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नगरीय विकास एवं आवास विभाग फायर सेफ्टी संबंधी निर्देशों में करेगा संशोधन

भोपाल मध्य प्रदेश में कारखाना अधिनियम 1948 के अंतर्गत स्थापित उद्योगों को नगरीय निकायों से अलग से फायर सेफ्टी संबंधी प्रमाण पत्र नहीं लेना होगा। औद्योगिक संगठनों की मांग पर राज्य सरकार इस प्रविधान में संशोधन करने जा रही है। दरअसल, नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने आग लगने की घटनाओं को देखते हुए फायर सेफ्टी के प्रविधानों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए थे। इसके अनुसार उद्योगों को नोटिस दिए जा रहे थे। प्रदेश सरकार वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मना रही है। उद्योगों को हो रही है परेशानी विभिन्न रीजनल इन्वेस्टर्स समिट में उद्योगपतियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर नियम, प्रक्रियाओं में संशोधन किया जा रहा है। इसी कड़ी में फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र की अनिवार्यता के कारण उद्योगों को हो रही परेशानी को देखते हुए दिशा-निर्देश में संशोधन किया जा रहा है। फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र अनिवार्य नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने आग लगने की घटनाओं को देखते हुए नेशनल बिल्डिंग कोड के नियम के तहत 15 मीटर से ऊंचे सभी भवन, एक तल पर 500 वर्गमीटर से ज्यादा क्षेत्रफल पर भवन, होटल और अस्पताल के लिए फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र लेने अनिवार्य किया था। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया था। प्रमाण पत्र न लेने के कारण उद्योगों को नोटिस दिए गए तो उन्होंने विभाग से इसमें संशोधन करने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, मांग को व्यावहारिक मानते हुए विभाग ने नियम में संशोधन की तैयारी शुरू कर दी है। प्रमाण पत्र लेने के लिए छूटी दी जाएगी इसमें उन उद्योगों को फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र लेने की छूट दी जाएगी, जो कारखाना अधिनियम 1948 और कारखाना नियम 1962 के अंतर्गत आते हैं। नियम में यह प्रविधान है कि फायर सेफ्टी के प्रविधान करने के बाद ही अनुमति दी जाएगी। प्रविधान का पालन किया गया या नहीं, यह संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा देखते हैं। जब एक बार प्रक्रिया हो गई तो फिर उसे दोहराने का कोई मतलब नहीं है, इसलिए निर्देश संशोधित किए जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में छात्रों को ले जा रही बस से ट्रक टकराया, एक की मौत; कई घायल

A truck collides with a bus carrying students in Bhopal, the capital of Madhya Pradesh, one dead; many injured मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को एक भीषण हादसा हो गया जिसमें छात्र-छात्राएं घायल हो गए हैं. हादसे में 6 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है. वहीं एक की मौत हो गई है. कई और बच्चों को चोटें आई हैं. बच्चों और बस ड्राइवर समेत अन्य घायलों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. बच्चों का इलाज किया जा रहा है. यह सड़क हादसा शहर के भोरी बायपास के पास हुआ है. पुलिस भी मौके पर पहुंची और सभी घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाने में मदद की. जानकारी के मुताबिक यह हादसा भौरी बाईपास पर हुआ है, जहां छात्रों से भरी हुई बस जा रही थी और सामने से तेज रफ्तार ट्रक ने बस को टक्कर मार दी. बस का सामने का हिस्सा कचूमर बन चुका है. हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ा और छात्रों को बस से निकालना शुरू किया. इसी बीच पुलिस को भी जानकारी दी गई. पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायल बच्चों को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया. घायलों का चल रहा इलाजघायलों के इलाज की व्यवस्था की जा रही है. सभी छात्र-छात्राएं पीपुल्स स्कूल ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के इजीनियरिंग के छात्र हैं. सभी छात्र आईसर कंपनी के प्लांट पर विजिट के लिए गए थे. हादसे में 6 बच्चों की हालत नाजुक बताई जा रही है. फिलहाल डॉक्टर्स की टीम बच्चों का इलाज करने में जुटी हुई है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिस वक्त छात्र-छात्राएं विजिट से वापस लौट रहे थे उसी वक्त बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है. एक छात्र की मौतबिरसिंहपुर पाली के रहने वाले छात्र विनीत साहू की हादसे के बाद मौत हो गई है. उसे गंभीर हालत में हॉस्पिटल ले जाया गया था. वहीं छात्र विमल यादव और छात्र शिवम लोधी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. उनका क्रिटिकल केयर में इलाज किया जा रहा है. बस के अंदर बैठे बाकी छात्र-छात्राओं को यानी करीब 29 छात्रों को मामूली चोटें आई हैं. सभी छात्रों को हादसे के बाद पीपुल्स हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया है.

सीवीएस से भविष्य में जन्म लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होगा: एम्स भोपाल

भोपाल एम्स भोपाल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने कोरियोनिक विलस सैंपलिंग (सीवीएस) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की है। यह प्रक्रिया भ्रूण में किसी भी आनुवांशिक विकार की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कोरियोनिक विलस सैंपलिंग (सीवीएस) एक प्रीनेटल टेस्ट है, जिसमें गर्भवती महिला के प्लेसेंटा से एक छोटा नमूना लिया जाता है। इस नमूने की जांच करके भ्रूण में किसी भी तरह की आनुवांशिक समस्या का पता लगाया जा सकता है। आनुवांशिक बीमारियों की हिस्ट्री चिकित्सकों का कहना है कि प्रसवपूर्व यह परीक्षण उन गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जिनके परिवार में आनुवांशिक बीमारियों का इतिहास रहा हो या जिनकी उम्र 35 साल से अधिक हो चुकी है। भ्रूण की हेल्थ पता चलेगी वे अब एम्स भोपाल में भ्रूण के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगी। एम्स भोपाल में विजिटिंग फीटल मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. मनुप्रिया माधवन ने यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की है। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया सुरक्षित और प्रभावी है। एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह का कहना है कि सीवीएस सफलतापूर्वक पूरा होना हमारे संस्थान में फीटल मेडिसिन सेवाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। क्या होंगे लाभ भ्रूण में आनुवांशिक विकारों का शीघ्र पता लगाना : सीवीएस के माध्यम से गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में ही भ्रूण में आनुवंशिक विकारों का पता लगाया जा सकता है। भविष्य में जन्म लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार : सीवीएस के माध्यम से जन्म के साथ दोषों को रोका जा सकता है। इससे भविष्य में जन्म लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होगा।

BJP MLA व समर्थकों की गुंडई, घर में घुसकर महिलाओं को पीटा और कपड़े फाड़े

bjp mla jaipur gopal sharma supporters entered house beat up women राजस्थान के जयपुर में सिविल लाइन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक गोपाल शर्मा के समर्थकों की गुंडई देखने को मिली है. आरोप है कि विधायक के समर्थकों ने एक घर में घुसकर महिलाओं को पीटा. इतना ही नहीं उनके कपड़े भी फाड़े. इससे गुस्साए लोगों ने पथराव किया. मौके पर पहुंची पुलिस पर भी पथराव हुआ है. इसमें 2 पुलिसकर्मी और महिलाएं घायल हुई हैं. बताया जा रहा है कि ये घटना कटेवा नगर में देर रात हुई. पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज किया है. बताया जा रहा है कि 2 पड़ोसियों के बीच मामूली विवाद हुआ था. इस पर पूर्व पार्षद के बेटे ने अपने समर्थकों के साथ पड़ोसी परिवार पर हमला बोल दिया. इसके बाद विधायक गोपाल शर्मा मौके पर अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे. अब पीड़ित परिवार ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर न्याय की लगाई गुहार है. तेज-तर्रार नेताओं में शुमार हैं गोपाल शर्माबता दें कि विधायक गोपाल शर्मा राज्य के तेज-तर्रार नेताओं में शुमार हैं. बीते दिनों उनका एक वीडियो वायरल हुआ था. दरअसल, जयपुर के शास्त्री नगर इलाके में पुलिस अकादमी के पास बने मकानों को पुलिस अवैध बता रही और इसके खिलाफ कार्रवाई करने जा रही थी. तभी इस मामले को लेकर विधायक और पुलिस के बीच हॉट टॉक हुई. जमीन पर किसका हक है, ये फैसला अदालत करेगीइस दौरान विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि जमीन पर किसका हक है, ये फैसला पुलिस नहीं अदालत करेगी. इसके बाद उनके और पुलिस के बीच बातचीत ने तीखा मोड़ ले लिया. गुस्सा आने पर विधायक ने कहा कि मुझे टच नहीं करोगे कैलाश जी. आपके डीजीपी की भी इतनी हिम्मत नहीं है. आप हाथ कैसे लगा रहे हैं. विधायक ने कहा, मैंने आपको नहीं टच किया है फिर आप मुझको कैसे हाथ लगा सकते हैं. इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारी से कहा कि आंखें किसे दिखा रहे हो, आंख दिखाने की ताकत तो सरकार की भी नहीं.

मुकेश चंद्राकर हत्याकांड: 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा खंगाले, पुलिस को भटकाने 60 किमी दूर फेंके मोबाइल

जगदलपुर पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या भले ही एक जनवरी की रात की गई, पर मुख्य साजिशकर्ता सुरेश चंद्रकार और उसके भाई रितेश व दिनेश ने चार दिन पहले ही इसका षड्यंत्र रच लिया था। इस पूरे प्रकरण में सुरेश चंद्रकार की योजना खुद को इससे अलग दिखाने की थी, ताकि मुकेश के साथ सड़क के भ्रष्टाचार को लेकर हुए विवाद के कारण उस पर संदेह ना हो। एक जनवरी की रात जब मुकेश की हत्या की गई तो वह तय योजना के अनुसार जगदलपुर में था। इसके बाद भी पुलिस की विशेष जांच दल (एसआइटी) ने आर्टिफिशियल इंटलीजेंस (एआई) के साथ ओपन सोर्स इंटलीजेंस टूल (ओएसआईएनटी) का प्रयोग कर इस घटना में सुरेश की संलिप्तता के साक्ष्य जुटा लिए हैं। एनआईए करती है इसका उपयोग ओएसआईएनटी ऐसा टूल है जिसका प्रयोग राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी भी करती है, जिसमें कई माध्यमों से सूचना जुटाई जा सकती है। एसआइटी के अनुसार 27 दिसंबर को सुरेश ने बैंक से बड़ी रकम भी निकाली थी ताकि इन रुपयों का प्रयोग हत्या, साक्ष्य छिपाने व भागने के लिए किया जा सके। 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा खंगाले एसआईटी की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। ऐसा पहली बार हुआ है कि पुलिस ने हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरा, डिजिटल व भौतिक साक्ष्य के साथ ही इसके अलावा घटनास्थल चट्टानपारा में फोरेंसिक जांच टीम ने दो बार रिक्रेयेशन कर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस को उलझाने के लिए 60 किमी दूर फेंके मोबाइल आरोपितों ने पुलिस को उलझाने के लिए घटनास्थल से 60 किमी दूर नेलसनार नाले के पास मुकेश के दोनों फोन को चालू स्थिति में ले जाकर उसे पत्थर से तोड़कर नाले में फेंक दिया। हत्या में प्रयुक्त चार गाड़ियां, मिक्सर मशीन, लोहे का छड़ व अन्य हथियार बरामद कर लिए हैं। सुनियोजित हत्या, ताकि सच कभी बाहर न आ पाए एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए बताया कि पत्रकार मुकेश ने सुरेश चंद्रकार के भ्रष्टाचार को उजागर किया था इसलिए आरोपितों ने सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या की है। ताकि किसी को संदेह ना हो आरोपितों ने षड्यंत्र रचते हुए छोटी से छोटी बात का ध्यान रखा ताकि उन पर संदेह ना हो और यह हत्याकांड कभी उजागर ना हो सके। एक जनवरी को जिस दिन हत्या हुई उसी दिन मुख्य साजिशकर्ता सुरेश चंद्रकार व दिनेश चंद्रकार जगदलपुर को निकल गए। मोबाइल को भी ठिकाने लगाया हत्या करने की जिम्मेदारी रितेश व सुपरवाइजर मुकेश रामटेके को दी गई। रात लगभग आठ से दस बजे के बीच मुकेश की हत्या के बाद ही तय योजना अनुसार सुरेश व दिनेश लौटे। इसके बाद दिनेश, रितेश व मुकेश ने मिलकर मुकेश का शव सेप्टिक टैंक में डालकर ठिकाने लगाने के बाद हथियार व मुकेश के मोबाइल को भी ठिकाने लगाया। रिमांड पर जेल भेजा गया इसके बाद सुरेश हैदराबाद तो रितेश दिल्ली भाग गया, जिन्हें दिल्ली व हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया। दिनेश व महेंद्र को बीजापुर में गिरफ्तार किया गया। चारों आरोपितों को 15 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

मुंगेली हादसा, गर्म राख से भरा कंटेनर गिरने से एक की मौत और कई दबे

बिलासपुर मुंगेली जिले के सरगांव क्षेत्र अंतर्गत रामबोड़ में स्पंज आयरन फैक्ट्री में दोपहर गर्म राख से भरा कंटेनर (साइलो) श्रमिकों के ऊपर गिर गया। इसमें वहां पर काम कर रहे श्रमिक दब गए। प्रशासन की ओर से देर रात तक एक मौत की पुष्टि की है। आनन-फानन में बचाव कार्य शुरू करते हुए दो श्रमिकों को निकालकर अस्पताल भेजा गया है। कई श्रमिक लापता हैं। प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी है। राख में दबे श्रमिकों की तलाश की जा रही है। संभागायुक्त महादेव कावरे ने बताया कि मुंगेली जिले के सरगांव क्षेत्र अंतर्गत रामबोड़ में कुसुम इंड्रस्ट्रीज स्पंज आयरन फैक्ट्री है। इसमें करीब 350 श्रमिक अलग-अलग शिफ्ट में काम कर रहे हैं। गुरुवार की दोपहर श्रमिक फैक्ट्री में काम कर रहे थे। लंच का समय होने पर ज्यादातर श्रमिक काम छोड़कर लंच करने चले गए थे। इसी दौरान चिमनी के पास गर्म राख से भरा कंटेनर वहां काम कर रहे श्रमिकों के ऊपर गिर गया। राख के गुबार के बीच वहां काम कर रहे श्रमिक लापता हो गए। इधर हादसे की जानकारी लगते ही फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की जानकारी तत्काल सरगांव पुलिस को दी गई। साथ ही प्रशासन को इस घटना से अवगत कराया गया। मौके पर मौजूद श्रमिकों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया। श्रमिकों ने किसी तरह दो श्रमिकों को बाहर निकाल लिया है। उन्हें गंभीर अवस्था में सिम्स भेजा गया। इधर दो श्रमिक अब भी लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही है। हादसे में दगोरी निवासी मनोज कुमार की मौत हो गई है। वहीं, जयंस साहू, अवधेश कश्यप लापता बताए जा रहे हैं। एक घायल लखन साहू को बिलासपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारी पहुंचे मौके पर, सिम्स में अलर्ट हादसे की जानकारी लगते ही संभागायुक्त महादेव कावरे, आइजी डा संजीव शुक्ला, मुंगेली कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंच गए हैं। कंटेनर को हटाकर श्रमिकों की तलाश की जा रही है। राहत कार्य तेज करने बड़े क्रेन मंगाकर कंटेनर को हटाया गया है। इसके साथ ही सिम्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है। दो घायलों को सिम्स भेज दिया गया है। कई लोगों के राख में दबे होने की आशंका हादसे की जानकारी लगते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में फैक्ट्री के गेट के सामने जमा हो गए। इधर प्रशासनिक अमला और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में बचाव कार्य चल रहा है। फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिकों ने गर्म राख के ढेर में कई लोगों के दबे होने की आशंका व्यक्त की है। इधर प्रशासनिक अधिकारी भी राख के ढेर में कुछ लोगों के दबे होने की बात कह रहे हैं। हालांकि राख के ढेर में कितने लोग दबे हैं इसकी पुष्टि कोई नहीं कर रहा है। कलेक्टर और एसपी ने संभाला मोर्चा हादसे की जानकारी लगते ही मुंगेली कलेक्टर राहुल देव और पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस की टीम और स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है। एंबुलेंस फैक्ट्री के अंदर तैनात है। राख के ढेर को हटाने का काम चल रहा है। प्रशासन ने स्वास्थ विभाग की टीम को अलर्ट मोड पर रहने कहा है। पहले सिम्स में किया अलर्ट, फिर निजी अस्पताल भेजा मुंगेली कलेक्टर के निर्देश पर सिम्स में अलर्ट किया गया था। इसके बाद सिम्स प्रबंधन की ओर तैयारी कर ली गई। इसके बाद हादसे में घायल दो श्रमिकों को बिलासपुर के ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान एक श्रमिक की मौत हो गई। दूसरे लखन साहू का उपचार चल रहा है। पैर फंस जाने के कारण भाग नहीं पाया मनोज हादसे में गंभीर रूप से घायल मनोज घृतलहरे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि मनोज गुरुवार की दोपहर साइलो के नीचे काम कर रहा था। ऊपर गर्म राख से भरा साइलो जब गिरने लगा तो मनोज ने वहां से भागकर जान बचाने कोशिश की। इसी दौरान उसका पैर किसी चीज में फंस गया। इससे वह भाग नहीं पाया। गर्म राख से मनोज बुरी तरह झुलस गया था। देर शाम उसकी अस्पताल में मौत हो गई। रायपुर से मंगाई क्रेन हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बचाव कार्य चल रहा है। देर रात तक राख के ढेर के ऊपर से साइलो हटाया नहीं जा सका। इसके बाद अधिकारियों ने रायपुर से बड़ा क्रेन मंगाई है। अधिकारियों ने बताया कि क्रेन रायपुर से निकल गई है। अभी साइलो के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।

इस धंधे ने BJP नेता को बनाया धनकुबेर, प्रॉपर्टी पर कब्जा कर गाड़ियां भी छीन लेता था पूर्व पार्षद

sagar crorepati businessman money lending fraud rajesh kesharwani income source full details मध्य प्रदेश के सागर जिले में आयकर विभाग ने हाल ही में केशरवानी परिवार के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। बीड़ी और कंस्ट्रक्शन कारोबार से जुड़े राजेश और बृजेश केशरवानी ब्याज पर पैसे देने का काम करते थे। इसी धंधे से वह करोड़पति बने। उन्होंने लोगों को ब्याज पर खूब पैसा दिया, जिसे नहीं चुकाने पर उनकी गाड़ियां छीन ली और प्रॉपर्टी पर भी कब्जा कर लिया। आईटी के छापे में उनके पास से सात फार्च्यूनर, क्रिस्टा और इनोवा जैसी लग्जरी कारें मिली है। साथ ही चार किलो 700 ग्राम सोने के साथ करोड़ों के लेनदेन के दस्तावेज भी मिले हैं। दअरसल, आयकर विभाग ने तीन दिन पहले सागर में तीन प्रमुख ठिकानों पर छापा मारा था। जिसमें भाजपा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर और पूर्व पार्षद राजेश और बृजेश केशरवानी के ठिकानों की जांच की गई थी। इन छापेमारियों में विभाग को 150 करोड़ रुपये की संपत्ति के दस्तावेज मिले, जिनमें 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के बेनामी होने की जानकारी सामने आई है। आयकर विभाग को छापेमारी में 150 करोड़ की टैक्स चोरी का भी पता चला है। हालांकि, टीम अभी दस्तावेजों की जांच कर रही है। जिसके बाद और बड़े खुलासे हो सकते है। बता दें कि आयकर विभाग की टीम ने रविवार सुबह सागर में छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान एक टीम ने भाजपा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर और उनके भाई कुलदीप राठौर के घर छापेमारी की। वहीं, दूसरी टीम ने पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी, उनके भाई बृजेश केशरवानी और सहयागी राकेश छावड़ा के घर छापा मारा था। तीन दिन की जांच के बाद आईटी की टीम को करोड़ों की संपत्ति और लेनदेन का पता चला है। किसके घर क्या मिला था? पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी के घर से 140 करोड़ से ज्यादा के नकद लेनदेन के दस्तावेज मिले थे। साथ 7 बेनामी लग्जरी कारें और करीब 4.7 किलो सोना और गहने मिले था। सोने और गहनों के दस्तावेज दिखाने के कारण आईटी टीम ने इसे जब्त नहीं किया था।भाजपा पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर के बंगले से 14 किलो सोना और 3.8 करोड़ रुपये नकद मिले थे। कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज के साथ करोड़ों के लेनदेन और टैक्स चोरी की बात भी सामने आई थी। इसके अलावा उनके घर में तीन मगरमच्छ भी पले हुए मिले थे। जिन्हें देखकर आयकर विभाग की टीम भी हैरान रह गई थी।

सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री काश्यप ने किया उद्योग संघों के प्रतिनिनिधों से संवाद

भोपाल सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने उद्योग संघों के प्रतिनिनिधों से कहा है कि प्रदेश सरकार ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नई एमएसएमई (MSME) पॉलिसी के साथ ही भूमि आवंटन नियम और प्रोत्साहन की ऐसी पॉलिसी लाएगी जिससे मध्यप्रदेश में स्थानीय उद्यमिता का विकास विदेशी निवेशकों को प्रदेश में उद्योग लगाने के लिये आकर्षित करने के साथ सर्वाधिक रोजगार सृजन वाले प्रदेश के रूप में उभरे। मंत्री श्री काश्यप गुरुवार को मंत्रालय में उद्योग संघों के पदाधिकारियों से एमएसएमई की प्रचलित पॉलिसी पर चर्चा और सुझाव संगोष्ठी में संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, सचिव सुश्री प्रियंका दास और उद्योग आयुक्त श्री दिलीप कुमार भी उपस्थित थे। मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि उद्योग प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझाव को नई पॉलिसी में शामिल करने से का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार नये औघोगिक क्षेत्रों के विकास और निर्यात संवर्धन पर मजबूत पहल करेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि एमएसएमई में प्रोत्साहन के लिये और भी अधिक पारदर्शी नीति बनाई जाएगी और स्टार्ट-अप के साथ क्लस्टर के विकास का नया ईको-सिस्टम बनेगा। यह नव उदमियों, अनुसूचित जाति, जनजातीय और महिलाओं की इकाईयों के लिए मददगार होगा। एमएसएमई मंत्री ने कहा कि वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने की मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप ऐसी पॉलिसी बनाई जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर निवेश और उद्योग का विकास हो सके। उन्होंने ने कहा कि संभाग स्तर पर हो रही रीजनल इंडस्ट्री कॉन्कलेव के अच्छे परिणाम परिलक्षित हुए हैं। इससे नजदीकी जिलों के उद्योगपतियों के सहभागिता से निवेश और रोजगार की संभावनाएं बनी है। मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि अलगे सप्ताह निर्यात को बढ़ाने के लिए एक वृहद कार्यशाला होगी। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर स्थापित किए गए निवेश सेंटर वन, स्टॉप सेंटर के रूप में उद्योगपतियों से निरंतर संवाद स्थापित करेगी। मंत्री श्री काश्यप कहा कि कलेक्टर्स इस समिति को लीड करेंगे। मंत्री श्री काश्यप ने बताया कि एमएसएमई की प्रोत्साहन सब्सिडी को बढ़ाकर 700 से 1100 करोड़ रूपए कर दिया गया है। उद्योग परिसंघों ने सरकार की इस पहल पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि एक ऐसा पोर्टल विकसित किया जा रहा है जिसमें पॉलिसी और नीतियों के साथ उद्योगपतियों का एक ही जगह डाटा संग्रहित होगा। उद्योग संघों के प्रतिनिधियों को प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र सिंह ने भी आश्वस्त किया कि नई पॉलिसी में उद्योगों के बेहतर विकास की नीति अपनाई जाएगी। संवाद में एमएसएमई विकास नीति के संबंध में मुख्य रूप से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ट्रांसपोर्ट अनुदान, नवकरणीय ऊर्जा मुख्यत: सोलर प्लांट को सहायता, जेड प्रमाणन को बढ़ावा देने, इंडस्ट्रियल अवशिष्ट के लिए सहायता एवं टेस्टिंग लैब को बढ़ावा देने के सुझाव प्रतिनिधियों के द्वारा दिए गए। औघोगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने दोहरे कराधान को समाप्त करने, भूखंड हस्तानांतरण नीति को सरल किए जाने, महिला उद्मियों द्वारा संचालित व्यवसायों को अधोसंरचना प्रदान करने, बड़े शहरों के साथ सभी जिलों में एमएसएमई के लिए नए औदयोगिक क्षेत्र विकसित करने, प्रोत्साहन नीति में डाइ मोल्ड एंड फिक्चर क्षेत्र को शामिल करने, बड़े शहरों में बहुमंजिला औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण तथा वर्तमान उद्योगों की उत्पादन लागत कम करने गुणवत्ता बढ़ाने नवीन तकनीक एवं के प्रयोग एवं आधुनिकीकरण पर अतिरिक्त अनुदान प्रदान करने जैसे सुझाव दिए। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती गोविंदपुरा इंडस्ड्री, एसोसियेशन फिक्की, दलित इण्डियन चेम्बर ऑफ कामर्स (डिक्की), सी.आई.आई., एमडी सुव्रत इण्डस्ट्रीयल सिस्टम, पीएचडीसीसीआई एसोचेम, मण्डीदीप इण्ड, एसोसियेशन, एसोसिएशन ऑफ इण्डस्ट्रीज इन्दौर, अवंतिका उद्योग संघ उज्जैन, एमआईएमपी उज्जैन, मावे जबलपुर एवं बगरोदा औद्योगिक संघ भोपाल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

आज प्रदेश में धूप से तापमान में हल्की बढ़ोतरी, कल इन जिलों में होगी जमकर बारिश

लखनऊ प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से ठंड का प्रभाव जारी है, लेकिन गुरुवार को दिन में धूप से तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। हालांकि, रात का मौसम ठंडा और कोहरे से ढका रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे ठंड में और वृद्धि हो सकती है। गुरुवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ठंड से लोग कांप गए। यहां का अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि शुक्रवार को घने कोहरे की संभावना है। शुक्रवार को अनुमान है कि अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। प्रदेश कई हिस्सों में मौसम का मिजाज शुष्क होगा, लेकिन घने कोहरे से विजिबिलिटी कम रहेगी। इन ज‍िलों में गरज चमक के साथ होगी बारिश आईएमडी के अनुसार उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार और शनिवार गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जिसमें चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर, और बरेली जैसे जिले शामिल हैं। कानपुर में पड़ी सबसे ज्यादा ठंडा प्रदेश में सबसे ज्यादा ठंड कानपुर में पड़ी। वहां का न्यूनतम तापमान सबसे कम 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। उसके बाद सोनभद्र में लोगों की ठंड से कंपकंपी छूट गई, क्योंकि वहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस था। बुलंदशहर में भी जमकर ठंड पड़ी, वहां 5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। बढ़ती ठंड के कारण मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को सलाह दी है कि वह अपना बचाव करें। अलाव जलाकर रखें, जिससे समय-समय पर खुद को गर्म रख सकें। मौसम विभाग ने कहा है कि शुक्रवार को आगरा में कोहरा या धुंध देखने को मिलेगी। दोपहर के बाद मौसम साफ होगा।  

जबलपुर में हुईं संसद की संचार और सूचना प्रौद्योगिकी स्थायी समिति की बैठकें

मध्यप्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर है राज्यसभा की सूचना और संचार प्रौद्योगिकी की स्थायी समिति भोपाल राज्यसभा के सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) प्रबंधन पर संसदीय स्थायी समिति की बैठकें गुरुवार को जबलपुर में हुईं। बैठकों की अध्यक्षता समिति के चेयरमेन राज्यसभा सांसद श्री निरंजन बिशी ने की। बैठकों में राज्यसभा सांसद श्री गुलाम अली समेत समिति के सदस्य सम्मिलित हुए। इन बैठकों में तकनीकी प्रगति के माध्यम से सार्वजनिक सेवाओं को सशक्त बनाने तथा नागरिकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर विशेष बल दिया गया। समिति के सदस्यों का दल 9 जनवरी से 11 जनवरी तक मध्यप्रदेश के जबलपुर और कटनी के दौरे पर रहेगा। समिति की पहली बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), राज्य सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और स्थानीय प्राधिकरणों प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई। बैठक में मध्यप्रदेश में सार्वजनिक सेवाओं के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग और इसके संबंध में सार्वजनिक संस्थानों द्वारा उठाए गए कदमों पर विचार-विमर्श किया गया। स्थायी समिति की दूसरी बैठक में एम.पी. राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम, पुलिस अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन तथा कॉमन सर्विस सेंटर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यहाँ साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल एवं नागरिकों के डेटा की सुरक्षा के लिए साइबर कानूनों के प्रवर्तन पर चर्चा की गई। तीसरी बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (भारतीय स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक) और डाक विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक में वित्तीय संस्थानों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय तथा नागरिकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ। साइबर सुरक्षा को लेकर आयोजित बैठक में पुलिस अधिकारी व संबंधित विषय से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। राज्यसभा की सूचना और संचार प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति की बैठकों में प्रदेश के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, संभागायुक्त श्री अभय वर्मा, डीआईजी श्री अतुल सिंह, कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय, नगर निगम कमिश्नबर श्रीमती प्रीति यादव और अपर कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।  

‘मैं भी बाघ’ और ‘हम हैं बदलाव’ थीम पर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान-जू में अनुभूति कार्यक्रम

भोपाल वन विभाग द्वारा अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली विद्यार्थियों को वन, वन्य-प्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण के बारे में जानकारी दी गयी। मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड के समन्वय से “मैं भी बाघ’’ और “हम हैं बदलाव’’ थीम पर प्रशिक्षण-सह-जागरूकता शिविर 9 जनवरी को आयोजित किया गया। शिविर में शासकीय राजीव गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, माचना कॉलोनी भोपाल के 108 छात्र-छात्राओं एवं 7 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। अनुभूति कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर के रूप में श्री ए.के. खरे, सेवानिवृत उप वन संरक्षक के साथ-साथ वन विहार के बायोलॉजिस्ट श्री विजय नंदवंशी भी उपस्थित रहे। इस दौरान संचालक वन विहार श्री मीना अवधेशकुमार शिवकुमार, सहायक संचालक वन विहार श्री एस.के. सिन्हा एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे। शिविर में सम्मिलित हुए प्रत्येक बच्चे को अनुभूति बुक, अनुभूति बैग, कैप, वन विहार के ब्रोशर के साथ-साथ जलीय पक्षी, स्थलीय पक्षी, तितली प्रजाति, गिद्ध कुंजी के ब्रोशर भी प्रदान किये गये। विद्यार्थियों को मास्टर ट्रेनर एवं नवीन प्रेरकों द्वारा पक्षी दर्शन, वन्यप्राणी दर्शन, प्रकृति पथ भ्रमण, स्थल पर विद्यमान वानिकी गतिविधियों एवं फूड चैन की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही प्रतिभागियों ने फूड वेब, फूड चेन सम्बंधित खेल, खेलकर जानकारी प्राप्त की। वन, वन्यप्राणी व पर्यावरण से संबंधित रोचक गतिविधियों कराई गई। उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया। छात्र/छात्राओं को वन्यप्राणियों को कैसे रेस्क्यू किया जाता है, इस संबंध में वन विहार में उपलब्ध रेस्क्यू वाहन के माध्यम से रेस्क्सू टीम द्वारा अवगत कराया गया। समापन अवसर पर संचालक वन विहार श्री मीना अवधेशकुमार शिवकुमार द्वारा शिविर में सम्मिलित प्रतिभागियों को शपथ दिलाई गई एवं पुरस्कार तथा प्रमाण पत्र प्रदान किये गये। अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी शिविर 14 जनवरी को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में आयोजित किया जायेगा।  

पंजाब सिंध बैंक और रेस्टोरेंट में देर रात लगी आग, एटीएम सहित कई सामान जला

कटनी कटनी के रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र के बरगवां स्थित मुख्य मार्ग पर पंजाब सिंध बैंक और उसके बगल में संचालित रेस्टोरेंट में देर रात आग भड़क उठी। नगर निगम की फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मशक्कत के बाद 4 घंटे में आग पर काबू पाया। आग में कितना नुकसान हुआ है, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं लग सकती है लेकिन बिल्डिंग का एक हिस्सा आग में जलकर खाक हो गया। जानकारी के अनुसार रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र के मुख्य मार्ग में पंजाब सिंध बैंक और उसका एटीएम संचालित है। अचानक से धुंआ उठने लगा उसके ही बगल में अलीबा रेस्टोरेंट का संचालन एक ही भवन में हो रहा था। 12 बजे रेस्टोरेंट के कर्मचारी काम बंद करके चले गए। कुछ लोग बगल के कमरे में आराम कर रहे थे। अचानक से बिल्डिंग से धुंआ उठने लगा इसके बाद रेस्टोरेंट के कर्मचारी बाहर निकले और थोड़ी भी देर में देखते-देखते आग ने पूरी बिल्डिंग को कब्जे में ले लिया। एटीएम जलकर खाक हो गया आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थी जिसकी सूचना पुलिस और पुलिस को दी गई। नगर निगम की फायर ब्रिगेड ने चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बैंक के अंदर तक आग नहीं पहुंची है लेकिन एटीएम जलकर खाक हो गया। रेस्टोरेंट का एक हिस्सा भी जल गया वहीं रेस्टोरेंट का एक हिस्सा आग में जल गया। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है। फिलहाल भवन को खोलने के बाद जानकारी लग पाएगी की अंदर क्या नुकसान हुआ है।

आर्ट ऑफ लिविंग अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में चार दिवसीय मध्यप्रदेश महोत्सव का भव्य शुभारंभ

भोपाल आर्ट ऑफ लिविंग अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, बेंगलुरु में मध्यप्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित गए चार दिवसीय मध्यप्रदेश महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव का उद्देश्य मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, संगीत और कलात्मक धरोहर को बढ़ावा देना और इसे विश्व स्तर पर प्रस्तुत करना है। इस आयोजन में मध्यप्रदेश के कई कलाकार हिस्सा ले रहे हैं, जो प्रदेश की अनूठी सांस्कृतिक और लोक परंपराओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान लोक संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां भी लोगो को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। गुरुवार शाम सुप्रसिद्ध उदय भानवलकर द्वारा सुरमई ध्रुपद संगीत सुनाया गया एवं जाने-माने किरण बामनेरे और आमिर खान द्वारा आकर्षक वायलिन-सरोद की जुगलबंदी प्रस्तुत की गई। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की अपर प्रबन्ध संचालक बिदिशा मुखर्जी ने इस मौके पर कहा “आर्ट ऑफ लिविंग दुनिया की प्रमुख और अग्रणी आध्यात्मिक संगठनों में से एक है, जो भारत और विदेशों से साधकों और अनुयायियों को एक साथ लाता है। यह मंच निस्संदेह मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने का सबसे बेहतरीन अवसर है। यहाँ पर्यटन विभाग द्वारा भिन्न-भिन्न प्रदर्शनियाँ लगायी गई है। जिसमें प्रचार-प्रसार, फ़िल्म, निवेश, ग्रामीण पर्यटन के साथ मृगनयनी एंपोरियम एवं अन्य क्राफ्ट भी प्रदर्शित किए जा रहे है। प्रदेश के छह रीजन के खाने की स्टाल भी लगाये गये है। जो हर दिन अलग-अलग व्यंजन परोसेंगे” मध्यप्रदेश महोत्सव में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार की गई कला कृतियों और चंदेरी की साड़ियों ने भी अपनी छाप छोड़ रही है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में निवेश और फ़िल्म निर्माण के अवसरों पर भी पर्यटकों को जानकारी दी जा रही है। इसके साथ गोंड और भील चित्रकला, ज़री-जरदोज़ी, और चंदेरी सिल्क जैसी मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध हस्तशिल्प और वस्त्रों की प्रदर्शनी ने दर्शकों का ध्यान खींच रहे है। महोत्सव में पारंपरिक व्यंजनों का भी लोगो द्वारा लुत्फ उठाया जा रहा है। जिसमे इंद्रहार, मावा बाटी, भुट्टे की कीस और रागी बालूशाही जैसे लज़ीज़ व्यंजन उपलब्ध है। महोत्सव के माध्यम से आर्ट ऑफ लिविंग और मध्यप्रदेश संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने एक मंच पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया है। यह आयोजन मध्यप्रदेश की समृद्ध परंपरा और कला को संजोने और आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहा है। महोत्सव 12 जनवरी तक चलेगा, जिसमें कई हज़ार दर्शकों और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। प्रतिभागी इस दौरान ध्यान, ज्ञान और गुरुदेव श्री श्री रविशंकर की उपस्थिति का अनुभव भी करेंगे।  

डीमैट खातों की संख्या पहुंची 185 मिलियन के पार

नई दिल्ली. बीते वर्ष 2024 में देश में डीमैट खातों की संख्या में जबरदस्त उछाल दर्ज हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस एक वर्ष की अवधि में डीमैट खातों की संख्या में करीब 46 मिलियन की वृद्धि हुई, जो प्रति माह औसतन 3.8 मिलियन खातों की वृद्धि को दर्शाता है। एनएसडीएल और सीडीएसएल के अनुसार, इससे पिछले वर्ष 2023 की तुलना में नए डीमैट खातों में 33 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जिससे अब कुल डीमैट खातों की संख्या 185.3 मिलियन हो गई है। कोरोना काल के बाद से ही भारत में डीमैट खातों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। डीमैट खातों की संख्या में उछाल की वजह खाता खोलने की आसान प्रक्रिया, स्मार्टफोन का बढ़ता इस्तेमाल और अनुकूल मार्केट रिटर्न जैसे कारकों को माना जा रहा है। 2019 में 39.3 मिलियन से पिछले पांच वर्षों में डीमैट खातों की संख्या चार गुना से अधिक हो गई है। 2024 के पहले नौ महीनों में सेकेंडरी मार्केट में लाभ और रिकॉर्ड आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के बीच 36 मिलियन डीमैट खाते जोड़े गए। 2021 से औसतन हर साल 3 करोड़ नए डीमैट खाते खोले गए हैं। एसबीआई रिसर्च के अनुसार, “भारत में 2021 से हर साल कम से कम 3 करोड़ नए डीमैट खाते खोले जा रहे हैं और लगभग हर चार में से एक अब महिला निवेशक है, जो बचत के वित्तीयकरण के चैनल के रूप में पूंजी बाजार का इस्तेमाल करने के बढ़ते प्रचलन को दर्शाता है।” इसके अलावा, पिछले 10 वर्षों में डीमैट खातों की संख्या में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। देश में अगस्त 2024 तक 17.10 करोड़ से अधिक डीमैट खाते खोले जा चुके थे। जबकि वित्त वर्ष 2014 में डीमैट खातों की यह संख्या 2.3 करोड़ थी। इस अवधि के दौरान डीमैट खातों की संख्या में 650 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

प्रतीका रावल ने कहा – मनोविज्ञान की छात्रा होने से क्रिकेट में काफी मदद मिली

नयी दिल्ली. भारत की युवा क्रिकेटर प्रतीका रावल ने कहा कि मनोविज्ञान की छात्रा होने से उन्हें सीनियर महिला टीम में अपनी जगह पक्की करने में मदद मिली क्योंकि उन्हें मानसिक पहलू के महत्व के बारे में पता था। प्रतीका ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल ही में हुई महिला वनडे श्रृंखला में शानदार पदार्पण करके स्मृति मंधाना के साथ पारी की शुरूआत के लिये अपना दावा पक्का किया है। प्रतीका ने पहले दो मैचों में 40 और 76 रन बनाये। चौबीस वर्ष की प्रतीका ने कहा कि मनोविज्ञान में उनकी गहरी रूचि और क्रिकेट के लिये प्यार ने भारतीय टीम तक उनका सफर आसान किया। उन्होंने बीसीसीआई द्वारा ‘एक्स’ पर साझा किये गए वीडियो ‘प्रतीका रावल : मनोविज्ञान का क्रिकेट से मिलन’ में कहा, ‘‘मैं इंसानी दिमाग के बारे में पढना चाहती थी। जब मैने पढना शुरू किया तो मैं जानना चाहती थी कि हम मैदान पर और उससे बाहर हालात का सामना कैसे करते हैं। इससे मुझे क्रिकेट में भी काफी मदद मिली।’’ दिल्ली की इस क्रिकेटर ने कहा, ‘‘जब मैं मैच से पहले मैदान पर होती हूं तो खुद से काफी सकारात्मक बातें करती हूं। मैं अभी क्या करना चाहती हूं और भविष्य में क्या करूंगी। बल्लेबाजी के दौरान भी मैं खुद से कहती हूं कि तुम बेस्ट हो और यह कर सकती हो।’’ आयरलैंड के खिलाफ आगामी वनडे श्रृंखला के लिये टीम में जगह बरकरार रखने वाली रावल ने कहा, ‘‘मैं मॉडर्न स्कूल बाराखम्बा में पढती थी। मेरे परिवार का जोर शिक्षा पर हमेशा रहा हालांकि क्रिकेट के लिये अपने प्यार और जुनून से मुझे इनकार नहीं है। मैं हमेशा से क्रिकेट ही खेलना चाहती थी। ’’

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