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सरपंच ने 500 रुपये के स्टांप पर ठेकेदार को दे दिया अपना पद, हुआ एक्शन?

नीमच नीमच से अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां ग्राम पंचायत दांता की सरपंच कैलाशी बाई कच्छावा को पद से हटा दिया गया है. कुछ दिन पहले उन्होंने 500 रुपये के स्टाम्प पर ठेकेदार सुरेश गरासिया को पंचायत के सभी कार्य सौंपने का अनुबंध किया था. तभी से यह मामला सुर्खियों में बना हुआ था. जांच में अनुबंध पत्र की फोटोकॉपी सामने आई, जिसमें लिखा गया था कि कैलाशी बाई पंचायत का काम करने में असमर्थ हैं. इसलिए उन्होंने सुरेश गरासिया को अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है. अनुबंध में यह भी उल्लेख है कि मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, वाटरशेड सहित सभी सरकारी योजनाओं के कार्य अब सुरेश ही देखेंगे. सरपंच ने यह भी लिखा कि जब तक वह पद पर रहेंगी, तब तक सुरेश ही सभी कार्य करेंगे. किसी भी स्थिति में वह इसमें हस्तक्षेप नहीं करेंगी. 6 फरवरी को नोटिस जारी किया गया इस मामले में जिला पंचायत ने 6 फरवरी को कैलाशी बाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. 8 फरवरी को उन्होंने लिखित जवाब में कहा कि ऐसा कोई अनुबंध उन्होंने नहीं किया, वायरल हो रहा अनुबंध फर्जी है और उनके हस्ताक्षर भी नकली हैं. ग्राम पंचायत सचिव जीवन लाल पाटीदार को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. उन्होंने 8 फरवरी 2025 को जवाब दिया कि उन्हें इस अनुबंध की कोई जानकारी नहीं है. पंचायत के सभी कार्य कैलाशी बाई ही देख रही थीं. स्टाम्प से हुई पुष्टि जांच में उप पंजीयक रामपुरा से अनुबंध के रजिस्ट्रेशन की जानकारी मांगी गई. 10 फरवरी को उपपंजीयक ने बताया कि यह अनुबंध उनके कार्यालय में पंजीकृत नहीं हुआ. अनुबंध पत्र में गवाह बने सदाराम और मन्नालाल को भी बयान के लिए बुलाया गया. दोनों ने कहा कि अनुबंध के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. अनुबंध पर उनके हस्ताक्षर भी फर्जी हैं. स्टाम्प वेंडर से जानकारी ली गई. स्टाम्प खरीदने की रसीद में कैलाशी बाई का नाम दर्ज था. इससे पुष्टि हुई कि अनुबंध में इस्तेमाल स्टाम्प उन्होंने ही खरीदा था. सरपंच पद से हटाया गया जांच में पाया गया कि कैलाशीबाई ने अपने अधिकार ठेकेदार को सौंप दिए, जो पंचायती राज व्यवस्था के खिलाफ हैं. इसे जनहित के विरुद्ध मानते हुए उन्हें मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत सरपंच पद से हटा दिया गया है.

आज बेटे दाम्पत्य जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे, आप उन्हें आशीर्वाद दे : शिवराज सिंह चौहान

रायसेन  पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटों की शादी की रस्में रायसेन के जैत में शुरू हो चुकी हैं। जैत में प्रीति भोज का आयोजन हुआ। इस दौरान नर्मदा मैया के पूजन, और सुहाग की रस्में हुई। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरा मन आनंद और प्रसन्नता से भरा हुआ है। बुधनी विधानसभा क्षेत्र और विदिशा रायसेन संसदीय क्षेत्र की जनता ने जितना प्रेम मुझे दिया। उतना ही मेरी धर्मपत्नी साधना सिंह और मेरे दोनों बेटे कार्तिकेय और कुणाल चौहान को भी दिया है। आज जब दोनों बेटे दाम्पत्य जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे हैं। आप उन्हें आशीर्वाद देने प्रीतिभोज समारोह में पधारे और हमेशा की तरह आज भी आप सभी ने स्नेह की वर्षा की। दोनों की जिंदगी की हो रही नई शुरुआत उन्होंने कहा कि आज जब दोनों बेटे जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे हैं, तो आप उन्हें आशीर्वाद देने प्रीतिभोज समारोह में पधारे और हमेशा की तरह आज भी आप सबने स्नेह की वर्षा की। उन्होंने लिखा कि मेरा और आपका रिश्ता अटूट है । इस अवसर पर हमारे दोनों समधी अनुपम बंसल और संदीप जैन जी ने उपस्थित होकर हमारा मान बढ़ाया। आप सब परिवारजन दोनों बच्चों को आशीर्वाद देने जैत पधारे, इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत आभार! गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहन के छोटे बेटे कुणाल की शादी 16 फरवरी को है। उनकी शादी भोपाल के रहने वाले संदीप जैन की बेटी ऋद्धि के साथ हो रही है। 16 फरवरी को भोपाल में शादी है। इससे पहले परिवार में समारोह चल रहा है। 12 मार्च को बड़े बेटे कार्तिकेय के लिए भोपाल में प्रीतिभोज का आयोजन किया गया है। मेरा और आपका रिश्ता अटूट है- शिवराज सिंह चौहान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस अवसर पर हमारे दोनों समधी अनुपम बंसल और संदीप जैन ने उपस्थित होकर हमारा मान सम्मान बढ़ाया। आप सब परिवारजन दोनों बच्चों को आशीर्वाद देने जैत पधारे। इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत आभार। मेरे घर बंगले के दरवाजे जनसेवा के लिए हमेशा खुले हैं। इस पावन अवसर पर नरेंद्र सिंह चौहान मास्टर, सुरजीत सिंह चौहान, महेश पटेल, अरविंद चौहान, रोहित चौहान,लक्ष्मण पटेल एडवोकेट,पूर्व जिपं अध्यक्ष भंवर लाल पटेल रायसेन मिट्ठू लाल धाकड़ लखपत सिंह धाकड़ सहित किरार पटेल धाकड़ चौहान समाजजन आदि विशेष रूप से शामिल हुए।

महाकाल मंदिर में लड्डू प्रसाद की कमी के कारण भक्तों को परेशानी, कच्चे माल की कमी के कारण प्रसाद का उत्पादन प्रभावित

 उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में पिछले कुछ दिनों से लड्डू प्रसाद का टोटा बना हुआ है। दिन में कई बार काउंटरों पर प्रसाद उपलब्ध नहीं रहता है। चिंतामन स्थित यूनिट से गाड़ी आने के बाद व्यवस्था सुचारु हो पाती है। बताया जाता है कि कच्चे माल की आपूर्ति नहीं होने से समय पर लड्डू प्रसाद बन नहीं पा रहा है। अब 12 फरवरी को नए टेंडर होने के बाद सप्लाय व्यवस्था सामान्य होगी। महाकाल मंदिर में परिसर तथा महाकाल महालोक के काउंटरों से लड्डू प्रसाद विक्रय किया जाता है। देशभर से महाकाल दर्शन करने आने वाले दर्शनार्थी बड़े ही श्रद्धाभाव से लड्डू प्रसाद खरीदकर अपने साथ घर ले जाते हैं। महाकाल का लड्डू प्रसाद इतना शुद्ध व स्वादिष्ट है कि देशभर में इसकी बड़ी मांग है। काउंटरों पर किल्लत शुरू हालांकि समय-समय पर मंदिर प्रशासन की खामियों के कारण मांग के अनुरूप पूर्ति नहीं हो पाती है। बीते कुछ दिनों से कच्चे माल की कमी के कारण समय पर पर्याप्त मात्रा में लड्डू प्रसाद नहीं बन पा रहा है। इसका असर काउंटरों पर किल्लत के रूप में नजर आता है। काउंटर बंद नहीं करना पड़े इसलिए चिंतामन यूनिट से थोड़ा थोड़ा प्रसाद बनाकर आपूर्ति की जा रही है। टेंडर की ओर ध्यान नहीं दिया बता दें कि मंदिर में बीते एक वर्ष में लगातार प्रशासक बदले जाते रहे। प्रभारी प्रशासक बनकर आए अधिकारियों ने टेंडर की ओर ध्यान नहीं दिया। स्टोर विभाग व लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई प्रभारी के बीच में भी तालमेल की कमी टेंडर प्रक्रिया में देरी का कारण मानी जा रही है। काफी मशक्कत के बाद मंगलवार को टेंडर होंगे। इसके बाद जिस फर्म को ठेका मिलेगा वह सप्लाय की शुरुआत करेगा। इसके बाद पर्याप्त मात्रा में प्रसाद बनेगा। अगर यही स्थित रही तो इस बार महाशिवरात्रि पर प्रसाद की कमी सामने आने वाली है। 40 से 50 क्विंटल लड्डू रोज बनता है यूनिट में चिंतामन स्थित लड्डू प्रसाद युनिट में प्रतिदिन 40 से 50 क्विंटल लड्डू प्रसाद रोज बनाया जाता है। काउंटरों से इतना प्रसाद बिक जाता है। लेकिन इन दिनों कच्चामाल उपलब्ध नहीं होने से पर्याप्त मात्रा में लड्डू प्रसाद नहीं बन पा रहा है। टेंडर के बाद व्यवस्था ठीक होगी     समय पर पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध नहीं होने से पूर्ण क्षमता के साथ लड्डू प्रसाद नहीं बन पा रहा है। 12 फरवरी को टेंडर होने के बाद व्यवस्था ठीक हो जाएगी। महाशिवरात्रि पर किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहेगी। महापर्व पर भक्तों को पर्याप्त मात्रा में लड्डू प्रसाद मिलेगा। – अशोक लांडगे, प्रभारी लड्डू प्रसाद यूनिट प्रभारी  

MP में प्राइवेट स्कूलों की मान्यता की डेट समाप्त, स्कूल बंद होंगे तो आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों पर संकट आएगा

भोपाल मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य शिक्षा केंद्र के नए नियमों के कारण हजारों निजी स्कूलों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। निजी स्कूल संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह का कहना है कि विभाग की कठोर शर्तों और प्रशासनिक लापरवाही के चलते कई विद्यालयों होंगे बंद। वजह, शासन ने मान्यता नियम के लिए रजिस्टर्ड किरायानामा की शर्त रखी है, जो स्कूल संचालक पूरी नहीं करना चाह रहे। भोपाल में 1400 स्कूलों में से 232 स्कूलों ने मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है। वहीं राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं। अगर यह हालात रहे तो 18,000 निजी स्कूल बंद हो सकते हैं, जिससे लाखों बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी, खासकर उन छात्रों की जिनका नाम कम शुल्क वाले विद्यालयों में है। अजीत सिंह के अनुसार, जिन स्कूलों ने आवेदन किया है, उनमें भी कई स्कूलों के पास दस्तावेज़ पूरे नहीं हैं या वे नए नियमों का पालन नहीं कर पा रहे हैं। इस मुद्दे पर सरकार और विभाग की चुप्पी बनी हुई है।

सौरभ शर्मा, चेतन और शरद की मुसीबतें और बढ़ने वाली, प्रोडक्शन वारंट पर ईडी को कोर्ट से रिमांड संभव

भोपाल  काली कमाई के आरोप में जेल में बंद मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, उसके करीबी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल की मुसीबतें और बढ़ने वाली हैं। लोकायुक्त पुलिस के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहता है। ईडी ने इसके लिए सोमवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष न्यायालय में आवेदन किया है। मामले में न्यायालय मंगलवार को सुनवाई करेगा। सुनवाई के दौरान जेल अभिरक्षा से सौरभ, चेतन और शरद को भी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।     प्रोडक्शन वारंट पर ईडी को कोर्ट से रिमांड मिलती है।     इसके बाद तीनों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जाएगी।     बता दें कि इसके पहले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष न्यायालय से अनुमति लेकर ईडी ने जेल में तीनों से पूछताछ की थी।     तीनों से अलग-अलग लगभग छह-छह घंटे पूछताछ की गई।     चेतन और शरद के अतिरिक्त खुद सौरभ से उसकी अघोषित संपत्तियों के बारे में पूछताछ की गई।     बताया जा रहा है कि तीनों ने रटा-रटाया जवाब ही दिया है। सबसे बड़ा प्रश्न लोकायुक्त छापे के अगले दिन में कार में मिला 54 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये नकदी को लेकर था।     पूछताछ में तीनों ने साफ कह दिया कि सोना और नकदी उनकी नहीं है।     बता दें कि यह सोना चेतन सिंह गौर की कार में मिला था।     चेतन ने सभी जांच एजेंसियों से पूछताछ में कहा है कि कार का उपयोग सौरभ और उसके कार्यालय के कर्मचारी कर रहे थे।     ईडी की पूछताछ पूरी होने के बाद आयकर विभाग भी कोर्ट से अनुमति लेकर इनसे पूछताछ करेगा।  

महाकुंभ में प्रदेश से जा रहे श्रद्धालुओं को सुगम यातायात, रहने और भोजन सहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रयागराज महाकुंभ में मध्यप्रदेश से जा रहे श्रद्धालुओं को सुगम यातायात, रहने और भोजन सहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने (मुख्यमंत्री निवास) समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा संभाग अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रबंधों की जिलावार जानकारी भी ली। उन्होंने निर्देश दिए की महाकुंभ की अवधि तक आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखी जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देह दान करने वाले व्यक्तियों का राजकीय सम्मान करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं का पूरा ध्यान रखने के संबंध में रीवा, सीधी, मैहर, सतना, मऊगंज जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से चर्चा कर आवश्यक प्रबंध रखने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी रीवा से चर्चा में शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित थे। आपदा प्रबंधन अच्छा हुआ है, माघ पूर्णिमा पर भी अच्छे रहें प्रबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा है। इस दिन गंगा जी में स्नान और दान पुण्य के कार्य शुभ माने गए हैं, श्रद्धालु बड़ी संख्या में प्रयागराज जाना चाहेंगे। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले के प्रशासनिक अमले ने कुशलतापूर्वक आपदा प्रबंधन कार्य किया है। आने वाले दिनों में भी ऐसी व्यवस्थाएं बनाई रखी जाएं। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का पूरा सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दूरदर्शिता के लिए जनप्रतिनिधियों ने दिया धन्यवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनवरी के अंतिम सप्ताह में रीवा संभाग के जिलों में महाकुंभ के लिए जा रहे यात्रियों को सुविधाएं देने के निर्देश दिए गए थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में रीवा संभाग के जन-प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता और कार्यशैली की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि 29 जनवरी को प्रयागराज में तीर्थयात्रियों की संख्या पहली बार बढ़ने पर उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में रैन बसेरे सहित भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य की देखभाल का कार्य अच्छी तरह संपन्न हुआ। इन व्यवस्थाओं से आपदा की स्थिति नहीं बनी। वाहनों को होल्ड पर रखने और क्रमश: रवाना करने की व्यवस्था रीवा संभाग सहित जबलपुर संभाग के जिलों में भी की गई।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश     प्रयागराज महाकुंभ में जा रहे यात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।     चित्रकूट में भी यात्रियों के रहने और भोजन की व्यवस्था की जाए।     मैहर एवं स्थानीय धार्मिक महत्व के स्थानों पर भी आवश्यक प्रबंध के लिए सामाजिक संस्थाओं से सहयोग प्राप्त किया जाए।     अधिक संख्या में जा रहे श्रद्धालुओं की स्थिति को देखते हुए समाधान निकालें। आवश्यक हो तो     कंट्रोल रूम बनाएं। इस कार्य में ढिलाई ना बरती जाए।     यात्रियों के लिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ भी उपलब्ध रहे।     पूर्व में किए गए प्रबंध संतोषजनक हैं। आगे भी ऐसे ही प्रबंध प्रयागराज महाकुंभ के पूर्ण होने तक जारी रहें।  

केरल में युवक ने 500 करोड़ रुपये का पोंजी स्कैम चलाया, 40,000 लोग इस धोखाधड़ी का शिकार बने

तिरुवनंतपुरम केरल में हजारों परिवारों को एक शानदार ऑफर का लालच दिया गया। स्कूटर, लैपटॉप, और घर के सामान आधे दामों पर मिलने का वादा किया गया। यह योजना बड़ी कंपनियों के CSR यानी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत चलाए जाने का दावा किया गया। कहा गया कि यह महिलाओं को सशक्त बनाने और कम आय वाले परिवारों की मदद के लिए है। महिलाओं को 1.2 लाख रुपये का स्कूटर सिर्फ 60,000 रुपये में मिलने का लालच दिया गया। लोग इस 50% डिस्काउंट की स्कीम का शिकार हुए और करोड़ों गंवा दिए। पुलिस ने बताया कि इस लुभावने ऑफर के पीछे इडुक्की जिले के कुडायथूर के 28 साल के अनंतु कृष्णन है। वह खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताता था, लेकिन असल में वही इस धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड था। पोंजी स्कीम फ्रॉड पुलिस के मुताबिक, यह योजना एक पोंजी स्कीम थी। पोंजी स्कीम एक तरह का फ्रॉड होता है जिसमें नए निवेशकों से मिले पैसों से पुराने निवेशकों को रिटर्न दिया जाता है। यह तब तक चलता रहता है जब तक पूरा सिस्टम धड़ाम से गिर नहीं जाता। 500 करोड़ की धोखाधड़ी का संदेह 30 जनवरी को अनंतु को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इस धोखाधड़ी से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज कर दिया। ताकि पैसों का लेन-देन रुक जाए। मामले की पूरी जांच के लिए SIT यानी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई। तब तक इस जाल में 30,000 से 40,000 लोग फंस चुके थे। कई लोगों ने तो कर्ज लेकर निवेश किया था। 3,000 से ज्यादा लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है। जांच में पता चला है कि कुल 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। सिर्फ 34 FIR में ही 37 करोड़ रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। जी रहा था ऐश की जिंदगी जांचकर्ताओं के अनुसार, अनंतु ठगे हुए पैसों से ऐश की जिंदगी जी रहा था। उसने कोच्चि के मरीन ड्राइव में महंगे अपार्टमेंट किराए पर लिए थे। अपनी शानो-शौकत पर खूब पैसा खर्च करता था। इडुक्की और कोट्टायम में कम से कम पांच जगहों पर उसने प्रॉपर्टी में निवेश किया था। अनंतु ने बड़ी चालाकी से अपनी एक विश्वसनीय छवि बनाई थी। वह अंग्रेजी में फर्राटेदार बात करता था और सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहता था। अपनी स्कीम को असली दिखाने के लिए वह मशहूर हस्तियों, नेताओं और सरकारी अधिकारियों के साथ तस्वीरें खिंचवाता था। वीमेन ऑन व्हील प्रोजेक्ट के बहाने किया फ्रॉड वह कहता था कि बड़ी कंपनियां CSR के तहत इस योजना को फंड कर रही हैं। इसे और भी असली दिखाने के लिए, उसने कुछ कंपनियों और NGO से CSR के लिए पैसे मांगे, लेकिन उसे कहीं से पैसे नहीं मिले। ‘वीमेन ऑन व्हील्स’ नाम का एक प्रोजेक्ट इस घोटाले की कामयाबी की चाबी बना। शुरुआती निवेशकों को स्कूटर दिए गए, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा और ज्यादा लोग निवेश करने के लिए आकर्षित हुए। जल्द ही, इस योजना का विस्तार हुआ और घर के सामान भी भारी छूट पर ऑफर किए जाने लगे। घोटाले में प्रभावशाली लोगों का हाथ! लेकिन जैसा कि हर पोंजी स्कीम के साथ होता है, आखिरकार पैसा खत्म हो गया और हजारों लोग ठगा गए। केरल के पुलिस प्रमुख को एक शिकायत मिलने के बाद पहली जांच शुरू हुई। पुलिस ने कहा कि जब पहली FIR दर्ज हुई, तब हमें घोटाले की गंभीरता का अंदाजा नहीं था। अनंतु का घोटाला सिर्फ अकेले का काम नहीं था। इसमें कई NGO और प्रभावशाली लोगों का हाथ था। कई संगठन अनजाने में बिचौलिए बन गए और निवेशकों से पैसा इकट्ठा करके अनंतु को भेजते रहे। यह घोटाला केरल की राजनीति में भी घुस गया, और कई पार्टियों के नेताओं पर आरोप लगने लगे। यह एक बड़ा और जटिल मामला है, जिसकी जांच अभी जारी है। देखना होगा कि आगे क्या होता है और कितने लोग इस घोटाले में शामिल पाए जाते हैं।

ब्रिटिश सरकार ने पूरे देश में अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान चलाया, 19 हजार प्रवासी बाहर

लंदन अमेरिका ने हाल ही में ब्राजील, भारत, मेक्सिको समेत कई देशों के अवैध प्रवासियों को बाहर निकाला है। अब बिना दस्तावेज के आए प्रवासियों और अपराधियों के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप जैसा ही ऐक्शन ब्रिटेन में भी शुरू हुआ है। ब्रिटेन में लेबर पार्टी के सत्ता में आने के बाद से करीब 19000 अवैध प्रवासियों और अपराधियों को देश से बाहर कर गया है। इन लोगों को डिपोर्ट करने का एक वीडियो भी ब्रिटिश सरकार की ओर से जारी किया गया है। पूरे देश में ही अवैध प्रवासियों के खिलाफ यह अभियान चलाया गया है। इसके लिए छापेमारी की गई है, जिसमें बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी पाए गए। इन लोगों को डिपोर्ट किया गया है। इस अभियान के तहत भारतीय रेस्तरां, नेल बार, स्टोर और कार वॉश में छापेमारी की गई है। इनमें बड़ी संख्या में अवैध प्रवासियों को काम पर रखे जाने की शिकायतें मिली थीं। ब्रिटिश होम मिनिस्टर वेटे कूपर ने कहा कि उनके विभाग ने जनवरी में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद से कुल 19000 लोगों को डिपोर्ट किया गया है। जनवरी महीने में ही 828 परिसरों पर रेड मारी गई है और 609 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बीते साल की जनवरी के मुकाबले यह 73 फीसदी ज्यादा नंबर था। 7 लोगों को तो अकेले हंबरसाइड स्थित भारतीय रेस्तरां में छापा मारकर अरेस्ट किया गया। इसके अलावा 4 को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा ब्रिटिश संसद में नया बिल भी पेश किया गया है। इस विधेयक में सीमा सुरक्षा, शरण और अवैध प्रवासियों को बाहर करने का प्रस्ताव रखा गया है। ब्रिटिश सांसदों का कहना है कि इस विधेयक को लाने से बड़ी संख्या में आपराधिक गैंगों को खत्म करने में मदद मिलेगी। पीएम कीर स्टारमर की सरकार का कहना है कि पूर्व की सरकारों ने सीमा सुरक्षा से समझौता किया था। अब इस पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। ब्रिटिश सरकार ने उन संस्थानों को भी फाइल लगाने का फैसला लिया है, जो अवैध प्रवासियों को नौकरी देंगे। ऐसे मामलों में प्रति व्यक्ति 60 हजार पाउंड का फाइन लगाने का फैसला लिया गया है। अब तक कुल 1000 नोटिस जारी किए गए हैं। बीते साल जुलाई में हुए आम चुनाव के बाद से ही अब तक 16,400 लोगों को बाहर किया जा चुका है।

2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जन शिक्षा और प्रौद्योगिकी में निवेश की जरूरत :नीति आयोग

नई दिल्ली वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए देश में विश्व स्तरीय शिक्षा की जरूरत होगी। नीति आयोग द्वारा गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पर आधारित एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट में कहा गया है, भारत को उच्च शिक्षण संस्थानों में मानव संसाधन मुहैया कराने जैसे अहम पक्षों पर ध्यान देनी की जरूरत है। खासकर तौर पर राज्यों और राज्य सरकारों द्वारा संचालित किए जा रहे विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों पर ध्यान देनी की जरूरत है। ऐसा इसलिए क्योंकि नई शिक्षा नीति (2020) के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 4.3 करोड़ से बढ़कर करीब नौ करोड़ हो जाएगी। इनमें से सात करोड़ छात्र राज्य व राज्य सरकारों द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों में पढ़ेंगे। मौजूदा समय देश के अंदर 495 राज्य विश्वविद्यालय है, जिनसे संबद्ध 46 हजार से अधिक शिक्षा संस्थान हैं। इसमें से सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के अंदर हैं। आयोग ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों को समझने, उनका नीतिगत समाधान और रणनीतिक हस्तक्षेप का पता लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों से फीडबैक लिया गया। इसके साथ ही, प्रमुख राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, वरिष्ठ शिक्षाविदों और राज्य उच्च शिक्षा परिषदों के प्रमुखों के साथ भी व्यापक विचार-विमर्श किया। सुधार के लिए दिए गए ये सुझाव शिक्षा में सुधार के लिए गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर शोध नीति को लाने की जरूरत है। स्थानीय स्तर आने वाली चुनौतियों को सुलझाने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का एक क्लस्टर बनाया जाना चाहिए। सेमेस्टर के स्तर पर शिक्षा गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाना चाहिए। छात्र बेहतर तरीके से सीख पाएं, इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाए। शिक्षा क्षेत्र में आ रहे बदलाव व नई जानकारी के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ समझौते किए जाएं, जिससे छात्र और शिक्षकों को अपडेट रहने में मदद मिल सके। राज्य स्तर पर एक ऐसी एजेंसी स्थापित की जाए जो राज्य विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए जरूरी फंड उपलब्ध करा सके। राज्य विश्वविद्यालय को शिक्षा और शोध के लिए करों से जुड़ी छूट प्रदान की जानी चाहिए। उन्हें पानी, बिजली समेत अन्य जनसुविधाओं की व्यावसायिक दरों की समय-समय पर समीक्षा की जानी चाहिए। राज्य विद्यालयों की बिल्डिंग, शोध व अन्य जनसुविधाओं को बेहतर करने के लिए सीएसआर फंड को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। राज्य स्तर पर उच्च शिक्षा के लिए 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए। पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करते हुए राज्य विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक स्वायत्तता को बढ़ावा दिया जाए। विश्वविद्यालय से जुड़ी मान्यता व अन्य प्रक्रिया को पारदर्शी व आसान बनाने के लिए बड़े बदलाव किए जाएं। राज्यों के उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाना चाहिए। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तेजी से पैदा हों, इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर से ही इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा दिया जाए। उद्यमशीलता और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाए। ऐसे छात्रों को बढ़ावा दिया जाए जो रोजगार पैदा करने के प्रति उत्साहित हैं। विश्वविद्यालय को ऐसे पाठयक्रमों को डिजाइन करना चाहिए, जो रोजगार के अवसर मुहैया करने में मदद करते हों। विश्वविद्यालय को शारीरिक शिक्षा, खेल और कल्याण कार्यक्रमों को एकीकृत करना चाहिए।

दिल्ली के मुख्यमंत्री के पद को लेकर महिला विधायक को भी मौका दिया जा सकता

नई दिल्ली  दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली प्रचंड जीत के बाद सीएम फेस को लेकर मंथन जारी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री को लेकर जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है उनमें प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, विजेंद्र गुप्ता और सतीश उपाध्याय जैसे नाम शामिल है। हालांकि इस बीच खबर यह भी आ रही है कि इस पद के लिए महिला विधायक को भी मौका दिया जा सकता है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज कर सत्ता की चाबी हासिल की है। भाजपा ने बिना मुख्यमंत्री के चेहरे के दिल्ली में चुनाव लड़ा था। ऐसे में अब चुनाव जीतने के बाद अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसको लेकर चर्चा जोरों पर हैं। इंडिया टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में अगला मुख्यमंत्री नवनिर्वाचित 48 विधायकों में से ही चुना जाएगा। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री पद के लिए महिला विधायक को मौका दिया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में डिप्टी सीएम भी बनाया जा सकता है और मंत्रिमंडल में भी दलितों और महिलाओं की भागीदारी का खास ध्यान रखा जा सकता है। बता दें, भाजपा की तरफ से इस बार 4 महिलाएं दिल्ली की विधायक बनी हैं। इनमें रेखा गुप्ता, शिखा राय, पूनम शर्मा और नीलम पहलवान के नाम शामिल हैं। रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग से , शिखा रॉय ने ग्रेटर कैलाश से, पूनम शर्मा ने वजीपुर और नीलम पहलवान ने नजफगढ़ विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुलाकात की थी जिसमें दिल्ली सरकार के स्वरूप को लेकर चर्चा हुई। भाजपा नेताओं के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले सप्ताह विदेश दौरे से लौटने के बाद भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है और उसके बाद शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।

मोहन सरकार के सीनियर मंत्री का X अकाउंट हैक, बना दिया कांग्रेस, अश्लील कमेंट किया पोस्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश से हैरान करने वाला मामला सामने आया है।यहां प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल का एक्स अकाउंट हैक हो गया है। हैकर्स ने कांग्रेस संबंधी आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की है। मंत्री ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है और जनता से सावधान रहने की अपील की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रहलाद पटेल ने लिखा है कि- दोस्तों, मेरा X (ट्विटर)अकाउंट हैक कर लिया गया है। इससे कुछ आपत्तिजनक कंटेंट भी हाल ही में पोस्ट किया गया था, जिससे मेरा कोई संबंध नहीं है. आप सभी से अनुरोध है कि मेरे ट्विटर (X) अकांउट से आने वाले किसी भी फोटो या वीडियो को क्लिक न करें. यह मेरी ओर से नहीं भेजा जा रहा है. साइबर सेल भोपाल में इसकी शिकायत कर दी गई है. असुविधा और परेशानी के लिए खेद है. कांग्रेस संबंधी आपत्तिजनक पोस्ट हैकर्स ने प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल(Prahlad Patel X Account Hacked) के एक्स अकाउंट को सोमवार रात हैक कर कांग्रेस के नाम का जिक्र कर पोस्ट कर दी। पोस्ट में लिखा कि ‘भारतीय कांग्रेस को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हम देश के भीतर ब्लॉकचेन तकनीक का लाभ उठाते हुए अपना आधिकारिक डिजिटल टोकन पेश करेंगे…’ हैकर्स ने इसके अलावा भी कई पोस्टें कीं। जानकारी लगते ही मंत्री पटेल ने संज्ञान लिया और भोपाल साइबर सेल में शिकायतदर्ज कराई। मंत्री प्रहलाद पटेल ने की अपील मंत्री प्रहलाद पटेल(Prahlad Patel X Account Hacked) ने फेसबुक सहित अन्य एक्स अकाउंट से बयान जारी किया कि उनके अकाउंट से आने वाले किसी भी पोस्ट को सही न मानें। यह भी लिखा कि एक्स अकाउंट से कुछ आपत्तिजनक कंटेंट हाल ही में पोस्ट किया गया था, जिससे मेरा कोई संबंध नहीं है।

इस बार किसानों के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य होगा 2600 रूपए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हमारी सरकार का संकल्प है हर हाथ को काम, हर खेत को पानी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाज में मां बहन और बेटियों का सर्वोच्च स्थान हमारा काम है हर व्यक्ति की जिंदगी बेहतर बनाना प्रयागराज जाने वाला मध्यप्रदेश का कोई भी तीर्थ यात्री भूखा प्यासा नहीं रहेगा अंग दान, देह दान करने वालों का दिया जाएगा गार्ड ऑफ ऑनर इस बार किसानों के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य होगा 2600 रूपए मुख्यमंत्री ने पीपलरावां, देवास में किया विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों के खाते में अंतरित किए 1553 करोड़ रूपए जल कलश यात्रा का किया समापन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को देवास के सोनकच्छ के ग्राम पीपलरांवा से एक करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खाते में 1553 करोड़ रूपए, 56 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खाते में 337 करोड़ रूपए और 81 लाख किसानों के खाते में 1624 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित किये। उन्होंने कार्यक्रम में 144.84 करोड़ रूपये लागत के 53 कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रंजीत सागर परियोजना से आस-पास के गांवों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। क्षेत्र में हरियाली छायेगी और किसान समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि कि पारस पत्थर से लोहा भी सोना बन जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर खेत को पानी और बिजली की सुविधा मिले तो किसान समृद्धशाली होंगे और फसलरूपी सोना जरूर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी और बिजली उपलब्ध करा रही है। हमारे पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई ने 20 वर्ष पहले जो नदी जोड़ो का सपना देखा था आज वह प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरा हो रहा है। प्रधानमंत्री ने हमें केन-बेतवा लिंक योजना के लिए 1 लाख करोड रुपए दिए हैं। इस योजना से पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। एक अन्य 70 हजार करोड रुपए की पार्वती-कालीसिंध-चंबल योजना पर भी कार्य शुरू हुआ है। प्रदेश के प्रत्येक के गांव, एक-एक खेत तक पानी पहुंचाया जाएगा। इस बार किसानों के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य होगा 2600 रूपए होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य हर हाथ को काम और हर खेत को पानी देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं एवं महिलाओं की बेहतरी के लिए लगातार काम रही है। मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है कि प्रदेश में प्रत्येक युवा को रोजगार मिले, इसके लिए इन्वेस्टर्स समिट कर उद्योगपतियों को आमंत्रित किया जा रहा है। युवाओं को रोजगार देकर दुनिया में भारत का मान बढ़ाना और मध्यप्रदेश को अग्रणी राज्य बनाना हमारा उद्देश्य है। प्रदेश में महिलाओं, किसानों और सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के कल्याण के लिए प्रदेश में आगे बढ़कर कार्य किया जा रहा है। आज के समारोह में 1 लाख 27 करोड़ लाड़ली बहनों, 56 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों, 81 लाख किसानों को 2054 करोड़ रूपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से प्रदान की गई। प्रदेश सरकार योजनाओं के संचालन में कोई कमी नहीं रहने देगी। इस मौके पर उन्होंने बताया कि प्रदेश की 76 लाख बहनों को गैस रिफिलिंग के लिए प्रति हितग्राही को 450 रूपये भी प्रदान किये गये हैं। उन्होंने लाड़ली बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रतिमाह 1250 रूपये की राशि दी जा रही है, इसे आगे चलकर 3000 रूपये तक करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रयागराज महाकुम्भ के मार्ग में अवरोध उत्पन्न होने की सूचना प्राप्त हुई है। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिये गये है कि मध्यप्रदेश के यात्रियों को किसी तरह की असुविधा नहीं होने दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रयागराज जाने वाला मध्यप्रदेश का कोई भी तीर्थ यात्री भूखा-प्यासा नहीं रहेगा। इस संबंध में प्रशासन को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि एम्स हॉस्पिटल में भर्ती ईटारसी के मालवीय, जिनकी हृदय गति लगभग 20 प्रतिशत से भी कम हो गई थी को, जबलपुर में दुर्घटना से ब्रेन डेड हुए व्यक्ति के हृदय से प्रतिस्थापित किया गया है, उसे आज उन्होंने एम्स हॉस्पिटल जाकर शुभकामनाएं एवं बधाई दी हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी गरीब व्यक्ति के अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती होने पर उसे एयर एंबुलेंस से लिफ्ट कर बड़े अस्पताल में नि:शुल्क उपचार कराया जायेगा। गरीब से गरीब व्यक्ति का जीवन बचाना सरकार का उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में विकास का कारवां चल रहा है। दुनिया में भारत का मान-सम्मान बड़ा है। हमें मध्यप्रदेश को नंबर वन बनाना है। हमारी सरकार का संकल्प है हर व्यक्ति की बेहतरी, हर हाथ को काम और हर खेत को पानी मिले। हम इस दिशा में तेज गति कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रणजीत सागर कॉम्प्लेक्स सिंचाई परियोजना से गत 2 जनवरी को जलाभिषेक यात्रा प्रारंभ हुई थी, जो आज यहां संपन्न हो रही है। पहले इस योजना से 52 गांव डूब में आ रहे थे और अब 66 गांवों को पानी मिलेगा। यह हमारी नीति है, हर व्यक्ति की बेहतरी हो, किसी को नुकसान न हो। हमारी सरकार किसान, युवा, गरीब, महिला हर वर्ग की जिंदगी बेहतर बनाने का कार्य कर रही है। हमारे युवाओं को उनकी दक्षता के अनुसार रोजगार दिलाया जा रहा है। इसी माह प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी आ रहे हैं। इससे बड़ी संख्या में उद्योगों और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे समाज में माँ, बहन, बेटियों का सर्वोच्च स्थान है। मंदिरों में माता की स्थापना की जाती है। हमारी संस्कृति राधे-श्याम सीता-राम की है। हमारी सरकार निरंतर बहनों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। बहनों के लिए लाड़ली बहना, उज्ज्वला योजना, कल्याणी आदि अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। लाड़ली बहना की राशि को भी धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रूपए प्रति माह तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गरीबों को भी गंभीर बीमारी की हालत में निःशुल्क एयर एंबुलेंस की सेवा प्रदान की जा रही है। हमने निर्णय लिया है कि … Read more

जबलपुर :सिहोरा में महाकुंभ से लौट रही श्रद्धालुओं से भरी बस भीषण दुर्घटना का शिकार, सात की दर्दनाक मौत

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित सिहोरा में एक बड़ा हादसा हुआ है। प्रयागराज महाकुंभ से वापस लौट रही एक ट्रैवलर, कार और ट्रक में भीषण टक्कर हो गई है। यह हादसा सिहोरा में हुआ है। शुरुआती जानकारी के अनुसार महाकुंभ से लौट रहे सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। वहीं, कई लोग अभी दबे हैं। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। जबलपुर कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंच रहे हैं। क्रेन से गाड़ियों को अलग किया जा रहा है। सात लोगों की मौत घटना सिहोरा थाना अंतर्गत मोहाला और बरगी ग्राम के बीच घटी है। नहर के पास एक ट्रैवलर गाड़ी, ट्रक और किया गाड़ी के बीच एक्सीडेंट हो जाने से अभी तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। अभी दो-तीन लोगों के और दबे होने की संभावना है। पुलिस और एनएचआई के लोगों द्वारा लोगों को निकाला जा रहा है। अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं। घटना स्थल जबलपुर शहर से करीब 50 किमी दूर है। ट्रक का टायर फटने से हादसा पुलिस के मुताबिक हादसा सुबह लगभग 8.45 बजे सिहोरा के ग्राम मोहला बरगी के पास हुआ। ट्रक का टायर एकाएक फटा जिस वजह से वह अनियंत्रित होकर कार को टक्कर मारते हुए गलत दिशा में पहुंच गया। वहां प्रयागराज से लौट रही श्रद्धालुओं से भरी ट्रैवलर को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार ट्रक क्रमांक एमपी 20 जेड एल 9105 जबलपुर से पुट्टी लेकर कटनी की ओर जा रहा था। सुबह लगभग 8:45 बजे सिहोरा के ग्राम मोहला बरगी के पास ट्रक का टायर अचानक फटा। वह एक कार को टक्कर मारते हुए गलत साइड में पहुंच गया। यह हादसा एक ब्रिज पर हुआ है। ट्रक के टक्कर के गाड़ी के परखच्चे उड़ गए हैं। बताया जा रहा है कि ओवर स्पीड की वजह से घटना घटी है। एक गाड़ी ब्रिज की रेलिंग पर फंसी है। बताया जा रहा है कि किया की कार में सवार लोग सुरक्षित हैं। मृतक ट्रैवलर में सवार थे। हालांकि उनकी पहचान अभी नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। साथ ही मृतकों की पहचान कर रही है। ट्रक में सीमेंट लोड था। इस हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया है। वहीं, दो घायलों को मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। एक व्यक्ति अभी भी गाड़ी में फंसा है, जिसको निकाला जा रहा है। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि मोबाइल के माध्यम से परिजनों से संपर्क किया गया है। सीएम ने दुख व्यक्त किया सीएम मोहन यादव ने हादसे के बाद एक्स पर लिखा कि जबलपुर जिले के सिहोरा में नागपुर-प्रयागराज नेशनल हाइवे पर प्रयागराज से वापस आ रही ट्रैवलर और ट्रक की भीषण सड़क दुर्घटना में आंध्रप्रदेश के तीर्थयात्रियों की असामयिक मौत दुखद है। मेरी संवेदनाएं सभी शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि घायलों का समुचित उपचार और सभी मृतकों के परिजनों से संपर्क कर पार्थिव देह को पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति देने तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

श्रद्धा वाकर के पिता का हार्ट अटैक से निधन, बेटी के अंतिम संस्कार का करते रह गए इंतजार

नई दिल्ली श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस को याद करके आज भी लोग सहम जाते हैं. इस मामले ने पूरे देश को दहला कर रख दिया था. अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने की खातिर विकास वॉल्कर इंसाफ की जंग लड़ रहे थे. वो अपना सबकुछ खो कर मुंबई से दिल्ली के चक्कर काट रहे थे. वो केवल कानून से इतना चाहते थे कि उनकी बेटी के अवशेष उन्हें मिल जाएं और वो उसका अंतिम संस्कार कर सकें. लेकिन उनकी ये ख्वाहिश महज आखिरी ख्वाहिश बनकर रह गई. और वो इसी टीस को लेकर दुनिया से विदा हो गए. दरअसल, श्रद्धा वॉल्कर के पिता विकास वॉल्कर की रविवार को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. वह अपनी पत्नी और परिवार के साथ मुबंई के वसई इलाके में रहा करते थे. पिछले काफी महीनों से वो मुंबई और दिल्ली के बीच भागदौड़ कर रहे थे. तमाम अदालतों के चक्कर लगा रहे थे. मगर उन्हें महज कुछ मिला तो वो थी सिर्फ तारीख पर तारीख. श्रद्धा के पिता विकास वॉल्कर और भाई मुंबई से दिल्ली के न जाने कितने ही चक्कर काट चुके थे. जानकारी के मुताबिक, पिछले दो सालों से वैसे ही विकास वॉल्कर सिर्फ कोर्ट में ही 35 से 40 बार हाजिरी लगा चुके थे. इस दौरान वो परेशान तो होते ही थे साथ ही मुंबई से दिल्ली आने-जाने और रहने-खाने का खर्च अलग से होता था. लेकिन वो अपनी बेटी के लिए लगातार लड़ रहे थे. दरअसल, श्रद्धा के कत्ल का खुलासा 12 नवंबर 2022 को उस वक्त हुआ था, जब दिल्ली के महरौली इलाके से उसका लिव इन पार्टनर आफताब पूनावाला पकड़ा गया था. आफताब की गिरफ्तारी के बाद ही पता चला था कि उसने श्रद्धा का क़त्ल 18 मई 2022 को ही कर दिया था. लेकिन इसके बावजूद श्रद्धा की लाश नहीं मिली थी, क्योंकि आफताब ने पहले श्रद्धा की लाश के टुकड़े किए थे और फिर उन टुकड़ों को महरौली में मौजूद अपने किराये के मकान में रखे फ्रिज में बंद कर दिया था. इसके बाद अगले तीन महीनों तक वो किस्तों में उन टुकड़ों को फ्रिज से निकाल कर महरौली के जंगलों में फेंकता रहा. चूंकि वक्त बहुत ज्यादा बीत चुका था, लिहाजा पुलिस को लाश के नाम पर श्रद्धा की चंद हड्डियां ही मिली थी. डीएनए टेस्ट से ये साबित हो गया था कि हड्डियां श्रद्धा की ही हैं. मीडिया की सुर्खियों के चलते श्रद्धा केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेज दिया गया था. एफआईआर दर्ज होने के 75 दिन बाद यानी 24 जनवरी 2023 को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट दाखिल होने के बाद लगभग 3 महीने फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार्ज फ्रेम करने में ही लगा दिए. 9 मई 2023 को चार्ज फ्रेम हुआ. मगर चार्ज फ्रेम होने के बाद भी ट्रायल शुरू करने के लिए अदालत ने लगभग 1 महीना और ले लिया. 1 जून 2023 से श्रद्धा केस के मुकदमे की सुनवाई दिल्ली की साकेत कोर्ट में शुरू हुई. उम्मीद थी कि 6 से 9 महीने में फैसला आ ही जाएगा. निर्भया केस में भी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 9 महीने में अपना फैसला सुना दिया था. लेकिन अफसोस ऐसा हुआ नहीं. मुकदमे की कार्रवाई बीते पौने दो साल से जारी है. और आलम ये है कि इस केस में जो 212 गवाह हैं, उनमें से अभी सिर्फ 165 गवाहों की ही गवाहियां पूरी हो पाई हैं. यानी 47 गवाहों की गवाहियां अब भी बाकी हैं. अब सवाल ये है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा होने के बावजूद इतना वक्त क्यों लग रहा है? तो इसकी एक बड़ी सीधी सी वजह है. श्रद्धा का केस जिस फास्ट ट्रैक कोर्ट में है, उस कोर्ट को कहीं से ये डायरेक्शन ही नहीं मिला है कि इस मुकदमे की सुनवाई डे टू डे होगी या आम केस की तरह. अगर फास्ट ट्रैक कोर्ट को एक सीमा दी जाती कि इस टाइम बाउंड के अंदर अपना फैसला सुनाना है, तो शायद इतनी देरी ना होती. मगर अब, जब इस मुकदमे की कार्रवाई को लगभग 2 साल होने जा रहे हैं, तब फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ये फैसला लिया कि अगले महीने यानी मार्च से वो इस केस की डे टू डे सुनवाई करेगा. यानी जो काम दो साल पहले होना था, वो अब दो साल बाद होगा. यानी इस हिसाब से अगर मार्च से भी डे टू डे हियरिंग शुरू होती है, तो भी अगले दो तीन महीने तक फैसला आने की उम्मीद नजर नहीं आती. कम से कम मई से पहले तो हरगिज नहीं. पर कहानी अप्रैल मई में भी खत्म नहीं होगी. क्योंकि फास्ट ट्रैक कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसे कोई ना कोई हाई कोर्ट में चैलेंज करेगा. अगर फास्ट ट्रैक कोर्ट आफताब पूना वाला को सजा-ए-मौत देता है, तो उस सूरत में भी उस फैसले पर मुहर हाई कोर्ट को ही लगाना है. हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट इसके बाद न जाने कितने पिटिशन, रिव्यू पिटिशन. जाहिर है श्रद्धा को मर कर भी अभी कई अदालतों के चक्कर काटने होंगे और जब तक ये चक्कर खत्म नहीं हो जाता, तब तक श्रद्धा के भाई को भी मुंबई से दिल्ली के न जाने कितने ही चक्कर काटने होंगे.

पूरी फैमिली को पांच दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ करके साइबर अपराधियों ने ठगे एक करोड़ 10 लाख रुपए

नोएडा उत्तर प्रदेश के नोएडा (Noida) में कुछ बदमाशों एक परिवार को पांच दिनों तक डिजिटल अरेस्ट किए रहा. एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने सोमवार को बताया कि एक परिवार को कुछ अज्ञात लोगों ने पांच दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रख कर एक करोड़ से ज्यादा की ठगी की. बातचीत के दौरान ठगी करने वाले आरोपियों ने खुद को सरकारी अफसर बताया और परिवार को अपनी बातों में फंसाते गए. पुलिस कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ एक नया साइबर फ्रॉड है, जिसमें आरोपी खुद को CBI या सीमा शुल्क अधिकारियों जैसी कानून प्रवर्तन एजेंसी के अधिकारी बताते हैं और प्रतिबंधित दवाओं के नकली इंटरनेशनल पार्सल के नाम पर वीडियो कॉल करके लोगों को गिरफ्तार करने की धमकी देते हैं. ‘SIM कार्ड ब्लॉक करने की धमकी…’ पुलिस के मुताबिक, चंद्रभान पालीवाल नाम के शख्स से शिकायत मिली थी कि उन्हें 1 फरवरी को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था. कॉल करने वाले ने उन्हें भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण से संपर्क करने के लिए कहा और उनके सिम कार्ड को ब्लॉक करने की धमकी दी. पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) प्रीति यादव ने बताया कि कॉल करने वाले ने शिकायतकर्ता से बताया कि उनका मामला मुंबई की साइबर क्राइम ब्रांच के पास है और करीब 10 मिनट बाद भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी होने का दावा करने वाले एक शख्स ने मुंबई के कोलावा पुलिस स्टेशन से पालीवाल को ‘वीडियो कॉल’ किया. पालीवाल ने बताया कि फर्जी पुलिस अधिकारी ने उन पर पैसे ऐंठने का आरोप लगाया और कहा कि उनके खिलाफ अलग-अलग जगहों पर 24 मामले दर्ज हैं. डीसीपी ने बताया कि फोन करने वाले ने यह भी कहा कि CBI मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है. चंद्रभान पालीवाल ने पुलिस को बताया कि वीडियो कॉल आने के बाद उनकी पत्नी और बेटी को भी डिजिटली गिरफ्तार कर लिया गया. डीसीपी ने बताया कि कॉल करने वालों ने धमकी दी कि अगर उन्होंने रकम नहीं दी, तो उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) प्रीति यादव ने बताया कि शिकायत करने वाले शख्स ने पांच दिन के अंदर आरोपियों को 1.10 करोड़ रुपये दिए. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है.  

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