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बजट 2026: बायबैक पर टैक्स & STT के फैसले – निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sithraman) ने अपना 9वां लगातार बजट भाषण (Budget Speech) पूरा किया। इनकम टैक्स स्लैब में वित्त मंत्री ने कोई भी बदलाव नहीं किया है। इसके अलावा इनकम टैक्स एक्ट (IT Act 2025) एक अप्रैल 2025 से लागू होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका ऐलान बजट स्पीच में किया है। बजट 2026 में टैक्स को लेकर क्या-क्या हुआ ऐलान? 1- आईटीआर टाइमलाइन – TR-1 और ITR-2 को फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई तक रहेगी। 2- रिवाइज्ड रिटर्न – अब 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल किया जा सकेगा। इसके लिए थोड़ा सा शुल्क देना होगा। 3- गलत जानकारी देने पर पेनाल्टी इनकम की गलत जानकारी देने पर पेनाल्टी को बढ़ाकर टैक्स की रकम का 100 प्रतिशत कर दिया गया है। 4- विदेशी संपत्तियों खुलासा योजना – छोटे टैक्स पेयर्स 6 महीने तक विदेशी संपत्तियों का खुलासा कर सकते हैं। 5- अचल संपत्तियों का भी खुलाजा जरूरी – अब अचल संपत्तियों का खुलासा ना करने पर जुर्माना लगेगा। 6- ओवरसीज टूर टीसीएस में कटौती – ओवरसीज टूर पैकेज पर लगने वाले टीसीएस को घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। पहले यह 5 प्रतिशत से 20 प्रतिशत था। 7- NRI के द्वारा प्रॉपर्टी बेचने पर – अब एनआरआई को अचल संपत्तियों की बिक्री पर टीडीएस लागू होगा। 8- शेयर बायबैक पर देना होगा टैक्स – अब शेयरों के बायबैक पर कैपिटल गेन्स पर टैक्स देना होगा। यह नियम सभी शेयरहोल्डर्स पर लागू होगा। 9- फ्यूचर एंड ऑप्शंस पर STT में इजाफा – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर एंड ऑप्शंस पर STT पर बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। फ्यूचर्स पर STT 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, ऑप्शंस पर STT को बढ़ाकर 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया है। बजट 2025 में हुए थे बड़े ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025 में 12.75 लाख रुपये की आय वाले लोगों को टैक्स फ्री कर दिया था। वित्त मंत्री ने तब ऐलान किया था जिनकी आय 12 लाख रुपये तक है उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा। 75000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को जोड़ लें तो यह छूट 12.75 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। बायबैक पर लगेगा कैपिटल गेन्स टैक्स केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि बायबैक अब कैपिटल गेन्स के दायरे में आएगा। यह सभी कैटगरी के शेयरहोल्डर्स पर लागू होगा। 31 मार्च तक फाइल किया जा सकेगा रिवाइज्ड आईटीआर कोई भी कर दाता अब 31 मार्च तक थोड़े से शुल्क के साथ रिवाइज्ड आईटीआर फाइल किया जा सकेगा – वित्त मंत्री इन विदेशी कंपनियों को बड़ा तोहफा  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंडियन कंपनियों को क्लाउड सर्विसेज प्रदान करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए वित्त वर्ष 2047 तक टैक्स हॉलीडे का ऐलान किया गया है। आ गया है नया आयकर कानून केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट स्पीच में कहा कि नया आयकर कानून इस वर्ष एक अप्रैल से लागू होगा। क्या होम लोन की छूट होगी न्यू टैक्स रिजीम में शामिल?  मौजूदा समय में न्यू टैक्स रिजीम में किसी भी निवेश से पर कोई छूट नहीं मिलती है। मिडिल क्लास ओल्ड टैक्स रिजीम की तरह न्यू टैक्स रिजीम में भी होम लोन के ब्याज दरों पर टैक्स में छूट की डिमांड कर रहा है। ओल्ड टैक्स रिजीम या न्यू टैक्स रिजीम  पुरानी कर व्यवस्था में जहां कुछ ही टैक्स स्लैब हैं। तो वहीं नई कर व्यवस्था में अधिक स्लैब बनाए गए हैं। न्यू टैक्स रिजीम के जरिए कोई भी टैक्सपेयर्स 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई भी टैक्स नहीं देगा। इस कर प्रणाली में डायरेक्ट छूट मिलती है। वहीं, ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत टैक्सपेयर्स को अलग-अलग इंवेस्टमेंट के जरिए छूट प्राप्त कर सकते हैं। कम होगा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स? मौजूदा समय में जब अब इक्विटी शेयर्स या म्यूचुल फंड्स को 12 महीने से पहले बेचते हैं तो 20 प्रतिशत का टैक्स देना पड़ता है। इसे ही शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स कहा जाता है। देखना है कि क्या बजट 2026 में इसको लेकर कोई बदलाव देखने को मिलता है या नहीं? क्या है इनकम टैक्स एक्स का सेक्शन 54 अगर कोई टैक्सपेयर्स पुराना घर बेचकर नया घर अगले दो साल में बनाता है या फिर खरीदता है तो उसे इनकम टैक्स एक्ट 54 के तहत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में छूट मिलती है। मौजूदा समय में यह छूट 10 करोड़ रुपये के रिइंवेस्टमेंट तक मिलता है।  

जनता के काम का बजट? हेल्थ और एजुकेशन में निवेश को लेकर सरकार की बड़ी तैयारी

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का बजट पेश करते हुए कई बड़ी घोषणाएं की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने नौवें बजट में देश के परिवहन और रक्षा क्षेत्र पर सबसे अधिक पैसा लगाया है। दोनों ही क्षेत्रों पर करीब 6-6 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी बड़ी राशि रखी गई है।   वित्त मंत्री ने ट्रांसपोर्ट पर सबसे अधिक 5,98,520 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव किया है। वहीं, रक्षा क्षेत्र पर 5,94,585 रुपये खर्च किए जाएंगे। होम अफेयर्स पर 2,55,234 करोड़ खर्च होने का प्रस्ताव है। कृषि कार्यों और इससे जुड़ी गतिविधियों पर 1,62,671 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। शिक्षा पर 1,39,289 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं ऊर्जा पर 1,09,029 करोड़ रुपये और हेल्थ पर 1,04,599 करोड़ रुपये का निवेश होगा। बजट 2026 में किस सेक्टर को कितना पैसा शहरी विकास पर 85,522 करोड़, आईटी और टेलिकॉम सेक्टर पर 74560 करोड़, कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पर 70296 करोड़, सोशल वेलफेयर पर 62362 करोड़, साइंटिफिक डिपार्टमेंट्स पर 55,756 करोड़, टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन पर 45500 करोड़, एक्सटर्नल अफेयर्स पर 22,119 करोड़, फाइनेंस पर 20,649 करोड़ और नॉर्थ ईस्ट डिवलेपमेंट के लिए 6812 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। रुपया कहां से आएगा और कहां जाएगा बजट डॉक्युमेंट्स में सरकार ने यह बताया है कि पैसा कहां से कितना आएगा और कहां कितना खर्च होगा। इसके मुताबिक बजट का 24 पर्संट हिस्सा सरकार उधार लेगी। 21 फीसदी हिस्सा इनकम टैक्स से और 18 पर्सेंट कॉर्पोरेशन टैक्स से आता दिख रहा है। 4 पर्सेंट कस्टम से और 6 फीसदी यूनियन एक्साइज ड्यूटीज से आएगा। नॉन-डेब्ट कैपिटल से 2 फीसदी की प्राप्ति होगी। नॉन टैक्स रेवेन्यू से 10 फीसदी और जीएसटी और अन्य टैक्सों से 15 फीसदी हिस्सा मिलने की उम्मीद है। रुपया कहां कितना जाएगा, इसके ब्योरे में बताया गया है कि सर्वाधिक 22 फीसदी हिस्सा राज्यों को टैक्स का हिस्सा देने में जाएगा। ब्याज देनदारी पर 20 फीसदी खर्च होगा। केंद्रीय योजनाओं पर 17 फीसदी हिस्सा खर्च होगा। बड़ी सब्सिडी पर 6 फीसदी, डिफेंस पर 11 फीसदी, केंद्र प्रयोजित योजनाओं पर 8 फीसदी पैसा खर्च होगा। सिविल पेंशन पर 2 फीसदी और अन्य मदों में 7 फीसदी पैसा लगेगा।  

Jeep India की योजना खुली, 2027 में भारत में नए मॉडल और नई रणनीति लागू

मुंबई   लग्जरी एसयूवी निर्माता कंपनी Jeep ने भारतीय बाजार के लिए एक नया रोडमैप तैयार किया है, जिसे कंपनी ने Strategic Plan Jeep 2.0 नाम दिया है. कंपनी ने इस प्लान को ऐसे समय में तैयार किया है, जब बाज़ार के प्रति लंबे समय की प्रतिबद्धता की जरूरत है और यह इसे पक्का करता है, जब उसका लोकल पोर्टफोलियो अभी भी सीमित है. यह प्लान भारत को Jeep के एशिया पैसिफिक ऑपरेशंस के केंद्र में रखता है. ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत इस ब्रांड के लिए दोहरी भूमिका निभाता रहेगा, एक घरेलू बाज़ार के तौर पर और एक रीजनल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट बेस के तौर पर. कंपनी का कहना है कि भारत में डेवलप और बनाई गई गाड़ियां न सिर्फ लोकल खरीदारों बल्कि एशिया पैसिफिक और उससे बाहर के बाजारों को भी सर्विस देंगी. क्षेत्रीय मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात में भारत की भूमिका इस योजना के बारे में बताते हुए, Stellantis India के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेश हज़ेला ने कहा कि, “Jeep की 85 साल की विरासत असलियत और एडवेंचर पर बनी है. Strategic Plan Jeep 2.0 बताता है कि हम अपनी प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी को कैसे बेहतर बनाएंगे और हर साल कस्टमर एक्सपीरियंस को कैसे मज़बूत करेंगे, जो ज़्यादा लोकलाइज़ेशन, ग्लोबल प्रोडक्ट अलाइनमेंट, अपनी गाड़ियों की रेंज बढ़ाने और ऐसे प्रोग्राम्स पर आधारित होगा जो असली वैल्यू देते हैं.” उन्होंने आगे कहा कि, “हम अपने मौजूदा कस्टमर्स का ख्याल रखने पर भी उतना ही ध्यान दे रहे हैं, यह पक्का करते हुए कि उन्हें वह सपोर्ट, सर्विस और भरोसा मिले जिसकी वे Jeep से उम्मीद करते हैं. भारत में सफलता के लिए मज़बूती और लंबे समय की कमिटमेंट की ज़रूरत है, और हम उसी सोच के साथ निवेश कर रहे हैं, ताकि यह पक्का हो सके कि Jeep गर्व और पसंद का ब्रांड बना रहे.” 2027 से नए मॉडल लाने की योजना कारों की बात करें तो Jeep ने जानकारी दी है कि भारत के लिए नए मॉडल लाने की तैयारी चल रही है, और इसकी फ्यूचर लाइनअप की पहली गाड़ी साल 2027 में आने की उम्मीद है. तब तक, कंपनी शोरूम में कस्टमर्स की दिलचस्पी बनाए रखने के लिए अपनी मौजूदा रेंज के पीरियोडिक अपडेट और स्पेशल एडिशन बाजार में उतारती रहेगी. इसके साथ ही Jeep की इंडिया स्ट्रेटेजी के लिए एक्सपोर्ट भी ज़रूरी हैं. कंपनीन ने पुणे के पास रंजनगांव फैसिलिटी से साल 2017 में अपना प्रोडक्शन शुरू किया था और Jeep Compass के साथ ग्लोबल मार्केट में सप्लाई शुरू की थी. उसके बाद से कंपनी ने Jeep Meridian और Commander जैसे मॉडल जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे इलाकों में एक्सपोर्ट किए गए हैं. कंपनी ने कहा कि वह अब अफ्रीका और नॉर्थ अमेरिका में और एक्सपोर्ट के मौकों का मूल्यांकन कर रही है. स्थानीयकरण में होगी बढ़ोतरी जानकारी के अनुसार, कंपनी का प्लान रंजंगांव प्लांट में लोकलाइज़ेशन को और बढ़ाने का भी है, जिसकी सालाना इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 1,60,000 यूनिट्स होने वाली है. लोकल कंटेंट मौजूदा 65-70 प्रतिशत से बढ़कर करीब 90 प्रतिशत होने की उम्मीद है. बता दें कि Jeep भारत में Jeep Club, Jeep Trails और Camp Jeep इवेंट्स के ज़रिए अपनी ओनर कम्युनिटी को बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है, साथ ही अपने कॉन्फिडेंस 7 प्रोग्राम के तहत कस्टमर एश्योरेंस पहल को भी बढ़ा रही है, जिसमें एक्सटेंडेड वारंटी, बायबैक ऑप्शन और सर्विस प्लान शामिल हैं.

अब घर बैठे आसान होगा रजिस्ट्री का काम, संपदा-2.0 पोर्टल और ऐप से पाएं सर्टिफाइड कॉपी

भोपाल   मध्यप्रदेश में पुरानी रजिस्ट्री की सर्टिफाइड कॉपी लेने के लिए सब रजिस्ट्रार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। इसे ऑनलाइन निकलवाया जा सकता है। पंजीयन विभाग ने संपदा-2.0 पोर्टल और मोबाइल ऐप पर यह सुविधा शुरू की है। जिन रजिस्ट्री का डिजिटाइजेशन नहीं हुआ, उनकी सर्टिफाइड कॉपी के लिए भी इस माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा। पंजीयन विभाग उसे डिजिटाइज कर ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा। इसके लिए 300 रुपए फीस तय की गई है। मंदसौर पहला जिला जहां के 100 फीसदी डिजिटाइज्ड आइजी (पंजीयन) अमित तोमर के अनुसार वर्ष 2000 तक के दस्तावेज डिजिटाइज किए जा चुके हैं। मंदसौरएमपी का पहला जिला है जहां के 100 फीसदी रजिस्ट्री दस्तावेज डिजिटाइज हो चुके हैं। यहां 1908 तक की रजिस्ट्री डिजिटाइज हो चुकी हैं। केंद्र सरकार ने इस प्रयास के लिए मध्यप्रदेश सरकार को 24 करोड़ रुपए का विशेष अनुदान भी दिया है। क्या करना होगा: स्टेप-बाय-स्टेप समझिए -1- एमपीआइजीआर के संपदा पोर्टल पर जाएं। मांगी गई जानकारियां देकर लॉगिन आइडी बनाएं। -2- दस्तावेज प्रमाणित प्रति पर क्लिक कर ओपन करें।  3- पुरानी रजिस्ट्री का डॉक्यूमेंट नंबर डालकर सर्च करें। -4- डॉक्यूमेंट नंबर नहीं है तो किन वर्षों के बीच रजिस्ट्री कराई, वह अवधि और नाम से रजिस्ट्री सर्च करें। मिलने पर एड टू कार्ट करें। -5- अब तय शुल्क जमा करें। -6- संबंधित सब रजिस्ट्रार के डिजिटल हस्ताक्षर युक्त सर्टिफाइड कॉपी ई-मेल और व्हाट्सऐप पर भेजी जाएगी। जो रजिस्ट्री डिजिटाइज नहीं हैं, उनकी कॉपी के लिए यहीं से आवेदन किया जा सकता है।

छिंदवाड़ा: दरिंदगी की हदें पार, आदिवासी युवती को 12 दिन बंधक बनाकर किया सामूहिक दुष्कर्म; पुलिस ने दर्ज किया केस

छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा में आदिवासी युवती का अपहरण कर बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने की घटना सामने आई है। पीड़िता ने गुरुवार को आपबीती सुनाते हुए आरोप लगाया कि एक जून को उसका अपहरण किया गया। जबरन शादी कराकर 12 दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। उसने सात आरोपितों पर दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।  छिंदवाड़ा में आदिवासी युवती का अपहरण कर बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने की घटना सामने आई है। पीड़िता ने गुरुवार को आपबीती सुनाते हुए आरोप लगाया कि एक जून को उसका अपहरण किया गया। जबरन शादी कराकर 12 दिन तक बंधक बनाकर रखा जबरन शादी कराकर 12 दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। उसने सात आरोपितों पर दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। मजदूरी करने गई थी देहात थाना छिंदवाड़ा के थाना प्रभारी जीएस राजपूत ने बताया कि एक जून को युवती गुरैया के शांति वेयर हाउस में मजदूरी करने गई थी। शाम को बाजार में सामान खरीदते समय आरोपित अंजू चंदेल ने फोन कर बुलाया और फिर मोंटी के साथ जबरन दोपहिया वाहन से गुरैया देव स्थित घर ले गए। रातभर उसे कमरे में बंद करके रखा गया। पीड़िता ने बताया कि अगले दिन आरोपित उसे मारपीट कर गाड़ी में डालकर छिंदवाड़ा के पातालेश्वर मंदिर ले गए। यहां सुनील कंटक से उसका फर्जी विवाह करवाया। इसके बाद उसे घर में बंद कर मोबाइल तक जब्त कर लिया। तीन दिन बाद की शिकायत 13 जून की रात करीब 11 बजे युवती इमलीखेड़ा थाना क्षेत्र में मिली थी। उसके साथ दो महिलाएं और एक पुरुष भी था। उन्होंने पुलिस को बताया कि गुमशुदगी की सूचना पढ़कर उन्होंने युवती को पहचाना और थाने लेकर आए हैं। तीन दिन बाद युवती ने लिखित में शिकायत दी है कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है। आरोपितों में एक नाबालिग भी आरोपितों में मोंटी अल्डक, शीतल, सुनील कंटक, निरंजन ठाकरे, मनीषा ठाकरे, अंजू चंदेल और एक 16 वर्षीय नाबालिग शामिल हैं। देहात थाना छिंदवाड़ा के प्रभारी जीएस राजपूत ने बताया कि एक जून को युवती एक वेयर हाउस में मजदूरी करने गई थी। शाम को वह बाजार में सामान खरीदने गई थी। उस समय आरोपित अंजू ने शीतल को फोन कर बुलाया और फिर मोंटी के साथ जबरन उसे गुरैया देव स्थित घर ले गए। रातभर युवती को कमरे में बंद करके रखा गया। फर्जी विवाह कराकर किया दुष्कर्म पीड़िता ने बताया कि अगले दिन आरोपित उसे मारपीट कर गाड़ी में डालकर छिंदवाड़ा के पातालेश्वर मंदिर ले गए। यहां सुनील कंटक से उसका फर्जी विवाह करवाया गया। 13 जून की रात करीब 11 बजे युवती इमलीखेड़ा थाना क्षेत्र में मिली। उसके साथ दो महिलाएं और एक पुरुष भी था। उन्होंने पुलिस को बताया कि गुमशुदगी की सूचना पढ़कर उन्होंने युवती को पहचाना और थाने लेकर आए हैं।  

पेरिस डायमंड लीग 2025: नीरज भाला फेंक में जूलियन, एंडरसन पीटर्स के साथ लेंगे हिस्सा, जानें कहां देखें लाइव

लंदन  दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा शुक्रवार को सितारों से भरी पेरिस डायमंड लीग में भारत की चुनौती पेश करेंगे. वह डायमंड लीग के पेरिस चरण में 8 साल बाद खेलेंगे. डायमंड लीग के दूसरे चरण में भालाफेंक स्पर्धा में चोपड़ा के साथ जर्मनी के जूलियन वेबर, दो बार के विश्व चैम्पियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स भी 8 दावेदारों में होंगे. नीरज चोपड़ा का मुकाबला देर रात 1 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगा. जूलियन वेबर ने 16 मई को दोहा डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा को हराया था. दोहा में नीरज ने 90 मीटर से ऊपर का थ्रो फेंका था. जूलियन वेबर ने आखिरी थ्रो 91.06 मीटर का फेंककर पहला स्थान हासिल किया. चोपड़ा 90.23 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे. 31 साल के वेबर ने 23 मई को पोलैंड में जानुज कुसोसिंकी मेमोरियल स्पर्धा में भी नीरज को हराया था. वेबर ने 86.12 मीटर और चोपड़ा ने 84.14 मीटर का थ्रो फेंका था. पीटर्स दोनों में तीसरे स्थान पर रहे थे. पेरिस में चोपड़ा की नजरें वेबर से पिछली दोनों हार का बदला चुकता करने की होगी. नीरज ने पिछले साल ओलंपिक पर फोकस करने के लिए पेरिस डायमंड लीग में भाग नहीं लिया. पेरिस ओलंपिक में 89.45 मीटर के थ्रो के साथ उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था. आखिरी बार उन्होंने 2017 में पेरिस डायमंड लीग में जूनियर विश्व चैम्पियन के तौर पर खेलकर 5वां स्थान हासिल किया था. चोपड़ा और वेबर के अलावा पीटर्स भी 2022 में 90 मीटर की बाधा पार कर चुके हैं . केन्या के 2015 विश्व चैम्पियन जूलियस येगो और त्रिनिदाद और टोबैगो के 2012 ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता केशोर्न वाल्कॉट भी 90 मीटर क्लब में शामिल हैं, जिन्होंने 2015 में यह कारनामा किया था. इनके अलावा पेरिस डायमंड लीग में ब्राजील के लुईज मौरिशियो डा सिल्वा, मोलडोवा के एड्रियन मारडारे और फ्रांस के रेमी रूजेटे भी भाग लेंगे. पेरिस डायमंड लीग के बाद चोपड़ा 24 जून से चेक गणराज्य के ओस्ट्रावा में गोल्डन स्पाइक एथलेटिक्स मीट में भाग लेंगे. इसके बाद वह 5 जुलाई को बेंगलुरू में नीरज चोपड़ा क्लासिक में उतरेंगे.  

झांसी में वंदे भारत में यात्री को पीटा, बीजेपी विधायक के समर्थकों पर आरोप

झांसी दिल्ली से भोपाल जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस के एग्जीक्यूटिव कोच में सवार एक यात्री के साथ झांसी रेलवे स्टेशन पर आधा दर्जन लोगों द्वारा मारपीट की गई. इस मारपीट में यात्री लहूलुहान हो गया. उसने आरोप लगाया कि ये मारपीट बीजेपी विधायक राजीव सिंह पारीछा के इशारे पर हुई है. क्योंकि, पीड़ित ने विधायक के कहने पर सीट की अदला-बदली नहीं की थी. इसी से भन्नाए विधायक ने अपने गुर्गों को बुलवाकर उसे पिटवा दिया.   आपको बता दें कि राजीव सिंह पारीछा झांसी की बबीना सीट से बीजेपी के विधायक हैं. घटना वाले दिन वह भी वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार थे. उनके साथ उनकी पत्नी और बेटा भी था. आरोपों के मुताबिक, विधायक एक यात्री की सीट पर बैठना चाहते थे, और उसे अपनी सीट पर जाने के लिए बोल रहे थे. जब यात्री ने मना किया तो दोनों में बहस हो गई. जिसके बाद विधायक ने मौके पर अपने साथियों को बुला लिया और उस यात्री को पिटवा दिया.    मामले में जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों ने घटना तो स्वीकारी लेकिन कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. वहीं, बबीना विधायक राजीव सिंह ने कहा कि वह लिखित में अपना पक्ष रखेंगे. फिलहाल, झांसी जीआरपी में मामला दर्ज करा दिया है.  जानिए पूरा मामला और विधायक ने सफाई में क्या कहा ट्रेन नंबर- 20172 वंदे भारत एक्सप्रेस में झांसी के बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा अपनी पत्नी और बेटे के साथ दिल्ली से झांसी के लिए यात्रा कर रहे थे. कोच में सीट नंबर- 8 राजीव सिंह पारीछा, पत्नी कमली सिंह का सीट नंबर- 50 और बेटे श्रेयांश सिंह का सीट नंबर- 51 था. आरोप है कि ट्रेन जब झांसी रेलवे स्टेशन पहुंची तो आधा दर्जन लोग अंदर घुस गए और इसी कोच के सीट नंबर- 49 पर यात्रा करने वाले राज प्रकाश नाम के यात्री के साथ मारपीट कर दी. जब तक कोई कुछ करता सिग्नल होने के कारण ट्रेन भोपाल के लिए रवाना हो गई.  एमपी कांग्रेस के आरोप इसी बीच मध्य प्रदेश में पन्ना जिले के पूर्व पवई विधायक मुकेश नायक और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने ‘एक्स’ पर शिकायत करते हुए यात्री राज प्रकाश के साथ मारपीट का आरोप बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा के समर्थकों पर जड़ दिया. उन्होंने आरोप लगाते हुए यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए.  पूर्व विधायक मुकेश नायक ने एक्स पर लिखा- वंदे भारत ट्रेन में बुजुर्ग यात्री ने 49 नंबर सीट एक्सचेंज करने से इनकार किया तो बबीना के बीजेपी विधायक राजीव सिंह के समर्थकों ने झांसी स्टेशन पर उनको पीट दिया. उनके नाक से खून निकल आया. तो ये है सुशासन की असलियत.  जबकि, पूर्व मंत्री राम निवास रावत ने लिखा- वंदे भारत (20172 दिल्ली से भोपाल) में एक्ज़क्यूटिव क्लास (ई-2) में एक व्यक्ति के साथ 7/8 बाहर से आए लोगों ने पूरे कोच के यात्रियों के सामने मारपीट की. घायल व्यक्ति के नाक, मुंह, कान से खून बहने लगा. इन लोगों का साथ पुलिस के कुछ लोग भी दे रहे थे. वंदे भारत जैसी ट्रेन में ये स्थिति है तो आम ट्रेनों में यात्रियों का क्या हाल होगा. इस तरह की घटनाएं यात्रियों को भयभीत करने का काम करती है.  एफआईआर दर्ज  इस मामले में झांसी के बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा से बात की तो उन्होंने बताया कि मैंने झांसी जीआरपी में इसकी लिखित शिकायत कर दी है. शिकायत के मुताबिक, वह ट्रेन के कोच में अपनी पत्नी और बच्चे के साथ सीट नंबर 50, 51 और 8 पर यात्रा कर रहे थे. इसी कोच की सीट नंबर 49 और 52 पर बैठे दो यात्री आपत्तिजनक स्थिति में अत्यधिक पैर फैलाकर बैठे हुए थे, जिस कारण परेशानी हो रही थी.  विधायक ने उनसे विनम्रतापूर्वक ठीक से बैठने के लिए कहा तो यात्री गुस्से में आकर बहस करते हुए अशोभनीय भाषा का प्रयोग करने लगे. विधायक मामले को टालने का प्रयास कर रहे थे. झांसी स्टेशन पहुंचने पर विधायक के साथी आ गए. उपरोक्त यात्री उनसे भिड़ गए. किसी प्रकार बीच बचाव किया गया. फिलहाल, विधायक राजीव सिंह की शिकायत के आधार पर धारा 115 (2) और 352 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.   

ईरान के अटैक का डर, अमेरिका ने मध्य पूर्व के सबसे बड़े सैन्य अड्डे से हटाए 40 मिलिट्री जेट, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा

दोहा  इजरायल पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद अब अमेरिका को मध्य पूर्व में अपने सैन्य अड्डों की सुरक्षा का डर सताने लगा है। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, कतर के एक प्रमुख अमेरिकी एयरबेस से पिछले दो सप्ताह में करीब 40 अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट गायब हो गए हैं। संभावना है कि उन्हें ईरानी हमलों से बचाने के लिए हटाया गया है। प्लैनेट लैब्स पीबीसी की 5 जून से 19 जून के बीच की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि कभी खचाखच भरा मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा एयरबेस पर लगभग पूरी तरह खाली हो गया है। कतर के अल उदीद एयरबेस पर 5 जून को C-130 हरक्यूलिस परिवहन विमानों और उन्नत टोही जेट समेत लगभग 40 विमान खुलेआम खड़े थे। 19 जून की सैटेलाइट तस्वीरों में केवल तीन ही बचे दिखाई दे रहे हैं। कतर में अमेरिकी दूतावास ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि बेस तक पहुंच अत्यधिक सावधानी और चल रही क्षेत्रीय शत्रुता के मद्देनजर सीमित होगी। इसके साथ भी बेस कर्मियों से अधिक सतर्कता बरतने का आग्रह किया। ट्रंप ने अभी तक नहीं लिया फैसला इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू होने के एक सप्ताह बाद भी अमेरिका इसमें शामिल नहीं हुआ है। 19 जून को वॉइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अगले दो सप्ताह में इस बारे में फैसला लेंगे। एएफपी ने विमानों पर नजर रखने वाले ओपेन-सोर्स डेटा के विश्लेषण से बताया है कि कम से कम 27 सैन्य ईंधन भरने वाले विमान- केसी-46ए पेगासस और केसी-135 स्ट्रेटोटैंकर विमान- 15 से 18 जून के बीच अमेरिका से यूरोप की यात्रा पर गए। अमेरिका ने शुरू कर दी तैयारी उनमें से केवल दो विमान ही अमेरिका लौटे, जबकि 25 विमान बुधवार देर रात तक यूरोप में थे। हवा में ईंधन भरने वाले विमान लंबी दूरी के हवाई अभियानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं और यह इस बात का संकेत हो सकता है कि अमेरिका लंबे मिशनों के लिए तैयारी कर रहा है। अमेरिका को किस बात का डर? अमेरिकी सेना में पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल और रैंड कॉरपोरेशन में डिफेंस रिसर्चर मार्क श्वार्ट्ज ने एएफपी को बताया कि ईरान के बेहद नजदीक होने के कारण अल-उदीद में विमान बेहद असुरक्षित होंगे। मध्य पूर्व में सेवा दे चुके श्वार्ट्ज ने कहा कि छर्रे भी विमान को मिशन के लिए अयोग्य बना सकते हैं। उन्होंने कहा, ऐसा करके (विमानों को हटाकर) अमेरिकी सेना, कर्मियों और उपकरणों दोनों के लिए जोखिम को कम करना चाहती है। अमेरिका के 40000 सैनिक तैनात इजरायल और ईरान में जंग के बीच मध्य पूर्व में अमेरिकी सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं। वर्तमान में पूरे क्षेत्र में लगभग 40,000 सैनिक तैनात है। जबकि सामान्य तौर पर यहां 30,000 की तैनाती रहती है। अक्टूबर में इजरायल और ईरान के बीच तनाव के दौरान और लाल सागर में जहाजों पर हूतियों के हमले के समय यह संख्या कुछ समय के लिए बढ़कर 43,000 हो गई थी।

PM मोदी ने शतरंज खिलाड़ी दिव्या को ब्लिट्ज सेमीफाइनल में यिफान को हराने पर दी बधाई

लंदन  एक 18 साल की चेस स्टार रातों-रात सुर्खियों में आ गई हैं. दरअसल, इस युवा सनसनी ने चेस की वर्ल्ड नंबर-1 चीनी दिग्गज खिलाड़ी होउ यिफान को मात देकर सुर्खियां बटोरीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके मुरीद हो गए और ‘एक्स’ पर पोस्ट कर तारीफों के पुल बांधे. बता दें कि फिडे विश्व रैपिड एंड ब्लिट्ज टीम चैंपियनशिप के दूसरे चरण के ब्लिट्ज सेमीफाइनल में इस भारतीय स्टार ने दुनिया की नबंर-1 खिलाड़ी होउ यिफान को शिकस्त देकर दुनियाभर की वाहवाही लूटी है. आइए जानते हैं इनके बारे में… 18 साल की इस स्टार ने किया कमाल दरअसल, फिडे विश्व रैपिड एंड ब्लिट्ज टीम चैंपियनशिप के दूसरे चरण के ब्लिट्ज सेमीफाइनल में 18 साल की भारतीय चेस स्टार दिव्या देशमुख ने जीत दर्ज की. दिव्या ने दुनिया की नबंर-1 खिलाड़ी होउ यिफान को शिकस्त दी, जिसके बाद पीएम मोदी ने भी उनको सराहा है. ‘हेक्सामाइंड शतरंज क्लब’ का प्रतिनिधित्व करते हुए दिव्या ने 74 चालों के रोमांचक मुकाबले में यिफान को शिकस्त दी है. ब्लिट्ज फॉर्मेट में दिव्या ने 8 में से 6 गेम जीत, एक ड्रॉ और सिर्फ एक हार दर्ज की, जिससे उनकी एलीट परफॉरमेंस रेटिंग 2606 रही. इसके बाद उन्होंने तीसरे स्थान के प्लेऑफ में दबदबा बनाया, जिससे उनकी टीम ने दोनों राउंड में उज्बेकिस्तान को 3.5-2.5 से हराकर टीम कांस्य पदक जीता. पीएम नरेंद्र मोदी ने क्या ट्वीट अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी तारीफ की है। इस जीत के बाद पीएम मोदी ने दिव्या को बधाई दी और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘वर्ल्ड टीम ब्लिट्ज चैंपियनशिप, लंदन के ब्लिट्ज सेमीफाइनल के दूसरे लेग में वर्ल्ड नंबर 1 हाउ यिफान को हराने पर दिव्या देशमुख को बधाई। उनकी सफलता उनकी हिम्मत और दृढ़ संकल्प को दिखाती है। यह कई आने वाले शतरंज खिलाड़ियों को भी प्रेरित करती है। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।’ बता दें कि भारत की दिव्या देशमुख ने लंदन में आयोजित FIDE वर्ल्ड रैपिड और ब्लिट्ज़ टीम चैंपियनशिप 2025 के ब्लिट्ज़ सेमीफाइनल में दुनिया की नंबर 1 होउ यिफान को हराया.  नागपुर की 19 वर्षीय प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और सामरिक प्रतिभा का परिचय देते हुए रूक-बनाम-बिशप के तनावपूर्ण अंतिम गेम में 74 चालों में जीत हासिल की, जो अब शतरंज की दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है.  दिव्या की जीत ब्लिट्ज़ सेमीफाइनल मैच के दूसरे चरण के दौरान हुई, जिसमें उन्होंने हेक्सामाइंड शतरंज क्लब का प्रतिनिधित्व किया.  टीम ने अंततः ब्लिट्ज़ में कांस्य पदक और रैपिड प्रारूप में रजत पदक हासिल किया.  उनके व्यक्तिगत पदकों में टीम रजत (रैपिड), टीम कांस्य (ब्लिट्ज़) और व्यक्तिगत कांस्य शामिल हैं – इस वैश्विक मंच पर पहली बार भाग लेने वाले के लिए एक अभूतपूर्व उपलब्धि. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हुए मुरीद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा, ‘लंदन में वर्ल्ड टीम ब्लिट्ज चैंपियनशिप के दूसरे चरण के ब्लिट्ज सेमीफाइनल में दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी होउ यिफान को हराने पर दिव्या देशमुख को बधाई. उनकी सफलता उनके धैर्य और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है. यह कई उभरते शतरंज खिलाड़ियों को भी प्रेरित करती है. उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं.’ दिव्या देशमुख ने पीएम मोदी के ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा, ‘धन्यवाद, आदरणीय प्रधानमंत्री का मुझे सम्मानित करना, मेरे लिए बहुत सम्मान और प्रोत्साहन की बात है.’ बता दें कि रैपिड फॉर्मेट में दिव्या को 5 जीत, 6 ड्रॉ और सिर्फ एक हार मिली. उन्होंने बोर्ड 6 पर 2420 की प्रदर्शन रेटिंग के साथ टीम रजत और एक व्यक्तिगत कांस्य पदक हासिल किया. फिडे विश्व रैपिड और ब्लिट्ज टीम चैंपियनशिप का तीसरा संस्करण 10 से 16 जून के बीच लंदन में हुआ. इसकी कुल इनामी राशि  5,00,000 यूरो थी. रैपिड टूर्नामेंट के लिए 3,10,000 यूरो और ब्लिट्ज के लिए 190,000 यूरो निर्धारित किए गए थे. 5 की उम्र में सीखा चेस, 7 में नेशनल चैंपियन… कौन हैं दिव्या देशमुख? 9 दिसंबर 2005 को महाराष्ट्र के नागपुर में दिव्या देशमुख का जन्म एक डॉक्टर परिवार में हुआ. दिव्या देशमुख 5 साल की उम्र में शतरंज की ओर आकर्षित हुईं. जब उनकी बहन ने बैडमिंटन में दाखिला लिया तो शुरू में वह इस खेल की ओर आकर्षित हुईं, उन्हें नीचे से इस खेल से प्यार हो गया और जल्द ही उन्होंने इसमें महारत हासिल कर ली. 2012 में महज 7 साल की उम्र में दिव्या ने अंडर-7 राष्ट्रीय चैम्पियनशिप जीती. इसके बाद अंडर-10 (डरबन, 2014) और अंडर-12 (ब्राजील, 2017) कैटेगरी में विश्व युवा खिताब जीते. दिव्या कम उम्र में ही महिला FIDE मास्टर बन गईं और अक्टूबर 2021 तक उन्होंने महिला ग्रैंडमास्टर (WGM) का खिताब हासिल कर लिया. वह यहीं नहीं रुकी, उन्होंने बुडापेस्ट में 45वें शतरंज ओलंपियाड (2024) में भारत की टीम स्वर्ण पदक में भी योगदान दिया और विश्व टीम रैपिड एंड ब्लिट्ज चैम्पियनशिप के ब्लिट्ज सेगमेंट में 2600 से अधिक प्रदर्शन रेटिंग प्राप्त करते हुए व्यक्तिगत सम्मान अर्जित किया. अब तक वह कई पदक जीत चुकी हैं, जिनमें ओलंपियाड में तीन स्वर्ण, कई एशियाई और विश्व युवा खिताब.  5 साल की उम्र से खेल रही चेस दिव्या देशमुख का जन्म 9 दिसंबर 2005 को नागपुर में हुआ था। उनके माता-पिता डॉक्टर हैं। उनके पिता का नाम जितेंद्र और माता का नाम नम्रता है। दिव्या ने पांच साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया था। दिव्या ने 2012 में सात साल की उम्र में अंडर-7 नेशनल चैंपियनशिप जीती। इसके बाद उन्होंने U-10 (डरबन, 2014) और U-12 (ब्राजील, 2017) कैटेगरी में वर्ल्ड यूथ टाइटल भी जीते। दिव्या ने बहुत कम उम्र में ही वुमन FIDE मास्टर का खिताब हासिल कर लिया था। अक्टूबर 2021 तक उन्होंने वुमन ग्रैंडमास्टर का टाइटल भी अपने नाम कर लिया। वह विदर्भ की पहली और भारत की 22वीं खिलाड़ी बनीं, जिन्होंने यह मुकाम हासिल किया। 2023 में उन्होंने इंटरनेशनल मास्टर का टाइटल भी जीता। दिव्या को वर्ल्ड जूनियर नंबर 1 के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने 2024 में वर्ल्ड जूनियर गर्ल्स U-20 चैंपियनशिप जीती थी। उन्होंने 11 में से 10 अंक हासिल किए थे। दिव्या ने 45वें चेस ओलंपियाड में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने वर्ल्ड टीम रैपिड एंड ब्लिट्ज चैंपियनशिप के ब्लिट्ज … Read more

मंत्री प्रहलाद पटेल : जल के संरक्षण के साथ जल देने वाले कॅुओं, तालाब और नदी को साफ सुथरा रखें

जब तक नदियां बारहमासी नहीं होगी तब तक बड़ी नदियों का अस्तित्व बचा पाना चुनौती : पंचायत मंत्री पटेल गंगा जल संर्वधन अभियान के तहत तेंदूखेड़ा के ग्राम इमलीडोल में हुआ कार्यक्रम भोपाल मध्यप्रदेश को नदियों को मायका कहा जाता है, 247 से अधिक नदियों का उद्गम स्थल मध्यप्रदेश में है, भारत के किसी भी राज्य में इतनी नदियों का उद्गम नहीं है, हमारी नदियों का पानी मॉ नर्मदा, गंगा, गोदावरी के बेसिन में जाता है। हम सभी सौभाग्यशाली है कि यहॉ गौरेया नदी का उद्गम है। इस स्थल पर फैंसिंग कर पौधे लगाये-जायेंगे और वहॉ कुंडी भी बनाई जायेगी जिससे लगे कि यह गौरेया नदी का उद्गम स्थल है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने तेंदूखेड़ा के ग्राम इमलीडोल में गंगा जल संवर्धन अभियान के तहत गुरूवार को समारोह को संबोधित किया। मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जल ही जीवन है, जल है तो कल है, इसे संरक्षित और सहेज कर रखें क्योंकि जल के बिना प्राणियों का जीवन असंभव है इसलिए जल के संरक्षण के साथ जल देने वाले कॅुओं, तालाब और नदी को साफ सुथरा रखें और उन्हें संरक्षित करें। उन्होंने कहा कि जब तक नदियां बारहमासी नहीं होगी तब तक बड़ी नदियों का अस्तित्व बचा पाना चुनौती है। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि “एक पेड़ मां के नाम” अवश्य लगाये। उन्होंने सभी से पेड़ लगाने का आहवान करते हुए कहा कि ग्राम के लोग यहां पर पेड़ जरूर लगाएं। मॉ नर्मदा के परम भक्त दादा गुरू जी ने भी समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में जनसामान्य के अलावा जन-प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।  

Vi ने कंपनी ने AST SpaceMobile से हाथ मिलाया, जाने क्यों खास है ये पार्टनरशिप

मुंबई  भारतीय सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर में एक और प्लेयर की एंट्री हो रही है. Vi और AST SpaceMobile ने स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का ऐलान किया है. दोनों मोबाइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में काम करेंगे. खासकर उस जगहों पर जो अभी भी कनेक्टेड नहीं हैं. AST SpaceMobile ने हाल में स्पेस ब्रॉडबैंड नेटवर्क टेक्नोलॉजी का डेमो दिखाया है.  कंपनी ने स्पेस से एक स्टैंडर्ड मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पहली वीडियो और वॉयस कॉल की है. इस सफलता ने असल जीवन में कंपनी के स्पेस बेस्ड सेल्युलर ब्रॉडबैंड नेटवर्क की क्षमता को दिखाया है. इस नेटवर्क को ऐसे डिजाइन किया गया है कि आप अपने स्मार्टफोन से सीधे इसे इस्तेमाल कर सकते हैं.  क्यों खास है ये पार्टनरशिप? AST SpaceMobile की एक प्रमुख खासियत नेटवर्क को सीधे स्मार्टफोन से कनेक्ट करना है. इसके लिए आपको किसी स्पेशल सॉफ्टवेयर, डिवाइस सपोर्ट या अपडेट की जरूरत नहीं पड़ेगी. इस स्पेस बेस्ड सेल्युलर ब्रांडबैंड इकोसिस्टम से Vi की मौजूदा कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का ऑप्शन मिलेगा.  दोनों कंपनियों के बीच हुए इस समझौते के तहत AST SpaceMobile का काम डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग और सैटेलाइट नेटवर्क को मैनेज करना होगा. वहीं दूसरी तरफ Vi टेरेस्ट्रियल नेटवर्क इंटीग्रेशन, ऑपरेशन स्पेक्ट्रम और भारत में मार्केट एक्सेस का काम संभालेगी.  इस कोलैबोरेशन से भारत दुनिया के स्पेस टेक्नोलॉजी इनोवेशन में पहली लाइन में पहुंच जाएगा. इसके अलावा Vi और AST SpaceMobile साथ मिलकर अलग-अलग सेक्टर के लिए कमर्शियल ऑफरिंग (कस्टमर्स, एंटरप्राइसेस और IoT एप्लिकेशन) प्लान करेंगे.  सैटेलाइट कनेक्टिविटी है अगला पड़ाव  बता दें कि भारत में Starlink लंबे समय से एंट्री की कोशिश में है. कंपनी को हाल में भारत में अपनी सर्विस शुरू करने के लिए जरूरी लाइसेंस मिल गया है. स्टारलिंग के अलावा जियो और एयरटेल भी भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन लाने के लिए काम कर रहे हैं. जल्द ही हमें स्पेशल के जरिए कनेक्टिविटी मिलने लगेगी, जिससे दूर-दराज के इलाकों में नेटवर्क बेहतर होगा. Jio-Airtel के साथ Starlink का धमाका, बदलेगा भारत का डिजिटल नक्शा अब भारत में भी घर बैठे आसमान से इंटरनेट की सुविधा मिलने वाली है. एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink को भारत सरकार से लाइसेंस मिल गया है. इस कदम को भारत के डिजिटल डेवलपमेंट में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है. देश के संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद इस बात की जानकारी दी और कहा कि ये भारत के लिए कनेक्टिविटी का अगला फ्रंटियर होगा. अब पहाड़ों, जंगलों और गांवों में भी फास्ट इंटरनेट कनेक्शन मिलना पॉसिबल हो जाएगा. सिंधिया और SpaceX की मीटिंग सिंधिया ने Starlink की कंपनी SpaceX की प्रेसिडेंट और COO ग्विन शॉटवेल से मुलाकात की और दोनों के बीच काफी पॉजिटिव बातचीत हुई. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भारत की डिजिटल उड़ान को और ऊंचा ले जाने के लिए सैटेलाइट कम्युनिकेशन में सहयोग के कई अवसर हैं. Starlink क्या है? Starlink एक सैटेलाइट-बेस्ड इंटरनेट सर्विस है, जिसे एलन मस्क की कंपनी SpaceX ने शुरू किया है. ये टेक्नोलॉजी लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में घूमने वाले हजारों छोटे सैटेलाइट्स के जरिए फास्ट और कम लेटेंसी वाला इंटरनेट देती है. Starlink धरती से करीब 550 किलोमीटर ऊपर सैटेलाइट्स से इंटरनेट भेजता है. ये पारंपरिक सैटेलाइट सिस्टम से ज्यादा तेज और भरोसेमंद माना जाता है. इसका खास फायदा दूर-दराज के इलाकों को मिलेगा, जहां फाइबर या मोबाइल नेटवर्क पहुंचना मुश्किल होता है. Airtel और Jio भी Starlink के साथ मार्च 2025 में Jio और Airtel ने Starlink के साथ साझेदारी का ऐलान किया था. अब भारत में Starlink को इन्हीं दोनों कंपनियों के जरिए बढ़ाया जाएगा. Jio Starlink का इंस्टॉलेशन, कस्टमर सपोर्ट और एक्टिवेशन भी देखेगा. Starlink का डिवाइस अब Jio और Airtel के स्टोर्स पर मिलने लगेगा. ये सर्विस खासकर स्कूलों, हॉस्पिटल्स, गांवों और बिजनेस के लिए फायदेमंद साबित होगी.  

उच्च न्यायालय ने पत्नी की बिना सहमति ली गई व्हाट्सएप चैट साक्ष्य के रूप में मंजूर

ग्वालियर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि पति-पत्नी के बीच व्हाट्सएप पर हुई बातचीत को पारिवारिक मामलों में सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। भले ही ये बातचीत बिना किसी एक पार्टनर की मर्जी के हासिल की गई हो। जस्टिस आशीष श्रोती ने ये फैसला एक महिला की याचिका पर दिया। महिला ने फैमिली कोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी थी। फैमिली कोर्ट ने महिला के पति को तलाक के मामले में व्हाट्सएप चैट पेश करने की इजाजत दी थी। कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक मामलों को सुलझाने के लिए किसी भी सबूत को माना जा सकता है, भले ही वो भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत मान्य न हो। ये है मामला ये मामला एक पति-पत्नी से जुड़ा है। उनकी शादी दिसंबर 2016 में हुई थी और अक्टूबर 2017 में उनकी एक बेटी हुई। बाद में पति ने तलाक के लिए अर्जी दी। उसने आरोप लगाया कि पत्नी ने उसके साथ क्रूरता की और उसका किसी और के साथ संबंध है। अपने आरोपों को साबित करने के लिए, पति ने व्हाट्सएप मैसेज पेश किए। उसने बताया कि ये मैसेज उसने पत्नी के फोन में एक हिडन एप्लीकेशन के जरिए निकाले थे। इन चैट से लग रहा था कि पत्नी का किसी और के साथ अफेयर है। पत्नी ने लगाई थी याचिका इसके जवाब में, पत्नी ने हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 9 के तहत याचिका दायर की। उसने कहा कि वो अपने पति के साथ रहना चाहती है। उसने व्हाट्सएप चैट के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई। पत्नी का कहना था कि ये चैट उसकी प्राइवेसी का उल्लंघन है, जो उसे आर्टिकल 21 के तहत मिली है। उसने ये भी कहा कि ये सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम का भी उल्लंघन है। पत्नी के वकील ने कुछ पुराने फैसलों का हवाला दिया, जिनमें कोर्ट ने गैरकानूनी तरीके से हासिल किए गए पर्सनल कम्युनिकेशन को सबूत के तौर पर मानने से इनकार कर दिया था। पत्नी की आपत्तियों को किया खारिज लेकिन हाई कोर्ट ने पत्नी की आपत्तियों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 की धारा 14 के तहत, कोर्ट किसी भी ऐसे मटेरियल को स्वीकार कर सकते हैं जो पारिवारिक विवादों को सुलझाने में मदद करे। भले ही वो भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत मान्य न हो। जस्टिस श्रोती ने कहा कि फैमिली कोर्ट सबूतों के नियमों में थोड़ी ढील देते हैं। क्योंकि पारिवारिक मामले निजी और संवेदनशील होते हैं। वहीं, जस्टिस श्रोती ने सुप्रीम कोर्ट के कुछ पुराने फैसलों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई सबूत गैरकानूनी तरीके से भी हासिल किया गया है, तो भी उसे माना जा सकता है अगर वो मामला से जुड़ा हुआ है और असली है। कोर्ट ने माना कि प्राइवेसी का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन ये पूरी तरह से नहीं है। इसे निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार के साथ संतुलित करना होगा। जस्टिस श्रोती ने कहा कि जब आर्टिकल 21 के तहत दो अधिकार आपस में टकराते हैं- प्राइवेसी और निष्पक्ष सुनवाई- तो निष्पक्ष सुनवाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आर्टिकल 122 का भी जिक्र किया कोर्ट ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 122 का भी जिक्र किया। ये धारा आम तौर पर पति-पत्नी के बीच बातचीत को सुरक्षित रखती है, लेकिन अगर पति-पत्नी के बीच कानूनी विवाद है तो ये लागू नहीं होती। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली, बॉम्बे और राजस्थान जैसे कई हाई कोर्ट ने पारिवारिक मामलों में डिजिटल रिकॉर्ड के इस्तेमाल का समर्थन किया है। सबूत की अभी जांच होगी जस्टिस श्रोती ने ये भी साफ किया कि सबूत को स्वीकार करने का मतलब ये नहीं है कि वो साबित हो गया है। सबूत को अभी भी वेरिफाई करना होगा। उन्होंने फैमिली कोर्ट को कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी। जैसे कि सबूत की सच्चाई की पुष्टि करना, जरूरत पड़ने पर इन-कैमरा सुनवाई करना और मर्यादा बनाए रखना। कोर्ट ने ये भी कहा कि गैरकानूनी तरीके से हासिल किए गए सबूत को स्वीकार करने से उस व्यक्ति को सिविल या क्रिमिनल कार्रवाई से सुरक्षा नहीं मिलती है। फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा कोर्ट ने महिला की याचिका को खारिज कर दिया और फैमिली कोर्ट के अप्रैल 2023 के आदेश को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि सबूत को स्वीकार करने के लिए ये जरूरी है कि वो मामला से जुड़ा हुआ हो, न कि उसे कैसे हासिल किया गया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे सबूत को रोकने से फैमिली कोर्ट एक्ट के मकसद के खिलाफ होगा।

पुरी रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने के नियम, जानें प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी के रथ की खास बातें

पुरी  हर साल ओडिशा में आयोजित होने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा में देश भर से लोग पहुंचते हैं. इस बार जगन्नाथ रथ यात्रा शुरुआत 27 जून से होने जा रही है. पुरी में होने वाले इस उत्सव का महत्व सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि यहां की सांस्कृितक विरासत को दिखाता है, जो टूरिस्टों के आकर्षक का भी केंद्र हैं. अगर आप भी इस साल रथ यात्रा में शामिल होना चाहते हैं तो जानिए यहां कैसे जाएं?  हिंदू पंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि 26 जून दोपहर 1 बजकर 24 मिनट से शुरू होकर 27 जून सुबह 11 बजकर 19 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि के अनुसार, यह पर्व 27 जून को मनाया जाएगा. रथ यात्रा नौ दिनों तक चलेगी और 5 जुलाई 2025 को समाप्त होगी. कैसे जाएं पुरी अगर आप ट्रेन से जाना चाहते हैं तो आपको पुरी रेलवे स्टेशन जाना होगा, जो देश के करीब सभी बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है. वहीं यात्रा के दौरान कई स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाती हैं. पुरी रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी 2 किलोमीटर के करीब है. यहां से आप ऑटो या रिक्शा लेकर जा सकते हैं. अगर आपको हवाई सफर करना है, तो करीबी एयरपोर्ट भुवनेश्वर में है. जो पुरी से करीब 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. एयरपोर्ट से आप बस या टैक्सी की मदद से पुरी तक जा सकते हैं.  पुरी में होटल और धर्मशाला के कई ऑप्शन मौजूद हैं, मंदिर के आसपास कई होटल हैं, जिनका बजट एक हजार से शुरू होता है. वहीं 500 रुपये में आपको धर्मशाला मिल जाएगा. मंदिर में दर्शन का समय सुबह 5 बजे से रात के 9 बजे तक का है. दिन में साढ़े 11 बजे से एक बजे तक भोग और विशेष पूजा के लिए दर्शन बंद रहता है. मंदिर में अगर भीड़ हो तो दर्शन करने में 3 से 4 घंटे का समय लग जाता है. जून और जुलाई के महीने में रथ यात्रा में शामिल होने के लिए दुनिया भर से भक्त यहां आते हैं. रथ यात्रा से 15 दिन पहले मंदिर में दर्शन बंद हो जाता है.   रथ यात्रा के दौरान राज्य सरकार की तरफ से कई इंतजाम किए जाते हैं. पुरी रेलवे स्टेशन के बाहर निशुल्क कैंप भी लगाए जाते हैं जहां तीर्थयात्री रह सकते हैं.  कैसे पहुंचें पुरी? जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल होने के लिए पुरी पहुंचना होगा। पुरी उड़ीसा में स्थित है। आप हवाई मार्ग से सफर कर रहे हैं तो पुरी से सबसे नजदीकी एयरपोर्ट भुवनेश्वर में है। भुवनेश्वर का बीजू पटनाटक इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत के कई शहरों से सीधी उड़ान के माध्यम से जुड़ा है। आप भुवनेश्वर एयरपोर्ट पहुंचकर टैक्सी या बस के जरिए 60 किमी की दूरी तय करके पुरी पहुंच सकते हैं।  बजट में सफर के लिए रेल यात्रा का विकल्प भी अपना सकते हैं। पुरी रेलवे स्टेशन देशभर से जुड़ा हुआ है। पुरी रेलवे स्टेशन से जगन्नाथ मंदिर और रथ यात्रा स्थल की दूरी लगभग ढाई से तीन किमी है। सड़क मार्ग से यात्रा के लिए भुवनेश्वर और कोणार्क से पुरी के लिए नियमित सरकारी और निजी बसें मिलती हैं। NH-316 द्वारा सड़क मार्ग भी सरल है। पुरी रथ यात्रा के लिए टिप्स पहले से बुकिंग रथ यात्रा में भारत ही नहीं विदेश से भी श्रद्धालु आते हैं। रथ यात्रा के दौरान काफी भीड़ होती है और मंदिर के पास के होटल बुक हो जाते हैं। ऐसे में पहले से परिवहन यानी ट्रेन या फ्लाइट का टिकट बुक कर लें। साथ ही होटल या धर्मशाला की बुकिंग भी पहले से ही कर लें ताकि आपको वहां पहुंचने या रहने में असुविधा न हो। मौसम समझें  जून के अंत में पुरी में गर्मी और बारिश दोनों हो सकते हैं। मौसम का पता लगाकर उसके अनुसार ही आरामदायक कपड़े और छाता साथ रखें।  सावधान रहें रथ यात्रा के दौरान भीड़ को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। अगर स्वास्थ्य समस्या है तो दूर से यात्रा देखें। इसके साथ ही अपनी कीमती सामान की देखरेख भी करें।  मोबाइल ऐप का उपयोग रथ यात्रा से जुड़ी सभी जानकारी Shree Jagannatha Dham ऐप पर उपलब्ध रहेगी। इस ऐप से आप दर्शन, लाइन स्थिति, आवास और महाप्रसाद की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रथ यात्रा क्यों निकाली जाती है? पौराणिक मान्यता के अनुसार, एक बार भगवान जगन्नाथ की बहन सुभद्रा ने पुरी नगर दर्शन की इच्छा जताई. तब भगवान जगन्नाथ और बलभद्र ने उन्हें रथ पर बैठाकर नगर भ्रमण कराया और रास्ते में वे अपनी मौसी के घर भी कुछ दिन ठहरे. तभी से यह परंपरा हर साल रथ यात्रा के रूप में निभाई जाती है. रथ यात्रा का महत्व ऐसा माना जाता है कि रथ यात्रा में शामिल होने या इसका साक्षात दर्शन करने से हजार यज्ञों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है. और भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है. पुरी का जगन्नाथ मंदिर चार धामों में से एक है और यह यात्रा भक्तों को मोक्ष की ओर ले जाने वाली मानी जाती है. जानें प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी के रथ की खास बातें जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा भारत की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक है। यह यात्रा हर साल आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से शुरू होती है और दशमी तिथि तक चलती है। इस साल यह यात्रा 27 जून से शुरू होगी। 9 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 5 जुलाई को समाप्त हो जाएगी। जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि जब भगवान जगन्नाथम बलभद्र और सुभद्रा जी की प्रतिमा को रथ में बैठाकर यात्रा निकाली जाती है, तो इसे भक्त खींचते हैं। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ की यात्रा में रथ खींचने वाले भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। आप भी अगर इस साल भगवान जगन्नाथ जी का रथ खींचना चाहते हैं, तो आपको रथ खींचने से जुड़े नियम जरूर जान लेने चाहिए। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा कहां से निकलती है तीन रथों को मोटी रस्सियों से खींचा जाता है। यह रथयात्रा जगन्नाथ मंदिर से गुंडीचा मंदिर तक जाती है। रथों को खींचकर चार किलोमीटर की दूरी तय की जाती है। हर व्यक्ति को रथ खींचने का अवसर मिलता है। कुछ … Read more

मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रूस के उपप्रधानमंत्री अलेक्सी ओवरचुक से मुलाकात कर कई मुद्दों पर की चर्चा

सेंट पीटर्सबर्ग केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को रूस के उपप्रधानमंत्री अलेक्सी ओवरचुक से मुलाकात की और ट्रांसपोर्ट, कनेक्टिविटी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और रेयर अर्थ मेटल जैसे मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देश के दिग्गज लीडर्स के बीच यह मुलाकात रूस के सबसे बड़े शहरों में एक सेंट पीटर्सबर्ग में हुई है। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,”रूस के उपप्रधानमंत्री अलेक्सी ओवरचुक से मुलाकात की। ट्रांसपोर्ट, कनेक्टिविटी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और रेयर अर्थ मेटल सहित सहयोग के प्रमुख मुद्दों को लेकर चर्चा की।” सेंट पीटर्सबर्ग में भारत की कॉन्सुलेट जनरल की ओर से की गई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर की गई पोस्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (एसपीआईईएफ 2025) में भाग लेने के लिए सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे हैं। एसपीआईईएफ 2025, 18 जून को शुरू हो चुकी है और यह 21 जून तक चलेगी। रूस जाने से पहले रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 17 जून को हरियाणा के मानेसर में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड प्लांट में देश के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन किया था। मारुति सुजुकी के प्लांट में नया गति शक्ति कार्गो टर्मिनल ऑटोमोबाइल परिवहन की लॉजिस्टिक्स दक्षता को काफी हद तक बढ़ाता है। मानेसर प्लांट 10 किलोमीटर के रेल लिंक के माध्यम से पाटली रेलवे स्टेशन से जुड़ा हुआ है, जो हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचआरआईडीसी) द्वारा विकसित किए जा रहे 121.7 किलोमीटर लंबे हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर का हिस्सा है। इस 10 किलोमीटर के लिंक के निर्माण के लिए 800 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिसमें एचआरआईडीसी ने 684 करोड़ रुपए का योगदान दिया और शेष राशि मारुति सुजुकी द्वारा दी गई। इस गति शक्ति कार्गो टर्मिनल की लोडिंग क्षमता 4.5 लाख ऑटोमोबाइल प्रति वर्ष के साथ भारत में सबसे अधिक है। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय रेलवे में बड़ा बदलाव आया है। 2014 से पहले भारतीय रेलवे का वार्षिक बजट 24,000 से 25,000 करोड़ रुपए था, जो कि बढ़कर अब 2.5 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

यूपी में पिछले आठ सालों में औसतन हर दिन छह एनकाउंटर हो रहे हैं, 234 अपराधियों को मार गिराया गया

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद से अपराधियों की शामत आई हुई है। पिछले आठ सालों में औसतन हर दिन छह एनकाउंटर हो रहे हैं। इन एनकाउंटर में 234 अपराधियों को मार गिराया गया है। 9202 अपराधी इस दौरान घायल हुए हैं। इनमें से ज्यादातर को पुलिस ने लंगड़ा कर दिया है। गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। बयान के अनुसार आठ सालों में पुलिस के साथ मुठभेड़ की 14,741 घटनाएं हुईं। इनमें 30,293 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। अपराधियों से मुकाबला करते हुए 18 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और 1700 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण के हवाले से बयान में कहा गया कि प्रदेश में सबसे अधिक मुठभेड़ मेरठ ज़ोन में हुई। यहां पुलिस ने 4,183 कार्रवाई की। इनमें 7,871 अपराधी पकड़े गए जबकि 2,839 अपराधी घायल हो गए। इस दौरान 77 कुख्यात अपराधी मौके पर ही मारे गए। इस दौरान 452 पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गयी। उन्होंने कहा कि वाराणसी ज़ोन में मुठभेड़ की 1,041 घटनाएं हुईं, जिनमें 2,009 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया जबकि 26 अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। इस दौरान 605 अपराधी और 96 पुलिसकर्मी घायल हुए। पूरे प्रदेश में वाराणसी जोन मुठभेड़ मामले में दूसरे स्थान पर है। बयान के मुताबिक इस संबंध में आगरा जोन राज्य में तीसरे स्थान पर है। यहां 2,288 मुठभेड़ की घटनाएं हुईं, जिनमें 5,496 अपराधियों को दबोचा गया। इस दौरान 715 अपराधी घायल हुए जबकि 19 अपराधी मार गिराए गए। मुठभेड़ के दौरान 56 पुलिसकर्मी घायल हुए। बयान के मुताबिक योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले आठ वर्ष में राज्य पुलिस ने “अपराधी या तो जेल में होगा या प्रदेश से बाहर” के संकल्प को धरातल पर उतारा। इससे अपराधियों में भय और आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। इसमें कहा गया है कि यही वजह है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है।  

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