LATEST NEWS

इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा, “IDF सैनिक हिजबुल्लाह की संपत्तियों को जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह नष्ट कर रहे हैं

यरूशलम इजरायल का कहना है कि वह मिलिट्री ऑपरेशन खत्म होने के बाद हिजबुल्लाह को दक्षिणी लेबनानी सीमा क्षेत्र पर दोबारा कब्जा नहीं करने देगा। इजरायल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा कि इजरायल ‘हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे वाले (दक्षिणी लेबनानी) गांवों की पूरी पहली पंक्ति’ को अपना ‘मिलिट्री टारेगट’ मानता है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, गैलेंट ने कहा कि हिजबुल्लाह आतंकवादियों ने इन गांवों में कई भूमिगत सुरंगों और हथियारों के गोदाम का निर्माण किया है। इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा, “आईडीएफ सैनिक वर्तमान में इन (हिजबुल्लाह) संपत्तियों को जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह नष्ट कर रहे हैं।” उन्होंने चल रहे छापों को ‘शक्तिशाली और प्रभावी’ बताया। गैलेंट ने कहा कि आईडीएफ सैनिकों के वापस चले जाने के बाद भी हम हिजबुल्लाह आतंकवादियों को इन क्षेत्रों में वापस नहीं आने देंगे। इजरायल-लेबनान सीमा पर  भी लड़ाई जारी रही। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने लेबनान में हिजबुल्लाह के लगभग 200 ठिकानों पर हमला किया, जिसमें रॉकेट लांचर, एंटी-टैंक मिसाइल पोजिशन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। सेना ने यह भी बताया कि हिजबुल्लाह लड़ाकों के साथ लड़ाई में 28 सैनिक घायल हुए हैं। आईडीएफ ने दक्षिणी लेबनान के 21 से अधिक गांवों के निवासियों से अवली नदी के उत्तर के इलाके को खाली करने का अल्टीमेटम दिया। इजरायली सैन्य प्रवक्ता अविचाय एड्राई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अपनी सुरक्षा के लिए, आपको तुरंत अपने घर छोड़ देने चाहिए। बिना देरी किए खाली कर दें। हिजबुल्लाह के तत्व, सुविधाएं या हथियार क्षेत्र में हैं, जो आपकी जान को जोखिम में डाल रहे हैं।” वहीं हिजबुल्लाह की तरफ से इजरायली ठिकानों पर हमले जारी हैं। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, हिजबुल्लाह ने रविवार शाम तक उत्तरी इजरायल में कम से कम 90 रॉकेट दागे। हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के बिन्यामीना में गोलानी ब्रिगेड के ट्रेनिंग बेस पर ड्रोन अटैक की जिम्मेदारी ली। यह हमला इजरायल में एक दुर्लभ घटना है, जिसके दौरान एक ड्रोन इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली को भेद गया और भारी नुकसान पहुंचाया। हमलें में कम से कम चार इजरायली सैनिक मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हो गए। इजरायल ने अक्टूबर की शुरुआत से लेबनान में ‘सीमित’ जमीनी अभियान शुरू किया, जिसमें दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हवाई हमले भी तेज कर दिए हैं, जो हिजबुल्लाह का गढ़ है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने  बताया कि 8 अक्टूबर, 2023 से लेबनान पर इजरायली हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या 2,306 तक पहुंच गई है, जबकि कुल 10,698 लोग घायल हुए हैं।    

सिंधू और सेन का फिनलैंड के वांता में हुए आर्कटिक ओपन में प्रदर्शन औसत रहा

ओडेन्से  भारतीय बैडमिंटन स्टार पी वी सिंधू और लक्ष्य सेन मंगलवार से यहां शुरू हो रहे 850000 डॉलर ईनामी राशि के डेनमार्क ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट के जरिये फॉर्म में वापसी की कोशिश करेंगे। दोनों खिलाड़ियों का पिछले सप्ताह फिनलैंड के वांता में हुए आर्कटिक ओपन में प्रदर्शन औसत रहा। पूर्व विश्व चैम्पियन सिंधू पहले ही दौर में बाहर हो गई जबकि 2021 विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता सेन दूसरे दौर में हार गए। पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहे सेन को चीनी ताइपे के चोउ तियेन चेन ने हराया था। अब यहां उनका सामना पहले दौर में चीन के लू गुआंग झू से होगा जिनसे उनकी पहली ही टक्कर है। दूसरे दौर में वह इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी से टकरा सकते हैं। विश्व चैम्पियन थाईलैंड के कुंलावुत वितिदसर्न से क्वार्टर फाइनल में टक्कर हो सकती है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को अपने प्रदर्शन में काफी सुधार करना होगा जो पहले दौर में कनाडा की मिशेले ली से हार गई थी। नये कोच अनूप श्रीधर और कोरिया के ली ह्यून इल के मार्गदर्शन में वह पहले दौर में चीनी ताइपै की पेइ यू पो से खेलेंगी। दूसरे दौर में उनका चीन की हान युइ से सामना हो सकता है। महिला वर्ग में फॉर्म में चल रही मालविका बंसोड़, आकर्षि कश्यप और उन्नति हुड्डा भी उतरेंगी। चीन ओपन के क्वार्टर फाइनल तक पहुंची बंसोड का सामना पहले दौर में वियतनाम की एंगुयेन टी लिन्ह से होगा जबकि कश्यप की टक्कर थाईलैंड की सुपनिदा केटथोंग से होगी। ओडिशा ओपन 2022 विजेता हुड्डा का सामना अमेरिका की लौरेन लाम से होगा। पुरूष युगल में भारत की कोई टीम नहीं है जबकि महिला युगल में त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद खेलेंगी। दोनों का सामना पांचवीं वरीयता प्राप्त मलेशिया की पीयर्ली तान और टी मुरलीधरन से होगा। स्वेतापर्णा और रितुपर्णा पांडा का सामना चीनी ताइपै की चांग चिंग हुइ और यांग चिंग तुंग से होगा। मिश्रित युगल में बी सुमित रेड्डी और सिक्की रेड्डी का सामना कनाडा के केविन ली और एलियाना झांग से होगा जबकि सतीश करूणाकरण और आद्या वरियाथ की टक्कर इंडोनेशिया के रेहान के और लीसा कुसुमवती से होगी।  

5जी केवल तेज इंटरनेट का मामला नहीं है, बल्कि यह स्मार्ट शहरों, उन्नत बुनियादी ढांचे और स्वायत्त नवाचारों के लिए आधार तैयार कर रहा है : मंत्री सिंधिया

नई दिल्ली  दूरसंचार क्षेत्र की 5जी तकनीक के कारण 2040 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में लगभग 450 बिलियन डॉलर यानी करीब 37 लाख करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने  यह दावा किया। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में दुनिया के सबसे बड़े दूरसंचार कार्यक्रमों में से एक वैश्विक मानक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “अकेले भारत में, 5जी से 2040 तक अर्थव्यवस्था में 450 बिलियन डॉलर का निवेश होने का अनुमान है।” मंत्री ने जोर देकर कहा कि 5जी केवल तेज इंटरनेट का मामला नहीं है, बल्कि यह स्मार्ट शहरों, उन्नत बुनियादी ढांचे और स्वायत्त नवाचारों के लिए आधार तैयार कर रहा है। सिंधिया ने आगे कहा कि 5जी पहले ही सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हो चुका है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केवल 22 महीनों में 98 प्रतिशत जिलों और 80 प्रतिशत आबादी को इसने कवर कर लिया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की तकनीकी शक्ति क्षमता के साथ वैश्विक मानकों के अनुसार नवाचार में हमारे बदलाव के प्रयासों को भी दर्शाती है। उन्होंने कहा, “हम स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और कृषि व विनिर्माण के क्षेत्र में संभावनाओं के नए द्वार खोल रहे हैं।” मंत्री ने 5जी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसी तकनीकों की पूरी क्षमता को अनलॉक करने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक मानक यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि ये तकनीकें सीमाओं के पार सामंजस्यपूर्ण ढंग से काम करें। उन्होंने कहा, “संवाद के महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता। 5जी का चमत्कार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चमक और इंटरनेट ऑफ थिंग्स की उपयोगिता वैश्विक स्तर पर उद्योगों, समाजों और विनिर्माण प्रक्रियाओं और अर्थव्यवस्थाओं को बदल रही हैं।” सिंधिया ने एआई और आईओटी जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के बढ़ने की स्थिति में गोपनीयता, पूर्वाग्रह और पारदर्शिता से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए नैतिक विचारों और नियामक ढांचे के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक नीतिगत ढांचे का आह्वान किया कि भविष्य के नवाचार, जैसे कि आगामी 6G तकनीक, सभी को समान रूप से लाभान्वित करें और मौजूदा डिजिटल विभाजन को गहरा न करें। उन्होंने कहा, “आज हम एक नए तकनीकी युग के मुहाने पर खड़े हैं, मोबाइल नेटवर्क 6जी के दौर में प्रवेश करने वाला है, जहां संचार असीम हो जाएगा, जहां नवाचार की कोई सीमा नहीं होगी और मानवता द्वारा, परस्पर जुड़ाव हमारी साझा वैश्विक नियति की आधारशिला बन जाएगा।” सिंधिया ने वैश्विक समुदाय से भविष्य के तकनीकी परिदृश्य को परिभाषित करने वाले मानकों को स्थापित करने और साझेदारी को बढ़ावा देने में एक साथ काम करने का भी आग्रह किया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रौद्योगिकी का भलाई के लिए इस्तेमाल हो।

अब प्रदेशभर के अस्पतालों में ऐसी मशीनों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा, जो धूल खा रही

भोपाल मध्य प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में ऐसी सैकड़ों मशीनें हैं, जिनका उपयोग नहीं किया जा रहा है। ये मशीनें कमरों में पड़ी धूल खा रही हैं। कई जगह वजह यह बताई जा रही है कि नया बजट मिलने के कारण नई मशीन खरीद ली गई है और अच्छी-भली मशीन को पुरानी बताकर उसे बंद कर दिया गया। इस स्थिति को देखते हुए अब प्रदेशभर के अस्पतालों में ऐसी मशीनों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। यानी उद्देश्य यह कि जिन अस्पतालों में इनकी जरूरत है, वहां स्थानांतरित किया जाएगा। अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों से मांगी मशीनों की जानकारी भोपाल से चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों को पत्र भेजकर अस्पतालों में उपलब्ध तथा काम नहीं आ रहीं सभी मशीनों की जानकारी मांगी गई है। साथ ही यह भी जानकारी मांगी गई है कि किन मशीनों की कहां आवश्यकता है। छोटे शहरों के अस्पतालों में काम आ सकेंगी ये मशीनें यह जानकारी मिलने के बाद जहां मशीनें बेकार पड़ी हैं, उन्हें वहां भेजा जाएगा, जहां उसकी आवश्यकता है। इससे प्रदेश के बड़े शहरों के मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में धूल खा रही मशीनें छोटे शहरों के अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों में काम आ सकेंगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि मशीनों को संचालित करने के लिए जो भी उपकरण लगते हैं, उन्हें पहले से ही खरीद लें ताकि मरीजों को असुविधाओं का सामना न करना पड़े। साथ ही डॉक्टरों के लिए निर्देश हैं कि सीटी स्कैन और एमआरआई के प्रिस्क्रिप्शन स्पष्ट लिखे जाएं। कई अस्पतालों में मशीनों की आवश्यकता मध्य प्रदेश के कई अस्पतालों में मशीनों की आवश्यकता है। खासतौर पर जो नए मेडिकल कॉलेज खुले हैं, वह कम संसाधनों के बीच संचालित हो रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि कई छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों को महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों की आवश्यकता है। बजट की कमी के कारण ग्रामीण अस्पताल नहीं खरीद पा रहे मशीन बजट की कमी के चलते ग्रामीण अस्पताल इन्हें खरीद नहीं पा रहे हैं। ऐसे में बड़े शहरों के अस्पतालों और मेडिकल कालेजों में काम नहीं आ रहीं मशीनों को वहां स्थानांतरित किया जाएगा, जहां उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इससे उन क्षेत्रों के मरीजों को सुविधाएं मिलने लगेंगी। अभी सुविधा के अभाव में कई जांचों के लिए मरीजों को बड़े शहरों में आना पड़ता है।

राइजिंग राजस्थान शहरी क्षेत्र प्री-समिट में 76 हजार 400 करोड़ रुपये के नए निवेश एमओयू पर हुए हस्ताक्षर

जयपुर निवेश के लिहाज से राजस्थान देश का सबसे मुफीद और संभावनाओं से लबरेज राज्य है। यह कहना है नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह का। राजस्थान ने आज जयपुर में ‘राइजिंग राजस्थान’ शहरी क्षेत्र प्री-समिट में 400 से अधिक निवेशकों के साथ 76 हजार 400 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश एमओयू पर हस्ताक्षर किए। शहरी विकास एवं आवास मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा और राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव सुधांश पंत की गरिमामयी उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। रियल एस्टेट, डेटा सेंटर और आईटी पार्क, टाउनशिप और शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण के क्षेत्रों में हस्ताक्षरित निवेश एमओयू राज्य में सतत शहरीकरण, किफायती और गुणवत्तापूर्ण जीवन के लक्ष्य को आगे बढ़ाएंगे। आज निवेश करारों पर हस्ताक्षर करने वाली प्रमुख कंपनियों में हीरानंदानी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, के रहेजा कॉर्प, कस्तूरी ग्रुप और विराज ग्रुप शामिल हैं। राइजिंग राजस्थान से पहले आयोजित प्री इन्वेस्टमेंट समिट को संबोधित करते हुए शहरी विकास एवं आवास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा, “ मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार अगले पांच वर्षों में राजस्थान की अर्थव्यवस्था के आकार को मौजूदा 180 बिलियन डॉलर से दोगुना करके 350 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की लगभग 26% आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है और राजस्थान के सभी जिले महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र हैं जो राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने जा रहे हैं। इसलिए, शहरी बुनियादी ढांचे का कायाकल्प और सुदृढ़ीकरण, बसों और मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना और किफायती आवास में परियोजनाओं को प्रोत्साहित करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं।” ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के महत्व के बारे में बात करते हुए राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा, “ मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अपने कार्यकाल के पहले ही वर्ष में राइजिंग राजस्थान सम्मेलन की मेजबानी करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राइजिंग राजस्थान के तहत हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों को अगले 2-3 वर्षों में जमीन पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में ईज़ आफ़ डूइंग बिज़नेस को प्रोत्साहित करने, फाइल-प्रोसेसिंग समय को कम करने और उद्योगों के विस्तार और स्थापना के लिए विकेन्द्रीकृत-स्तर के निर्णय लेने को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।” प्री-समिट इवेंट में निवेशकों के सामने प्रेजेंटेशन देते हुए शहरी विकास और आवास विभाग के प्रमुख सचिव वैभव गालरिया ने कहा, “राजस्थान राज्य में देश में सबसे अधिक भूमि है, जो बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना की घोषणा से राज्य की पानी की जरूरतों को भी कम किया जा रहा है। राज्य निवेशक-अनुकूल नीतियों जैसे कि किफायती आवास नीति और समान टाउनशिप नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से सतत शहरीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री खर्रा ने इस अवसर पर शहरी विकास और आवास विभाग के नए विकास प्रोत्साहन और नियंत्रण विनियमों का भी शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में ‘भविष्य के लिए तैयार शहरों के लिए स्मार्ट बुनियादी ढांचे का निर्माण’ पर एक पूर्ण सत्र भी आयोजित किया गया था, जिसमें आवास, स्मार्ट शहरों, शहरी नियोजन के लिए आईटी समाधान, सतत शहरों, शहरी गतिशीलता, सार्वजनिक परिवहन, औद्योगिक टाउनशिप जैसे क्षेत्रों पर समृद्ध चर्चा हुई। यूडीएच विभाग के प्री-समिट से पहले, राजस्थान सरकार ने 08 अक्टूबर को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की गरिमामयी उपस्थिति में अपने पर्यटन विभाग का प्री-समिट आयोजित किया। निवेशकों तक व्यापक पहुंच के परिणामस्वरूप राजस्थान सरकार को 12.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव (एमओयू) प्राप्त हुए हैं (आज के प्री-समिट में हस्ताक्षरित एमओयू को छोड़कर), जो राज्य के प्रयासों में निवेशक और व्यापार समुदाय के दृढ़ विश्वास को दर्शाता है। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अधिकारियों में राजेश यादव, प्रमुख सचिव, स्थानीय स्वशासन, राजस्थान सरकार, डीएलबी निदेशक कुमार पाल गौतम, आनंदी आयुक्त, जयपुर विकास प्राधिकरण, राजस्थान सरकार, डॉ. रश्मि शर्मा, आयुक्त, आवास बोर्ड, राजस्थान सरकार और राजस्थान सरकार के अन्य अधिकारी शामिल थे।

आदिलाबाद गांव के लोगों ने सोनियां गांधी और राहुल गांधी को पत्र लिखकर छह गारंटियों को तत्काल लागू करने की मांग की

हैदराबाद तेलंगाना के आदिलाबाद जिले के एक गांव के लोगों ने कांग्रेस नेता सोनियां गांधी और राहुल गांधी को पत्र लिखकर छह गारंटियों को तत्काल लागू करने की मांग की है। आदिलाबाद जिले के एचोडा मंडल के मुखरा गांव के ग्रामीणों ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पोस्टकार्ड भेजकर उनसे पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के द्वारा दी गई गारंटियों को तत्काल लागू करने की अपील की है। मुखरा गांव की रहने वाली वैष्णवी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लिखे पत्र में बताया कि आपने चुनाव के दौरान अपने घोषणापत्र में जो छह वादे किए थे, उनको आपने और आपकी पार्टी ने अब तक पूरा नहीं किया है। महालक्ष्मी योजना के तहत 2,500 रुपये महिलाओं को देने का जो वादा था वह भी पूरा नहीं किया है। मैं सोनिया गांधी मैडम से अनुरोध करती हूं, आपकी पार्टी ने चुनाव के समय जो 6 वादे किए गए थे। उन्हें जल्द लागू किया जाए। महिला ने सोनिया गांधी को भी पोस्टकार्ड भेजा है। उन्होंने उसमें लिखा, “सोनिया गांधी मैडम, तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के दौरान तुक्कुगुडा में जनसभा में कहा था कि पहली गारंटी महालक्ष्मी योजना के तहत हर महिला को प्रति महीना 2,500 रुपये देने का है। 100 दिन में छह गारंटी अमल में लाने की बात कही गई थी। सरकार को सत्ता में आए 300 दिन हो गए लेकिन, अभी तक छह गारंटी को अमल में नहीं लाया गया है। अब तक महालक्ष्मी योजना के तहत किसी भी महिला को 2500 रुपये नहीं मिले हैं। आपसे अनुरोध है कि आप अपने वादे को तुरंत अमल में लाएं। इसके अलावा एक और पोस्टकार्ड में नवले प्रवमिका ने लिखा कि तेलंगाना में 100 दिन में छह गारंटी अमल में लाने की बात कांग्रेस के द्वारा बोली गई थी। लेकिन, आपकी सरकार को सत्ता में आए 300 दिन हो गए हैं, मगर अभी तक छह गारंटी अमल में नहीं लाई गई। आपसे अनुरोध है कि अपने वादे तुरंत लागू करें। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को भी पोस्टकार्ड भेजकर छह गारंटियों के लागू करने में देरी पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने राहुल गांधी को याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी ने 100 दिनों में गारंटियों को लागू करने का वादा किया था, लेकिन, सत्ता में 300 दिन पूरे होने के बाद भी वह ऐसा करने में विफल रही।

छोटे से विवाद के चलते एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी, बेटे पर लेटी मां, हाथ जोड़ते रहे पिता

मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है। यहा कुछ लोगों ने एक छोटे से विवाद के चलते एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी। जानकारी के मुताबिक, विवाद गाड़ी को ओवरटेक को लेकर हुआ था। जिसमें कुछ लोगों ने युवक को इतना मारा कि उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान आकाश माइन के रूप में हुई है। इस घटना को लेकर वायरल हो रहा वीडियो दिल को झकझोर देने वाला है। दिंडोशी पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताय कि मृतक का नाम आकाश है। आकाश का रास्ते में गाड़ी ओवरटेक करने को लेकर कुछ लोगों से विवाद हुआ था। इसी बीच लोगों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। मारपीट होते देख मौके पर काफी संख्या में भीड़ जमा हो गई। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने भी मृतक पर हाथ साफ किया। बेटे के ऊपर लेटी मां, फिर भी पीटते रहे लोग आकाश की जब लोगों द्वारा पिटाई की जा रही थी, तब उसकी मां और उसके पिता बचाने के लिए आए। पिता जहां हाथ जोड़कर रहम की भीख मांग रहा था तो वहीं बेटे को बचाने के लिए मां उसके ऊपर लेट गई, ताकि उसके बेटे को मार न लगे, लेकिन इस दौरान उग्र भीड़ ने फिर भी उसे मारना नहीं छोड़ा। बुजुर्ग पिता को भी लोगों ने पीटा वीडियो में ये भी देखा जा सकता है कि हाथ-पैर जोड़ रहे बुजुर्ग पिता पर भी लोगों ने हाथ साफ किया। वह लोगों से काफी मिन्नत कर रहा था, लेकिन लोग उसके बेटे को पीटे जा रहे थे और अंत में आकाश की मौत हो गई। फिलहाल दिंडोशी पुलिस ने इस घटना के बाद हत्या का मामला दर्ज कर नौ आरोपियों को किया गिरफ्तार किया है। वहीं मामले की जांच जारी है। लोग कितने बेरहम होते जा रहे हैं। किसी की जिंदगी की अब कोई कीमत नहीं रही। आए दिन लड़ाई-झगड़ों में लोग अपना धैर्य खो दे रहे हैं। एक समाज के रूप में हम कहां आकर खड़े हो गए हैं। भीड़ युवक को पीटती रही, फिर भी नहीं दिखी पुलिस वहीं इस वीडियो के वायरल होने के बाद कई तरह के सवाल खेड़ हो रहे हैं। अगर इतनी देर तक भीड़ युवक को पीटती रही तो पुलिस कहां पर थी, क्या दिंडोशी इलाके में उस समय एक भी गश्त की टीम नहीं घूम रही थी। अगर पुलिस समय से पहुंचती तो शायद युवक को जान बच जाती। भीड़ ने जिस तरह से युवक की पीट-पीटकर हत्या की, उससे राजधानी मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। युवक का मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

कल से WTSA की बैठक : अब 6G की रेस में तेजी से आगे बढ़ रहा भारत, 190 देशों के प्रतिनिधि करेंगे चर्चा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में कल से वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली (WTSA) की बैठक शुरू हो रही है, जो 24 अक्टूबर तक चलेगी। इस सम्मेलन में 190 देशों के प्रतिनिधि 6G और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे। यह पहली बार है जब भारत में इतने देशों के प्रतिनिधि एक साथ आकर टेक्नोलॉजी पर बात करेंगे। एशिया में भी इससे पहले ऐसा आयोजन नहीं हुआ है। आजकल हाई स्पीड इंटरनेट की मांग तेजी से बढ़ रही है। लोग और तेज स्पीड चाहते हैं। भारत में फिलहाल 4G और 5G इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हैं, और अब देश 6G इंटरनेट सर्विस की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत जल्द से जल्द 6G हाई स्पीड इंटरनेट सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है। भारत ने ग्लोबल पेटेंट फाइलिंग में शीर्ष-6 देशों में अपनी जगह बना ली है, जो दिखाता है कि देश तकनीक के क्षेत्र में कितना आगे बढ़ चुका है। कई कंपनियां 5G इंटरनेट सेवाएं शुरू कर चुकी हैं, जबकि अन्य कंपनियां 4G सेवाएं दे रही हैं और जल्द ही 5G में प्रवेश करेंगी। दिल्ली में इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के सहयोग से WTSA का यह सम्मेलन आयोजित हो रहा है, जो सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के विकास और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए काम करता है। भारत के लिए यह सम्मेलन महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे देश को अन्य देशों के साथ सहयोग करने का मौका मिलेगा और अपने तकनीकी मानकों को विकसित करने में मदद मिलेगी। 6G मोबाइल नेटवर्क टेक्नोलॉजी भविष्य की नई पीढ़ी है, जो 5G से कई गुना तेज और अधिक सुरक्षित होगी, जिससे काम करना और भी आसान हो जाएगा।  

पहले एयर इंडिया की फ्लाइट को धमकी, इसके बाद मुंबई-हावड़ा मेल को मिली बम से उड़ाने की धमकी

नई दिल्ली एयर इंडिया की फ्लाइट के बाद अब मुंबई-हावड़ा मेल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह संदेश आज सुबह करीब चार बजे ऑफ-कंट्रोल को मिला। इसके बाद ट्रेन अधिकारियों ने तुरंत ट्रेन नंबर 12809 को जलगांव स्टेशन पर रोककर इसकी जांच की। करीब दो घंटे तक ट्रेन की बारीकी से जांच की गई, लेकिन उसमें कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद ट्रेन को उसके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया। धमकी का संदेश सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दिया गया था।  फजलुद्दीन नाम के एक अकाउंट के माध्यम से ट्रेन को उड़ाने की धमकी दी गई। पोस्ट में लिखा था कि “क्या रे हिंदुस्तानी रेलवे, आज सुबह खून के आंसू रोओगे तुम लोग। आज फ्लाइट में भी बम रखा गया है और 12809 ट्रेन में भी। नासिक आने से पहले बड़ा धमाका होगा।” आज सुबह मुंबई से न्यूयॉर्क जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके चलते विमान को तुरंत दिल्ली की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। इसे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया गया। इन घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और मामले की जांच जारी है। सभी यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस ट्रेन को पलटाने की साजिश, पायलट ने बचाई जान इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस ट्रेन को पलटाने की एक गंभीर साजिश का खुलासा हुआ है। मंगलवार की देर रात मखदुमपुर और बेला स्टेशन के बीच नेयामतपुर हाल्ट के पास पटरी पर एक बड़ा पत्थर रखा गया था। ट्रेन के पायलट ने समय रहते पत्थर पर नजर डालकर इमरजेंसी ब्रेक लगाई, जिससे ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई। जीआरपी (राजकीय रेल पुलिस) के थाना प्रभारी दीपनारायण यादव ने बताया कि यह काम किसी असामाजिक तत्व का था, जिसने जानबूझकर पटरी पर पत्थर रखा था। पायलट की सजगता के कारण बड़ा हादसा टल गया। एयर इंडिया की फ्लाइट को भी मिली धमकी इसके अलावा रात करीब 2 बजे एयर इंडिया का एक विमान मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से न्यूयॉर्क जा रहा था, जिसको बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी के तुरंत बाद फ्लाइट को दिल्ली की ओर डायवर्ट किया गया। इन घटनाओं ने यात्रियों के बीच चिंता बढ़ा दी है और सुरक्षा एजेंसियां इन साजिशों के पीछे के लोगों की पहचान के लिए जांच कर रही हैं। सभी यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।  

अर्थशास्त्र पुरस्कार को पहले बैंक ऑफ स्वीडन पुरस्कार के रूप में जाना जाता था, हुई नोबेल पुरस्कार की घोषणा

नई दिल्‍ली डैरोन ऐसमोग्लू, साइमन जॉनसन और जेम्स रॉबिन्सन को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार मिला है। उन्हें यह पुरस्कार इस बात पर रिसर्च के लिए मिला है कि संस्थान कैसे बनते हैं और लोगों की खुशहाली को कैसे प्रभावित करते हैं। उनकी रिसर्च बताती है कि मजबूत और निष्पक्ष संस्थान जैसे-अच्छी सरकारें और कानून व्यवस्था लोगों की जिंदगी पर सकारात्मक असर डालते हैं। नोबेल पुरस्कार समिति ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्ट में बताया कि संस्थाओं के गठन और परिवर्तन की परिस्थितियों को समझाने के लिए पुरस्कार विजेताओं का मॉडल तीन फैक्‍टरों पर आधारित है। पहला है संसाधनों के बंटवारे और समाज में निर्णय लेने की शक्ति (अभिजात वर्ग या जनता) को लेकर संघर्ष। और क्‍या कहती है र‍िसर्च? सम‍ित‍ि ने आगे बताया, ‘दूसरा यह है कि जनता को कभी-कभी सत्ता का इस्तेमाल करने का अवसर मिलता है। वे संगठित होकर और शासक वर्ग को धमकी देकर ऐसा कर सकते हैं। इसलिए समाज में सत्ता केवल निर्णय लेने की शक्ति से कहीं अधिक है। तीसरा है प्रतिबद्धता की समस्या, जिसका मतलब है कि अभिजात वर्ग के पास जनता को निर्णय लेने की शक्ति सौंपने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।’ क्‍या है नोबेल पुरस्‍कार का इतिहास? ऐसमोग्लू और जॉनसन मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में काम करते हैं और रॉबिन्सन शिकॉगो विश्वविद्यालय में अपना शोध करते हैं। अर्थशास्त्र पुरस्कार को पहले बैंक ऑफ स्वीडन पुरस्कार के रूप में जाना जाता था। आर्थिक विज्ञान का यह पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति दिया जाता है। बैंक ऑफ स्वीडन ने 1968 में नोबेल की स्मृति में इसकी शुरुआत की थी। नोबेल 19वीं सदी के व्यवसायी और रसायनज्ञ थे, जिन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया था और पांच नोबेल पुरस्कारों की स्थापना की थी। हालांकि, कुछ लोग इस बात पर जोर देते हैं कि अर्थशास्त्र का पुरस्कार तकनीकी रूप से नोबेल पुरस्कार नहीं है। लेकिन, इसे हमेशा 10 दिसंबर को अन्य पुरस्कारों के साथ प्रदान किया जाता है। इस दिन नोबेल की पुण्यतिथि है। पिछले सप्ताह चिकित्सा, भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य और शांति के लिए नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की गई थी।

वन एवं पर्यावरण मंत्री ने 30 लाख 92 हजार 426 रुपये लागत की 2 सड़कों का भूमि-पूजन किया

भोपाल वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री रामनिवास रावत ने विजयपुर क्षेत्र में ग्राम खाड़ी से गिलाई माता तथा सिलपुरा से थूवरनाला तक 30 लाख 92 हजार 426 रुपये लागत की 2 सड़कों का भूमि-पूजन किया। वन मंत्री श्री रावत ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा इन सड़कों की माँग लम्बे समय से की जा रही थी। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा। ये सड़कें क्षेत्र के विकास के लिये सहायक होंगी। श्री रावत ने बताया कि इन सड़कों का निर्माण तेन्दूपत्ता मद से अधोसंरचनात्मक विकास कार्य के तहत वन विभाग द्वारा करवाया जायेगा। भूमि-पूजन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणजनों ने वन मंत्री श्री रावत का स्वागत किया। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

भारत ने कनाडा को निज्जर कांड में लगाई कड़ी फटकार, कनाडा का रवैया इस मामले में घोर आपत्तिजनक: विदेश मंत्री

कनाडा खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की बीते साल हुई हत्या के मामले में भारत सरकार ने कनाडा की जस्टिस ट्रूडो सरकार पर तीखा हमला बोला है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि कनाडा का रवैया इस मामले में घोर आपत्तिजनक है और दोनों देशों के रिश्तों के लिए ठीक नहीं है। कनाडा की ओर से कहा गया था कि निज्जर की हत्या के मामले में भारतीय उच्चायुक्त और अन्य राजनयिकों पर भी संदेह है और वे पर्सन ऑफ इंट्रेस्ट प्रतीत होते हैं। अब इसे लेकर भारत ने कहा है कि यह कुछ और नहीं बल्कि जस्टिन ट्रूडो सरकार की वोट बैंक की राजनीति है। वह अपने राजनीतिक हित साधने के अलावा कुछ नहीं करना चाहती। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने सितंबर 2023 में इस संबंध में आरोप लगाए थे। इसके बाद भारत की ओर से कनाडा सरकार से कहा गया था कि वह इस संबंध में कुछ सबूत थे। कई बार रिक्वेस्ट करने के बाद भी कनाडा सरकार ने कोई सबूत नहीं दिया था। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि उन्हें रविवार को कनाडा से एक राजनयिक संदेश प्राप्त हुआ जिसमें यह कहा गया कि भारतीय उच्चायुक्त और अन्य राजनयिक कनाडा में एक जांच से संबंधित मामले में पर्सन ऑफ इंटरेस्ट हैं। ‘पर्सन ऑफ इंटरेस्ट’ शब्द का उपयोग अमेरिका और कनाडा में कानून प्रवर्तन द्वारा किसी ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता है जो संभवतः किसी जांच से जुड़ा हो, जिसे गिरफ्तार नहीं किया गया हो या किसी अपराध के लिए औपचारिक रूप से आरोपित नहीं किया गया हो। इसका उपयोग आमतौर पर किसी ऐसे व्यक्ति को संदर्भित करने के लिए किया जाता है जिसमें कानून प्रवर्तन कर्मियों की रुचि होती है क्योंकि उनके पास ऐसी जानकारी हो सकती है जो जांच में सहायता कर सकती है। हालांकि मंत्रालय ने जांच के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दी, लेकिन मामले से परिचित लोगों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि यह मामला निज्जर की हत्या से जुड़ा है। जून 2023 में सर्रे में एक गुरुद्वारे के बाहर अज्ञात लोगों ने निज्जर की गोली मार कर हत्या कर दी थी। बयान में कहा गया है, “भारत सरकार इन बेतुके आरोपों को खारिज करती है और इन्हें ट्रूडो सरकार के राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा मानती है जो वोट बैंक की राजनीति पर केंद्रित है।” सितंबर 2023 में कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा संसद में आरोप लगाए जाने के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट आई है। ट्रुडो ने आरोप लगाया था कि निज्जर की मौत में भारतीय सरकारी एजेंटोन के हाथ हैं। भारत ने आरोप को निराधार बताकर खारिज कर दिया था। ताजा बयान में कहा गया है कि पिछले सितंबर में ट्रूडो द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद से कनाडाई सरकार ने हमारी ओर से कई अनुरोधों के बावजूद भारत सरकार के साथ किसी भी तरह का सबूत साझा नहीं किया है। बयान में आगे कहा गया है: “यह नए कदम उन बातचीत के बाद उठाया गया है जिसमें फिर से बिना किसी तथ्य के दावे किए गए हैं। इससे इस बात में कोई संदेह नहीं रह जाता कि जांच के बहाने राजनीतिक लाभ के लिए भारत को बदनाम करने की जानबूझकर रणनीति बनाई जा रही है। कड़े शब्दों में लिखे गए विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि ट्रूडो की भारत के प्रति दुश्मनी लंबे समय से साफ साफ नजर आती है”। ट्रूडो कैबिनेट में ही हैं कई भारत विरोधी लोग बयान में कहा गया, “उनके मंत्रिमंडल में ऐसे लोग शामिल हैं जो भारत के संबंध में चरमपंथी और अलगाववादी एजेंडे से खुले तौर पर जुड़े हुए हैं। दिसंबर 2020 में भारतीय आंतरिक राजनीति में उनके खुले हस्तक्षेप से पता चलता है कि वे इस संबंध में किस हद तक जाने को तैयार हैं। बयान में कहा गया है कि उच्चायुक्त संजय वर्मा भारत के सबसे वरिष्ठ सेवारत राजनयिक हैं, जिनका करियर 36 साल का है। इस दौरान वे जापान और सूडान में राजदूत रहे हैं और इटली, तुर्की, वियतनाम और चीन में भी सेवा दे चुके हैं। इसमें कहा गया है, ‘कनाडा सरकार द्वारा उन पर लगाए गए आरोप हास्यास्पद हैं।’ बयान में कहा गया है कि भारतीय पक्ष भारतीय राजनयिकों के खिलाफ आरोप लगाने के कनाडाई सरकार के इन प्रयासों के जवाब में कदम उठाएगा।’ भारत बोला- ट्रूडो सरकार दे रही कट्टरपंथियों को शरण बयान में भारतीय पक्ष के इस आरोप को दोहराया गया कि ट्रूडो सरकार ने जानबूझकर हिंसक चरमपंथियों और आतंकवादियों को कनाडा में भारतीय राजनयिकों और सामुदायिक नेताओं को परेशान करने, धमकाने और डराने के लिए जगह दी है। इसमें भारतीय राजनयिकों और नेताओं को जान से मारने की धमकियां भी शामिल हैं। बयान में कहा गया है, “इन सभी गतिविधियों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर उचित ठहराया गया है। कुछ व्यक्ति जो अवैध रूप से कनाडा में प्रवेश कर चुके हैं, उन्हें नागरिकता देने के लिए तेज़ी से काम किया गया है। कनाडा में रहने वाले आतंकवादियों और संगठित अपराध नेताओं के संबंध में भारत सरकार के कई प्रत्यर्पण अनुरोधों की अनदेखी की गई है।”  

अब जम्मू-कश्मीर के सत्यपाल मलिक ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा, ईवीएम की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल

नई दिल्ली विपक्ष लंबे समय से ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग करता रहा है। हरियाणा चुनाव के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग और ईवीएम की विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवाल खड़े किए। वहीं अब जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आज के हालात को देखकर ईवीएम से भरोसा उठने जैसा हो गया है। मलिक ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर कहा, अभी हरियाणा में हुए चुनावों में पोस्टल बैलेट पेपर में कांग्रेस 74-16 से आगे थी, जैसे ही EVM खुली धीरे धीरे कांग्रेस सत्ता से बाहर ओर और भाजपा सत्ता में। जो शुरुआती रुझानों में दिखाया गया था और एग्जिट पोल्स में भी दिखाया था सब उसके विपरीत हो रहा है। आज वर्तमान स्तिथि देखकर चुनाव आयोग और EVM से भरोसा उठने जैसा हो गया है। EVM का खेल आखिर कब तक चलेगा, आज AI का ज़माना है अगर निष्पक्ष चुनाव चाहते हो तो EVM को हटाना भी एक मात्र विकल्प है। हाल ही में लाइव हिंदुस्तान से बातचीत में भी सत्यपाल मलिक ने कहा था कि हरियाणा के नतीजे उम्मीद के विपरीत आए हैं। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में एकता नहीं है। कांग्रेस के लोग उतनी मेहनत नहीं करते। वहीं बीजेपी के लोग 24 घंटे राजनीति करते हैं। उनके मुकाबले कांग्रेस की मेहनत नहीं टिकती है। उन्होंने कहा था कि हरियाणा की हार के लिए राहुल गांधी जिम्मेदार नहीं हैं। मलिक ने कहा था कि बीजेपी के 50 अनुषांगिक संगठन हैं। कांग्रेस के लोग बीजेपी के बराबर राजनीति और संघर्ष नहीं करते। सड़कों पर नहीं रहते। उन्होंने कहा कि कुमारी सैलजा की वह से कांग्रेस के दलित वोट कट गए। वहीं बैकवर्ड सीएम की वजह से पिछड़ा वोट भी बीजेपी को मिल गया। बता दें कि चुनाव परिणाम वाले दिन अजय माकन, भूपेंद्र सिंह हुड्ड् और कुमारी सैलजा जैसे कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि दोपहर में गिनती धीमी हो गई है। उन्होंने गिनती में गड़बड़ी की आशंका जताई थी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने ईवीएम पर सवाल भी खड़े किए थे। जवाब देते हुए बीजेपी ने कहा था कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप क्यो नहीं लगा रही है। जबकि जम्मू-कश्मीर में उसका गठबंधन सरकार बनाने की स्थिति में है। बाद में कांग्रेस ने ईवीएम के मामले को लेकर एक फैक्ट फाइंडिंग टीम बना दी और कहा कि जब तक पुख्ता सबूत नहीं मिल जाते कांग्रेस ईवीएम के मुद्दे पर ज्यादा बात नहीं करेगी।

बोइनपल्ली को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

नई दिल्ली दिल्ली के कथित शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हैदराबाद के कारोबारी अभिषेक बोइनपल्ली को जमानत दे दी। बोइनपल्ली को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जस्टिस एमएम सुंदरेश और अरविंद कुमार की बेंच ने जमानत दी है। ईडी की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने जमानत का विरोध नहीं किया। बेंच ने कहा, ‘हम जमानत देने के पक्ष में हैं।’ सर्वोच्च अदालत ने 13 अगस्त को बोइनपल्ली को मिली अंतरिम जमानत को बढ़ा दिया था। 20 मार्च को कोर्ट ने यह कहते हुए उन्हें पांच सप्ताह की जमानत दी थी कि वह 18 महीनों से जेल में बंद हैं। इसके बाद लगातार उनकी जमानत अवधि बढ़ती रही। अंतरिम जमानत देते हुए सर्वोच्च अदालत ने बोइनपल्ली को अपना पासपोर्ट जमा कराने को कहा था। उन्हें हैदराबाद के अलावा एनसीआर से बाहर कहीं और नहीं जाने को कहा गया था।कारोबारी ने दिल्ली हाई कोर्ट के तीन जुलाई 2023 के आदेश को चुनौती दी है जिसमें 2022 में उनकी गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाने वाली याचिका खारिज कर दी गई थी। उन्होंने पीएमएलए की धारा 19 का पालन न करने के आधार पर गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। उनका कहना है कि प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। दिल्ली सरकार ने 2021-22 के लिए बनी शराब नीति 17 नवंबर, 2021 को लागू की थी लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सितंबर, 2022 के अंत में इसे रद्द कर दिया था। केंद्रीय जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी का आरोप है कि इस नीति के तहत शराब कारोबारियों को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया गया और बदले में उनसे रिश्वत ली गई। इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सांसद संजय सिंह जैसे बड़े नेता भी आरोपी हैं। तीनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर निकले हैं।

वरिष्ठ मंत्री रहे अनिल विज ने जेपी नड्डा से की मुलाकात, इस मुलाकात के हरियाणा में खूब हो रहे चर्चे

नई दिल्ली अंबाला कैंट सीट से लगातार 7वीं बार विधायक चुने गए हरियाणा के सीनियर भाजपा नेता अनिल विज ने जेपी नड्डा से मुलाकात की है। वह पार्टी चीफ से मुलाकात करने दिल्ली पहुंचे। वरिष्ठ मंत्री रहे अनिल विज की जेपी नड्डा से मुलाकात के हरियाणा में भी चर्चे हैं। फिलहाल इस बात के कयास लग रहे हैं कि उन्हें कौन सा मंत्रालय नई सरकार में मिल सकता है। वह मनोहर लाल खट्टर की सरकार में गृह मंत्री थे, लेकिन नायब सिंह सैनी को कमान मिलने के बाद उन्होंने शपथ नहीं ली थी। वह सिर्फ विधायक के तौर पर काम कर रहे थे। इस बार फिर उन्होंने अंबाला से जीत हासिल की है। इस जीत के बाद फिर से उनके कैबिनेट में आने की चर्चाएं हैं। नायब सिंह सैनी के 17 अक्टूबर को कुछ मंत्रियों के साथ शपथ होगी। अब चर्चा है कि 17 अक्टूबर को अनिल विज उनके साथ शपथ लेंगे या नहीं। दरअसल अनिल विज ने हरियाणा चुनाव के नतीजों से पहले सीएम पद पर दावा किया था। उनका कहना था कि वह वरिष्ठ नेता हैं और सीएम पद के लिए उपयुक्त हैं। ऐसे में अब वह नायब सैनी की सरकार में बतौर मंत्री शपथ लेंगे या फिर नहीं। इसको लेकर भाजपा में आंतरिक चर्चाएं तेज हैं। हालांकि अनिल विज ने दावा करने के बाद यह भी कहा था कि यह मेरी नहीं बल्कि समर्थकों की राय है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि जब मनोहर लाल खट्टर के स्थान पर नायब सिंह सैनी को सीएम बनाया गया तो मेरे समर्थकों की राय थी कि मैं भी इसके लिए सही विकल्प था। फिर मैंने जब कुछ नहीं कहा तो लोगों ने कहा शुरू किया कि अनिल विज खुद ही सीएम नहीं बनना चाहता। इसलिए मैंने इस मसले पर बात करते हुए कहा कि मैं भी मुख्यमंत्री बन सकता हूं। ऐसा इसलिए कहा था ताकि अपने समर्थकों के बीच भ्रम दूर कर सकूं। बता दें कि अनिल विज को हरियाणा भाजपा के फायर ब्रांड नेताओं में गिना जाता है। वह तब से भाजपा के विधायक हैं, जब पार्टी राज्य में कमजोर थी और तीसरे या चौथे नंबर की पार्टी हुआ करती थी। भाजपा को इस बार के चुनाव में 48 सीटें मिली हैं और वह लगातार तीसरी बार राज्य की सत्ता में लौटी है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet