नींद न आने की समस्या से हैं परेशान तो आज ही शुरू कर दें इन फलों का सेवन
If you are troubled by the problem of insomnia then start consuming these fruits today itself.
If you are troubled by the problem of insomnia then start consuming these fruits today itself.
वॉशिंगटन अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव नजदीक आ रहे हैं और डेमोक्रेट पार्टी एक अलग समस्या से जूझ रही है। दरअसल जो बाइडन की राष्ट्रपति पद की दावेदारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डेमोक्रेट पार्टी अब उम्मीदवारी के लिए उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की तरफ देख रही है। डेमोक्रेट पार्टी के कई नेता, दानदाता और पार्टी कार्यकर्ता मानते हैं कि जो बाइडन, ट्रंप के सामने कमजोर रह सकते हैं, यही वजह है कि अब जो बाइडन की जगह कमला हैरिस को उम्मीदवार बनाने पर विचार किया जा रहा है। बहस में पिछड़ने के बाद बाइडन की बढ़ती उम्र को लेकर तेज हुई चर्चा बीते दिनों अटलांटा में हुई राष्ट्रपति पद की पहली बहस में जो बाइडन, डोनाल्ड ट्रंप के सामने कमजोर साबित हुए थे। बहस के दौरान कई बार बाइडन की जुबान लड़खड़ाई और जिस तरह से उन्होंने जवाब दिए, उसके बाद से उनकी बढ़ती उम्र की चर्चा फिर से तेज हो गई थी। हालांकि बाइडन अपनी उम्मीदवारी छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो डेमोक्रेट पार्टी के भीतर एक वर्ग कमला हैरिस को जो बाइडन के संभावित विकल्प के रूप में देख रहा है। कमला हैरिस और उनकी प्रचार टीम अभी सार्वजनिक रूप से बाइडन का ही समर्थन कर रही है, लेकिन हाल के दिनों में उनके प्रचार अभियान में जो सूक्ष्म बदलाव आए हैं, उससे भी अटकलों को बल मिला है। जो बाइडन के चुनाव अभियान ने अटकलों को किया खारिज कमला हैरिस अपने बयानों में डोनाल्ड ट्रंप पर ज्यादा आक्रामक होकर हमला कर रही हैं। पार्टी के भीतर जो बाइडन को मनाने की कोशिशें चल रही हैं कि वह कमला हैरिस का समर्थन करें। डेमोक्रेट पार्टी में एक वर्ग ऐसा भी है जो कमला हैरिस के नेतृत्व में चुनाव लड़ने को लेकर आशंकित है। इन चर्चाओं के बीच बाइडन के चुनाव अभियान के प्रवक्ता केविन मुनोज ने सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि जो बाइडन ही डेमोक्रेट पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे और कमला हैरिस उनकी सहयोगी होंगी।
इस्लामाबाद पाकिस्तान में मुहर्रम के दौरान सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लग सकता है। दरअसल पाकिस्तान के पंजाब राज्य समेत कई अन्य राज्यों ने संघीय सरकार से यह मांग की है। राज्यों को डर है कि मुहर्रम के दौरान हिंसा भड़क सकती है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए नफरती संदेश तेजी से फैलने का डर है। पाकिस्तान में मुहर्रम के दौरान हो चुकी हैं कई आतंकी घटनाएं मुहर्रम के दौरान शिया मुसलमान इस्लाम के पैगंबर के पोते की शहादत की याद में बड़ी-बड़ी सभाएं करते हैं और जुलूस निकालते हैं। शिया मुसलमान उनकी शहादत को अत्याचार के प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में मनाते हैं। इस दौरान मोहर्रम के पहले दस दिनों तक विशाल रैलियां करते हैं। शिया मुस्लिमों की सुन्नी मुस्लिमों के साथ ऐतिहासिक धार्मिक प्रतिद्वंदिता है। यही वजह है कि कट्टरपंथी सुन्नी समूहों की तरफ से मुहर्रम के दौरान शिया मुस्लिमों की रैलियों को निशाना बनाने की घटनाएं होती हैं। इस दौरान पाकिस्तान में बम विस्फोट या आत्मघाती हमलों का डर बना रहता है। पंजाब सरकार ने संघीय सरकार से की अपील हिंसा के डर से ही पाकिस्तान की सरकार मुहर्रम के दौरान दूरसंचार के साधनों पर रोक, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम उठाती है। पंजाब की सरकार ने संघीय सरकार से अपील की है कि मुहर्रम के दौरान 6-11 जुलाई तक सोशल मीडिया सेवाओं पर रोक लगाई जाए ताकि भ्रामक संदेशों को फैलने से रोका जा सके। पंजाब सरकार ने गृह मंत्रालय को एक पत्र लिखा है, जिसमें मुहर्रम के दौरान फेसबुक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स, टिक-टॉक आदि सोशल मीडिया मंचों पर पूरे प्रांत में रोक लगाने की मांग की। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को बयान जारी कर बताया कि सोशल मीडिया मंचों पर रोक लगाने का फैसला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ही करेंगे। अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं किया है। रविवार या सोमवार को चांद दिखने के साथ ही मुहर्रम की शुरुआत हो सकती है। मुहर्रम की शुरुआत पर फैसला लेने के लिए मौलवियों की निकाय चर्चा कर रही है।
गाजियाबाद. गाजियबाद के मोदीनगर में किशोरी दुष्कर्म पीड़िता छात्रा की मौत मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए संविदाकर्मी को हटा दिया गया। रात में तैनात चिकित्सक की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। दुष्कर्म पीड़िता का संयुक्त अस्पताल में रात में मेडिकल न होने और अगले दिन मेडिकल के दौरान छात्रा से बदसलूकी के आरोप लगे थे। पीड़ित छात्रा ने मेडिकल होने के बाद खुदकुशी कर ली थी। आरोप था कि मेडिकल के दौरान हुई बदसलूकी से आहत होकर छात्रा ने यह कदम उठाया था। घटना के बाद सीएमओ ने जांच बैठाई थी, जिसमें संयुक्त अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच की थी। जांच रिपोर्ट बंद लिफाफे में सीएमओ को भेज दी गई थी। जांच रिपोर्ट भेजने के पांच दिनों के बाद शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए संविदा स्टाफ को हटा दिया गया है। संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. विनोद चंद्र पांडे ने बताया कि रात में मेडिकल ना करने की दोषी डॉ. रिन्नी की रिपोर्ट शासन क भेज दी गई है। उनके खिलाफ शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि रिपोर्ट मिल गई थी। सीएमएस को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके अनुसार कार्रवाई हुई है।
अयोध्या राम मंदिर परिसर में मंदिरों की संख्या बढ़ने से अब पुजारियों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। मंदिर की धार्मिक समिति के पुजारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरा कर अब 20 पुजारियों का बैच तैयार है जिनकी रविवार से विधिवत जॉइनिंग हो जाएगी। बताया गया कि इसी के साथ ही नए पुजारियों को 15 हजार रुपये तक का मानदेय भी मिलने लगेगा। मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि राम मंदिर परिसर मे रामलला मंदिर के अलावा 15 अन्य मंदिरों का भी निर्माण हो रहा है जिसमें भी पुजारियों की जरूरत पड़ेगी। वहीं मंदिर के पुजारी संतोष तिवारी ने बताया कि सहायक स्थायी पुजारियों को इस समय 3,1960 रुपये मासिक वेतन मिल रहा है। वहीं प्रधान पुजारी का वेतन करीब 35 हजार रुपये के करीब है। जूनियर पुजारी हालांकि मंदिर में पूजा में सहयोग कर रहे हैं पर उनकी जाइनिंग रविवार से बताई गई है। प्रशिक्षित पुजारियों को प्रशिखण के दौरान 2 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा था। उनका प्रशिक्षण का कार्यकाल छह माह का रहा है। बताया गया कि पुजारियों के प्रशिक्षण का अगला बैच भी शुरू होगा । अब ड्रेस कोड में आना होगा पुजारियों को संतोष तिवारी ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट का निर्देश है कि पुजारियों को भगवा पगड़ी कुर्ता धोती व चौबंदी के ड्रेस में आना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि यह ड्रेस कोड रविवार से लागू होगा। पुजारियों पर मोबाइल को गर्भ गृह में ले जाने पर रोक नहीं है पर वे फोन पर वार्ता गर्भ गृह से बाहर आकर ही कर सकेंगे। मोबाइल से फोटो खींचना भी मना है। अब पुजारी किसी से कोई दानराशि न लेकर उसे दान पात्र में डालने के लिए कहेंगे। प्रकाश गुप्ता ने बताया कि रामलला के मंदिर में मोबाइल प्रतिबंधित होने पर ट्रस्ट ने परिसर के पास पीएफसी के सामने दर्शन मार्ग के दोनों तरफ सेल्फी पॉइंट स्थापित किया है। सेल्फी पॉइंट को हूबहू गर्भगृह की तरह सजाया और संवारा गया है जहां श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या रोजाना मोबाइल से सेल्फी ले रहे हैं। श्रद्धालुओं की मांग पर ट्रस्ट ने वैकल्पिक रास्ता निकाला है। हुई थी पुरोहित कल्याण बोर्ड बनाने की घोषणा उत्तर प्रदेश के बड़ी संख्या में मंदिर हैं. मंदिर के पुजारियों के पद छोड़ने पर उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं रहती है. इसलिए योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पहले पुरोहित कल्याण बोर्ड बनाने की घोषणा की थी. अब मुख्यमंत्री ने इसमें तेज़ी लाने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए ग्राउंड वर्क कर लिया गया है. इसी के ज़रिए पुरोहित-अर्चकों की मदद की जाएगी. इस योजना में ‘सनातन’ से जुड़े सभी पंथों सिख, जैन आदि को भी शामिल किया जाएगा. एक क्लिक में मिलेगी मंदिरों की जानकारी उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की गयी हैं. राम मंदिर के लोकार्पण के बाद से यूपी में धार्मिक पर्यटन करने वालों की संख्या बहुत ज़्यादा बढ़ी है. इसके लिए अब सभी धर्मस्थलों और मंदिरों की जानकारी एक क्लिक में मिलेगी. इसके लिए सेंट्रलाइज्ड पोर्टल पर तेज़ी से काम चल रहा है. इसमें न सिर्फ़ प्रदेश के बड़े मंदिरों बल्कि हर ज़िले के प्रमुख मंदिरों की पौराणिक मान्यता, इतिहास और अन्य जानकरियां उपलब्ध करायी जाएंगी. मंदिरों के जीर्णोद्धार की योजना योगी सरकार की इस पहल पर विश्व पुरोहित परिषद ने भी खुशी जताई है. साथ ही, यह कहा है कि सनातन की रक्षा करने वाले पुरोहितों के हितों को देखना ज़रूरी है. उत्तर प्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. 100 साल से ज़्यादा पुराने मंदिरों जीर्णोद्धार के लिए अलग से योजना तैयार की गयी है. अब पुरोहितों के लिए मानदेय और आर्थिक मदद की व्यवस्था कर सरकार एक नयी शुरुआत करने वाली है.
लंदन ब्रिटेन में लेबर पार्टी सत्ता में लौट आई है. कीर स्टार्मर ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बने हैं. उन्होंने डेविड लैमी को विदेश सचिव (विदेश मंत्री) बनाया है. वह भारत और ब्रिटेन के द्वीपक्षीय संबंधों पर काफी मुखर रहे हैं. उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को “दोस्त” बताया और पिछले सप्ताह उन्होंने एक महीने के भीतर भारत दौरे की अपनी मंशा जाहिर की. ब्रिटिश विदेश मंत्री डैविड लैमी पिछले सप्ताह लंदन में इंडिया ग्लोबल फोरम को संबोधित कर रहे थे, जब उन्होंने भारत दौरे की अपनी मंशा का खुलासा किया था. उनके विदेश मंत्री बनने के बाद भारतीय विदेश मंत्री एज जयशंकर ने उन्हें बधाई भी दी और दोनों देशों के बीच इंगेजमेंट बढ़ाने और पार्टनर्शिप को मजबूत करने की बात कही. दिवाली 2022 में ही फाइनल होनी थी डील ब्रिटिश विदेश मंत्री का पद ग्रहण करने के बाद डैविड लैमी ने कहा, “विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों के लिए राज्य सचिव नियुक्त किया जाना मेरे जीवन का सम्मान है.” भारत-ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड डील पर बोरिस जॉनसन को घेरते हुए उन्होंने कहा था, “ट्रेड डील के बिना कई दिवाली आई और गई, कई बिजनेस इसका इंतजार कर रहे हैं.” दरअसल, यह ट्रेड डील जॉनसन के कार्यकाल से ही पेंडिंग है, जिन्होंने दिवाली 2022 तक इसे फाइनल करने का वादा किया था. ब्रिटिश मंत्री ने भारतीय मंत्रियों से की ये अपील ब्रिटिश मंत्री ने अपने एक भाषण में कहा था, “(वित्त) मंत्री (निर्मला) सीतारमण और (ट्रेड) मंत्री (पीयूष) गोयल को मेरा संदेश है कि लेबर पार्टी आगे बढ़ने के लिए तैयार है. चलिए हम फाइनली फ्री ट्रेड डील को पूरा करते हैं.” भारत को ब्रिटेन के लिए प्राथमिकता बताते हुए डैविड लैमी ने इकोनॉमिक, टेक्नोलॉजिकल और कल्चरल “सुपरपावर” बताया था. ब्रिटिश मंत्री ने भारत को बताया ‘महाशक्ति’ डैविड लैमी ने अपने भाषण में कहा था, “लेबर के साथ, बोरिस जॉनसन द्वारा एशिया में रुडयार्ड किपलिंग की उस पुरानी कविता को दोहराने के दिन खत्म हो गए हैं. अगर मैं भारत में कोई कविता सुनाऊंगा, तो वह टैगोर की होगी… क्योंकि भारत जैसी महाशक्ति के साथ सहयोग और सीखने के क्षेत्र असीमित हैं.” लेबर पार्टी को मिली है बंपर जीत आपको बता दें कि ब्रिटेन के आम चुनावों में की स्टार्मर की लेबर पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल की है. 14 साल विपक्ष में बैठने के बाद लेबर पार्टी की सत्ता में वापसी हुई है. हाउस ऑफ कॉमंस की 650 सीटों के लिए हुए चुनाव में कीर स्टार्मर की अगुवाई में चुनाव मैदान में उतरी मुख्य विपक्षी पार्टी लेबर पार्टी को 410 सीटों पर जीत मिली हैं.
पुरी/अहमदाबाद ऐतिहासिक नगरी पुरी के साथ ही गुजरात के अहमदाबाद में आज भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा निकाली जा रही है। दोनों शहरों में लाखों भक्त रथ यात्रा में शामिल होते हैं। ओडिशा के पुरी में दो दिवसीय जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत रविवार से होने जा रही है। यहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विशेष रूप से शामिल होंगी। आमतौर पर भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा एक दिवसीय होती है, लेकिन इस वर्ष यह दो दिनों तक चलेगी। ऐसा दुर्लभ मामला आखिरी बार 1971 में देखा गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अहमदाबाद पहुंचे और सपरिवार भगवान जगन्नाथ की मंगला आरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। अहमदाबाद में रथयात्रा के लिए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। इससे पहले पुजारियों ने मंत्रोच्चार के साथ रविवार सुबह रथ यात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ की विशेष पूजा की। इस दौरान मंदिर के बाहर भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इसके बाद रथ यात्रा शुरू हुई, जो 15 जुलाई तक चलेगी।
नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया ने विदेशी छात्रों को वीजा जारी करने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसकी वजह से ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने के लिए विदेशी छात्रों को अब वीजा मिलना पहले से मुश्किल हो गया है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित भारतीय होंगे। इन नियमों को लेकर ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्री क्लेर ओ नील ने कहा था कि इन बदलावों से हाउसिंग मार्केट पर पड़ रहे दबाव को थोड़ा कम किया जा सकेगा। ऑस्ट्रेलिया में 30 सितंबर 2023 तक माइग्रेशन 60 प्रतिशत बढ़कर 5,48,800 हो गया था। 1 जुलाई से सरकार वो रास्ते बंद कर देगी जिसके तहत विजिटर वीजा और अस्थायी स्नातक वीजा होल्डर अब ऑनशोर स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया में कुछ भारतीय अक्सर ‘चोर दरवाजे’ से यानी टूरिस्ट वीजा लेकर आते हैं और वहां पर किसी कॉलेज में दाखिला लेकर स्टडी वीजा हासिल कर लेते हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों की संख्या 1.5 लाख पार ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या 2022-23 में 30 हजार से बढ़कर 150,000 से ज्यादा हो गई है। एक जुलाई 2023 से मई 2024 के अंत तक 36,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। 2022 में ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों में एक लाख से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ रहे थे। जनवरी से सितंबर 2023 की अवधि में यह संख्या 1.22 लाख थी। अब इन्हें ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। ऑस्ट्रेलिया की 2021 की जनगणना के अनुसार, देश में 9,76,000 भारतवंशी रह रहे थे। पहला बदलाव: 40 से 90 हजार रुपए हुई वीजा फीस ऑस्ट्रेलियाई वीजा के लिए प्रॉसेसिंग फीस दोगुनी से ज्यादा बढ़ा दी गई है। यह बढ़ोतरी करीब 125 फीसदी है। पहले जहां यह फीस करीब 39,546 रुपए थी, वहीं अब यह बढ़कर 89,118 रुपए हो गई है। दूसरा बदलाव: छात्रों को ज्यादा बचत रखनी होगी नई वीजा पॉलिसी में ऑस्ट्रेलिया में एंट्री के लिए एक छात्र के पास बचत के रूप में जरूरी सेविंग अमाउंट को बढ़ा दिया गया है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अब यह जरूरी कर दिया है कि छात्रों के पास ऑस्ट्रेलिया में रहन-सहन का खर्च उठाने के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा बचत होनी चाहिए, जो ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन का 75% होगा। विदेशी छात्रों को ऑस्ट्रेलियन वीजा के लिए क्वॉलीफाई करने के लिए कम से कम 16,29,964 रुपए की बचत दिखानी होगी। सरकार का ये कहना है कि ये बदलाव इसलिए किया जा रहा है ताकि छात्र ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान ज़रूरी खर्च निकाल सकें। ये बदलाव वैसे तो बीते 10 मई से लागू हो गए थे, मगर अब 1 जुलाई से नए बदलावों के साथ पूरी तरह से लागू कर दिए गए हैं। तीसरा बदलाव: इंग्लिश टेस्ट बना बेहद मुश्किल ऑस्ट्रेलियाई वीजा पाने के लिए अब इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट में भी अच्छे नंबर लाना जरूरी कर दिया गया है। टेंपररी ग्रेजुएट वीजा आवेदकों के लिए IELTS स्कोर को 6.0 से बढ़ाकर 6.5 कर दिया गया है। जो लोग भी यह वीजा अप्लाई करना चाहते हैं, उन्हें इस टेस्ट में मिनिमम 6.0 अंक तो लाना ही होगा। सरकार छात्रों को ऐसे तरीके अपनाने से रोक रही है जिनसे वो अपना वीजा एक्सटेंड करवा सकें। चौथा बदलाव: टेंपररी ग्रेजुएट वीजा की उम्र घटी ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने छात्रों के लिए टेंपररी ग्रेजुएट वीजा (TGV) की उम्र भी घटा दी। पहले यह उम्रसीमा 50 साल हुआ करती थी, जो अब बढ़कर 35 साल रह गई है। यह नियम भी 1 जुलाई से लागू हो चुका है। पांचवा बदलाव: ऑस्ट्रेलिया में रहकर वीजा आवेदन नहीं ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने वीजा पाने की राह में एक और बाधा खड़ी कर दी है। अब ऑस्ट्रेलिया में वीजा के लिए आवेदन करना मान्य नहीं है। इसके लिए विदेश में अप्लाई करना होगा या प्रवासियों को अपने देश से ही करना होगा। इससे पहले विजिटर वीजा और टेंपररी ग्रेजुएट वीजा हासिल करने वाले लोग ऑस्ट्रेलिया में रहते हुए ही स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन कर दिया करते थे। यह नियम भी 1 जुलाई से लागू हो गया है। छठां बदलाव: जेनुइन स्टूडेंट टेस्ट लागू, बेहद सख्त ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने वीजा नियमों में एक नियम और जोड़ा है, वो है जेनुइन स्टूडेंट टेस्ट। यह टेस्ट सही छात्रों की पहचान करेगा। यह पहले के जेनुइन टेंपररी एनट्रैंट की जगह लेगा। इससे ऐसे लोगों पर रोक लगेगी, जो स्टूडेंट वीजा के बहाने ऑस्ट्रेलिया जाना चाहते हैं। 1 जुलाई से पहले के आवेदनों पर नहीं पड़ेगा असर ऑस्ट्रेलिया में अभी आगंतुक, अस्थायी स्नातक वीजा होल्डर और दूसरे तरह के वीजा होल्डर्स अब नए नियमों के तहत छात्र वीजा के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। हालांकि, 1 जुलाई, 2024 से पहले ऑस्ट्रेलिया में पहले से ही जमा किए गए छात्र वीज़ा आवेदनों पर इन नियमों से कोई असर नहीं पड़ेगा। पर्यटक वीजा पर रहने की अवधि अधिकतम 12 महीने तक भारतीयों के लिए ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक वीजा शुल्क 90 दिनों की अवधि के लिए लगभग 14,100 रुपए है, जिसकी वैधता 90 दिनों की है। हालांकि, वीजा फीस में बदलाव हो सकता है, जिसे वापस नहीं किया जा सकता है। पर्यटक वीज़ा पर रहने की अवधि अलग-अलग हो सकती है, लेकिन आम तौर पर यह 3, 6 या 12 महीने तक रहने की अनुमति देता है। अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा से भी महंगा हुआ स्टूडेंट वीजा नए बदलाव के बाद ऑस्ट्रेलिया में स्टूडेंट वीजा लेना अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा से भी महंगा हो गया है। अमेरिका में अभी स्टूडेंट वीजा की फीस करीब 15,433 रुपए है, वहीं, कनाडा में यह करीब 9,178 रुपए, ब्रिटेन में 51,732 रुपए है। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने कहा कि इन बदलावों से वीजा नियमों में खामियों को दूर करने में मदद मिलेगी। इससे वास्तविक छात्रों को ही वीजा मिल सकेगा। क्यों सख्त हुआ ऑस्ट्रेलिया में वीजा नियम, क्या दिए तर्क प्रवासियों की तेजी से बढ़ती हुई संख्या पर रोक लगाने के लिए ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने यह कदम उठाया है। दरअसल, लोग सैर-सपाटे के लिए ऑस्ट्रेलिया आते हैं और बाद में अपना टूरिस्ट वीजा स्टडी वीजा में तबदील करवा लेते हैं। वहां पर कॉलेजों में दाखिला लेकर वर्क वीजा हासिल कर लेते हैं। बाद में उन्हें टेंपररी यानी अस्थायी वीजा मिल जाता है, जिसे टी-वीजा कहते हैं।
नई दिल्ली पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज यानी 7 जुलाई को 43 साल के हो गए हैं। माही ने अपना जन्मदिन बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के साथ मनाया। इस दौरान वहां मौजूद उनकी पत्नी साक्षी धोनी ने उनके पैर भी छुए। इस शानदार पल का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और फैंस इसे पसंद कर रहे हैं। बता दें, माही शनिवार को अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की ‘संगीत सेरेमनी’ में पहुंचे थे। इस समारोह के बाद ही उन्होंने होटल में अपना जन्मदिन मनाया। सोशल मीडिया पर थाला को जन्मदिन की बधाईयों की बाढ़ आई हुई है। और उनकी पत्नी साक्षी धोनी ने यह सुनिश्चित किया कि वह अपने पति को जन्मदिन की बधाई देकर उन्हें खास महसूस कराएं। साक्षी ने धोनी के जन्मदिन का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें बर्थडे बॉय केक काटता नजर आ रहा है। इस दौरान वहां बॉलीवुड दबंग सलमान खान भी मौजूद थे। वीडियो में जिस बात ने सभी का ध्यान खींचा वह था साक्षी का अपने पति के पैर छूना, यह इस कपल की प्रेमपूर्ण केमिस्ट्री की झलक दिखलाता है। सलमान खान ने बाद में सोशल मीडिया पर धोनी को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने एक्स पर माही के साथ तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘हैप्पी बर्थडे कप्तान साहब’ उनके जन्मदिन के जश्न के अलावा, यह घोषणा की गई कि हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा और सराहनीय बायोपिक में से एक फिल्म ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ जुलाई 2024 में सिनेमाघरों में फिर से रिलीज होगी। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के सफर पर आधारित इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत, कियारा आडवाणी और दिशा पटानी मुख्य भूमिका में हैं। यह फिर से रिलीज़ एमएस धोनी के 43वें जन्मदिन के खास मौके पर की गई है।
लंदन भारत की दीक्षा डागर तीसरे और अंतिम दौर के 16वें होल में ट्रिपल बोगी कर बैठी, जिससे वह अरामको टीम सीरीज लंदन गोल्फ टूर्नामेंट में शीर्ष 10 में जगह नहीं बना पाई। पेरिस ओलंपिक में खेलने की तैयारी में लगी दीक्षा ने अंतिम दौर में दो ओवर 75 का कार्ड खेला जिससे वह 14वें स्थान पर रही। यह भारतीय खिलाड़ी एक समय शीर्ष पांच में जगह बनाने की स्थिति में दिख रही थी लेकिन आखिर में की गई गलती उन्हें भारी पड़ी। कट में जगह बनाने वाली एक अन्य भारतीय खिलाड़ी त्वेसा मलिक (75) संयुक्त 48वें स्थान पर रही जबकि प्रणवी उर्स पहले दौर के बाद हट गई थी। लेओना मैगुएर लेडीज यूरोपियन टूर (एलईटी) पर जीतने वाली पहली आयरिश महिला बनीं। उन्होंने पहले से लेकर अंतिम दौर तक बढ़त बनाए रखी थी।
कोलकाता दैनिक उपयोग के घरेलू सामान (एफएमसीजी) बनाने वाली कंपनियों की राजस्व वृद्धि चालू वित्त वर्ष में 7-9 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल रेटिंग्स ने रिपोर्ट जारी कर कहा कि चालू वित्त वर्ष (2024-25) में अपेक्षित राजस्व वृद्धि को बिक्री की मात्रा बढ़ने से समर्थन मिलेगा। इसमें ग्रामीण मांग के पुनरुद्धार और स्थिर शहरी मांग का विशेष योगदान होगा। वित्त वर्ष 2023-24 में एफएमसीजी क्षेत्र की अनुमानित वृद्धि पांच से सात प्रतिशत थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य एवं पेय (एफ एंड बी) खंड के लिए प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में मामूली वृद्धि के साथ बिक्री एकल अंक में बढ़ने का अनुमान है। हालांकि, व्यक्तिगत देखभाल और घरेलू देखभाल क्षेत्रों के लिए प्रमुख कच्चे माल की कीमतें स्थिर रहने की संभावना है। क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक रवींद्र वर्मा ने कहा, ‘उत्पाद खंडों और फर्मों के लिए राजस्व वृद्धि अलग-अलग होगी। ग्रामीण मांग में सुधार से इस वित्त वर्ष में एफएंडबी खंड में आठ-नौ प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। व्यक्तिगत देखभाल खंड में छह से सात प्रतिशत और घरेलू देखभाल में आठ से नौ प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है।’ रिपोर्ट में कहा गया है कि एफएमसीजी कंपनियां अधिग्रहण अवसरों पर नजर बनाए रखेंगी, जिससे उन्हें उत्पाद पेशकश का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
कोझिकोड केरल में मस्तिष्क खाने वाले अमीबा के संक्रमण का एक और मामला सामने आया है। ‘अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस’ दूषित जल में पाए जाने वाले अमीबा से होता है। एक अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि उत्तरी केरल के कोझिकोड जिले का पय्योली निवासी 14 वर्षीय किशोर इस संक्रमण से पीड़ित है। उसी अस्पताल में किशोर का उपचार किया जा रहा है। मई के बाद से राज्य में, अमीबा से होने वाले संक्रमण का यह चौथा मामला है और अब तक के मामलों में बच्चे ही इससे पीड़ित हुए हैं। पहले के मामलों में तीनों बच्चों की मौत हो चुकी है। किशोर का इलाज कर रहे एक चिकित्सक ने कहा कि उसे एक जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसकी हालत में सुधार हो रहा है। चिकित्सक ने शनिवार को बताया कि किशोर में संक्रमण की शीघ्र पहचान कर ली गई और विदेश से दवाइयां मंगाने सहित अन्य उपचार दिए गए। इससे पहले, बुधवार रात 14 वर्षीय एक किशोर की इसी संक्रमण से मौत हो गई थी, मलप्पुरम की पांच वर्षीय लड़की और कन्नूर की 13 वर्षीय किशोरी की क्रमशः 21 मई और 25 जून को मस्तिष्क संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई थी। संक्रमण के मामले बढ़ने के बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शुक्रवार को एक बैठक की जिसमें संक्रमण को रोकने के लिए गंदे जलाशयों में न नहाने सहित कई सुझाव दिए गए। बैठक में यह सुझाव भी दिया गया कि स्विमिंग पूल में क्लोरीन डाला जाना चाहिए और बच्चों को इनमें प्रवेश करते समय सावधान रहना चाहिए क्योंकि वे इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी लोगों को जलाशयों को साफ रखने का ध्यान रखना चाहिए। संक्रमण के मामले बढ़ने के बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शुक्रवार को एक बैठक की जिसमें संक्रमण को रोकने के लिए गंदे जलाशयों में न नहाने सहित कई सुझाव दिए गए। बैठक में यह सुझाव भी दिया गया कि स्विमिंग पूल में क्लोरीन डाला जाना चाहिए और बच्चों को इनमें प्रवेश करते समय सावधान रहना चाहिए क्योंकि वे इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी लोगों को जलाशयों को साफ रखने का ध्यान रखना चाहिए। अमीबा क्या है और इसे कैसे रोका जा सकता है? अमीबा एक सूक्ष्मजीव है जो प्रोटोजोआ वर्ग से संबंधित है। यह एक कोशिकीय जीव है, जिसका आकार और रूप बदलता रहता है। अमीबा पानी, मिट्टी, और मानव एवं पशु आंतों में पाया जाता है। यह कई प्रकार का हो सकता है, जिनमें से कुछ मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। उदाहरण के लिए, “एंटामोएबा हिस्टोलिटिका” नामक अमीबा आमतौर पर अमीबायसिस नामक बीमारी का कारण बनता है, जो आंतों में संक्रमण पैदा करता है। अमीबा संक्रमण के लक्षण: पेट दर्द दस्त (जो खून के साथ भी हो सकता है) बुखार उल्टी कमजोरी अमीबा संक्रमण से बचाव: साफ पानी का सेवन: केवल शुद्ध और साफ पानी पीना चाहिए। अगर आप सुनिश्चित नहीं हैं कि पानी शुद्ध है या नहीं, तो उसे उबालकर या फिल्टर करके पीएं। स्वच्छता का ध्यान: खाने से पहले और बाद में, और बाथरूम इस्तेमाल करने के बाद हाथ धोना चाहिए। सुरक्षित भोजन: सड़क किनारे का खाना और अधपका भोजन खाने से बचना चाहिए। सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं। स्वास्थ्यवर्धक आदतें: खाने के बर्तन और पीने के पानी के बर्तन साफ रखें। संक्रमित व्यक्तियों से बचाव: अमीबा संक्रमण वाले व्यक्तियों के संपर्क में आने से बचें और उनके इस्तेमाल की चीजों का भी उपयोग न करें। मेडिकल जांच: यदि अमीबा संक्रमण के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और आवश्यक जांच कराएं।
मुंबई रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने 29 जून को इतिहास रच दिया. उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराते हुए दूसरी बार खिताब अपने नाम किया. इससे पहले भारतीय टीम ने 2007 में टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीता था. मगर फैन्स के लिए एक अच्छी खबर और है. दरअसल, अगला टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा. ऐसे में भारतीय टीम के पास अगली बार भी ट्रॉफी जीतने का सुनहरा मौका रहेगा. इस बार की तरह अगले सीजन में भी 20 टीमें हिस्सा लेंगी और कुल 55 मुकाबले खेले जाएंगे. अगली बार भी होगा सुपर-8 वाला फॉर्मेट अगला वर्ल्ड कप सीजन भी 2024 की तरह ही रहेगा. उसका फॉर्मेट भी इसी तरह रहेगा. अगली बार भी 5-5 टीमों के 4 ग्रुप होंगे. हर ग्रुप से 2-2 टीमें सुपर-8 में एंट्री करेंगी. इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबला होगा. इससे पहले बता दें कि अभी से 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए 12 टीमें तय हो चुकी हैं. अब सिर्फ 8 टीमों का इंतजार है. इन 8 स्थान के लिए अगले डेढ़ साल में क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट खेले जाएंगे. आइए जानते हैं टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बारे में सबकुछ… इन 12 टीमों ने की डायरेक्ट एंट्री मेजबान होने के नाते भारतीय टीम और श्रीलंका डायरेक्ट एंट्री मिली है. जबकि बाकी 10 टीमों में टी20 वर्ल्ड कप 2024 सुपर-8 राउंड (भारत को छोड़कर) से ली गई हैं. ये टीमें अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, अमेरिका और वेस्टइंडीज हैं. इस तरह कुल 9 टीमें हो गई हैं. जबकि बाकी 3 टीमें 30 जून तक की ICC टी20 टीम रैंकिंग के जरिए भरी गई हैं. पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और आयरलैंड सुपर-8 में नहीं जा सके. लेकिन टी20 रैंकिंग में बेहतर पॉजीशन में होने से इन तीनों टीमों ने भी 2026 टी20 वर्ल्ड कप में जगह बनाई. पाकिस्तान रैंकिंग में सातवें, न्यूजीलैंड छठे और आयरलैंड 11वें नंबर पर है. बाकी 8 टीमों को इस तरह मिलेगी एंट्री 12 टीमों की डायरेक्ट एंट्री के बाद 8 टीमों की जगह खाली रहेगी. इनके लिए अलग-अलग क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट होंगे. इनमें ऊपर रहने वाली टीमों को टी20 वर्ल्ड कप 2026 सीजन के लिए टिकट मिलेगा. यह क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट अफ्रीका, एशिया, यूरोप, अमेरिका और ईस्टएशिया-पैसेफिक रीजन के लिए होंगे. अफ्रीका, एशिया और यूरोप से दो-दो टीमें चुनी जाएंगी तो बाकी दो रीजन से एक-एक टीम आएगी. किस महाद्वीप से कौन सी टीमें एंट्री कर सकती हैं अफ्रीका महाद्वीप: दो जगहों के लिए जिम्बाब्वे, नामीबिया, युगांडा, केन्या, नाइजीरिया, तंजानिया जैसी टीमें दावेदार होंगी. टी20 वर्ल्ड कप 2024 में युगांडा और नामीबिया ने क्वालिफाई किया था. एशिया: यहां दो स्थान के लिए नेपाल, ओमान, यूएई, बहरीन, कुवैत, हांग कांग, मलेशिया, कतर भी दावेदारी पेश करेंगे. जबकि टी20 वर्ल्ड कप 2024 में नेपाल और ओमान ने क्वालिफाई किया था. यूरोप: 2024 सीजन में यूरोप से नीदरलैंड्स और स्कॉटलैंड ने क्वालिफाई किया था. अगली बार भी दोनों दावेदार हैं, लेकिन इटली, जर्सी, जर्मनी, डेनमार्क, स्पेन से इन्हें तगड़ी टक्कर मिलेगी. उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप: यहां से सिर्फ एक टीम क्वालिफाई करेगी. 2024 सीजन में कनाडा ने एंट्री की थी. अगली बार भी वो बड़ा दावेदार है, लेकिन उसे बरमूडा, कैमन आईलैंड्स, अर्जेंटीना और पनामा से टक्कर मिलेगी. ईस्ट एशिया-पैसेफिक: इस रीजन से 2024 टी20 वर्ल्ड कप में पापुआ न्यू गिनी की टीम खेली थी. अब उसे दोबारा क्वालिफाई करना होगा. इस बार पापुआ न्यू गिनी टीम को जापान, फिजी, समोआ, वनुआतु और कुक आईलैंड्स जैसी टीमें चुनौती देंगी. ये टीमें कर चुकी हैं टी20 वर्ल्ड कप क्वालिफाई मेजबान के तौर पर भारत और श्रीलंका ने 2026 के टी20 वर्ल्ड कप के लिए आॉटोमेटिक क्वालिफाई किया है। इसके अलावा टी20 वर्ल्ड कप 2024 के सुपर 8 में पहुंचने वाली आठों टीमें ऑटोमेटिक क्वालिफिक्शन मिला है। इनमें से भारत तो पहले ही मेजबान के तौर पर क्वॉलिफाई कर चुका है। जबकि ऑस्ट्रेलिया अफगानिस्तान, बांग्लादेश, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, यूएयसे और वेस्टइंडीज की टीम ने अगले वर्ल्डकप के लिए सीधे क्वॉलिफाई किया है। 9वीं टीम श्रीलंका है जो खुद भी होस्ट है, जो कि भारत के साथ मेजबानी करेगी। इसके अलावा आईसीसी ने 30 जून को कट-ऑफ रखा था जो भी टीम इस तारीख तक आईसीसी टी20 रैंकिंग में टॉप 10 में रहेगी, उसे सीधे टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने का मौका मिलेगा।
Rahul Gandhi wrote a letter to CM Yogi in Hathras stampede case, made this big demand
नयी दिल्ली राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने नौकरी दिलाने के बहाने महिलाओं को असामाजिक तत्वों द्वारा कथित तौर पर देह-व्यापार में धकेले जाने के संबंध में मीडिया में आई खबरों को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों एवं पुलिस प्रमुखों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने एक बयान में कहा कि एक छापेमारी के दौरान गिरफ्तार की गईं महिलाओं के बयानों को उद्धृत करने वाली खबर यदि सही है तो यह महिलाओं के जीवन, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा के लिए गंभीर चिंता पैदा करती है। आयोग ने कहा, ”समाचार पत्रों में एक जुलाई को प्रकाशित खबर में संकेत दिया गया कि झारखंड के रांची में एक होटल में छापेमारी के दौरान गिरफ्तार की गईं अधिकांश महिलाएं मजबूरी के कारण देह व्यापार में शामिल हुई थीं। उनमें से कई महिलाओं को उनके रिश्तेदारों ने ही इस दलदल में धकेला था और कुछ को अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए मजबूरन देह व्यापार में शामिल होना पड़ा। असामाजिक तत्वों के चंगुल में फंसने के बाद वे इससे बाहर नहीं निकल सकीं।” आयोग के बयान में कहा गया है कि खबरों से पता चलता है कि पीड़ित महिलाएं अलग-अलग स्थानों की रहने वाली हैं और उन्हें नौकरी दिलाने के बहाने देह-व्यापार में धकेला गया। महिलाओं को इस दलदल में धकेलने वाले लोग कथित तौर पर दूरस्थ स्थानों से यह कृत्य कर रहे हैं। इससे, इस आपराधिक गिरोह का देशभर में नेटवर्क फैले होने का संकेत मिलता है, इसलिए इस तरह के आपराधिक तत्वों के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्रवाई करने की आवश्यकता है। मीडिया में आई खबर का स्वत: संज्ञान लेते हुए आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को नोटिस जारी कर महिलाओं को देह व्यापार में धकेलने वाले असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए उठाए गए और प्रस्तावित कदमों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और कल्याण के लिए देश में कई कानून और योजनाएं होने के बावजूद असामाजिक और आपराधिक तत्व समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाते हैं। आयोग ने शुक्रवार को जारी किए गए एक अन्य बयान में कहा कि उसने मीडिया में आई उन खबरों का स्वत: संज्ञान लिया है जिसमें बताया गया कि मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में स्थित एक आश्रम में 30 बच्चे कथित तौर पर बीमार पड़ गए और उनमें से पांच की मौत हो गई। बयान के अनुसार, ‘इन बच्चों की उम्र 5 से 15 साल के बीच है। बताया जा रहा है कि रक्त संक्रमण और भोजन की विषाक्तता के कारण ये बच्चे बीमार हुए। आश्रम में रहने वाले ज्यादातर बच्चे अनाथ हैं।’ आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। नोटिस में कहा गया है इलाज के लिए अस्पताल में कथित तौर पर भर्ती बच्चों की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल रहनी चाहिए।