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ओवैसी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को हराने के लिए सभी को साथ लेकर चलना होगा

हैदराबाद  ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ‘धर्मनिरपेक्ष’ पार्टियां चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-विरोधी मतों में सेंध लगाने के लिए उन पर (ओवैसी पर) आरोप लगाती थीं, लेकिन हरियाणा में एआईएमआईएम के उम्मीदवारों को न उतारने के बावजूद कांग्रेस कैसे हार गई? ओवैसी ने कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को हराने के लिए ‘पुरानी पार्टी’ को सभी को साथ लेकर चलना होगा। तेलंगाना के विकाराबाद में  एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने (भाजपा) हरियाणा कैसे जीत लिया? मैं वहां नहीं था। वरना वे ‘बी टीम’ कहते… वे वहां हार गए। अब आप ही बताइए, वे किसके कारण हारे?’’ ओवैसी ने कहा, ‘‘मैं पुरानी पार्टी (कांग्रेस) से कहना चाहूंगा कि मेरी बात समझिए, मोदी को हराने के लिए सबको साथ लेकर चलना होगा। आप अकेले कुछ नहीं कर पाओगे।’’ भाजपा ने हरियाणा में सत्ता-विरोधी लहर को मात देते हुए लगातार तीसरी बार शानदार जीत हासिल की और कांग्रेस की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हरियाणा में भाजपा ने 90 विधानसभा सीट में से 48 सीट जीतीं, जो सरकार बनाने के लिए 46 के जादुई आंकड़े से कहीं अधिक है।  

13 अक्टूबर की सुबह तक मध्य अरब सागर पर दबाव में तब्दील, कई राज्यों में मौसम में बदलाव होगा और जबरदस्त बारिश होगी

नई दिल्ली पूर्व मध्य अरब सागर पर बना कम दबाव का क्षेत्र के पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है और आज 13 अक्टूबर की सुबह तक मध्य अरब सागर पर दबाव में तब्दील हो जाएगा। इसकी वजह से कई राज्यों में मौसम में बदलाव होगा और जबरदस्त बारिश होगी। दक्षिणी इंटीरियर कर्नाटक, केरल, माहे, तमिलनाडु में अगले पांच से छह दिनों तक भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 14-16 अक्टूबर के बीच भारी बरसात होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, उत्तरी इंटीरियर कर्नाटक, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, असम, मेघलय, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, अरुणाचल प्रदेश, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में मॉनसून की वापसी के आसार बन रहे हैं। कैसा रहेगा दक्षिण भारत का मौसम? मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 14-16 अक्टूबर के बीच बहुत भारी बरसात होगी। इसके अलावा, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 12, 13 और 17 अक्टूबर, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में 14-17 अक्टूबर, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में 12-16 अक्टूबर के बीच तेज बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, अंडमान और निकोबार द्वीप में 12 अक्टूबर को तेज बारिश की संभावना है। पश्चिमी और मध्य भारत के राज्यों की बात करें तो कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में बारिश का अलर्ट है। इसमें से मध्य महाराष्ट्र में 12 अक्टूबर, गुजरात में 12, 13, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ में 12 अक्टूबर को तेज बारिश होने वाली है। वहीं, उत्तर पश्चिम भारत में इस हफ्ते तक बारिश नहीं होने की संभावना है।

प्रदेश में दिवाली मनाएगा संघ परिवार: प्रचारकों का ग्वालियर में होगा प्रशिक्षण वर्ग, संघ प्रमुख मोहन भागवत होंगे शामिल

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के संघ सदस्यों के लिए इस बार दीपावली पर्व कुछ खास रहेगा।दरअसलराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी सम-वैचारिक संगठनों के संगठन मंत्री और अन्य पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रचारकों का चार दिवसीय अखिल भारतीय प्रशिक्षण वर्ग इस बार ग्वालियर में आयोजित किया जा रहा है। 1 से 4 नवंबर तक यह वर्ग चलेगा। इसके लिए 30 अक्टूबर को सभी प्रचारक ग्वालियर के केदारधाम सरस्वती शिशु मंदिर में एकत्र होंगे। इसमें संघ प्रमुख डॉ  मोहन भागवत और अखिल भारतीय टोली के सभी प्रमुख सदस्य शामिल होंगे। संगठन के पदाधिकारी रहेंगे मौजूद ग्वालियर में आयोजित किए जा रहे इस कैंप में संघ के 3 दर्जन से अधिक अनुषांगिक संगठनों के नगर प्रचारक से लेकर अखिल भारतीय स्तर के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। जनवरी 2025 से शुरू होने वाले संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम की रूपरेखा इसी कैंप के दौरान बनाई जाएगी। नए पाठ्यक्रम की बनेगी रूपरेखा संघ की स्थापना के अगले वर्ष 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यही वजह है कि संघ इस वर्ग में अपने सम-वैचारिक संगठनों में भेजे गए प्रचारकों के प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम में भी बदलाव करने जा रहा है। संघ की अखिल भारतीय टोली की मौजूदगी में ही नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी। इसमें संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित अन्य सहसरकार्यवाह भी उपस्थित रहेंगे। स्वयंसेवकों के लिए संघ शिक्षा वर्ग की तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने प्रचारकों के लिए भी समय-समय पर प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन करता है। आमतौर पर हर पांच वर्ष में संघ की ओर से सभी सम-वैचारिक संगठनों के उन संगठन मंत्रियों का प्रशिक्षण वर्ग किया जाता है, जो पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ, आरोग्य भारती, प्रज्ञा प्रवाह, चित्र भारती जैसे संगठनों में काम कर रहे हैं। इसी क्रम में ग्वालियर में संघ के सम-वैचारिक संगठनों में कार्यरत प्रचारकों को संघ चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। संघ की स्थापना के अगले वर्ष 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यही वजह है कि संघ इस वर्ग में अपने सम-वैचारिक संगठनों में भेजे गए प्रचारकों के प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम में भी बदलाव करने जा रहा है। संघ की अखिल भारतीय टोली की मौजूदगी में ही नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी। इसमें संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित अन्य सहसरकार्यवाह भी उपस्थित रहेंगे। वर्ग के लिए संघ प्रमुख डा. मोहन भागवत 30 अक्टूबर को ग्वालियर पहुंचने की संभावना है। 31 अक्टूबर को अखिल भारतीय टोली की बैठक हो सकती है। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक देश में 6 वर्षों में ग्रामीण व शहर, दोनों जगह महिला कामगारों की संख्या में इजाफा हुआ

नई दिल्ली  देश में जॉब करने वाली महिलाओं की संख्या में तेजी आ रही है। पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) की 2023-24 की रिपोर्ट के मुताबिक लेबर फोर्स में काम करने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। रिपोर्ट बताती है कि पिछले 6 साल में यानी 2017-18 से लेकर 2023-24 तक बेरोजगारी दर में 50 फीसदी तक की कमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक इन 6 वर्षों में ग्रामीण हो या शहर, दोनों जगह महिला कामगारों की संख्या में इजाफा हुआ है। दोगुने से ज्यादा हुई मुस्लिम महिलाओं की संख्या जॉब करने वाली मुस्लिम महिलाओं की संख्या में भी 6 साल में दोगुने से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2017-18 में सिर्फ 9 फीसदी मुस्लिम महिलाएं नौकरी करती थीं। अब इसमें 2.3 गुना की बढ़ोतरी हुई है। यानी अब 20.7 फीसदी मुस्लिम महिलाएं जॉब करती हैं। मुस्लिम महिलाओं के बाद सिख महिलाओं के जॉब करने की संख्या में तेजी आई है। 6 वर्षों में यह 11 सिर्फ से बढ़कर 24.6 फीसदी हो गया है। इसमें 124 फीसदी की तेजी आई है। इसके बाद हिंदू महिला कामगारों की संख्या बढ़ी है। इसमें करीब 84 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इन 6 वर्षों में यह आंकड़ा 17.6 फीसदी से बढ़कर 32.3 फीसदी हो गया है। क्रिश्चियन महिलाओं की संख्या 80 फीसदी बढ़ी है। 6 साल पहले 20.2 फीसदी क्रिश्चियन महिलाएं जॉब करती थीं। अब यह आंकड़ा 36.3 फीसदी है। एसटी वर्ग की महिलाएं सबसे आगे सबसे ज्यादा जॉब अनुसूचित जनजाति महिला की महिलाएं करती हैं। आंकड़ों के मुताबिक इनकी संख्या 46 फीसदी है। अनपेड जॉब करने वाले भी कम नहीं रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं है जो बिना सैलरी या भत्ते के नौकरी करते हैं। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि इन 6 वर्षों में 16 करोड़ नौकरियां पैदा हुई हैं यानी 2.8 करोड़ हर साल। इनमें से सालाना एक करोड़ ऐसी नौकरियां हैं जो परिवार के बिजनस से जुड़ी हैं। या फिर ऐसे लोग हैं जो सेल्फ एम्प्लॉइड हैं। इनमें काम करने वालों को कोई सैलरी नहीं मिलती। यानी ये अनपेड जॉब करते हैं।

दोस्त रूस ने अत्‍याधुनिक आइसब्रेकर शिप निर्माण के लिए भारत को चुना, चीन को दिया झटका

मास्‍को यूक्रेन युद्ध के बीच रूस की चीन पर निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीच रूस को भारत से भी जमकर मदद मिली है। भारत ने रूस से बहुत बड़े पैमाने पर तेल खरीदा है। वह भी त‍ब जब रूस पर पश्चिमी देशों ने कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। इस बीच रूस ने भारत को बड़ी खुशखबरी दी है। रूस ने अत्‍याधुनिक गैर परमाणु आइसब्रेकर शिप निर्माण के लिए भारत को चुना है। रूस ने यह फैसला ऐसे समय पर लिया है जब राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन चाहते हैं कि आर्कट‍िक क्षेत्र में नादर्न सी रूट का विकास किया जाए और पश्चिमी देशों के लगाए हुए प्रतिबंधों को मात दी जाए। इस समुद्री रास्‍ते के लिए भी रूस ने भारत को ऑफर दिया है। रूस के इस ऑफर से न केवल दोनों देशों के बीच रिश्‍तों में मजबूती आएगी बल्कि इससे भारत आर्कटिक क्षेत्र में बड़ी ताकत बनकर उभरेगा। भारत सरकार दो जहाज बनाने वाली कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है ताकि गैर परमाणु आइसब्रेकर को तैयार किया जा सके। इस पूरे सौदे की कीमत 6000 करोड़ रुपये होगी। इस पूरे सौदे को रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोस्‍टोम का भी साथ म‍िल रहा है। रूसी कंपनी अच्‍छे माहौल वाली और क्षमता से लैस भारतीय कंपनी की तलाश कर रही है। वह भी तब जब अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखे हैं। नादर्न सी रूट से क्‍या होगा फायदा ? यूरेशिया टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर 2023 में रूस ने खुलासा किया था कि उसने भारत को गैर परमाणु आइसब्रेकर बनाने का प्रस्‍ताव दिया है। इनका संयुक्‍त उत्‍पादन किया जाना है। दरअसल, रूस चाहता है कि जहाजों के जरिए होने वाले वैश्विक व्‍यापार के लिए नादर्न सी रूट को विकसित किया जाए जो एक वैकल्पिक रास्‍ता होगा। इससे स्‍वेज नहर की तुलना में उत्‍तरी यूरोप और पूर्वी एशिया के देशों को ज्‍यादा जल्‍दी से सामान पहुंचाया जा सकेगा। रूस का लक्ष्‍य है कि इस रास्‍ते से कम से कम 15 करोड़ टन कच्‍चा तेल, एलएनजी, कोयला और अन्‍य सामान साल 2030 तक हर साल पहुंचाए जाएं। रूस चाहता है कि इसके लिए कम से कम 50 आइसब्रेकर और बर्फ में चलने वाले जहाज इस रास्‍ते में तैनात किए जाएं। साथ ही नए बंदरगाहों, टर्मिनल और आपातकालीन जहाज बनाए जाएं। आर्कटिक का समुद्री इलाका 6 महीने बर्फ में ढंका रहता है। यही वजह है कि आइसब्रेकर की आगे बहुत जरूरत पड़ेगी। पुतिन और पीएम मोदी के बीच मुलाकात में जहाजों के निर्माण को लेकर सहमति बनी थी। असल में अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से यूरोपीय शिपयार्ड रूस के लिए जहाज नहीं बना पा रहे हैं। वहीं चीन, दक्षिण कोरिया और जापान के शिपयार्ड कम से कम साल 2028 तक के लिए बुक हैं। चीन की चाल को मात देगा भारत इसी वजह से रूस को अब विकल्‍प के रूप में भारत की मदद लेनी पड़ रही है जो उसका भरोसेमंद पार्टनर है। वहीं विश्‍लेषकों का कहना है कि रूस भारत के साथ दोस्‍ती बढ़ाकर चीन को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस बुरी तरह से चीन पर निर्भर हो गया है। चीन चाहता है कि नादर्न सी रूट पर उसकी पकड़ बढ़े और वह रूस के साथ दोस्‍ती बढ़ा रहा है। वह इसे बीआरआई का हिस्‍सा बता रहा है। वहीं यह पूरा इलाका तेल और गैस से भरा हुआ है जिससे आने वाले समय में व्‍यापार बहुत ज्‍यादा बढ़ने की संभावना है।

रतलाम : प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में पांच दिवसीय दीपोत्सव में भक्तों से सजावट के लिए 17 अक्टूबर से सामग्री लेना शुरू की जाएगी

रतलाम  रतलाम शहर के माणकचौक स्थित प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में पांच दिवसीय दीपोत्सव में भक्तों द्वारा सजावट के लिए दिए जाने वाले रुपये, आभूषण, मोती आदि से विशेष शृंगार की तैयारी हो गई है। 17 अक्टूबर से सामग्री लेना शुरू की जाएगी। पहले दिन धनतेरस पर ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर के पट खोले जाएंगे। विशेष शृंगार के दर्शन भाईदूज तक लगातार किए जा सकेंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं को सामग्री वापस देना शुरू की जाएगी। 2008 के बाद से बढ़ा शृंगार का स्वरूप इस सामग्री से होने वाले विशेष शृंगार को लेकर मंदिर देश भर में प्रसिद्ध है। पूर्व में कुछ ही लोग सामग्री देते थे, लेकिन वर्ष 2008 के बाद से सामग्री देने वाले भक्तों की संख्या बढ़ने पर शृंगार का स्परूप भी विस्तृत कर दिया गया। दी जाने वाली सामग्री को रजिस्टर में दर्ज कर श्रद्धालु को टोकन दिया जाता है। इसी टोकन से सामग्री वापस मिल जाती है। इस बार भी यही व्यवस्था रहेगी। सुरक्षा के लिए रहते हैं जरूरी इंतजाम पांच दिवसीय दीपोत्सव के दौरान सुरक्षा के लिए मंदिर समिति व पुलिस प्रशासन भी सभी जरूरी इंतजाम करता है। अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाता है। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डिस्प्ले पास में स्थित माणकचौक थाने पर रहता है। वहां से भी निगरानी होती है। मंदिर के संजय पुजारी ने बताया कि 17 से 28 अक्टूबर तक सामग्री ली जाएगी। भाई दूज के बाद रजिस्टर में दर्ज फोटो, टोकन आदि के आधार पर ही सामग्री वापस की जाएगी। रतलाम शहर के साथ यहां बाहर से भी लोग अपनी सामग्री जमा कराने के लिए मंदिर में पहुंचते हैं। महालक्ष्मी मंदिर में विशेष शृंगार पर नजर सामग्री – सोने-चांदी के आभूषण, चांदी की सिल्लियां, पांच से लेकर 500 रुपये तक के नोट, श्रीयंत्र, कछुआ, तिजोरी आदि महालक्ष्मी मंदिर में ली जाती है। सामग्री देने वाले औसतन श्रद्धालु – करीब 3000 श्रद्धालु यहां सामग्री जमा कराने के लिए पहुंचते हैं। मान्यता – महालक्ष्मी मंदिर में रखी शृंगार सामग्री वापस लेने के बाद घर की तिजोरी, पूजन स्थान पर रखने से सालभर सुख-समृद्धि बनी रहती है। व्यवस्था – धनतेरस से मंदिर में विशेष दर्शन शुरू होते हैं। दर्शन व्यवस्था में भी भक्त सहयोग करते हैं। सुरक्षा – दीपोत्सव में मंदिर में विशेष पुलिस बल के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जाती है।

भजनलाल सरकार ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ के तहत पंचायत राज के चुनाव कराने की बना रही योजना, छोटे जिलों के समाप्त करने के दिए संकेत

जयपुर  राजस्थान में गहलोत राज में बनाए गए नए जिले को लेकर आखिर क्या होगा? इसको लेकर प्रदेश में लगातार चर्चाएं हो रही है। इस बीच भजनलाल सरकार ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ को लेकर भी जुटी हुई है। अब कयास है कि भजनलाल सरकार की रिव्यू कमेटी के फैसले के बाद छोटे जिलों को समाप्त कर नए सिरे से सीमाएं निर्धारित की जाएंगी। इसके बाद सरकार ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ फार्मूले के तहत पंचायत राज के चुनाव कराएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि अगले साल जनवरी महीने में होने वाले पंचायत राज के चुनाव फिलहाल टलेंगे। कयास है कि इससे पहले सरकार छोटे जिलों को समाप्त कर उनकी सीमा निर्धारित करने का काम करेगी। कानून मंत्री जिलों को समाप्त करने के दे चुके हैं संकेत गहलोत राज में बनाए गए 17 नए जिलों को लेकर हर दिन नई चर्चाएं गर्म है। सरकार यह संकेत दे चुकी है कि नए जिलों में से 5 से 7 जिलों को समाप्त किया जा सकता है। इसको लेकर सरकार में यह निर्णय फिलहाल विचाराधीन है। गत दिनों भजनलाल सरकार के कानून मंत्री जोगराम पटेल ने भी ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ चुनावी फार्मूले के लिए छोटे जिलों को समाप्त किए जाने की आवश्यकता बताई थी। उन्होंने संकेत दिए कि बिना जिलों पर फैसले के ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ के काम में प्रोग्रेस नहीं सकता। ऐसे में माना जा रहा है कि नवंबर दूसरे सप्ताह तक सरकार नए जिलों को लेकर फैसला ले सकती हैं। 7 हजार ग्राम पंचायतों के चुनाव पर लटकी तलवार राजस्थान में नए जिलों के फैसले को लेकर अभी तक असमंजस बना हुआ है। अब कौन से जिले रहेंगे और कौन से खत्म होंगे? इस बीच भजनलाल सरकार ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ भी करवाना चाहती है। ऐसी स्थिति में अब जनवरी 2025 में होने वाले 7 हजार ग्राम पंचायतों के चुनाव पर भी तलवार लटक गई है। सरकार के संकेत के अनुसार, अगर ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ का फॉर्मूला लागू हुआ, तो ग्राम पंचायतों के चुनाव टलेंगे और यहां पर सरकार प्रशासक नियुक्त करेगी। फिलहाल सरकार का पूरा ध्यान नए छोटे जिलों को समाप्त करने के फैसले पर टिका हुआ है। इसके बाद ही सरकार वन स्टेट वन इलेक्शन फॉर्मूला को लागू कर पाएगी। इस साल होने वाले नगर निकाय चुनाव भी टलेंगे हाल ही में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह ने साफ कर दिया है कि भजनलाल सरकार ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ का फॉर्मूला लागू करने वाली है। इसके चलते राज्य की कई नगर निकायों में नवंबर महीने में कार्यकाल पूरा हो रहा है। मंत्री के बयान के बाद अब इन निकायों में 2025 में चुनाव होने की संभावना बन गई है। इसके चलते प्रदेश की पांच नगर निगम, 28 नगर पालिकाओं और 16 नगर परिषद में इस साल चुनाव नहीं होंगे। सरकार फाॅर्मूले के तहत 2025 में एक साथ चुनाव करवाने की तैयारी कर रही है। छोटे जिलों को समाप्त करने के लिए कमेटी भी सहमत गहलोत राज में बनाए गए 17 नए जिले को लेकर भजनलाल सरकार ने गत दिनों रिव्यू कमेटी से नए जिलों को लेकर परीक्षण रिपोर्ट बनवाई, जो अभी कमेटी के पास विचाराधीन है, जहां संयोजक मदन दिलावर की अध्यक्षता में राज्यवर्धन सिंह राठौड़, कन्हैया लाल चौधरी, हेमंत मीणा सुरेश सिंह रावत समेत कमेटी के मेंबर इस पर विचार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कमेटी के सभी मंत्री भी छोटे जिलों को मर्ज करने की राय में सहमत है। अब जल्द ही इस रिपोर्ट को कैबिनेट में रखा जाएगा, जहां निर्णय होने के बाद नए जिलों पर कार्रवाई शुरू होगी। यह जिले सरकार के फॉर्मूले में नहीं बैठ रहे फिट राजस्थान में 17 नए जिले बनाए गए, इनको लेकर भजनलाल सरकार सहमत नहीं है। गत दिनों सर्वे कमेटी ने नए जिलों को लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार की। सूत्रों के अनुसार, करीब एक दर्जन जिले मापदंडों में फिट नहीं बैठ रहे हैं। इनमें नीम का थाना, कोटपूतली-बहरोड़, केकड़ी, खैरथल-तिजारा, दूदू, डीग, गंगापुर सिटी, शाहपुरा, फलोदी, सलूंबर, सांचैर और अनूपगढ़ जिले शामिल है। ऐसे में सरकार इनमें से कई जिलों को अपने पुराने जिलों में मर्ज कर सकती है।  

जबलपुर: गोहलपुर में आग ने लॉज को किया तबाह, लोग हुए परेशान

Jabalpur: Fire destroys lodge in Gohalpur, people get worried जीतेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! जबलपुर में देर रात एक लॉज में आग लगने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के बाद आस-पास के घरों से लोग घबराकर बाहर निकल आए थे। दशहरा पर्व के उल्लास के बीच शनिवार-रविवार दरमियानी रात करीब 3:15 बजे गोहलपुर क्षेत्र में स्थित एक लॉज में आग लगने से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई। आग की कुर्ती उठती लगता देख आसपास रहने वालों मे अफरा-तफरी मच गई और वह घरों से निकलकर बाहर आ गए। तत्काल ही लॉज में आग लगने की सूचना नगर निगम के दमकल भाग को दी गई। इसकी जानकारी लगते ही मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। आग से लॉज के पर्दे, फर्नीचर सहित अन्य सामान जलकर खाक हो गया। एक घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग दमकल कर्मियों के मुताबिक तकरीबन 3:15 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। तत्काल ही एक बड़ा दमकल वाहन रवाना किया गया। आग तेजी से फैल रही थी, धुआं उठ रहा था। लगभग लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल विभाग के मुताबिक फिलहाल आग लगने की वजह शार्ट सर्किट बताई जा रही है। लॉज अजय पटेल का बताया जा रहा हैं।

विजयदशमी के अवसर पर बंगाली समाज की महिलाओं ने पारंपरिक ‘सिंदूर खेला’ की परंपरा का पालन किया

टोंक राजस्थान के टोंक स्थित देवली में विजयदशमी के अवसर पर बंगाली समाज की महिलाओं ने पारंपरिक ‘सिंदूर खेला’ की परंपरा का पालन किया। महिलाओं ने एक-दूसरे के गाल और माथे पर सिंदूर लगाकर बधाई दी। मूलतः पश्चिम बंगाल में सिंदूर खेला परंपरा का पालन किया जाता है। ये वर्षों पुराना रिवाज है। जो पति की लंबी उम्र और खुशहाल परिवार की कामना के साथ मनाया जाता है। टोंक में भी ऐसा ही कुछ दिखा। नवरात्रि के बाद विजयादशमी पर्व पर मां दुर्गा सेवा समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाएं अपनी परंपराओं को निभाने में सक्रिय रहीं। मान्यता है कि मां दुर्गा नवरात्र में अपने मायके आती हैं और दसवें दिन अपने ससुराल विदा होती हैं। इस विदाई को यादगार बनाने के लिए ही सिंदूर खेला का आयोजन किया जाता है। इस दिन, हर सुहागन यही मनोकामना करती है कि उसके सुहाग पर आने वाले हर संकट को मां टाल दें। सिंदूर उड़ाते हुए महिलाएं एक-दूसरे के गले लगती हैं जो माहौल को भक्तिमय बना देता है। इस दौरान, नवविवाहित बेटियां भी अपने मायके आती हैं और सिंदूर खेला कार्यक्रम के बाद उनको विदा किया जाता है। मां दुर्गा सेवा समिति के अशोक मंडल ने बताया कि इस कार्यक्रम में महिलाओं ने पहले मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया। इसके बाद, उन्होंने एक-दूसरे को सिंदूर लगाया और मंगल गीत गाए। सभी ने मां से सदा सुहागन रहने का आशीर्वाद मांगा। बता दें कि बंगाल में मान्यता है कि मां दुर्गा 10 दिनों के लिए अपने मायके आती हैं। इसी उपलक्ष्य में बड़े-बड़े पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। बंगाली समुदाय में दुर्गा पूजा पंचमी तिथि से शुरू होती है। सिंदूर खेला की परंपरा लगभग 450 साल पुरानी मानी जाती है। कहा जाता है कि इस रस्म की शुरुआत जमींदारों की दुर्गा पूजा के दौरान हुई। मान्यता है कि जब कोई महिला इस रस्म में हिस्सा लेती है, तो अखंड सौभाग्यवती रहती है। यह रस्म महिलाओं की ताकत का प्रतीक है।  

राजस्थान में मौसम विभाग ने तूफान ओलावृष्टि, और बारिश को लेकर भी अलर्ट जारी किया

जयपुर राजस्थान में मौसम ने एकदम से करवट ले ली है। मानसून की विदाई होने के बावजूद कई जिलों में बारिश हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम विभाग ने भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का अनुमान लगाया है। मौसम विभाग ने तूफान और बारिश को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। मौसम के इस बदलाव के चलते कई जिलों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और रात में हल्की ठंड का अहसास भी होने लगा है। कई जिलों में अलर्ट जारी जयपुर मौसम विभाग की मानें तो 12 जिलों में तेज बारिश हो सकती है और इसके लिए योलो अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। विभाग ने ओलावृष्टि की भी संभावना जताई है। जिन इलाकों में बारिश की संभावना है, उनमें टोंक, बारां, कोटा, बूंदी, झालावाड़, भीलवाड़ा, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद है। यहां बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी आशंका है। कैसा है मौसम का हाल? मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश देखी गई है। सबसे अधिकतम तापमान जालौर में देखा गया, जहां 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान के कोटा, अजमेर और उदयपुर में हल्की बारिश देखी गई। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क बना रहा। कैसा रहेगा आगे का मौसम? IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के चलते चक्रवाती परिसंचरण अरब सागर तल बन रहा है। इसके अगले 2 से 3 दिनों के दौरान पूर्वी राजस्थान में कई स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।  और आगे भी दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी हवाओं के प्रभाव के चलते उदयपुर, कोटा और जोधपुर में तेज बारिश की संभावना है। दक्षिणी राज्यों में भी बारिश   आईएमडी के महानिदेशक डा. मृत्युंजय महापात्रा ने देश के दक्षिणी राज्यों में अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी में बनने वाले दबाव के क्षेत्र से उत्तर भारत के राज्यों को बेअसर बताया है। इसके असर से तटीय हिस्से एवं दक्षिण के कुछ राज्यों में ही बारिश होगी। यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में असर नहीं मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के कुछ इलाके भी प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश एवं बिहार समेत उत्तर भारत के कई राज्यों पर इसका खास असर नहीं पड़ेगा। आइएमडी के अनुसार अरब सागर में सर्कुलेशन बन चुका है, जो रविवार की सुबह तक डीप डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा, लेकिन इससे भारत को खतरा नहीं होने जा रहा, क्योंकि इसकी दिशा ओमान की तरफ है।

17 नवंबर को रात नाै बजकर सात मिनट पर विधिविधान बदरीनाथ धाम के कपाट साथ बंद होंगे

गोपेश्वर दशहरे के मौके पर बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित कर दी गई है। आगामी 17 नवंबर को रात नाै बजकर सात मिनट पर विधिविधान के कपाट साथ बंद होंगे। इस यात्रा वर्ष विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट रविवार 17 नवंबर रात्रि 9 बजकर 07 मिनट पर शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि कपाट बंद होने की तिथि आज विजय दशमी के अवसर पर श्री बदरीनाथ धाम मंदिर परिसर में पंचाग गणना पश्चात समारोहपूर्वक तय की गयी। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री दर्शन को पहुंचे। सरकार एवं मंदिर समिति के प्रयासों से सभी यात्री सुविधाएं मुहैया हुई है। कुल 38 लाख तीर्थयात्री पहुंचे चारधाम अभी तक 11 लाख से अधिक तीर्थयात्री श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे हैं। साढ़े 13 लाख से अधिक तीर्थयात्री श्री केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे हैं। इस तरह साढ़े 24 लाख तीर्थयात्रियों ने श्री बदरीनाथ -केदारनाथ के दर्शन कर लिए हैं। कुल 38 लाख तीर्थयात्री चारधाम यात्रा पर पहुंचे हैं। मां नवदुर्गा तिला भराड़ी मंदिर में कन्या पूजन के साथ पूजा अर्चना की नवरात्रि के नौवे दिवस के अवसर पर बदरीनाथ मार्ग कंचनगंगा में क्षेत्र की अराध्य देवी मां नवदुर्गा तिला भराड़ी मंदिर में कन्या पूजन तथा मां सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) उपाध्यक्ष किशोर पंवार सपरिवार माता के मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए तथा क्षेत्र के सुख- शांति का आशीर्वाद मांगा। इस अवसर जय मां नंदा समिति अध्यक्ष राजदेव मेहता एवं पदमेंद्र भंडारी ने बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार का शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। माता के मंदिर में जय मां नन्दा समिति बामणी , पांडुकेश्वर के सौजन्य से विशाल भण्डारा का आयोजन किया गया इससे पहले मां दुर्गा की पूजा अर्चना के पश्चात कन्या पूजन तथा प्रसाद वितरण किया गया। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि विजय दशमी के दिन श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर दुर्गा पूजा का यज्ञ हवन के साथ समापन होना है।  इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार सहित अध्यक्ष राजदेव मेहता,पदमेंद्र भंडारी, अमित पंवार , सुधीर मेहता, वीरेंद्र भंडारी, रणजीत भंडारी आदि मौजूद रहे।

महाराष्ट्र में RSS के जुलूस के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर नारेबाजी की, इलाके में तनाव, दो FIR दर्ज

मुंबई दशहरा से एक दिन पहले महाराष्ट्र के रत्नागिरी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जुलूस के दौरान तनाव पैदा हो गया। जानकारी के मुताबिक जुलूस के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर नारेबाजी की। इससे इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया। रत्नागिरी के एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक शुक्रवार रात को कोंकण नगर इलाके में यह घटना हुई। इसके बाद पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब दशहरा उत्सव की पूर्व संध्या पर आरएसएस ने इलाके में पथ संचलन किया तो अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले नारे लगाए। हालांकि कोई हिंसा नहीं हुई। मगर रात को लोगों की भीड़ थाने में जुट गई। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमने शिकायतों के आधार पर दो मामले दर्ज किए हैं। पांच आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उन्हें नोटिस जारी कर दिए हैं। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। भागवत ने विजयादशमी पर क्या कहा? नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी कार्यक्रम को संबोधि कियाा। उन्होंने हिंदुओं से एक होने की अपील की। भागवत ने बांग्लादेश का उदाहरण दिया और कहा कि पहली बार हिंदू एकजुट हुए और अपनी रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे। उन्होंने कहा कि जब तक अत्याचार करने की कट्टरपंथी प्रकृति बनी रहेगी तब तक न केवल हिंदू बल्कि सभी अल्पसंख्यक खतरे में रहेंगे। कमजोरी कोई विकल्प नहीं संघ प्रमुख ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, वह भारत के हिंदुओं के लिए भी सीख है। हमारे पड़ोसी बांग्लादेश में जो कुछ हुआ? इसके कुछ तात्कालिक कारण हो सकते हैं और जो लोग चिंतित हैं, वे इस पर चर्चा करेंगे। मगर मूल मुद्दा हिंदुओं के खिलाफ बार-बार हो रहा अत्याचार है। भागवत ने आगे कहा कि अगर हम कमजोर हैं तो हम अत्याचार को आमंत्रित कर रहे हैं। हम जहां भी हैं, हमें एकजुट और सशक्त होने की जरूरत है। कमजोरी कोई विकल्प नहीं है। बांग्लादेश पर भड़के भागवत भागवत ने कहा कि बांग्लादेश में ऐसी चर्चाएं चल रही हैं कि उन्हें पाकिस्तान का साथ देना चाहिए क्योंकि उसके पास परमाणु शक्ति है और उन्हें भारत से खतरा है। उन्होंने कहा कि जिस देश को उसके निर्माण में पूरा समर्थन मिला, वह अब भारत के खिलाफ इस तरह के बयान को बढ़ावा दे रहा है।

हरियाणा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस अब ईवीएम पर सवाल उठाने लगी, कहा- ’20 सीटों पर हुआ घपला’

नई दिल्ली हरियाणा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस अब ईवीएम पर सवाल उठाने लगी है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी ने चुनाव आयोग को 20 सीटों की सूची भेजी है, जहां हाल ही में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में मतगणना के दौरान उम्मीदवारों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों पर लिखित और मौखिक शिकायतें की हैं। ईवीएम की बैटरी पर सवाल एएनआई से बात करते हुए खेड़ा ने कहा, हमने चुनाव आयोग को 20 सीटों की सूची भेजी है, जिसके बारे में हमारे उम्मीदवारों ने 99 प्रतिशत बैटरी चार्ज होने की लिखित और मौखिक शिकायतें की हैं। यह मुद्दा मतगणना के दिन उठाया गया था, यह एक अजीब संयोग है कि जिन मशीनों में 99 प्रतिशत बैटरी चार्ज दिखाई गई, वे वही मशीनें थीं, जिन पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। 60-70 प्रतिशत बैटरी चार्ज वाली मशीनें वे थीं, जिन पर कांग्रेस जीती। ऐसा क्यों हुआ? आयोग से कार्रवाई करने की मांग कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपा और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आयोग इस मुद्दे का संज्ञान लेगा और उचित निर्देश देगा। पार्टी महासचिव और संचार प्रभारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “9 अक्टूबर को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव आयोग को शिकायतों से भरा ज्ञापन सौंपा था। इसे आगे बढ़ाते हुए आज हमने हरियाणा के 20 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया में गंभीर और स्पष्ट अनियमितताओं को उजागर करते हुए एक अद्यतन ज्ञापन दिया है। हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग इसका संज्ञान लेगा और उचित निर्देश जारी करेगा।” इन 20 सीटों के नाम शामिल हरियाणा के जिन 20 विधानसभा क्षेत्रों पर कांग्रेस ने अनियमितताओं का आरोप लगाया है, उनमें नारनौल, करनाल, डबवाली, रेवाड़ी, होडल, कालका, पानीपत सिटी, इंद्री, बड़खल, फरीदाबाद एनआईटी, नलवा, रानिया, पटौदी (एससी), पलवल, बल्लभगढ़, बरवाला, उचाना कलां, घरौंडा, कोसली और बादशाहपुर शामिल हैं। इससे पहले केसी वेणुगोपाल, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, अशोक गहलोत, प्रताप सिंह बाजवा, जयराम रमेश, पवन खेड़ा, अजय माकन और उदय भान सहित कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों पर अपनी चिंताओं को दूर करने के लिए चुनाव आयोग से मिलने गया था। मशीनें सील करने की मांग कांग्रेस नेताओं की चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए खेड़ा ने कहा था कि मतगणना के दिन कुछ मशीनें 99 प्रतिशत और अन्य सामान्य मशीनें 60-70 प्रतिशत पर थीं। हमने मांग की कि जांच पूरी होने तक उन मशीनों को सील और सुरक्षित रखा जाना चाहिए। हमने चुनाव आयोग से यह भी कहा कि अगले 48 घंटों में हम बाकी शिकायतें भी उनके सामने पेश करेंगे।

माली में बारिश और बाढ़ के कारण लोगों को काफी परेशानियों, अब तक 177 लोगों की मौत, 148 घायल

बमाको माली में बारिश के मौसम की शुरुआत से आई बाढ़ से कम से कम 177 लोगों की मौत हो गई है। बारिश और बाढ़ के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को माली के इंटर मिनिस्ट्रियल कमेटी फॉर क्राइसिस एंड डिजास्टर मैनेजमेंट की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश में बाढ़ की 656 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 148 लोग घायल हुए और 37,999 घर ढह गए। इस बाढ़ से 47,955 परिवारों के 264,646 लोग प्रभावित हुए हैं। माली के शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि 128 पब्लिक स्कूल बाढ़ पीड़ितों के आश्रय के रूप में उपयोग किए जा रहे हैं। 167 स्कूल पानी में डूबे हुए हैं और 256 स्कूलों की इमारतें ढह गई हैं। देश भर में भारी बारिश जारी है, जिससे नदियां और उनकी सहायक नदियां उफान पर हैं। अधिकारियों ने बार-बार निवासियों से बाढ़-ग्रस्त क्षेत्रों को खाली करने, पैदल, बाइक या कार से बाढ़ वाली सड़कों पर जाने से बचने का आग्रह किया है। साथ ही नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे उफनती नदियों से दूर रहें और भारी बारिश के दौरान घर के अंदर रहें। माली सरकार ने 23 अगस्त को राष्ट्रीय आपदा की घोषणा की थी, जिसके कारण स्कूलों के नए सत्र की शुरुआत 1 अक्टूबर से 4 नवंबर तक स्थगित कर दी गई।

मुनिश्री विशांत सागर घुवारा आए थे, जहा उनके शिष्य ने जैन समाज की लड़की को भगा ले गया, परिवारवालो ने मुनिश्री को पीटा

छतरपुर मुनिश्री के सेवकों में शामिल एक शिष्य जैन समाज की लड़की को भगा ले गया। लड़की भागे जाने की जानकारी जैन परिवार को लगी तो परिवार के लोग शनिवार सुबह करीब पांच बजे मुनिश्री के पास पहुंचे और उनके साथ मारपीट कर दी और गाली गलाैज की गई। बाद में समाज के लोगों ने उक्त परिवार के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाने में करीब सात लोगों पर मारपीट सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जैन समाज के लोगों ने बताया कि घटना छतरपुर जिले के घुवार क्षेत्र की है। जहां मुनिश्री 1008 विशांत सागर महाराज चतुर्थ मास में घुवारा आए थे। उनके साथ शिष्यों में शामिल एक शिष्य का किसी लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा होगा। वह 10 हजार के वेतन पर था। बीते दिवस वह दोनों भाग गए। शिष्य फिरोजाबाद का रहने वाला बताया गया है। लड़की को भगाकर ले जाने के मामले में जैन परिवार के लोग एकत्रित होकर मुनिश्री के पास पहुंचे। जिन्होंने शुक्रवार को रात के समय हंगामा किया और गेट तोड़ने की कोशिश की गईं। गालियां दी तब मुनिश्री साधना में लीन थे। जब वह बाहर नहीं आए तो दूसरे दिन शनिवार को सुबह पांच बजे पहुंच गए और मुनिश्री के साथ मारपीट कर दी। बाद में समाज के सभी लोग एकत्रित हुए और थाने पहुंचे। साथ ही मुनिश्री के साथ धरने पर बैठ गए। पुलिस ने आरोपित सुरेंद्र जैन, जिनेंद्र जैन, महेंद्र जैन, नरेंद्र जैन सहित उनके लड़कों पर मामला दर्ज कर लिया है। अब जैन समाज के लोगों की बड़ी बैठक बुलाई गई है। जिसमें अन्य जिलों से करीब एक हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई है। मामले को लेकर भगवां थाना प्रभारी रामस्वरूप उपाध्याय ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर मामला जांच में ले लिया है।

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