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हादसे में दो भाइयों की हुई मौत, छत्तीसगढ़-दुर्ग में खड़े ट्रक में घुसा टू-व्हीलर वाहन

दुर्ग. दुर्ग में बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। दोनों मृतक भाई थे, जो दशगात्र कार्यक्रम से वापस घर जा रहे थे। इसी दौरान नंदिनी एरोड्रम के पास मोपेड खड़े ट्रक से जा टकराया। पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए सुपेला अस्पताल भेजे हैं। बीती रात एक मोपेड पर सवार होकर दोनों भाई धासीदास नगर भिलाई से दशगात्र कार्यक्रम से वापस धमधा का रहे थे। इसी दौरान नंदिनी एरोड्रम के पास पास सड़क में आरकेएस कंपनी का ट्रकखड़ा हुआ था, जिसमें मोपेड पीछे जा घुसा, उस पर सवार सवार दोनों भाइयों के सिर पर गंभीर चोट आई, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना कर नंदिनी पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे की जानकारी परिजनों को दी गई। मृतकों की पहचान उदयभान चक्रधारी और सतानंद चक्रधारी के रूप में हुई है।

जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य – मुख्यमंत्री साय

डबल इंजन की सरकार में मिल रहा डबल फायदा: केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को मनाया जाएगा अटल निर्माण वर्ष के रूप में 3 दिसंबर से 13 दिसंबर तक हर वर्ष मनाया जाएगा ’जनादेश परब’ जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य – मुख्यमंत्री साय   केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने 1124 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्याें का किया लोकार्पण और शिलान्यास रायपुर देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय की नेतृत्व वाली सरकार जनता की सेवा के लिए तत्पर होकर काम कर रही है। इसी का परिणाम है कि पूरे देश और प्रदेश में उत्तरोत्तर विकास हो रहा हैै। डबल इंजन की सरकार होने की वजह से लोगों को डबल लाभ हो रहा है। आज भारत विश्व की पांचवी बड़ी आर्थिक शक्ति है। अगले पांच सालों में हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेंगे। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने आज रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित जनादेश परब कार्यक्रम में लोगों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कार्यक्रम में 1124 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्याें का लोकार्पण और शिलान्यास किया।   केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने जनादेश परब में छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्वप्रेरणा से लोकहित में पूरी जवाबदेही के साथ काम कर रही है। सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के 18 लाख से अधिक जरूरतमंदों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति दी गई। मोदी की गारंटी के अनुरूप यहां किसानों से 3100 प्रति क्विंटल में धान खरीदी की जा रही है। किसानों को उनके हक का 3716 करोड़ रूपए धान के बकाया दो साल के बोनस का भुगतान भी किया गया है। केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनादेश परब में घोषणा की कि अब से हर साल 3 दिसंबर से 13 दिसंबर तक ’जनादेश परब’ के रूप में मनाया जाएगा। आने वाले वर्ष में छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। राज्य निर्माता भारत रत्न अटलजी का यह शताब्दी वर्ष भी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की। साय ने कहा कि अटलजी ने प्रधानमंत्री के रूप में देश में सड़कों का जाल बिछाया। उसी से प्रेरणा लेकर हम अपने रजत जयंती वर्ष में अधोसंरचना विकास को  प्राथमिकता में रखेंगे। उसके बाद के तीन वर्षों में भी हम अलग-अलग थीम पर काम करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने जनादेश परब को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछले साल किसान भाइयों के खाते में आपकी डबल इंजिन की सरकार ने 49 हजार करोड़ रुपए डाले हैं। हमने अपने शुरूआती तीन महीनों में ही प्राथमिकता के साथ महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदेश की माताओं-बहनों को देना आरंभ किया। 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की अब तक 10 किश्तों में 6,530 करोड़ रुपए की राशि भेजी जा चुकी है। पहली तारीख को हम यह राशि भेज देते हैं और जैसे ही माताओं-बहनों के खाते में राशि आती है उनका चेहरा गर्व से खिल जाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य हैं। हमने प्रशासन के हर स्तर पर सुशासन को सुनिश्चित किया है। हमने सुशासन के मूल्यों को सिस्टम में शामिल करने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया। सुशासन के लिए पारदर्शिता सबसे आवश्यक है और इसके लिए डिजिटल गवर्नेंस शुरू कराया है। लालफीताशाही को दूर करने हमने ई-आफिस प्रणाली आरंभ की है। इसमें डिजिटल माध्यम में नोटशीट आगे बढ़ती है। इससे समय-सीमा भी तय होती है और जवाबदेही भी तय हो जाती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा के विकास के बगैर छत्तीसगढ़ के विकास के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। हमने वनोपज संग्राहकों की आय बढ़ाने के लिए काम किया है। तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि हमने 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी। जनजातीय गौरव दिवस के दिन हमने राज्य के बैगा, गुनिया, सिरहा आदि को पांच-पांच हजार रुपए सम्मान निधि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बस्तर में पर्यटन कॉरिडोर का निर्माण हम कर रहे हैं। कांगेर घाटी के गांव धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने दुनिया के 20 चुनिंदा गांवों में शामिल किया है। बस्तर और छत्तीसगढ़ विश्व पर्यटन के मानचित्र में आ गए हैं। सरगुज़ा संभाग भी विश्व के पर्यटन नक्शे में स्थान बना रहा है। अभी-अभी जशपुर के मधेश्वर पहाड़ शिवलिंग को विश्व में सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। उन्होंने  कहा कि गुरु घासीदास तमोर पिंगला को हमने देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाया है। इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। सरगुजा और बस्तर में एयर कनेक्टिविटी आरंभ होने से इन क्षेत्रों में तेजी से विकास के साथ ही यहां अब देश-विदेश से पर्यटकों के पहुंचने की राह खुल गई है। मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सभी स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आगामी दो सालों में प्रदेश का सड़क नेटवर्क विकसित देशों की तरह हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सबसे बड़ी सफलता माओवादी मोर्चे पर मिली है। एक साल पहले किसी के लिए यह सोचना भी कठिन था कि माओवाद के नासूर को नष्ट किया जा सकता है। एक साल में 2 सौ से अधिक माओवादियों को मार गिराया। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से माओवाद की जड़ से मुक्त हुए गांवों में पुनः विकास की रोशनी पहुंची है। हमने नई उद्योग नीति तैयार की है, जिसमें अगले पांच सालों में ढाई लाख करोड़ रुपए के निवेश के माध्यम से पांच लाख रोजगार सृजित करेंगे। हमने शासकीय सेवाओं में हजारों पदों में भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री नड्डा को बस्तर के कलाकारों द्वारा बेल मेटल से निर्मित अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। कार्यक्रम में पद्मसे … Read more

मेरठ एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में बदमाश सोनू मटका ढेर, दिल्ली डबल मर्डर केस में था वांटेड

 मेरठ मेरठ से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां मेरठ एसटीएफ और दिल्ली स्पेशल सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए डबल मर्डर में वांटेड अनिल उर्फ सोनू मटका को मुठभेड़ में मार गिराया है। अधिकारी ने बताया कि शनिवार तड़के सुबह एसटीएफ टीम की सोनू के साथ मुठभेड़ हो गई। इसमें दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी शामिल थी। गोलीबारी के दौरान एक गोली सोनू को लग गई। पुलिस घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। बता दें कि सोनू मटका पर 50 हजार रुपये का इनाम था। दिल्ली में डबल मर्डर की वारदात को दिया था अंजाम सोनू मटका ने दिवाली के दिन दिल्ली के शाहदरा में रहने वाले एक कारोबारी परिवार के चाचा और भतीजे की हत्या की थी। वारदात के बाद से आरोपी फरार था और दिल्ली पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। लंबे समय की तलाश के बाद शुक्रवार रात उसकी लोकेशन मेरठ में मिली। उसकी लोकेशन के आधार पर दिल्ली स्पेशल सेल ने मेरठ एसटीएफ के साथ मिलकर ये ऑपरेशन प्लान किया। सोनू मटका के पास से STF को एक पिस्टल 30 बोर, एक पिस्टल 32 बोर, 10 जिंदा कारतूस, बाइक बरामद हुई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोनू हाशिम बाबा गैंग का शूटर था। उस पर करीब 12 हत्या और डकैती के मुकदमे दिल्ली और यूपी में दर्ज थे। सोनू पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम भी रखा था। नाम बदलकर रह रहा था आरोपी दिल्ली पुलिस 29 नवंबर को सोनू की तलाश में मेरठ पहुंची थी। पता चला था कि वह अपेक्स सिटी में दीपक जाट के नाम से रह रहा था। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वह फरार हो गया था। एसटीएफ मेरठ के एसपी बृजेश सिंह ने बताया कि दिल्ली का कुख्यात गैंगेस्टर सोनू मटका था। दिल्ली की स्पेशल टीम इसके पीछे पड़ी थी। एक सूचना पर दिल्ली की स्पेशल टीम ने मेरठ एसटीएफ से संपर्क किया। शनिवार सुबह पौने 8 बजे मुठभेड़ हुई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। पुलिस जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।

स्विट्जरलैंड ने भारत को दिया बड़ा झटका, होगा बड़ा नुकसान, जानिए MFN स्टेटस छिनने से क्या होगा असर?

नईदिल्ली स्विज सरकार ने भारत की कंपनियों के लिए बड़ा झटका दिया है. स्विट्जरलैंड ने भारत से मोस्‍ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा वापस ले लिया है. स्विज सरकार के इस फैसले के बाद वहां काम करने वाली भारतीय कंपनियों को 1 जनवरी 2025 से ज्‍यादा टैक्‍स चुकाना होगा. स्विट्जरलैंड ने डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट (DTAA) के तहत भारत को एमएनएफ राष्‍ट्र का दर्जा दिया था, जिसे अब वापस ले लिया है. स्विट्जरलैंड की तरफ से शुक्रवार को ही बयान आया था कि भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले की वजह से उसे यह कदम उठाना पड़ा है. दरअसल, पिछले साल नेस्‍ले से संबंधित एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि DTAA तब तक लागू नहीं किया जा सकता जब तक कि इसे इनकम टैक्स एक्ट के तहत नोटिफाई न किया जाए. इसके बाद ही अब स्विज सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है. MFN दर्जे के वापस लेने के बाद स्विट्जरलैंड 1 जनवरी, 2025 से उन भारतीय टैक्‍स निवासियों को डिविडेंड पर 10 प्रतिशत टैक्‍स लगाएगा, जो स्विस विदहोल्डिंग टैक्स के लिए रिफंड का दावा करते हैं और उन स्विस टैक्‍स सीटिजन के लिए जो विदेशी टैक्‍स क्रेडिट का दावा करते हैं. बयान में आगे कहा गया कि स्विस वित्त विभाग ने इनकम पर टैक्‍स के संबंध में दोहरे टैक्‍सेशन से बचने के लिए स्विस और भारत के बीच समझौते के प्रोटोकॉल के MFN के आवेदन को निलंबित करने की घोषणा की. स्विट्जरलैंड ने MFN दर्जा वापस लेने के अपने फैसले के लिए नेस्ले से संबंधित एक मामले में भारतीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2023 के फैसले का हवाला दिया. इसका मतलब है कि स्विट्जरलैंड 1 जनवरी, 2025 से उस देश में भारतीय संस्थाओं पर 10 प्रतिशत टैक्‍स लगाएगा. सु्प्रीम कोर्ट ने पलटा था HC का फैसला बयान के अनुसार, 2021 में, नेस्ले मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने दोहरे टैक्‍स से बचाव समझौते में MFN खंड को ध्यान में रखते हुए टैक्‍स को बरकरार रखा था. हालांकि, भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने 19 अक्टूबर, 2023 के एक फैसले में लोअर कोर्ट के फैसले को पलट दिया और निष्कर्ष निकाला कि, एमएफएन खंड की प्रयोज्यता “आयकर अधिनियम की धारा 90 के अनुसार ‘अधिसूचना’ के अभाव में सीधे लागू नहीं थी”. स्विस प्राधिकरण के फैसले पर टिप्पणी करते हुए, नांगिया एंडरसन एमएंडए टैक्स पार्टनर संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि भारत के साथ अपनी टैक्‍स समझौते के तहत एमएफएन खंड के आवेदन का एकतरफा निलंबन द्विपक्षीय संधि की गतिशीलता में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि इस निलंबन से स्विट्जरलैंड में काम करने वाली भारतीय संस्थाओं के लिए टैक्‍स देनदारियों में वृद्धि हो सकती है, जो एक उभरते वैश्विक परिदृश्य में अंतर्राष्ट्रीय टैक्‍स समझौता को नेविगेट करने की जटिलताओं को उजागर करता है.” क्या होता है MFN? UNO (संयुक्त राष्ट्र संघ) की एक संस्था वर्ल्ड ट्रे़ड ऑर्गनाइजेशन (WTO) है. 164 देश इसके सदस्य हैं और इसके तहत आने वाले सभी देश एक दूसरे को मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा देते हैं. यह दर्जा दिए जाने के बाद बिना किसी भेदभाव के सभी देश एक दूसरे के साथ आसनी से बिजनेस कर सकते हैं.  

Lal Krishna Advani की तबीयत बिगड़ी, दिल्ली के अपोलो अस्पताल में हुए भर्ती

 नई दिल्ली देश के पूर्व गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को रूटीन चेकअप के लिए दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वह फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनका स्वास्थ्य स्थिर बताया जा रहा है. गत दो सप्ताह से उनकी तबीयत नासाज चल रही है. आडवाणी को इस साल अगस्त महीने में भी अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. तब वह न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विनीत सूरी के ऑब्जर्वेशन में रहे थे और सेहत में सुधार होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था. उसके एक महीने पहले, 26 जून की रात 10:30 बजे उन्हें दिल्ली एम्स के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. उनका इलाज डॉ. अमलेश सेठ की निगरानी में किया गया था और वह अगले दिन डिस्चार्ज हो गए थे. उन्हें 30 मार्च, 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. बता दें कि लाल कृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर, 1927 को कराची (जो वर्तमान पाकिस्तान में है) में हुआ था. उन्होंने गत 8 नवंबर को अपना 98वां जन्मदिन मनाया था. पीएम मोदी ने उनके लिए अपने शुभकामना संदेश में लिखा था, ‘श्री लालकृष्ण आडवाणी जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं. यह वर्ष और भी विशेष है, क्योंकि हमारे राष्ट्र के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया है. वह भारत के सबसे प्रशंसित राजनेताओं में से एक हैं, जिन्होंने भारत के विकास के लिए खुद को समर्पित कर दिया. उनकी बुद्धि और समृद्ध अंतर्दृष्टि के लिए उनका हमेशा सम्मान किया गया है. मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे कई वर्षों तक उनका मार्गदर्शन मिला. मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की प्रार्थना करता हूं.’ लालकृष्ण आडवाणी 1942 में एक स्वयंसेवक के रूप में आरएसएस से जुड़े. वह 1986 से 1990 तक, फिर 1993 से 1998 तक और 2004 से 2005 तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे. आडवाणी भाजपा की स्थापना (6 अप्रैल, 1980) के बाद से सबसे लंबे समय तक पार्टी के अध्यक्ष के रूप में काम करने वाले नेता रहे हैं. उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में 1999 से 2005 तक भारत के गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया. साल 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित किया था, लेकिन पार्टी को जीत नहीं मिली.  

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार देने पर उद्योगों को मिलेगा सब्सिडी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : नई औद्योगिक नीति से भारत का इंडस्ट्रीयल हब बनेगा छत्तीसगढ़ – विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उद्योगों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहन आत्मसमर्पण करने वाले  नक्सलियों को रोजगार देने पर उद्योगों को मिलेगा सब्सिडी भारत मंडपम में आयोजित इंडिया इकॉनोमिक कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने साझा किए विचार रायपुर नई औद्योगिक नीति के माध्यम से छत्तीसगढ़ को भारत का इंडस्ट्रीयल हब बनाने की दिशा में हमारी सरकार प्रयास कर रही है। इस नीति के तहत क्षेत्रीय आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण एवं औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया है। आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया इकॉनोमिक कॉन्क्लेव में  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऑनलाइन जुड़ कर यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के जनजातीय और पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में पांच लाख नौकरियां सृजित की जाएगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन सहित कई अन्य सहायता दी जा रही है, जिसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार उपलब्ध कराने पर उद्योगों को उनके वेतन का 40 प्रतिशत तक सब्सिडी के रूप में प्रतिपूर्ति की जायेगी। इस नीति के तहत बस्तर में उद्योग लगाने पर स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के तहत उद्योगों को 45% तक की सहायता दी जाएगी। वहीं, एसजीएसटी प्रतिपूर्ति के तहत अगले 10 सालों तक पूंजी निवेश का 150 प्रतिशत तक एसजीएसटी वापस भी किया जाएगा। नई नीति के तहत उद्योगों को स्टांप ड्यूटी और बिजली शुल्क में छूट, साथ ही 10 और तरह के निवेश प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट की सहायक इकाइयों के लिए 118 एकड़ का नया औद्योगिक क्षेत्र भी स्थापित किया जा रहा है। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। साय ने कहा नई उद्योग नीति में निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 को शामिल किया गया है। इससे वे एक ही जगह पर कई विभागों का क्लीयरेंस प्राप्त कर सकते हैं। यह नीति प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने वाली नीति है। हम इस नीति में ग्रीन इंडस्ट्रीज और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। कार्यक्रम में उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार एवं संचालक प्रभात मलिक ने नया रायपुर और नई उद्योग नीति पर प्रजेंटेशन भी दिया। नया रायपुर बनेगा आईटी और एजुकेशन हब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि नया रायपुर को आईटी हब,  हेल्थ हब, एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। आईटी और संबंधित फर्मों को रियायती दरों पर प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा रहे हैं। आईटी सेक्टर में साढ़े तीन हजार से अधिक नौकरियों के सृजन के लिए स्थान आबंटित किए गए हैं। नया रायपुर अटल नगर की रेलवे लाइन का ट्रायल रन पूरा हो गया है। उन्होंने बताया हम सीबीडी रेलवे स्टेशन के निर्माण, सड़कों और सार्वजनिक पार्किंग जैसी अधोसंरचनाओं पर 150 करोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं। तीन अन्य रेलवे स्टेशनों का भी निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया  इस साल के अंत तक नया रायपुर से जुड़ी कई परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी। इनमें आईटी एवं संबंधित क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग, घरेलू उपकरण, रक्षा, फार्मास्युटिकल, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। नक्सलवाद के खिलाफ विकास और सुरक्षा की नीति नक्सलवाद से निपटने में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस साल अनेक नक्सली मारे गए हैं और करीब 1500 ने आत्मसमर्पण किया है या उन्हें गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने अगले दो वर्षों के भीतर छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा हमने नक्सलवाद के खिलाफ विकास और सुरक्षा की नीति पर काम किया है। बीते एक साल में बस्तर में 34 सुरक्षा कैम्प स्थापित करने के साथ-साथ नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से अंदरूनी गांवों तक अधोसंरचनाओं का विकास किया जा रहा है। डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता  पर जोर मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने  डिजिटल गवर्नेंस को लागू किया है। प्रशासन में  जवाबदेही बढ़ाने के लिए आईटी उपकरणों में 266 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। अटल मॉनिटरिंग ऐप से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी की जा सकती है।  स्वागत पोर्टल के माध्यम से पोर्टल में आवेदन देकर बिना इंतजार किए सुगमता से मंत्रालय में अधिकारियों से मिला जा सकता है। सीएमओ पोर्टल के माध्यम से शासन-प्रशासन से जुड़ी सूचनाओं की जानकारी त्वरित रूप से नागरिकों को मिल जाती है। वहीँ, सुगम एप के माध्यम से अब लोग घर बैठे रजिस्ट्री कर सकते हैं। बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसके तहत राज्य में अधोसंरचनाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र सरकार से 31 हजार करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। बस्तर और सरगुजा के अंदरुनी गांवों तक सड़कों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया रायपुर-विशाखापटनम इकॉनोमी कॉरिडोर, अनेक रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर हवाई अड्डों का विस्तार हो रहा है। रायपुर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। वहीं, नियद नेल्ला नार योजना के तहत बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाई जा रही है। जल आपूर्ति और ग्रामीण विकास पर जोर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के हर घर में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजना जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मिशन का 79% से अधिक काम पूरा हो चुका है और अब तक 40 लाख घरों में नल के पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मल्टी-विलेज योजना के तहत उन क्षेत्रों में जल आपूर्ति की समस्या का समाधान किया जा रहा है, जहां भूजल की कमी है।  पचराही जैसे दूरस्थ गांवों में नल जल योजना के माध्यम से अब स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

खाद्य मंत्री राजपूत ने विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार हर वर्ग के लिए जनहितैषी योजनायें संचालित कर उनका कल्याण कर रही है। हर जरूरतमंद व्यक्ति तक शासन की जन-कल्याणकारी योजनाण्ं पहुंच रहीं हैं और लोग उनका लाभ उठा कर अपना जीवन स्तर सुधार रहे हैं। मुख्यमंत्री के जनकल्याण अभियान का मुख्य उद्देश्य है कि हर जरूरतमंद तक हमारी सरकार पहुंचे और उन्हें जन-कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ें। यह बात खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सुरखी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जलंधर में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान अन्तर्गत आयोजित कार्यक्रम में कही। मंत्री राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व में भारत को अलग पहचान दिलायी तो वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में जन-कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से और विकास कार्यों से प्रदेश को ऊंचाईयों पर पहुंचाया है। उसी तरह सुरखी विधानसभा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों ने हमारी विधानसभा की अलग पहचान बना दी है। सुरखी विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पक्की सड़कें विकास की कहानी बयां कर रही है। वहीं दूसरी ओर युवाओं के लिए स्टेडियम, व्यायाम शालाएं तथा क्रिकेट टूर्नामेंट जैसे आयोजनों ने युवाओं को नई राह दी है। मंत्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में यह विकास का पहिया अनवरत चलता रहेगा। आज लगभग हर गांव में नल जल योजना के माध्यम से घर-घर पानी पहुंच रहा है। एक समय था कि लोग पानी के लिए कोसों दूर जाते थे लेकिन अब घर घर नल जल योजनाओं ने हमारी माताओं बहनों का जीवन स्तर सुधार दिया है। इसी तरह ऐसे कई विकास कार्य हैं जिन्होने सुरखी विधानसभा क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। छात्रों को बांटी साइकिल, स्मार्ट क्लास का किया शुभारंभ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री राजपूत ने जलंधर में जनकल्याण शिविर में करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन विकास कार्यों में मुख्य रूप से ज्वाला माई प्रांगण में सीसी रोड़, स्टॉप डेम, स्कूलों में बाऊंड्रीबॉल सहित अन्य विकास कार्य शामिल है। साथ ही छात्र छात्राओं के लिए साईकिल वितरण कर स्मार्ट क्लास का शुभारंभ करते हुए क्षेत्रवासियों के लिए 80 लाख लागत की सीमेंट कंक्रीट मार्ग की घोषणा की। इस अवसर पर स्थानीय जन-प्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

गायिका सुस्वस्ति मेहुल ने भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और सुदामा-कृष्ण की मैत्री पर केन्द्रित लोकप्रिय भजन सुनाए

विरासत के साथ विकास के सिद्धांत पर कार्य कर मध्यप्रदेश को बनाएंगे समृद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में प्रकृति, संस्कृति और विकास का अद्भुत समन्वय: अभिनेता रणदीप हुड्डा गायिका सुस्वस्ति मेहुल ने भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और सुदामा-कृष्ण की मैत्री पर केन्द्रित लोकप्रिय भजन सुनाए “मध्यप्रदेश : स्वर की समता नृत्य-नाटिका” का हुआ मंचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की समृद्धि की दिशा में केन-बेतवा लिंक और पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजनाएं मील का पत्थर सिद्ध होंगी। मध्यप्रदेश सरकार विरासत के साथ विकास में विश्वास रखते हुए नागरिकों का जीवन समृद्ध बनाने के लिए सक्रियता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार रवीन्द्र भवन सभागार में “कलाओं की विविधता का उत्सव : विरासत” को संबोधित कर रहे थे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवीन्द्र भवन में “कलाओं की विविधता का उत्सव “विरासत” का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विरासत कार्यक्रम में प्रस्तुति देने आए कलाकारों को सम्मानित किया और संस्कृति विभाग द्वारा प्रकाशित विभिन्न पुस्तकों का विमोचन किया। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, सभापति भोपाल नगर निगम किशन सूर्यवंशी, विधायक भगवानदास सबनानी, सुमित पचौरी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड और चंबल अंचल के साथ ही मालवा क्षेत्र में समृद्धि लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2 महत्वपूर्ण नदी जोड़ो परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं में से पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का शिलान्यास आगामी 17 दिसम्बर को जयपुर में और केन-बेतवा परियोजना का 25 दिसम्बर को खजुराहो (छतरपुर) में होने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इन कार्यक्रमों में आने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रतन स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने नदी जोड़ो परियोजना का स्वप्न देखा था। इसे साकार करने का अवसर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार और साथ ही मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश 3 राज्य सरकारों को मिला है। यह पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेई की जयंती का 100वां वर्ष है। स्व. वाजपेई के जन्म के 100वें वर्ष में इन परियोजनाओं का शिलान्यास इस माह किया जाना पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेई को संपूर्ण राष्ट्र की आदरांजलि भी है। मध्यप्रदेश के बड़े इलाके को सिंचाई और पेयजल का लाभ मिलेगा। जब पानी की उपलब्धता पर्याप्त हो तो, कार्य के लिए पलायन की प्रवृत्तियां भी थम जाती हैं। प्रधानमंत्री मोदी की निर्धनों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण की प्राथमिकता के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार ने इन क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया है। युवाओं के स्वप्न सच करने के लिए, उन्हें हुनरमंद बनाने के लिए और राष्ट्र की प्रगति में बेहतर योगदान देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार गतिशील रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने 50 वर्ष की आयु तक कोई चुनाव नहीं लड़ा था। इस आयु के पश्चात उन्होंने 3 बार गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में विकास के नए आयाम रचे हैं। उन्होंने केन्द्र में एक‍दल के बलबूते पर सरकार बनाने में सफलता अर्जित की है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रत्येक वर्ग के कल्याण की चिंता की है। मध्यप्रदेश जो गत दशक में कृषि के विकास, अधोसंरचना विकास की दृष्टि से आगे बढ़ा है, अब महत्वपूर्ण परियोजनाओं के माध्यम से समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित अभिनेता रणदीप हुड्डा का उल्लेख करते हुए उनकी अभिनय प्रतिभा की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रणदीप हुड्डा ने अभिनय का मार्ग चुना और वीर सावरकर के चरित्र को परदे पर प्रभावशाली ढंग से निभाया। वीर सावरकर जी के इस योगदान को सिनेमा के माध्यम से राष्ट्र के सम्मुख लाना प्रशंसनीय है। कार्यक्रम में रणदीप हुड्डा ने कहा कि वे मध्यप्रदेश में प्रकृति, संस्कृति और विकास का अद्भुत समन्वय देखकर प्रसन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जन्मभूमि हरियाणा और कर्मभूमि मुम्बई है, लेकिन वे भगवान श्रीकृष्ण के मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण करने के ऐतिहासिक तथ्य और वर्तमान में पर्यटन एवं वन्य जीव संरक्षण में प्रदेश की प्रगति के कारण इसे सुकून-भूमि मानते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश में फिल्म संस्थान एवं फिल्म सिटी के विकास की संभावनाओं को साकार करने का आग्रह किया। हुड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्यप्रदेश में प्रकृति, संस्कृति और विकास के शानदार तालमेल के लिए उनकी महत्वूपर्ण भूमिका के लिए बधाई दी। विरासत कार्यक्रम में सुस्वस्ति मेहुल, मुंबई ने अपने कलाकार दल के साथ लोकप्रिय भजन मेरी झोपड़ी के भाग्य आज खुल जाएंगे राम आयेंगे… प्रस्तुत किया। सुस्वस्ति मेहुल ने भगवान कृष्ण की स्तुति में भी कर्णप्रिय भजन प्रस्तुत किए। उन्होंने कृष्ण-सुदामा की मैत्री की थीम पर भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। “मध्यप्रदेश : स्वर की समता नृत्य नाटिका” की मनमोहक प्रस्तुति सुजयलक्ष्मी ईश्वर नई दिल्ली के निर्देशन में कलाकार दल द्वारा दी गई। कार्यक्रम में कलाकार दल ने मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर केन्द्रित विशेष नृत्य-गीत कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर गौ एवं गौपाल तथा श्रीमद्भागवत पुराण आधारित चित्र प्रदर्शनी देखी। संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्कृति और पर्यटन विभाग की गतिविधियों का विवरण दिया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश गान भी प्रस्तुत किया गया।  

सीपेट में प्लास्ट पेक 2025 का प्रमोशनल कार्यक्रम

भोपाल एमएसएमई मंत्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप ने प्‍लास्टिक उत्‍पादकों का आव्‍हवान किया कि वे प्‍लास्टिक प्रोडक्‍ट के प्रबंधन की चिंता करें। यदि अभी इस पर ध्‍यान नही दिया गया तो आने वाले 50 सालों में इसके दुष्परिणाम से संभलना मुश्किल होगा। मंत्री काश्‍यप गोविंदपुरा स्थित सीपेट (सेंट्रल इंस्‍ट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्‍स इंजीनियरिंग एण्‍ड टेक्‍नोलॉजी) परिसर में ‘प्‍लास्‍ट पेक 2025” के प्रमोशनल इवेंट कार्यक्रम को मुख्‍य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने बीना रिफायनरी के समीप प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा किये गये पेट्रो केमिकल्‍स कॉम्‍प्‍लेक्‍स के भूमि-पूजन का उल्‍लेख करते हुए कहा कि वहां भविष्‍य में प्‍लास्टिक की इंडस्ट्रियां लगेंगी एवं उत्‍पादन भी बढेगा। अभी तक हम प्‍लास्टिक और पेट्रोकेमिकल्‍स के क्षेत्र में गुजरात और तमिलनाडु केन्द्र स्थापित थे, अब मध्‍यप्रदेश भी बडे केन्‍द्र के रूप में उभर रहा है। मंत्री काश्‍यप ने सीपेट की इंदौर में यूनिट स्‍थापित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा भोपाल और ग्‍वालियर में सीपेट की इकाईयां हैं। इनके भी कुछ काम शेष रह गये है और इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करें। मंत्री काश्‍यप से प्‍लास्टिक इंडस्‍ट्री को नेशनल बिल्डिंग कोड-2016-4 फायर सेफ्टी के पालन से छूट देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल एक्‍ट में फायर सेफ्टी के पहले से प्रावधान है, इसलिये नगरीय निकायों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने की आवश्‍यकता नहीं है।  

रीवा में 321 करोड़ रूपये से मदर चाइल्ड अस्पताल, एमरजेंसी मेडिसिन ओपीडी बनेगी

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि पीड़ित मानवता की सेवा के लिये कर्तव्यनिष्ठा का मंत्र लेकर कार्य किया जाना चाहिए। शांत-भाव से सेवा के लिये जज़्बे के साथ मरीजों की सेवा के भाव होने चाहिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सरकार की योजनाएँ एवं हमारे सेवाभाव के संस्कार देश को बदलने का कार्य कर रहे हैं। हमें ऐसा रीवा बनाना है जहाँ स्वास्थ्य के क्षेत्र में सभी सुविधाएँ हो और यहाँ के और आसपास के लोगों को इलाज के लिये बाहर न जाना पड़े बल्कि बाहर के लोग बेहतर इलाज के लिये रीवा आयें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा के जीएमएच परिसर में ओपीडी में प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप सस्ती दवाई व स्वास्थ्य सुविधाएँ देने का संकल्प पूरा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जन-औषधि केन्द्रों में सस्ती व अच्छी गुणवत्ता की दवाइयाँ उपलब्ध हैं। आयुष्मान योजना के तहत लोगों का नि:शुल्क इलाज व जांच भी की जा रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा के जीएमएच परिसर में 321 करोड़ रूपये से मदर चाइल्ड अस्पताल तथा मेडिकल एमरजेंसी ओपीडी का निर्माण होगा। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिये 10 करोड़ रूपये से एंजियोप्लास्टी की दूसरी मशीन उपलब्ध कराई जायेगी। अध्यक्ष नगर निगम रीवा व्यंकटेश पाण्डेय, डीन मेडिकल कालेज डॉ. सुनील अग्रवाल, अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा, डॉ. अक्षय श्रीवास्तव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, चिकित्सक व स्थानीय जन उपस्थित रहे।  

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने पूर्व राज्यसभा सदस्य स्व. गोपाल व्यास के परिजनों से की मुलाकात

रायपुर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अपने एक दिवसीय रायपुर प्रवास के दौरान पूर्व राज्यसभा सदस्य स्वर्गीय गोपाल व्यास के निवास पर परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उनके साथ थे। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने व्यास के योगदान को स्मरण किया और उनके सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनका जीवन समाज और देश सेवा के लिए समर्पित था। उनकी स्मृति हमेशा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी। ज्ञात हो कि हाल ही में स्वर्गीय गोपाल व्यास का निधन हो गया था।

‘खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी कम करने” के लिये शहर-स्तरीय रणनीतियों को विकसित करने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ

भोपाल में “खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी कम करने” पर एप्को और डब्ल्यूआरआई इंडिया की हुई कार्यशाला एप्को और डब्ल्यूआरआई इंडिया द्वारा ‘खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी कम करने” पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई ‘खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी कम करने” के लिये शहर-स्तरीय रणनीतियों को विकसित करने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ भोपाल भोपाल में शुक्रवार को एप्को और डब्ल्यूआरआई इंडिया द्वारा ‘खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी कम करने” पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई। इसमें संबंधित विभागों, समाज सेवी संगठन, संस्थानों के हितधारकों और प्रतिनिधियों के साथ 50 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदेश के प्रमुख शहरों में आयोजित होने वाले नीतिगत संवादों की श्रृंखला के पहले भाग में पर्यावरण नियोजन और समन्वय संगठन (एप्को) ने वर्ल्ड रिसोर्सेस इंडिया (डब्ल्यूआरआई इंडिया) के सहयोग से कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में ‘खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी कम करने” के लिये शहर-स्तरीय रणनीतियों को विकसित करने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। कार्यशाला में खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी के कारणों और प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना, नगर-स्तरीय खाद्यान्न पूर्ति की पद्धतियों और चुनौतियों को मापना, सर्वश्रेष्ठ पद्धतियों का प्रदर्शन करना और पूरे राज्य में खाद्यान्न हानि और भोजन की बर्बादी की समस्या से निपटने की उचित कार्यवाही और योग्य रणनीतियां तैयार करने पर चर्चा हुई। इस श्रृंखला में भोपाल के बाद जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में भी नगर स्तरीय नीतिगत संवाद आयोजित करने की कार्य योजना बनाई गई है। नीतिगत संवादों का उद्देश्य पारस्परिक शिक्षा को बढ़ावा देना तथा खाद्य हानि और खाद्य अपव्यय से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जनमानस के व्यवहार में सार्थक परिवर्तन लाना है जिससे खाद्यान्न के नुकसान को प्रभावी ढंग से रोका जा सके। भोपाल नगर निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायण ने कहा कि “खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी आज हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है। आपूर्ति श्रृंखला में भोजन की हानि को कम करना भोपाल नगर निगम के लिए एक मुख्य प्राथमिकता है। खाद्य अपशिष्ट को प्रभावशाली तरीके से कम करने के लिए उपभोक्ताओं के सक्रिय प्रयासों, होटल, रेस्तरां और कार्यक्रम आयोजकों जैसे ठोस अपशिष्ट को स्रोत पर ही छाँटकर एवं प्रबंधित करने की आवश्यकता है। डब्ल्यूआरआई इंडिया के वरिष्ठ फेलो एवं पूर्व मुख्य सचिव आर. परशुराम ने प्रतिभागियों से कहा कि भोपाल शहर की स्थानीय चुनौतियों और प्राथमिकताओं की पहचान करके शहर भर में भोजन की हानि और भोजन की बर्बादी को कम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिये पर्यावरणीय, मानव स्वास्थ्य और स्वच्छता पर सकारात्मक प्रभाव हो उनकी पहचान कर सभी स्तर पर इसे शहर में अपनाना होगा। परशुराम ने कहा कि नगर पालिक निगम के नेतृत्व में सिविल सोसायटी, गैर सरकारी संगठनों, व्यावसायिक दुकानों और सेवा करने वाले संगठनों को जोड़कर हितधारकों के साथ क्रियान्वित किया जाये। खाद्य हानि एवं खाद्य अपव्यय भारत के लिये महत्वपूर्ण चिंताजनक विषय है क्योंकि इसके व्यापक स्तर पर आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय प्रभाव पड़ते हैं। वर्ष-2022 की नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज (नैबकॉन्स,) की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल करोड़ों रूपयों की खाद्य हानि होती है। भारत में भोजन की बर्बादी की मात्रा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन यूनाइटेड नेशंस एनवॉयरमेंट प्रोग्राम (यूएनईपी) की फूड वेस्ट़ इंडेक्स रिपोर्ट-2024 में लगाये गये अनुमान के अनुसार हर साल प्रति व्यक्ति 55 किलोग्राम भोजन बर्बाददी करता है। बढ़ते शहरीकरण और उपभोग के तरीकों दृष्टिगत भोजन के अपव्यय की यह चुनौती और भी बढ़ने होने की आशंका है। भोजन, भूमि एवं जल, कार्यक्रम निदेशक डॉ. रुचिका सिंह ने कहा कि खाद्य पदार्थों की हानि और बर्बादी किसान के खेत से शुरू होती है। ऐसे में इस समस्या के समाधान के लिये नीति निर्धारकों, व्यापारियों, रिटेलर्स, होटलों, रेस्टोरेंट्स, किसानों और सिविल सोसाइटी संगठनों जैसे सभी हितधारकों को आपसी सामंजस्य से काम करने की जरूरत है। डब्ल्यूआरआई इंडिया और एप्को का यह सहयोगात्मक प्रयास जागरूकता पैदा करने, भोपाल में शहरीय-स्तर पर खाद्य हानि और भोजन की बर्बादी को कम करने के तरीकों की पहचान करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है। भोपाल में इसी तरह की पहल के तहत आयोजित कार्यक्रम में कृषि, उद्यानिकी, मंडी बोर्ड, फ़ूड सेफ्टी, पर्यटन, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों एवं विभिन्न नागरिक कल्याण संगठनों, शोध संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों, आईआईएफएम भोपाल और इंडियन फेडरेशन ऑफ क्यू्लिनरी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न होटल के शेफ ने भाग लिया।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एयरपोर्ट पर नड्डा का किया स्वागत

रायपुर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा आज छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में राजधानी में आयोजित जनादेश परब में शामिल होने के लिए रायपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नड्डा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पहुंचने पर पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव, विजय शर्मा सहित स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी एवं किरण देव सिंह ने भी केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत किया।

समन्वित प्रयासों से होगा विन्ध्य क्षेत्र का चहुंमुखी विकास: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

समन्वित प्रयासों से होगा विन्ध्य क्षेत्र का चहुंमुखी विकास: उप मुख्यमंत्री शुक्ल मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5041 करोड़ की सीतापुर-हनुमना सूक्ष्म दाब सिंचाई परियोजना का शीघ्र करेंगे शिलान्यास उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में विकास के सभी संसाधन और अपार संभावनाएं भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में विकास के सभी संसाधन और अपार संभावनाएं हैं। क्षेत्र के विकास के लिए स्वीकृत योजनाओं की सभी बाधाएं अधिकारी समन्वय बनाकर दूर करें। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से ही विन्ध्य क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा। रीवा संभाग की विकास परियोजनाओं की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सतना में बरगी बांध और सिंगरौली और सीधी में गोड़ सागर परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सभी बाधाओं को दूर करें। उन्होंने कहा कि गोविंदगढ़ से सिंगरौली तक रेलवे लाइन निर्माण के लिए भू अर्जन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। इससे रेल परियोजना के कार्य में तेजी आएगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मऊगंज में 5041 करोड़ की सीतापुर-हनुमना सूक्ष्म दाब सिंचाई परियोजना का शिलान्यास कर रहे हैं। इस परियोजना से मऊगंज जिले के अधिकांश क्षेत्र, सीधी, सिंगरौली एवं रीवा जिले के गांवों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसका मुख्य बांध सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में प्रस्तावित है। वन विभाग और जल संसाधन विभाग मिलकर परियोजना के संबंध में समस्त स्वीकृतियाँ जारी कराएं जिससे कार्य शुरू हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विधायक निधि से स्वीकृत 15 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की राशि लोक निर्माण विभाग तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग को जारी करने के लिए वरिष्ठ कार्यालयों का ध्यान आकृष्ट किया जाएगा। बैठक में ग्रामीण विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह ने सीधी से सिंगरौली फोरलेन सड़क निर्माण का कार्य तेजी से पूरा कराने एवं सिंगरौली जिले में पुलिस बल में वृद्धि तथा पड़री बांध की नहरों को पक्का करने की बात रखी। अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा महानिदेशक प्रशासन अकादमी जेएन कंसोटिया ने कहा कि संभागीय बैठक में दिए गए सभी सुझावों और मांगों पर संबंधित विभाग तत्परता से कार्यवाही करें। विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की देरी न करें। नगरीय विकास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार, विधायक मैहर श्रीकांत चतुर्वेदी, विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक, विधायक मनगवां नरेन्द्र प्रजापति, विधायक सिरमौर दिव्यराज सिंह, विधायक देवसर राजेन्द्र मेश्राम, विधायक सिंगरौली रामनिवास रावत, विधायक सिहावल विश्वामित्र पाठक सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न जनहित के विषयों में अपनी बात रखी। कमिश्नर बीएस जामोद, आईजी एमएस सिकरवार, डीआईजी एसपी पाण्डेय, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने भौंरी के शिक्षण संस्थानों का भ्रमण किया

भोपाल उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार द्वारा भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्‍थान भोपाल में राष्‍ट्रीय एवं राज्‍य स्‍तरीय शैक्षणिक संस्‍थानों के प्रमुखों के साथ बैठक में चर्चा उपरांत भोपाल शहर को सेंट्रल रीजन के शैक्षणिक हब के रूप में विकसित करने पर निर्णय लिया गया, साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से एग्रो टेक्‍नोलॉजी रिसर्च सेंटर की स्‍थापना करने पर भी चर्चा की गई। उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने भौंरी स्थित शैक्षणिक संस्‍थानों का भ्रमण किया। इस दौरान उच्‍च शिक्षा मंत्री की अध्‍यक्षता में आईसर भोपाल में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिसमें केंद्र एवं राज्‍य के शैक्षणिक संस्‍थानों निफ्ट भोपाल, आरजीपीवी भोपाल, एसपीए भोपाल, आईसीएमआर-निरह भोपाल, एनएफएसयू भोपाल, एनआईटीटीटीआर भोपाल आदि संस्‍थानों के निदेशक एवं कुलगुरू तथा राज्‍य शासन के अधिकारी प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उपरोक्‍त बैठक में सभी ने उच्‍च शिक्षा मंत्री परमार को शिक्षा में नवाचार, न्‍यू एजुकेशन पॉलीसी के म.प्र. के शैक्षणिक संस्‍थानों में लागू करने तथा भोपाल को शैक्षणिक केन्‍द्र स्‍थल (हब) के रूप में विकसित करने की पहल करने के लिए धन्‍यवाद दिया। बैठक के दौरान निम्‍नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई प्रो. गोवर्धन दास, निदेशक, आईसर भोपाल ने भौंरी क्षेत्र में एग्रो टेक्‍नोलॉजी रिसर्च सेंटर की स्‍थापना करने का प्रस्‍ताव दिया जिस पर उपस्थित सभी निदेशकों एवं कुलगुरू ने सहमति दी। उक्‍त सुझाव पर माननीय मंत्रीजी ने एग्रो टेक्‍नोलॉजी रिसर्च सेंटर की स्‍थापना भौंरी क्षेत्र में ही करने और साथ ही यहां एक कन्‍वेन्‍शन सेंटर को भी स्‍थापित करने की सलाह दी एवं बैठक से पूर्व दौरा की गई आईआईएसईआर भोपाल और निफ्ट से सटे भौरी बाइपास मुख्य सड़क पर स्थित 7 एकड़ भूमि जो कि एयरपोर्ट से लगभग 10 किलोमीटर कि दूरी पर है को उपरोक्‍त कन्‍वेन्‍शन सेंटर स्‍थापित करने के लिए उपयुक्‍त पाया। इस संबंध में परमार ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय भोपाल को इसे मूर्त रूप देने की पहल करने हेतु निर्देशित किया। यह कन्वेंशन सेंटर बुद्धिजीवी, वैज्ञानिक, राजनयिक, नीति निर्माता, न्यायविद, लेखक, कलाकार राजनेता, और नागरिक समाज के सदस्य अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की भावना में नए विचारों और ज्ञान के आदान-प्रदान करने में मददगार साबित होगा। मंत्री परमार ने उपस्थित सभी कुल‍पति एवं निदेशकों से प्रदेश के शैक्षणिक विकास के लिए अपने-अपने शैक्षणिक संसाधनों को देश/प्रदेश के हित में साझा करने एवं शिक्षण और शोद्यार्थियों के आदान-प्रदान करने पर जोर दिया एवं केंद्रीय शिक्षण संस्‍थानों द्वारा राज्‍य शासन के शिक्षण संस्‍थानों को शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग करने की पहल करने की आवश्‍यकता पर जोर दिया। मध्यप्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीति के फलस्वरूप राष्ट्रीय महत्व के कई संस्थान भौंरी में स्थापित किए गए हैं जो अब राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। मंत्रीजी ने यह इच्‍छा जतायी कि जब शासन द्वारा भौंरी क्षेत्र को शैक्षणिक हब में स्‍थापित किया जा रहा है तो क्‍यों ना केंद्र एवं राज्‍य शासन के द्वारा भविष्‍य में प्रस्‍तावित अन्य नए संस्‍थानों को भी भौंरी में स्‍थापित किया जाए। मंत्री परमार ने यह जानकर बहुत खुशी जाहिर की कि भौंरी क्षेत्र में स्थित राष्‍ट्रीय महत्‍व के संस्‍थानों में बहुत बड़ी संख्‍या में छात्राएं उच्‍च शिक्षा प्राप्‍त कर रही हैं। मंत्री परमार ने उपस्थित शासन के प्रतिनिधियों को इनकी सुरक्षा एवं क्षेत्र में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देशित किया।  

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