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माननीय प्रधानमंत्री 26 फरवरी 2024 को देश भर के विभिन्न स्टेशनों के स्टेशन उन्नयन कार्य की आधारशिला रखेंगे

Honorable Prime Minister will lay the foundation stone of station upgradation work of various stations across the country on 26 February 2024 माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी 1500 रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) का उद्घाटन/समर्पित करेंगे और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 554 स्टेशनों के परिवर्तन के लिए आधारशिला रखेंगे। हरिप्रसाद गोहे आमला । मध्य रेल का नागपुर मंडल, इस ऐतिहासिक अवसर के हिस्से के रूप में उल्लेखनीय कुल 36 रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) का उद्घाटन / समर्पित किया जाएगा। ये पुल आमला-छिंदवाड़ा, आमला-इटारसी, आमला-नागपुर, नागपुर-वर्धा, वर्धा-धामनगांव, नरखेर-अमरावती और सेवाग्राम-बल्लारशाह खंड सहित विभिन्न खंडों में फैले हुए हैं।इन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लाभ बहुआयामी हैं:भीड़भाड़ में कमी: रेल और सड़क यातायात को अलग करके, परियोजनाएं रेलवे क्रॉसिंग पर भीड़ कम कर देंगी, जिससे यातायात प्रवाह सुचारू हो जाएगा।बढ़ी हुई सुरक्षा: लेवल क्रॉसिंग को खत्म करने से वाहनों और ट्रेनों के बीच दुर्घटनाओं का खतरा कम हो जाएगा, जिससे यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।बेहतर दक्षता: ट्रेनों और वाहनों के लिए समर्पित रास्ते देरी और यात्रा के समय को कम करके परिवहन नेटवर्क की दक्षता को बढ़ाएंगे।आर्थिक लाभ: सुव्यवस्थित परिवहन मार्ग माल और लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाकर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करेंगे, संभावित रूप से आसपास के क्षेत्रों में निवेश और विकास को आकर्षित करेंगे।पर्यावरणीय प्रभाव: परियोजनाएं रेलवे क्रॉसिंग पर प्रतीक्षा कर रहे वाहनों के निष्क्रिय समय और उत्सर्जन को कम करके वायु गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण प्रदूषण के स्तर को कम करने में योगदान देंगी।बढ़ी हुई कनेक्टिविटी: रेल फ्लाईओवर और अंडरपास सड़क और रेल परिवहन दोनों के लिए निर्बाध मार्ग प्रदान करके, एकीकरण और पहुंच को बढ़ावा देकर विभिन्न क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी में सुधार करेंगे।इन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का पूरा होना सभी क्षेत्रों में विकास और प्रगति को बढ़ावा देने के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उन्नत स्टेशन और नए उद्घाटन किए गए पुल आर्थिक विकास को गति देने, परिवहन दक्षता बढ़ाने और नागरिकों के लिए जीवन की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

मध्य रेल, नागपुर रेल मंडल द्वारा चित्रकला, निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता का किया गया आयोजन

Painting, essay and speech competition organized by Central Railway, Nagpur Railway Division हरिप्रसाद गोहे आमला। नागपुर रेल मंडल पर बैतूल जिले की विभिन्न स्कूलों में चित्रकला, निबंध तथा भाषण की प्रतियोगिता करवाई गयी। इसमें लगभग 500 बच्चो ने भाग लिया। प्रतियोगिता का संयोजन कार्मिक विभाग, नागपुर रेल मंडल, मध्य रेल द्वारा किया गया। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर चयनित बच्चो को 26 फरवरी को कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया जायेगा। इस कार्यक्रम में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी विडिओ कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न रोड अंडर ब्रिज देश को समर्पित करेंगे। इसी के अंतर्गत बच्चों में रेल के प्रति भागीदारी तथा जागरूकता बढाने हेतु बैतूल जिले में “2047 विकसित भारत विकसित रेल” शीर्षक के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगितओं का आयोजन किया गया।

डिप्टी कलेक्टर समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले

Transfer of many administrative officers including Deputy Collector मध्य प्रदेश में कई जिलों के ज्वाइंट कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर बदल दिए गए हैं. इन अधिकारियों को प्रशासकीय आधार पर तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर किया गया है. आगामी लोकसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासिनक अधिकारियों के फेरबदल किए गए हैं. कई जिलों के डिप्टी कलेक्टर बदल दिए गए हैं. मध्यप्रदेश शासन की ओर से 64 प्रशासनिक सेवा के अफसरों के तबादले किए गए है. इसमें सामान्य प्रशासनिक विभाग, नर्मदा घाटी, राजस्व सहित कई डिप्टी कलेक्टर शामिल हैं. मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से स्टेट प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों के तबादले को लेकर लिस्ट जारी की गई है. मध्य प्रदेश में कई जिलों के ज्वाइंट कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर बदल दिए गए हैं. बताया जा रहा है कि इनमें से कई अधिकारी लंबे वक्त से एक जिले में तैनात थे. इन अधिकारियों को प्रशासकीय आधार पर तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित किया गया है. कमलेश पुरी, जो वर्तमान में उमरिया के डिप्टी कलेक्टर हैं. इन्हें मउगंज का डिप्टी कलेक्टर बनाया गया है. एमपी में प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले तबादला सूची के मुताबिक नंदा भलावे कुशरे को उप सचिव सामान्य प्रशासन विभाग से उप संचालक आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल की जिम्मेदारी दी गई है. जबकि कमलेश पुरी को डिप्टी कलेक्टर उमरिया से डिप्टी कलेक्टर मउगंज, सपना अनुराग जैन अर संचालक नर्मदा घाटी विकास प्रधिकरण इंदौर से कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम इंदौर, अभिषेक दुबे अपर कलेक्टर रायसेन से उप सचिव मप्र शासन लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.विशाल चौहान अपर कलेक्टर मंदसौर से कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम भोपाल, एकता जायसवाल क्षेत्रीय उपायुक्त भू अभिलेख सागर से भू प्रबंधन अधिकारी देवास, श्वेता पंवार उप सचिव मप्र शासन गृह विभाग से अपर कलेक्टर रायसेन, श्यामेन्द्र जायसवाल उपायुक्त राजस्व सागर से अपर आयुक्त नगर पालिका निगम इंदौर, राजेश राठौड़ कार्यकारी संचालक मप्र औद्योगिक केन्द्र विकास निगम इंदौर से कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम उज्जैन, शैलेन्द्र सिंह अपर कलेक्टर सागर से अपर कलैक्टर मैहर, अंकुर मेश्राम उपायुक्त भू अभिलेख ग्वालियर से अपर कलेक्टर भोपाल, चिरोंजीलाल चनाप अपर कलेक्टर सिवनी से अपर कलेक्टर अनूपपुर, अभिषेक गेहलोत आयुक्त नगर पालिका निगम सतना से मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन एवं प्रशासन भोपाल की जिम्मेदारी दी गई है. किन्हें क्या मिली जिम्मेदारी? इसके साथ ही राकेश सिंह मरकाम को डिप्टी कलेक्टर निवाड़ी से डिप्टी कलेक्टर दमोह, शिखा पोरस नरवाल उप सचिव मप्र शासन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से महाप्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल, इकबाल मोहम्मद संयुक्त कलेक्टर भोपाल से संयुक्त कलेक्टर भिण्ड, सुलेखा सुदेश उईके महाप्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल से अपर कलेक्टर सिवनी, मनोज कुमार वर्मा अपर आयुकत नगर पालिका निगम इंदौर से महाप्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल, दिनेश चंद्र शुक्ला अपर कलेक्टर निवाड़ी से अपर कलेक्टर शिवपुरी, विनोद भार्गव उप सचिव समान्य प्रशासन विभाग से अपर कलेक्टर सागर, अविनाश रावत ज्वाइंट कलेक्टर दमोह से ज्वाइंट कलेक्टर रीवा बनाया गया है. विकास कुमार सिंह ज्वाइंट कलेक्टर भिण्ड से ज्वाइंट कलेक्टर मैहर, प्रमोद कुमार सेन गुप्ता ज्वाइंट कलेक्टर जबलपुर से ज्वाइंट कलेक्टर सिंगरौली, वंदना जाट ज्वाइंट कलेक्टर सिवनी से ज्वाइंट कलेक्टर नरसिंहपुर, राजेश कुमार गुप्ता ज्वाइंट कलेक्टर विदिशा से संचालक अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति संस्थान भोपाल, आकाश श्रीवास्तव कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम भोपाल से कार्यकारी संचालक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम भोपाल, देवदत्त शर्मा डिप्टी कलेक्टर ग्वालियर से डिप्टी कलेक्टर भिण्ड, बलवीर रमन सिंह संयुक्त कलेक्टर छतरपुर से संयुक्त कलेक्टर रीवा, रामबाबू सिण्डोस्कर संयुक्त कलेक्टर दतिया से संयुक्त कलेक्टर अशोकनगर, मुनीष सिंह सिकरवार संयुक्त कलेक्टर ग्वालियर से अपर आयुक्त नगर पालिका निगम ग्वालियर, अनुराग सिंह संयुक्त कलेक्टर जबलपुर से संयुक्त कलेक्टर डिण्डौरी की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा राजीव समाधिया ज्वाइंट कलेक्टर शिवपुरी से ज्वाइंट कलेक्टर ग्वालियर, शिराली जैन अवर सचिव मप्र शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग से अवर सचिव कार्मिक मप्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग, सुरेश जादव संयुक्त कलेक्टर मैहर से संयुक्त कलेक्टर सिंगरौली, मोहिनी शर्मा संयुक्त कलेक्टर राजगढ़ से ज्वाइंट कलेक्टर विदिशा, रमेशचंद्र खतेडिय़ा डिप्टी कलेक्टर धार से डिप्टी कलेक्टर खण्डवा, अखिल राठौर संयुक्त कलेक्टर शाजापुर से ज्वाइंट कलेक्टर छतरपुर, अंकिता त्रिपाठी संयुक्त कलेक्टर पांढुर्णा से ज्वाइंट कलेक्टर छिंदवाड़ा, फरहीन खान ज्वाइंट कलेक्टर सागर से अवर सचिव कार्मिक मप्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग, कामिनी ठाकुर ज्वाइंट कलेक्टर बालाघाट से ज्वाइंट कलेक्टर छिंदवाड़ा, पूजा तिवारी ज्वाइंट कलेक्टर नरसिंहपुर से ज्वाइंट कलेक्टर बैतूल, नेहा सोनी ज्वाइंट कलेक्टर छिंदवाड़ा से ज्वाइंट कलेक्टर पांढुर्णा बनाए गए हैं. वहीं, रवि मालवीय ज्वाइंट कलेक्टर भिण्ड से ज्वाइंट कलेक्टर दतिया, प्रमोद सिंह गुर्जर डिप्टी कलेक्टर नर्मदापुरम से डिप्टी कलेक्टर धार, भारती मरावी डिप्टी कलेक्टर रीवा से डिप्टी कलेक्टर डिण्डौरी, राहुल सिलाडिय़ा डिप्टी कलेक्टर पन्ना से डिप्टी कलेक्टर सतना, उमेश चंद्र कौरव प्रभारी डिप्टी कलेक्टर बालाघाट से डिप्टी कलेक्टर शिवपुरी, स्वाति उपाध्याय प्रभारी डिप्टी कलेक्ट खरगोन से डिप्टी कलेक्टर सीहोर, संतोष बिटोलिया डिप्टी कलेक्टर भोपाल से डिप्टी कलेक्टर विदिशा, राजाराम करजरे प्रभारी डिप्टी कलेक्टर ग्वालियर से डिप्टी कलेक्टर उज्जैन सहित अन्य अफसरों के तबादले किए गए हैं.

संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती विशेष प्रकाशन

Sant Shiromani Guru Ravidas Jayanti Special Publication Ravidas Jayanti 2024: गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ ? संत गुरु रविदास जी को प्रेम और करुणा की शिक्षाओं और समाज से जाति के भेदभाव को दूर करने के लिए जाना जाता है. हर साल माघ पूर्णिमा को रविदास जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है.भारत के प्रसिद्ध संत रविदास को रैदास के नाम से भी जाना जाता है. रविदास ऐसे संत और कवि थे, जिनका भक्ति आंदोलन में अहम योगदान रहा. समाज विभाजन को दूर करने पर इन्होंने जोर दिया और व्यक्तिगत आध्यात्मिक आंदोलन के लिए एकता को बढ़ावा दिया. रविदास जी के जन्मदिन को ही हर साल रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है, जोकि आज शनिवार, 24 फरवरी 2024 को है. संत रविदास ईश्वर को पाने का केवल एक रास्ता जानते थे और वो है ‘भक्ति’. इसलिए उनका एक मुहावरा ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ वर्तमान में काफी प्रसिद्ध है. संत रविदास जी ने अपना सारा जीवन समाज सुधार कार्य, समाज कल्याण और समाज से जाति भेदभाव को दूर करने के कार्यों में समर्पित कर दिया. आइये जानते हैं गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ था? कब और कहां हुआ संत रविदास का जन्म संत गुरु रविदास एक महान कवि, दार्शनिक और समाज सुधारक थे. संत रविदास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र में माघ पूर्णिमा को 1377 में हुआ था. इसलिए हर साल माघ पूर्णिमा के दिन रविदास जयंती मनाई जाती है. लेकिन इनके जन्म को लेकर विद्वानों के बीच अलग-अलग मत हैं. इनकी माता का नाम कर्मा देवी और पिताजी का नाम संतोष दास था. संत रविदास का जन्म एक मोची परिवार में हुआ था और इनके पिता जूते बनाने का काम किया करते थे. रविदास जी बचपन से बहादुर और ईश्वर के भक्त थे. पंडित शारदानंद गुरु से इन्होंने शिक्षा प्राप्त की. जैसे-जैसे रविदास जी की उम्र बढ़ने लगी भक्ति के प्रति इनकी रुचि भी बढ़ गई. आजीविका के लिए रविदास जी ने पैतृक काम को करते हुए भगवान की भक्ति में भी लीन रहे. चर्मकार कुल के होने के कारण वे जूते बनाया करते थे और अपने पैतृक कार्य में उन्हें आनंद भी मिलता था. वे अपना काम ईमानदारी, परिश्रम और पूरे लगन से करते थे. साथ ही लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने की शिक्षा भी दिया करते थे. संत शिरोमणि गुरु रविदास कौन थे, समाज के लिए क्या है इनका योगदान भारत में कई संतों ने लोगों को आपसी प्रेम, सौहार्द और गंगा जमुनी तहजीब सिखाई. इन्हीं में एक थे संत रविदास, जिनका भक्ति आंदोलन और समाज सुधार में विशेष योगदान रहा. संत गुरु रविदास भारत के महान संतों में से एक हैं, जिन्होंने अपना जीवन समाज सुधार कार्य के लिए समर्पित कर दिया. समाज से जाति विभेद को दूर करने में रविदास जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा. वो ईश्वर को पाने का एक ही मार्ग जानते थे और वो है ‘भक्ति’, इसलिए तो उनका एक मुहावरा आज भी बहुत प्रसिद्ध है कि, ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’. रविदास जी का जन्म रविदास जी के जन्म को लेकर कई मत हैं. लेकिन रविदास जी के जन्म पर एक दोहा खूब प्रचलित है- चौदस सो तैंसीस कि माघ सुदी पन्दरास. दुखियों के कल्याण हित प्रगटे श्री गुरु रविदास. इस पंक्ति के अनुसार गुरु रविदास का जन्म माघ मास की पूर्णिमा को रविवार के दिन 1433 को हुआ था. इसलिए हर साल माघ मास की पूर्णिमा तिथि को रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है जोकि इस वर्ष 24 फरवरी 2024 को है. रविदास जी का जन्म 15वीं शताब्दी में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक मोची परिवार में हुआ. उनके पिताजी जाति के अनुसार जूते बनाने का पारंपरिक पेशा करते थे, जोकि उस काल में निम्न जाति का माना जाता था. लेकिन अपनी सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद भी रविदास जी भक्ति आंदोलन, हिंदू धर्म में भक्ति और समतावादी आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उजागर हुए. 15 वीं शताब्दी में रविदास जी द्वारा चलाया गया भक्ति आंदोलन उस समय का एक बड़ा आध्यात्मिक आंदोलन था. समाज के लिए गुरु रविदास का योगदान संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी एक महान संत और समाज सुधारक थे. भक्ति, सामाजिक सुधार, मानवता के योगदान में उनका जीवन समर्पित रहा. आइये जानते हैं गुरु रविदास के महत्वपूर्ण योगदानों के बारे में- धार्मिक योगदान: भक्ति और ध्यान में गुरु रविदास का जीवन समर्पित रहा. उन्होंने भक्ति के भाव से कई गीत, दोहे और भजनों की रचना की, आत्मनिर्भरता, सहिष्णुता और एकता उनके मुख्य धार्मिक संदेश थे. हिंदू धर्म के साथ ही सिख धर्म के अनुयायी भी गुरु रविदास के प्रति श्रद्धा भाव रखते हैं. रविदास जी की 41 कविताओं को सिखों के पांचवे गुरु अर्जुन देव ने पवित्र ग्रंथ आदिग्रंथ या गुरुग्रंथ साहिब में शामिल कराया था.सामाजिक योगदान: समाज सुधार में भी गुरु रविदास जी का विशेष योगदान रहा. इन्होंने समाज से जातिवाद, भेदभाव और समाजिक असमानता के खिलाफ होकर समाज को समानता और न्याय के प्रति प्रेरित किया.शिक्षा और सेवा: गुरु रविदास जी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और अपने शिष्यों को उच्चतम शिक्षा पाने के लिए प्रेरित किया. अपने शिष्यों को शिक्षत कर उन्होंने शिष्यों को समाज की सेवा में समर्थ बनाने के लिए प्रेरित किया. मध्यकाल की प्रसिद्ध संत मीराबाई भी रविदास जी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानती थीं. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि SAHARA SAMACHaar.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

कमलनाथ का BJP पर हमला कहा, ”रोजगार की बातें सिर्फ विज्ञापन और पोस्टर तक सीमित Kamal Nath’s attack on BJP said, “Talks about employment are limited only to advertisements and posters.” कांग्रेस नेता कमलनाथ ने आरोप लगाया कि इस समय देश और प्रदेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है बेरोजगारी. केंद्र और राज्य सरकार नौजवानों को रोजगार देने में विफल रही हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा है, उन्होंने देश में हो रही भर्ती परीक्षाओं और बेरोजगारी को लेकर केंद्र पर हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा ”इस समय देश और प्रदेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है – बेरोजगारी. केंद्र और राज्य सरकार न सिर्फ नौजवानों को रोजगार देने में विफल रही हैं बल्कि उससे भी बड़ा दुर्भाग्य यह है कि रोजगार देने की उनकी कोई नियत ही नहीं है.” कमलनाथ ने कहा, ”रोजगार की बातें सिर्फ विज्ञापन और पोस्टर तक सीमित रह गई है. प्रदेश का हाल यह है कि पहले तो कोई भर्ती परीक्षा नहीं होती और अगर भर्ती परीक्षा होती है तो उसके रिजल्ट घोषित नहीं किए जाते और जब रिजल्ट घोषित होते हैं तो उसमें भर्ती घोटाले के आरोप लग जाते हैं और जब यह आरोप लग जाते हैं तो सरकार घोटाले को दबाने की कोशिश करने लगती है.” कमलनाथ ने कहा, ”नतीजा यह होता है कि कोई प्रत्यक्ष बेरोजगार होता है तो कोई चयनित अभ्यर्थी के रूप में बेरोजगार होता है तो कोई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू न होने के कारण बेरोजगार रह जाता है.” कमलनाथ ने राहुल गांधी की तारीफ की कांग्रेस नेता कमलनाथ ने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा, ”देश और प्रदेश के नौजवानों की यही आवाज श्री राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के रूप में उठा रहे हैं और जनता का ध्यान समाज के असली मुद्दों की तरफ ले जा रहे हैं ना कि उन मुद्दों की तरफ जो समाज को विभाजित करते हैं. समाज को जोड़ने की इसी पहल का नाम है भारत जोड़ो न्याय यात्रा. हम सबको इस यात्रा को सफल बनाना है ताकि खुशहाल मध्य प्रदेश और खुशहाल भारत का निर्माण संभव हो सके.”

मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड को मिला बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड का पुरस्कार

Madhya Pradesh Tourism Board received the Best State Tourism Board award मध्य प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों के प्रचार-प्रसार नवाचार करने पर्यटकों को अनुभव आधारित पर्यटन प्रदान करने एवं पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के क्षेत्र में सबसे बेहतर काम करने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।प्रदर्शनी में बोर्ड ने प्रमुखता से सहभागिता कर देश एवं विदेशों से आए ट्रेवल एजेंट्स टूर आपरेर्ट्सहोटेलियर्स एवं विभिन्न हितधारकों के समक्ष प्रदेश के पर्यटन स्थलों एवं उत्पादों को प्रचारित किया। भोपाल। मध्य प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों के प्रचार-प्रसार, नवाचार करने, पर्यटकों को अनुभव आधारित पर्यटन प्रदान करने एवं पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के क्षेत्र में सबसे बेहतर काम करने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। ग्रेटर नोएडा में आयोजित प्रमुख ट्रेवल प्रदर्शनी एसएटीटीई (साउथ एशियन ट्रेवल एंड टूरिज्म एक्सचेंज) में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को ‘बेस्ट टूरिज्म स्टेट बोर्ड के अवार्ड से सम्मानित किया गया है। युवराज पडोले ने ग्रहण किया पुरस्कारवहीं, राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने पर प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने इस खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग सदैव ही प्रदेश में भ्रमण के लिए पहुंचने वाले पर्यटकों की सुलभता, सुगमता एवं सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बोर्ड की ओर से यह सम्मान उपसंचालक युवराज पडोले ने ग्रहण किया। इस आधार पर मिला परस्कार एमपीटीबी स्टाल पर आगंतुकों को सांची, अमरकंटक, नर्मदा के घाटों और अन्य गंतव्यों के वर्चुअल टूर का अनुभव करने का भी मौका मिला। बोर्ड को यह सम्मान पर्यटन, बुनियादी ढांचे के विकास, स्थानीय समुदाय के आर्थिक विकास, राज्य की संस्कृति और विरासत के संरक्षण इत्यादि क्षेत्र में उच्च स्तरीय प्रदर्शन के आधार पर दिया गया है।

तेजस्वी के बयान पर BJP नेता का पलटवार, कहा- जनता ‘अनाथ’ कर देगी

Bihar: BJP leader countered on Tejashwi’s statement, said- public will ‘orphan’ सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ‘जन विश्वाश यात्रा’ पर निकले हुए हैं और उनके कार्यकाल में हुए कामों के बारे में जनता के बीच चर्चा कर रहे हैं.इस बीच उनके एक बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद फिर से जनता की याद आई है.बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इन दिनों ‘जन विश्वाश यात्रा’ पर निकले है और सूबे की जनता के बीच जाकर अपने पिछले सत्रह महीने के काम-काज को बता रहे हैं. नीतीश कुमार के सत्रह साल के शासन की तुलना अपने सत्रह महीने के शासन से करते हुए, तेजस्वी सीएम के साथ बीजेपी पर भी लगातार हमलावर हो रहे हैं. तेजस्वी यादव अपने भाषणों में यह बता रहे हैं कि पहले उनकी पार्टी माई से जानी जाती थी, अब उनकी पार्टी की पहचान बाप से होने लगी है, जिसमें बिहार के सभी जाति और धर्म के लोगों का समावेश है, इसी से मौजूदा सरकार घबरा रही है. बीजेपी ने किया पलटवार तेजस्वी यादव के बयान के बाद बीजेपी ने ना सिर्फ आरजेडी पर हमला तेज कर दिया बल्कि तेजस्वी यादव पर भी लगातार निशाना साध रही है.दरभंगा शहर से बीजेपी के विधायक संजय सरावगी ने कहा कि तेजस्वी यादव सत्ता से बेदखल होने के बाद अब बाप-बाप चिल्ला रहे हैं. आने वाले वक्त में बिहार की जनता उन्हें राजनीतिक रूप से अनाथ भी बनाने का काम करेगी.  बीजेपी नेता ने आरजेडी को परिवार की पार्टी बताते हुए कहा कि जब सत्रह महीने सत्ता में रहे, तब सिर्फ भ्रष्टाचार और उगाही की. जब सत्ता से बाहर हुए हैं, तो फिर से जनता की याद आई है.

खाद्य विभाग द्वारा नगर की दुकानों में किया आकस्मिक निरीक्षण, दूध एवं दूध उत्पादन सामग्री के लिए सैंपल

Food department conducted surprise inspection in city shops, took samples for milk and milk production materials. नैनपुर ! मिलावट से मुक्ति अभियान के अंतर्गत कलेक्टर के निर्देश पर मिलावटी खाद्य पदार्थ के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के संबंध में जिला स्तर पर गठित निगरानी समिति के द्वारा विभिन्न दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया विशेष कर दूध एवं दूध उत्पादन में होने वाली मिलावट को रोकने हेतु विभिन्न दुकानों में मिलावट की आशंका पर दूध एवं दूध उत्पादन के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान श्याम स्वीट्स से खोवा एवं रसगुल्ला, प्रेम लस्सी सेंटर से खोवे के पेड़े एवं लस्सी, जैन किराना स्टोर से पापड़ एवं सरसों तेल के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए वही श्याम स्वीट्स में घरेलू गैस का व्यवसायिक दुरुपयोग पाए जाने पर जब्ती की कार्यवाही कर प्रकरण बनाया गया। सभी नमूने प्रयोगशाला भोपाल भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर विक्रेताओं के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी कार्रवाई के दौरान नापतोल निरीक्षक एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे। यह कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी बाइट – आर एस वरकड़े कनिस्ट आपूर्ति अधिकारी

किसी भी स्थिति में बच्चों को परीक्षा न किया जाए वंचित, अन्यथा होगी कार्यवाही

Children should not be deprived of exams under any circumstances, otherwise action will be taken निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ पहुंची शिकायत, कलेक्टर का अल्टीमेंटम भोपाल। आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों की फीस और पढ़ाई को लेकर निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने के बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निजी स्कूलों को अल्टीमेटम दिया है। कलेक्टर ने सभी स्कूलों को आदेश दिए कि किसी भी स्थिति में स्कूल में प्रवेशित छात्र-छात्राओं को स्कूल से तथा आयोजित होने वाली परीक्षाओं से वंचित न किया जाए। अन्यथा की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसके लिए स्कूल खुद जिम्मेदार होंगें। मामले में अभिभावकों को लेकर राहत देते हुए कहा गया है कि निजी स्कूलों की इस तरह की किसी भी शिकायत के लिए कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। यह है पूरा मामला दरअसल, शास, अशास, अल्पसंख्यक, सीबीएससी स्कूलों में पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों के अभिभावकों द्वारा जनसुनवाई के दौरान और विभिन्न आवेदनों के माध्यम से इसको लेकर कलेक्टर सहित अन्य कार्यालयों में शिकायतें की गई हैं। इस शिकायत में बताया गया है कि संबंधित शाला द्वारा उनके बच्चों की आर.टी.ई. प्रावधान अंतर्गत फीस प्रतिपूर्ति न होने, पूर्व संस्था द्वारा टी.सी. प्रदाय न करने, समग्र पोर्टल में नाम अंकित न होने अथवा त्रुटिपूर्ण होने, शाला में फीस जमा न कर पाने के कारण बच्चों को शाला में अध्ययन न कराते हुए परीक्षा से वंचित किया जा रहा है एवं अलग से फीस की मांग की जा रही है, जबकि आर.टी.ई. के अंतर्गत आने वाले छात्रों को पूर्णतः निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है।

राजधानी के मॉडल अस्पताल जेपी के बुरे हाल: ओपीडी पर्चे पर लिखी दवा भी नहीं मिलती

Bad condition of Capital’s Model Hospital JP: Even medicine written on OPD prescription is not available. भोपाल। कहने को जय प्रकाश अस्पताल (जेपी) राजधानी का मॉडल अस्पताल हैं, लेकिन सुविधाओं के मामले में वह किसी सामुदायिक केंद्र के बराबर है। जेपी अस्पताल में दवा ही नहीं है। आधी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। यह पीड़ा जेपी अस्पताल में इलाज कराने आई मीना नागराज ने सुनाई। उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने ओपीडी पर्चे पर पांच दवाएं लिखी थी, जिनमें से तीन दवाएं उन्हें बाहर से खरीदने के लिए कहा गया, क्योंकि उक्त दवाओं का स्टाक खत्म हो गया था। उन्हीं की तरह अन्य मरीजों ने दवा नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। ओपीडी में आए मरीजों से बात की तो पता चला कि कई दवाएं अस्पताल में मिली ही नहीं। इनमें लेवोसालबूटामाल, आइंट मिंट जैसी महत्वपूर्ण दवाएं भी शामिल हैं। ब्लड प्रेशर की सामान्य दवा भी नहीं मिल रहीबुजुर्ग रोशन मौर्य ने बताया कि मुझे हार्ट से संबंधित, ब्लड प्रेशर, जोड़ों की समस्या रहती है। जेपी अस्पताल के डाॅक्टर अच्छे हैं, इसलिए यहां इलाज के लिए आया हूं। यहां मुझे कुछ दवाएं मिली हैं, लेकिन बाकी बाहर से खरीदने के लिए कहा गया है। पांच में सिर्फ दो दवाएं मिलीहाथ में दर्द होने के बाद उपचार के लिए ओपीडी में आए मोहन मीणा ने बताया कि डॉक्टर ने पांच दवाएं लिखी थी, पर मुझे दो ही दवाएं मिली। मैं तो सक्षम हूं बाहर से खरीद लूंगा, लेकिन कई लोग ऐसे हैं, जिनके पास अस्पताल तक आने का किराया भी नहीं होता, वे कहां से दवा खरीदेंगे। संबंधित पर कार्रवाई करेंगेजेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि अगर अस्पताल में दवाओं की कमी है, तो फार्मासिस्टों को तुरंत रिक्वायरमेंट स्टोर को भेजना चाहिए। हमने नई व्यवस्था बनाई है, अगर अब चूक होती है तो तुरंत संबंधित पर कार्रवाई करेंगे।

भोपाल व रानी कमलापति स्टेशन पर बदबूदार गंदे पानी की सप्लाई

Supply of smelly dirty water at Bhopal and Rani Kamlapati stations यात्रियों को मजबूरी में खरीदना पड़ रही बोतल भोपाल। रेलवे स्टेशन पर 40 लाख रुपए का आरओ प्लांट सालों से बंद गंदा पानी पीने से यात्रियों के बीमार होने का खतरा रानी कमलापति स्टेशन पर पानी की लाइन टूटी हरिभूमि न्यूज,भोपाल। भोपाल व रानी कमलापति स्टेशन पर यात्री गंदा पानी पीने को मजबूर है। पिछले कुछ दिनों से वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति व भोपाल स्टेशन पर इसी तरह के गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। दो दिन से यह परेशानी अधिक बढ़ गई है। गंदा पानी पीने से यात्री संक्रमित बीमारी का शिकार हो सकते हैं, लेकिन रेलवे अधिकारियों का इस ओर ध्यान ही नहीं है। इस संबंध में कुछ यात्रियों ने गंदे पानी को लेकर सोशल मीडिया पर शिकायत की है। इस संबंध में भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया का कहना है कि जल्द ही मामले को दिखवा लेता हूं। जो भी समस्या होगी, उसको ठीक करा लिया जाएगा। 40 लाख रुपए का आरओ प्लांट सालों से बंद भोपाल स्टेशन पर कई सालों से 40 लाख रुपए का आरओ प्लांट बंद पड़ा है। इसके चलते रेलवे यात्रियों को शुद्ध पानी मुहैया नहीं हो पा रहा है। सालों से आरओ प्लांट ठीक नहीं कराने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि आरओ प्लांट वर्ष 2015 में लगाया गया था। अप्रैल 2017 से यह बंद है। इसके पहले भी ये कई बार बंद हुआ। इस तरह यह प्लांट सिर्फ 200 दिन ही चल पाया। जानकारों का कहना है कि आरओ प्लांट को ठीक नहीं कराया जाना लापरवाही का मामला है। अब गर्मी का सीजन दस्तक दे रहा है तो पिछले कुछ दिनों से लगातार गंदे पानी की प्लेटफार्म पर लगे नलों में सप्लाई की जा रही है। ऐसे में यात्रियों को मजबूरी में रेल नीर का बोतल बंद पानी खरीदना पड़ रहा है। पानी माफिया सक्रिय गर्मी के सीजन में भोपाल रेलवे स्टेशन पर बोतलबंद पानी की बिक्री के लिए पानी माफिया सक्रिय रहता है। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, गर्मियों में प्रतिदिन 30 से 40 हजार बोतलबंद पानी बिक जाता है। ऐसे में यदि यात्रियों को रेलवे से आरओ वाटर भरपूर मिलने लगेगा तो पानी माफिया की बिक्री सीमित हो जाएगी। रानी कमलापति पर नलों में आ रहा गंदा पानी रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर पिछले कुछ दिनों से गंदा पानी आ रहा था। इससे यात्रियों को शुद्ध पानी को लेकर परेशान होना पड़ रहा है। नगर निगम की पानी की लाइन टूटी हुई थी। जिनको मरम्मत के लिए बोला है। मोहित सोमय्या, प्रोजेक्ट मैनेजर, बंसल पाथ-वे हबीबगंज प्राइवेट लिमिटेड

पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस के खिलाफ लोकायुक्त ने शुरू की जांच

Lokayukta starts investigation against former Chief Secretary Iqbal Singh Bais भोपाल। प्रदेश लोकायुक्त संगठन में चल रहे उज्जैन की हवाई पट्टी के मामले में लोकायुक्त ने पांच आईएएस अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मांगी है। जबकि कुछ अधिकारियों के खिलाफ अभी जांच जारी है। इनमें पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस भी शामिल हैं जिनके खिलाफ जांच पूरी नहीं होने से अभियोजन मांगने वाले अधिकारियों की सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया है। वैसे इस मामले में करीब आधा दर्जन आईएएस और आईपीएस के नाम भी जांच में शामिल थे जिनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ भी अब तक जांच पूरी नहीं हुई है तो कुछ अफसरों को क्लीनचिट जैसी मिल गई है। इनमें लोकायुक्त के डीजी रहे अरुण गुर्टु व लोकायुक्त संगठन के सचिव रहे अरुण कोचर भी शामिल हैं। पढ़िये रिपोर्ट। उज्जैन की हवाई पट्टी को कुछ साल पहले निजी कंपनी को पायलट ट्रेनिंग के लिए लीज पर दिया गया था जिसका करीब डेढ़ लाख रुपए सालाना लीज तय किया गया था। सिंहस्थ आयोजन की वजह से हवाई पट्टी पर बड़े विमानों के उतारे जाने के कैबिनेट फैसले के आधार पर सरकार ने यहां 80 लाख रुपए खर्च किए थे। इस मामले में सालाना लीज जमा नहीं किए जाने तथा निजी कंपनी को लीज पर दिए जाने के बावजूद सरकारी खर्च से वहां काम कराए जाने के आरोपों के आधार पर लोकायुक्त संगठन में शिकायत हुई थी जिसमें 2019 में एफआईआर दर्ज की गई थी।शुरुआत में ये जांच के घेरे में आए सूत्र बताते हैं कि लोकायुक्त की शुरुआती जांच में यश एयर लिमिटेड इंदौर और सेटार एविएशन नाम की दो कंपनियों सहित लोकायुक्त के डीजी रहे रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी अरुण गुर्टू, शिवरमन, यशराज टोंग्या, भरत टोंग्या, शिरीष चुन्नीलाल दलाल, वीरेंद्र कुमार जैन, दुष्यंत लाल कपूर, दिलीप रावत के नाम आए थे। इसी तरह उज्जैन कलेक्टर रहे शिवशेखर शुक्ला, अजातशत्रु श्रीवास्तव, डॉ. एम गीता, बीएम शर्मा, कवींद्र कियावत, संकेत भोंडवे, मनीष सिंह, शशांक मिश्र व नीरज मंडलोई, विमानन विभाग के प्रमुख रहे अरुण कोचर, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री रहे एसएम सलूजा, एके टूटेजा व जीपी पटेल के नाम भी थे। पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस का नाम भी इस मामले में आने पर उनके खिलाफ भी जांच शुरू हुई थी। बैंस के अभियोजन स्वीकृति फिलहाल नहीं सूत्रों से मुताबिक लोकायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना ने अब तक की जांच में जिनके खिलाफ साक्ष्य पाए हैं, उनमें शिवशेखर शुक्ला, अजातशत्रु श्रीवास्तव, कवींद्र कियावत, अरुण कोचर सहित डॉ. एम गीता के नाम हैं। गीता का निधन हो चुका है तो शुक्ला को छोड़ अन्य तीन अधिकारी रिटायर्ड हो गए हैं। वहीं, मामले से जुड़े पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस व रिटायर्ड आईएएस बीएम शर्मा की जांच अभी पूरी नहीं होने की वजह से उनके लिए अभियोजन स्वीकृति के लिए राज्य शासन को नहीं लिखा गया है।

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