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BSP को प्रतिदिन घटते जनाधार का सामना करना पड़, अब उपचुनाव बड़ी चुनौती

लखनऊ लोकसभा चुनाव में जीरो पर आउट हो चुकी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सामने उपचुनाव में अपना कुनबा बढ़ाने की एक बड़ी चुनौती आ गई है। पार्टी को प्रतिदिन घटते जनाधार का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बसपा के लिए अपने प्रभाव को बचाने के लिए जरूरी हो गया है कि इस उपचुनाव में दलित वोटों के बीच अपनी पैठ को एक बार फिर से साबित करे। राजनीतिक जानकारों की मानें तो जिन नौ सीटों पर अभी उपचुनाव होने जा रहे हैं, उनमें से एक भी सीट पर बसपा का खाता नहीं खुला था। बसपा ने महज बलिया की रसड़ा सीट पर जीत दर्ज की थी। अब अगर 2022 के चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो बसपा आंबेडकर नगर की कटेहरी सीट पर तीसरे नंबर पर आई थी। यहां उनके प्रत्याशी प्रतीक पांडेय को 58,186 वोट मिले। इस सीट पर सपा के लालजी वर्मा ने जीत दर्ज की थी। मीरापुर विधानसभा में बसपा तीसरे स्थान पर रही थी। उसके उम्मीदवार को 23,733 वोट मिले थे। इस सीट पर रालोद के उम्मीदवार चंदन चौहान ने जीत दर्ज की थी। गाजियाबाद में भी बसपा तीसरे नंबर पर थी। यहां उसके उम्मीदवार को 32,554 वोट मिले थे। यहां पर भाजपा के उम्मीदवार अतुल गर्ग को जीत मिली थी। कुंदरकी विधानसभा में भी बसपा तीसरे स्थान पर रही। उसके उम्मीदवार को 42,645 वोट मिले थे। कानपुर के सीसामऊ सीट पर बसपा चौथे नंबर पर थी। इस सीट से पार्टी के उम्मीदवार को महज 2,891 वोट मिले थे। जबकि यहां से सपा के हाजी इरफान सोलंकी ने जीत दर्ज की थी। मैनपुरी की करहल सीट पर बसपा प्रत्याशी 15,643 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर था। यहां से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जीत दर्ज की थी। उनके सांसद चुने जाने बाद इस सीट पर चुनाव हो रहा है। इसी तरह मिर्जापुर की मझवां सीट पर भी बहुजन समाज पार्टी तीसरे नंबर पर आई थी। उसके उम्मीदवार को 52,825 वोट मिले थे। यहां से निषाद पार्टी के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। खैर सीट पर बसपा दूसरे नंबर पर थी। पार्टी के उम्मीदवार को 64,996 वोट मिले थे। इस सीट पर भाजपा के उम्मीदवार अनूप प्रधान ने जीत दर्ज की थी। फूलपुर में 32,869 वोटों के साथ बसपा तीसरे स्थान पर रही थी। यह सीट भाजपा ने जीती थी। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक वीरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि उपचुनाव बसपा के सामने बड़ा मौका लेकर आया है। अकेले दम पर मैदान में उतरकर अपने कुछ सीटों पर उम्मीदवार भी उतारे हैं। उनके जो भी उम्मीदवार हैं वो जातीय समीकरण के सटीक हैं। नौ में से कुछ सीटें ऐसी हैं जहां पर बसपा का जनाधार ठीक रहा है। मझवां सीट पर बसपा कई बार जीत दर्ज कर चुकी है। इसी तरह मीरापुर और कटेहरी सीट बसपा के लिए ज्यादा मुफीद रही है। लेकिन वर्तमान समय में चुनाव दर चुनाव में मिली हार की वजह से उसकी हालत पतली है। बसपा को इस चुनाव में सिद्ध करना होगा। मत प्रतिशत बढ़ाकर जनाधार साबित करना होगा। इस चुनाव के जरिए ही बसपा दलित मतदाताओं का सही आकलन भी कर सकेगी। हालांकि, बसपा पहले उपचुनाव से दूरी बनाती थी। लेकिन इस बार बहुत पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने आगे कहा कि बिना किसी दल के साथ गठबंधन किए ही पार्टी अकेले दम पर मैदान में है। हालांकि, पार्टी के पास लीडरशिप का भी संकट है। इस कारण यह चुनाव उसके लिए बड़ी चुनौती है। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल कहते हैं कि उपचुनाव में हमारी पार्टी अकेले दम पर मैदान में है। हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा सीट जीतकर बहन जी के हाथों को मजबूत करें। चुनाव को लेकर लगातार नेताओं की छोटी बड़ी जनसभाएं चल रही हैं। हमने कटेहरी से अमित वर्मा मझवां से दीपू तिवारी, फूलपुर में शिव बरन पासी को उम्मीदवार बनाया गया है। बचे हुए नाम एक दो दिन में आ जाएंगे। जहां-जहां चुनाव है वहां चौपाल और जनसभाएं चल रही हैं। बसपा सुप्रीमो ने कोऑर्डिनेटरों से अपने-अपने क्षेत्र की विधानसभा सीटों पर कैंप करने का निर्देश दिया है। बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा मीडिया हमको लड़ाई में नहीं दिखाती है। जबकि हमारी तैयारी सभी दलों से बहुत पहले से है। कार्यकर्ता पूरी दम से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर का मीडिया हौव्वा खड़ा कर रही है। ज्ञात हो कि यूपी में निर्वाचन आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार 18 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर होगी। 28 अक्टूबर को नामांकन की जांच के बाद नाम वापसी की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर होगी। मतदान 13 नवंबर और मतगणना 23 नवंबर को होगी।    

चुनाव आयोग राजनीतिक दलों की जाने वाली मुफ्त योजनाओं के वादे को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए, SC में एक और याचिका दाखिल

नई दिल्ली  चाहे बस यात्रा हो या फिर राशन की व्यवस्था। हर राज्य में होने वाले चुनाव के समय राजनीतिक दलों द्वारा ऐसी योजनाओं को फ्री में देने का ऐलान किया जाता है। जब राजनीतिक दल की चुनाव में जीत होती है तो मुफ्त की सरकारी योजनाओं को राज्य में लागू भी किया जाता है। देश के कई राज्य ऐसे हैं, जहां इस समय जनता के लिए फ्री योजनाएं चल रही हैं। हालांकि, अब ऐसी चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है कि देश के कई राज्यों में चल रही सभी मुफ्त की सरकारी योजनाएं बंद हो जाएंगी। आइये जानते हैं क्या सही में ऐसा कुछ होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में चुनाव के दौरान फ्रीबीज (चुनावी रेवड़ियों) के वादे को लेकर एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में मांग की गई है कि चुनावों के दौरान किसी भी तरह के फ्री वादे को रिश्वत करार दिया जाए। साथ ही चुनाव आयोग को इलेक्शन के दौरान राजनीतिक दलों के द्वारा की जाने वाली मुफ्त योजनाओं के वादे को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही पीठ ने इस याचिका को अन्य लंबित मामलों के साथ जोड़ दिया है। पीठ ने याचिकाकर्ता को छूट देते हुए कहा कि वो सभी याचिकाओं पर जल्द सुनवाई के लिए अनुरोध कर सकता है। देश में बीते कुछ समय में चुनाव के समय फ्री योजनाओं को देने की मांग ने जोर पकड़ा है। लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनावों तक इसकी गूंज सुनाई दी है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने कुछ यूनिट फ्री बिजली और मुफ्त पानी देने का वादा किया। इसके अलावा कांग्रेस ने भी कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान इसी तरह के वादे किए। वहीं, भाजपा शासित राज्यों में भी मुफ्त सरकारी योजनाएं चल रही हैं। फ्रीबीज (चुनावी रेवड़ियों) के वादे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही कई याचिकाएं लंबित हैं। पूर्व चीफ जस्टिस एनवी रमना, पूर्व सीजेआई जस्टिस यूयू ललित की पीठ पहले ही फ्रीबीज मामले में सुनवाई कर चुकी है। हाल ही में डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने इस मामले में सुनवाई की है।    

Sameer Wankhede जल्द ही शिंदे गुट में शामिल हो कर लड़ सकते हैं मुंबई की धारावी सीट से चुनाव

मुंबई  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सियासी सरगर्मियां तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि चर्चित आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े जल्द ही शिवसेना में शामिल होने वाले हैं। जानकारी के अनुसार वानखेड़े महायुति के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। दावा किया जा रहा है कि उन्हें धारावी सीट से टिकट थमाया जा सकता है। धारावी की पहचान एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती के तौर पर होती है। यहां से समीर वानखेड़े की उम्मीदवारी से पार्टी को एक नई दिशा मिलने की संभावना है। उनकी एंट्री से राजनीतिक परिदृश्य में नए समीकरण बनने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। वानखेड़े की छवि एक सख्त अधिकारी के तौर पर है। वानखेड़े ने 2 अक्टूबर, 2021 को मुंबई तट के पास लक्जरी जहाज, कॉर्डेलिया क्रूज पर ड्रग्स का भंडाफोड़ करने के लिए छापेमारी की थी और शाहरुख खान के बेटे आर्यन सहित ग्लैमर जगत के 17 से अधिक लोगों को पकड़ा था। आर्यन खान ने एक महीना जेल में बिताया, और रिहाई के बाद, एक उच्च-स्तरीय एनसीबी जांच ने निष्कर्ष निकाला कि वह निर्दोष था और उसे उस मामले में फंसाया गया था। आपको बताते चलें, महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में 20 नवंबर को चुनाव होंगे, जबकि 23 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक, महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए एक लाख से अधिक मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि ईसीआई दोनों राज्य में समावेशी और सुलभ चुनावों के जरिए सुचारू मतदान अनुभव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राजीव कुमार ने बताया था कि महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में 9.63 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे, जिनमें 4.97 करोड़ पुरुष वोटर हैं, जबकि 4.66 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 1.85 करोड़ युवा वोटरों की उम्र 20 से 29 साल के बीच है। वहीं, 20.93 लाख वोटर पहली बार मतदान में हिस्सा लेंगे। 12.43 लाख वोटरों की उम्र 85 साल से अधिक है। इसके साथ ही ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या भी 6,031 है।    

जय श्री राम के नारे से द्वेष है वो सिर्फ रामद्रोही ही नहीं बल्कि, देशद्रोही भी हैं : विनोद बंसल

नई दिल्ली  विश्व हिन्दू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने  कहा, जिन्हें जय राम के नारे से द्वेष है वो सिर्फ रामद्रोही ही नहीं बल्कि, देशद्रोही भी हैं। उन्होंने कहा, विडंबना देखिए, अभी तक कुछ लोगों द्वारा राम जन्मभूमि और राम मंदिर का विरोध होता था, अब राम के नाम का भी विरोध भारत में होने लग गया है। राम के इस देश में कुछ लोगों ने जैसे ‘राम’ को ही प्रतिबंधित कर दिया है। उन्होंने कहा, कुछ जिहादी तत्व ऐसे हैं, अगर उनके सामने जय राम का नारा लगा दिया तो उनका इस्लाम खतरे में आ जाता है। हमले पर उतारू हो जाते हैं, चाकूबाजी कर देते हैं। लेकिन, जो भारतीय हैं उनके पूर्वज राम ही हैं। अपने पूर्वजों को नकारने वाला भारतीय संस्कृति का नहीं हो सकता है। ऐसा संप्रदाय किस काम का जो जय राम के नारे से आहत हो जाए। उन्होंने कहा, राजनेता के बारे में समझ में आता है कि वह जय राम के नारे से आहत होता है क्योंकि, उसे अपनी कुर्सी के जाने का डर रहता है। हम लोगों को किसी मस्जिद से जय राम का नारा लगाने की जरूरत नहीं है। लेकिन, अगर नारा लगा दिया तो क्या उसे जान से मार दिया जाएगा। क्या उसे झूठे केस में फंसा दिया जाएगा। यह बिल्कुल ठीक नहीं है।    

सुशासन और हिंदुत्व से रामराज्य की ओर, मोहन भागवत से मिले प्रवीण तोगड़िया ….

नागपुर प्रवीण तोगड़िया और मोहन भागवत की मुलाकात ही अपनेआप में महत्वपूर्ण है – लंबे अर्से बाद ये मीटिंग ऐसे माहौल में जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी नेतृत्व के बीच सबकुछ ठीक न होने की जोरदार चर्चा हो. करीब तीन दशक तक विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहने के बाद 2018 में प्रवीण तोगड़िया ने इस्तीफा देकर संघ से भी नाता तोड़ लिया था. नई बीजेपी के दौर में अपनी पूछ घटने से प्रवीण तोगड़िया बेहद नाराज थे, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेता अमित शाह के विरोधी माने जाने लगे थे. जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो संघ से भी नाता तोड़ कर प्रवीण तोगड़िया ने अलग राह पकड़ ली – और अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के नाम से नया संगठन बना लिया. बीच बीच में प्रवीण तोगड़िया को लेकर कई तरह की चर्चाएं और विवाद भी हुए, लेकिन उनको सबसे ज्यादा तकलीफ तब हुई जब जनवरी, 2024 में राम मंदिर उद्घाटन के लिए उनको नहीं बुलाया गया. ध्यान रहे विश्व हिंदू परिषद ने ही अयोध्या में राम मंदिर बनाने का आंदोलन शुरू किया था. कैसे हुई तोगड़िया और भागवत की मुलाकात अंग्रेजी अखबार द हिंदू में प्रवीण तोगड़िया और संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है. सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ये मुलाकात अचानक हुई है. दशहरे के दिन दोनो नेताओं ने नागपुर के समारोह में एक दूसरे का अभिवादन किया, और अगले दिन मिलने का फैसला किया गया. विजयादशमी के दिन संघ प्रमुख ने हिंदू समाज से एकजुट होने का आह्वान किया था – और उसके 24 घंटे बाद ही प्रवीण तोगड़िया और मोहन भागवत की मुलाकात भी हो गई. पहल चाहे जिस तरफ से हुई हो, ये मुलाकात ऐसे वक्त हुई है जब संघ की तरफ से बीजेपी पर लगाम कसने की भी चर्चा चल रही है. मुलाकात के बाद प्रवीण तोगड़िया का कहना है, राम मंदिर निर्माण दशकों से बीजेपी के चुनावी वादे का हिस्सा रहा है, लेकिन पार्टी इसका चुनावी फायदा नहीं उठा सकी, और 2014 में केंद्र की सत्ता में आने के बाद से सबसे कम सीटों पर सिमट गई है. प्रवीण तोगड़िया असल में लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बीजेपी की हार की तरफ इशारा कर रहे हैं. यूपी की हार और हरियाणा में जीत को भी संघ के असहयोग और सहयोग से जोड़ कर देखा जा रहा है. वैसे तात्कालिक चुनौती महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा के चुनाव भी हैं. हिंदू समाज सेवा, या मोदी-शाह विरोध रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवीण तोगड़िया ने मोहन भागवत से मुलाकात में इस मुद्दे को जोर देकर उठाया है कि हिंदू राजनीतिक रूप से किसी पर भरोसा नहीं कर रहा है. जाहिर है, प्रवीण तोगड़िया बीजेपी नेतृत्व की तरफ ही इशारा कर रहे हैं.  बातचीत में तोगड़िया कहते हैं, ‘राम मंदिर आंदोलन के माध्यम से पूरे देश में सभी हिंदू जातियों को एक करने का मकसद हासिल कर लिया है. लेकिन, आंदोलन की पूर्णाहूति के बाद से ऐसा महसूस होने लगा है जैसे सारा किया धरा बेकार होने वाला है, और इसे हर हाल में रोकना होगा… मैं स्वयं और संघ प्रमुख दोनो एक जैसा महसूस कर रहे हैं.’ ये पूछे जाने पर कि संघ और उनका संगठन AHP हिंदुओं को एकजुट करने के लिए क्या करेंगे, तोगड़िया बताते हैं, दोनो मिलकर हिंदुओं के लिए काम कर रहे सभी छोटे बड़े संगठनों से साथ आने की अपील करेंगे. सवालिया अंदाज में प्रवीण तोगड़िया कह रहे हैं, जो समाज स्वास्थ्य, शिक्षा और महिलाओं की सुरक्षा जैसे बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहा हो, वो भला धर्म की लड़ाई कैसे लड़ेगा, इसलिए पहले जरूरी चीजों पर फोकस करना होगा. वो आगे बताते हैं, मेरे साथ देश में 10 हजार एक्सपर्ट डॉक्टर जुड़े हैं, जो हिंदुओं को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराएंगे. शिक्षकों के भी कुछ संगठन हैं जो हिंदुओं के बच्चों को मुफ्त पढ़ाएंगे. समान विचार वाले कुछ संगठन जो लोगों को स्ट्रेंथ ट्रेनिंग देते हैं, वे हिंदू महिलाओं को आत्मरक्षा की मुफ्त ट्रेनिंग देंगे, जिससे वो हमलावरों से खुद को बचा सकें. मणिपुर और कश्मीर की चिंता स्वाभाविक या राजनीतिक एक बार बिहार में प्रवीण तोगड़िया ने हिंदुओं के खतरे में होने की बात कही थी. उनका कहना है कि संघ प्रमुख से बातचीत में भी चर्चा के बिंदु वे ही रहे, मैंने भागवत से कहा जब शिया और सुन्नी इस्लाम की रक्षा के लिए साथ आ सकते हैं, हम छोटे और बड़े संगठन जो एक जैसे काम कर रहे हैं, हिंदुत्व को बचाने के लिए साथ क्यों नहीं आ सकते. देश से बाहर भी, भले ही वो पाकिस्तान हो, बांग्लादेश हो, अमेरिका हो, या फिर ब्रिटेन या कनाडा हिंदुओं की सुरक्षा संघ के लिए चिंता का विषय रही है, और दोनो नेताओं में इस बात पर सहमति बनी है कि विदेशों में रह रहे हिंदुओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कुछ करना जरूरी हो गया है. यहां तक कि, रिपोर्ट बताती है, भारत में भी हिंदुओं की सुरक्षा संतोषजनक नहीं है. उदाहरण के लिए मणिपुर में, कश्मीर में भी. जम्मू-कश्मीर में अभी अभी जनता की चुनी हुई सरकार बनी है, और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने देश के संविधान की शपथ ली है. प्रवीण तोगड़िया का सवाल है, धारा 370 को हटाये जाने के 5 साल बाद भी कश्मीरी पंडितों को फिर से वहां नहीं बसाया जा सका है. संघ प्रमुूख से मुलाकात से पहले भी प्रवीण तोगड़िया कहते रहे हैं, आज भी सुरक्षा के तमाम दांवों के बीच भी कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की घर वापसी नहीं हो रही है… मणिपुर में बड़ी संख्या में हिंदू अब भी शरणार्थी शिविरों में रहने को मजबूर हैं… देश की बेटी नूपुर शर्मा अब भी अपने घर से बाहर नहीं निकल रही है. मणिपुर का मुद्दा केंद्र की बीजेपी की कमजोर कड़ी के रूप में महसूस किया गया है. मणिपुर में फिलहाल बीजेपी की ही सरकार है. मणिपुर पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी हमलावर रहे हैं, और राम मंदिर उद्घाटन से ठीक पहले राहुल गांधी ने मणिपुर से ही अपनी न्याय यात्रा की शुरुआत की थी. लोकसभा चुनाव में बीजेपी की फजीहत के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत ने … Read more

वाहन पंजीकरण, लाइसेंस और परमिट का दिल्ली में जल्द होगा डिजिटलीकरण

नई दिल्ली  दिल्ली में जल्द ही ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) और वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) (आरसी) डिजिटल हो सकते हैं। राज्य सरकार वाहन मालिकों को सत्यापन प्रक्रिया (वेरिफिकेशन प्रोसेस) और अन्य उद्देश्यों के लिए इसे आसान बनाने के लिए डिजिटल डीएल और डिजिटल आरसी पेश करने की योजना बना रही है। इस कदम का मकसद राष्ट्रीय राजधानी में ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने में होने वाली देरी को कम करना है, जहां दोनों दस्तावेज इस समय भौतिक कार्ड में जारी किए जाते हैं। डीएल और आरसी के इलेक्ट्रॉनिक वर्जन को आधार कार्ड की तरह इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्टोर (संग्रहीत) किया जा सकता है और विभिन्न स्मार्टफोन एप के जरिए सुलभ होगा।   डिजिटल दस्तावेजों के फायदे बता दें कि डिजिटल डीएल और आरसी को आधार कार्ड की तरह इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्टोर किया जा सकेगा और स्मार्टफोन एप्स के माध्यम से सुलभ बनाया जाएगा। इस प्रक्रिया से भौतिक कार्ड की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी, जिससे वाहन मालिकों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने हाल ही में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अधिकारियों के साथ बैठक में इस योजना पर चर्चा की। गहलोत ने कहा, “हम पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सहज और सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भौतिक आरसी से डिजिटल वर्जन में शिफ्ट होने से प्रशासनिक देरी कम होगी।” डीएल और आरसी पीडीएफ फॉर्मेट में डिजिटल डीएल और आरसी पीडीएफ फॉर्मेट में ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। वाहन मालिक अपने स्मार्टफोन के माध्यम से इन्हें डाउनलोड और प्रिंट कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, ये दस्तावेज DigiLocker या mParivahan जैसे एप्स पर अपलोड किए जा सकेंगे। प्रत्येक डिजिटल दस्तावेज में एक विशिष्ट आईडी और क्यूआर कोड होगा, जो दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा सत्यापन के दौरान उपयोग किया जाएगा। मौजूदा स्थिति वर्तमान में, वाहन मालिकों को भौतिक कार्ड में ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त होते हैं। मार्च 2021 में दिल्ली ने डीलरों द्वारा वाहनों का सेल्फ-रजिस्ट्रेशन शुरू किया, जिसके तहत अब तक 15 लाख से अधिक आरसी जारी किए जा चुके हैं।

उत्तराखंड में होटल और ढाबा कर्मचारियों के पुलिस वैरिफिकेशन को अनिवार्य किया, नहीं तो लगेगा 1 लाख का जुर्माना

देहरादून उत्तराखंड सरकार ने  खाने में थूकने से जुड़ी घटनाओं को रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. उन्होंने ऐसा करने वालों पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने की घोषणा की है. इसके साथ ही होटल और ढाबा कर्मचारियों के पुलिस वैरिफिकेशन को अनिवार्य किया गया है और उनकी रसोई में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का आदेश है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा ऐसी घटनाओं पर चिंता जताए जाने के कुछ दिनों बाद राज्य पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग दिशानिर्देश जारी किए और कहा कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हाल ही में मसूरी में दो लोगों को पर्यटकों को जूस परोसने से पहले गिलासों में कथित तौर पर थूकने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इसके अलावा देहरादून से एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें एक रसोइये को रोटी के लिए आटा बनाते समय कथित तौर पर थूकते हुए देखा जा सकता है. ‘किसी भी तरह की अशुद्धता बर्दाश्त नहीं’   स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि आने वाले त्योहारी सीजन के दौरान खाने की सुरक्षा और शुद्धता उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. रावत ने कहा, त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की अशुद्धता या असामाजिक गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी.पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने अपराधियों को मुख्यमंत्री की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस प्रमुखों को दिशानिर्देश जारी किए. ‘व्यापार प्रबंधकों की रसोई में हों CCTV’ दिशानिर्देशों में कहा गया है कि होटल और ढाबों जैसे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लोगों का 100 प्रतिशत वैरिफिकेशन किया जाना चाहिए, साथ ही व्यापार प्रबंधकों को अपनी रसोई में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. खूफिया यूनिट की मदद से कार्ट्स की निगरानी जिला पुलिस को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, खोखे और पुशकार्ट जैसी खुली जगहों पर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वे स्थानीय खूफिया यूनिट की मदद ले सकते हैं.दिशानिर्देशों में कहा गया है कि गश्त के दौरान इस पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. होटलों और ढाबों की होगी रैंडम चेकिंग प्रावधानों के मुताबिक पुलिस होटलों और ढाबों पर रैंडम चेकिंग के लिए स्वास्थ्य और खाद्य विभाग की मदद भी ले सकती है. डीजीपी ने कहा कि अपराधियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 274 (बिक्री के लिए खाद्य और पेय पदार्थों में मिलावट) और उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की धारा 81 (सार्वजनिक उपद्रव पैदा करने, जानबूझकर अफवाह फैलाने या गलत अलार्म पैदा करने के लिए बिना वारंट के गिरफ्तारी) के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए.   यदि अधिनियम का धर्म, जातियता, भाषा आदि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, तो प्रासंगिक धारा 196 (1) (बी) (धर्म, जाति, भाषा, जन्म स्थान के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) या बीएनएस की धारा 299 (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य जिनका उद्देश्य भारत में नागरिकों के किसी भी वर्ग के धार्मिक विश्वासों या धर्म का अपमान करना है) के तहत भी कार्रवाई की जानी चाहिए. 1 लाख रुपये तक के जुर्माने सहित सख्त कार्रवाई दिशानिर्देशों में कहा गया है कि स्वास्थ्य और खाद्य विभाग, नगर निगम/जिला पंचायत, नगर परिषदों और स्थानीय लोगों के समन्वय से एक जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाना चाहिए.स्वास्थ्य सचिव और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त आर राजेश कुमार ने एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की, जिसमें अपराधियों के खिलाफ 25,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक के जुर्माने सहित सख्त कार्रवाई का आदेश दिया गया है. कुमार ने कहा कि देहरादून और मसूरी में होटलों और ढाबों जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों में थूकने की घटनाओं के वीडियो का संज्ञान लेते हुए और मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में दिशानिर्देश जारी किए गए हैं.इधर मंगलवार को, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने कहा कि वह थूकने या किसी अन्य मानव अपशिष्ट को मिलाकर भोजन को प्रदूषित करने को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध बनाने के लिए दो अध्यादेश लाएगी.    

उज्जैन से मक्सी के बीच 36 किलोमीटर लंबा है ये रास्ता, मार्गों को चौड़ा करने के साथ 14 नए पुल भी बनाए जाएंगे

उज्जैन उज्जैन-मक्सी टू-लेन रोड 704 करोड़ रुपये से फोरलेन सड़क में तब्दील किया जाएगा। उज्जैन शहरी क्षेत्र में आइटीआई के सामने इंदौर रेल सेक्शन पर बने रेलवे ओवर ब्रिज के समानांतर एक ओर पुल बनाया जाएगा। सड़क निर्माण के लिए पांच महीने पहले मिली प्रशासकीय स्वीकृति के बाद डीपीआर और फिजिबिलिटी सर्वे का काम पूर्ण होने की कगार पर है। वर्तमान में मार्ग पर यूजर फी योजना अंतर्गत महिला स्वसहायता समूह द्वारा टोल टैक्स का संचालन हो रहा है। मालूम हो कि मध्यप्रदेश की सरकार उज्जैन में औद्योगिकी पारिस्थति तंत्र का निर्माण करने के लिए शहर के सभी पहुंच मार्गों को फोरलेन सड़क में बदल रही है। ये फोरलेन भी हैं प्रस्तावित आगर रोड, देवास रोड का निर्माण हो चुका है। गरोठ, बड़नगर-बदनावर रोड का निर्माण प्रगति पर है। इंदौर रोड़ को सिक्सलेन में बदलने को भी धरातल पर पिछले महीने काम शुरू करवा दिया गया है। अगले चरण में 36 किलोमीटर लंबा मक्सी रोड, 44 किमी लंबा उन्हेल-नागदा-जावरा रोड, 49 किलोमीटर लंबा नया इंदौर रोड फोरलेन (चिंतामन गणेश से इंदौर एयरपोर्ट तक) सड़क मार्ग बनाना प्रस्तावित है। 14 पुल भी बनाने की तैयारी ये सारा काम कराने को मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम ने योजना बनाई है जो सिंहस्थ- 2028 की कार्य योजना का हिस्सा है। कहा गया है कि उज्जैन में ट्रांसपोर्टेशन, यातायात की सुविधा सुलभ होगी तो उज्जैन तेजी से विकास करेगा। यहां उद्योग स्थापित करने को बड़े-बड़े समूह भी निवेश करेंगे। इसलिए विभिन्न मार्गों को चौड़ा करने के साथ 14 नए पुल बनाने की भी तैयारी की जा रही है। तीन पुल निर्माण के लिए ठेकेदार फर्म का चयन करने की कार्रवाई प्रक्रियाधिन है। ये पुल फ्रीगंज क्षेत्र में चामुंडा माता मंदिर चौराहे से फ्रीगंज के बीच, तीन बत्ती चौराहे से मुल्लापुरा मार्ग पर, लालपुल के समीप शिप्रा नदी पर बनाना प्रस्तावित है। सारा निर्माण कार्य 2028 में लगने वाले महाकुंभ सिंहस्थ से पहले कराने का लक्ष्य रखा गया है। इंदौर रोड सिक्सलेन के लिए मिट्टी परीक्षण का काम शुरू इदौर रोड सिक्सलेन निर्माण का निर्माण 735 करोड़ रुपये से होना है, जिसकी शुरुआत करने से पहले मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) से अनुबंधित ठेकेदार फर्म उदयपुर की रवि इन्फ्राबिल्ड ने मिट्टी परीक्षण कराना शुरू किया है। पिछले माह इंदौर क्षेत्र में ये काम किया था अब उज्जैन में किया जा रहा है। 46.475 किलोमीटर लंबे मार्ग में दो वृहद पुल, दो फ्लाई ओवर, छह अंडरपास बनाया जाना है। पुल, फ्लायओवर बनाने के लिए नींव स्तर पर कितनी खोदाई करना होगी, किस डिजाइन के कितनी लोडिंग क्षमता के बीम-काम खड़े करना होंगे, इसके लिए मिट्टी परीक्षण यानी जियो टेक्निकल सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। टीम ने त्रिवेणी शनि मंदिर के समीप शिप्रा नदी पर बने पुल के समक्ष नया पुल बनाने के लिए यहां जमीनी सर्वे की शुरूआत की।

जंग की त्रासदी से जूझते गाजा में शवों को अंतिम संस्कार भी नसीब नहीं हो रहा, लाशों को कुत्ते नोच रहे

गाजा इजरायल और हमास के बीच जंग छिड़े अब एक साल से भी ज्यादा का समय बीत चुका है। पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास के इजरायल पर हमले के बाद से गाजा में संघर्ष जारी है। अब युद्धग्रस्त गाजा से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में आवारा कुत्ते लावारिश शवों को खाते नजर आ रहे हैं। गाजा के आपातकालीन सेवाओं के प्रमुख फारेस अफाना ने बताया है कि उन्हें और उनके सहयोगियों को उत्तरी गाजा में मारे गए फिलिस्तीनियों के शव मिले हैं जिनमें से कई पर जानवरों द्वारा शवों को खाए जाने के निशान हैं। फारेस अफाना ने सीएनएन को बताया, “भूखे आवारा कुत्ते सड़क पर इन शवों को खा रहे हैं। इससे हमारे लिए शवों की पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है।” उन्होंने उत्तरी गाजा और जबालिया क्षेत्र में हवाई और जमीनी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि इजरायली सेना का कहर जारी है। अब त्रासदी से जूझते गाजा में शवों को अंतिम संस्कार भी नसीब नहीं हो पा रहा है। वहीं इजरायल ने दावा किया है कि हमास के लड़ाके इन इलाकों में फिर से संगठित हो रहे हैं। ‘स्थिति बदतर होती जा रही है’ पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर हमला किया था। इन हमलों में 1,206 लोगों की मौत हो गई थी जिनमें से ज़्यादातर आम लोग थे। तब से इजरायल के हमले में गाजा में 42,409 लोग मारे गए हैं वहीं 99,153 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। बुधवार को गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि पिछले 24 घंटों में इजरायली सैन्य हमलों में 65 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। अफ़ाना ने बताया कि सोमवार को इजरायली सैनिकों ने फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी (UNRWA) द्वारा संचालित एक राहत शिविर केंद्र में खाने की तलाश कर रहे भूखे लोगों पर गोलीबारी की है। उन्होंने कहा, “स्थिति बदतर होती जा रही है। उत्तरी गाजा में जो हो रहा है वह वास्तव में नरसंहार है।” गाजा में अकाल का डर इस बीच UNRWA ने गाजा में अकाल के जोखिम की चेतावनी दी है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में UNRWA के प्रमुख फिलिप लाज़ारिनी ने कहा है कि गाजा में अकाल और तीव्र कुपोषण की संभावना बनी हुई हैं।” उन्होंने कहा कि यह एक तरह की बंजर जमीन बन गई है और यह जगह रहने लायक भी नहीं है”।

कांग्रेस ने खाद संकट पर घेरा, दिग्विजय सिंह-जीतू पटवारी ने CM मोहन यादव से मांगे जवाब

Congress surrounded on fertilizer crisis, Digvijay Singh-Jitu Patwari sought answers from CM Mohan Yadav मध्य प्रदेश में में चल रहे खाद संकट को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी ने मौजूदा सरकार पर बड़ा हमला बोला है. दोनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनसे कुछ सवाल भी किए हैं. मध्य प्रदेश में खाद संकट को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार (17 अक्तूबर) को भोपाल में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य में चल रहे खाद संकट को लेकर कांग्रेसी नेताओं ने मौजूदा सरकार पर बड़ा हमला बोला और उनसे कुछ सवाल भी किए. उन्होंने कहा, देश में डीएपी (खाद) की किल्लत सरकार की नीतियों के कारण है. वर्तमान में देश में 100 लाख टन डीएपी (खाद) की आवश्यकता है, जिसमें से देश में 4 लाख टन प्रति माह का उत्पादन होता है. इसके लिए कच्चा माल भी आयात करना पड़ता है. आयात में समस्या से 20 फीसदी करीब कम उत्पादन हुआ है, बाकी लगभग 5 लाख टन डीएपी का आयात होता, तब जाकर हमारी आवश्यकता पूरी हो रही है. इस साल देश में अप्रैल से अगस्त तक 16 लाख टन करीब डीएपी आया था, जबकि पिछले साल 32.5 लाख टन का आयात हुआ था, जो 16.5 लाख टन यानी 50 फीसदी कम है. मध्य प्रदेश में डीएपी की 9 लाख टन से ज्यादा की जरूरत है, जिसके एवज में अभी तक मध्य प्रदेश में लगभग 4.5 लाख टन डीएपी आया है, बाकी 5 से 6 लाख टन की कमी है. कांग्रेस नेताओं ने क्या कहा?उन्होंने कहा, अगले 15 दिन मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. बड़े रकबे में बुवाई एक साथ शुरू होगी. सरकार डीएपी की जगह एनपीके (खाद) डालने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. डीएपी में 18 फीसदी नाइट्रोजन और 46 फीसदी फास्फोरस होता है. यदि डीएपी की जगह एनपीके देते हैं तो 6 लाख टन डीएपी की कमी को पूरा करने के लिए 9 लाख टन एनपीके की जरुरत रहेगी. जबकि अभी तक कुल 3 लाख टन डीएपी आया है, जो पिछले साल से 1 लाख टन कम है. मतलब 350 रैक सिर्फ एनपीके चाहिए. यह इस बात का प्रमाण है कि मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री के जिले मुरैना में 24,500 मीट्रिक टन डीएपी की डिमांड है. इसके मुकाबले किसानों के लिए महज 8,247 मीट्रिक टन डीएपी ही उपलब्ध है. मतलब कृषि मंत्री के क्षेत्र में 33 फीसदी खाद आपूर्ति हुई है. 25 सितम्बर को प्रकाशित खबर के अनुसार जब कृषि मंत्री के क्षेत्र के ये हाल हैं तो बाकी जगह कितनी उपलब्धता हुई होगी इसका अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है. पहले बात तो आयात 50 फीसदी कम हुआ, दूसरा मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी डिमांड वास्तविक जरूरत से कम भेजी, तीसरा अग्रिम भंडारण पिछले साल की तुलना में इस साल 3.51 लाख मीट्रिक टन डीएपी का कम हुआ. सरकार की एपीसी की संभाग स्तर की पिछली बैठकों, कलेक्टरों के स्टेटमेंट देखिये वो सब कह रहे हैं कि डीएपी की जगह दूसरे उर्वरक डाले तो सरकार बताये कि किसान कौन से उर्वरक डाले और उनकी गुणवत्ता की गारंटी कौन लेगा? किसानों तो डीएपी की ही मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा, पूर्व में खाद की उपलब्धता सहकारी समितियों के माध्यम से कराई जाती थी, जिससे किसानों को उनके गांव में गुणवत्ता युक्त शासकीय दाम पर बिना किसी परेशानी के खाद उपलब्ध होता था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपने लोगों को उपकृत करने के लिए खाद की लगभग आधी मात्रा में खुले बाजार में बिक्री की छूट दे रखी है, जिससे किसानों को शहर आकर महंगे दाम में खाद खरीदना पड़ता है. वहीं खुले बाजार में बिक्री से खाद के साथ अन्य सामग्री जैसे अन्य उर्वरक, कीटनाशक दवाई, टॉनिक, बीज, सल्फर, जिंक के अलावा ऐसे उत्पाद जो किसानों की आवश्यकता नहीं है उन्हें भी मजबूरन टैग करके खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है. सरकार खोखले दावे करती है कि किसानो को जीरो ब्याज पर लोन उपलब्ध कराएंगे, लेकिन जब किसानों को साख समितियों से खाद नहीं मिलेगा, नगद ऋण नहीं मिलेगा तो फिर कैसे जीरो ब्याज का फायदा किसानों को मिलेगा. अभी तो उल्टा किसान की जेब से अतिरिक्त पैसा जा रहा है. मध्य प्रदेश में रवि की फसल के लिए 22 लाख टन यूरिया की जरुरत है, जबकि अभी 10.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता है. जैसे कि अक्टूबर माह में 4.5 लाख टन यूरिया की मांग है, लेकिन 2 लाख 90 हजार टन ही उपलब्ध हो पाया. आगामी माह में भी इस कमी की पूर्ति होना असंभव है, जिसके कारण अगला माह भी किसानों के लिए परेशानी का सबब बनेगा. सरकार द्वारा नेनो यूरिया और नेनो डीएपी का बड़े स्तर पर क्षेत्र में प्रचार-प्रसार दानेदार यूरिया और दानेदार डीएपी के विकल्प के रूप में किया जा रहा है, जबकि नेनो यूरिया और नेनो डीएपी को पिछले साल फसलों पर डालने पर वो प्रभाव नहीं देखा गया जो दानेदार यूरिया और डीएपी का होता है. कांग्रेस ने सरकार से पूछे ये सवाल डीएपी की उपलब्धता के सम्बन्ध में सरकार की क्या योजना है.क्या सरकार अन्य उर्वरकों से डएपी के तत्वों की पूर्ती करना चाहती है. इसके सम्बन्ध में सरकार की क्या कार्य योजना है.क्या अन्य उर्वरकों से पूर्ती हेतु सरकार द्वारा किसानों के बीच में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया है.सरकार द्वारा अग्रिम भंडारण योजना के अंतर्गत यूरिया डीएपी का अग्रिम भंडारण क्यों नहीं कराया गया. यदि आनन-फानन में सरकार द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता की जाती है तो गुणवत्ता की सुनिश्चितत्ता कैसे होगी. अगले 15 दिनों में गेंहू, चना, सरसों, आलू एवं प्याज की लगभग बुवाई हेतु किसान अपनी तैयारियों में लगा हुआ है जिसमे लगभग 90 प्रतिशत यानी लगभग 9 लाख मीट्रिक टन डीएपी की आवश्यकता है. जिसकी समय पर पूर्ती नहीं होने पर फसलों का उत्पादन घटना तय है इसकी जवाबदेही किसकी होगी. मध्य प्रदेश के सभी जिलों में लम्बे समय से एक ही जगह पर जमे हुए जिम्मेदार अधिकारियों के कारण गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रिया प्रभावित हो चुकी है और नकली और अमानक आदान खाद, बीज, दवाई की बिक्री को बढ़ावा देकर किसानों … Read more

महाकाल मंदिर में सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे की पूजा: नियमों की अनदेखी पर सवाल

Worship of CM Eknath Shinde’s son in Mahakal temple: Question on ignoring rules उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में आम और खास सभी के लिए एक ही नियम का दावा किया जाता रहा है, लेकिन वीआईपी कल्चर और प्रभावशाली लोगों के नियम तोड़ने के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं. अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे ने परिवार सहित गर्भगृह में पूजा अर्चना कर मंदिर के नियम को तोड़ा है. हालांकि, अधिकारियों ने इस मामले में बिना अनुमति दर्शन के लिए गर्भगृह में जाने का दावा किया है. गुरुवार (17 अक्तूबर) की शाम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और मुंबई से सांसद श्रीकांत शिंदे परिवार के साथ महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे. यहां उन्होंने वीआईपी पॉइंट के जरिए दर्शन के लिए अधिकारियों से आग्रह किया. इसके बाद महाकालेश्वर मंदिर समिति के बड़े अधिकारी के पीए के साथ श्रीकांत शिंदे का परिवार गर्भगृह तक पहुंच गया. इस दौरान उनके साथ उज्जैन जिले के एक बीजेपी विधायक भी मौजूद रहे. यहां सभी ने उस समय गर्भगृह में जाकर पूजा अर्चना की, जब भगवान महाकाल का भांग से श्रृंगार चल रहा था. इस घटना के बाद हंगामा मच गया है. कांग्रेस के विधायक महेश परमार ने मंदिर की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा, “भगवान के दरबार में भी बीजेपी सरकार आम और खास के बीच मतभेद कर रही है. यह न्यायोचित नहीं है.” महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष ने क्या कहा?महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष और उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में नियम सबके लिए बराबर है. उन्होंने कहा, किसी को भी अनुमति नहीं दी गई है कि वह गर्भगृह में जाकर पूजा अर्चना करे. प्रोटोकॉल के तहत जिन्हें अनुमति है, केवल वही प्रवेश कर सकते हैं. इनमें महामंडलेश्वर, मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित वीआईपी शामिल हैं. महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ का भी कहना है कि उन्होंने भी किसी को गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं दी थी. महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश बंद हुए कई महीने हो गए हैं. महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं. ऐसे में सभी को गर्भगृह से दर्शन कराया जाना मुश्किल है. यदि महाकालेश्वर मंदिर समिति गर्भगृह दर्शन शुरू करवा देती है, तब भी 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को अंदर से दर्शन कराया जाना मुश्किल है. जबकि गर्भगृह में जब दर्शन शुरू होते हैं तो बाहर से श्रद्धालुओं के दर्शन में परेशानी होती है. इस वजह से मंदिर समिति ने गर्भगृह दर्शन को पूरी तरह बंद कर रखा है. पहले 750 रुपये की रसीद कटवा कर श्रद्धालुओं को अंदर प्रवेश दिया जाता था. ऐसा नहीं है कि महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में जाकर पहली बार किसी जनप्रतिनिधि ने नियम तोड़ा है. पहले भी कई बार इस तरह की तस्वीरें आ चुकी हैं. मंदिर समिति द्वारा आम लोगों के गर्भगृह में प्रवेश की कोशिश करने पर भी एफआईआर दर्ज कर दी जाती है, लेकिन रसूखदार लोगों पर अभी तक महाकालेश्वर मंदिर समिति का नियम पूरी तरह लागू नहीं हो पा रहा है. यही वजह है कि शिव भक्तों में भी मंदिर समिति की दोहरी नीति को लेकर आक्रोश है. महाकालेश्वर मंदिर के भक्त राजेश प्रजापति का कहना है कि मंदिर में सभी के लिए नियम बराबर होना चाहिए.

राशिफल शुक्रवार 18 अक्टूबर 2024

मेष राशि- आज मेष राशि वालों को कानूनी विवादों से मुक्ति मिलेगी। पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव होंगे। नई प्रॉपर्टी की खरीदारी संभव है। शैक्षिक कार्यों में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। आमदनी के नए स्त्रोत बनेंगे। धन का आवक बढ़ेगा। फैमिली या दोस्तों के साथ वेकेशन पर जाने के मौके मिल सकते हैं। कार्यस्थल में अपने कार्यों पर फोकस करें। ऑफिस पॉलिटिक्स से बचने की कोशिश करें। वाद-विवाद से दूर रहें। आज घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि वालों को अपने सभी काम डेडलाइन से पहले कंपलीट करने होंगे। ऑफिस में काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। विरासत में मिले घर को मरम्मत कराने का प्लान बना सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में आने वाली परेशानियां समाप्त होंगी। फैमिली के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करेंगे, लेकिन पार्टनर के जिद्दी स्वभाव से दिक्कतों को सामना करना पड़ सकता है। आज करियर की बाधाएं दूर होंगी। सेहत पर ध्यान दें। रोजाना योग व एक्सरसाइज करें। मिथुन राशि- आज मिथुन राशि वालों को करियर में आने वाली बाधाओं से छुटकारा मिलेगा। प्रियजन से मुलाकात संभव है। नई प्रॉपर्टी खरीदने की शानदार डील मिल सकती है। आज आपको स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना होगा। रोमांटिक लाइफ अच्छी रहेगी। घर में बड़ों के सुझावों का सम्मान करें। बड़े अमाउंट में किसी को पैसे उधार देने से बचें। इसे वापस मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यों में चुनौतियों आएंगी, लेकिन आप हर कार्य आसानी से पूरा करने में सफल होंगे। कर्क राशि- आज कर्क राशि वालों की आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। ऑफिस में काफी बिजी शेड्यूल रहेगा। पारिवारिक जीवन की दिक्कतों को समझदारी से सुलझाएं। परिस्थिति को अनियंत्रित न होने दें। आज धन-संपदा में वृद्धि के योग बनेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों से छुटकारा मिलेगा। आध्यात्मिक कार्यों में दिलचस्पी बढ़ेगी। कारोबार में विस्तार के लिए ज्यादा मेहनत करना पड़ेगा। हालांकि, किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि के भी नए मौके मिलेंगे। सिंह राशि- आज सिंह राशि वाले आय के नए साधनों की तलाश करने में सफल होंगे। प्रियजन से मुलाकात के लिए यात्रा के योग बनेंगे। आज आप घर मरम्मत कराने का प्लान बना सकते हैं। पार्टनर के साथ टाइम स्पेंड करें। रिश्तों में स्वार्थी होने से बचें। धैर्यशीलता बनाए रखें। स्वास्थ्य पर खास ध्यान दें। ऑफिस का प्रेशर घर न लाएं और फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करें। इससे मन को शांति मिलेगी और तनाव भी कम होगा। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज धन बचत करने पर फोकस करना होगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें। प्रोफशनल लाइफ में बदलाव के संकेत हैं। यह फैमिली के साथ वेकेशन का प्लान बनाने का बेस्ट टाइम है। कुछ जातक पुरानी प्रॉपर्टी को बेचकर या किराए से धन लाभ हो सकता है। परिजनों का प्यार और सपोर्ट मिलेगा। कारोबार में विस्तार होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। वाणी में सौम्यता का प्रभाव रहेगा। तुला राशि- आज तुला राशि वालों को लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। आय के नए स्त्रोतों से धन लाभ होगा। ऑफिस में कार्यों की तारीफ होगी। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। विरासत की संपत्ति से धन लाभ होगा। रोमांटिक लाइफ अच्छी रहेगी। रिश्तों में प्यार और विश्वास बढ़ेगा। ऑफिस के कार्यों में लापरवाही न बरतें। आज आपके अटके हुए कार्य सफल होंगे। नए व्यापार की शुरुआत के लिए भी आज का दिन अच्छा रहेगा। वृश्चिक राशि- आज वृश्चिक राशि वालों को छोटी-मोटी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सोच-समझकर धन खर्च करें। बेकार के खर्चों पर नियंत्रण रखें। शैक्षिक कार्यों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करेंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कुछ जातक नए वाहन की खरीदारी कर सकते हैं। ऑफिस में आपके सुझावों की तारीफ होगी। फैमिली के साथ मौज-मस्ती भरे पलों को एंजॉय करेंगे। धनु राशि- आज का दिन धनु राशि वालों के लिए शानदार रहेगा। ऑफिस में बॉस आपके कार्यों से इंप्रेस होंगे। मन प्रसन्न रहेगा। नेगेटिविटी से मुक्ति मिलेगी। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ यात्रा के योग बनेंगे। कुछ जातक प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं। नौकरीपेशा वालों के प्रमोशन के चांस बढ़ेंगे। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेमी के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। आज आपका स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। आप हेल्दी और फिट रहेंगे। मकर राशि- आज मकर राशि वालों को निवेश से जुड़े फैसले बहुत सोच-समझकर लेना होगा। पारिवारिक जीवन में छोटी-मोटी दिक्कते रहेंगी। आज आप प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने का प्लान बना सकते हैं। प्रोफेशनल लाइफ में थोड़ी चुनौतियां रहेंगी। लाइफ पार्टनर संग सोच मैच नहीं खाएगी। जिससे अनबन संभव है। ऑफिस में प्रतिस्पर्धा का माहौल रहेगा। विरोधी एक्टिव रहेंगे। सिर दर्द या थकान की समस्या हो सकती है। लव लाइफ अच्छी रहेगी। कुंभ राशि- आज कुंभ राशि वालों को प्रोफेशनल लाइफ में आने वाली दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा। आप फैमिली के साथ किसी पार्टी में शामिल होंगे। यात्रा के योग बनेंगे। धन-संपदा में वृद्धि होगी। आय के नए साधन बनेंगे। पार्टनर के साथ लव लाइफ के रोमांटिक पलों को एंजॉय करेंगे। साथी संग रिश्ता मजबूत होगा। ऑफिस में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। जिससे सभी कार्य बिना किसी विघ्न-बाधा के संपन्न होंगे। हालांकि, कुछ कार्यों को पूरा करने में ज्यादा मेहनत करनी होगी। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज आर्थिक मामलों पर थोड़ा ध्यान देना होगा। बिजनेसमेन को व्यापार में बढ़ोत्तरी के कई मौके मिलेंगे। प्रॉपर्टी को लेकर चल रहे विवाद सुलझ जाएंगे। कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजयी हासिल होगी। शैक्षिक कार्यों में शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। स्टूडेंट्स को अपने पढ़ाई पर ज्यादा फोकस करना चाहिए। नए फिटनेस रूटीन में शामिल हों। अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। आज पार्टनर संग आपका इमोशनल बॉन्ड स्ट्रॉन्ग होगा।

MP के खरगोन में खेत में कपास व तुअर की फसल के बीच नशे की खेती पकड़ी, गांजे के 620 पौधे जब्त

खरगोन आपेरशन प्रहार के तहत अवैध मादक पदार्थ (गांजे) की खेती करने वालों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिले के बिस्टान थाना क्षेत्र के रसगांगली सालई कुंडी फालिया में खेत में कपास व तुअर की फसल के बीच नशे की खेती पकड़ी है। यहां किसान ने 620 गांजे के पौधे लगाए थे। इनकी कटाई की तो 14 क्विंटल 26 किलोग्राम जिसकी अनुमानित कीमत 75 लाख से अधिक है। एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। एसपी धर्मराज मीना ने बताया कि 16 अक्टूबर 2024 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि थाना बिस्टान क्षेत्र के ग्राम रसगांगली सालई कुंडी फालिया मे सामीलाल उर्फ श्यामलाल के खेत में कपास व तुअर की फसल के बीच बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ गांजे के पौधे लगाए हैं। मुखबिर की सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया और तत्काल कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम का गठन किया। पुलिस टीम द्वारा प्लानिंग के तहत सामीलाल उर्फ श्यामलाल के खेत मे घेराबंदी कर दबिश दी गई। सामीलाल उर्फ श्यामलाल से गांजे की खेती करने के संबंध मे दस्तावेज मांगने पर उसने कोई दस्तावेज या वैध लाइसेंस नहीं होना बताया। पुलिस ने सामीलाल उर्फ श्यामलाल के खेत से कुल अवैध गांजे के 620 हरे पौधे कुल वजनी 14 क्विंटल 26 किलो ग्राम को विधिवत जब्‍त किया। पुलिस टीम ने आरोपी सामीलाल उर्फ श्यामलाल के विरुद्ध थाना बिस्टान पर अपराध क्रमांक 290/24 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया है।एसपी ने टीम को 10 हजार रुपये इनाम की घोषणा की है। कार्यवाही में एसडीओपी अनुभाग भीकनगांव राकेश आर्य के मार्गदर्शन व थाना प्रभारी बिस्टान ईलापसिंह मुजल्दे, चौकी प्रभारी जैतपुर उनि सुदर्शन कुमार के नेतृत्व में उनि रामजीलाल डुडवे, उनि सुदामा मोरे, सउनि राजेश दिनकर, सतीशसिंह कुशवाह, मुकेश यादव,विष्णु जमरे, विनायक राजावत, अमित उपाध्याय, अनिल वास्केल, दीपक सोनी आदि शामिल रहे। पुलिस ने रात में दबिश दी, कटाई में कई घंटे लगे आरोपित ने शेडो एरिया (नो मोबाइल नेटवर्क झोन) के पहाड़ी क्षेत्र में अवैध गांजे के पौधे लगा रखे थे। यहां आरोपित का घर व खेत तीन ओर से पहाड़ व एक तरफ से तालाब से घिरा है। पौधों को पानी देने के लिए एडवांस ड्रिप वाटर सिस्टम को लगाया हुआ था। गांजे के पौधों की जड़ो के आसपास सफेद यूरिया खाद भी डाली हुई थी। पौधों को उखाड़ने में कई पुलिसकर्मियों को कई घंटों तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी।

मेट्रो में सफर करने वालो के लिए सुविधा, मेट्रो ने शुरू की वाट्सप टिकट सेवा, ‘Hi’ भेजकर खरीद सकते हैं टिकट

मुंबई महामुंबई मुंबई मेट्रो 2A और 7 पर अब आप वाट्सएप से टिकट बुक कर सकते हैं। यह सुविधा महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMMOCL) ने शुरू की है। यात्रियों को 86526 35500 पर ‘Hi’ लिखकर WhatsApp करना होगा या स्टेशनों पर लगे QR कोड को स्कैन करना होगा। यह सुविधा सभी स्टेशनों पर उपलब्ध है। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देना, टिकट काउंटरों पर कतारों को कम करना और यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है। एक बार में छह QR टिकट तक जेनरेट किए जा सकते हैं। क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान करने पर मामूली शुल्क लगेगा, लेकिन यूपीआई लेनदेन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। कतारें कम करने में मदद मिलेगी एमएमआरडीए आयुक्त संजय मुखर्जी ने कहा कि यात्रियों की संख्या में हर महीने औसतन 5% की वृद्धि हो रही है। हम समय की पाबंदी और निर्बाध सेवाओं के मामले में उम्मीदों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। वाट्सएफ टिकटिंग सुविधा से टिकट काउंटरों पर कतारें कम करने में मदद मिलेगी। जानें क्यों चुना ये विकल्प उन्होंने बताया कि वर्तमान में, हमारे 62% दैनिक यात्री पेपर क्यूआर टिकट का उपयोग करते हैं, 3% मोबाइल क्यूआर टिकट का उपयोग करते हैं और 35% NCMC (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड) का उपयोग करते हैं। MMMOCL के एमडी रूबल अग्रवाल ने कहा कि हम अपने यात्रियों को मेट्रो टिकट बुक करने के लिए एक सुलभ, सहज और परिचित प्लेटफॉर्म प्रदान करना चाहते थे। भारत में वाट्सएप का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है, इसलिए यह सबसे सही विकल्प था।

हरियाणा चुनावों में हार के बाद कांग्रेस को बड़ा झटका, कप्तान अजय सिंह यादव का इस्तीफा

चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा चुनावों में हार के बाद कांग्रेस पार्टी को राज्य में बड़ा झटका लगा है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के समधी और हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने पार्टी छोड़ दी है। रेवाड़ी से खुद छह बार विधायक रहे कैप्टन अजय सिंह यादव के बेटे चिरंजीव राव इस बार चुनावों में हार गए थे। इसके बाद से कैप्टन अजय सिंह यादव काफी नाराज चल रहे थे। गुरुवार को उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। अहीरवाल में बड़ा झटका कैप्टन का कांग्रेस को छोड़ना अहीरवाल में बड़ा झटका है। वे पार्टी के एकमात्र बड़े नेता थे। 2019 में वह कैप्टन अजय सिंह यादव गुरुग्राम से राव इंद्रजीत सिंह के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़े थे, हालांकि वह हार गए थे। कैप्टन अजय सिंह यादव ने ऐसे वक्त पर पार्टी छोड़ी है जब शुक्रवार को चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल के नेता का चुनाव होना है। अहीरवाल में कांग्रेस के पास एक वक्त राव इंद्रजीत सिंह और कैप्टन अजय यादव की जोड़ी थी लेकिन राव इंद्रजीत सिंह के बाद अब कैप्टन अजय सिंह यादव ने भी हाथ छोड़ दिया है। 2019 में जीते थे चिरंजीव राव विधानसभा चुनावों में पिछली बार उनके बेटे चिरंजीव राव रेवाड़ी से जीतने में सफल रहे थे। इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चिरंजीव राव ने जीतने पर डिप्टी सीएम का पद लाने का दांव भी खेला था, लेकिन वह बीजेपी कैंडिडेट के सामने हार गए। इसके बाद कैप्टन अजय सिंह यादव ने संगठन में अहीरवाल की उपेक्षा का आरोप लगाया था। वर्तमान में कैप्टन अजय सिंह यादव कांग्रेस की ओबीसी सेल में राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व निभा रहे थे। हरियाणा में हार के बाद कांग्रेस विधायक दल की 18 अक्तूबर को चंडीगढ़ में बैठक होगी। इसमें नए नेता का चुनाव होगा। जो कांग्रेस विधायक दल का नेता होगा। वहीं विधानसभा में नेता विपक्ष बनेगा। कांग्रेस को इस बार चुनावों में 37 सीटों पर जीत मिली है।

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