LATEST NEWS

मध्यक्षेत्र विद्युत कंपनी महा-अभियान चलाकर करेगी ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि

भोपाल मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं को घोषित अवधि में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य को पूरा करने के लिए वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि करने का महा-अभियान शुरू किया जा रहा है। इस महा-अभियान में ऐसे वितरण ट्रांसफार्मर जिन पर क्षमता से अधिक भार अधिरोपित होने से बार-बार फेल हो जाते हैं, उनकी क्षमता वृद्धि करके फेल ट्रांसफार्मरों की संख्या को नियंत्रित किया जाएगा। साथ ही बिजली उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। कंपनी ने इसके लिए वितरण ट्रांसफार्मरों के क्षमता वृद्धि की स्वीकृति क्षेत्रीय एवं वृत्त स्तर पर प्रदान करते हुए क्षमता वृद्धि के कार्य को महा-अभियान संचालित कर पूरा करने का निर्णय लियाहै। कंपनी द्वारा कुछ शर्तों के साथ वितरण ट्रांसफार्मरों के क्षमता वृद्धि की स्वीकृति दी है।इस अभियान में वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में लगाए गए दो या उससे अधिक बार असफल हुए वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य प्राथमिकता के आधार पर किये जाएंगे। कंपनी ने बताया है कि वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि 25 से 63 के. व्ही. ए. एवं 63 से 100 के व्ही ए. की जाएगी। क्षमता वृद्धि के बाद बेहतर स्थिति के 25 केव्हीए वितरण ट्रांसफार्मर को फेल ट्रांसफार्मर के स्थान पर एवं 63 के. व्ही. ए. के ट्रांसफार्मर को 25 से 63 के. व्ही. ए. क्षमता वृद्धि के कार्य में उपयोग में लाया जाएगा।  

निर्वाचन आयुक्त सिंह बोले-शुद्ध एवं त्रुटिरहित निर्वाचन नामावली तैयार करने व्यापक प्रचार-प्रसार करें

रायपुर त्रिस्तरीय पंचायतों एवं नगरीय निकायों के आम/उप निर्वाचन 2024-25 हेतु निर्वाचक नामावली तैयार एवं पुनरीक्षण किये जाने का कार्यक्रम प्रक्रियाधीन है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने सभी जिला के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्वाचक नामावली कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने कहा है, जिससे शुद्ध एवं त्रुटिरहित निर्वाचक नामावली तैयार की जा सके। उन्होंने बताया कि नगरीय निकायों हेतु प्रारंभिक निर्वाचक नामावली  का प्रकाशन 16 अक्टूबर 2024 एवं त्रिस्तरीय पंचायत हेतु प्रारंभिक निर्वाचक नामावली प्रकाशन 24 अक्टूबर 2024 निर्धारित है। निर्वाचन आयुक्त सिंह ने सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्वाचक नामावली के प्रचार-प्रसार के साथ ही 16 अक्टूबर को अपने-अपने जिले में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मीडिया के माध्यम से निर्वाचन से जुड़ी जानकारी देने कहा है। निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रारंभिक प्रकाशन हेतु चिन्हांकित विविध स्थानों की जानकारी, दावें एवं आपत्तियों को प्राप्त करने हेतु निर्धारित स्थलों की पंचायतवार, निकायवार एवं वार्डवार कुल संख्या की विस्तृत जानकारी देने कहा है। इसी तरह दावें एवं आपत्तियों को प्राप्त करने तथा उनका निराकरण करने हेतु निर्धारित तिथियां, निर्वाचक नामावली के अंतिम प्रकाशन के संबंध में जानकारी तथा पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में जिले द्वारा जाबो अंतर्गत किये गये जागरूकता संबंधी कार्य सहित  निर्वाचन संबंधी आवश्यक विषय पर जानकारी मीडिया को देने कहा है।  जिससे मीडिया के माध्यम से निर्वाचन संबंधी जानकारियां  लोगो तक पहुंच सके।

वन स्टाप सेंटर के प्रशासकों और काउंसलर्स की 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला 16 अक्टूबर से

भोपाल   किसी भी प्रकार की हिंसा से प्रभावित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर आपातकालीन एवं गैर आपातकालीन सहायता एवं परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में 57 वन स्टाप सेंटर संचालित हैं। हिंसा पीड़ित महिलाओं की शिकायतों का निराकरण वन स्टाप सेंटर के प्रशासक द्वारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त इन पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं की काउंसलिंग भी की जाती है। महिला बाल विकास विभाग द्वारा इन प्रशिक्षकों एवं काउंसलर्स के लिये 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला 16 एवं 17 अक्टूबर को होटल पलाश भोपाल में की जा रही है। आयुक्त, महिला बाल विकास श्रीमती सूफिया फारूखी प्रात: 11 बजे कार्यशाला का शुभारंभ करेंगी। प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रशासक संवेदीकरण, मनोवैज्ञानिक परामर्श, नये कानूनों में संशोधन, जेंडर संवेदीकरण, फेमिली काउंसलिंग एवं दस्तावेजीकरण आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की जायेगी।  

37 वर्ष पुराने बरगी जल विद्युत गृह ने पिछले वर्ष की तुलना में किया 21 मिलियन यूनिट अधिक विद्युत उत्पादन

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के विद्युत गृहों ने ताप व जल विद्युत उत्पादन में बढ़ोत्तरी हुई है। पॉवर जनरेटिंग कंपनी के संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंहपुर की यूनिट नंबर 5 ने जहां 150 दिन लगातार विद्युत उत्पादन किया, वहीं 37 वर्ष पुराने रानी अवंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी ने पिछले वर्ष की तुलना में 21 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया। बिरसिंगपुर की यूनिट नंबर 5 उत्पादन के साथ हासिल की अन्य उपलब्धियां- संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 ने इस वर्ष 17 मई से संचालित होते हुए गत दिवस 150 दिन लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया। यूनिट नंबर 5 ने विभिन्न मापदंडों में भी उपलब्धि हासिल की। यूनिट ने 97.5 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ), 92.46 फीसदी प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) व यूनिट ने 5.89 प्रतिशत की ऑक्जलरी कंजम्पशन (एपीसी)की उपलब्धि हासिल की। यह यूनिट वर्तमान में भी सतत् विद्युत उत्पादन कर रही है। बरगी जल विद्युत गृह ने दिखाया दमखम- रानी अवंतीबाई सागर जल विद्युत गृह बरगी की 37 वर्ष पुरानी 45-45 मेगावाट की यूनिट ने पूर्ण क्षमता से संचालित होते हुए इस वित्तीय वर्ष में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में समान अवधि में 21 मिलियन यूनिट अधिक विद्युत उत्पादन किया बरगी जल विद्युत गृह ने इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से 13 अक्टूबर तक 300 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया, जबकि जल विद्युत गृह ने गर्मी में प्रथम तिमाही (अप्रैल से जून) में पिछले वित्तीय वर्ष की इस समान अवधि में 51.41 मिलियन यूनिट अधिक विद्युत उत्पादन किया है। जल विद्युत गृह ने इस वित्तीय वर्ष की प्रथम तिमाही में 123.55 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में इस समान अवधि में बरगी जल विद्युत गृह द्वारा 72.14 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया गया था। ऊर्जा मंत्री व अपर मुख्य सचिव ने दी बधाई- ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव व मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने संजय गांधी ताप विद्युत गृह के यूनिट नंबर 5 और बरगी जल विद्युत गृह के अभियंताओं व कार्मिकों को बधाई देते हुए उनकी सराहना करते हुए कहा कि समर्पण, कड़ी मेहनत व प्रतिबद्धता से लक्ष्य अर्जित करने का यह सर्वश्रेष्ठ व अनुकरणीय उदाहरण है।  

भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और पांच अन्य अधिकारी लौटेंगे कनाडा से, खालिस्तानी तत्वों से बताया खतरा

नई दिल्ली भारत ने कनाडा के छह राजनयिकों को निष्कासित कर दिया तथा कनाडा से अपने उच्चायुक्त और ‘‘निशाना बनाए जा रहे’’ अन्य राजनयिकों एवं अधिकारियों को वापस बुलाने की घोषणा की। भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और पांच अन्य अधिकारी इस सप्ताह के अंत में कनाडा से लौट आएंगे। भारत लौटने के बाद उनको संभावित खालिस्तानी खतरों के कारण बढ़ी हुई सुरक्षा दी जाएगी। खुफिया सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों पर खालिस्तानी समर्थक समूहों से गंभीर खतरे की आशंका है। इसके अलावा, कनाडा में हाल ही में तैनात अन्य भारतीय राजनयिकों और अधिकारियों को भी विशेष सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। संजय कुमार वर्मा के अलावा, टोरंटो के वाणिज्य दूत सिद्धार्थ नाथ को सबसे अधिक “खतरे में” माना जा रहा है। उन्हें भी हाल ही में कनाडा छोड़ने को कहा गया था। नाथ ने पिछले साल अगस्त में टोरंटो कांसुलेट का कार्यभार संभाला था। ब्रिटिश कोलंबिया के प्रमुख खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के दो महीने बाद ही नाथ ने कार्यभार संभाला था। खालिस्तानी समर्थक समूह का $500,000 का इनाम खालिस्तान समर्थक समूह ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) ने उच्चायुक्त वर्मा की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 500,000 डॉलर का इनाम घोषित किया है। SFJ के जनरल काउंसल गुरपतवंत पन्नू ने एक बयान में कहा कि वे “संजय कुमार वर्मा की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे” और उन्हें “न्याय के कटघरे” में लाने के लिए प्रयास करेंगे। SFJ का आरोप है कि वर्मा का निज्जर की हत्या में कथित तौर पर हाथ था और यह संगठन लगातार कनाडा के प्रधानमंत्री को इस मामले की जांच के लिए पत्र लिखता रहा है। भारत की प्रतिक्रिया: OCI कार्ड पर सख्ती, वीजा पर नहीं सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार खालिस्तानी गतिविधियों से जुड़े भारतीय मूल के कनाडाई नागरिकों के ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड पर सख्त कार्रवाई करने की योजना बना रही है। हालांकि, वीजा जारी करने पर रोक लगाने की संभावना नहीं है, जैसा कि पिछले साल प्रधानमंत्री ट्रूडो के बयान के बाद हुआ था। ट्रूडो का बयान: “सार्वजनिक सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम” कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को कहा कि छह भारतीय अधिकारियों को निष्कासन नोटिस देना “आवश्यक” था ताकि उन आपराधिक गतिविधियों को रोका जा सके जो कनाडा की सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई हैं। फिलहाल भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानी मुद्दे को लेकर बढ़ते तनाव के बीच, भारतीय राजनयिकों और अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।

इजरायली आयरन डोम ने हवा में ही नष्ट कर दिया, हिजबुल्लाह ने निकाल ली आयरन डोम की काट?

नई दिल्ली इजरायल इस वक्त एक साथ कई मोर्चों पर जंग लड़ रहा है। ऐसे में मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचने के लिए इजरायल ने अपनी सीमाओं पर सबसे बड़ा सुरक्षा तंत्र यानी आयरन डोम डिफेंस सिस्टम तैनात कर रखा है, जो दुश्मन देश की तरफ से आने वाली हर मिसाइल और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर इजरायल के सुरक्षा दे रहा है। हाल ही में जब ईरान ने करीब 200 बैलस्टिक मिसाइलों से इजरायल पर हमला बोला तो उनमें से अधिकांश को इजरायली आयरन डोम ने हवा में ही नष्ट कर दिया लेकिन अब हिज्बुल्लाह ने उसकी काट निकाल ली है। दरअसल, लेबनान के हिज्बुल्लाह आतंकियों ने रविवार को उसकी सुरक्षा तंत्र में सेंधमारी करते हुए इजरायली सेना के ठिकानों पर ताबड़तोड़ कई ड्रोन दागे हैं, जिसमें चार सैनिकों की मौत हो गई है, जबकि 60 से ज्यादा घायल हुए हैं। हिजबुल्लाह आतंकियों ने मिरसाद-1 ड्रोन के जरिए रविवार शाम को बिनयामीना-गिवात अदा के पास इज़रायली सुरक्षा बल (IDF) बेस पर हमला किया, जिसमें चार सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हुए हैं। ये ड्रोन समुद्री क्षेत्र से होते हुए मध्य इजरायली क्षेत्र में जाकर लक्षित ठिकानों पर गिरे। IDF ने कहा है कि वह इस घटना की जांच कर रही है। IDF ने यह भी कहा है कि उसने हिज्बुल्लाह के एक ड्रोन को मार गिराया है। ऐसे में सवाल ये उठ रहे हैं कि आखिर आयरन डोम के तैनात होते हुए हिज्बुल्लाह आतंकियों ने इजरायली भू-भाग में ड्रोन से हमले कैसे किए? क्या हिज्बुल्लाह ने आयरन डोम को चकमा देने और उसकी निगाहबानी की काट निकाल ली है? इस हमले ने यह भी साबित कर दिया है कि इजरायल हिज्बुल्लाह की ताकत को कमतर ना आंके। हिज्बुल्लाह को ईरान से हर तरह की मदद मिलती रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आयरन डोम ने इन ड्रोन का पीछा तो किया था लेकिन अचानक वे उनके रडार से गायब हो गए। इस हमले में चौंकाने वाली बात ये है कि इजरायली सुरक्षा तंत्र में तैनात रडारों ने मिरसाद-1 के हमले के दौरान न तो खतरे की चेतावनी दी और न ही सायरन बजा सकी। हिज्बुल्लाह के इस ड्रोन हमले ने इजरायल की नींद उड़ा दी है। क्या है मिरसाद-1 ड्रोन, क्या है खासियत? मिरसाद-1 ड्रोन एक आत्मघाती ड्रोन है, जिसका इस्तेमाल हिज्बुल्लाह लड़ाके 20 वर्षों से कर रहे हैं। ईरान में इसे अबाबील-टी के नाम से जाना जाता है। इजरायली शोध संस्थान अल्मा सेंटर के मुताबिक, मिरसाद-1 ड्रोन की मारक क्षमता 120 किलोमीटर और अधिकतम गति 370 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह ड्रोन 40 किलोग्राम तक का पेलोड (विस्फोटक) ले जा सकता है और 3,000 मीटर तक ऊंची उड़ान भर सकता है। साल 2002 तक हिज्बुल्लाह इस ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और जासूसी के लिए करता था लेकिन उसके बाद इसे इजरायली इलाके में आत्मघाती हमले के लिए इस्तेमाल करने लगा। जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मिरसाद-1 एक ऐसा ड्रोन है जिसे हिजबुल्लाह ने दो दशकों से अधिक समय से तैनात कर रखा है और यह ईरानी डिजाइन पर आधारित है। बता दें कि हिजबुल्लाह एक सशस्त्र शिया आतंकवादी समूह है जो ईरान द्वारा समर्थित है। इजरायली सुरक्षा तंत्र को चकमा देने के लिए हिज्बुल्लाह ने पहले रॉकेटों से हमला किया, फिर उसी के बीच ड्रोन हमले भी किए ताकि इजरायली सैनिक और उसका एयर डिफेंस सिस्टम को कन्फ्यूज हो जाय। हिज्बुल्लाह अपने इस अंजाम में आंसिक तौर पर सफल हुआ क्योंकि उसके कुछ ड्रोन एयर डिफेंस सिस्टम को धोखा देते हुए सैन्य अड्डे के पास जा गिरे। वैसे यह पहली बार नहीं है जब हिजबुल्लाह के ड्रोन चकमा देते हुए इजरायली हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए हैं। ये इस साल की दूसरी घटना है जब इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम ड्रोन हमले को रोक नहीं सका।

वक्फ पर JPC की बैठक में बवाल, विपक्षी नेताओं का कहना है कि बीजेपी के एक सदस्य ने उनपर आपत्तिजनक टिप्पणी की

नई दिल्ली वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 को लेकर सुंयुक्त संसदीय समिति की बैठक में एक बार फिर पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच टकराव देखने को मिला। विपक्षी नेताओं का कहना है कि बीजेपी के एक सदस्य ने उनपर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। इसके बाद विपक्ष के नेताओं ने वॉकआउट कर दिया। इससे पहले सोमवार को भी विपक्ष के नेताओं ने वॉकाउट कर दिया था। बैठक के दौरान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे, दिलीप सैकिया, अभिजीत गांगुली और टीएमसी सांसद कल्याण बरर्जी, कांग्रेस के गौरव गोगोई के बीच तीखी बहुस हो गई। वक्फ बोर्ड में महिलाओं को शामिल करने को लेकर इन लोगों में तीखी बहुस हुई। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ही नियमों के मुताबिक काम नहीं कर रहे हैं और उन्होंने सांसदों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। दूसरी तरफ बीजेपी सांसदों का आरोप है कि विपक्षी सांसद अध्यक्ष को ही बुरा-भला कह रहे थे। वक्फ (संशोधन) विधेयक 28 जुलाई को सदन में पेश किया गया था। हालांकि विपक्षी दलों की आपत्ति के बाद इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया गया। सोमवार को कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनवर मनीप्पाडी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर वक्फ जमीन घोटाले में शामिल होने का आरोप लगा दिया था। इसके बाद विपक्ष सांसदों ने कहा था कि इस तरह के पैनल में बिना सबूत के इस तरह के अप्रमाणित आरोप नहीं लगाने चाहिए। हालांकि अध्यक्ष ने उनकी आपत्ति को किनारे करते हुए सांसद को बोलने की इजाजत दे दी। पिछले सप्ताह बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पाल को पत्र लिखा था और कहा था गृह मंत्रालय को जांच करना चाहिए कि वक्फ के माध्यम से कितने घोटाले किए गए हैं। दुबे का दावा था कि इसमें जाकिर नाइक जैसे लोग भी शामिल हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने दोपहर का भोजन मांझी-चालकी और बस्तर दशहरा पर्व के पारंपरिक सदस्यों के साथ किया

रायपुर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान वर्ष 1921 में स्थापित आमचो बस्तर क्लब बस्तर दशहरा में संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से पहुँचे मांझी-चालकी, मेंबर-मेंबरिन और बस्तर दशहरा पर्व के पारंपरिक सदस्यों के साथ दोपहर का भोजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दशहरा समिति के उपाध्यक्ष लक्ष्मण माँझी से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने दोपहर के भोजन में बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों के साथ सैगोड़ा, उड़द दाल बड़ा एवं बंगाला चटनी, मिक्स वेज पकोड़ा, चौलाई भाजी, करेला प्याज आलू बैंगन बड़ी, झूडगा की सब्जी, रायता, पुड़ी, जीरा राइस, दाल तड़का का भी स्वाद लिया।

केन्द्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सबसे आगे मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की जो गंगा प्रवाहित हो रही है उससे मध्यप्रदेश भी विकास की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में संचालित योजनाओं का मध्यप्रदेश को भरपूर लाभ भी मिल रहा है। केन्द्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाने में मध्यप्रदेश, देश में लगातार अग्रणी बना हुआ है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश को कई पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार की जिन योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है उसमें पीएम स्व-निधि योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम आवास योजना, कृषि अवसंरचना निधि, प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना, पीएम स्वामित्व योजना, नशामुक्त भारत अभियान, आयुष्मान भारत योजना, मछुआ क्रेडिट कार्ड योजना, राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, राष्ट्रीय आजीविका मिशन और स्वच्छ भारत मिशन शामिल हैं। केंद्र की योजनाओं में म.प्र की प्रगति और उपलब्धियाँ     प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 8 लाख 40 हजार 940 आवास निर्माण के लक्ष्य के विरूद्ध 8 लाख 20 हजार 575 आवास बनाये जा चुके हैं। योजना में उपलब्धि 97.58 प्रतिशत है।     प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 37 लाख 98 हजार 709 आवास निर्माण के लक्ष्य के विरूद्ध 36 लाख 25 हजार 20 आवास बनाये जा चुके हैं। योजना में उपलब्धि 95.43 प्रतिशत है।     जल जीवन मिशन में 83 लाख 27 हजार 582 के लक्ष्य के विरूद्ध 72 लाख 89 हजार 228 नल कनेक्शन (हर घर-नल से जल) प्रदाय कर 87.53 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की जा चुकी है।     आयुष्मान भारत योजना में 4 करोड़ 70 लाख 96 हजार 914 आयुष्मान कार्ड जारी करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 4 करोड़ 2 लाख 22 893 आयुष्मान कार्ड जारी किये जा चुके हैं। योजना में उपलब्धि का प्रतिशत 85.83 है।     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 72 हजार 994 किलामीटर ग्रामीण सड़क बनाने के लक्ष्य के विरूद्ध 72 हजार 965 किलामीटर सड़क निर्माण किया जा चुका है। योजना में उपलब्धि का प्रतिशत 99.98 है।     पी.एम. किसान सम्मान निधि में लक्षित 83 लाख 83 हजार 208 किसानों को नियमित रूप से शत-प्रतिशत पात्र कृषक हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। योजना में उपलब्धि का प्रतिशत 99.98 है।     पी.एम. जीवन ज्योति बीमा योजना में पंजीकृत 93 लाख हितग्राहियों का लाभ मिल रहा है। योजना में उपलब्धि का प्रतिशत 100 है।     स्वामित्व योजना में 29 लाख 99 हजार 23 स्वामित्व कार्ड जारी करने के लक्ष्य के विरूद्ध 23 लाख 50 हजार कार्ड जारी किये जा चुके हैं। साथ ही 43 हजार 130 ग्रामों का ड्रोन सर्वे कर शत-प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई है।     भारत नेट योजना में 20 हजार 422 ग्राम पंचायतों में आप्टीकल फाईबर केबल स्थापित कर 100 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई।     स्वाइल हेल्थ कार्ड योजना में 7 लाख 79 हजार 651 स्वॉइल हेल्थ कार्ड वितरित कर 77.96 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई।     किसान क्रेडिट कार्ड योजना में 65 लाख 83 हजार 726 किसानों के क्रेडिट कार्ड तैयार कर निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई है।     किसान क्रेडिट कार्ड (पशु पालन) योजना में 6 लाख 4 हजार 441 किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण कर 78.84 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई।     किसान क्रेडिट कार्ड (मछली पालन) योजना में किसान क्रेडिट के निर्धारित लक्ष्य एक लाख 77 हजार 390 के विरूद्ध एक लाख 35 हजार 646 कार्ड वितरित कर 76 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई।     अटल पेंशन योजना में निर्धारित लक्ष्य 26 लाख 15 हजार के विरूद्ध शत-प्रतिशत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।     पीएम स्व-निधि योजना में निर्धारित लक्ष्य 7 लाख 46 हजार 600 के विरूद्ध 11 लाख 74 हजार 96 हितग्राहियों को लाभान्वित कर मध्यप्रदेश, देश में नंबर-वन राज्य बन गया है। योजना में लक्ष्य के विरूद्ध 157.25 प्रतिशत की उपलब्धि अर्जित की गई है।     अमृत सरोवर योजना में निर्धारित 3900 सरोवर निर्माण के विरूद्ध 5839 सरोवर निर्माण कर देश में अग्रणी बना है।  

राज्यपाल श्री पटेल जीवाजी विश्वविद्यालय के कन्या छात्रावास पहुँचे, छात्राओं को दी शुभकामनायें

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने मंगलवार को जीवाजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में स्थित लक्ष्मीबाई कन्या छात्रावास का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं से चर्चा की और छात्रावास में मिल रहीं सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल श्री पटेल ने छात्राओं को सुखद भविष्य के लिए शुभकामनायें दीं, साथ ही कहा कि वे पूरी मेहनत व लगन के साथ पढ़ाई करें। उन्होंने कहा केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये तमाम योजनायें संचालित की जा रही हैं। छात्राएं इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपना भविष्य उज्ज्वल करें। राज्यपाल श्री पटेल द्वारा किए गए छात्रावास के भ्रमण के दौरान जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अविनाश तिवारी सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा- एक बार फिर ईवीएम में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया, अब जनता ने दिया जवाब, EVM 100 पर्सेंट सुरक्षित

हरियाणा हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों ने एक बार फिर ईवीएम में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। अब चुनाव आयोग मंगलवार को ही महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनावों की तारीखों का भी ऐलान करने जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने इससे पहले कहा है कि जनता ने चुनावी प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर ही सारे सवालों का जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा, जहां तक बात है ईवीएम की तो यह 100 पर्सेंट फुलप्रूफ है। अगर वे लोग दोबारा सवाल खड़े करेंगे तो हम उन्हें जवाब देंगे। कांग्रेस नेता राशिद अलवी ने कहा था कि जिस तरह से इजरायल ने हिजबुल्लाह के पेजर्स को हैक कर लिया उसी तरह ईवीएम को भी हैक किया जा सकता है। अलवी ने कहा, महाराष्ट्र में विपक्ष को दबाव बनाना चाहिए कि चुनाव बैलट पेपर्स से हों। नहीं तो महाराष्ट्र में भी बीजेपी की सरकार और चुनाव आयोग कुछ भी कर सकता है। अगर इजरायल लोगों के वॉकीटॉकी और पेजर्स को हैक कर सकता है तो ईवीएम क्यों नहीं हैक हो सकतीं? उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल के साथ अच्छे संबंध हैं। वहीं इजरायल इन चीजों में एक्सपर्ट है। ईवीएम का ब ड़ा खेल कहीं भी हो सकता है और उसके लिए बीजेपी चुनाव से पहले ही ये सब खेल कर लेती है। पिछले सप्ताह कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने कहा था कि उम्मीद है कि इस मुद्दे को लेकर निर्देश दिए जाएंगे। वहीं उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि , चुनाव आयोग को ईवीएम से जुड़े मुद्दे की जानकारी दे दी गई है। बताया गया है कि हरियाणा के विधानसभा चुनाव में ईवीएम में गड़बड़ की आशंका है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा था कि 20 सीटों की लिस्ट चुनाव आयोग को दी गई है जिनपर ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका है। खेड़ा ने कहा, 20 सीटों पर हमारे प्रत्याशियों ने लिखित या मखिक शिकायत की थी। यह मुद्दा गितनी के दौरान भी उठाया गया था। उन्होंने कहा कि कुछ ईवीएम में 99 पर्सेंट बैटरी चार्ज दिखा रही थीं। अजीब संयोग है कि जो मशीनें 99 फीसदी चार्ज थीं वहीं कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। वहीं जिन मशीनों की बैटरी 60-70 फीसदी चार्ज थीं, वहां कांग्रेस जीत गई। ऐसा क्यों हो रहा था?

राज्यपाल श्री पटेल ने किया जन-जातीय अध्ययन एवं विकास केन्द्र का लोकार्पण

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने ग्वालियर प्रवास के दौरान “जनजातीय अध्ययन एवं विकास केन्द्र” का लोकार्पण किया। इस केन्द्र की स्थापना प्रदेश की सबसे पिछड़ी जनजातियों में शुमार सहरिया जनजाति सहित प्रदेश की अन्य जनजातियों की संस्कृति के अध्ययन एवं विकास के उद्देश्य से राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय से संबद्ध कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर में की गई है। राज्यपाल ने इस अवसर पर यहाँ लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मेला रोड़ पर स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर में इस केन्द्र के लोकार्पण के बाद राज्यपाल श्री पटेल ने यहाँ पर कड़कनाथ मुर्गी पालन विषय पर चल रहे प्रशिक्षण में मौजूद श्योपुर व झाबुआ जिले के अनुसूचित जनजाति के कृषकों से उनकी आजीविका के बारे में चर्चा की। साथ ही सरकार द्वारा प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए संचालित कल्याणकारी एवं रोजगारमूलक योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जनजाति के हितग्राहियों का आह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपने आपको आत्मनिर्भर बनाएँ। साथ ही अपने समुदाय के अन्य लोगों को भी इसके लिये प्रेरित करें। “जनजातीय अध्ययन एवं विकास केन्द्र” के लोकार्पण कार्यक्रम में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय पूसा के कुलाधिपति प्रो. पी एल गौतम, भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री दिनेश कुलकर्णी एवं राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला मौजूद थे। “जनजातीय अध्ययन एवं विकास केन्द्र” के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुँचे सभी अतिथियों का नोडल अधिकारी श्री शैलेन्द्र सिंह कुशवाह ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर इस केन्द्र की संचालन समिति के सदस्यगण डॉ. एस पी एस तोमर, डॉ. एस सी श्रीवास्तव एवं डॉ. जे एस राजपूत सहित कृषि विज्ञान केन्द्र के अन्य वैज्ञानिक उपस्थित थे।  

तोखन साहू के निज स्टाफ में मस्तूरी एसडीएम सिन्हा को एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी किया नियुक्त

रायपुर केंद्रीय आवास, शहरी कार्य मंत्री राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू के निज स्टाफ में मस्तूरी एसडीएम अमित सिन्हा (डिप्टी कलेक्टर) को एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी (एपीएस) नियुक्त किया गया है। केंद्रीय आवास विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग को जारी आॅफिस मेमोरेंडम में सिन्हा रिलीव करने के लिए निर्देशित किया गया है। अमित सिन्हा संसदीय क्षेत्र बिलासपुर एवं छत्तीसगढ़ संबंधी विभागीय विषयो एवं कार्यों को देखेंगे।

दीक्षांत समारोह में 126 गोल्ड मैडल, 297 पीएचडी एवं 397 स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्रदान की गईं

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि विद्यार्थी भावी जीवन में निरंतर सीखने की भावना जागृत रखें और “अन-लर्निंग, रि-स्किलिंग व अप-स्किलिंग” पर विशेष ध्यान दें। साथ ही यह संकल्प लें कि जीवन के उतार-चढ़ाव और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने आदर्शों, ज्ञान और आचरण के उच्चतम प्रतिमानों का निष्ठा के साथ पालन करेंगे। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कही। उन्होंने गोल्ड मैडल व उपाधियाँ प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों, उनके अभिभावक व गुरुजनों को बधाई दी और सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल श्री पटेल की अध्यक्षता एवं नालंदा विश्वविद्यालय बिहार के चांसलर पद्मभूषण डॉ. विजय पी. भटकर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अविनाश तिवारी, कुलाधिसचिव प्रो. डी. एन. गोस्वामी, कुल सचिव श्री अरूण सिंह चौहान एवं कार्य परिषद के सदस्यगण मंचासीन थे। दीक्षांत समारोह में पद्मभूषण डॉ. विजय पी. भटकर को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि और साहित्यकार व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नरेन्द्र नाथ लाहा को डीलिट् की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। साथ ही शिक्षण सत्र 2022-23 और 2023-24 के 81 विद्यार्थियों को 126 गोल्ड मैडल, 297 विद्यार्थियों को पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलोसपी) एवं 397 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्रदान की गईं। विश्वविद्यालय की प्रतिभावान छात्रा सुश्री अंकिता मिश्रा को 4 एवं सुश्री त्रिपर्णा बारिक को 3 गोल्ड मैडल देकर सम्मानित किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि दीक्षांत कार्यक्रम सदैव से हमारी प्राचीन संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। प्राचीन काल में गुरुकुल शिक्षा में अध्ययन के समापन के बाद घर वापस लौटने के लिये समावर्तन संस्कार होता था। आधुनिक दीक्षांत समारोह उसी का एक रूप है। उन्होंने कहा दीक्षांत समारोह एक भावनात्मक अनुबंध का प्रतीक भी हैं, जिसमें छात्र-छात्राएँ अपने ज्ञान और मेधा के साथ गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलने और राष्ट्र सेवा की शपथ लेते हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में या तो आप परिवर्तन को प्रेरित करते हैं अथवा परिवर्तन आपको प्रेरित करता है। इसलिए विद्यार्थी अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करें और एकाग्र होकर उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिये प्राण-पण से जुट जाएँ। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से समर्थ, सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत बनाने के लिये भावी पीढ़ी को मति, गति और दिशा निर्धारण करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालयों को सौंपी है। विश्वविद्यालयों से अपेक्षा है कि शिक्षा के इस मंदिर में विद्यार्थियों को ज्ञान, विज्ञान के साथ बौद्धिकता और संस्कारों के समन्वय की सीख भी दें। हर विधा के विद्यार्थियों को शोध एवं नवाचारों को समझने और अपनाने का अवसर भी विश्वविद्यालय में मिले। पद्मभूषण डॉ. विजय पी. भटकर ने दीक्षांत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि अच्छे विश्वविद्यालय देश को महान बनाते हैं। खुशी की बात है कि जीवाजी विश्वविद्यालय “मेक द नेशन” के पथ पर चलकर देश को महान बनाने के लक्ष्य पर आगे बढ़ रहा है। हमारी कामना है कि यह विश्वविद्यालय विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय का रूप लेकर नॉलेज बेस्ड इंडिया के निर्माण में अपना अहम योगदान दे। डॉ. भटकर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जीवाजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में गोल्ड मैडल व उपाधियाँ प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या अधिक है। इससे निश्चित ही महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को बल मिलेगा। जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू (कुलपति) प्रो. अविनाश तिवारी ने दीक्षांत उपदेश दिया एवं गोल्ड मैडल व उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शपथ दिलाई। डॉ. नरेन्द्र नाथ लाहा ने मानद डीलिट् उपाधि प्रदान करने के लिये जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया और यह उपाधि अपने माता-पिता को समर्पित की। दीक्षांत समारोह के आरंभ में शोभा यात्रा निकली। शुभारंभ व समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन के सामूहिक गान के साथ हुआ। राज्यपाल श्री पटेल सहित अन्य अतिथियों ने दीक्षांत समारोह में जीवाजी विश्वविद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया। संचालन विश्वविद्यालय के कुल सचिव श्री अरूण सिंह चौहान द्वारा किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने 8 विभागों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा मिलने पर दी बधाई राज्यपाल श्री पटेल ने जीवाजी विश्वविद्यालय के 8 शिक्षण विभागों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा एवं सरकार की पीएम उषा योजना के तहत 100 करोड़ रूपए का अनुदान मिलने पर बधाई दी। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा अंकुर ऐप के माध्यम से परिसर में किए गए पौध-रोपण की जानकारी प्राप्त कर सराहा। फास्ट फूड की बजाय मिलेट्स को प्राथमिकता दें विद्यार्थी राज्यपाल श्री पटेल ने इस अवसर पर विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे पढ़ाई के साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखें। पूरी नींद लें और नियमित रूप से व्यायाम करें। साथ ही पिज्जा, बर्गर जैसे फास्ड फूड की बजाय मिलेट्स (मोटे अनाज) से बने व्यंजनों को अपने भोजन का हिस्सा बनाएँ।  

बारनवापारा अभ्यारण्य में बटरफ्लाई मीट का होगा आयोजन

रायपुर वन विभाग एवं बारनवापारा अभ्यारण्य के संयुक्त तत्वाधान में 21 से 23 अक्टूबर 2024 को अभ्यारण्य में बटरफ्लाई मीट का आयोजन किया जाएगा। जिसके माध्यम को प्रकृति प्रेमियों को तितलियों को करीब से जानने और पहचानने का मौका मिलेगा। साथ ही विषय विशेषज्ञों द्वारा तितलियों के पयार्वास एवं उनके महत्त्व के संबध में महत्वपूर्ण जानकारियां प्रतिभागियों के साथ साझा की जाएंगी। उक्त आयोजन की तीसरी कड़ी है। इसके पूर्व 2022 एवं 2023 में यह आयोजन किया गया था। विभाग द्वारा बटरफ्लाई मीट की तैयारी पूरी कर ली गई है। आयोजन में भाग लेने एवं जानकारी प्राप्त करने के लिए क्यू आर कोड भी जनरेट किया गया है जिसके माध्यम से आसानी से पंजीयन कराया जा सकता है। मीट में प्रतिभागी स्टूडेंट के 15 सौ रुपए एवं अन्य व्यक्तियों के लिए 2 हजार रुपए पंजीयन शुल्क रखा गया है। इसके साथ ही भाग लेने के लिए 18 वर्ष से 60 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है। गौरतलब है कि बारनवापारा अभ्यारण्य में 150 प्रजाति के तितली एवं मोथ पायी जाती हैं। जिसमे से वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की शेड्यूल वन की क्रिमसन रोज (पैचीलौप्टा हेक्टर) डनाइड इगली (हाइपो सिलिमस मिसीपस) शेड्यूल दो की सिपोरा निरिसा,होगारा एनेक्स, यूक्रीशॉप्स सीनेजस, जेनेलिया लेपीडिया रपेला वरुणा,लैंपिडर्स  बोइहन, तजुना शिप्स आदि  पाई जाती है। शेड्यूल छह के भी बहुत से प्रजातियां पाई जाती हैं। विगत तीन वर्षों से बारनवापारा अभ्यारण्य में 14-16 हाथियों का दल निवास कर रहा है। साथ ही साथ विगत 8 माह से एक बाघ लगातार अभ्यारण्य में विचरण कर रहा है। बारनवापारा नाम बार और नवापारा गाँव से मिलकर बना है। बारनवापारा अभ्यारण्य अपनी स्थापना के बाद से ही देश के हर हिस्से से पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है। बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार भाटापारा जिले में स्थित है। अभ्यारण्य का कुल क्षेत्रफल 244.66 वर्ग किमी है। अभ्यारण्य की स्थलाकृति समतल और लहरदार इलाका है। ऊँचाई 640 मीटर समुद्र तल तक है। बालमदेही,जोंक और महानदी नदियाँ अभयारण्य की जीवन रेखा हैं जो अभयारण्य की जल कमी को पूरा करने के लिए अभयारण्य के साथ बहती हैं। वार्षिक वर्षा 1200 मिमी है इस अभ्यारण्य में सागौन, साल और मिश्रित वन की मुख्य वनस्पति है। पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए इसमें शिकार और शिकारियों का अच्छा घनत्व है। अभ्यारण्य के अंदर स्थित बलार जलाशय में कई आर्द्रभूमि पक्षी और मछलियाँ पाई जाती हैं। यह अभ्यारण्य लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए इकोटूरिज्म को बढ़ावा देता है। बारनवापारा तक पहुँचने के लिए रायपुर से सड़क मार्ग से दो घंटे का सफर करना पड़ता है। यह रायपुर से हृ॥53 पर 78वें किलोमीटर पर 106 किलोमीटर दूर है। पटेवा एक छोटा शहर है जहाँ बारनवापारा से 28 किलोमीटर की दूरी पर मौसम अनुकूल सड़क पर गाड़ी चलाकर पहुँचा जा सकता है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet