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नक्सलियों ने 24 घंटे में तस्वीर जारी कर ली जिम्मेदारी, ‘छत्तीसगढ़-सुकमा के बाजार में जवानों से हमने लूटे हथियार’

सुकमा. सुकमा जिले के जगरगुंडा में दो जवानों के ऊपर हमला करते हुए उनके पास से हथियार भी लूट कर ले गए। घटना के बाद घायल जवानों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहीं घटना के 24 घंटे के बाद नक्सलियों ने इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए लूटे हुए हथियार की फोटो के साथ ही प्रेस नोट जारी किया है। बताया जा रहा है कि बीते रविवार को सुकमा जिले के जगरगुंडा साप्ताहिक बाजार की ड्यूटी में तैनात जवानों पर नक्सलियों ने हमला करते हुए उनके पास रखे हथियार को लूट कर फरार हो गए, जवानों पर हुए अचानक से हमले के बाद बाजार में दहशत फैल गई। घटना के तत्काल बाद जहां घायलों को अस्पताल ले जाया गया। वहीं बाजार में शांति देखी गई। आसपास के लोगों का कहना था कि बाजार में ड्यूटी कर रहे दो जवानों पर नक्सलियों की स्माल एक्शन टीम ने हमला कर दिया। हमले में दो जवान घायल हुए, जिन्हें जगरगुंडा अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। बाजार में घटना के बाद अफरा तफरी होते ही पुलिस ने इलाके को घेर लिया। घटना के 24 घंटे के बाद दक्षिण सब जोनल ब्यूरो के प्रवक्ता समता ने प्रेस नोट जारी किया। बता दें कि इस घटना को नक्सलियों की पीएलजीए के लड़ाकुओं ने आठ बजे अंजाम दिया। जिसके बाद हथियार को लूट कर ले गए। नक्सलियों ने लुटे हुए हथियार की फोटो भी जारी की है।

कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग पर MP हाईकोर्ट की रोक, सरकारों, यूट्यूब, X को जारी किया नोटिस

 भोपाल मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग यानी सीधा प्रसारण वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अवैध रूप से साझा करने, एडिट करने, इस्तेमाल करने और बदलाव करने पर सोमवार को रोक लगा दी। अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से ऐसे वीडियो हटाने के अनुरोध वाली एक याचिका पर केंद्र और राज्य सरकारों और हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी नोटिस जारी किया। क्या दी दलील? दमोह के एक कारोबारी डॉ. विजय बजाज ने अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग के वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अवैध रूप से साझा करने, एडिट करने और उसे प्रसारित करने के खिलाफ एक याचिका दायर की थी। विजय बजाज की पैरवी करने वाले वकील उत्कर्ष अग्रवाल ने कहा कि यह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की कार्यवाही के सीधा प्रसारण से संबंधी नियमों का उल्लंघन है। कमाई करने वालों से वसूली जाए रकम याचिका में अदालत से यह भी अनुरोध किया गया है कि अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अवैध रूप से साझा करके इन वीडियो पर मिली व्यूवरशिप (देखने वाले लोगों की संख्या) के जरिये धन कमाने वालों से उक्त धन की वसूली के लिए भी निर्देश जारी किया जाए। कॉपीराइट का उल्लंघन करके अवैध रूप से अपलोड किए गए कुछ वीडियो विशेष रूप से प्रस्तुत किए गए। यूट्यूब और एक्स को नोटिस मुख्य न्यायाधीश एसके कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई की। वकील उत्कर्ष अग्रवाल ने बताया कि याचिका की सुनवाई के दौरान यूट्यूब और एक्स को नोटिस जारी किया गया है। अग्रवाल ने कहा कि याचिका की सुनवाई के दौरान इसने मेटा प्लेटफॉर्म इंक, यूट्यूब और ट्विटर को नोटिस जारी किए। विस्तृत आदेश के अपलोड होने का इंतजार है। हाई कोर्ट के पास लाइव स्ट्रीमिंग की कॉपीराइट इन नियमों में स्पष्ट प्रविधान है कि लाइव स्ट्रीमिंग के सभी कापीराइट हाई कोर्ट के पास हैं। इन नियमों के अंतर्गत किसी भी प्लेटफार्म पर लाइव स्ट्रीमिंग का मनमाना उपयोग, शेयर, ट्रांसमिट या अपलोड करना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए कई सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर लाइव स्ट्रीमिंग की क्लिपिंग को एडिट करके अपलोड करके आर्थिक लाभ उठाया जा रहा है। हाई कोर्ट के सुनवाइयों की मीम्स, शार्ट्स यही नहीं हाई कोर्ट के आदेशों के मीम्स, शार्ट बनाए जाते हैं और न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं व शासकीय अधिकारियों पर अभद्र व आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं। अब तक जिन भी लोगों ने हाई कोर्ट लाइव स्ट्रीमिंग का दुरुपयाेग कर सोशल मीडिया के माध्यम से धनार्जन किया है, उनसे वसूली की जाए। अभी तक जितनी भी क्लिपिंग सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपलोड की गई हैं, उन्हें डिलीट करने का भी आदेश पारित किया जाए।

शहडोल में पिज्जा में रेंग रहे थे कीड़े, खाद्य विभाग में शिकायत, अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

 शहडोल शहर में एक युवक को पिज्जा में जिंदा कीड़े मिले। घटना का वीडियो बाहर आने के बाद हड़कंप मच गया। इतवारी मोहल्ला निवासी रोहन बर्मन ने स्टेडियम रोड स्थित डी लाइट काफी एंड रेस्टोरेंट से पिज्जा खरीदा था। घर जाकर डिब्बा खोलते ही उसे पिज्जा में कीड़े रेंगते दिखाई दिए। रोहन ने तुरंत घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। पूरा मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की बात कही है। पिज्जा का शौकीन है पीड़ित रोहन ने बताया कि वह पिज्जा प्रेमी है और अक्सर डी लाइट काफी एंड रेस्टोरेंट से पिज्जा मंगवाता है। इस बार भी उसने बड़े चाव से पिज्जा ऑर्डर किया था, लेकिन डिब्बा खोलते ही उसकी हालत खराब हो गई। पिज्जा में एक नहीं, बल्कि कई कीड़े घूम रहे थे। दुकान के कर्मचारी क्या बोले इस घटना से घबराए रोहन ने रेस्टोरेंट जाकर शिकायत की। रेस्टोरेंट कर्मचारियों ने उसे सिर्फ़ सॉरी, गलती हो गई कहकर टरका दिया। रोहन ने लोगों से अपील की है कि वे बाहर का खाना खाने से बचें और अपने स्वास्थ्य का ख़्याल रखें। संचालक ने कहा- फंसाने की साजिश घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। डी लाइट काफी एंड रेस्टोरेंट के संचालक राज कुमार यादव ने मामले को फंसाने की साजिश बताया है। उनका कहना है कि पिज्जा में कीड़े निकलना संभव ही नहीं है। अधिकारी ने दिए जांच के आदेश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीजों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।      

उज्जैन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पानी की किल्लत के खिलाफ प्रदर्शन, महापौर बंगले का घेराव

Congress workers protest against water shortage in Ujjain, siege of Mayor’s bungalow उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में भरपूर बारिश और डैम के फूल होने के बाद भी शहर में पानी की किल्लत को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को खाली बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही महापौर के बंगले का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने शहर की जनता को परेशान करने का आरोप लगाया। साथ ही जल्द से जल्द पानी की समस्या को दूर करने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए महापौर बंगले के सामने भारी पुलिस बल तैनात रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मेयर बंगले के सामने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद जब महापौर मुकेश टटवाल पहुंचे, तो उनके हाथ में खाली बाल्टी थमा कर पानी मांगा। कांग्रेस नेता राजेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि, महाकाल की नगरी उज्जैन में डैम में भरपूर पानी उपलब्ध होने के बावजूद भी शहर की जनता पीने के पानी के त्राहिमाम कर रही है। प्रथम नागरिक महापौर को जनता की परेशानी से कोई लेना देना नहीं है। महापौर और नगर निगम के भाजपा बोर्ड को गहरी नींद से जगाने के लिए और जनता की पीड़ा बताने के लिए कांग्रेस के सभी वरिष्ठजन, सेवादल, पार्षदगण, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, आईटी सेल, ब्लॉक अध्यक्ष, ब्लॉक प्रभारी, समस्त प्रकोष्ठ, मंडलम अध्यक्ष सेक्टर अध्यक्ष, सहित सभी कार्यकर्ता महापौर ने बंगले पर धरना प्रदर्शन किया।

केंद्र सरकार भी 10 हाथियों की मौत पर सख्त, मांगी रिपोर्ट

उमरिया उमरिया जिले में आने वाले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। सब यह जानना चाहते हैं कि अचानक से इतने हाथियों की मौत कैसे हुई। राज्य सरकार ने भी इस मामले में प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। जबकि केंद्र सरकार भी इस मुद्दे पर सख्त नजर आ रहा है। पीएमओ ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी है, क्योंकि अब तक 10 हाथियों की मौत का खुलासा नहीं हो पाया है। फिलहाल, लैब की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उमरिया में अचानक से 10 हाथियों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि सभी हाथियों की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। जबकि हाथियों की निगरानी के लिए टीम भी रहती है। फिलहाल, इस घटना के बाद हाथियों की निगरानी के लिए छह विशेष दल गठित किए गए हैं। हाल ही में सीएम मोहन यादव ने भी वन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। जहां लापरवाही मिलने पर फील्ड डायरेक्टर गौरव चौधरी और पनपथा एसडीओ फतेह सिंह निनामा को मामले में सस्पेंड भी किया गया है। सीएम ने इस मामले में तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं, जबकि केंद्र सरकार ने भी रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि हाथियों की मौत के मामले में अगर कुछ और अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो उस पर भी एक्शन हो सकता है। क्योंकि हाथियों ने मौत से पहले बड़ी मात्रा में कोदो खाया था। फिलहाल, जंगली हाथियों पर निगरानी रखने के लिए वन विभाग की टीम को भी अलर्ट किया गया है। सीएम मोहन यादव ने हाथियों की मौत के मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, पिछले कुछ समय में हाथियों और स्थानीय लोगों के बीच टकराव की बात भी सामने आई है। क्योंकि हाथी स्थानीय रहवासी इलाके में भी घुसे हैं, जिससे कई बार स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय लोग भी हाथियों को भगाते हैं, जिससे यहां डर बना रहता है। यही वजह है कि स्पेशल फोर्स गठित करने के निर्देश भी सीएम ने दिए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने की हिंदू मंदिर पर हमले की निंदा, प्रदर्शन में शामिल पुलिस अधिकारी निलंबित

ओटावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा में हिंदू मंदिर पर जानबूझकर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायराना कोशिशें भी उतनी ही भयावह हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा के ऐसी घटनाएं कभी भी देश के संकल्प को कमजोर नहीं कर पाएंगी। पीएम मोदी ने कनाडा सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और कानून का शासन बनाए रखने का आह्वान किया। कनाडा के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में श्रद्धालुओं से मारपीट बता दें कि कनाडा के ओंटारियो के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास शिविर में रविवार लोगों के साथ हिंसा की गई। हिंदू सभा मंदिर में आए लोगों पर खालिस्तानी समर्थकों ने अचानक हमला कर दिया। हमलावरों के हाथों में खालिस्तानी झंडे थे। हमलावरों ने मंदिर में मौजूद लोगों पर लाठी-डंडे बरसाए। कनाडा की घटना की चौतरफा आलोचना उसके बाद मौके पर पहुंची कनाडा पुलिस ने भी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की। घटना के बाद से इलाके में तनाव कायम है। वहीं, कनाडा की घटना की चौतरफा आलोचना हो रही है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम कनाडा सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं कि सभी पूजा स्थलों को ऐसे हमलों से बचाया जाए। विदेश मंत्रालय भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित विदेश मंत्रालय ने कनाडा सरकार से कहा कि हम यह भी उम्मीद करते हैं कि हिंसा में लिप्त लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा। हम कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारतीयों और कनाडाई नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने के लिए हमारे वाणिज्य दूतावास अधिकारियों की पहुंच को धमकी, उत्पीड़न और हिंसा से रोका नहीं जाएगा। वीडियो में पहचाना गया कनाडा पुलिस का अधिकारी सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में विरोध प्रदर्शन के वीडियो में पहचाने जाने के बाद पील क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि निलंबित अधिकारी सार्जेंट हरिंदर सोही हैं। एक ऑफ-ड्यूटी कनाडा पुलिस अधिकारी प्रदर्शन में शामिल दिखाया गया पील पुलिस के प्रवक्ता रिचर्ड चिन ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो के बारे में पता है, जिसमें उनके एक ऑफ-ड्यूटी अधिकारी को विरोध प्रदर्शन में भाग लेते हुए दिखाया गया है। सीबीसी न्यूज के अनुसार, चिन ने कहा, “हमें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो के बारे में पता है, जिसमें एक ऑफ-ड्यूटी पील पुलिस अधिकारी को प्रदर्शन में शामिल दिखाया गया है। इस अधिकारी को तब से सामुदायिक सुरक्षा और पुलिस अधिनियम के अनुसार निलंबित कर दिया गया है। हम वीडियो में दर्शाई गई परिस्थितियों की पूरी तरह से जांच कर रहे हैं और जब तक यह जांच पूरी नहीं हो जाती, हम आगे कोई जानकारी देने में असमर्थ हैं।” इस बीच, पील क्षेत्रीय पुलिस ने दावा किया कि वे अधिकारियों को तैनात करके “शांतिपूर्ण और वैध” नियोजित विरोध प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं।

नीमच शहर में इस खतरनाक लंपी वायरस का प्रकोप दिखना शुरू हो गया

नीमच  एमपी के नीमच शहर में इस खतरनाक लंपी वायरस का प्रकोप दिखना शुरू हो गया है। अब तक इस वायरस की चपेट में आने से सैकड़ों पशुधन की मौत हो गई है। वहीं इसके केस भी रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। लंपी वायरस को विज्ञान की भाषा में माइरसवायरस कहते हैं। लंपी वायरस एक संक्रामक बीमारी है जो मुख्य रूप से गायों और भैंसों को प्रभावित करती है। यह बीमारी मच्छरों और अन्य कीटों के काटने से फैलती है। हालांकि यह बीमारी इंसानों को नहीं होती है, लेकिन यह पशुधन के लिए काफी हानिकारक हो सकती है। अब तक इतने जानवरों ने तोड़ा दम नीमच में अब तक इस खतरनाक बीमारी से कई जानवर चपेट में आए हैं। लंपी से 200 पशुओं की मौत हो चुकी है। आंकड़े ठीक से बचाव न करने पर और भी भयावह हो सकते हैं। इसलिए नीचे दिए गए तरीकों का इस्तेमाल करने आप अपने पशुधन को इस वायरस से सुरक्षित रख सकते हैं। लंपी वायरस से बचाव के उपाय सबसे प्रभावी उपाय है सावधानी बरतना और अपने पशुओं के आस पास साफ सफाई रखना। साथ ही टीकाकरण करने से आपके पशुओं में बीमारी के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। इसके अलावा मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए अपने पशुओं के रहने की जगह को साफ-सुथरा रखें। रुके हुए पानी को हटाएं और मच्छरों से बचाव के लिए दवाओं का उपयोग करें। संक्रमित पशुओं को बाकियों से अलग रखें यदि आपके किसी पशु में लंपी वायरस के लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत अन्य पशुओं से अलग कर दें। इसके बाद बिना देरी किए पशु चिकित्सक से संपर्क करें। ताकि समय पर पशु को इलाज मिल सके।

मोहाली में हथियारों की नोक पर लूटपाट करने वाले छह गिरफ्तार, नौ दिन में लूटीं दो कारें पुलिस ने की बरामद

मोहाली हाईवे पर कार चालकों को सेक्स का लालच देकर सुनसान ले जाती और अपनी गैंग के अन्य साथियों के साथ लूटपाट कर लेती थी। मोहाली पुलिस ने इस तरह से करीब 20 कार चालकों को लूटने वाली कश्मीर की शमा खान को उसके 6 साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर थार, आईफोन, सोने का ब्रेसलेट और अन्य सामान जब्त किए है। ये सामान महिला ने पंजाब के गोबिंदगढ़ के कारोबारी से लूटे थे। इन्होंने एक अन्य पीड़ित से आई-20 कार लूटी, पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया है। मोहाली पुलिस ने सोमवार को मामले का खुलासा किया कि आरोपियों की पहचान बठिंडा के रहने वाले अर्शदीप सिंह, जसपाल सिंह, सोहाना के विक्रम सिंह, गुरप्रीत सिंह, चंडीगढ़ सैक्टर-35 के अंगदजोत सिंह और उनकी साथी शमा खान के रूप में हुई है। मूलरूप से कश्मीर की रहने वाली आरोपी शमा खान मोहाली के मटौर में रहती थी। वह लिफ्ट मांगने के बाहने राहगीरों को रोकती थी और बाद में उन्हें सुनसान जगह ले जाकर अपने साथियों को बुला लेती थी। उसके साथी साजिश में फंसे राहगीर से मारपीट कर उसे लूट लेते थे। एक वारदात को आरोपियों ने 26 अक्तूबर व दूसरी को 3 नवम्बर को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से दोनों वारदातों में लूटी गई एक थार, एक आई-20 कार, एक ​​स्विफ्ट डिजायर, एक .315 बोर का देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। डी.आई.जी. निलांबरी जगदाले ने बताया कि 3 नवम्बर की सुबह 4 बजे गोबिंदगढ़ का करने वाला कारोबारी दीपक अग्रवाल महिला मित्र के साथ थार में जा रहा था। जैसे ही वह सैक्टर-77 में लाइट प्वाइंट राधा स्वामी डेरा ब्यास के समीप पहुंचा तो एक मारुति कार थार के आगे आकर रुकी। उसमेें से 3-4 युवक उतरे और मारपीट करने लगे। इसके बाद आरोपी उसकी थार, आईफोन और सोने का ब्रेसलेट लेकर फरार हो गए थे। इस वारदात को लेकर सोहाना थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। एयरपोर्ट रोड पर लूटी थी आई-20 कार डी.आई.जी. ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जब उनसे पूछताछ की तो सामने आया कि आरोपियों ने अपनी महिला साथी की मदद लेकर इससे पहले एयरपोर्ट रोड पर एक आई-20 कार लूटी थी। महिला ने पहले कार चालक को लुभा कर उसे सुनसान एरिया में रोका था। वहां योजना के तहत पहले से तैयार बैठे उसके साथियों ने पीड़ित को घेर कर उसकी कार लूट ली थी। इस मामले को लेकर सोहाना थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। जब कोई जाल में फंस जाता तो शमा खान उससे शारीरिक संबंध बनाने के बहाने सुनसान जगह ले जाती। उसके साथी वहां पहले से मौजूद होते थे। आरोपी विक्रम सिंह को सोहाना से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी 10वीं पास है और अविवाहित है। आरोपी गुरप्रीत सिंह को बठिंडा से गिरफ्तार किया है। वह 9वीं पास है और अविवाहित है। आरोपी अंगदजोत सिंह को चंडीगढ़ सेक्टर-36 से गिरफ्तार किया है, जो बीए पास है। आरोपी महिमा खान उर्फ खुशी को मटौर से गिरफ्तार किया गया है। वह अनपढ़ है और अविवाहित है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी खुशी मटौर में किराये पर रहती थी।   फेज-3बी2 में बनाई थी लूटपाट की प्लानिंग पूछताछ में सामने आया है कि अर्शदीप और गुरप्रीत सिंह दोनों बठिंडा के रहने वाले हैं। तीसरा साथी जसपाल भी मूलरूप से बठिंडा का रहने वाला है लेकिन यहां बहन के पास रहता था। अर्शदीप और गुरप्रीत दोनों जसपाल से मिलने आते थे। जसपाल ने आगे विक्रम से उनकी दोस्ती करवाई थी। चारों फेज-3बी2 की मार्केट में अंगद से मिलने आते थे। वहीं उनके संपर्क में खुशी आई। सभी ने वहीं बैठकर लूटपाट की योजना बनाई। इन वारदातों को दिया था अंजाम उक्त गिरोह ने 26 अक्टूबर अलसुबह पहली वारदात को अंजाम दिया था। टीडीआई सिटी सेक्टर-111 के रहने वाले बलजिंदर सिंह से आरोपियों ने उसकी आई-20 कार लूटी थी। बलजिंदर सिंह सुबह 11 बजे अपनी आई-20 कार में मोहाली क्लब अपनी ड्यूटी पर गया था और अलसुबह 4 बजे वह सेक्टर-86/79 कोर्ट कॉम्पलैक्स को जाती सडक़ पर अपनी गाड़ी रोककर बाथरूम करने लगा तो वहां एक स्विफ्ट गाड़ी आई जिसमें एक खुशी (उक्त आरोपी) उतरी और उसने खरड़ जाने का रास्ता पूछा। उसी दौरान कार से दो और व्यक्ति उतरे और उन्होंने बलजिंदर से उसकी कार की चाबी छीन ली और उसकी आई-20 गाड़ी लेकर फरार हो गए। इस मामले में सोहाना थाने में अज्ञात के खिलाफ लूटपाट का मामला दर्ज हुआ था। दूसरी वारदात को आरोपियों ने 3 नवंबर को अंजाम दिया। आरोपियों ने मंडी गोबिंदगढ़ के रहने वाले दीपक अग्रवाल पर हमला कर उसकी थार कार छीन ली थी। दीपक अग्रवाल अपनी महिला मित्र पूजा के साथ थार में सवार था। वह दोनों अपने दोस्त मोहित सेठी के पास मोहाली आ रहे थे। जब वह गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना से लखनौर की तरफ जा रही सडक़ पर पहुंचे तो करीब सवा 3 बजे उनकी गाड़ी को मारूति जेन कार ने आकर घेर लिया। कार में चार व्यक्ति सवार थे और दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर वहां आकर रूके। उन लोगों ने दीपक की थार का साइड वाला शीशा तोड़ा और उसे बाहर निकालकर उसके सिर पर बेसबॉल बैट से हमला कर दिया। उन्होंने उसकी सोने की चेन, ब्रेसलेट, मोबाइल फोन और 12 हजार कैश निकाला और उसकी थार गाड़ी लेकर फरार हो गए। इस मामले में भी अज्ञात हमलावरों के खिलाफ सोहाना थाने में लूटपाट का मामला दर्ज हुआ था। उक्त आरोपियों को गिरफ्तार करने उपरांत दोनों मामलों में नामजद कर लिया है।

कलेक्टर जनसुनवाई में संयुक्त किसान संगठन ने बीमा राशि की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा, सरकार को दी चक्काजाम की चेतावनी

In the collector’s public hearing, the United Farmers Organization submitted a memorandum regarding the demand for insurance amount, warned the government of traffic jams. खंडवा। कलेक्टर जनसुनवाई में संयुक्त किसान संगठन ने बीमा राशि की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। किसानों का कहना था कि खरीब सीजन 2024 में फसलों को नुकसान हुआ और उत्पादन भी कम आया है। बीमा कंपनी सेटेलाइट सर्वे के द्वारा फसलों की नुकसानी गणना कर रही है, जबकि सेटेलाइट से नुकसान और उत्पादन की गणना संभव नहीं है। इसलिए सेटेलाइट सर्वे बंद कर पटवारी को भेजकर फसलों का सर्वे कराया जाए। किसानों ने सरकार को चेतावनी भी दी है कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं होने पर फल, सब्जी और दूध जैसी चीज रोककर शहर की सड़कों पर ट्रैक्टर उतार कर चक्काजाम करेंगे। संयुक्त किसान संघ ने कहा कि खरीब सीजन 2024 में लगातार बरसात के कारण सोयाबीन, कपास, मक्का और प्याज फसल को नुक्सान हुआ है। लगभग 60% से ज्यादा नुकसान और उत्पादन भी कम आया है। पटवारी हल्का अनुसार क्राप कटिंग प्लांट में आमदनी 20 से 30 पैसे हो रही है। जिसे जिले के किसानों को कृषि की लागत भी नहीं निकल पा रही है। सरकार को चाहिए कि बीमा कंपनी से राशि दिलाई जाए। फसलों के औसतन उत्पादन का सही आंकलन पटवारी हल्का से ही सम्भव है। साल 2023 और 2024 दोनों सीजन की फसलों को बारिश से नुकसान हुआ था, किसानों को उसकी भी क्षतिपूर्ति दी जाए।

उत्तर प्रदेश में पुलिस महानिदेशक पद पर तैनाती के लिए नई नियमावली बना दी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पद पर तैनाती के लिए नई नियमावली बना दी गई है। इसे सोमवार को कैबिनेट से मंजूरी भी मिल गई है। अब डीजीपी की नियुक्ति के लिए एक मनोनयन समिति का प्रावधान किया गया है। समिति के अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर न्यायाधीश होंगे। साथ ही समिति में प्रदेश के मुख्य सचिव, संघ लोक सेवा आयोग और यूपी लोक सेवा आयोग से नामित एक-एक व्यक्ति, अपर मुख्य सचिव गृह और एक रिटायर डीजीपी भी होंगे। न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष का रहेगा नियमावली में तय किया गया है कि डीजीपी पर उसी अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी जिनकी सेवा अवधि कम से कम छह महीने अवश्य शेष हो। इसके साथ ही डीजीपी का न्यूनतम कार्यकाल दो साल तक होना चाहिए। डीजीपी की नियुक्ति होने पर उन्हें कम से कम दो साल तक कार्यकाल जरूर प्रदान किया जाए। अगर तैनाती के बाद उनकी सेवा अवधि छह महीने ही शेष है तो सेवा अवधि को बढ़ाया जा सकता है। अगर नियुक्त डीजीपी किसी अपराधिक मामले या भ्रष्टाचार अथवा अपने कर्तव्यों का पालन करने में अक्षम साबित हुए तो सरकार उन्हें दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही हटा सकती है। डीजीपी को उनके पद से हटाने के लिए संबंधित प्रावधानों में भी हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाना जरूरी होगा। नियमावली के मुताबिक डीजीपी पद पर वे ही अधिकारी चुने जाएंगे जो वेतन मैट्रिक्स के स्तर 16 में पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत हो। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2006 में अधिनियम बनाने को कहा था सुप्रीम कोर्ट ने रिट याचिका प्रकाश सिंह व अन्य बनाम भारत संघ व अन्य के मामले में 22 सितम्बर, 2006 में राज्य सरकारों से एक नया पुलिस अधिनियम बनाने को कहा था जिससे पुलिस व्यवस्था को किसी भी तरह के दबाव से मुक्त रखा जाए। नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखने और विधि का शासन स्थापित करने में यह व्यवस्था सक्षम साबित हो सके। हाईकोर्ट ने भी आशा की है कि नई नियमावली से सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी न हो। नियुक्ति नियमावली-2024 का उद्देश्य यूपी के डीजीपी पद पर उपयुक्त व्यक्ति की नियुक्ति हेतु चयन के लिए स्वतंत्र व पारदर्शी तंत्र स्थापित करना है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उक्त चयन राजनीतिक या कार्यकारी हस्तक्षेप से मुक्त है। यूपी में अभी अधिकारी कैसे बनते हैं डीजीपी?   डीजीपी के चयन में अब तक प्रचलित प्रक्रिया के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार संघ लोक सेवा आयोग को DG पद के सभी अफसर का नाम भेजती है. संघ लोक सेवा आयोग से पहले केंद्र का डिपार्मेंट ऑफ पर्सनल ट्रेंनिंग यानी डीओपीटी तीन सीनियर मोस्ट अधिकारियों का पैनल बनाकर भेजता है, जिनके पास काम से कम 2 साल का कार्यकाल हो. राज्य सरकार की तरफ से उन DG पद के अफसर का नाम नहीं भेजा जाता जिनका 6 महीने या उससे कम वक्त में रिटायरमेंट होना हो. संघ लोक सेवा आयोग के द्वारा भेजे गए तीन अफसरों के नाम में एक अफसर को डीजीपी बनाया जाता है.   योगी सरकार ने क्यों किया ये बदलाव? उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार आई तो कानून व्यवस्था को संभालने की जिस नीति पर सरकार काम कर रही थी उस मानक पर खरा उतरने वाले अफसरों की लगातार कमी महसूस की जा रही थी. सरकार के भरोसेमंद अफसर जूनियर थे जिनको डीजीपी बनाने के लिए संघ लोक सेवा आयोग के मानक आड़े आते थे. अब कैबिनेट में प्रस्ताव पास होने के बाद संघ लोक सेवा आयोग का दखल खत्म हो जाएगा.   HC के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में बनी कमेटी चुनेगी DGP अब उत्तर प्रदेश के डीजीपी का चयन हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी. इस कमेटी में हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज अध्यक्ष होंगे. उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, संघ लोक सेवा आयोग द्वारा नामित एक व्यक्ति, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष या नामित व्यक्ति, प्रमुख सचिव गृह, एक रिटायर्ड DGP जिसने उत्तर प्रदेश पुलिस में काम किया हो, यह कमेटी स्थायी डीजीपी का चयन करेगी. कैबिनेट से पारित प्रस्ताव के अनुसार, नई व्यवस्था में बनाए गए डीजीपी का कार्यकाल 2 साल का होगा.

पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान देने वाले महंत रामगिरी महाराज ने कहा है कि वह इसके लिए माफी नहीं मांगेंगे

मुंबई पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान देने वाले महंत रामगिरी महाराज ने कहा है कि वह इसके लिए माफी नहीं मांगेंगे। साथ ही रामगिरी महाराज ने यह भी कहाकि वह इस्लाम विरोधी नहीं हैं। रामगिरी महाराज ने यह बात मुंबई में एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहाकि इस मामले में कोर्ट जो भी फैसला देगा उन्हें वह मान्य होगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों रामगिरी महाराज पर नासिक जिले के सिन्नार तालुका स्थित के पंचाले गांव में पैगंबर मोहम्मद के ऊपर विवादित बयान देने का आरोप लगा था। सोशल मीडिया पर बयान वायरल होने के बाद छत्रपती संभाजीनगर के वैजापुर शहर में काफी तनाव बढ़ गया था। इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी बड़े पैमाने पर हुए थे और एफआईआर भी दर्ज हुई थी। रामगिरि महाराज ने कहाकि हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है और यह अधिकार संविधान ने दिया है। उन्होंने कहाकि अगर मेरी टिप्पणियों से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो यह उसका व्यक्तिगत मुद्दा है। महंत रामगिरी महाराज ने कहाकि उनके बयान के बाद देश के बाहर से सोशल मीडिया यूजर्स देश में हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस प्रेस कांफ्रेंस में रामगिरी महाराज के साथ पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर सत्यपाल सिंह भी मौजूद थे। सत्यपाल सिंह ने कहाकि महंत रामगिरी माफी नहीं मांगेंगे, क्योंकि उन्होंने वही कहा जो इस्लामिक किताबों में लिखा हुआ है। सिंह ने मुंबई में पत्रकारों से कहा कि इस्लाम के विद्वानों और मौलानाओं को सभी को बताना चाहिए कि क्या रामगिरि की टिप्पणियां तथ्यात्मक नहीं थीं। महाराष्ट्र सरकार ने एक महीने पहले बंबई हाई कोर्ट के सामने कहा था कि नासिक में एक कार्यक्रम में इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर रामगिरि महाराज के खिलाफ राज्य में लगभग 67 एफआईआर दर्ज की गई हैं। सरकार ने अदालत से कहा था कि साइबर अपराध पुलिस कथित अपमानजनक टिप्पणियां ऑनलाइन माध्यमों से हटा रही है। सत्यपाल सिंह ने कहा कि जिहाद के नाम और भारत में अराजकता पैदा करने के लिए पर रामगिरि महाराज को निशाना बनाने की एक साजिश रची जा रही है। सिंह ने कहाकि कुछ ताकतें ऐसी हैं जो चुनाव से पहले ही सक्रिय हो जाती हैं। हमारा काम उन ताकतों के बारे में लोगों को जागरूक करना है। सिंह ने कहा कि रामगिरि महाराज और अन्य की टिप्पणियां इंटरनेट पर उपलब्ध हैं और वह इस्लाम के विद्वानों और मौलानाओं से तथ्यों को दुनिया के सामने लाने का अनुरोध करते हैं। सिंह ने कहाकि सच बोलना कोई अपराध नहीं है। कौन हैं रामगिरी महाराज रामगिरी महाराज अहमदनगर स्थित गौड़ा धाम के महंत हैं। उनका असली नाम नाम सुरेश रामकृष्ण राणे है। उन्होंने साल 2009 में दीक्षा ली और गंगागीर महाराज के शिष्य नारायणगिरि महाराज के शिष्य बन गए। नासिक जिले के सिन्नर तालुका में होने वाले हिंदू कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विवादित बयान दिया था। इस कार्यक्रम में लाखों लोग आते हैं। पिछले दिनों महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हाल ही में यहां का दौरा किया था।

हरियाणा के मंत्री अनिल विज का बड़ा आरोप, ‘प्रशासन ने मेरी जान लेने की कोशिश की…

अंबाला  हरियाणा के चर्चित बीजेपी नेता अनिल विज का एक और सनसनीखेज बयान सामने आया है। बिजली, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर आरोप लगाया कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में प्रशासन ने उन्हें हराने की पूरी कोशिश की। उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें मरवाने की कोशिशें की गईं। मंत्री ने मामले में जांच की मांग की है। वह अंबाला छावनी विधानसभा सीट पर जीत के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। अनिल विज ने कहा कि चुनाव के दौरान उनके खिलाफ खूब खेल खेले गए। ‘प्रशासन ने उन्हें हराने की पूरी कोशिश की, जो जांच का विषय है। नगर परिषद ने हमारी स्वीकृत सड़कों का निर्माण रोक दिया। इसके अलावा अन्य काम भी रोक दिए।’ शाहपुर गांव की घटना का जिक्र मंत्री ने दावा किया कि प्रशासन ने इस चुनाव में खून-खराबा कराने की भी कोशिश की ताकि अनिल विज या उनका कार्यकर्ता मर जाए, ताकि चुनाव प्रभावित हो सके।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे शाहपुर गांव की धर्मशाला में एक कार्यक्रम में जाना था और इसके लिए चुनाव आयोग से अनुमति ली थी। जब चुनाव आयोग अनुमति देता है तो पुलिस से एनओसी भी लेता है। जब मैं उस कार्यक्रम में गया तो वहां काफी लोग मौजूद थे, इसी बीच कई लोग लाठी-डंडे लेकर हॉल के अंदर आ गए और मारपीट शुरू हो गई। अगर इस झड़प में कुछ होता तो गलत होता। मैंने अपना धैर्य बनाए रखा, लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि उस समय पुलिस कहां थी?’ एक दिन पहले सुरक्षा क्यों वापस? अनिल विज ने कहा कि उन्होंने कहा कि उन्हें जेड सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन इस घटना से एक दिन पहले उनकी आधी सुरक्षा वापस ले ली गई। उस दिन सीआईडी कहां थी, उन्हें इस प्रदर्शन के बारे में क्यों नहीं पता चला? इसी तरह गांव गरनाला में भी एक घटना हुई और कार्यक्रम में जाने से पहले मैंने डीजीपी, डीसी, एसपी, चुनाव आयोग और आरओ को सूचित कर दिया था कि मेरा वहां कार्यक्रम है। लेकिन वहां भी झड़प हुई और अगर इस कार्यक्रम में किसी को कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता। अनिल विज ने कसा तंज कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पुलिस प्रशासन अनिल विज को हराने की कोशिश कर रहा था और उनके इशारे पर कुछ कार्यकर्ताओं ने बगावत कर दी। चुनाव नतीजों के दिन सभी एग्जिट पोल एजेंसियों के दावे गलत साबित हुए। मुझे पूरा भरोसा था कि मैं चुनाव जीतूंगा, पार्टी जीतेगी और वह मंत्री भी बनेंगे। कई लोगों ने यह भ्रांति फैलाई कि अनिल विज को टिकट नहीं मिलेगा, फिर कहा कि वे जीतेंगे नहीं, फिर कहने लगे कि सरकार नहीं आएगी, ये सब झूठ साबित हुआ और ये लोग विपक्ष की गोद में जाकर बैठ गए। विज ने चुटकी लेते हुए कहा कि कसाई के कहने से भैंस नहीं मरती। आशीष तायल पर अनिल विज का निशाना विज ने कार्यकर्ताओं से अंबाला सदर नगर परिषद चुनाव के लिए तैयार रहने को भी कहा। उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ कई ताकतें लड़ीं। आशीष तायल नामक सज्जन ने गली-गली जाकर लोगों को चित्रा सरवारा के खेमे में शामिल करवाया और उनके पास इसके सारे सबूत हैं। उन्होंने फेसबुक पर नायब सैनी के साथ फोटो डाली ताकि वे अधिकारियों और कार्यकर्ताओं को प्रभावित कर सकें। मैं जानता हूं कि उनके मुख्यमंत्री के साथ क्या संबंध हैं। लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि उन्होंने भाजपा के खिलाफ जो भी काम किया है, उन्हें हमारे मुख्यमंत्री के साथ फोटो डालने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें तुरंत फेसबुक से यह फोटो हटा देनी चाहिए और हम अपने मुख्यमंत्री का नाम बदनाम नहीं होने देंगे।

हर आतंक और अपराध में कांग्रेस का हाथ, छत्तीसगढ़-जगदलपुर के सांसद महेश कश्यप का हमला

जगदलपुर. जगदलपुर में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुये कहा है कि कांग्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ में अशांति व अराजकता फैलाने का लगातार षड्यंत्र किया जा रहा है। प्रदेश में जहाँ भी अपराध और तनाव जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है, उसकी जड़ में कांग्रेस है। यह कांग्रेस की राष्ट्रीय स्तर पर तय हुई साजिश के तहत हो रहा है कि समूचे देश- प्रदेश को अराजकता में ढकेल दो, फिर चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करो। वहाँ भय और आतंक का वातावरण निर्माण करो। बस्तर संसदीय क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने  भाजपा जिला कार्यालय में आज सोमवार को पत्र वार्ता में कहा कि दामाखेड़ा, बलौदाबाजार, सूरजपुर, लोहारीडीह कांड जैसी गंभीर घटनाओं के पीछे कांग्रेस का हाथ है, हर घटना के पीछे कांग्रेस के कार्यकर्ता ही निकल रहे हैं। पत्रवार्ता में बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि जब हम छत्तीसगढ़ का पच्चीसवां राज्योत्सव मना रहे हैं, वहाँ बडे़ ही दुख व चिंता के साथ कांग्रेस की काली कारगुजारियों को जनता के बीच रखने की विवशता है। हमारा यह स्पष्ट आरोप है कि कांग्रेस जान बूझ कर छत्तीसगढ़ को आग में झोंकना चाहती है। इसलिए पहले ख़ुद अपराध को अंजाम देती है, षड्यंत्र रचती है। फिर उस पर सरकार की घेरने में उसके बड़े नेता लग जाते हैं। छत्तीसगढ़ में हर आतंक और अपराध के पीछे कांग्रेस का ही खूनी पंजा है। कांग्रेस लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार और छत्तीसगढ़ समेत तमाम राज्यों में हुए सफ़ाये से अब जनता के प्रति बदले की भावना से भरी हुई है। वह समाज में अशांति फैलाने का काम कर रही है। सांसद महेश कश्यप ने कहा कि अभी दामाखेड़ा में कबीरपंथ ही नहीं समूचे प्रदेश के आस्था के केंद्र में हमला करने वाला भी कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्ता निकला है। इसका प्रमाण स्वयं प्रकाशमुनि साहेब के फेसबुक के पोस्ट में है, प्रकाशमुनि साहेब ने अपने फेसबुक पोस्ट में इस बात का उल्लेख किया है कि इस घटना में भी अपराधी सरपंच पति कांग्रेस पार्टी का ही कार्यकर्ता है। प्रकाशमुनि साहब ने स्पष्ट यह आरोप लगाया है कि दामखेड़ा की घटना को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। कांग्रेस के इस कृत्य की जितनी भर्त्सना की जाय कम है, सांसद महेश कश्यप ने कहा कि इसी तरह समूचे प्रदेश वासियों ने देखा कि बलौदाबाजार में किस तरह योजनाबद्ध तरीके से कलेक्टर और एसपी कार्यालय जलाये गये। इस प्रकरण में कांग्रेस के विधायक देवेंद्र यादव के साथ-साथ सैकड़ों कांग्रेसी जेल में बंद हैं। महीनों बाद भी किसी अदालत ने इन्हें अगर जमानत देने लायक भी नहीं पाया है तो समझा जा सकता है कि इनके खिलाफ साक्ष्य कितने मजबूत हैं। इसी तरह सूरजपुर में पुलिस अधिकारी की पत्नी और बच्चे की जघन्य हत्या करने वाला एनएसयूआई का ज़िला महासचिव था तथा एनएसयूआई का जिलाध्यक्ष भी इस घृणित कृत्य में ज़िम्मेदार था। इस घिनौने कृत्य पर भी कांग्रेस उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे की तर्ज़ पर राजनीति कर रही थी। सवाल उठता है कि क्या ये अब अपनी गंदी राजनीति चमकाने के लिए नरसंहार आदि को भी प्रायोजित करने से बाज नहीं आ रहे हैं? यह प्रश्न निराधार तो नहीं लगता। अगर ऐसा है, जो कि लग रहा है तो साफ कहा जा सकता है कि कांग्रेस अब एक गिरोह में बदल चुकी है, सांसद श्री कश्यप ने कहा कि लोहारीडीह कांड में भी बार बार गाँव में अशांति फैलाने और दो समूहों को लड़वाने का काम कांग्रेस कर रही है। यदि उन्हें पता है कि दोषी और निर्दोष कौन है तो बता दे पुलिस को या पुलिस को जाँच करने दे। यही नहीं केशकाल में युवा कांग्रेस का ब्लॉक उपाध्यक्ष 500 रुपये के लाखों के नक़ली नोट के साथ पुलिस के गिरफ़्त में है। कांग्रेस के नेता और उनसे संबंधित अधिकारियों पर कोयला   घोटाला,शराब घोटाला, पीएससी घोटाला,महादेव घोटाला आदि के आरोप हैं, महेश कश्यप ने जोर देते हुये कहा कि कांग्रेस के इन कृत्यों को छत्तीसगढ़ क़तई सहन नहीं करेगा, भाजपा की हमारी सरकार तो प्रदेश में हर क़ीमत पर शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए कटिबद्ध है ही, हमारा संगठन भी लोकतांत्रिक तरीक़े से कांग्रेस का मुक़ाबला करने तैयार है, आने वाले दिनों में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा कांग्रेस की आपराधिक कृत्य के विरोध में सभी ज़िला मुख्यालय में पुतला दहन किया जायेगा। कांग्रेस को स्पष्ट चेतावनी दी जा रही है कि वह अपने कृत्यों से बाज आये, अन्यथा उससे हर स्तर पर दो-दो हाथ करने भाजपा के कार्यकर्ता तैयार हैं। कांग्रेस को प्रदेश में अशांति, अराजकता और आतंक फैलाने और फिर उस आग पर अपना हाथ सेंकने की छूट हम बिल्कुल नहीं दे सकते, कश्यप ने कहा कि दामाखेड़ा की कबीरपंथ के आचार्य जी के निवास में हुए हमले की भाजपा घोर भर्त्सना करती हैं और इसके पीछे के षड्यंत्र की पता लगा कर दोषियों को चाहे वह कितना ही बड़ा कांग्रेस नेता क्यों न हो, सलाख़ों के पीछे भिजवाये बिना भाजपा चैन से नहीं बैठेगी।

मंदिर में मांगो माफी या 5 करोड़ दो … सलमान को फिर मिली जान से मारने की धमकी

मुंबई बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान, कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की धमकी के बाद से लगातार खबरों में हैं. कुछ वक्त पहले एक युवक ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर सलमान को धमकी दी थी. साथ ही उसने पांच करोड़ रुपये की फिरौती भी मांगी थी. इस युवक को पुलिस ने जमशेदपुर से गिरफ्तार किया था. अब एक बार फिर से सलमान खान को लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी दी गई है. एक बार फिर से धमकी के साथ 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई है. धमकी देने वाले ने दावा किया है कि वो लॉरेंस बिश्नोई का भाई है. सलमान को फिर मिली धमकी जानकारी के अनुसार, पुलिस ने बताया कि मुंबई पुलिस की ट्रैफिक कंट्रोल को लॉरेंस बिश्नोई के नाम से धमकी भरा मैसेज मिला है. पुलिस ने आगे बताया, ट्रैफिक कंट्रोल रूम को भेजे गए मैसेज में दावा किया गया है कि लॉरेंस बिश्नोई का भाई बोल रहा है. धमकी में कहा गया कि ‘अगर सलमान खान जिंदा रहना चाहते हैं तो उन्हें हमारे मंदिर में जाकर माफी मांगनी चाहिए या 5 करोड़ रुपये देने चाहिए. ऐसा न करने पर उन्हें जान से मार देंगे, हमारी गैंग आज भी सक्रिय है.’ पुलिस ने आगे बताया कि उन्हें इस धमकी भरे मैसेज की जानकारी कल मिली, जब आधी रात को ट्रैफिक कंट्रोल रूम में काम करने वाले अधिकारी ने यह पढ़ा. पुलिस फिलहाल मैसेज भेजने वाले शख्स की तलाश कर रही है. एक धमकी देने वाले को किया जा चुका है अरेस्ट अक्टूबर में भी सलमान को इसी तरह की एक धमकी मिली थी, जिसकी जांच के बाद पुलिस ने जमशेदपुर से 24 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने जानकारी में बताया था कि धमकी देने वाला शख्स सब्जी बेचने का काम करता है. उसने हाल ही में टीवी पर लॉरेंस बिश्नोई द्वारा सलमान खान की हत्या की धमकी की खबरें देखी थी. इसके बाद उसे रंगदारी मांगने का विचार आया. शख्स ने मुंबई ट्रैफिक पुलिस के व्हाट्सएप नंबर पर धमकी भरा मैसेज भेजा और इसके बाद अपना मोबाइल बंद कर लिया. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की तरफ से मिल रही धमकी और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की मौत की वजह से सलमान खान की सिक्योरिटी को और भी टाइट कर दिया गया है. एक्टर को Y प्लस सिक्योरिटी दी गई है. लेकिन जान पर बने खतरे के बावजूद सलमान अपने वर्क कमिटमेंट्स को पूरा कर रहे हैं. हाल ही में उन्होंने डायरेक्टर ए.आर. मुरुगदास की फिल्म ‘सिकंदर’ का शूट शुरू किया है. सलमान ने इसी बीच अजय देवगन की फिल्म ‘सिंघम अगेन’ के लिए एक कैमियो भी शूट किया है.  

मुंबई : नाबालिग लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाते समय शख्स की निकल गई जान, मौत

मुंबई महाराष्ट्र में मुंबई के ग्रांट रोड इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां के एक होटल में एक नाबालिग लड़की के साथ यौन संबंध बनाने के बाद 41 वर्षीय एक व्यक्ति की अचानक मौत हो गई. एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को ये जानकारी दी है. अधिकारी ने कहा कि मृतक, एक हीरा कंपनी का मैनेजर था, उस पर 14 साल की लड़की की मां की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत बलात्कार और अन्य अपराधों के लिए मामला दर्ज किया गया है. अधिकारी ने बताया,’वह लड़की को गुजरात से अपने साथ लाया था. घटना शनिवार को हुई. उसकी हालत  बिगड़ने पर होटल के कर्मचारी उसे अस्पताल ले गए जहां कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई. पहली नजर में ऐसा लगता है कि उसे दिल का दौरा पड़ा था.’ डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने कहा,’सूचना मिलने के बाद बच्ची की मां मुंबई आई. उसने हमें बताया कि उस व्यक्ति ने झूठे वादे के साथ बच्ची को बहला-फुसलाकर मुंबई लाया था. मामले में आगे की जांच जारी है.’ बता दें कि छोटी बच्चियों को बहलाकर यौन शोषण और रेप के कई मामले आए दिन आते रहते हैं. तीन महीने पहले ही दिल्ली के रोहिणी में एक फर्जी तांत्रिक ने सात साल की मासूम बच्ची के साथ पहले रेप किया और फिर बच्ची को डराया कि अगर उसने इसके बारे में किसी को भी बताया तो उसका बीमार पिता मर जाएगा. इतना ही नहीं तांत्रिक ने बच्ची को 51 रुपये भी दिए. इस मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया है.  

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