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पूर्व मंत्री इमरती देवी की सिंधिया से मांग, बोलीं-डबरा को जिला बनवा दें, मैं राजनीति छोड़ दूंगी

संतोष सिंह तोमर,ग्‍वालियर । डबरा विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री इमरती देवी (Imarti Devi) का एक वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने डबरा (Dabra) को जिला बनाने की मांग उठाई है। उन्होंने एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के सामने ऐलान कर दिया कि इस बार डबरा को जिला बनवा दीजिए। भले ही आगे मुझे टिकट मत देना, लेकिन डबरा को जिला बनवा दें। मैं अपनी राजनीति खत्म कर दूंगी। पूर्व मंत्री इमरती देवी भाजपा के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए। मध्य प्रदेश की राजनीति में अपने बयानों में हमेशा में हमेशा चर्चा में रहने वाली पूर्व मंत्री और भाजपा नेता इमरती देवी में आज डबरा तहसील को जिला बनाने की मांग की। बीजेपी के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से उन्होंने मंच से मांग उठाई कि महाराज डबरा को जिला बनवा दीजिए मुझे अब कोई और काम नहीं चाहिए। यदि मैं मर गई तो डबरा के लोग कहेंगे कि डबरा को जिला ज्योतिरादित्य सिंधिया और इमरती देवी ने बनवाया था। इमरती देवी ने कहा- महाराज इस बार डबरा को जिला बनवा दीजिए भले ही आगे मुझे टिकट देना या ना देना, जिला बनते ही मैं अपनी राजनीति खत्म कर दूंगी। भाजपा ने डबरा विधानसभा से पूर्व मंत्री इमरती देवी को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस ने मौजूदा विधायक सुरेश राजे को फिर से मैदान में उतारा है। डबरा विधानसभा में समधि और समधन के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। पिछले 2020 के उपचुनाव में उनके समधी सुरेश राजे ने इमरती देवी को शिकस्त दी थी।

अस्पताल की व्यवस्था देखकर नाराज हुआ केन्द्रीय दल

आदित्य शर्मा,उज्जैन। तीन दिन पहले चरक तथा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं जांचने के लिए एनक्यूए अर्थात् नेशनल क्वालिटी असिसमेंट का दो सदस्यीय दल रायसेन से आया था। दल को चरक अस्पताल में तो व्यवस्थाएं ठीक नजर आई, लेकिन जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं और मरीजों की हालत देखकर दल के सदस्य नाखुश थे। जिला अस्पताल प्रबंधन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि तीन दिन पहले एनक्यूए के दल ने नागपुर से दो डॉक्टर्स की टीम आई थी। टीम दो दिन शहर में रूकी थी। पहले दिन दल द्वारा मातृ शिशु चरक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं जांची गई थी। इनमें दल ने चरक अस्पताल की सेंट्रल लैब, वार्डों में मरीज के बेड और अन्य सुविधाएं से लेकर स्टॉफ आदि के बारे में विस्तार से जानकारी ली थी। सूत्र बताते है कि यहां की व्यवस्थाओं को एनक्यूए का जांच दल संतुष्ट था, लेकिन अगले दिन जब टीम ने जिला अस्पताल का दौरा किया तो यहां पर करीब हर वार्ड में मरीजों के पलंग पर बिछे हुए गद्दे पुराने और फटे हुए थे। चादर और कंबल भी पलंगों पर पर्याप्त नहीं थे। इसके अलावा वार्डों के दरवाजों में लगे शीशे भी ज्यादातर टूट हुए थे। सूत्रों का कहना है जिला अस्पताल के यह हाल देखकर दल के सदस्य नाराज हुए थे और यहां से नाखुश होकर लौटे हैं। उल्लेखनीय है एनक्यूए दल की रिपोर्ट के आधार पर ही स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों को लाखों का अनुदान जारी करता है।

दो महीने पहले कांग्रेस छोड़ BJP में शामिल हुए अभय मिश्रा ने की घर वापसी

भोपाल (Bhopal)। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कांग्रेस (Congress) को विंध्य इलाके से एक बड़े झटके के साथ राहत की खबर भी आई है. विंध्य का शेर कहे जाने वाले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्वर्गीय श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी (Siddharth Tiwari) कांग्रेस छोड़ (leaves Congress) बीजेपी (joins BJP) में शामिल हो गए. वहीं दूसरी ओर दो माह पहले कांग्रेस छोड़ बीजेपी में जाने वाले अभय मिश्रा (Abhay Mishra) और उनकी पत्नी नीलम मिश्रा (his wife Neelam Mishra) ने फिर से कांग्रेस में वापसी की है। यहां बताते चले कि भोपाल में सीएम शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की मौजूदगी में सिद्धार्थ तिवारी ने आज बुधवार को बीजेपी की सदस्यता ली.वहीं, मिश्रा दंपत्ति ने बीजेपी से इस्तीफा देने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल की है.उनकी आज दिल्ली में मध्य प्रदेश के प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला से मुलाकात भी हुई थी। दरअसल,सिद्धार्थ तिवारी रीवा लोकसभा सीट से वर्ष 2019 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं. माना जा रहा है कि बीजेपी सिद्धार्थ तिवारी को रीवा से विधानसभा का टिकट दे सकती है. सिद्धार्थ तिवारी के साथ पन्ना की गुन्नौर सीट से पूर्व विधायक फुंदरलाल चौधरी भी बीजेपी में शामिल हो गए.भोपाल में बीजेपी दफ्तर में सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि उन्होंने भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी की विचारधारा से प्रभावित होकर यह निर्णय लिया है.देश और प्रदेश का जो विकास भाजपा के शासनकाल में हुआ है.उसके कारण वे भाजपा में शामिल हो रहे हैं। यहा बताते चले कि विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित होने के पहले विंध्य में कांग्रेस को पूर्व विधायक अभय मिश्रा और उनकी पत्नी नीलम मिश्रा ने झटका देते हुए बीजेपी का दामन थाम लिया था. लेकिन, आज फिर उन्होंने अचानक से कांग्रेस में वापसी करते हुए बीजेपी को छोड़ दिया. सोशल मीडिया में वायरल अभय मिश्रा के इस्तीफे में लिखा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाथ में जल उठाकर वचन दिया था कि टिकट देंगे.लेकिन कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र शुक्ल के दबाव में चौहान अब अपने वादे से मुकर गए है.वहीं,उन्होंने लिखा है कि कमलनाथ ने टिकट देने का वादा किया था लेकिन मैं खुद ही गलती कर बैठा और आवेश में आकर निर्णय ले बैठा.फिलहाल मैं कांग्रेस के साथ हूं। यहां बताते चलें कि साल 2018 के चुनाव में विंध्य इलाके की 30 सीटों में से बीजेपी को 26 सीट मिली थी.इस बार पुराने नतीजे को दोहराना बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है.वहीं,कांग्रेस में नेताओं की बढ़ती नाराजगी उसकी राह कठिन कर सकती है।

MP में पकड़ी गई नेपाल से तस्करी कर लाई गई एक करोड़ रुपए की चरस

संतोष सिंह तोमर , भोपाल मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल क्राइम ब्रांच पुलिस (Crime Branch Police) ने नेपाल से तस्करी (smuggling) कर लाई गई एक करोड़ रुपए से अधिक कीमत की अवैध चरस के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में एक भोपाल का और दो आरोपी बिहार के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने बताया कि चरस नेपाल से तस्करी कर लाई जा रही थी। क्राइम ब्रांच पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि मुखबिर की सूचना पर राजधानी के कोच फैक्ट्री के पीछे से तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी तलाशी में एक करोड़ पच्चासी हजार रुपए कीमत का 10-10 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ चरस जब्त किया गया। पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम सलमान खान, सोनू कुमार और वीरकिशोर शाहनी बताया है। इनमे सलमान भोपाल का तथा सोनू और वीरकिशोर बिहार के पश्चिम चंपारण के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि इस चरस को नेपाल से सस्ते दामों में खरीद कर बिहार के रास्ते भोपाल लाया गया, जिसे यहां तस्करी करना था, लेकिन इससे पहले ही आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आरोपियों द्वारा चरस तस्करी का यह काम काफी समय से किया जा रहा था। अपराध शाखा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है।

MP Election 2023: कांग्रेस की पहली सूची के बाद विद्रोह ने बढ़ाई चिंता, दो से तीन सीटों पर पुनर्विचार के आसार

प्रदेश कांग्रेस के टिकट को लेकर नरयावली, उज्जैन ग्रामीण, शिवपुरी, दतिया, सिंगरौली और बुदनी के कार्यकर्ता नाराज हैं। यहां टिकट कटने से कई नेताओं ने दूसरी पार्टी ज्वाइन कर ली है। वहीं, कुछ ने पार्टी को दोबारा विचार करने के लिए समय दिया है। कांग्रेस ने नवरात्र के पहले दिन 144 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है, लेकिन इसके बाद विरोध और बगावत शुरू हो गई है। इस बीच, पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह का द्वंद्व भी सामने आ गया। प्रदेश कांग्रेस के टिकट को लेकर नरयावली, उज्जैन ग्रामीण, शिवपुरी, दतिया, सिंगरौली और बुदनी के कार्यकर्ता नाराज हैं। यहां टिकट कटने से कई नेताओं ने दूसरी पार्टी ज्वाइन कर ली है। वहीं, कुछ ने पार्टी को दोबारा विचार करने के लिए समय दिया है। इस बीच चर्चा है कि शिवपुरी, पिछोर, दतिया सीट पर पार्टी प्रत्याशियों को लेकर दोबारा विचार कर सकती है। प्रदेश कांग्रेस में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले कोलारस विधायक वीरेंद्र रघुवंशी को टिकट नहीं देने को लेकर पीसीसी चीफ कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की लड़ाई कपड़े फाड़ने के बयान तक आ पहुंची। दरअसल, वीरेंद्र रघुवंशी शिवपुरी से टिकट की मांग कर रहे थे। यहां से कांग्रेस ने पिछोर से विधायक केपी सिंह को टिकट दे दिया। इसका विरोध करने वीरेंद्र रघुवंशी के समर्थक भोपाल पहुंच गए। इसके बाद कांग्रेस के दोनों बड़े नेताओं के बीच नोकझोंक का मामला सामने आया। अब चर्चा है कि कांग्रेस शिवपुरी समेत दो से तीन सीटों पर दोबारा विचार कर सकती है। तीन बार का हारा प्रत्याशी नहीं चलेगा सागर जिले की नरयावली विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने सुरेंद्र चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। यहां कांग्रेस की सूची जारी होते ही कांग्रेस नेताओं ने बगावत शुरू कर दी। सागर से कार्यकर्ता भोपाल पहुंचे। उन्होंने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के सामने नरयावली सीट पर सुरेंद्र चौधरी को प्रत्याशी बनाने पर जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि तीन-तीन बार हारा प्रत्याशी नहीं चलेगा। कार्यकर्ताओं ने प्रत्याशी बदलने की मांग की है। साथ ही प्रत्याशी नहीं बदलने पर नुकसान उठाने की बात कही है। सात दिन में विचार करने का अल्टीमेटम सिंगरौली में कांग्रेस ने रेनू शाह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया है। यहां से दावेदारी कर रहे कांग्रेस पिछड़ा वर्ग उपाध्यक्ष रामशिरोमणि शाहवाल ने पार्टी के निर्णय पर नाराजगी जताई। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी का नाम लिए बिना कहा कि जिनमें नेतृत्व की क्षमता नहीं होती है, उनको भी विधायक बनने का मौका मिल जाता है। उन्होंने कहा बुधवार को कहा कि पार्टी को अपने निर्णय पर दोबारा विचार करने के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दे रहा हूं। उन्होंने कहा कि यदि समर्थक बोलेंगे तो जरूर चुनाव लडूंगा। निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान ग्वालियर में भी टिकट नहीं मिलने से असंतुष्ट ग्वालियर ग्रामीण से दावेदारी जता रहे यूथ कांग्रेस नेता केदार सिंह कंसाना ने भी बगावती तेवर अपनाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। दूसरी पार्टी से चुनाव लड़ने का एलान भी कर दिया है। उन्होंने पार्टी द्वारा वर्तमान में घोषित किए गए प्रत्याशी पर भी कई आरोप लगाए हैं और कहा है कि जिन्होंने सर्वे किया उन्होंने ही सर्वे दबा दिए। पार्टी ने यहां से साहब सिंह गुर्जर को प्रत्याशी बनाया है। दतिया में अवधेश नायक का विरोध दतिया में कांग्रेस ने भाजपा से आए अवधेश नायक को प्रत्याशी बनाया है। इसका कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। बड़ी संख्या में कर्यकर्ता भोपाल पहुंचे। यहां पर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि टिकट नहीं बदलने पर वह प्रचार नहीं करेंगे। राजेंद्र भारती के समर्थन में उनमें समर्थकों ने नारेबाजी की। विक्रम मस्ताल को बताया बाहरी बुदनी में भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने खड़े कांग्रेस प्रत्याशी विक्रम मस्ताल का विरोध शुरू हो गया है। टिकट घोषित होने के बाद ही कांग्रेस के कार्यकर्ता भोपाल में कमलनाथ के आवास पहुंचे और मस्ताल के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यहां पर 18 साल से कांग्रेसी संघर्ष कर रहा है। पार्टी ने दो महीने पहले पार्टी ज्वाइन करने वाले को टिकट दे दिया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि टिकट पर दोबारा विचार नहीं किया गया तो हम प्रचार नहीं करेंगे। कांग्रेस छोड़ बसपा में शामिल सतना जिले की नागौद विधानसभा सीट से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह ने बगावत कर बसपा ज्वाइन कर ली। उनको बसपा ने अपना प्रत्याशी भी घोषित कर दिया। कांग्रेस ने नागौद से डॉ. रश्मि सिंह को उम्मीदवार बनाया है। यादवेंद्र सिंह के बसपा से लड़ने से कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है। उज्जैन में फूंके पुतले उज्जैन उत्तर विधानसभा में कांग्रेस का टिकट होते ही कांग्रेस में बगावत का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस ने उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से माया त्रिवेदी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। माया त्रिवेदी का कई जगहों पर पुतला जलाया गया है। इसके चलते कई दावेदारों और उनके समर्थकों में नाराजगी है। उज्जैन उत्तर विधानसभा की प्रत्याशी माया राजेश त्रिवेदी का कंठाल, कोयला फाटक, आगर नाका और कांग्रेस ऑफिस सहित कई जगह पुतले जलाए गए हैं।

MP News: जहां पढ़ चुकीं सलमान खान-मुकेश अंबानी जैसी हस्तियां, ग्वालियर के उस स्कूल में 21 को पहुंचेंगे PM मोदी

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर मध्यप्रदेश के दौरे पर रहेंगे। इस बार वे 21 अक्टूबर को ग्वालियर आ रहे हैं। वे यहां के सिंधिया स्कूल के 125वें स्थापना दिवस के कार्यक्रम में पहुंचेंगे। सिंधिया स्कूल की स्थापना 125 साल पहले सन 1897 में हुई थी। संतोष सिंह तोमर, ग्वालियर बता दें कि यह सिंधिया परिवार की तरफ से पहला मौका है, जब उनके कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। सिंधिया स्कूल प्रबंधन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सिंधिया की राजशाही जयविलास पैलेस का भ्रमण कर चुके हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि पीएम मोदी के कार्यक्रम की जानकारी मिल गई है जिसको लेकर तैयारी चल रही है। सिंधिया स्कूल देशभर में प्रसिद्ध है और इस स्कूल में सलमान खान, मुकेश अंबानी सहित तमाम बड़ी हस्तियां पढ़ चुकी हैं। गौरतलब है कि ग्वालियर में सिंधिया स्कूल अपना 125वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। इस कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया गया है। इसको लेकर स्कूल में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। यह दो दिवसीय कार्यक्रम होगा। करीब डेढ़ घंटे तक रहेंगे। समारोह ठीक शाम 5 बजे से शुरू होगा और उसी समय पीएम मोदी सिंधिया स्कूल पहुंचेंगे। इस स्थापना दिवस पर मीत ब्रदर्स अपनी प्रस्तुति देंगे। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हो सकते हैं। उनके साथ केंद्रीय मंत्री सिंधिया सहित कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इससे पहले सिंधिया परिवार ने राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को महल में आमंत्रण किया और उसके बाद उन्हें शाही भोज कराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 अक्टूबर को ग्वालियर में होने वाले दौरे को लेकर सिंधिया ने कहा है कि हमारा सौभाग्य है कि सिंधिया स्कूल की वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना कीमती समय निकालकर यहां आ रहे हैं।

सुसाइड नोट लिख शिप्रा में छलांग लगाने वाले गेल के सीनियर इंजीनियर की लाश मिली

Indore Crime News: सुसाइड नोट में उन्होंने डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएम) पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। आदित्य शर्मा इंदौर। सोमवार से लापता गैस अथारिटी आफ इंडिया लि. (गेल) के सीनियर इंजीनियर विनोद कुमार का शव मंगलवार सुबह शिप्र नदी में मिल गया है। औद्योगिक थाना टीआई शशिकांत चौरसिया ने बताया कि शव नदी में तलाशी के दौरान करीब 100 मीटर दूरी पर मिल गया। शव का पोस्टमार्टम कर मर्ग कायम किया गया है। उल्लेखनीय है कि गुलाब कालोनी स्कीम-94 निवासी विनोद कुमार शर्मा सोमवार से लापता थे। उनकी कार शिप्रा नदी किनारे मिली थी। कार में सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उन्होंने डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएम) पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। इसके बाद से पुलिस व गोताखोर नदी में सर्चिंग में जुटे हैं। 52 वर्षीय विनोद रामप्रसाद शर्मा के पास देवास व इंदौर का काम था। सोमवार दोपहर वे बगैर बताए कार (एमपी 09 डब्ल्यूजी 6003) से घर से रवाना हुए थे। घर न लौटने पर स्वजन ने तलाश शुरू की। पत्नी कीर्ति ने लसूड़िया थाना में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन निकाली तो औद्योगिक नगर देवास थाना क्षेत्र में मिली। सीसीटीवी फुटेज निकाले तो दोपहर करीब सवा दो बजे कार टोलनाका से जाते हुए नजर आई।

Shardiya Navratri: नवरात्रि के बाद कलश में रखे नारियल से करें ये 3 काम, मां दुर्गा होंगी प्रसन्न, मनोकामनाएं कर देंगी पूरी

Kalash Nariyal Upay: शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के महापर्व के 4 दिन हो गए हैं. इस साल शारदीय नवरात्रि 15 अक्टूबर 2023 से शुरू होकर 23 अक्टूबर 2023 को समाप्त होंगी. नवरात्रि में पूरे 9 दिन पूजा-पाठ के साथ व्रत रखा जाता है. दरअसल, नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है ‘9 रातें’. इन 9 रातों और 10 दिनों के दौरान भक्त शक्ति की देवी मां जगदंबा के नौ रूपों की पूजा करते हैं. नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना या घटस्थापना के साथ इसकी शुरुआत होती है. इस दौरान एक नारियल रखकर कलश स्थापना या घटस्थापना होती है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि के बाद इस नारियल का क्या होता है. हालांकि, इस तरह के सवाल कई लोगों के मन में होते हैं. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, जिस श्रद्धापूर्वक कलश स्थापना होती है, ठीक उसी तरह इसे हटाना भी जरूरी होता है. यदि आप गलत तरीके से नारियल को हटाते हैं या नारियल का प्रयोग करते हैं तो इससे इसका अपमान होता है और आपको नवरात्रि में किए गए पूजा-व्रत का फल नहीं मिलता है. आइए उन्नाव के ज्योतिषाचार्य पं. ऋषिकांत मिश्र शास्त्री से जानते हैं कि नवरात्रि के बाद कलश में रखे नारियल का क्या करना चाहिए? पूजा स्थल पर रखें: नवरात्रि में स्थापित किए गए नारियल की अनदेखी नहीं करनी चाहिए. क्योंकि, कई लोग नवरात्रि समाप्त होने पर नारियल गलत तरह से हटाते या प्रयोग कर लेते हैं. ऐसा करने से उन्हें 9 दिन की पूजा का फल नहीं मिल पाता. बता दें कि, कलश पर रखे नारियल में माता रानी की विशेष कृपा होती है. ऐसे में नवरात्रि के बाद इस नारियल को लाल रंग के कपड़े में लपेटकर पूजा स्थल पर रखें. ऐसा करने से मां प्रसन्न होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. प्रसाद के रूप में खाएं: नवरात्रि में स्थापित कलश के ऊपर रखे नारियल को 9 दिन बाद विधि-विधान से हटाना चाहिए. इसके बाद इसको आप नदी या बहते पानी में प्रवाहित कर सकते हैं. या फिर बेहतर होगा कि आप इसको प्रसाद के रूप में कन्याओं को बांटें और स्वयं भी खाएं. ऐसा करने से आप मां से सुख-समृद्धि पा सकते हैं. चावल भी प्रवाहित करें: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के बाद पूजा की सामग्री को जल में प्रवाहित करना सबसे उत्तम माना जाता है. चाहें वह नारियल हो या फिर कलश के नीचे रखे चावल. नवरात्रि के बाद सभी को जल में प्रवाहित जरूर करना चाहिए. दरअसल, ऐसा करने से कोई दोष नहीं लगता और पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त होता है. एजेंसी इनपुट

दशहरा, दिवाली और छठ पर घर जाने की टेंशन हुई खत्म, रेलवे ने शुरू की 34 स्पेशल ट्रेनें

Festival Special Trains: उत्तर रेलवे ने त्योहार के समय अपने घर जाने वाले यात्रियों की भीड़ के मद्देनजर बुधवार से 34 विशेष ट्रेन शुरू की हैं. ये विशेष ट्रेन 18 अक्टूबर से 11 दिसंबर के बीच 377 फेरे लगाएंगी. एजेंसी , नई दिल्ली उत्तर रेलवे ने त्योहार के समय अपने घर जाने वाले यात्रियों की भीड़ के मद्देनजर बुधवार से 34 विशेष ट्रेन शुरू की हैं. ये विशेष ट्रेन 18 अक्टूबर से 11 दिसंबर के बीच 377 फेरे लगाएंगी. इनमें से 351 फेरे देश के पूर्वी हिस्से की ओर तथा 26 फेरे उत्तरी क्षेत्र की ओर लगाने वाली विशेष ट्रेन होंगी.उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इन 34 ट्रेन के अलावा, मौजूदा 69 ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे. कुल मिलाकर, उत्तर रेलवे त्योहारी मौसम के दौरान यात्रियों की आवाजाही में वृद्धि को देखते हुए 5.5 लाख अतिरिक्त सीट उपलब्ध कराएगा.’’ ये विशेष ट्रेन देश भर के प्रमुख गंतव्यों जैसे दिल्ली, नई दिल्ली, आनंद विहार, पटना, छपरा, जोगबनी, सहरसा, जयनगर, कटिहार, गुवाहाटी, दरभंगा, गोरखपुर, वाराणसी, बरौनी, रक्सौल, मुजफ्फरपुर, गया, लखनऊ, कोलकाता, श्री माता वैष्णो देवी कटरा, अमृतसर, सहारनपुर और अंबाला को जोड़ेंगी. उत्तर रेलवे ने संभावित यात्रियों को उसके सोशल मीडिया हैंडल और पूछताछ कार्यालयों से विशेष ट्रेन का विवरण प्राप्त करने की सलाह दी है. चौधरी के मुताबिक, इस दौरान बढ़ी मांग के चलते अतिरिक्त व्यवस्था की गई है.चौधरी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अतिरिक्त व्यवस्थाएं बढ़ी हुई मांग को पूरा करेंगी. हम स्थिति पर नजर रखेंगे और अगर हमें लगता है कि और अधिक विशेष ट्रेन की जरूरत है, तो हम निश्चित रूप से उस पर भी विचार करेंगे. फिलहाल, मुझे लगता है कि यह पर्याप्त है.’’ चौधरी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अतिरिक्त व्यवस्थाएं बढ़ी हुई मांग को पूरा करेंगी. हम स्थिति पर नजर रखेंगे और अगर हमें लगता है कि और अधिक विशेष ट्रेन की जरूरत है, तो हम निश्चित रूप से उस पर भी विचार करेंगे. फिलहाल, मुझे लगता है कि यह पर्याप्त है.’’उन्होंने कहा, ‘‘विशेष ट्रेन के परिचालन के अलावा हमने बुकिंग काउंटर पर लंबी कतारों से बचने के लिए विशेष टिकट खिड़कियां खोलने और सभी मौजूदा खिड़कियों को चालू करने का फैसला किया है.’’ इन विशेष ट्रेन के समय पर यात्रा पूरा करने के बारे में सवालों पर चौधरी ने कहा कि वे (रेलकर्मी) यथासंभव आगमन और प्रस्थान के निर्धारित समय का पालन करेंगे और अन्य महत्वपूर्ण ट्रेन के कारण देरी नहीं होगी.चौधरी ने कहा, ‘‘ये अतिरिक्त ट्रेन हमारे लिए अन्य ट्रेन की तरह ही महत्वपूर्ण हैं और मैं विशेष ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे सभी यात्रियों को आश्वस्त करूंगा कि वे समय सारिणी का पालन करेंगी.’’उन्होंने कहा कि यात्रियों की भीड़ से निपटने के लिए भी व्यवस्था की जाएगी. वहीं, उत्तर रेलवे ने बुधवार को त्योहारी सीजन के दौरान यात्रा करने वाले लोगों को भीड़भाड़ और भगदड़ जैसी घटनाओं से बचने के लिए अपनी ट्रेनों के प्रस्थान से 15 से 20 मिनट पहले स्टेशनों पर पहुंचने की सलाह दी. उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधरी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यदि लोग जल्दी आते हैं तो उनके इंतजार के लिए विशेष ठहरने वाले क्षेत्र निर्धारित किए जाएंगे और इससे सीमित स्थान वाले प्लेटफार्मों पर दबाव घटाने में मदद मिलेगी.चौधरी ने कहा कि उत्तर रेलवे ने भीड़ प्रबंधन और कतारों के नियंत्रण की व्यवस्था की है. उन्होंने कहा कि हम स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों का मार्गदर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात करेंगे.

मिजोरम विस चुनाव : भाजपा ने 23 उम्मीदवारों की सूची जारी की, पार्टी चुनाव बाद गठबंधन के लिए तैयार

भाजपा की प्रदेश इकाई के मीडिया संयोजक जॉनी लालथनपुइया ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या पार्टी इस पूर्वोत्तर राज्य में सभी 40 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. संतोष सिंह तोमर की रिपोर्ट आइजोल: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सात नवंबर को होने वाले मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए निवर्तमान अध्यक्ष और सत्तारूढ़ एमएनएफ से हाल में पार्टी में शामिल होने वाले कई अन्य नेताओं समेत 23 उम्मीदवारों के नामों की बुधवार को घोषणा की. भाजपा ने ज्यादातर नए चेहरे उतारा है जबकि इनमें से चार प्रत्याशी महिला है. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 20 अक्टूबर है. मतदाताओं द्वारा खंडित जनादेश दिए जाने का अनुमान जताते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वनलालमुआका ने कहा कि पार्टी कांग्रेस को छोड़कर किसी भी अन्य दल के साथ चुनाव के बाद गठबंधन करने से नहीं हिचकिचाएगी. भाजपा की प्रदेश इकाई के मीडिया संयोजक जॉनी लालथनपुइया ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या पार्टी इस पूर्वोत्तर राज्य में सभी 40 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व बृहस्पतिवार को एक और सूची जारी कर सकता है.भाजपा ने 2018 के चुनाव में 39 सीटों पर चुनाव लड़ा और एक सीट पर जीत हासिल कर पहली बार राज्य विधानसभा में अपना खाता खोला था. पार्टी के इकलौते विधायक डॉ. बीडी चकमा इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे क्योंकि उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास की घोषणा कर दी है. एक सप्ताह पहले सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले विधानसभा अध्यक्ष लालरिनलियाना सैलो मामित सीट से चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने 2018 के विधानसभा चुनाव में चालफिल्ह सीट से जीत हासिल की थी लेकिन इस बार सत्तारूढ़ पार्टी ने उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया. भाजपा ने पूर्व आबकारी मंत्री डॉ. के बेछुआ को सियाहा से उम्मीदवार बनाया है.गत विधानसभा चुनावों में एमएनएफ के टिकट पर सियाहा से चुनाव लड़ने वाले बेछुआ ने इस महीने की शुरुआत में विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे. उन्हें ‘‘पार्टी विरोधी गतिविधियों” के लिए जनवरी में एमएनएफ से निष्कासित कर दिया गया था. चकमा स्वायत्त जिला परिषद के पूर्व मुख्य कार्यकारी सदस्य दुर्ज्या धान चकमा को भी भाजपा ने चकमा बहुल तुइचाव्ंग निर्वाचन क्षेत्र से खड़ा किया है. उन्होंने हाल में एमएनएफ छोड़ दी थी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वनलालमुआका को डम्पा निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया गया है जबकि पार्टी प्रवक्ता एफ लालरेमसांगी आइजोल साउथ-1 सीट से चुनाव लड़ेंगे. उम्मीदवारों की घोषणा के बाद वनलालमुआका ने कहा कि भाजपा शायद राज्य में अपने दम पर सरकार नहीं बना पाए, लेकिन यह सरकार का हिस्सा होगी. उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा की भागीदारी के बिना कोई सरकार नहीं बन सकती.” लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटने की उम्मीद कर रही एमएनएफ ने सभी 40 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. मुख्य विपक्षी दल जोराम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) ने भी सभी प्रत्याशियों के नाम जारी कर दिए हैं. मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए मतदान सात नवंबर को होगा और मतगणना तीन दिसंबर को होगी.

सैय्यद जाफर को कांग्रेस ने दी बड़ी जिम्मेदारी, बनाए गए महामंत्री

संतोष सिंह तोमर, भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस नेता सैय्यद जाफर को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी का महामंत्री मनोनीत किया है। इसे लेकर नियुक्ति आदेश भी जारी कर दिया गया है। कौन है सैय्यद जाफर माना जाता है की पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी है ।अपनी विशिष्ठ छवि और भाषा शैली के साथ कहीं बार वे सत्तारूढ़ दल पर कमियों को गिनाने से भी नही चूकते हैं।। माना जाता है कि बेदाग छवि के सैय्यद जाफर को हर कांग्रेस कार्यकर्ता पसंद करता है छिंदवाड़ा से आने वाले जाफर कांग्रेस को दिशाशक्ति और पूर्ण सशक्तिकरण देने में काबिल माने जाते है साथ ही वो शोषित वंचित समाज से लेकर सवर्ण समाज और अल्पसंख्यक समाज में खासे लोकप्रिय नेता है । सैय्यद जाफर के लोकप्रिय बनने की कहानी यूं तो सैय्यद जाफर एक जाना पहचाना नाम है पर उनका परिवार सदैव समाजसेवा में लगा रहता है अपनी विशिष्टता के कारण वो हमेशा समाजसेवा और मानव उत्थान के कार्यों से जुड़े रहते है वो जीतने लोकप्रिय है उतना ही उनका काम भी बोलता है कांग्रेस के निस्वार्थ कार्यकर्ता के रूप में … बहरहाल आने वाले विधानसभा चुनाव के कारण मध्य प्रदेश के पदाधिकारी के रूप में उनके महामंत्री के कार्यकाल को कांग्रेस याद रखेगी या पार्टी के दलबदलु कार्यकर्ताओं की तरह भूल जायेगी ।।

सिवनी के केवलारी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेताओं ने अपने ही विधायक के विरुद्ध खोला मोर्चा।

भोपाल से संतोष सिंह तोमर की रिपोर्ट

केवलारी से भाजपा के विधायक हैं राकेश पाल सिंह ।।

भ्रष्टाचार और कार्यकर्ताओं की अनदेखी के लगे आरोप

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश के सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा से बड़ी खबर निकल कर सामने आई है। केवलारी विधानसभा के लिये अभी तक भारतीय जनता पार्टी ने किसी को भी चुनाव प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। लेकिन प्रत्याशी के नाम की घोषणा होने के पहले ही पार्टी के नेताओं के बगावती तेवर सामने आने लगे हैं। राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा जरूर जोर पकड़ रही है कि भाजपा यहां से पार्टी के वर्तमान विधायक राकेश पाल सिंह पर ही भरोसा जताते हुए उन्हें फिर एक बार उम्मीदवार घोषित कर सकती है। गुप्त सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार भी भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति में चुनाव प्रत्याशी के रूप में राकेश पाल सिंह के नाम पर सहमति बन चुकी है और अगली प्रत्याशी सूची में उनके नाम की घोषणा हो सकती है। भाजपा की अगली सूची जारी होने के पहले भाजपा के कई नेताओं ने राकेश पाल सिंह के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के केवलारी क्षेत्र से बजरंग दल और भारतीय जनता पार्टी में जिला पदाधिकारी रहे शिवराज सिंह बघेल, भाजपा नेता चंद्रभूषण बिसेन (सरपंच एवं जनपद उपाध्यक्ष सरपंच संघ केवलारी) और भाजपा के सिवनी जिलाउपाध्यक्ष ने तो बाकायदा वीडियो जारी करते हुए भाजपा विधायक राकेश पाल सिंह पर भ्रष्टाचार, संघठन विरोधी कार्य करने और कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इन सभी नेताओं का कहना है कि यदि भारतीय जनता पार्टी ने इस बार भी वर्तमान विधायक राकेश पाल सिंह को टिकट दिया तो निश्चित ही हम निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरेंगे। इन नेताओं के बयानों से जहां पार्टी विधायक राकेश पाल के लिए मुसीबत खड़ी होती दिखाई दे रही है, वहीं लगातार टिकट कटने से नाराज अपने ही नेताओं के विरोध के चलते मुश्किलों का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें और भी बढ़ती नजर आ रही है। अब देखना यह है कि पार्टी हाईकमान यहां विरोध को कैसे खत्म करेगा। क्या पार्टी वर्तमान विधायक राकेश पाल सिंह का टिकट काटकर किसी और को प्रत्याशी बनाएगी या स्थानीय नेताओं के विरोध को अनदेखा कर राकेश पाल सिंह को ही फिर से मैदान में उतारेगी ?

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https://www.youtube.com/watch?v=CrsZjpUDJes

महापौर के ओएसडी ने निगम कमिश्‍नर की कार पर किया जादू-टोना, कटा नींबू फेंका, अफसर का तबादला

अधिकारियों ने बताया कि सिटी मिशन प्रबंधक के पद पर कार्यरत निखिल कुल्मी पर आरोप है कि उन्होंने सोमवार को गीता भवन क्षेत्र में सरकारी कार्यालय के परिसर में निगम आयुक्त हर्षिका सिंह की कार के आगे कटा नींबू फेंका। अधिकारियों के मुताबिक यह घटना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।उन्होंने बताया कि निगम के एक सुरक्षा कर्मी और पांच कार चालकों की ओर से संयोगितागंज पुलिस थाने में इस घटना की शिकायत दर्ज कराते हुए कुल्मी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गुजारिश की गई है। अधिकारियों ने बताया कि निगम आयुक्त ने कुल्मी का तबादला इस निकाय के नियंत्रण कक्ष में कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक तबादला आदेश में आयुक्त ने नियंत्रण कक्ष के प्रभारी को यह निर्देश भी दिया है कि वह कुल्मी के काम पर ‘‘नियमित निगरानी’’ रखे।कुल्मी, राज्य में 17 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों की आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले तक महापौर पुष्यमित्र भार्गव के ‘ओएसडी’ के रूप में काम कर रहे थे। भार्गव ने कहा,‘‘मुझे कुल्मी के खिलाफ शिकायत की जानकारी मिली है। संबंधित घटनाक्रम पहली नजर में निंदनीय है। इसके तमाम तथ्यों की जांच करके नियमानुसार कदम उठाए जाने चाहिए। इंदौर से आदित्य शर्मा की रिपोर्ट

‘निर्दलीय के रूप में नामांकन करूंगा दाखिल’, टिकट कटने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस विधायक का दावा

ब्यूरो रिपोर्ट कांकेर। सत्तारूढ़ कांग्रेस ने रविवार को जारी 30 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची में नाग सहित आठ मौजूदा विधायकों को टिकट देने से इनकार कर दिया। इन्हीं आठ विधायकों में से एक अनूप नाग भी हैं छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अब तक अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया है। टिकट न मिलने पर अनूप नाग ने बुधवार को कहा कि वह अपने अंतागढ़ निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय के रूप में अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन फॉर्म खरीदने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए नाग ने कहा, “मैंने एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में नामांकन फॉर्म खरीदा है और इसे नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन 20 अक्टूबर को जमा करूंगा।”विधायक ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोग भी निराश हैं कि उन्हें टिकट नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “पिछले पांच वर्षों से, यहां तक कि COVID-19 महामारी के दौरान भी, मैंने क्षेत्र में काम किया। इसके बावजूद ऐसा फैसला लिया गया. मुझे उम्मीद थी कि पार्टी से लोगों की सेवा करने का एक और मौका मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।” अनूप नाग ने 2018 के चुनाव में अंतागढ़ से की थी जीत हासिल नाग ने 2018 के चुनाव में भाजपा के विक्रम उसेंडी के खिलाफ 13,414 वोटों के अंतर से अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित सीट अंतागढ़ से जीत हासिल की थी। कांग्रेस ने इस बार इस सीट से रूप सिंह पोटाई को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने राज्य के पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद उसेंडी को फिर से उम्मीदवार बनाया है। राज्य पुलिस से सेवानिवृत्त होने के बाद राजनीति में शामिल हुए नाग ने पोटाई पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “आश्चर्य की बात है कि जो व्यक्ति भाजपा का सक्रिय सदस्य था और पिछले चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुआ था, उसे पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है।” विधायक अनूप नाग ने लगाया कांग्रेस पर आरोप विधायक अनूप नाग ने कहा, “राजस्थान में कांग्रेस के ‘संकल्प शिविर’ में कहा गया था कि जो लोग दूसरे संगठन छोड़कर पार्टी में शामिल हुए हैं, उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा। हालांकि, अंतागढ़ में इसका पालन नहीं किया गया है।”

कांग्रेस की दूसरी लिस्ट में दिखा टीएस सिंहदेव का दबदबा! विरोध में शामिल नेताओं का कटा टिकट

image : TS SINGHDEO ( Deputy c.m. ) ब्यूरो रिपोर्ट ( रायपुर ) छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की दूसरी लिस्ट में 53 प्रत्याशियों की सूची में नौ विधायकों और एक पूर्व मंत्री का टिकट काटा गया है. सरगुजा संभाग में उप-मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का विरोध करने वाले रामानुजगंज से बृहस्पत सिंह का टिकट कट गया है. वहीं मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल का भी टिकट काट कर उपमुख्यमंत्री के बेहद करीबी रमेश सिंह को प्रत्यासी बनाया गया है. खबरों की माने तो विनय जायसवाल भी उप-मुख्यमंत्री के खिलाफत करने में पीछे नहीं हटते थे. इसके अलावा बैकुंठपुर विधानसभा से वर्तमान विधायक अम्बिका सिंहदेव की सीट को अभी होल्ड किया गया है, जो कि कांग्रेस की आज जारी हुई दूसरी सूची में उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के दबदबे के तौर पर देखा जा रहा है. मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले की दो सीटों पर नाम की घोषणा मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले की दो विधानसभा सीटों पर कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर की है. विधानसभा क्रमांक 1 भरतपुर सोनहत (आरक्षित) से दोबारा वर्तमान विधायक गुलाब सिंह कमरो को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया है. इस सीट पर वर्तमान विधायक का नाम तय माना जा रहा है. भाजपा ने यहां से केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह को मैदान में उतारा है. वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने श्याम सिंह मरकाम को अपना उम्मीदवार बनाया है. श्याम सिंह मरकाम गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के फाउंडर स्व हीरा सिंह मरकाम के पुत्र हैं. वर्ष 2018 में भी मरकाम ने भरतपुर सोनहत विधानसभा सीट से अपनी किस्मत आजमाई थी, तब वे तीसरे नंबर पर थे. उन्होंने लगभग 27 हजार वोट प्राप्त किए थे।. एक बार फिर उनके मैदान में उतरने से इस सीट पर बेहद रोचक मुकाबले की संभावना जताई जा रही है. बात विधानसभा क्रमांक मनेन्द्रगढ़ विधानसभा (सामान्य सीट) की करें तो यहां से कांग्रेस ने रमेश सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है. पेशे से वकील रमेश सिंह पुराने कांग्रेसी हैं. वहीं भाजपा ने पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है. मामला यहां बेहद कड़ा होने की उम्मीद है. मनेन्द्रगढ़ से रमेश सिंह को मिला टिकट मनेन्द्रगढ़ विधानसभा सामान्य सीट है और इसमे नगर निगम चिरमिरी के साथ खड़गवां तहसील आती है. अक्सर ऐसा होता है कि भाजपा और कांग्रेस अपना उम्मीदवार खड़गवां या चिरमिरी से उतारा करती है. कारण यह है कि ज्यादा वोटर चिरमिरी नगर निगम के साथ खड़गवां में आते हैं. दूसरी ओर कांग्रेस सरकार ने कोरिया से अलग कर नया जिला बनाया है, जिसका नाम मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर दिया है और जिले का मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ को बनाया है. अब मनेन्द्रगढ़ से रमेश सिंह को उम्मीदवार बनाया है. देखना होगा कि मनेन्द्रगढ़ के उम्मीदवार को चिरमिरी और खड़गवां किस तरह से चुनाव में डालते है, जबकि भाजपा ने अपना उम्मीदवार खड़गवां से बनाया है. निर्दलीय लड़े थे चुनाव रमेश सिंह वर्ष 2008 के चुनाव में कांग्रेस और एनसीपी के साथ सीटों को लेकर समझौता हुआ था. मनेन्द्रगढ़ सीट एनसीपी के खाते में गई थी. एनसीपी ने पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रामानुज अग्रवाल को अपना उम्मीदवार बनाया. भाजपा ने दीपक पटेल को और कांग्रेस के दिग्गज नेता रमेश सिंह ने कांग्रेस छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़ा. उन्हें 5295 मत मिले, भाजपा के दीपक पटेल को 30912 और एनसीपी के रामानुज अग्रवाल को 16630 मत प्राप्त हुए. भाजपा के दीपक पटेल 42 फीसदी मत पाकर विजयी हुए थे.

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