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MP में बढ़ी दूषित मावे की आपूर्ति, विभाग को इसे रोकना बड़ी चुनौती

भोपाल  मध्य प्रदेश में त्योहारों का मौसम करीब आते ही हर साल छोटे शहरों से बड़े शहरों में दूषित मावे की आपूर्ति बढ़ जाती है। इस बार भी ऐसा होगा, इसके संकेत अभी से मिलने लगे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के अधिकारी चौकस हो गए हैं, मगर इसे रोकना एक बड़ी चुनौती है। राज्य का ग्वालियर-चंबल अंचल वह इलाका है जहां से प्रदेश के बड़े शहर ही नहीं देश के कई इलाकों में मावा की आपूर्ति होती है। शादी समारोहों का सिलसिला शुरू हो चुका है, वहीं स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन का पर्व कुछ दूर है, इसके साथ ही मावे की आपूर्ति भी शुरू हो चुकी है। आने वाले समय में यह क्रम और तेजी से बढ़ने की संभावना है। इसी के चलते खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाइयां भी बढ़ने लगी हैं। दूषित मावे की आपूर्ति की मिल रही सूचनाओं के बीच खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग को ग्वालियर से भोपाल मावा आने की सूचना मिली। इस सूचना के आधार पर भोपाल रेलवे स्टेशन पर आए मावा को जब्त कर लिया गया, मगर जो दो लोग मावा लेकर आए थे, वे रफूचक्कर हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 36 क्विंटल मावा जब्त किया गया है, जिसकी कीमत आठ लाख रुपए आंकी गई है। इस मावे के सैंपल को जांच के लिए लेबोरेटरी भेजा जाएगा। उसके बाद ही इस बात का खुलासा हो सकेगा कि यह मावा ठीक था अथवा दूषित। जानकारों का कहना है कि राज्य में दूषित मावा की आपूर्ति को रोकना सरकारी अमले के लिए आसान नहीं होता, क्योंकि राज्य के अलग-अलग हिस्सों से यह मावा ट्रेन के जरिए या सड़क मार्ग के जरिए पहुंचता है। विभाग को या पुलिस अमले को जब किसी मुखबिर से सूचना मिलती है तभी कार्रवाई हो पाती है। इस बार देखना होगा कि प्रशासन दूषित मावे की आपूर्ति को कैसे रोकता है।

पिछले दस साल में देश की इकॉनमी काफी तेजी से बढ़ी,साथ ही देश में रईसों की संख्या तेजी से बढ़ी है

नई दिल्ली  पिछले दस साल में देश की इकॉनमी काफी तेजी से बढ़ी है और इसके साथ ही देश में रईसों की संख्या तेजी से बढ़ी है। Henley Private Wealth Migration Report के मुताबिक 2013 से 2023 के बीच भारत में मिलिनेयर्स की संख्या में 85 फीसदी तेजी आई है। मिलिनेयर का मतलब ऐसे लोगों से है जिनकी नेटवर्थ 10 लाख डॉलर यानी 8,35,76,500 रुपये या उससे अधिक है। आंकड़ों के मुताबिक 2013 से 2023 के बीच तीन देशों में मिलिनेयर्स की संख्या भारत से ज्यादा तेजी से बढ़ी। इनमें वियतनाम, चीन और मॉरीशस शामिल हैं। हालांकि वियतनाम और मॉरीशस की आबादी भारत से बहुत कम है। वियतनाम की आबादी 9.82 करोड़ और मॉरीशस की महज 12.6 लाख है। 2013 से 2023 के बीच वियतनाम में मिलिनेयर्स की संख्या में 98 फीसदी इजाफा हुआ। चाइना प्लस वन पॉलिसी के तहत कई कंपनियां चीन से बाहर शिफ्ट हुई हैं और वियतनाम को इसका अच्छा फायदा मिला है। इन दस साल में चीन में मिलिनेयर्स की आबादी में 92 फीसदी तेजी आई जबकि हिंद महासागर के द्वीपीय देश मॉरीशस में मिलिनेयर्स की संख्या में 87 फीसदी की उछाल आई। इस लिस्ट में भारत 85% के साथ चौथे नंबर पर है। यूएई 77 फीसदी के साथ पांचवें, माल्टा (74%) छठे, मोनाको (68%) सातवें, सिंगापुर (64%) आठवें, अमेरिका (62%) नौवें और न्यूजीलैंड (48%) दसवें नंबर पर है। अमेरिका का दबदबा पिछले दस साल में ताइवान में मिलिनेयर्स की आबादी में 42% तेजी आई है जबकि स्विट्जरलैंड में उनकी आबादी 38% बढ़ी है। ऑस्ट्रेलिया में मिलिनेयर्स की संख्या 35%, सऊदी अरब में 35%, पुर्तगाल में 32%, कनाडा में 29%, साउथ कोरिया में 28%, इटली में 16%, जर्मनी में 15%, फ्रांस में 14%, ग्रीस में 14% और स्पेन में छह फीसदी बढ़ी है। अगर दुनिया के टॉप अमीरों की लिस्ट पर नजर डालें तो इसमें अमेरिका का दबदबा है। टॉप 10 में अमेरिका के नौ रईस शामिल हैं। केवल फ्रांस के बर्नार्ड अरनॉल्ट इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। एलन मस्क पहले और जेफ बेजोस दूसरे नंबर पर मौजूद हैं।

ग्वालियर कैचमेंट में ज्यादा बारिश से बने बाढ़ के हालात, एक दर्जन से ज्यादा कच्चे मकान गिरे

भिंड भिंड जिले के गोहद क्षेत्र के चितौरा गांव में 34 साल बाद बारिश के मौसम में पानी की तबाही का मंजर देखने को मिला। लोगों के घरों के अंदर घर – गृहस्थी का सामान पानी के कारण खराब हो गया है। घरों में दो से तीन दिन तक पानी हिलौरे मारता रहा। लोग छतों पर रहे, तो कुछ लोग सुरक्षित स्थानों के लिए चले गए थे। अब जब पानी उतर गया है, तो लोग पानी से भीगी गृहस्थी को संभालने में जुट गए हैं। गोहद विधानसभा के चितौरा गांव के लोगों का कहना है कि 1990 में भिंड जिला बाढ़ की चपेट में आया था। उस समय चितौरा गांव भी पानी में डूब गया था। अब 34 साल बाद दो दिनों तक ग्वालियर और भिंड की सीमा में होने वाली बारिश के कारण तेज पानी का बहाव गांव में आया। इससे बाढ़ आ गई। पानी निकालने के लिए तोड़ना पड़ीं सड़कें लोगों का कहना है कि पानी का बहाव इतना तेज था कि गांव के आसपास छह जगहों पर पक्की सड़क को तोड़ना पड़ा। पानी के निकासी के लिए जगह-जगह बनाई गई पुलिया में से पानी निकल नहीं पा रहा था और पानी का वेग लगातार बढ़ता जा रहा था।लोगों के घरों तक यह पानी पहुंच चुका था। सुरक्षा की दृष्टि से सड़क को जगह – जगह तोड़ना ही जिला प्रशासन के अफसर में मुनासिब समझा था। जब लोगों के घरों में पानी भरा तो लोग जरूरत का सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर पलायन कर गए। अब पानी उतर गया तो लोग फिर वापस आकर घर की सफाई कर रहे हैं। एक दर्जन से ज्यादा कच्चे मकान गिरे गांव के लोगों का यह भी कहना है कि जो गृहस्थी थी, वो पानी में खराब हो गई है। इसको जोड़ने में बरसों लग गए थे। बाढ़ के पानी के कारण जहां एक दर्जन से ज्यादा कच्चे मकान गिर गए हैं, वहीं पक्के मकान में भी सीलन बैठ गई है। कुछ मकान ऐसे भी हैं, जिनमें दरारें आ गई है। हालांकि, अब तक इन मकानों के सर्वे को लेकर कोई भी प्रशासनिक अफसर में पुख्ता कदम नहीं उठाया। ग्वालियर के कैचमेंट एरिया में ज्यादा बारिश से बने बाढ़ के हालात दैनिक भास्कर से बातचीत में सिंचाई विभाग के कार्यपालन यंत्री अंजुल दोहरे ने बताया कि ग्वालियर के कैचमेंट एरिया में अधिक बारिश हुई है। जगह-जगह सड़के बनाई गई हैं, इस कारण से पानी का बहाव चितौरा के रास्ते आ गया। अब तक होने वाली बारिश का पानी दो तरह फ्लो के साथ बहता था। ग्वालियर के बिलौआ से लेकर चितौरा तक के कैचमेंट एरिया में होने वाली बारिश का कुछ हिस्सा सिंध नदी में जाता था और पानी का कुछ हिस्सा मुरार नदी में होते हुए बैसली नदी में आता था। लेकिन, एक कैचमेंट एरिया में अति बारिश होने के कारण पानी का बहाव सीधा उतर आया है और इससे बाढ़ जैसे हालात गोहद क्षेत्र के चितौरा और आसपास के गांव में बने हैं। सरपंच बोलीं- प्रशासन को जानकारी दे चुके गांव की सरपंच अंजू राणा का कहना है कि चितौरा में बाढ़ के पानी से भारी नुकसान हुआ है। घर गृहस्थी के साथ-साथ पशु धन का नुकसान हुआ है। सरकारी बिल्डिंगों से लेकर सड़क तक का नुकसान हुआ है। ऐसी बाढ़ को मैंने पहली बार गांव के अंदर देखा है। इस बात की जानकारी प्रशासनिक अफसर को दी जा चुकी है। गांव के धर्मेंद्र राणा का कहना है कि बाढ़ के कारण जहां घरों में भरा हुआ अनाज सड़ गया है, वही सरकारी खाद की 600 बोरी पानी में गल गईं। गोशाला के लिए रखा हुआ सुदाना भी खराब हो गया। गायों का भूसा भी पानी में बह गया है। कई लोगों के घरों में खाने-पीने के अनाज का टोटा बना हुआ है। SDM बोल- जांच करवा रहा हूं गोहद एसडीएम पराग जैन ने दैनिक भास्कर से चर्चा करते हुए कहा, ‘ग्वालियर के कैचमेंट एरिया में अति बारिश हुई है। इस कारण से यह हालत बने हैं। अब इस हालात के कारण कई गांवों को नुकसान हुआ है। गांव में नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। वहीं, सिंचाई विभाग के अफसर को निर्देशित किया है कि आखिर यह पानी इतनी अधिक मात्रा में चितौरा बेल्ट में कैसे आया, इसकी जांच कराई जा रही है।

10 बदमाशों ने मां वैष्णौ धाम शक्ति पीठ आश्रम में डाली डकैती,सोने का लाॅकेट, 80 हज़ार रुपए ले गए

 इंदौर  शहर के पास एक मंदिर में बीती रात डकैती हो गई। घटना बाणगंगा थाने की सीमा के ग्राम अलवासा की है। रात डेढ़ बजे बदमाशों ने मंदिर के महंत, पुजारी व सेवादार को बंधकर बना लिया। इसके बाद वे दानपेटी से मंदिर निर्माण की धन राशि, देवी माता की प्रतिमा पर चढ़ाया गया सोने का मंगलसूत्र , सोने का पैंडल लूट ले गए। बताया जाता है कि ये बदमाश करीब 8 से 10 की संख्‍या में थे। पुजारी रामकिशन ने पुलिस को घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वे अपने सेवक महेश दास के साथ वैष्‍णोधाम मंदिर के बरामदे में सो रहे थे। कमरे में महंत कमलदास सो रहे थे। रात डेढ़ बजे हथियार धारी बदमाश मंदिर में घुस आए। एक ने सिर पर डंडे से वार किया। इससे वो बेहोश हो गए। आवाज सुनकर कमल दास बाहर आए तो बदमाशों ने उनसे भी मारपीट की। फिर महंत, सेवक को बांध दिया। शोर करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद मंदिर में रखी नगदी, आभूषण व दानपेटी उठाकर भाग गए। कुछ देर बाद सभी ने एक दूसरे की मदद से हाथ पैर खोले। ग्रामीणों को बुलाया। घटना की जानकारी दी। सभी ने बाणगंगा थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

मायावती ने INLD के साथ किया गठबंधन, विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बढ़ेगी टेंशन?

चंडीगढ़ हरियाणा (Haryana) में विधानसभा चुनाव होने वाला है. इससे पहले सियासी गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं. अब, इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के प्रधान सचिव ने कहा कि हम विधानसभा चुनाव बीएसपी के साथ मिलकर लड़ेंगे. बीएसपी नेता आकाश आनंद ने कहा कि 6 जुलाई को अभय चौटाला और मायावती  के बीच विस्तार से सीटों पर चर्चा हुई. 90 में से 37 सीटों पर बीएसपी चुनाव लड़ेगी और बाकी सीटें INLD के खाते में जाएंगी. आकाश आनंद ने कहा कि अगर हम फतह हासिल करते हैं, तो अभय चौटाला को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. इसके अलावा अभय चौटाला ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी पर निशाना साधते हुए कहा कि हमने चीजों को बेहतर तरीके से संभाला, इन लोगों (अपराधियों) को सरकार का संरक्षण प्राप्त है. अभय चौटाला ने क्या कहा? वहीं आकाश आनंद के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद अभय चौटाला ने कहा कि ये गठबंधन स्वार्थ के लिए नहीं है. बीजेपी ने दस साल में और कांग्रेस ने अपने राज में राज्य को लूटा है. हम गैर बीजेपी, गैर कांग्रेस गठबंधन राज्य में तैयार करेंगे और सरकार बनाएंगे. किसका कितना आधार? बीएसपी और इनेलो के गठबंधन से सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस की विधानसभा चुनाव में टेंशन बढ़ सकती है. राज्य में इसी साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इनेलो मायावती के सहारे दलित वोट को साधने की कोशिश में है. हरियाणा में दलितों की आबादी करीब 20 फीसदी है. लोकसभा चुनाव में हरियाणा में बीएसपी को 1.28 फीसदी वोट मिले थे. वहीं आईएनएलडी को 1.74 से संतोष करना पड़ा. 2019 के विधानसभा चुनाव में इनेलो को मात्र एक सीट मिली थी और 2.44 फीसदी वोट से संतोष करना पड़ा. वहीं बहुजन समाज पार्टी (BSP) को 4.21 फीसदी वोट मिले थे. पिछले चुनाव में इनेलो ने अकाली दल के साथ गठबंधन किया था. अभय चौटाला ने की मायावती से मुलाकात अभय चौटाला ने 6 जुलाई को मायावती से मुलाकात की थी. इस दौरान आकाश आनंद भी मौजूद थे. तब चौटाला ने एक्स पर लिखा, ”बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, परम आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी से उनके निवास स्थान पर मुलाक़ात की और देश-प्रदेश के मुख्य मुद्दों पर विशेष चर्चा की.” फ्री बिजली का वादा अभय चौटाला ने मुफ्त बिजली और स्वच्छ पेयजल का वादा किया. उन्होंने कहा कि हमारे पास नए मीटर होंगे, जहां बिजली का बिल 500 रुपये से कम होगा. हम फ्री बिजली देने के लिए बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाएंगे. ‘गरीबों को न्याय, कमजोरों को सशक्त…’ चंडीगढ़ के बाहरी इलाके नयागांव में बीएसपी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए INLD नेता अभय चौटाला ने कहा कि यह गठबंधन किसी स्वार्थ पर आधारित नहीं है, बल्कि लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है. उन्होंने कहा कि बीएसपी और INLD की सोच यह है कि गरीबों को न्याय कैसे मिले और कमजोर वर्ग कैसे सशक्त हो. चौटाला ने आगे कहा, “हरियाणा में हमने आगामी विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ने का फैसला किया है. आज आम लोगों की भावना बीजेपी को सत्ता से बाहर करने और कांग्रेस पार्टी को सत्ता से दूर रखने की है, जिसने 10 साल तक राज्य को लूटा है.” बता दें कि फरवरी 2019 में बीएसपी ने INLD के साथ अपने लगभग 9 महीने पुराने गठबंधन को खत्म कर दिया था, जो उस वक्त हरियाणा की मुख्य विपक्षी पार्टी थी. उस समय यह घटनाक्रम चौटाला परिवार में झगड़े के बीच हुआ था. ‘जनविरोधियों को हराने का संकल्प…’ बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “बहुजन समाज पार्टी और इण्डियन नेशनल लोकदल मिलकर हरियाणा में होने वाले विधानसभा आमचुनाव में वहां की जनविरोधी पार्टियों को हराकर अपने नये गठबन्धन की सरकार बनाने के संकल्प के साथ लड़ेंगे, जिसकी घोषणा मेरे पूरे आशीर्वाद के साथ आज चण्डीगढ़ में संयुक्त प्रेसवार्ता में की गयी. उन्होंने आगे कहा कि इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला आदि तथा बीएसपी के आनन्द कुमार, नेशनल कोआर्डिनेटर आकाश आनन्द और पार्टी के राज्य प्रभारी रणधीर बेनीवाल की आज हुई प्रेसवार्ता से पहले दोनों पार्टियों के बीच नई दिल्ली में मेरे निवास पर गठबंधन को लेकर सफल वार्ता हुई. मायावती ने आगे कहा कि हरियाणा में सर्वसमाज-हितैषी जनकल्याणकारी सरकार बनाने के संकल्प के कारण इस गठबंधन में एक-दूसरे को पूरा आदर-सम्मान देकर सीटों आदि के बंटवारे में पूरी एकता व सहमति बन गई है. मुझे पूरी उम्मीद है कि यह आपसी एकजुटता जन आशीर्वाद से विरोधियों को हरा कर नई सरकार बनाएगी.    

ट्रांसपोर्ट यूनियन ने PM मोदी के नेतृत्व में केंन्द्र सरकार के समर्थन और सहयोग के लिए भी आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया.

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार द्वारा परिवहन चेक पोस्ट को खत्म करने को लेकर प्रदेश के ट्रांसपोर्टर बहुत खुश हैं. उन्होंने इसे लेकर सीएम मोहन यादव की तारीफ की है और उनका आभार जताया है. 9 जुलाई को पांडुचेरी में आयोजित हुई एआईएमटीसी की 216 वीं कार्यकरिणी समिति में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सहयोग एंव समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया गया है. ट्रांसपोर्ट यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंन्द्र सरकार के समर्थन और सहयोग के लिए भी आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया.     ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के अध्यक्ष अमृतलाल मदान, चेयरमैन डॉ. जी. आर. शन्मुगप्पा और कोर कमेटी के चेयरमैन बल मलकित सिंह ने मध्य प्रदेश में जुलाई 2024 से अवैध बॉर्डर चेकपोस्ट्स को समाप्त करने का वादा पूरा करने के लिए 9 जुलाई को पांडुचेरी में एक धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया. जिसमें मध्यप्रदेश सरकार को इस फैसले के लिए धन्यवाद दिया गया है. डॉ. यादव के नेतृत्व में पारदर्शी शासन की प्रतिबद्धता: बल मलकित सिंह धन्यवाद प्रस्ताव जारी करने के पश्चात एआईएमटीसी के कमेटी के चैयनमेन बल मलकित सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के चेकपोस्ट बंद करने के निर्णय का ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस AIMTC ने स्वागत किया है. ट्रांसपोटर्स ने डॉ यादव के निर्णय की सराहना की और इसे ऐतिहासिक बताते हुए मध्यप्रदेश की तरह अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से भी इस व्यवस्था को अपनाने की मांग की है. बैठक में मौजूद ट्रांसपोटरों ने कहा कि मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव का मध्यप्रदेश में चेक पोस्ट नाके बंद करने का निर्णय मील का पत्थर साबित होगा. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व और स्वच्छ और पारदर्शी शासन के प्रति प्रतिबद्धता के तहत, राज्य में एक परिवर्तनकारी बदलाव आया है. यह कदम परिवहन क्षेत्र में भ्रष्टाचार और उत्पीड़न को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है. परिवहन समुदाय को उम्मीद है कि यह कदम एक अच्छा शासन वातावरण बनाएगा, विदेशी निवेश आकर्षित करेगा और राज्य की छवि को एक मेहमान नवाज क्षेत्र के रूप में बढ़ाएगा.     मध्यप्रदेश सरकार द्वारा परिवहन चेक पोस्ट समाप्त करने के ऐतिहासिक निर्णय का ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस, नई दिल्ली (एआईएमटीसी) ने स्वागत किया है। पीएम मोदी के भ्रष्टाचार-मुक्त भारत के दृष्टिकोण को मजबूती समिति ने प्रस्ताव जारी करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार-मुक्त भारत के दृष्टिकोण के साथ मेल खाता है, जिससे व्यापार करने में आसानी होगी और सामानों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी, जिससे लॉजिस्टिक लागत कम होगी और “मेक इन इंडिया” पहल को समर्थन मिलेगा. क्या है ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी), भारतीय परिवहन समुदाय का एक गैर-राजनीतिक, धर्मनिरपेक्ष, गैर-लाभकारी शीर्ष संगठन, 1936 से इस क्षेत्र की सेवा कर रहा है. एआईएमटीसी 95 लाख ट्रक ड्राइवरों और परिवहनकर्ताओं, लगभग 50 लाख बस, पर्यटक टैक्सी, और मैक्सी कैब ऑपरेटरों का प्रतिनिधित्व करता है और पूरे भारत में 3,500 से अधिक तालुका, जिला, राज्य-स्तरीय संघों और परिवहन संघों की आवाज है, जो लगभग 20 करोड़ लोगों को सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से परिवहन व्यापार से जोड़ता है.

सीएम ने 25वीं बटालियन के साथ पौधरोपण किया, मुख्यमंत्री को गॉड ऑफ ऑनर भी दिया गया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस परिवार की तरफ से आयोजित एक पेड़ मां के नाम अभियान को लेकर डीजीपी सुधीर सक्सेना को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की पर्यावरण दिवस पर एक प्रेरणा पूरे देश में जन अभियान बन गई है। मध्यप्रदेश सरकार ने पांच करोड़ 51 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। बता दें कि राजधानी भोपाल ने 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए भोपाल को बधाई। उन्होंने कहा कि 14 जुलाई को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इंदौर में एक्सीलेंस कॉलेज का शुभारंभ करने के साथ ही 11 लाख पौधे लगाने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जंगल और जमीन हमें प्रकृति से जोड़ती है। नए विज्ञान की उन्नति की राह में जंगलों पर जो आरियां चलाई गई, उसकी कीमत भी हम लोग चुका रहे हैं। खास तौर से कार्बन उत्सर्जन का वातावरण जो बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी भरपाई पौधरोपण से हो सकती है। लेकिन सिर्फ पौधा लगाने ही नहीं उसके पांच फीट की ऊंचाई तक बढ़े होने पेड़ बनने तक चिंता करना भी जरूरी है। यह संवेदनशील तरीका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोड़ा है कि मां के साथ सेल्फी लेना या मां नहीं है तो उनके चित्र के साथ पौधा लगाना। यह संवेदना का बड़ा गहरा पक्ष है। हमारी पूरी संस्कृति मां आधारित है। मुख्यमंत्री ने पुलिस की तरफ से कार्यक्रम आयोजन करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुलिस के लिए साढ़े सात हजार से ज्यादा पद हमने बजट में रखे हैं। ताकि जरुरतों को पूरा किया जा सके। यह कार्यक्रम पुलिस का एक सकारात्मक स्वरूप दिखाई देता है। पुलिस ने अपनी सख्ती से अपने मूल रूप को भी कायम किया हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग विभाग अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे है। मेरी तरफ से पुलिस परिवार को बधाई। यह प्रकृति से जुड़ने का तरीका भी है। मेरी अपनी ओर से बधाई।

आतंकियों ने कठुआ हमले से पहले बंदूक दिखाकर ग्रामीणों से जबरन खाना बनवाया था

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के कठुआ में सेना के काफिले पर हमला करने वाले आतंकवादियों ने घात लगाने से पहले कई ग्रामीणों को बंदूक की नोक पर खाना पकाने के लिए मजबूर किया था। आतंकवादियों ने हमले के दौरान बॉडी कैमरा पहना हुआ था और वे सेना के जवानों के हथियार छीनना चाहते थे। सैनिकों ने साहस और बहादुरी का परिचय दिया और घायल होने के बावजूद हथियार छीनने की उनकी योजना को विफल कर दिया। इंडिया टुडे ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी है। सूत्रों ने कहा है कि आतंकवादी उन इलाकों में हमला कर रहे थे जो सुरक्षा बलों के कैंप से बहुत दूर हैं। वहां सड़कों की स्थिति भी काफी खराब है। सुरक्षा बलों को अतिरिक्त बल भेजने में समय लगा। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने पूछताछ के लिए 20 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने हमले की जांच तेज कर दी है। आपको बता दें कि सोमवार को कठुआ जिले के बदनोटा गांव के पास माचेडी-किंडली-मल्हार पहाड़ी सड़क पर गश्त कर रहे एक दल पर आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में एक जेसीओ सहित सेना के पांच जवान शहीद हो गए।  कई अन्य घायल हो गए। एक महीने के भीतर जम्मू क्षेत्र में यह पांचवां आतंकी हमला था। ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैन्यकर्मियों की पहचान जेसीओ अनंत सिंह, हेड कांस्टेबल कमल रावत, सिपाही अनुज नेगी, राइफलमैन आदर्श नेगी और एनके कुमार के रूप में हुई है। इससे पहले सूत्रों ने कहा था कि कठुआ में हमला पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा किया गया था। उन्होंने अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया था। सूत्रों ने कहा था कि आतंकवादियों ने स्थानीय समर्थकों की मदद से इलाके की टोह ली थी। सूत्रों के अनुसार, आतंकवादियों ने एम4 कार्बाइन राइफलों और विस्फोटक उपकरणों का हमले के लिए इस्तेमाल किया था। हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैन्य कर्मियों की मौत पर शोक व्यक्त किया और जोर देकर कहा कि सैनिक क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ हैं।  

हार्दिक पांड्या बन सकते हैं भारत के नए T20I कप्तान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम इस समय जिम्बाब्वे दौरे पर 5 मैच की T20I सीरीज खेल रही है। इस टूर के बाद टीम इंडिया को श्रीलंका का दौरा करना है, जहां उन्हें तीन मैच की T20I के साथ इतने ही मैच की वनडे सीरीज भी खेलनी होगी। श्रीलंका दौरे पर कई सीनियर खिलाड़ियों की टीम में वापसी होगी। ऐसे में सवाल यह है कि इस टूर पर वनडे और टी20 टीम के कप्तान कौन होंगे। बताया जा रहा है कि रोहित शर्मा को इस दौरे से भी आराम ले सकते हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने वनडे और टी20 दोनों फॉर्मेट के कप्तान चुनने की चुनौती होगी। हार्दिक पांड्या बन सकते हैं भारत के नए T20I कप्तान हरफनमौला हार्दिक पांड्या को श्रीलंका दौरे पर पूर्ण रूप से T20I टीम की कप्तानी मिल सकती है। पांड्या ने वनडे वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा की गौरमौजूदगी में कई सीरीज में टीम की अगुवाई की थी। वहीं टी20 वर्ल्ड कप 2024 के दौरान वह टीम इंडिया के उप-कप्तान भी थे। अब रोहित शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के बाद इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया है तो भारत को नए कप्तान का भी ऐलान करना होगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सूत्रों ने एएनआई को बताया, “हार्दिक पांड्या टी20 में भारतीय टीम की कप्तानी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, रोहित शर्मा ने संन्यास की घोषणा कर दी है। हार्दिक को श्रीलंका के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए भी आराम दिए जाने की संभावना नहीं है।” केएल राहुल को मिल सकती है वनडे टीम की कमान रोहित शर्मा के श्रीलंका दौरे से आराम लेने की पूरी-पूरी संभावनाएं हैं, ऐसे में वनडे टीम की कमान केएल राहुल को सौंपी जा सकती है। राहुल ने इस फॉर्मेट में पिछले काफी समय से अच्छा प्रदर्शन किया है। वह मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज की भूमिका अदा करने के साथ-साथ विकेट कीपिंग भी करते हैं। सूत्रों ने कहा, “रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में केएल राहुल भारतीय टीम की कमान संभालेंगे क्योंकि बोर्ड का मानना ​​है कि वह लंबे प्रारूप में रन बनाते हैं।”  

चंद्रबाबू नायडू की इच्छा मोदी सरकार ने की पूरी, आंध्र के लिए 60 हजार करोड़ की योजना को दी मंजूरी; बिहार के लिए क्या?

नई दिल्ली आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की मुलाकात के 5 दिन ही बीते हैं कि केंद्र ने आंध्र प्रदेश में 60,000 करोड़ रुपये के निवेश से तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब स्थापित करने की प्रमुख मांग को स्वीकार कर लिया है। नायडू ने बुधवार को राज्य में रिफाइनरी स्थापित करने की व्यवहार्यता पर चर्चा करने के लिए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात भी की। अब लोगों की नजरें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जा टिकी हैं। ऐसा इसलिए कि केंद्र सरकार में टीडीपी के साथ-साथ जेडीयू की भी अहम भूमिका है। द इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में जानकार लोगों के हवाले से बताया है कि रिफाइनरी के लिए तीन स्थानों पर चर्चा की गई। इनमें श्रीकाकुलम, मछलीपट्टनम और रामायपट्टनम शामिल हैं। लोगों ने कहा कि रिफाइनरी की औपचारिक घोषणा 23 जुलाई को पेश किए जाने वाले बजट में किए जाने की संभावना है। स्थानों का आकलन किया जाएगा और फिर उन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि इस प्रक्रिया में कम से कम दो महीने लगेंगे और बजट में स्थान की घोषणा नहीं की जा सकती है। आपको बता दें कि यह चंद्रबाबू नायडू के लिए बड़ी जीत है, क्योंकि उन्होंने पीएम और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के साथ अपनी बैठकों के दौरान रिफाइनरी स्थापित करने पर जोर दिया था। नायडू के 16 सांसद भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को समर्थन देते हैं। हालांकि, नायडू स्पष्ट रूप से लगातार कह रहे हैं कि उनके मन में अपने राज्य के हित हैं और वे किसी भी मांग को लेकर सरकार नहीं गिराएंगे। बीपीसीएल और पेट्रोलियम मंत्रालय इस कदम के बारे में फिलहाल चुप है। सीएम नायडू ने एक्स पर लिखा, “देश के पूर्वी तट पर रणनीतिक रूप से स्थित हमारे राज्य में पेट्रोकेमिकल की महत्वपूर्ण क्षमता है। आज मैंने अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्ण कुमार के नेतृत्व में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। हमने 60-70 हजार करोड़ रुपये के निवेश के साथ आंध्र प्रदेश में एक तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की स्थापना की संभावना तलाशी। मैंने 90 दिनों में एक विस्तृत योजना के साथ रिपोर्ट मांगी है। इस परियोजना के लिए लगभग 5000 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी, जिसे सरकार बिना किसी परेशानी के पूरा करने की उम्मीद करती है।” बिहार की मुख्य मांगें बिहार नौ हवाई अड्डे, चार नई मेट्रो लाइन्स और सात मेडिकल कॉलेज के साथ 200 अरब रुपये का थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए पैसा मांगा है। 20,000 किलोमीटर से अधिक लंबाई की सड़कों की मरम्मत के लिए अलग से पैकेज की मांग रखी है। साथ ही, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने का मुद्दा भी उठाया है। ऐसे में बिहार को लेकर बजट में कुछ बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं।  

Joshimath-Badrinath Highway पर हुआ भयंकर Landslide, फंसे हजारों यात्री

जोशीमठ बदरीनाथ नेशनल हाईवे बंद होने से जोशीमठ और आसपास के इलाके में दो हजार से अधिक तीर्थयात्री 48 घंटे से फंस हुए हैं। गुरुवार सुबह छह बजे उन्हें फंसे हुए 48 घंटे हो जाएंगे। जोशीमठ में कई घंटे इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवा भी बाधित रही। यूपी, दिल्ली-एनसीआर, एमपी, राजस्थान आदि से भक्तजन धाम के दर्शन को जाते वक्त हाईवे पर भूस्खलन की वजह से बुरी तरह से फंस गए हैं।  फंसे यात्री न परिजनों से संपर्क कर पा रहे थे और न ऑनलाइन भुगतान करके सामान खरीद पाए। रोज के इस्तेमाल में होने वाले सामान से लेकर रहने के होटल अचानक डेढ़ गुना तक मंहगे हो गए। उपचुनाव के लिए मतदान के कारण बुधवार को बाजार बंद रहा, लिहाजा कई तीर्थयात्रियों को जरूरी सामान नहीं मिल सका। इसके चलते यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा मंगलवार सुबह छह बजे भूस्खलन की चपेट में आकर पूरी तरह गायब हो गया। उसे नए सिरे से बनाना पड़ रहा है। इसलिए इसमें ज्यादा समय लग रहा है। बदरीनाथ के दर्शन करने जोशीमठ से आगे गए यात्री सड़क बंद होने के कारण फंस गए। सीमा सड़क संगठन की टीम रोड खोलने के लिए जूझ रही है। गुरुवार को सड़क खुलने की संभावना जताई गई है। यात्रियों का कहना है कि इंटरनेट बंद होने से उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। जेब में नगदी कम थी और जरूरी सामान खरीदने के लिए वे ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर पा रहे थे। परिजनों से संपर्क न होने से लोग परेशान दिखे। मोबाइल और इंटरनेट सेवा शाम करीब सात बजे बहाल हो पाई। वहीं, महिला यात्रियों का कहना था कि सार्वजनिक शौचालय न होने से बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। होटल और लॉज में कमरे बहुत महंगे मिल रहे हैं। उपचुनाव के कारण बाजार बंद होने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। यात्रियों ने व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल बदरीनाथ हाईवे बंद होने से जोशीमठ और आसपास के क्षेत्रों में फंसे यात्रियों का परेशानी झेलनी पड़ रही है। हेमकुंड की यात्रा कर लौट रहे फरीदाबाद निवासी राहुल और दीपक जायसवाल ने बताया कि हाईवे खोलने को लेकर उन्हें कोई सही जानकारी नहीं दे रहा था। इंटरनेट भी ठप होने से वे परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। यही हाल वहां फंसे अन्य यात्रियों का था। हापुड़ निवासी मोनू सैनी, मोनू भारती, अजय कुमार, संजय कुमार और मोहित कुमार भी फंस गए। मंगलवार रात को कहीं भी कमरा नहीं मिला, पूरी रात बस में बैठकर गुजारी। उनका कहना था कि प्रशासन चाहता तो किसी सार्वजनिक सुरक्षित स्थान पर यात्रियों को ठहरा सकता था। सड़क कब खुलेगी इसकी जानकारी किसी के पास नहीं थी। रंगपुरी दिल्ली निवासी वेद प्रकाश ने कि रात को पहले होटल वाले ने कमरे का किराया 11 सौ रुपये बताया बाद में कमरा देने से ही मना कर दिया। चाय उन्हें 20 रुपये और ब्रेड पकोड़ा 25 रुपये में मिला। बसंत कुंज दिल्ली निवासी अर्जुन सिंह नागर, नवाब सिंह भी जोशीमठ में फंस गए। जोशीमठ गुरुद्वारा प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि गोविंदघाट गुरुद्वारा में 700, जोशीमठ गुरुद्वारा में 600 यात्री ठहरे हैं। उनके खाने, रहने की व्यवस्था की है।वहीं एसडीएम जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने कहा कि यात्रियों के लिए ठहरने की व्यवस्था गुरुद्वारा में की जा रही है। पहाड़ी का एक बड़ा भाग हाईवे पर आ गया है। मंगलवार रात को तीन बार ब्लॉस्ट किया गया, लेकिन हजारों टन मलबा सड़क पर आ चुका है। बुधवार रात को ब्लॉस्ट कर बोल्डर तोड़े गए। मलबा हटाने का काम जारी है। अंकुर महाजन, कमांडर ,बीआरओ  

राजधानी भोपाल से बड़ी खबर अमरकंटक एक्सप्रेस के एसी कोच में लगी आग

भोपाल राजधानी भोपाल से बड़ी खबर सामने आई है। अमरकंटक एक्सप्रेस में आग लग गई। आग एसी कोच के निचले हिस्से में लगी। यह हादसा मिसरोद और मंडीदीप स्टेशन के बीच हुआ। हादसे के बाद यात्री दहशत में आ गए। बताया जाता है, यह आग बी-तीन और बी-चार एसी कोच के नीचे लगी थी। उसके बाद फायर इस्टिंग्यूशर से इसे बुझाया गया। आग की घटना के बाद रेलवे ने जांच के आदेश दे दिए हैं। बता दें कि ट्रेन में सवार यात्रियों में से किसी एक ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया अकाउंट में अपलोड कर दिया। अमरकंट एक्सप्रेस छत्तीसगढ़ के दुर्ग और मध्यप्रदेश के भोपाल के बीच चलती है। इसके दुर्ग और भोपाल के अलावा 27 अन्य हॉल्ट हैं। ऐसा हादसा शहडोल में भी हुआ था इससे पहले 27 जून को मध्यप्रदेश के शहडोल भी रेल हादसा हुआ था। यहां स्टेशन से लगे यार्ड में मालगाड़ी के चार डिब्बे पटरी से उतर गए थे। कुछ कोच बगल में खड़ी एक दूसरी मालगाड़ी से भी टकरा गए थे। हादसे के बाद ट्रैक की चार लाइन प्रभावित हो गई थी। हालांकि, इस हादसे से पैसेंजर ट्रेन प्रभावित नहीं हुई। घटना में किसी को भी किसी भी तरह की चोट नहीं आई। यह ट्रेन कोयला भरकर छत्तीसगढ़ के परसा से राजस्थान जा रही थी। हादसे के बाद रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और पलटे हुए वैगन को हटाया। गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल महीने में भी शहडोल रेलवे स्टेशन के पास बड़ा रेल हादसा हो गया था। शहडोल रेलवे स्टेशन से नौ किमी दूर सिंहपुर स्टेशन है। इस स्टेशन के पास दो मालगाड़ियां आपस में टकरा गईं थीं। हादसे के वक्त एक ट्रेन में आग भी लग गई थी। यह हादसा इतना भीषण था कि एक इंजन के ऊपर दूसरी ट्रेन का इंजन चढ़ गया था। हादसे में इसे चला रहे मोटरमैन की भी मौत हो गई थी।

डेनमार्क और नीदरलैंड से यूक्रेन जाएंगे F-16 फाइटर जेट, क्या बदलेगा युद्ध का मंजर

वॉशिंगटन अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि F-16 लड़ाकू विमानों का पहला बैच यूक्रेन को भेजा जा रहा है। बुधवार को नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान बोलते हुए ब्लिंकन ने कहा कि F-16 को डेनमार्क और नीदरलैंड से यूक्रेन भेजा जा रहा है। वाशिंगटन डीसी में नाटो शिखर सम्मेलन में नाटो देशों के नेताओं ने यूक्रेन को अपना समर्थन जारी रखने की बात भी दोहराई है। अमेरिका में बना F-16 दुनिया के सबसे अच्छे फाइटर जेट में गिना जाता है। एफ-16 लड़ाई में कई भूमिका निभा सकता है। ये हवा से हवा और हवा से सतह पर हमले में काफी सफल रहा है। ऐसे में यूक्रेन इस जेट की मदद से युद्ध में रूस को कड़ी चुनौती दे सकता है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लिंकन ने कहा कि F-16 जेट यूक्रेन के आसमान में उड़ान भरेंगे ताकि रूसी आक्रमण का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। यूक्रेन बीते काफी समय से मॉडर्न विमानों की मांग कर रहा था। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन को F-16 ट्रासंफर की इजाजत दी थी। हालांकि कई एक्सपर्ट ने यूक्रेनी कर्मियों को विमान उड़ाने की ट्रेनिंग में लगने वाले समय पर चिंता जताई थी। अमेरिका में हो रही नाटो समिट के एजेंडे में रूस का यूक्रेन पर आक्रमण सबसे ऊपर है। नाटो के 32 सदस्य देशों के नेता इस समिट में शामिल हो रहे हैं। इनमें यूक्रेन के राष्ट्रपति भी शामिल हैं। जेलेंस्की ने जेट देने के लिए किया धन्यवाद नाटो सदस्यों ने यूक्रेन की मदद के लिए पांच अतिरिक्त पैट्रियट और अन्य रणनीतिक वायु रक्षा प्रणालियों की डिलीवरी की घोषणा की है। F-16 के ट्रांसफर पर अमेरिका, नीदरलैंड और डेनमार्क के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा, ‘हम यूक्रेन की वायु क्षमताओं को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यूक्रेन की एयरफोर्स में चौथी पीढ़ी के F-16वाले विमानों के स्क्वाड्रन शामिल हो रहे हैं। गठबंधन का इरादा उनके संधारण और शस्त्रीकरण का समर्थन करना है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने यूक्रेन को F-16 फाइटर जेट मिलने पर राहत और खुशी जाहिर की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए जेलेंस्की ने लिखा कि F-16 देकर यूक्रेन की एयरफोर्स को मजबूत करने के लिए अमेरिका, डेनमार्क और नीदरलैंड का हम शुक्रिया अदा करते हैं। मुझे विश्वास है कि ये जेट यूक्रेन के लोगों को रूसी हमलों से बेहतर तरीके से बचाने में मदद करेंगे। इससे कीव में बच्चों के अस्पताल पर हमले जैसी घटनाएं रुक सकेंगी। नाटो शिखर सम्मेलन बाइडन के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है। उनको इस साल के अंत में राष्ट्रपति चुनाव के लिए जाना है। शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान बाइडन ने यूक्रेन के लिए दीर्घकालिक समर्थन का वादा किया और नाटो को अपने इतिहास में पहले से कहीं अधिक मजबूत बताया।

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लिए भारतीय टीम नहीं जाएगी पाकिस्तान

नई दिल्ली फरवरी-मार्च में पाकिस्तान को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी करनी है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है और टीम इंडिया के मैच लाहौर में आयोजित कराने का ड्राफ्ट शेड्यूल आईसीसी को सौंप दिया है। हालांकि, अभी तक भारतीय क्रिकेट टीम के पाकिस्तान जाने पर कोई आधिकारिक बयान किसी ओर से सामने नहीं आया है, लेकिन अब एक रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि भारतीय टीम के चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने की संभावना नहीं के बराबर हैं। यहां तक बीसीसीआई आईसीसी से एक मांग भी करने जा रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई को बीसीसीआई के सूत्रों ने बताया है कि भारतीय क्रिकेट टीम के 2025 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने की संभावना नहीं है। बीसीसीआई आईसीसी से दुबई या श्रीलंका में मैच आयोजित करने के लिए कहेगा। इससे स्पष्ट हो गया है कि एशिया कप 2023 की तरह चैंपियंस ट्रॉफी 2025 भी हाइब्रिड मॉडल के तहत पाकिस्तान को आयोजित करनी पड़ सकती है। यहां तक कि बीसीसीआई सचिव जय शाह ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद जो प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, उसमें भी इस बात की पुष्टि नहीं की थी कि भारतीय टीम पाकिस्तान जाएगी। हालांकि, जय शाह ने इस बात की पुष्टि जरूर कर दी है कि भारतीय टीम आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में रोहित शर्मा की कप्तानी में खेलेगी। जय शाह ने ही एशियन क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन और बीसीसीआई के सचिव के तौर पर इस बात की पुष्टि की थी कि एशिया कप 2023 के लिए भारतीय टीम पाकिस्तान नहीं जाएगी। ऐसे में पीसीबी ने हाइब्रिड मॉडल का सुझाव दिया था, जिसे भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने स्वीकार किया। फाइनल समेत इंडिया और अन्य टीमों के ज्यादातर मैच श्रीलंका में आयोजित हुए थे और कुछ मैच पाकिस्तान में आयोजित कराए गए थे। ऐसा ही कुछ चैंपियंस ट्रॉफी में भी हो सकता है। इस दिन होगा भारत-पाकिस्तान मुकाबला PCB ने चैम्पियंस ट्रॉफी का शेड्यूल तैयार कर ICC और इसके सदस्य देशों को मंजूरी के लिए भेजा है. सब जगह से हरी झंडी मिलने के बाद इसे जारी किया जाएगा. मगर उससे पहले ही यह शेड्यूल वायरल हो गया. ब्रिटेन के एक अखबार ‘द टेलीग्राफ’ ने इसे पब्लि‍श कर दिया था.  इसके अनुसार, चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 का आगाज कराची में 19 फरवरी को होगा. ओपनिंग मुकाबला पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा. साथ ही शेड्यूल के मुताबिक भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है. भारत और पाकिस्ता का मुकाबला 1 मार्च को लाहौर में होगा. भारत के सभी मैच लाहौर में रखे गए हैं. भारत के लिए सेमीफाइनल भी शिफ्ट किया जाएगा चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल मुकाबले 5 और 6 मार्च को खेले जाएंगे. जबकि 19 मार्च को खिताबी टक्कर होनी है. यह सेमीफाइनल मुकाबले कराची और रावलपिंडी में होने हैं. मगर भारतीय टीम टॉप-4 में पहुंचती है, तो वो अपना सेमीफाइनल लाहौर में ही खेलेगी. भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल शिफ्ट कर दिया जाएगा. हालांकि देखने वाली बात ये भी है कि अभी तक BCCI ने चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने पर सहमति नहीं दी है. पीसीबी का रवैया पड़ सकता है भारी चैम्पियंस ट्रॉफी और उसकी तैयारियों को लेकर पीसीबी का एकतरफा रवैया उसी पर भारी पड़ने वाला है. दरअसल, पाकिस्तानी बोर्ड ने अपनी ओर से तो टूर्नामेंट को लेकर कुछ तैयारियां कर ली हैं और बाकी तैयारियां जारी हैं. मगर उसने ICC, भारत और बाकी सदस्य देशों के साथ कोई चर्चा नहीं की है. इसका बड़ा उदाहरण इससे समझ सकते हैं कि PCB ने चैम्पियंस ट्रॉफी का शेड्यूल तैयार कर ICC और बाकी एसोसिएट देशों मंजूरी के लिए भेज दिया है. मगर आगे आकर आईसीसी या किसी भी देश से बात नहीं की है. टी20 वर्ल्ड कप 2024 फाइनल में PCB के पास आईसीसी अधिकारियों से बात करने का अच्छा मौका था, लेकिन कोई भी पीसीबी अधिकारी फाइनल देखने बारबाडोस नहीं पहुंचा. यदि पीसीबी आधिकारी वहां पहुंचते तो ICC के साथ-साथ BCCI और साउथ अफ्रीकी अधिकारियों से भी बात करने का अच्छा मौका रहता. मगर उसने यहां भी ढीला रवैया अपनाया.  

कर्नाटक केवाल्मीकि निगम घोटाला मामले में ईडी ने पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक पर छापेमारी की

बेंगलुरु कर्नाटक (Karnataka) लोकायुक्त ने आज सुबह राज्य भर में कई सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर छापे मारे. जानकारी के मुताबिक, लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों और शिकायतों से जुड़े मामलों पर छापेमारी की है. कुल 9 जिलों में 11 मामलों से जुड़ी छापेमारी की गई है, जिनमें दावणगेरे और चित्रदुर्ग के दो-दो मामले शामिल हैं. इसके साथ ही ईडी ने भी पूर्व मंत्री और विधायक के घरों पर छापेमारी की है. मिली जानकरी के मुताबिक, जिलों के एसपी लोकायुक्त मामलों की निगरानी कर रहे हैं. 56 जगहों की तलाशी ली गई है. इसमें करीब 100 अधिकारी शामिल थे. कहां-कहां हुई छापेमारी? कलबुर्गी: बसवराज मागी, राजस्व अधिकारी, केंगेरी डिवीजन, बीबीएमपी जोन, बेंगलुरु मांड्या: शिवराजू एस, कार्यकारी अभियंता (रिटायर्ड), ग्रामीण पेयजल और स्वच्छता प्रभाग, मांड्या जिला चित्रदुर्ग: एम. ​​रवींद्र, मुख्य अभियंता (रिटायर्ड), लघु सिंचाई विभाग, बेंगलुरु धारवाड़: शेखर गौड़ा, परियोजना निदेशक बेलगावी: महादेव बन्नूर, सहायक कार्यकारी अभियंता दावणगेरे: डी. एच. उमेश, कार्यकारी अभियंता (वी) और एम. ​​एस. प्रभाकर, सहायक कार्यकारी अभियंता कोलार: विजयन्ना, तहसीलदार मैसूर:-महेश के, अधीक्षक अभियंता हासन: एन. एम. जगदीश, ग्रेड-1 सचिव चित्रदुर्ग: केजी जगदीश, अधीक्षक अभियंता 18 से ज्यादा जगहों पर ईडी की छापेमारी कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक (Karnataka) के पूर्व मंत्री बी नागेंद्र और कांग्रेस विधायक बी दद्दाल के आवासों पर 24 घंटे से ज्यादा वक्त तक छापेमारी की. केंद्रीय जांच एजेंसी ने निगम के बैंक खातों से 187 करोड़ रुपये के कथित अनधिकृत अनियमितताओं की जांच के तहत 18 से ज्यादा स्थानों पर एक साथ छापेमारी की. हालांकि ईडी अधिकारियों ने आधी रात को तलाशी रोक दी, लेकिन टीमें छापेमारी वाली जगह पर ही रहीं. गुरुवार सुबह 7 बजे निरीक्षण फिर से शुरू हुआ. मई में इस्तीफा देने से पहले नागेंद्र कर्नाटक के आदिवासी कल्याण मंत्री थे, जबकि दद्दाल निगम के अध्यक्ष थे. इस साल 21 मई को निगम के लेखा अधीक्षक चंद्रशेखरन पी की मौत के बाद कथित घोटाला सामने आया. अपने सुसाइड नोट में अधिकारी ने निगम से विभिन्न बैंक खातों में अवैध रूप से फंड ट्रांसफर करने का आरोप लगाया. घटना पर आक्रोश और विपक्ष की आलोचना के बीच दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया और नागेंद्र ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. कर्नाटक सरकार ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन भी किया है. बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी सरकार ईडी जांच में हस्तक्षेप नहीं करेगी. हालांकि, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि ईडी की छापेमारी अनुचित थी. शिवकुमार ने कहा, “जब राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी पहले से ही मामले की जांच कर रही है, तो ईडी को मामले में छापेमारी करने की कोई जरूरत नहीं थी.” उन्होंने कहा कि पिछली बीजेपी सरकार के दौरान भी इसी तरह के मामले हुए थे.  

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