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सर्दियां में हेयरफॉल के लिए फायदेमंद है आंवला

आंवला आयुर्वेद में एक चमत्कारी औषधि मानी जाती है। इसमें विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो बालों को मजबूत, चमकदार और स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं। यदि आंवला को कुछ विशेष सामग्रियों के साथ मिलाकर बालों में लगाया जाए, तो यह हेयर फॉल और डैंड्रफ जैसी समस्याओं से राहत दिला सकता है। 1. आंवला और दही का हेयर पैक आंवला पाउडर को दही के साथ मिलाने से स्कैल्प को गहराई से पोषण मिलता है। दही में मौजूद प्रोटीन और लैक्टिक एसिड बालों की जड़ों को मजबूत करते हैं और डैंड्रफ को कम करते हैं। बनाने का तरीका 2 चम्मच आंवला पाउडर लें। उसमें 3-4 चम्मच ताजा दही मिलाएं। मिश्रण को बालों की जड़ों और स्कैल्प पर लगाएं। 30 मिनट बाद हल्के शैंपू से धो लें। 2. आंवला और नारियल तेल का मिश्रण आंवला और नारियल तेल का उपयोग बालों को झड़ने से रोकने और डैंड्रफ को दूर करने में प्रभावी है। नारियल तेल बालों को गहराई से मॉइस्चराइज करता है और आंवला इसमें विटामिन सी का लाभ जोड़ता है। बनाने का तरीका 2-3 चम्मच नारियल तेल लें और उसे हल्का गर्म करें। उसमें 1 चम्मच आंवला पाउडर या आंवले का रस मिलाएं। स्कैल्प और बालों पर इस मिश्रण से मालिश करें। रातभर छोड़ दें और सुबह शैंपू कर लें। 3. आंवला, शिकाकाई और रीठा का हेयर पैक यह प्राकृतिक हर्बल पैक बालों को घना और मजबूत बनाता है। साथ ही, डैंड्रफ और गंदगी को साफ करता है। बनाने का तरीका 2 चम्मच आंवला पाउडर, 2 चम्मच शिकाकाई पाउडर और 2 चम्मच रीठा पाउडर लें। इसे पानी में मिलाकर पेस्ट बनाएं। इस मिश्रण को बालों में 30-40 मिनट के लिए लगाएं और फिर धो लें। 4. आंवला और एलोवेरा जेल एलोवेरा स्कैल्प को हाइड्रेट करता है और बालों की ग्रोथ को बढ़ाता है। आंवले के साथ इसका मिश्रण डैंड्रफ को जड़ से खत्म करता है। बनाने का तरीका 2 चम्मच आंवला पाउडर और 3 चम्मच ताजा एलोवेरा जेल मिलाएं। इसे बालों पर लगाकर 20-25 मिनट तक रखें। गुनगुने पानी से धो लें।

स्वास्थ्य के लिए वरदान है प्याज

भारतीय रसोई में प्याज का बड़ा ही महत्व है। बिना प्याज के हमारे यहां रसोई को अधूरा माना जाता है। ऐसी कम ही डिशेज होगी जो प्याज के बनती हैं। प्याज खाने में स्वाद तो बढ़ाता है ही, वही हमारे स्वास्थ्य के लिए भी एक वरदान है। प्याज एक अत्यंत गुणकारी पौधा है जिसमें औषधीय गुण भी पाएं जाते हैं। लाल प्यामज में ढेर सारे पोषक तत्वन होते हैं, जो बड़ी से बड़ी बीमारियों को खत्म करने की शक्तिा रखते हैं। इसके अलावा इसमें ग्लूकोस भी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। हरा प्याज चेहरे की झुर्रियों को दूर करता है। इसे खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके इलावा मसूड़ो में सूजन और दांत में दर्द होने पर प्याज के रस और नमक का मिश्रण लगाने से दर्द में राहत मिलती है।   सर्दी-जुखाम इसमें एंटी-फंगल और एंटीऑक्सीाडेंट गुण पाए जाते हैं। इसे नियमित रूप से खाने से सर्दी-जुखाम और बुखार से राहत मिलेगी। प्याज के रस में मिश्री मिलाकर चाटने से कफ की समस्या से जल्द ही निजात मिलती है। ब्लतड प्रेशर और दिल के लिए लाल प्यागज शरीर के खराब कोलेस्ट्रॉणल को निकाल कर हृदय को रोगों से बचाता है। इसे नियमित खाने से हाई ब्लतड प्रेशर मेंटेन रहता है। कैंसर का इलाज प्याज कैंसर सेल को बढ़ने से रोकता है। यह प्रोस्टेलट और पेट के कैंसर होने के खतरे को भी कम करता है। खाली पेट रोज सुबह प्याज खाने से पाचन से जुड़ी समस्याएं नहीं होती हैं। गठिया का दर्द और सूजन में आराम कई बीमारियों की वजह से होने वाले शारीरिक दर्द और सूजन से भी यह राहत दिलाता है। अगर आपको अस्थ मा, एलर्जी या गठिया रोग है तो अभी से ही लाल रंग की प्याभज खाना शुरु कर दें। गठिया में सरसों का तेल व प्याज का रस मिलाकर मालिश करें। एंटी फंगल प्याज में एंटी फंगल गुण पाए जाते हैं। यदि प्याज के बीजों को सिरका में पीसा कर दाद-खाज और खुजली में लगाए तो जल्दी ही आराम मिलता है। बालों के लिए फायदेमंद बालों में प्याज का रस लगाने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं और साथ ही बालें की चमक भी बढ़ती है। अगर रूसी की समस्याय है तो आप इसके रस को भी सिर पर लगा सकते हैं। यूरिन प्रॉब्लम्स अगर किसी को यूरिन प्रॉब्लम हो और रुक-रुक कर पेशाब आता है तो पेट पर प्याज के रस की हल्की मालिश करनी चाहिए। इसके इलावा दो चम्मच प्याज का रस और गेहूं का आटा लेकर हलुवा बना लीजिए। इसको गर्म करके पेट पर इसका लेप लगाने से पेशाब आना शुरू हो जाता है। पानी में उबालकर पीने से भी पेशाब संबंधित समस्या खत्म हो जाती है। पथरी की समस्या में लाभ अगर आपको पथरी की शिकायत है तो प्याज आपके लिए बहुत उपयोगी है। प्याज के रस को चीनी में मिलाकर शरबत बनाकर पीने से पथरी की समस्या से निजात मिलता है। प्याज का रस सुबह खाली पेट पीने से पथरी अपने-आप कटकर बाहर निकल जाती है।   इम्यूनिटी पावर बढ़ाए यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को इतना अधिक बढ़ा देता है कि बीमारियों जल्दी होती ही नहीं। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम बनाए रखता है। हरे प्याज में क्रोमियम होता है। इसीलिए यह डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। यह ब्लडप्रेशर पर नियंत्रण करता है। लंबी उम्र के लिए प्याज खाने से कई शारीरिक बीमारियां नहीं होती हैं। इसके आलावा प्याज कई बीमारियों को दूर भगाता है। इसलिए यह कहा जाता है कि प्याज खाने से उम्र बढती है, क्योंकि इसके सेवन से कोई बीमारी नहीं होती और शरीर स्वस्थ्य रहता है।  

सीएम नवा रायपुर में लेंगे मीटिंग, छत्तीसगढ़-साय कैबिनेट की अहम बैठक आज

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार कैबिनेट की बैठक बुधवार को बुलाई गई है। सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 11 दिसंबर को नवा रायपुर के महानदी भवन मंत्रालय में बैठक होगी। इससे पूर्व पिछली कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के नगर पालिक निगमों के महापौर एवं नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बैठक में छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 (संशोधन) अध्यादेश, 2024 एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 (संशोधन) अध्यादेश 2024 (प्रत्यक्ष निर्वाचन एवं आरक्षण संबंधित प्रावधान) की विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने के संबंध में अध्यादेश 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। यहां जानें पिछली कैबिनेट बैठक के अहम फैसले- अविभाजित मध्य प्रदेश राज्य में 1999 के पूर्व नगर पालिक निगमों में महापौर तथा नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से होता था। भूपेश सरकार ने नगरीय निकायों के महापौर और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन को अप्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया था, जिसकी अधिसूचना का प्रकाशन राजपत्र में 12 दिसम्बर 2019 को किया गया था। छत्तीसगढ़ शासन के पिछड़ा वर्ग एवं अल्संख्यक विभाग द्वारा मंत्रालय की ओर से त्रिस्तरीय पंचायतों एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण के संबंध में स्थानीय निकायों में आरक्षण को एकमुश्त सीमा 25 प्रतिशत को शिथिल कर अन्य पिछड़ा वर्ग की संख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत आरक्षण की अधिकतम सीमा तक आरक्षण के प्रावधान की स्वीकृति   पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के प्रतिवेदन में प्राप्त अनुशंसा के अनुसार दी गई है।  1. छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण संबंधी प्रावधानों में संशोधन किए जाने के लिये विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। 2.  मंत्रिपरिषद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वितरण के लिये नागरिक आपूर्ति निगम को आवश्यक चना उपार्जन, छमडस् ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत राज्य के सभी अनुसूचित विकासखण्डों एवं मॉडा पैकेट क्षेत्र में निवासरत अंत्योदय तथा प्राथमिकता वाले राशन कार्डधारियों को प्रतिमाह 5 रूपए किलो की दर से 2 किलो चना प्रदाय किया जाता है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चना वितरण योजना के तहत 30 लाख 22 हजार परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। राज्य को चना वितरण के लिए प्रति माह 6046 टन तथा प्रति वर्ष 72 हजार 52 टन चना की जरूरत होती है। चना का उपार्जन नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा किया जाता रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की चना वितरण योजना के माध्यम से हितग्राहियों को उच्च क्वालिटी का चना प्रदाय किया जा सके, इसके लिए मंत्रिपरिषद ने नागरिक आपूर्ति निगम को छमडस् ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी गई। 3. पर्यटन को उद्योग का दर्जा – बैठक में राज्य में पर्यटन को बढ़ावा  और  योजनाबद्ध विकास के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 के अंतर्गत पर्यटन, मनोरंजन एवं अन्य सामाजिक सेवा सेक्टर में शामिल के अलावा भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2020 में पर्यटन परियोजनाओं हेतु निर्धारित न्यूनतम स्थायी पूंजी निवेश किए जाने पर सामान्य उद्योगों की भांति अनुदान/छूट/रियायत का प्रावधान किया गया है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से प्रदेश में साहसिक, जल पर्यटन, मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म, पर्यटन की इकाईयों, लैंड बैंक में निजी निवेश को आकर्षित एवं प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। इससे स्टेक होल्डर प्रोत्साहित होंगे। पर्यटन संबंधी अधोसंरचना का विकास होगा। पर्यटन से संबंधित पूंजी निवेश बढ़ेगा। राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के अनुकूल सुख-सुविधाओं का विकास होगा। राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे।

नेशनल हाइवे पर मिला नर तेंदुए का शव, अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत की आशंका

Dead body of male leopard found on National Highway, fear of death due to collision with unknown vehicle सागर के दक्षिण वन मंडल अंतर्गत नेशनल हाइवे-44 पर मंगलवार की रात्रि एक नर तेंदुआ का शव मिला है। तेंदुए के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। हाइवे पर तेंदुए के शव मिलने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा बनाया। तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर परीक्षण के लिए जबलपुर वेटरनरी कॉलेज भिजवाया है। वन विभाग द्वारा तेंदुआ की मौत प्रारंभिक कारण अज्ञात वाहन की टक्कर से होना बता रहा है। मामले में विभाग की टीम जांच कर रही है। ढाना फॉरेस्ट रेंज के ऑफिसर प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना मिली थी कि सागर-नरसिंहपुर नेशनल हाइवे-44 पर स्थित गुरु चौपड़ा के पास सड़क पर मृत अवस्था में तेंदुआ पड़ा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जांच शुरू की। मृत नर तेंदुआ करीब 3 से 4 साल का था। मौका स्थिति देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तेंदुआ जंगल से निकलकर सड़क पार कर रहा होगा। तभी किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी होगी। मृत अवस्था में मिले तेंदुए के मुंह, खोपड़ी सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटों के निशान मिले हैं। बता दें करीब छह साल पहले भी गुरु चौपड़ा के पास में नेशनल हाइवे पर एक तेंदुए की मौत हो चुकी है। घटना स्थल के चारों ओर जंगल लगा हुआ है। बिजौरा, रानगिर बरकोटी, नाहरमऊ और केसली से सिलवानी के जंगल लगे हैं, जिनमें तेंदुआ का विचरण होना आम बात है। इस स्थान के पास नेशनल हाइवे पर तेज ढलान होने के चलते वाहन तीव्र गति से निकलते हैं।

मुखबिरी के आरोप में रात में घर से उठाया, छत्तीसगढ़-बीजापुर में नक्सलियों ने भाजपा नेता का गला घोंटा

बीजापुर. नक्सलियों ने पुलिस मुखबीरी के आरोप में एक भाजपा नेता की गला घोंटकर हत्या कर दी है। नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव से पहले नक्सली लगातार वारदात को अंजाम दे रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों ने बीती रात फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सोमनपल्ली निवासी भाजपा नेता कुड़ियाम माड़ो पिता मुरा कुड़ियाम उम्र करीब 35 को पहले घर से उठाकर ले गए। फिर घर से कुछ दूर ले जाने के बाद नक्सलियों ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी है। हत्या कर शव तोयनार चौक के पास फेंक दिया। घटना स्थल पर नक्सलियों ने पर्चा भी छोड़ा है। जिसमें माड़ो पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर हत्या किए जाने की बात लिखी गई है। इधर, पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच शुरू कर दी है।

पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण अलाव बना सहारा, छत्तीसगढ़-पेंड्रा गौरेला मरवाही में सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन

पेंड्रा गौरेला मरवाही. अमरकंटक की तराई में बसे पेंड्रा गौरेला मरवाही इलाके में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दो दिन पहले घने कोहरे से पूरा क्षेत्र कोहरे की चादर में लपटा नजर आने के बाद जब मौसम साफ हुआ तो ठंड का एहसास कुछ ज्यादा ही हो रहा है। मौसम खुलते ही तापमान नीचे की ओर लुढका और यहां न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रो में ओस की बूंदे भी जमने लगी हैं। दिसंबर के महीने में पेंड्रा गौरेला मरवाही इलाके में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई। उत्तर भारत मे हो रही बर्फबारी का असर इस इलाके में भी देखने को मिल रहा है। इलाके का तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यहां दिन के वक्त धूप न निकलने की वजह से ठंड का एहसास कुछ ज्यादा ही हो रहा है। ठंड की वजह से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग आग से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। इलाके में कड़ाके की ठंड शुरू होते ही स्कूली बच्चों की स्कूल टाइमिंग में भी जिला प्रशासन के द्वारा बदलाव कर दिया गया है।

भोपाल में आज बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड, 55 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खाते में सीएम 334 करोड़ रुपये भेजेंगे

 भोपाल  मध्य प्रदेश में आज गीता जयंती पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव अंतर्गत लाल परेड ग्राउंड में सुबह 10 बजे राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पहली बार पांच हजार से अधिक आचार्यों द्वारा गीता के तृतीय अध्याय कर्म योग का सस्वर पाठ कर विश्व कीर्तिमान के रूप में दर्ज कराने की दावेदारी राज्य सरकार जताएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और पवित्र धर्मग्रंथ गीता की शिक्षा से प्रदेशवासियों के जीवन को आलोकित करने और सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए गीता जयंती पर बड़े स्तर पर गीता पाठ किया जा रहा है। भक्तिमय गीतों की प्रस्तुति होगी राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान श्रीमदभगवद पुराण और गौ एवं गोपाल चित्र प्रदर्शनी का संयोजन किया जाएगा। साथ ही साधो बैंड मुंबई द्वारा भक्तिमय गीतों की सुरमई प्रस्तुति दी जाएगी। मध्य प्रदेश में आ रहे पर्यटकों और आगंतुकों को गीता की महिमा से अवगत कराने के लिए प्रदेश के होटलों में श्रीमद् भगवद्गीता, वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस की एक-एक प्रति रखने की पहल भी की जाएगी। मोहन सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर आज से मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व और जन-कल्याण अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री पर्व व अभियान का शुभारंभ करेंगे। लाल परेड मैदान की ओर कई मार्ग रहेंगे परिवर्तित बुधवार को लाल परेड मैदान में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान सुबह आठ बजे से कार्यक्रम स्थल के आसपास के कुछ मार्ग परिवर्तित रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान रोशनपुरा चौराहा से गांधी पार्क, लालपरेड मैदान की ओर, डीबी सिटी तिराहे से जेल रोड, लिली चौराहे से जहांगीराबाद पर यातायात का काफी दबाव रहेगा। इसलिए टीटीनगर न्यू मार्केट से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड की ओर जाने वाली मिनी बसें एवं बड़ी बसें लिंक रोड नंबर-एक से होते हुए बोर्ड ऑफिस चौराहा, सुभाष नगर आरओबी, बोगदापुल से होकर भारत टाकीज होते हुए अपने गंतव्य स्थान तक जा सकेंगी। रेलवे स्टेशन से आने वाली बसें होंगी डायवर्ट वहीं बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन से टीटी नगर की ओर आने वाली मिनी बसें एवं बड़ी बसें भारत टॉकीज से होते हुए पुल बोगदा, सुभाष नगर आरओबी, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-एक, ईओडब्ल्यू आफिस के सामने, बीएसएनएल तिराहा, प्रेस कांप्लेक्स, बोर्ड ऑफिस चौराहे से होते हुए अपने गंतव्य स्थान तक जा सकेंगी। इसी तरह लोक परिवहन एवं अनुमति प्राप्त सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश लाल परेड की ओर आने वाले मार्गों डीबी सिटी तिराहे से जेल मुख्यालय रोटरी की ओर, लिली चौराहे से पुलिस मुख्यालय की ओर, रोशनपुरा से गांधी पार्क तिराहे की ओर पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

जीवन में सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति का खुद पर होना चाहिए विश्वास

जीवन में सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति का खुद पर विश्वास होना बेहद जरूरी होता है। लोग अकसर सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी की वजह से मेहनती होते हुए भी सफलता हासिल नहीं कर पाते हैं। आत्मविश्वास का मतलब है, खुद पर भरोसा करना और अपनी क्षमताओं के बारे में सकारात्मक सोचना। व्यक्ति को समझना चाहिए कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की कमी लोगों के रिश्तों, काम या पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। जबकि व्यक्ति में सेल्फ कॉन्फिडेंस का अच्छा होना उसकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को सफल बनाने में मदद कर सकता है। अगर आप भी अपने लक्ष्य को पूरा करके सफलता हासिल करना चाहते हैं तो रोजाना सुबह अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए खुद से ये 5 बातें बोलना बिल्कुल ना भूलें। मैंने ये पहले किया है और मैं ये कर सकता हूं लाइफ के किसी भी मोड़ पर अगर आपको कोई काम करने में मुश्किल महसूस हो तो सबसे पहले शीशे के आगे खड़े होकर खुद से यह वाक्य जरूर कहें- ‘मैंने इस तरह का काम पहले भी किया हुआ है और मैं ये काम भी आसानी से कर सकता हूं’। आपके खुद से ऐसा कहने से आपको अपने भीतर एक नया जोश महसूस होगा और आप वो मुश्किल काम भी आसानी से कर पाएंगे। किसी काम को करते समय अगर आपको महसूस हो रहा है कि आपका आत्मविश्वास कमजोर पड़ रहा है तो खुद से कहें-मैंने इससे ज्यादा कठिन परिस्थितियां देखी हैं, मैं आगे भी सब आसानी से कर सकता हूं। मुझे खुद की मेहनत और विवेक पर पूरा भरोसा है। सोच से बड़ा कुछ नहीं होता है, सोच हो, तो जज्बा आसान हो जाता है आपने यह कहावत तो बचपन से सुनी होगी कि ‘जहां चाह, वहां राह’। इस कहावत को सच करने के लिए आप भी सुबह उठकर रोजाना खुद से कहते हुए महसूस करें, कि आप इस काम को करके ही विश्राम करेंगे। जब तक आप अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर लेते आप शांत नहीं बैठेंगे। बाकी लोग कर सकते हैं तो मैं क्यों नहीं, मैं भी कर सकता हूं अपने भीतर आत्मविश्वास बढ़ाने का यह सबसे अच्छा तरीका हो सकता है। आप रोजाना खुद से पछें कि अगर कोई काम आपका दोस्त या परिचित कर सकता है तो आप खुद वो काम क्यों नहीं कर सकते हैं। यकीन मानिए खुद से यह सवाल पूछते ही आपको अपने भीतर एक नया जोश और आत्मविश्वास महसूस होने लगेगा। बिना मेहनत किए किसी भी व्यक्ति को सफलता नहीं मिल सकती है। ऐसे में जीवन के किसी मोड़ पर आपको मुश्किलें देखकर निराशा महसूस होने लगे तो खुद से यह वाक्य जरूर कहें- जीवन है तो मुश्किलें तो आती रहेंगी, हार उसकी होती है, जो कोशिश ही नहीं करते हैं। इसलिए आप भी संघर्षों से डरे बिना अपने हिस्से का परिश्रम करते हुए लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ते रहें।

VIT भोपाल ने UHET को ₹10 लाख दान किए और लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए प्रेरणादायक सामाजिक पहलों का आयोजन किया

भोपाल चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन की 86वीं जयंती के अवसर पर, VIT भोपाल विश्वविद्यालय ने यूनिवर्सल हायर एजुकेशन ट्रस्ट (UHET) को ₹10 लाख का दान किया, जिससे शैक्षिक सुधारों और आवश्यक सुविधाओं को समर्थन मिलेगा। इस कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया, जिसमें कोठरी में स्थित लड़कियों के छात्रावास एवं स्कूलों में प्रभावशाली पहलों का आयोजन किया गया। नृत्य प्रतियोगिताएं, क्विज़, खेल, नेतृत्व कार्यशालाएं और कौशल विकास सत्र आयोजित किए गए, जिनसे छात्रों में आत्मविश्वास, जागरूकता और सामंजस्य का विकास हुआ. जिनमें से कई को ऐसे अवसरों का अनुभव पहले नहीं हुआ था। छात्रों और जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट वितरित किए गए, जो समावेशिता को बढ़ावा देने का प्रतीक थे। पुरस्कार वितरण समारोह में श्री के.के. नायर, रजिस्ट्रार, VIT भोपाल विश्वविद्यालय और अन्य संकाय सदस्यों ने भाग लिया। इस आयोजन में डॉ. जी. विश्वनाथन, उपाध्यक्ष श्री संकर विश्वनाथन, सहायक उपाध्यक्ष श्रीमती कधंबरी एस. विश्वनाथन और ट्रस्टी श्रीमती रामानी बालसुंदरम जैसी प्रतिष्ठित हस्तियां ऑनलाइन उपस्थित रहीं, जिन्होंने अपने दृष्टिकोण से सभी को प्रेरित किया, “एक लड़की को शिक्षा देना एक मजबूत परिवार और राष्ट्र के लिए दृढ़ नींव बनाता है।” यह अद्वितीय आयोजन VIT भोपाल की सामाजिक उत्थान और समावेशी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि करता है।

जीवन के हर सवाल का जवाब है भगवत गीता

श्रीमद्भागवत गीता हिंदू धर्म का एक पवित्र आध्यात्मिक ग्रंथ है. इस उपनिषदों का सार भी माना जाता है. हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को गीता जयंती का मानाई जाती है. आज श्रीमद्भागवत गीता की 5161 वीं वर्षगांठ हैं. श्रीमद्भगवागीता एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिसकी जयंती मानाई जाती है. इस दिन मोक्षदी एकादशी भी मनाई जाती है. भगवद गीता में कुल 18 अध्याय और 700 श्लोक है, जो मनुष्यों को जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तार ज्ञान प्रदान करते हैं. यानी श्रीमद्भागवत गीता में जीवन का सार छुपा है. जिसके अध्ययन करने से व्यक्ति को जीवन के सत्य और सभी उलझनों से निकलने का मार्ग मिलता है. इस महान ग्रंथ की रचना महर्षि वेदव्यास ने थी. भगवाद गीता की गणना उपनिषदों में होने के कारण इसे गीतोपनिष्द भी कहा जाता है. श्रीमद्भागवत गीता जीवन सार श्रीमद्भागवत गीता के पहले से लेकर अंतिम अध्याय तक भगवान कृष्ण युद्ध के दौरान अर्जुन को जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे रिश्तों का मोह, त्याग, नश्वर शरीर के बारें में बताते हैं. हर अध्याय अपने आप में जीवन के विभिन्न स्तर और स्थितियों को उजागर करता है. भगवद गीता के 18 अध्याय में 18 योग का वर्णन कर भगवान कृष्ण ने अर्जुन के अंदर प्रेम, मोह और डर को दूर किया था. गीता के हर योग ईश्वर से मिलने का मार्ग दिखाता है. यहां योग का अर्थ है आत्मा से परमात्मा का मिलन. जो कि इस प्रकार हैं- 1. अर्जुनविषाद योग, 2. सांख्य योग, 3. कर्म योग, 4. ब्रह्मयोग, 5. कर्म संयास योग, 6. आत्मसंयम योग, 7.ज्ञान-विज्ञान योग, 8. अक्षरब्रह्म योग, 9. राज विद्या गुह्य योग, 10. विभूति विस्तारा योग, 11. विश्वरूप दर्शन योग, 12. भक्ति योग, 13. क्षेत्र विभाग योग, 14. गुणत्रय विभाग योग, 15. पुरुषोत्तम योग, 16. दैवासुरस्मपद् विभाग योग, 17. श्रद्धात्रय विभाग योग, 18. मोक्ष सन्यास योग. इनमें से तीन योग ज्ञानयोग, कर्मयोग और भक्तियोग जो मनुष्य के जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं . श्रीमद्भागवत गीता का सार महाभारत युद्ध की के साथ भगवद गीता के उपदेशों की भी शुरुआत हुई. जिसमें श्रीकृष्ण अपने उपदेशों से अर्जुन को मोह से बहर निकलकर कर्म करने की करने की ओर अग्रसर होने का संदेश देते हैं. वहीं भगवद गीता का दूसरा अध्याय सबसे महत्वपूर्ण हैं. क्योंकि इस अध्याय में संपूर्ण गीता सार निहित है. इसमें अर्जुन पूर्ण रूप से श्रीकृष्ण अपना गुरु और मार्गदशक स्वाकर करते हैं. जिसके युद्ध और बदलती स्थितियों के हिसाब से भगवान कृष्णु अर्जुन को उपदेश देते हैं. भगवान गीता के अंत यानी आखिरी अध्याय में श्रीकृष्ण संन्यास और त्याग के बारे में बताते है. वह कहते है कि आध्यात्मिक अनुशासन के लिए एक संन्यासी परिवार और समाज का त्याग कर देते है. लेकिन त्याग करने वाला व्यक्ति परिवार और समाज के साथ रहकर औऱ अपने कार्मो और उससे मिलने वाले फलों की चिंता किए बिना भगवान के प्रति समर्पित होकर निष्काम भाव से कर्म करता हैं. इसके अलावा जीवन-मृत्यु चक्र और आत्मा की शुद्धता और महत्व को विस्तार से समझाया गया है. श्रीमद्भागवत गीता अध्ययन के लाभ श्रीमद्भागवत गीता में निहित श्लोको जीवन दर्शन का एहसास कराते हैं. जिसमें व्यक्ति को जीवन के हर सवाल का जवाब मिलता है. रोजाना गीता पाठ करन से व्यक्ति को बहुत से लाभ मिलते हैं. मन हमेशा शांत रहता है. वितरित परिस्थियों में भी वह अपने मन पर काबू पाने की क्षमता रखता है. कामवासना, क्रोध, लालच और मोह, माया आदि के बंधनों से मुक्त हो जाता है और जो व्यक्ति इन सभी से मुक्ति पा लेता है उसका जीवन सुखमय तरीके से बीतता है. इसके अलावा श्रीमद्भागवत गीता का पाठ करने से व्यक्ति का आत्मबल बढ़ता है और व्यक्ति साहसी और निडर बनकर अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ता रहता है.

राजगढ़ एसपी ने बुजुर्ग को सड़क पर घायल पड़ा देख बिना देरी किए अपनी गाड़ी रुकवाकर घायल को सीपीआर दिया

 राजगढ़ मंगलवार शाम को ब्यावरा से सारंगपुर जा रहे राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा ने एक बुजुर्ग की जान बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। उन्होंने बुजुर्ग को सड़क पर घायल पड़ा देख बिना देरी किए अपनी गाड़ी रुकवाकर घायल को सीपीआर देने का प्रयास किया। यह था मामला मंगलवार शाम को राजगढ़ जिले के कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा और एसपी आदित्य मिश्रा ब्यावरा से सारंगपुर जा रहे थे। इस दौरान करनवास के पास सड़क पर उन्हें घायल अवस्था में एक बुजुर्ग व्यक्ति दिखा। यह देख एसपी-कलेक्टर ने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और बिना देरी किए सड़क पर उतरकर घायल बुजुर्ग की मदद करने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने बताया कि हाईवे पर पड़े हीरालाल सितार (70) निवासी किशनपुरिया को एक कार ने टक्कर मार दी थी। टक्कर मारने के बाद कार का चालक फरार हो गया और हीरालाल अचेत अवस्था में पड़े थे। सीपीआर देते हुए एसपी बोले- काका उठों इसके बाद एसपी आदित्य मिश्रा ने घायल को बचाने के लिए सीपीआर देने की कोशिश की। उन्होंने मुंह से सांस देकर उनकी जान बचाने का प्रयास किया और बुजुर्ग को होश में लाने के लिए ‘काका’ कहकर आवाज दी। इस दौरान कलेक्टर गिरिश कुमार मिश्रा भी उनके पास मदद के लिए खड़े रहे। इसके बाद मौके पर पहुंची एम्बुलेंस से बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वायरल हो रहा वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने अफसरों का बुजुर्ग की मदद करने की घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस टक्कर मारने वाले कार चालक की तलाश कर रही है।

गीता जयंतीः सद्कर्म, स्व-धर्म और सच्चे कर्तव्य पथ की प्रेरणा

गीता जयंतीः सद्कर्म, स्व-धर्म और सच्चे कर्तव्य पथ की प्रेरणा         डॉ. मोहन यादव     आज गीता जयंती का अवसर अद्भुत और अलौकिक ऊर्जा से परिपूर्ण है। मध्यप्रदेश में पहली बार ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आप सभी को गीता जयंती की मंगलकामनाएं…।     यह हमारा सौभाग्य है कि 8 से 11 दिसंबर 2024 की अवधि में चलने वाले इस महोत्सव में हमें गीता के ज्ञान और इसके महत्व को जानने तथा व्यवहार में आत्मसात करने का अवसर मिला है। विरासत से विकास की संकल्‍पना के मूल विचार में सनातन परम्‍पराएं, मान्‍यताएं और उसके कल्‍याणकारी सामाजिक परिणाम रहे हैं। इसी क्रम में गीता जयंती के अवसर पर मध्‍यप्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध पक्षों और श्रीमद्भागवद गीता के सार्थक संदेशों से नागरिकों को अवगत करवाना है। सौभाग्य की बात है कि मध्यप्रदेश गीता के सस्वर पाठ का विश्व रिकार्ड स्थापित कर रहा है। इसी श्रृंखला में विद्यालयों में गीता पर केन्द्रित क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लाखों विद्यार्थियों ने सहभागिता की। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन के रहस्य की जो बात श्रीमद्भगवद गीता में समझाई है वह हम सभी के लिये पाथेय के रूप में है जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र निर्माण के लिये प्रासंगिक है।     भगवान श्रीकृष्ण ने पांच हजार साल पहले महाभारत की युद्ध भूमि कुरूक्षेत्र में कौरवों और पांडवों के बीच अर्जुन को कर्मयोग की शिक्षा दी जिससे पवित्र गीता का अवतरण हुआ। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा जो बातें कही गईं वह आज भी सम-सामयिक है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने जिस गीता भाष्य की रचना की थी उसे क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद, शहीद भगत सिंह, राजगुरु आदि क्रांतिवीर अपने पास रखते थे। गीता भाष्य से प्रेरणा लेकर क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष किया। गीता हमारे लिये न केवल पवित्र ग्रंथ है बल्कि जीवन की सार्थकता सिद्ध करने का मार्ग भी है।     गीता का मध्यप्रदेश से गहरा संबंध है। भगवान श्रीकृष्ण विद्याध्ययन के लिये मध्यप्रदेश की उज्जैन नगरी आये थे। यहां महर्षि सांदीपनि आश्रम में उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई थी, इसी धरती पर उन्हें सुदर्शन मिला। श्रीमद्भगवद गीता आज भी पूरे संसार के लिये एक अद्भुत ग्रंथ है। संसार के लगभग प्रत्येक देश ने अपनी स्वभाषा में गीता का अनुवाद किया और विश्वविद्यालयों ने शोध किया। व्यक्तित्व विकास की आधुनिक पुस्तकों में ऐसा कोई सूत्र नहीं जिसका वर्णन श्रीमद्भगवद गीता में न हो। श्रीमद्भगवद गीता भारतीय दर्शन और चिंतन का मूल आधार है, जो सत्कर्म के माध्‍यम से मनुष्‍य को अपने में ही दिव्‍यता का अनुभव करा देती है। यह समस्‍त मानव समाज को स्‍व-धर्म का आत्‍मबोध देती है और सच्‍चे कर्तव्‍य पथ की ओर प्रशस्‍त करती है।     मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं। यह भवन गीता के ज्ञान को साझा करने का महत्वपूर्ण स्थान होगा। यहां होने वाले विचार-विमर्श से लोगों के जीवन और व्यवहार में बदलाव आयेगा। हमने प्रदेश के सभी विकासखण्डों में एक गांव को चयनित कर वृंदावन गांव के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इन गांवों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाया जायेगा। वृंदावन गांव में जहां एक ओर प्राचीन संस्कृति को पुष्पित और पल्लवित किया जायेगा, वहीं दूसरी ओर जैविक खेती और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जायेगा।     रामायण और श्रीमद्भगवद गीता हमारी राष्ट्रीय धरोहर हैं। हमारी युवा पीढ़ी को इन धर्म ग्रंथों के बारे में जानना आवश्यक है। इनके ज्ञान से अपने व्यक्तित्व और भविष्य को परिष्कृत किया जा सकता है। भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश करते हुए पाठ्यक्रमों में रामायण और गीता वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल की गई हैं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को गीता का ज्ञान भी दिया जा रहा है, जो धरातल पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के एक हाथ में श्रीमद्भगवद गीता है तो दूसरे हाथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पुस्तकें। यह बदलाव बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण से लेकर भविष्य निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है।     श्रीमद्भगवद गीता में कुल 700 श्लोक हैं। इनमें 574 श्रीकृष्ण उवाच अर्थात् भगवान श्रीकृष्ण ने कुल 574 श्लोकों में जीवन का संदेश दिया है। व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के साथ संपूर्ण प्रकृति और सृष्टि के जीवन के सभी विषय,हर समस्या का समाधान इन श्लोकों के सूत्रों में है। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन की सफलता केलिये अपने धर्म के पालन और एकाग्रता के साथ कर्मशीलता पर ही बल दिया है।                 कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।         मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥          अर्थात् तुम्हारा अधिकार केवल कर्म पर है, कर्म के फल पर नहीं… इसलिए फल की चिंता किये बिना कर्म को ही कर्तव्य मानकर कार्य करो, उसी पर तुम्हारा अधिकार है।     गीता के अध्याय दो के इस श्लोक में किसी व्यक्ति के जीवन की सफलता का ही नहीं, समाज और राष्ट्र के विकास का भी यही सूत्र है। मनुष्य को अपना पूरा ध्यान अपने कर्म और कर्तव्य पर ही लगाना चाहिए। यदि व्यक्ति का समर्पण कर्तव्य के प्रति है तो उससे कोई अनुचित कार्य नहीं होगा और यदि पूरी आयोजना के साथ कर्म आरंभ किया है तो उसकी शत-प्रतिशत सफलता निश्चित है तब क्यों परिणाम के प्रति चिंतित होना चाहिए।     मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि श्रीमद्भगवद गीता की प्रेरणा से मध्यप्रदेश ने अपनी विकास यात्रा आरंभ की है। मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है “विकास के साथ विरासत”। इसीलिए एक ओर जहां विकास के लिये बहुआयामी योजनाओं पर काम हो रहा है वहीं भावी पीढ़ी के निर्माण और उन्हें अपने कर्म-कर्तव्य की प्रेरणा देने के लिये विरासत को भी संजोया जा रहा है। मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों में योगेश्वर और कर्मेश्वर भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां बिखरी हुई हैं। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण, महू के पास जानापाव में भगवान परशुराम से भेंट, धार जिले के अमझेरा में रुक्मणी वरण और शौर्य का प्रदर्शन आदि स्थानों में उनके स्मृति चिन्ह हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने श्रीकृष्ण पाथेय निर्माण करने … Read more

एमएस इंडस्ट्रीज के गोदाम में मिला कई राज्यों से लाया पीडीएस का चावल, गेहूं व सोयाबीन

शिवपुरी  प्रशासनिक अमले ने मंगलवार को गुना बाईपास स्थित इंडस्ट्रीज एरिया में एमएस इंडस्ट्रीज पर छापा मार कार्रवाई की। इस छापामार कार्रवाई के दौरान अमले को वहां गरीबों के हक का पीडीएस का चावल, मंडी का टैक्स चोरी का गेहूं और सोयाबीन मिला। प्रशासनिक अमले ने सभी सामान को जब्त कर गोदाम को सील कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी को सूचना मिली कि इंडस्ट्रीज एरिया में एमएस इंडस्ट्रीज के संचालक अंकित पुत्र उमेश गोयल के गोदाम में पीडीएस का चावल आया है। सूचना पर उन्होंने एसडीएम उमेश कौरव, तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा, डिप्टी कलेक्टर अनुपम शर्मा को मौके पर कार्रवाई करने के लिए भेजा। जब टीम मौके पर पहुंची तो गोदाम का गेट बंद था। टीम ने जब गेट खुलवाने का प्रयास किया तो गोदाम के कर्मचारियों ने बड़ी मुश्किल से गेट खोले। 750 क्विंटल चावल, 600 क्विंटल सोयाबीन, 1051 क्विंटल गेहूं जब्त     गेट खोलने पर गोदाम के अंदर राजस्थान से आया एक बड़ा ट्रोला क्रमांक आरजे 06 जीडी 0711 रखा हुआ था, जिसमें चावल भरा होना बताया गया। चावल प्रथम दृष्टया पीडीएस का प्रतीत हुआ।     टीम ने जब गोदाम के अंदर जाकर देखा तो उसमें गेहूं, सोयाबीन भी रखा हुआ था। प्रशासनिक अमले ने मौके पर खाद्य विभाग, मंडी व नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारियों को भी बुला लिया।     मौके से सामान के सैंपल चेक करवाए गए। इसके अलावा गेहूं व साेयाबीन टैक्स चोरी का है। टीम ने गोदाम में 750 क्विंटल पीडीएस का चावल, 600 क्विंटल सोयाबीन और 1051 क्विंटल गेहूं मौके से जब्त किया है। मप्र, पंजाब, उप्र व केंद्र सरकार के कट्टों में मिला गेहूं प्रशासनिक अमला भले ही गेहूं को टैक्स चोरी का गेहूं बता रही थी, परंतु रसद माफिया के गोदाम में जिन बोरों में गेहूं पैक रखा हुआ था, उनके ऊपर स्पष्ट रूप से एमपी स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन, एससीएससी मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कार्पोरेशन भारत सरकार के सौजन्य से उचित मूल्य की दुकान, गवर्नमेंट ऑफ पंजाब, उत्तर प्रदेश सरकार खाद तथा रसद अंकित था। यह बोरे इस बात की गवाही दे रहे थे कि यह राशन न सिर्फ मप्र बल्कि उप्र, पंजाब के गरीबों के साथ-साथ, केंद्र सरकार की योजना का भी था। यह सारा राशन उक्त राज्यों के गरीब परिवारों तक जाना था, परंतु अंकित गोयल के गोदाम में पहुंच गया। आदिवासियों ने भी किया प्रदर्शन जब इस बात की जानकारी सहरिया क्रांति के आदिवासी कार्यकर्ताओं को लगी तो वह भी मौके पर पहुंच गए। आदिवसियों ने गोदाम पर पहुंच कर नारेबाजी की और रसद माफिया के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ आरोपित को गिरफ्तार करने की मांग की। आदिवासियों का कहना था कि यह गेहूं और चावल उनके हक का है, जिसे माफिया ने अपने गोदाम में भरकर रखा है। उनके बच्चे भूखे रह कर कुपोषण से दम तोड़ रहे हैं। मौके पर न लाइसेंस मिल, न स्टॉक रजिस्टर खास बात यह है कि जिस समय टीम ने गोदाम पर छापामार कार्रवाई की, उस समय गोदाम में न तो लाइसेंस मिला, न स्टॉक रजिस्टर और न ही अन्य कोई दस्तावेज। सूत्र बताते हैं कि यह सभी दस्तावेज गोदाम में मौके पर ही मौजूद होना चाहिए था। टीम के कहने के बाबजूद कई घंटे बाद भी यह दस्तावेज फर्म संचालक ने तत्समय उपलब्ध नहीं करवाए। यह हालात घालमेल की संभावना व्यक्त कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश में शीतलहर का असर, 16 शहरों में अगले 4 दिन शीतलहर का अलर्ट, रायसेन में जमी ओस

भोपाल मध्य प्रदेश इन दिनों बर्फीली हवाओं की वजह से ठिठुर रहा है। दिन और रात का टेम्परेचर 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 4-5 दिन ऐसा ही मौसम बना रहेगा। बुधवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर-उज्जैन समेत प्रदेश के 16 जिलों में कोल्ड वेव का रहेगा असर। इससे पहले मंगलवार को प्रदेश के 15 जिलों में सर्द हवाएं चलीं। पचमढ़ी देश का 10वां सबसे ठंडा शहर रहा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, ‘इस समय पश्चिम-उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं भी चल रही हैं। इन दोनों सिस्टम की वजह से मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।’ पचमढ़ी में एक रात में 1.7 डिग्री गिरा पारा मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात पचमढ़ी में 1.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। एक रात पहले यह 3.5 डिग्री सेल्सियस था यानी एक ही रात में 1.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान नीचे आया है। यह भोपाल में 6.9 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 6 डिग्री, उज्जैन में 7.5 डिग्री और जबलपुर में 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी के अलावा रायसेन, गुना, उमरिया, मंडला और नौगांव में टेम्परेचर 6 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहा। रायसेन में 4.8 डिग्री, गुना-उमरिया में 5 डिग्री, मंडला में 5.2 डिग्री और नौगांव में 5.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। भोपाल, इंदौर-उज्जैन में आज कोल्ड डे मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन और शाजापुर में कोल्ड डे रहेगा। वहीं, जबलपुर, धार, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, सागर, नर्मदापुरम, रायसेन, दमोह, नरसिंहपुर और सिवनी में सर्द हवाएं चलेंगी।  मौसम विभाग ने 11, 12 और 13 दिसंबर को धार, गुना-अशोकनगर में कोल्ड वेव चलने का अलर्ट जारी किया है। जेट स्ट्रीम हवाएं 12.6 किमी ऊंचाई पर 277 किमी प्रतिघंटा के हिसाब से चल रही है। इससे एमपी में भी ठिठुरन है। आने वाले दिनों में हवा की ऊंचाई कम हो जाएगी। जिससे पूरे प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ जाएगा।। बर्फीली हवाओं का सबसे ज्यादा असर उत्तरी हिस्से में रहेगा। इनमें ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के जिले शामिल हैं। भोपाल में दो साल का रिकॉर्ड टूटा राजधानी भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 2 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। एक ही रात में पारा 4.5 डिग्री लुढक कर 7.8 डिग्री पहुंच गया, जो पिछले दो साल में सबसे कम है। 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 8.6 और 8.8 डिग्री रहा था। इधर प्रदेश के सभी शहरों में तापमान में गिरावट हुई। सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। यहां तापमान 3.5 डिग्री पर आ गया। जबकि रायसेन का 3.6 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी खासी गिरावट हुई है। इंदौर में 8.7 डिग्री, ग्वालियर में 8.5 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में 7 डिग्री तापमान रहा। इसी तरह राजगढ़, नौगांव, उमरिया ऐसे शहर रहे, जहां पारा 7 डिग्री से नीचे रहा। जाने आगे कैसा  रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में सबसे ज्यादा ठंड पड़ेगी। कड़ाके की ठंड का यह दौर जनवरी तक बना रहेगा। इन्हीं 40 दिनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाएं की भी चल सकती है। हालांकि, दिसंबर के पहले ही पखवाड़े में सर्द हवाएं चलने का अलर्ट है। इस बार सबसे ज्यादा ठंड उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग में रहेगी। वजह बर्फीली हवाएं सीधे आना है। वर्ष 2014 से 2023 तक के ट्रेंड पर नजर डाली जाए तो भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य शहरों में दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में ही कड़ाके की ठंड पड़ना शुरू होती है। इन पांच बड़े शहरों में पारे में सबसे ज्यादा गिरावट ग्वालियर में होती है। पिछले 10 साल में एक बार टेम्प्रेचर 1.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। जबलपुर में यह 4.4 डिग्री और उज्जैन में 2.5 डिग्री तक रहा है। भोपाल और इंदौर में भी टेम्प्रेचर 5 डिग्री से नीचे रहे हैं।  

CM ने कहा नए जिले को 550 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन होने से विकास की गति में तेजी आएगी व मील का पत्थर साबित होगा

चिरमिरी/एमसीबी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मनेंद्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर जिले के  चिरमिरी के लाल बहादुर स्टेडियम में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद चिरमिरी में पहली बार आया हूँ। उन्होंने कहा इस नए जिले को 550 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के करीब 447 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन होने से विकास की गति में तेजी आएगी व मील का पत्थर साबित होगा। साय ने कहा कि जिस अस्पताल का लोकार्पण हुआ है, वहां सभी सुविधाएं के साथ विभिन्न बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर भी होंगे, इससे जिलेवासियों को इलाज कराने में मदद मिलेगी, उन्होंने कहा मनेंद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज हेतु मेडिकल बोर्ड का गठन भी हो चुका है।   शपथ लेते ही गरीबों की चिंता साय ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मूल मंत्र ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबके विश्वास’’ के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, युवा, महिलाओं के विकास और उनके सशक्तिकरण के लिए मोदी दिन- रात काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विगत विधानसभा निर्वाचन के बाद ’’मोदी की गारंटी’’ पर काम करना शुरू किया है। 13 दिसंबर को सरकार की एक साल पूरे होने जा रही है। आवास से वंचित हमारे प्रदेश के 18 लाख लोगों को आवास देने के लिए मुख्यमंत्री की शपथ लेने के दूसरे दिन 14 दिसंबर को मंत्रिमंडल में निर्णय लिया और प्रधानमंत्री आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई। आदिवासी और किसानों के हक में लिया निर्णय उन्होंने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने 13 लाख से अधिक किसानों के दो साल का बकाया धान बोनस राशि 3716 करोड़ का भुगतान भी किया है। साय ने कहा आदिवासियों के आय का मुख्य जरिया तेंदूपत्ता की पारिश्रमिक दर 4 हजार से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये किया है। वादे के मुताबिक पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान वादा किया था कि सरकार बनने के बाद पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच होगी। उस वादे के मुताबिक पीएससी के पूर्व चेयरमेन सहित जो भी दोषी पाए गए हैं, उन्हें जेल भेज दिया गया है और इस तरह प्रदेष में सुशासन देने का काम किया है। साव की तारीफ उन्होंने उप मुख्यमंत्री व नगरीय विकास मंत्री अरुण साव की तारीफ करते हुए कहा कि विगत 10-11 माह में प्रदेश के नगरीय निकायों में साफ पेयजल आपूर्ति के लिए दो हजार करोड़ रुपए का काम किया है, आम लोगों को पानी पिलाने का काम किया है। साय ने रामलला दर्शन के सम्बंध में कहा कि एमसीबी जिले से भी सैकड़ों भक्तगण अयोध्याधाम जाकर श्रीराम लला का दर्शन किए हैं। आदिवासी राष्ट्रपति से लेकर जनपद अध्यक्ष तक उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि आदिवासी समाज को उन्होंने सम्मान दिया है। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू अनुसूचित जनजाति से हैं, तो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी आदिवासी से है, इसका श्रेय मोदी जी को जाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह के ऐसे समुदायों को पीवीटीजी में रखा गया है, जिन्हें अनुसूचित जनजातियों में सबसे कमज़ोर माना गया है। इनके विकास के लिए पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने सोचा है, तो वह है नरेन्द्र मोदी। उन्होंने कहा पीएम जनमन के तहत ऐसे पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, बैगा आदि जनजातियों के विकास के लिए सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, आवास जैसी बुनियादी जरूरत उपलब्ध कराने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (दा-जुगा) के तहत आदिवासी समुदाय के लोगों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका में सुधार करने के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा है, इस योजना में छत्तीसगढ़ के 6 हजार 500 गांव भी शामिल है और इस जिले के हजारों परिवारों को भी लाभ मिलेगा। साय ने कहा कि आज यह कहने में खुशी हो रही है कि श्रीमती राजकुमारी बैगा जनपद अध्यक्ष भरतपुर-जनकपुर हमारे बीच है इसका श्रेय मोदी जी को जाता है। उन्होंने नई शिक्षा नीति के सम्बंध में कहा कि डिग्री के साथ रोजगार देने का भी कार्य कर रहे हैं। शांति बहाली के महत्वपूर्ण पहल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि महज एक साल में बस्तर में शांति बहाली की दिशा में सफलता मिलने लगी है। हमारी सरकार इन लोगों को विकास के मुख्य धारा में जोड़ने का काम कर रही है। बस्तर में मोबाइल टॉवर पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार और सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। विष्णु सरकार ने सुशासन का दिया संदेश- मंत्री अरूण साव उप मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ शासन में नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्री अरूण साव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा विष्णु के सुशासन और मोदी की गांरटी के उचित ताल-मेल के कारण ही आज 550 करोड़ रूपये से अधिक की राशि का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और आदिवासियों के विकास के लिए योजनाएं, नीति बनाएं है, तो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और इस डबल इंजन की सरकार ने सुशासन का एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। चिरमिरी केवल राजनीतिक अखाड़ा बनकर रह गया था-मंत्री जायसवाल छत्तीसगढ़ शासन में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा विष्णु सरकार के सुशासन और मोदी की गारंटी की वजह से आज इस जिले को पहली बार इतनी बड़ी राशि की सौगात मिली है। जायसवाल ने कहा चिरमिरी और मनेन्द्रगढ़ के बीच पानी की समस्या का समाधान के लिए नगरीय विकास मंत्री अरूण साव ने 185 करोड़ रूपये की स्वीकृति देकर एक महत्वपूर्ण विकास कार्य में भागीदारी दी है। जायसवाल ने कहा चिरमिरी केवल राजनीतिक अखाड़ा बनकर रह गया था। लेकिन यहॉ के विकास के लिए कोई भी विधायक, मंत्री ध्यान नही दिये। जायसवाल ने कहा अद्योसरंचना विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्व है। इसी के तहत रेल्वे विकास के लिए 241 करोड़ रूपये की स्वीकृति भी केन्द्र सरकार से … Read more

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