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बैठक में राजनीतिक दलों के समर्थन पर होगी चर्चा, पाकिस्तान-शहबाज कैबिनेट ला रही संविधान संशोधन का प्रस्ताव

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में सरकार द्वारा लाए जाने वाले संविधान संशोधन प्रस्ताव को लेकर शहबाज शरीफ सरकार ने रविवार को कैबिनेट बैठक बुला ली। बीते कुछ महीनों में प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आम राय बनाने की कोशिश में जुटी पीएमएल-एन के नेतृत्व वाली सरकार को कोई खास सफलता नहीं मिली। खासकर इमरान की पीटीआई संविधान संशोधन प्रस्ताव का जबरदस्त विरोध कर रही है। वहीं, शहबाज की पार्टी की सहयोगी मानी जाने वाली मौलाना फजलुर रहमान की पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) भी इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं हुई है। बताया गया है कि जेयूआई-एफ के प्रमुख रहमान के साथ इस्लामाबाद में उनके आवास पर कई बैठकों के बाद भी इस प्रस्ताव को लेकर सहमति नहीं बन पाई। यह तब हुआ है, जब पाकिस्तान की नेशनल असेंबली और सीनेट के सत्र देरी से शुरू हुए। चौंकाने वाली बात यह है कि मौलाना फजलुर रहमान की पार्टी इस संविधान संशोधन प्रस्ताव पर इमरान खान की पार्टी की सम्मति भी चाहती है और इसे लेकर पीटीआई से बातचीत जारी है। शनिवार को पीटीआई का नेतृत्व फजलुर रहमान से मिला। उन्होंने बताया कि इमरान की पार्टी रविवार तक इस मुद्दे पर फैसला कर सकती है। दूसरी तरफ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने भरोसा जताया कि फजलुर रहमान पीटीआई को इन संविधान संशोधनों के समर्थन में लाने में कामयाब होंगे। बिलावल ने कहा है कि पीटीआई ने सरकार के प्रस्ताव पर जो चिंताएं जाहिर की थीं, उन पर विचार किया गया और संविधान संशोधन से हटा दिया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोमवार को रहमान खुद ही इस प्रस्ताव को नेशनल असेंबली में पेश करेंगे। संविधान संशोधन पर पीटीआई का क्या है रुख? मामले पर पीटीआई के अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर खान ने कहा कि उन्हें पता चला है कि पार्टी के दो सीनेटर जरका तैमूर और फैसल सलीम पार्टी की नीति के खिलाफ जाकर वोट करेंगे। हालांकि, इमरान खान के स्पष्ट निर्देशों के बिना संविधान संशोधनों पर चर्चा में प्रगति नहीं कर पाई है। क्या है संविधान संशोधन, जिसे पेश करना चाहती है शहबाज सरकार? चौंकाने वाली बात यह है कि संविधान संशोधनों को लेकर शहबाज सरकार ने सार्वजनिक तौर पर कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। हालांकि, उस पर पीटीआई ने आरोप लगाए हैं कि संविधान संशोधन के जरिए पाकिस्तान सरकार न्यायपालिका पर कब्जा करने की तैयारी कर रही है। उसने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने संबंधी विधेयक के बारे में अटकलों के बीच कुछ और ही योजना बना ली है। बताया जा रहा है कि सरकार संसद में एक व्यापक न्यायिक सुधार पैकेज पेश करने वाली है। इसके तहत मुख्य न्यायाधीश को चुनने का हक प्रधानमंत्री के पास चला जाएगा। प्रस्ताव में जो सबसे अहम बात है वो मुख्य न्यायाधीश की नई नियुक्ति प्रक्रिया है। प्रस्तावित बदलावों के तहत संसदीय समिति और न्यायिक आयोग का विलय किया जा सकता है। इसके अलावा, वरिष्ठतम न्यायाधीश को स्वचालित रूप से नियुक्त करने के बजाय, पांच वरिष्ठ न्यायाधीशों का एक पैनल प्रधानमंत्री के पास भेजा जाएगा, जो अंतिम निर्णय लेंगे। न्यायपालिका के अंदर होने वाली राजनीति पर लगेगी रोक सरकार का मानना है कि वरिष्ठतम न्यायाधीश को नियुक्त करने की मौजूदा प्रथा न्यायपालिका के भीतर पैरवी को बढ़ावा देती है, जिससे मुख्य न्यायाधीश को अपने पसंदीदा उत्तराधिकारियों के पक्ष में वरिष्ठता सूची में हेरफेर करने की अनुमति मिलती है।प्रधानमंत्री को फैसला लेने की यह शक्ति देकर, सरकार न्यायपालिका के भीतर आंतरिक राजनीति पर अंकुश लगाने की उम्मीद कर रही है। न्यायाधीशों के स्थानांतरण करने की भी होगी अनुमति इतना ही नहीं, सुधार पैकेज में एक हाईकोर्ट से दूसरे हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के स्थानांतरण की अनुमति देने का प्रस्ताव भी शामिल है। यह एक ऐसा कदम जो न्यायिक प्रणाली के भीतर लचीलापन बढ़ाएगा।

समूचे विश्व में पूजा होती है गणेश की

किसी भी शुभ कार्य से पूर्व गणपति का पूजन भारतीय परम्परा की विशिष्टता है। गणपति को विघ्नेश, एकदन्त, गणपति, गजानन, गणनायक, गणाधिपति, गणाध्यक्ष तथा लम्बोदर इत्यादि अनेकानेक नामों से पूजा जाता है। गणेश जी का स्वरूप गणपति का आदर्श माना जाता है। यही वजह है कि लोक-चेतना में उनका यह स्वरूप इतना समाया हुआ है कि प्रत्येक मांगलिक कार्य तथा विधि-विधान उन्हीं के पावन स्मरण, आह्वान तथा पूजा-अर्चना से शुरू होता है। ऋद्धि-सिद्धि के देव ऋद्धि-सिद्धि के देव गणेशजी न केवल भारत में, अपितु तिब्बत, चीन, बर्मा, जापान, जावा तथा बाली इत्यादि तमाम देशों में भी विभिन्न रूपों में पूजे जाते हैं। यही नहीं, इन देशों में गणेशजी की प्रतिमाएं भी चप्पे-चप्पे पर देखने को मिल जायेंगी। सफलता समृद्धि की सहचरी है, इसलिए बिना किसी व्यवधान के कार्य संपन्न कराने हेतु स्वयमेव सफलता प्राप्ति की दृष्टि से ही गणेश लाभ व लक्ष्य के स्वामी होकर सर्व पूजनीय हो गये। भारतीय पुराणों में, गणेश जी की अनेकों कथाएं समाहित हैं बल्कि गणेश-पुराण तक भी देखने को मिलता है। गणेशजी की महिमा सीमाओं की संकीर्णता से परे है, इसलिए पश्चिमी देशों की प्राचीन संस्कृतियों में भी गणेश की अवधारणा विद्यमान है। पश्चिम में रोमन देवता जेनस को गणपति के ही समकक्ष माना गया है, ऐसा माना जाता है कि जब भी इतालवी व रोमन इष्ट जेनस का नाम लेते थे। 18वीं शताब्दी के संस्कृत के प्रकांड विद्वान विलियम जोन्स ने जेनस व गणपति की पारम्परिक तुलना करते हुए माना है कि गणेश में जो विशेषताएं पाई गयी हैं वे सभी जेनस में भी हैं। यहां तक कि रोमन व संस्कृत शब्दों के उच्चारण में भी इतनी समानता है कि इन दोनों देवों में अंतर नहीं किया जा सकता। भारत से बाहर विदेशों में बसने वाले भारतीयों ने भारतीय संस्कृति की जड़ों को काफी गहराई तक फैलाने का प्रयास किया और इन पर भारतीय देवताओं की पूजा उपासना का स्पष्ट प्रभाव था, जो आज भी है। विदेशों में प्रकाशित पुस्तक गणेश ए मोनोग्राफ आफ द एलीफेन्ट फेल्ड गाड में जो तथ्य उजागर किये गये हैं, उससे इस बात का स्पष्ट प्रमाण मिलता है कि विश्व के कई देशों में गणेश प्रतिमाएं बहुत पहले से पहुंच चुकी हैं और विदेशियों में भी गणेश के प्रति श्रद्धा और अटूट विश्वास रहा है। विदेशों में पाई जाने वाली गणेशजी की प्रतिमाओं में इनके विभिन्न स्वरूप अलग-अलग देखे गये हैं। जावा में गणेश की मूर्तियों में वे पालथी मार कर बैठे दिखाए गये हैं, उनके दोनों पैर जमीन पर टिके हुए हैं व उनके तलुए आपस में मिले हुए हैं। हमारे देश में, गणेशजी की मूर्तियों में उनकी सूंड प्रायः बीच में दाहिनी या बाई ओर मुड़ी हुई है किन्तु विदेशों में वह पूर्णतया सीधी, सिरे पर मुड़ी हुई है। जापान और चीन में जापान में गणेश को कांतिगेन नाम से पुकारा जाता है। यहां पर बनी गणेशजी की मूर्तियों में दो या चार हाथ दिखाये गये हैं। सन् 804 में जब जापान का कोबो दाइशि धर्म की खोज करने हेतु चीन गया तो उसे वहां व्रजबोधि और अमोधवज नामक भारतीय आचार्य विद्वानों द्वारा मूल ग्रंथों का चीनी अनुवाद करने का मौका मिला तो चीन की मंत्र विद्या प्रणाली में गणेशजी की महिमा को भी वर्णित किया गया। सन् 720 में चीन की राजधानी लो-यांग पहुंचा अमोध्वज, जो भारतीय मूल का ब्राह्मण था जिसे चीन के कुआंग-फूं मंदिर में पुजारी के रूप में नियुक्त किया गया था। बाद में अमोह वज्र से एक चीनी धर्म परायण व्यक्ति हुई-कुओ ने पहले दीक्षा ली, फिर उसने कोषो-दाइशि को दीक्षा दी जिसने वहां के विभिन्न मठों से संस्कृत की पांडुलिपियां एकत्र की व सन् 806 में जब वह जापान लौटा तो वज्र धातु के महत्वपूर्ण सूत्रों के साथ ही गणेशजी के चित्र भी साथ ले गया जिसे सुख-समृद्धि परब्रहम की जानमयी शक्ति के रूप में माना गया। जापान के कोयसान सन्तसुजी विहार में गणेश की चार चित्रावलियां रखी गयी हैं जिनमें युग्म गणेश, षड़भुज गणेश, चतुर्भुज गणेश तथा सुवर्ण गणेश प्रमुख हैं। तिब्बत में गणेश पूजन तिब्बत के हरेक मठ में भी गणेश पूजन की परम्परा काफी पुरानी है। यहां गणपति अधीक्षक के रूप में पूजे जाते हैं। नौवीं शताब्दी के पूर्वार्ध्द में ही तिब्बत के अनेक स्थानों में गणेश पूजा का प्रचलन शुरू हो गया था। चीन के तुन-हु-आंग में एक पहाड़ी गुफा की दीवार पर गणेश की प्रतिमा उकेरी गयी है तो साथ ही सूर्य, चंद्र व कामदेव की मूर्तियां भी अंकित हैं। ये मूर्तियां सन् 644 में स्थापित की गयी थीं। गणेश की मूर्ति के नीचे चीनी भाषा में लिखा हुआ है कि ये हाथियों के अमानुष राजा है। चीन में भी गणपति कांतिगेन कहलाते हैं। कम्बोडिया की प्राचीन राजधानी अंगकोखाट में जो मूर्तियों का खजाना मिला है, उसमें भी गणेश के विभिन्न रंग-रूप पाये गये हैं। वैसे यहां कांसे की मूर्तियों का प्रचलन है। स्याम देश जहां पर बसे भारतीयों ने वैदिक धर्म को कई सौ वर्ष पूर्व ही प्रचारित कर दिया था, के कारणवश यहां पनपी धार्मिक आस्था के फलस्वरूप यहां निर्मित की गयी गणेश की मूर्तियां अयूथियन शैली में दिखाई देती है। स्याम देश में वैदिक धर्म राजधर्म के रूप में प्रसिद्ध था जिसके कारण यहां आज भी धार्मिक अनुष्ठान वैदिक रीति से ही सम्पन्न होते हैं। अमेरिका में तो लंबोदर गणेश की प्रतिमाएं बनायी जाती हैं। वैसे अमेरिका की खोज करने वाले कोलम्बस से पूर्व ही वहां सूर्य, चंद्र तथा गणेश की मूर्तियां पहुंच गयीं थी। विश्व के कई देश ऐसे भी हैं जहां खुदाई के दौरान भारतीय देवताओं की मूर्तियां मिली हैं लेकिन विशेषता यह रही कि इनमें गणेशजी हर जगह विद्यामान थे। ये मूर्तियां हजारों वर्ष पूर्व की होने का अनुमान लगाया गया है। कुल मिलाकर विघ्नहरण विनायक, जहां समूचे विश्व में पूजा जा रहे हैं, वहीं भारत में भी विभिन्न प्रांतों में 10वीं शताब्दी की प्राचीन मूर्तियों में भी गणेशजी के अनेकानेक रूप मिले हैं जिन्हें प्रदेशों की स्थानीय बोली में विभिन्न नामों से पुकारा जाता है।  

करवाचौथ पर मेहंदी लगा रही एक महिला के ऊपर चढ़ा ट्रैक्टर, हुआ दर्दनाक हादसा, महिला घायल

पटियाला पटियाला के त्रिपड़ी इलाके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें नशे में धुत एक ट्रैक्टर ड्राइवर को कुछ लोग बुरी तरह पीटते नजर आ रहे हैं। यह सारी पिटाई पुलिस की निगरानी में हो रही है।  मामला यह है कि एक ट्रैक्टर चालक अपने साथी के साथ नशे की हालत में था और तेज रफ्तार से आ रहा ट्रैक्टर बाजार में भगा रहा था। इसी दौरान उसने चौक पर मेहंदी लगा रही एक महिला के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। जिसके बाद घायल महिला के पति ने ट्रैक्टर के ऊपर चढ़कर पुलिस के सामने ही ट्रैक्टर चालक की पिटाई कर दी। फिलहाल, त्रिपड़ी थाने की पुलिस ने ट्रैक्टर चालक को गिरफ्तार कर लिया और उसका मेडिकल कराया गया।

आहार और योग से मजबूत बनाए रखें अपनी हड्डियां

मजबूत हड्डियां हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मगर बाजार में मिलने वाले जंक फूड का सेवन जिस तरह हमारी हड्डियों को कमजोर बना रहा हैं, वह चिंता का विषय है। युवा पीढ़ी में हड्डियां संबंधित बीमारियां इसीलिए बढ़ रही हैं। लिहाजा बच्चों को जंक फूड से दूर रखना जरूरी है। ताकि युवावस्था में इनकी हड्डियां मजबूत रहें। 30 साल की उम्र के बाद हड्डियों में खनिज की सघनता कम होने लगती है जिसे नियंत्रित करने के लिए व्यायाम बहुत जरूरी हैं। हड्डियों को क्रियाशील ऊतक माना जाता हैं, ऐसे में व्यायाम इनकी मजबूती बढ़ाता है। हड्डियां शरीर की सामान्य गतिविधि और व्यक्ति की स्वस्थ जीवनशैली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हड्डियां न सिर्फ शरीर को संतुलित रखती हैं, बल्कि हृदय, फेफड़े पसली को सुरक्षित रखने के अलावा शरीर के लिए आवश्यक खनिज संजय करना यह सब हड्डियों का ही काम है। उम्र बढ़ने के साथ हड्यिां भी कमजोर पड़ने लगती हैं। ऐसे में इनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है। हड्डियों की कमजोरी शरीर की सक्रियता भी बाधित करती हैं। दरअसल, हड्डियां खनिज और कैल्शियम की संघटक होती हैं। मगर हड्डियों की मजबूती में कैल्शियम की महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं। 30 साल के बाद से इनके नुकसान की प्रक्रिया तेज हो जाती है। जब इनमें कैल्शियम और खनिज की मात्रा घटने लगती हैं, तो हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और हल्की सी चोट लगने पर भी यह टूट सकती हैं। इस स्थिति को आस्टियोपोरोसिस कहते हैं। ज्यादा उम्रदराज लोगों में यह समस्या आम है। हड्डियों की मजबूती के लिए जितना जरूरी स्वस्थ आहार है, उतना ही जरूरी योग व व्यायाम भी हैं। हड्डियों की मजबूती ऐसे लोगों में ज्यादा उम्र तक रहती है, जो व्यायाम करते है। इनमें सबसे फायदेमंद होता है वजन उठाने वाले व्यायाम। यह हड्डियों पर अतिरिक्त दबाव देते हैं और इससे हड्डियों को मजबूती मिलती हैं। वजन उठाने वाले व्यायाम बीस साल की उम्र से ही शुरू कर देना चाहिए। डांस और एरोबिक्स आपको तनाव मुक्त रखते हैं और हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती भी देते हैं। अगर आपको नृत्य का शौक हैं तो इससे बेहतर व्यायाम हड्डियों के लिए नहीं हो सकता। जीवन भर अगर हड्डियों की मजबूती बनाएं रखना चाहते हैं तो सीढ़ियों का इस्तेमाल ज्यादा करें। रोजना तेज कदमों से कुछ घंटे चलना भी हड्डियों की उम्र बढ़ाता है। सबसे बेहतर व्यायाम है- दौड़ लगाना। इससे आपका वजन नियंत्रित रहेगा जिससे हड्डियों पर ज्यादा दबाब नहीं पड़ेगा। दौड़ लगाना दिल को स्वस्थ रखता हैं साथ ही हड्डियों और मांसपेशियों को भी दुरूस्त रखता हैं। एक बात का ध्यान जरूर रखें अगर आप किसी भी प्रकार का दर्द या चलने-फिरने में तकलीफ महसूस करें तो पहले डॉक्टर की सलाह ले लें। हड्डियों को मजबूती देने के लिए योग सबसे बेहतर व्यायाम हैं। इसके अलावा मुद्रा वाले व्यायाम उनके लिए फायदेमंद हैं जो घंटों बैठकर कम्प्यूटर के आगे काम करते हैं। लगातार बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी में तकलीफ बढ़ जाती है। मुद्रा वाले व्यायाम कंधों और पीठ दर्द से राहत देते हैं। हमेशा शरीर का सही संतुलन बनाकर रखें और स्वस्थ आहार जरूर लें।  

जालंधर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, बंबीहा-कौशल गैंग के 5 गुर्गे हथियारों सहित गिरफ्तार किए गए

जालंधर जालंधर पुलिस को उस वक्त बड़ी कामयाबी मिली जब बंबीहा-कौशल गैंग के 5 गुर्गे गिरफ्तार किए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त गुर्गे पंजाब में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। 3 लोगों को निशाना बनाया जा रहा था, जो आरोपियों की गिरफ्तारी से टल गया। आरोपियों के पास से 8 पिस्तौल, एक रिवॉल्वर और 15 कारतूस बरामद किए गए हैं। इनके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैंय़ उनके बारे में कहा जाता है कि वे जबरन वसूली, हत्या और हथियारों की आपूर्ति जैसे संगठित अपराध में शामिल थे।

अस्पताल में किया भर्ती, असम शोक समारोह में स्नैक्स खाने से 200 लोगों की तबीयत बिगड़ी

गुवाहटी. असम के गोलाघाट जिले में एक शोक समारोह के दौरान स्नैक्स खाने के बाद फूड पॉयजनिंग के कारण लगभग 200 लोग बीमार हो गए। यह घटना शनिवार रात की है। सरूपथार इलाके के उरीआमघाट के पसघोरिया गांव में कई लोग प्रदीप गोगोई की मां के शोक सभा में शामिल होने के लिए एकत्रित हुए। एक अधिकारी ने बताया कि इस दौरान अतिथियों को पारंपरिक जलपान परोसा गया। अधिकारी ने कहा, जलपान खाने के बाद लोगों ने पेट दर्द, सिर दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत की। 53 लोगों को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उनमें से दो को जोरहाट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया। अधिकारी ने कहा, पीड़ितों की स्थिति फिलहाल ठीक है। इलाज के बाद कई लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। करीब 150 लोगों, जिनमें मामूली लक्षण दिखे, वे अभी अपने-अपने घरों में हैं। उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। सरूपथार के भाजपा विधायक बिस्वाजीत फुकन ने अस्पताल का दौरा किया और लोगों की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा, “जिला प्रशासन ने मुझे सूचित किया कि खाद्य निरीक्षक गांव का दौरा करेंगे और फूड पॉयजनिंग के कारणों की जांच करेंगे।” भाजपा विधायक ने आगे कहा कि गांव के मेडिकल कैंप लगाया गया है और ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समारोह में आए सभी लोगों के घर पर मेडिकल टीम भेजी गई है। टीम स्वास्थ्य स्थितियों पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। फिलहाल किसी भी व्यक्ति में कोई गंभीर लक्षण नहीं दिख रहे हैं।

सेफ मोबाइल बैंकिंग के लिए अपनाएं ये 5 तरीके

आज ट्रांजेक्शन के लिए लगभग हर व्यक्ति मोबाइल बैंकिंग का यूज करता है,लेकिन यह बात परेशानी का कारण तब बन जाती है अगर आपका मोबाइल खो जाएं या चोरी हो जाएं। इसलिए थोड़ी सी लापरवाही आपके लिए खतरे का अलार्म लेकर आ सकती है और ऐसे में जरूरत पड़ती है कि आप सोच-समझकर मोबाइल बैंकिंग का उपयोग करेंः प्राइवेट इंफॉर्मेंशन का रखें ख्याल: मोबाइल बैंकिंग का यूज करते समय प्राइवेट इंफॉर्मेशन जैसे- अकाउंट नंबर, डेट ऑफ बर्थ, पासवर्ड, डेबिटध्क्रेडिट कार्ड और पैन कार्ड जैसी निजी जानकारियां गोपनीय रखें अन्यथा हैकर्स आपका बैंक अकाउंट हैक करके आसानी से आपको नुकसान पहुंचा देंगे, इसलिए जरूरत है फोन को सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर से सुरक्षित किया जाएं। पब्लिक वाइ-फाइध्ब्लूटूथ से बचें: अगर मोबाइल बैंकिंग का यूज कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि गलती से भी पब्लिक वाइ-फाइ व मोबाइल ब्लूटूथ का उपयोग न करें, क्योंकि इनके द्वारा वायरस आपके मोबाइल पर अटैक कर सकता है। इस खतरे से बचने के लिए आप मोबाइल में एंटी वायरस फायरबॉल और सेफ्टी सॉफ्टवेयर टाइम-टाइम पर अपडेट करते रहें। ब्राउजिंग हिस्ट्री का रखें ध्यान: जब भी आप मोबाइल बैंकिंग का यूज करते हैं तो तभी अपने स्मार्टफोन से ब्राउजिंग हिस्ट्री डिलीट करते जाएं, इससे अगर फोन खो जाएं या हैक हो भी हो जाएं तो आपको नुकसान नहीं होगा। स्ट्रांग पासवर्ड लगाएं: जब भी आप मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं क्या उसमें ऑटोलॉक लगाकर रखते हैं? सेफ मोबाइल बैंकिंग के लिए अपने मोबाइल में ऑटोलॉक जरूर लगाएं। इसके लिए आप कैरेक्टर, न्यूमैरिक और स्पेशल कैरेक्टर्स का 8 डिजीट वाला या उससे ज्यादा के कैरेक्टर का एक स्ट्रांग पासवर्ड चुनें। ट्रस्टेड साइट पर ब्राउजिंग करें: जब भी मोबाइल में ब्राउजिंग करें तो ध्यान रखें कि साइट विश्वसनीय हो, विशेषकर अगर आप गेम्स, एप्स, गाने और वीडियो डाउनलोड कर रहे हैं। बहुत बार देखा गया है कि किसी भी साइट से डाउनलोड करना महंगा साबित हो जाता है चूंकि डाउनलोडिंग के साथ-साथ वायरस अटैक का खतरा और बढ़ जाता है।  

कांग्रेस ने किया कार्यकर्ता सम्मेल को लेकर मंत्री टंक राम वर्मा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

रायपुर छत्तीसगढ़ में रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने को हैं. भाजपा ने पूर्व सांसद सुनील सोनी को प्रत्याशी घोषित किया है. वहीं कांग्रेस ने अभी तक प्रत्याशी तय नहीं किया है. भाजपा इस उपचुनाव को लेकर काफी कॉन्फिडेंट है, तो वहीं कांग्रेस ने आज प्रदेश कार्यकर्ता सम्मेल का आयोजन किया है, जिसमें प्रत्याशी के नाम को लेकर मंथन किया जाएगा. इस सम्मेलन को लेकर खेल एवं राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जैसे लोकसभा चुनाव में उनको (कांग्रेस) डर था, उनको प्रत्याशी नहीं मिल रहा था, वैसे ही दक्षिण में प्रत्याशी किसको बनाये, ये उनके लिए मुश्किल है. उन्होंने आगे कहा कि आगामी रायपुर दक्षिण के उपचुनाव में भी कांग्रेस की हार होगी और नगर निगम व त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भी हार होगी. उन्होंने पूर्व सांसद सुनील सोनी को दक्षिण से प्रत्याशित घोषित करने को लेकर कहा- सुनील सोनी महापौर रहे हैं वरिष्ट नेता हैं. सांसद भी रहे हैं, अच्छे नेता है और दक्षिण विधानसभा से प्रत्याशी बनाये गए हैं. मैं उनको बधाई देता हूं. पार्टी में प्रत्याशी नहीं पार्टी चुनाव लड़ता है, कमल का फूल चुनाव लड़ता है. वहीं बीजेपी पार्टी में दावेदारी को लेकर उन्होंने कहा कि बीजेपी में बगावत जैसी बात नहीं है, दावेदार कई होंगे पर प्रत्याशी एक ही होता है. सब तन मन लगाकार काम करते है. बीजेपी में संगठन चुनाव को लेकर भी मंत्री वर्मा ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सदस्यता महाभियान चल रही है. अभी सक्रिय सदस्य बनाने के लिए भी अभियान शुरू हो गया है. संगठन के लिए फिर से चुनाव होगा. कांग्रेस के बयान पर किया पलटवार छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में आज एयरपोर्ट का लोकार्पण किया जाना है. इसे लेकर कांग्रेस के बयान पर मंत्री वर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि ये लोग कुछ भी बोल सकते हैं. देश के प्रधानमंत्री के कार्यकाल में तरक्की हुई है. पहले 74 एयरपोर्ट था, अब 250 हो गए है. 2018 तक हमने जितना काम किया था, उनका उद्घाटन ही किया है. इन्होंने अपने 5 साल के कार्यकाल में कुछ नहीं किया है.

तेज धमाके की सुनी गई आवाज, मंगलूरू में ट्रेन पलटाने रेलवे ट्रैक पर रखे पत्थर

मंगलूरू. देश में ट्रेनों को बेपटरी करने की साजिशों का खुलासा हो चुका है। ताजा मामला कर्नाटक के मंगलूरू का है, जहां रेलवे ट्रैक पर बजरी और पत्थर रखकर ट्रेन को पलटाने की नापाक साजिश रची गई। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि मंगलूरू-उल्लाल के पास रेलवे ट्रैक पर कुछ बदमाशों ने जानबूझकर बजरी और पत्थर रखे हैं, जिससे इस क्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेनों को गंभीर खतरा पैदा हो गया। शनिवार रात को उल्लाल से करीब 3 किलोमीटर दूर कपिकाड और गणेशनगर के बीच टोक्कोट्टू के पास रेलवे ट्रैक पर पत्थर बिखरे मिले। केरल की ओर आने वाली ट्रेन के उस स्थान से गुजरने पर स्थानीय लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। तेज आवाज सुनने के बाद पहले स्थानीय निवासियों ने इसे वाहनों की आवाजाही के कारण होने वाली आवाज समझा, लेकिन आगे की जांच में पता चला कि ट्रैक को अवरुद्ध करने के लिए रखे गए पत्थरों से ट्रेन के टकराने से यह आवाज आई थी। गनीमत रही कि ट्रेन बेपटरी नहीं हुई और बड़ा हादसा नहीं हुआ। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत रेलवे पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस की जांच में पता चला कि ट्रैक पर पत्थर और बजरी रखकर ट्रेन को पलटने की साजिश रची गई थी। पुलिस घटना की जांच में जुटी घटना शनिवार रात करीब आठ बजे की है। पद्मा नाम की स्थानीय महिला ने शनिवार शाम को रेलवे ओवरब्रिज के पास कुछ अज्ञात संदिग्धों को घूमते भी देखा था। जब वह घर लौटी, तभी उसने तेज धमाके की सी आवाज सुनी। घटना के बाद दक्षिण कन्नड़ की रेलवे सलाहकार समिति के आनंद शेट्टी बागम्बिला और स्थानीय पुलिस के साथ ही जीआरपी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। स्थानीय लोगों ने घटना के बाद इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है। वहीं घटना की जांच की जा रही है। 

पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, लग्जरी कार से 2 क्विंटल गांजा जब्त

रायपुर छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें आधी रात लग्जरी गाड़ियों में गांजे की तस्करी कर रहे एक हाईप्रोफाइल तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो लग्‍जरी गाड़ियों से करीब 2 क्विंटल गांजा जब्त किया है। जब्त किए गए गांजे की कीमत लगभग 25 से 30 लाख रुपए आंकी जा रही है। मंदिर हसौद थाना पुलिस की इस कार्रवाई से नशे के कारोबार में संलिप्त तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर यह अभियान चलाया, जिसमें तस्करों की पहचान और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। गिरफ्तार किए गए तस्कर का नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। पुलिस ने बताया कि तस्कर रात के समय इन लग्जरी वाहनों का उपयोग करते थे ताकि पुलिस की नजरों से बच सकें, लेकिन गुप्त सूचना के चलते पुलिस ने उन्हें पकड़ने में सफलता पाई। इस मामले में आगे की जांच जारी है और तस्करों के अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने वाहन को भी जब्त कर लिया है और इस मामले में जांच के लिए विभिन्न स्थानों पर छापे मारे जाएंगे। पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करने की बात कही है। यह कार्रवाई राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। रायपुर पुलिस का कहना है कि वे तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेंगे।

शपथ समारोह में पहुंचे 40 से अधिक देशों के नेता, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति बने प्रबोवो सुबियांतो

जकार्ता. इंडोनेशिया को नया राष्ट्रपति मिल गया है। प्रबोवो सुबियांतो ने आज सुबह आधिकारिक तौर पर दुनिया के सबसे अधिक मुस्लिम बहुल राष्ट्र के आठवें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इसी के साथ उन्होंने इंडोनेशिया की सैन्य तानाशाही के काले दिनों के दौरान अधिकारों के हनन के आरोपी एक पूर्व जनरल से राष्ट्रपति भवन तक की अपनी यात्रा पूरी की। 73 साल के पूर्व रक्षा मंत्री सुबियांतो ने सांसदों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में मुस्लिम पवित्र ग्रंथ कुरान पर शपथ ली। इसके बाद हजारों समर्थकों ने सड़कों पर खुशी मनाई। जकार्ता में आयोजित समारोह में हिस्सा लेने के लिए ब्रिटेन, फ्रांस, अमेरिका, सऊदी अरब, रूस, दक्षिण कोरिया, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों समेत 40 से अधिक देशों के नेता और वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। एक लाख जवान तैनात इंडोनेशियाई पुलिस और सेना ने शपथ समारोह की तैयारी के लिए जकार्ता में कम से कम एक लाख कर्मियों को तैनात किया है, जिसमें स्नाइपर और दंगा-रोधी इकाइयां शामिल हैं, जो बुधवार तक तैनात रहेंगे। इस नेता की जगह ली सुबियांतो ने राष्ट्रपति रहे जोको विडोडो की जगह ली है। वह इससे पहले भी विडोडो के सामने दो बार चुनाव लड़ चुके थे, लेकिन हार का ही सामना करना पड़ा। हालांकि, विडोडो ने अपने पुनर्निर्वाचन के बाद सुबियांतो को रक्षा प्रमुख नियुक्त किया था, जिससे उनके प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों के बावजूद गठबंधन का रास्ता साफ हो गया। अप्रैल में किया था एलान इंडोनेशिया के चुनाव आयोग ने 24 अप्रैल को एक समारोह में औपचारिक रूप से प्रबोवो सुबियांतो को राष्ट्रपति घोषित कर दिया था। प्रबोवो सुबियांतो पूर्व रक्षा मंत्री हैं। उन्होंने 58.6 फीसदी वोटों या 96 मिलियन से अधिक मतपत्रों के साथ राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की। उन्होंने अपने दोनों प्रतिद्वंदियों से भी दोगुने वोट से जीत हासिल की है। हालांकि, उनके प्रतिद्वंद्वियों ने आरोप लगाया था कि उन्होंने धोखाधड़ी से जीत हासिल की है।

महादेव सट्टा एप: सौरभ चंद्राकर को दुबई से भारत लाने की प्रक्रिया तेज, भारतीय दूतावास भेजा जाएगा डोजियर

रायपुर दुबई में गिरफ्तार महादेव एप के संचालक सौरभ चंद्राकर को भारत लाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण के लिए ईडी मुख्यालय समेत केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को डोजियर (दस्तावेज) सौंप दिया है। 21 अक्टूबर को विदेश मंत्रालय के माध्यम से डोजियर को दुबई स्थित भारतीय दूतावास को सौंपे जाने की समय सीमा तय की गई है। उसके बाद, वहां की सरकार की सहमति मिलने पर दुबई की अदालत में डोजियर पेश कर सुनवाई की जाएगी, जिसके बाद ही सौरभ के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू होगी। दुबई की अदालत के फैसले पर ही सौरभ को छत्तीसगढ़ लाने का रास्ता साफ होगा। सौरभ चंद्राकर और उनके सहयोगी रवि उप्पल, जो महादेव एप सट्टेबाजी घोटाले में शामिल हैं, जो 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है, घटना के सामने आने के बाद से दुबई में ही हैं। ईडी के सूत्रों ने बताया कि प्रत्यर्पण की कार्रवाई के लिए यूएई की अदालत से सौरभ चंद्राकर को भारत लाने का निवेदन किया गया है, जिसमें बताया गया है कि रायपुर की पीएलएमए की विशेष अदालत ने उनके खिलाफ एक गैर-जमानती वारंट जारी किया है। इसके साथ ही, सौरभ पर मनी लॉंड्रिंग से संबंधित संज्ञेय (कॉग्निजेबल) और गैर-जमानती अपराध भी दर्ज है। प्रत्यर्पण संधि के अनुसार होगा फैसला दुबई अदालत में सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि सौरभ को भारत भेजा जाना है या नहीं और अगर भेजा जाना है, तो किन शर्तों पर। ये शर्तें भारत और यूएई के बीच प्रत्यर्पण संधि के अनुसार होंगी। इस मामले में विधिक पहलू बचा हुआ है और इसके अनुकूल होने के बाद ही सौरभ को भारत लाने की उम्मीद की जा सकती है। यूएई के साथ भारत की जो संधि है, उसके तहत मनी लॉंड्रिंग के अपराध में करीब सात साल की सजा है, जिसके लिए प्रत्यर्पण किया जा सकता है। अरबी और अंग्रेजी में तैयार किया गया डोजियर ईडी के सूत्रों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर के अपराध संबंधी सभी दस्तावेजों का अरबी में अनुवाद किया गया है। इसमें विशेष न्यायाधीश के हस्ताक्षर भी हैं। छत्तीसगढ़ में कई आदेश पत्र हिंदी में होते हैं, इसलिए डोजियर को अंग्रेजी और अरबी दोनों भाषाओं में तैयार किया गया है। इसे ईडी के मुख्यालय को सौंप दिया गया है। अब हाई कमीशन आगे की कार्रवाई कर रहा है। सौरभ को भारत लाने में कितना समय लगेगा, इस बारे में ईडी के आधिकारिक सूत्र स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि यूएई में सभी दस्तावेज जाने के बाद ही प्रक्रिया शुरू होगी। वहां की अदालत तय करेगी कि कितनी तेजी से सुनवाई की जाए और क्या फैसला दिया जाए। आरोपित को भी अपना जवाब पेश करने का मौका दिया जाएगा।

हॉकी इंडिया ने की आगामी द्विपक्षीय सीरीज के लिए 22 सदस्यीय भारतीय पुरुष हॉकी टीम की घोषणा

नई दिल्ली हॉकी इंडिया ने रविवार को विश्व चैंपियन जर्मनी के खिलाफ होने वाली आगामी द्विपक्षीय सीरीज के लिए 22 सदस्यीय भारतीय पुरुष हॉकी टीम की घोषणा कर दी हैं। भारत और जर्मनी के बीच ये दोनों मुकाबले 23 और 24 अक्टूबर को मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में खेले जायेंगे। भारतीय टीम की अगुवाई हरमनप्रीत सिंह करेंगे और उप कप्तान विवेक सागर प्रसाद होंगे। चोटिल मिडफील्डर हार्दिक सिंह इस सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। इस द्विपक्षीय सीरीज में राजिंदर सिंह और आदित्य अर्जुन लागेट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करेंगे। टीम के चयन के बारे में मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा, “हम अगले सप्ताह राष्ट्रीय राजधानी में जर्मनी से मुकाबले के लिए बहुत उत्साहित हैं। भारत और जर्मनी के बीच हाल के वर्षों में कड़ी प्रतिद्वंद्विता रही है और हम नई दिल्ली में खेलने को लेकर उत्साहित हैं। हमने जो टीम चुनी है, वह अनुभवी है, जिसमें कांस्य पदक जीतने वाली पेरिस ओलंपिक टीम के कई खिलाड़ी शामिल हैं। इस सीरीज के दौरान राजिंदर और आदित्य भी अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करेंगे, उन्होंने प्रशिक्षण शिविर के दौरान बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है।” भारतीय टीम आज दोपहर बेंगलुरु से नई दिल्ली पहुंचेगी। जर्मनी के साथ होने वाली द्विपक्षीय सीरीज के लिए भारतीय टीम इस प्रकार:- गोलकीपर:- कृष्ण बहादुर पाठक, सूरज करकेरा डिफेंडर:- जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), वरुण कुमार, संजय, सुमित और नीलम संजीव जेस मिडफील्डर:- मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद (उपकप्तान), विष्णु कांत सिंह, नीलकांत शर्मा, शमशेर सिंह, मो. राहील मौसीन, राजिंदर सिंह फॉरवर्ड्स:- मनदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, आदित्य अर्जुन लालागे और दिलप्रीत सिंह और शिलानंद लाकड़ा।  

ये 10 मोबाइल एप्लीकेशन आपकी सेहत का रखेंगी ख्याल

क्या आप अपनी सेहत को लेकर हमेशा चिंता में रहते तो इन मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से अपने खाने और सेहत से जुड़ी कई दूसरी जानकारी फ्री में पा सकते हैं। अगर आपको जिम में जाने का वक्त नहीं मिलता तो एप्लीकेशन में एक्स रसाइज करने की कई टिप्स दिए गए हैं।   गारमिन फिट इस एप्लीकेशन की मदद से आप अपने फोन में जीपीएस ट्रैकर की मदद से स्पीकड, दूरी और चलने के दौरान आप कितनी कैलोरी बर्न करते हैं साथ ही आपकी हाइट के हिसाब से आपका वजन कितना होना चाहिए, ये सभी जानकारी कभी भी देख सकते हैं। अगर आप सुबह सुबह जॉग करने जाते हैं तो एप्लीनकेशन में अपनी पसंद के गाने भी सुन सकते हैं। कीमत- आईओएस और एंड्रायड में उपलब्ध मॉयफिटनेसपल क्या आप अपना वेट कम करने की चिंता में रहते है तो इस एप्लीकेशन की मदद से आप दिनभर के अपने खाने पर नजर रख सकते हैं। एप्लीईकेशन में बारकोड स्कैरन दिया गया है जिसकी मदद से आप अपने खाने को स्कै न करके दिन भर की कैलोरी पर नजर रख सकते हैं। कीमत- फ्री स्ट्रानवा साइक्लिंग स्ट्रानवा साइक्लिंग में जीपीएस ट्रैकर तो दिया ही गया है साथ में आप अपने शहर के साइकिल रूट पर भी नजर रख सकते हैं। कीमत- फ्री नाइक ट्रेनिंग क्लक अगर आप फिट रहना चाहते हैं तो नाइक क्लब एप्प की मदद से अपने रोज के वर्कआउट पर नजर रख सकते हैं, एप्लीाकेशन में आप अपनी एक्स रसाइज के समय को सेट कर सकते हैं। कीमत- फ्री फिटोक्रेसी एप्लीकेशन की मदद से आप अपनी एक्सरसाइज के टाइम पर नजर रख सकते हैं। कीमत- फ्री जिमपैक्टस जिमपैक्टस में आप अपने जिम का टार्गेट सेट कर सकते हैं अगर आप टार्गेट पूरा करते हैं तो आपको इसके लिए पैसे मिलते हैं और अगर आप अपना टार्गेट पूरा नहीं कर पाते तो इसके लिए आपको फाइन भरना होगा। काउच टू 5के काउच टू 5के एप्लीैकेशन की मदद से आप एक एक स्टेप पार करके अपनी सेहत को फिट रख सकते हैं। एप्लीककेशन में एक हफ्ते में तीन ट्रैनिंग सेशन दिए गए हैं। पॉकेट योगा पॉकेट योगा एप्लीेकेशन में योगा क्लामस दी गई हैं जिन्हें आप कभी भी अपने फोन से ज्वानइन कर सकते हैं। एप्लीककेशन में ऑडियो और विजुअल दोनों तरह के ऑप्श न दिए गए हैं। कीमत- 196 रुपए आईओएस य 187 रुपए एंड्रायड वर्क ट्रेनर वर्क ट्रेनर एप्लीीकेश्ने की मदद से आप अपनी फिटनेस पर कंट्रोल रख सकते हैं इसमें तस्वी रों की मदद से आप अपनी बॉडी को फिट रखने की टिप्सद ले सकते हैं। कीमत- फ्री, आईओएस, एंड्रायड आईमसल्सड आईमसल्सड में अपनी बॉडी को टोन करने के लिए कई तरीके दिए गए है। साथ ही आप एप्प में वीडियो और पिक्च्र भी देख सकते हैं। कीमत- 295 रुपए, आईओएस  

दिल्ली सरकार का दावा है कि दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण की बड़ी वजह बीजेपी की गंदी राजनीति है

नई दिल्ली दिल्ली में हवा की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। लोगों का जहरीली हवा में सासं लेना भी मु्श्किल हो रहा है। दीवाली से पहले ही राजधानी में प्रदूषण ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों की स्थिति के बारे में सोचकर लोग परेशान हैं। इस बीच दिल्ली सरकार का दावा है कि दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण की बड़ी वजह बीजेपी की गंदी राजनीति है। सीएम आतिशी ने कहा कि दिल्ली की हवा और पानी में प्रदूषण बीजेपी की गंदी राजनीति की वजह से बढ रहा है। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि आनंद विहार में प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह उत्तर प्रदेश से आ रही बसे हैं। दरअसल आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और पर्यावरण मंत्री प्रदूषण की स्थिति का जायजा के लिए आनंद विहार इलाके में गए थे। यहां आज सुबह 8.30 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 454 दर्ज किया गया था। इसी दौरान सीएम आतिशी ने कहा कि आनंद विहार इलाके में खराब एयर क्वालिटी का प्रमुख कारण उत्तर प्रदेश से आने वाली बसें हैं और इस पर यूपी सरकार से चर्चा की जरूरत है। वहीं गोपाल राय ने भी इस बार पर जोर देते हुए दावा किया कि इन बसों के धुआं दिल्ली का प्रदूषण दुगना हो रहा है। वहीं प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण विरोधी उपायों को सख्ती से लागू किया जा रहा है और धूल नियंत्रण उपायों के लिए टीमों का गठन किया गया है। सीएम आतिशी ने कहा हमने 99 टीमें बनाई हैं जो पूरी दिल्ली में धूल नियंत्रण के उपाय कर रही हैं। हमने 325 से अधिक स्मॉग गन तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए PWD और MCD ने अपने सभी संसाधन तैनात कर दिए हैं। आनंद विहार, दिल्ली और यूपी की सीमा पर होने के कारण, एक ऐसा हॉटस्पॉट है जहां AQI सबसे ज्यादा है। इसके अलावा उन्होंने यमुना नदी के जहरीले सफेद झागों के मुद्दे पर भी बात की और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, सिर्फ वायु प्रदूषण ही नहीं, पिछले कुछ दिनों से यमुना नदी में भी प्रदूषण बढ़ रहा है और इसके लिए मुख्य कारण बीजेपी की गंदी राजनीति है। उन्होंने कहा, पराली जलाने की घटनाओं को कम करने के लिए पंजाब में AAP सरकार ने दो साल तक काफी कोशिशें की हैं। पिछले साल पंजाब में पराली जलाना आधा कर दिया गया। उधर हरियाणा के आंकड़ों पर नजर डालें तो खेतों में आग लगने की घटनाओं में 23% की बढ़ोतरी हुई है। यूपी में खेतों में आग लगने की घटनाएं 70% बढ़ीं है। उन्होंने कहा, सबसे ज्यादा AQI रिकॉर्ड करने वाले आनंद विहार में बसों को देखें तो दिल्ली की सभी बसें CNG या बिजली से चलती हैं। लेकिन अगर हम यूपी और हरियाणा से आने वाली बसों को देखें तो वो डीजल से चलती हैं। आनंद विहार इलाके में दिख रहे प्रदूषण का एक अहम कारण यूपी से आने वाली हजारों डीजल से चलने वाली बसें हैं। एक तरफ जहां दिल्ली सरकार ने सीएनजी बसों की लाइन खड़ी कर दी8 वहीं हरियाणा और यूपी सरकारें अपने बेड़े में सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसें क्यों नहीं ला सकतीं? आतिशी ने कहा क्योंकि वे गंदी राजनीति कर रही हैं। इसी के साथ उन्होंने ईट के भट्टों पर भी बात की। उन्होंने कहा, ईंट के भट्टे लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ा रहे हैं। दिल्ली में आपको एक भी ईंट का भट्ठा नहीं मिलेगा लेकिन एनसीआर में तो हैं 3800 ईंट भट्टे जो दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में बड़ा योगदान देते हैं।

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