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लाहौर में लोगों का दम घुट रहा, भीषण प्रदूषण से लोग परेशान, पिछले 30 दिनों में 19 लाख से अधिक लोग सांस की बीमारियों से पीड़ित

लाहौर पाकिस्तान के लाहौर में लोगों का दम घुट रहा है। भीषण प्रदूषण से लोग परेशान हैं। पिछले 30 दिनों में 19 लाख से अधिक लोग सांस की बीमारियों से पीड़ित होकर सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचे हैं। शनिवार को ही पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 75,000 से अधिक लोगों ने विषैली धुंध और वायु प्रदूषण की वजह से श्वसन संबंधी समस्याओं के कारण अस्पताल पहुंचे। इसके अलावा 3,359 अस्थमा रोगियों, 286 हृदय रोग पीड़ित, 60 स्ट्रोक पीड़ित और 627 कंजंक्टिवाइटिस मरीजों का इलाज किया गया। लाहौर में वायु प्रदूषण से जुड़े सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। यहां 5,353 व्यक्ति सांस संबंधी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। इनमें 359 अस्थमा के मरीज, 171 हृदय रोगी, 20 स्ट्रोक पीड़ित और 303 कंजंक्टिवाइटिस से पीड़ित हैं। लाहौर के प्रमुख अस्पताल मरीजों से भरे हैं। सांस रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।   लाहौर और मुल्तान संभाग में स्वास्थ्य आपातकाल दोनों ही संभागों में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद। सरकार ने सभी सार्वजनिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। सभी पार्कों को भी किया गया बंद। बाजारों का खुलने का समय सीमित किया गया। कई इलाकों में कृत्रिम बारिश का लिया गया सहारा। चिकित्सा कर्मचारियों की छुट्टियां रद। मरीजों की संख्या बढ़ी तो चरमरा सकती स्वास्थ्य व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के निगरानी शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या चरम पर पहुंच गई है। आने वाले दिनों में बाह्य रोगी और आपातकालीन विभागों में मरीजों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करना कठिन हो सकता है। एक स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक पिछले 30 दिनों में 1.91 मिलियन से ज़्यादा लोग सांस की बीमारियों से पीड़ित होकर सरकारी अस्पतालों में भर्ती हुए हैं। इनमें से 133,429 मामले सिर्फ लाहौर के हैं। 119,462 अस्थमा के मरीज भी सामने आ चुके हैं। इनमें भी 5,577 पीड़ित लाहौर के हैं। लाहौर में स्थिति गंभीर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 13,862 हृदय रोगियों में से 5,455 लाहौर के हैं। 5,141 स्ट्रोक रोगियों में से 491 लाहौर का संबंध लाहौर से है। कंजंक्टिवाइटिस के कुल 11,913 पीड़ितों में 1,945 अकेले लाहौर से हैं। स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता सईद हमद रजा ने माना कि स्थिति गंभीर है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अधिकारियों ने अस्पतालों में व्यापक व्यवस्था की है। चिकित्सा कर्मचारियों की सभी आपातकालीन छुट्टियां रद कर दी गई हैं। चौबीसों घंटे सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

स्वयं इंदिरा गांधी स्वर्ग से लौटकर आ जाएं तो वापस अनुच्छेद 370 इस देश में लागू नहीं होगा, गजेंद्र शेखावत ने दिया विवादित बयान

जयपुर जम्मू-कश्मीर में नई सरकार बनने के बाद से अनुच्छेद 370 का मामला गरमाया हुआ है. अब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस पर बड़ी बात कह दी है. गजेंद्र शेखावत ने अमित शाह के बयान को दोहराते हुए अपनी राय जाहिर की है. जोधपुर में बातचीत में गजेंद्र शेखावत ने कहा, ”गृह मंत्री अमित शाह जी ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि स्वयं इंदिरा गांधी स्वर्ग से लौटकर आ जाएं तो वापस अनुच्छेद 370 इस देश में लागू नहीं होगा.” गजेंद्र सिंह शेखावत ने ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि जोधपुर में एलिवेटेड रोड निर्माण प्रक्रिया शुरू हो रही है जिसको लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह है. अमित शाह ने चुनावी रैली में कही थी यह बात, भड़की कांग्रेस पिछले दिनों महाराष्ट्र के परभणी, जलगांव और धुले में अमित शाह ने चुनावी रैली को संबोधित किया. चुनावी रैली में अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि राहुल गांधी फिर अनुच्छेद 370 लाना चाहते हैं. आप तो क्या स्वर्ग से आपकी दादी इंदिरा गांधी भी आ जाए तो भी धारा 370 वापिस नहीं आ पाएगा. अमित शाह के इस बयान पर कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई थी. महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि अगर आज पूर्व पीएम इंदिरा गांधी जिंदा होतीं तो बीजेपी राजनीतिक रूप से कहीं नहीं होती. विधानसभा चुनावों का मुद्दा बना अनुच्छेद 370 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया था. इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था. जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा हटाए जाने पर विपक्षी पार्टियां बीजेपी पर हमलावर रही हैं. अब जबकि जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद चुनाए गए और नई सरकार का गठन हुआ तो एकबार फिर अनुच्छेद 370 और राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठने लगी है.

बस स्टैंड पर फटा गैस सिलेंडर, हुआ ब्लास्ट, करीब 20 लोग झुलसे, 12 साल के बच्चे की हालत गंभीर

छतरपुर छतरपुर जिले के बिजावर बसस्टैंड पर रविवार दोपहर में एक पेटीज के ठेले पर अचानक छोटा गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। सिलेंडर ब्लास्ट होने के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई। लोग यहां वहां भागते नजर आए। हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। किसी के चेहरे पर असर हुआ है तो किसी के सीने और हाथों की स्किन जल गई। 12 साल के बच्चे की हालत गंभीर घटना की जानकारी लगते ही बिजावर विधायक राजेश बबलू शुक्ला मौके पर पहुंचे और प्रशासन को घटनाक्रम की जानकारी दी। सूचना मिलते ही कलेक्टर पार्थ जैसवाल और एडीएम अरविंद नागदवे सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायलों को दो एंबुलेंसों से बिजावर अस्पताल और छतरपुर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां घायलों को प्राथमिक उपचार दे दिया गया है। घायलों में एक 12 साल के बच्चे की हालत गंभीर बताई गई है। हादसे में यह लोग हुए घायल रविवार को हाट बाजार भी लगा हुआ था। इस कारण बाजार में भीड़ थी। ठेले पर रखे सिलेंडर में लीकेज होने से ब्लास्ट हो गया। ठेले के आस-पास खड़े करीब 20 लोग वह घालय हो गए हैं। कोई तीन फीसदी, कोई पांच फीसदी तो कोई 15 फीसदी से ज्यादा जल गया है। जिसका इलाज कराया जा रहा है। सिलेंडर ब्लास्ट होने की घटना में राधे नामदेव, मीना अहिरवार, क्रिस, अंकित, नरेंद्र राजपूत, प्रिंस, प्रीतम, नीलम कुशवाह, बालकिशन, दिनेश, जमुना, गुड्डी, आशीष शर्मा, यश साहू, नारायण साहू सहित करीब 20 से ज्यादा लोग सिलेंडर ब्लास्ट की घटना में घायल हुए हैं। अधिकारियों की निगरानी पर सवाल शहर सहित जिलेभर में घरेलु सिलेंडर दुकानों में उपयोग किए जा रहे हैं। जिनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। नगर कस्बों के अलावा छतरपुर शहर में बसस्टैंड और रेलवे स्टेशन सहित अस्पताल के आसपास ठेलों और दुकानों पर घरेलु गैसे सिलेंडरों का उपयोग धड़ल्ले से होता रहता है। जिनके खिलाफ फूड विभाग व अन्य अधिकारी कार्रवाई तक नहीं करते।

चेन्नई: वंदे भारत ट्रेन के खाने में निकला कीड़ा, कॉन्ट्रैक्टर पर लगा 50 हजार का जुर्माना, कर्मचारी बोला- ‘जीरा है’

चेन्नई वंदे भारत से यात्रा कर रहे एक यात्री को तिरुनेलवेली और चेन्नई के बीच चलने वाली ट्रेन में भोजन के रूप में परोसे गए सांभर में तीन कीड़े मिले. मुरुगन नाम के यात्री ने इसकी शिकायत करने के लिए फूड प्रोवाइडर को फोन किया था. मुरुगन ने कहा कि फूड प्रोवाइडर ने दो कीड़े अपने हाथ से निकाल दिए जबकि एक बचा हुआ कीड़ा मुरुगन ने अपने हाथ से निकाला. जानकारी के मुताबिक फूड प्रोवाइडर ने यह कहकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की कि यह कोई कीड़ा नहीं बल्कि जीरा है. इस सफाई से परेशान होकर मुरुगन ने शिकायत आगे बढ़ा दी. उन्होंने बातचीत को कैमरे पर रिकॉर्ड किया और खाने को वापस कर दिया. उनके आसपास मौजूद यात्रियों ने भी खाना वापस कर दिया. ‘ऐसा खाना देंगे तो फूड पॉइजनिंग हो जाएगी’ मुरुगन ने कहा, ‘अगर आप बच्चों को ऐसा खाना देंगे तो उन्हें फूड पॉइजनिंग हो सकती है. इडली पर रंग के निशान हैं.’ इस दौरान फूड प्रोवाइडर मुरुगन और उनके आसपास मौजूद यात्रियों को यह मनाने की कोशिश करता रहा कि यह सांभर मसाला और जीरा है. मामले का संज्ञान लेते हुए, दक्षिणी रेलवे ने एक स्पष्टीकरण जारी किया जिसमें पुष्टि की गई कि परोसे गए खाने में कीड़ा था लेकिन दावा किया कि वह कैसरोल कंटेनर के ढक्कन पर चिपका हुआ था और कहा कि कीड़ा खाना पकने के बाद वहां आया होगा. कॉन्ट्रैक्टर पर 50,000 रुपये का जुर्माना दक्षिण रेलवे, मदुरै डिवीजन ने कहा, ‘दूषित खाने के पैकेट को गुणवत्ता जांच के लिए डिंडीगुल में हेल्थ इंस्पेक्टर को सौंप दिया गया है. शुरुआती जांच में कोई असामान्यता सामने नहीं आई है. मिनी पैंट्री एरिया के गहन निरीक्षण से यह पुष्टि की गई कि यह स्वच्छ था और इसमें कीड़ों की मौजूदगी का कोई संकेत नहीं था. इस लापरवाही के परिणामस्वरूप, कॉन्ट्रैक्टर पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.’

मुख्यमंत्री साय बोले – खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित आई स्पोर्टज़ बैडमिंटन अरीना में आयोजित सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और बेहतर खेल अधो-संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को 3 करोड़ रुपए, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ व कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी । मुख्यमंत्री श्री साय ने सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन का यह टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 10 देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एकता, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। यह युवाओं को सकारात्मक और ऊर्जावान बनाता है। भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है। छत्तीसगढ़ में हम लगातार खेलों को आगे बढ़ा रहे हैं। हमारे राज्य में अनेक प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। भारत सरकार की खेलो-इंडिया योजना को भी हम छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लागू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी मुझे अवसर मिलता है। मैं खिलाड़ियों से बातचीत करके उनकी अपेक्षाओं को जानने समझने का प्रयास करता हूं। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें प्रोत्साहित करता हूं। कल ही मैंने धमतरी की बैडमिंटन खिलाड़ी रीतिका ध्रुव से वीडियो कॉल पर बात करके राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें मिली उपलब्धियों के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रीतिका ने मुझे बताया कि उनके पिता जीवन-यापन के लिए मजदूरी करते हैं और मां आंगनवाड़ी सहायिका हैं। संघर्षों के बावजूद रीतिका ने बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन किया है। मैंने रितिका को आश्वस्त किया कि आप खूब आगे बढ़िये और अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करिये। हम आपका पूरा सहयोग करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इसी तरह कुछ दिन पहले भी छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बिटिया निशा से मैंने फोन पर बात की। निशा पूर्वी-अफ्रीकी देश तंजनिया का किलीमंजारों पर्वत फतह करना चाहती है। वह माउंट एवेरेस्ट भी फतह करना चाहती है। उसके पिता रिक्शा-चालक हैं। मुझे पता चला कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से वह बेटी पर्वतारोहण के लिए नहीं जा पा रही है। मैंने उसे सरकार की ओर से सभी तरह के सहयोग का भरोसा दिया और कल मैंने पौने चार लाख की राशि निशा बेटी के लिए स्वीकृत कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। बैडमिंटन के क्षेत्र में खिलाड़ी आगे बढ़ें इसके लिए भी हम सभी सुविधाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने मेंस डबल्स विजेता श्री हरिहरन व श्री रुबन कुमार को बधाई दी। उन्होंने सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चौलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विदेश से आए खिलाड़ियों और उनकी टीम के सभी सदस्यों का छत्तीसगढ़ में स्वागत किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विक्रम सिसोदिया, महासचिव श्री संजय मिश्रा, श्री राकेश शेखर, श्री गौतम महंता सहित बैडमिंटन संघ के पदाधिकारीगण, खिलाड़ी व बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय बोले- संगठित समाज ही विकसित समाज की पहचान

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रायपुर के ग्राम फुंडहर में छत्तीसगढ़ निषाद समाज के 23वें राज्य स्तरीय युवक-युवती एवं विधवा-विधुर परिचय सम्मेलन तथा आदर्श विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विवाहित जोड़ियों को शुभकामनाएं दी और निषाद समाज द्वारा किए जा रहे इस कार्य की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज द्वारा यह आयोजन बहुत अच्छा प्रयास है।सामाजिक एकता बहुत जरूरी है। समाज मे सभी बराबर होते हैं, कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। संगठित समाज से सिर्फ समाज को ही फायदा नहीं होता बल्कि समाज के साथ-साथ देश भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक उन्नति के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। शिक्षा से ही समाज आगे बढ़ता है। उन्होंने समाज प्रमुखों से सभी को शिक्षा का महत्व समझते हुए शिक्षा से जोड़ने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी गुहा निषादराज के वंशज हैं, जिन्होंने श्री राम की नौका पार कराई थी। हमारी सरकार द्वारा श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराए जा रहे हैं। उन्होंने सभी से प्रभु श्री राम के दर्शन करने का आग्रह किया। श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना पुनः प्रारंभ की जा रही है। मुख्यमंत्री ने निषाद समाज को शासन की मत्स्य पालन की योजनाओं का लाभ लेने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदीजी की गारंटी को हम पूरा कर रहे हैं। दो साल का बकाया धान बोनस, तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक में बढ़ोत्तरी, आवासहीनों को प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति जैसे अनेक निर्णय हमारी सरकार ले रही है और क्रियान्वित भी कर रही है। समर्थन मूल्य पर 14 नवम्बर से धान खरीदी की जा रही है। किसानों को 72 घण्टे में ही बेची गई धान की कीमत देने की व्यवस्था की गई है। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने घोघरा नवापारा में समाज के सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रूपए देने की घोषणा की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गत दिनों ग्राम छरछेद में हुई घटना में निषाद समाज के पीड़ित परिवार की सहायता राशि को 10 लाख रूपए से बढ़ाकर 20 लाख रूपए करने और साथ ही पीड़ित परिवार के चार बच्चों को 18 वर्ष होते तक प्रतिमाह 4 हजार रूपए की भी सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार के 2 युवाओं को कलेक्टर दर पर नौकरी दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने निषाद समाज के सब-इंस्पेक्टर पद पर चयनित 10 युवाओं को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, विधायक श्री मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर श्री एम आर निषाद, श्री सुरेश धीवर सहित बड़ी संख्या में निषाद समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा स्थित माताजी मंदिर से लौट रही बस पलटी, 3 लोगों की दर्दनाक मौत, 13 घायल

बूंदी राजस्थान के बूंदी जिले में लालसोट-कोटा मेगा हाईवे पर रविवार को तीर्थयात्रियों से भरी एक निजी बस के खंभे से टकराने के बाद पलट जाने से तीन लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना देर रात करीब दो बजे हुई जब तेज रफ्तार बस 43 यात्रियों को लेकर सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा स्थित माताजी मंदिर से लौट रही थी। पुलिस के अनुसार यह घटना तब घटी जब बस चालक एक खाई से बचने की कोशिश कर रहा था। इस दुर्घटना में अरविंद सिंह (62), अंतिम कुमार वैष्णव (28) और बस कंडक्टर मांगीलाल राठौर (60) की मौत हो गई। एक तीर्थयात्री ने संवाददाताओं को बताया कि बस तेज गति से चल रही थी, तभी चालक ने सड़क पर एक खाई से बचने की कोशिश की, जिससे बस नियंत्रण से बाहर हो गई और सड़क किनारे बिजली के खंभे से टकराने के बाद पलट गई। डीएसपी आशीष भार्गव ने बताया कि अरविंद सिंह और अंतिम कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कंडक्टर ने कोटा के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। घायलों को कोटा के एमबीएस अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। डीएसपी ने बताया कि दो महिलाओं समेत तीन घायलों की हालत गंभीर है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि वाहन को जब्त कर लिया गया है।

सुष्मिता सेन इरादों को अमल में लाने में रखती हैं विश्वास

मुंबई, अभिनेत्री सुष्मिता सेन, जिन्हें आखिरी बार स्ट्रीमिंग क्राइम-थ्रिलर सीरीज ‘आर्या’ सीजन 3 में देखा गया था, इरादों को अमल में लाने में विश्वास रखती हैं।अभिनेत्री ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर किया। उन्होंने लिखा, “एक इंच आगे बढ़ने एक मील के सपने देखने से बेहतर है।” उन्होंने कैप्शन में एक नोट भी लिखा, जिसमें उन्होंने सपनों को भी शक्तिशाली बताया लेकिन उन्होंने सपनों को क्रियान्वित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने लिखा, “यह आश्चर्यजनक है कि किसी भी चीज को हासिल करने की यात्रा कितनी सरल हो सकती है। इरादा एक शक्तिशाली उपकरण है, यह दिशा देने में मदद करता है लेकिन बिना गति के यह एक बेकार उपकरण है। इंच दर इंच हम मील तय करते हैं।” इससे पहले अभिनेत्री अपने दांत के दर्द का इलाज कराने के लिए एक दंत चिकित्सक के पास गई थी। जब वह दंत चिकित्सक के क्लिनिक के बाहर क्लिक की गई, क्लिनिक के बाहर खड़े पैपराजी से बातचीत की, तो यह स्पष्ट था कि उन्हें स्थानीय एनेस्थीसिया की भारी खुराक दी गई थी, क्योंकि उसकी बोली लड़खड़ा रही थी। दर्द में होने के बावजूद, अभिनेत्री ने अपनी खास गर्मजोशी और करुणा के साथ पैपराजी का अभिवादन किया। काम के मोर्चे पर सुष्मिता को आखिरी बार अंतर्राष्ट्रीय एमी नामांकित सीरीज ‘आर्या’ में देखा गया था, जिसमें वह मुख्य भूमिका निभा रही हैं। उन्हें स्ट्रीमिंग बायोग्राफिकल ड्रामा ‘ताली: बजाऊंगी नहीं, बजाऊंगी’ में भी देखा गया था, जिसमें उन्होंने ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट श्रीगौरी सावंत की भूमिका निभाई थी। रवि जाधव द्वारा निर्देशित यह सीरीज मुंबई की ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट गौरी सावंत के जीवन और संघर्ष के महत्वपूर्ण क्षणों को कवर करती है।

केजरीवाल ने भाजपा के नेता अनिल झा को आम आदमी पार्टी की सदस्यता दिलाई, लगा झटका

नई दिल्ली दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री के पद पर काबिज कैलाश गहलोत ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। गहलोत का इस्तीफा आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। कैलाश गहलोत को अरविंद केजरीवाल का करीबी माना जाता था, और उनके इस्तीफे के बाद से आम आदमी पार्टी में हलचल मच गई है। वहीं अब आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने दिल्ली के राजनीतिक हालात पर अपने विचार साझा किए। इस दौरान, केजरीवाल ने भा.ज.पा. के नेता अनिल झा को आम आदमी पार्टी की सदस्यता दिलाई। जो बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। इस्तीफा और पार्टी में हलचल आपको बता दें कि कैलाश गहलोत के इस्तीफे के बाद, आम आदमी पार्टी में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है। गहलोत को अरविंद केजरीवाल के विश्वसनीय सहयोगियों में गिना जाता था, और उनकी ओर से इस्तीफा देना पार्टी के लिए एक अचानक और अप्रत्याशित कदम था। पार्टी ने गहलोत के इस्तीफे को साजिश करार दिया है और इसका आरोप भाजपा पर लगाया है। पार्टी का मानना है कि यह सब एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।   अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया इस इस्तीफे के बाद, आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यह सब एक साजिश है और गहलोत का इस्तीफा पार्टी की योजनाओं को नुकसान पहुंचाने के लिए दिया गया है।    केजरीवाल ने BJP नेता को दिलाई पार्टी सदस्यता इस मौके पर, अरविंद केजरीवाल ने भा.ज.पा. के नेता अनिल झा को आम आदमी पार्टी की सदस्यता दिलाई। यह कदम खास था क्योंकि केजरीवाल ने यह दिखाने की कोशिश की कि भाजपा के लोग भी पार्टी छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो रहे हैं, जो भाजपा के लिए एक बड़ा संदेश हो सकता है। कैलाश गहलोत का इस्तीफा आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकट बन चुका है। इसके बाद अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने यह साफ किया कि वे इसे किसी साजिश का हिस्सा मानते हैं। अब यह देखना होगा कि इस घटनाक्रम के बाद पार्टी में क्या नए बदलाव होते हैं और इसका असर आगामी चुनावों पर क्या पड़ता है।

ग्वालियर सेंट्रल जेल की बढ़ी चिंता! सेंट्रल जेल से दो बंदी पैरोल पर बाहर जाने के बाद वापस नहीं लौटे, फरार बंदियों की तलाश शुरू

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की सेंट्रल जेल से बंदियों के फरार होने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में दो बंदी जो हत्या जैसे गंभीर अपराधों में सजा काट रहे थे, पैरोल पर बाहर जाने के बाद वापस नहीं लौटे और फरार हो गए। जेल प्रशासन ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की है और फरार बंदियों की तलाश शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला? ग्वालियर सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने बहोड़ापुर थाना पुलिस से शिकायत की है कि दो बंदी पैरोल पर बाहर गए थे, लेकिन वे अपनी तय तारीख पर जेल नहीं लौटे। जेल प्रशासन ने बताया कि ग्वालियर जिले के भितरवार निवासी कमलेश पुत्र पन्नालाल बाथम हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले में सजा काट रहा था। पैरोल पर बाहर जाने के बाद वह निर्धारित तारीख पर वापस नहीं लौटा। वहीं जेल प्रशासन ने जब कमलेश के वापस न लौटने की जानकारी दी, तो पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, कमलेश के खिलाफ बहोड़ापुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और अब उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। बंदियों की तलाश जारी ग्वालियर सेंट्रल जेल से फरार इन बंदियों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। जेल प्रबंधन और पुलिस का कहना है कि फरार बंदियों की तलाश के लिए विशेष टीम बनाई गई है और जल्दी ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। अंत में बता दें कि ग्वालियर जेल से फरार होने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे जेल सुरक्षा और पैरोल प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस अब इन मामलों को गंभीरता से ले रही है और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।  

विश्व पर्यटन मानचित्र में बस्तर के धुड़मारास गांव ने बनाई अपनी जगह

रायपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के छोटे से गांव धुड़मारास ने देश और दुनिया में अपनी अनोखी पहचान बनाई है। बस्तर जिले के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के उन्नयन कार्यक्रम के लिए चयनित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के पर्यटन ग्राम उन्नयन कार्यक्रम के लिए 60 देशों से चयनित 20 गांवों में भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के धुड़मारास ने भी अपनी जगह बनाई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए पर्यटन विभाग की टीम के साथ ही बस्तर जिला प्रशासन तथा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धुड़मारास की सफलता का मुख्य श्रेय यहां के स्थानीय निवासियों को जाता है, जिन्होंने अपने पारंपरिक ज्ञान और संसाधनों को संरक्षित रखते हुए इसे आकर्षक पर्यटक स्थल में बदल दिया है। धुड़मारास प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। बस्तर के अदभुत आदिवासी जीवनशैली, पारम्परिक व्यंजन, हरियाली और जैव विविधता से समृद्ध यह गांव पर्यटकों के लिए एक आकर्षक ही नहीं बल्कि रोमांचक स्थल है। धुड़मारास गांव दुनिया भर के उन 20 गांवों में से एक है जिसे सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव उन्नयन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए चुना गया है। धुड़मारास को इसकी अनूठी सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और सतत पर्यटन विकास की क्षमता के कारण चुना गया है। उन्नयन कार्यक्रम में शामिल होने से गांव को उन संसाधनों तक पहुंंच प्राप्त होगी जो इसके पर्यटन बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, सांस्कृतिक संपत्तियों को बढ़ावा देने और ग्रामवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार में मदद करेंगे। विश्व स्तर पर पर्यटन गांव के रूप में इस गांव की पहचान स्थापित होने का तात्पर्य यह भी है कि लंबे समय के बाद बस्तर में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। उल्लेखनीय है कि धुड़मारास तथा बस्तर के ही चित्रकोट गांव को इस वर्ष 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार मिला था।      प्रकृति की गोद में बसा धुड़मारास गांव घने जंगलों से घिरा हुआ है। गांव के बीच से बहती कांगेर नदी इसे मनमोहक बना देती है। बस्तर के लोग मेहमाननवाजी के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि स्थानीय लोग अपने घरों को पर्यटकों के लिए उपलब्ध करवा रहे हैं, ठहरने की सुविधा उपलब्ध करवाने से उन्हें रोजगार मिल रहा है। गांव के युवा पर्यटकों को आसपास के क्षेत्रों की सैर कराते हैं। स्थानीय खानपान के अंतर्गत पर्यटकों को बस्तर के पारम्परिक व्यंजन परोसे जाते हैं।    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर में पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए ट्रैकिंग ट्रेल और कैंपिंग साइट विकसित करने सहित होम-स्टे की सुलभता हेतु पहल कर रही है। साथ ही स्थानीय शिल्पकारों और कलाकारों को प्रोत्साहन दे रही है, जिससे ईलाके के रहवासी ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता होने के साथ आय संवृद्धि हो सके। राज्य सरकार पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु क्षेत्र में सड़कों और परिवहन सुविधाओं का विकास पर भी ध्यान दे रही है। बस्तर के पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में देश के पर्यटकों सहित अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए व्यापक प्रचार- प्रसार किया जा रहा है। वहीं स्थानीय हस्तशिल्प और कला को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।     छत्तीसगढ़ सरकार के वन एवं पर्यटन विभाग ने धुड़मारास को ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब जिले के नागलसर और नेतानार में भी स्थानीय युवाओं की ईको पर्यटन विकास समिति द्वारा गांव में बहने वाली शबरी एवं कांगेर नदी में कयाकिंग एवं बम्बू राफ्टिंग की सुविधा पर्यटकों को मुहैया कराई जा रही है। साथ ही स्थानीय व्यंजन से पर्यटकों को बस्तर के पारम्परिक खान-पान का स्वाद मिल रहा है।     गांव के युवाओं की ईको पर्यटन विकास समिति कांगेर नदी में कयाकिंग और बम्बू राफ्टिंग की सुविधाएं पर्यटकों को उपलब्ध करवाती है, जिससे इस समिति को अच्छी आमदनी हो रही है। यह पर्यटन समिति अब अपनी आय से गांव में पर्यटकों के लिए प्रतीक्षालय और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित कर रहे हैं।      बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास की कहानी यह साबित करती है कि जब सामुदायिक भागीदारी और शासन का सहयोग मिलता है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक और सांस्कृतिक विकास संभव है। यह गांव अब बस्तर के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन गया है। यही वजह है कि कांगेर घाटी नेशनल पार्क के नागलसर और नेतानार में भी ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है।

रिपोर्ट में खुलासा-भारत के इक्विटी बाजार ने 2000 के बाद से चीन के बाजारों को बेहतर प्रदर्शन किया

नई दिल्ली डॉयचे बैंक की एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत के इक्विटी बाजार ने 2000 के बाद से चीन के बाजारों को बेहतर प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन के तेज़ आर्थिक विकास के बावजूद, उसके इक्विटी बाजार का प्रदर्शन औसत ही रहा, जहाँ वास्तविक रिटर्न केवल 4 प्रतिशत प्रति वर्ष था। वहीं, भारत ने इस अवधि के दौरान उच्चतम वास्तविक इक्विटी रिटर्न प्रदान किया, जो 6.9 प्रतिशत प्रति वर्ष था। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत ने उभरते और विकसित दोनों प्रकार के बाजारों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। 2000 से 2024 तक भारत का इक्विटी रिटर्न दुनिया भर के प्रमुख बाजारों में सबसे अधिक था। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत और अमेरिका दोनों ही बाजार 2024 तक रिकॉर्ड-उच्च CAPE अनुपात के पास व्यापार कर रहे हैं। CAPE (चक्रीय रूप से समायोजित मूल्य-से-आय) अनुपात एक वित्तीय मीट्रिक है, जो 10 वर्षों की अवधि में आय के आधार पर बाजार का मूल्यांकन करता है। यह बाजार में चक्रीय उतार-चढ़ाव को सुसंगत करता है, लेकिन संरचनात्मक बदलावों को पूरी तरह से कैद नहीं कर पाता है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का तकनीकी प्रभुत्व, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में प्रगति और आय अपेक्षाओं में बदलाव अमेरिकी बाजारों में उच्च मूल्यांकन को सही ठहराने में मदद करते हैं। वहीं, भारत का मजबूत विकास दृष्टिकोण और वैश्विक बाजारों में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की क्षमता निवेशकों को भारत में निवेश करने के लिए प्रेरित कर रही है, जिससे यहां भी उच्च मूल्यांकन देखा जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत और अमेरिका दोनों ही आने वाले दशकों (2025-2049) के लिए तैयार हैं, हालांकि इन दोनों देशों के बाजारों के मूल्यांकन कुछ अन्य बाज़ारों से अधिक हैं। इन दोनों देशों के विकास की दिशा उनके संरचनात्मक बल और भविष्य की क्षमता पर निर्भर करेगी, और यही कारण है कि निवेशक इनके लिए अधिक प्रीमियम भुगतान करने को तैयार हैं।

हवाला घोटाले में गिरफ्तार दो बांग्लादेशी नागरिकों के बैंक खातों की भी ईडी अधिकारी जांच कर रहे

कोलकाता पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हवाला मामले में उसके द्वारा गिरफ्तार किए गए दो बांग्लादेशी नागरिकों रोनी मोंडल और समीर चौधरी के बैंक खातों की जांच कर रहा है। उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर में रहने वाले मंडल के बहन, बहनोई और भतीजे के बैंक खातों की भी ईडी अधिकारी जांच कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि जांच अधिकारियों का मानना है कि मंडल के पास उच्च स्तरीय प्रभावशाली राजनीतिक संपर्क हैं, जिसके कारण वह बांग्लादेशी नागरिक होने के बावजूद स्थानीय बैरकपुर नगर पालिका से शहरी नागरिक निकाय के लिए अनुबंध कार्य करने हेतु व्यापार लाइसेंस प्राप्त करने में सक्षम हो गया। जांच अधिकारियों का मानना है कि मंडल इलाके में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की विभिन्न जनसभाओं में मौजूद था। सूत्रों ने बताया कि उनके बैंक खातों की जांच से अधिकारियों को पैसे के लेनदेन के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलेगी, जिससे समय के साथ प्रभावशाली लोगों की पहचान हो सकेगी। मंडल और चौधरी के अलावा ईडी अधिकारियों ने हवाला घोटाले के सिलसिले में पिंटू हलदर और पिंकी बसु नामक दो नागरिकों को भी गिरफ्तार किया था। मंगलवार को ईडी के अधिकारियों ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों के साथ पश्चिम बंगाल और झारखंड में फैले हवाला घोटाले के सिलसिले में पश्चिम बंगाल में 12 स्थानों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया। इस घोटाले का संबंध बांग्लादेश से भी है। इन 12 स्थानों में उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में एक महिला का घर भी शामिल है, जिसके खिलाफ रांची में मामला दर्ज किया गया था। संबंधित महिला ने बांग्लादेश से अन्य महिलाओं को रोजगार का झांसा देकर अवैध रूप से पश्चिम बंगाल में प्रवास करवाया और फिर उन्हें अंतर-राज्यीय हवाला रैकेट में शामिल किया, जिसमें मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और झारखंड शामिल थे। इन बांग्लादेशी महिलाओं को हिंदू नामों वाले आधार कार्ड जैसे फर्जी दस्तावेज भी दिए गए। सूत्रों ने बताया कि इनमें से कुछ बांग्लादेशी महिलाएं रांची भागने में सफल रहीं और वहां के एक स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। चूंकि, हवाला कारोबार धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के दायरे में आता है, इसलिए प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज करने के बाद ईडी ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले को अपने हाथ में ले लिया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि हवाला के जरिए आए धन का एक हिस्सा परिवहन व्यवसाय में भी निवेश किया गया था।  

नल-जल योजना में अब नई गड़बड़ी सामने आई, पाइप लिया नहीं और ठेकेदारों को कर दिया भुगतान

ग्वालियर नल जल योजना से जनता को पानी मिले न मिले ठेकेदार और अफसरों की चांदी होना तय है। इस योजना में अब नई गड़बड़ी सामने आई है। जिसमें माल का भुगतान तो हो गया, लेकिन माल विभाग ने लिया ही नहीं। यही नहीं बाद में इसी माल को खुर्द-बुर्द भी कर दिया गया। फर्जी सीपेट सर्टिफिकेट के मामले में फंसी मुरैना की दोनों फर्मों ने भी ऐसा ही किया है। मुख्य अभियंता कार्यालय ने जब जांच कराई तो इनकी साइट पर ही पाइप रखे मिले हैं। जिसके फोटो भी अफसरों को मिल चुके हैं। इसके बाद इस संबंध में सभी कार्यपालन यंत्रियों को पत्र भी जारी किया गया है। दरअसल मुरैना में मां हरसिद्धी कंस्ट्रक्शन कंपनी और मैसर्स मीरा धाकड़ फर्म ने फर्जी सीपेट रिपोर्ट लगाकर भुगतान प्राप्त किया था। इस मामले के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इधर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता आरएलएस मौर्य ने इस प्रकार के फर्जीवाड़े की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। जिसने स्पाट से फोटो लेकर भेज दिए हैं। जिससे पता चला कि विभाग द्वारा भुगतान करने के बाद भी पाइप अब तक दोनों फर्मों की साइट पर ही रखे हुए हैं। विभाग ने जब पड़ताल की तो पता चला कि इस प्रकार की स्थिति केवल मुरैना ही नहीं बल्कि कई अन्य जिलों में भी है। जहां भुगतान करने के बाद भी सामान को ग्रामीण पीएचई के अफसरों ने अपनी कस्टडी में नहीं लिया है। ये मिली शिकायतें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय को शिकायत मिली है कि ठेकेदारों के द्वारा योजनाओं के तहत खरीदे गए पाइपों का 60 प्रतिशत भुगतान प्राप्त किया गया है। इसके बाद पाइप विभाग की संपत्ति हो जाती है, लेकिन ठेकेदार इन पाइपों को अपने पास ही रखते हैं। इसमें यह भी शामिल है कि भुगतान प्राप्त करने के बाद ठेकेदार इस सामग्री को वहां से खुर्द-बुर्द कर देते हैं। इसके बाद ही गोपनीय रूप से पड़ताल कराई गई थी कि कहां पर उपयंत्रियों के रिकार्ड में सामग्री नहीं है। पता चला कि इस प्रकार की स्थिति अंचल के कई जिलों में है। यह है नियम: बताया जाता है कि नल जल योजना में जो भी सामान खरीदा जाता है, उसका 60 प्रतिशत भुगतान ग्रामीण पीएचई विभाग द्वारा किया जाता है। इसके बाद यह सामान विभाग को अपनी कस्टडी में ही रखना होता है। जबकि जांच में सामने आया कि ठेकेदारों ने विभाग से भुगतान ले लिया और पाइप व अन्य सामान भी अपने पास ही रखे रहे। अब क्या: मुख्य अभियंता कार्यालय ने जिन ठेकेदारों के द्वारा पाइप खरीदने के बाद भुगतान प्राप्त कर लिया गया है, ऐसे सभी पाइपों की मात्रा योजनावार एमएएस अकाउंट में संबंधित उपयंत्री से मंगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस योजना में पाइप की खरीदी और कस्टडी से लेकर तमाम जानकारी भी कार्यालय में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मुरैना की जिन फर्माें ने फर्जी सीपेट सर्टिफिकेट लगाए हैं, उन्हाेंने भुगतान ताे प्राप्त किया, लेकिन पाइप अब भी साइट पर ही रखे हुए हैं। इसी प्रकार की शिकायत अन्य जिलाें में भी मिली है। जब विभाग राशि का भुगतान कर चुका है ताे संपत्ति विभाग के पास हाेना चाहिए। इस मामले में हमने पूरी जानकारी सभी कार्यपालन यंत्रियाें से मंगाई है। इस प्रकार की गड़बड़ी में जाे भी दाेषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरएलएस मौर्य, मुख्य अभियंता लाेक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग

पूजा हेगड़े ने सूर्या 44 के बारे में रोमांचक जानकारी दी

  मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा हेगड़े ने अपनी आने वाली फ़िल्म सूर्या 44 के बारे में रोमांचक जानकारी दी है। पूजा हेगड़े जल्द ही कुछ बेहतरीन प्रोजेक्ट्स के साथ धमाल मचाने के लिए तैयार हैं और प्रशंसक यह देखने के लिए बेताब हैं कि उनके पास क्या है। हाल ही में इंस्टाग्राम पर आस्क मी एनीथिंग सेशन के दौरान, पूजा हेगड़े ने अपने फॉलोअर्स को अपनी बहुप्रतीक्षित पैन-इंडिया फिल्म, सूर्या 44 के बारे में एक झलक दिखाई। जब एक प्रशंसक ने अपडेट के लिए पूछा, तो पूजा ने ऐसा जवाब दिया जिसने सभी को उत्सुक कर दिया। उन्होंने कहा, “यदि कार्तिक सुब्बाराज को कोई प्रेम कहानी लिखनी पड़े, तो वह कैसी होगी? वह सूर्या 44 होगी।” दिलचस्प लग रहा है, है न? कार्तिक सुब्बाराज की सिग्नेचर स्टोरीटेलिंग और सूर्या की मुख्य भूमिका के साथ, यह पहले से ही काफी चर्चा बटोर रही है! एक अन्य प्रशंसक ने पूछा कि पूजा आगे किस तरह की फ़िल्में करना चाहती हैं। उनका जवाब? वह जीवन के उतार-चढ़ाव वाली कहानियाँ, आने वाले समय के नाटक, रोमांटिक कॉमेडी और रिश्तों पर आधारित फ़िल्में करना पसंद करेंगी। सूर्या 44 के अलावा, पूजा एक्शन से भरपूर देवा और बहुप्रतीक्षित थलपति 69 पर भी काम कर रही हैं।

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