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जय शिवाजी जय भवानी जय घोष से गुंजायमान हुआ अमला शहर

Amla city echoed with Jai Shivaji Jai Bhavani Jai Ghosh. हरिप्रसाद गोहे आमला । जय शिवाजी जय भवानी जय घोष से आज आमला शहर गुंजायमान रहा । सोमवार शिवाजी महाराज की जन्म जयंती के मौके पर क्षत्रिय लोनारी कुनबी समाज संगठन आमला के बैनर तले सामाजिक लोगों द्वार धूमधाम से शिवाजी जयंती मनाकर सामुहिक खुशी का इजहार किया गया । इस मौके सामाजिक संगठन द्वार महिला, पुरूष, बच्चो बुजर्गो की गरिमामय उपस्थिति में मगर के गोविंद कालोनी क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर से भव्य चल समरोह नगर के मुख्य मार्ग से निकाला । चल समरोह में सामाजिक संगठन से जुडे लोग आकर्षक वेशभूषा एवं परिधान धारण कर पहुंचे थे । इस मौके पर महिलाएं अपने हाथो में ध्वज लेकर चल रही थीं । साथ ही अपने अपने हाथों को उठाकर जय शिवाजी जय भवानी के जय घोष लगा रही थीं । वहीं युवा, बच्चें बाजे की धुन पर जमकर थिरक रहे थे । चल समरोह के दौरान सामाजिक बुजुर्गो द्वारा सामाजिक परंपरा का निर्वाहन करते हुऐ अपने हाथों में प्राचीन वाद्य यंत्रों को लेकर गीत,संगीत , भजन, कीर्तन करते पैदल चल रहे थे । चल समरोह में शिवाजी महाराज एवं भवानी की वेश भूषा में सजाई गई शानदार झाकी आयोजित चल समरोह में मुख्य आकर्षण का केंद्र रही । मिली जानकारी अनुसार चल समरोह का समापन बोडखी स्थित माथ नकर मैरिज लान में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सह भोज के साथ किया गया ।

एकता वेयरहाउस में 4 करोड रुपए की मूंग हुई बर्बाद विभाग की लापरवाही की वजह से मामले को दबाने को लेकर हो रहा गड़बड़ झाला  

Moong worth Rs 4 crore was wasted in Ekta Warehouse. Due to the negligence of the department, there is a mess in suppressing the case. विशेष संवाददाता  कटनी। जिम्मेदारों की लापरवाही की वजह से अन्नदाता की कमाई किस तरह बर्बाद होती है यह बात किसी से किसी नहीं है खून-पसीना बहाकर लोगों के निवाले के लिए अन्नदाता फसल पैदा करता है, लेकिन अफसरों की बेपरवाही व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हर साल करोड़ों रुपए का अनाज बर्बाद हो जा रहा है। एक बार फिर जिले में मूंग की सुरक्षा में भारी चूक सामने आई है। स्लीमनाबाद क्षेत्र अंतर्गत एकता वेयरहाउस में भंडारित लगभग 4 करोड़ रुपए की मूंग बर्बाद हो गई है। इस पूरे मामले को विभागीय अफसर दबाने में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार एकता वेयर हाउस में सन 2021-22 में कृषि विभाग के माध्यम से किसानों से समर्थन मूल्य 7 हजार 275 रुपए प्रतिक्विंटल के दर से मूंग खरीदी गई थी। मूंग खरीदी की नोडल एजेंसी विपणन विभाग रहा है। विभाग द्वारा मध्यप्रदेश वेयर हाउस प्रबंधन के माध्यम से गोदामों में मूंग का भंडारण कराया गया था।  स्लीमनाबाद स्थित एकता वेयर हाउस में 23 हजार क्विंटल मूंग का भंडारण कराया गया था, जिसमें लगभग 6 हजार क्विंटल से अधिक मूंग खराब हो गई है।   निगरानी में लापरवाही बरती गई गोदाम स्तरीय से लेकर विभागीय अधिकारियों की निगरानी में लापरवाही के चलते बड़ी मात्रा में मंूग खराब हुई है। विभाग प्रमुखों द्वारा खासकर वेयर हाउस प्रबंधन स्लीमनाबाद ब्रांच व विपणन विभाग द्वारा ध्यान न दिए जाने से यह स्थिति बनी है। इस समिति ने की है जांच बड़ी मात्रा में मूंग खराब होने पर इसकी जांच कमेटी द्वारा कराई गई है। इस कमेटी में जिला आपूर्ति अधिकारी बालेंद्र शुक्ला, उपसंचालक कृषि मनीष मिश्रा, सहायक आयुक्त सहकारिता राजयशवर्धन कुरील, जिला विपणन अधिकारी अमित तिवारी, जिला प्रबंधक वेयर हाउस वायएस सेंगर की टीम ने जांच की है। यह राग अलाप रहे अधिकारी बड़ी मात्रा में मूंग खराब होने के बाद विपणन विभाग के अधिकारी मामले को दबाने में जुटे हैं। कहा जा रहा है कि 3 माह व अधिकतम छह माह में मूंग का उठाव हो जाना था, लेकिन नहीं किया गया, अधिक समय मूंग रखने के कारण यह हालात बने हैं। सूत्रों की मानें तो सुरक्षा में चूक के कारण उपज बर्बाद हुई है। अब निलामी प्रक्रिया अपनाकर मामले को रफा-दफा करने खेल चल रहा है। इस मामले में वेयर हाउस के प्रबंधक चंद्रशेखर नरवरे द्वारा कुछ भी बताने से इन्कार किया जा रहा है। क्या कहते हैं अधिकारी हमारे वेयर हाउस में रखी मूंग विपणन विभाग की है। जो मूंग खराब हुई है उसकी जानकारी हम नहीं देंगे, डीएमओ ही देंगे। चंद्रशेखर नरवरे, प्रबंधक, वेयर हाउस। वेयर हाउस में 23 हजार क्विंटल मूंग का भंडारण हुआ था, जिसमें काफी मूंग खराब हुई है। वास्तव में मूंग कितनी मात्रा खराब हुई है इसकी जानकारी नहीं दे पाएंगे। जांच रिपोर्ट में ही खुलासा होगा। अमित तिवारी, जिला प्रबंधक विपणन। इनका कहना है मामले की जांच कलेक्टर द्वारा कराई गई है। मूंग के भंडारण, सुरक्षित रख-रखाव में लापरवाही पाई गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई प्रस्तावित कर पत्र शासन को भेजा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस पर क्या कार्यवाही होती है साधना परस्ते, एडीएम।

आईपीएस अजय शर्मा हर महीने किराए से कमा रहे 2.50 लाख रुपए  

IPS Ajay Sharma is earning Rs 2.50 lakh every month from rent. भोपाल। मध्य प्रदेश के आईपीएस अफसर ने संपत्ति का बुरा पेश किया है। मध्य प्रदेश कैडर के स्पेशल डीजी शैलेश सिंह के पास सबसे ज्यादा पुश्तैनी जमीन है। वहीं ईओडब्ल्यू में पदस्थ डीजी अजय शर्मा को हर महीने ढाई लाख रुपए की आय किराए से होती है। खास बात है कि मध्य प्रदेश के 246 अफसर ने ही संपत्ति की जानकारी दी है, जबकि 23 आईपीएस में कोई भी रिकॉर्ड संपत्ति के बारे में नहीं जमा किया है। स्पेशल डीजे गोविंद प्रताप सिंह के पास भी उत्तर प्रदेश में पुश्तैनी जमीन है। उन्होंने अपने आईपीआर में बताया है कि उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश में कई संपत्तियां हैं। इसके अलावा कुछ जमीनों को बेचकर उन्होंने प्रापर्टी भी खरीदी है। ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा ने बताया है कि दिल्ली के फ्लैट से 2 लाख से अधिक किराया मिलता है। भोपाल के एक मकान से 66 हजार से अधिक किराया मिलता है। दीपक हाउसिंग सोसाइटी में बने प्लॉट से 1 लाख 10 हजार की आय होती है। वही चंदनपुर परिवार की जमीन से डेढ़ लाख रुपए का रेंट उन्हें हर महीने मिलता है। डेढ़ लाख की जमीन की कीमत 29 साल में 51 लाख पहुंची आईपीएस और स्पेशल डीजी सुषमा सिंह ने हुजूर इलाके में आधा एकड़ जमीन 1995 में खरीदी थी। उसे वक्त डेढ़ लाख रुपए देकर अपने नाम जमीन कराई थी। जिसकी मौजूदा कीमत 51 लाख के पार हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जमीन पर मकान बनाया गया है। इसके लिए पति और जीपीएफ की सेविंग से कंस्ट्रक्शन किया गया है। झील किनारे आईपीएस का एक करोड़ का बंगला आईपीएस राजेश चावला ने संपत्ति का ब्यौरा देते हुए कहा कि उनके नाम पर कोई संपत्ति नहीं है। पत्नी के नाम पर संपत्ति खरीदी गई है। उन्होंने बताया कि शाहपुरा स्थित इस सेक्टर में साल 2021 में एक करोड़ से अधिक में संपत्ति खरीदी गई। चावला जमीन पर बंगला बनवा रहे हैं। इसके अलावा उनके पास 55 ला ख रुपए का बागसेवनिया इलाके में फ्लैट भी है। जिसे उन्होंने साल 2017 में खरीदा था।  श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में किया निवेश साल 1992 बैच के आईपीएस पंकज कुमार श्रीवास्तव ने मध्य प्रदेश में अपनी कोई संपत्ति नहीं खरीदी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में फ्लैट और मकान खरीदा है। श्रीवास्तव ने अपनी संपत्ति की जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 40 लाख रुपए का फ्लैट 2012 में खरीदा था। जिसकी मौजूदा कीमत 1 करोड़ 25 लाख है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा में साल 2009 में 5 लाख की जमीन खरीदी गई थी। जिसकी मौजूदा कीमत 15 लाख है। वही 25 लाख रुपए का मकान भी खरीदा था। जिसकी मौजूदा कीमत 50 लाख रुपए है।  इन आईपीएस की संपत्ति का रिकॉर्ड  -साल 1990 बैच के आईपीएस अशोक अवस्थी के पास पिता का मकान है। जिसे उन्होंने रिकंस्ट्रक्शन कर बनाया है। उन्होंने160 लाख रुपए मकान की कीमत बताई है।- साल 1995 बैच की एडीजी योगेश देशमुख के पास पांच संपत्ति है। उन्होंने संपत्ति का ब्यौरा देते हुए यह नहीं बताया है कि मौजूदा संपत्ति की कीमत कितनी है। देशमुख के पास बैतूल, दिल्ली और भोपाल सहित महाराष्ट्र में संपत्ति है।

डीजीपी बनने की रेस में कैलाश मकवाना, प्रशासनिक टिप्पणी और अनुशंसा से हो जाएंगे बाहर

Kailash Makwana in the race to become DGP, will be out of administrative comment and recommendation भोपाल। मध्य प्रदेश लोकायुक्त संगठन में विशेष स्थापना पुलिस के पूर्व प्रमुख रहे कैलाश मकवाना की लोकायुक्त द्वारा लिखी गई खराब सीआर के मामले में जब मकवाना ने राज्य शासन को रिव्यू के लिए लिखा तो तत्कालीन मुख्यमंत्री ने आईपीएस अधिकारी की सीआर में सुधार किया। हालांकि सिर्फ नंबर ही पूर्व सीएम बढ़ा सके। अब यह मामला इसलिए चर्चा में हैं क्योंकि मकवाना डीजीपी की रेस में हैं। ऐसे में उनकी सीआर में कम नंबर रेस से बाहर होने की आसार बना रही है। वहीं जानकारों का कहना है कि एक बार सीएम ने सीआर में सुधार किया है तो फिर दुबारा बदलाव की गुंजाइश नहीं होती है। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी 1988 बैच के कैलाश मकवाना की लोकायुक्त संगठन की विशेष पुलिस स्थापना में पोस्टिंग और लोकायुक्त जस्टिस एनके गुप्ता से उनके मतभेदों के बाद सवा साल पहले स्थानांतरण के बावजूद मकवाना-गुप्ता विवाद खत्म नहीं हुआ है। जस्टिस गुप्ता ने मकवाना की लोकायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना में करीब छह महीने की पदस्थापना के दौरान उनके कामकाज को लेकर सीआर लिखी तो तबादले के बाद शांत पड़ा दोनों के बीच का विवाद फिर सुर्खियों में आ गया।  सीआर में नंबर देने में कंजूसी  सूत्रों के मुताबिक मकवाना के तबादले के कुछ महीने बाद लोकायुक्त ने सीआर लिखी तो उसमें उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और नंबर देने में कंजूसी की। सीआर में दस में से पांच नंबर दिए गए। मकवाना को अपनी सीआर खराब किए जाने पर नाराजगी हुई और उन्होंने सलाह मशविरे के बाद सीआर के रिव्यू के लिए राज्य शासन को पत्र लिखा जिसमें जस्टिस गुप्ता द्वारा लिखी गई सीआर को दुर्भावनापूर्ण बताया।  यह भी सही है कि लोकायुक्त ने सीआर में कम नंबर की वजह भी बताई। मकवाना ने एक पूर्व डीजी की आय से अधिक संपत्ति पर कार्रवाई नहीं करने की वजह भी दी। फिर लोकायुक्त से मकवाना हटे तो पूर्व डीजी के खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ।  सीआर की समीक्षा के बाद सुधार  सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मकवाना ने राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग को लोकायुक्त जस्टिस गुप्ता द्वारा लिखी गई सीआर के रिव्यू के लिए लिखा तो मामला तत्कालीन सीएम के पास पहुंचा। उन्होंने मामले में सीआर का परीक्षण किया और सीआर में मकवाना को दिए गए नंबर पांच से बढ़ाकर छह कर दिए।

पार्टी पलायन: 5 साल में कांग्रेस से भाजपा पहुंचे 62 नेता, 7 का भविष्य हुआ उज्जवल, बांकी मुंह ताक रहे

Party exodus: 62 leaders moved from Congress to BJP in 5 years, 7 have a bright future, the rest are staring at them भोपाल। पिछले पांच साल में कांग्रेस से भाजपा में 62 नेता पलायन कर गए। इसमें दावा किया है कि भाजपा में शामिल सिर्फ 7 नेताओं की ही किस्मत चमकी है। शेष पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष राजनीति में हाशिये पर हैं। भाजपा ने भले ही टिकट दिया लेकिन चुनाव नहीं जीत सके हैं। अब भाजपा में भी उनकी पूछ परख नहीं हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं। दोनों नेता दिल्ली में हैं। रविवार को दिनभर अटकलें लगती रहीं कि कमलनाथ और नकुलनाथ रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर भाजपा में शामिल होंगे, लेकिन देररात तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कांग्रेस छोड़ने की चर्चाओं के बीच प्रदेश कांग्रेस में खलबली मच गई है। अब पिछले 5 साल में कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के करियर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। पिछले पांच साल में जिन 62 कांग्रेस नेताओं ने पार्टी छोड़ी। इनमें सिर्फ 7 नेता ही चांदी काट रहे है, बाकी पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष अब तक बैकबेंचर्स ही बने हुए हैं।  इनकी चमकी किस्मत   मध्य प्रदेश में 2018 में कमलनाथ ने भाजपा के विजय रथ को रोक कर कांग्रेस की सत्ता में वापसी कराई थी। हालांकि, 15 माह की सरकार के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इससे कांग्रेस की सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा ने राज्यसभा में भेजा और उनके साथ आए समर्थक विधायकों को प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया। सिंधिया केंद्र सरकार में उड्डयन मंत्री है। उनका कद भाजपा में लगातार बढ़ रहा है। उनके समर्थक विधायक तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्घुमन सिंह तोमर समेत अन्य नेता भाजपा सरकार में मजबूत हुए।  55 नेताओं का भविष्य भाजपा में खत्म   कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए 62 में से 55 नेताओं का भविष्य खत्म हो गया या राजनीति के हाशिये पर चले गए। अब वह भाजपा में बैकबैंचर्स की भूमिका में हैं। कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि भाजपा उनका उपयोग करने के बाद उनकी राजनीति ही खत्म कर देगी। जानकारों का कहना है कि कांग्रेस अब अपने विधायक और बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। इन नेताओं का संकट में राजनैतिक भविष्य – पूर्व विधायक रघुराज सिंह कंसाना, गिर्राज डंडोतिया, कमलेश जाटव, राकेश मावई, उम्मेद सिंह बना, ओपीएस भदौरिया, रणवीर सिंह जाटव, मुन्नालाल गोयल, इमरती देवी, रामवरण सिंह गुर्जर, प्रदीप जायसवाल, अजय चौरे, सविता दीवान, लोकसभा प्रत्याशी मोना सुस्तानी, विजय सिंह सोलंकी सहित कई और भी नेता हैं। जिनके राजनैतिक भविष्य पर संकट आ गया है।

जेपी अस्पताल: आज जांच कमेटी के सामने बयान दर्ज कराएंगे कर्मचारी

J.p Hospital: Employees will record statement in front of inquiry committee today भोपाल। जेपी अस्पताल में सोनोग्राफी फीस में फर्जीवाड़ा करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी धर्मेश कौरव के खिलाफ शिकायत करने वाले कर्मचारियों के सोमवार को बयान दर्ज होंगे। अधीक्षक राकेश श्रीवास्तव द्वारा गठित की गई जांच कमेटी ने कर्मचारियों को सोमवार को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है। बतादें कि आउटसोर्स कर्मचारी धर्मेश कौरव पर नियमित कर्मचारियों ने मारपीट, मेडिकल प्रणाम पत्र और सोनोग्राफी फीस में फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगाए है। कर्मचारियों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, सीएमएचओ और अधीक्षक से की थी। इसके बाद धर्मेश कौरव के खिलाफ जांच करने के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। सोमवार को जांच कमेटी कर्मचारियों के बयान दर्ज कर रिपोर्ट अधीक्षक को सौंपेंगी।  कर्मचारी संगठन हुआ लामबंद लघु वेतन कर्मचारी संघ के प्रातांध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने बताया कि जेपी अस्पताल की कोई सुध लेना वाला नहीं है। पार्किंग ठेकेदार डॉक्टरों पर हमला कर रहे है, आए-दिन अस्पताल में चोरी की घटनाएं हो रही है। हद तो यह है कि आउटसोर्स कर्मचारी खुलेआम सोनोग्राफी फीस में फर्जीवाड़ा करने के साथ नियमित कर्मचारियों को धमका रहे है। इतना सब अस्पताल में हो रहा है। बावजूद इसके सीएमएचओ हो या फिर अस्पताल अधीक्षक ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया। शर्मा ने कहा कि अगर जल्द ही आउटसोर्स कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं हुई तो डिप्टी सीएम से शिकायत कर अस्पताल में धरना दिया जाएगा।

वन विभाग के दागी अफसरों पर मेहरबान है शीर्ष अफसर

The top officer is kind to the tainted officers of the forest department भोपाल। जंगल महकमे के शीर्ष अधिकारी कुछ चहेते अफसरों को बचाने के लिए पूरी ताकत लगाते आ रहें है। शीर्ष अधिकारी गंभीर वित्तीय मामले में घिरे आईएफएस अधिकारियों बचाने के लिए आरोप पत्र को जारी करने के बजाय शो कॉज नोटिस जारी कर रहे हैं। जिनके खिलाफ आरोप पत्र जारी भी कर दिए गए हैं, उनके विरुद्ध आगे की कार्यवाही पेंडिंग कर दी जा रही है। विभाग के शीर्ष अधिकारियों की ढुलमुल रवैया के कारण आरोपित अधिकारी धीरे-धीरे रिटायर भी होते जा रहें है। विभाग सेवानिवृत्त अधिकारियों पर सद्भावना दिखाते हुए पेंशन भी स्वीकृत कर रहा है. मसलन, एम काली दुर्रई, देवेंद्र कुमार पालीवाल, प्रभात कुमार वर्मा जांच कार्यवाही के लंबित रहते हुए सेवानिवृत्त हो गए और अब उनके समस्त देयकों के भुगतान करने पर उदारता बरती जा रही है। दागी अफसरों को बचाने के लिए शीर्ष अधिकारी क्यों उदारता बरत रहे हैं, शोध का विषय है। इन अफसरों को अभयदान देने के प्रयास आरपी राय: खंडवा सर्किल में पदस्थ सीसीएफ आर पी राय के खिलाफ 10 जून 2019 को आरोप पत्र जारी हुआ था। आरोप था कि वन मंडल इंदौर के अंतर्गत वन परीक्षेत्र चोरल में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई हुई थी। जांच के दौरान राय अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असफल रहे। इसके कारण 6 लाख 93 हजार 361 रुपए की राजस्व हानि हुई थी। अभी इनसे वसूली नहीं हुई है। मामला विभाग में ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। राय अगले मई महीने सेवानिवृत्त हो गए। यही नहीं, विभागीय मंत्री की विशेष कृपा होने के कारण इनसे छह लाख 93 हजार की वसूली नहीं हो पाई।** एपीएस सेंगर: बालाघाट सर्किल में पदस्थ सीसीएफ एपीएस सेंगर के खिलाफ 24 अगस्त 2022 को आरोप पत्र जारी हुआ। मामला तब का है, जब वे टीकमगढ़ के डीएफओ हुआ करते थे। इन पर आरोप है कि भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया। खरीदी में गड़बड़ी हुई। इनके खिलाफ आरोपपत्र भी बन गया परंतु प्रशासन-1 शाखा ने उदारता दिखाते हुए शो कॉज नोटिस जारी कर उन्हें बालाघाट सर्किल में प्राइम पोस्टिंग दे दी गई है। दुर्भाग्य जनक पहलू यह है कि विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की अद्यतन स्थिति से शासन को अवगत नहीं कराया है। यही नहीं, बल्कि सेंगर को बालाघाट सर्किल की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई। एम काली दुर्रई: 1996 बैच के आईएफएस अधिकारी एम काली दुर्रई प्रतिनियुक्ति पर हॉर्टिकल्चर में पदस्थ रहे। यहां पदस्थ रहते हुए दुर्रई ने किसानों की सब्सिडी देने के मामले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की। इसके चलते उन्हें कमिश्नर हॉर्टिकल्चर पद से हटाया गया। मूल विभाग वन विभाग में लौटते ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के जांच अफसर सीके पाटिल को जांच के लिए 2 साल का पर्याप्त समय मिलने के बाद भी विभागीय जांच कंप्लीट नहीं कर पाए और वे रिटायर हो गए। राजनीतिक दबाव के चलते विभाग के अफसर उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही नहीं कर पाए। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले देयकों का भुगतान भी उदारता से किया जा रहा है। डीके पालीवाल: सीसीएफ शिवपुरी के पद से रिटायर हुए हैं। इनके पेंशन के भुगतान पर आपत्ति की गई है, क्योंकि धार और फिर गुना डीएफओ पद रहते हुए आर्थिक गड़बड़ी कर शासन को नुकसान पहुंचाया है। धार में पदस्थ रहते हुए पालीवाल ने एक रेंजर का समयमान वेतनमान का फिक्सेशन अधिक कर दिया। जब मामला संज्ञान में आया, तब तक पालीवाल वहां से स्थानांतरित हो गए थे। विभाग ने अतिरिक्त भुगतान के गए राशि वसूलने के नोटिस सेवानिवृत्त रेंजर को भेजा तो कोर्ट ने उस के पक्ष में फैसला देते हुए फिक्सेशन करने वाले अफसर पालीवाल से ₹300000 की वसूली करने के आदेश दिए। इसी प्रकार गुना में कैंपा फंड की राशि से गड़बड़झाला करने का भी आरोप है। इनके खिलाफ पूर्व एसीएस वन अशोक वर्णवाल ने आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए थे। वर्णवाल के निर्देश पर विभाग ने उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया किंतु बड़े अफसरों के चहेते होने की वजह से आरोप-पत्र को शो-कॉज नोटिस परिवर्तित कर दिया गया है। बजट शाखा ने उनके पेंशन जारी करने पर आपत्ति लगाई है किंतु शीर्ष अफसरों ने शो-कॉज नोटिस जारी कर उनके पेंशन और समस्त देयकों के भुगतान के रास्ते प्रशस्त कर दिए। प्रभात कुमार वर्मा : 2001 बैच के आईएफएस अधिकारी प्रभात कुमार वर्मा जनवरी में सेवानिवृत्त हुए हैं। वे जब 2020 में वन विकास निगम में पदस्थ थे तब आर्थिक गड़बड़ियों के चलते उन्हें आरोप पत्र जारी किया गया। यही नहीं, विभाग ने 4 जनवरी 2022 को वन विकास निगम के एमडी को पत्र लिखकर गड़बड़ियों से संबंधित प्रचलित नस्ती उपलब्ध कराने के निर्देश दिए किंतु नस्ती उपलब्ध नहीं कराने के कारण उनके मामले में निर्णय नहीं हो सका। वे सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। जांच लंबित रहते हुए उनके देयकों के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू है। वर्मा पर आरोप यह भी है कि वे अपने मातहत अधिकारियों के खिलाफ दुर्भावना से कार्रवाई करते हैं। इनके शिकार खंडवा डीएफओ देवांशु शेखर, सुश्री नेहा श्रीवास्तव, अधर गुप्ता और एसडीओ विद्या भूषण मिश्रा हो चुके हैं. इनके द्वारा दुर्भावना से कार्रवाई करने की वजह से मिश्रा आईएफएस की दौड़ में पीछे रह गए हैं। दुर्भावना से की गई कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज भी बड़े अधिकारियों को सौंपे हैं। उन पर लघु वनोपज संघ के अंतर्गत अधोसंरचना विकास के मद में भी गड़बड़ी करने के आरोप हैं। बृजेंद्र श्रीवास्तव: छिंदवाड़ा पूर्व में पदस्थ डीएफओ बृजेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ 21 जुलाई 2022 को नियम दस के तहत आरोप पत्र जारी किया गया था। इन पर आरोप है कि स्थानांतरण नीति के विरुद्ध जाकर कर्मचारियों के तबादले किए। आरोप पत्र का जवाब अभी तक नहीं दिया गया है। इनका तबादला वन मंत्री शाह की सिफारिश पर ग्वालियर से पूर्व छिंदवाड़ा वन मंडल जैसे महत्वपूर्ण वन मंडल में कर दिया गया है। भारत सिंह बघेल: भोपाल मुख्यालय में पदस्थ भारत सिंह बघेल को आरोप पत्र 22 मई 2006 को जारी किया गया था। बघेल ने अपने प्रभाव अवधि के दौरान पूर्व लांजी क्षेत्र में प्रभार अवधि में राहत कार्य अंतर्गत कार्यों … Read more

मप्र में प्रधानमंत्री जनमन के तहत विशेष जनजाति क्षेत्रों में 194 नवीन आंगनवाडी केन्द्र खुलेंगे

194 new Anganwadi centers will open in special tribal areas under Prime Minister Janman in Madhya Pradesh. भोपाल। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) कार्यक्रम के तहत सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत विशेष जनजाति क्षेत्र (पीवीजीटी) क्षेत्र में केन्द्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 194 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्वीकृति दी है। महिला-बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि हम प्रदेश की महिलाओं एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश को आंगनवाड़ियों की सौगात मिली है। आंगनवाड़ियों का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा, ताकि बच्चों को इसका लाभ मिल सके। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया ने इसके लिए केन्द्र सरकार का आभार माना है। नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र खुलने से विशेष जनजाति क्षेत्रों के बच्चों को आंगनवाड़ी के माध्यम से उचित पालन-पोषण में सहायता मिलेगी। प्रदेश के 20 जिलों में खुलेंगे 194 आंगनवाड़ी केन्द्र- प्रदेश के 20 जिलों में शिवपुरी में 34, श्योपुर में 33, शहडोल 23, उमरिया 23, गुना 14, डिंडोरी 12, अशोकनगर 10, अनूपपुर 7, मंडला 6, विदिशा 5, बालाघाट 5, ग्वालियर 5, दतिया 4, जबलपुर 3, सीधी 4, मुरैना 2 एवं कटनी, छिंदवाड़ा, भिंड और रायसेन में 1-1 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों को मिलाकर कुल 194 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र खुलेंगे।

जेपी अस्पताल: आउटसोर्स कर्मचारी के आगे प्रबंधक नतमस्तक, सोनोग्राफी की फीस कर्मचारी ने अपने खाते में कराई जमा

J.p Hospital: Manager bowed before the outsourced employee, the employee deposited the sonography fees in his account. भोपाल। राजधानी के मॉडल अस्पताल जेपी में एक आउटसोर्स कर्मचारी सुर्खियों में हैं। उनके खिलाफ अस्पताल के नियमित कर्मचारी लामबंद होकर उनकी अनियमित्ताओं की शिकायत भी कर चुके हैं। यह शिकायत मुख्यमंत्री, सीएमएचओ कार्यालय से लेकर सिविल सर्जन को हो चुकी है। इसके बावजूद अस्पताल के जिम्मेदार अफसर कोई निर्णय नहीं ले पा रहे। कर्मचारी पर आरोप है कि वे सरकारी मद में जमा होने वाली सोनोग्राफी की फीस अपने निजी बैंक अकाउंट में जमा कराते हैं। इन्हीं सभी विषयों पर सबूत के साथ बकायदा शिकायत की गई है। यह शिकायत जयप्रकाश अस्पताल के नियमित कर्मचारियों ने दिसंबर 2023 में की थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने आरोपों की जांच करने के लिए कमेटी बनाने का निर्णय लिया था। कमेटी ने कर्मचारियों को 6 और 7 फरवरी को बयान दर्ज करने के नोटिस दिए। उस वक्त कर्मचारियों की भारी संख्या देखकर सिविल सर्जन कार्यालय ने कार्य की अधिकता बताकर दो लोगों के बयान दर्ज कर पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। कार्रवाई नहीं तो उप मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत आउटसोर्स कर्मचारी का नाम धर्मेश कौरव हैं जो रोगी कल्याण समिति की तरफ से देय वेतन में 2016 से पदस्थ हैं। उनके पास सोनोग्राफी की फीस लेने का भी काम हैं। आरोप है कि आउटसोर्स कर्मचारी यह फीस अपने निजी खाते में जमा कराई। जिसके तीन सबूत प्रबंधन को सौंपे गए हैं। अगर एक सप्ताह में जांच कर आउटसोर्स कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं की तो उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से शिकायत की जाएगी। महेंद्र शर्मा, प्रांताध्यक्ष, लघु वेतन कर्मचारी संघ शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई आउटसोर्स कर्मचारी धर्मेश कौरव ड्यूटी के दौरान सहयोगियों के साथ अभद्रता और मारपीट करते हैं। वह सोनोग्राफी कराने आने वाले मरीजों से फीस की रसीद काटने की बजाए अपने खाते में रुपए जमा कराता है। जिसको लेकर कई बार शिकायत सीएमएचओ और सिविल सर्जन से की जा चुकी है। इसके बाद भी अब तक धर्मेश कौरव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।  बयान के बाद होगी कार्रवाई जेपी अस्पताल अधीक्षक डॉ राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारी धर्मेश कौरव के खिलाफ कमेटी गठित कर जांच की जा रही है। शिकायती कर्मचारियों के बयान दर्ज कर जांच कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। जांच कमेटी सोमवार को कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगी।

विधायक पर एफआईआर कराने सीएम हाउस पहुंचा संयुक्त संघर्ष मोर्चा  

United Sangharsh Morcha reached CM House to file FIR against MLA भोपाल। आठ साल पहले इकबाल मैदान में मध्य क्षेत्र के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के एक बयान को लेकर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी शनिवार को सीएम हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने सीएम मोहन यादव के ओएसडी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विधायक पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। मोर्चा अध्यक्ष शमसुल हसन बल्ली ने बताया कि आठ साल पहले (2016) में आरिफ मसूद ने मिली काउंसिल के सदस्यों के साथ इकबाल मैदान में धर्म सभा का आयोजन किया था, जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह को लेकर अपशब्दों का प्रयोग किया गया। जिसमें मसूद और मिली काउंसिल के मौलानाओं ने हिंदू-मुस्लिम धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले बयान भी दिए थे। जिसके बाद इनके खिलाफ तलैया थाने में मामला लंबित है। मोर्चा पदाधिकारियों की शिकायत पर आठ साल में भी कार्रवाई नहीं की गई है। इस मामले में सीएम से विधायक पर कार्रवाई की मांग की गई है।

वन विभाग के दागी अफसरों पर मेहरबान है शीर्ष  अफसर

Top officers are kind to the tainted officers of the Forest Department विशेष संवाददाता  जंगल महकमे के शीर्ष अधिकारी कुछ चहेते अफसरों को बचाने के लिए पूरी ताकत लगाते आ रहें है। शीर्ष अधिकारी गंभीर वित्तीय मामले में घिरे आईएफएस अधिकारियों बचाने के लिए आरोप पत्र को जारी करने के बजाय शो कॉज नोटिस जारी कर रहे हैं। जिनके खिलाफ आरोप पत्र जारी भी कर दिए गए हैं, उनके विरुद्ध आगे की कार्यवाही पेंडिंग कर दी जा रही है। विभाग के शीर्ष अधिकारियों की ढुलमुल रवैया के कारण आरोपित अधिकारी धीरे-धीरे रिटायर भी होते जा रहें है। विभाग सेवानिवृत्त अधिकारियों पर सद्भावना दिखाते हुए पेंशन भी स्वीकृत कर रहा है. मसलन, एम काली दुर्रई, देवेंद्र कुमार पालीवाल, प्रभात कुमार वर्मा जांच कार्यवाही के लंबित रहते हुए सेवानिवृत्त हो गए और अब उनके समस्त देयकों के भुगतान करने पर उदारता बरती जा रही है। दागी अफसरों को बचाने के लिए शीर्ष अधिकारी क्यों उदारता बरत रहे हैं, शोध का विषय है। इन अफसरों को अभयदान देने के प्रयास  आरपी राय: खंडवा सर्किल में पदस्थ सीसीएफ आर पी राय के खिलाफ 10 जून 2019 को आरोप पत्र जारी हुआ था। आरोप था कि वन मंडल इंदौर के अंतर्गत वन परीक्षेत्र चोरल में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई हुई थी। जांच के दौरान राय अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असफल रहे। इसके कारण 6 लाख 93 हजार 361 रुपए की राजस्व हानि हुई थी। अभी इनसे वसूली नहीं हुई है। मामला विभाग में ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। राय अगले मई महीने सेवानिवृत्त हो गए। यही नहीं, विभागीय मंत्री की विशेष कृपा होने के कारण इनसे छह लाख 93 हजार की वसूली नहीं हो पाई। एपीएस सेंगर: बालाघाट सर्किल में पदस्थ सीसीएफ एपीएस सेंगर के खिलाफ 24 अगस्त 2022 को आरोप पत्र जारी हुआ। मामला तब का है, जब वे टीकमगढ़ के डीएफओ हुआ करते थे। इन पर आरोप है कि भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया। खरीदी में गड़बड़ी हुई। इनके खिलाफ आरोपपत्र भी बन गया परंतु  प्रशासन-1 शाखा ने उदारता दिखाते हुए शो कॉज नोटिस जारी कर उन्हें बालाघाट सर्किल में प्राइम पोस्टिंग दे दी गई है। दुर्भाग्य जनक पहलू यह है कि विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की अद्यतन स्थिति से शासन को अवगत नहीं कराया है। यही नहीं, बल्कि सेंगर को बालाघाट सर्किल की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई।   एम काली दुर्रई:  1996 बैच के आईएफएस अधिकारी एम काली दुर्रई प्रतिनियुक्ति पर हॉर्टिकल्चर में पदस्थ रहे। यहां पदस्थ रहते हुए दुर्रई ने किसानों की सब्सिडी देने के मामले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की। इसके चलते उन्हें कमिश्नर हॉर्टिकल्चर पद से हटाया गया। मूल विभाग वन विभाग में लौटते ही उनके खिलाफ  विभागीय जांच शुरू की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के जांच अफसर सीके पाटिल को जांच के लिए 2 साल का पर्याप्त समय मिलने के बाद भी विभागीय जांच कंप्लीट नहीं कर पाए और वे रिटायर हो गए। राजनीतिक दबाव के चलते विभाग के अफसर उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही नहीं कर पाए। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले देयकों का भुगतान भी उदारता से किया जा रहा है।    डीके पालीवाल: सीसीएफ शिवपुरी के पद से रिटायर हुए हैं। इनके पेंशन के भुगतान पर आपत्ति की गई है, क्योंकि धार और फिर गुना डीएफओ पद रहते हुए आर्थिक गड़बड़ी कर शासन को नुकसान पहुंचाया है। धार में पदस्थ रहते हुए पालीवाल ने एक रेंजर का समयमान वेतनमान का फिक्सेशन अधिक कर दिया। जब मामला संज्ञान में आया, तब तक पालीवाल वहां से स्थानांतरित हो गए थे। विभाग ने अतिरिक्त भुगतान के गए राशि वसूलने के नोटिस सेवानिवृत्त रेंजर को भेजा तो कोर्ट ने उस के पक्ष में फैसला देते हुए फिक्सेशन करने वाले अफसर पालीवाल से ₹300000 की वसूली करने के आदेश दिए। इसी प्रकार गुना में कैंपा फंड की राशि से गड़बड़झाला करने का भी आरोप है। इनके खिलाफ पूर्व एसीएस वन अशोक वर्णवाल ने आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए थे। वर्णवाल के निर्देश पर विभाग ने उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया किंतु बड़े अफसरों के चहेते होने की वजह से आरोप-पत्र को शो-कॉज नोटिस परिवर्तित कर दिया गया है। बजट शाखा ने उनके पेंशन जारी करने पर आपत्ति लगाई है किंतु शीर्ष अफसरों ने शो-कॉज नोटिस जारी कर उनके पेंशन और समस्त देयकों के  भुगतान के रास्ते प्रशस्त कर दिए।  प्रभात कुमार वर्मा : 2001 बैच के आईएफएस अधिकारी प्रभात कुमार वर्मा जनवरी में सेवानिवृत्त हुए हैं। वे जब 2020 में वन विकास निगम में पदस्थ थे तब आर्थिक गड़बड़ियों के चलते उन्हें आरोप पत्र जारी किया गया। यही नहीं, विभाग ने 4 जनवरी 2022 को वन विकास निगम के एमडी को पत्र लिखकर गड़बड़ियों से संबंधित प्रचलित नस्ती उपलब्ध कराने के निर्देश दिए किंतु नस्ती उपलब्ध नहीं कराने के कारण उनके मामले में निर्णय नहीं हो सका। वे सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। जांच लंबित रहते हुए उनके देयकों के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू है। वर्मा पर आरोप यह भी है कि वे अपने मातहत अधिकारियों के खिलाफ दुर्भावना से कार्रवाई करते हैं। इनके शिकार खंडवा डीएफओ देवांशु शेखर, सुश्री नेहा श्रीवास्तव, अधर गुप्ता और एसडीओ विद्या भूषण मिश्रा हो चुके हैं. इनके द्वारा दुर्भावना से कार्रवाई करने की वजह से मिश्रा आईएफएस की दौड़ में पीछे रह गए हैं। दुर्भावना से की गई कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज भी बड़े अधिकारियों को सौंपे हैं। उन पर  लघु वनोपज संघ के अंतर्गत अधोसंरचना विकास के मद में भी गड़बड़ी करने के आरोप हैं।  बृजेंद्र श्रीवास्तव: छिंदवाड़ा पूर्व में पदस्थ डीएफओ बृजेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ 21 जुलाई 2022 को नियम दस के तहत आरोप पत्र जारी किया गया था। इन पर आरोप है कि स्थानांतरण नीति के विरुद्ध जाकर कर्मचारियों के तबादले किए। आरोप पत्र का जवाब अभी तक नहीं दिया गया है। इनका तबादला वन मंत्री शाह की सिफारिश पर ग्वालियर से पूर्व छिंदवाड़ा वन मंडल जैसे महत्वपूर्ण वन मंडल में कर दिया गया है। भारत सिंह बघेल: भोपाल मुख्यालय में पदस्थ भारत सिंह बघेल को आरोप पत्र 22 मई 2006 को जारी किया गया था। बघेल ने अपने प्रभाव अवधि के दौरान पूर्व लांजी क्षेत्र में प्रभार अवधि में राहत कार्य अंतर्गत कार्यों … Read more

धूमधाम से मनाई गई मां शेरावाली की 29 वी वर्षगांठ

29th anniversary of Maa Sherawali celebrated with pomp.The committee organized a huge bhandara, हरिप्रसाद गोहे आमला । नगर के बस स्टेंड क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध देवीधाम मां शेरावाली दरबार में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मंदिर समिति सदस्यों द्वारा धूमधाम से मंदिर की 29 वी वर्षगांठ मनाई गई । प्राप्त जानकारी अनुसार मंदिर समिति द्वारा मां शेरावाली दरबार मंदिर की वर्षगांठ के मौके पर शुक्रवार सुबह मातारानी की विशेष पूजा अर्चना कर दोपहर बाद विशाल महा भंडारे का आयोजन मंदिर परिसर में आयोजित किया था । जहां श्रद्धालू भक्त जनों ने बड़ी संख्या में पहुंच हलवा, पूरी सब्जी का प्रसाद ग्रहण किया । उक्त भंडारे का आयोजन देर शाम तक चलता रहा । रात्रि नव बजे से भव्य देवी जागरण का आयोजन मंदिर समिति द्वारा आयोजित किया गया था । कार्यक्रम को उत्सव का रूप देने इस बार बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से महाकाल सरकार कलाकार सनी अलबेला ने आमला पहुंच एक से बडकर भजन की प्रस्तुति देकर उपस्थित जन समुदाय को आनंदित किया । वहीं जबलपुर की प्रसिद्ध गायिका आरती मिश्रा,राधिका यदुवंशी छिंदवाड़ा ने शानदार देवी भक्ति भजनों की प्रस्तुति देकर लोगो को झूमने पर मजबूर कर दिया । जागरण देखने अपार जन सैलाब उमड़ा था कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा ।

तीन दिवसीय सरस्वती पूजन महोत्सव का रंगा रंग कार्यक्रम हुआ समापन 

The colorful program of the three-day Saraswati Puja Mahotsav concluded. हरिप्रसाद गोहे आमला । रेल्वे कालोनी आमला में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी सरस्वती पूजन महोत्सव मनाया गया । तीन दिवसीय इस आयोजन में कई कार्यक्रम सम्पन्न हुए । आयोजन समिति के अध्यक्ष एसके सुमन,सचिव रविशंकर कुमार पटेल, कोषाध्यक्ष रितेश कुमार ओर उनकी टीम के कुशल संयोजन में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । प्रथम दिन मां सरस्वती जी की प्रतिमा की स्थापना लोकों ग्राउंड मंच पर हुई । पूजा अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुवात हुई । कार्यक्रम स्थल पर सुंदरकांड का पाठ हुआ ओर शाम को रेलवे परिवार के बच्चो द्वारा सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई । बच्चो ने मनोहारी कार्यक्रम प्रस्तुत किए ।  दूसरे दिन कार्यक्रम स्थल पर महिला मंडल द्वारा हल्दी कुमकुम का कार्यक्रम हुआ । शाम को स्थानीय आर्केस्टा ग्रुप के कलाकारों द्वारा गीत संगीत का शानदार कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के सत्यप्रकाश सक्सेना टी आई थाना आमला उपस्थित थे । वही मुख्य अतिथि के तौर पर श्री मदन मोहन कटियार प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय वायु सेना स्थल आमला उपस्थित थे । कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक शानदार गीतों की प्रस्तुति ने लोगो का मन मोहा।सुमित महतकर के गाए गीत, राम आयेंगे आयेंगे पर लोग मंत्रमुग्ध हो गए।अपने उद्बोधन में प्राचार्य मदन मोहन कटियार ने कहा कि विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना का यह महोत्सव कई मायनों में श्रेष्ठ है अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ साथ यह प्रतिभाओं को मंच भी प्रदान करता है । लोगो के आग्रह पर सत्य प्रकाश सक्सेना टी आई आमला ने सुमधुर गीत गाकर कार्यक्रम की श्रेष्ठता को बढ़ाया ।  जबलपुर से पधारी कलाकार ने लता मंगेशकर की आवाज में हुबहु गीत गाकर खूब तालियां बटोरी।वही प्रसिद्ध गायक रेलवे परिवार के विशाल आमले के गाए गीत ने शमा बांधा।वही आयोजन समिति के रितेश कुमार के बेहतरीन नृत्य ने सभी को झूमने पर मजबूर किया ।शानदार गीत ओर प्यारे नृत्य ने सभी को बांधे रखा । उपस्थित अतिथि श्री निरंजन जी थाना प्रभारी आर पी एफ आमला,ओमवती विश्वकर्मा पार्षद रेलवे कालोनी आमला, बी के सूर्यवंशी एस एस ई , बी आर साहू जी एल आई, पी के चौधरी एस एस ई इलेक्ट्रिक,संजीव कुमार,उमेश शाह, वाय आर घोटे,सतीश मीणा,अनिल पाल, डी के सागरे सहित अन्यअतिथियों के हस्ते पुरस्कार वितरण हुआ।बाद में सभी ने सहभोज का आनंद लिया।तीसरे दिन सरस्वती प्रतिमा को चल झांकी के माध्यम से आमला शहर में घूमाकर रेलवे बांध में विसर्जन किया गया। चल झांकी में लोक थिरकते हुए निकले।ढोल नगाड़ों की थाप पर सभ झूम उठे। कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष सुमन जी,सचिव रविशंकर कुमार पटेल,कोषाध्यक्ष रितेश कुमार जी,सहसचिव अजय कुमार,सहसचिव धरमपाल शर्मा,रामानुज कुमार,हेमंत कुमार,बबलू कुमार, सहित अन्य सदस्यों का सहयोग रहा।

बीजेपी में जाने के सवाल पर कमलनाथ ने नहीं किया इनकार; बोले- आप उत्साहित क्यों?.. बता दूंगा

Kamal Nath did not deny the question of joining BJP;  Said- Why are you excited?..I will tell you भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के बीजेपी में शामिल होने को लेकर अटकलें तेज हैं। इस बीच कमलनाथ, नकुलनाथ के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली पहुंचने पर कमलनाथ ने बीजेपी में जाने के मीडिया के सवाल पर इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि आप सभी उत्साहित क्यों हो रहे हैं? ऐसा कुछ होता है तो मैं आप सभी को सूचित करूंगा’ पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ दोनों का भाजपा में जाना लगभग तय ही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- ‘ये खबरें निराधार हैं। क्या आप सपने में भी सोच सकते हैं कि इंदिरा जी का तीसरा बेटा कांग्रेस छोड़ सकता है। वहीं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ के भाजपा में जाने की उम्मीद ही नहीं करनी चाहिए।  हाइलाइट्स

राजकोट टेस्ट में इंग्लैंड 319 पर ऑलआउट: भारत को 126 रन की बढ़त

England all out for 319 in Rajkot Test: India lead by 126 runs मोहम्मद सिराज को 4 विकेट; बेन डकेट की सेंचुरी राजकोट टेस्ट में इंग्लैंड टीम 319 रन पर ऑलआउट हो गई। तीसरे दिन के दूसरे सेशन में मोहम्मद सिराज ने जेम्स एंडरसन को बोल्ड किया। इसी के साथ इंग्लैंड की पारी सिमट गई। भारत ने पहली पारी में 445 रन बनाए थे, इसलिए टीम को 126 रन की बढ़त मिली। मोहम्मद सिराज ने 4 विकेट लिए। 2-2 विकेट रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव को मिले। जबकि जसप्रीत बुमराह और रविचंद्रन अश्विन के हाथ 1-1 सफलता लगी। इंग्लैंड से बेन डकेट ने 153 रन बनाए। कप्तान बेन स्टोक्स 41 और ओली पोप 39 रन बनाकर आउट हुए। इनके अलावा कोई और प्लेयर 20 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका।

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