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अब स्वर्ण जड़ित श्रीमद् भागवत भेंट करेंगे एमपी के रिटायर्ड आईएएस, इसका वजन लगभग 1.6 क्विंटल होगा

भोपाल मथुरा के श्रीकृष्ण मंदिर में स्वर्ण जड़ित (ताम्र पत्र पर सोने से मढ़े अक्षर) श्रीमद् भागवत रखी जाएगी। इसका वजन लगभग 1.6 क्विंटल होगा। इसके 18 हजार श्लोक ताम्र पत्रों पर सोने से मढ़े अक्षरों के रहेंगे। इसे श्रीकृष्ण मंदिर को अगले वर्ष 25 जनवरी को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भेंट किया जाएगा। मध्य प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस डॉ.सुब्रमण्यम लक्ष्मीनारायण यह श्रीमद् भागवत तैयार करवा रहे हैं। वह अयोध्या के श्रीराम मंदिर को स्वर्ण जड़ित श्रीरामचरितमानस और चरण भेंट कर चुके हैं। ज्वेलर्स से तैयार करवा रहे हैं मध्य प्रदेश और भारत सरकार में विभिन्न पदों पर सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए 1970 बैच के आईएएस डॉ. सुब्रमण्यम लक्ष्मीनारायण स्वर्ण जड़ित श्रीमद् भागवत भी प्रसिद्ध वुम्मिदी बंगारू ज्वेलर्स से तैयार करवा रहे हैं। इसी कंपनी ने नए संसद भवन में स्थापित सेंगोल (राजदंड) और स्वर्ण जड़ित श्रीरामचरितमानस तैयार किया है। डॉ. सुब्रमण्यम लक्ष्मीनारायण ने बताया कि यह काम अगले वर्ष 24 जनवरी से पहले पूरा हो जाएगा। मथुरा में 24 जनवरी को 551 महिलाएं कलश यात्रा निकालेंगी। 25 जनवरी की सुबह मंदिर में भेंट करेंगे इस श्रीमद् भागवत को पूरे क्षेत्र में घुमाकर 25 जनवरी की सुबह श्रीकृष्ण मंदिर को भेंट किया जाएगा। श्रीमद् भागवत करीब 1.6 क्विंटल भारी होगी। इसके निर्माण में तीन से चार करोड़ रुपये की लागत आ रही है। प्रत्येक ताम्र पत्र 14 गुणा 12 इंच का है। इस श्रीमद् भागवत में कुल 440 ताम्र पत्र लगेंगे। स्वर्ण जड़ित श्रीरामचरितमानस का वजन लगभग डेढ़ क्विंटल डॉ. सुब्रमण्यम लक्ष्मीनारायण ने बताया कि स्वर्ण जड़ित श्रीरामचरितमानस का वजन लगभग डेढ़ क्विंटल है। इसमें तांबे के प्रत्येक पत्र को सोने के पानी में डुबोया गया था। इसी तरह श्रीमद् भागवत भी तैयार हो रही है। उन्होंने बताया कि शुरुआत से ही सनातन धर्म से जुड़ा रहा। यह मान्यता रही है कि ईश्वर की कृपा से ही सब कुछ मिल रहा है तो क्यों न उसे ही सब अर्पित कर दिया जाए। मध्य प्रदेश में प्रमुख सचिव खनिज के साथ जनसंपर्क भी थे डॉ. सुब्रमण्यम लक्ष्मीनारायण मध्य प्रदेश में खनिज, पर्यटन, राजस्व और जनसंपर्क विभाग के प्रमुख सचिव रह चुके हैं। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का विश्वस्त अधिकारी माना जाता था। वे वर्ष 1999 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए और भारत सरकार के सचिव (गृह) रहे। वर्ष 2007 में सेवानिवृत्त होने के बाद विभिन्न कंपनियों के चेयरमैन और निदेशक पद का दायित्व संभाला। वर्तमान में भी विभिन्न कंपनियों से जुड़े हुए हैं।

रुड को हराकर एटीपी फाइनल्स के खिताबी मुकाबले में पहुंचे सिनर

ट्यूरिन जैनिक सिनर अपने शानदार सत्र का अंत करने से एक कदम दूर हैं। उन्होंने कैस्पर रुड को 6-1, 6-2 से हराकर लगातार दूसरे साल एटीपी फाइनल्स के खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। अपने ऐतिहासिक सत्र की 69वीं जीत के साथ 23 वर्षीय खिलाड़ी 2002 में 20 साल के लेटन हेविट के बाद वर्ष के अंत में होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कई खिताबी मुकाबले तक पहुंचने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। एटीपी की रिपोर्ट के अनुसार, सिनर और 2024 में आठवें टूर-लेवल खिताब के बीच अमेरिकी टेलर फ्रिट्ज खड़े हैं। अपने पिछले 26 मैचों में से 25 मैच जीतने वाले सिनर ने राउंड-रॉबिन चरण में फ्रिट्ज को सीधे सेटों में हराया है और इस इवेंट में अपराजित चैंपियन बनने की कोशिश कर रहे हैं। शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी 2018 में रिकॉर्ड सात बार के चैंपियन नोवाक जोकोविच के बाद से बिना कोई सेट गंवाए फाइनल में पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं। एक साल पहले, सिनर ने राउंड-रॉबिन चरण में जोकोविच को हराया था लेकिन ट्यूरिन में फाइनल में सर्बियाई खिलाड़ी से हार गए थे। तब से, उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन और यूएस ओपन में मेजर जीते हैं और पीआईएफ एटीपी रैंकिंग में नंबर-1 पर पहुंचने वाले इतिहास के पहले इटालियन बन गए हैं। सिनर को उम्मीद है कि वह रविवार को फ्रिट्ज के खिलाफ खिताबी मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करेंगे और अगले सप्ताह मैलागा में डेविस कप फाइनल के साथ वर्ष का समापन करेंगे। रूड ट्यूरिन में तीसरी बार सेमीफाइनल में भाग ले रहे थे, इससे पहले 2022 में फाइनल में जोकोविच से हार गए थे। 25 वर्षीय खिलाड़ी ने सीजन का अंत पीआईएफ एटीपी रैंकिंग में छठे स्थान पर किया, जिसमें बार्सिलोना में उनका पहला एटीपी 500 खिताब शामिल है।  

अब 21 साल बाद वापस अबूझमाड़ लौटेंगे 25 परिवार, छत्तीसगढ़-नारायणपुर में नक्सलियों के डर से छोड़े गांव

रायपुर. नक्सलियों के डर से अपना गांव छोड़ने के दो दशक से अधिक समय बाद लगभग 25 आदिवासी परिवार छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में अपने मूल स्थान पर लौटने की योजना बना रहे हैं। इन परिवारों के लगभग 100 सदस्यों ने 2003 में अबूझमाड़ स्थित गारपा गांव में घर छोड़ दिया था। 2003 में अबूझमाड़ स्थित गारपा गांव छोड़ने के बाद इन 25 परिवारों को नारायणपुर शहर के बाहरी इलाके में सरकारी भूमि पर बसाया गया। यहां उन्होंने आजीविका के लिए खेती करना शुरू कर दिया। अब 21 साल बाद ये परिवार हाल ही में अपने मूल स्थान को देखने गए। विकास कार्यों और स्थानीय आबादी के लिए पुलिस द्वारा वहां एक शिविर स्थापित करने के बाद अब ये परिवार वहां पुनर्वास की योजना बना रहे हैं। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की सीमा से लगा अबूझमाड़ हाल तक नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। 4 अक्टूबर को सुरक्षाबलों ने इलाके में एक मुठभेड़ के दौरान 31 नक्सलियों को मार गिराया था। नक्सलियों की धमकी के बाद गांव छोड़ने वाले 60 साल के सुक्कुराम नुरेटी ने पीटीआई को बताया कि पैतृक जमीन छोड़ना कभी आसान नहीं था। हमारे पास अपनी जान बचाने के लिए भागने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। नुरेटी का परिवार उन 25 परिवारों में से एक था, जिन्होंने अप्रैल 2003 में गारपा छोड़ दिया था। नुरेटी अबूझमारिया समुदाय से हैं, जो विशेष रूप से कमजोर एक आदिवासी समूह है। उन्होंने कहा कि गांव के 80 परिवारों में से लगभग 25 लोग ‘गायत्री परिवार’ के अनुयायी थे। नक्सलियों ने इस पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने हमें धमकी दी कि अगर हमने ‘गायत्री परिवार’ का अनुसरण नहीं छोड़ा तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसलिए हमने गांव छोड़ने का फैसला किया। नुरेटी ने कहा कि वे हमेशा वापस लौटना चाहते थे। पूर्व में जनपद पंचायत के सदस्य रह चुके नुरेटी ने कहा कि अब ऐसा लगता है कि हमारा सपना सच हो जाएगा। वहां एक पुलिस शिविर स्थापित किया गया है और चीजें बेहतर होने लगी हैं। नुरेटी और गांव छोड़ने वाले अन्य लोगों ने पिछले सप्ताह गारपा का दौरा किया। इन लोगों ने भगवान शिव का मंदिर खोला जो 2003 से बंद था। उन्होंने कहा कि हम गांव में फिर से बसने की योजना बना रहे हैं क्योंकि वहां हमारे खेत और घर हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस ने पिछले आठ महीनों में गारपा, कस्तूरमेटा, मस्तूर, इरकभट्टी, मोहंती और होराडी गांवों में सुरक्षा शिविर स्थापित किए हैं। पुलिस के अनुसार, इन शिविरों की स्थापना ने नक्सलियों को क्षेत्र में बहुत सीमित एरिया में धकेल दिया है। नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि दूरदराज और नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा शिविर हजारों ग्रामीणों को नियाद नेल्लानार योजनाओं के माध्यम से विकास कार्यों और कल्याणकारी उपायों का लाभ उठाने में मदद करेंगे। नियाद नेल्लानार के तहत राज्य सरकार सुरक्षा शिविरों के 5 किलोमीटर के दायरे में आंतरिक गांवों में विकास कार्य कर रही है। एसपी ने कहा कि नव स्थापित शिविरों के आसपास के गांवों से नक्सलियों द्वारा बेदखल किए गए आदिवासी अपने घरों को लौटने लगे हैं। ग्रामीणों पर पहले विकास परियोजनाओं का विरोध करने के लिए नक्सलियों का दबाव था। लेकिन, वे अब सड़क, मोबाइल टावर, स्वास्थ्य सुविधा और स्कूलों की मांग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन के प्रयासों से आने वाले दिनों में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। बता दें कि लगभग 4,000 वर्ग किमी में फैला अबूझमाड़ प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का गढ़ रहा है। इसके घने जंगल इस संगठन के नेताओं के लिए छिपने का ठिकाना थे। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बलों की बढ़ती उपस्थिति और क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों के कारण हाल के वर्षों में अबूझमाड़ में नक्सलियों की गतिविधियों में कमी आई है।

आज बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए कर दिए जाएंगे बंद

उत्तराखंड उत्तराखंड स्थित बाबा बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने वाले हैं. रविवार, 17 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे. इससे पहले 16 नवंबर को वैदिक परंपरा के तहत पंज पूजा के चौथे दिन मां लक्ष्मी की पूजा होगी. उन्हें कढ़ाई के प्रसाद का भोग लगाया जाएगा. फिर देवी लक्ष्मी से बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह में विराजमान होने की प्रार्थना की जाएगी. बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने कपाट बंद होने की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए कहा, ‘बदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी स्त्री भेष धारण कर माता लक्ष्मी को श्री बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह में विराजमान करेंगे. इससे कुछ समय पहले उद्धव और कुबेर जी की प्रतिमाएं परिसर में आ जाएंगी.’ ’17 नवंबर को रात सवा 8 बजे कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. रात 9 बजकर 07 मिनट पर घृत कंबल ओढ़ाने के बाद निर्धारित समय पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे. 18 नवंबर की सुबह योग बदरी पांडुकेश्वर को प्रस्थान करेंगे.’ कपाट बंद करने की प्रक्रिया श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया गया कि 17 नवंबर को ब्रह्म मुहुर्त में सुबह 4 बजे मंदिर खुलेगा. रोज की तरह साढ़े चार बजे से अभिषेक पूजा होगी और दिन का भोग लगेगा. मंदिर में दर्शन भी होते रहेंगे और दिन में मंदिर बंद नहीं रहेगा. 17 नवंबर को शाम 6 बजकर 45 मिनट पर कपाट बंद करने की पूजा शुरू होगी. करीब एक घंटे बाद यानी 7 बजकर 45 मिनट पर मंदिर के मुख्य पुजारी माता लक्ष्मी जी को मंदिर परिसर में प्रवेश कराएंगे. रात 8 बजकर 10 मिनट पर शयन आरती होगी और इसके बाद कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. रात 9 बजे तक भगवान बदरीविशाल को माणा महिला मंडल की ओर से तैयार किया गया घृत कंबल ओढ़ाया जाएगा. इसके बाद ठीक 9 बजकर 07 मिनट पर शुभ मुहूर्त में भगवान बदरीविशाल के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे.  

सुरक्षाबलों के दो जवान भी घायल, छत्तीसगढ़-नारायणपुर में मुठभेड़ में 4 नक्सली ढेर

नारायणपुर. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर के अबुझमाड़ में नक्सलियों से जवानों की जबरदस्त मुठभेड़ जारी है। इस मुठभेड़ में अब तक 5 नक्सलियों को जवानों द्वारा मार गिराने की खबर सामने आई है। इस एनकाउंटर में सुरक्षाबलों के दो जवान भी घायल हुए हैं। जवान घायल हुए है जिनकी स्थिति सामान्य व खतरे से बाहर है। दोनों घायल जवानों को बेहतर ईलाज के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा रही है। छत्तीसगढ़ में 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में सरकार ने अपने कदम तेज़ी से बढ़ाना शुरू कर दिया है। दक्षिण बस्तर जो नक्सलियों का अब तक का सबसे मजबूत इलाका माना जाता है। यहाँ दो कैम्प लगा सुरक्षाबलों ने नक्सलवाद के समापन का बिगुल फूंक दिया है। वहीं बस्तर के दूसरे छोर पर कांकेर, नारायणपुर के अबुझमाड़ में जवानों का नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन जारी है। इस मामले की जानकारी देते हुए बताया गया है कि मुठभेड़ अब भी जारी है। अबूझमाड़ में चल रही इस मुठभेड़ के पूरे मामले पर बस्तर आईजी पी. सुंदरराज खुद ऑपरेशन में अधिकारियों से सम्पर्क साधे हुए हैं। नक्सलियों के बटालियन के इलाके में दो नए कैम्प छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों के सबसे मजबूत माने जाने वाले सुकमा के तुमलपाड़ और बीजापुर के कोंडापल्ली में सुरक्षाबलों ने दो नए कैम्प खोला है। यहां कई बार नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ हो चुकी है। कैम्प खोलने से पहले जवानों ने पूरे इलाके को अपने कब्जे में लिया। इसी बीच 14 नवम्बर की पूरी रात साम साढ़े 6 बजे से लेकर सुबह तक नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ चलती रही। इधर मुठभेड़ के बाद से हालात सामान्य जवानों के काबू में हैं। इस घटना से पहले 9 नवंबर को बीजापुर में जवानों ने 8 लाख के इनामी प्लाटून कमांडर समेत तीन नक्सलियों का शव बरामद किया था। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी सुंदरराज ने बताया कि जवानों ने इलाके से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए हैं। बीते दिनों सीआरपीएफ, एसटीेफ और डीआरजी के जवानों के बीच मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों का शव बरामद कर लिया गया है।

लिक्विड लिपस्टिक लगाते समय न करें यह गलतियां

लिक्विड लिपस्टिक यकीनन होंठों पर एक अलग ही लुक देती है और हर लड़की इसे लगाना पसंद करती हैं। लेकिन लिक्विड लिपस्टिक लगाते समय हमेशा एक ही समस्या होती है कि इसे लगाते समय हमेशा कुछ न कुछ गड़बड़ हो जाती है और इसलिए आपको एक परफेक्ट लुक नहीं मिल पाता। तो चलिए आज हम आपको ऐसी कुछ गलतियों के बारे में बता रहे हैं, जिसे अमूमन लड़कियां लिक्विड लिपस्टिक लगाते समय करती हैं… पहले करें एक्सफोलिएट अक्सर लड़कियां सीधे ही लिक्विड लिपस्टिक अप्लाई कर देती हैं, लेकिन अगर आप लिप्स को एक्सफोलिएट किए बिना लिक्विड लिपस्टिक लगाती हैं तो इससे आपके होंठ फ्लेकी और रूखे नजर आते हैं। इसलिए हमेशा पहले लिप्स की डेड स्किन सेल्स को निकालने के लिए एक्सफोलिएट करें। लिप्स को एक्सफोलिएट करने के लिए पहले होंठों पर पेटोलियम जेली लगाएं और फिर बच्चों के टूथब्रश की मदद से होंठों को हल्का सा रगड़ें। अंत में वाइप्स की मदद की होंठों को क्लीन करें।   करें लिप्स को तैयार लिप्स को एक्सफोलिएट करने के बाद जरूरी है कि आप होंठों पर लिप बाम लगाएं। इससे आपकी लिक्विड लिपस्टिक को भी एक स्मूद टेक्सचर मिलता है। चूंकि लिक्विड लिपस्टिक आपके होंठों की नमी को सोख लेती है। इसलिए आप हमेशा हाई क्वालिटी के लिप बाम को लगाएं। लिपलाइनर से मिलेगा परफेक्ट लुक अगर आप चाहती हैं कि आपको लिक्विड लिपस्टिक लगाने पर एक परफेक्ट लुक मिले तो आप हमेशा पहले लिपलाइनर का इस्तेमाल करें। आप अपनी लिपस्टिक से मैच करता हुआ लिपलाइनर से पहले होंठों की आउटलाइन बनाएं। इसके बाद ही लिपस्टिक अप्लाई करें। इतना ही नहीं, जब आप लिपस्टिक लगा रही हैं तो कोशिश करें कि आप लिपस्टिक ब्रश से ही उसे लगाएं। इससे लिपस्टिक होंठों पर एकसमान लगती है और इसका लुक भी काफी अच्छा आता है।   चुनें सही प्रॉडक्ट यह नियम सिर्फ लिक्विड लिपस्टिक के लिए ही नहीं, बल्कि हर तरह के मेकअप प्रॉडक्ट के लिए लागू होता है। कभी भी सस्ते के चक्कर में हल्की क्वालिटी का सामान खरीदने की गलती न करें। अगर आप सस्ते के चक्कर में गलत लिक्विड लिपस्टिक खरीदती हैं तो इससे आपके होंठों को काफी नुकसान होता है। कई बार होंठ काले पड़ जाते हैं। यहां तक कि उनकी नेचुरल ब्यूटी भी खत्म हो जाती है। इसलिए कभी भी अपने स्किन केयर व मेकअप प्रॉडक्ट के साथ किसी तरह का समझौता न करें।  

हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने जीता खिताब, उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर

चेन्नई 14वीं हॉकी इंडिया सीनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप के फाइनल में हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने हॉकी हरियाणा पर जीत हासिल कर चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। इस बीच तीसरे स्थान के लिए संघर्ष में उत्तर प्रदेश ने मणिपुर हॉकी को हरा दिया। रोमांचक फाइनल में हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने हॉकी हरियाणा को 5-1 से हराया। रजत आकाश टिर्की (11′) ने बॉक्स के अंदर सुदीप चिरमाको की एक चतुर चाल के बाद करीब से गोल करके हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा को बढ़त दिलाने का शुरुआती मौका भुनाया। तीसरे क्वार्टर में प्रताप लाकड़ा (39) ने बढ़त को दोगुना कर दिया। चौथे क्वार्टर में, शिलानंद लाकड़ा (48′, 57′, 60′) ने 12 मिनट के अंतराल में तीन गोल करके हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा की जीत सुनिश्चित की। इस बीच, जोगिंदर सिंह (55′) ने फाइनल में हॉकी हरियाणा के लिए सांत्वना गोल किया। खेल के मिनट.तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में उत्तर प्रदेश हॉकी ने मणिपुर हॉकी को 2-1 से हराया। उत्तर प्रदेश हॉकी के कप्तान ललित कुमार उपाध्याय (6′) ने पहले क्वार्टर में गतिरोध तोड़ा। राजकुमार पाल की एक सटीक लंबी गेंद इक्तिदार इशरत को मिली जिन्होंने उसे स्क्वायर कर दिया। ललित कुमार उपाध्याय ने तेजी से टैप किया। तीसरे क्वार्टर में डीप, मोइरांगथेम रबीचंद्र सिंह (43′) ने पेनल्टी कॉर्नर के परिणामस्वरूप मणिपुर हॉकी के लिए बराबरी हासिल की। अंतिम क्वार्टर में उत्तर प्रदेश हॉकी ने राजकुमार पाल की बढ़त दोबारा हासिल कर ली (54′) रेशमी स्टिकवर्क के साथ दाहिने फ्लैंक से टकराया और उत्तर प्रदेश की जीत सुनिश्चित करने के लिए नेट के पिछले हिस्से को ढूंढ लिया।  

सिर्फ महारानी एलिजाबेथ को हासिल है ये गौरव, पीएम मोदी को नाइजीरिया सरकार ने सम्मान में दी अबुजा शहर की चाबी भेंट

अबुजा. नाइजीरिया सरकार के मंत्री ने पीएम मोदी को सम्मान स्वरूप अबुजा शहर की चाबी भेंट की। दरअसल यह चाबी नाइजीरिया के लोगों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति दिखाए गए सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। नाइजीरिया की सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने शीर्ष सम्मान द ग्रांड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर से सम्मानित करने का एलान किया है। पीएम मोदी से पहले सिर्फ ब्रिटेन की पूर्व महारानी क्वीन एलिजाबेथ को ही इस सम्मान से सम्मानित किया गया था। वहीं नाइजीरिया 17वां देश है, जो अपने शीर्ष सम्मान से पीएम मोदी को सम्मानित कर रहा है। चीन और नीदरलैंड के बाद नाइजीरिया, भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार देश है। नाइजीरिया में कई गुजराती और सिंधी परिवार बसे हुए हैं। भारत के लिए अहम क्यों है नाइजीरिया नाइजीरिया में तेल और गैस के विशाल भंडार हैं, इस वजह से नाइजीरिया अफ्रीका के अहम देशों में से एक है। भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से भी नाइजीरिया अहम है। भारत ने नाइजीरिया के ऊर्जा, खनन, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निवेश किया हुआ है और भारत की करीब 150 कंपनियां काम कर रही हैं, जिनका नाइजीरिया में करीब 27 अरब डॉलर का निवेश है। अपनी यात्रा के तीसरे और अंतिम चरण में, मोदी राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के निमंत्रण पर 19 से 21 नवंबर तक गुयाना का दौरा करेंगे। यह 50 वर्षों से अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली गुयाना यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी की यह पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजीरिया की पहली यात्रा है। वे नाइजीरिया, ब्राजील और गुयाना की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं। नाइजीरिया से वे ब्राजील जाएंगे। ब्राजील में, वे ट्रोइका सदस्य के रूप में 19वें जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के साथ ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन 18-19 नवंबर को रियो डी जेनेरियो में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले नेताओं में शामिल होंगे। एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा कि, ‘नाइजीरिया में मराठी समुदाय ने मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने पर खुशी जताई। यह वास्तव में सराहनीय है कि वे अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े हुए हैं।’ गौरतलब है कि पिछले महीने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने वाली कई भाषाओं में से एक थी। नाइजीरिया के राष्ट्रपति टीनूबू ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि वह भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। हमारी द्विपक्षीय चर्चा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करना और अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है। प्रधानमंत्री मोदी, नाइजीरिया में आपका स्वागत है। नाइजीरिया के राष्ट्रपति के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि ‘धन्यवाद, राष्ट्रपति टीनूबू। थोड़ी देर पहले नाइजीरिया पहुंचा हूं। गर्मजोशी से भरे स्वागत के लिए आभारी हूं। मेरी कामना है कि यह यात्रा हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय मित्रता को और गहरा बनाए।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में रविवार को अफ्रीकी देश नाइजीरिया पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी के विमान ने नाइजीरिया के अबुजा में लैंडिंग की, जहां नाइजीरिया सरकार के मंत्री न्येसोम एजेनवो वाइक ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। नाइजीरिया सरकार के मंत्री ने पीएम मोदी को सम्मान स्वरूप अबुजा शहर की चाबी भेंट की। दरअसल यह चाबी नाइजीरिया के लोगों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति दिखाए गए सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। “”In Nigeria, the Marathi community expressed joy at Marathi being conferred the status of a Classical Language. It is truly commendable how they remain connected to their culture and roots. pic.twitter.com/hVDVykAGi2     — Narendra Modi (@narendramodi) November 16, 2024″”

शिनाख्त में जुटी पुलिस, छत्तीसगढ़-कोरबा में स्वामी आत्मानंद स्कूल के पास शव मिलने से मचा हड़कंप

कोरबा. कोरबा के कटघोरा मुख्य मार्ग पर संचालित स्वामी आत्मानंद स्कूल के पास एक व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक कौन है और कहां का रहने वाला है इस संबंध में किसी तरह की जानकारी नहीं मिल सकी है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरु कर दी है। कटघोरा थानाक्षेत्र के तहत स्वामी आत्मानंद स्कूल के पास उस वक्त सनसनी फैल गई जब मॉनिंग वॉक पर निकले लोगों ने एक व्यक्ति का शव देखा। मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुटी है। वहीं पुलिस ने बतााया कि आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जारी है।

होम्योपैथी इलाज से मिलता है फायदा, पर दवाई को लें सही तरह से

होम्योपैथी का इलाज भले ही थोड़ा लम्बा चलता है, लेकिन यह जड़ से समस्या को दूर करता है। साथ ही इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता, इसलिए अधिकतर लोग होम्योपैथी इलाज को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि इन दवाइयों को लेने व स्टोर करने का एक तरीका होता है। होम्योपैथी दवाइयों को तीन साल या उससे भी अधिक समय के लिए स्टोर किया जा सकता है। इनकी मेडिकल स्टेंथ खत्म नहीं होती, बस जरूरत होती है कि आप इन्हें सही तरह से लें और स्टोर करें। तो चलिए आज हम आपको होम्योपैथी दवाइयों को लेने के सही तरीके के बारे में बता रहे हैं…   ऐसे लें दवाई होम्योपैथी दवाई लेते समय आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। कभी भी दवाई को हाथों में न लें, बल्कि उसे सीधे ही मुंह में लें। होम्योपैथिक गोलियां लेने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप उन्हें जीभ के नीचे रखें या चूसें। कभी भी इन्हें पूरी तरह से न निगलें। जब आप दवाई लें तो उससे बीस मिनट या आधा घंटा पहले तक या बाद में कुछ भी खाने−पीने या ब्रश करने से बचें। इससे आपकी दवाई का असर काफी कम हो जाता है। खासतौर से कॉफी को तो आप दवा लेने के कम से कम 45 मिनट पहले तक न पीएं। जब दें बच्चों को कुछ बच्चे इन दवाइयों का सेवन नहीं करते या फिर मुंह में लेकर थूक देते हैं। ऐसे में आप एक साफ व सूखी चम्मच के उपर दवाई रखकर उसे क्रश करें और फिर बच्चे को दें। कभी भी खाने के साथ दवाई खाने को न दें। यूं करें स्टोर दवाई लेने का तरीका जानने के बाद यह जरूरी है कि आप इसे स्टोर करने के बारे में भी जान लें। इन दवाइयों को आप कभी भी ऐसी जगह पर न रखें, जहां पर सूरज का प्रकाश आता हो। इसके अतिरिक्त ऐसी जगह पर भी रखने से बचें, जहां पर तेज गंध जैसे परफयूम आदि का इस्तेमाल किया जाता हो। वैसे होम्योपैथी दवाइयों को फ्रिजर में रखने की भी जरूरत नहीं होती। कोशिश करें कि आप इसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे माइक्रोवेव ओवन, इलेक्टानिक गैजेट्स या कंप्यूटर आदि से दूर रखें। साथ ही दवा की बोतल को कभी भी खुला न छोड़ें।  

अरबपति कारोबारी ने दी गजब प्रतिक्रिया, ब्राजील की प्रथम महिला ने एलन मस्क को दी गाली

रियो डी जेनेरियो. ब्राजील की प्रथम महिला यानी कि ब्राजील के राष्ट्रपति की पत्नी जानजा लुला डा सिल्वा ने एक कार्यक्रम के दौरान अरबपति कारोबारी एलन मस्क के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। जानजा लुला डा सिल्वा का मस्क को अपशब्द कहते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यहां तक कि एलन मस्क ने भी इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। दरअसल ब्राजील जी20 सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इसके तहत ब्राजील की सरकार जी20 के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। ऐसे ही एक कार्यक्रम में ब्राजील के राष्ट्रपति लुला डा सिल्वा की पत्नी जानजा लुला डा सिल्वा भी शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने एलन मस्क की आलोचना की और उनके लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। दरअसल ब्राजील में मस्क की सोशल मीडिया कंपनी एक्स विवादों के घेरे में हैं। वहीं ब्राजील की प्रथम महिला की इस वीडियो पर एलन मस्क ने जोर से मुस्कुराते हुए इमोजी पोस्ट की। एक अन्य पोस्ट में मस्क ने ब्राजील के राष्ट्रपति को लेकर कहा कि वे अगला चुनाव हारने जा रहे हैं। ब्राजील में विवादों में है मस्क की सोशल मीडिया कंपनी एलन मस्क की सोशल मीडिया कंपनी एक्स ब्राजील में विवादों में है। इस साल तो ब्राजील में एक्स को एक महीने के लिए निलंबित भी कर दिया गया था। दरअसल एक्स पर ब्राजील के कानूनों का पालन न करने, कानूनी प्रतिनिधी की नियुक्ति न करने और फर्जी खबरें फैलाने वाले अकाउंट्स पर रोक लगाने वाले अदालत के आदेश की अवहेलना के भी आरोप हैं। ब्राजील की प्रथम महिला जानजा का सोशल मीडिया अकाउंट बीते साल हैक हो गया था, जिसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया कंपनी एक्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी भी दी थी। वहीं ब्राजील के राष्ट्रपति लुला डा सिल्वा ने भी अपनी पत्नी के बयान की आलोचना की और कहा कि हमें किसी को भी इस तरह बेइज्जत नहीं करना चाहिए। जानजा ने अभी तक अपने बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

फसल गिरदावरी में लापरवाही पर गिरी गाज, छत्तीसगढ़-बेमेतरा के एसडीएम ने पटवारी को किया निलंबित

बेमेतरा. बेमेतरा जिले में गिरदावरी (फसल मूल्यांकन) कार्य में लापरवाही बरतने वाले पटवारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई। शासन के निर्देश पर पटवारियों द्वारा किए फसल गिरदावरी का जिला स्तरीय और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन कराया गया। गिरदावरी सत्यापन में ग्राम कठिया, पेंड्री, झलमला, रांका व कुरुद के विभिन्न खसरा नंबर में हल्का पटवारी अश्विनी भास्कर द्वारा गड़बड़ी पाई गई। लापरवाही मिलने पर बेरला एसडीएम (राजस्व) पिंकी मनहर ने अश्विनी भास्कर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब संतोषप्रद नहीं होने के कारण अब सस्पेंड कर दिया गया है। सस्पेंड अवधि में मुख्यालय तहसील कार्यालय बेरला नियत की गई। इन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। वहीं नवरतन साहू पटवारी ग्राम भिंभौरी को उनके कार्य के साथ-साथ हल्का नंबर 19,20,21 का अतिरिक्त प्रभार अस्थायी रूप से सौंपा गया है। बता दें कि धान खरीदी से पहले गिरदावरी सर्वे किया गया था। इस सर्वे के बाद जिले के अफसरों ने मौके पर जाकर सत्यापन किया था। इसी माह में कलेक्टर रणबीर शर्मा ने बेरला ब्लॉक के ग्राम आनंदगांव में धान फसल के गिरदावरी का सत्यापन भी किया था। गिरदावरी सत्यापन का मुख्य उद्देश्य फसल की स्थिति का वास्तविक आंकलन करना है।

सुबह कोहरा छाने से 500 मी. से भी कम पहुंची दृश्यता, मुंबई में भी सांसों मंडराया संकट

मुंबई. महाराष्ट्र के मुंबई में रविवार को घना कोहरा छाया रहा। पूरा शहर धुंध की मोटी परत से ढक गया। एफएएसएआर (वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली) के अनुसार, सुबह नौ बजे तक मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 179 दर्ज किया गया। एक्यूआई 179 को मध्यम क्षेत्र में माना जाता है। इस दौरान फेफड़े, हृदय रोग, अस्थमा से पीड़ित लोगों को सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। चेंबूर में एक्यूआई 55 दर्ज किया गया है। डब्ल्यूटीपी भांडुप कॉम्प्लेक्स का एक्यूआई 114, आईएमडी कोलाडा में 200, फायर स्टेशन मलाड में 276, बापिस्टा गार्डन मझगांव में 176, बीएमसी शास्त्री गार्डन वर्ली में 250 , बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में 180, बायकुला में 152, कांदिवली ईस्ट में 125, मुलुंड वेस्ट में 135, सायन में 125 और नवी मुंबई में एक्यूआई 135 दर्ज किया गया है। मुंबई के मरीन ड्राइव के पास घने कोहरे के बीच लोगों ने सुबह की सैर की। कोहरे और धुंध के बीच ही कुछ लोग अपनी नियमित सुबह की सैर कर रहे थे तो कुछ जॉगिंग और व्यायाम करते दिखे। घने कोहरे के कारण कई इलाकों में दृश्यता घटकर 500 मीटर से भी कम हो गई थी। ऊंची-ऊंची इमारते घने कोहरे और धुंध में छिप गई। राष्ट्रीय राजधानी में एक्यूआई 417 रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भी घने कोहरे और धुंध में छिपी रही। यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। इससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सुबह सात बजे दृश्यता सबसे कम 500 मीटर दर्ज की गई। उसके बाद दोपहर एक बजे 1500 मीटर हो गई। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 417 दर्ज किया गया।  मौसम बदलाव के चलते हवा एक बार फिर से शनिवार को गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। सुबह से लेकर रात तक स्मॉग की चादर छाई रही। दिन चढ़ने के साथ ही हल्का स्मॉग छंटने लगा। इससे लोगों को सांस लेने के साथ आंखों में जलन महसूस हुई।

उद्धव-शिंदे समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की 12वीं पुण्यतिथि

मुंबई. शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे को उनकी 12वीं पुण्यतिथि पर तमाम नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। इसमें महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और विभिन्न राजनीतिक दलों के कई नेता शामिल थे। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे ने मुंबई के शिवाजी पार्क में अपने पिता की समाधि पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की। शिवसेना के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के कई सदस्यों ने भी बाल ठाकरे के सम्मान में स्मारक का दौरा किया। शिवसेना के संस्थापक का लंबी बीमारी के बाद 17 नवंबर, 2012 को मुंबई में उनके आवास ‘मातोश्री’ में निधन हो गया था। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, एनसीपी (सपा) प्रमुख शरद पवार, मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ और शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने रविवार को एक्स पर श्रद्धांजलि दी। पवार ने कहा, ‘शिवसेना पार्टी के संस्थापक, व्यंग्यकार और राजनेता दिवंगत बालासाहेब ठाकरे को नमन, जिन्होंने मराठी लोगों के साथ अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी।’ गायकवाड़ ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने मराठी लोगों पर राज किया और जीवन भर मराठी लोगों के न्याय और अधिकारों के लिए लड़ते रहे। वरिष्ठ भाजपा नेता फडणवीस ने अपने संदेश में कहा, ‘हिंदूहृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे को उनके स्मृति दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।’ शिंदे की ओर से पार्टी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह के बाद 2022 में शिवसेना दोफाड़ हो गई। इसके बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई। फिर शिंदे ने सरकार बनाने के लिए भाजपा से हाथ मिला लिया। बाद में चुनाव आयोग ने शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को ‘असली’ शिवसेना के रूप में मान्यता दी।

परिजनों में पसरा मातम, छत्तीसगढ़-कबीरधाम में थ्रेसिंग के दौरान कटकर महिला की मौत

कबीरधाम. कबीरधाम में आज तड़के थ्रेशर से धान की कटाई के दौरान चपेट में आने से सुनैना चन्द्रवंशी पति चितरंजन चन्द्रवंशी उम्र 45 वर्ष निवासी ग्राम नेऊरगांव कला की मौत हो गई। काम के दौरान महिला थ्रेशर में फंस गई। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मामला बोड़ला थाना क्षेत्र का है। हादसे के बाद घायल महिला को बोड़ला के सरकारी अस्पताल ले जाया जा रहा था तभी रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। वहीं हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। दरअसल वर्तमान में कबीरधाम जिले के सभी केन्द्रों में धान की खरीदी हो रही है। किसानों द्वारा धान को केन्द्रों में बेचा जा रहा है।

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