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यह संघर्ष सिर्फ एक क्षेत्रीय समस्या नहीं है, बल्कि इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है: जयशंकर

नई दिल्ली मध्य पूर्व में चल रहे हमास और इजरायल के बीच के संघर्ष ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारी चिंता पैदा कर दी है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह संघर्ष सिर्फ एक क्षेत्रीय समस्या नहीं है, बल्कि इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने इसे “गहरी चिंता का विषय” बताया, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है। जयशंकर ने साफ कहा कि भारत मिडिल ईस्ट की इस जंग का फायदा नहीं उठा रहा है बल्कि इससे उसे नुकसान ही हो रहा है। मिडिल ईस्ट की जंग का फायदा नहीं उठा रहा भारत विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, “मध्य पूर्व आज एक अवसर नहीं, बल्कि गहरी चिंता का क्षेत्र है। संघर्ष बढ़ता जा रहा है और इसका असर केवल वहीं नहीं, बल्कि पूरे विश्व पर पड़ रहा है।” उन्होंने बताया कि ग्लोबल सप्लाई चैन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे भारत समेत अन्य देशों को आर्थिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “यह संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है – पहले हमने एक आतंकी हमला देखा, फिर उसकी प्रतिक्रिया हुई, उसके बाद गाजा में जो कुछ हुआ, वह सबके सामने है। अब हम देख रहे हैं कि यह संघर्ष लेबनान तक फैल गया है, जहां इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। वहीं, हूथी विद्रोही लाल सागर में हमले कर रहे हैं।” जयशंकर ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष वैश्विक समस्याओं को जन्म दे रहा है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ किसी एक क्षेत्र की समस्या नहीं है, और यह मानना गलत होगा कि कोई निष्पक्ष रहकर इससे लाभ उठा सकता है। वैश्वीकरण के इस युग में, किसी भी हिस्से में होने वाला संघर्ष कहीं न कहीं दुनिया के दूसरे हिस्सों पर असर डालता है। इससे किसी न किसी प्रकार की सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा।” जयशंकर ने आगे कहा कि आज दुनिया भर में हो रहे संघर्ष, चाहे वह यूक्रेन में हो या मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में, यह अस्थिरता के बड़े कारक बन चुके हैं। उन्होंने कहा, “यह पूरी दुनिया के लिए, जिसमें हम भी शामिल हैं, चिंता का विषय है।” हमास-इजरायल संघर्ष की शुरुआत 7 अक्टूबर, 2023 को हमास ने इजरायल पर अचानक हमला कर दिया, जिससे एक हजार से ज्यादा लोग हताहत हुए और बड़े पैमाने पर विध्वंस हुआ। इस हमले के जवाब में इजरायल ने गाजा पर तीव्र हवाई हमले और जमीनी ऑपरेशनों की शुरुआत की। इन हमलों में हमास की संरचनाओं और नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। इस संघर्ष ने गाजा पट्टी को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है और बड़ी संख्या में लोग मारे गए। अब यह जंग लेबनाने से होते हुए ईरान तक पहुंच चुकी है। यह संघर्ष सिर्फ हमास और इजरायल तक सीमित नहीं रहा है। इसके विस्तार के रूप में लेबनान और ईरान के बीच भी तनाव बढ़ रहा है। ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के प्रमुख ही इजरायली हमले में मौत के बाद स्थिति को और भी जटिल बन गई। हाल ही में ईरान ने इजरायल पर 200 के करीब मिसाइलों से हमला किया था। साथ ही, हौथी विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में भी हमले की खबरें आ रही हैं, जिससे समुद्री व्यापार पर भी खतरा मंडरा रहा है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है, और यहां की अस्थिरता भारत की तेल आपूर्ति पर प्रतिकूल असर डाल सकती है। इसके अलावा, भारत के लाखों प्रवासी इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा और भविष्य भी इस संघर्ष से प्रभावित हो सकते हैं। भारत ने इस संघर्ष के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कूटनीतिक प्रयासों में तेजी लाने की अपील की है।

चंद घंटों में 600 से अधिक लोगों की हत्या से यह देश दहल उठा, दफनाने के लिए जमीन कम पड़ गई

बुर्किना फासो चंद घंटों में 600 से अधिक लोगों की हत्या से यह देश दहल उठा है। इस नरसंहार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया कि अगस्त महीने में में बुर्किना फासो के बार्सालोघो शहर पर हुए हमले में अल-कायदा से जुड़े सदस्यों ने कुछ ही घंटों में करीब 600 लोगों की हत्या कर दी। बार्सालोघो के निवासियों को 24 अगस्त को गोली मार दी गई थी। वे सेना के आदेश पर खाइयां खोद रहे थे। इस हमले में जिन लोगों की जान गई है, उनें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। यह देश के इतिहास में सबसे भयानक नरसंहार है। अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े विद्रोहियों के बीच जारी जिहादी विद्रोह के कारण ऐसे हालात बने हैं। माली स्थित और बुर्किना फासो में सक्रिय अल-कायदा से जुड़े जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमीन (जेएनआईएम) के सदस्यों ने बार्सालोघो के बाहरी इलाके में ग्रामीणों को गोली मार दी। संयुक्त राष्ट्र ने जहां करीब 200 लोगों की मौत का अनुमान लगाया, वहीं जेएनआईएम ने कहा कि उसने करीब 300 लड़ाकों को मार गिराया। हालांकि, फ्रांसीसी सरकार के सुरक्षा आकलन के मुताबिक, हमले में 600 से अधिक लोगों की गोली मारकर हत्या की गई। एक व्यक्ति ने कहा कि वह सेना द्वारा खाई खोदने के लिए कहे गए दर्जनों लोगों में से एक था। उसने सीएनएन को बताया कि वह सुबह करीब 11 बजे शहर से 4 किलोमीटर दूर एक खाई में था। उस समय उसने पहली गोली चलने की आवाज सुनी। उसने कहा, “मैं भागने के लिए खाई में रेंगने लगा। लेकिन ऐसा लग रहा था कि हमलावर खाइयों का पीछा कर रहे थे। इसलिए मैं रेंगकर बाहर निकला और खून से लथपथ कई लोगों को देखा। मेरे रास्ते में हर जगह खून था। हर जगह चीख-पुकार मची हुई थी। मैं एक झाड़ी के नीचे पेट के बल लेट गया। दोपहर तक छिपता रहा।” एक दूसरे जीवित व्यक्ति ने कहा कि जेएनआईएम ने पूरे दिन लोगों को मारा। उसने कहा, “तीन दिनों तक हम शवों को इकट्ठा करते रहे। हर जगह शव बिखरे हुए थे। हमारे दिलों में डर समा गया। दफनाने के समय जमीन पर इतने सारे शव पड़े थे कि दफनाना मुश्किल था।” सेना ने कथित तौर पर स्थानीय लोगों को शहर के चारों ओर एक विशाल खाई खोदने का आदेश दिया ताकि शहर को आस-पास घूम रहे जिहादियों से बचाया जा सके। जेएनआईएम ने विद्रोह के खिलाफ लड़ाई में सेना का समर्थन करने के खिलाफ नागरिकों को चेतावनी दी है।

नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के ऑपरेशन के तुरंत बाद जनअदालत लगाकर दो युवकों को उतारा मौत के घाट

बीजापुर दंतेवाड़ा-नारायणपुर जिला के सीमाई क्षेत्र में शुक्रवार को सुरक्षाबलों के एंटी-नक्सल ऑपरेशन के बाद नक्सलियों की बौखलाहट देखने को मिली। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के ऑपरेशन के तुरंत बाद जनअदालत लगाकर मुखबिरी के शक में दो युवकों, अर्जुन पुनेम और मोटू कुरसम की बेरहमी से हत्या कर दी। वहीं, कुछ ग्रामीणों को पिटाई के बाद छोड़ दिया गया। यह मामला गंगालूर थाना क्षेत्र के सावनार का है। फिलहाल, मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बता दें कि शुक्रवार को दंतेवाड़ा जिला के बारसूर पुलिस थाना के ग्राम थुलथुली और नारायणपुर जिला के ओरछा पुलिस थाना के ग्राम नेंदूर के जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया, जिसमें डीआरजी दंतेवाड़ा/नारायणपुर और एसटीएफ के जवानों ने 31 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया। इसे सुरक्षाबलों की अब तक की सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे पहले बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के जंगलों में बीते 16 अप्रैल को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी, जिसमें 29 नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। सुरक्षाबलों की कार्रवाई से बौखलाए नक्सली पुलिस और सुरक्षाबलों के जवान नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। इसी साल जवानों ने अलग-अलग मुठभेड़ों में 188 नक्सलियों को मार गिराया गया है। जिन इलाकों में यह कार्रवाई हुई है, उनमें बस्तर क्षेत्र के दंतेवाड़ा और नारायणपुर सहित 7 जिले शामिल हैं। वहीं, सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने दंतेवाड़ा मुठभेड़ से पहले बताया था कि बस्तर संभाग में मानसून सीजन में ही 212 से ज्यादा नक्सली गिरफ्तार हुए हैं। नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 201 नक्सलियों ने सरेंडर भी किया है। ऐसे में नक्सलियों की कमर टूटने लगी है और वे बौखलाहट में नजर आ रहे हैं।

डासना देवी मंदिर के धर्म विशेष काे लेकर दिए गए बयान से अराजक भीड़ को पुलिस ने खदेड़ा

गाजियाबाद डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के धर्म विशेष काे लेकर दिए गए बयान से एक वर्ग विशेष के लोगों में गुस्सा पनपा है। इन लोगों ने बड़ी संख्या में अराजक भीड़ के साथ मंदिर की तरफ रुख किया। इनको पुलिस ने खदेड़ दिया। पुलिस उपायुक्त एसएन तिवारी ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें। मंदिर व आसपास पूरी तरह से शांति है। पुलिस हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। उल्लेखनीय है कि 29 सितंबर को हिंदी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में डासना देवी मंदिर के महंत यति महंत यति नरसिंहानंद ने एक धर्म विशेष को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद उनके खिलाफ तीन अक्टूबर को थाना सिहानी गेट पुलिस के दरोगा ने रिपोर्ट भी दर्ज की। तब से एक वर्ग विशेष के लाेग लगातार महंत के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आज प्रदर्शन की घोषणा की गई है। डीसीपी एस एन तिवारी ने शुक्रवार की देर रात एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा है कि कि शुक्रवार रात में कुछ लोग मंदिर की तरफ आए लेकिन मंदिर में पहले से ही मौजूद थाना प्रभारी वेव सिटी व अन्य पुलिस बल ने उनको खदेड़ दिया। डीसीपी ने कहा कि इसके बाद इलाके में कुछ असामाजिक तत्व अफवाह फैला रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे ऐसी बातों पर ध्यान न दें। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि किसी ने अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

पुणे की अदालत ने सावरकर मानहानि मामले में अदालत ने गांधी को समन जारी कर 23 अक्टूबर को पेश होने को कहा

पुणे पुणे की एक विशेष अदालत ने विनायक दामोदर सावरकर के पोते द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी को तलब किया है, जिसमें कांग्रेस नेता पर सावरकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने गांधी को समन जारी कर 23 अक्टूबर को पेश होने को कहा। पिछले साल सावरकर के पोते सात्यकी सावरकर ने इस सिलसिले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ पुणे की एक अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। पिछले महीने यह मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (एफएमएफसी) अदालत से सांसदों और विधायकों के लिए विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था। सात्यकी सावरकर का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता संग्राम कोल्हटकर ने बताया कि संयुक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) अमोल शिंदे की अध्यक्षता वाली विशेष अदालत ने गांधी के खिलाफ समन जारी करते हुए कहा कि मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 (मानहानि) के तहत दंडनीय आरोप का जवाब देने के लिए उनकी उपस्थिति आवश्यक है और उनका 23 अक्टूबर को अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना आवश्यक है। अपनी शिकायत में सात्यकी सावरकर ने आरोप लगाया कि गांधी ने मार्च 2023 में लंदन में दिए अपने भाषण में दावा किया था कि वी डी सावरकर ने एक किताब में लिखा है कि उन्होंने और उनके पांच-छह दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें (सावरकर को) खुशी हुई थी। सात्यकी सावरकर ने कहा कि ऐसी कोई घटना कभी नहीं हुई और वी डी सावरकर ने कभी भी, कहीं भी ऐसी कोई बात नहीं लिखी। उन्होंने गांधी के आरोप को ‘‘काल्पनिक, झूठा और दुर्भावनापूर्ण’’ करार दिया। अदालत ने पुलिस को आरोपों की जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। विश्रामबाग पुलिस थाने ने जांच की और कहा कि प्रथम दृष्टया शिकायत में सच्चाई है।  

इजरायल ने चार दिनों में हिज्बुल्लाह के 2000 से अधिक सैन्य ठिकानों को तबाह किया, 250 हिज़्बुल्लाह लड़ाकों को खत्म

तेलअवीव इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने दावा किया है कि इजरायल पिछले चार दिनों में हिज्बुल्लाह के 2000 से अधिक सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है और लगभग 250 हिज़्बुल्लाह लड़ाकों को खत्म कर दिया है. आईडीएफ के मुताबिक, मारे गए हिज़्बुल्लाह कमांडरों में पांच बटालियन कमांडर, 10 कंपनी कमांडर और छह प्लाटून कमांडर शामिल थे. आईडीएफ ने आगे कहा कि इजरायली वायु सेना दक्षिणी लेबनान में खुफिया-आधारित अभियानों के दौरान एहतियाती हमले भी कर रही है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखे पोस्ट में आईडीएफ ने लिखा,  “पिछले 4 दिनों में, आईडीएफ ने 2,000 से अधिक सैन्य ठिकानों और 250 हिज़्बुल्लाह आतंकवादियों को खत्म कर दिया है. उनमें से 5 बटालियन कमांडर- 10 कंपनी कमांडर- 6 प्लाटून कमांडर शामिल हैं.” आईडीएफ ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘दक्षिणी लेबनान में 24 घंटे के ऑपरेशन का विवरण: सटीक खुफिया-आधारित छापों के दौरान, IDF सैनिकों को एक आवासीय घर के अंदर रॉकेट लॉन्चर गोला-बारूद, एंटी-टैंक मिसाइल और रॉकेट मिले. इसके अलावा, इमारतों और घरों में दर्जनों हथियार मिले जिनका लक्ष्य इजरायली क्षेत्र था. हथियारों में एंटी-टैंक मिसाइल, फायरआर्म्स, विस्फोटक उपकरण शामिल हैं.’ रान ने दागी थीं मिसाइलें इजरायल रक्षा बलों ने एक अपडेट साझा किया जिसमें कहा गया कि “लगभग 2 महीनों में पहली बार, दक्षिणी इजरायल में सायरन बज रहे हैं.” यह घटनाक्रम ईरान द्वारा मंगलवार को इजरायल के खिलाफ युद्ध में सैकड़ों मिसाइलों को लॉन्च करने के कुछ दिनों बाद हुआ है.ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के जवाब में अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है. अल जज़ीरा के अनुसार ईरान ने कहा था कि हमास, हिजबुल्लाह और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के शीर्ष नेताओं की हत्या के जवाब में इजरायल पर लगभग 180 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. देश दो मोर्चों पर युद्ध का सामना कर रहा है  जिसमें देश के उत्तरी हिस्से से ईरान समर्थित हिजबुल्लाह और दक्षिणी सीमा पर हमास हमला कर रहा है. ऐसे हुई थी शुरूआत दशकों पुराने इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष उस समय खूनी लड़ाई में तब्दील हो गया है जब 7 अक्टूबर, 2023 को  फिलिस्तीनी हमास आतंकवादियों द्वारा इजरायल में घुसकर हमला किया गया. इस हमले में 1,200 लोग मारे गए और जिसमें लगभग 250 को बंधक बना लिया गया. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने गाजा पर हमला कर दिया था जिसमें 41,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए, गाजा की लगभग पूरी आबादी विस्थापित हो गई. इसके बाद भूखमरी का संकट पैदा हो गया तथा इजरायल पर नरसंहार के आरोप लगे.    

जमीन विवाद को लेकर जमकर चले लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी, एक दर्जन से अधिक महिला और पुरुष घायल

अंबिकापुर  अंबिकापुर के कुन्नी चौकी क्षेत्र के पटकुरा ग्राम पंचायत में जमीन कब्जा करने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. दो गुटों के बीच लाठी-डंडे और कुल्हाड़ियों से जमकर मारपीट हुई, जिसमें एक दर्जन से अधिक महिला और पुरुष घायल हुए हैं. सभी घायलों को लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया. मिली जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच मामला 5 एकड़ की शासकीय जमीन पर कब्जे को लेकर शुरू हुआ. दोनों गुट इस जमीन पर अपना दावा करते हुए एक-दूसरे से भिड़ गए, जिससे विवाद हिंसक हो गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. सरगुजा एएसपी अमोलक सिंह ढिल्लों ने बताया कि दो परिवार हैं जिनके बीच पूर्व से ही जमीन विवाद को लेकर रंजिस बनी हुई थी. इस बीच 2 अक्टूबर को शाम करीब 4 बजे दिन दोनों परिवार के बीच वाद विवाद हुआ, जिसमें दोनों पक्षों के विरुद्ध कुन्नी चौकी में एफआईआर दर्ज किया गया है. इस मामले में कार्रवाई की जा रही है.

अमेठी हत्याकांड के आरोपी को एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने एक बदमाश को जेवर टोल के पास से धर दबोचा

ग्रेटर नोएडा अमेठी में हुए एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में पुलिस की कई टीमें अपराधियों को पकड़ने में जुटी हुई थी। इसी दौरान उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने एक बदमाश को जेवर टोल के पास से धर दबोचा है। एसटीएफ यूनिट से मिली जानकारी के मुताबिक अमेठी में हुए लोंहर्षक घटना, जिसमे एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या हो गई थी, इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले अभियुक्त चंदन वर्मा पुत्र माया राम वर्मा निवासी खतराना मैदानपुर रायबरेली को यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट के द्वारा 4 अक्टूबर को जेवर टोल प्लाजा गौतमबुद्ध नगर से गिरफ्तार कर लिया गया है। अभियुक्त चंदन को हत्या के दर्ज केस में थाना शिवरतनगंज, अमेठी में दाखिल किया गया है। अग्रिम विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस के द्वारा की जा रही है। गौरतलब है कि गुरुवार शाम को शिवरतनगंज इलाके में देर शाम बेखौफ बदमाशों ने एक शिक्षक, उसकी पत्नी व दो बेटियों की गोली मार कर हत्या कर दी। वारदात के पीछे मुकदमे की रंजिश मानी जा रही है। शिक्षक परिवार रायबरेली जनपद का निवासी है। डीएम, एसपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे थे। पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया था। जानकारी के मुताबिक रायबरेली के गदागंज थाना क्षेत्र के सुदामापुर निवासी शिक्षक सुनील कुमार (35) पुत्र रामगोपाल अपनी पत्नी पूनम भारती (30), छह साल की बेटी सृष्टि, दो साल की बेटी लाडो के साथ जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के अहोरवा भवानी कस्बे में मुन्ना अवस्थी के भवन में किराए पर रहते थे। सुनील कुमार तिलोई तहसील क्षेत्र के पन्हौना स्थित कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। बृहस्पतिवार की शाम वह पत्नी व बच्चों के साथ घर में मौजूद थे। तभी कुछ अज्ञात लोगों ने पहुंच कर शिक्षक को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी। बचाव में पहुंची उसकी पत्नी व दो मासूम बेटियों को भी बदमाशों ने गोली मार दी। वारदात अंजाम देने के बाद हमलावर भाग निकले।  

धार कलेक्टर सहित दो अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी …

इंदौर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने धार जिले के कलेक्टर प्रियांक मिश्र और जिला पंचायत के मुख्य तत्कालीन कार्यपालन अधिकारी शृंगार श्रीवास्तव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है। अदालत के आदेश का पालन नहीं करने पर यह आदेश जारी किया गया है। इस मामले में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रसन्ना भटनागर ने बताया कि याचिकाकर्ता मिथुन चौहान ग्राम पंचायत नालछा जिला धार में ग्राम रोजगार सहायक के पद पर पदस्थ था। 25 फरवरी 2017 को स्वास्थ खराब होने के कारण वह एक दिन कार्य पर उपस्थित नहीं हो सका। एक दिन की अनुपस्थिति को कदाचरण बताते हुए, बिना जांच किए और बिना सुनवाई का अवसर दिए उसे हटा दिया गया। हाईकोर्ट में लगाई थी रिट याचिका उक्त आदेश को चुनौती देते हुए ग्राम रोजगार सहायक ने अपील प्रस्तुत की, लेकिन अपील भी निरस्त कर दी गई। जिसके बाद उसने 2019 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में रिट याचिका प्रस्तुत की। इसके बाद हाईकोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए 22 अगस्त 2023 को उसकी सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त कर दिया गया था। इसके साथ ही यह आदेश भी दिया गया कि ग्राम रोजगार सहायक को 50 प्रतिशत पिछले वेतन सहित वापस नौकरी पर रखा जाए। हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया इस आदेश को चुनौती देते हुए शासन के द्वारा अपील प्रस्तुत की गई, लेकिन 3 जुलाई 2024 को अपील भी निरस्त हो गई। अपील निरस्त होने के बाद भी हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया।याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका प्रस्तुत की जिसमें दिनांक 20 सितंबर 2024 को शासन को यह निर्देश दिए कि वह आदेश का पालन करें। इसके साथ ही 4 अक्टूबर 2024 को न्यायालय के समक्ष उपस्थित रहें। इसके बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया और न ही उक्त दोनों अधिकारी हाईकोर्ट में उपस्थित रहे। इसलिए न्यायालय द्वारा कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए गए हैं।

फर्जी एसबीआई बैंक संचालक और नौकरी लगाने के नाम पर युवाओं से की लाखों की ठगी करने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार

सक्ती फर्जी एसबीआई बैंक का संचालन करने वाले मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी अनिल भास्कर, जो सारंगढ़ भिलाईगढ़ जिले के ग्राम दुम्हानी का निवासी है. आरोपी भास्कर सक्ती जिले के मालखरौदा थाना क्षेत्र के छपोरा गांव में फर्जी एसबीआई बैंक का संचालन कर रहा था, जिसमें उसने बेरोजगार युवाओं को एसबीआई में नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर चुका है. जानकारी के अनुसार, आरोपी अनिल भास्कर ने फर्जी SBI बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर 6 लोगों से लाखों रुपये की ठगी की थी. पुलिस के आरोपी के खिलाफ धारा 318, 4, 338, 336, 340, 3, 4 bns के तहत मामला दर्ज किया गया है. फर्जी बैंक का पर्दाफाश होने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया है. नौकरी के नाम पर कई जगहों पर कर चूका है ठगी पुलिस ने बताया कि आरोपी अनिल भास्कर शातिर प्रवृत्ति का व्यक्ति है जो पूर्व में भी रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर साढ़े सात लाख रुपये की ठगी किया था. जिसके खिलाफ बिलासपुर जिले के तोरवा थाने में अपराध दर्ज है. आरोपी द्वारा कई जगहों पर लोगों से नौकरी लगने के नाम पर धोखाधड़ी किया गया है. सक्ती जिले में आरोपी ने एसबीआई (SBI Bank) में नौकरी लगने के नाम पर करीब साढ़े 6 लाख रुपए की ठगी की थी और ठगी की रकम से एक कार और मोबाइल फोन भी खरीदा था. पुलिस ने बताया कि आरोपी अनिल भास्कर के अलावा मामले में आठ और भी आरोपी है जिनकी तलाश की जा रही है. आरोपियों का मेन टारगेट बेरोजगार युवा होते थे जो नौकरी की तलाश में रहते थे. उन्हें यह मोटी रकम लेकर तरह-तरह से ठगा करते थे. फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे नायक डिमांड पर भेज दिया है. ऐसे हुआ भंडाफोड़ पिछले शुक्रवार को डभरा एसबीआई ब्रांच के अधिकारी दौरे पर निकले थे और रास्ते में एसबीआई की शाखा देखी तो बैंक में पहुंच गए. जहां बातचीत से उन्हें गड़बड़ लगा और उन्होंने इसकी सूचना मालखरौदा पुलिस को दी. मौके पर पुलिस एवं प्रशासन की टीम पहुंची और जांच की है. एसबीआई के अधिकारियों की शिकायत थी की इनके द्वारा स्टेट बैंक का बड़ा बैनर लगाकर बैंक का सेट अप लगाया गया था. जब जांच टीम मौके पर पहुंची तो कथित बैंक मैनेजर फरार था. शाखा में 6 कर्मचारी उपस्थित थे, जिन्होंने बताया कि पत्र एवम इंटरव्यू के माध्यम से उनको एप्वॉइंट किया गया था. उन्होंने बताया कि उक्त शाखा में एम्पलाई को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था. उनको बाद में अन्य स्थान में पोस्टिंग किया जाता. मामले में पुलिस की टीम स्टेट बैंक के शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है.

अशोक तंवर ने कहा- हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, कांग्रेस 75 सीटें जीत रही है

सिरसा (हरियाणा) हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों पर शनिवार को मतदान हुआ। कांग्रेस नेता अशोक तंवर ने यहां अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान केंद्र से बाहर निकलने के बाद अशोक तंवर ने मीडिया से बात की। उन्होंने दावा किया, “हरियाणा में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार बन रही है। इस बार प्रदेश में ‘हाथ बदलेगा हालत’। प्रदेश में परिवर्तन का माहौल दिख रहा है। कांग्रेस 75 सीटें जीत रही है और यह संख्या बढ़ भी सकती है। अशोक तंवर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “आज सिरसा में अपने बूथ पर पहुंच कर हरियाणा के उज्ज्वल भविष्य के लिए मतदान किया। इस दौरान सिरसा से प्रत्याशी गोकुल सेतिया भी साथ रहे। आप भी लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा अवश्य लें और राहुल गांधी तथा कांग्रेस की ‘नफरत छोड़ो -भारत जोड़ो’ और सबको न्याय देने की मुहिम द्वारा हरियाणा प्रदेश में उन्नति और खुशहाली लाने के लिए मतदान करें।” सिरसा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी गोकुल सेतिया ने कहा, “पिछले चुनाव में कांग्रेस की 30 से 31 सीटें आई थीं। इसके अलावा कुल 10 सीटें ऐसी थीं जहां जीत और हार का अंतर कुछ हजार वोटों का था। मैं पिछले चुनाव में 600 वोट के अंतर से रह गया था। यहां की जनता ने भी महसूस किया है कि स्थानीय विधायक ने कोई काम नहीं कराया जिससे सिरसा के लोगों को परेशानी हुई। अब उन चीजों से जनता भी छुटकारा पाना चाहती है। मुझे पिछले चुनावों में भी जनता का भारी समर्थन मिला था। इस चुनाव में भी समर्थन मिल रहा है। मुझे बनाने वाले सिरसा के लोग हैं। मेरा विजन यह है कि मैं क्षेत्र की जनता के लिए काम करूंगा। सिरसा आने वाले समय में विकास की बुलंदियों को छुएगा।” बता दें कि हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर मतदान संपन्न होने के बाद भारतीय चुनाव आयोग 8 अक्टूबर को परिणाम घोषित करेगा।

बुलंदशहर में पुलिस टीम पर पथराव, आईजी नचिकेता झा ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का निरीक्षण किया

बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पुलिस टीम पर पथराव करने की घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ जोन के आईजी नचिकेता झा ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का निरीक्षण किया। आईजी नचिकेता झा ने घटना स्थल से मस्जिद तक गश्त करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उनके साथ एसएसपी श्लोक कुमार समेत पुलिस के तमाम अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने पुलिस बल को ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। आईजी नचिकेता झा ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पथराव की यह घटना सिकंदराबाद क्षेत्र में हुई, जहां समुदाय विशेष के कुछ अराजक तत्वों ने पुलिस की टीम पर पथराव किया। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई। पुलिस-प्रशासन स्थानीय लोगों से भी शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं, ताकि स्थिति पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा सके। बता दें कि नमाजियों ने शुक्रवार को यति नरसिंहानंद के बयान के विरोध में पथराव किया था। जुमे की नमाज के बाद उनके खिलाफ नारेबाजी की और रात में भीड़ सड़कों पर भी निकल आई। इस दौरान पत्थरबाजी की घटना देखने को मिली। एसएसपी ने बताया कि इससे पहले दिन में सिकंदराबाद पुलिस स्टेशन क्षेत्र में लोगों का एक समूह इकट्ठा हुआ और नारे लगाने लगे। स्थानीय पुलिस ने हस्तक्षेप किया और भीड़ को तितर-बितर किया तथा कुछ लोगों को हिरासत में लिया। शाम को हुई पथराव की घटना के बाद आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई है। अन्य लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

ONGC में 2237 पदों पर निकली भर्ती, जानिए स्टेप-बाय-स्टेप आवेदन की प्रक्रिया

ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ONGC) ने अपरेंटिस के 2237 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक उम्मीदवार ONGC की आधिकारिक वेबसाइट ongcindia.com के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ONGC) ने अपरेंटिस पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिसमें 2237 पदों पर भर्ती की जाएगी। यदि आप इन पदों के लिए इच्छुक हैं, तो आप ONGC की ऑफिशियल वेबसाइट ongcindia.com पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इंपोर्टेंट डेट्स     आवेदन प्रारंभ: 5 अक्टूबर 2024     आवेदन की अंतिम तिथि: 25 अक्टूबर 2024     परिणाम की घोषणा: 15 नवंबर 2024 वैकेंसी डिटेल्स     उत्तर क्षेत्र: 161 पद     मुंबई क्षेत्र: 310 पद     पश्चिमी क्षेत्र: 547 पद     पूर्वी क्षेत्र: 583 पद     दक्षिणी क्षेत्र: 335 पद     केंद्रीय क्षेत्र: 249 पद योग्यता मानदंड उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 18 से 24 वर्ष होनी चाहिए। यानी आपका जन्म 25 अक्टूबर 2000 से 25 अक्टूबर 2006 के बीच होना चाहिए। शैक्षणिक योग्यता की जानकारी के लिए आप डिटेल नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं। पोस्ट वाइज शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग है। चयन प्रक्रिया चयन का आधार मेरिट होगा, जो योग्य परीक्षा में प्राप्त अंकों के अनुसार बनेगा। अगर कई उम्मीदवारों के अंक समान हैं, तो उच्च आयु वाले व्यक्ति को प्राथमिकता दी जाएगी। चयनित उम्मीदवारों के ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्स की जांच भी की जाएगी। इसके लिए अलग से डेट-टाइम की जानकारी दी जायेगी। स्टाइपेंड ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ONGC) अपने अपरेंटिस के लिए स्टाइपेंड भी ऑफर करता है, जो कि अप्रेंटिस अधिनियम के अनुसार होता है। विभिन्न योग्यता के अनुसार आपको अलग-अलग स्टाइपेंड मिलेगा। जिसमें- अपरेंटिस की श्रेणी स्टाइपेंड     स्नातक अपरेंटिस ₹9,000/-     डिप्लोमा अपरेंटिस ₹8,050/-     ट्रेड अपरेंटिस (1) ₹7,000/-     ट्रेड अपरेंटिस (2) ₹7,700/-     ट्रेड अपरेंटिस (3) ₹8,050/- ONGC अपरेंटिस पदों के लिए आवेदन कैसे करें?     ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं: ONGC के करियर पेज पर जाएं जहां भर्ती की सूचना प्रकाशित होती है।     भर्ती सेक्शन खोजें: ‘अपरेंटिस भर्ती 2024’ सेक्शन में जाएं ताकि संबंधित सूचनाएं और निर्देश मिल सकें।     ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें: ONGC पोर्टल पर अपने नाम, ईमेल और संपर्क नंबर जैसे जरूरी डिटेल भर कर रजिस्टर करें।     आवेदन फॉर्म भरें: रजिस्ट्रेशन के बाद, लॉगिन करें और आवेदन फॉर्म को सही जानकारी के साथ भरें। शैक्षणिक योग्यता और एक्सपीरिएंस डिटेल भी भरें।     डॉक्यूमेंट अपलोड करें: मांगे गये डॉक्यूमेंट अपलोड करें।     आवेदन शुल्क का भुगतान करें: यदि लागू हो, तो भर्ती नोटिफिकेशन में दिए गए अनुसार आवेदन शुल्क का भुगतान करें।     सबमिट करें: अंतिम सबमिशन से पहले सभी भरे गए डिटेल्स अच्छी तरह से चेक कर लें। निश्चिंत होने के बाद आवेदन फॉर्म सबमिट करें।

अब होगी इजराइली तकनीक से सिंचाई, सीएसआर फंड के जरिए इस तकनीक से सिंचाई की जाएगी, इसे ड्रिप तकनीक कहते है

नोएडा नोएडा में इजराइल की तकनीक से सिंचाई होगी और इसके लिए नोएडा प्राधिकरण एक प्लान तैयार कर रहा है। सीएसआर फंड के जरिए इस तकनीक से सिंचाई की जाएगी। इसे ड्रिप तकनीक कहते है। इसी के जरिए नोएडा एक्सप्रेस-वे के सेंट्रल वर्ज पर सिचाई का काम किया जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण ने अपने सलाहकार को एस्टीमेट बनाने के लिए कहा है। जानकारी के मुताबिक इस तकनीक से सिंचाई के फायदे है। जिसमें पानी की बचत सबसे ज्यादा होती है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे का अधिकांश हिस्सा नोएडा में आता है। वर्तमान में यहां टैंकर के जरिए सिचाईं की जाती है। इस तरह से सिचाईं करना पेड़ पौधों को नुकसान पहुंचाता है। साथ ही हाइ स्पीड एक्सप्रेस-वे पर ये अन्य वाहनों के लिए घातक है। इसलिए यहां ड्रिप सिंचाई कराने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए सर्विस लेन पर एक टैंकर बनाया जाएगा। जिसमें एसटीपी से लाया गया पानी स्टोर होगा। इस पानी को फिल्टर किया जाएगा। फिल्टर पानी दूसरी पाइप लाइन के जरिए एक्सप्रेस वे की सेंट्रल वर्ज तक जाएगा। इस पाइप में कुछ-कुछ दूरी पर छेद होते है। इन छेदों से पानी ड्रॉप-ड्रॉप करके जमीन पर पानी जाता है। जिससे पौधों को पानी मिलता है। साथ ही पानी की बर्बादी नहीं होती। ड्रिप सिंचाई की एक आधुनिक तकनीक है । जिसमें पानी पौधों की जड़ों तक बूंद-बूंद करके पहुंचाया जाता है। इसे टपक सिंचाई या बूंद-बूंद सिंचाई भी कहा जाता है। ड्रिप सिंचाई में पानी की बर्बादी कम होती है और पौधों को जरूरी मात्रा में पानी मिलता है। इसके खर्च की बात करें तो सिर्फ टैंकर और पानी सप्लाई के पाइप की आवश्यकता होती है। इस टैंकर से पानी सप्लाई का काम मशीनों से किया जाता है। इसे इको फ्रेंडली बनाने के लिए मशीन ऑपरेशन का सारा काम सोलर एनर्जी से किया जाएगा। ड्रिप सिंचाई में पानी और पोषक तत्वों को पाइपों के जरिए खेत में पहुंचाया जाता है। इन पाइपों को ड्रिप लाइन कहा जाता है। ड्रिप लाइन में छोटे-छोटे एमिटर होते हैं, जो पानी और उर्वरक की बूंदें छोड़ते हैं। ड्रिप सिंचाई में पानी की मात्रा और दबाव को नियंत्रित किया जा सकता है। ड्रिप सिंचाई में पानी का रिसाव कम होता है और वाष्पीकरण भी कम होता है। ड्रिप सिंचाई से पौधों की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार होता है। ड्रिप सिंचाई से फल जल्दी पकते हैं और स्वस्थ होते हैं।  

बजरी माफियाओं में मचा हड़कंप, राजस्थान-केकड़ी में 800 टन बजरी का अवैध स्टॉक जब्त

केकड़ी. सदर थाना पुलिस व खनन विभाग ने शुक्रवार को केकड़ी जिले के मीणों का नयागांव में अवैध बजरी खनन एवं भंडारण के खिलाफ संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए 800 टन बजरी के आठ स्टॉक जब्त किए। कार्रवाई का पता चलते ही बजरी माफिया के बीच हड़कंप मच गया। जिला कलेक्टर श्वेता चौहान, पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा एवं खनन विभाग के अधीक्षण अभियंता जे.के. गुरुबक्षानी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामचन्द्र सिंह, पुलिस उपअधीक्षक हर्षित शर्मा एवं सहायक खनिज अभियंता संजय शर्मा की देखरेख में हुई इस कार्रवाई में पुलिस व खनन विभाग की टीम को मीणों का नयागांव में बजरी के अवैध रूप से पड़े करीब 800 टन के आठ बड़े स्टॉक मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया। प्रशासन अब इस बजरी को जेसीबी व डम्पर की सहायता से उठवा कर अपने कब्जे में ले रहा है। उल्लेखनीय है कि केकड़ी क्षेत्र में आए दिन अवैध बजरी खनन के मामले सामने आते रहते हैं, जिन पर प्रशासन का कोई प्रभावी अंकुश नहीं होने से खननकर्ताओं के हौसले बुलंद बने रहते हैं। केकड़ी क्षेत्र से गुजर रही बनास नदी के कई इलाके अवैध बजरी खनन के मुख्य केंद्र बने हुए हैं, जहां से रात के अंधेरों में अवैध रूप से बजरी निकालकर प्रदेश के कई इलाकों में चुपचाप सप्लाई कर दी जाती है। यही गोरखधंधा यहां लंबे समय से चल रहा है। अक्सर प्रशासन व कानून व्यवस्था से जुड़े बड़े अधिकारियों द्वारा इस संबंध में अपने महकमों की बैठकें लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाते हैं, मगर उनके ये निर्देश महज औपचारिकता बनकर रह जाते हैं और बजरी के अवैध खनन को रोकने के लिए कोई कड़ी कार्रवाई सामने नहीं आने से नदियों से बजरी का दोहन करने का सिलसिला जारी रहता है। लेकिन इस बार जिले में पुलिस व खनन विभाग सक्रिय नजर आ रहा है और बजरी के अवैध भंडारण पर एक के बाद एक छापामार कार्रवाई कर ऐसे बजरी के ढेरों को जब्त करने में लगा हुआ है। इससे पूर्व भी दोनों विभागों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जिले के टोडारायसिंह क्षेत्र में छह अलग-अलग स्थानों से 2640 टन बजरी जब्त की थी।

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