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रील से रियल करियर तक: बजट का ऐतिहासिक ऐलान, स्टूडेंट्स के लिए स्कूल-कॉलेज में शुरू होंगी Creator Labs

नई दिल्ली Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज य़ानि 1 फरवरी को बजट पेश कर रही हैं। इस बजट में वित्त मंत्री ने अपना रिकॉर्ड बजट पेश करते हुए टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को ‘विकसित भारत’ का सबसे शक्तिशाली इंजन बताया। उन्होंने साफ किया कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया को लीड करेगा। इस विजन को साकार करने के लिए सरकार ने देश की तेजी से बढ़ती ‘क्रिएटर इकोनॉमी’ और गेमिंग सेक्टर के लिए खजाना खोल दिया है। स्कूलों और कॉलेजों में होगा ‘क्रिएटर’ बनने का कोर्स सरकार ने एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (ABGC) सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं:     कंटेंट क्रिएटर लैब्स: देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में अत्याधुनिक ‘कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ स्थापित की जाएंगी। यहाँ छात्रों को रील मेकिंग, वीडियो एडिटिंग और डिजिटल कंटेंट बनाना सिखाया जाएगा।     गेमिंग में 10 लाख नौकरियां: गेमिंग सेक्टर में 10 लाख से ज्यादा पेशेवरों की भर्ती का लक्ष्य रखा गया है।     स्टार्टअप फंड: गेमिंग और क्रिएटिव स्टार्टअप्स की मदद के लिए ₹10,000 करोड़ का विशेष फंड तैयार किया गया है। डिजिटल बुनियादी ढांचे और AI पर बड़ा दांव     AI और स्किलिंग: AI को भारतीय अर्थव्यवस्था की नई ताकत बताते हुए वित्त मंत्री ने युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम पर जोर दिया।     सस्ता होगा हार्डवेयर: सेमीकंडक्टर निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का निवेश होगा, जिससे कैमरा, मोबाइल और गेमिंग गियर जैसे उपकरण सस्ते होंगे।     डिजिटल टाउनशिप: क्रिएटिव स्किल्स और डिजिटल पढ़ाई के लिए 5 नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जहां पढ़ाई के साथ-साथ सीधे कंपनियों में काम करने (Apprenticeship) का मौका मिलेगा। डिजाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर का नया दौर डिजाइनिंग के क्षेत्र में भारत को विश्व स्तरीय बनाने के लिए नए नेशनल डिजाइन स्कूल खोले जाएंगे। साथ ही बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बजट में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे ग्रामीण इलाकों के क्रिएटर्स को भी सुपरफास्ट इंटरनेट मिल सकेगा।

नौजवानों का भविष्य और बेहतर इलाज पर जोर, बजट को नड्डा ने बताया ऐतिहासिक

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद भवन में बजट पेश किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आम बजट 2026-27 को एक लोक-कल्याणकारी और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को नई दिशा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह बजट सर्वसमावेशी एवं सर्वस्पर्शी है, जो भारत को दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करेगा। यह देश की युवा शक्ति का बजट है। इस ऐतिहासिक आत्मनिर्भर भारत के बजट के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता इसी बात से जाहिर होती है कि पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में 176 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस वर्ष आवंटित 1 लाख 5 हजार करोड़ से अधिक का बजट पिछले वर्ष के बजट से लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि इस बजट में मेंटल हेल्थ पर भी फोकस किया गया है, जो एक स्वागत योग्य कदम है। इसके तहत रांची और तेजपुर स्थित केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थानों के अपग्रेडेशन और उत्तर भारत में निमहंस की स्थापना की घोषणा सराहनीय है। जामनगर में डब्लूएचओ ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर की स्थापना सभी भारतवासी के लिए गौरव की बात है। स्वास्थ्य बजट में वृद्धि के साथ-साथ देश के हेल्थ सेक्टर को मजबूती देने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट पर फोकस किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में निर्मित दवाओं को विश्व स्तरीय गुणवत्ता के मानकों पर खरा रखने के लिए सीडीएससीओ को अधिक मजबूत किए जाने का प्रस्ताव सराहनीय है। बायोफार्मा शक्ति इनिशिएटिव के तहत सरकार ने अगले 5 वर्षों में बायोफार्मा क्षेत्र में 10,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है, जिससे आधुनिक जैविक दवाओं और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। फार्मा सेक्टर के विकास के लिए तीन नए निपेर संस्थानों की स्थापना और मौजूदा सात संस्थानों के उन्नयन की घोषणा ऐतिहासिक कदम है। इसके अतिरिक्त रासायनिक उद्योग को सुदृढ़ करने के लिए राज्यों में तीन विशेष केमिकल पार्क विकसित किए जाने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण बढ़ते गैर-संचारी रोगों से निपटने के लिए एलाइड हेल्थकेयर संस्थानों को सशक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे अगले पांच वर्षों में एक लाख से अधिक प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स तैयार होंगे। इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके साथ ही देश के प्रत्येक जिला अस्पताल में ट्रॉमा एवं इमरजेंसी सेंटर स्थापित किए जाने के प्रस्ताव से आम जनता को त्वरित और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। मेडिकल रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए आईसीएमआर और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के बजट में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट का मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास को सतत बनाए रखना, सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करना और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ देश को आगे बढ़ाना है। यह बजट गांव, गरीब, किसान, युवा और नारी शक्ति के साथ-साथ औद्योगिक विकास की मजबूत रूपरेखा प्रस्तुत करता है।

भारत अंडर-19 वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में पहुंचा

नई दिल्ली भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में एंट्री कर ली है। पाकिस्तान को नॉकआउट में पहुंचने के लिए 253 रन का टारगेट 33.3 ओवर में हासिल करना था। टीम 167 तक ही पहुंच सकी। अब मैच जीतकर भी पाकिस्तान सेमीफाइनल से बाहर ही रहेगा। बुलवायो में रविवार को पहले बैटिंग करते हुए भारत ने 252 रन बनाए थे। पाकिस्तान ने 38 ओवर के बाद 6 विकेट के नुकसान पर 175 रन बना लिए हैं। हुजैफा अहसान (4 रन) और अब्दुल सुभान (1 रन) पिच पर मौजूद हैं। आयुष म्हात्रे ने फिफ्टी लगाने वाले उस्मान खान को LBW किया। उन्होंने अहमद हुसैन को भी पवेलियन भेजा। विहान मल्होत्रा ने अली हसन बलोच को कैच कराया। कप्तान फरहान यूसुफ 38 रन बनाकर आउट हुए, उन्हें आरएस अम्ब्रिश ने कैच कराया। हमजा जहूर 42 रन बनाकर आउट हुए, उन्हें कनिष्क चौहान ने बोल्ड किया। हेनिल पटेल ने समीर मिन्हास को चौथे ओवर में LBW कर दिया। वे 9 रन बनाकर आउट हुए। समीर ने ही एशिया कप फाइनल में भारत के खिलाफ 172 रन बनाए थे। वेदांत त्रिवेदी ने 68 रन बनाकर टीम को 200 के करीब पहुंचाया। वैभव सूर्यवंशी 22 गेंद पर 30 रन ही बना सके। कप्तान आयुष म्हात्रे खाता भी नहीं खोल पाए। आखिर में कनिष्क चौहान और खिलन पटेल ने फिफ्टी पार्टनरशिप कर स्कोर 250 के पार पहुंचा दिया। पाकिस्तान से अब्दुल सुभान ने 3 और मोहम्मद सय्याम ने 2 विकेट लिए।

रोजगार मिशन में टूरिज्म की एंट्री: बजट 2026 में 50 प्रमुख स्थलों के मेगा डेवलपमेंट का ऐलान

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश करते हुए देश के विभिन्न वर्गों को कई सौगातें दीं, जिसमें रोजगार, शिक्षा, कृषि, और छोटे शहरों के विकास पर फोकस किया गया। बजट में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में बौद्ध स्थल के विकास और नए 5 पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा की गई। रोजगारपरक विकास के लिए सरकार ने पर्यटन को लेकर गहन कौशल विकास कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “महायान/वज्रयान परंपराओं का एक सभ्यतागत संगम है। जहां अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध परिपथों के विकास के लिए एक योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखती हूं। इस योजना में मंदिरों और मठों का संरक्षण, तीर्थयात्रा व्याख्या केंद्र, संपर्क, और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं शामिल होंगी। दुर्गापुर में एक सुव्यवस्थित केंद्र के साथ एकीकृत पूर्वी तटीय औद्योगिक गलियारे का विकास होगा और अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पर्यटन स्थलों के निर्माण का प्रस्ताव है। साथ ही पूर्वोदय राज्यों में 4,000 ई-बसों की व्यवस्था का प्रस्ताव भी है। मंदिरों और मठों के विकास के अलावा बजट में रोजगार प्रेरित विकास के लिए पर्यटन को भी महत्व दिया गया है, जिसमें देश में शीर्ष 50 पर्यटन स्थलों को राज्यों की भागीदारी से चैलेंज मोड माध्यम से विकसित किया जाएगा। तीर्थ और पर्यटन स्थलों के होटलों की अवसंरचना को एचएमएल में शामिल किया जाएगा। पर्यटन स्थलों के साथ रोजगार के विकास के लिए होमस्टे के लिए मुद्रा ऋण दिया जाएगा। युवाओं के लिए गहन कौशल विकास की शुरुआत होगी और आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व वाले स्थानों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, खासकर वे स्थान जो भगवान बुद्ध के जीवन काल से संबंधित हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुछ पर्यटक समूहों के लिए वीजा शुल्क छूट भी देने का प्रस्ताव है और ई-वीजा की सुविधाओं की शुरुआत का भी प्रस्ताव है।

आर्थिक मोर्चे पर गुड न्यूज़: जनवरी GST कलेक्शन बंपर, बजट से पहले मजबूत संकेत

नई दिल्ली आम बजट से ठीक पहले जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े आ गए हैं। जनवरी के महीने में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन में बंपर उछाल आया है। इस महीने में आयात से प्राप्त राजस्व में वृद्धि के दम पर कलेक्शन 6.2 प्रतिशत बढ़ गया और यह 1.93 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। वहीं, कुल रिफंड में 3.1 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 22,665 करोड़ रुपये रहा। तंबाकू उत्पादों से कितना कलेक्शन अगर जनवरी में नेट जीएसटी रेवेन्यू की बात करें तो इसमें 7.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह करीब 1.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। तंबाकू उत्पादों से उपकर कलेक्शन जनवरी में 5,768 करोड़ रुपये रहा। जनवरी 2025 में यह 13,009 करोड़ रुपये रहा था। ये वो वक्त था जब कार, तंबाकू उत्पादों जैसे विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर उपकर लगाया जाता था। 22 सितंबर से कम हुई थीं जीएसटी दरें बता दें कि सरकार ने 22 सितंबर, 2025 से करीब 375 वस्तुओं पर जीएसटी की दरें कम कर दी थीं जिससे सामान सस्ता हो गया। इसके साथ ही पहले की तरह विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर लगने वाले उपकर के बजाय अब केवल तंबाकू तथा संबंधित उत्पादों पर ही क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है। जीएसटी दरों में कमी से राजस्व कलेक्शन पर असर पड़ा है। जनवरी में घरेलू लेनदेन से ग्रॉस टैक्स कलेक्शन 4.8 प्रतिशत बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि आयात राजस्व 10.1 प्रतिशत बढ़कर 52,253 करोड़ रुपये रहा। निर्मला सीतारमण का 9वां बजट अब से कुछ देर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करने वाली हैं। परंपरा के अनुसार, वित्त मंत्री संसद जाने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलीं। इससे पहले उन्होंने अपने बजट टीम के साथ तस्वीर खिंचवाई। ‘मैजेंटा’ रंग की रेशमी साड़ी पहने सीतारमण ने राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न वाले एक लाल ‘पाउच’ (थैले) में टैबलेट पकड़ा था। उनके साथ राज्य मंत्री और उनके मंत्रालय के सभी छह सचिव भी मौजूद रहे।

रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और आत्मनिर्भरता पर फोकस—धामी ने बजट को बताया गेमचेंजर

देहरादून उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना की है। उन्‍होंने कहा, यह बजट देश और राज्यों के विकास को नई दिशा देने के साथ ही सभी वर्गों के लिए अवसरों को बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में आर्थिक विकास तेज करने, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और सबका साथ सबका विकास सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विकासोन्मुखी और समावेशी बजट के लिए बधाई देते हुए कहा कि किसानों, महिलाओं, वंचितों, युवाओं, छोटे उद्यमियों और पिछड़े वर्ग पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, उद्योग और अवसंरचना के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। ये पूरे देश के साथ उत्तराखंड के लिए भी लाभकारी साबित होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे। बजट में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के लिए पर्यावरण-अनुकूल माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने की योजना है। उत्तराखंड के परिपेक्ष में बजट ने पर्यटन और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया है, जो विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसानों, पशुपालन, उच्च मूल्य कृषि, पर्यटन और एमएसएमई के लिए किए गए बजट प्रावधान राज्य की ग्रामीण और पर्वतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और बायोफार्मा क्षेत्र में किए गए निवेश से राज्य और देश दोनों का दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह बजट सबका साथ, सबका विकास और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार बजट में घोषित योजनाओं और प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए केंद्र सरकार के साथ पूरी तरह सहयोग करेगी। यह बजट न केवल देश की आर्थिक ताकत को बढ़ाएगा, बल्कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों को भी समान रूप से विकास के अवसर देगा।

चीन की चुनौती! Budget 2026 में भारत ने शुरू किया Rare Earth Corridor, जानिए 4 चुने हुए राज्यों की वजह

नई दिल्ली केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत को आधुनिक तौर-तकनीकों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ (Rare Earth Corridors) के निर्माण का एक दूरदर्शी प्रस्ताव रखा है। यह कदम मुख्य रूप से चीन जैसे देशों पर भारत की निर्भरता कम करने और भविष्य के उद्योगों (EV, रक्षा, और अक्षय ऊर्जा) को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है। क्या है रेयर अर्थ कॉरिडोर? वित्त मंत्री ने खनिज समृद्ध राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को समर्पित कॉरिडोर विकसित करने के लिए सहायता देने की घोषणा की है। यह पहल नवंबर 2025 में शुरू की गई 7,280 करोड़ रुपये की ‘रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट स्कीम’ का ही विस्तार है। ये केवल खदानें नहीं हैं, बल्कि एक एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र हैं। इसके जरिए तटीय रेत से दुर्लभ खनिजों को निकालना, कच्चे अयस्क को शुद्ध ऑक्साइड और धातुओं में बदलना और इन खनिजों का उपयोग करके परमानेंट मैग्नेट और अन्य हाई-टेक घटकों का निर्माण करना। इन चार राज्यों को ही क्यों चुना गया? भारत में ‘रेयर अर्थ’ तत्वों का सबसे बड़ा भंडार समुद्री तटों पर पाया जाता है। ओडिशा और केरल के तटीय क्षेत्रों में मोनाजाइट और इल्मेनाइट जैसे खनिजों का विशाल भंडार है। यहां IREL (इंडिया) लिमिटेड जैसी कंपनियों की इकाइयां और प्रमुख बंदरगाह पहले से मौजूद हैं जो परिवहन और निर्यात को आसान बनाते हैं। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल (EV) के बड़े मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर हैं, जिन्हें इन खनिजों की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। इसका भारत के लिए क्या महत्व है? वर्तमान में चीन वैश्विक रेयर अर्थ बाजार के 90% से अधिक हिस्से को नियंत्रित करता है। घरेलू कॉरिडोर भारत को वैश्विक आपूर्ति बाधाओं से सुरक्षित करेंगे। भारत की चीन पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। ईवी मोटरों के लिए ‘परमानेंट मैग्नेट’ अनिवार्य हैं। इस कॉरिडोर से भारत में बैटरी और मोटर निर्माण सस्ता होगा। मिसाइल गाइडिंग सिस्टम, लड़ाकू विमान और रडार में इन खनिजों का उपयोग होता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा विंड टर्बाइन और सोलर पैनल के निर्माण में तेजी आएगी, जिससे 2070 तक ‘नेट जीरो’ लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने इसे बजट के ‘प्रथम कर्तव्य’ के हिस्से के रूप में पेश किया है। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और ₹40,000 करोड़ का इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग फंड भी घोषित किया गया है, जो इस पूरे इकोसिस्टम को मजबूती देगा।  

Budget 2026 में नई सौगात: भारत में डेटा सेंटर बनाने वाली कंपनियों को मिलेगा 2047 तक Tax Holiday

नई दिल्ली Budget 2026: वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने आज लगातार अपना नौवां बजट पेश किया है। इस दौरान उन्होंने क्लाउड सर्विसेस और डेटा सेंटर्स को लेकर भी बड़ी घोषणा की। वित्त मंत्री ने लोकल डेटा सेंटर बनाए रखने वाली क्लाउड सर्विसेस के लिए Tax Holiday शुरू करने की योजना की घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार भारत में स्थित डेटा सेंटर के जरिए दुनिया भर में क्लाउड सर्विस देने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स में छूट देगी। यह पहल देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पॉलिसी का मकसद डेटा लोकलाइजेशन को बढ़ावा देना और क्लाउड प्रोवाइडर्स को घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना है।   भारत में मजबूत होगा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर दरअसल, प्रस्तावित टैक्स हॉलिडे खास तौर पर उन क्लाउड सर्विसेज को टारगेट करता है जो भारतीय क्षेत्र में डेटा सेंटर बनाते और चलाते हैं। यह कदम डेटा लोकलाइजेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ टेक्नोलॉजी कंपनियों को घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है। हालांकि, एलिजिबल होने के लिए, विदेशी कंपनियों को भारतीय ग्राहकों को विशेष रूप से भारतीय रीसेलर के जरिए सर्विस देनी होगी। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने कहा, “मैं किसी भी विदेशी कंपनी को 2047 तक टैक्स हॉलिडे देने का प्रस्ताव करती हूं, जो भारत में स्थित डेटा सेंटर का इस्तेमाल करके ग्लोबल कस्टमर्स को क्लाउड सर्विस देती है। हालांकि, ऐसी कंपनियों को एक भारतीय रीसेलर एंटिटी के जरिए भारतीय कस्टमर्स को सर्विस देनी होगी।” “मैं यह भी प्रस्ताव करती हूं कि अगर भारत से डेटा सेंटर सर्विस देने वाली कंपनी एक संबंधित एंटिटी है, तो कॉस्ट पर 15% का सेफ हार्बर दिया जाए।” लोकल डेटा सेंटर वाले क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स को टैक्स इंसेंटिव देकर, इस पॉलिसी का मकसद डेटा संप्रभुता सुनिश्चित करते हुए भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में ज्यादा निवेश को बढ़ावा देना है। विदेशी रिसोर्सेस पर निर्भरता कम होगी इससे पहल से देश में घरेलू डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने और विदेशी डेटा स्टोरेज रिसोर्सेस पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। टैक्स छूट का ढांचा क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए लोकल डेटा सेंटर ऑपरेशंस को आर्थिक रूप से ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह नई पॉलिसी भारतीय बाजार में क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स के काम करने की रणनीति पर काफी असर डाल सकती है। लोकल डेटा सेंटर वाली कंपनियों को टैक्स में फायदा होगा, जिससे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर में ज्यादा निवेश हो सकता है और बेहतर सर्विस मिल सकती हैं।  

खुशखबरी युवाओं के लिए: Budget 2026 से बदलने वाला है भारत का डिजिटल भविष्य

नई दिल्ली Budget 2026 का ऐलान हो चुका है। इस बजट में सरकार ने एक अलग और नया रास्ता चुना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान बताया कि अब भारत सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि क्रिएटिव इंडस्ट्री को भी देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत हिस्सा बनाना चाहता है। इसी सोच के तहत सरकार ने एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स यानी वीएफएक्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे सेक्टर को ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ का नाम दिया गया है। मोबाइल गेमिंग, OTT प्लेटफॉर्म, डिजिटल फिल्में और ऑनलाइन कंटेंट की बढ़ती मांग से ये इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि अगर सही ट्रेनिंग और प्लेटफॉर्म दिया जाए, तो यही युवा देश को ग्लोबल लेवल पर पहचान दिला सकते हैं। बजट में किए इन ऐलान से आने वाले सालों में Animation, VFX और Gaming जैसे क्षेत्र लाखों नौकरियां पैदा कर सकते हैं। खास बात यह है कि सरकार अब स्कूल और कॉलेज स्तर से ही छात्रों को कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल स्किल्स से जोड़ना चाहती है। Orange Economy क्या है सरकार ने Budget 2026 में ‘Orange Economy’ की बात की है। इसमें Animation, VFX, Gaming, Comics और डिजिटल कंटेंट जैसे सेक्टर शामिल हैं। ये वो सेक्टर हैं जिनमें आइडिया, सोच और क्रिएटिविटी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। दुनिया भर में इन इंडस्ट्रीज की डिमांड तेजी से बढ़ रही है और भारत भी इस रेस में पीछे नहीं रहना चाहता। सरकार का मानना है कि भारत में पहले से ही कई बड़ी फिल्में, वेब सीरीज और गेम्स पर काम हो रहा है। VFX और Animation का इस्तेमाल अब हर फिल्म और ऐड में आम बात हो गई है। ऐसे में सरकार चाहती है कि यह काम विदेशों में आउटसोर्स होने के बजाय भारत में ही हो और इससे देश के युवाओं को रोजगार मिले। Budget 2026 में हुआ ये ऐलान Budget 2026 में सरकार ने ऐलान किया है कि देशभर के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में Content Creator Labs खोली जाएंगी। इन लैब्स में छात्रों को Animation, Gaming, VFX और डिजिटल कंटेंट बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका मकसद यह है कि बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल स्किल्स भी सीख सकें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें। अगर क्रिएटिव स्किल्स को सही दिशा दी जाए, तो आने वाले समय में यह सेक्टर करोड़ों रुपये की इंडस्ट्री बन सकता है और लाखों युवाओं को नौकरी और स्वरोजगार दे सकता है। रोजगार और युवाओं को होगा फायदा Animation, Gaming और VFX जैसे सेक्टर में काम करने के लिए सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि स्किल्स की जरूरत होती है। बजट में किए ऐलानों से उन युवाओं को फायदा मिलेगा जो डिजाइन, स्टोरीटेलिंग, गेम डेवलपमेंट या डिजिटल आर्ट में रुचि रखते हैं। सरकार के अनुमान के मुताबिक आने वाले कुछ सालों में यह सेक्टर करीब 20 लाख लोगों को रोजगार दे सकता है। इसमें फ्रीलांस काम, स्टार्टअप और ग्लोबल प्रोजेक्ट्स के मौके भी शामिल होंगे।

बजट 2026 का बड़ा ऐलान: शिक्षा पर रिकॉर्ड निवेश, छात्रों और युवाओं को क्या मिलेगा?

नई दिल्ली लोकसभा में आज बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा सेक्टर को ध्यान में रखते हुए कई बड़े ऐलान किए। वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एजुकेशन सेक्टर के मद्देनजर 1,39,289 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पेश किया है। इस मास्टरप्लान के जरिए सरकार का मानना है कि पढ़ाई को रोजगार, उद्यम और आधुनिक तकनीक से जोड़ना है, ताकि डिग्री हाथ में होने के साथ-साथ काम का हुनर भी युवाओं के पास हो। सरकार ने शिक्षा और नौकरी के बीच की दूरी कम करने के लिए एक नई सोच के साथ ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ (Education to Employment and Enterprise – EEE) स्टैंडिंग कमेटी बनाने का ऐलान किया है। यह कमेटी खासतौर पर सेवा क्षेत्र, नई इंडस्ट्री और उभरती टेक्नोलॉजी में युवाओं को दक्ष बनाने पर फोकस करेगी। इसका सीधा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जो पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए भटकते हैं। हायर एजुकेशन और STEM में बेटियों पर खास फोकस बजट में उच्च शिक्षा और खासतौर पर STEM यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सरकार चाहती है कि इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सिर्फ बढ़े ही नहीं, बल्कि स्थायी बने। इसी सोच के तहत देश के हर ज़िले में हायर एजुकेशन STEM संस्थानों से जुड़े गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे दूर-दराज़ से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक रहने की जगह मिलेगी। इसके साथ ही, औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इन टाउनशिप का मकसद पढ़ाई और इंडस्ट्री को एक ही इकोसिस्टम में लाना है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही इंडस्ट्री एक्सपोजर, इंटर्नशिप और नौकरी के मौके मिल सकें। रिसर्च और साइंस को बढ़ावा देने के लिए देश में चार बड़े टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सेंटर बनाए या अपग्रेड किए जाएंगे, जिससे युवा वैज्ञानिक और रिसर्चर अंतरिक्ष विज्ञान की ओर आकर्षित हों। स्किल डेवलपमेंट और फ्यूचर टेक्नोलॉजी पर दांव डिजिटल दौर की जरूरतों को समझते हुए बजट में स्किल डेवलपमेंट को केंद्र में रखा गया है। खासतौर पर तेजी से बढ़ रहे AVGC सेक्टर यानी एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स पर बड़ा ऐलान हुआ है। सरकार ने देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने का फैसला किया है। यह कदम उन युवाओं के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है, जो क्रिएटिव फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं और सीधे रोजगार या स्टार्ट-अप की राह पकड़ना चाहते हैं। इसके अलावा, हेल्थ और केयर सेक्टर को ध्यान में रखते हुए 1.5 लाख मल्टी-स्किल्ड केयरगिवर्स को ट्रेनिंग देने की योजना बनाई गई है। बुजुर्गों, मरीजों और विशेष जरूरतों वाले लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह सेक्टर आने वाले समय में रोजगार का बड़ा जरिया बन सकता है। वहीं, दिव्यांग युवाओं के लिए इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक कस्टमाइज्ड स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें। खोले जाएंगे नए संस्थान बजट 2026 में शिक्षा और उद्योग के बीच तालमेल मजबूत करने के लिए कई नए संस्थानों की घोषणा की गई है। पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) खोला जाएगा, जिससे इस क्षेत्र में डिजाइन और क्रिएटिव एजुकेशन को नई पहचान मिलेगी। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना की जाएगी, ताकि टूरिज्म और होटल इंडस्ट्री को स्किल्ड प्रोफेशनल्स मिल सकें। इसके साथ-साथ दस चुनिंदा विषयों में अलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए नए संस्थान बनाए जाएंगे और मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। विदेश पढ़ाई करने वालों को राहत विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों के लिए भी बजट राहत लेकर आया है। लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश शिक्षा के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर TCS दर को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ छात्रों बल्कि उनके परिवारों पर भी वित्तीय बोझ कम होगा और विदेशी शिक्षा पहले से ज्यादा सुलभ बनेगी।  

बजट की खास बातें: टैक्सपेयर्स और मिडिल क्लास के लिए फायदे और नए फैसले

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (फरवरी) को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। खास बात यह रही कि भारत के स्वतंत्र इतिहास में पहली बार बजट रविवार को प्रस्तुत किया गया। वित्त मंत्री ने बजट को पारंपरिक ‘बही-खाता’ शैली के कवर में रखे डिजिटल टैबलेट के माध्यम से पेश किया। अपने भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2014 के बाद से भारत की अर्थव्यवस्था स्थिरता, वित्तीय अनुशासन और सतत विकास के रास्ते पर आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत को मार्गदर्शक सिद्धांत बनाते हुए सरकार ने घरेलू विनिर्माण को मजबूत किया, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की और महत्वपूर्ण आयात निर्भरता को कम किया है। इन प्रयासों के चलते भारत ने लगभग 7% की उच्च विकास दर हासिल की है और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। आइए जानते हैं आम आदमी के लिए केंद्रीय बजट 2026 का क्या मतलब है? करदाताओं को राहत – संशोधित आयकर रिटर्न (Revised ITR) भरने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। – ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई पहले की तरह ही रहेगी। – गैर-ऑडिट मामलों और ट्रस्ट्स के लिए रिटर्न फाइल करने की समय-सीमा 31 अगस्त कर दी गई है। – एनआरआई को बड़ी राहत: संपत्ति बिक्री पर अब TDS की कटौती खरीदार करेगा, जिससे कागजी कार्रवाई आसान होगी। रोजगार के नए अवसर – पूंजीगत व्यय बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है, जिससे सड़क, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। – 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से निर्माण कार्य और कनेक्टिविटी दोनों को बढ़ावा मिलेगा। छोटे व्यापारियों और MSME को मजबूती – ₹10,000 करोड़ का विशेष फंड छोटे और मझोले उद्योगों को मजबूत बनाने के लिए। – आसान लोन, नीति समर्थन और नई तकनीक से छोटे व्यापारियों को सीधा फायदा। महंगाई पर नियंत्रण और सस्ती चीजें – आत्मनिर्भर भारत पर जोर देकर आयात पर निर्भरता कम की जाएगी, जिससे लंबे समय में जरूरी वस्तुएं सस्ती रहेंगी। – सप्लाई चेन मजबूत होने से कीमतों में स्थिरता आएगी। महिलाओं और बेटियों के लिए सुविधाएं – देश के हर जिले में एक बालिका छात्रावास बनाया जाएगा, जिससे शिक्षा और सुरक्षा दोनों बेहतर होंगी। – टेक्सटाइल और MSME सेक्टर में महिलाओं के लिए रोजगार के नए मौके। यात्रा और रोजमर्रा की सुविधा – सड़क, रेलवे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बेहतर होने से यात्रा समय घटेगा और ईंधन खर्च कम होगा। – शहरों और गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। स्वास्थ्य और आयुष सेवाएं – आयुष फार्मेसियों और ड्रग टेस्टिंग लैब्स का उन्नयन किया जाएगा। – मेडिकल और वेटरनरी शिक्षा को बढ़ावा, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग में नौकरियां – मेगा टेक्सटाइल पार्क से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था – राजकोषीय घाटा घटकर GDP का 4.3% रहने का अनुमान। – सरकार के अनुसार 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले, जिससे आर्थिक स्थिरता मजबूत हुई। कुल मिलाकर आम आदमी को क्या फायदा? • रोजगार के अवसर बढ़ेंगे • टैक्स भरना आसान होगा • बेहतर सड़क, रेल और सुविधाएं मिलेंगी • शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार • महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक स्थिरता  

भारत बनेगा एयरक्रॉफ्ट हब! टैक्स में छूट से घटेंगे विमान बनाने की लागत

नई दिल्ली यूनियन बजट 2026 में सरकार ने एविएशन सेक्टर के लिए बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिविल और डिफेंस एविएशन में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट का ऐलान किया है। इस फैसले से न सिर्फ लागत घटेगी, बल्कि भारत को ग्लोबल एविएशन हब बनाने की दिशा में भी मजबूती मिलेगी।   सिविल एविएशन के लिए क्या बदला? बजट 2026 के तहत सरकार ने सिविलियन ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट और अन्य विमानों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स और पार्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म करने का फैसला किया है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि अब भारत में विमान बनाना सस्ता और आसान हो जाएगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी। डिफेंस एविएशन को भी बड़ी राहत सिर्फ सिविल ही नहीं, डिफेंस एविएशन के लिए भी बजट 2026 में बड़ी घोषणा की गई है। डिफेंस एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (Raw Materials) पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट दी जाएगी। यह छूट खास तौर पर MRO (Maintenance, Repair and Overhaul) और डिफेंस यूनिट्स की ऑपरेशनल जरूरतों के लिए लागू होगी। घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को कैसे मिलेगा फायदा? वित्त मंत्री के मुताबिक इन फैसलों का मकसद लोकल प्रोडक्शन को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग की लागत कम करना और भारतीय कंपनियों को ज्यादा कॉम्पिटिटिव बनाना है। सरकार एविएशन और डिफेंस सेक्टर में नए निवेश को आकर्षित करना चाहती है। भारत बनेगा ग्लोबल एविएशन हब? सरकार पहले से ही चाहती है कि भारत सिर्फ विमान उड़ाने वाला देश न होकर, विमान बनाने वाला, उनके पार्ट्स तैयार करने वाला और MRO सर्विसेज देने वाला ग्लोबल सेंटर बने। ड्यूटी छूट जैसे कदम इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। रोजगार और स्टार्टअप्स को भी मिलेगा बूस्ट इस फैसले का असर सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। MSME सेक्टर, एविएशन स्टार्टअप्स, स्किल्ड मैनपावर सभी के लिए नए अवसर पैदा होंगे। आने वाले सालों में हजारों नई नौकरियां बनने की उम्मीद है। बजट 2026 (Budget 2026) में एविएशन इंडस्ट्री के लिए ड्यूटी-फ्री मैन्युफैक्चरिंग का ऐलान यह साफ संकेत देता है कि सरकार भारत को एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाना चाहती है। इसके साथ ही सिविल और डिफेंस दोनों सेक्टर को साथ लेकर चलने वाली यह रणनीति आने वाले समय में भारत की एविएशन इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।  

किसानों के लिए डिजिटल साथी: AI टूल से कम होगा नुकसान, बढ़ेगी पैदावार – बजट में बड़ा फोकस

नई दिल्ली बजट 2026 में सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने एक ऐसा ऐलान किया है, जिससे आने वाले समय में खेती करने का तरीका बदल सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ‘भारत विस्तार’ नाम के एक नए AI सिस्टम की बात की है, जो सीधे किसानों की मदद के लिए बनाया है। आज भी किसान मौसम, जमीन और फसल को लेकर सही जानकारी के बिना खेती करते हैं। कभी बारिश धोखा दे देती है, कभी फसल खराब हो जाती है। इन सब वजहों से किसान को नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार अब चाहती है कि किसान सिर्फ अंदाजे से नहीं, बल्कि सही जानकारी के साथ खेती करे। ‘भारत विस्तार’ AI सिस्टम किसान को उसके इलाके के हिसाब से खेती से जुड़ी जरूरी बातें बताएगा। जैसे मौसम कैसा रहेगा, कौन-सी फसल ठीक रहेगी और किस समय क्या करना सही होगा। सरकार का मानना है कि इससे किसान का नुकसान कम होगा और आमदनी बेहतर हो सकेगी। AI खेती करेगा खेती में मदद किसान के सामने सवाल होता है कि फसल कब बोएं, कब पानी दें या कब दवा डालें। कई बार गलत समय पर काम करने से फसल खराब हो जाती है। भारत विस्तार AI ऐसे सवालों के जवाब देगा। यह मौसम की जानकारी देखकर बताएगा कि आने वाले दिनों में बारिश होगी या नहीं। अगर ज्यादा गर्मी या ठंड का असर पड़ेगा तो पहले ही चेतावनी देगा। इससे किसान समय रहते सही कदम उठा सकेगा। किसान कैसे करेंगे ये इस्तेमाल भारत विस्तार को इस तरह बनाया जाएगा कि किसान आसानी से मोबाइल या कंप्यूटर पर इसका इस्तेमाल कर सके। इसमें बहुत आसान भाषा होगी। किसान अपनी ही रोजमर्रा की भाषा में सवाल पूछ सकेगा और जवाब पा सकेगा। अगर किसान जानना चाहता है कि उसकी फसल में बीमारी क्यों लग रही है, तो वह सिस्टम से पूछ सकता है। AI उसे आसान तरीके से बताएगा कि क्या करना सही रहेगा।मौसम बदलने की वजह से किसान को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। कभी अचानक बारिश, कभी सूखा और कभी ओले फसल बर्बाद कर देते हैं। भारत विस्तार AI मौसम पर नजर रखेगा और पहले ही किसान को सतर्क कर देगा। अगर ज्यादा बारिश की संभावना होगी तो किसान को पहले से जानकारी मिल जाएगी।  

जब चला सूर्या का बल्ला… रिकॉर्ड हुए ढेर, 5 मुकाबलों में ही बना डाला ‘साल भर’ वाला स्कोर

नई दिल्ली भारतीय टी-20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए साल 2025 किसी बुरे सपने की तरह ही था। पूरे साल उन्होंने कोई भी अर्धशतक नहीं लगाया। 23 पारियों तक उनके बैट ने अर्धशतक का स्वाद नहीं चखा। उनकी चारों तरफ आलोचना हो रही थी और कहा जा रहा था कि टीम में जगह तक नहीं बनती तो नेतृत्व कैसे कोई संभाल रहा है। इन आलोचनाओं का सूर्यकुमार यादव ने बुरे समय में हंसकर जवाब दिया और सबसे विनम्र रहे। सूर्या ने हमेशा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह आउट ऑफ फॉर्म नहीं हैं, हां उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं। 2025 के आंकड़े भी सूर्यकुमार यादव के इस बयान की गवाही देते हैं कि बीता साल उनके लिए अच्छा नहीं था। पिछले साल सूर्यकुमार यादव ने 21 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे, जिसमें सिर्फ 218 रन ही बना सके थे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट हमेशा की तरह ऊपर रहा, लेकिन औसत काफी गिर गई थी। 2025 के बुरे समय को झेलने के बाद सूर्यकुमार यादव ने 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से रनों की किरणों का बिखराव कर दिया। टी-20 विश्व कप से पहले कप्तान फॉर्म में आ चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि जितने रन वे 2025 में पूरे साल में नहीं बना सके थे, उससे कहीं ज्यादा रन उन्होंने 2026 के पिछले 5 मैचों में बना दिए हैं। सही मायनों में विश्व कप से पहले भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की खेली गई यह टी-20 सीरीज कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए बूस्टर डोज की तरह थी। इस साल सूर्या ने 5 मैचों की पांच पारियों में बल्लेबाजी की है और रिकॉर्ड 242 रन बनाए हैं। ये सभी रन उन्होंने न्यूजीलैंड सीरीज में ही बनाए। सूर्यकुमार यादव के ये आंकड़े दिखाते हैं कि अब भारतीय टीम का सूर्योदय हो चुका है, क्योंकि कप्तान फॉर्म में आ चुके हैं। 5 मैचों की न्यूजीलैंड सीरीज में भारतीय कप्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 242 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब भी अपने नाम किया। इस सीरीज में सिर्फ 2 ही बल्लेबाजों ने 200 का आंकड़ा पार किया जिसमें सूर्यकुमार यादव के साथ ईशान किशन भी शामिल हैं। पांचवें और आखिरी टी-20 मैच में सूर्यकुमार यादव ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने तीन हजार रन भी पूरे किए। हालांकि, बतौर कप्तान वे 1000 टी-20 रन बनाकर विराट कोहली, रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी के क्लब में शामिल होने से कुछ रन चूक गए। उन्हें यह रिकॉर्ड बनाने के लिए 73 रनों की जरूरत थी, लेकिन वे 63 रन ही बना सके। टी-20 विश्व कप से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव का फॉर्म में आना भारतीय क्रिकेट टीम के लिए शुभ संकेत हैं। भारतीय बल्लेबाजी इस समय तबाही मचा रही है, हालांकि, गेंदबाजी में लगातार अर्शदीप के खर्चीले ओवर और पिछले मैच में बुमराह का महंगा स्पेल डालना भारतीय टीम के लिए चिंता का सबब बन रहा है। स्पिन गेंदबाजों ने मोर्चा संभाला हुआ है। अब देखना दिलचस्प होगा कि 7 फरवरी से शुरू हो रहे मेगा इवेंट में सूर्या ब्रिगेड क्या कमाल दिखा पाती है।  

देश की वित्तीय कमान फिर संभाली निर्मला ने: 9वीं बार बजट पेश कर बनाया कीर्तिमान

नई दिल्ली केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इतिहास रच दिया है। वह ऐसी पहली वित्त मंत्री हैं जिन्होंने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया है। वहीं इस मामले में कांग्रेस नेता पी चिदंबर दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने तीन दशकों में 9 बार केंद्रीय बजट पेश किया था। अगर सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने की बात करें तो यह रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के पास है। अगर अगले साल भी निर्मला सीतारण बजट पेश करती हैं तो वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का भी रिकॉर्ड तोड़ देंगी।   बजट ने रचा एक और इतिहास इस बार के बजट ने एक और इतिहास बनाया है। भारत में पहली बार रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया गया है। आम तौर पर इस दिन स्टॉक मार्केट और सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं। बजट की वजह से बीएसई और एनएसई में आज भी ट्रेडिंग चल रही है। हालांकि बजट पेश होते ही शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 1999 में भी पड़ा था रविवार आम तौर पर अगर बजट वाले दिन रविवार पड़ जाता था तो इसे अगले दिन के लिए शिफ्ट कर दिया जाता था। 1999 में जब यशवंत सिन्हा वित्त मंत्री थे तब ऐसा ही हुआ था। हालांकि इस बार ऐसा नहीं किया गया। 1 फरवरी को रविवार होने के बाद भी बजट लोकसभा में पेश किया गया। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि आईटी सेवाओं के लिए सुरक्षित स्थल का लाभ उठाने की सीमा 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये की जा रही है वित्त मंत्री ने कहा कि शराब, स्क्रैप (कबाड़) और खनिज पर स्रोत पर कर संग्रह की दर को तर्कसंगत बनाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है। सीतारमण ने स्वदेशी लेखा कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित आश्रय नियमों के तहत लेखाकारों की परिभाषा को युक्तिसंगत बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार नई कर व्यवस्था के तहत अंतर-सहकारी समितियों के लाभांश आय को कटौती के रूप में स्वीकार करेगी।  

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