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वाहनों की बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 2,75,681

देश में सुस्त मांग के कारण सितंबर में वाहनों की खुदरा बिक्री में गिरावट सितंबर में कुल वाहनों का पंजीकरण घटकर 17,23,330 इकाई रह वाहनों की बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 2,75,681 नई दिल्ली देश में सुस्त मांग के कारण सितंबर में वाहनों की खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर नौ प्रतिशत की गिरावट आई है। उद्योग संगठन फाडा ने सोमवार को यह जानकारी दी। सितंबर में कुल पंजीकरण घटकर 17,23,330 इकाई रह गया, जो पिछले साल इसी महीने 18,99,192 इकाई था। यात्री वाहनों और दोपहिया वाहनों सहित अधिकतर श्रेणियों में सालाना आधार पर गिरावट देखी गई। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अध्यक्ष मनीष सी. एस. विग्नेश्वर ने बयान में कहा, ‘‘गणेश चतुर्थी और ओणम जैसे त्यौहारों के बावजूद डीलरों ने बताया कि प्रदर्शन काफी हद तक स्थिर रहा है।’’ उन्होंने कहा कि निकट आ रहे बड़े त्यौहारों के मद्देनजर फाडा ओईएम (मूल उपकरण विनिर्माता) से वित्तीय झटके से बचने के लिए तत्काल सुधारात्मक उपाय करने का आग्रह किया है। यात्री वाहनों की बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 2,75,681 इकाई रह गई, जो एक वर्ष पूर्व इसी महीने 3,39,543 इकाई थी। विग्नेश्वर ने कहा, ‘‘श्राद्ध और पितृपक्ष के साथ-साथ भारी वर्षा तथा सुस्त अर्थव्यवस्था ने स्थिति को और खराब कर दिया है….’’ वहीं वाणिज्यिक वाहनों का पंजीकरण पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की पहली छमाही के 4,80,488 इकाई से मामूली रूप से घटकर चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 4,77,381 इकाई रह गया। उद्योग संगठन फाडा ने आंकड़े देश भर के 1,429 आरटीओ में से 1,365 से एकत्रित किए हैं।  

हिताची एनर्जी के भारतीय कारोबार के 75 साल पूरे, 2000 करोड़ के निवेश की योजना

नई दिल्ली  हिताची एनर्जी ने भारतीय कारोबार के 75 साल पूरे होने के अवसर पर देश में स्थायी ऊर्जा भविष्य को बढ़ावा देने के लिए अपनी क्षमता, प्रोडक्ट रेंज और टैलेंट बेस को विस्तार करने पर लगभग 2000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। पिछले 75 सालों में भारत की कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में योगदान देते हुए हिंदुस्तान इलेक्ट्रिक से लेकर हिंदुस्तान ब्राउन बॉवेरी, एबीबी पावर ग्रिड्स, हिताची एबीबी पावर ग्रिड्स और अब हिताची एनर्जी बनने तक, इस कंपनी ने 1949 से देश के ऊर्जा क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाई है। अपनी इस उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए, कंपनी “एनर्जी एंड डिजिटल वर्ल्ड 75” नाम से सोमवार से दो दिन का टेक्नोलॉजी इवेंट आयोजित किया है। इसमें भारत के नेट-ज़ीरो लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद करने वाली नई तकनीकों पर चर्चा की जा रही है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत, हिताची एनर्जी के ग्लोबल सीईओ एंड्रियास शियरेनबेक और हिताची एनर्जी इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ एन वेणु ने किया। इस अवसर पर वेणु ने कहा कि इस खास साल को यादगार बनाने के लिए, हिताची एनर्जी इंडिया लिमिटेड अगले चार से पांच सालों में लगभग 2000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। यह निवेश भारत के दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा “नई तकनीक और समाधानों के जरिए, हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर दुनिया बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस निवेश का उद्देश्ये भारत की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है और हम स्थानीय व वैश्विक बाजारों के ग्राहकों और साझेदारों के साथ मिलकर इस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इसमें डिजिटलीकरण और लंबी अवधि की साझेदारी पर जोर दिया जाएगा। यह मेक इन इंडिया के हमारे लक्ष्य को और मजबूत करता है, जिससे भारत और दुनिया दोनों को फायदा होगा।” हिताची एनर्जी के ग्लोबल सीईओ एंड्रियास शियरेनबेक ने कहा, “ऊर्जा की चुनौती एक कंपनी, टीम या व्यक्ति से कहीं बड़ी है। जैसे-जैसे विद्युतीकरण बढ़ रहा है और रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ रहा है, पावर ग्रिड की क्षमता और जटिलता भी बढ़ रही है। हमारा ध्यान पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा के भविष्य पर है। भारत इस मिशन में हमारे लिए बहुत अहम बाजार है। हम पिछले 75 सालों से भारत में लगातार निवेश कर रहे हैं। नए निवेश से हमारी क्षमता, टैलेंट और सप्लाई चेन मजबूत होंगी और 2030 की रणनीति के अनुसार, डिजिटलीकरण के जरिए हमारे काम को और बेहतर किया जाएगा।” वेणु ने कहा कि इस निवेश के मुख्य हिस्सों में बड़े पावर ट्रांसफॉर्मर कारखाने की क्षमता बढ़ाना, छोटे ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री में खास ट्रांसफॉर्मर की टेस्टिंग के लिए एडवांस सुविधाएं जोड़ना और बुशिंग फैक्ट्री का स्थान बदलना शामिल है। ये कदम भारत की ऊर्जा मांगों को पूरा करने और ट्रांसमिशन परियोजनाओं को बेहतर बनाने के लिए जरूरी हैं। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण में मदद के लिए ट्रैक्शन ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। यह निवेश हिताची एनर्जी इंडिया की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, नेटवर्क कंट्रोल सॉल्यूशंस से जुड़े प्रोडक्ट्स का विस्तार किया जाएगा, और ग्रिड ईएक्सपैंड और ग्रिड ईइमोशन को स्थानीय रूप से विकसित और निर्मित किया जाएगा। कंपनी अपनी पहली मीडियम वोल्टेज पेशकश आरईएफ 650 भी भारत में लॉन्च करेगी। इसके अलावा, भारत और दुनिया के लिए भारत में सप्लायर बेस को मजबूत करने पर भी काम किया जाएगा। वेणु ने कहा कि हिताची एनर्जी इस कार्यक्रम में ग्रिड-एनश्‍ योर पोर्टफोलियो भी पेश करेगी, जिसमें ग्रिड को अधिक मजबूत, लचीला और स्थिर बनाने के लिए पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत नियंत्रण प्रणालियों पर आधारित समाधान शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत में स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ते रुझान के कारण नई टेक्नोलॉजी की मांग बढ़ी है। कंपनी अपना इकोनिक पोर्टफोलियो पेश करेगी, जिसमें दुनिया का पहला एसएफ6-फ्री 420-किलोवोल्ट गैस-इन्सुलेटेड स्विचगियर शामिल है। यह ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करके पर्यावरण को सुरक्षित बनाता है, क्योंकि इसमें सल्फर हेक्साफ्लोराइड का इस्तेमाल नहीं होता। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में ग्रिड ई-मोशन पोर्टफोलियो लॉन्च किया जाएगा, जो इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने वाला सॉल्यूशन है। यह स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशन भारत में सुरक्षित, स्थायी और स्मार्ट परिवहन को बढ़ावा देगा, खासकर बड़े पैमाने पर सार्वजनिक परिवहन और वाणिज्यिक फ्लीट के लिए। ऐसे तकनीकी समाधान देश के नेट-ज़ीरो लक्ष्य को पाने में मदद करेंगे।  

मुश्किल है टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पहुंचने की भारत की रहा, जानें पूरा समीकरण

नई दिल्ली.  भारत ने महिला टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को छह विकेट से हरा दिया. इस जीत के बावजूद भारत की मुश्किलें बनी हुई हैं. यह मुश्किल है सेमीफाइनल में पहुंचने की. भारतीय टीम पाकिस्तान को बड़े अंतर से हराकर यह मुश्किल आसान कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसका मतलब है कि भारत को अब ना सिर्फ अपने ज्यादातर मुकाबले जीतने होंगे, बल्कि यह भी उम्मीद करनी होगी कि न्यूजीलैंड या ऑस्ट्रेलिया अपने मैच हारें और बड़े अंतर से हारें ताकि रनरेट का गणित भी सुलझ सके. महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने का सारा समीकरण अब नेट रनरेट पर अटकता दिख रहा है. आइए इसे विस्तार से समझते हैं. भारत की टीम महिला टी20 वर्ल्ड कप में ग्रुप ए में है. इस ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें भी हैं. श्रीलंका को छोड़कर सारी टीमें एक-एक मैच जीत चुकी हैं. इस तरह भारत के साथ-साथ न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के भी पॉइंट टेबल में दो-दो अंक हैं. इनमें से ग्रुप की टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेंगी. भारत-पाकिस्तान-श्रीलंका एक-एक मैच हारे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने अभी एक-एक मैच ही खेले हैं. भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें दो-दो मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्हें एक-एक हार और एक-एक जीत मिली है. इस तरह ऑस्ट्रेलिया या न्यूजीलैंड बेहतर स्थिति में हैं. इनमें से एक टीम 8 अंक तक पहुंच सकती है. बाकी टीमें अधिकतम 6 अंक तक पहुंच पाएंगी. श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया से मैच बाकी भारतीय टीम अपना पहला मैच न्यूजीलैंड से हार चुकी है और दूसरे मैच में पाकिस्तान को हरा चुकी है. ऐसे में भारत को अगर 6 अंक तक पहुंचना है तो उसे बाकी बचे अपने दोनों मैच जीतने होंगे. भारत का अब 9 अक्टूबर को श्रीलंका और 13 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया से मैच है. इनमें से एक में भी हार का मतलब होगा भारतीय टीम फिर सिर्फ किस्मत के भरोसे रह जाएगी. भारत का नेट रनरेट निगेटिव भारतीय टीम ने अगर श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया को हराया तो उसके 6 अंक हो जाएंगे. लेकिन पूरी संभावना है कि न्यूजीलैंड या ऑस्ट्रेलिया के भी 6 या इससे अधिक अंक रहे. ऐसे में सेमीफाइनल की बाजी नेट रनरेट से तय होगी. मौजूदा समय में भारत का नेट रनरेट -1.217 है. न्यूजीलैंड (2.900), ऑस्ट्रेलिया (1.908) और पाकिस्तान (0.555) का रनरेट भारत से बेहतर है. श्रीलंका (-1.667) का नेट रनरेट सबसे कम है और उसका अभी खाता भी नहीं खुला है. भारत से कहां हुई चूक भारत और पाकिस्तान का मुकाबला रविवार, 6 अक्टूबर को हुआ. पाकिस्तान ने इस मुकाबले में भारत को 106 रन का लक्ष्य दिया. भारत ने 18.5 ओवर में 4 विकेट खोकर जीत दर्ज की. इस जीत से भारत को दो अंक तो मिले, लेकिन नेट रनरेट में ज्यादा अंतर नहीं आया. भारत अगर पाकिस्तान को 11.2 ओवर में हराता तो उसका नेट रनरेट पॉजिटव हो जाता, लेकिन हरमनप्रीत कौर की टीम ऐसा नहीं कर पाई.

सिंधू और सेन का ओलंपिक के बाद यह पहला टूर्नामेंट होगा, पेरिस ओलंपिक की निराशा के बाद वापसी करेंगे सिंधू और सेन

वंता (फिनलैंड) पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने में नाकाम रहे भारत के स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधू और लक्ष्य सेन मंगलवार से यहां शुरू होने वाले आर्कटिक ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी करेंगे। सिंधू और सेन का ओलंपिक के बाद यह पहला टूर्नामेंट होगा। इन दोनों ने इस बीच अपने खेल का मूल्यांकन करने और उसमें आवश्यक सुधार करने पर ध्यान दिया। सिंधू ने इस बीच अपने पिछले कोच इंडोनेशिया के एगस ड्वी सैंटोसो से नाता तोड़कर भारत के अनूप श्रीधर और कोरियाई दिग्गज ली स्यून इल को अपने नए कोच के रूप में नियुक्त किया। दूसरी तरफ सेन ने अपनी फिटनेस पर ध्यान दिया। उन्होंने इस दौरान अपना अधिकतर समय ऑस्ट्रिया के रेड बुल एरेना में बिताया। आर्कटिक ओपन में सिंधू का पहला मुकाबला कनाडा की मिशेल ली से जबकि ओलंपिक में कांस्य पदक के मुकाबले में हारने वाले सेन का डेनमार्क के रासमस गेम्के से होगा। ओलंपिक में दो बार की पदक विजेता सिंधू अगर पहली बाधा पर कर लेती हैं तो अगले दौर में उनका सामना 2022 की जूनियर विश्व चैंपियन 18 वर्षीय जापानी खिलाड़ी टोमाको मियाज़ाकी से हो सकता है जिससे वह इस साल की शुरुआत में स्विस ओपन में हार गई थी। सेन के लिए भी यह गेम्के से बदला लेने का मौका होगा। वह 2023 में इंडिया ओपन में उनसे हार गए थे। अगर वह इस मैच को जीतने में सफल रहते हैं तो उनका अगला मुकाबला चीनी ताइपे के सातवीं वरीयता प्राप्त चोउ टीएन चेन से हो सकता है। चोट के कारण चार महीने तक बाहर रहने के बाद मकाऊ ओपन में वापसी करने वाले किदांबी श्रीकांत भी आर्कटिक ओपन में अपनी चुनौती पेश करेंगे। वह हमवतन किरण जॉर्ज और सतीश कुमार करुणाकरण के साथ क्वालीफायर से अपना अभियान आगे बढ़ाएंगे। क्वालीफायर में दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी श्रीकांत का मुकाबला जॉर्ज से होगा, जबकि सतीश फ्रांस के अरनॉड मर्कले से भिड़ेंगे। महिला एकल में सिंधू के अलावा फॉर्म में चल रही मालविका बंसोड़ और आकर्षी कश्यप भी अपनी चुनौती पेश करेंगे। चीन ओपन सुपर 1000 के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली मालविका पहले दौर में चीनी ताइपे की सुंग शुओ युन से भिड़ेंगी, जबकि आकर्षी का मुकाबला जर्मनी की यवोन ली से होगा। एक अन्य भारतीय खिलाड़ी उन्नति हुडा क्वालीफायर में इज़राइल की हेली नीमन से भिड़ेंगी। पुरुष युगल में कोई भारतीय भाग नहीं ले रहा है लेकिन रितुपर्णा पांडा और स्वेतापर्णा पांडा महिला युगल में जबकि सतीश और आद्या वरियाथ मिश्रित युगल में अपनी चुनौती पेश करेंगे।  

शारदीय नवरात्रि 2024: छठे दिन माँ कात्यायनी पूजा विधि

माँ दुर्गा का छठा स्वरूप है माँ कात्यायनी, नवरात्रि के छठे दिन इन्ही की पूजा की जाती है। मां कात्यायनी का जन्म ऋषि कात्यायन के घर हुआ था इसलिए इनका नाम कात्यायनी पड़ा। मां कात्यायनी की पूजा करने से व्यक्ति को काम, मोक्ष, धर्म और अर्थ की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं नवरात्रि के छठे दिन की पूजा, मां कात्यायनी का भोग, मंत्र और उनकी आरती। मां कात्यायनी की पूजा से लाभ और जन्म की कथा मां कात्यायनी की पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। माँ कात्यायनी अपने भक्तों के सभी पाप हर पाती हैं। साथ ही मां कात्यायनी की पूजा करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां के जन्म की बात करें तो विश्वप्रसिद्ध ऋषि कात्यायन ने मां से बात की भगवती की उपासना की और कठिन तपस्या की। जब माँ भगवती ने उनके दर्शन किये तो उन्होंने माँ भगवती सा से कहा कि उनके घर उनके पुत्र का जन्म हो। इसके बाद मां भगवती ने स्वंय के घर में जन्म लिया। इसलिए उनका नाम कात्यायनी लिखा। इतना ही नहीं गोपियों ने भी भगवान कृष्ण को पति रूप में लाने के लिए मां कात्यायनी की पूजा की थी। कैसा है माँ कात्यायनी का स्वरूप माँ कात्यायनी का स्वरूप बहुत ही आकर्षक है। हमारे चार भुजाएँ हैं। उनका दाई तरफ का ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा में रहता है। और उसका नीचे वाला हाच वर मुद्रा में। माँ के बायीं ओर के ऊपर वाले में तलवारें हैं और नीचे वाली बात में कमल का फूल विराजमान हैं। माँ कात्यायनी भी सिंह की सवारी करती हैं। धार्मिक पूजा करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां कात्यायनी मंत्र कात्यायनी महामाये, महायोगिन्यधीश्वरी। नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।। जय जय अम्बे, जय कात्यायनी। जय जगमाता, जग की महारानी। कंचनाभा वरभयं पद्मधरां मुक्तोज्ज्वलां। स्मेर्मुखिं शिवपत्नी कात्यायनी नमोस्तुते।’ मां कात्यायनी का भोग मां कात्यायनी को पीला रंग अधिक प्रिय है। इसलिए उन्हें पीले रंग की मिठाइयों का भोग लगाना चाहिए। साथ ही माता को शहद से बने हलवे का भोग भी लगाना चाहिए। माता को सूजी के हलवे में शामिल करके आप अकेले भी रह सकते हैं। मां कात्यायनी की पूजा विधि इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले स्नान करके पीले रंग के वस्त्र धारण करें। आप अगर चाहें तो लाल रंग के कपड़े भी पहन सकते हैं।  इसके बाद सबसे पहले गंगाजल से पूजा स्थल की फिल्म से शुद्ध कर लें। इसके बाद सर्व प्रथम कलश का पूजन करें।  फिर मां कात्यायनी के मंत्र का जाप करते हुए उन्हें वस्त्रहीन कर दें।  इसके बाद घी का दीपक पूजन शुरू करें। सबसे पहले माता को रोली का तिलक करें। अक्षत, धूप और पीले रंग के फूल निकेश।  माँ को पान के पत्ते पर शहर में रुकें और बताएं कि लौं की तलाश में जरूर जाएं। अंत में कपूर पूजन मां कात्यायनी की आरती करें। माँ कात्यायनी की आरती जय जय अम्बे, जय कात्यायनी। जय जगमाता, जग की महारानी। बैजनाथ स्थान। वहाँ वरदाती नाम पुकारा। अनेक नाम हैं, अनेक धाम हैं। यह स्थान भी तो सुखधाम है। हर मंदिर में जोत विवाह। अन्यत्र योगेश्वरी महिमा न्यारी। हर जगह उत्सव होता रहता है। हर मंदिर में भक्त कहते हैं। कात्यायनी रक्षक काया की। ग्रंथ काते मोह माया की। मोहो से सिद्धांत बनाने वाली। जय जय अम्बे, जय कात्यायनी। जय जगमाता, जग की महारानी। अपना नाम जपने वाली। पुरोहितों को पूजा करियो। ध्यान कात्यायनी का धरियो। हर संकट को दूर करें। भंडारे की व्यवस्था। जो भी माँ को भक्त कहे। कात्यायनी सब कष्ट निवारे। जय जय अम्बे, जय कात्यायनी। जय जगमाता, जग की महारानी।

अब अमूल दूध इंडिया ही नहीं, पूरी दुनिया पिएगी, अब यूरोप में अपने पैर जमाने की तैयारी में

नई दिल्ली अमूल दूध पीता है इंडिया… आपने यह लाइन अमूल दूध के विज्ञापन में पढ़ी और सुनी होगी। अब अमूल दूध इंडिया ही नहीं, पूरी दुनिया पिएगी। अमेरिकी मार्केट में सफलता के बाद अमूल दूध यूरोप में भी मिलाना शुरू होगा। इसके लिए तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। ऐसे में अगर आप यूरोप के देशों की सैर पर जाएंगे तो वहां भी अमूल दूध का लुत्फ उठा पाएंगे। अमूल ब्रांड गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ लिमिटेड नाम की सहकारी संस्था के प्रबंधन में चलता है। इस संघ के मैनेजिंग डायरेक्टर जयेन मेहता ने कहा कि अमूल दूध कुछ महीने पहले अमेरिका में लॉन्च किया गया था। वहां इसे लोगों ने काफी पसंद किया। कंपनी का यह प्रयोग सफल रहा। उन्होंने कहा कि अमूल दूध अब यूरोप के मार्केट में उतरने के लिए तैयार है। मेहता ने यह जानकारी XLRI की ओर से आयोजित 11वें डॉ. वर्गीज कुरियन मेमोरियल व्याख्यान में कही। मेहता ने कहा कि भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है। साथ ही आने वाले वर्षों में दुनिया के कुल दूध का एक तिहाई प्रोडक्शन करने के लिए तैयार है। 6 महीने में अमेरिका में गाड़े झंडे अमूल में अमेरिका में इसी साल मार्च में एंट्री की थी। यह पहली बार था जब अमूल दूध ने इंडिया से बाहर किसी देश में कदम रखे थे। अमूल ने अमेरिका ने चार तरह के दूध के वेरिएंट लॉन्च किए थे। इनमें अमूल ताजा, अमूल गोल्ड, अमूल शक्ति और अमूल स्लिम एंड ट्रिम थे। इसके लिए अमूल ने Michigan Milk Producers Association (MMPA) के साथ पार्टनरशिप की थी। यह अमेरिका की करीब 108 साल पुरानी डेयरी कॉपरेटिव है। डेयरी सेक्टर का बड़ा योगदान दूध न सिर्फ सेहत बनाता है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की भी सेहत बेहतर रखता है। ज्यादातर ग्रामीण लोगों की आय का बड़ा सोर्स दूध का उत्पादन ही है। वहीं देश की अर्थव्यवस्था में डेयरी सेक्टर का योगदान 5 फीसदी है। इससे करीब 8 करोड़ किसान जुड़े हुए हैं। जानकारों के मुताबिक अगले 5 सालों में इसमें 15 फीसदी से ज्यादा ग्रोथ देखी जा सकती है। डेयरी से जुड़े कई स्टार्टअप भी बेहतरीन काम कर रहे हैं। 80 हजार करोड़ रुपये का कारोबार अमूल अपने प्रोडक्ट की बिक्री से सालाना जबरदस्त कमाई करता है। मार्च 2024 में खत्म हुए वित्त वर्ष में इसका सालाना टर्नओवर करीब 80 हजार करोड़ रुपये था। अमूल के देशभर में 107 डेयरी प्लांट हैं। यह ब्रांड 50 से ज्यादा प्रोडक्ट बेचता है और रोजाना 310 लाख लीटर दूध एकत्र करता है। अमूल के देशभर में सालाना करीब 22 अरब पैकेट बेचे जाते हैं। इससे 35 लाख से ज्यादा किसान जुड़े हैं।

छात्र-छात्राओं को उच्च स्तर की खेल सुविधायें उपलब्ध कराने 110 नोडल खेल केन्द्रों की स्थापना

भोपाल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को उच्च स्तर की खेल सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने हर जिले के सरकारी स्कूलों में 110 नोडल खेल केन्द्रों की स्थापना की है। इन केन्द्रों के जरिये छात्र-छात्राओं को खेल अधो-संरचना के साथ उत्कृष्ट स्तर की खेल सामग्री और खेल प्रशिक्षण की सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस व्यवस्था से सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के खेल प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। साथ ही विभिन्न स्तरों पर आयोजित होने वाली शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की सहभागिता में भी बढ़ोत्तरी हुई है। विभिन्न नोडल केन्द्रों के करीब 200 खिलाड़ियों ने राज्यस्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में सहभागिता कर विभिन्न खेलों में 80 पदक प्राप्त किये। राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के खिलाड़ियों ने विभिन्न विधाओं में सहभागिता की। पिछले वर्ष 67वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में 14, 17 और 19 वर्ष से कम आयु वर्ग की प्रतियोगता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 7 खेलों में 26 स्वर्ण, 13 रजत और 14 कांस्य समेत कुल 53 पदक प्राप्त किये। स्कूलों में खेलों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के लिये कक्षा 9वीं से 12वीं तक आवासीय खेलकूद संस्थान, सीहोर में संचालित किया जा रहा है। इस आवासीय संस्थान में 200 सीट निर्धारित है। विद्यार्थी यहां विद्यालय में 4 वर्ष तक पढ़ाई के साथ अपनी रूचि के खेलों का भी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस आवासीय संस्थान के विद्यार्थियों का विभिन्न खेल प्रतियोगितायों में श्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। फिट इण्डिया मूवमेंट में गतिविधियां स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा फिट इण्डिया मूवमेंट के अंतर्गत ‘फिटनेस का डोज-आधा घण्टा रोज’ कार्यक्रम सरकारी स्कूलों में आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण और अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक विभिन्न खेल गतिविधियों में सहभागिता की। फिट इण्डिया मूवमेंट के अंतर्गत 5वां ‘फिट इण्डिया वीक’ पिछले वर्ष सभी जिलों में मनाया गया।  

महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव प्रचार के लिए जाएंगे छत्‍तीसगढ़ के भाजपा नेता

रायपुर छत्‍तीसगढ़ भाजपा के नेता महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव प्रचार करने के लिए जाएंगे। महाराष्ट्र और झारखंड के लिए अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इसमें मंत्री और विधायक शामिल हैं। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के मतदान के बाद भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गई है। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर 2024 को समाप्त हो रहा है, जबकि झारखंड का पांच जनवरी 2025 तक है। दोनों राज्यों में चुनाव नवंबर-दिसंबर में एक साथ कराए जाने की संभावना है। चुनाव प्रचार करने ये जाएंगे महाराष्ट्र संभाजीनगर शहर: प्रदेश महामंत्री रामजी भारती धाराशिव: पूर्व विधायक नवीन मार्कण्डेय लातूर ग्रामीण: संतोष उपाध्याय, नंदकुमार राणा, गोपाल विष्ठ बीड: पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, श्रवण मरकाम संभाजीनगर दक्षिण: पूर्व विधायक विनोद खांडेकर संभाजी नगर उत्तर: निरंजन सिंहा जालना ग्रामीण: कोमल जंघेल परभणी ग्रामीण: पूर्व विधायक नंदे साहू हिंगोली: वीरेंद्र साहू नांदेड़ शहर: पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, आशु चंद्रवंशी नांदेड़ उत्तर: विक्रांत सिंह झारखंड चुनाव के लिए यह प्रभारी रामगढ़ और हजारीबाग: मंत्री ओपी चौधरी गिरिडीह: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सरायकेला, खरसांवा, चाईबासा: सांसद विजय बघेल चार सीटें: केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू जमशेदपुर की चार सीटें: पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल बहरागोड़ा, घाटशिला, पोटका, जुगसलाई, जमशेदपुर पूर्व और पश्चिम: पूर्व विधायक भावना बोहरा

भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक, 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान

भारत के घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाएगी: नायडू मंत्री के. राममोहन नायडू ने  कहा कि भारत में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक, 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान नई दिल्ली  नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने  कहा कि भारत में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान है। साथ ही हवाई अड्डों के विकास पर करीब 11 अरब डॉलर खर्च किए जा रहे हैं। ‘फ्रेंच एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज एसोसिएशन’ (जीआईएफएएस) की ओर से राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस एक मजबूत वैश्विक एसएएफ (सतत विमानन ईंधन) आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक है और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एयरलाइंस अपने बेड़े के साथ-साथ तंत्र का भी विस्तार कर रही हैं। नायडू ने कहा कि 2030 तक घरेलू हवाई यात्री यातायात 30 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि अगले 20-25 वर्षों में 200 और हवाई अड्डों के विकसित होने की उम्मीद है। भारत में वर्तमान में 157 हवाई अड्डे, हेलीपोर्ट और वॉटरड्रोम हैं। 2025 के अंत तक चालू हवाई अड्डों की संख्या 200 तक पहुंचने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच साझेदारी की संभावनाएं अपार हैं।    

भारतीय वायुसेना को नए प्लेन की खरीद में लग रहा समय, ट्रेनिंग देने में लगेगा टाइम

नई दिल्ली  वायुसेना के पास फाइटर प्लेन की ताकत ऐतिहासिक रूप से कम हो गई है। स्थिति यह है कि भारत के फाइटर प्लेन की क्षमता साल 1965 से भी कम हो गई है। इस पर एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का कहना है कि ‘जो कुछ भी हमारे पास है, उसी से लड़ने’ को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान मौजूदा असेट्स के संरक्षण और कर्मियों को उनके सही तरीके से उपयोग करने के लिए ट्रेनिंग देने पर है। फाइटर प्लेन हो रहे रिटायर हालांकि एयरफोर्स के पास 42 स्क्वाड्रन की स्वीकृत क्षमता है। यह संख्या सीमा पर खतरे की स्थिति को देखते हुए विस्तृत विचार-विमर्श के बाद स्वीकृत की गई है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसमें लगातार कमी आई है। इसकी वजह है कि पुराने सोवियत युग के फाइटर प्लेन रिटायर हो गए हैं और उनकी जगह नए प्लेन को लाने का आदेश नहीं दिया गया है। पिछले 6 साल से नहीं दिख रही प्रोग्रेस अपने वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वायुसेना प्रमुख ने कहा कि स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमानों (एलसीए) का उत्पादन, जो समय से पीछे चल रहा है, को तेज करने की जरूरत है। इसके साथ ही नए मल्टी रोल वाले वाले फाइटर प्लेन विमानों की जरूरत “कल से ही” है, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। गौरतलब है कि वायुसेना ने 2018 में मेक इन इंडिया योजना के तहत 114 मल्टीरोल फाइटर प्लेन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन पिछले छह साल से कोई प्रोग्रेस नहीं दिख रही है। रातों-रात प्लेन नहीं खरीद सकते वायुसेना प्रमुख ने लड़ाकू विमानों की कमी को स्पष्ट रूप से बताते हुए कहा कि यह कोई थोड़े समय की बात नहीं है कि हम रातों-रात सामान खरीद सकते हैं। इसमें समय लगता है, सिर्फ सेलेक्शन ही नहीं, बल्कि शामिल करने में भी समय लगता है। इसके साथ ही, अगर हम दो या तीन स्क्वाड्रन शामिल भी करते हैं, तो निश्चित रूप से उनका उपयोग करने में सक्षम होने के लिए ट्रेनिंग में समय लगता है। इसलिए हम इस समय जिस चीज पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, वह यह है कि हमारे पास जो कुछ भी है, हम उससे तुरंत लड़ने में सक्षम हों। 1965 के बाद सबसे कम ताकत रिकॉर्ड बताते हैं कि 31 स्क्वाड्रन की मौजूदा ताकत 1965 के बाद से भारत की सबसे कम ताकत है, जब पाकिस्तान के साथ युद्ध लड़ा गया था। 1965 के युद्ध के बाद यह संख्या लगातार बढ़ती गई और 1996 में 41 स्क्वाड्रन तक पहुंच गई। जैसे-जैसे विमान की रूपरेखा बदलती गई, 2013 में यह संख्या घटकर 35 रह गई और तब से लगातार कम होती गई। सर्विस में मौजूद 31 स्क्वाड्रन में से दो स्क्वाड्रन कम से कम उड़ान भर रहे हैं। ये अपने मिग 21 लड़ाकू विमानों को बचा रहे हैं, जिन्होंने पहली बार 1971 के युद्ध में हिस्सा लिया था। ये विमान लंबे समय से अपने लाइफ के अंत तक पहुंच चुके हैं। उनकी रिटायरमेंट को कई सालों के लिए टाला जा रहा है। इसकी वजह है कि वायुसेना एलसीए एमके1ए लड़ाकू विमानों की डिलीवरी का इंतजार कर रही है। अतीत से सबक लेने की जरूरत एलसीए परियोजना से करीब से जुड़े रहे वायुसेना प्रमुख ने चेतावनी दी कि अतीत से सबक लेने की जरूरत है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आगे कोई देरी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जेट विमानों के उत्पादन में प्राइवेट सेक्टर को बड़े पैमाने पर शामिल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर एलसीए डिलीवरी की समयसीमा पूरी हो जाती है और मल्टी-रोल फाइटर कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो वायुसेना ‘बुरी स्थिति में’ नहीं होगी।  

गौतम अडानी त्योहारी सीजन में 10,000 करोड़ रुपये की खरीदारी की तैयारी में

नई दिल्ली  भारत और एशिया के दूसरे बड़े रईस गौतम अडानी सीमेंट सेक्टर में बड़ी खरीदारी की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक अडानी ग्रुप ने जर्मनी की कंपनी हीडलबर्ग मैटेरियल्स के भारत में सीमेंट कारोबार को खरीदने के लिए बातचीत शुरू कर दी है। इस खरीदारी की अगुवाई ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स करेगी। माना जा रहा है कि यह डील 1.2 अरब डॉलर (10,000 करोड़ रुपये) में हो सकती है। यदि यह डील सफल होती है तो इससे इंडस्ट्री में चल रही कंसोलिडेशन की रेस तेज होगी। देश की की टॉप सीमेंटकंपनी अल्ट्राटेक भी अपनी पोजीशन को बनाए रखने के लिए कंपनियों का अधिग्रहण कर रही है। अडानी ग्रुप अभी देश की दूसरी बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी है। उसने साल 2022 में होलसिम के भारतीय बिजनस को खरीदकर सीमेंट इंडस्ट्री में एंट्री की थी। सूत्रों के मुताबिक अडानी ग्रुप होलसिम की तरह हीडलबर्ग के साथ भी डील को तेजी से आगे बढ़ना चाहता है। 30 जून, 2024 को अंबुजा सीमेंट्स के पास 18,299 करोड़ रुपये की नकदी समकक्ष थे। हालांकि एक सूत्र ने कहा कि अगर दूसरे दावेदार भी आगे आते हैं तो अडानी ग्रुप इससे बाहर निकल सकता है। जर्मन कंपनी भारत में लिस्टेड हीडलबर्ग सीमेंट इंडिया और अनलिस्टेड जुआरी सीमेंट के जरिए ऑपरेट करती है। भारत में हीडलबर्ग का बिजनस हीडलबर्ग सीमेंट इंडिया का मार्केट कैप 4,957 करोड़ रुपये है और इसमें 69.39% हिस्सेदारी मूल कंपनी की है। हीडलबर्ग दुनिया की सबसे बड़ी सीमेंट उत्पादकों में से एक है और 50 देशों में मौजूद है। सूत्रों ने कहा कि हीडलबर्ग हेडक्वार्टर के एक सीनियर अधिकारी अडानी ग्रुप के साथ बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि उत्पादन क्षमता को लेकर मतभेद हो सकते हैं। हीडलबर्ग का दावा है कि उसकी क्षमता लगभग 14 मिलियन टन है लेकिन यह कम हो सकती है। यह वैल्यूएशन को प्रभावित कर सकती है। हीडलबर्ग ने साल 2006 में मैसूर सीमेंट, कोचीन सीमेंट और इंडोरामा सीमेंट के जॉइंट वेंचर के अधिग्रहण के साथ भारत में प्रवेश किया था। कंपनी का दावा है कि साल 2016 में इटालसीमेंटी के अधिग्रहण के बाद भारत में उसकी उत्पादन क्षमता 14 मिलियन टन पहुंच गई। इस बारे में हीडलबर्ग और अडानी ग्रुप ने प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया।  

भोपाल में बनेगा बड़ा इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, सौ करोड़ रुपये की लागत से मार्च 2026 तक परियोजना पूरी होगी

भोपाल राजधानी का पहला बड़ा इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर के पास मार्च 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग इसका निर्माण कर रहा है, जिस पर करीब सौ करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें दो हजार से अधिक लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक सभागार, ठहरने और भोजन की सुविधा के साथ एक कन्वेंशन सेंटर के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं होंगी। पर्यटन विभाग भारत सरकार की पूंजी निवेश योजना के लिए राज्यों को विशेष सहायता के तहत परियोजना के लिए राशि की व्यवस्था कर रहा है। मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटीडीसी) के प्रबंध निदेशक डा. इलैयाराजा टी ने बताया कि हमने केंद्रीय वित्त मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया है और जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर में एमआइसीइ पर्यटन (बैठकें, सम्मेलन और प्रदर्शनियों)को बढ़ावा देना है।केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने भारत में देश- विदेश के कारपोरेट और अन्य लोगों द्वारा सम्मेलन,बैठक और प्रदर्शनियों के आयोजन के लिए एक पसंदीदा गंतव्य विकसित करने के लिए 2022 में एक राष्ट्रीय रणनीति शुरू की थी। इसी तहत इस परियोजना की रूपरेखा बनाई गई है। एमआइसीइ, बिजनेस टूरिज्म का एक रूप है, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को किसी गंतव्य की ओर आकर्षित करता है।एमआइसीइ सेंटर के रूप में राजधानी में अभी मिंटो हाल है,जिसे अब कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर के नाम से जाना जाता है, परंतु मिंटो हाल की क्षमता सिर्फ आठ सौ लोागों के बैठने की है। इसमें एक रेस्तरां है, लेकिन प्रतिनिधियों के लिए आवास नहीं हैं। एमआइसीई पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरेगा भोपाल मप्र पर्यटन बोर्ड के संयुक्त निदेशक (योजना) प्रशांत बघेल ने बताया कि प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर में दो हजार लोागों से अधिक की बैठक क्षमता वाला एक मुख्य सभागार होगा। ऐसे कमरे होंगे जहां प्रतिनिधि रुक सकेंगे, डाइनिंग हाल, रेस्तरां, प्रदर्शनी हाल, गैलरी और बड़े सम्मेलन, बैठकें और प्रदर्शनियां आयोजित करने के लिए अन्य सुविधाएं होंगी। नया सेंटर कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर से सटी जमीन पर बनेगा,जहां पहले मछलीघर हुआ करता था। पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि देश के मध्य में स्थित होने और बेहतरीन रेल और हवाई संपर्क के कारण भोपाल में एमआइसीई पर्यटन के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरने की क्षमता है।शहर कई औद्योगिक क्षेत्रों से घिरा हुआ है,जहां कई प्रमुख कंपनियों के विनिर्माण संयंत्र हैं।

राफेल फाइटर जेट ने हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइस से ऑब्जेक्ट को मार गिराया, अब चीन की नहीं खैर

नई दिल्ली भारतीय वायुसेना ने चीन के जासूसी गुब्बारों को मार गिराने में महारत हासिल कर ली है। बीते दिनों दौरान वायुसेना ने इसकी प्रैक्टिस की। इस दौरान चीनी गुब्बारों जैसे ऑब्जेक्ट्स को हवा में उड़ाया गया। इसके बाद राफेल फाइटर जेट ने हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइस के जरिए इस ऑब्जेक्ट को मार गिराया। भारतीय सेना का यह अभ्यास चीन की जासूसी से निपटने की पूर्व तैयारी का हिस्सा है। अगर 200 फीट की ऊंचाई पर उड़ने वाले चीनी गुब्बारे भविष्य में जासूसी करने के इरादे से भारत की सीमा पर दिखते हैं तो सेना उन्हें आसानी से मार गिराएगी। गौरतलब है कि साल 2023 के जनवरी-फरवरी महीने में कुछ चीनी जासूसी गुब्बारे अमेरिका में 200 फीट की ऊंचाई पर कई दिनों तक उड़े थे। बाद में अमेरिकी एफ-22 रैप्टर ने इन गुब्बारों को एआईएम-9एक्स साइडवाइंडर मिसाइल का इस्तेमाल करके मार गिराया था। बाद में अमेरिका ने भारत समेत विभिन्न देशों को इस बारे में जानकारी दी थी। सूत्रों ने बताया कि आईएएफ ने टीटीपी का फॉर्मूला तैयार किया है। इस फॉमू्ले का इस्तेमाल इसी तरह के हालात का सामना करने में होगा। यह टीटीपी है, टैक्टिस, टेक्निक्स और प्रॉसीजर। सूत्रों के मुताबिक राफेल का यह प्रदर्शन पिछले साल चार फरवरी को 55 हजार फीट की ऊंचाई पर किया गया। जिस ऊंचाई पर प्रैक्टिस की गई थी, यह उससे कहीं ज्यादा थी। इसके अलावा टारगेट बनाया गया बैलून उस चीनी बैलून से छोटा था जिसने अमेरिका हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था। पांचवीं जनरेशन के एफ-22 ने 58 हजार फीट की ऊंचाई से 60 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे बैलून पर मिसाइल से हमला किया। गौरतलब है कि चीनी जासूसी गुब्बारे अनमैन्ड एयरशिप्स जैसे होते हैं। यह खास किस्म का ट्रांसमिशन भेजते हैं, जिन्हें डिटेक्ट या इंटरसेप्ट करना बहुत मुश्किल होता है। 2022 की शुरुआत में अंडमान और निकोबार के करीब गुब्बारे जैसा ऑब्जेक्ट देखा गया था। हालांकि तब इस पर कोई एक्शन नहीं हो पाया था। वजह, तब तक भारत ने महत्वपूर्ण जगहों पर स्थायी आधार पर फाइटर्स की तैनाती नहीं की थी। बता दें कि चीन अक्सर बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारतीय समुद्र में अपना जासूसी जहाज भेजता रहता है। उसका मकसद भारत की बैलिस्टिक मिसाइल लांच को ट्रैक करना होता है। इसके अलावा वह नेविगेशन और सबमरीन ऑपरेशन पर भी नजर रखना चाहता है। आईएफ ने हसीमारा और अंबाला एयरबेस पर 36 राफेल तैनात कर रखे हैं। हसीमारा सिक्किम-भूटान-तिब्बत के करीब और चीन की पूर्वी सीमा के लिहाज से भी अहम है।

जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में किसका होगा राजतिलक? परिणाम से पहले पर्टियों की बढ़ी बेचैनी, गुणा-भाग में जुटे उम्मीदवार

नई दिल्ली  विधानसभा के लिए हुए मतदान के बाद जिले की चारों विधानसभाओं में चुनाव लड़ रहे 40 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला आज मतगणना के बाद होगा। आज सुबह के 8 बजते ही ईवीएम में कैद वोट बाहर आने लगेंगे और इसके साथ ही उम्मीदवारों की जीत-हार को लेकर रुझान मिलने शुरू हो जाएंगे। शाम होते-होते कहीं खुशियों की बारिश होने लगेगी तो कई लोगों की शाम गम के साये से घिर जाएगी, लेकिन रिजल्ट से पहले वाली रात तो सबके लिए कत्ल की रात रही। उम्मीदवारों के दिल की धड़कनें बढ़ी रही हैं कि आखिर आज क्या होनेवाला है। सोमवार को कोई उम्मीदवार पूजा पाठ करने में लगा रहा तो कोई कार्यकर्ताओं के साथ काउंटिंग को लेकर रणनीति बनाने में जुटा रहा। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर (JK) विधानसभा चुनावों के लिए आज मंगलवार को नतीजे का दिन है। दोनों राज्यों में कड़ी सुरक्षा के बीच आज सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हुई । मतगणना की प्रक्रिया सुबह 5 बजे से शुरू हुई  सबसे पहले मतगणना में लगे कर्मचारी मतगणना केंद्रों पर पहुंचेंगे। विभिन्न दलों के एजेंटों को सुबह 6 बजे तक पहुंचने के लिए कहा गया है। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी। पहले डाक मत पत्र के साथ ही रुझान सामने आने लगेंगे। इसके बाद ईवीएम खोली जाएंगी। सब कुछ ठीक रहा, तो दोपहर तक स्थिति साफ हो जाएगी। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणामों की आधिकारिक जानकारी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दी जाएगी। यहीं हर पार्टी की स्थिति देखी जा सकती है। साथ ही सीट वार ब्यौरा भी देखा सकता है। वहीं, विभिन्न समाचार चैनलों पर मतगणना की जानकारी लाइव दिखाई जाएगी।     हरियाणा में विधानसभा की कुल 90 सीट है। यहां सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को 46 विधायकों की दरकार होगी। पिछले 10 सालों से राज्य में भाजपा की सरकार है।     हरियाणा में इस बार 65 फीसदी मतदान ही हुआ है। कम मत प्रतिशत के बाद भाजपा और कांग्रेस की टेंशन बढ़ी हुई है। कई बड़े नेताओं की किस्मत दांव पर है।     इस बार भाजपा और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी भी मैदान में है। हालांकि एग्जिट पोल के अनुसार, मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है।     2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में 36.49 फीसदी वोट के साथ भाजपा को 40 सीट मिली थी। पार्टी ने जजपा (10 सीट) के साथ सरकार बनाई थी।     जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा की कुल 90 सीट है, जहां तीन चरणों में मतदान (कुल 63.45%) हुआ था। आर्टिकल 370 हटने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव था।     हर बार की तरह इस बार भी भाजपा और कांग्रेस के साथ ही नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और पीडीपी मैदान में है। कई सीटों पर निर्दलीयों का पलड़ा भारी है।     एग्जिट पोल के मुताबिक, JK में किसी दल को बहुमत नहीं मिलेगा। हालांकि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के गठबंधन को बढ़त मिल सकती है।     2014 के विधानसभा चुनाव में मेहबूबा मुफ्ति की पार्टी PDP 28 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। भाजपा 25 सीटों के साथ दूसरी बड़ी पार्टी बनी है।  

पन्ना टाइगर रिजर्व में चार शावकों के साथ दिखी पी-14

P-14 seen with four cubs in Panna Tiger Reserve भोपाल। पन्ना टाइगर रिजर्व के मंडला क्षेत्र में बाघिन पी-141 द्वारा चार शावकों को जन्म देने की खबर जैसे ही सामने आई पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन में खुशी की लहर दौड़ गई। अपने चार शावकों के साथ पर्यटकों को दिखी बाघिन पी-141 ने शावकों को मंडला क्षेत्र में जन्म दिया। चार शावकों की जन्म की खबर से टाइगर रिजर्व में खुशी की लहर दौड़ गई। रिजर्व में अब बाघों की संख्या 90 पार कर गई है। नन्हें शावकों पर स्वस्थ प्रबंधन सतत निगरानी रख रही है।फील्ड डायरेक्टर अंजना सुचिता तिर्की ने बताया कि पन्ना रिजर्व में चार शावकों के जन्म की खबर बेहद सुखद है. उन्होंने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व बाघों के लिए अनुकूल है और बाघों की संख्या 90 के पार पहुंच गयी है. वही उन्होंने बताया कि चारो शावक स्वस्थ है, जिनका स्वस्थ प्रबंधन द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। बाघिन पी-141 का पर्यटकों ने वीडियो बनाया गौरतलब है देश-दुनिया में बाघों की बढ़ती संख्या के लिए शुमार पन्ना टाइगर रिजर्व में आए पर्यटकों ने चार नन्हें मेहमानों को बाघिन-पी 141 को देखा तो उनके वीडियो बना लिए. पन्ना टाईगर रिजर्व में नन्हे शावकों की किलकारी गुंजने के साथ अब टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 90 पार कर गई है.

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