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सरकार बचाने के लिए, बिहार एवं आन्ध प्रदेश सरकार को दिया भारी-भरकम बजट: फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद

To save the government, huge budget was given to Bihar and Andhra Pradesh government

To save the government, huge budget was given to Bihar and Andhra Pradesh government: Faizabad MP Awadhesh Prasad Budget 2024: केंद्रीय बजट 2024 पेश होने के बाद पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. उत्तर प्रदेश में विपक्ष यह आरोप लगातार लगा रहा है कि राज्य के हिस्से कुछ नहीं आया. इस बीच फैजाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है. समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने केंद्रीय बजट पर कहा, ‘यह जो अल्पमत की सरकार है उसे बचाने का बजट है. इसमें लगभग पूरे देश की अनदेखी की गई है. इसमें अयोध्या, उत्तर प्रदेश की अनदेखी की गई है. यह कुर्सी बचाने का बजट है इसलिए दो राज्यों को प्राथमिकता दी गई है और बाकी राज्यों की अनदेखी की गई है, यह भाजपा को महंगा पड़ेगा.”

जीतू पटवारी ने PM मोदी को लिखा पत्र, CBI जांच से नर्सिंग घोटाले तक इन मुद्दों पर किए सवाल

Jitu Patwari wrote a letter to PM Modi

Jitu Patwari wrote a letter to PM Modi, asked questions on issues ranging from CBI investigation to nursing scam. Jitu Patwari Letter to PM Modi: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने मंगलवार (23 जुलाई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को पत्र लिखा है. जीतू पटवारी ने इस पत्र में सीबीआई की किसी मामले की जांच से पहले राज्य सरकार से लिखित में अनुमति लेने पर आपत्ति जताई है. साथ ही पटवारी ने पत्र में नर्सिंग घोटाले का भी जिक्र किया है. जीतू पटवारी ने अपने पत्र में लिखा कि “प्रधानमंत्री जी जब शिवराज सिंह चौहान जी को हटा कर आपकी सहमति से ही मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया था, तब हमें उम्मीद थी कि व्यापम जैसी व्यवस्था दोबारा इस प्रदेश में नहीं होगी, लेकिन हाल ही में आपकी डबल इंजन सरकार के द्वारा लिया गया एक फैसला काफी सारे सवाल खड़ा कर रहा है, जिनका जवाब आपकी मध्य प्रदेश सरकार से लेकर जनता को बताया जाना चाहिए.” जीतू पटवारी ने पीएम से किया ये सवालउन्होंने आगे लिखा कि “प्रदेश की सरकार ने हाल ही में एक फैसला लिया है, जिसके तहत राज्य में अब सीबीआई की किसी मामले की जांच से पहले राज्य सरकार से लिखित में अनुमति लेनी होगी. मंजूरी मिलने के बाद ही जांच एजेंसियां एक्शन ले पाएंगी, मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास ही गृह मंत्रालय का दायित्व भी है, इसलिए बिना उनकी सहमति के निर्णय गृह मंत्रालय द्वारा नहीं लिया जा सकता” जीतू पटवारी ने लिखा कि “सब जानते हैं कि मध्य प्रदेश में जनता के साथ मिलकर कांग्रेस पार्टी लगातार नर्सिंग घोटाले का पर्दाफाश कर रही है, जिसके तहत लाखों की संख्या में छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक प्रभावित हुए हैं. इस घोटाले में भारतीय जनता पार्टी के मंत्री और अन्य नेताओं की भूमिका बिल्कुल स्पष्ट है. अब ऐसा प्रतीत होता है कि यदि सही से जांच हो तो उनकी गिरफ्तारी भी संभव है. ऐसे में प्रदेश की जनता के जेहन में कुछ सवाल हैं जैसे क्या प्रधानमंत्री जी को इस घोटाले और राज्य सरकार द्वारा सीबीआई के संदर्भ में लिए गए फैसले की जानकारी है?” उन्होंने आग लिखा कि “यदि हां तो क्या कारण है कि यह फैसला लिया गया? क्या आपकी राज्य सरकार को केंद्र सरकार की एजेंसियों पर भरोसा नहीं है? ये प्रश्न आपसे इसलिए पूछे जा रहे हैं क्योंकि आप ही ने चुनाव के समय मध्य प्रदेश में आकर गारंटियों की बात कही थी और डबल इंजन सरकार का जुमला भी आप ही के द्वारा लगातार दिया जाता रहा है. कई विपक्षी राज्यों ने भी इस तरह के फैसले लिए हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियां एक अलग पार्टी की सरकार होने के कारण कई बार किसी दूसरी मानसिकता के साथ काम करती है. लेकिन मध्य प्रदेश में तो आप ही की पार्टी की सरकार है.” MP सरकार जांच एजेंसियों के खिलाफ फैसला लेने लगी है?जीतू पटवारी ने यह भी लिखा कि प्रधानमंत्री जी मध्य प्रदेश ने आपको 29 में से 29 सांसद चुन कर दिए हैं तो आपकी यह जिम्मेदारी बनती कि मध्य प्रदेश के लोगों को बताएं कि क्या सीबीआई की जांच के लिए लिखित में प्रदेश सरकार से अनुमति लेना क्या आपकी सरकार की नीति है? केंद्र और राज्य सरकार में सामंजस्य का अभाव क्यों है? लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में आपकी सरकार स्थिर नहीं है? जिसके कारण मध्य प्रदेश सरकार भी आपकी जांच एजेंसियों के खिलाफ फैसला लेने लगी है? उन्होंने लिखा कि “क्या व्यापम घोटाले के बाद बदनाम हुए मध्य प्रदेश में नर्सिंग घोटाले को लेकर सीबीआई जांच केवल दिखावा है, क्योंकि अगर हर मामले में सीबीआई को राज्य सरकार से ही अनुमति लेनी है तो फिर सीबीआई जांच का मतलब ही क्या रह गया? क्या प्रदेश सरकार आपसे कुछ छुपा रही है? क्या आपके किसी लाडले मंत्री को गिरफ्तारी से बचाने के लिए इस तरीके का फैसला लिया गया है? क्या यह फैसला मुख्यमंत्री की जानकारी के बगैर अधिकारियों ने अपने को बचाने के लिए ले लिया है मध्य प्रदेश की जनता इन सारे सवालों के जवाब की आपसे उम्मीद करती है.”

बजट से किसानों को ज्यादा फायदा नहीं, कंपनियों को होगा मुनाफा- किसान नेता राकेश टिकैत

Farmers will not get much benefit from the budget, companies will get profit - farmer leader Rakesh Tikait

Farmers will not get much benefit from the budget, companies will get profit – farmer leader Rakesh Tikait वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने सातवें बजट की शुरुआत में कहा कि अगले 2 साल में देशभर में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें प्रमाण-पत्र और ब्रांडिंग व्यवस्था भी शामिल होगी. इसके लिए 10 हजार आवश्यकता आधारित जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारणम ने आज मंगलवार को केंद्रीय बजट 2024-2025 पेश कर दिया है. बजट में खेती और किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं, लेकिन बजट से किसान ज्यादा खुश नहीं बताए जा रहे हैं. किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जमीनी स्तर पर इस बजट से कोई फायदा नहीं होने वाला है. सरकार फसलों की उचित कीमत देनी चाहिए. बजट पर निराशा जाहिर करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें (केंद्र को) यह बजट कागजों पर तो ठीक लगता होगा, लेकिन जमीनी स्तर पर इससे किसानों को किसी तरह का कोई फायदा नहीं होने वाला है. कंपनियों को इसका लाभ जरूर होगा. जो आर्गेनिक या नेचुरल खेती की बात है तो इसके लिए कोई एनजीओ, कंपनी या फिर कोई संस्था होगी जो यह काम लेगी और कहेगी कि हमने इतने किसानों को खेती करना सिखाया. किसानों को सिखाने का इतना खर्चा आदि आएगा. मतलब यह कि सीधा लाभ उन्हें मिलेगा. किसानों को लाभ पहुंचाया जाएः टिकैतराकेश टिकैत ने कहा कि अगर किसानों को लाभ पहुंचाना है तो उसे उसकी फसलों की पूरी कीमत देनी होगी. इसके लिए खास प्रावधान करना पड़ेगा. किसानों को खेती के लिए मुफ्त में पानी चाहिए. मुफ्त में बिजली और सस्ती खाद चाहिए, किसानों के लिए खेती के उपकरणों पर जीएसटी कम करना चाहिए.” उन्होंने कहा कि किसानों के स्वास्थ्य पर क्या किया गया. उनके लिए शिक्षा मुफ्त की जानी चाहिए. बजट में किसानों के लिए क्याइससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने सातवें बजट की शुरुआत में कहा कि अगले 2 साल में देशभर में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें प्रमाण-पत्र और ब्रांडिंग व्यवस्था भी शामिल होगी. इसके लिए 10 हजार आवश्यकता आधारित जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे. साथ ही सरकार जलवायु अनुकूल बीज विकसित करने के लिए अनुसंधान की व्यापक समीक्षा भी करेगी. बजट में किसानों के उत्पादकता बढ़ाने और खेती में सहनीयता लाने के उपायों के एक हिस्से के रूप में बजट में कृषि अनुसंधान पर जोर देने के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और राष्ट्रीय सहकारिता नीति जैसे विभिन्न उपायों की घोषणा की गई है. बजट में किसानों की फसलों की उच्च उपज वाली 109 नई किस्मों और जलवायु अनुकूल 32 नई किस्मों को जारी करने की घोषणा की गई है.

फूड पॉइजनिंग तो सुनी होगी, लेकिन क्या होती है वाटर पॉइजनिंग?

You must have heard of food poisoning, but what is water poisoning?

You must have heard of food poisoning, but what is water poisoning? फूड पॉइजनिंग को आम बोलचाल की भाषा में समझे तो गंदा आ दूषित खाना खाने से यह बीमारी होती है. गंदा खाना खाने से बैक्टीरिया शरीर में घुस जाता है और फिर यह शरीर को बीमार कर देता है. फूड पॉइजनिंग को आम बोलचाल की भाषा में समझे तो गंदा आ दूषित खाना खाने से यह बीमारी होती है. गंदा खाना खाने से बैक्टीरिया शरीर में घुस जाता है और फिर यह काफी ज्यादा परेशानी करता है. कुछ तो अपने आप ठीक हो जाते हैं लेकिन कुछ लोगों के शरीर में इसके खतरनाक रिएक्शन दिखते हैं. फूड पॉइजनिंग क्यों होता है? कुछ लोगों पर फूड पॉइजनिंग का ऐसा असर होता है कि इससे उनकी जान भी जा सकती है. फूड पॉइजन कई कारणों से हो सकता है जैसे- अधपका मांस, कच्ची सब्जियां, गंदे तरीके से पकाया हुआ खाना. जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है उन्हें खाना खाने के दौरान इन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए कि जो वो खा रहे हैं वह पका, साफ और अच्छा या नहीं वरना वह इससे गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं. फूड पॉइजनिंग किसी को कभी भी हो सकती है. एबीपी लाइव हिंदी ने ‘आकाश हेल्थकेयर’ के कंसल्टेंट डॉक्टर सरोज कुमार यादव से खास बातचीत की. डॉक्टर सरोज यादव ने बताया कि अक्सर गर्मियों या मॉनसून के दौरान फूड पॉइजनिंग की समस्या ज्यादा होती है. खासकर हमने यह जानने की भी कोशिश की वॉटर पॉइजनिंग क्या होता है?खासकर कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को इस बीमारी का खतरा काफी ज्यादा रहता है. शरीर में इस तरह की समस्या हो जाए तो शरीर पर कुछ इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं. वॉटर पॉइजनिंग क्या होता है? हाइपोनाट्रेमिया एक ऐसी कंडीशन होती है. जिसमें खून में सोडियम की मात्रा जरूरत से ज्यादा कम हो जाती है. ऐसा उस कंडीशन में होता है जब शरीर में पानी की जरूरत से ज्यादा होने जाने की वजह से सोडियम उसमें घुलता है. इसके कारण दिमाग की सेल्स यानी कोशिकाओं में सूजन आ जाती है. इस सूजन को सेरिब्रल ओएडेमा कहते हैं. इससे इलेक्ट्रोलाइट्स में कमी होने लगती है. वॉटर पॉइजनिंग का शरीर पर असर कम पानी पीने से शरीर में कई तरह के नुकसान होते हैं लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जरूरत से ज्यादा पानी पीने से भी शरीर को काफी ज्यादा नुकसान होता है. यहां तक कि मौत भी हो सकती है. वॉटर इनॉक्सिकेशन या वॉटर पॉइजनिंग भी कहते हैं. ज्यादा पानी पीने से ब्रेन ठीक से फंक्शन नहीं करता है. साथ ही साथ ब्लड में पानी की मात्रा बढ़ने लगती है. इसे ही वाटर पॉइजनिंग कहते हैं. वाटर पॉइजनिंग के कारण ब्लड में सोडियम का लेवल धीरे-धीरे कम होने लगता है. जिसका ब्रेन पर सीधा असर होता है और व्यक्ति कोमा में भी जा सकता है. शरीर में सोडियम की मात्रा कम होने पर ब्रेन और शरीर के सेल्स में सूजन भी हो सकती है. इसे सेल्युलर स्वेलिंग कहते हैं.

‘बेरोजगारी-महंगाई, किसान-महिला-युवा का मुद्द गायब : बजट पर बोले अखिलेश यादव

'The issue of unemployment-inflation, farmers-women-youth is missing: Akhilesh Yadav said on the budget

‘The issue of unemployment-inflation, farmers-women-youth is missing: Akhilesh Yadav said on the budget Union Budget 2024 News: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी 3.0 का पहला बजट मंगलवार (23 जुलाई) को पेश किया है. मोदी सरकार के पहले बजट को लेकर बीजेपी और उसके सहयोगी दल के नेता जमकर तारीफ कर रही हैं. तो वहीं विपक्ष के नेता मोदी सरकार पर हमला बोल रही हैं. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव मोदी 3.0 के पहले बजट पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स पर लिखा है, ”ग्यारहवें बजट में बेरोज़गारी-महँगाई, किसान-महिला-युवा का मुद्दा नौ दो ग्यारह हो गया है.” अखिलेश यादव ने कहा कि मोदी सरकार के ग्यारहवें बजट में बेरोजगारी के मुद्दे गायब हो गए हैं. तो वहीं किसान, देश में बढ़ती महंगाई और महिला-युवा का मुद्दा भी गायब हो गया है.

किसान विरोधी एवं मोदी का सिंहासन बचाने वाला बजट: मल्लिकार्जुन खड़गे

Budget that is anti-farmer and will save Modi's throne: Mallikarjun Kharge

Budget that is anti-farmer and will save Modi’s throne: Mallikarjun Khargeये बहुत ही निराशाजनक बजट है, जो नरेंद्र मोदी का सिंहासन बचाने के लिए पेश किया गया है।इस बजट में किसानों के लिए MSP की गारंटी या खाद में सब्सिडी जैसा कुछ नहीं है। वहीं रेलवे में इतनी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन रेलवे सुरक्षा, रेलवे भर्ती जैसी जरूरी चीजों की बात नहीं की गई। मोदी सरकार ने रेलवे का बजट बहुत कमजोर बनाया है।

आंध्र प्रदेश को बजट में मिला ‘बड़ा तोहफा’, विकास के लिए दिए 15,000 करोड़ रुपए

Andhra Pradesh got a 'big gift' in the budget, Rs 15,000 crore given for development

Andhra Pradesh got a ‘big gift’ in the budget, Rs 15,000 crore given for development Budget 2024: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट में बिहार और आंध्र प्रदेश को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। निर्मला सीतारमण ने बिहार को अतिरिक्त आर्थिक मदद देने को लेकर कहा कि बिहार के पीरपैंती में 21,400 करोड़ रुपये की लागत से 2400 मेगावाट का नया बिजली संयंत्र स्थापित करने सहित बिजली परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। बिहार में नए हवाई अड्डे, मेडिकल कॉलेज और खेल बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। बहुपक्षीय विकास बैंकों से बाहरी सहायता के लिए बिहार सरकार के अनुरोध पर शीघ्रता से कार्रवाई की जाएगी। वित्त मंत्री ने आंध्र प्रदेश के लिए खोला पिटारावित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने आंध्र प्रदेश पुनर्वित्त अधिनियम की जरूरतों को पूरा करने की कोशिश की है। राज्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए हम बहु-कार्यात्मक पुनर्गठन अधिनियम के माध्यम से विशेष वित्तीय संस्थान की बात कर रहे हैं। हम सहायता सुविधा दे रहे हैं। चालू वित्त वर्ष में 15,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की जाएगी और भविष्य के वर्षों में अतिरिक्त राशि दी जाएगी।विकास के लिए दिए 15,000 करोड़ रुपएसीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए प्रयास किए हैं। राज्य की पूंजी आवश्यकता को स्वीकार करते हुए, हम बहुपक्षीय एजेंसियों के माध्यम से विशेष वित्तीय सहायता की सुविधा प्रदान करेंगे। चालू वित्त वर्ष में, भविष्य के वर्षों में अतिरिक्त राशि के साथ 15,000 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। हमारी सरकार पोलावरम सिंचाई परियोजना के शीघ्र पूरा होने और वित्तपोषण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है जो आंध्र प्रदेश और उसके किसानों के लिए जीवन रेखा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा

Budget 2024: Announcement of investment of Rs 10 lakh crore under Pradhan Mantri Awas Yojana

Budget 2024: Announcement of investment of Rs 10 lakh crore under Pradhan Mantri Awas Yojana नई दिल्ली। सरकार अपने आम बजट में अर्बन हाउसिंग को लेकर खास प्लानिंग की है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एलान किया है कि पीएम आवास योजना के तहत शहरी आवास के विकास के लिए 10 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। शहरी आवास योजना 2.0 के तहत सरकार 1 करोड़ लोगों को आवास देगी। इसके अलावा वित्तमंत्री कहा है कि रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने पर भी काम किया जाएगा। इसके लिए रेगुलेशन के लिए बनाएं नियम जाएंगे। वित्तमंत्री ने कहा कि जो राज्य स्टाम्प ड्यूटी कम करते हैं, उन्हें बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा सस्ते दर पर कर्ज के लिए ब्याज सब्सिडी योजना लाई जाएगी। इसके अलावा वित्तमंत्री कहा है कि रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने पर भी काम किया जाएगा। इसके लिए रेगुलेशन के लिए बनाएं नियम जाएंगे। वित्तमंत्री ने कहा कि जो राज्य स्टाम्प ड्यूटी कम करते हैं, उन्हें बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा सस्ते दर पर कर्ज के लिए ब्याज सब्सिडी योजना लाई जाएगी। बजट को पेश करते दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि अगले पांच सालों में शहरी आवास के लिए 2.2 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता पेश की जाएगी। रेंटल हाउसिंग को लेकर सरकार बेहतर उपलब्धता पर ध्यान दे ऱही है। इसके लिए कुशल और ट्रांसपेरेंट किराया का उपाय किया जाएगा। अब शहरी इलाकों में जमीन का ब्योरा डिजिटली कलेक्ट किया जाएगा। शहरी विकास के खास प्वॉइट क्या है पीएम आवास योजना किसको मिलता है लाभलोगों के अपना घर होने के सपने को पूरा करने के लिए भारत सरकार पीएम आवास योजना को पेश किया है। इस योजना के तहत लाखों लोगों के अपने घर का सपना पूरा हुआ है।सरकार उन लोगों को आर्थिक सहायता देती है, जो पक्का घर बनाने की इच्छा रखते है।इस योजना का हिस्सा बनने के लिए आपको कुछ शर्तों को पूरा करना होगा। इसके लिए अगर आप इस योजना के लिए आवेदन करना चाहते है तो आपके पास खुद का कोई मकान नहीं होना चाहिए।अगर परिवार में किसी भी परिवार के सदस्य की सरकारी नौकरी है तो वे भी योजना का लाभ नहीं ले सकते है।आर्थिक रुप से कमजोर और कम इनकम ग्रुप के कैटेगरी में शामिल परिवार की महिला मुखिया को योजना का लाभ मिलेगा।EWS से जुड़े लोगों की सालाना इनकम 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।

Sensex:सेंसेक्स 1000 अंक टूटकर संभला, निफ्टी 24,400 अंक से नीचे

Sensex: Sensex recovers after falling 1000 points, Nifty below 24,400 points

Sensex: Sensex recovers after falling 1000 points, Nifty below 24,400 points केंद्रीय बजट से पहले घरेलू शेयर बाजार में हरे निशान पर कारोबार की शुरुआत हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश करेंगी। इससे पहले घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स सकारात्मक ढंग से कारोबार करते दिख रहे हैं। सुबह नौ बजकर 36 मिनट पर सेंसेक्स 28.52 (0.03%) अंकों की बढ़त के साथ 80,555.17 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर, निफ्टी में 17.41 (0.07%) अंकों की मजबूती के साथ 24,526.65 के स्तर पर कारोबार होता दिखा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 200 अंकों की बढ़त दिखी जबकि निफ्टी 22550 के पार पहुंच गया पर ऊपरी स्तरों से बाजार में बिकवाली दिखी। वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद कारोबार में सेंसेक्स 1000 अंक लुढ़का, जबकि निफ्टी 24,150 अंक से नीचे रहा। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही सेंसेक्स 1000 अंक टूटकर संभल गया और 400 अंक पर पहुंचा। वहीं निफ्टी 24,400 अंक से नीचे रहा। भाषण शुरू होते ही बाजार लाल निशान में फिसलावित्त मंत्री के बजट भाषण के शुरू होने साथ ही बाजार लाल निशान में फिसले। उनका बजट भाषण इस समय भी जारी है। बजट भाषण शुरू होते है बाजार में फिसलन शुरू हो गई। फिलहाल, बीएसई का सेंसेक्स 127 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। जबकि निफ्टी में 53 अंकों की गिरावट नजर आई। वहीं बैंक निफ्टी में करीब 90 अंकों की कमजोरी देखने को मिली। कृषि से जुड़े स्टॉक में उछालकृषि क्षेत्र को 1.52 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाने की घोषणा के बाद कृषि से जुड़े स्टॉकों में 10 फीसदी उछाल देखा। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा झींगा पालन की योजना की घोषणा के बाद एपेक्स फ्रोजन फूड्स, अवंती फीड्स, वॉटरबेस शेयर में आठ फीसदी तक उछाल आया। बजट के दिन सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल निफ्टी के सबसे मजबूत और सबसे कमजोर शेयर

4.1 करोड़ युवाओं के लिए प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा, रोजगार के लिए 1.48 लाख करोड़ का प्रावधान

Prime Minister's package announced for 4.1 crore youth, provision of Rs 1.48 lakh crore for employment

Prime Minister’s package announced for 4.1 crore youth, provision of Rs 1.48 lakh crore for employment मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल का पहला बजट आज यानी 23 जुलाई को पेश कर दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस दौरान देश के युवाओं की नाराजगी को दूर करने के लिए कई अहम कदमों का एलान किया। नीट-यूजी, नेट जैसी परीक्षाओं में धांधली और रोजगार की समस्या को लेकर केवल विपक्ष ही सरकार पर हमलावर नहीं है, बल्कि देश के युवाओं में भी रोष है। ऐसे में आइए जानते हैं कि सरकार ने अंतरिम बजट में छात्रों-युवाओं के लिए क्या एलान किया और इससे पहले अंतरिम बजट में उनके लिए क्या-क्या घोषणाएं की गईं थीं। प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘मुझे 2 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय परिव्यय के साथ 5 वर्षों में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अन्य अवसरों की सुविधा के लिए पांच योजनाओं और पहलों के लिए प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। इस वर्ष हमने शिक्षा, रोजगार और कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।’ रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजनावित्त मंत्री ने कहा, ‘हमारी सरकार रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन योजना के तहत तीन योजनाओं पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि संस्था (ईपीएफओ) पर आधारित होगी। इसके अलावा इस योजना के तहत पहली बार नौकरी कर रहे कर्मचारियों और नियोक्ताओं का ध्यान रखा जाएगा।’ योजना अ: पहली बार वालों के लिएयह योजना के तहत सभी क्षेत्रों में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को एक महीने की दिहाड़ी दी जाएगी। पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को तीन किस्तों में पहला वेतन दिया जाएगा। ईपीएफओ में पंजीकृत होने के साथ ही यह न्यूनतम राशि 15 हजार रूपये होगी। ईपीएफओ में पंजीकृत लोगों को यह मदद मिलेगी। योग्यता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह होगी। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा। योजना ख: विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियां बढ़ानाइस योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियां बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इस योजना से विनिर्माण क्षेत्र में पहली बार नौकरी कर रहे अतिरिक्त कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इस योजना में एक निर्दिष्ट पैमाने के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस योजना से विनिर्माण क्षेत्र में आने वाले 30 लाख युवाओं और उनके नियोक्ताओं को मदद मिलेगी। योजना ग: नियाक्ताओं की मदद करनायह योजना सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार के लिए नियोक्ताओं पर केंद्रित की गई है। एक लाख रुपये वेतन वाले सभी कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा,’केंद्र सरकार नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के ईपीएफओ योगदान के लिए दो साल तक प्रति माह 3000 रुपये तक की प्रतिपूर्ति करेगी। यह योजना 50 लाख लोगों के अतिरिक्त रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए स्वीकृत है।’ ‘रोजगार से महिलाओं को जोड़ने की योजना’वित्त मंत्री ने कहा, ‘हम रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उद्योंगो के साथ मिलकर ‘महिला हॉस्टल’ और ‘बालगृहों’ की स्थापना करेंगे। यह योजना महिला कौशल कार्यक्रम को प्रोत्साहित करेगी।’‘कौशल योजना’वित्त मंत्री ने कहा, ‘कौशल योजना में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 20 लाख युवाओं को कुशल बनाया जाएगा।’ ‘कौशल ऋण योजना’वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा ‘7.5 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा के लिए मॉडल कौशल ऋण योजना को संशोधित किया जाएगा। इससे हर वर्ष 25 हजार छात्रों को मदद मिलेगी।’ ‘शैक्षणिक ऋण योजना’वित्त मंत्री ने कहा, ‘वे युवा, जो हमारी सरकार की योजनाओं से जुड़ने के लिए पात्र नहीं हैं। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि ऐसे युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ऋण देने में हम मदद करेंगे। घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए ऐसे युवाओं को शैक्षणिक ऋण दिया जाएगा। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर वर्ष एक लाख युवाओं को ‘ई वाउचर्स’ दिए जाएंगे। वार्षिक ब्याज सहायता के लिए सरकार की तरफ से कुल ऋण राशि का तीन प्रतिशत दिया जाएगा।’ अब जानते हैं अंतरिम बजट में क्या एलान किया गया थावित्त मंत्री ने एक फरवरी को पेश किए गए अंतरिम बजट भाषण में बताया था कि स्किल इंडिया मिशन के तहत देश में 1.4 करोड़ युवाओं को ट्रेंड किया गया है। साथ ही 54 लाख को अपस्किल या रि-स्किल किया गया है। पीएम मुद्रा योजना के तहत युवा उद्यमियों को 43 करोड़ के मुद्रा योजना लोन दिए गए। देश में 3000 नए आईटीआई बनाए गए हैं। साथ ही देश में सात आईआईटी, 16 आईआईआईटी, सात आईआईएम, 15 एम्स और 390 यूनिवर्सिटीज का निर्माण किया गया है। हालांकि, विपक्षी दलों ने सरकार पर हमेशा ही युवा वर्ग की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। विपक्षी दलों के अनुसार सरकार युवा वर्ग में बढ़ रही बेरोजगारी की समस्या को लगातार नजरअंदाज कर रही है। इसके साथ ही सेना में अग्निवीर जैसी योजनाएं लाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। पिछले बजट में युवाओं के लिए हुए थे ये एलान युवाओं के लिए नौकरी के लिए बजट 2023 में सरकार ने 740 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों के लिए 38,800 अध्यापकों और सहयोगी स्टाफ की भर्ती करने का एलान किया था।प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 लॉन्च की गई थी। जिसके तहत लाखों युवाओं को कोडिंग, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, ड्रोन तकनीक आदि की ट्रेनिंग दी जा रही है।30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर विभिन्न राज्यों में बनाने का एलान किया गया था।एमएसएमई सेक्टर के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत नौ हजार करोड़ रुपये का फंड बनाने का एलान हुआ था।देश में साल 2014 तक बने 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने का एलान किया गया। इस बार के बजट में युवाओं को सरकार से क्या अपेक्षा है?मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट से बेरोजगारी की मार झेल रहे युवा वर्गा को भी कई अपेक्षाएं हैं। वर्तमान में देश में युवा वर्ग के सामने सबसे बड़ी समस्या रोज-रोटी सुनिश्चित करने की है। युवा वर्ग की ओर से लगातार सरकार से इस दिशा में मजबूत कदम उठाने की अपील की जा रही है। मोदी सरकार के पहले … Read more

इंदौर-खंडवा हाईवे पर बस और ट्रक की भिड़ंत, 12 लोग घायल

Bus and truck collide on Indore-Khandwa highway, 12 people injured

Bus and truck collide on Indore-Khandwa highway, 12 people injured इंदौर-खंडवा इच्छापुर हाईवे पर बलवाड़ा के समीप मनिहार उमरिया चौकी के बीच एक बस और ट्रक में जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में चालक सहित करीब 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा सुबह 10:30 बजे के करीब हुआ। बस खंडवा से इंदौर की ओर जा रही थी और ओवरटेक करते समय कांवड़ यात्री को बचाने के प्रयास में सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में घायल लोगों को 108 एंबुलेंस की मदद से सिविल हॉस्पिटल बड़वाह पहुंचाया गया। उल्लेखनीय है कि इंदौर-खंडवा इच्छापुर सड़क मार्ग पर बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन और कांवड़ यात्री आवागमन कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कांवड़ियों को बचाने के प्रयास में बस ट्रक से टकरा गई। ग्रामीणों की मदद से बस के चालक और यात्रियों को बाहर निकाला गया। ट्रक ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया, और बस में भी कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। कुछ घायलों को सरकारी अस्पताल भेजा गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल चालक को इंदौर रेफर किया गया है।

प्रदेश में झमाझम बारिश ने रोके ट्रेनों के पहिये, आज जिलों में भारी बरसात का अलर्ट

Heavy rain in the state stopped the wheels of trains, alert of heavy rain in the districts today

Heavy rain in the state stopped the wheels of trains, alert of heavy rain in the districts today MP Weather Update: मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी है. मानसून अब अपने पूरे शबाब पर है. झमाझम बारिश की वजह से रेलवे विभाग को दो ट्रेने रद्द करना करना पड़ी तो वहीं मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के 27 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. बता दें प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है. अगले दो दिन 26 जुलाई तक भारी बारिश से राहत की उम्मीद नहीं है. मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ के मध्य हिस्से में लो प्रेशर है, इस वजह से मानसून ट्रफ लाइन मध्यप्रदेश के बीच से गुजर रही है. साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है, जिसकी वजह से प्रदेश में भारी बारिश हो रही है. सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हुई. छिंदवाड़ा जिले के सिवनी में भारी बारिश की वजह से बिठली गेट के पास रेलवे ट्रैक पर बारिश् का पानी भर गया, जिससे रेलवे ने सोमवार शाम 6 बजे छिंदवाड़ा से नैनपुर और नैनपुर से छिंदवाड़ा के बीच चलने वाली दो पैंसेजर ट्रेनों को रद्द करना पड़ा. आज 27 जिलों में बारिश का अलर्टमौसम विभाग ने आज प्रदेश के 27 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार मुरैना, सीहोर, श्योपुरकलां, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, मंडला, बालाघाट, भोपाल, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी में भारी बारिश होगी, जबकि उज्जैन, इंदौर, रतलाम, नीमच, मंदसौर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की बारिश होगी. 26 जुलाई तक राहत की उम्मीद नहींमौसम विभाग के आगामी चार दिन तक प्रदेश में भारी बारिश का दौर रहेगा. 26 जुलाई से सिस्टम कमजोर होगा, इसके बाद ही भारी बारिश से राहत की उम्मीद है. मौसम विभाग ने कल 24 जुलाई को नीमच, भोपाल, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, रीवा, मऊगंज, सीधी, मुरैना, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मंडला, सिंगरौली और शाजापुर में बारिश का अलर्ट जारी किया है जबकि 25 व 26 जुलाई को मंदसौर, नीमच, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, हरदा, बैतूल में तेज बारिश होगी, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन सहित बाकी जिलों में हल्की बारिश होगी.

BJP छोड़ेंगे मंत्री नागर सिंह चौहान? विभाग जाने से नाराज

Will Minister Nagar Singh Chauhan leave BJP? angry about going to department

Will Minister Nagar Singh Chauhan leave BJP? angry about going to department MP Politics: मध्य प्रदेश में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए और मंत्री बनाए गए रामनिवास रावत को वन एवं पर्यावरण विभाग दिए जाने से मंत्री नागर सिंह चौहान नाराज हैं. अब तक यह विभाग नागर सिंह चौहान के ही पास था. अब नागर सिर्फ अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के मंत्री रह गए हैं. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में रामनिवास रावत को कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई गई थी और रविवार को उन्हें वन एवं पर्यावरण विभाग आवंटित किया गया. नागर सिंह चौहान के पास वन पर्यावरण के अलावा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग था. वर्तमान समय में वह सिर्फ एक विभाग के मंत्री हैं. कांग्रेस से आए नेता को मिली जिम्मेदारी से नाराजवन एवं पर्यावरण विभाग लेकर रामनिवास रावत को दिए जाने से नागर सिंह चौहान नाराज हैं. कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी साफ जाहिर की और कहा कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता की बजाय कांग्रेस छोड़कर आए नेता को यह जिम्मेदारी दी गई है. कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं नागर सिंह चौहान?नागर सिंह चौहान ने कहा, “वे अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं और उनके पास जो विभाग रह गया है, वह अनुसूचित जाति वर्ग का है. वे इस फैसले से काफी आहत हैं क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनसे इस मसले पर कोई चर्चा नहीं की. हम आपको बता दें कि नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता सिंह चौहान रतलाम झाबुआ संसदीय क्षेत्र से भाजपा की सांसद हैं. मंत्री चौहान का कहना है कि वह आने वाले समय में अपने करीबियों से चर्चा करने के बाद कोई बड़ा फैसला भी ले सकते हैं.

डीवीए के पूर्व सीइओ अगस्थी के खिलाफ लोकायुक्त में प्रकरण दर्ज

Lokayukta case filed against former DVA CEO Agasthi

Lokayukta case filed against former DVA CEO Agasthi भोपाल। देवास विकास प्राधिकरण के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरएस अगस्थी एवं प्राधिकरण के शॉपिंग कॉम्प्लैक्स  एवं प्लॉट खरीदने वाले के विरुद्ध लोकायुक्त उज्जैन में किया प्रकरण दर्ज हो गया है। वर्ष 2005- 06 में तत्कालीन मुख्य कार्यपालिका अधिकारी देवास विकास प्राधिकरण आर एस अगस्थी के द्वारा कलेक्टर गाइडलाइन से कम दाम में विकास प्राधिकरण के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स  एवं दो प्लॉट को भाग ए, बी एवं सी में विभक्त कर क्रेता धनराज पिता हीरालाल अग्रवाल, सुनीता पति शरद अग्रवाल एवं दीपा पति मनीष अग्रवाल निवासीगण देवास को षडयंत्र पूर्वक मिलकर सस्ते एवं कम दामों में राज्य शासन की मंजूरी के बिना बेचकर प्राधिकरण को लगभग 2,53,78,433/- रुपये (दो करोड़ तिरेपन लाख अटठत्तर हजार चार सौ तैंतीस) की आर्थिक हानि पहुंचाये जाने पर तत्कालीन विधायक अंतर सिंह दरबार के द्वारा लोकायुक्त मुख्यालय भोपाल में शिकायत की गई थी।उक्त जांच तकनीकी आधार पर होने पर बाद में पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन श्री अनिल विश्वकर्मा को जांच हेतु प्राप्त हुई थी जिसकी जांच निरीक्षक दीपक सेजवार के द्वारा की गई जिसमें जांच उपरांत प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर एस अगस्थी एवं संपत्ति क्रयकर्ता धनराज अग्रवाल सुनीता अग्रवाल एवं दीपा अग्रवाल के विरुद्ध अपराध क्र 90/24 धारा 13(1)सी,13(2) डी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 एवं 409,120 भादवि का पंजीकृत कर अनुसंधान किया जा रहा है।

उमस भरे मौसम के कारण सिर में हो रही है खुजली, तो अपनाएं ये नुस्खे

If your head is itching due to humid weather, then follow these remedies

If your head is itching due to humid weather, then follow these remedies उमस और गर्मी के मौसम में स्कैल्प पर ज्यादा पसीना आने के कारण कई बार बदबू आना और खुजली जैसी समस्या हो सकती है. ऐसे में ये घरेलू नुस्खे इस परेशानी से राहत दिलाने में आपकी मदद कर सकते हैं. मौसम में बदलाव होने के साथ ही कई बार बालों से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं. उमस के मौसम में बालों में पसीना आने के कारण बदबू और स्कैल्प पर खुजली होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इसके कारण बाल चिपचिपे लगने लगते हैं. इसकी वजह से कई लोगों को शर्मिंदा महसूस होना पड़ सकता है. इस समस्या से छुटकारा पाना थोड़ा मुश्किल है लेकिन इसे कम करने का प्रयास किया जा सकता है. मानसून के मौसम में बालों को एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है. जिससे की पसीने के कारण बदबू और खुजली जैसी परेशानियों का सामना न करना पड़े. ऐसे में आप कुछ घरेलू नुस्खों को अपना सकते हैं. हेयर वॉशअगर उमस और गर्मी के कारण आपके बालों में ज्यादा पसीना आता है, तो आपको बाल हफ्ते में दो से तीन बार जरूर धोने चाहिए. जिससे की बाल साफ रहें. लेकिन अपने बालों के मुताबिक ही शैंपू का इस्तेमाल करें. जैसे कि अगर ड्रैंडफ ज्यादा है तो एंटी-ड्रैंडफ शैंपू का इस्तेमाल करें. आप एक्सपर्ट से भी इस बारे में सलाह ले सकते हैं. एलोवेरा और नारियल तेलएलोवेरा और नारियल तेल इन दोनों को भी हमारे बालों के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसलिए ताजा एलोवेरा जेल और नारियल तेल को अच्छे से मिक्स करें और इसे अपने बालों पर 20 मिनट तक लगाएं रखने के बाद शैंपू से हेयर वॉश करें. लेकिन कई लोगों को एलोवेरा सूट नहीं करता है ऐसे में वो सिर्फ नारियल तेल भी लगा सकते हैं. नीम का उपयोगनीम औषधि गुणों के कारण जानी जाती है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पाए जाते हैं. ऐसे में स्कैल्प पर होने वाली खुजली से राहत दिलाने में नीम मददगार साबित हो सकता है. इसके लिए पहले आपको नीम के ताजे पत्ते लेने हैं और इसे पानी में उबालना होगा. इसके बाद इस पानी को ठंडा होने पर छाल लें और शैंपू करने के बाद अपने बालों पर स्प्रे करें. आप नीम और तुलसी के पत्तों को एक साथ पीसकर उसका पेस्ट तैयार कर शैंपू करने के कुछ देर पहले आप अपने बालों पर 10 से 15 मिनट के लिए ये पेस्ट बालों और स्कैल्प पर लगा सकते हैं. एक बात का जरूर ध्यान रखें कि अगर स्कैल्प पर बहुत ज्यादा खुजली और जलन हो रही है तो पहले एक्सपर्ट से इसके बारे में सलाह लें और तभी कोई प्रोडक्ट और नुस्खा अपनाएं. क्योंकि कई बार इंफेक्शन या किसी बीमारी के कारण भी ये समस्या हो सकती है. इसलिए ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है.

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