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अमेरिकी न्यायालय ने फैसला सुनाया कि 26/11 मुंबई हमले में शामिल तहव्वुर राणा को जल्द जाएगा भारत को सौपा जायेगा

नई दिल्ली 26/11 मुम्बई आतंकी हमलों में शामिल पाकिस्तान मूल के कनाडाई व्यापारी तहव्वुर राणा को जल्द ही भारत सैंपा जा सकता है। राणा को भारत लाने की प्रक्रिया राजनयिक चैनलों के माध्यम से चल रही है। आपको बता दें कि अगस्त 2024 में अमेरिकी न्यायालय ने फैसला सुनाया कि राणा को दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत को प्रत्यर्पित किया जा सकता है। इसके बाद से दोनों देशों के बीच बैक चैनल बातचीत जारी है। अदालत ने तब राणा की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने मुम्बई आतंकी हमलों में अपनी संलिप्तता के लिए भारत को प्रत्यर्पित करने का विरोध किया था। अदालत ने यह माना कि भारत ने राणा के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण प्रस्तुत किए थे, जिससे यह साबित होता है कि प्रत्यर्पण आदेश सही था। राणा का नाम मुम्बई पुलिस ने 26/11 हमलों के संबंध में अपनी चार्जशीट में शामिल किया था। उस पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक सक्रिय सदस्य के रूप में काम करने के आरोप हैं। चार्जशीट में यह भी कहा गया कि राणा ने मुम्बई हमलों के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली की मदद की थी, जिसने हमलों के लिए मुम्बई में जगहों की रेकी की थी। अदालत ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण संधि में Non-Bis in Idem अपवाद है। यह तब लागू होता है जब आरोपी को उसी अपराध के लिए पहले ही दोषी ठहराया या बरी किया जा चुका हो। हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि राणा के खिलाफ भारत में लगाए गए आरोप अमेरिकी अदालतों में उनके खिलाफ चलाए गए मामलों से अलग हैं, इसीलिए नॉन-बिस इन आइडम अपवाद लागू नहीं होता। 26/11 मुम्बई आतंकी हमलों के लगभग एक साल बाद एफबीआई ने शिकागो में राणा को गिरफ्तार किया था। राणा और उसके साथी डेविड कोलमैन हेडली ने मिलकर मुम्बई हमलों के लिए जगहों की रेकी की थी और पाकिस्तान के आतंकवादियों को हमले को अंजाम देने के लिए एक खाका तैयार किया था।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बाबा विश्वनाथ का किया अभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की प्रार्थना की

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ महादेव के दर्शन किये। उन्होंने सपरिवार विधि-विधान से बाबा विश्वनाथ का पूजन एवं अभिषेक किया और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री सौरभ श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।  

विधानसभा अध्यक्ष के निरीक्षण का असर, राजस्थान-अजमेर के अस्पताल में अब इमरजेंसी वार्ड में ही होगी सोनोग्राफी

जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष श्वासुदेव देवनानी द्वारा रविवार को अजमेर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के औचक निरीक्षण का असर अब सामने आ रहा है। देवनानी की नाराजगी और कार्रवाई के निर्देशों के बाद अस्पताल प्रशासन ने अब इमरजेंसी वार्ड में ही सोनोग्राफी कराने का निर्णय लिया है। इससे परेशानी में अस्पताल आने वाले मरीजों को राहत मिलेगी। गौरतलब है कि विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने गत रविवार को जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण में अस्पताल के सोनोग्राफी कक्ष पर ताला लटका देखकर विधानसभा अध्यक्ष ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने सोनोग्राफी कक्ष का ताला खुलवाकर मरीजों को राहत दिलवाई थी। उन्होंने अस्पताल को निर्देश दिए थे कि आमजन को राहत प्रदान करने के लिए एक सोनोग्राफी मशीन इमरजेंसी वार्ड में लगाकर प्रशिक्षित स्टॉफ लगाया जाए। उन्होंने अन्य व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश भी दिए थे। देवनानी के निर्देश और उनकी नाराजगी के बाद अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक सोनोग्राफी मशीन इमरजेंसी वार्ड में ही लगाने का निर्णय किया है। यह सोनोग्राफी मशीन लगने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को बहुत राहत मिलेगी।

यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर में नष्ट होगा, भोपाल से ले जाने के लिए बनेगा ग्रीन कॉरिडोर

भोपाल  यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में रखा 40 साल से रखा 337 मिट्रिक टन कचरे का का निपटान पीथमपुर में किया जाएगा। इसके लिए भोपाल से पीथमपुर तक 250 किमी तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। कचरे को 12 कंटेनरों से पशिष्ट की पैकिंग, लोडिंग और परिवहन सीपीसीबी द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ किया जाएगा। कंटेनर्स के साथ पुलिस सुरक्षा बल, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा क्विक रिस्पॉस टीम रहेगी। यह कंटेनर लीक प्रूफ फायर रेजिस्टेंट हैं। प्रति कंटेनर में दो प्रशिक्षित ड्राइवर नियुक्त हैं। इन कंटेनरों का मूवमेंट जीपीएस से मॉनिटर किया जाएगा। ग्रीन कॉरिडोर भोपाल, सीहोर, देवास, इंदौर से धार होते हुए पीथमपुर के बीच बनेगा।   यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के जहरीले कचरे को भरने का काम रविवार को शुरू हुआ। इसको कंटेनरों में पैक करने के लिए दो सौ से ज्यादा मजदूरों की ड्यूटी लगाई गई। इनकी तीस-तीस मिनट की शिफ्ट लगाई गई,जिससे उनको किसी प्रकार का नुकसान ना हो यह सुनिश्चित किया जा सके। मजदूरों को पीपीई किट दी गई और उनका बल्ड प्रेशर नापने की मशीन भी रखी गई। 2015 में किया 10 मीट्रिक टन कचरे का निपटान सीपीसीबी की कॉनिटरिंग में सभी निर्धारित पैरामीटर अनुसार सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए 10 मीट्रिक टन अपशिष्ट विनिष्टिकरण का ट्रॉयल रन-2015 में किया गया। शेष बचे 337 मीट्रिक टन रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों का निष्पादन सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर पारित आदेशों के अनुक्रम में तथा उच्च न्यायालय द्वारा गठित ओवर साइट कमेटी/टास्क फोर्स कमेटी के निर्णय 19 जून 2023 के अनुक्रम में किया जा रहा है।     पीथमपुर में रासायनिक कचरे के निपटान के बनाया प्लांट मध्य प्रदेश में औद्योगिक इकाईयों में निकलने वाले रासायनिक तथा अन्य अपशिष्ट निष्पादन के लिए धार जिले के पीथमपुर में प्लांट लगाया गया है। यहां पर भस्मीकरण से अपशिष्ट पदार्थाें का निपटान किया जाता है। यह प्लांट प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित उद्योगों द्वारा जनित खतरनाक एवं रासायनिक अपशिष्ट के सुरक्षित निष्पादन के लिए स्थापित किया गया है। यह प्लांट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशो निर्देेशानुसार संंचालित हैं। देश में पीथमपुर जैसे 42 संयंत्र क्रियाशील हैं, जिसमें ऐसे रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों का उपचार उपरांत निपटान किया जाता है। पीथमपुर में स्थापित यह कॉमन हैज़र्डस वेस्ट ट्रीटमेंट, स्टोरेज और डिस्पोज़ल फैसिलिटी (CHW-TSDF) एक अत्याधुनिक सुविधा है, जिसमें ख़तरनाक कचरे को सटीकता और सुरक्षा के साथ निष्पादन करने हेतु डिज़ाइन किया गया है। मजदूरों की सुरक्षा का ख्याल रखा जा रहा है काफिले के साथ पुलिस की गाड़ियां और एम्बुलेंस रहेगी जिससे आपात स्थिति में काफिले के साथ मौजूद स्टाफ को ज़रूरत पड़ने पर त्वरित मेडिकल सहायता उपलब्ध हो सकेगी. सभी केमिकल को विशेष तरह के बैग्स में भरा जा रहा है, जिसमें लीकेज नहीं होता. कचरा हटाने के लिए जो मजदूर लगाए गए हैं, उन सब का हेल्थ चेकअप किया गया है। एक मजदूर को सिर्फ 30 मिनट काम करना होगा, जिसके बाद दोबारा काम शुरू करने से पहले उसे आराम करने का समय दिया जाएगा. एक ट्रक में 30 टन कचरा डाला जाएगा. हर मजदूर को सुरक्षा किट और मास्क के साथ ही फैक्ट्री में प्रवेश दिया जा रहा है। पीथमपुर में रासायनिक कचरे के निपटान के बनाया प्लांट  मध्य प्रदेश में औद्योगिक इकाईयों में निकलने वाले रासायनिक तथा अन्य अपशिष्ट निष्पादन के लिए धार जिले के पीथमपुर में प्लांट लगाया गया है। यहां पर भस्मीकरण से अपशिष्ट पदार्थाें का निपटान किया जाता है। यह प्लांट प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित उद्योगों द्वारा जनित खतरनाक एवं रासायनिक अपशिष्ट के सुरक्षित निष्पादन के लिए स्थापित किया गया है। यह प्लांट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशो निर्देेशानुसार संंचालित हैं। देश में पीथमपुर जैसे 42 संयंत्र क्रियाशील हैं, जिसमें ऐसे रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों का उपचार उपरांत निपटान किया जाता है। पीथमपुर में स्थापित यह कॉमन हैज़र्डस वेस्ट ट्रीटमेंट, स्टोरेज और डिस्पोज़ल फैसिलिटी (CHW-TSDF) एक अत्याधुनिक सुविधा है, जिसमें ख़तरनाक कचरे को सटीकता और सुरक्षा के साथ निष्पादन करने हेतु डिज़ाइन किया गया है।   

घुसपैठ कर भारत आई प्रधान बनी बांग्लादेशी महिला? TMC नेता पर लगे फर्जी दस्तावेजों से नागरिकता हासिल करने के आरोप

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के रशीदाबाद की ग्राम पंचायत की मुखिया लवली खातून की नागिरकता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. मालदा जिले में टीएमसी के नेतृत्व वाली रशीदाबाद ग्राम पंचायत की मुखिया लवली खातून को लेकर कहा जा रहा है कि वो बांग्लादेशी अप्रवासी हैं. इतना ही नहीं उनपर आरोप है कि वो बिना पासपोर्ट के अवैध रूप से भारत में घुसी थीं. मीडिया रिपोर्ट्स में लवली खातून का असली नाम नासिया शेख बताया जा रहा है. ऐसे में स्थानीय चुनाव में हिस्सेदारी और पंचायत प्रमुख बनने के बारे में सवाल उठना लाजमी हो गए हैं. इस संबंध में कलकत्ता हाई कोर्ट ने SDO से रिपोर्ट भी तलब कर ली है. चुनाव जीतने के बाद TMC में हुई शामिल चंचल की रहने वाली रेहाना सुल्ताना ने 2024 में कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी. रेहाना ने 2022 में ग्राम पंचायत चुनाव लड़ा था लेकिन वो लवली खातून से चुनाव हार गईं थीं. सुल्ताना के वकील अमलान भादुड़ी ने कहा,’याचिका दाखिल करने वाली रेहाना सुल्ताना ने टीएमसी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था लेकिन लवली खातून से हार गईं, जिन्होंने कांग्रेस और वाम गठबंधन की उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. खातून के चुनाव जीतने के बाद एक या दो महीने के भीतर वह टीएमसी में शामिल हो गईं.’ भारत में रहकर बनवाए फर्जी दस्तावेज मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि लवली खातून का असली नाम नासिया शेख है और वह कथित तौर पर बांग्लादेशी अप्रवासी है, जो बिना पासपोर्ट के अवैध रूप से भारत में घुसी थी. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि 2015 में खातून के नाम पर आधार कार्ड जारी किया गया था और 2018 में जन्म प्रमाण पत्र, लेकिन सभी फर्जी दस्तावेजों की बुनियाद पर ये डॉक्यूमेंट्स बने हैं. याचिकाकर्ता का दावा है कि यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि खातून ने अपना नाम और आधिकारिक रिकॉर्ड बदलने सहित अपनी पहचान बदल दी है. लवली खातून से हारी थीं रेहाना सुल्ताना के वकील अमलान भादुड़ी ने कहा कि याचिका दायर करने वाली रेहाना सुल्ताना ने टीएमसी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह लवली खातून से हार गई थीं, जिन्होंने कांग्रेस और वाम गठबंधन की उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। खातून के चुनाव जीतने के एक या दो महीने के भीतर ही वह टीएमसी में शामिल हो गई थीं। लवली खातून पर क्या हैं आरोप? इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में वकी भादुड़ी ने कहा कि लवली खातून का असली नाम नासिया शेख है और वह कथित तौर पर एक बांग्लादेशी अप्रवासी है, जो बिना पासपोर्ट के अवैध रूप से भारत में घुसी थी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि 2015 में खातून के नाम पर आधार कार्ड जारी किया था, और 2018 में जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया। बांग्लादेश से आया चालाक घुसपैठिया भादुड़ी ने कहा है कि लवली खातून ने चुनाव के लिए अपनी पात्रता साबित करने के लिए अपने आधार कार्ड, वोटर कार्ड और यहां तक ​​कि ओबीसी स्टेटस जैसे फर्जी दस्तावेज भी बनवाए हैं। हमें स्थानीय लोगों से यह भी पता चला कि खातून एक पड़ोसी गांव में गई थी। एक व्यक्ति से अपने पिता का नाम बताने के लिए कहा था। हर कोई जानता है कि उसके पिता का नाम शेख मुस्तफा नहीं बल्कि जमील बिस्वास है, यहां तक ​​कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में भी शेख मुस्तफा के परिवार में लवली का कोई जिक्र नहीं है। वकील ने आगे सवाल उठाया कि खातून कैसे चुनाव लड़ सकती हैं, जबकि वह भारतीय नागरिक नहीं हैं। इस बीच लवली खातून ने द एक्सप्रेस द्वारा किए गए कॉल का जवाब नहीं दिया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के लिए जाली दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनाने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ‘पड़ोसी गांव में किसी को बनाया पिता’ रेहाना के वकील भादुड़ी ने कहा,’हम स्थानीय पुलिस स्टेशन और स्थानीय प्रशासन के पास गए थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए हम 2024 में कलकत्ता उच्च न्यायालय चले गए.’ उन्होंने कहा कि लवली खातून ने चुनाव के लिए अपनी पात्रता साबित करने के लिए अपने आधार कार्ड, वोटर कार्ड और यहां तक ​​कि ओबीसी स्थिति जैसे दस्तावेजों में भी हेराफेरी की है. हमें स्थानीय लोगों से यह भी पता चला कि खातून एक पड़ोसी गांव में गई थी और एक व्यक्ति से अपने पिता का नाम बताने के लिए कहा था. सभी जानते हैं कि उनके पिता का नाम शेख मुस्तफा नहीं बल्कि जमील बिस्वास है, यहां तक कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NRC) में भी शेख मुस्तफा के परिवार में लवली का कोई जिक्र नहीं है.’ यह ऐसे समय में हुआ है जब बांग्लादेश के नागरिकों के लिए जाली दस्तावेजों के साथ पासपोर्ट बनाने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध रूप से देश में घुस आए थे.

वैशाली ने महिला विश्व ब्लिट्ज में कांस्य पदक जीता

न्यूयॉर्क भारत की आर वैशाली ने विश्व ब्लिट्ज शतरंज चैम्पियनशिप के महिला वर्ग में कांस्य पदक जीता और इस तरह से यहां रैपिड स्पर्धा में कोनेरू हम्पी के खिताब जीतने के बाद देश के खिलाड़ियों ने वर्ष 2024 के अंत में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। वैशाली ने क्वार्टर फाइनल में चीन की झू जिनर को 2.5-1.5 से हराया लेकिन सेमीफाइनल में वह चीन की एक अन्य प्रतिद्वंद्वी जू वेनजुन से 0.5-2.5 से हार गईं। इस प्रतियोगिता में पूरी तरह से चीन के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। चीन की जू वेनजुन ने हमवतन लेई टिंगजी को 3.5-2.5 से हराकर विश्व खिताब जीता। पांच बार के विश्व चैंपियन और अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) के उपाध्यक्ष विश्वनाथन आनंद ने वैशाली को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी और कहा कि यह वर्ष को समाप्त करने का एक शानदार तरीका है। आनंद ने एक्स पर लिखा, ‘‘कांस्य पदक जीतने पर वैशाली को बधाई। उसने वास्तव में शानदार प्रदर्शन किया। हमारे वाका शतरंज सलाहकार (वेस्टब्रिज आनंद शतरंज अकादमी) ने हमें गौरवान्वित किया है। यह वर्ष 2024 का समापन करने का शानदार तरीका था।’’ ओपन’ वर्ग में दुनिया के नंबर एक मैग्नस कार्लसन और रूस के इयान नेपोम्नियाचची ने ब्लिट्ज़ खिताब साझा किया, क्योंकि सडन-डेथ की तीन बाजियों के बाद भी कोई स्पष्ट विजेता नहीं बन पाया। यह पहला अवसर है जबकि खिताब दो खिलाड़ियों में बांटा गया।  

दिल्ली एसजी पाइपर्स पर शूटआउट जीत से हैदराबाद तूफान्स ने बोनस अंक अर्जित किया

राउरकेला (ओडिशा) हैदराबाद तूफान्स ने हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) में मंगलवार को यहां निर्धारित समय के अंत तक स्कोर 2-2 से बराबर रहने के बाद शूट-आउट में दिल्ली एसजी पाइपर्स को 5-4 से हराकर बोनस अंक हासिल किया। हैदराबाद तूफान्स ने अमनदीप लाकड़ा (11वें मिनट) और गोंजालो पेइलाट (13वें मिनट) की मदद से शुरुआती क्वार्टर में ही 2-0 की बढ़त ले ली, लेकिन दिल्ली एसजी पाइपर्स ने दिलराज सिंह (21वें) और गैरेथ फर्लांग (50वें) के गोल की मदद से मैच बराबरी पर ला दिया। मैच के आखिरी 10 मिनट में दोनों टीमें बढ़त लेने में नाकाम रही जिसके बाद शूटआउट में हैदराबाद की टीम ने दिल्ली को पछाड़ दिया।  

नये साल में मिली बड़ी उपलब्धि, छत्तीसगढ़-ग्रीन जीडीपी वाला बना देश का पहला राज्य

रायपुर। नये साल की पूर्व संध्या पर छत्तीसगढ़ ने कीर्तिमान रचा है। नये साल 2025 में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं को ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इससे पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के व्यापक मूल्य को मापकर छत्तीसगढ़ में विकास की गति को आगे बढ़ाया जायेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 विज़न और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप विज़न डॉक्यूमेंट तैयार कर रही है, जिसमें वन विभाग नेसंचालित पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन की अवधारणा शामिल है।  यह समग्र दृष्टिकोण राज्य में पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित हो सके। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का मूल्यांकन न केवल बजटीय योजना को अधिक सुव्यवस्थित बनाएगा, बल्कि भविष्य की रणनीतियों को दिशा प्रदान करेगा, धन आवंटन को अधिक प्रभावी बनाएगा और वानिकी विकास के प्रयासों को सशक्त करेगा। यह प्रक्रिया सतत विकास और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। छत्तीसगढ़ में संयुक्त वन प्रबंधन कार्यक्रम ने स्थानीय समुदायों को और अधिक सशक्त बनाया है। गुरु घासीदास, कांगेर घाटी और इंद्रावती जैसे राष्ट्रीय उद्यानों के साथ छत्तीसगढ़ में प्रकृति आधारित पर्यटन के लिए असीम संभावनाएं हैं। स्थानीय निवासियों को जंगल सफारी, नेचर ट्रेल्स और इको-कैंपिंग जैसी सुविधाओं के प्रबंधन में सक्रिय रूप से शामिल किया जा रहा है, जिससे न केवल सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी सशक्त किया गया है। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत आधार हैं और लाखों लोगों की आजीविका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये वन विभिन्न प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ प्रदान करते हैं। वनों से प्राप्त होने वाले अन्य महत्वपूर्ण अमूर्त लाभ अक्सर उपेक्षित रहते हैं और उनका उचित मूल्यांकन नहीं हो पाता। इनमें जलवायु संतुलन बनाए रखने के लिए कार्बन अवशोषण, कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परागण, पोषक तत्वों का चक्रण, मृदा उर्वरता में सुधार और जैव विविधता संरक्षण जैसी सेवाएं शामिल हैं। वनों का बाढ़ और रोग नियंत्रण, जल प्रवाह का प्रबंधन और वेक्टर जनित रोगों के जोखिम को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं वनों से जल पुनर्भरण और शुद्धिकरण होता है, शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर वायु गुणवत्ता में सुधार होता है, और सुंदर प्राकृतिक दृश्य तथा जैव विविधता-समृद्ध क्षेत्रों के माध्यम से मनोरंजन के साथ-साथ भावनात्मक संतुष्टि भी प्रदान होती है। इन वनों का गहरा आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व भी है, क्योंकि पवित्र स्थलों और देवगुड़ी जैसे क्षेत्रों के माध्यम से ये आदिवासी विरासत और परंपराओं को संरक्षित रखते हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के वन अनेक नदियों का उद्गम स्थल हैं, जो सतत जल प्रवाह, जलग्रहण क्षेत्र संरक्षण और कृषि तथा आजीविका के लिए आवश्यक जैविक पदार्थ से मृदा को समृद्ध करने में सहायक हैं। इन प्रत्यक्ष लाभों का राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ता है। ये सभी लाभ ग्रामीण उद्योगों और आजीविका को प्रोत्साहित करते हैं और राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।

एमसीजी में कोंस्टास की साहसिक पारी के उनकी पहचान बनने की संभावना नहीं: कैरी

सिडनी ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी ने बुधवार को कहा कि युवा सलामी बल्लेबाज सैम कोंस्टास ने भारत के खिलाफ मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में खेले गए बॉक्सिंग डे टेस्ट में जिस तरह से साहसिक अर्धशतक जड़ा उससे वह मंत्रमुग्ध थे, लेकिन उन्हें लगता है कि यह पारी भविष्य के मैचों के लिए उनकी पहचान नहीं बनेगी। कोंस्टास ने 26 दिसंबर को एमसीजी में लगभग खचाखच भरे स्टेडियम में अपनी टेस्ट करियर का आगाज करते हुए 65 गेंद पर 60 रन की आकर्षक पारी खेली और इस दौरान भारत के मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत गुमरा को निशाने पर रखा। कैरी ने शुक्रवार को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) में भारत के खिलाफ शुरू होने वाले पांचवें टेस्ट से पहले संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं उस पहले सत्र में एक दर्शक था। शायद मेरे मन में वहां मौजूद 90,000 (दर्शकों) की भावनाएं थीं। कई बार मैं इसे नहीं देख सका, कई बार मैंने तालियां बजाई।’’ कोंस्टास को पहले तीन मैच में असफल रहने वाले नाथन मैकस्वीनी की जगह टीम में लिया गया और उन्होंने आते ही ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक दृष्टिकोण को अपनाया लेकिन कैरी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह 19 वर्षीय सलामी बल्लेबाज हर मैच में इतना आक्रामक प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘वह जो ऊर्जा लेकर आए, वह कुछ अलग थी। शायद इतने अंतर की उम्मीद नहीं थी, लेकिन उन्होंने क्रिकेट की एक ऐसी शैली को अपनाया जो शायद भारत के लिए भी नई थी।’’ कैरी ने कहा, ‘‘हम इंतजार करेंगे और देखेंगे कि वह यहां (एससीजी) कैसे खेलते हैं। मुझे नहीं लगता कि यह हर टेस्ट मैच के लिए उनकी पहचान बन जाएगी। लेकिन शुरू में कुछ आक्रामकता अपनाना अच्छा है जिसकी हमें कमी खल रही थी।’’ उन्होंने कहा कि पहले तीन टेस्ट मैचों में मैकस्वीनी और उस्मान ख्वाजा की सलामी जोड़ी ने मुश्किल परिस्थितियों में अच्छा काम किया। कैरी ने कहा, ‘‘नाथन और उस्मान ने बहुत सारी गेंदों का सामना करके हमें मुश्किल परिस्थितियों से भी बाहर निकाला। सैम थोड़ा स्कोर करने में सफल रहा और उम्मीद है कि वह यहां भी अच्छा प्रदर्शन करेगा।’’  

नाओमी ओसाका ने लिया ग्रैबर को 7-5, 6-3 से हराकर ऑकलैंड टेनिस क्लासिक के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई

ऑकलैंड चार बार की ग्रैंड स्लैम एकल विजेता नाओमी ओसाका ने बुधवार को जूलिया ग्रैबर को 7-5, 6-3 से हराकर ऑकलैंड टेनिस क्लासिक के क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर वर्ष 2025 की शानदार शुरुआत की। तेज हवाओं और बारिश के कारण मैच में काफी देरी होने के बावजूद ओसाका ने सीधे सेटों में जीत दर्ज की। उन्होंने एक बार भी अपनी सर्विस नहीं गंवाई और प्रत्येक सेट में एक–एक बार ग्रैबर की सर्विस तोड़कर दूसरी बार ऑकलैंड क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। ओसाका 2017 में भी यहां अंतिम आठ में पहुंची थी। ऑकलैंड टूर्नामेंट 12 जनवरी से शुरू होने वाले ऑस्ट्रेलियाई ओपन की तैयारी के सिलसिले में खेला जाता है। अमेरिकी ओपन की पूर्व चैंपियन एम्मा रादुकानु और एलिस मर्टेंस के चोटिल होने के कारण हट जाने से इस टूर्नामेंट की चमक कुछ फीकी पड़ गई है।  

युवा कबड्डी सीरीज : यूपी फाल्कन्स ने चंडीगढ़ चार्जर्स के खिलाफ फाइनल में जगह पक्की की

कोयंबटूर युवा कबड्डी सीरीज के डिवीजन 2 का फाइनल करीब आ रहा है। यूपी फाल्कन्स ने शानदार प्रदर्शन कर टॉप स्थान पर कब्जा जमाया और चंडीगढ़ चार्जर्स के खिलाफ फाइनल में जगह पक्की कर ली। डिवीजन 2 का नौवां दिन करपगम एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, कोयंबटूर में खेला गया। दिनभर की टक्कर में टीमों ने जोरदार प्रदर्शन किया। पहले मैच में यूपी फाल्कन्स ने दिल्ली धुरंधरों को 48-38 से हराया। इस जीत के साथ यूपी फाल्कन्स ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। साथ ही वे टेबल में टॉप स्थान कब्जाने में भी कामयाब रहे। रचित यादव ने सुपर 10 करते हुए मैच पलट दिया। जबकि नवनीत नागर और आयुष कुमार ने हाई-5 स्कोर किए। दिल्ली की तरफ से शुभम भिड़ुरी ने 11 पॉइंट और विनोद पाल ने बेंच से हाई-5 किया, लेकिन टीम का प्रदर्शन कमजोर रहा। दूसरे मुकाबले में हम्पी हीरोज ने पंचाला प्राइड को 46-21 से हराया। पंचाला प्राइड पूरे डिवीजन में एक भी मैच नहीं जीत पाई। हम्पी के चेतन जांगमा और करुपसागर डी ने 11-11 रेड पॉइंट जुटाए। दर्शन आर ने शानदार डिफेंस करते हुए हाई-5 स्कोर किया। पंचाला के आदित्य कुमार ने 4 रेड और 4 डिफेंस पॉइंट्स बनाए, लेकिन टीम का साथ नहीं मिला। तीसरे मैच में चोला वीरन्स ने सिंध सोनिक्स को 57-16 के बड़े अंतर से हराया। अय्यप्पन वीरपांडियन ने 14 रेड पॉइंट स्कोर किए। ए बालभारती ने डिफेंस में 6 टैकल पॉइंट बनाए। सिंध के बलराज सिंह ने 9 रेड पॉइंट जुटाए, लेकिन टीम का सहयोग न मिलने से मुकाबला एकतरफा रहा। आखिरी मैच में विजाग विक्टर्स ने हैदराबाद हरिकेंस को 48-34 से हराया। पिराटी श्रीसिवतेजेश और गाली लक्ष्मा रेड्डी ने 11-11 रेड पॉइंट जुटाए। पवन गोपिनीदी ने डिफेंस में हाई-5 किया। हैदराबाद के सुरेश ओरुगांटी ने 18 रेड पॉइंट्स बनाए, लेकिन उनकी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। फाइनल में यूपी फाल्कन्स और चंडीगढ़ चार्जर्स के बीच कड़ी टक्कर की उम्मीद है। सभी टीमों ने अपनी पूरी ताकत झोंकी, लेकिन कुछ ही टीमें टॉप पर पहुंच पाई।  

रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार CBI इंस्पेक्टर का एक्सीलेंस अवार्ड रद्द, लौटना पड़ा मेडल

भोपाल सीबीआई इंस्पेक्टर राहुल राज के रिश्वत लेने के आरोपों का खुलासा होने के बाद पदक वापस लिया गया।सीबीआई की टीम ने इस साल मई में राहुल राज को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। सीबीआई अधिकारियों ने रिश्वत देने वाले भोपाल के मलय कॉलेज ऑफ नर्सिंग के चेयरमैन अनिल भास्करन, प्रिंसिपल सुमा भास्करन और एक दलाल सचिन जैन को भी गिरफ्तार किया था। सीबीआई इंस्पेक्टर राहुल राज को 2023 में होम मिनिस्ट्री की तरफ से जांच में उत्कृष्टता के लिए पदक दिया गया था। राज पर मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों की निरीक्षण रिपोर्ट में हेराफेरी करने के एवज में रिश्वत लेने का आरोप है। आरोपों का खुलासा होने के बाद ही उनसे पदक वापस लेने का फैसला किया गया। CBI ने राहुल राज को 10 लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़ा बता दें कि इस साल मई में नर्सिंग कॉलेज घोटाले मामले में सीबीआई की दिल्ली टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के अलग अलग शहरों में छापेमारी की। इस दौरान सीबीआई की टीम ने राहुल राज समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। टीम ने राहुल राज को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। सीबीआई अधिकारियों ने रिश्वत देने वाले भोपाल के मलय कॉलेज ऑफ नर्सिंग के चेयरमैन अनिल भास्करन, प्रिंसिपल सुमा भास्करन और एक दलाल सचिन जैन को भी गिरफ्तार किया था। रिश्वत लेने के आरोपों के बाद सीबीआई इंस्पेक्टर राहुल राज को बर्खास्त कर दिया गया था। 2022 में सीबीआई ने शुरू की थी मामले की जांच मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर अक्टूबर 2022 में सीबीआई ने नर्सिंग कॉलेजों में हुई अनियमितताओं की शिकायत के बाद जांच शुरू की थी। नर्सिंग घोटाला व्यापमं घोटाले के बाद यह दूसरा बड़ा घोटाला है। हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच द्वारा इस मामले को केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को सौंप दिया गया था। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर अक्टूबर 2022 में सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू की थी।  

सिडनी टेस्ट खेलने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे मिशेल स्टार्क : ग्लेन मैक्ग्रा

सिडनी ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट लीजेंड और पूर्व तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा को इस बात का भरोसा है स्टार पेसर मिशेल स्टार्क भारत के खिलाफ सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में होने जा रहे सीरीज के पांचवें और अंतिम टेस्ट मैच में खेलेंगे। यह टेस्ट दोनों टीमों के लिए काफी अहम है और ग्लेन मैक्ग्रा का मानना है कि एडिलेड टेस्ट के हीरो स्टार्क खुद को मैच फिट करने में कोई कसर नहीं छोड़ने जा रहे हैं। स्टार्क को बॉक्सिंग डे टेस्ट के दौरान पसलियों और पीठ में दर्द की शिकायत थी। ग्लेन मैक्ग्रा ने फॉक्स क्रिकेट से बात करते हुए कहा, “खेलना मिशेल के ऊपर निर्भर करेगा। वह मैदान पर आने के लिए सबकुछ करेंगे। वह इस ऑस्ट्रेलियाई टीम का अहम हिस्सा हैं, और जब वह अपने चरम पर होते हैं तो उनका मुकाबला करना बहुत मुश्किल होता है। वह बहुत शानदार गेंदबाजी भी कर रहे हैं। उम्मीद है कि वह सिडनी में खेलने जा रहे हैं।” इन गर्मियों में स्टार्क ऑस्ट्रेलिया के स्टार परफॉर्मर रहे हैं जिन्होंने चार टेस्ट मैचों में 28.73 की औसत के साथ 15 विकेट लिए हैं। उन्होंने मेलबर्न टेस्ट के बाद अपना स्कैन भी कराया था। रिपोर्ट बताती हैं कि स्टार्क 5वें टेस्ट मैच में तभी खेल पाएंगे जब वह दर्द को मैनेज कर पाएं। हो सकता है उनको कुछ दर्द के साथ खेलना पड़े। कुल मिलाकर टीम मैनेजमेंट को भी फैसला करना होगा कि स्टार्क मैच फिट हैं नहीं। सीरीज का पांचवां मैच पिंक टेस्ट के नाम से जाना जाता है क्योंकि इस मैच के जरिए कैंसर के प्रति जागरुकता फैलाई जाती है। इसलिए यह मैच ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट समुदाय में खास महत्व भी रखता है। बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी की बात करें तो भारतीय टीम ने पर्थ में मेजबान टीम को 295 रनों से हराकर धमाकेदार शुरुआत की थी। इसके बाद भारतीय टीम लगातार बैकफुट पर नजर आई। एडिलेड टेस्ट में 10 विकेट से हारने के बाद टीम इंडिया अगला मैच गाबा में बारिश की मेहरबानी के चलते बचा पाई। जबकि हाल में ही सम्पन्न हुआ बॉक्सिंग डे टेस्ट उतार-चढ़ाव भरा रहा जिसमें मेहमान टीम मिले अवसरों को भुनाने में नाकाम रही और ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में 2-1 से बढ़त हासिल कर ली है।  

बी टू बायपास और गोपालपुरा से छह महीने होगा आवागमन, राजस्थान-जयपुर में महारानी फार्म पुलिया बंद

जयपुर। राजधानी जयपुर में दुर्गापुरा और मानसरोवर को जोड़ने वाली महारानी फार्म पुलिया पर नए साल के पहले दिन से यातायात को आगामी छह महीने के लिए बंद कर दिया जाएगा। अब मानसरोवर जाने के लिए बीटू बायपास या फिर गोपालपुरा से होकर जाना होगा। ट्रैफिक डायवर्जन का प्रभाव काफी परेशानियां खड़ी करने वाला है क्योंकि यह पुलिस जयपुर की सबसे व्यस्ततम कनेक्ट रोड है, जो टोंक रोड और आगे जवाहरलाल नेहरू मार्ग को सीधे मानसरोवर, न्यू सांगानेर रोड और पृथ्वीराज नगर योजना सहित बड़े इलाके को आपस में जोड़ती है। मानसरोवर और पीआरएन राजस्थान की सबसे बड़ी आवासीय कॉलोनियां हैं। इस पुलिया से हर 30 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं, जिनमें दुपहिया से लेकर बसें भी शामिल हैं। आखिर क्यों बंद करना पड़ेगा यातायात द्रव्यवती नदी पर बनी इस पुलिया पर यातायात का दबाव अधिक रहता है। बारिश में द्रव्यवती नदी में प्रवाह बढ़ने से पुलिया के ऊपर डेढ़ से दो मीटर ऊंचाई तक पानी का बहाव रहता है। इस बार भी बारिश के सीजन में कई घंटों तक इस पुलिया पर ट्रैफिक बंद करना पड़ा क्योंकि नदी का पानी पुलिया से ओवर फ्लो हो रहा था। यह क्षेत्र मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की विधानसभा में आता है। सीएम के निर्देश पर जेडीए ने इस पुलिया को ऊंची करने की योजना बनाई है। महारानी फार्म पुलिया अभी नदी से महज करीब दो मीटर ऊंचाई पर ही है। इस पुलिया की चौड़ाई फिलहाल 17 मीटर है। जेडीए इस पुरानी पुलिया को पहले तोड़ेगा। इसके बाद यहां चार गुना चार मीटर चौड़े बॉक्स कल्वर्ट डाले जाएंगे। इसी बॉक्स कल्वर्ट में से ही नदी प्रवाहित होगी। इस पुलिया की चौड़ाई 17 मीटर से बढ़ाकर 20 मीटर की जाएगी। नई पुलिया की ऊंचाई नदी से करीब साढ़े चार मीटर ऊंची होगी। करीब 210 मीटर की लंबाई में पुलिया का निर्माण किया जाएगा। करीब छह करोड़ की लागत की इस योजना का काम छह महीने में पूरा किया जाएगा, जेडीए की इस योजना के तहत अभी मिट्टी के परीक्षण का काम पूरा हो चुका है। यहां से हो सकेगा वाहनों का आवागमन यहां पुलिया को ऊंचा करने का काम छह महीने तक चलेगा इस दौरान वाहन चालकों के लिए दो वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध रहेंगे। एक वैकल्पिक मार्ग बी टू बायपास का है, जहां से वाहन चालक द्रव्यवती नदी पार कर जा सकेंगे। दूसरा वैकल्पिक मार्ग गोपालपुरा से होते हुए रिद्वि-सिद्धि पुलिया का है, जो सीधे मानसरोवर, न्यू सांगानेर रोड व पृथ्वीराज नगर को जाती है। वाहन चालक हुए परेशान नई पुलिया का काम आज से शुरू हो गया। रास्ता बंद होने की सूचना लोगों तक नहीं पहुंची, जिसके चलते यहां वाहन चालकों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा। सुबह से ही यहां वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई लेकिन जिन वाहन चालकों को इसकी जानकारी नहीं थी, वे यहां आकर अब वापस लौट रहे हैं।

साल के नए दिन को खास बनाने के लिए बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार भी किया गया

उज्जैन  नए साल के पहले दिन उज्जैन में बाबा महाकाल की भस्मारती में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। देश भर से भक्त आये थे। सभी ने नए साल 2025 की शुभकामनाएं मांगीं और महाकालेश्वर से आशीर्वाद लिया। साल के नए दिन को खास बनाने के लिए बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार भी किया गया, जिसे देखकर लोग देखते ही रह गए। महाआरती भी हुई। मान्यता है कि भस्मारती देखने से व्यक्ति विशेष हो जाता है। उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में नए साल का अनोखा जश्न मना। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आये। सुबह तीन बजे से ही भक्त महाकाल की भक्ति में लीन हो गए। नए साल की पहली सुबह बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक हुआ। दूध, दही, घी, शक्कर और शहद से बाबा को नहलाया गया। चंदन का लेप लगाया गया। सुगंधित द्रव्य चढ़ाए गए। भांग से श्रृंगार किया गया। पंडितों ने मंत्रोच्चार किए। बाबा को श्वेत वस्त्र पहनाए गए। फिर भस्म रमाई गई। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ भस्मारती हुई। देखने लायक होता है विशेष श्रृंगार भस्मारती में शामिल होने वाले भक्तों में खासा उत्साह दिखा। किसी ने परिवार की सुख-शांति की कामना की। किसी ने देश की अमन-चैन और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। यह मान्यता है कि बाबा महाकाल की भस्मारती के दर्शन मात्र से ही व्यक्ति धन्य हो जाता है, उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। नए साल पर बाबा का विशेष श्रृंगार देखने लायक था। इस श्रृंगार में बाबा और भी दिव्य लग रहे थे। भक्तों ने इस अद्भुत दृश्य को अपने कैमरों में कैद किया। भक्तों की संख्या नियंत्रण के लिए खास व्यवस्था मंदिर प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की थी। पुलिस बल तैनात था। स्वयंसेवक भी मदद कर रहे थे। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और पानी की व्यवस्था भी की गई थी। सब कुछ सुचारू रूप से चला। इस तरह उज्जैन में नए साल की शुरुआत बाबा महाकाल के आशीर्वाद से हुई। हजारों भक्तों ने भस्मारती का लाभ उठाया और नए साल के लिए शुभकामनाएं प्राप्त कीं। यह वाकई एक अविस्मरणीय अनुभव था। भक्तों के चेहरों पर श्रद्धा और भक्ति साफ दिख रही थी। सभी ने नए साल की शुरुआत एक सकारात्मक ऊर्जा के साथ की। शिव को समर्पित विशेष अनुष्ठान है भस्मआरती भस्मारती, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। यह शिव जी को समर्पित है। यह प्रातः काल सूर्योदय से पहले की जाती है। इसमें जली हुई लकड़ी की राख का उपयोग किया जाता है। इस राख को भस्म कहा जाता है। मान्यता है कि भस्म सभी पापों को नष्ट कर देती है। और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में हुई भस्मारती का विशेष महत्व है। यहाँ देश-विदेश से लोग भस्मारती के दर्शन करने आते हैं।

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