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NCERT संघ के सहयोगी के तौर पर काम कर रही : जयराम रमेश

नई दिल्ली  राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पाठ्यपुस्तकों में संशोधन को लेकर विवाद के बीच, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने  आरोप लगाया कि यह संस्था 2014 से आरएसएस की सहयोगी के रूप में काम कर रही है और संविधान पर हमला कर रही है। रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नीट-2024 परीक्षा में कृपांक (ग्रेस मार्क) विवाद के लिए एनसीईआरटी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल एनटीए की अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने की कोशिश है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हालांकि यह सच है कि एनसीईआरटी अब पेशेवर संस्था नहीं रही। यह 2014 से आरएसएस से संबद्ध संस्था के रूप में काम कर रही है। अभी-अभी पता चला कि इसकी 11वीं कक्षा की राजनीति विज्ञान की संशोधित पाठ्यपुस्तक में धर्मनिरपेक्षता के विचार की आलोचना की गई है। रमेश ने कहा, ‘‘एनसीईआरटी का काम किताबें प्रकाशित करना है, राजनीतिक पर्चे जारी करना या दुष्प्रचार करना नहीं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एनसीईआरटी हमारे देश के संविधान पर हमला कर रही है जिसकी प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्षता को स्पष्ट रूप से भारतीय गणतंत्र के मूलभूत स्तंभ के रूप में दर्शाया गया है। उच्चतम न्यायालय के विभिन्न निर्णयों ने स्पष्ट रूप से धर्मनिरपेक्षता को संविधान की मूल संरचना का एक अनिवार्य हिस्सा माना है।’’ रमेश ने कहा कि एनसीईआरटी को याद रखना चाहिए कि ‘‘यह राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद है, ना कि नागपुर या नरेन्द्र शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद।’’ कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया, ‘‘आज इसकी सभी पाठ्यपुस्तकें संदिग्ध गुणवत्ता वाली हैं और मेरे स्कूल के दिनों से बिल्कुल अलग हैं।’’ तृणमूल कांग्रेस के नेता साकेत गोखले ने भी एनसीईआरटी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘बेशर्म राजग 1.0 सरकार’’ छात्रों से कुछ तथ्यों को छिपा रही है और दावा कर रही है कि ये तथ्य ‘‘असहज करने वाले’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस तर्क के हिसाब से तो बच्चों को विश्व युद्ध जैसे अन्य हिंसात्मक घटनाक्रम के बारे में क्यों पढ़ाया जाए।’’ गोखले ने कहा, ‘‘क्या भाजपा और मोदी को अपराधियों तथा दंगाइयों के रूप में अपने इतिहास पर शर्म आती है? छात्रों से सच क्यों छिपाया जाए ?’’ स्कूली पाठ्यक्रम के भगवाकरण के आरोपों को खारिज करते हुए एनसीईआरटी के निदेशक ने कहा कि पाठ्यपुस्तकों में गुजरात दंगों और बाबरी मस्जिद से संबंधित संदर्भों को बदला गया है क्योंकि दंगों के बारे में पढ़ाने से छात्र ‘हिंसक और निराश नागरिक बन सकते हैं’। एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने एक समाचार एजेंसी के संपादकों के साथ बातचीत में कहा कि पाठ्यपुस्तकों में बदलाव वार्षिक संशोधनों के तहत किए गए हैं और इन पर विवाद खड़ा करने की जरूरत नहीं है। सकलानी ने कहा, ‘‘हमें स्कूली पाठ्यक्रमों में दंगों के बारे में क्यों पढ़ाना चाहिए? हम सकारात्मक नागरिकों का निर्माण करना चाहते हैं, ना कि हिंसक और दुखी लोगों का।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब वे बड़े होंगे तो इसके बारे में जान सकते हैं लेकिन स्कूली पाठ्यपुस्तकें क्यों ? जब वे बड़े हो जाएं तब उन्हें समझना चाहिए कि क्या हुआ था और क्यों हुआ था।’’   शिक्षा का निजीकरण कर रही है भाजपा सरकार : कुमारी सैलजा  कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार शिक्षा का निजीकरण कर रही है।सुसैलजा ने बयान में कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद रिक्त पड़े हैं, पर सरकार रिक्त पदों पर भर्ती नहीं कर रही। इससे निजी स्कूलों को बढ़ावा मिल रहा है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिये यह बड़ी समस्या बनती जा रही है क्योंकि उनके बच्चे सरकारी स्कूलों में ही शिक्षा ग्रहण करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे बच्चों को शिक्षा से वंचित रख कर उन्हें और ज्यादा पिछड़े रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के 2300 स्कूलों में 9995 पीजीटी शिक्षकों के रिक्त हैं। इतने पद खाली होने से यह कहा जा सकता है कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था लचर हो चुकी है। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकार ने गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखने का षडय़ंत्र रचा हुआ है। उन्होंने कहा कि यही स्थिति उच्च शिक्षा में बनी हुई है। प्रदेश के 182 कॉलेज में प्रोफेसर के 7986 में से 4618 पद खाली पड़े हैं। इन खाली पदों ने हरियाणा के भविष्य के रास्ते को संकरा एवं अंधकारमय बना दिया है।  

कप्तान शंटो को खुशी है कि उनकी टीम टी20 विश्व कप के सुपर आठ में जगह बनाने में सफल रही

किंग्सटाउन  बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शंटो को खुशी है कि उनकी टीम टी20 विश्व कप के सुपर आठ में जगह बनाने में सफल रही लेकिन वह अपने बल्लेबाजों की खराब फॉर्म से निराश हैं और वह यह भी नहीं जानते कि उनके बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन क्यों नहीं कर पा रहे हैं। बांग्लादेश ने नेपाल को 21 रन से हराकर सुपर आठ में जगह बनाई लेकिन उसकी टीम इस मैच में केवल 106 रन पर आउट हो गई थी जो चिंता का विषय है। शंटो ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें खुशी है कि हम सुपर आठ में खेलने जा रहे हैं लेकिन हमारे बल्लेबाज अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। हमारे गेंदबाजों ने हालांकि पिछले तीन-चार मैच में जिस तरह से गेंदबाजी की उससे वास्तव में मैं बहुत खुश हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि हमारे गेंदबाज अपनी यह फॉर्म बरकरार रखेंगे। बल्लेबाजी इकाई के रूप में हमें उचित रणनीति तैयार करनी होगी ताकि अगले दौर में हमारे बल्लेबाज वापसी कर सकें।’’ शंटो ने स्वीकार किया के वह नहीं जानते कि उनके बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन क्यों नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने हालांकि यह कहने से इनकार कर दिया कि धीमी पिच इसका कारण है। बांग्लादेश की टीम इस टूर्नामेंट में केवल एक बार नीदरलैंड के खिलाफ 150 रन से अधिक स्कोर बना पाई है। शंटो ने कहा, ‘‘मैं उम्मीद कर रहा हूं कि हमारे गेंदबाज प्रत्येक मैच में हमें जीत दिलाएंगे लेकिन बल्लेबाजों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन क्यों नहीं कर पा रहे हैं, हर कोई इसका पता लगाने की कोशिश कर रहा है। हम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं और यह अस्वीकार्य है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विकेट कोई मसला नहीं है। यह ऐसा विकेट है जहां आप 140-150 रन बना सकते हैं। हम ऐसा नहीं कर पा रहे हैं और यह हमारे लिए चिंता का विषय है।’’ बांग्लादेश को सुपर आठ में भारत, ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान के साथ ग्रुप एक में रखा गया है। वह सुपर आठ में अपना पहला मैच गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलेगा। इसके दो दिन बाद वह भारत से और 24 जून को अफगानिस्तान से भिड़ेगा।  

तातबंग के पास इंफाल में आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करने जा रहे 100 से अधिक ट्रकों को लोगों ने रोक दिया

MLA Rameshwar Sharma met Union Minister Manohar Lal Khattar

इंफाल  मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में तातबंग के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर इंफाल में आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करने जा रहे 100 से अधिक ट्रकों को लोगों ने रोक दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। स्थानीय लोगों ने जिरिबाम जिले में हुई हिंसा के विरोध में इंफाल-सिलचर राजमार्ग को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का आह्वान किया है। पुलिस ने कहा, ‘‘इस बंद के समर्थकों में ज्यादातर महिलाएं हैं जिन्होंने जिरिबाम से इंफाल घाटी की ओर जा रहे ट्रकों को रोक दिया।’’ उसने बताया कि ट्रकों को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की सुरक्षा मुहैया कराई गई है। पुलिस ने बताया कि इन ट्रकों में ईंधन, एलपीजी और अन्य आवश्यक सामान है। एक ट्रक चालक के हवाले से एक अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ ने नाकेबंदी के समर्थकों से ट्रकों को जाने देने की अपील की लेकिन वे नहीं माने। जिरिबाम जिले में भड़की हिंसा के विरोध में कुकी जो गांव के स्वयंसेवकों वंगाईलांग और तुइलांगकोल द्वारा 13 जून को राष्ट्रीय राजमार्ग-53 इंफाल सिलचर राजमार्ग पर अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया गया और जिरिबाम और तामेंगलोंग जिले के कुकी महिला संघ ने इसका समर्थन किया है। जिरिबाम जिले में हुई हिंसा में कम से कम दो लोगों की जान चली गई। इसके अलावा, 100 से ज्यादा घर जला दिए गए और 2,000 से ज्यादा लोग बेघर हो गये। छह जून को 59 वर्षीय सोइबाम सरतकुमार सिंह का शव जिरिबाम जिले में मिला था जिसके बाद से जिले में हिंसा भड़क गई। यह जिला अब तक जातीय हिंसा से अछूता था जो पिछले साल मई से मणिपुर में फैली। जिरिबाम में मेइती, मुस्लिम, नगा, कुकी और गैर मणिपुरी लोग रहते हैं। बहुसंख्यक मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में राज्य के पहाड़ी जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च के बाद 3 मई, 2023 को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़क उठी थी। तब से जारी हिंसा में कुकी और मेइती समुदायों तथा सुरक्षा बलों के 220 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।  

हिंदु कुश हिमालय की बर्फ पिघलने से 12 प्रमुख नदी घाटियों के जल प्रवाह का 23 प्रतिशत हिस्सा बनता

नई दिल्ली  हिंदु कुश हिमालय में इस वर्ष बर्फबारी में रिकॉर्ड स्तर की गिरावट के कारण निचले इलकों में रहने वाले लोगों को पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है। एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आयी है। नेपाल स्थित अंतरसरकारी संगठन ‘अंतरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केन्द्र’ (आईसीआईएमओडी) के प्रमुख विशेषज्ञों ने जल प्रबंधन अधिकारियों से सूखा प्रबंधन रणनीतियों और आपातकालीन जल आपूर्ति उपायों को शुरू करने का आग्रह किया है। हिंदु कुश हिमालय क्षेत्र पृथ्वी की सतह पर जमे पानी पर व्यापक रूप से निर्भर करता है, जिसमें बर्फ, पर्माफ्रॉस्ट (ऐसी सतह जो पूरी तरह से जमी हुई होती है), बर्फ के पहाड़, झील और नदियां शामिल हैं। हिंदु कुश हिमालय क्षेत्र में रहने वाले लगभग 24 करोड़ लोगों के लिए यह जमा हुआ पानी ताजे जल का एक महत्वपूर्ण स्रोत है और निचले इलाके में रहने वाले लगभग 165 करोड़ लोगों को इस जमे हुए जल से दूरगामी लाभ होता है। बर्फ पिघलने से हिंदु कुश हिमालय क्षेत्र से उत्पन्न होने वाली 12 प्रमुख नदी घाटियों के कुल जल प्रवाह का लगभग 23 प्रतिशत हिस्सा बनता है। हालांकि इसका योगदान नदी दर नदी अलग-अलग होता है। अमु दरिया के जल प्रवाह में 74 प्रतिशत, हेलमंद के जल प्रवाह में 77 प्रतिशत और सिंधु के जल प्रवाह में 40 प्रतिशत पानी बर्फ पिघलने से आता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस वर्ष पूरे क्षेत्र में बर्फबारी का स्तर सामान्य से लगभग पांचवे हिस्से से भी नीचे है। बर्फबारी में सबसे ज्यादा कमी पश्चिम में हुई है, जहां बर्फ पिघलने से जल आपूर्ति सबसे ज्यादा होती है।  जारी ‘स्नो अपडेट रिपोर्ट- 2024’ के मुताबिक, गंगा बेसिन में बर्फ का स्तर सामान्य से 17 प्रतिशत कम और ब्रह्मपुत्र बेसिन में सामान्य से 14.6 प्रतिशत कम रहा। वहीं हेलमंद नदी बेसिन में बर्फ के स्तर में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई, जहां सामान्य से 31.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी। इससे पहले बर्फ की मौजूदगी का सबसे कम स्तर 2018 में रहा था, जब इसमें 42 प्रतिशत की कमी आई थी। सिंधु बेसिन में बर्फ की मौजूदगी सामान्य से 23.3 प्रतिशत नीचे आ गई है, जो 22 वर्षों में सबसे कम है। वर्ष 2018 में बर्फ की मौजूदगी का स्तर 9.4 प्रतिशत तक पहुंच गया था। मेकांग बेसिन में सामान्य से सबसे कम बदलाव देखने को मिला, जहां बर्फ की मौजूदगी सामान्य से लगभग एक प्रतिशत तक कम रही। आईसीआईएमओडी के विशेषज्ञ और रिपोर्ट के लेखक शेर मोहम्मद ने बताया, ”हमने हिंदु कुश हिमालय में बर्फ की मात्रा और मौजूदगी में कमी की प्रवृत्ति देखी है, जिसमें पिछले 22 वर्षों में से 13 वर्षों में मौसम के दौरान होने वाली बर्फबारी सामान्य से कम दर्ज की गयी।” उन्होंने कहा, ”यह शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरे का एक संकेत है। कम बर्फबारी और बर्फ की मौजूदगी के स्तर में उतार-चढ़ाव के कारण विशेष रूप से इस वर्ष पानी की कमी का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।”    

एआई ऐप ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में 200 में से 170 अंक प्राप्त किये

High Court's decision to come today in Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Mosque dispute

नई दिल्ली कृत्रिम बुद्धिमता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ऐप ‘पढ़ाई’ ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा-2024 का प्रश्नपत्र मात्र सात मिनट में हल करते हुए 200 में से 170 अंक प्राप्त किये। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘पढ़ाई’ द्वारा अर्जित अंक राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 10 स्थानों में शामिल हैं। इस ऐप को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के विद्यार्थियों की एक टीम ने तैयार किया है। दिल्ली के ‘द ललित होटल’ में शिक्षा जगत के अतिथियों, यूपीएससी से जुड़े लोगों और कई मीडिया पेशेवरों की मौजूदगी में रविवार को ऐप के जरिये प्रश्नपत्र को हल किया गया। यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा होने के बाद प्रश्नपत्र को एआई से हल करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। विज्ञप्ति के मुताबिक, पूरे प्रश्नपत्र को हल करने में सिर्फ सात मिनट लगे। विज्ञप्ति में बताया गया कि इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यूट्यूब और ऐप से जुड़ी एक वेबसाइट पर किया गया, जहां प्रश्न और उत्तर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध थे। ‘पढ़ाई’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिकेय मंगलम ने कहा, ”ये पिछले 10 वर्षों में यूपीएससी की परीक्षाओं में अर्जित सबसे ज्यादा अंक हैं। हमारा मानना है कि यह अपनी तरह का पहला आयोजन है लेकिन आने वाले कुछ वर्षों में इस तरह के आयोजन आम हो जाएंगे क्योंकि कई शैक्षणिक संस्थान एआई की मदद से जल्दी और सटीक रूप से प्रश्नपत्रों को हल करने की होड़ में लगे हुए हैं।”  

शिंदे सरकार ने राज्य की नई स्वास्थ्य बीमा योजना MJPJAY लागू करने का फैसला किया

मुंबई  महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने विधानसभा चुनावों से पहले राज्यवासियों को बड़ा तोहफा दिया है। अब राज्य की नई स्वास्थ्य बीमा योजना महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य अभियान (MJPJAY) सभी के लिए लागू करने का फैसला किया गया है। सरकार ने इस योजना के वार्षिक प्रीमियम को 60% बढ़कर 3,000 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया है।  नई योजना 1 जुलाई से लागू होने जा रही है। नई स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत राज्यवासियों को अब डेढ़ लाख की जगह कुल पांच लाख का बीमा कवर दिया जाएगा। 2012 में लॉन्च होने के बाद से इस योजना में यह बड़ा बदलाव है। राज्य सरकार ने हाल ही में इस योजना के लिए निविदा प्रक्रिया का निपटान किया है। इसके लिए सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया एश्योरेंस का चयन किया गया है। राज्य के 12.3 करोड़ परिवारों के लिए सरकार प्रति परिवार 1,300 रुपये का प्रीमियम देगी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2023-24 में 5.7 लाख परिवारों ने इस योजना का लाभ उठाया है। नई योजना लागू होने से पहले बीमाधारकों को इसका लाभ लेने के लिए राशन कार्ड और एक लाख तक सालाना आय का प्रमाण पत्र देना होता था लेकिन अब सरकार ने इस बाध्यता को खत्म कर दिया है और सभी नागरिकों के लिए समान रूप से लागू कर दिया है। अब आय की भी कोई सीमा नहीं रखी गई है।  पहले इस योजना के तहत 1000 अस्पताल इम्पैनल थे लेकिन अब उसे बढ़ाकर 1900 हॉस्पिटल कर दिया गया है। बता दें कि पिछले साल जून में ही उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने MJPJAY की बीमा राशि को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख की घोषणा की थी लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका था। लोकसभा चुनावों से ऐन पहले महाराष्ट्र सरकार ने चुनाव आयोग से इसे लागू करने के लिए पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी। अब जब आदर्श आचार संहिता खत्म हो चुकी है तो सरकार ने इसे अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सरकार के मुताबिक यह योजना अब 1 जुलाई से नए स्वरूप में लॉन्च होने जा रही है।

बीजेपी ने झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए शिवराज सिंह चौहान को प्रभारी बनाया

नई दिल्ली लोकसभा चुनाव 2024 खत्म होते ही भाजपा ने अब विधानसभा चुनावों के लिए तैयारी शुरू कर दी है। महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर राज्य के लिए भाजपा ने चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। सोमवार को पार्टी ने भूपेंद्र यादव को महाराष्ट्र का चुनाव प्रभारी घोषित किया। इसके अलावा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सह-प्रभारी बनाया गया है। वहीं हरियाणा की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मिली है और उनके साथ ही त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लब कुमार देब सह-प्रभारी बनाए गए हैं। इसी साल अक्टूबर में इन दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी ने झारखंड के लिए शिवराज सिंह चौहान को प्रभारी बनाया है। उनके साथ सह-प्रभारी के तौर पर हिमंत बिस्वा सरमा काम करेंगे। जी. किशन रेड्डी को जम्मू-कश्मीर का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। हरियाणा और महाराष्ट्र में कुछ महीनों के अंदर ही चुनाव होने हैं तो वहीं झारखंड में भी अगले साल जनवरी तक इलेक्शन प्रस्तावित हैं। अब तक चुनाव आयोग ने स्पष्ट तौर पर जम्मू-कश्मीर के चुनाव पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन पिछले दिनों ही जल्द ही इलेक्शन कराने की बात कही थी। ऐसे में माना जा रहा है कि महाराष्ट्र और हरियाणा के साथ ही यहां भी चुनाव हो सकते हैं। यही वजह है कि भाजपा तैयारियों में जुट गई है। बता दें कि भूपेंद्र यादव पहले भी कई राज्यों में चुनावी रणनीतिकार के तौर पर काम कर चुके हैं। इसलिए उन्हें महाराष्ट्र जैसे राज्य का जिम्मा मिला है। वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के लिए भी यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वह झारखंड में चुनावी कमान संभालेंगे। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के नतीजे भाजपा की उम्मीदों के अनुसार नहीं आए हैं। ऐसे में विधानसभा इलेक्शन के लिए पार्टी पहले से ही तैयारियों में जुट गई है। राज्यसभा की सदस्य संख्या के लिहाज से भी इन बड़े राज्यों में चुनाव जीतना भाजपा के लिए अहम है। भूपेंद्र यादव को महाराष्ट्र की जिम्मेदारी पार्टी की तरफ से जारी प्रेसनोट में कहा गया कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आगामी विधानसभा चुनाव-महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर के लिए प्रदेश चुनाव प्रभारी एवं सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। पार्टी ने महाराष्ट्र के प्रभारी के रूप में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को जिम्मेदारी सौंपी हैं। उनके साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सह प्रभारी होंगे। हरियाणा संभालेंगे धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, सांसद और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्र बिप्लव कुमार देव राज्य के सह-प्रभारी होंगे। पार्टी ने झारखंड के प्रभारी का दायित्व केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह को सौंपा है। झारखंड के सह-प्रभारी की जिम्मेदारी असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के पास होगी। जी. किशन रेड्डी को जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर के राज्यप्रभारी के रूप में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। हरियाणा में पिछली बार विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 में हुए थे। ऐसे में हरियाणा में इसी साल चुनाव होने हैं। झारखंड विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 5 जनवरी 2025 को खत्म होने वाला है। ऐसे में झारखंड में भी इसी साल चुनाव होंगे।  

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी गिरफ्तार ,पाक से सॉफ्ट टारगेट करने का था हुक्म

 हंदवाड़ा  जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में सुरक्षा बलों और पुलिस ने सयुंक्त रूप से अभियान चलाकर हिजबुल मुजाहिदीन के एक आतंकी को गिरफ्तार किया है। आतंकी को पाकिस्तान में बैठे उसके आकाओं से सॉफ्ट टारगेट करने का हुक्म दिया गया था। हंदवाड़ा के एसएसपी दाऊद अयूब ने जानकारी देते हुए बताया की सुरक्षा बलों और पुलिस ने एक हथियारबंद आतंकवादी को गिरफ्तार किया है जिसकी पहचान जाकिर हमीद मीर के रूप में हुई है। वह हंदवाड़ा के कचरी गांव का रहने वाला है। वह एक पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सोमवार को सुरक्षाबलों के साथ जारी मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने सोमवार सुबह बांदीपोरा जिले के अरागाम गांव को घेर लिया। उन्होंने कहा, “सुरक्षाबलों ने छिपे हुए आतंकवादियों को घेर लिया, जिसके बाद उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। मुठभेड़ में अब तक एक आतंकवादी मारा गया है। मारे गए आतंकवादी की पहचान की जा रही है। इलाके में अभी भी ऑपरेशन जारी है।” इससे पहले, तड़के गांव में कुछ गोलियों की आवाज सुनी गई थी। अधिकारियों ने बताया, “इसके तुरंत बाद, सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और तलाशी शुरू कर दी। इलाके में तलाशी अभियान के दौरान कुछ देर बाद गोलियां चलनी बंद हो गईं।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को सुरक्षाबलों को केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद को कुचलने और एक सुचारू, सुरक्षित तथा घटना-मुक्त अमरनाथ यात्रा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। केंद्र के सख्त निर्देश के मद्देनजर, सुरक्षा बलों से उम्मीद की जा रही है कि वे आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान चलाएंगे।

संजय सिंह ने कहा कि देश में 80 सीटें जिन पर दोबारा वोटों की काउंटिंग हुई तो मोदी सरकार गिर जाएगी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने ईवीएम के मुद्दे को लेकर कहा कि देश में करीब 80 सीटें ऐसी हैं, जिन पर दोबारा काउंटिंग हुई तो मौजूदा सरकार गिर जाएगा। उन्होंने कहा कि ईवीएम को लेकर सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग को कोई सख्त निर्णय लेना चाहिए। अन्यथा यही सिलसिला जारी रहेगा। ईवीएम को लेकर एलन मस्क द्वारा उठाए गए बयान को लेकर संजय सिंह ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका जैसा देश कह रहा है कि ईवीएम बंद होनी चाहिए। हमने कई बार ईवीएम को लेकर मांग उठाई तो मीडिया भी हमारा मजाक उड़ा लेता है लेकिन सवाल यह है कि इससे लोकतंत्र कितना मजबूत होगा। अगर ईवीएम में एक बार नहीं अनेक बार ऐसी घटनाएं हुई तो क्या यह चिंता का विषय नहीं होना चाहिए। संजय सिंह ने आगे कहा, ‘जब बटन किसी एक पार्टी के लिए दबाया जा रहा है और वोट किसी दूसरी पार्टी को जा रहा है। महाराष्ट्र में ईवीएम को ओटीपी उम्मीदवार के साले के मोबाइल पर कैसे जा रहा था। 48 वोट से उसे जीता हुआ घोषित कर दिया। शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के जो उम्मीदवार जीत रहे थे, उन्हें हरा दिया। जबकि पहली काउंटिंग में उद्धव ठाकरे गुट के उम्मीदवार दो हजार से अधिक वोटों से जीते थे। दूसरी बार काउंटिंग में एक वोट से जीते और फिर तीसरी बार में शिंदे गुटे के प्रत्याशी को जीता दिया गया। पूरे देश के अंदर ऐसी कम से कम 80 सीटें है, जिसको लेकर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका भी दाखिल हुई है। अगर ठीक ढंग से काउंटिंग होकर निर्णय आ जाएगा तो मौजूदा सरकार गिर जाएगी। हम सभी ने देखा कि कहीं पर लाइट बंद कराई गई। इस तरह के मामले कई जगह से सामने आए हैं।’  

पित्रोदा के फिर विवादित बोल ,कहा ईवीएम में गड़बड़ी हो सकती है, मैंने स्टडी की है

Buyer-seller meet of food processing producers will be held at Kushabhau Thakre Convention Center

नई दिल्ली लोकसभा चुनाव के दौरान विरासत कर जैसा विवादित प्रस्ताव रखने वाले सैम पित्रोदा ने अब ईवीएम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि ईवीएम की व्यवस्था ठीक नहीं है और पेपर बैलेट सिस्टम से चुनाव कराना ही ठीक है। उन्होंने कहा कि बैलेट की गिनती से हार और जीत का फैसला होना ही सबसे सही व्यवस्था है। सैम पित्रोदा ने एक्स पर लिखा, ‘मैंने 60 साल से ज्यादा वक्त तक इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलिकॉम जैसे सेक्टर में काम किया है। मैंने ईवीएम की व्यवस्था का पूरा अध्ययन किया है। मेरा मानना है कि इनसे छेड़छाड़ हो सकती है। सबसे सही रहेगा कि बैलेट पेपर से ही चुनाव हो और उनकी गिनती से ही हार और जीत का फैसला किया जाए।’ इस बीच ईवीएम को मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट पर हैक किए जाने के आरोपों पर चुनाव आयोग ने भी जवाब दिया है। आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि ईवीएम एकदम अलग चीज है। यह इलेक्ट्रॉनिक या फिर इंटरनेट जैसी किसी चीज से नहीं जुड़ी है। इसके चलते इसे हैक नहीं किया जा सकता। इसके अलावा जैसा दावा किया जा रहा है कि इसे अनलॉक करने के लिए एक ओटीपी की जरूरत है, वह भी गलत है। इस बीच भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि उन लोगों के खिलाफ ऐक्शन लिया जाए, जो ईवीएम को बदनाम कर रहे हैं। बता दें कि एक मीडिया रिपोर्ट से यह विवाद शुरू हुआ था। उसमें दावा किया गया था कि मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से कैंडिडेट रविंद्र वायकर एक रिश्तेदार ने ईवीएम को मोबाइल से कनेक्ट कर लिया था। यह बात 4 जून की है, जिस दिन इलेक्शन के रिजल्ट आ रहे थे। इस चुनाव में रविंद्र वायकर 48 वोटों के मामूली अंतर से ही जीते हैं। इस तरह ऐसा दिखाने की कोशिश की गई थी कि मोबाइल से हैकिंग करके नतीजे को बदला गया। अब इस मामले ने तूल पकड़ा तो चुनाव आयोग ने सफाई दी है और कहा कि ओटीपी जैसा कोई सिस्टम ईवीएम में नहीं है।  

दिल्ली में पानी पर घमासान, इसमें भी हिंदू-मुसलमान! BJP नेता का आरोप

नई दिल्ली भीषण गर्मी के बीच करीब एक महीने से दिल्ली भयंकर जलसंकट का सामना कर रही है। राजधानी के अधिकतर इलाकों में लोग नहाने से पीने तक के लिए पानी की किल्लत झेल रहे हैं। टैंकर आते ही पाइप और बाल्टी-डिब्बे लिए लोग दौड़ पड़ते हैं। पानी पर राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के एक नेता ने इसमें हिंदू-मुसलमान वाला एंगल भी जोड़ दिया है। कभी ‘आप’ का अहम हिस्सा रहे कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल सरकार पानी का बंटवारा धर्म के आधार पर कर रही है। मिश्रा के आरोप पर आम आदमी पार्टी की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कपिल मिश्रा ने एक वीडियो जारी करके आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार हिंदू इलाकों का पानी रोककर मुस्लिम बहुल इलाकों में दे रही है। दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष कपिल मिश्रा ने कहा, ‘दिल्ली में पानी का जो भयानक संकट है उसका सबसे बड़ा कारण है कि इसको कुछ खास इलाकों में बांटा जा रहा है और बाकी दिल्ली का पानी रोका जा रहा है। आपको पानी की किल्लत के जितने भी वीडियो दिख रहे हैं वे गोविंदपुरी, देवली, संगम विहार, भजनपुरा, यमुना विहार, राजेंद्र नगर, आनंद पर्वत, बाहरी दिल्ली इलाकों के हैं, लेकिन सीलमपुर, जाफराबाद, सीमापुरी, पुरानी दिल्ली और जामा मस्जिद इलाकों से ऐसे वीडियो नहीं हैं।’ कपिल मिश्रा ने एलजी से मामले की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार पानी का बंटवारा धर्म के आधार पर कर रही है। उन्होंने कहा, ‘मौजपुर, यमुनाविहार, भजनपुरा, गोकुलपुरी का पानी सीलमपुर के लोगों को दिया जा रहा है, सीमापुरी, बाबरपुर के इलाकों को दिया जा रहा है वह भी खास बस्तियों में जहां मुस्लिम इलाके हैं। ओखला में पानी दिया जा रहा है। पटपड़गंज का पानी अल्लाह कॉलोनी में दिया जा रहा है। त्रिलोकपुरी का पानी रोका जा रहा है। राजेंद्रनगर, करोलबाग, आनंदपर्वत का पानी जामा मस्जिद इलाके में दी जा रही है। ऐसा क्यों क्या जा रहा है। पानी भी धर्म के आधार पर बांटा जाएगा क्या। आपको बकरीद के लिए विशेष व्यवस्था करनी है करिए, लेकिन पानी का बंटवारा इस तरह धर्म के आधार पर करना ठीक नहीं है। मैं उपराज्यपाल जी से अपील करता हूं कि वो जांच कराएं कि क्या खास धर्म के इलाकों का पानी रोककर खास इलाके में भेजा जा रहा है।’  दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और विपक्षी पार्टी बीजेपी के बीच तकरार तेज है। पानी के लिए हाहाकार के बीच अब बीजेपी ने AAP के खिलाफ पोस्टर वॉर छेड़ दी है। दिल्ली बीजेपी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्टर शेयर किया है। इस पोस्टर में टैंकर माफियाओं के बहाने बीजेपी ने आप के दिग्गज नेताओं पर निशाना साधा है। जो पोस्टर बीजेपी ने शेयर किया है उसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आतिशी औऱ दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज की भी तस्वीरे हैं। इस पोस्टर में दिल्ली में पानी की किल्लत और टैंकर माफियाओं की मनमानी को दिखाया गया है। आप के खिलाफ पोस्टर वॉर के अलावा बीजेपी सड़क पर उतर कर भी आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के नेताओं और सांसदों ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर राजधानी में जल संकट के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ शहर भर में प्रदर्शन किया। भाजपा प्रदर्शनकारियों ने गंदे पानी की बोतलें लेकर ‘आप’ सरकार के खिलाफ नारे लगाए और राष्ट्रीय राजधानी में पानी की किल्लत के विरोध में मटके फोड़े। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि नलों से गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होने के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने गीता कॉलोनी में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए दावा किया कि हरियाणा, दिल्ली के हिस्से का पूरा पानी यमुना में छोड़ रहा है। सचदेवा ने आरोप लगाया, ”दिल्ली में आने के बाद पानी को टैंकर माफिया चुरा लेते हैं क्योंकि सत्तारूढ़ ‘आप’ के मंत्री और विधायक उनके साथ मिले हुए हैं।” पार्टी सांसद मनोज तिवारी, बांसुरी स्वराज, रामवीर सिंह बिधूड़ी, प्रवीण खंडेलवाल और योगेंद्र चंदोलिया ने भी विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनों में भाग लिया। जल संकट BJP की देन – AAP इधर आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने सोमवार को आरोप लगाया कि दिल्ली में जल संकट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा प्रायोजित है। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने भाजपा पर राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हमारा मानना ​​है कि प्यासे को पानी पिलाने से ज्यादा पुण्य का काम नहीं होता और पानी रोकने से बड़ा कोई पाप नहीं है।” सिंह ने आरोप लगाया, “मैं कह रहा हूं कि यह भाजपा प्रायोजित जल संकट है। भाजपा चाहती है कि दिल्ली के लोगों को पानी न मिले और वे यह सुनिश्चित करने के लिए सभी षड्यंत्र कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि दिल्ली को हरियाणा से पानी मिलता है और जब भाजपा शासित राज्य आवश्यक पानी नहीं देता है तो पानी की किल्लत हो जाती है। उन्होंने दावा किया, “हमें अपनी मांग के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है। जब हम हरियाणा सरकार से अनुरोध करते हैं तो वह नहीं सुनती। हम उपराज्यपाल से अनुरोध करते हैं लेकिन वे आवश्यक काम नहीं करते।” कुछ सप्ताह से राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में पानी की किल्लत है। जलापूर्ति कम होने या न होने की वजह से लोग परेशान हैं तथा निजी जल टैंकर से पानी ले रहे हैं।  

EOU ने कहा उसे अभी तक एनटीए की ओर से परीक्षा की मूल प्रश्नपत्र की प्रति नहीं भेजी गई

Shock to Bihar government from Supreme Court

पटना  बिहार सरकार की जांच एजेंसी आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने नीट पेपर लीक मामले में बड़ा दावा किया है। ईओयू ने सोमवार को कहा है कि उसे अभी तक एनटीए की ओर से परीक्षा की मूल प्रश्नपत्र की प्रति नहीं भेजी गई है। इस वजह से ईओयू इस मामले की जांच को आगे नहीं बढ़ा पा रहा है। ईओयू की ओर से एनटीए को अबतक तीन बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है लेकिन प्रश्नपत्र की प्रति उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसको लेकर जांच में शामिल अधिकारी भी हैरान हैं। ईओयू के अनुसार 18-19 जून को 9 परीक्षार्थियों से अलग-अलग पूछताछ किए जाने के लिए प्रश्नावली तैयार की गयी है। यह जानकारी ली जायेगी कि परीक्षार्थियों के अभिभावकों से क्या पहले ही ब्लैंक चेक ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान उनके द्वारा परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने की तिथि से लेकर परीक्षा देने के दिन तक की सभी गतिविधियों की जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा नीट परीक्षा को लेकर उन्हें किन-किन स्रोतों से क्या-क्या मदद मिली है, इसको लेकर भी पूछताछ की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इन सभी नौ परीक्षार्थियों को ईओयू द्वारा नोटिस जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है। नीट पेपर लीक मामले में चार परीक्षार्थियों एवं छह परीक्षा माफियाओं को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा चुकी है। इसमें कई अहम जानकारियां भी इन लोगों ने पुलिस को दी है। इसमें प्रश्नपत्र हासिल करने, तैयार उत्तर से मिलान करने और उत्तर याद करने के बाद प्रश्नपत्र को जलाने की बात तक कबूल की गई है।  

फग्गन सिंह कुलस्ते बोले ‘चौथी बार भी MoS नहीं बनना चाहता था, इसलिए मना कर दिया…

भोपाल  मंडला संसदीय सीट से सांसद चुने गए भाजपा नेता फग्‍गन सिंह कुलस्‍ते ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की कैबिनेट में स्‍थान को लेकर बड़ी बात कही है। कुलस्‍ते मप्र की मंडला संसदीय सीट से सात बार के सांसद हैं। नहीं बनना चाहता था राज्‍यमंत्री मीडिया से बातचीत में भाजपा सांसद फग्‍गन सिंह कुलस्‍ते ने कहा कि वे चौथी बार केंद्रीय राज्‍य मंत्री नहीं बनना चाहते थे, इसलिये इस बार इनकार कर दिया। उल्‍लेखनीय है कि इस बार फग्‍गन सिंह कुलस्‍ते को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी है। बीएल संतोष से भी हुई बातचीत बातचीत के दौरान फग्‍गन सिंह कुलस्‍ते ने बताया कि उनकी भाजपा के राष्‍ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से भी इसको लेकर चर्चा हुई है। यह भी कहा कि अगर भविष्‍य में केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्‍वतंत्र मंत्रालय को लेकर विचार किया जाएगा तो सोचा जाएगा। मप्र के बड़े आदिवासी नेता हैं कुलस्‍ते उल्‍लेखनीय है कि फग्‍गन सिंह कुलस्‍ते का नाम मध्‍य प्रदेश के बड़े आदिवासी नेता के रूप में शुमार किया जाता है। उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में राज्‍यमंत्री बनाया जा रहा था, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं थे। कैबिनेट होता तो ठीक था। कुलस्‍ते केंद्रीय मंत्रिमंडल में तीन बार राज्‍यमंत्री रह चुके हैं। अध्‍यक्ष को लेकर कही ये बात जब कुलस्‍ते से यह पूछा गया कि क्‍या भाजपा के मध्‍य प्रदेश अध्‍यक्ष को लेकर परिवर्तन की नौबत आती है तो किसी आदिवासी चेहरे को अवसर दिया जाना चाहिये। इस पर कुलस्‍ते का जवाब था कि यह फैसला पार्टी को ही करना है। इस बार सावित्री ठाकुर को मिला है अवसर मध्‍य प्रदेश से मोदी मंत्रिमंडल में आदिवासी नेता के तौर पर इस बार धार की सांसद सावित्री ठाकुर को अवसर दिया गया है। राज्‍य में भाजपा ने सभी 29 लोकसभा सीटें अपने नाम की हैं। यह दायित्‍व निभा चुके हैं कुलस्‍ते फग्‍गन सिंह कुलस्‍ते मोदी कैबिनेट में पिछली बार ग्रामीण विकास राज्‍यमंत्री बनाए गए थे, जबकि पीएम मोदी के पहले कार्यकाल में उन्‍हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण राज्‍यमंत्री का दायित्‍व मिला था। कुलस्‍ते अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में आदिवासी मामलों और संसदीय कार्य राज्‍य मंत्री भी रह चुके हैं।

जानें कौन है NTA का चेयरमैन , कहां से की पढ़ाई?

Sindhi Panchayat bans funeral feast

नईदिल्ली भारत में इस वक्त नीट परीक्षा को लेकर बवाल मचा हुआ है। कुछ छात्रों को ग्रेस मार्क्स देने को लेकर शुरू हुए इस विवाद में एनटीए द्वारा आयोजित इस परीक्षा में धांधली के आरोप लगे। इसी बीच एनटीए ने ग्रेस मार्क्स को रद्द कर दिया। नीट परीक्षा में शामिल होने वाले 1563 बच्चों को ग्रेस मार्क्स (क्षतिपूर्ति)अंक दिए गए थे। इन सब के बीच एनटीए चेयरमैन भी सुर्ख‍ियों में हैं। एनटीए के अध्यक्ष पर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। साथ ही साथ उनके शिक्षा से लेकर कार्यशैली पर भी लोगों ने प्रश्न चिन्ह लगाए। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि एनटीए के अध्यक्ष कौन हैं। साथ ही साथ उनकी शिक्षा और करियर से जुड़ी तमाम जानकारी हम आपके लिए लेकर आए हैं। कौन हैं NTA के चेयरमैन? प्रो. प्रदीप जोशी हैं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए के चेयरमैन हैं। उन्होंने बतौर एनटीए अध्यक्ष अगस्त 2023 में कार्यभार संभाला था। प्रो. प्रदीप जोशी को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से अगस्त 2023 में एनटीए का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। बता दें, एनटीए के चेयरमैन का कार्यकाल 3 साल का होता है। इस हिसाब से प्रो. जोशी अगस्त 2026 तक इस पद पर रहेंगे। प्रो. जोशी रह चुके हैं यूपीएससी के भी अध्यक्ष एनटीए के अध्यक्ष का पदभार संभालने से पहले प्रदीप जोशी संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के अध्‍यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वो छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग और मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग के भी अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके करियर ग्राफ को देखें तो प्रो. जोशी काफी प्रशासनिक अनुभव वाले व्‍यक्‍ति हैं। प्रो. प्रदीप जोशी उत्‍तराखंड के मूल निवासी हैं प्रोफेसर प्रदीप जोशी मूल रूप से उत्‍तराखंड के अल्मोड़ा के निवासी हैं। हालांकि, उनकी पढ़ाई-लिखाई उत्‍तर प्रदेश के कानपुर से हुई है। प्रो. जोशी के पिता बैंक में कार्यरत थे। जोशी ने साल 1977 में कानपुर विश्वविद्यालय से एसोसिएटेड डीएवी कालेज से कॉमर्स में पोस्‍ट ग्रेजुएशन किया है। साल 1981 में उन्होंने इसी कॉलेज से पीएचडी भी किया है। शिक्षक के रूप में की थी करियर की शुरुआत प्रोफेसर जोशी ने बतौर शिक्षक अपने करियर की शुरूआत की थी। लंबे वक्त तक वो बरेली कॉलेज के वाणिज्य विभाग में कार्यरत रहे। साल 1997 के दौरान वो रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट विभाग के डीन भी रह चुके हैं। साल 2000 से 2006 के दौरान उन्होंने रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी जबलपुर बिजनेस एडमिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के चेयरमैन का पद संभाला। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्‍यक्ष के पद पर भी कार्य किया। साल 2015 से 2020 तक प्रो. जोशी संघ लोक सेवा आयोग के अध्‍यक्ष रहे। साल 2023 के अगस्त में उन्‍हें नेशनल टेस्‍टिंग एजेंसी का चेयरमैन नियुक्त किया गया। एनटीए देश भर में होने वाली सभी प्रमुख परीक्षाओं का आयोजन कराती है। देश की तमाम श‍िक्षण संस्‍थाओं व फेलोश‍िप में दाख‍िले के ल‍िए जांच परीक्षा आयोज‍ित करने की ज‍िम्‍मेदारी इस एजेंसी के जिम्मे है। NTA कैसे संचालित होता है, कैसे चुने जाते हैं अध्यक्ष नीट यूजी 2024 रिजल्ट को लेकर उठे विवाद के बीच एनटीए इन दिनों चर्चा में है. इस विवाद के कारण इस संस्था की विश्वसनीयता पर संकट दिखाई दे रहा है. 1500 से ज्यादा अभ्यर्थियों को ग्रेस मार्क्स देने के कारण अब एनटीए को इन कैंडिडेट्स के लिए दोबारा से परीक्षा आयोजित करनी पड़ रही है. इसके लिए 23 जून की तारीख तय है और 30 जून को नतीजे घोषित किए जाएंगे. वहीं देश भर में NEET UG पेपर लीक होने के आरोप भी एनटीए पर लग रहे हैं. इन विवादों के बीच आइए जानने एनटीए है क्या और किन-किन परीक्षाओं का आयोजन करता है. एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना देश के उच्च शिक्षा संस्थानों में एडमिशन/फेलोशिप के लिए प्रवेश परीक्षाएं कराने के लिए किया गया है. यह एक विशेषज्ञता प्राप्त स्वायत्त संस्था है, जिसकी स्थापना भारतीय संस्था पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत की गई है. इसका उद्देश्य केवल प्रवेश ही नहीं, भर्ती के लिए भी उम्मीदवारों की योग्यता का आकलन करने के लिए पारदर्शी, कुशल और अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर जांच करना है. ये जिम्मा भी एनटीए के पास इसके अलावा एनटीए के पास एजुकेशनल, प्रोफेशनल और टेस्टिंग सिस्टम पर रिसर्च करने का जिम्मा भी है, जिसके जरिए नॉलेज सिस्टम में आने वाले अंतराल का पता लगाया जा सके और उनके बीच की दूरी को खत्म किया जा सके. परीक्षाओं के लिए प्रश्न तैयार करने के लिए यह विशेषज्ञों और संस्थाओं की पहचान करती है. साथ ही साथ यह एजुकेशन और प्रोफेशनल डेवलपमेंट पर रिसर्च और सूचनाओं की जानकारी देती है. ऑनलाइन होती हैं NTA की परीक्षाएं एनटीए सभी टेस्ट ऑनलाइन मोड में आयोजित करता है. इसलिए इसे ऐसे विद्यालयों और विश्वविद्यालयों का चुनाव करना होता है, जहां पर सभी तरह की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों. साथ ही यह भी देखना होता है कि परीक्षा के आयोजन से इन विद्यालयों और विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक दिनचर्या पर कोई प्रभाव न पड़े. एनटीए के पास इस बात का भी जिम्मा है कि वह देश के शिक्षा संस्थानों में समय-समय पर ट्रेनिंग और सलाह दे. यह भी है एनटीए का काम एनटीओ को एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विसेज जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर काम करना होता है. अलग-अलग मंत्रालयों या केंद्र सरकार के विभागों और राज्य सरकारों द्वारा किसी परीक्षा के आयोजन का जिम्मा सौंपे जाने पर उसका संचालन करना होता है. स्कूलों, बोर्ड और दूसरे अन्य निकायों में ट्रेनिंग के साथ-साथ सुधार को सुनिश्चित करना और एडमिशन टेस्ट संबंधी मानकों की समय-समय पर जांच करना भी इसी का दायित्व है. कैसे होता है एनटीए का संचालन? एनटीए का प्रशासन एक गवर्निंग बॉडी के जरिए संचालित होता है, जिसमें एक चेयरपर्सन और एक मेंबर सेक्रेटरी (महानिदेशक) और 8 सदस्य होते हैं. एनटीए चेयरपर्सन की नियुक्ति मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से की जाती है, जो आमतौर पर जाने-माने शिक्षाविद होते हैं. वर्तमान में एनटीए के चेयरपर्सन यूपीएससी के पूर्व चेयरमैन रिटायर प्रोफेसर प्रदीप कुमार जोशी हैं. आईएएस सुबोध कुमार सिंह इसके महानिदेशक यानी सीईओ हैं. इनकी नियुक्ति भी केंद्र सरकार करती है. बोर्ड ऑफ गवर्नर में टेस्ट आयोजित कराने वाले संस्थानों के सदस्य शामिल होते हैं. किन … Read more

पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया की पत्नी का उज्जैन में अंतिम संस्कार

उज्जैन  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज पूर्व केंद्रीय मंत्री व भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड सदस्य सत्यनारायण जटिया की धर्मपत्नी को श्रद्धांजलि अर्पित की। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यनारायण जटिया की धर्मपत्नी कलावती जटिया का 73 वर्ष की आयु में रविवार को निधन हो गया था। वे कुछ महीनों से बीमार चल रही थीं, दिल्ली में उन्होंने अपने आवास पर आखिरी सांस ली। आज सोमवार को उनका पार्थिव शरीर उज्जैन लाया गया। उनके पार्थिव शरीर को ऋषि नगर स्थित निवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। जहां मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पुष्पचक्र अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्ति की। वहीं, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।   कलावती जटिया के अंतिम दर्शन के बाद शहर के गणमान्यजन, समाजजन व भाजपा नेताओं की उपस्थिति में ऋषि नगर विस्तार इंदौर रोड से अंतिम यात्रा निकाली गई। जो विभिन्न मार्गों से होती हुई रामघाट पहुंची, जहां उनके पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया गया। जटिया परिवार पर आए इस दुख के समय में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक, भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय, सांसद अनिल फिरोजिया और अन्य वरिष्ठजनों ने भी शोक व्यक्त किया है। डॉ यादव सुबह जटिया के निवास पहुंचे और उन्होंने जटिया की धर्मपत्नी के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने स्वर्गीय श्रीमती जटिया की पार्थिव देह पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। दिल्ली एम्स में चल रहा था इलाज यहां उनके पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया गया. जटिया परिवार पर आए इस दुख के समय में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक, भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय, सांसद अनिल फिरोजिया और अन्य वरिष्ठजनों ने भी शोक व्यक्त किया है. पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक लंबे समय से कलावती जटिया बीमार चल रही थीं, जिसके चलते उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बता दें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सहित बीजेपी के तमाम नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी कलावती जटिया के निधन पर दुख जताया है. सीएम ने श्रद्धांजलि देते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा था कि “भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री @BJP_DrJatiya जी की धर्मपत्नी श्रीमती कलावती जटिया जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ. बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं. ॐ शांति.”  

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