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शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक, इस दौरान सरकार 20 हजार करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट पेश कर सकती है

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक आयोजित होगा. प्रदेश सरकार इस दौरान करीब 20 हजार करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट पेश कर सकती है. इसके लिए वित्त विभाग ने दो महीने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी. शासन ने सभी विभागों को भी सप्लीमेंट्री बजट के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं. विभाग यह भी तैयारी कर रहे हैं कि सप्लीमेंट्री बजट के लिए किन बातों को आधार बनाया जाए. मसलन, विभागों को यह कहा गया है कि वे किसी भी तरह की नई गाड़ी खरीदने का प्रस्ताव नहीं देंगे. उनसे यह भी कहा गया है कि प्रस्ताव में स्पष्ट किया जाए कि ऋण और अनुदान के लिए कितनी-कितनी राशि की जरूरत होगी. गौरतलब है कि सभी विभाग सरकार को यह भी बताएंगे कि उन्होंने राशि कहां खर्च की, पिछले साल बजट का कितना अनुमान था और सप्लीमेंट्री बजट कितना था. विभागों को इस बात को विस्तार से बताना होगा कि उन्होंने बाहर से कितना कर्ज लिया है. यानी उन्हें एक-एक राशि का लेखा-जोखा स्पष्ट करना होगा. बता दें, फिस्कल इयर 2024-25 के लिए सरकार ने इस साल जुलाई में 3 लाख 65 हजार 067 करोड़ रुपये का सालाना बजट पेश किया था. चूकि, इस साल लोकसभा चुनाव थे, इसलिए सरकार ने फरवरी में पूर्ण बजट पेश नहीं किया था. अहम है ये शीतकालीन सत्र सरकार ने अप्रैल से जुलाई तक के लिए लेखानुदान यानी वोट ऑन अकाउंट पेश किया था. ताकि, वह पूर्ण बजट आने से पहले अपनी योजनाओं और विकास कार्यों को संचालित कर सके. बताया जाता है कि सरकार मार्च में पूर्ण बजट के साथ-साथ दूसरा सप्लीमेंट्री बजट भी पेश कर सकती है. 16 दिसंबर से शुरू होने वाला शीतकालीन सत्र अहम है. इसमें सरकार कई अहम फैसले ले सकती है. दूसरी ओर, विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस ने इसलिए कई बैठकें भी कर ली हैं.

खुले बोरवेल से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सरकार एवं जनता मिलकर अभियान चलाएं: गहलोत

जयपुर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुले बोरवेल में गिरने से होने वाली जनहानि पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से ऐसे बोरवेल को बंद करवाने के लिए अभियान चलाने की मांग की। हाल में दौसा जिले में खुले बोरवेल में गिरे पांच साल के आर्यन की मौत हो गई थी। गहलोत ने इसे दुखद बताया है। गहलोत ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘दौसा में एक खुले बोरवेल में गिरने से मासूम आर्यन की मृत्यु बेहद दुखद है। तमाम चुनौतियों के बावजूद जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा की टीम ने अच्छा कार्य किया।’’ उन्होंने कहा कि खुले बोरवेल में बच्चों के गिरने की घटनाएं लगातार होती रहती हैं। राज्य सरकार द्वारा कई बार इन्हें बंद करने के आदेश जारी किए जाते रहे हैं। इसके बावजूद गांवों में खुले बोरवेल सामान्य तौर पर मिल जाते हैं। इस तरह के बोरवेल के खिलाफ अभियान चलाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘खुले बोरवेल से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सरकार एवं जनता मिलकर अभियान चलाएं क्योंकि दूर-दराज के इलाकों में ऐसे बोरवेल की जानकारी प्रशासन को बिना जन सहयोग के नहीं चल सकती है। इसके लिए सरकार जिलावार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करे एवं सर्वे करवाकर खुले बोरवेल बंद करवाने का अभियान चलाए जिससे भविष्य में ऐसी जनहानि ना हो।’’  

केन्द्र और राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा : गोविंद सिंह राजपूत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप हर पात्र उपभोक्ता तक खाद्यान पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। इस लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गयी है कि इस कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जायेगी। साथ ही निष्ठा के साथ कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा . उमरिया जिले की झिरिया मोहल्ला निवासी श्रीमती सीमा शर्मा ने बताया कि हम जैसे गरीब लोगों के लिये 450 रूपये में सिलेंडर मिलने से हमारे रसोई की आधी समस्या दूर हो जाती है। उन्होंने बताया कि यह हमारे मुख्यमंत्री एवं लाड़ले भईया डॉ. मोहन यादव की लाड़ली बहनों के प्रति एक महत्वपूर्ण सौगात है। नहीं सोये। इसलिये प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में गरीबों को नि:शुल्क खाद्यान वितरित किया जा रहा है। इस योजना में अंत्योदय श्रेणी में लगभग 14 लाख परिवारों के 52 लाख सदस्यों एवं प्राथमिकता श्रेणी में लगभग एक करोड़ 15 लाख परिवारों के 4 करोड़ 93 लाख सदस्यों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से 27 हजार 627 दुकानों से 1 करोड़ 28 लाख परिवार के 5 करोड़ 46 लाख 42 हजार से अधिक सदस्यों को खाद्यान उपलब्ध कराया जा रह है। इसके माध्यम से हितग्राहियों को पोषण, खाद्य सुरक्षा तथा संबल प्राप्त हो रहा है। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना ने हितग्राहियों की एक बड़ी समस्या का निराकरण किया है। पूर्व में रोजगार व अन्य कारणों से हितग्राही को राशन प्राप्त करने में असुविधा होती थी, किंतु वर्तमान में योजना का लाभ प्रदेश के 32,247 लोगों ने अन्य राज्यों में एवं प्रदेश के अंदर 12 लाख 73 हजार 221 तथा अन्य राज्यों के 3,153 लोगों ने प्रदेश में लाभ लिया है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सम्मिलित एक करोड़ 28 लाख 86 हजार पात्र परिवारों को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से खाद्यानों का वितरण किया जा रहा है। इसमें अंत्योदय श्रेणी एवं प्राथमिकता श्रेणी के पात्र परिवारों को गेंहू, चावल का प्रतिमाह वितरण किया जाता है। पूर्व में प्रदेश को केन्द्र सरकार से गेहूं एवं चावल 40:60 के अनुपात में प्राप्त हो रहा था। वर्तमान में गेहूँ एवं चावल का आवंटन 60:40 अनुपात से प्राप्त हो रहा है। इसी अनुपात में वितरण कराया जा रहा है। पात्र परिवारों को अपनी ग्राम पंचायत से ही राशन सामग्री प्राप्त करने के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत में उचित मूल्य दुकान खोलने का लक्ष्य है। विगत एक वर्ष में 281 नवीन उचित मूल्य दुकान ग्रामीण क्षेत्रों में खोली गई है। पूरे देश में मध्यप्रदेश की सर्वाधिक कोल्ड भण्डारण क्षमता 4 करोड़ मे.टन से अधिक है। अनाज भण्डारण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर होकर प्रथम स्थान पर है। कोविड काल में गेंहू खरीदी में वर्ष 2020-21 में 129.42 लाख मे.टन उपार्जन किया गया, जोकि देश में सर्वाधिक खरीदी का रिकार्ड एवं देश में प्रथम स्थान रहा। रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के बाद किसानों को 125 रूपये प्रति क्विंटल की दर से राज्य सरकार द्वारा लगभग 604 करोड़ बोनस राशि का भुगतान किसानों को किया गया है। पात्र परिवारों को वितरित राशन की जानकारी एसएमएस से दी जा रही है। मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना के अंतर्गत 89 आदिवासी विकासखण्डों के ग्रामों में राशन वितरण की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के अंतर्गत 894 बेरोजगार युवाको को ऋण के माध्यम से वाहन उपलब्ध कराकर राशन सामग्री का प्रदाय किया जा रहा है। योजना के माध्यम से जहां बेरोजगार युवकों को रोजगार मिल रहा है, वहीं राशन सामग्री परिवहन की ठेकेदारी व्यवस्था भी खत्म हो रही है। वर्तमान में 894 वाहनों से 27 हजार 627 दुकानों पर लगभग 3 लाख मीट्रिक टन राशन सामग्री का परिवहन किया जा रहा है। युवाओं को लगभग 16 करोड़ रूपये प्रति माह भुगतान भी किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को घर के पास ही राशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना से 20 अनुसूचित जनजाति बहुल जिलों में 89 विकासखण्डों के 6575 शासकीय उचित मूल्य दुकान विहीन ग्रामों में 7 लाख 13 हजार परिवारों को वाहन द्वारा राशन का वितरण किया जा रहा है। इस कार्य में लगे वाहनों का संचालन अनुसूचित जनजाति के युवकों द्वारा ही किया जाता है। इससे पंचायत मुख्यालय तक की दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं रही है और हितग्राहियों के धन और समय की बचत हुई है। नागरिक आपूर्ति निगम की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिये निगम द्वारा बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सॉफ्टवेयर के स्थान पर अपनी जरूरत के अनुसार एनआईसी से बनवाये गए सॉफ्टवेयर का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। इससे निगम को करोड़ो रूपये की बचत होगी। कल्याणकारी योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्र/छात्राओं को 1 रूपये किलो की दर से खाद्यान्न का प्रदाय करने के साथ ही प्रधानमंत्री उज्जवला योजना अंतर्गत 89 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क घरेलू गैस कनेक्शन दिये गये हैं। राज्य शासन द्वारा 24 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को 450 रूपये में रसोई गैस का सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। योजनान्तर्गत जुलाई 2023 से नवम्बर 2024 तक लगभग 741 करोड़ रूपये का अनुदान लाड़ली बहनों के खाते में जमा कराया गया है। योजना का क्रियान्वयन सतत् रूप से किया जा रहा है। दशहरा एवं दिवाली पर्व पर उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए मिठाई, नमकीन, बर्तन, पेन्ट एवं सराफा व्यापारियों के यहाँ नाप-तौल उपकरणों की जाँच के लिये 9 से 30 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया गया। उपभोक्ताओं को सही कीमत और सही वजन की सामग्री मिलनी चाहिये। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिये विशेष अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत नि:शुल्क फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। आँगनवाड़ी केन्द्रों और मध्यान्ह भोजन के लिये भी फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में प्रतिमाह लगभग 1.75 लाख मीट्रिक टन फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। इससे लगभग 5 करोड़ 45 लाख हितग्राही लाभान्वित … Read more

राज्य के फोरेंसिक लैब में गंभीर अपराध से जुड़े मामलों के रोजाना औसतन 15 से 20 डीएनए संकलित किए जा रहे हैं

रायपुर गंभीर किस्म के अपराध सुलझाने के साथ महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलन करने में डीएनए रिपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य के फोरेंसिक लैब में गंभीर अपराध से जुड़े मामलों के रोजाना औसतन 15 से 20 डीएनए संकलित किए जा रहे हैं। सिस्टम अपडेट होने की वजह से वर्तमान में एक भी डीएनए का पेंडिंग मामला नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, राज्य फोरेंसिक लैब में वर्तमान में ईडी, ईओडब्ल्यू, सीबीआइ द्वारा दर्ज अलग-अलग प्रकरणों से संबंधित इलेक्ट्रिक डिवाइस की भी जांच की गई है। जांच में मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर के हार्ड डिस्क की फोरेंसिक जांच कर रिपोर्ट संबंधित एजेंसियों को सौंपी गई है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर संबंधित जांच एजेंसियों ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में आरोपितों की गिरफ्तारी की है। हत्या के सभी मामलों में डीएनए जांच हत्या के आरोपित कानूनी दांव पेंच का सहारा लेकर संदेह का लाभ लेकर किसी तरह कोर्ट में आसानी से न छूट जाएं, इस बात को देखते हुए हत्या के सभी मामलों की डीएनए जांच की जा रही है। पूर्व में हत्या के संदिग्ध मामलों में डीएनए जांच की जाती थी। वर्तमान में हत्या के सभी मामलों में डीएनए जांच की जा रही है। अनसुलझे मामलों को सुलझाने में मिली मदद डीएनए जांच करने का सिस्टम अपडेट होने की वजह से कई गंभीर अपराधों को सुलझाने में पुलिस को मदद मिली है। पेंड्रा में दुष्कर्म और हत्या के एक मामले में डीएनए साक्ष्य के आधार पर आरोपित की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया। डीएनए साक्ष्य के आधार पर फांसी की सजा उरला थाना क्षेत्र में चार साल के हर्ष का अपहरण कर टावेल में लपेटकर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया था। इस मामले में हत्या के आरोपित पंचराम को कोर्ट ने डीएनए साक्ष्य के आधार पर हत्या की सजा सुनाई है। बच्चे का शव पूरी तरह से जल गया था, जिसकी पहचान संभव नहीं थी। डीएनए के माध्यम से बच्चे की पहचान की गई। रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी गई। इसके बाद कोर्ट ने डीएनए रिपोर्ट के आधार पर हत्या के आरोपित को मौत की सजा सुनाई। ब्लास्ट में मारे गए मजदूरों की पहचान डीएनए से बेमतेरा, बेरला स्थित बारूद फैक्ट्री में इस वर्ष मई में हुए ब्लास्ट में आधा दर्जन से ज्यादा मजदूरों की मौत हो गई थी। ब्लास्ट में मजदूरों के चीथड़े उड़ गए थे। मजदूरों की पहचान नहीं हो पा रही थी। फोरेंसिक लैब के अधिकारी के अनुसार संकलिए किए गए टुकड़ों का डीएनए टेस्ट किया गया। डीएनए लेने के लिए 50 से ज्यादा लोगों का सैंपल एकत्र किया गया। इसके बाद मृतकों की अलग-अलग पहचान की गई।

महाकुंभ की नई ड्रेस में नजर आएंगे यूपी रोडवेज के ड्राइवर-कंडक्टर, सबके खाते में आए इतने रुपये, परिवहन निगम ने भेजी राशि

आजमगढ़ प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम भी जोर शोर से जुटा हुआ है। महाकुंभ में इस बार रोडवेज के चालक और परिचालक नए ड्रेस में नजर आएंगे। निगम की ओर से चालकों और परिचालकों के खाते में ड्रेस की राशि भेज दी गई है। आजमगढ़ परिक्षेत्र के सात बस डिपो के करीब 1, 237 चालक और परिचालक के खाते में 1,800 रुपये प्रति दर से 22 लाख,26 हजार 600 रुपये भेज दिया गया है गई है। सभी चालकों को कुंभ से पहले नई ड्रेस सिलवा लेना है। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खास बात यह है कि इस बार ड्रेस में नाम और मोबाइल नंबर की प्लेट भी लगेगी। चालक खाकी और परिचालक स्लेटी रंग के ड्रेस में नजर आएंगे। 1237 कर्मियों में से 121 निगम के चालक 129 परिचालक हैं। इसके अलावा संविदा पर 508 चालक, 479 परिचालक शामिल हैं जिन्हें ड्रेस सिलाने की राशि भेजी गई है। महाकुंभ में मुख्यालय से मिलेंगी और 114 नई बसें महाकुंभ में इस बार पर्यावरण प्रदूषण को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने भी इसकी तैयारी शुरू कर दी है। आजमगढ़ परिक्षेत्र के सात डिपो से महाकुंभ तक जाने वाली बसें बीएस-6 मॉडल की होंंगी। इसके अलावा इसमें कई तरह की यात्री सुविधाएं होंगी, जिसमें व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस), महिला सुरक्षा के लिए पैनिक बटन और हर सीट पर मोबाइल चार्जर सॉकेट होगा। परिवहन मुख्यालय से 114 नई बीएस-6 मॉडल की बसें दिसंबर के आखिरी सप्ताह या जनवरी फर्स्ट वीक में आजमगढ़ परिक्षेत्र में पहुंच जाएंगी, जबकि परिक्षेत्र में इस मॉडल की 155 बसें पहले से ही उपलब्ध हैं। कुल 270 बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाना है। श्रद्धालुओं को प्रयागराज आने-जाने में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसका पूरा ख्याल निगम की ओर से रखा जा रहा है। इन डिपो से होगा बसों का संचालन आजमगढ़ क्षेत्र परिक्षेत्र में कुल सात डिपो आते हैं, जिसमें आजमगढ़ डिपो, डाॅ. अंबेडकर डिपो, बलिया डिपो, बेल्थरा डिपो, दोहरीघाट डिपो, मऊ डिपो व व शाहगंज डिपो शामिल है।

सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क की मजबूती से देश में न केवल आर्थिक विकास की रफ्तार में तेजी आई : पंकज चौधरी

नई दिल्ली वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने वर्ष 2029 तक देश के राजमार्गों पर चिह्नित सभी 13 हजार ब्लैक स्पॉट को भरने या समाप्त करने की घोषणा करते हुए कहा कि बीते 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने सड़क से लेकर हवाई यातायात नेटवर्क का बड़े पैमाने पर विस्तार किया है, जिससे लोगों का सफर करना सुगम और सुविधाजनक हो गया है। चौधरी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क की मजबूती से देश में न केवल आर्थिक विकास की रफ्तार में तेजी आई है, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी बुनियादी सुविधाएं बेहतर हुई हैं और इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर चिह्नित किए गए सभी ब्लैक स्पॉट को भरने या समाप्त करने की व्यवस्था की गई है, ताकि इन राजमार्गों को दुर्घटना मुक्त बनाया जा सके। ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटना होने की संभावना बहुत अधिक होती है। चौधरी ने मोदी सरकार में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में हुए क्रांतिकारी बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा कि 10 वर्षों में यातायात बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इससे आर्थिक प्रगति के द्वार खुले हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में 1.6 गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2014 में 91,287 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग थे, जो नवंबर 2024 तक बढ़कर 1,46,195 किलोमीटर हो गए हैं। भारतमाला परियोजना के तहत, प्रथम चरण में 34,800 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कराया जाना है। इसमें से 26,425 किलोमीटर के काम का देखा दिया जा चुका है, जबकि 18714 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर (एचएससी) की लंबाई 2014 में 93 किलोमीटर थी जो 2024 में बढ़कर 2,474 किलोमीटर हो गई है। वर्ष 2014 में चार या अधिक लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 18,300 किलोमीटर थे, जो अब बढ़कर करीब 45,900 किलोमीटर हो गए हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में इसमें ढाई गुना की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। निर्बाध माल ढुलाई और किफायती परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 35 स्थानों की पहचान की गई है, जिसमें छह मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। तीन अन्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। चौधरी ने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भारत को विमानन क्षेत्र में एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने, आम लोगों को जोड़ने और विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया है। देश में चालू हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। 2014 में 74 हवाई अड्डों से उड़ानें संचालित होती थीं जबकि 2024 में देश के 158 हवाई अड्डों से हवाई सेवाएं संचालित हो रही हैं। उड़ान योजना के तहत 613 मार्गों पर सफलतापूर्वक हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं। 87 हवाई अड्डों को जोड़ा गया है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया गया है। डिजीयात्रा पहल के तहत, संपर्क रहित और निर्बाध यात्रा एक वास्तविकता बन गई है, जिसमें 24 हवाई अड्डों पर चेहरे की पहचान प्रौद्योगिकी (एफआरटी) लागू की गई है। भारत वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बनकर उभरा है। वित्त राज्यमंत्री ने रेलवे की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रेल मंत्रालय ने विद्युतीकरण, आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर यात्री सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए बड़े पैमाने पर बदलाव किया है। उन्होंने बताया कि 97 प्रतिशत रेल मार्गों का विद्युतीकरण किया गया है, जिससे स्थिरता और दक्षता को बढ़ावा मिला है। अमृत ​​भारत योजना के तहत, देश भर में 1,337 स्टेशनों का विश्व स्तरीय मानकों के अनुसार पुनर्विकास किया जा रहा है। यह पूरे विश्व में अपने आप में अनूठा रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम है। 68 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों, दो अमृत भारत ट्रेनों और एक नमो भारत रैपिड रेल की शुरूआत ने रेल यातायात में क्रांति ला दी है, जिससे रफ्तार के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा में भी वृद्धि हुई है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना का 96 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) का काम पूर्ण हो चुका है जबकि वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) का काम अंतिम चरण में है। चौधरी ने बताया कि यातायात नेटवर्क के मामले में पिछले दस वर्षों की उपलब्धियां भारत को कनेक्टिविटी, दक्षता और प्रगति का केंद्र बनाने के मोदी सरकार के गंभीर प्रयासों को रेखांकित करती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में कोई कसर बाकी नहीं रख रही है।

प्री-वेडिंग शूट के लिए अब मध्यप्रदेश में झट से मिलेगी परमिशन, ऑनलाइन पोर्टल तैयार

भोपाल प्रदेश के संरक्षित स्मारकों और संग्रहालयों में शूटिंग की अनुमति अब ऑनलाइन मिल सकेगी। इन्हें देखने के लिए टिकट भी अब वाट्सएप और चैटबाट पर मिल जाएंगे। राज्य पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले राज्यभर में स्थित विभिन्न विरासत स्थलों को प्री-वेडिंग शूट, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, ड्रोन शूट आदि के लिए काफी पसंद किया जा रहा है। इसके चलते बुकिंग के लिए पूछताछ और अनुमति के लिए आवेदनों में बढ़ोतरी हुई है। ऑनलाइन पोर्टल तैयार वर्तमान में संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय इस तरह की अनुमति मैन्युअल आवेदन लेकर देती है। इसमें आवेदन पहले स्थानीय कार्यालय और फिर मुख्यालय आते हैं। इस प्रक्रिया को आसान बनाते हुए संचालनालय द्वारा अनुमति देने के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है।   इस वेबसाइट और फोन नंबर से कर सकते हैं बुकिंग आयुक्त पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय उर्मिला शुक्ला ने बताया कि ऑनलाइन अनुमति प्राप्त करने के लिए विभागीय वेबसाइट archaeology.mp.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन टिकट वाट्सअप चैटबाट नंबर 91-9522840076 से बुक किया जा सकता है। प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहें मध्य प्रदेश में प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए कई खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहें हैं। यदि आप एक ही स्थान पर नदी, महल, फोर्ट और मंदिर देखना चाहते हैं, तो ओरछा एक बेहतरीन विकल्प है, जहां आप ओरछा फोर्ट, शीश महल और बेतवा नदी के किनारे फोटोशूट करवा सकते हैं। पचमढ़ी हिल स्टेशन पचमढ़ी हिल स्टेशन भी प्रसिद्ध है, जहां बी फॉल और महादेव हिल्स जैसी जगहों पर बेहतरीन तस्वीरें खींची जा सकती हैं। ग्वालियर, अपने ऐतिहासिक स्थलों जैसे ग्वालियर किला, जय विलास पैलेस और तानसेन मकबरे के लिए भी प्रसिद्ध है। इसके अलावा, शिवपुरी हिल स्टेशन, करेरा पक्षी अभयारण्य, पेशावर घाट, दूध धारा वाटरफॉल्स और तामिया हिल स्टेशन जैसे अन्य स्थल भी प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए आदर्श हैं। मध्य प्रदेश के ये स्थल प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहर के अद्भुत संयोजन के कारण आकर्षक फोटोशूट लोकेशंस बनते हैं।

भोपाल से रानी कमलापति से बनारस स्पेशल ट्रेन का संचालन16 जनवरी से शुरू होगा

 भोपाल  उत्तर प्रदेश प्रयागराज में 13 जनवरी 2025 से शुरू होने वाले महाकुंभ मेले को लेकर जहां एक तरफ प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। तो वही दूसरी तरफ पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल से प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। जिसके लिए बुकिंग भी शुरू कर दी गई हैं।  स्पेशल ट्रेनों का संचालन इंदौर से 21 जनवरी 2025 से होगा। तो वही रानी कमलापति से बनारस स्पेशल ट्रेन (01661) 16 जनवरी से शुरू होगा। जिसको लेकर रेलवे ने तैयारी शुरू कर दी है। महाकुंभ  26 फरवरी तक चलेगा। 45 दिन तक चलने वाले इस  महाकुंभ मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेगे। जिसको देखते हुए रेलवे ने महाकुंभ स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। ऐसे होगा स्पेशल ट्रेनों का संचालन 1- रानी कमलापति-बनारस स्पेशल ट्रेन (01661) 16 जनवरी से 20 फरवरी तक प्रत्येक सोमवार एवं गुरुवार को संचालित होगी। ट्रेन रानी कमलापति से सुबह 11:10 बजे प्रस्थान करेगी। शाम को जबलपुर और अगले दिन सुबह 10:15 बजे बनारस पहुंचेगी। 2- बनारस-रानीकमलापति स्पेशल ट्रेन (01662) से 17 जनवरी से 21 फरवरी तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को संचालित होगी। ट्रेन बनारस से दोपहर 14:45 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन भोर में जबलपुर और फिर आरकेएमबी सुबह 11:30 बजे पहुंचेगी। 3- सोगरिया-बनारस स्पेशल ट्रेन (09801) 17 जनवरी से 21 फरवरी तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को संचालित होगी। ट्रेन सोगरिया स्टेशन से सुबह 8:15 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन सुबह 10.15 बजे बनारस पहुंचेगी। 4- बनारस-सोगरिया स्पेशल ट्रेन (09802) 18 जनवरी से 19 फरवरी तक प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को संचालित होगी। ट्रेन बनारस स्टेशन से दोपहर 14:45 बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन दोपहर 15:45 बजे सोगरिया पहुंचेगी। इन स्टेशनों से गुजेरेगी गाड़ी रानी कमलापति-बनारस-रानी कमलापति कुम्भ मेला एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन जो कि भोपाल मंडल के रानीकमलापति, मण्डीदीप, औबेदुल्लागंज, बुदनी, नर्मदापुरम, इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी एवं सोगरिया-बनारस-सोगरिया कुम्भ मेला एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन जो कि भोपाल मंडल के रूठियाई जंक्शन, गुना, अशोक नगर, मूंगावली स्टेशन से होकर गुजरेगी। महाकुंभ मेला में जाने के लिए अंचल के यात्रियों को दपूमरे की स्पेशल ट्रेन का भी लाभ मिलेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेल (दपूमरे) तीन महाकुंभ स्पेशल ट्रेन चलाएगा। यह ट्रेन अंचल के अन्य जिलों के श्रृद्धालुओं के लिए उपयोगी होगी। दपूमरे की बिलासपुर-प्रयारागज छिवकी-वाराणसी स्पेशल ट्रेन (08253/54) रायपुर, गोंदिया, बालाघाट, नैनपुर, जबलपुर, कटनी होकर चलेगी। इसके अतिरिक्त रायगढ़-वाराणसी (08251/52) और दुर्ग-वाराणसी (08791/92) स्पेशल ट्रेन बिलासपुर-अनूपपुर-शहडोल, उमरिया, कटनी होकर संचालित होगी  

नशामुक्त भारत अभियान के तहत छात्रावासों में नशामुक्ति समिति का गठन किया जाएगा

भोपाल नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्रदेश में आयुष विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में छात्रावास नशामुक्ति समिति का गठन किया जाएगा। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली पोंक्षे वायंगणकर ने बताया कि छात्रावासों में नशामुक्ति समितियों के गठन का निर्णय राज्य स्तरीय समिति की बैठक में किया गया था। इसी क्रम में आयुष विभाग द्वारा अपने सभी छात्रावासों में संकायवार विद्यार्थियों की “छात्रावास नशामुक्ति समिति” का गठन किया जा रहा है। यह समितियां छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगी।  

मोहन यादव के नेतृत्व में बनी सरकार को एक साल हो गया है मगर राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हो पा रही

भोपाल मध्य प्रदेश में निगम-मंडलों में नियुक्ति पाने के दावेदारों को अभी और इंतजार करना होगा। इसकी वजह भी है क्योंकि यह नियुक्तियां संगठन चुनाव के बाद होगी। इस बात के संकेत सत्ता और संगठन की ओर से दिए जा रहे हैं। राज्य में मोहन यादव के नेतृत्व में बनी सरकार को एक साल हो गया है मगर राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं। तमाम दिग्गज नेता निगम और मंडलों में पद पाने की कतार में लगे हुए हैं। जो विधायक मंत्रिमंडल में जगह नहीं हासिल कर पाए थे वह भी इन पदों पर नियुक्ति पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। वर्तमान में राज्य में 50 से ज्यादा निगम मंडल ऐसे हैं जहां नियुक्तियां होनी है। इन पदों पर नियुक्तियों के लिए कई बार कवायदें चली, मगर वह अंजाम तक नहीं पहुंच पाई हैं। इसकी बड़ी वजह नेताओं द्वारा अपने समर्थकों की नियुक्तियां कराने का दबाव बनाना रही है। राज्य के प्रमुख नेता केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान हों, ज्योतिरादित्य सिंधिया हों, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर हों या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा सभी अपने-अपने करीबियों को बड़ी जिम्मेदारियां दिलाना चाहते हैं। सत्ता और संगठन के गलियारे से यह बात सामने आने लगी है कि राजनीतिक नियुक्तियां फिलहाल नहीं होने वाली। यह नियुक्तियां संगठन चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। यहां हम आपको बता दें कि संगठन चुनाव की प्रक्रिया पूरा होने में लगभग दो माह का वक्त लग सकता है। इस तरह इन दावेदारों को अभी और इंतजार करना होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनीतिक नियुक्तियों के लिए बहुत लंबी कतार है। एक तरफ भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं तो दूसरी तरफ दल बदल कर पार्टी में आने वालों की संख्या भी कम नहीं है। ऐसे में स्थित एक अनार सौ बीमार जैसी बनी हुई है। पार्टी को सभी को संतुष्ट करने की बड़ी चुनौती है और यही कारण है कि राजनीतिक नियुक्तियां आसानी से नहीं हो पा रही हैं। बात संगठन चुनाव के बाद की कही जा रही है मगर ऐसा हो पाएगा यह भी बड़ा सवाल है।  

प्रधानमंत्री मोदी 17 दिसंबर को जयपुर में पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना की सौगात देंगे

शिवपुरी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश उनका देखा सपना साकार करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छतरपुर में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की नींव रखेंगे। इससे मप्रयूपी के जिलों में पानी आएगा, समृद्धि बढ़ेगी। मोदी 17 दिसंबर को जयपुर में पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना की सौगात देंगे।  इससे गुना, शिवपुरी, सीहोर, देवास, राजगढ़, उज्जैन, आगर मालवा, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर, मुरैना जैसे 11 जिलों में जल संकट दूर होगा। इस बीच मीडिया से गुरुवार को बातचीत करते सीएम और भाजपाध्यक्ष। सत्ता-संगठन ने सरकार के एक वर्ष के काम का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। मौके पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, डिह्रश्वटी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी मौजूद थे।  

रेलवे ने मध्य प्रदेश के स्टेशनों से चलने व गुजरने वाली 28 ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या में इजाफा किया

भोपाल कड़ाके की ठंड के मौसम में आर्थिक रूप से कमजोर रेलवे यात्रियों के लिए रेलवे ने स्पेशल इंतजाम किया है। रेलवे ने लोगों को बैठकर यात्रा करने के लिए जनरल कोच बढ़ाने का फैसला लिया है। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि रेलवे ने मध्य प्रदेश के स्टेशनों से चलने व गुजरने वाली 28 ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या में इजाफा किया है। इन 28 ट्रेनों में अब 2 की बजाय 4 जनरल कोच(Railways increased genral coaches) होंगे। भोपाल रेल मंडल ने बताया कि सामान्य कोच में सफर करने वाले रेल यात्रियों की संया को देखते हुए रेलवे ने यह निर्णय लिया है। 28 ट्रेनों में बढ़ी जनरल कोच की संख्या -11466/11465 जबलपुर-सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस -22181/22182 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर गोंडवाना एक्सप्रेस -12192/12191 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस -12121/12122 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस -11449/11450 जबलपुर-श्री माता वैष्णव देवी कटरा-जबलपुर एक्सप्रेस -12194/12193 जबलपुर-यशवंतपुर-जबलपुर एक्सप्रेस -12189/12190 जबलपुर-हजरत निज़ामुद्दीन-जबलपुर महाकौशल एक्सप्रेस -12160/12159 जबलपुर-अमरावती-जबलपुर एक्सप्रेस -19822/19821 कोटा-असारवा-कोटा एक्सप्रेस -19813/19814 कोटा-सिरसा-कोटा एक्सप्रेस -19807/19808 कोटा-सिरसा-कोटा एक्सप्रेस -12181/12182 जबलपुर-अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस -22192/22191 जबलपुर-इंदौर-जबलपुर ओवर नाइट एक्सप्रेस -11464/11463 जबलपुर-सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शहडोल में एमपीटी के नव निर्मित सरसी आइलैंड रिसॉर्ट का उद्घाटन करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शहडोल में एमपीटी के नव निर्मित सरसी आइलैंड रिसॉर्ट का उद्घाटन करेंगे। आज सुबह 10:30 बजे होने वाले राज्य स्तरीय समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल एवं पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। बाणसागर डैम के बैक वॉटर पर मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा रिजॉर्ट का निर्माण किया गया है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क और मैहर आने वाले पर्यटकों के लिए यह एक विशेष सुविधा होगी। एमपीटी सरसी आइलैंड रिसॉर्ट में लग्जरी इको हट्स, तीन बोट क्लब, आकर्षक रेस्टोरेंट, आधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम, जिम, लाइब्रेरी और बच्चों के लिए प्ले एरिया सहित पर्यटकों के लिए आवश्यक सभी आधुनिक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। इको-सर्किट परियोजना के तहत विकसित यह स्थल क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहडोल जिले की ब्यौहारी में जनकल्याण पर्व के तहत विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। साथ ही जनसभा को संबोधित करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव जनकल्याण पर्व अंतर्गत मऊगंज जिले में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग की समेकित छात्रवृत्ति योजना में 60 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में 332 करोड़ रूपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। प्रदेश में समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन में समेकित छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। इस योजना में 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि विद्यार्थियों को प्रदान की जाती है। अक्षयपात्र समारोह में होंगे शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव मऊगंज जिला मुख्यालय पर आयोजित अक्षयपात्र समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री, बच्चों को पोषण किट एवं छात्रवृत्ति के वितरण के साथ 54 विकास कार्यों का शिलान्यास भी करेंगे। इसमें मुख्य रूप से 5065 करोड़ रूपये लागत की सीतापुर-हनुमना सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना शामिल है। समारोह स्थल पर राज्य सरकार एक वर्ष की उपलब्धियों सहित विभिन्न विभागों की विकास योजना की प्रदर्शनी लगाई जायेगी।  

आजादी के 78 साल बाद सुकमा के गांव में पहली बार चला दूरदर्शन

सुकमा छत्तीसगढ़ के दक्षिणतम छोर सुकमा जिले के अति-माओवाद प्रभावित और दुर्गम क्षेत्र पूवर्ती में विकास की एक नई किरण पहुंच गई है। आजादी के 78 साल बाद पहली बार इस गांव के लोगों ने टीवी में दूरदर्शन पर देश-दुनिया की खबरें, धारावाहिक और स्थानीय फिल्में देखी। नियद नेल्लानार गांव पूवर्ती के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी दूरदर्शन के कार्यक्रमों को देखने के लिए घंटों टीवी सेट के पास बैठे रहे। उन्होंने टीवी में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों को आनंद के साथ देखा। छत्तीसगढ़ शासन की इस जनकल्याणकारी पहल ने यह साबित किया है कि विकास की तेजी से माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव हो रहा है। ईससे दूरस्थ वनांचल क्षेत्र पूवर्ती, सिलगेर, टेकलगुड़ियम जैसे सुदूर गांवों में इस तरह की कल्याणकारी योजनाएं विकास और शांति का नया अध्याय लिख रही हैं। बच्चों ने देखा ज्ञानवर्धक कार्यक्रम और कार्टून : इस ऐतिहासिक अवसर पर गांव के बच्चों ने ज्ञानवर्धक कार्यक्रम और कार्टून देखकर न केवल खुशी का अनुभव किया, बल्कि उनके चेहरे पर जानने और सीखने की उत्सुकता भी साफ़ झलक रही थी। यह सकारात्मक पहल ग्रामीणों के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने की पहल : माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुदूर गांवों तक पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नियद नेल्लानार योजना का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पहल पर इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है। ग्रामीणों को सौर ऊर्जा से मिली राहत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) विभाग ने पूवर्ती गांव में सौर ऊर्जा से संचालित उपकरण का वितरण किया। इसके तहत पात्र परिवारों को सोलर लाइट और सोलर पंखे का वितरण किया गया। इसके साथ ही दूरदर्शन के सेट पूवर्ती, टेकलगुडियम और सिलगेर में क्रमशः दो-दो सेट प्रदान किए गए। शासन के इस जन कल्याणकारी निर्णय से गांव में बिजली की कमी की समस्या दूर हो गई है और ग्रामीणों को अंधेरे से मुक्ति मिली है। ग्रामीणों ने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया। ग्रामीणों ने कहा दूरदर्शन देखना किसी चमत्कार होने जैसा : सोलर पंखा पाकर ग्रामीण बहुत खुश हैं। ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी के मौसम में सोलर पंखे लग जाने से हमे बहुत राहत मिलेगी। यह कदम हमारे जीवन में नई ऊर्जा और उम्मीदें लेकर आया है। नियद नेल्लानार गांव की बंजाम मड़गू और बंडीपारा पूवर्ती ने कहा कि हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हमारे गांव में टीवी आएगा। पहली बार अपने गांव अपनी धरती में देश-दुनिया की खबरें और धारावाहिक देखकर ऐसा लग रहा है जैसे हम भी अब दुनिया से जुड़ रहे हैं। सोलर लाइट और पंखे से अब रातें रोशनी से भर जाएंगी और गर्मी से भी राहत मिलेगी। यह हमारे लिए चमत्कार होने जैसा है। गांव के युवा नुप्पो हड़मा और तुमालपारा पूवर्ती ने कहा अब बच्चों को पढ़ाई करने में आसानी होगी, क्योंकि सोलर लाइट की मदद से रात को भी आसानी पढ़ सकेंगे। दूरदर्शन पर आने वाले ज्ञानवर्धक कार्यक्रम से बच्चों को नई नई जानकारी मिलेगी। दूरदर्शन विकास की दिशा में बदलाव की बयार : कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि पूवर्ती जैसे दूरस्थ और माओवाद प्रभावित गांवों तक सौर ऊर्जा से संचालित उपकरण पहुंचाना विकास की दिशा में एक कल्याणकारी पहल है। यह ग्रामीणों की जरूरतें पूरी कर रहा है और साथ ही पर्यावरण संरक्षण और स्थायी ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दे रहा है। हमारी कोशिश यही है कि दूरस्थ क्षेत्र के हर गांव में विकास के नए आयाम स्थापित किए जाएं, जिससे अंतिम पंक्ति के लोग भी समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा और ग्रामीणों में खुशी की लहर : सुकमा जिले में जनजातीय वर्गों की बहुलता है, जो वन संरक्षण और पर्यावरण की रक्षा के प्रति सदैव तत्पर रहते हैं। सौर ऊर्जा पर आधारित उपकरणों के वितरण से ग्रामीण बिजली पर निर्भरता से मुक्त हो रहे हैं। यह पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहन दे रहा है। अक्षय ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण प्रदूषण में कमी आएगी और यह ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

लंबे समय से परमानेंट किए जाने की मांग कर रहे थे शिक्षकों के लिए गुड न्यूज़, नियमित करने की कवायद की शुरू

भोपाल मध्य प्रदेश में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी पहल शुरू की है। प्रदेश में 15 हजार शिक्षकों को नियमित किया जाएगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग की विशेष कमेटी ने काउंसलिंग शुरू कर दी है। काउंसलिंग की प्रक्रिया अक्टूबर के पहले हफ्ते से जारी है। इस दौरान 5 हजार अतिशेष शिक्षकों का निराकरण भी किया जा रहा है। नियमितीकरण के बारे में बारे में ताजा जानकारी यह है कि भर्ती होने के 3 साल तक टीचर्स का प्रोबेशन पीरियड रहता है। प्रोबेशन पीरियड खत्म होने के बाद नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू होती है। सरकार एक ओर जहां शासकीय स्कूलों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देने के लिए शैक्षणिक व्यवस्था में लगातार सुधार सहित कई तरह के नवाचारों से शिक्षा देने के लिए तमाम तरह के प्रयासों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन सरकार के प्रयासों को नेताओं के लेटर पैड से होने वाले अटैचमेंट, शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों द्वारा बताया गया कि यह नेता बिना शैक्षणिक व्यवस्था जाने बगैर अपने चहेतों को पास के स्कूल में नौकरी करने के लिए अपने लेटर पैड पर अटैचमेंट की अनुशंसा कर देते हैं, जिसका मजबूरी में संकुल प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी को पालन करना ही पड़ता है, जिससे सरकारी स्कूल के बच्चों के हालात यह हो जाते हैं कि बच्चे कई विषयों की शिक्षा से वंचित रह रहे हैं।   ताजा मामला आदिवासी बाहुल्य शासकीय माध्यमिक शाला गादिया का है। जहां माध्यमिक शाला में कुल 51 बच्चे पंजीकृत हैं और जिन्हें पढ़ने के लिए यहां दो नियमित शिक्षकों की नियुक्ति है। लेकिन इनमें से एक शिक्षिका ने अपना अटैचमेंट नयापुरा कर रखा है, जिस वजह से अभी माध्यमिक शाला के मौजूदा हालात में यहां सिर्फ एक ही शिक्षक कक्षा 6, 7, 8 के सभी विषयों की जिम्मेदारी है। ऐसे हालात में बच्चों को कितनी गुणवत्ता की और कैसी शिक्षा मिल रही होगी आप खुद समझ सकते है।गौरतलब है कि जिम्मेदारों के बार-बार निरीक्षण करने पर भी माध्यमिक शाला में ऐसी स्थिति बनी हुई है जो जिम्मेदारों की कार्य प्रणाली पर भी कई तरह के सवाल खड़े करती है।

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