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उज्जैन में महापौर चुनाव पर कोर्ट का फैसला, 2022 चुनाव से कुर्सी पर मंडराया संकट

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उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन महापौर चुनाव को लेकर एक बड़ा फैसला आया है।  उज्जैन महापौर चुनाव 2022 को लेकर कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए चुनाव याचिका को सुनवाई के काबिल माना है। अब इस फैसले से महापौर की कुर्सी पर संकट गहरा सकता है। दरअसल ये फैसला उज्जैन नगर निगम महापौर चुनाव 2022 से जुड़े विवाद को लेकर आया है। फैसले से सियासी हलचल भी तेज है। प्रधान जिला न्यायाधीश की अदालत ने चुनाव याचिका को सुनवाई योग्य मानते हुए महापौर, निर्दलीय प्रत्याशी के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी की आपत्तियों को खारिज कर दिया है। इस फैसले से अब चुनाव याचिका पर सुनवाई का रास्ता भी साफ हो गया है। चुनाव में वैध मतों को अस्वीकृत करने का लगा था गंभीर आरोप दरअसल ये सारा विवाद 60 वैध मतों को लेकर है जो अनुचित रूप से अस्वीकृत कर दिए गए थे। याचिका के अनुसार रिटर्निंग ऑफिसर ने पहले तो आश्वासन दिया कि यदि आंकड़े गलत पाए गए तो दोबारा से गिनती होगी।  लेकिन बाद में मांग नहीं मानी गई और कोई गिनती नहीं कराई गई।  सबसे गंभीर और बड़े आरोप मतदान केंद्र क्रमांक 274 को लेकर है। दावा किया गया है  कि वहां परमार को 277 मत मिले थे, लेकिन रिकॉर्ड में 217 मत दर्शाए गए। जिसको लेकर काफी विवाद हुआ था। कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार की  923 मतों से हुई थी हार महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार ने परिणाम को चुनौती दी है। नतीजों के अनुसार परमार को 1,33,317 तो भाजपा प्रत्याशी मुकेश टटवाल को 1,34,240 मत मिले थे। कांग्रेस प्रत्याशी परमार ने आरोप लगाया कि मतगणना के बाद घोषित आंकड़े असत्य थे और उन्होंने लिखित रूप से पुनर्मतगणना की मांग की थी। महापौर मुकेश टटवाल, निर्दलीय प्रत्याशी बाबूलाल चौहान के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी एवं रिटर्निंग ऑफिसर ने आवेदन देकर याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज करने की मांग की थी। अदालत ने इन दलीलों को अस्वीकार कर दिया है और कहा है कि साक्ष्यों के आधार पर ही असलियत का पता लगेगा।अदालत ने साफ किया कि बिना साक्ष्य के यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि याचिका झूठी है या निराधार है। लिहाजा इस फैसले के बाद महापौर की कुर्सी पर सियासी संकट गहराने लगा है।

महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, जय श्री महाकाल के जयकारों से गूंजा शहर

Mahakal Ujjain

On Mahashivratri, devotees gathered to have darshan of Baba Mahakal, the city echoed with chants of Jai Shri Mahakal. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उज्जैन में बाबा महाकाल का विशेष भस्मारती समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर के पट रात 2.30 बजे से खोले गए, जो 44 घंटे तक लगातार खुले रहेंगे। महाशिवरात्रि पर मंदिर में लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन की उम्मीद है। देशभर में शिवरात्रि की धूम है, लेकिन उज्जैन में इसका विशेष महत्व है। यहां भस्मारती, विशेष श्रृंगार और शिव नवरात्रि जैसे आयोजन होते हैं। इस अवसर पर सेहरे का प्रसाद भी बांटा जाता है, जिसे लोग बहुत शुभ मानते हैं। पंचामृत अभिषेक और भस्मारतीमहाशिवरात्रि के मौके पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह 2.30 बजे बाबा महाकाल का विशेष पंचामृत अभिषेक किया गया और भस्मारती की गई। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे। मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल के दर्शन का विशेष महत्व है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। भस्मारती से पहले बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक हुआ। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और खांडसारी शक्कर शामिल थे। इसके बाद बाबा को चंदन का लेप लगाया गया और सुगंधित द्रव्य अर्पित किए गए। बाबा को उनकी प्रिय विजया (भांग) से श्रृंगारित किया गया और श्वेत वस्त्र पहनाए गए। झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के बीच भस्मारती संपन्न हुई, जिसे देखकर भक्त भाव-विभोर हो गए। सेहरा सजावट और भस्मारतीशिवरात्रि के अगले दिन बाबा का सेहरा सजाया जाता है और दोपहर में भस्म आरती की जाती है। यह साल में केवल एक बार होता है। बाबा के सेहरे को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। लोग इसे बहुत शुभ मानते हैं और सेहरे के फूल-पत्तियों को संभालकर रखते हैं। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति और धन-धान्य की वृद्धि होती है। मंदिर में दिनभर की पूजा-अर्चनाभस्मारती उपरांत दद्योदक आरती और भोग आरती के बाद दोपहर 12 बजे उज्जैन तहसील की ओर से पूजन-अभिषेक संपन्न हुआ। शाम 4 बजे होल्कर और सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन और सायं पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकालेश्वर की नित्य संध्या आरती हुई। रात्रि में 8 बजे से 10 बजे तक कोटितीर्थ कुण्ड के तट पर विराजित श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन, सप्तधान्य अर्पण और पुष्प मुकुट श्रृंगार (सेहरा) के बाद आरती की गई। रात्रि 10.30 बजे से सम्पूर्ण रात्रि भगवान महाकालेश्वर का महाअभिषेक संपन्न हुआ। इसमें 11 ब्राह्मणों द्वारा रूद्रपाठ और विभिन्न मंत्रों के माध्यम से अभिषेक किया गया। भस्म लेपन, पंचामृत पूजन और पांच प्रकार के फलों से अभिषेक के बाद, भगवान को नवीन वस्त्र पहनाए गए और सप्तधान्य अर्पित किया गया। भगवान महाकालेश्वर को चंद्र मुकुट, छत्र, त्रिपुंड और अन्य आभूषणों से श्रृंगारित किया गया। सेहरा आरती के दौरान भगवान को विभिन्न मिष्ठान्न, फल और पंच मेवा का भोग अर्पित किया गया। 16 फरवरी 2026 को सुबह सेहरा दर्शन के उपरांत दिन में 12 बजे भस्मारती संपन्न होगी। इसके बाद भोग आरती होगी और शिवनवरात्रि का पारणा किया जाएगा।

उज्जैन में चौड़ीकरण के विरोध में पोस्टर वॉर, ‘विकास’ नहीं ‘विनाश’ के खिलाफ नारे

 उज्जैन मध्य प्रदेश में बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन इन दिनों विकास और जन-आक्रोश के दोराहे पर खड़ी है। उज्जैन में इन दिनों सिंहस्थ 2028 को लेकर कई विकास कार्य किए जा रहे हैं जिसमें सड़क चौड़ीकरण के साथ क्षिप्रा नदी के घाटों पर भी निर्माण कार्य चल रहा है। हालांकि सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आ रही कॉलोनी के मार्ग के आसपास बसे 200 घरों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यहां MR-4 मार्ग चौड़ीकरण के प्रशासन के 24 मीटर वाले फॉर्मूले के खिलाफ ‘पोस्टर वॉर’ शुरू हो गया है। 190 परिवार सड़क पर उतर गए हैं और घरों की दीवारों पर दर्द भरे पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हम विकास से नहीं विनाश के खिलाफ सड़क पर उतरे हैं। उन्होंने घर की दीवारों पर पोस्टर लगाकर प्रभावित परिवारों के लिए सरकार से राहत की गुहार लगाई है। प्रभावित परिवारों ने अब जनप्रतिनिधियों और शासन से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए 15 मीटर के समझौते को स्वीकार करता है या फिर विकास का पहिया इन आशियानों के ऊपर से होकर गुजरता है। आर-पार की लड़ाई का ऐलान उज्जैन शहर में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच प्रशासन द्वारा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे MR-4 मार्ग चौड़ीकरण अभियान ने अब एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामला MR-5 मार्ग का है, जहां राणकेश्वर धाम से गाड़ी अड्डा और क्षिप्रा नदी के बड़े पुल तक होने वाले निर्माण ने दारू गोदाम, अमर नगर और प्रीति नगर के निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है। प्रशासन जहां इस मार्ग को 24 मीटर चौड़ा करने की योजना पर अडिग है, वहीं स्थानीय रहवासियों ने इस प्रस्ताव के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। विरोध का आलम यह है कि क्षेत्र की गलियों में अब सन्नाटे के बजाय नारों और पोस्टरों की गूंज है। दुकानों और घरों के बाहर चस्पा किए गए पोस्टरों पर लिखा है, “हम विकास के नहीं, विनाश के खिलाफ” हैं। महिलाओं और बुजुर्गों की आंखों में आंसू अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी से घर बनाने वाली महिलाओं और बुजुर्गों की आंखों में आंसू हैं। एक स्थानीय महिला ने रोते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की कि “हमने अपनी गाढ़ी कमाई इन मकानों में लगा दी है, अगर ये टूट गए तो हम सड़क पर आ जाएंगे। हम विकास चाहते हैं, लेकिन अपनों की बर्बादी की कीमत पर नहीं।” क्या है मामला वर्तमान में इस प्रस्तावित मार्ग के अलग-अलग हिस्सों में 15, 18 और 24 मीटर चौड़ाई तय की गई है, जिसे लेकर भ्रम और भय की स्थिति बनी हुई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे सिंहस्थ के महत्व को समझते हैं और विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर घरों को पूरी तरह जमींदोज करना न्यायसंगत नहीं है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्पष्ट किया कि वे 15 मीटर चौड़ीकरण के लिए सहर्ष तैयार हैं, जिससे मार्ग भी सुगम होगा और लोगों के आशियाने भी बच सकेंगे। लोगों का तर्क है कि यदि 24 मीटर का पैमाना लागू हुआ, तो लगभग 150 से 200 परिवार पूरी तरह बेघर हो जाएंगे।  

एकता कपूर ने किए महाकाल के दर्शन, उज्जैन पहुंचकर साझा किया आध्यात्मिक अनुभव

उज्जैन उज्जैन महाकाल के दर्शनों के लिए बडी से बडी हस्तियां पहुंचती ही रहती हैं।  इसी कड़ी में प्रसिद्ध टेलीविजन सीरियल निर्माता और फिल्म प्रोड्यूसर एकता कपूर आज अपनी टीम के साथ विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। उन्होंने अपनी आगामी वेब सीरीज ‘लॉकअप’ की सफलता की कामना को लेकर बाबा महाकाल के दरबार में विधिवत पूजन-अर्चन किया। एकता कपूर ने नंदी हॉल से भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न की। इस दौरान दर्शनों के पश्चात उन्होंने “जय श्री महाकाल” का उद्घोष भी किया, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में गूंज उठा। इस अवसर पर एकता कपूर के साथ फिल्म एवं टीवी जगत की जानी-मानी अभिनेत्रियां दीपशिखा नागपाल, नीलम कोठारी, विद्या मालवदे, सीमा किरण सचदेव एवं पूजा भी उपस्थित रहीं। सभी अभिनेत्रियों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और मंदिर की दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा को अनुभव किया। मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से एकता कपूर एवं उनके साथ आई सभी अभिनेत्रियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत एवं सत्कार किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें बाबा महाकाल की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया और सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन के बाद एकता कपूर ने कहा कि उज्जैन आकर बाबा महाकाल के दर्शन करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। उन्होंने विश्वास जताया कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से उनका नया प्रोजेक्ट दर्शकों का भरपूर प्रेम प्राप्त करेगा। इस धार्मिक यात्रा ने न सिर्फ टीम को मानसिक शांति दी, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा से भी भर दिया।  

शिव-विवाह उत्सव की तैयारियां पूरी, उज्जैन में बाबा महाकाल नौ स्वरूपों में देंगे दर्शन

उज्जैन  महाशिवरात्रि में कुछ ही दिन का समय शेष बचा है। लेकिन शिव और पार्वती के विवाह के इस त्योहार को लेकर उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर में तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। मंदिर की दीवारों से लेकर शिखर पर रंग-रोगन किया जा रहा है। इसी के साथ 6 फरवरी से मंदिर में 9 दिनों तक चलने वाले उत्सव की शुरुआत होगी, जिसमें बाबा भक्तों को नौ अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे। बाबा महाकाल की नगरी में महाशिवरात्रि का त्योहार 9 दिन तक चलता है, जो 6 फरवरी से शुरू होगा और 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें रोजाना भगवान का रुद्राभिषेक, 24 घंटे निराकार रूप में दर्शन और जलधारी, रात के समय स्नान और वस्त्र धारण का कार्यक्रम रहेगा। साथ ही अलग-अलग नौ विग्रहों की स्थापना और पूजा की जाएगी। ये नौ दिन भगवान की पूजा नवरात्रि के नौ दिनों जैसी होती है। भक्तों के लिए मंदिर भी खुले रहेंगे और भक्त बाबा महाकाल पर जलधारी अर्पित कर पाएंगे। महाकाल मंदिर के पुजारी पं महेश शर्मा ने बताया कि पहले दिन बाबा का दुशाला ओढ़ाकर श्रंगार होता है और फिर दूसरे दिन बाबा को शेषनाग धारण कराए जाते हैं। तीसरे दिन घटाघटा स्थापित किया जाता है, जो शिवलिंग के समान ही होता है। चौथे दिन प्रभु के छवि दर्शन होते हैं और पांचवें दिन बाबा को मन-महेश, उमा महेश, शिव तांडव और होलकर के रूप में सजाया जाता है। इस वर्ष 15 फरवरी को होने वाली खास पूजा और अनुष्ठान पर पुजारी पं महेश शर्मा ने बताया कि 15 फरवरी को जलधारी के साथ चारों पहर की पूजा और आरती होगी और रात के समय स्नान के साथ बाबा को दूल्हे के रूप में श्रंगार कर सजाया जाएगा और रात को विशेष श्रंगार पूजा होगी, जिसे सेहरा दर्शन भी कहा जाता है। इस दौरान नौ दिनों तक मंदिर परिसर में भजन और कीर्तन का आयोजन होगा और भक्तों के आगमन के लिए तैयारियां की जा रही हैं क्योंकि महाशिवरात्रि के दिन मंदिर में भीड़ बढ़ जाती है। मंदिर में हो रही तैयारी पर उन्होंने कहा कि गर्भगृह की सफाई, मंदिर के कुंड़ों की सफाई और रंग-रोगन का काम शुरू हो चुका है, जिसे 6 फरवरी तक खत्म करने की कोशिश रहेगी। अधिकारियों ने देखी व्यवस्था महापर्व 2026 के अवसर पर ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुगम बनाए जाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह द्वारा आज श्री महाकालेश्वर मंदिर परिक्षेत्र एवं श्री महाकाल लोक के आंतरिक एवं बाह्य क्षेत्रों का विस्तृत भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान रोशन कुमार सिंह ने दर्शन मार्ग, श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं तथा भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही मंदिर परिसर एवं श्री महाकाल लोक में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया गया तथा संबंधित निर्माण एजेंसियों को कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए, जिससे महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस अवसर पर मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक, अतेंद्र सिंह एडीएम उज्जैन अभिलाष मिश्रा आयुक्त नगर पालिका निगम एवं संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि, मंदिर अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

उज्जैन में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 50 लाख की अवैध शराब को रौंदा, 7 थानों की पुलिस रही खड़ी

उज्जैन  महाकाल की नगरी उज्जैन में शराबबंदी है। उज्जैन नगर निगम क्षेत्र में शराब की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित है। शराबबंदी के बाद पहली बार उज्जैन में 50 लाख रुपए की शराब को नष्ट किया गया है। इस पर बुलडोजर दौड़ाया गया है। उज्जैन जिले के सात थाना क्षेत्रों में यह शराब जब्त की गई थी। कोर्ट के आदेश के बाद इसे नष्ट किया गया है। नष्टीकरण के दौरान सात थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही है। ट्रेंचिंग ग्राउंड में हुई कार्रवाई अवैध शराब नष्ट करने को लेकर धर्म नगरी उज्जैन में एक बड़ी कार्रवाई की गई है। यहां एम आर 5 रोड स्थित नगर पालिक निगम के ट्रेंचिंग ग्राउंड में यह कार्रवाई हुई। इस कार्रवाई के दौरान खुद एसपी प्रदीप शर्मा, एएसपी गुरु प्रसाद पारासर सहित सीएसपी और 7 थानों के थाना प्रभारी मौजूद रहे। यहां सबसे पहले शराब बोतलों को फर्श पर जमाया गया। उसके बाद पोकलेन मशीन को शराब बोतलों के ऊपर चलाया गया । शराब नष्टीकरण की यह कार्रवाई करीब एक घंटा चली। यहां फर्श पर पानी की तरह शराब बहती हुई दिखाई दे रही थी। अलग-अलग थानों में हुई कार्रवाई मामले की जानकारी देते हुए एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि यहां कई वर्षों से अलग-अलग थानों में जब्त शराब रखी हुई थी। न्यायालय से 107 प्रकरणों में आदेश करवाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। यहां 7 थानों द्वारा जब्त 24000 लीटर शराब को नष्ट किया गया है। नष्ट की गई शराब की कीमत करीब 50 लाख रुपए है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पुराने जब्त माल को नष्ट करना। इसके साथ ही शराबबंदी के बाद अवैध शराब बेचने और परिवहन करने वालो को सख्त संदेश देना है। एसपी ने कहा कि यह कार्रवाई आगे भी चरणबद्ध तरीकों से प्रत्येक 15 दिन में की जाएगी। यहां नष्ट की गई शराब में देसी के अलावा अंग्रेजी और हाई क्वालिटी की शराब भी शामिल है।

कालभैरव को मदिरा का भोग लगाने वाले श्रद्धालुओं को यह करना होगा, बदले नियम

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उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु उनके सेनापति भगवान कालभैरव के दर्शन करने जरूर जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि जब तक कालभैरव के दर्शन नहीं किए जाते है, तब तक बाबा महाकाल के दर्शन करने का पुण्य लाभ नहीं मिलता है। ऐसे में महाकालेश्वर मंदिर के साथ ही प्रतिदिन कालभैरव मंदिर पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। भगवान कालभैरव को मदिरा का भोग भी लगता है। लेकिन, मध्यप्रदेश के 19 क्षेत्रों में 1 अप्रैल से लागू की गई शराबबंदी के बाद अब उज्जैन में नए नियम लागू हो चुके हैं, जिसके तहत नगर निगम की परिसीमा में शराब के विक्रय पर रोक लगा दी गई है। स्थिति यह बन चुकी है कि भगवान कालभैरव के दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी मंदिर के बाहर भगवान को भोग लगाने के लिए शराब नहीं मिल पा रही है। भक्तों को साथ लानी होगी शराब नए नियमों के तहत नगर निगम की परिसीमा में शराबबंदी किए जाने से कालभैरव को मदिरा का भोग लगाने के लिए श्रद्धालुओं को अब अपने साथ ही शराब खरीदकर मंदिर पहुंचना होगा। क्योंकि, यह मंदिर नगर निगम की सीमा के अंतर्गत आता है। इसीलिए मंदिर के बाहर उन्हें कालभैरव को मदिरा का भोग लगाने के लिए शराब नहीं मिल पाएगी। शराबबंदी के नियमों का पालन करने के लिए पुलिस विभाग पूरी तरह सख्त है। यही कारण है कि शहर में आने वाले मुख्य मार्गों पर चेकिंग की जा रही है और निर्धारित मात्रा से अधिक शराब ले जाने वाले लोगों को पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। नहीं बेच सकते मंदिर के बाहर शराब धार्मिक नगरी उज्जैन में शराबबंदी लागू होने के बाद इसका पालन भी शुरू हो चुका है। नगर निगम सीमा में शराब का विक्रय न हो, इसके लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी से धरपकड़ कर रही है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कालभैरव मंदिर क्षेत्र के दुकानदारों को एफिडेविट देना अनिवार्य किया है कि वे इस क्षेत्र में शराब नहीं बेचेंगे। यहां दें गड़बड़ी की सूचना प्रतिबंधित क्षेत्र में शराब के विक्रय को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। यही कारण है कि उज्जैन पुलिस ने अवैध शराब बिक्री की सूचना देने के लिए दो नंबर 9479999037 और 7587624914 जारी किए हैं। इन नंबरों पर सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत कार्रवाई कर रही है। शहर के प्रवेश मार्गों पर चेकिंग अभियान पुलिस प्रमुख रूप से इंदौर-उज्जैन, देवास-उज्जैन, बड़नगर-उज्जैन, मक्सी-उज्जैन और आगर-उज्जैन मार्ग पर वाहनों की तलाशी ले रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है, ताकि शहर में शराब के साथ लोगों के प्रवेश को रोका जा सके।

अन्नक्षेत्र में दानदाता को ठहरने के लिए महाकालेश्वर अतिथि निवास में नि:शुल्क कमरों की सुविधा भी मिलेगी

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उज्जैन  महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में भक्तों को भोजन कराने वाले दानदाताओं को मंदिर समिति नि:शुल्क भस्म आरती दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। ऐसे में दानदाता को पुण्य अर्जन के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन का लाभ भी मिलेगा। अगर दानदाता उज्जैन से बाहर के हैं, तो उन्हें ठहरने के लिए महाकालेश्वर अतिथि निवास में नि:शुल्क कमरों की सुविधा भी मिलेगी। दानदाता को इस प्रकार की सुविधा पहली बार मिलने जा रही है। क्या सीएम डॉ. मोहन यादव का सपना     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा है कि देश के अन्य प्रमुख मंदिरों की तरह महाकाल मंदिर का अन्नक्षेत्र भी अत्याधुनिक व सर्वसुविधा युक्त हो, ताकि अधिक से अधिक भक्त यहां भोजन प्रसादी का लाभ ले सकें।     व्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी वरिष्ठ समाजसेवी सुरेंद्रसिंह अरोरा को दी गई है। उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर व्यवस्था में सुधार का व्यापक प्लान तैयार किया है।     बुधवार को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने अरोरा की मौजूदगी में मंदिर प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में प्रतिदिन तीन से चार हजार भक्त अन्नक्षेत्र में भोजन कर रहे हैं।     एक माह में यह संख्या बढ़ाकर दस हजार करना है। अन्नक्षेत्र का संचालन दानदाताओं के सहयोग से होता है। दानदाता अन्नक्षेत्र में दान करें, इसके एवज में उन्हें भस्म आरती दर्शन व रहने ठहरने की सुविधा भी मिलना चाहिए। यहां भी क्लिक करें – श्री महाकाल महालोक में मिलेंगे अन्नक्षेत्र के निशुल्क भोजन प्रसादी के कूपन, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए काउंटर शुरू अभी यह हो रहा फिलहाल अन्नक्षेत्र में एक समय भोजन कराने के लिए दानदाता को 25 हजार रुपये का दान देना होता है। दानदाता भोग की थाली लेकर मंदिर में जाते हैं तथा उनकी मौजूदगी में पुजारी भगवान को भोग लगाते हैं। नई योजना में यह खास     अन्नक्षेत्र में भोजन बनाने का ठेका प्राइवेट फर्म को दिया जाएगा।     भोजन प्रसादी की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा, जिसकी आवश्यकता है।     भक्तों को प्रथम व द्वितीय तल पर बैठ कर भोजन करने के साथ बुफे की सुविधा भी मिलेगी।     अन्नक्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए जनरेटर लगाए जाएंगे।     महाप्रसादी के लिए कूपन वितरण की नई व्यवस्था होगी। अभी यह व्यवस्था ठीक नहीं चल रही। यह भी होगा देश के किसानों से अन्नक्षेत्र में गेहूं, चावल, दाल, सब्जी आदि दान करने के लिए अनुरोध किया जाएगा। एक दानदाता ने अन्नक्षेत्र में भोजन बनाने तथा भोजन पराेसने के लिए नि:शुल्क बर्तन दान किए हैं। अन्नक्षेत्र में लगी मशीनों के सुधार दानदाता के सहयोग से किया जा रहा है। आगे भी सहयोग लिया जाएगा। कलेक्टर ने ये निर्देश भी दिए कलेक्टर ने मंदिर के अधिकारियों को अन्नक्षेत्र का बैंक खाता अलग करने के निर्देश दिए। अन्नक्षेत्र का आय, व्यय पत्रक भी अलग से बनेगा। इस व्यवस्था से व्यवस्था के संचालन में पारदर्शिता रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास के कार्य सांस्कृतिक समन्वय से कर रही है

उज्जैन सहित प्रदेश के अन्य धार्मिक नगरों में 1 अप्रैल से की जा रही है शराबबंदी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव पथ सही होने पर शपथ होती है सफल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास के कार्य सांस्कृतिक समन्वय से कर रही है मुख्यमंत्री डॉ. यादव जैन समाज के शपथ अनुष्ठान पर्व में शामिल हुए उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विक्रम संवत चैत्र प्रतिपदा नववर्ष पर पावन पुनीत अवंतिका में देश भर से शपथ अनुष्ठान पर्व में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत है। उज्जैन में भगवान महावीर स्वामी ने तपस्या की है। तपस्या का पथ सही होने पर शपथ सफल होती है। मानव जीवन संक्षिप्त समय का है, इसलिए जितना भी समय है, उसे हम परमार्थ के कार्य और सभी जीवों की सेवा में लगाना चाहिए। परमार्थ के कार्य कर मानव महापुरुष हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में जैन समाज के शपथ अनुष्ठान पर्व में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार विकास के कार्य सांस्कृतिक समन्वय से कर रही है। इसी क्रम में उज्जयिनी और प्रदेश के अन्य धार्मिक नगरों में 1 अप्रैल से शराबबंदी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की। कार्यक्रम में आयोजनकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उज्जैन का नाम संपूर्ण देश-प्रदेश में गौरवान्वित करने पर नागरिक अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, देवेंद्र काशल, अश्विन कोशलीवाल, सचिन कासलीवाल सहित जैन समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

उज्जैन : महिला इंजीनियर को अश्लील मैसेज भेजने वाले कार्यपालन यंत्री के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली

उज्जैन उज्जैन नगर निगम की महिला सभी इंजीनियर को अश्लील मैसेज भेजने और रात में घर बुलाने के लिए दबाव बनाने वाले कार्यपालन यंत्री के खिलाफ कोतवाली थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. अभी कार्यपालन यंत्री फरार बताया जा रहा है. दरअसल, उज्जैन नगर निगम में सब इंजीनियर के पद पर पदस्थ 35 वर्षीय महिला अधिकारी ने अपने ही विभाग के कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. महिला सब इंजीनियर का आरोप है कि कार्यपालन यंत्री भार्गव ने लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वे रात के समय उन्हें घर बुलाते थे. इसके अलावा फोन पर अश्लील बातें भी करते थे. महिला अधिकारी ने व्हाट्सएप चैटिंग के अलावा पीयूष भार्गव की ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग भी सबूत के तौर पर पुलिस के समक्ष पेश की थी, जिसके बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. एसपी प्रदीप कुमार शर्मा के मुताबिक आरोपी पीयूष भार्गव को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. अभी आरोपी फरार है. ‘नौकरी छोड़ने का बना लिया था मन’ महिला अधिकारी ने अपने शिकायत में यह भी लिखा है कि पीयूष भार्गव की वजह से उन्होंने नौकरी छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन फिर उन्हें एहसास हुआ कि भार्गव दूसरी महिला अधिकारियों के साथ भी इस तरीके से बर्ताव कर सकता है. इसके बाद उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक की सलाह पर उन्होंने पुलिस में भी शिकायत की है. 7 दिनों में होगी जांच पूरी नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक ने बताया कि पीयूष भार्गव के खिलाफ उनके पास महिला अधिकारी ने शिकायत की है. महिला अधिकारी की शिकायत पर जांच कमेटी बनाई गई है जो कि सात दिनों मे अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. इसके बाद निगम की ओर से अलग से कार्रवाई की जाएगी. पहले भी हो चुका है विवाद कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव पूर्व में रिटायर हो चुका है. उसे संविदा के आधार पर रखा गया है. पूर्व में भी वे कई बार विवादों में रह चुके हैं. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण करने वाली जांच एजेंसी भी जांच कर चुकी है.

Mahakal Temple Ujjain: गर्मी में बदलेगी बाबा महाकाल की दिनचर्या, ठंडे जल से करेंगे स्नान

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उज्जैन(Mahakal Temple Ujjain)। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से भगवान महाकाल की दिनचर्या बदलेगी। मंदिर की पूजन परंपरा में इस दिन से गर्मी की शुरुआत मानी जाती है। गर्मी के दिनों में राजाधिराज महाकाल ठंडे जल से स्नान करेंगे। इस दौरान प्रतिदिन होने वाली पांच में से तीन आरती का समय भी बदल जाएगा। पं. महेश पुजारी ने बताया महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा में ठंड व गर्मी का प्रभाव रहता है। इन दिनों सर्दी के अनुसार भगवान की सेवा पूजा की जा रही है। तड़के 4 बजे भस्म आरती में भगवान को गुनगुने गर्म जल से स्नान कराया जा रहा है। फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन के बाद गर्मी की शुरुआत मानी जाती है और चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से भगवान की सेवा पूजा गर्मी के अनुसार की जाने लगती है। इसमें तीन आरती का समय भी बदलेगा। आरती का वर्तमान समय चैत्र कृष्ण प्रतिपदा 15 मार्च से यह रहेगा आरती का समय महाकाल मंदिर में फाल्गुन पूर्णिमा से शरद पूर्णिमा तक छह माह गर्मी के अनुसार भगवान की सेवा पूजा की जाती है। वहीं, शरद पूर्णिमा से फाल्गुन पूर्णिमा तक सर्दी के अनुसार पूजन की परंपरा है। चैत्र कृष्ण प्रतिपदा पर 15 मार्च से गर्मी के अनुसार शुरू होने वाली पूजा अर्चना 7 अक्टूबर शरद पूर्णिमा तक चलेगी।

गौशाला से गायों के लापता होने पर संतों में आक्रोश, सिर मुंडवाकर प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

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Saints are angry over the disappearance of cows from the cowshed, they shave their heads and demand action from the administration खाचरोद स्थित श्री नंदराज गौशाला लेकोड़िया में 498 गौमाताओं के लापता होने का मामला सामने आया है। बगलामुखी शक्तिपीठाधीश्वर संत कृष्णानंद महाराज ने दस दिन पूर्व प्रशासन को इस घटना की जानकारी देते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शिकायत में बताया कि गौशाला में एक हजार गौमाताओं के लिए मध्यप्रदेश सरकार 20 रुपये प्रति गौमाता के मान से अनुदान दे रही है। वहीं, सरकारी पशु चिकित्सक की रिपोर्ट में गौशाला में केवल 500 के आसपास गौमाताओं का उल्लेख किया गया है। संत कृष्णानंद महाराज का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों के अनुसार गौशाला में एक हजार गौमाताओं के लिए अनुदान मिल रहा है, जबकि पशु चिकित्सक की रिपोर्ट में सैकड़ों गायों के गायब होने का जिक्र है। उनका सवाल है कि ये गायें आखिर कहां हैं? संत के आरोपों के बाद आनन फानन में गौशाला समिति सदस्यों ने अन्य गौशालाओं में गाय भेजने का जिक्र किया था, लेकिन उक्त गौशाला के संचालकों ने स्वामी के सामने आकर दूसरी गौशाला की गाय के यहां पहुंचने से मना कर दिया। स्वामी कृष्णा नंद महाराज ने अपने जन्मदिन के मौके पर स्वागत मंच को गौमाताओं की हत्या के प्रतीक रूप में श्रद्धांजलि में बदल दिया। गया और बाहर से आए कई और साधु संतों, यहां तक कि भक्तों ने गौ माता को श्रद्धांजलि देते हुए अपने सिर के बाल सर मुंडवा दिए। स्वामी यही नहीं रुके और मंच से क्षेत्रीय विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान पर बरसते हुए कहा कि अब तो विधायक बन गए हो अगली बार भूल जाना कि तुम विधायक बनोगे और आज के बाद इस आश्रम के दरवाजे तुम्हारे लिए बिल्कुल बंद हैं। वहीं लिंकोडिया गौशाला के संत गंगा गिरी महाराज भी सामने आए उन्होंने भी मीडिया के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मैं तो पिछले कई वर्षों से गौशाला का संचालन करता था। कुछ दिनों के लिए बाहर क्या चला गया इन दुष्टों ने 498 गौ माता को कहा पहुंचा दिया। आप तो मीडिया वाले हैं आप ही सच्चाई बाहर ला सकते हैं और सच्चाई बाहर आनी चाहिए। मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह करता हूं इस विषय पर तुरंत संज्ञान लें और दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजें।

प्रदेश में खूब बिक रहा गेहूं का बिजवारा, अब तक हो चुकी 50 फीसदी बोवनी, लोकवन पूर्णा, 513 जैसी किस्म का जोर

उज्जैन  इस वर्ष मालवा की माटी में गेहूं की बंपर पैदावार होने की संभावना है। करीब 4.5 लाख हेक्टेयर में बोवनी की जा रही है। चने की बोवनी का रकबा कम बताया जा रहा है। किसान तेजस, पोषक, 322 किस्म के गेहूं का बीज ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बीते तीन वर्षों से किसानों को सोयाबीन भाव ठीक नहीं मिल रहे हैं, जबकि गेहूं के भाव काफी अच्छे मिल रहे हैं। यही कारण है कि किसानों का रुझान चने की बनिस्बत गेहूं की बोवनी पर अधिक है। अब तक हो चुकी 50 फीसदी बोवनी     कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष 4.50 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी की जा रही है। अब तक 50 फीसद बोवनी हो चुकी है। किसान अधिक उत्पादन के किस्म का गेहूं अधिक बो रहे हैं।     व्यापारी अखिलेश जैन के अनुसार, किसानों ने पोषक, तेजस, 322 किस्म का बिजवारा अधिक खरीदा। इस किस्म के गेहूं का उत्पादन काफी अच्छा बताया जा रहा है।     बीज कंपनी से लेकर व्यापारिक क्षेत्र में यह गेहूं 3300 से 4500 रुपया क्विंटल तक बिक गया। इसके बाद किसानों ने पर्याप्त पानी के चलते लोकवन पूर्णा, 513 जैसी किस्म को बोया है। इनके भाव भी ऊंचे में 4000 रुपया क्विंटल तक रहे। देशावर में खूब बिक रहा गेहूं का बिजवारा इस वर्ष देशावर में गेहूं के बीज की आपूर्ति मालवा क्षेत्र से हो रही है। 322, लोकवन, पूर्णा, पोषक गेहूं के बीजवारे की मांग महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार में काफी चल रही है। इस कारण गेहूं के भाव भी ऊंचे हैं। शरबती की बोवनी नगण्य किसी समय में मालवा की माटी का शरबती की मिठास देश के महानगरों में काफी पसंद की जाती थी। मुंबई में इस गेहूं की कीमत 5 से 8 हजार रुपये क्विंटल तक होती थी, लेकिन जिले के सभी क्षेत्र में पानी पर्याप्त मात्रा में होने से किसानों ने शरबती गेहूं की बोवनी से किनारा कर लिया। बता दें इस किस्म का गेहूं काफी कम पानी की पैदावार है। उत्पादन भी अन्य गेहूं की बनिस्बत कम है। अब अधिक उत्पादन पर किसान ध्यान देता है।

उज्जैन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का रेड कार्पेट स्वागत, राज्यपाल और सीएम ने किया अभिनंदन

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Red carpet welcome of Vice President Jagdeep Dhankhar in Ujjain, Governor and CM congratulated उज्जैन। भारत के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज मध्य प्रदेश की धर्म नगरी उज्जैन पहुंचे। यहां उनके स्वागत के लिए हैलीपेड पर रेड कार्पेट बिछाया गया। उज्जैन आगमन पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, सीएम डॉ. मोहन यादव ने उनका पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान कौशल विकास व रोजगार एवं प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी मौजूद रहे। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ इसके बाद कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित ’66वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह की अध्यक्षता करने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी मौजूद थे। बता दें कि समारोह का शुभारंभ शाम 4 बजे से हो गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 7 बजे से प्रस्तुत किए जायेंगे। बुधवार 13 नवम्बर को सुबह 10 बजे महाकवि कालिदास के साहित्य में पंच महाभूत विमर्श पर आधारित राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का प्रथम सत्र, दोपहर 2 बजे विक्रम विश्वविद्यालय के अंतर्गत राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी और शाम 5 बजे पंडित सूर्यनारायण व्यास व्याख्यान माला का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद शाम 7 बजे शास्त्रधर्मी शैली पर आधारित तथा पारम्परिक शैली सेअनुप्रेरित नृत्य नाटिका का प्रस्तुतिकरण होगा। इसके पहले सोमवार को मंगल कलश यात्रा निकाली गई और कालिदास अकादमी में नान्दी-भक्ति संगीत का कार्यक्रम हुआ।

उज्जैन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पानी की किल्लत के खिलाफ प्रदर्शन, महापौर बंगले का घेराव

Congress workers protest against water shortage in Ujjain, siege of Mayor’s bungalow उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में भरपूर बारिश और डैम के फूल होने के बाद भी शहर में पानी की किल्लत को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को खाली बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही महापौर के बंगले का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने शहर की जनता को परेशान करने का आरोप लगाया। साथ ही जल्द से जल्द पानी की समस्या को दूर करने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए महापौर बंगले के सामने भारी पुलिस बल तैनात रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मेयर बंगले के सामने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद जब महापौर मुकेश टटवाल पहुंचे, तो उनके हाथ में खाली बाल्टी थमा कर पानी मांगा। कांग्रेस नेता राजेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि, महाकाल की नगरी उज्जैन में डैम में भरपूर पानी उपलब्ध होने के बावजूद भी शहर की जनता पीने के पानी के त्राहिमाम कर रही है। प्रथम नागरिक महापौर को जनता की परेशानी से कोई लेना देना नहीं है। महापौर और नगर निगम के भाजपा बोर्ड को गहरी नींद से जगाने के लिए और जनता की पीड़ा बताने के लिए कांग्रेस के सभी वरिष्ठजन, सेवादल, पार्षदगण, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, आईटी सेल, ब्लॉक अध्यक्ष, ब्लॉक प्रभारी, समस्त प्रकोष्ठ, मंडलम अध्यक्ष सेक्टर अध्यक्ष, सहित सभी कार्यकर्ता महापौर ने बंगले पर धरना प्रदर्शन किया।

उज्जैन में बिजली खंभा लगाने के नाम पर रिश्वत: लाइनमैन रंगे हाथ पकड़ा गया

Bribe in the name of installing electric pole in Ujjain: Lineman caught red handed उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में बिजली विभाग के एक कर्मचारी द्वारा खंभा लगाने के लिए आठ हजार रुपये रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। पवन सागित्रा नामक किसान ने खाचरोद तहसील के घिनौदा चौपाटी में खंभा लगाने के लिए लाइनमैन रामचंद्र धाकड़ को चार हजार रुपये रिश्वत देने के बाद लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगे हाथों पकड़ा। लोकायुक्त डीएसपी बसंत श्रीवास्तव के अनुसार, रामचंद्र धाकड़, जो विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड में लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं, को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। किसान ने आरोप लगाया कि उनके खेत में ट्रैक्टर चलाते समय गलती से खंभे से टकराकर खंभा गिर गया था। इसे दोबारा खड़ा करने के लिए लाइनमैन ने पुलिस में शिकायत न करने और खंभा लगाने के नाम पर आठ हजार रुपये की रिश्वत मांगी। पहला मामला, सफाई में बताया बिजली बिल लाइनमैन ने अपनी सफाई में कहा कि उसने पैसे बिजली का बिल भरने के नाम पर लिए थे। हालांकि, लोकायुक्त पुलिस ने इसे रिश्वतखोरी का मामला मानते हुए तुरंत कार्रवाई की। विद्युत पोल लगाने के नाम पर रिश्वत लेने का यह पहला मामला बताया जा रहा है, जिसमें शिकायत के बाद पुलिस ने जांच कर कार्रवाई की।

उज्जैन जिले में सड़क हादसों का सिलसिला जारी, चार की मौत और कई घायल

Series of road accidents continue in Ujjain district, four dead and many injured उज्जैन। उज्जैन जिले के खाचरोद के पास बेडावन्या गांव में शुक्रवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दुर्घटना में इनोवा कार में सवार लोग अजमेर से जियारत करके लौट रहे थे, जब उनकी कार एक टैंकर से जा टकराई। टैंकर इंदौर के मांगलिया से आ रहा था। हादसे के तुरंत बाद रास्ते से गुजर रहे लोगों ने कार में फंसे घायलों को बाहर निकालने में मदद की और पुलिस एवं एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। इस घटना में बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार के कारण कार अनियंत्रित होकर सीधे टैंकर से जा टकराई, जिससे कार का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। एसडीओपी के वाहन को भी मारी टक्करइसी प्रकार का एक और हादसा बुधवार रात को इंदौर रोड पर पंथपिपलई के पास हुआ, जब एक तेज रफ्तार कार ने एसडीओपी ब्रजेश श्रीवास्तव के वाहन को टक्कर मार दी। उस समय एसडीओपी कर्नाटक के राज्यपाल के स्वागत के लिए अपनी टीम के साथ तैनात थे। इस दुर्घटना में 32वीं बटालियन के जवान हरपालसिंह जाट गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच जारी है। शराब कंपनी के कर्मचारी की मौतइसी बीच, घट्टिया थाना क्षेत्र में आगर रोड पर भी एक गंभीर दुर्घटना हुई, जिसमें शराब कंपनी के एक एरिया मैनेजर रवि जायसवाल की मौत हो गई। बुधवार देर रात, अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, परंतु उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उज्जैन जिले में बढ़ते सड़क हादसे लोगों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।

सिंहस्थ के लिए 5900 करोड़ मंजूर, 568 प्रस्तावों पर सीएम ने दी मंजूरी

Rs 5900 crore approved for Simhastha, CM approves 568 proposals Ujjain Simhastha: सिंहस्थ 2028 के लिए 5,882 करोड़ रुपए का बजट मंजूर हुआ है। परियोजनाओं में घाटों का निर्माण, नदी डायवर्जन, बांध, बैराज, सबस्टेशन, सड़कें और पुल शामिल हैं। 18 विभागों से 560 से अधिक परियोजनाओं के प्रस्ताव मिले हैं। इंदौर-उज्जैन मेट्रो लाइन का सर्वेक्षण दिल्ली मेट्रो को सौंपा गया है। सरकार 15 करोड़ भक्तों के आने की उम्मीद कर रही है। उज्जैन: सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 19 पहलों के लिए 5,882 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया है। यह मंजूरी इस महीने की शुरुआत में सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट कमेटी की बैठक में मिली। बैठक में जल संसाधन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति और पुरातत्व विभागों की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। सीएम ने कहा कि हर 12 साल में सिंहस्थ सभी को एक साथ लाता है। दुनिया भर से करीब 15 करोड़ आगंतुकों के आने की उम्मीद करते हुए उन्होंने कहा कि उज्जैन में कुशल यातायात व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। इन योजनाओं को मिली मंजूरीकैबिनेट समिति ने सिंहस्थ 2028 के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी। जिसमें 778.91 करोड़ रुपये की लागत से 29.21 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण होगा। 1,024.95 करोड़ रुपये की लागत से कान्ह नदी का 30.15 किलोमीटर का डायवर्जन शामिल है। क्षिप्रा पर होगा बांध का निर्माणक्षिप्रा नदी पर सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बांध के निर्माण के लिए 614.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। जल विनियमन के लिए क्षिप्रा नदी पर 14 और कान्ह नदी पर 11 प्रस्तावित बैराजों को मंजूरी दी गई, जिनकी लागत क्रमशः 74.67 करोड़ रुपये और 43.51 करोड़ रुपये है। नए ईएचवी सबस्टेशन की सौगातअन्य स्वीकृत परियोजनाओं में 198 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ उज्जैन शहर सीवरेज परियोजना और 250 करोड़ रुपये की लागत से अल्ट्रा-हाई-प्रेशर कार्य के लिए एक नया ईएचवी सबस्टेशन शामिल है। स्वीकृत अतिरिक्त परियोजनाओं में शंकराचार्य चौराहे से दत्त अखाड़ा, भूखीमाता और उजड़खेड़ा हनुमान से उज्जैन-बड़नगर मार्ग का निर्माण शामिल है। इसके लिए 18 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यहां भी होंगे विकास कार्यसाथ ही खाक-चौक, वीर सावरकर चौराहा, गढ़कालिका और भरथरी गुफा से रणजीत हनुमान मार्ग का उन्नयन और क्षिप्रा नदी पर एक पुल भी शामिल है, जिसकी लागत भी 18 करोड़ रुपये है। सिद्धवरकूट से कैलाश खोह तक एक सस्पेंशन ब्रिज के साथ-साथ ओंकारेश्वर घाट से सिद्धवरकूट तक पहुंच मार्ग और कावेरी नदी पर एक फुटब्रिज जैसे सुरक्षात्मक कार्यों को भी मंजूरी दी गई। 18 विभागों से 568 परियोजनाओं के प्रस्तावनगरीय प्रशासन और आवास के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कहा कि 18 विभागों में 568 परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनकी अनुमानित लागत 15,567 करोड़ रुपये है। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने आगे घोषणा की कि इंदौर के लवकुश चौराहे को उज्जैन से जोड़ने वाली एक नई मेट्रो लाइन के सर्वेक्षण का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को सौंपा गया है।

एमपी गजब : महाकाल मंदिर नियमों की धज्जियां उड़ाते नेता, गाज गिरी कर्मचारियों पर ,एक कर्मचारी को हटाया, तीन को नोटिस

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MP Amazing: Leader flouting Mahakal Temple rules, got angry on employees, removed one employee, notice to three ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के गर्भगृह में राजनीतिक हस्तियों के प्रवेश पर एक बार फिर मंदिर प्रबंध समिति सवालों के घेरे में है। गुरुवार शाम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे व सांसद श्रीकांत शिंदे पत्नी और दो अन्य लोगों के साथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर गए और पांच मिनट से भी अधिक समय तक पूजन करते रहे। इस दौरान उन्हें नियमानुसार रोका जाना चाहिए था। उज्जैन(Mahakal Mandir Ujjain)। महाकाल मंदिर के गर्भगृह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बेटे और परिजनों सहित 4 लोगों के प्रवेश करने के मामले में एक कर्मचारी को हटाया गया। साथ ही सुरक्षा एजेंसी सहित तीन कर्मचारियों को नोटिस थमाया गया। नोटिस का जवाब 24 घंटे में मांगा गया है। महाकाल मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने मंदिर समिति के कर्मचारी विनोद चौकसे को हटाया। विनोद की ड्यूटी मंदिर के सभामंडप व जलद्वार पर प्रभारी के रूप में थी। साथ ही मंदिर के गर्भगृह और नंदीहॉल निरीक्षक, प्रोटोकॉल कर्मचारी और क्रिस्टल कंपनी को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है। आम भक्तों में आक्रोशआम भक्त लंबे समय से महाकाल के गर्भगृह में प्रवेश देने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में जब प्रवेश की अनुमति ना होने के बाद भी वीआईपी अंदर जाते हैं, तो आम भक्त खुद को ढगा सा महसूस करते हैं। कई बार श्रद्धालु इसको लेकर आक्रोश भी जता चुके हैं। सुरक्षा की दृष्टि से उठाया गया कदमसहायक प्रशासनिक अधिकारी आरके तिवारी ने बताया महाकाल मंदिर में सुरक्षा व सुविधा की दृष्टि से मंदिर के आंतरिक क्षेत्र अर्थात गर्भगृह, नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम, कार्तिकेय मंडपम, सभा मंडप, गर्भगृह का गलियारा तथा संपूर्ण परिसर में व्यावसायिक दृष्टिकोण से वीडियोग्राफी करने पर रोक लगा दी गई है। पूर्व में मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया था। पहले कम था शुल्कमहाकाल महालोक को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है, यहां कोई भी व्यक्ति निर्धारित शुल्क चुकाकर वीडियोग्राफी कर सकता है। प्रबंध समिति की बैठक में वीडियोग्राफी के शुल्क में वृद्धि की गई है। पहले मंदिर में वीडियोग्राफी करने पर 5100 रुपये शुल्क चुकाना होता था। लेकिन अब महाकाल महालोक में वीडियोग्राफी के लिए 51000 रुपये शुल्क चुकाना होगा।

महाकाल : प्रसाद पैकेट से हटेगी शिखर और ओम की तस्वीरें, मंदिर समिति ने लिया निर्णय

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Mahakal: Pictures of Shikhar and Om will be removed from Prasad packets, temple committee took the decision. उज्जैन ! : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर समिति ने लड्डू प्रसाद पैकेट से महाकाल मंदिर के शिखर और ओम की तस्वीर हटाने का निर्णय लिया है। अब बहुत जल्द ही लड्डू प्रसाद के पैकेट तैयार करने का फैसला किया गया है। इस कदम का कारण मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश है, जिसमें प्रबंध समिति को था। दरअसल, हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने 24 अप्रैल 2024 को तीन महीने के भीतर लड्डू प्रसाद के पैकेट से ये तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया गया था। मंदिर समिति ने कोर्ट से और समय मांगा था, जिसके तहत उन्होंने पुराने पैकेट के स्टॉक खत्म होने का अनुरोध किया। अब तीन महीने की अवधि पूरी हो चुकी है इसलिए नए पैकेट बनाने की तैयारी की जा रही है। दरअसल, महंत सुखदेवानंद ब्रह्मचारी और अन्य धार्मिक नेताओं ने कोर्ट में याचिका दायर की थी कि प्रसाद के पैकेट पर ओम और शिखर की तस्वीरें लगाना गलत है, क्योंकि यह धार्मिक संवेदनाओं के खिलाफ है।लोग इन खाली पैकेट्स को डस्टबीन में फेंक देते हैं, जो धार्मिक दृष्टि से अनुचित है। उनका तर्क था कि वैष्णो देवी मंदिर और अमृतसर के गोल्डन टेम्पल में प्रसाद के पैकेट पर कोई चित्र नहीं होता, इसलिए महाकाल मंदिर को भी ऐसा ही करना चाहिए। प्रबंध समिति की हालिया मीटिंग में लिए गए इस निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि अब महाकाल मंदिर का प्रसाद पैकेट धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करेगा। नई की जा रही पैकिंग में महाकाल के शिखर और ओम की तस्वीरें नहीं होंगी।

उज्जैन में पकड़ा गया क्रिकेट सट्टेबाजी का बड़ा खेल, मिला करोड़ों कैश, पुलिस ने रातभर गिनी फिर मशीन मंगवानी पड़ी

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उज्जैन उज्जैन में क्रिकेट सट्टेबाजी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने छापेमारी करके 9 लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि, मुख्य आरोपी पीयूष चोपड़ा फरार हो गया है। मौके पर 7 देशों की करंसी समेत करोड़ों रुपए के नोट बरामद किए गए हैं। कैश की गिनती के लिए मशीन मंगवानी पड़ी। पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी है। वह देश छोड़कर ना भाग सके इसके लिए लुकआउट सर्कुलर जारी कराने की बात कही गई है।    उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सूचना मिली थी कि पीयूष चोपड़ा बड़े स्तर पर सट्टेबाजी का गिरोह चला रहा है। पुख्ता सूचना जुटाने के बाद गुरुवार रात से उज्जैन में 2-3 जगहों पर दबिश दी गई। प्रदीप शर्मा के अनुसार थाना खारा कुआ क्षेत्र अंतर्गत मुसद्दीपुरा और थाना नीलगंगा अंतर्गत कॉलोनी में कार्रवाई की गई। इस दौरान 9 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मौके से करोड़ों रुपए कैश भी बरामद किए गए। गिनती के बाद 14.58 करोड़ भारतीय करंसी मिली। विदेशी नोटों की गिनती अभी नहीं हो पाई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 41 मोबाइल फोन, 19 लेपटॉप, 05 मैक-मिनी, 01 आईपैड, देसी-विदेशी सिमकार्ड, पेन ड्राइव, मेमेरी कार्ड, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड आदि भी जब्त किए हैं। आरोपियों के पास नोट गिनने की मशीन भी बरामद की गई। फरार आरोपी पीयूष के मुसद्दीपुरा स्थित आवास पर नोटों को 11 बैगों में भरकर रखा गया था। अमेरिका, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, नेपाल समेत 7 देशों की करंसी बरामद की गई है। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी पीयूष बिल्डर का काम भी करता है। वह परिवार के साथ लाटविया देश भागने की फिराक में था, जिसके लिए लुकआउट सर्कुलर जारी कराया जा रहा है। पुलिस ने ईडी और इनकम टैक्स को भी भारी मात्रा में कैश बरामदगी की सूचना दी है।

श्री महाकाल महालोक के दूसरे चरण में मंगलनाथ मंदिर का होगा निर्माण व सुंदरीकरण

उज्जैन  धर्मधानी उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व से पहले प्रमुख मंदिरों में निर्माण व सुंदरीकरण के काम होंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने मंगलनाथ मंदिर के लिए सिंहस्थ मद से 20 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। इसके अलावा कालभैरव, भर्तृहरि गुफा, सिद्धवट, गढ़कालिका आदि प्रमुख मंदिरों के लिए भी योजना बनाई जा रही है। इन मंदिरों में स्मार्ट सिटी, नगर निगम तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा विकास व सुंदरीकरण के काम कराए जाएंगे। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्री महाकाल महालोक का पहला चरण पूरा हो गया, वहीं दूसरे चरण के कार्य भी चल रहा है। मगर शहर के दूसरे मंदिरों के लिए बनी योजना पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर पाई है। कई मंदिरों में काम तो शुरू हुए, लेकिन वे पूरे नहीं हो पाए हैं। लेकिन अब मंदिरों के लिए फिर से योजना बनाई जा रही है। मंगलनाथ मंदिर के लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण ने 20 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की है। इसके तहत मंदिर में विशाल पार्किंग, वेटिंग हाल, फसाड लाइटिंग सहित श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अन्य काम होंगे। कालभैरव मंदिर कालभैरव मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या सबसे अधिक रहती है। यहां श्रद्धालुओं की सुविधा के बिल्कुल भी इंतजाम नहीं है। मंदिर परिसर का पिछला हिस्सा उजाड़ स्थिति में है। दर्शनार्थी अगर कुछ देर बैठना भी चाहें, तो यहा स्थान उपलब्ध नहीं है। मंदिर प्रबंधक संध्या मारकण्डेय ने बताया श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्माण कार्यों की शुरुआत होना है। नया फ्लोरिंग तथा वेटिंग हाल आदि का निर्माण किया जाएगा। खाकचौक स्थित गयाकोठा तीर्थ का निर्माण अधूरा पड़ा है। करीब तीन साल पहले यहां निर्माण कार्य की शुरुआत हुई थी। लेकिन फंड की कमी के चलते बीच में ही का काम ठप हो गया। मंगलनाथ के लिए 20 करोड़ की डीपीआर तैयार मंगलनाथ मंदिर में निर्माण कार्य के लिए 20 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। सिंहस्थ मद से मंदिर में विशाल पार्किंग, फैसिलिटी सेंटर सहित अन्य काम होना है। – संदीप कुमार सोनी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, उज्जैन विकास प्राधिकरण

महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ मारपीट का Video Viral, अब सुरक्षाकर्मियों पर हुआ ये एक्शन

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Video of assault on devotees in Mahakaleshwar temple goes viral, now this action taken against security personnel महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक मृणाल मीणा ने बताया कि श्रद्धालुओं ने भी मंदिर की व्यवस्था और नियम अनुसार व्यवहार नहीं किया, जिसकी वजह से उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. उज्जैन ! महाकालेश्वर मंदिर में सुरक्षाकर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं से साथ अभद्रता और मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद अब एक्शन हुआ है. वीडियो को देखकर महाकालेश्वर मंदिर समिति ने एक्शन लेते हुए दो सुरक्षाकर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है, जबकि तीसरे को निलंबित कर दिया है. इस मामले में महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष और उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक मृणाल मीणा ने बताया कि 29 मई की रात का शंख द्वार के पास कोठार गेट का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें देखा गया कि कुछ श्रद्धालुओं द्वारा जबरन मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की जा रही थी. इस दौरान सुरक्षा घर में उन्हें रोक रहे थे, जिसके चलते सुरक्षाकर्मी और श्रद्धालुओं के बीच विवाद की स्थिति बन हो गई. श्रद्धालुओं के साथ सुरक्षाकर्मियों ने मारपीट भी की. इसके बाद महाकालेश्वर मंदिर समिति ने प्रथम दृष्टया सुरक्षाकर्मी बलराम और गोपाल को दोषी मानते हुए उन्हें हटा दिया. इसके अलावा निर्माल्य गेट के निरीक्षक को भी निलंबित कर दिया गया. श्रद्धालुओं पर भी नियम अनुसार कार्रवाई होगीमहाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक मृणाल मीणा ने ये भी बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा भी मंदिर की व्यवस्था और नियम अनुसार व्यवहार नहीं किया गया, जिसकी वजह से उनके खिलाफ भी नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि मंदिर में नियम तोड़ना और हिंसक व्यवहार करना उचित आचरण नहीं है. हालांकि जो व्यवहार सुरक्षाकर्मियों ने किया, वह भी निंदनीय था, इसलिए उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. छुट्टियों की वजह से बढ़े श्रद्धालुबता दें कि गर्मी की छुट्टियां होने की वजह से महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ आम दिनों की अपेक्षा अधिक बढ़ गई है, जिसकी वजह से दर्शन की होड़ जोड़ में श्रद्धालु कई बार अपना आपा भी खो देते हैं.

उज्जैन में 21 जुलाई से होगा अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव, कलाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित

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All India Shravan Mahotsav will be held in Ujjain from July 21, entries invited from artists इस उत्सव के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक कलाकार 6 जून की शाम 5 बजे तक मंदिर कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा 21 जुलाई से 19 वें अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। रुद्रसागर के समीप स्थित त्रिवेणी संग्रहालय के सभागार में आयोजित होने वाले इस आयोजन में देश के अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार प्रस्तुति देंगे। स्थानीय कलाकारों को भी मंच साझा करने का अवसर प्राप्त होगा। इस बार गीत,संगीत व नृत्य की रस वर्षा से सराबोर सात शाम आयोजित होगी। मंदिर प्रशासक मृणाल मीना ने बताया महाकालेश्वर मंदिर की परंपरा अनुसार श्रावण मास में प्रत्येक रविवार को श्रावण महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। उत्सव में गीत, संगीत व नृत्य की शास्त्रीय विद्या के कलाकार प्रस्तुति देंगे। नटराज बाबा महाकाल के आंगन में होने वाले इस उत्सव के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक कलाकार 6 जून की शाम 5 बजे तक मंदिर कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। कलाकारों को अपेक्षित मानदेय, साथी कलाकारों के साथ अपेक्षित यात्रा व्यय व मानदेय की जानकारी भी देना होगी। मंदिर समिति की वेबसाइट पर अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। मंदिर समिति प्राप्त प्रविष्टियों का अवलोकन कर चयनित कलाकारों को प्रस्तुति के लिए आवेदन आमंत्रित करेगी।

अभिनेत्री रवीना टंडन बेटी के साथ महाकाल मंदिर पहुंचीं, चांदी द्वार से किया भगवान का पूजा अर्चन

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Actress Raveena Tandon reached Mahakal temple with her daughter, offered prayers to the Lord from the silver gate एक्ट्रेस रवीना टंडन अपनी बेटी राशा टंडन के साथ शनिवार को महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचीं। यहां उन्होंने नंदी हॉल से भगवान महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उज्जैन। प्रसिध्द अभिनेत्री रवीना टंडन शनिवार दोपहर को विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचीं। जहां उन्होंने अपने परिवार के साथ चांदी द्वार से बाबा महाकाल का पूजन अर्चन कर उनका आशीर्वाद लिया। बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने के बाद अभिनेत्री रवीना टंडन नंदी हॉल में पहुंचीं, जहां उन्होंने कुछ देर ध्यान लगाया और नंदी जी के कानों में मनोकामना भी कही।  श्री महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि प्रसिद्ध अभिनेत्री रवीना टंडन अपने पिताजी रवि टंडन, बेटी राशा टंडन और अन्य परिवारजनों के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने आई थी। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक पोशाक सलवार सूट पहन रखा था। बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मैं बाबा महाकाल का अनन्य भक्त हूं और प्रतिवर्ष बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने यहां जरूर आती हूं। उन्होंने बताया, पिछली बार भी बाबा महाकाल के दर्शन करने आई थी और आज भी आई हूं। बाबा महाकाल से उन्होंने क्या मनोकामना मांगी। इस प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि यह मैं आपको क्यों बताऊं, यह मेरी और बाबा के बीच की बात है। वैसे आपने यह बात जरूर कही कि मुझे अब तक बाबा महाकाल ने जो दिया है, उसके लिए मैं उन्हें दिल से धन्यवाद देती हूं। उन्होंने मंदिर में दर्शन करने के बाद अन्य मंदिरों पर भी आशीर्वाद लिया और मंदिर के कुछ विशेष स्थान पर फोटो भी खिंचवाई।

उज्जैन : महाकाल परिसर में प्रसाद न खरीदने पर श्रद्धालुओं को पीटा

Ujjain: Devotees beaten for not buying Prasad in Mahakal complex मुंबई से आए परिवार के साथ कालभैरव पार्किंग में कुछ लोगों ने मारपीट कर दी। प्रसाद नहीं लेने की बात पर आरोपियों ने इतना पीटा कि एक का सिर फट गया तो एक के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। मारपीट करने वाले बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों के साथ भी बदसलूकी की। उज्जैन ! धार्मिक महत्व को देखते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन यहां आते हैं। जहां विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दर्शन करने के साथ ही अन्य मंदिरों पर भी पहुंचते हैं। लेकिन, मंदिरों के बाहर पार्किंग, प्रसाद और तिलक लगाने वाले श्रद्धालुओं के साथ छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने के साथ ही मारपीट तक कर देते हैं। जिससे उज्जैन नगरी का नाम शर्मशार हो रहा है। ऐसा ही कुछ नजारा रविवार सुबह काल भैरव क्षेत्र में देखने को मिला, जहां मुंबई से आए एक परिवार के साथ कालभैरव पार्किंग में कुछ लोगों ने इस कदर मारपीट कि एक का सिर फट गया तो एक श्रद्धालु के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। मारपीट करने वाले बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने उनके कपड़े फाड़ दिए। हद तो तब हो गई जब महिलाओं ने चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मी से बचाने की मिन्नतें की। लेकिन, उसने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया।जानकारी के अनुसार रिषीकेश भट्टाचार्य अपने भाई अमरदीप पिता रमेश (43) निवासी मुंबई, पत्नी अनुपमा, भाभी सेजल, बच्चे जीन, युवराज, नेत्र और इशिता बैनर्जी के साथ उज्जैन दर्शन के लिए आए थे। वे रविवार सुबह होटल से कालभैरव मंदिर दर्शन के लिए मैजिक वाहन लिया और मंदिर पहुंचे। ड्राइवर ने वाहन पार्किंग में लगाया और वे लोग लोग दर्शनों के दिए चले गए। वापस आकर पार्किंग में खड़े मैजिक वाहन में बैठे तो कुछ लोगों ने कहा कि पार्किंग में वाहन खड़ा किया है तो प्रसाद खरीदना पड़ेगा। उनसे दूसरी जगह से प्रसाद लेने की बात कही तो उन्होंने मैजिक ड्राइवर के साथ गाली गलौज शुरू कर दी। 100 डायल से भी नहीं मिली मददबताया गया कि उन्होंने प्रसाद लेने से इनकार कर दिया तो प्रसाद गाड़ी में फेंक दिया और रुपये की मांग की। साथ ही चालक को भी धमकाया। परिवार का कहना है कि करीब 50 से 70 लोगों ने उनके वाहन को घेर लिया और हमला कर दिया। वहीं महिलाओं और बच्चियों से भी छेड़छाड़ की। डायल 100 पर भी कॉल करने पर कोई मदद नहीं मिली। जिसके बाद मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने उन्हें वहां से निकाला और अस्पताल पहुंचे, साथ ही भैरवगढ़ थाने में भी मामले की शिकायत की गई है।इन लोगों ने की गई मारपीटअमरदीप भट्टाचार्य, ऋषिकेश, इशिता, अमरदीप, युवराज, अनुपमा, जीत, नेत्रा, शेजल पीड़ित परिवार ने विवाद कर रहे लड़कों को रोका तो करीब दो दर्जन से अधिक लड़के इकट्ठे हो गए और उन्होंने लोहे की रॉड, डंडे और पाइप से मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में अमरदीप का सिर फट गया और उसके भाई के पैरों में चोट है। इस दौरान बदमाशों ने बच्चों और महिलाओं के कपड़े फाड़कर बुरी नीयत से छुआ और ड्रायवर को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित परिवार ने बताया कि वे लोग भीड़ में मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्हें कोई बचाने नहीं आया। मंदिर के पास चौकी पर एक एएसआई ड्यूटी कर रहा था। सेजल उसके पास गई, हाथ जोड़े और पैर पड़े तब वह चौकी से उठकर पार्किंग तक आया और ड्रायवर से गाड़ी बाहर निकालने की बात कही। इसके बाद ये लोग उसी मैजिक वाहन से भैरवगढ़ थाने पहुंचे, जिसके बाद एक होमगार्ड सैनिक घायलों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचा और इलाज शुरू कराया। जानकारी के अनुसार रिषीकेश वकील हैं और उनके भाई अमरदीप मुंबई कोर्ट में सरकारी वकील हैं। रिषीकेश की पत्नी अनुपमा और भाभी सेजल भी वकील हैं। बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। रिषीकेश ने बताया कि बदमाशों ने बेटे के कपड़े फाड़ दिये इस कारण उसे बिना कपड़ों के घायल हालत में अस्पताल लेकर आना पड़ा है। कालभैरव पार्किंग में मारपीट की घटना की जानकारी देते हुए जब एसपी प्रदीप शर्मा से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

महाकाल मंदिर में लगी आग, 14 लोग झुलसे, जांच के आदेश, इंदौर में घायलों से मिले सीएम

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Fire broke out in Mahakal temple, 14 people burnt, investigation ordered, CM met the injured in Indore. पीएम और राष्‍ट्रपति ने ली घटना की जानकारीमहाकाल भस्‍मारती के दौरान मंदिर में आग लगी, इसमें पुजारियों के साथ कुछ सेवक भी झुलस गए हैं। उज्‍जैन के महाकाल मं‍दिर में भस्‍मारती के दौरान आग लग गई।इसकी चपेट में आकर पुजारियों के साथ सेवक भी झुलस गएआग के बाद कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल निर्मित हो गया था उज्‍जैन। धुलेंडी के अवसर पर उज्‍जैन के महाकाल मं‍दिर में भस्‍मारती के दौरान आग लग गई। इसकी चपेट में पुजारी, पंडे और सेवकों सहित कुल 14 लोग झुलस गए। घटना के दौरान देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु मंदिर में मौजूद थे। कुछ पुजारी गंभीर घायल बताए गए हैं। बाकी लोगों की हालत सामान्‍य बताई गई है। आधा दर्जन से अधिक पुजारियों को उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया था। तीन पुजारियों को अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। सीएम डॉ मोहन यादव ने इंदौर के अरबिंदो हाॅस्पिटल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्‍होंने सत्‍यनारायण सोनी नामक गंभीर घायल के बेहतर उपचार के निर्देश भी दिए।मीडिया से सीएम ने कहा कि घटना दुखद है। यहां अस्‍पताल में ही पीएम मोदीजी और राष्‍ट्रपतिजी का फोन आया है। मैंने बताया कि सभी की हालत लगभग ठीक है। डाॅक्‍टरों ने विपरीत हालातों में बेहतर उपचार किया परमात्‍मा ने बड़ी घटना होने से बचा लिया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सभी के उपचार का ध्‍यान रख रहे हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि इस घटना में कोई षड्यंत्र तो नहीं इसकी भी जांच की जाएगी।गुलाल उड़ाने के दौरान भभकी आग होली के कारण श्रृंगार के बाद गर्भगृह और उसके ठीक बाहर गुलाल उड़ाया जा रहा था। इस दौरान आग भभकी। बताया जा रहा है कि स्प्रे से गुलाल उड़ाया जा रहा था। गुलाल में केमिकल होने के कारण आग भभकी। इधर गर्भगृह की दीवार को गुलाल से बचाने के लिए फ्लैक्स, कपड़े भी लगाए गए थे। इससे आग और तेजी से फैली। अग्निशमन यंत्रों से आग पर काबू पाया गया। घटना में सत्यनारायण, चिंतामन, रमेश, अंश, शुभम, विकास, महेश, मनोज, संजय, आनंद, सोनू और राजकुमार नाम के पुजारी और सेवक झुलसे हैं। सीएम के कार्यक्रम में परिवर्तन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव महाकाल गर्भगृह में हुई आग की घटना में प्रभावित लोगों से मिलने इंदौर पहुंचे। यहां से वे उज्जैन जाएंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। पूर्व सीएम श‍िवराज सिंह चौहान ने भी हादसे पर दुख जताया है। इंदौर कलेक्‍टर आशीष के अनुसार 8 लोगों को इंदौर के अरबिंदो अस्‍पताल लाया गया है सभी की हालत स्थिर है , जरूरत पड़ने पर डाक्‍टरों की संख्‍या बढ़ाई जाएगी। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय उज्‍जैन में घायलों से मिले। विजयवर्गीय के साथ मंत्री तुलसी सिलावट भी सीएम के साथ इंदौर अस्‍पताल में मौजूद रहे। मीडिया से बातचीत में डॉ मोहन यादव ने कहा था कि पहले वे इंदौर और फ‍िर उज्‍जैन जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि बड़ा हादसा टल गया। कुछ लोग घायल हुए हैं। मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।मजिस्ट्रियल जांच :श्री महाकालेश्वर मंदिर में हुई आगजनी की घटना की होगी मजिस्ट्रियल जांच महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में सोमवार भस्म आरती के दौरान हुई आगजनी की घटना के उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मृणाल मीना और अपर कलेक्टर उज्जैन अनुकूल जैन द्वारा संपूर्ण घटना की जांच की जाएगी। कलेक्टर श्री सिंह ने 3 दिन में जांच समिति को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अस्‍पताल में जाकर घायलों की कुशलक्षेम जानी।

महाशिवरात्रि के लिए फूलों से सजा महाकाल का दरबार, 750 कैमरों से रखेंगे हर आने जाने वाले पर नजर

Mahakal’s court decorated with flowers for Mahashivratri, will keep an eye on every visitor with 750 cameras महाशिवरात्रि महापर्व के पहले ही भगवान महाकाल के दरबार में फूलों से सजावट की गई है। मंदिर के मुख्य शिखर से लेकर गर्भगृह तक को फूलों से सजाया गया है। उज्जैन ! श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि पर्व पर एक भक्त ने मंदिर के नंदी हॉल, गर्भ गृह के साथ बाहर ओंकारेश्वर महादेव, नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर और शिखर पर भी आकर्षक फूलों से सजावट करवाई है। शिवरात्रि के पहले नौ दिवसीय पर्व के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में साज-सज्जा कराने वाले भक्त अपनी बारी आने का इंतजार करते हैं। रात से ही मंदिर में फूलों से सजावट का काम शुरू हो गया था। वहीं, मुख्य पर्व महाशिवरात्रि पर भी देशी-विदेशी फूलों के साथ विद्युत रोशनी कर सजावट करने का काम 7 मार्च से शुरू होगा। शिवरात्रि पर 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना श्री महाकालेवर मंदिर में इस बार महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं के आगमन का रिकॉर्ड टूटेगा। संभावना है कि करीब 15 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे। मंदिर समिति और जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालु कहां से आएंगे और कहां से जाएंगे, इसके लिए रूट प्लान जारी कर दिया गया है। कुछ दिनों पहले ही प्रशासनिक अधिकारियों ने पार्किंग स्थल से महाकाल मंदिर तक व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। बाबा के दर्शन के लिए जगह-जगह लगेगी मेगा स्क्रीन श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था के लिए लगाए गए बैरिकेड के साथ ही कुछ स्थानों पर मंच बनाए जाएंगे। यहां भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। सामान्य दर्शनार्थियों के प्रवेश द्वार पर मेगा स्क्रीन लगाई जाएगी, जिससे श्रद्धालु स्क्रीन पर भी बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। इस बार सामान्य दर्शनार्थियों को महाकाल महालोक के मानसरोवर भवन से फैसेलिटी सेंटर से कार्तिकेय मंडपम से दर्शन कराएंगे। कैमरों के साथ ड्रोन से भी रखी जाएगी नजर दर्शनार्थियों की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था के लिए मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से करीब 750 सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से नजर रखी जाएगी। मंदिर समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से लगने वाले करीब 750 सीसीटीवी कैमरों से पार्किंग स्थल से मंदिर तक नजर रखी जाएगी। भीड़ वाले क्षेत्र में ड्रोन कैमरे लगेंगे। सभी कैमरे मंदिर के श्री महाकाल लोक और फैसेलिटी सेंटर स्थित कंट्रोल रूम से अटैच रहेंगे। यहां पर मंदिर समिति व पुलिस और प्रशासन के अधिकारी नजर रख सकेंगे।

दुनिया की पहली वैदिक घड़ी का उद्घाटन, देवास में बनेगा देवी लोक

World’s first Vedic clock inaugurated, Devi Lok to be built in Dewas; PM will give a gift of Rs 17 thousand crores उज्जैन !प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को मध्य प्रदेश सरकार के विकसित भारत विकसित मध्य प्रदेश कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस दौरान PM मोदी 17 हजार 500 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात देंगे।लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने के पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को मध्य प्रदेश सरकार के विकसित भारत विकसित मध्य प्रदेश कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। प्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में हो रहे इस कार्यक्रम का पूरे प्रदेश के 500 स्थानों पर लाइव प्रसारण होगा। गुरुवार शाम 4 बजे पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना वर्चुअल संबोधन देंगे। इस दौरान PM मोदी मध्य प्रदेश में 17 हजार 500 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शाम चार बजे वर्चुअली लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे। स्वीकृत हो चुके 16961 करोड रुपए से अधिक के कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इस दौरान पूरे हो चुके प्रोजेक्ट को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, इसमें सिंचाई, बिजली, सड़क, रेल, जलपूर्ति, कोयला उद्योग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र के प्रोजेक्ट शामिल है। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना का शुभारंभ और उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण भी करेंगे। वही महाकाल लोक की तर्ज पर देवास में देवी लोक भी बनाया जाएगा। विश्व की पहली वैदिक घड़ी का शुभारंभ उज्जैन के चिंतामन रोड स्थित जंतर मंतर वेधशाला परिसर में 85 फीट ऊंचे टावर पर विश्व की एकमात्र और पहले वैदिक घड़ी स्थापित की गई है। यह समय के साथ मुहूर्त पर्व ग्रह नक्षत्र समेत कई जानकारियां दर्शाएगी। उज्जैन की वैदिक घड़ी दुनिया की पहली ऐसी डिजिटल वॉच होगी, जो इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) और ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) तो बताएगी ही साथ ही पंचांग और मुहूर्तों की भी जानकारी देगी। इस घड़ी में सूर्योदय-सूर्यास्त से लेकर सूर्य और चंद्र ग्रहण कब होगा, घड़ी यह भी बताएगी। उज्जैन में जंतर-मंतर पर 85 फीट ऊंचे टॉवर पर इसे लगाया गया है। इसके साथ ही वैदिक घड़ी का एप भी लॉन्च किया जाएगा। गुरुवार को इसका शुभारंभ शाम 4 बजे पीएम नरेंद्र मोदी वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। वैदिक घड़ी की क्या है खासियत:इस घड़ी की एक खास बात यह भी है कि यह समय की गणना एक सूर्योदय से दूसरे सूर्योदय तक की अवधि के आधार पर करती है. यह नक्षत्र, धूमकेतु, कालग्रहण, संचार, परिभ्रमण, तिथि वार, नक्षत्र, योग आदि की जानकरी उपलब्ध करायेगी. यह घड़ी दो सूर्योदयों के बीच की समयावधि को आईएसडी के अनुसार 30 भागों में विभाजित करती है. समय की गणना 0:00 बजे से सूर्योदय के साथ 30 घंटे (48 मिनट का एक घंटा) के लिए शुरू होगा. यह घड़ी वैदिक हिंदू पंचांग से 30 मुहूर्त, तिथि और विभिन्न अन्य समय के बारें में भी बताएगी. इसकी बारें में जानकारी देते हुए महाराजा विक्रमादित्य शोध संस्थान के निदेशक ने बताया कि ”यह दुनिया की पहली घड़ी होगी जिसमें भारतीय समय की गणना प्रदर्शित की जाएगी”. इस वैदिक घड़ी के लिए एक एप्लिकेशन भी तैयार किया गया है जिसकी मदद से मोबाइल, एलईडी, स्मार्ट टीवी, टैब में भी इसे इंस्टाल करके देखा जा सकता है.

भोपाल सतपुड़ा भवन से हटकर अब उज्जैन जाएगा धर्मस्व विभाग का मुख्यालय

The headquarter of endowment department will now move from Bhopal Satpura Bhavan to Ujjain. बताया जा रहा है कि मुख्यालय की शिफ्टिंग के पीछे का कारण उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ है. हर 12 वर्ष में उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन होता है. भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. इस विभाग का डायरेक्ट्रेट अब भोपाल से हटाकर सीएम डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में शिफ्ट किया जाएगा. सीएम ने इस संबंध में एक नोटशीट विभाग को भेजी है. विभाग ने प्रशासकीय स्वीकृति के लिए मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी के पास प्रस्ताव भेजा है. बता दें यह संचालनालय तीर्थ दर्शन सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक मेलों का आयोजन करता है. वर्तमान में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का संचालनालय सतपुड़ा भवन, भोपाल में संचालित होता है. शिफ्टिंग के पीछे सिंहस्थमुख्यालय की शिफ्टिंग के पीछे का कारण उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ को बताया जा रहा है. हर 12 वर्ष में उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन होता है. अगस्त सिंहस्थ 2028 में होना है, इसमें धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की बड़ी भूमिका रहेगी. धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का मुख्यालय उज्जैन में शिफ्ट होने के बाद पूरा स्टाफ वहीं बैठेगा. हालांकि विभाग के प्रमुख सचिव व अन्य स्टाफ भोपाल में ही बैठेगा. शिफ्टिंग की तैयारी की जा रहीधार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई रमेश के अनुसार सरकार की मंशा अनुसार धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग डायरेक्ट्रेट उज्जैन में शिफ्ट करने की कार्रवाई की जा रही है.

12 आईपीएस अफसरों के तबादले; बैतूल, नीमच एसपी को हटाया; उज्जैन एसपी का भी ट्रांसफर

Transfer of 12 IPS officers; Betul, Neemuch SPs removed; Ujjain SP also transferred मध्यप्रदेश शासन ने 12 आईपीएस अफसरों के तबादले किए हैं। आदिवासी पिटाई कांड के बाद बैतूल एसपी सिद्धार्थ चौधरी को हटाया गया है। उन्हें सेनानी, 8वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल छिंदवाड़ा में पदस्थ किया गया है।उज्जैन एसपी सचिन शर्मा को मप्र भवन दिल्ली में अतिरिक्त आवासीय आयुक्त बनाया गया है। इनकी जगह दतिया एसपी प्रदीप शर्मा को उज्जैन का एसपी बनाया गया है। वहीं नीमच एसपी अमित तोलानी को सेनानी, 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल जावरा, रतलाम में पदस्थ किया गया है। अनिल सिंह कुशवाह को IG जबलपुर रेंज बनाया गया है।

पटेल या अंबेडकर को लेकर दो पक्षों में हुई पत्थरबाजी

Stone pelting between two parties regarding Patel or Ambedkar बता दें इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब बीती रात डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ती की जगह पर सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ती लगा दी गई। फिर क्या था दूसरे पक्ष ने सरदार पटेल की प्रतिमा को ट्रैक्टर से गिरा दिया गया। यहां पर कुछ लोग डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाना चाहते थे। उज्जैन । जिले की माकडोन राजस्व तहसील मुख्यालय पर गुरुवार तड़के मूर्ति लगाने के विवाद मैं दो पक्षों मैं पत्थरबाजी हुई है।कुछ वाहनों मैं आग लगा दी गई। यहा लगी सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा को एक पक्ष ने ट्रैक्टर से गिराने के बाद विवाद उपजा। विवाद मैं पाटीदार एवम मालवीय समाज के बीच पत्थर बाजी हुई।पुलिस ने पहुंचकर पत्थर बाजों को खदेडा। एसपी सचिन शर्मा ने बताया की तड़के यह घटना हुई है। माकडोन के मंडी गेट और बस स्टैंड के बीच की खाली जमीन पर मूर्ति लगाने का विवाद है।आसपास के मालवीय समाज के लोग इस स्थान पर डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाना चाहते हैं। पाटीदार समाज सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा लगी रहने देने के पक्ष मैं है। सुबह एक पक्ष ने लगी प्रतिमा को ट्रैक्टर से गिरा कर तोड़ दिया।इसके बाद दोनों पक्ष मैं पत्थर बाजी हुई है। विवाद की सूचना पर पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों के लोगों को बल पूर्वक खदेड दिया गया है। स्थिति शांत है,पुलिस फोर्स लगा दिया गया है।जांच की जा रही है।जांच उपरांत प्रकरण दर्ज कर अशांति फैलाने वालों पर कारवाई की जाएगी।बताया जा रहा है की प्रतिमा गिराने के दौरान महिलाएं और युवतियां भी साथ थी। इस दौरान जय भीम के नारे भी लगाए गए। मामले में भीम आर्मी से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं के सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति मैं बताया गया है की गुरुवार को थाना माकड़ोन क्षेत्र में दो पक्षों(मालवीय,पाटीदार समाज) में विवाद की सूचना प्राप्त हुई थी जिस पर से तत्काल घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश भार्गव,अनुविभागीय अधिकारी, थाना प्रभारी माकड़ोन पहुँचे और दोनों पक्षों से घटना के संबंध में जानकारी ली। जिसमे एक पक्ष द्वारा माकड़ोन बस स्टैंड पर पूर्व से लगी सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा को अन्य समाज के लोगों ने गिरा दिया गया था, उनकी मांग है कि सरदार पटेल की प्रतिमा के स्थान पर बाबा अंबेडकर की प्रतिमा लगाई जावे। इसके पश्चात दोनो पक्षों में पत्तरबाजी की स्थिति बन गई। मौके पर पहुँचे अधिकारियों द्वारा दोनों पक्षों से बातचीत कर समझाईश दी गई, स्थिति सामान्य है। दोनों पक्षों के द्वारा बतायी गई घटना को संज्ञान में लेकर गंभीरता से जाँच की जा रही है।

जहाँ जहाँ पड़े श्रीकृष्ण के पाँव, वहीँ बनेगा तीरथ धाम…. मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री का ऐलान.

Wherever the feet of Lord Krishna touch, there will become a pilgrimage site… Announcement by the Chief Minister of Madhya Pradesh. उज्जैन । मध्यप्रदेश के मुख्य्मंत्री मोहन यादव ने एक बड़ा ऐलान किया है कि मध्यप्रदेश मे जहाँ जहाँ भगवान कृष्ण के पाँव पड़े है उनको तीर्थ स्थलों के स्वरुप मे विकसित किया जायेगा, मध्य प्रदेश संस्कृति धरोहरों, अध्यात्म और पौराणिक कहानियो के लिए जाना जाता है धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन मे हमेशा मध्यप्रदेश अग्रणी रहा है, इसी क्रम मध्यप्रदेश के नये मुख्य्मंत्री मोहन यादव ने भगवान श्री कृष्ण की उन विरासत को जहाँ भगवान ने लीलाएं की थी उन्हें तीर्थ स्थल के स्वरुप मे विकसित करने का ऐलान किया है. ज्ञात हो कि महाकाल की नगरी उज्जैन मे भगवान ने गुरु संदीपन जी के आश्रम मे शिक्षा ग्रहण की थी जहाँ पर उन्होंने 18 दिनों मे 18 पुराण, 4 दिनों मे चारों वेद, 6 दिनों मे 6 शास्त्र, 16 दिनों मे 16 कलाएं और 20 दिनों मे गीता का ज्ञान प्राप्त किया था, उज्जैन मे मंगालनाथ मार्ग पर क्षिप्रा नदी के पावन तट पर गंगा घाट पर महर्षि संदीपन की तपोभूमि पर आज से तकरीबन 5235 साल पहले भगवान श्री कृष्ण अपने बड़े भाई बलराम और सखा सुदामा जी के साथ विद्यारम्भ संस्कार धारण किया था, श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल के राष्ट्रीय प्रमुख एवं पक्षकार राजेश मणि त्रिपाठी जी बताते हैँ कि उज्जैन मे भगवान ने 64 दिन मे 64 कलाएं सीखी थी, यही पर गुरु संदीपन जी ने भगवान को 3 मंत्र लिखवाये थे तथा भगवान ने गुरु दक्षिणा के रूप मे उनके मृत पुत्र को वापस कराया था,श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के प्रभारी उदित नारायण बता रहे थे कि मध्य प्रदेश के धार ज़िले मे स्थित अमझेरा जहाँ जानापाव वही स्थल है जहाँ प्रवास के दौरान भगवान परसुराम जी ने श्रीकृष्ण जी को उनका पावन अस्त्र सुदर्शन भेंट किया था तथा द्वापर युग मे धर्म कि स्थापना का उपदेश दिया था, श्री कृष्ण जन्मभूमि के राष्ट्रीय सहप्रमुख तथा संगठन मंत्री महेंद्र तिवारी ने चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्य्मंत्री जी का इस पावन पहल हेतु धन्यवाद प्रेषित करते हुये बताया कि मध्यप्रदेश के साथ भगवान श्रीकृष्ण का बहुत गहरा नाता रहा है भगवान कि शिक्षा के अतिरिक्त उज्जैन कि अवंतिका नगरी को भगवान कि ससुराल भी माना जाता है मान्यता है कि यहाँ के राजा जयसेन की पुत्री मित्रविंद्रा से विवाह किया था जहाँ के मंदिर मे भगवान मित्रविंद्रा जी के साथ विराजमान हैँ कृष्ण विद्रा धाम के पुजारी श्री गिरीश गुरु बालक महराज बताते हैँ कि मित्रविंद्रा जी भगवान की पाँचवी पटरानी थी जिनसे भगवान ने स्वयंबर मे विवाह किया था. मुख्य्मंत्री की यह पहल विश्व मे श्री कृष्ण के अनुनायियों के लिए हर्ष का विषय है और इससे मध्यप्रदेश पर्यटन को भी सनातन के साथ विश्व पटल पर आकर्षित करेगी

उज्जैन के किसान ने बोवनी करने के लिए प्रधानमंत्री से मांगा हेलीकॉप्टर

Farmer from Ujjain has requested a helicopter from the Prime Minister for aerial sowing. गांव गोंदिया निवासी किसान पुरुषोत्तम राठौर ने पीएमओ को लिखा पत्र (SAHARA SAMACHAR) उज्जैन। उज्जैन में चिंतामन थाना क्षेत्र के गांव गोंदिया निवासी किसान पुरुषोत्तम राठौर ने अपने खेत पर जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है। किसान का कहना है कि उसका खेत सुना और खाली पड़ा है और उसके खेत में वह कोई फसल की बोवनी नहीं कर पाया है। दरअसल, किसान के खेत के आसपास गांव के ही स्थानीय दबंग व्यक्तियों ने कब्जा कर लिया है और वह किसान को खेत में नहीं जाने देते हैं। पीड़ित किसान का परिवार जब खेत पर पहुंचता है तो उनके साथ मारपीट की जाती है। डर के चलते किसान ने खेत पर कोई फसल भी नहीं बोई है। किसान का कहना है कि मैंने लिखित में आवेदन देकर शिकायत की है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई है। अब किसान ने अपने खेत पर जाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार और राज्य सरकार सहित जिला प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है और कहा है कि खेत तक पहुंचने के सभी रास्ते बंद हैं। इसलिए अब वह हवाई मार्ग से सीधे खेत पर उतरेगा और खेत में बोवनी करेगा।

तराना विधानसभा के मतदान केंद्र १३६ पर मॉक पोल का रिकॉर्ड क्लीयर किए बिना हुआ मतदान.

Voting at Polling Center 136 in the Tarana Assembly constituency took place without clearing the record of the mock poll. Special Correspondent. उज्जैन, उज्जैन विधानसभा चुनाव में तराना विधानसभा के एक पोलिंग बूथ पर मतदानकर्मी ने मॉक पोल के बाद वोट डिलीट और रिकॉर्ड जीरो किए बिना मतदान शुरू करा दिया। तराना विधानसभा के ग्राम आबादखेड़ी मतदान केंद्र क्रमांक 136 पर अन्य केंद्रों की तरह सुबह 7 बजे मॉक पोलिंग हुई। इलेक्शन एजेंट्स की मौजूदगी में मशीन में 50 मत डाले गए। नियमानुसार वास्तविक मतदान शुरू होने से पूर्व मॉक पोल के वोट डिलीट कर मशीन का रिकॉर्ड क्लीयर करना था। संबंधित मतदानकर्मी ने रिकॉर्ड क्लीयर किए बिना वास्तविक मतदान शुरू करा दिया। जब मतदाताओं ने मशीन के बटन दबाकर अपना मत देना शुरू किया तब मॉक पोल रिकॉर्ड क्लीयर न होने की बात सामने आई। जानकारी के अनुसार मशीन में करीब 400 वोट डले हैं। तराना विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर राजेश बोरासी ने जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रतिवेदन प्रस्तुत कर मार्गदर्शन मांगा है। मॉक पोल का रिकॉर्ड क्लीयर किए बिना मतदान की स्थिति में निर्वाचन आयोग के निर्देश स्पष्ट हैं। मतगणना में उक्त मशीन के मतों की गणना प्रारंभ में नहीं की जाएगी। यदि जीत-हार का अंतर कम होता है तो वीवीपेट की स्लिप के आधार पर गणना होगी।कुमार पुरुषोत्तम, कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी

उज्जैन लोकायुक्त ने लाइनमैन और मीटर रीडर पांच हजार की घूस लेते पकड़ा.

Lokayukta of Ujjain caught a lineman and a meter reader taking a bribe of five thousand rupees. Manish Trivedi – Sahara Samachaarआगर-मालवा:- उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने आगर-मालवा लाइन मैन और मीटर रीडर पांच हजार की घूस लेते दबोचा. बिजली कंपनी के लाइनमैन और मीटर रीडर को 5 हजार की रिश्वत के प्रकरण में लोकायुक्त ने दबोचा. दरबारसिंह सौंधिया निवासी बरखेड़ा ने लोकायुक्त को शिकायत की थी कि उनकी कृषि भूमि पर मोटर चलाने के लिए विद्युत कनेक्शन के लिए दो महीने पहले आवेदन दिया था, लेकिन कनेक्शन नहीं मिला। गुराडिय़ा उपकेंद्र के लाइनमैन रामधीन अहिरवार और मीटर रीडर करण सिंह गुर्जर ने 11000 रुपए मांगे। लाइनमैन की मौजूदगी में गुर्जर ने जैसे ही 5000 लिए लोकायुक्त ने दोनों को पकड़ लिया।

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