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धन के देवता कुबेर देव की 10 खास बातें

पुलस्त्य पुलस्ति ऋषि को ब्रह्मा के मानस पुत्रों में से एक माना जाता है। कर्दम प्रजापति की कन्या हविर्भुवा से इनका विवाह हुआ था। कहते हैं कि ये कनखनल के राजा दक्ष के दामाद और भगवान शंकर के साढू थे। इनकी दूसरी पत्नी इडविला थी। पुलस्त्य और इडविला के पुत्र विश्रवा थे और विश्रवा के पुत्र रावण और कुबेर थे। विश्रवा की पहली पत्नी भारद्वाज की पुत्री देवांगना थी जिसका पुत्र कुबेर था। विश्रवा की दूसरी पत्नी दैत्यराज सुमाली की पुत्री कैकसी थी जिसकी संतानें रावण, कुंभकर्ण, विभीषण और सूर्पणखा थीं। खर, दूषण, कुम्भिनी, अहिरावण और कुबेर रावण के सगे भाई बहन नहीं थे। आओ जानते हैं धन के देवता कुबेर के बारे में 10 खास बातें। 1. हिन्दू धर्म में कुबेर को धन का देवता माना गया है। धनतेरस और दीपावली पर माता लक्ष्मी और श्रीगणेश के साथ इनकी भी पूजा होती है। कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को इनकी विशेष पूजा की जाती है। 2. कुबेरदेव को यक्षों का राजा माना जाता है और उनके राज्य की राजधानी अलकापुरी है। कैलाश के समीप इनकी अलकापुरी है। श्वेतवर्ण, तुन्दिल शरीर, अष्टदन्त एवं तीन चरणों वाले, गदाधारी कुबेर अपनी सत्तर योजन विस्तीर्ण वैश्रवणी सभा में विराजते हैं। 3. कुबेर को यक्ष के अतिरिक्त राक्षस भी कहा गया है, क्योंकि वे रावण के भाई हैं। यक्ष के रूप में वे खजानों के रक्षक है पुराने मंदिरों के वाह्य भागों में कुबेर की मूर्तियां पाए जाने का रहस्य भी यही है कि वे मंदिरों के धन के रक्षक हैं और राक्षस होने के नाते वे धन का भोग भी करते हैं। 4. दीपावली की रात्रि को यक्ष अपने राजा कुबेर के साथ हास-विलास में बिताते व अपनी यक्षिणियों के साथ आमोद-प्रमोद करते थे। सभ्यता के विकास के साथ यह त्योहार मानवीय हो गया और धन के देवता कुबेर की बजाय धन की देवी लक्ष्मी की इस अवसर पर पूजा होने लगी, क्योंकि कुबेर जी की मान्यता सिर्फ यक्ष जातियों में थी पर लक्ष्मीजी की देव तथा मानव जातियों में। 5. कुबेरे देवता देवताओं के कोषाध्यक्ष थे। सैन्य और राज्य खर्च वे ही संचालित करते थे। यक्षों के राजा कुबेर उत्तर के दिक्पाल तथा शिव के भक्त हैं। भगवान शंकर ने इन्हें अपना नित्य सखा स्वीकार किया है। देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर को पूजने से भी पैसों से जुड़ी तमाम समस्याएं दूर रहती हैं। 6. कुबेर पहले श्रीलंका के राजा था परंतु रावण ने उनसे लंका को हथिया लिया। कुबेरदेव के पास एक महत्वपूर्ण पुष्पक विमान और चंद्रकांता मणि भी थी जिसे भी रावण ने हथिया लिया था। 7. कुबेर के संबंध में लोकमानस में एक जनश्रुति प्रचलित है। कहा जाता है कि पूर्वजन्म में कुबेर चोर थे-चोर भी ऐसे कि देव मंदिरों में चोरी करने से भी बाज न आते थे। एक बार चोरी करने के लिए एक शिव मंदिर में घुसे। तब मंदिरों में बहुत माल-खजाना रहता था। उसे ढूंढने-पाने के लिए कुबेर ने दीपक जलाया लेकिन हवा के झोंके से दीपक बुझ गया। कुबेर ने फिर दीपक जलाया, फिर वह बुझ गया। जब यह क्रम कई बार चला, तो भोले-भाले और औघड़दानी शंकर ने इसे अपनी दीपाराधना समझ लिया और प्रसन्न होकर अगले जन्म में कुबेर को धनपति होने का आशीष दे डाला। बाद में भगवान ब्रह्मा ने इन्हें समस्त सम्पत्ति का स्वामी बनाया। यह भी कहा जाता है कि यह कुबड़े और एक आंख वाले थे परतुं भगवती की अराधना से धनपति और निधियों के स्वामी बन गए थे। 8. कुबरे की शादी मूर दानव की पुत्री से हुई थी जिनके दो पुत्र नलकूबेर और मणिग्रीव थे। कुबेर की पुत्री का नाम मीनाक्षी था। अप्सरा रंभा नलकुबेर की पत्नी थी जिस पर रावण ने बुरी नजर डाली थी। यह बात जब नलकुबेर को पता चली तो उसने रावण को शाप दिया कि आज के बाद रावण बिना किसी स्त्री की इच्छा के उसको स्पर्श नहीं कर पाएगा और यदि करेगा तो उसका मस्तक सौ टुकड़ों में बंट जाएगा। नलकूबेर और मणिग्रीव भगवान श्री कृष्णचन्द्र द्वारा नारद जी के शाप से मुक्त होकर कुबेर के साथ रहते थे। 9. कुबेर मंत्र : ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥ कुबेर धन प्राप्ति मंत्र : ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥ कुबेर अष्टलक्ष्मी मंत्र : ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥ 10. घर की उत्‍तर दिशा को कुबेर देव की दिशा माना जाता है। अत: इस दिशा की दशा सही रखने से घर में सुख, शांति और धन धान्य बना रहता है।

राजा विक्रमादित्य को दिए थे दर्शन मां बगलामुखी देवी ने, पढ़ें कहां और कैसे

डोंगरगढ़ (छत्‍तीसगढ़) जिला मुख्यालय से 38 किमी दूर पहाड़ों में विराजित है मां बम्लेश्वरी का मंदिर। यहां मां बम्लेश्वरी के दो मंदिर है। पहला मंदिर ऊंची पहाड़ी पर और दूसरा मंदिर के प्रवेश द्वार से पश्चिम दिशा में स्थित है। पहाड़ वाली मां बम्लेश्र्वरी देवी के गर्भगृह के चारों ओर गुफाएं हैं। अंचल के लोग नीचे मंदिर में स्थापित माता को छोटी बम्लाई और पहाड़ावाली मां को बड़ी बम्लाई कहते है। लगभग 1 हजार से सीढ़ियां चढ़कर पहाड़ों वाली मां के दर्शन होते है। यहां तक पहुंचने के लिए रोप-वे भी बना हुआ है। मां बम्लेश्र्वरी मंदिर की स्थापना की एक रोचक कथा है। आज से ढाई हजार वर्ष पूर्व कामाख्या नगरी जिसे आज डोंगरगढ़ के नाम से जाना जाता है, वहां पहले राजा वीरसेन का शासन था। राजा वीरसेन की कोई संतान नहीं थी। जिसके कारण उन्होंने शिवजी और मां दुर्गा की उपासना की। उपासना के एक वर्ष बाद रानी ने एक पुत्र को जन्म दिया जिसका नाम मदनसेन रखा गया। मां दुर्गा और भगवान शिव का उपासक होने के कारण वीरसेन ने यहां कामाख्या नगरी में मां बम्लेश्वरी का मंदिर बनवाया। इसके बाद राजा मदनसेन के पुत्र कामसेन ने यहां शासन किया। कामसेन के दरबार में नृत्यकला में प्रवीण कामकंदला व अलौकिक संगीतज्ञ और मधुर गायक माधवनल थे। दोनों के बीच अथाह प्रेम था। परिस्थतिवश माधवनल को कामाख्या नगरी का त्याग करना पड़ा। माधवनल कामख्या नगरी से सीधे उज्जैन के राजा विक्रमादित्य के पास पहुंचा और उन्हें अपनी करुण कथा सुनाई। कथा सुनकर राजा विक्रमादित्य ने कामाख्या नगरी पर आक्रमण कर दिया। कामसेन और विक्रमादित्य के बीच भयंकर युद्ध हुआ। युद्ध में राजा विक्रमादित्य विजयी हुए। युद्ध में कामख्या नगरी पूरी तरह तबाह हो गई। नगर में सिर्फ डोंगर बचा और माता का मंदिर। युद्ध के बाद विक्रमादित्य ने माधवनल और कामकंदला की प्रेम की परीक्षा लेने के लिए यह अफवाह फैला दी कि युद्ध में माधवनल वीरगति को प्राप्त हो गया है। जैसे ही यह समाचार कामकंदला को मिला उसने एक तालाब में कूदकर अपने प्राण त्याग दिए। यह तालाब आज भी मंदिर के पास पहाड़ी के नीचे स्थित है। कामकंदला की मृत्यु का समाचार पाकर माधवनल ने भी अपना जीवन समाप्त कर लिया। राजा विक्रमादित्य को जब यह समाचार मिला तो उन्हें गहरा पश्चाताप हुआ। उन्होंने मां बगलामुखी की आराधना शुरू कर दी। लेकिन माता ने दर्शन नहीं दिए। इसके बाद राजा विक्रमादित्य भी अपने प्राण त्यागने के लिए तत्पर हो गए। इसी समय मां बगलामुखी ने राजा को दर्शन दिए। वरदान मांगने पर राजा ने कामकंदला और माधवनल का जीवन और मां बगलामुखी के कामाख्या में ही निवास करने का वर मांगा। तभी मां बगलामुखी साक्षात् रूप में यहां है। ऐसा कहा जाता है बगलामुखी का ही परिवर्तित नाम बम्लेश्वरी है।

जीवन में उन्नति चाहते हैं तो नियमित पढ़ें आदित्य हृदय स्तोत्र

आदित्य ह्रदय स्तोत्र का नियमित पाठ करने से अप्रत्याशित लाभ मिलता है। लंबी उम्र, नौकरी में पदोन्नति, धन प्राप्ति, प्रसन्नता, आत्मविश्वास तथा सभी कार्यों में सफलता मिलती है तथा हर मनोकामना सिद्ध होती है। इतना ही नहीं यह पाठ हर तरह के शत्रु से मुक्ति भी दिलाता है। सरल शब्दों में कहें तो आदित्य ह्रदय स्तोत्र हर क्षेत्र में चमत्कारी सफलता देता है। यहां पढ़ें आदित्य हृदय स्तोत्र संपूर्ण पाठ- आदित्य ह्रदय स्तोत्र ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम्‌ । रावणं चाग्रतो दृष्ट्वा युद्धाय समुपस्थितम्‌ ॥1॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम्‌ । उपगम्याब्रवीद् राममगस्त्यो भगवांस्तदा ॥2॥ राम राम महाबाहो श्रृणु गुह्मं सनातनम्‌ । येन सर्वानरीन्‌ वत्स समरे विजयिष्यसे ॥3॥ आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्‌ । जयावहं जपं नित्यमक्षयं परमं शिवम्‌ ॥4॥ सर्वमंगलमागल्यं सर्वपापप्रणाशनम्‌ । चिन्ताशोकप्रशमनमायुर्वर्धनमुत्तमम्‌ ॥5॥ रश्मिमन्तं समुद्यन्तं देवासुरनमस्कृतम्‌ । पुजयस्व विवस्वन्तं भास्करं भुवनेश्वरम्‌ ॥6॥ सर्वदेवात्मको ह्येष तेजस्वी रश्मिभावन: । एष देवासुरगणांल्लोकान्‌ पाति गभस्तिभि: ॥7॥ एष ब्रह्मा च विष्णुश्च शिव: स्कन्द: प्रजापति: । महेन्द्रो धनद: कालो यम: सोमो ह्यापां पतिः ॥8॥ पितरो वसव: साध्या अश्विनौ मरुतो मनु: । वायुर्वहिन: प्रजा प्राण ऋतुकर्ता प्रभाकर: ॥9॥ आदित्य: सविता सूर्य: खग: पूषा गभस्तिमान्‌ । सुवर्णसदृशो भानुर्हिरण्यरेता दिवाकर: ॥10॥ हरिदश्व: सहस्त्रार्चि: सप्तसप्तिर्मरीचिमान्‌ । तिमिरोन्मथन: शम्भुस्त्वष्टा मार्तण्डकोंऽशुमान्‌ ॥11॥ हिरण्यगर्भ: शिशिरस्तपनोऽहस्करो रवि: । अग्निगर्भोऽदिते: पुत्रः शंखः शिशिरनाशन: ॥12॥ व्योमनाथस्तमोभेदी ऋग्यजु:सामपारग: । घनवृष्टिरपां मित्रो विन्ध्यवीथीप्लवंगमः ॥13॥ आतपी मण्डली मृत्यु: पिगंल: सर्वतापन:। कविर्विश्वो महातेजा: रक्त:सर्वभवोद् भव: ॥14॥ नक्षत्रग्रहताराणामधिपो विश्वभावन: । तेजसामपि तेजस्वी द्वादशात्मन्‌ नमोऽस्तु ते ॥15॥ नम: पूर्वाय गिरये पश्चिमायाद्रये नम: । ज्योतिर्गणानां पतये दिनाधिपतये नम: ॥16॥ जयाय जयभद्राय हर्यश्वाय नमो नम: । नमो नम: सहस्त्रांशो आदित्याय नमो नम: ॥17॥ नम उग्राय वीराय सारंगाय नमो नम: । नम: पद्मप्रबोधाय प्रचण्डाय नमोऽस्तु ते ॥18॥ ब्रह्मेशानाच्युतेशाय सुरायादित्यवर्चसे । भास्वते सर्वभक्षाय रौद्राय वपुषे नम: ॥19॥ तमोघ्नाय हिमघ्नाय शत्रुघ्नायामितात्मने । कृतघ्नघ्नाय देवाय ज्योतिषां पतये नम: ॥20॥ तप्तचामीकराभाय हरये विश्वकर्मणे । नमस्तमोऽभिनिघ्नाय रुचये लोकसाक्षिणे ॥21॥ नाशयत्येष वै भूतं तमेष सृजति प्रभु: । पायत्येष तपत्येष वर्षत्येष गभस्तिभि: ॥22॥ एष सुप्तेषु जागर्ति भूतेषु परिनिष्ठित: । एष चैवाग्निहोत्रं च फलं चैवाग्निहोत्रिणाम्‌ ॥23॥ देवाश्च क्रतवश्चैव क्रतुनां फलमेव च । यानि कृत्यानि लोकेषु सर्वेषु परमं प्रभु: ॥24॥ एनमापत्सु कृच्छ्रेषु कान्तारेषु भयेषु च । कीर्तयन्‌ पुरुष: कश्चिन्नावसीदति राघव ॥25॥ पूजयस्वैनमेकाग्रो देवदेवं जगप्ततिम्‌ । एतत्त्रिगुणितं जप्त्वा युद्धेषु विजयिष्यसि ॥26॥ अस्मिन्‌ क्षणे महाबाहो रावणं त्वं जहिष्यसि । एवमुक्ता ततोऽगस्त्यो जगाम स यथागतम्‌ ॥27॥ एतच्छ्रुत्वा महातेजा नष्टशोकोऽभवत्‌ तदा ॥ धारयामास सुप्रीतो राघव प्रयतात्मवान्‌ ॥28॥ आदित्यं प्रेक्ष्य जप्त्वेदं परं हर्षमवाप्तवान्‌ । त्रिराचम्य शूचिर्भूत्वा धनुरादाय वीर्यवान्‌ ॥29॥ रावणं प्रेक्ष्य हृष्टात्मा जयार्थं समुपागतम्‌ । सर्वयत्नेन महता वृतस्तस्य वधेऽभवत्‌ ॥30॥ अथ रविरवदन्निरीक्ष्य रामं मुदितमना: परमं प्रहृष्यमाण: । निशिचरपतिसंक्षयं विदित्वा सुरगणमध्यगतो वचस्त्वरेति ॥31॥

Shriram Sharma aachary : पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के 8 प्रेरक विचार

पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का जन्म तिथि के अनुसार आश्विन मास में उत्तरप्रदेश के आगरा जनपद के आंवलखेड़ा गांव में हुआ था। वर्तमान युग में हर व्यक्ति धर्म-कर्म की राह से भटक रहा है। ऐसे व्यक्तियों को सही रास्ता दिखलाने के लिए प्रस्तुत है शांतिकुंज गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य पं. श्रीराम शर्मा के 8 प्रेरक विचार- * जिस भी व्यक्ति ने अपने जीवन में स्नेह और सौजन्य का समुचित समावेश कर लिया है, वह सचमुच ही सबसे बड़ा कलाकार है। * जीवन को प्रसन्न रखने के दो ही उपाय है- एक अपनी आवश्यकताएं कम करें और दूसरा विपरित परिस्थितियों में भी तालमेल बिठाकर कार्य करें। * संयम, सेवा और सहिष्णुता की साधना ही गृहस्थ का तपोवन है। * अपने आचरण से प्रस्तुत किया उपदेश ही सार्थक और प्रभावी होता है, अपने वाणी से किया गया नहीं। * दूसरों के साथ वह व्यवहार न करो, जो तुम्हें अपने लिए पसंद नहीं है। * जिन्हें लंबी जिंदगी जीनी हो, वे बिना तगड़ी (ज्यादा, कड़ी) भूख लगे कुछ भी न खाने की आदत डालें। * किसी भी व्यक्ति के द्वारा किए गए पाप उसके साथ रोग, शोक, पतन और संकट साथ लेकर ही आते है। * हर व्यक्ति को अपना मूल्य समझना चाहिए और अपने आप पर यह विश्वास करना चाहिए कि वे संसार के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति है।

क्या भ्रष्टाचार का विरोध और जी-हुजूरी नहीं करना बगावत है?

— विशेष टिपण्णी : गोपाल स्वरूप वाजपेयी, पत्रकार व लेखक ईमानदारी तेरा किरदार है तो खुदकुशी कर ले, सियासी दौर को तो जी हुजूरी की जरूरत है। भ्रष्टाचार का विरोध करने पर एडीएम पद से हटाए गए मध्यप्रदेश के युवा आईएएस लोकेश कुमार जांगिड़ ने इस शायरी से अपना दर्द बयां किया। 2014 बैच का ये आईएएस अफसर एक सप्ताह तक देशभर में सुर्खियों में रहा और अब यह मुद्दा शांत हो गया है। बिना हल निकले इतने गंभीर मामले की इतनी जल्दी हवा निकलना वर्तमान माहौल में कोई आश्चर्य पैदा नहीं करता। ये मामला इसलिए और गंभीर और संवेदनशील है, क्योंकि मख्यमंत्री शिवराज सिंह के करीब 15 साल के कार्यकाल में पहली बार किसी आईएएस अफसर ने निशाने पर लिया और वह भी भ्रष्टाचार के मामले में। गजब यह है कि भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले अपर कलेक्टर को 24 घंटे के अंदर पद से हटा दिया गया लेकिन जिस पर आरोप लगे, यानी जिले के कलेक्टर का बाल बांका नहीं हुआ। ये मुद्दा भले ही शांत हो गया हो, लेकिन कई सवाल भी खड़े कर गया। क्या भ्रष्टाचार का विरोध करना बगावत है? क्या भ्रष्टाचार का विरोध कर आईएएस लोकेश जांगिड़ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा की आचार संहिता का उल्लंघन किया? क्या जिले में तैनात कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक सूबे के मुख्यमंत्री के वसूली एजेंट होते हैं? आईएएस और आईपीएस को जिले में कलेक्टर व एसपी के रूप में तैनात करने के क्या मानक हैं? क्या इन दोनों अफसरों की तैनाती सियासी रसूख के दम पर होती है? क्या कलेक्टर व एसपी बनने के लिए सियासी गलियों में बोली लगती है? क्या कलेक्टर व एसपी का भ्रष्टाचार के नाले में डुबकी लगाना मजबूरी है? कलेक्टर व एसपी को जिले से हटाने का क्या पैमाना है? सरकार को डायरेक्ट आईएएस की तुलना में प्रमोटी आईएएस क्यों प्रिय हैं? और सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या भ्रष्टाचार को लोगों ने रीति-नीति में गुप्त रूप से शिष्टाचार का दर्जा दे दिया है? क्या भ्रष्टाचार व अनैतिकता का विरोध करने वाले का बहिष्कार नहीं किया जा रहा? दरअसल, आईएएस अफसर लोकेश कुमार जांगिड़ को शिवराज सरकार हरियाणा के आईएएस अफसर खेमका की तर्ज पर फुटबाल बना रही है। 2014 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अफसर लोकेश जांगिड़ की फील्ड पोस्टिंग के अभी साढ़े 4 साल हुए हैं, लेकिन उनके 8 बार ट्रांसफर हो चुके हैं। यानी औसतन हर 6 माह में उन्हें हटाया गया। 42 दिन पहले राज्य शिक्षा केंद्र के अपर संचालक से बड़वानी अपर कलेक्टर बनाया गया था, लेकिन अब उन्हें वापस राज्य शिक्षा केंद्र भेज दिया गया है। बड़वानी में पदस्थ होने के बाद उन्हें जिले का कोविड प्रभारी बनाया गया था। इस दौरान जांगिड़ ने पूरे जिले का तूफानी दौरा किया और कोरोना की रफ्तार को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई। बड़वानी कलेक्टोरेट के अधिकारी बताते हैं कि अप्रैल और मई में वह शायद ही अपने दफ्तर में बैठे। वे हमेशा फील्ड में रहते थे। इसी दौरान जांगिड़ ने आॅक्सीजन कंसट्रेटर की खरीदी में हुए भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया। बड़वानी में कोरोना महामारी में उपकरणों की खरीदी में भारी हेरफेर हुआ था। 39 हजार के आॅक्सीजन कंसंट्रेटर 60 हजार रुपए में खरीदे गए। भ्रष्टाचार के इस खेल में जांगिड़ शामिल नहीं हुए और उन्होंने इसका विरोध किया। यह खरीदी कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा के माध्यम से हुई। इसके साथ ही अन्य उपकरणों की खरीदी में करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ था। जांगिड़ ने चार्ज लेते ही भ्रष्टाचारियों पर लगाम लगा दी थी। इसकी कीमत जांगिड़ को देनी पड़ी। जांगिड़ को अपर कलेक्टर के पद से हटा दिया गया। बड़वानी से तबादले के बाद लोकेश जांगिड़ ने बड़वानी कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए आईएएस एसोसिएशन के सोशल मीडिया ग्रुप में लिखा कि कलेक्टर पैसा नहीं खा पा रहे हैं। इसलिए वर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कान भर दिए। वे एक ही किरार समुदाय से हैं और कलेक्टर की पत्नी किरार महासभा की सचिव हैं, मुख्यमंत्री की पत्नी अध्यक्ष हैं। नैतिकता का तकाजा कहता है कि इतना गंभीर आरोप लगने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से इस बारे में स्पष्टीकरण जारी होना चाहिए था। लेकिन एक शब्द नहीं कहा गया। चूंकि, बड़वानी कलेक्टर पर सीधेतौर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे तो उन्हें भी पद से हटाया जाना चाहिए था और जांच होनी चाहिए थी। लेकिन ये सब तो बहुत दूर, कलेक्टर को एक नोटिस तक जारी नहीं किया गया। भ्रष्टाचार का विरोध करने वालों के लिए यह हतप्रभ व हताश करने वाली घटना है। दरअसल, ऐसा माहौल बनता जा रहा है कि भ्रष्टाचार व अनैतिकता पर बहस करना अब समय की बर्बादी है। घोटालों व भ्रष्टाचार के आरोपों को शिवराज सरकार गंभीरता से नहीं लेती। कुछ माह पहले प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि शिवराज सरकार ने सात माह में 17 घोटाले किए। ग्वालियर में आटा घोटाले में गरीब-मजदूरों को 10 किलो आटे के पैकेट में महज छह किलो से लेकर आठ किलो आटा दिया गया। कोरोना काल में बांटे गए त्रिकूट चूर्ण में भी घोटाले का आरोप लगा। शिवराज सरकार ने इन आरोपों पर ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस विपक्षी दल है। इसलिए मान लेते हैं उनका काम ही आरोप लगाना है। लेकिन जब केंद्र की मोदी सरकार की एजेंसियां ही शिवराज सरकार को घोटाले को लेकर एलर्ट करें तो मामला बेहद संगीन हो जाता है। प्रदेश में उपचुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने बालाघाट व मंडला में हुए चावल घोटाले पर शिवराज सरकार को पत्र लिखकर जांच के निर्देश दिए थे। केंद्रीय एजेंसी ने माना था कि प्रदेश में बालाघाट और मंडला में पोल्ट्री ग्रेड का चावल गरीबों को बांटा गया है। केंद्र सरकार ने यूरिया घोटाले को लेकर भी शिवराज सरकार को पत्र लिखकर आगाह किया था। केंद्र सरकार ने यूरिया घोटाले में बड़े पैमाने पर कालाबाजारी की जानकारी भी शिवराज सरकार को दी। मध्यप्रदेश में सहकारी समितियों ने किसानों को यूरिया देने के नाम पर बड़ा फजीर्वाड़ा किया। इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार ने शिवराज सरकार को दी थी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत शिवपुरी जिले में कटनी और रीवा से दो रैक में 51 हजार क्विंटल चावल पिछले साल जुलाई में आया था। घटिया चावल … Read more

Sawan Month 2021 Start Date : इस बार कब शुरू होगा शिव का श्रावण मास

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्रावण मास वर्ष का पांचवां माह होता है। अंग्रेजों के कैलेंडर के अनुसार यह जुन-जुलाई के बीच आता है। इस बार इस माह की शुरुआत 25 जुलाई 2021 रविवार से हो रही है। 26 जुलाई को सावन का पहला सोमवार रहेगा। 22 अगस्त रविवार रक्षा बंधन के दिन श्रावण मास समाप्त हो जाएगा और भाद्रपद माह की शुरुआत हो जाएगी। दक्षिण भारत में श्रावण मास का प्रारंभ देर से होता है। अषाड़ माह के शुक्ल पक्ष की समाप्ति के पश्चात श्रावण माह का प्रारंभ होता है। अषाड़ माह से ही वर्षा ऋतु का प्रारंभ हो जाता है और इसी माह की शुक्ल एकादशी के दिन देव सो जाते हैं। देवशयनी एकादशी से ही चतुर्मास का प्रारंभ हो जाता है। श्रावण माह से व्रत और साधना के चार माह अर्थात चातुर्मास प्रारंभ होते हैं। ये 4 माह हैं- श्रावण, भाद्रपद, आश्‍विन और कार्तिक। पौराणिक कथा के अनुसार देवी सती ने अपने दूसरे जन्म में शिव को प्राप्त करने हेतु युवावस्था में श्रावण महीने में निराहार रहकर कठोर व्रत किया और उन्हें प्रसन्न कर विवाह किया था। इसलिए यह माह विशेष है। श्रावण शब्द श्रवण से बना है जिसका अर्थ है सुनना। अर्थात सुनकर धर्म को समझना। इस माह में सत्संग का महत्व है। इस माह में पतझड़ से मुरझाई हुई प्रकृति पुनर्जन्म लेती है। श्रावण माह में सिर्फ सावन सोमवार ही नहीं संपूर्ण माह ही व्रत रखना जाता है। जिस तरह गुड फ्राइडे के पहले ईसाइयों में 40 दिन के उपवास चलते हैं और जिस तरह इस्लाम में रमजान माह में रोजे (उपवास) रखे जाते हैं उसी तरह हिन्दू धर्म में श्रावण मास को पवित्र और व्रत रखने वाला माह माना गया है। पूरे श्रावण माह में निराहारी या फलाहारी रहने की हिदायत दी गई है। इस माह में शास्त्र अनुसार ही व्रतों का पालन करना चाहिए। मन से या मनमानों व्रतों से दूर रहना चाहिए। संपूर्ण माह नहीं रख सकते हैं तो सोमवार सहित कुछ खास दिनों व्रत का पालन अवश्य करें। उत्तर भारतीयों के लिए सावन सोमवार के दिन : 1. रविवार, 25 जुलाई 2021 श्रावण मास का पहला दिन 2. सोमवार, 26 जुलाई 2021 पहला श्रावण सोमवार 3. सोमवार, 02 अगस्त 2021 दूसरा श्रावण सोमवार 4. सोमवार, 09 अगस्त 2021 तीसरा श्रावण सोमवार 5. सोमवार, 16 अगस्त 2021 चौथा श्रावण सोमवार 6. रविवार, 22 अगस्त 2021 श्रावण मास का अंतिम दिन पश्‍चिम और दक्षिण भारत में श्रावण माह : वहां 9 अगस्त 2021 से श्रावण मास प्रारंभ होगा और 7 सितंबर 2021 को श्रावण मास का अंतिम दिन होगा। 9 अगस्त, 19 अगस्त, 23 अगस्त, 30 अगस्त और 6 सितंबर को श्रावण के सोमवार रहेंगे।

बजरंग बाण का पाठ करने से पहले जान लें 10 खास बातें

श्रीरामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीरामचरित मानस लिखने से पहले हनुमान चालीसा लिखी थी और फिर हनुमान की कृपा से ही वे श्रीरामचरित मानस लिख पाए। कहते हैं कि तुलसीदासजी ने ही बजरंग बाण भी लिखा था। आओ जानते हैं कि बजरंग बाण का पाठ क्यों करना चाहिए और क्या रखना चाहिए सावधानी। कहते हैं कि गोस्वामी तुलसीदास पर काशी में किसी तांत्रिक ने मारण मंत्र का प्रयोग किया था। तब तुलसीदास जी के शरीर पर फोड़े निक आए थे। इसके बाद तुलसीदास जी ने बजरंग बाण का पाठ पढ़कर हनुमान जी से गुहार लगाई थी। बजरंग बाण के पाठ से एक दिन में सारे फोड़े ठीक हो गए थे। तभी से माजा जाता है कि यह पाठ शत्रुओं पर अचूक वार करता है। 1. क्यों करते हैं बजरंग बाण का पाठ? : बहुत से व्यक्ति अपने कार्य या व्यवहार से लोगों को रुष्ट कर देते हैं, इससे उनके शत्रु बढ़ जाते हैं। कुछ लोगों को स्पष्ट बोलने की आदत होती है जिसके कारण उनके गुप्त शत्रु भी होते हैं। यह भी हो सकता है कि आप सभी तरह से अच्छे हैं फिर भी आपकी तरक्की से लोग जलते हो और आपके विरुद्ध षड्‍यंत्र रचते हो। ऐसे समय में यदि आप सच्चे हैं तो बजरंग बाण का पाठ आपको बचाता है और शत्रुओं को दंड देता है। 2. सच्चे और पवित्र लोग ही करें इसका पाठ : बजरंग बाण से शत्रु को उसके किए की सजा मिल जाती है, लेकिन इसका पाठ एक जगह बैठकर अनुष्ठानपूर्वक 21 दिन तक करना चाहिए और हमेशा सच्चाई के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि हनुमानजी सिर्फ सच्चे और पवित्र लोगों का ही साथ देते हैं। 21 दिन में तुरंत फल मिलता है। कभी किसी का बुरा करने की कामना के साथ बजरंग बाण का पाठ नहीं करना चाहिए। किसी भी अनैतिक कार्य की पूर्ति के लिए या फिर किसी से विवाद की स्थिति में विजय पाने के लिए बजरंग बाण का पाठ नहीं करना चाहिए। कर्म करना जीवन में बहुत आवश्यक होता है इसलिए बिना प्रयास के ही किसी कार्य में सफलता पाने के उद्देश्य से बजरंग बाण का पाठ न करें। धन, ऐश्वर्य या किसी भी भौतिक इच्छा की पूर्ति के लिए बजरंग बाण का पाठ नहीं करना चाहिए। 3. सावधानी : बजरंग बाण के बारे में कहा जाता है कि इसका प्रयोग हर कहीं, हर किसी को नहीं करना चाहिए। जब व्यक्ति घोर संकट में हो तब ही इसका प्रयोग करना चाहिये। प्रयोग करने के पूर्व इसे सिद्ध करना होता है। इसका प्रयोग करते वक्त सावधानी रखना चाहिए। किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं होना चाहिए। जितनी बार बजरंग बाण पाठ का संकल्प लें, उतनी बार रुद्राक्ष की माला से पाठ करें। बजरंग का बाण पाठ करते समय ध्यान रखें कि शब्दों का उच्चारण साफ और स्पष्ट होना चाहिए। अगर आप किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए बजरंग बाण का पाठ कर रहे हैं तो कम से कम 41 दिनों तक यह पाठ नियमपूर्वक करें। आपको जितने दिन तक बजरंग बाण का पाठ करना हो उतने दिनों में ब्रह्मचर्य का पूर्णतया पालन करना जरूरी है। जितने दिन भी आपको बजरंग बाण का पाठ करना हो उतने दिनों तक किसी प्रकार का नशा या तामसिक चीजों का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। 4. विधिवत रूप से करें पाठ : बजरंग बाण का पाठ करके के लिए हनुमानजी के चित्र या मूर्ति के समक्ष कुशासन (एक विशेष प्रकार की घास से बना आसन) पर बैठकर विधिवत उनकी पूजा अर्चना करने के बाद इसका पाठ करना चाहिए। 5. कब करें ये पाठ : बजरंग बाण का पाठ अक्सर शनिवार को ही किया जाता है, परंतु मंगलवार को भी इसका पाठ कर सकते हैं। 6. पाठ के पूर्व क्या करें : बजरंग बाण का पाठ करने के पूर्व संकल्प अवश्य लें कि आपका कार्य जब भी होगा, हनुमानजी के निमित्त नियमित कुछ भी करते रहेंगे। इसके अलावा रामजी की स्तुति पढ़ें और फिर विधिवत पूजा के बाद पाठ करें। पाठ पूर्ण हो जाने के बाद भगवान राम का स्मरण और कीर्तन करें। 7. घी का दीप जलाएं : पाठ के पूर्व घी का दीपक चलाएं जिसमें पांच बत्ती हो। इसी के सात गुग्गल की सुगंध भी फैलाएं। 8. अर्पित करें ये सामग्री : हनुमानजी को चमेली का तेल, गुड़, चना, जनेऊ, पान का बिड़ा आदि अर्पित करें। चूरमा, लड्डू और अन्य मौसमी फल भी अर्पित कर सकते हैं। 9. शनि, राहु-केतु से मिलती है मुक्ति : घटना-दुर्घटना को राहु-केतु और शनि अंजाम देते हैं। जैसे अचानक आग लग जाना, आपकी गाड़ी का एक्सिडेंट हो जाता या किसी मुसिबत का अचानक आ जाना। हनुमानजी आपको सभी तरह की घटना और दुर्घटना से बचा लेते हैं। इसके लिए आप सदा उनकी शरण में रहकर प्रतिदिन बजरंग बाण पाठ कर सकते हैं। 10. मंगल दोष से मुक्ति : यदि किसी की कुंडली में मांगलिक दोष है जिसके कारण विवाह नहीं हो पा रहा है या विवाह होने के बाद वैवाहिक जीवन में संकट पैदा हो रहा है तो उसे नियमित रूप से मंगलवार के दिन बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए। अगर नियमपूर्वक निष्ठा के साथ बजरंग बाण का पाठ किया जाए, तो इससे मांगलिक दोष का निवारण जल्द हो सकता है।

सुंदरकाण्ड का पाठ करने के चमत्कारिक 10 फायदे

महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण पर आधारित तुलसीकृत महाकाव्य रामचरित मानस का पंचम सोपान है सुंदरकाण्ड। सुंदरकाण्ड में रामदूत, पवनपुत्र हनुमान का यशोगान किया गया है। आओ जानते हैं सुंदरकाण्ड का पाठ करने के चमत्कारिक लाभ। 1. सुंदरकाण्ड का पाठ सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माना गया है। किसी भी प्रकार की परेशानी या संकट हो, सुंदरकाण्ड के पाठ से यह संकट तुरंत ही दूर हो जाता है। 2. सुंदरकांड के पाठ से भूत, पिशाच, यमराज, शनि राहु, केतु, ग्रह-नक्षत्र आदि सभी का भय दूर हो जाता है। 3. हनुमानजी के सुंदर काण्ड का पाठ सप्ताह में एक बार जरूर करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र, ज्योतिष के अनुसार भी विषम परिस्थितियों सुंदरकांड पाठ करने की सलाह दी जाती है। 4. जीवन में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है तो आप संकल्प लेकर लगातार सुंदरकांड का पाठ करें। सुंदरकांड पाठ से एक नहीं बल्कि अनेक सैकड़ों समस्याओं का समाधान तुरंत मिलने लगता है। 5. श्रीराम चरित्र मानस को रचने वाले गोस्वामी तुलसीदास के अनुसार हनुमान जी को जल्द प्रसन्न करने के लिए सुंदरकांड का पाठ 1 रामबाण उपाय है सुंदरकांड पाठ करने वालों के जीवन में खुशियों का संसार होता है और आपका जीवन सुखमय होता है। 6. सुंदरकांड करने वाले व्यक्ति के अंदर सकारात्मक और विचारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। वह व्यक्ति किसी भी कार्य में अपनी रुचि दिखाता है तो उसमें सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। 7. सुंदरकाण्ड का पाठ करने से व्यक्ति के मन से भय जाता रहता है और आत्मविश्वास एवं इच्छाशक्ति प्रबल हो जाती है। 8. साप्ताहिक पाठ करने से गृहकलेश दूर होता है और परिवार में खुशियां बढ़ती हैं। 9. नियमित पाठ करने से कर्ज और रोग से छुटकारा मिलता है। 10. हनुमानजी की भक्ति करने और नियमित सुंदरकाण्ड का पाठ करने से व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में सफलता से आगे बढ़ता है।

आषाढ़ मास के 10 बड़े तीज-त्योहार और पर्व

भोपाल। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह अंतिम माह होता है इसके बाद चैत्र माह वैशाख, ज्येष्ठ और फिर आषाढ़। इस बार आषाढ़ का प्रारंभ अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 25 जून 2021 शुक्रवार को प्रारंभ होगा और 24 जुलाई शनिवार 2021 गुरु पूर्णिाम तक रहेगा। आओ जानते हैं इस माह के प्रमुख 10 बड़े तीज-त्योहार और पर्व। 1. वट सावित्री पूर्णिमा : 25 जून शुक्रवार को वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत रहेगा। 25 जून को गुरु हरगोविन्दजी की जयंती भी है। 2. सीतलाष्टमी : 2 जुलाई 2021 को सीतलाष्टमी का पर्व है जिसे बसोरा या बसोड़ भी कहते हैं। 3. हलहारिणी अमावस्या : 9 जुलाई 2021 को हलहारिणी अमावस्या है। यह श्राद्ध, दान पुण्य की अमावस्या भी है। 4. गुप्त नवरात्रि : 11 जुलाई 2021 को अषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रारंभ होगा और इसी दिन गुप्त नवरात्रि का भी प्रारंभ होगा जो 18-19 जुलाई तक चलेगी। 5. जगन्नाथ रथयात्रा : 12 जुलाई 2021 को भगवान जगन्नाथ रथयात्रा प्रारंभ होगी। हालांकि इस बार भी भक्तों के बगैर यात्रा होगी। 6. ताप्ती जयंती : 16 जुलाई 2021 को मां ताप्ती जयंती रहेगी और इसी दिन कर्क संक्रांति भी होगी। कर्क संक्रांति से सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। ताप्ती नदी भारत की पवित्र नदियों में से एक है। 7. हरिशयनी एकादशी : 20 जुलाई 2021 को हरिशयनी एकादशी से चतुर्मास प्रारंभ हो जाएगा। इसे देवशयनी एकादशी भी कहते हैं। इस दिन से देव सो जाएंगे और सभी तरह के मांगलिक और चार माह के लिए शुभ कार्य बंद हो जाएंगे। 8. वामन द्वादशी : 21 जुलाई 2021 को प्रदोष व्रत के दिन वामन द्वादशी और वासुदेव द्वादशी रहेगी। इसी दिन मुस्लिमों का ईद उल जुहा का पर्व भी रहेगा। 9. विजया पार्वती व्रत : 22 जुलाई को विजया पार्वती व्रत और मंगला तेरस रहेगी। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कब है? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजन विधि एवं कथा 10. गुरु पूर्णिमा : 23 जुलाई को व्रत की पूर्णिमा प्रारंभ होगी और 24 जुलाई को गुरु पूर्णिमा रहेगी। 23 जुलाई को चंद्रशेखर आजाद और लोकमान्य तिलक की जयंती भी है। पूर्णिमा के दिन व्यास पूजा होती है अर्थात महाभारत के लेखक वेद व्यासजी की पूजा। इसी दिन से आषाढ़ माह समाप्त हो जाएगा। अन्य : इस माह में 5 जुलाई को योगिनी एकादश, 7 जुलाई को प्रदोष व्रत, 8 जुलाई को शिव चतुर्दशी अर्थात मासिक शिवरात्रि, 13 जुलाई को विनायकी चतर्दशी व्रत, 18 जुलाई को गुप्त नवरात्रि पारण दिवस और भड़ली नवमी और 19 जुलाई को आशा दशमी का व्रत रहेगा। 28 जून से पंचक काल प्रारंभ होगा जो 3 जुलाई तक रहेगा।

किसान आंदोलन पर ISI की बुरी नजर, खुफिया एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान पिछले 7 माह से दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। देश की खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस समेत सुरक्षा एजेंसियों को इस मामले में अलर्ट जारी किया है। मीडिया खबरों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस और सीआईएसएफ को अलर्ट रहने के लिए कहा है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, 26 जून किसान प्रदर्शन करने वाले हैं, जिसमें तैनात जवानों के खिलाफ आईएसआई के एजेंट हिंसा भड़का सकते हैं। इस संबंध में दिल्ली पुलिस को पत्र भी भेजा गया है। इसके बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चुस्त कर दी गई है। दिल्ली में 3 मेट्रो स्टेशन बंद : दिल्ली मेट्रो ने किसान आंदोलन की आशंका के मद्देनजर येलो लाइन पर शनिवार चार घंटे के लिए 3 मुख्य स्टेशन बंद रखने का निर्णय लिया है। शनिवार को किसानों के आंदोलन को 7 महीने पूरे हो जाएंगे। डीएमआरसी ने शुक्रवार रात को ट्वीट किया, ‘दिल्ली पुलिस के सुझाव पर, सुरक्षा कारणों से, येलो लाइन पर तीन मेट्रो स्टेशन- विश्वविद्यालय, सिविल लाइन्स और विधानसभा, शनिवार को जनता के लिए सुबह10 बजे से दोपहर दो बजे तक बंद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली और हरियाणा के बीच सिंघू बॉर्डर के अलावा टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर भी किसान पिछले 7 माह से आंदोलन कर रहे हैं।

MP : BJP विधायक अजय विश्नोई ने कहा- मेनका गांधी निहायत ही घटिया महिला हैं

जबलपुर । नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के वेटनरी डॉक्टर विकास शर्मा से बातचीत में जिस तरह से बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने पूरे वेटनरी कॉलेज को घटिया कहा, उससे जबलपुर में उनके खिलाफ जमकर आक्रोश दिख रहा है। अब बीजेपी विधायक अजय विश्नोई ने तल्खी के साथ सांसद के खिलाफ टिप्पणी की है। अपने बेबाक बोल के लिए प्रसिद्ध विधायक विश्नोई ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि सांसद मेनका गांधी घटिया महिला है। मैं शर्मिंदा हूं कि ये मेरी पार्टी की सांसद (नेता नहीं) है। विधायक अजय विश्नोई ने 26 जून शनिवार सुबह 8.25 बजे अपनी ये पोस्ट की। इस पोस्ट पर 399 लोगों ने जहां रि-पोस्ट किया। वहीं 443 लोगाें ने उनकी बेबाक टिप्पणी को पसंद किया है। विधायक ने लिखा है कि विगत दिवस सांसद मेनका गांधी ने पशुचिकित्सक डॉक्टर विकास शर्मा से जिन शब्दों में बात की, उससे वेटरनरी कॉलेज जबलपुर घटिया सिद्ध नही हो जाता है। परंतु यह जरूर सिद्ध हो जाता है कि मेनका गांधी निहायत ही घटिया महिला हैं। पूरे देश में वेटनरी डॉक्टर कर रहे विरोध प्रदर्शन बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के खिलाफ पूरे देश में वेटनरी डॉक्टर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के वेटनरी डॉक्टर्स और छात्रों भी उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय है, जिसे मेनका गांधी ने हाल ही में कथित रूप से घटिया बताया था और उनका ऑडियो वायरल हो गया था। बीजेपी सांसद मेनका गांधी पर FIR दर्ज करने की मांग वेटनरी डॉक्टर्स ने मेनका गांधी को लीगल नोटिस भेजने की बात करते हुए उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में शिकायत दी है। डॉक्टरों ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उनका दावा है कि जब तक अपने शब्दों पर वो माफी नहीं मांगती हैं, उनका विरोध जारी रहेगा। गुरुवार से उनके खिलाफ डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को छात्राओं और महिला अध्यापकों ने प्रदर्शन किया। डॉक्टर अपरा शाही, डॉक्टर अंजू नायक, डॉक्टर कविता राय ने कहा कि पशु चिकित्सकों की पढ़ाई पर बिना सोचे-समझे टिप्पणी करना सांसद मेनका गांधी को शोभा नहीं देता। उन्हें दुख है कि एक महिला होते हुए वह बयान देकर दूसरी महिला को अपमानित कर रही हैं। ऑडियो वायरल होने के बाद आक्राेश हाल ही में मेनका गांधी और वेटनरी डॉक्टर के बीच हुई बातचीत का कथित ऑडियो वायरल हुआ है। इस ऑडियो में साफ सुनाई दे रहा है कि किस तरह मेनका गांधी वेटरनरी डॉक्टर को न केवल गालियां दे रही हैं, बल्कि उसकी काबिलियत पर भी सवाल उठा रही हैं। यहां तक कि मेनका गांधी ने जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय को भी घटिया बता दिया। जबकि जबलपुर के वेटनरी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र ना केवल देश बल्कि विदेशों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये है पूरा मामला 21 जून को एक कथित ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें चंडीगढ़ में प्रैक्टिस कर रहे जबलपुर वेटनरी विवि में पढ़े डॉक्टर विकास शर्मा से मेनका गांधी की फोन पर बात हुई थी। दरअसल चंडीगढ़ निवासी अंजली चौधरी अपना डॉग इलाज के लिए डॉक्टर शर्मा के पास लाई थी। उन्होंने उसका ऑपरेशन किया। मालिक उसे अपने घर ले गईं। जहां टांका टूट गया। बाद में इस डॉग का पैर काटना पड़ा। इसके बाद अंजली चौधरी ने इस मामले में मेनका गांधी से शिकायत की। इसी शिकायत पर मेनका गांधी ने फोन पर डॉक्टर के खिलाफ अपशब्द कहे और फिर कहां से डिग्री ली, पूछ कर वेटनरी विवि को देश का सबसे घटिया विश्वविद्यालय बता दिया।

MP BJP में बदलेंगे ‘मीडिया’ के चेहरे:सोशल मीडिया प्रभारी और प्रवक्ताओं से खुश नहीं हैं

मध्य प्रदेश। भाजपा के सोशल मीडिया प्रभारी शिवराज डाबी को हटाया जा सकता है। इतना ही नहीं, कई प्रवक्ताओं की छुट्‌टी भी करने की तैयारी है। वजह है, प्रदेश प्रभारी पी. मुरलीधर राव सोशल मीडिया टीम से नाराज हैं। प्रदेश संगठन के ऑफिशियल सोशल मीडिया ग्रुप में फाॅलोअर की संख्या एमपी कांग्रेस से कम है। इतना ही नहीं, मीडिया में पार्टी का पक्ष रखने वाले प्रवक्ताओं में आक्रामकता दिखाई नहीं दे रही है। राव ने बैठक में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष एक बार फिर नाराजगी व्यक्त की। आक्रामक नहीं होंगे तो कैसे बढ़ेंगे फाॅलोअर प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने 22 जून को भोपाल प्रदेश मुख्यालय में आईटी सोशल मीडिया टीम की बैठक ली थी। टीम के सदस्यों के साथ सीएम शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा भी मौजूद थे। इसमें राव ने सोशल मीडिया में और ज्यादा आक्रामक रुख अख्तियार करने के साथ ही फॉलोअर बढ़ाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कांग्रेस के सोशल मीडिया में फॉलोअर ज्यादा होने का मुद्दा भी उठाया। कहा- इस अंतर को दूर करें। आरोपों का मुंहतोड़ जवाब देने का निर्देश मुरलीधर राव ने कहा कि IT सेल को कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए और मुस्तैद होना चाहिए, ताकि पार्टी कार्यकर्ता देश की प्रतिष्ठा के विरोध में काम करने वाली ताकतों को मुंहतोड़ जवाब तत्परता से दे सके। मंत्रियों को जिलों का प्रभार जल्द मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी एक-दो दिन में मंत्रियों को जिलों का प्रभार दे सकते हैं। इसके साथ ही निगम-मंडलों में नियुक्तियां भी जल्दी होने के संकेत मिले हैं। ऐसे अन्य मुद्दों को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रभारी पी. मुरलीधर राव के साथ शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की बंद कमरे में बैठक हुई है। इसमें मंत्रियों को जिलों का प्रभार देने और निगम-मंडल में नियुक्तियां करने के लिए नामों पर चर्चा हुई है। बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि निगम-मंडलों में नियुक्तियां पिछले साल नवंबर से टलती आ रही हैं। राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 23 जून को मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष से अलग-अलग बैठक की थी। बैठक में सिंधिया ने निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर मंथन हुआ था। इससे पहले मुख्यमंत्री ने निगम-मंडलों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व अन्य पदों की जानकारी ली थी। माना जा रहा है कि प्रदेश प्रभारी के साथ बैठक होने के बाद अब सरकार जल्दी ही आदेश जारी करेगी।

इंदौर में चोरों से 5 करोड़ की 44 कारें जब्त, चार गिरफ्तार

इंदौर। इंदौर के पास महू पुलिस ने वाहन चोर गिरोह को गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले वाहनों को किराए से लेते थे। इसके बाद उनके फर्जी कागजात बनाकर उन्हें गिरवी रख देते थे। पुलिस ने चार आरोपियों से 44 वाहन जब्त किए हैं। इनकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। एसपी महेश चंद जैन ने बताया, इंदौर समेत महू के अलग-अलग थाना क्षेत्र से शिकायत मिली थी कि आरोपी देवेंद्र ठाकुर ने कई चार पहिया वाहन 22 से 30 हजार रुपए में किराए से लिया था। गिरोह के लोग एक माह में गाड़ी के फर्जी कागज बनाकर इन्हें अलग-अलग शहर में गिरवी रख देते थे। इसके बाद फरार हो जाते थे। ऐसे करते थे वारदात फरियादियों ने बताया, उनके चार पहिया वाहन देवेंद्र ठाकुर व उसके साथी श्याम सुनेर , दीपक रघुवंशी और रितेश वर्मा द्वारा किराए पर लिए जाते हैं। इसका अनुबंध पत्र देवेंद्र सिह ठाकुर के नाम पर वाहन मालिक के साथ बनाया जाता है। टैक्सी के लिए किराए से देना और क्रमशः 30 से 20 हजार रुपए प्रतिमाह का किराया तय होता है। इसके बाद, देवेन्द्र व साथियों द्वारा न तो गाड़ी के एवज में किराया दिया गया और न ही गाड़ी लौटाई। गाड़ियों को अन्य लोगों को वाहन मालिक के फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज तैयार कर गिरवी रखा गया। अन्य जिलों में भी की वारदातें गिरफ्तार के चारों आरोपियों देवेन्द्र ठाकुर (22) पिता प्रदीप ठाकुर, श्यामसिह सुनेर (25) पिता मेहरबान सिह सुनेर, दीपक रघुवंशी (40) पिता कृष्ण सिह रघुवंशी, रितेश वर्मा (21) पिता जीवन वर्मा ने पूछताछ में बताया, उन्होंने धार सीहोर, खरगाेन, देवास, इंदौर व अन्य जिलों से कई वाहन किराए किराए पर लिए थे। इसके बाद इन्हें गाड़ी मालिक के नकली हस्ताक्षर और खुद के फर्जी स्टाम्प की मदद से बेच देते थे।

बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय बन गए बाबा’

पटना। गेरुए रंग के कपड़े में इस व्यक्ति को पहचानने में थोड़ी दिक्कत जरूर होगी, लेकिन आप ध्यान से देखेंगे तो इन्हें पहचान भी जाएंगे। साथ में इनकी बातें भी याद आ जाएंगी। जी हां, ये हैं बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय। यह वही गुप्तेश्वर पांडेय हैं, जिन्होंने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस में सुर्खियां बटोरी थी। बिहार चुनाव से पहले VRS लेकर चुनाव लड़ने की मंशा भी जताई थी। हालांकि, इस्तीफा देकर नेता बनने के चक्कर में राजनीतिक पेंच में फंस गए और टिकट भी नहीं मिला। अयोध्या में 16 जून का है यह वीडियो गुप्तेश्वर पांडेय अब प्रवचनकर्ता बन गए हैं। गेरुए रंग का कपड़ा पहनते हैं, माला पहनते हैं, आसन पर बैठते हैं और लोगों को ज्ञान की बातें सुनाते हैं। यह वीडियो अयोध्या का है। 16 जून को इन्होंने यह प्रवचन दिया था। प्रवचन में इन्होंने भगवान के अस्तित्व की चर्चा की थी कि उन्हें कैसे देखा जा सकता है, उन्हें देखने का साधन क्या हो सकता है। इसको लेकर उन्होंने कई उदाहरण दिए। बताया कि भगवान को देखने के लिए यंत्र-तंत्र और साधन होते हैं। तभी कोई भगवान के पास पहुंच सकता है। गुप्तेश्वर पांडेय का यह रूप देखकर सभी आश्चर्य कर रहे हैं। गायक और एक्टर के तौर पर भी दिखे गुप्तेश्वर पांडे का इस तरह का यह पहला रूप नहीं है। इससे पहले वो गायक के रूप में भी दिख चुके हैं। भगवान भोलेनाथ पर इनका एल्बम भी आ चुका है और उसमें एक्टिंग भी कर चुके हैं। सुपर कॉप के रूप में जाने जाने वाले गुप्तेश्वर पांडेय का यह चेहरा लोगों के सामने कम ही आ पाया था। VRS लेने के बाद इन्होंने अपने आपको अध्यात्म की तरफ मोड़ लिया है। आजकल इनका ज्यादा समय अयोध्या के हरिदास कॉलोनी के हरि सुदर्शन आश्रम में बीतता है। वे वहीं लोगों को धर्म की बात सुनाते हैं।

MP : होटल में बनता था ब्रांडेड कंपनियों का शैंपू, डव, सनसिल्क और क्लीनिक प्लस

जबलपुर. जबलपुर में नकली खाद, घी, मसाले के बाद नकली शैंपू बनाने का मामला सामने आया है। यहां के एक होटल में डव, सनसिल्क, क्लीनिक प्लस, हेड एंड सोल्डर और पैंटीन कंपनी का नकली शैंपू बन रहा था। आरोपी दिल्ली से केमिकल मंगाते थे और उसमें नमक, रंग मिलाकर नकली शैंपू तैयार करते थे। इसे ब्रांडेड कंपनियों के खाली डिब्बों में पैक कर देते थे। फिर गली-मोहल्ले में सस्ते में नकली शैंपू को 40% तक डिस्काउंट बेचते थे। पुलिस ने उत्तरप्रदेश के 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ओमती पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ब्रांडेड कंपनियों के शैंपू बनाए जा रहे हैं। पुलिस ने सोमवार की रात नया मोहल्ला में मोहम्मदी गेट के पास संचालित होटल सैफी पैलेस में दबिश दी। पुलिस ने नकली शैंपू बनाते टेढ़ी बगिया इस्लाम नगर आगरा निवासी इम्तियाज अली, सोनू मलिक, शाहगंज आगरा निवासी मोहम्मद आमीन, मोहम्मद जाकिर, टेढ़ी बगिया निवासी अरमान खान, अरफात खान और इकबाल मोहम्मद को गिरफ्तार किया। गली मोहल्ले में घूमकर बेचते थे शैंपू आरोपी होटल सैफी पैलेस में ठहरे थे। यहां कमरा लेकर सातों आरोपी ब्रांडेड कंपनी की खाली शैंपू की बोतल में नकली मॉल भरकर बेचते थे। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दिल्ली से खाली डिब्बे कबाड़ी से खरीदकर लाते थे। ऐसे बनाते से नकली शैंपू दिल्ली के चांदनी चौक से ट्रेन से केन में केमिकल भरकर मंगवाते थे, ये पानी जैसा रहता है। फिर इसमें सेलम का पाउडर, शैंपू बनाने का केमिकल, नमक और रंग का इस्तेमाल कर ब्रांडेड कंपनियों से मिलता-जुलता शैंपू तैयार करते थे। इसे गली-मोहल्ले 30 से 40% डिस्काउंट में बेच देते थे। ब्रांडेड कंपनियों की शैंपू जब्त आरोपी पाउडर व केमिकल मिलाकर ब्रांडेड कंपनी के शैंपू जैसा कलर मिलाते थे। फिर डव, सनसिल्क, क्लीनिक प्लस, हेड एंड सोल्डर, पैंटीन कंपनी के नकली शैंपू बनाते थे। ब्रांडेड कंपनी के ही बोतलों में भरकर गली-गली में फेरी लगाकर बेचते थे। लोगों से बोलते थे कि कंपनी को मॉल निकालना है, इस कारण डिस्काउंट दिया जा रहा है। होटल से ये हुआ जब्त ओमती पुलिस ने मौके पर शैंपू बनाने की सामग्री, केमिकल, नमक, रंग, सेलम का पाउडर, पानी, विभिन्न कंपनियों के शैंपू के खाली व भरे हुए बोतल जब्त किए। सातों आरोपी पिछले कुछ दिनों से होटल में ठहरे थे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी है। सातों आगरा से आकर जबलपुर में रुके थे। होटल संचालक द्वारा भी इसकी सूचना थाने में नहीं दी गई थी। इस पर भी कार्रवाई हो सकती है।

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