतिक्रमण किया. बड़ी संख्या में पुलिस को किया तैनात उज्जैन में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ-साथ नगर निगम के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई. उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि सिंहस्थ के लिए जूना सोमवारिया क्षेत्र की उक्त जमीन काफी कीमती है. यहां पर कई प्रकार की योजना को अमली जामा पहनाया जा सकता है. एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी प्रकार की कोई विपरीत परिस्थिति निर्मित ना हो, इसके लिए 120 पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को तैनात किया गया है. अतिक्रमण हटाओं कार्रवाई के दौरान कई लोग बेहोश जिला प्रशासन और नगर निगम के संयुक्त अभियान के तहत 90 मकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है. इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जहां पर व्यावसायिक कार्य किया जाता था. इस दौरान कई लोग बेहोश गए. इलाके की रहने वाली शाहनवाज बी का मकान भी अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया. उनके मकान पर भी बुलडोजर चला दिया गया. इस दौरान वे बेहोश हो गई. इसी क्षेत्र में रहने वाले रहीम भाई ने बताया कि उन्होंने 5 साल पहले मकान बनाया था. अब उनका मकान टूटने के बाद उनके पास कोई आसरा नहीं है, जिसकी वजह से वे काफी परेशान है.

बीयू के छात्रावास में पासआउट विद्यार्थी कमरों से निकालने हुई समिति का गठित

भोपाल  बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) के छात्रावास में पासआउट हो चुके विद्यार्थी अपने कमरों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इससे नव प्रवेशित विद्यार्थियों को छात्रावास में रहने के लिए कमरे आवंटित नहीं हो रहे हैं। ऐसे अनाधिकृत विद्यार्थियों को छात्रावास से बाहर करने के लिए बीयू प्रबंधन ने समिति का गठन किया है। अब समिति विद्यार्थियों से कमरे खाली कराने की कार्रवाई करेगी। बीयू के जवाहर और मुंशी प्रेमचंद छात्रावास में पासआउट विद्यार्थी कमरे छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। वर्तमान सत्र में उन्हें किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं मिल सका है। इसके कारण बीयू के छात्रावास में रहने की पात्रता नहीं रखते हैं। बीयू प्रबंधन को उन्हें छात्रावास के कमरों से बाहर करने में परेशानी आ रही है। इस संबंध में छात्रावास के चीफ वार्डन ने बीयू प्रबंधन से शिकायत की है। बीयू प्रबंधन ने छात्रावास में रहने वाले अनाधिकृत विद्यार्थियों को बाहर करने के लिए समिति का गठन किया है। यह समिति छात्रावास के एक-एक कमरे में जाकर विद्यार्थियों का परीक्षण करेगी। जहां अनाधिकृत तौर पर रह रहे विद्यार्थियों से कमरों को खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विवि पुलिस की भी मदद ली जाएगी। हालांकि विवि ने छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों को फीस भरने के लिए 21 अक्टूबर तक का समय दिया है। अगर इसके बाद भी जो विद्यार्थी फीस जमा नहीं करेंगे, उन्हें अनाधिकृत माना जाएगा। समिति में ये शामिल समिति का अध्यक्ष चीफ वार्डन हेमंत खंडई को बनाया गया है। उनके साथ सात सदस्यों में डॉ. अच्छेलाल, डॉ. सुनील स्नेही, डॉ. सीएस गर्ग, प्राक्टोरियल बोर्ड के सभी सदस्य, अनुशासन समिति के सभी सदस्य, सुरक्षा प्रभारी कपिल सोनी और सुरक्षा अधिकारी डॉ. राघवेंद्र शर्मा को शामिल किया गया है। नए विद्यार्थी हो रहे परेशान बीयू के विभागों में बाहर से आए नए विद्यार्थियों ने यूजी के प्रथम वर्ष और पीजी के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश ले लिया है, लेकिन पासआउस विद्यार्थियों द्वारा छात्रावास के कमरे खाली नहीं करने के कारण नए विद्यार्थियों को छात्रावास में रहने के लिए कमरे आवंटित नहीं हो रहे हैं। ये छात्र कमरे के लिए परेशान हो रहे हैं। पाठ्यक्रम पूरा कर चुके पुराने विद्यार्थियों और अनाधिकृत विद्यार्थियों को बाहर करने के लिए बीयू प्रबंधन द्वारा समिति गठित की गई है। इसके तहत कार्रवाई की जाएगी। चीफ वार्डन से अनाधिकृत विद्यार्थियों की संख्या मांगी गई है। – पवन मिश्रा, अधिष्ठाता, छात्र कल्याण समिति, बीयू

भारत ने तीसरे दिन दूसरी पारी में 231 रन बना लिए, भारतीय बल्लेबाजों ने दिखाया दम, रोहित-कोहली, सरफराज की फिफ्टी

नई दिल्ली बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। पहले दिन बारिश की वजह से खेल नहीं हो सका, लेकिन दूसरे दिन टीम इंडिया ने 46 रनों पर घुटने टेक दिए थे और न्यूजीलैंड ने 130 रनों से ज्यादा की बढ़त हासिल कर ली थी। वहीं, तीसरे दिन न्यूजीलैंड ने फिर से दमदार खेल दिखाया और रचिन रविंद्र के शतक, टिम साउदी और डेवन कॉनवे के अर्धशतकों की बदौलत टीम ने 402 का स्कोर हासिल किया और 356 रनों की विशाल बढ़त हासिल की। इसके जवाब में भारत ने तीसरे दिन 49 ओवर में तीन विकेट खोकर 231 रन बना लिए हैं। विराट कोहली आखिरी गेंद पर आउट हुए। तीसरे दिन का खेल खत्म होने पर सरफराज (70) क्रीज पर मौजूद हैं। भारत ने दूसरी पारी में अच्छी शुरुआत की। रोहित और यशस्वी के बीच पहले विकेट के लिए 72 रन की साझेदारी हुई। यशस्वी 52 गेंद में 35 रन बनाकर आउट हुए। वहीं कप्तान रोहित शर्मा 63 गेंद में 52 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद विराट कोहली और सरफराज के बीच शतकीय साझेदारी हुई। कोहली 102 गेंद में 70 रन बनाकर पवेलियन लौटे। सरफराज 78 गेंद में 70 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। भारत ने बनाए 231 रन सरफराज खान और विराट कोहली की अर्धशतकीय पारियों और दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 136 रन की साझेदारी से भारत ने अपनी दूसरी पारी में तीन विकेट 231 रन बनाकर मैच में अच्छी वापसी की। पहली पारी में 356 रन से पिछड़ने वाली भारतीय टीम अब भी न्यूजीलैंड से 125 रन से पीछे है और उसके सात विकेट शेष है। विराट कोहली आखिरी गेंद पर हुए आउट भारत को पहले टेस्ट के तीसरे दिन आखिरी ओवर में बड़ा झटका लगा। टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली 102 गेंद में 70 रन बनाकर पवेलियन लौटे। फिलिप ने उन्हें आउट किया।

हाइ कोर्ट ने मासूम से ज्यादती फिर सिर काटने वाले की फांसी की सजा उम्रकैद में बदली

 जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति देव नारायण मिश्रा की युगलपीठ ने सागर अंतर्गत बंडा में मासूम बहन से दुष्कर्म के बाद सिर काटकर जघन्य हत्या के बहुचर्चित मामले में सत्र न्यायालय के फैसले को पलट दिया। मामला दुर्लभतम मामलों की श्रेणी में नहीं आता है हाई कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि यह मामला दुर्लभतम मामलों की श्रेणी में नहीं आता है, जहां अपीलकर्ता को केवल मृत्युदंड ही दिया जाना उचित है। आरोपित ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था ऐसा इसलिए भी क्योंकि घटना के बाद आरोपित ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। वह समाज के वंचित श्रमिक वर्ग से आता है, अतएव उसकी सामाजिक आर्थिक पृष्ठभूमि, शिक्षा के स्तर को ध्यान में रखते हुए सजा बदली। एक बेहतर नागरिक बनने के लिए अवसर मिले इस आधार पर हाई कोर्ट का सुविचारित मत है कि मृत्युदंड के स्थान पर पश्चाताप से ग्रस्त एक युवा को सुधार करने और एक बेहतर नागरिक बनने के लिए इसी जीवन में अवसर मिलना चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता ने पक्ष रखा इस मामले की सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता सागर, बंडा निवासी राम प्रसाद अहिरवार सहित अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त व दिलीप सिंह परिहार ने पक्ष रखा। पेशेवर हत्यारा नहीं , उसका पहला अपराध था अधिवक्ता ने दलील दी कि सत्र न्यायालय ने इस मामले को विरल से विरलतम श्रेणी में रखकर मृत्युदंड जैसा अपेक्षाकृत कठोर फैसला सुना दिया। बावजूद इसके कि अपीलकर्ता राम प्रसाद अहिरवार एक पेशेवर हत्यारा नहीं है। यह उसका पहला अपराध था। मृतिका की वास्तविक आयु सिद्ध करने में भी विफल अभियोजन पक्ष मृतिका की वास्तविक आयु सिद्ध करने में भी विफल रहा है। आरोपित व्यक्ति समाज के वंचित वर्ग अनुसूचित जाति समुदाय से हैं। उसके माता-पिता की मजदूर पृष्ठभूमि से आते हैं। सामाजिक परिवेश के संदर्भ में देखा जाना चाहिए उनके लिए उपलब्ध शिक्षा और सामाजिक संपर्क का स्तर जातिगत गतिशीलता और हमारे समाज में मौजूद ग्रामीण शहरी विभाजन के सामाजिक परिवेश के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। यद्यपि हत्या करना क्रूरता है लेकिन राम प्रसाद अहिरवार की आयु और उसके द्वारा अपराध स्वीकार करने को भी ध्यान में रखना चाहिए। क्या था मामला नाबालिग 13 मार्च, 2019 को घर से स्कूल परीक्षा देने निकली थी। जब घर वापस नहीं लौटी तो 14 मार्च, 2019 को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। गन्नी नामक युवक ने पुलिस को बताया कि वह रामभगत के खेत की ओर गया था, जहां एक बालिका का सिर कटा शव देखा है। जिसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। इसी के साथ अपराध पंजीबद्ध किया गया।

विराट कोहली टेस्ट में 9000 रन बनाने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बने, सचिन-द्रविड़ और गावस्कर के क्लब में मारी एंट्री

बेंगलोरे भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच की दूसरी पारी के अर्धशतकीय पारी खेलकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में 9,000 रन पूरे कर लिए हैं। इस मैच से पहले उन्हें इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए 53 रनों की जरूरत थी, पहली पारी में वह बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए थे। लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने संभलकर शुरुआत की और 15वीं गेंद पर पहला रन लिया। कोहली ने 70 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। विराट कोहली टेस्ट में 9000 रन बनाने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। भारत के लिए सचिन, द्रविड़ और सुनील गावस्कर ये कारनामा कर चुके हैं। हालांकि कोहली सबसे ज्यादा पारियां खेलने के बाद इस उपलब्धि तक पहुंचे हैं। उन्होंने 197वीं पारी में ये कारनामा किया। वह टेस्ट में नौ हजार या उससे अधिक रन बनाने वाले 18वें बल्लेबाज भी बन गए हैं। इससे पहले विराट कोहली ने 2023 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अर्धशतक लगाया था। भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने अब तक अपने टेस्ट करियर में 116 मैच खेलते हुए 9000 से ज्यादा रन बनाए है जिसमें 29 शतक और सात दोहरा शतक शामिल है। उन्होंने 31 अर्धशतक भी लगाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर 254 है।

सीतारमण ने मैक्सिको के ग्वाडलजारा में टेक लीडर्स राउंडटेबल की अध्यक्षता की, बोली सभी के लिए अवसर पैदा करने की भी चुनौती है

मैक्सिको सिटी केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के लिए, चुनौतियाँ केवल विकास के आसपास ही नहीं हैं, बल्कि अंतर को पाटना और सभी के लिए अवसर पैदा करना भी है, और इसके लिए जिम्मेदार पूंजीवाद की जरूरत है। श्रीमती सीतारमण ने आज ग्वाडलजारा के चैंबर ऑफ कॉमर्स में टेक लीडर्स राउंडटेबल की अध्यक्षता की, जिसमें ‘भारत और मैक्सिको के बीच तकनीकी सहयोग को मजबूत करना’ पर चर्चा की गई। उन्होंने समान स्थिति वाली अर्थव्यवस्थाओं के लिए अवसर और जिम्मेदारियों के बारे में बात की और बताया कि कैसे भारत मैक्सिको एक दूसरे के साथ लाभ उठा सकते हैं और सहयोग कर सकते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि मैक्सिको निकटवर्ती क्षेत्र के माध्यम से फल-फूल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बीच सहयोग हुआ है और प्रतिभाओं के आदान-प्रदान के साथ-साथ जोखिम न्यूनीकरण के लिए संयुक्त प्रयास संभव हुए हैं। वित्त मंत्री ने 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में काम करते हुए भारत में हो रहे तेजी से बदलाव पर प्रकाश डाला। भारत मैक्सिको के बीच विकास और सहयोग के नए क्षेत्रों का हवाला देते हुए श्रीमती सीतारमण ने उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के संबंध में की गई प्रमुख बजट घोषणा का उल्लेख किया और स्वास्थ्य और स्वास्थ्य सेवा, कृषि और टिकाऊ शहरों में ए आई के क्षेत्रों में काम करने के लिए भारत में हाल ही में पहचाने गए और घोषित उत्कृष्टता केंद्र के बारे में जानकारी साझा की। वित्त मंत्री ने उल्लेख किया कि ये सभी ऐसे क्षेत्र हैं जो मैक्सिको के लिए भी प्रासंगिक हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत मैक्सिको भी स्टार्टअप के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग के माध्यम से इन क्षेत्रों में एक साथ काम करने का पता लगा सकता है। इस गोलमेज सम्मेलन का आयोजन मैक्सिकन एसोसिएशन ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री और टीसीएस द्वारा मैक्सिको में भारतीय दूतावास और आर्थिक मामलों के विभाग के सहयोग से किया गया था। इस बीच श्रीमती सीतारमण ने यहां स्थित टीसीएस के कार्यालय का भ्रमण किया और टाटा संस के मानद अध्यक्ष रतन टाटा को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया।

गुरुग्रंथ साहिब बेअदबी मामले में हाईकोर्ट की रोक हटी, शुरू होगा ट्रायल, सुप्रीम कोर्ट से गुरमीत राम रहीम को बड़ा झटका

नई दिल्ली डेरा सच्चा सौदा प्रमुख और बलात्कार के दोषी बाबा राम रहीम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में राम रहीम के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर लगी रोक को हटा दिया है. इस फैसले से अब राम रहीम के खिलाफ इस मामले में ट्रायल की प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकेगी. सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन शामिल थे, ने हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे को खत्म कर दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने राम रहीम को नोटिस जारी कर चार हफ्तों में जवाब देने को कहा है. यह मामला बरगाड़ी में श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से संबंधित है, जिसमें राम रहीम पर गंभीर आरोप लगे हैं. मार्च में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में तीन मुकदमों की जांच पर रोक लगा दी थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया है. पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर आज सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. गौरतलब है कि राम रहीम को हर चुनाव से पहले फरलो पर रिहा किया जाता रहा है, जिससे उसे थोड़ी राहत मिलती थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं, और अब निचली अदालत में उसके खिलाफ ट्रायल जारी रहेगा. पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि इस संवेदनशील मामले में न्याय होना जरूरी है, क्योंकि यह धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है. सरकार ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा जांच पर रोक लगाने से मामले की सुनवाई बाधित हो रही है और इससे न्याय प्रक्रिया में देरी हो रही है. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की दलीलों को स्वीकारते हुए हाईकोर्ट की रोक को हटा दिया और राम रहीम के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर ट्रायल फिर से शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब निचली अदालत में राम रहीम के खिलाफ ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. यह मामला बेहद संवेदनशील है और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है, राम रहीम पहले से ही अन्य मामलों में दोषी हैं, और इस नए ट्रायल से उनकी कानूनी परेशानियां और बढ़ सकती हैं.  

यूजर बेस में कमी से जियो नुकसान नहीं हुआ,उनका फोकस बेहतरीन 5G नेटवर्क प्रोवाइड करवाने पर

मुंबई रिलायंस जियो ने कुछ समय पहले ही रिचार्ज प्लान की कीमतों में इजाफा किया था। अब कंपनी के यूजर बेस पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। इसी का नतीजा है कि क्वार्टर 2 में करीब 10.9 मिलियन कस्टमर ने जिया का साथ छोड़ दिया है। अब सवाल है कि क्या जियो को इसकी चिंता करनी चाहिए ? तो इसका जवाब है नहीं। क्योंकि इसके पीछे मुख्य वजह है कि रिचार्ज प्लान की कीमत में इजाफा हुआ था। साथ ही इसको ऐसे बदाव होने पर अक्सर कंपनियों का यूजर बेस खिसक जाता है। जबकि, ओवरऑल आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो पता चलता है कि Jio का 5G सब्सक्राइबर बेस 17 मिलियन तक बढ़ा है। Jio का 5G सब्सक्राइबर बेस पहले 130 मिलियन था और अब ये बढ़कर 147 मिलियन तक हो गया है। इस समय ARPU फिगर भी पहले 181.7 था जो अब बढ़कर 195.1 तक पहुंच गया है। यही वजह है कि टेलीकॉम कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़कर 6,536 तक पहुंच गया है। Jio का ओवर ऑल सब्सक्राइबर बेस जरूर कम हो गया है। जियो को हुआ फायदा- जियो ने इस पर कहा कि कंपनी को पूरी उम्मीद थी कि इसका असर यूजर बेस पर नजर आएगा। क्योंकि कुछ समय पहले ही टैरिफ की कीमतों में इजाफा किया गया था। जियो का यूजर बेस गिरने से कंपनी को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। जियो का कहना है कि हमारा पूरा फोकस बेहतरीन 5G नेटवर्क प्रोवाइड करवाना है। फिक्स-वायरलेस एक्सेस सर्विस (FWA) की मदद से घरों को कनेक्ट किया जा सकता है। ऐसे में यूजर्स के लिए ये काफी फायदेमंद साबित होने वाला है। 10.9 मिलियन कस्टमर कम होने से जियो के बिजनेस पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। कंपनी की परफॉर्मेंस में ARPU खी वजह से सुधार हुआ है। हालांकि इससे अन्य कंपनियों को जरूर थोड़ा फायदा हुआ है।

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