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सुशासन का एक ही उद्देश्य है अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं को पहुंचाना….विधायक रेणुका सिंह

कंजिया में सुशासन तिहार के तहत विशेष शिविर सम्पन्न, जनप्रतिनिधियों का हुआ सम्मान शिविर में कुल 1348 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें से 1183 आवेदनों का निराकरण किया गया सुशासन का एक ही उद्देश्य है अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं को पहुंचाना….विधायक रेणुका सिंह एमसीबी मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ज़िले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम कंजिया में सुशासन तिहार 2025 के तीसरे चरण के तहत आज विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन 08 अप्रैल से 11 अप्रैल तक चल रहे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा रहा। शिविर की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें समस्त जनप्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के लिये आमंत्रित किया गया। तत्पश्चात  कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए जनप्रतिनिधियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे वातावरण सम्मान और सहभागिता से परिपूर्ण रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों को दी गई। जिसमें बताया गया  कि सुशासन तिहार तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है और यह शिविर वर्तमान में चल रहे तीसरे चरण का हिस्सा है। ग्रामीणों को अवगत कराया गया कि इस शिविर के माध्यम से न केवल शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, बल्कि विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों की स्थिति  जैसे- कि निराकरण, लंबित मामले और शिकायतें – की जानकारी भी साझा की जा रही है। शिविर में कंजिया सहित पतवाही, चाटी, डोगरीटोला, जमथान, घटई, मलकडोल, और  मन्नौढ़ ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी की। इस शिविर ने ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं और शिकायत निवारण प्रणाली से सीधे जुड़ने का अवसर दिया, जिससे शासन और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को बल मिला। शिविर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत ग्राम जल जागरूकता अभियान पर विशेष चर्चा आयोजित की गई। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व और घरेलू जल आपूर्ति से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। साथ ही, लोगों को जल स्रोतों के संरक्षण और जल उपयोग में सतर्कता बरतने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से ‘पानी बचाओ’ की शपथ ली और अपने गांव में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। तत्पश्चात शिविर में उपस्थित सभी विभागों द्वारा अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं, सेवाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। जिसमें क्रमवार रूप से विभिन्न अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं, उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया, पात्रता एवं प्राप्त आवेदनों की स्थिति पर प्रकाश डाला। जो इस प्रकार है शिविर में कुल 1348 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें से 1183 आवेदनों का निराकरण किया गया जबकि 165 आवेदन लंबित हैं। क्रेडा विभाग में 21 आवेदन आये थे, जिसमें सभी का निराकरण किया गया। वही कृषि विभाग के 32 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें पात्र 15 में 9 निरस्त और 8 का निराकरण किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी 62 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 51 का निराकरण किया गया। और 11 जिसका काम अभी प्रोसेस में है, इसके साथ ही मत्स्य विभाग में 02 आवेदन प्राप्त हुए और दोनों आवेदनों का निराकरण किया गया। ,लोक निर्माण विभाग 02 आवेदन प्राप्त हुए, और प्राप्त दोनों आवेदनों का निराकरण किया गया। शिक्षा विभाग से 10 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें सभी का निराकरण किया गया। शिविर में वन विभाग के 06 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें सभी का निराकरण किया गया। छ.ग.रा विद्युत मण्डल 18 आवेदन प्राप्त हुए , जिसमें सभी का निराकरण किया गया। पशुपालन विभाग 15 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें सभी का निराकरण किया गया। इसके साथ ही शिविर में राजस्व विभाग को 132 आवेदन प्राप्त हुए ,जिसमें 130 का निराकरण किया गया और 02 लंबित है। खाद विभाग को 53 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 38 का निराकरण किया गया, और 15 लंबित है। आवास योजना के 173 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 02 शिकायत प्राप्त हुए जिसमें सभी का निराकरण किया गया। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि शेष लंबित आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी ताकि जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि उनके द्वारा किए गए आवेदन कैसे प्रक्रिया में लिए जाते हैं, उनका निराकरण कितने समय में होता है, और किन योजनाओं का लाभ वे आसानी से ले सकते हैं। साथ ही लंबित आवेदनों की स्थिति और आगामी समाधान की प्रक्रिया की भी जानकारी साझा की गई। तत्पश्चात कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व केबिनेट मंत्री भरतपुर सोनहत विधायक श्रीमती रेणुका सिंह का शुभ आगमन हुआ। मंच पर पहुंचते ही रेणुका जी का पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अधिकारी कर्मचारी की कमी होने के कारण सीधा योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं होने की बात कही, इसके साथ ही वन नेशन वन इलेक्शन की और हैंडपंप के खराब होने की बात कहीं साथ ही उसे जल्दी सुधार करने की बात कहीं, इसके साथ ही उन्होंने अपने संबोधन में जाति जनगणना और महिला आरक्षण की बात कहते हुए आदिवासी बहुल क्षेत्र में रोड निर्माण की बात कहीं, और 10वीं एवं 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देने की बात कहीं साथ ही स्कूल के शिक्षकों को 11 हजार और विधायक निधि से 5 लाख रुपये स्कूल में आवश्यक सामग्री एवं स्टैंड निर्माण हेतु देने की बात कहीं इसके साथ ही मुख्यमंत्री मोबाइल टॉवर योजना जिन ग्रामीण क्षेत्रों में टावर नहीं है इन योजनाओं को शीघ्र लाने की बात कहीं तत्पश्चात विधायक महोदया द्वारा 10 पात्र लाभार्थियों को जिसमें दिल कुमारी, बासमती सिंह, राजा राम पाण्डो, कुसुम पाण्डो, सेमवती, दुवसिया, मीना देवी,सुभद्रा पाण्डो, मुन्नी पाण्डो एवं पार्वती को नवीन राशन कार्ड वितरित किए गए। एवं 03 आवास हितग्राही को आवास की चाबी वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा की यह शिविर जनकल्याणकारी शासन की भावना का प्रमाण है। जो इस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। विधायक महोदया जी ने शिविर की सफलता के लिए ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद देते हुए जय हिंद, जय भारत, जय छत्तीसगढ़ के उद्घोष के साथ … Read more

सीहोर के जिला परिवहन अधिकारी रीतेश तिवारी को भोपाल आरटीओ का अतिरिक्त प्रभार, आदेश जारी किये

भोपाल स्कूल बस हादसे में बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद भोपाल आरटीओ जितेंद्र शर्मा को निलंबित किये जाने के बाद अब परिवहन विभाग ने सीहोर के जिला परिवहन अधिकारी रीतेश तिवारी को उनकी जगह जिम्मेदारी सौंपी है, उन्हें भोपाल आरटीओ की जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है। मध्य प्रदेश में इन दिनों तबादलों का दौर चल रहा है इस बीच विभाग प्रशासकीय दृष्टि से भी अधिकारियों की पदस्थापनाएं कर रहे हैं, परिवहन विभाग ने आज दो अधिकारियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से अलग अलग जिलों में पदस्थ किया है उन्हें ये जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है। सीहोर जिला परिवहन अधिकारी को भोपाल का अतिरिक्त प्रभार परिवहन विभाग ने आज गुरुवार 15 मई को आदेश जारी करते हुए खाली पड़े भोपाल आरटीओ पद को अतिरिक्त प्रभार देकर भर दिया है, विभाग ने सीहोर के जिला परिवहन अधिकारी रीतेश तिवारी को भोपाल का नया आरटीओ पदस्थ किया है। इस महिला अधिकारी को नरसिंहपुर जिले की जिम्मेदारी   इसी तरह कार्यालय संभागीय उप परिवहन आयुक्त जबलपुर में पदस्थ सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रमा दुबे को नरसिंहपुर के जिला परिवहन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है, आदेश में कहा गया है ये अतिरिक्त प्रभार प्रशासकीय द्रष्टि स एकिये जा रहे हैं इसलिए दोनों अधिकारी तत्काल कार्यभार ग्रहण करें।

इंदौर में आज शाम 4 बजे सिविल डिफेंस अभियान के अंतर्गत बड़ा गणपति चौराहे से राजबाड़ा तक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी

 इंदौर इंदौर में आज शाम 4 बजे सिविल डिफेंस अभियान के अंतर्गत बड़ा गणपति चौराहे से राजबाड़ा तक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा का आयोजन भारतीय जनता पार्टी द्वारा किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी भाग लेंगे। यात्रा का प्रारंभ बड़ा गणपति चौराहे से होगा और समापन राजबाड़ा पर किया जाएगा। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी इस यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था आठ विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 16 मई को आयोजित इस यात्रा की तैयारी हेतु मार्ग को देशभक्ति के रंगों से सजाया जा रहा है। विधानसभा क्षेत्रवार सजावट की जिम्मेदारी, कार्यकर्ता जुटे तैयारी में तिरंगा यात्रा के मार्ग को सजाने की जिम्मेदारी भाजपा के आठों विधानसभा क्षेत्रों की टीमों को दी गई है। सभी कार्यकर्ता आज बड़ा गणपति चौराहा पर एकत्रित होंगे, जहां से यात्रा आरंभ होगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को उनके हिस्से के मार्ग की सजावट का कार्य सौंपा गया है। इसके लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग समय पर बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें संबंधित क्षेत्र के विधायक, प्रमुख नेता और अधिकृत पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मंडल, वार्ड और बूथ स्तर के कार्यकर्ता भी शामिल हुए और जिम्मेदारियां तय की गईं। 200 से अधिक मंचों की तैयारी, समाजों का मिला समर्थन तिरंगा यात्रा के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग को पूरी तरह देशभक्ति की भावना से सजाया गया है और यह लगभग तैयार हो चुका है। दोपहर तक शेष कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। मार्ग में यात्रा का स्वागत करने के लिए विभिन्न संगठनों द्वारा 200 से अधिक मंचों की तैयारी की जा रही है। भाजपा ने अपने नेताओं से मंच न लगाने का आग्रह किया है। पार्टी द्वारा गठित विशेष टीमें अनाज मंडी, सब्जी मंडी, लोहा मंडी और मजदूर चौक जैसे स्थानों पर जाकर लोगों से संपर्क कर रही हैं। इस यात्रा के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। महू में 18 मई को ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा, ऑपरेशन सिंदूर पर फोकस महू में 18 मई को सुबह 10 बजे एक और ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। भाजपा जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय सैनिकों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें सम्मान देना है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा किए गए कायराना हमले से देश में आक्रोश फैला था, जिसका माकूल जवाब भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दिया। सेना ने आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दुनिया को भारत की शक्ति का परिचय कराया। इस यात्रा में भाग लेने वाले नागरिक ऑपरेशन सिंदूर के प्रतीक चिन्ह वाली तख्तियां लेकर चलेंगे, जिन पर पाकिस्तान विरोधी नारे और भारत माता व भारतीय सेना के जयकारे लिखे होंगे। यात्रा में 90 सामाजिक संगठनों ने भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया है।  

NEET UG के रिजल्ट पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लगाई रोक, NTA को दिए ये निर्देश

इंदौर NEET-UG 2025 परीक्षा के दिन मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के करीब 11 परीक्षा केंद्रों पर बिजली गुल हो गई थी। इस समस्या ने न सिर्फ परीक्षार्थियों को प्रभावित किया, बल्कि परीक्षा केंद्रों की गंभीर लापरवाही को भी उजागर कर दिया। नीट अभ्यर्थियों को अंधेरे में परीक्षा देना पड़ा। ऐसे में कई कैंडिडेट्स को दिक्कत हुई। इस मामले को लेकर एमपी हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अगले आदेश तक रिजल्ट न घोषित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अगले आदेश तक लगाई रिजल्ट पर रोक     गुरुवार को एक याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें परीक्षा के दौरान अव्यवस्था और उम्मीदवारों के साथ अन्याय का मुद्दा उठाया गया था। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की जिम्मेदारी है कि वह परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे। अब हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एक परीक्षा के परिणामों पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक परिणाम घोषित नहीं किए जाएं। यह फैसला उन छात्रों के लिए राहत भरा है जिन्होंने परीक्षा में अव्यवस्था का सामना किया था। NTA को HC का निर्देश हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह माना कि जिन केंद्रों पर परीक्षा के समय बिजली नहीं थी, वहां छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार हुआ। इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। परीक्षा में बिजली गुल हो जाना केवल एक तकनीकी चूक नहीं बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डालने वाला मसला है। कोर्ट ने NTA से यह भी पूछा कि ऐसी स्थिति में उसकी क्या तैयारी थी और कौन जिम्मेदार है? इंदौर खंडपीठ का रुख सख्त MP हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, NEET UG 2025 का रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को आशा की किरण मिली है, जिनका परीक्षा अनुभव तकनीकी कारणों से प्रभावित हुआ। NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस तरह की अव्यवस्था ने एक बार फिर भारत के परीक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली जैसे मूलभूत संसाधन की अनुपलब्धता दर्शाती है कि परीक्षा केंद्रों की तैयारियों में भारी खामी रही। 11 केंद्रों की बिजली चली गई, अंधेरा छा गया इंदौर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 27 हजार छात्रों ने परीक्षा दी। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश और करीब 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने पूरे शहर की बिजली व्यवस्था ठप कर दी। इसके चलते करीब 11 सेंटरों की बिजली चली गई और परीक्षा केंद्रों में अंधेरा छा गया। पेपर तक नहीं पढ़ पा रहे थे, मोमबत्ती जलाई बिजली गुल होने की वजह से कई छात्रों को मोमबत्ती और मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पेपर देना पड़ा। घना अंधेरा होने के कारण बहुत से छात्र प्रश्नपत्र तक ठीक से पढ़ नहीं पाए। परीक्षा के बाद कई छात्र रोते हुए बाहर निकले। प्रभावित अभ्यर्थियों का कहना है कि, उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी की थी, लेकिन खराब व्यवस्था ने उनका भविष्य संकट में डाल दिया। जानकारी के मुताबिक इंदौर के जिन 11 सेंटरों में बिजली गुल हुई, वहां करीब 600 छात्रों की परीक्षा सीधे तौर पर प्रभावित हुई। यह पहला मौका था जब NTA ने शहर के सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए थे। यहां पावर बैकअप का कोई इंतजाम नहीं था। कुछ केंद्रों पर हो चुकी दो बार परीक्षा एक्सपर्ट का कहना है कि ओडिशा में चक्रवात के दौरान 2016 में एनटीए ने प्रभावित बच्चों के लिए दोबारा एग्जाम कराया था। नियमों की गफलत से 2022 में होशंगाबाद सहित कुछ अन्य केंद्रों पर भी ऐसा हो चुका है।

मध्यप्रदेश के 21 जिलों में गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट, कल से लू चलेगी

भोपाल मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश के बीच गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने 17 मई से उत्तरी हिस्से के जिलों में हीट वेव यानी, गर्म हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले शुक्रवार को इंदौर, उज्जैन समेत 21 जिलों में बारिश हो सकती है अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। मौसम विभाग की मानें तो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन की सक्रियता के चलते 19 मई तक राज्य में मौसम बिगड़ा रहेगा। खासतौर पर शुक्रवार से अगले चार दिन तक कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इस बीच कुछ क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि होगी, जबकि उत्तरी जिलों में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा। कहीं बारिश तो कहीं लू का अलर्ट राज्य के 21 जिलों में शुक्रवार को बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 17 मई से उत्तर मध्यप्रदेश के जिलों में लू की स्थिति बन सकती है। खासकर निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जैसे क्षेत्रों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है। हालांकि, भोपाल और ग्वालियर जैसे इलाकों में गर्मी का प्रभाव अभी बना रहेगा। 25 मई से शुरू होगा नौतपा इस साल 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा का असर पहले जैसा तीव्र नहीं रहेगा। हालांकि, इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। आमतौर पर नौतपा को साल की सबसे तपती अवधि माना जाता है, लेकिन इस बार इसका प्रभाव कुछ कम रहने वाला है। अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम     17 मई : शुक्रवार को बुंदेलखंड के निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा। वहीं, प्रदेश के कई अन्य जिलों जैसे नीमच, मंदसौर, इंदौर, उज्जैन, बड़वानी, धार, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, मंडला और सिवनी में बारिश के आसार हैं।     18 मई : शनिवार को छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में एक बार फिर लू का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि इंदौर, देवास, उज्जैन, नर्मदापुरम, बड़वानी, बैतूल, डिंडौरी और अन्य जिलों में तेज आंधी और वर्षा की चेतावनी दी गई है।     19 मई : रविवार को प्रदेशभर में मौसम और अधिक सक्रिय रहेगा। भोपाल, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर सहित 30 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है। वहीं निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का असर बना रह सकता है। एक साथ सक्रिय कई मौसम प्रणालियां दक्षिणी गुजरात में ऊपरी हवा में चक्रवात, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए मध्यप्रदेश तक बनी द्रोणिका और अन्य मौसमी तंत्रों की सक्रियता के चलते पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा। इन सबका संयुक्त प्रभाव आने वाले दिनों में प्रदेश में अस्थिर मौसम की स्थिति बनाए रखेगा। सिवनी में 9 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा बारिश, ग्वालियर-खजुराहो में गर्मी बढ़ी गुरुवार को भी प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और गर्मी वाला मौसम रहा। सिवनी में 9 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिर गया। वहीं, इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। उज्जैन, टीकमगढ़, धार, मंडला में भी बारिश हुई। बैतूल, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, हरदा, अलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, बालाघाट, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर जिलों में रात के समय मौसम बदला रहा। इधर, गुरुवार को कई शहरों में गर्मी का असर देखने को मिला। खजुराहो में 43.4 डिग्री, नौगांव में 42.7 डिग्री, शिवपुरी-रीवा में 42 डिग्री, सतना में 41.6 डिग्री, गुना में 41.3 डिग्री, सीधी में 41.2 डिग्री और उमरिया में पारा 40 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 43 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 37.3 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

टेस्ट में कप्तानी के जसप्रीत बुमराह थे सबसे बड़े दावेदार, ऐसा क्या हुआ जो कट गया पत्ता?

नई दिल्ली जसप्रीत बुमराह को टेस्ट कप्तानी में रोहित शर्मा का स्वाभाविक उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था। दिसंबर-जनवरी में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान 2 मैचों में उन्होंने कप्तानी भी की। रोहित शर्मा के संन्यास के बाद टेस्ट कप्तान के तौर पर बुमराह का पत्ता आखिर क्यों कट गया? कप्तानी की रेस का फ्रंटरनर अचानक रेस से ही बाहर क्यों हो गया? औपचारिक ऐलान तो नहीं हुआ है लेकिन रिपोर्ट बता रहीं कि बीसीसीआई ने शुभमन गिल को रोहित शर्मा का उत्तराधिकारी चुन लिया है। वही गिल जिनकी टेस्ट के प्लेइंग इलेवन तक में पक्की जगह नहीं मानी जाती थी। कम से कम दिग्गज पूर्व क्रिकेटर श्रीकांत का तो यही मानना है। महान सुनील गावस्कर और अनिल कुंबले जैसे एक्सपर्ट भी जसप्रीत बुमराह को टेस्ट कप्तानी सौंपे जाने के पैरोकार थे। हाल ही तक उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने वाले दिग्गज ऑफ स्पिनर आर अश्विन भी उन्हें ही अगला कप्तान देख रहे थे। फिर बुमराह का पत्ता कैसे कटा? इसका कनेक्शन इसी साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट से है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए जसप्रीत बुमराह टीम के उपकप्तान चुने गए थे। पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच में उन्होंने कप्तानी भी क्योंकि नियमित कप्तान रोहित शर्मा उस मैच को नहीं खेल पाए थे। वह दूसरी बार पिता बने थे। बुमराह की कप्तानी में टीम इंडिया ने पर्थ टेस्ट 295 रन के विशाल अंतर से जीता था। वहां जीत के लिए भारत का 47 साल का इंतजार खत्म हुआ था। बुमराह ने सिडनी में खेले गए आखिरी टेस्ट में भी कप्तानी की थी क्योंकि रोहित शर्मा ने खुद को ड्रॉप कर दिया था। मैच के दूसरे ही दिन 4 जनवरी को जसप्रीत बुमराह बैक इंजरी के शिकार हो गए और उसके बाद वह फील्ड पर नहीं लौटे। मैच भी तीन दिन में ही समाप्त हो गया और ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट से जीत हासिल कर ली। सीरीज में भारत की शर्मनाक हार हुई। तब बीसीसीआई ने नए कप्तान पर विचार शुरू कर दिया लेकिन बुमराह की बैक इंजरी उनकी दावेदारी के लिए बहुत बड़ा झटका साबित हुई। उसके बाद बुमराह 3 महीने तक क्रिकेट के मैदान से दूर रहे। चैंपियंस ट्रॉफी में भी हिस्सा नहीं ले पाए। आईपीएल 2025 के शुरुआती मैचों में भी वह नहीं खेल पाए। फिटनेस और चोट की इन्हीं चुनौतियों की वजह से अगले टेस्ट कप्तान के तौर पर बुमराह का पत्ता कट गया। वैसे यह कोई पहली बार नहीं था जब बुमराह इंजरी की वजह से लंबे समय तक क्रिकेट के मैदान से बाहर रहे और आईसीसी टूर्नामेंट तक मिस किया हो। यह वजह है कि चयनकर्ताओं ने कप्तानी के लिए बुमराह से इतर चेहरे को तलाशना शुरू किया। अब ये तलाश गिल के रूप में खत्म होती दिख रही है। उन्होंने आईपीएल में गुजरात टाइटंस के कप्तान के तौर पर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित भी की है। वनडे और टी-20 दोनों में वह टीम इंडिया के उपकप्तान हैं।

मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कर्नल सोफिया कुरैशी से मांगी माफी

भोपाल मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के विवादित बयान को लेकर मध्य प्रदेश में सियासी घमासान मचा हुआ है. शाह के इस्तीफे की मांग पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि वह पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से इस्तीफा मांग ले. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में तिरंगा यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा, “न्यायपालिका ने जो आदेश दिया है, हमारी सरकार ने उसका यथायोग्य तरीके से पालन किया है और न्यायालय जो कहेगा, हम उसके हिसाब से चलते जाएंगे.” उन्होंने विजय शाह के खिलाफ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने और एफआईआर दर्ज करने के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने कोर्ट के निर्देशों का पालन किया है. उधर, कांग्रेस धरना प्रदर्शन कर मंत्री विजय शाह के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है. इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम यादव ने कहा, “कांग्रेस तो करती रहेगी, कांग्रेस सिद्धारमैया से इस्तीफा मांग ले. कांग्रेस के सभी मंत्रियों पर केस चल रहे हैं. कांग्रेस का आचरण देखा था जब चुनाव में केजरीवाल के साथ कदम से कदम मिलाकर चले थे, वो तो मुख्यमंत्री रहते जेल गए थे. कांग्रेस उस समय कहां थी? कांग्रेस को तो बोलने का अधिकार ही नहीं है. कांग्रेस ने जितनी बेशर्मी की हदें पार कीं, आज तक किसी ने नहीं की.” दरअसल, विजय शाह ने इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी इस बयान के बाद कांग्रेस ने शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके बाद इंदौर में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. वहीं, विजय शाह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह दस बार माफी मांगने को तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह कर्नल सोफिया कुरैशी का अपनी बहन से भी अधिक सम्मान करते हैं.    राजभवन के बाहर प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के लिए अपमानजनक टिप्पणियां करने वाले मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह के खिलाफ कांग्रेस विधायकों ने भोपाल में राजभवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. काले कपड़े पहने कांग्रेस विधायकों ने मंत्री विजय शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला. प्रदर्शन से पहले कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मुलाकात की और विजय शाह के इस्तीफे की मांग वाला एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन सौंपने के बाद राजभवन के गेट पर विधायकों ने प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने ‘विजय शाह इस्तीफा दो’ और ‘बीजेपी सरकार शर्म करो’ जैसे नारे लगाए. नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव विजय शाह का इस्तीफा क्यों नहीं ले रहे हैं? विजय शाह ने हमारी वीर बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी की है, जो न केवल सेना का अपमान है, बल्कि देश की बेटियों का भी अपमान है. मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह और उनकी पूरी कैबिनेट शाह के बयान का समर्थन करती है. यदि नहीं, तो तत्काल उनका इस्तीफा लिया जाए.” बता दें कि विजय शाह ने इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ इंदौर के मनपुर थाने में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. इसके बावजूद बीजेपी ने शाह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे कांग्रेस और आक्रामक हो गई है. विधायक आरिफ मसूद ने कर्नल सोफिया कुरैशी से मांगी माफी मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच, भोपाल मध्य के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कर्नल सोफिया कुरैशी को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश की जनता की ओर से माफी मांगी है. विधायक आरिफ मसूद ने अपने पत्र में लिखा, “आदरणीया कर्नल सोफिया कुरैशी जी, जैसा कि आपको विदित होगा, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में आपके प्रति अभद्र टिप्पणी की थी. यह टिप्पणी न केवल एक व्यक्ति विशेष के लिए थी, बल्कि संपूर्ण भारत में सेवारत सेना के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए थी. उनके इस शर्मनाक कृत्य से न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरा भारत शर्मिंदगी महसूस कर रहा है.” पत्र में आगे कहा गया, “प्रतिक्रिया स्वरूप संपूर्ण भारत में भाजपा सरकार के मंत्री के खिलाफ धरना, प्रदर्शन और आंदोलन हो रहे हैं. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है. मुझे इस बात का दुख है कि जिस परिवार के पूर्वजों ने सेना में रहकर देश की सेवा की और देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई, उस परिवार की बेटी पर अभद्र भाषा का उपयोग करने वाले बेशर्म मंत्री से भले ही भाजपा सरकार ने त्यागपत्र नहीं लिया हो, परंतु मैं मध्य प्रदेश की देशभक्त जनता की तरफ से आपसे माफी मांगता हूँ.” पत्र के अंत में उन्होंने लिखा, “जय हिंद, जय भारत.” बता दें कि विजय शाह ने इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद कांग्रेस ने शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके बाद इंदौर में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. वहीं, विजय शाह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह दस बार माफी मांगने को तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह कर्नल सोफिया कुरैशी का अपनी बहन से भी अधिक सम्मान करते हैं.      

भारत का व्यापार घाटा अप्रैल में बढ़कर 26.42 अरब डॉलर हुआ, निर्यात में 9 प्रतिशत की उछाल

नई दिल्ली अप्रैल 2025 में भारत का निर्यात 12.7% बढ़कर 73.80 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि आयात 15.7% की वृद्धि के साथ 82.45 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस वृद्धि ने व्यापार घाटे को 50% बढ़ाकर 8.65 अरब डॉलर कर दिया। भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ आयात निर्यात में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 में भारत का कुल निर्यात 73.80 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुँच गया, जो पिछले साल इसी महीने के 65.48 बिलियन अमरीकी डॉलर से 12.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि आयात और भी तेज़ गति से बढ़ा है, अप्रैल 2025 में कुल आयात बढ़कर 82.45 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो अप्रैल 2024 में 71.25 बिलियन अमरीकी डॉलर से 15.7 प्रतिशत की वृद्धि है। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि हम 2024-25 में 825 बिलियन अमरीकी डॉलर के निर्यात के आंकड़े तक पहुँच गए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा निर्यात है। इससे पता चलता है कि भारतीय निर्यात और निर्यातकों ने अब अपने व्यवसाय में वह लचीलापन हासिल कर लिया है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, निर्यात और आयात में अंतर के कारण, भारत का कुल व्यापार घाटा चालू वर्ष में बढ़कर 8.65 अरब डॉलर हो गया। यह एक साल पहले के 5.77 अरब डॉलर से 50 फीसदी की जबरदस्त तेजी है। बता दें कि मार्च में व्यापार घाटा बढ़कर 21.54 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो फरवरी में तीन साल के निचले स्तर 14.05 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक था। भारत के सभी निर्यात (माल और सेवाएँ) ने भी मार्च 2025 में स्थिर वृद्धि दर्ज की है, जिसमें निर्यात और आयात दोनों में साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गई है। आधिकारिक डेटा के अनुसार कुल निर्यात मार्च 2024 में बढ़कर 73.61 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो मार्च 2024 में 71.71 बिलियन अमरीकी डॉलर था। आयात बढ़ने से बढ़ा व्यापार घाटा इलेक्ट्रॉोनिक का निर्यात 39.52 प्रतिशत से बढ़कर 3.69 हो गया. इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात 11.28 प्रतिशत 9.51 अरब डॉलर का हो चुका है. इसी तरह क्रूड ऑयल में अप्रैल के महीने में आयात 25.6 प्रतिशत इजाफे के साथ 20.7 अरब डॉलर हो गया है. तो वहीं सोने का आयात 4.86 प्रतिशत और बढ़कर 3.09 अरब डॉलर का हो चुका है. आंकड़ों के मुताबिक, सेवा निर्यात का मूल्य अप्रैल के महीने में में 35.31 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने के दौरान 30.18 अरब डॉलर था. जबकि सेवाओं के आयात का अनुमानित मूल्य अप्रैल 2025 में 17.54 अरब डॉलर था, जबकि पिछले साल अप्रैल में ये 16.76 अरब डॉलर था. और बढ़ सकता है एक्सपोर्ट कॉमर्स सेक्रेटरी सुनील बर्थवाल का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि भारत अपने एक्सपोर्ट की रफ्तार इसी तरह से बनाकर रखेगा और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद ये एक अच्छा साल साबित होगा. उन्होंने कहा कि बीस देशों और 6 वस्तुओं पर ध्यान फोकस करने की रणनीति के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं. इसके साथ ही, वाणिज्य मंत्रालय इस पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जल्दी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने जा रहे हैं.

विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह के खिलाफ आज SC में सुनवाई, कोर्ट के रुख पर BJP की निगाहें

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह (Vijay Shah Controversial Remark) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कर्नल सोफिया पर विवादित बयान देने के बाद से वो कानूनी चंगुल में फंस गए हैं। आज सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनावई होनी है। विजय शाह ने कर्नल सोफिया (Colonel Sophia Qureshi) पर विवादित टिप्पणी की तो मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया। विजय शाह ने जब इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, तो सर्वोच्च न्यायालय ने भी इसपर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार बीते दिन सीजेआई बीआर गवई ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। साथ ही उन्होंने मंत्री कुवंर विजय सिंह को भी जमकर फटकार लगाई। मंत्री विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट से अर्जेंट हियरिंग की मांग की थी, जिसे ठुकराते हुए आज (16 मई) की तारीख दे दी गई थी। विजय शाह को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था-     राज्य के कैबिनेट मंत्री जैसे संवैधानिक पद पक बैठे व्यक्ति को बहुत सोच समझकर बोलना चाहिए। आपसे इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती है। आप मंत्री होकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या यह आपको शोभा देता है? जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद एमपी सरकार में मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया को ‘आतंकवादियों की बहन’ कहा था। उनके इस बयान पर सख्त रुख अपनाते हुए एमपी हाईकोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 196 (1)(b) और 197(1)(c) के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया था। विजय शाह ने मांगी माफी मामला गंभीराने के बाद मंत्री विजय शाह ने अपने बयान पर माफी भी मांगी थी। उनका कहना था कि मैं सपने में भी कर्नल सोफिया के बारे में गलत नहीं सोच सकता। सोफिया ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर देश की सेवा की है। मैं उन्हें सलाम करता हूं। अगर जोश में मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया हो तो उसके लिए मैं माफी चाहता हूं। इस्तीफे का बन रहा है दबाव विजय शाह का यह बयान सियासी गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। एमपी सरकार पर विजय शाह को मंत्री पद से हटाने का दबाव बन रहा है। खबरों की मानें तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विजय शाह से मुलाकात की थी। मगर, उन्होंने इस्तीफा देने से साफ मना कर दिया है। अब सबकी नजर आ सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिले में भू-जल स्तर और पेयजल के स्रोतों की उपलब्धता की समीक्षा की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सतत निगरानी एवं समन्वय बनाए रखें। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन,  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने बीजापुर जिले में  भू-जल स्तर और पेयजल के स्रोतों की उपलब्धता की समीक्षा की। कलेक्टर बीजापुर ने बताया कि मांग के अनुरूप नलकूपों की खुदाई करवाई गई है। मुख्यमंत्री साय ने पेयजल की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर भी काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि समर कैंप और ‘बाल शिक्षा मित्र’ जैसे नवाचारों से बच्चों की शिक्षा में रुचि बढ़ी है। मुख्यमंत्री साय ने इन प्रयासों को और अधिक संगठित एवं परिणामोन्मुखी बनाने पर बल दिया। मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने इस सम्बन्ध में बीजापुर और दंतेवाड़ा के कलेक्टरों को रूट चिन्हांकन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए आवास, पुनर्वास और कौशल प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने एनएमडीसी व निजी क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं हेतु प्लेसमेंट कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के तीसरे चरण में स्वयं भागीदारी करते हुए जमीनी सच्चाई का मूल्यांकन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे पूरे किए गए हैं और बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय समुदाय की आर्थिक समृद्धि के लिए उन्हें  उनकी प्रकृति के अनुरूप कार्यों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि अटल सेवा केंद्र का शुभारंभ अनेक पंचायतों में हो चुका है, जिससे अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएँ उनके ही गांवों में सुलभ होंगी। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम भावना से काम करने से ही प्रशासनिक और विकासात्मक लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे इसी भावना से कार्य करते हुए जनता के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध रहें। बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

मंत्री बागरी ने समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये कलेक्टर एवं वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए

डिंडोरी नगरीय विकास एवं आवास तथा डिंडोरी जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने 14 और 15 मई को डिंडोरी जिले का दौरा किया। प्रभारी मंत्री का दो दिवसीय दौरा जिले में विकास की प्रगति के मूल्यांकन और जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर केन्द्रित रहा। इस दौरान उन्होंने अनेक शासकीय कार्यक्रमों में भाग लिया, विभागीय समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की और विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने डिंडोरी में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को कार्य में पारदर्शिता व गति लाने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर सुश्री नेहा मरव्या, पुलिस अधीक्षक श्री वह्नि सिंह, स्थानीय विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रुद्रेश परस्ते, जिलाध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से जुड़ी आदिवासी महिलाओं से भेंट की और उनकी समस्याएँ सुनीं। उन्होंने समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये कलेक्टर एवं वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने अमरपुर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के कार्यक्रम में सम्मिलित होकर 256 नव-विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर प्रति जोड़े 49 हजार रूपये के चेक वितरित किए। इस अवसर पर सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, कलेक्टर, एसपी सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने दूसरे दिन नर्मदा मंदिर डैम घाट से वीर शहीदों की स्मृति में तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में पहलगाम की घटना का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की वीरगाथा सुनाई और कर्नल सोफिया कुरैशी एवं विंग कमांडर व्योमिका सिंह जैसे सैन्य अधिकारियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने नगर परिषद डिंडोरी में अमृत 2.0, कायाकल्प 2.0 और मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना (तृतीय चरण) के अंतर्गत चार विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया जिसमें पार्क सौंदर्यीकरण, सीसी रोड निर्माण जैसे लगभग 8.15 करोड़ रूपये की लागत के कार्य शामिल हैं। उन्होंने ग्राम शहपुर में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना कार्यक्रम में सम्मिलित होकर 188 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद एवं 49 हजार रूपये के चेक वितरित किए गए। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनसमस्याओं के निराकरण को प्राथमिकता दें और सभी विकास कार्यों को समय-सीमा एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें। उन्होंने आमजन से सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं की स्थिति जानी और त्वरित समाधान के लिए प्रशासन को सक्रिय रहने के निर्देश दिए।  

डीजी दलजीत सिंह चौधरी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बीएसएफ कर्मियों के अमूल्य योगदान को लेकर उनकी सराहना की

जम्मू  आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान की फायरिंग के दौरान शहीद हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज़ और कांस्टेबल दीपक चिंगखम की शहादत को अमर करने के लिए अब उन पोस्टों के नाम इन्हीं जवानों के नाम पर रखे जाएंगे. इस बात की घोषणा बीएसएफ के महानिदेशक (डीजी) दलजीत सिंह चौधरी ने जम्मू दौरे के दौरान की. बीएसएफ के डीजी दलजीत सिंह चौधरी ने  जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बीएसएफ कर्मियों के अमूल्य योगदान को लेकर उनकी सराहना की. वीरगति को प्राप्त जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए महानिदेशक ने पलौरा स्थित बीएसएफ मुख्यालय में अमर प्रहरी स्मारक पर शहीद उपनिरीक्षक मोहम्मद इम्तियाज और आरक्षी दीपक चिंगाखम की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित किया. दोनों जवानों ने इस ‘ऑपरेशन’ के दौरान अपनी सीमा चौकी की रक्षा में दुश्मन की भीषण गोलीबारी और गोलाबारी का सामना करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया. बीएसएफ ने ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्र की सेवा में उनके सर्वोच्च बलिदान को शत-शत नमन.” बीएसएफ जम्मू के जवानों को संबोधित करते हुए महानिदेशक ने सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा में बल की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया. उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर सात मई को शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बीएसएफ जवानों के अटूट साहस, बहादुरी, दृढ़ समर्पण और अमूल्य योगदान की सराहना की.  

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के जजों के कामकाज का ऑडिट करने की बात कही

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के जजों के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि कुछ जज जरूरत से ज्यादा ब्रेक लेते हैं। कोर्ट ने हाई कोर्ट के जजों के कामकाज का ऑडिट करने की बात कही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि उन्हें हाई कोर्ट के जजों के खिलाफ कई शिकायतें मिल रही हैं। अब यह देखने का समय है कि उन पर कितना खर्च हो रहा है और वे कितना काम कर रहे हैं। ‘हाई कोर्ट के जज ले रहे बहुत ब्रेक’ सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की बेंच ने हाई कोर्ट के जजों के कामकाज पर टिप्पणी की। जस्टिस कांत ने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘कुछ जज बहुत मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ जज बेवजह कॉफी ब्रेक लेते हैं, कभी यह ब्रेक तो कभी वह ब्रेक। हम हाई कोर्ट के जजों के बारे में बहुत सारी शिकायतें सुन रहे हैं। यह एक बड़ा मुद्दा है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। हाई कोर्ट के जजों का प्रदर्शन कैसा है? हम कितना खर्च कर रहे हैं और आउटपुट क्या है? यह उच्च समय है कि हम एक प्रदर्शन ऑडिट करें।’ झारखंड हाई कोर्ट से जुड़ा है मामला यह टिप्पणी चार लोगों की याचिका पर आई। इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि झारखंड हाई कोर्ट ने 2022 में एक आपराधिक अपील पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। यह अपील सजा और आजीवन कारावास के खिलाफ थी, लेकिन फैसला नहीं सुनाया गया। उनके वकील फौजिया शकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कहने के बाद हाई कोर्ट ने 5 और 6 मई को फैसला सुनाया। फैसले में चार में से तीन लोगों को बरी कर दिया गया। आखिरी मामले में अलग-अलग फैसला आया और इसे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेज दिया गया। याचिकाकर्ता को जमानत मिल गई। शकील ने कहा कि फैसले के बाद भी बरी किए गए लोगों को जेल से रिहा नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने फैसले में यह नहीं बताया कि आदेश कब सुरक्षित रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताई और झारखंड सरकार के वकील को दोपहर के भोजन के ब्रेक से पहले उन्हें तुरंत रिहा करने के लिए कहा। कोर्ट ने मामले को दोपहर 2 बजे के बाद पोस्ट कर दिया। वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दोषियों को रिहा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट से रिहाई के आदेश नहीं मिलने के कारण देरी हुई। ‘फैसले सुनाने की समयसीमा का पालन करना होगा’ बेंच ने कहा कि इस अदालत द्वारा पहले निर्धारित फैसले सुनाने की समयसीमा का पालन करना होगा। इसके साथ ही, इस अदालत द्वारा प्रस्तावित तंत्र का भी पालन करना होगा। बेंच ने रजिस्ट्री को हाई कोर्ट से डेटा एकत्र करने और मामले को जुलाई में पोस्ट करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि पहले जो समय तय किया गया था, फैसले सुनाने के लिए, उसका पालन करना होगा। कोर्ट एक तरीका भी बताएगा जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके। कोर्ट ने रजिस्ट्री को कहा कि वह सभी हाई कोर्ट से जानकारी जुटाए और मामले को जुलाई में फिर से सुनेगा।  

आज फिर एक धमकी भरा मेल सामने आया, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जान से मारने की धमकी, फैली सनसनी

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बार फिर सनसनी फैल गई है। खेल विभाग और एसएमएस स्टेडियम को लगातार मिल रही धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार 15 मई को फिर एक धमकी भरा मेल सामने आया है, जिसमें सीधे तौर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और खेल परिषद के सचिव नीरज के पवन को जान से मारने की धमकी दी गई है। इस बार मेल का अंदाज और भी ज्यादा खौफनाक और चौंकाने वाला है। धमकी देने वालों ने मेल में लिखा है कि वे नीरज के पवन की बेरहमी से हत्या कर देंगे और उसके टुकड़े करके सूटकेस में बंद कर फेंक देंगे। यही नहीं, मेल में यह भी दावा किया गया है कि अगर वे पकड़े जाते हैं तो अपनी मानसिक स्थिति खराब होने का बहाना बनाकर बच निकलेंगे। उनका कहना है कि उन्होंने पहले से ही मानसिक स्थिति का फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करवा लिया है। मेल में पुलिस को भी चुनौती दी गई है कि वह चाह कर भी उन्हें नहीं पकड़ सकती, क्योंकि वे “मासूम चेहरा” बनाकर सिस्टम को गुमराह कर देंगे। इस मेल के सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस अब मेल के आईपी एड्रेस को खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मेल कहां से भेजा गया। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि इससे पहले जो मेल भेजे गए थे, उनकी लोकेशन कर्नाटक की पाई गई थी। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में लगातार धमकियों का सिलसिला जारी है। 8 मई को पहली धमकी एसएमएस स्टेडियम को उड़ाने को लेकर आई थी। फिर 12 मई, 13 मई और 14 मई को भी धमकी भरे मेल सामने आए। 14 मई को तो एक ही दिन में दो मेल आए। अब 15 मई को ताजा धमकी के साथ पूरे राज्य में चिंता और खौफ का माहौल है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और साइबर टीम लगातार मेल भेजने वाले का सुराग लगाने में जुटी है। मुख्यमंत्री और सचिव स्तर के अधिकारियों को धमकी मिलना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी ने भी तुर्की से तोड़ा नाता, बहिष्कार करने की मांग और सभी तरह के रिश्ते तोड़ने की बात कही

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के दौरान पड़ोसी देश का साथ देने वाले तुर्की के खिलाफ फिलहाल देश में भावनाएं चरम पर हैं। लोग उसका बहिष्कार करने की मांग करते हुए उससे सभी तरह के रिश्ते तोड़ने की बात कह रहे हैं। इसी बीच जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विवि) के बाद अब दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने भी तुर्की सरकार के साथ हुए किसी भी तरह के समझौते को फिलहाल निलंबित करने की घोषणा की है। इस बारे में नई दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विश्व विद्यालय ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘नई दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया ने राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों के चलते तुर्की गणराज्य की सरकार से संबद्ध किसी भी संस्थान के साथ हुए किसी भी समझौता ज्ञापन (MoU) को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। जामिया मिलिया इस्लामिया राष्ट्र के साथ मजबूती से खड़ा है।’ इस बारे में जानकारी देते हुए जामिया मिलिया इस्लामिया की जनसंपर्क अधिकारी प्रोफेसर साइमा सईद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘जामिया ने तुर्की के किसी भी शैक्षणिक संस्थान और प्रतिष्ठान के साथ सहयोग को निलंबित कर दिया है। हम सरकार और देश के साथ खड़े हैं और अगली सूचना तक सब कुछ निलंबित है।’ इससे एक दिन पहले नई दिल्ली स्थित जेएनयू ने भी तुर्की के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को निलंबित कर दिया था। जेएनयू और इनोनू विश्वविद्यालय के बीच तीन वर्ष की अवधि के लिए तीन फरवरी को MoU पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें अन्य शैक्षणिक सहयोगों के अलावा संकाय और स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रमों की योजनाएं भी शामिल थीं। एमओयू को स्थगित करने का फैसला भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की पृष्ठभूमि में लिया गया है। चार दिन तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान ने 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी। बता दें कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाते हुए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच एक सैन्य संघर्ष भी हुआ, जिसके दौरान मुस्लिम देश तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए उसे सैन्य मदद प्रदान की थी।

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