LATEST NEWS

कुंभ नहा के आ रहे हैं श्रद्धालुओं का वाहन ट्रांसफार्मर से टकराई 12 गंभीर

सिंगरौली जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत नौगढ़ मुख्य मार्ग पर बीते रात्रि को हुआ भीषण सड़क हादसा प्रयागराज से कुंभ नहा कर गामा वाहन नौगढ़ में अनियंत्रित होकर ऑटो में टक्कर मारी जिसके बाद सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर में जोरदार टक्कर हो गई बताया जा रहा है कि गामा वाहन में 20 की संख्या में लोग बैठे थे जिसमें 12 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेज कर भर्ती कराया गया है जहां उनका उपचार शुरू कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री की जन्म तिथि वाली 21 नंबर जर्सी भेंट कर किया आमंत्रित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में लीजेन्ड 90 क्रिकेट लीग को लेकर आयोजन समिति के सदस्यों ने सौजन्य भेंट की और उन्हें प्रतियोगिता में आमंत्रित किया। नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 6 फरवरी से 18 फरवरी तक लीजेन्ड 90 क्रिकेट लीग का आयोजन होगा। इस अवसर पर लीजेन्ड 90 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुणेश सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री साय को छत्तीसगढ़ वॉरियर्स टीम की 21 नंबर की विशेष जर्सी भेंट की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय की जन्म तिथि 21 फरवरी है, इसको ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ वॉरियर्स टीम 21 नंबर की यह विशेष जर्सी भेंट की गई है। लीजेन्ड 90 क्रिकेट लीग का आयोजन इस वर्ष भारत में पहली बार किया जा रहा है। 06 फरवरी से 18 फरवरी 2025 तक शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रायपुर में यह टूर्नामेंट खेला जाएगा। यह लीग अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है, जिसका आयोजन पूर्व में श्रीलंका सहित विभिन्न देशों में हो चुका है। इस भव्य प्रतियोगिता में क्रिस गेल, डेविड वॉर्नर, हरभजन सिंह, शिखर धवन, युवराज सिंह, सुरेश रैना, मैथ्यू वेड, मोइन अली, आरोन फिंच, तिसारा परेरा, रॉबिन उथप्पा, दिनेश कार्तिक, शॉन मार्श, मार्टिन गप्टिल, केदार जाधव, बेन डंक, शाकिब अल हसन और डेनियल क्रिश्चियन जैसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गज खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान लीजेन्ड 90 के सीईओ तरुणेश सिंह परिहार ने प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी दी और छत्तीसगढ़ में इस ऐतिहासिक आयोजन के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर बलविंदर सिंह, राहुल भदौरिया (संचालक स्पोर्ट्स मिंट), सदन घोष (संचालक यारों), गौरव बत्रा और राजीव सोनी भी उपस्थित रहे। इस अंतरराष्ट्रीय लीग के आयोजन से छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों को दुनिया के शीर्ष क्रिकेटरों को अपने प्रदेश में खेलते देखने का शानदार अवसर मिलेगा। साथ ही, यह आयोजन राज्य में क्रिकेट के विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री की क्रिकेट प्रेमियों से अपील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्रिकेट प्रेमियों से लीजेंड 90 क्रिकेट लीग के आयोजन में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। रायपुर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लीग में देश-विदेश के नामचीन क्रिकेट खिलाड़ी हिस्सा लेने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में खेल अधोसंरचना को बेहतर करने के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। ओलंपिक पदक विजेताओं को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है। बस्तर में हमने बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया, जिसमें एक लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ में क्रिकेट संबंधी अधोसंरचना को बढ़ाने के लिए भी हम प्रतिबद्ध हैं।  शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भविष्य में भी क्रिकेट के रोमांचक मैच लगातार देखने मिलेंगे।

“यंग लीडर डायलॉग-2025” में सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों का भी हुआ सम्मान

उच्च शिक्षा मंत्री ने “गणतंत्र दिवस परेड -2025” में सम्मिलित “मप्र राष्ट्रीय सेवा योजना” के स्वयंसेवकों को किया सम्मानित “राष्ट्रीय सेवा योजना” से मिली जीवन दृष्टि को आत्मसात् करें विद्यार्थी : मंत्री परमार “यंग लीडर डायलॉग-2025” में सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों का भी हुआ सम्मान भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को भोपाल स्थित निवास पर, “गणतंत्र दिवस परेड -2025” कर्तव्यपथ नई दिल्ली में “राष्ट्रीय परेड दल” में सम्मिलित “मप्र राष्ट्रीय सेवा योजना” के स्वयंसेवकों को सम्मानित कर, उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मंत्री परमार ने श्रद्धेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से “यंग लीडर डायलॉग” में संवाद कर “2047 के भारत की परिकल्पना” के संदर्भ में अपनी ऊर्जामयी सहभागिता करने वाले “मप्र राष्ट्रीय सेवा योजना” के स्वयंसेवकों का भी सम्मान किया और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। परमार ने सभी स्वयंसेवकों को महामहिम राज्यपाल द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र, मेडल एवं शॉल-श्रीफल से भी सम्मानित किया। राष्ट्रीय परेड से लौटे स्वयंसेवक विद्यार्थियों ने मंत्री परमार को विभिन्न छायाचित्रों का अवलोकन कराया एवं शिविर के दौरान अपने अनुभवों को भी साझा किया। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने स्वयंसेवकों को कैंपस टू कम्युनिटी के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों में नेतृत्व करने का आह्वान किया। परमार ने कहा कि प्रदेश में “राष्ट्रीय सेवा योजना” की विविध गतिविधियों को परीक्षाओं के मूल्यांकन में वेटेज देने के लिए “क्रेडिट सिस्टम” विकसित करने की कार्ययोजना बना रहे हैं, इससे विद्यार्थियों को शैक्षणिक के अतिरिक्त अन्य गतिविधियों के लिए भी वेटेज मिल सकेगा। राज्य स्तर नेतृत्व शिविर के प्रशिक्षण गतिविधियों को महत्वपूर्ण मानते हुए मंत्री परमार ने कहा कि प्रशिक्षण के अन्य आयामों को प्रारम्भ करने की भी कार्ययोजना बनाएंगे। मंत्री परमार ने गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय परेड से लौटे स्वयंसेवक विद्यार्थियों को, अपने संस्था परिसर में सामाजिक मूल्यों का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया और अन्य युवा साथियों को भी इस तरह की गतिविधियों के लिए प्रेरित करने की बात कही। परमार ने कहा कि “राष्ट्रीय सेवा योजना” के विभिन्न आयामों से प्राप्त जीवन दृष्टि को विद्यार्थी अपने व्यावहारिक जीवन में आत्मसात् करें और देशभक्त नागरिक बन राष्ट्र निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 के भारत की संकल्पना को साकार करने में हम सभी का पुरुषार्थ और सहभागिता आवश्यक है। परमार ने कहा कि शिविर के दौरान मिले अनुभवों, अनुशासन और सीखों को दैनिक जीवनचर्या में अमल कर, अपने संस्थान परिवेश को बेहतर बनाने की ओर आगे बढ़ें। परमार ने कहा कि “राष्ट्रीय सेवा योजना” की समाज में व्यापक विश्वसनीयता स्थापित करने के लिए, मूल्य आधारित जीवनचर्या को धारण करें। शिक्षा के मंदिरों को आदर्श बनाने में, “राष्ट्रीय सेवा योजना” के स्वयंसेवकों को भूमिका सुनिश्चित हों। सभी स्वयंसेवक विद्यार्थी, अपने संस्थानों में विद्यावन अंतर्गत पौधरोपण कर युवाओं में प्रकृति संरक्षण का भाव जागृत करने का प्रयास करें। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक डॉ अशोक कुमार श्रुति, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ मनोज अग्निहोत्री, कार्यक्रम समन्वयक डॉ अनंत कुमार सक्सेना, प्रशिक्षक एवं कार्यक्रम अधिकारी राहुल सिंह परिहार, कार्यक्रम अधिकारी डॉ अर्चना सेन एवं युवा अधिकारी राजकुमार वर्मा उपस्थित थे। ज्ञातव्य है कि “गणतंत्र दिवस परेड -2025” कर्तव्यपथ नई दिल्ली में “राष्ट्रीय परेड दल” में सम्मिलित “मप्र राष्ट्रीय सेवा योजना” के चार-चार स्वयंसेवक छात्र-छात्राओं ने महामहिम राष्ट्रपति को सलामी दी थीं। संस्था स्तर से विभिन्न चरणों के चयन के बाद, इन सभी स्वयंसेवकों का चयन हुआ था। इन स्वयंसेवकों ने महामहिम राष्ट्रपति श्रीमति द्रोपदी मुर्मू से सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का परिचय भी कराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यंग लीडर डायलॉग में संवाद कर 2047 के भारत की परिकल्पना के विषयों को भी प्रदेश के स्वयंसेवकों ने इंगित किया। “गणतंत्र दिवस परेड -2025” कर्तव्यपथ नई दिल्ली में “राष्ट्रीय परेड दल” में स्वयंसेवक सुसंध्या यादव, सुविशाखा सेन, सुप्राची झारिया, सुअंशिका जोशी, अजय सिंह परिहार, निरंजन बिसेन, अतुल सेन एवं सचिन पटेल सम्मिलित हुए। “यंग लीडर डायलॉग-2025” में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों राहुल लोधी एवं विपिन सेन ने सहभागिता की।  

आचार्य विद्यासागर के प्रथम समाधि स्मृति दिवस विधानसभा परिसर में मनाया गया

भोपाल भोपाल में विधानसभा परिसर में पहली बार किसी जैन संत का स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। आचार्य विद्यासागर महाराज के स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रहे। सीएम ने मंच पर बैठे मुनि प्रमाण सागर जी महाराज का पाद प्रक्षालन (पैर धोए) किया। कार्यक्रम में आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन पर आधारित 25 किताबों का विमोचन किया गया। जैन समाज के अध्यक्ष ने भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का नाम आचार्य विद्यासागर के नाम पर करने की मांग की है। दिगंबर जैन मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा रोशनपुरा चौराहा, मालवीय नगर, बिरला मंदिर होते हुए विधानसभा पहुंची। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और सांसद आलोक शर्मा भी मौजूद हैं। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी पहुंचे। सीएम बोले- आचार्य विद्यासागर देवता के रूप में विद्यमान हो गए कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा, आचार्य विद्यासागर महाराज के भीतर जो मानव सेवा का भाव रहा है उसके चलते वो जीते जी देवता के रूप में हम सब के बीच विद्यमान हो गए। सीएम यादव ने गोमाता का जिक्र करते हुए कहा कि गोमाता के माध्यम से पूरी प्रकृति बदल सकती है। हम सबके जीवन में पूरा बदलाव आ सकता है। गोमाता के भीतर वह भाव है जो अपने बच्चों का ख्याल रखती है और मनुष्य के बच्चों का भी ख्याल रखती है। जैन मुनियों ने निकाली शोभायात्रा विधानसभा में यह आयोजन श्री दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी भोपाल के माध्यम से प्रथम समाधि स्मृति दिवस विधानसभा परिसर में मनाया जा रहा है। विधानसभा में 108 प्रमाण सागर महाराज, मुनि आदित्य सागर के ससंघ में मनाया जा रहा है। विधानसभा के लिए मुनि आदित्य सागर महाराज सुबह 7.30 बजे पैदल शोभायात्रा निकालते हुए विधान सभा परिसर के लिए रवाना हुए है। केन्द्र सरकार जारी करेगी सिक्का आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने जैनाचार्य विद्यासागर महाराज के प्रथम समाधि दिवस के मौके पर 100 रुपये मूल्य का स्मारक सिक्का जारी किया करने का निर्णय लिया था। सिक्का जारी होने की अधिसूचना 31 जनवरी को जारी की गई थी। इस 100 रूपये मूल्य के सिक्के में जैनाचार्य विद्यासागर महामुनिराज की तस्वीर को अंकित किया गया है। आज 6 फरवरी को गृहमंत्री अमित शाह विद्यासागर के प्रथम समाधि दिवस के पर सिक्का जारी करेंगे। डोंगरगढ़ जांएगे अमित शाह देश के गृहमंत्री अमित शाह आज डोंगरगढ़ जाएंगे। जहां वे चंद्र गिरी तीर्थ में विद्यासागर महाराज की समाधि स्थल के दर्शन करेंगे। इस दौरान अमित शाह 100 रूपये का सिक्का भी जारी कर सकते है। बता दें कि 18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी।

देश के हृदय में ‘एकात्मता के रूप में की मूर्ति’ की स्थापना गर्व का विषय

“आदि शंकराचार्य ने भारत को अद्वैत ज्ञान से प्रकाशित किया” : पद्मविभूषण रविशंकर आज अद्वैत ज्ञान को वैज्ञानिक भी कर रहे स्वीकार : पद्मविभूषण रविशंकर देश के हृदय में ‘एकात्मता के रूप में की मूर्ति’ की स्थापना गर्व का विषय महाकुम्भ में ‘एकात्म धाम मंडपम्’ पहुँचे रविशंकर, अद्वैत लोक‘ प्रदर्शनी का किया अवलोकन भोपाल प्रयागराज महाकुम्भ में आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा अद्वैत वेदान्त दर्शन के लोकव्यापीकरण एवं सार्वभौमिक एकात्मता की संकल्पना के उद्देश्य से एकात्म धाम मंडपम् में वेदांत पर केंद्रित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, इसी श्रृंखला में बुधवार को आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्थान के संस्थापक, वैश्विक आध्यात्मिक विचारक पद्मविभूषण रविशंकर एकात्म धाम पहुँचे,जहाँ उन्होंने आचार्य शंकर एवं अद्वैत वेदांत पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए ‘अद्वैत एवं शांति‘ विषय पर अपने विचार व्यक्त किये।  अपने संबोधन में भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्थान में आदि शंकराचार्य के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा, “आदि शंकराचार्य ने भारत को अद्वैत ज्ञान से प्रकाशित किया।” रविशंकर ने मध्यप्रदेश सरकार के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि देश के हृदय में एकात्मता की प्रतिमा के स्वरूप की स्थापना गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अद्वैत ज्ञान को वैज्ञानिक भी मान रहे हैं। आदि शंकराचार्य जी ने कहा कि “जगत मिथ्या,” यानी जो दिखता है, वह सत्य नहीं है- इसी बात को वर्ष- 2022 में वैज्ञानिकों ने प्रमाणित किया। इस पर तीन वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार भी मिला। उन्होंने यही कहा कि “जो दिखता है, वह सत्य नहीं है और जो सत्य है, वह इन आँखों से नहीं दिखता।” इस सत्य को समझने और जानने के लिए हमें अंतर्मुखी होना आवश्यक है। इसके लिए आदि शंकराचार्य ने सौंदर्य लहरी जैसे ग्रंथ की रचना की। रविशंकर ने कहा कि अध्ययन, अध्यापन और ध्यान करना जीवन के लिए अनिवार्य है। केवल बुद्धिगत ज्ञान पर्याप्त नहीं है; अनुभव आधारित ज्ञान होना चाहिए। मन, बुद्धि और अहंकार से परे जाकर चैतन्य स्वरूप की अनुभूति ही वास्तविक आत्मज्ञान है। जब हम इस चैतन्य स्वरूप की अनुभूति तक पहुंचेंगे, तभी आदि शंकराचार्य का स्वप्न पूर्ण होगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जो कार्य आदि शंकराचार्य की जन्मभूमि पर केरल सरकार ने नहीं किया वह वह कार्य मध्यप्रदेश की सरकार ने किया। अद्वैतामृत प्रवचन में चिन्मय मिशन कोयम्बटूर की प्रमुख स्वामिनी विमलानंद सरस्वती ने आचार्य शंकर विरचित प्रकरण ग्रंथ मनीषा पंचकम् पर दूसरे दिन युवाओं को सम्बोधित किया। शाम के सत्र में परमार्थ साधक संघ के आचार्य स्वामी प्रणव चैतन्य पुरी ने “अथातो ब्रह्म जिज्ञासा“ पर श्रोताओं को सम्बोधित किया।   बुधवार और गुरूवार दो दिनों तक शाम 6 बजे से प्रसिद्ध अभिनेता नीतिश भारद्वाज एवं कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी ‘शंकर गाथा’ की प्रस्तुति देंगी।  आचार्य शंकर ने भारतवर्ष का भ्रमण कर सम्पूर्ण राष्ट्र को सार्वभौमिक एकात्मता से आलोकित किया। अद्वैत वेदान्त दर्शन के शिरोमणि, सनातन वैदिक धर्म के पुनरुद्धारक एवं सांस्कृतिक एकता के देवदूत शंकर भगवत्पाद का जीवन-दर्शन अनंत वर्षों तक संपूर्ण विश्व का पाथेय बने, इस संकल्प के साथ आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग आचार्य शंकर की संन्यास एवं ज्ञान भूमि ‘ओंकारेश्वर’ में भव्य एवं दिव्य ‘एकात्म धाम’ के निर्माण के लिए संकल्पित है। एकात्मधाम प्रकल्प के अंतर्गत आचार्य शंकर की 108 फीट ऊँची बहुधातु ‘एकात्मता की मूर्ति’ आचार्य शंकर के जीवन तथा दर्शन पर आधारित संग्रहालय ‘अद्वैत लोक’ एवं अद्वैत वेदान्त दर्शन के अध्ययन, शोध एवं विस्तार हेतु ‘आचार्य शंकर अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदान्त संस्थान’ की स्थापना करते हुए एकात्मता के वैश्विक केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।  

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रतिष्ठान की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक में विकास कार्यों पर हुआ विचार-विमर्श

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मानस भवन में तुलसी मानस प्रतिष्ठान की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रतिष्ठान की गतिविधियों को और अधिक विस्तारित करने का सुझाव दिया और संबंधितों को इस पर अमल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिष्ठान से रामायण, तुलसी साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने युवाओं और विद्वानों को जोड़ने के लिए चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थल पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। बैठक में प्रबंधकारिणी समिति के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, संयोजक राजेन्द्र शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय अग्रवाल, वरिष्ठ सदस्य सुरेश पचौरी एवं कैलाश जोशी, समिति सदस्य एवं कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह सहित समिति के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिष्ठान की आगामी योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों को इस पहल से जोड़ा जाए, जिससे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूती मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑनलाइन माध्यमों से भी रामायण और तुलसी साहित्य को अधिक लोगों तक पहुंचाये। उन्होंने आगामी आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने और इनसे जनसामान्य को जोड़ने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। प्रतिष्ठान की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के लिए सुझावों पर बैठक में गहनता से विचार-विमर्श किया गया। कार्याध्यक्ष शर्मा ने मानस भवन के सामने न रोड का चौड़ीकरण किये जाने और मानस भवन, हिंदी भवन और गांधी भवन के बीच अवैध निर्माण हटवाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कलेक्टर भोपाल को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिति को अवगत कराया कि सरकार प्रदेश में शराबबंदी पर गंभीरता से विचार कर रही है। गीता के ज्ञान और हमारी संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश में ‘गीता भवन’ बनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. ने बताया कि हमारी सरकार पुण्यभूमि हरिद्वार जैसे प्रबंध अब महाकाल नगरी उज्जैन में भी कराने की ओर अग्रसर है। साधु-संतों, अखाड़ों और धर्मशालाओं को उज्जैन के सिंहस्थ मेला क्षेत्र में स्थायी प्रकृति के निर्माण कार्यों की अनुमति दी गई है। इससे स्थायी आश्रम, मठ, धर्मशालाएं, सत्संग स्थल बनाये जा सकेंगे। कलेक्टर ने समिति को अवगत कराया कि भोपाल में भी स्मार्ट सिटी रोड पर टीटी नगर के पास करीब एक एकड़ भूमि में गीता भवन बनाया जायेगा। समिति सदस्यों ने प्रतिष्ठान के विकास संबंधी विभिन्न विषयों/कार्यों के संबंध में मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। मुख्यमंत्री ने सभी विषयों/सुझावों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र क्रियान्वयन का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तुलसी मानस प्रतिष्ठान की मासिक मुख पत्रिका “तुलसी मानस भारती’’ का विमोचन भी किया।  

वैश्विक क्षमता केंद्रों के लिए भारत का उभरता शक्ति केंद्र बन रहा है मध्यप्रदेश

भोपाल केंद्रीय बजट 2025 में निवेश, नवाचार और प्रतिभा विकास को आर्थिक वृद्धि के प्रमुख कारकों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसी दृष्टिकोण के अनुरूप, मध्यप्रदेश जीसीसी नीति 2025 वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसीएस) के लिए एक सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर रहा है। सरकार टियर-2 शहरों में जीसीसीएस को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा विकसित करेगी। मध्यप्रदेश पहले से ही इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जीसीसी नीति 2025 के तहत 50 से अधिक जीसीसीएस को आकर्षित करने, 37,000 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां सृजित करने और राज्य के तेजी से बढ़ते आईटी/ आईटीईएस पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ उठाने की योजना बनाई गई है। बजट में निवेश, अर्थव्यवस्था और नवाचार को प्रमुख विकास चालक बताया गया है। जीसीसीनीति के तहत राज्य जीसीसी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए पेरोल सब्सिडी, इंटर्नशिप सहायता और अनुसंधान प्रोत्साहन उपलब्ध करा रहा है, जिससे वैश्विक उद्यमों को कुशल कार्यबल और अनुकूल व्यावसायिक माहौल मिल सके। सरकार वैश्विक भागीदारी के साथ पांच उत्कृष्टता केंद्र (सीओईएस) स्थापित करेगी, जो उन्नत तकनीकों में कौशल विकास को बढ़ावा देंगे। मध्यप्रदेश पहले से ही इस दिशा में पहल कर चुका है और एआई व साइबर सुरक्षा में सीओईएस का समर्थन कर रहा है। 50 प्रतिशत परियोजना लागत सब्सिडी के साथ डीप-टेक अनुसंधान और कौशल विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए आई) में शिक्षा और अनुसंधान को नया स्वरूप देने के लिए 500 करोड़ रु. के ए आई उत्कृष्टता केंद्र की घोषणा की गई है। मध्यप्रदेश पहले से ही प्रति इकाई एक करोड रुपए के अनुसंधान एवं विकास (आर एडं डी) समर्थन तथा सीओई विकास के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी की व्यवस्था कर रहा है, जिससे एआई में अत्याधुनिक नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। निजी क्षेत्र के अनुसंधान और नवाचार को गति देने के लिए 20,000 करोड रु. के कोष की घोषणा की गई है। राज्य पेटेंट सहायता, आर एंड डी अनुदान और 30 करोड रु.तक की पूंजीगत (कैपेक्स) सब्सिडी प्रदान कर रहा है, जिससे मध्यप्रदेश वैश्विक अनुसंधान और नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है। सरकार ने 50,000 अटल टिंकरिंग लैब्स के विस्तार का प्रावधान किया है, जिससे छात्रों में रचनात्मकता और तकनीकी कौशल को बढ़ावा मिलेगा। राज्य कौशल विकास केंद्रों को कौशल विकास और नवाचार केंद्र स्थापित करने के लिए प्रेरित कर रहा है, जिससे युवा प्रतिभाएं भविष्य के लिए तैयार हो सकें। मध्यप्रदेश पहले से ही भारत की कौशल विकास केंद्र परिवर्तन यात्रा में अग्रणी है। सक्रिय नीतियों, रणनीतिक निवेश और नवाचार-प्रेरित दृष्टिकोण के साथ, राज्य भारत का अगला वैश्विक जी सी सी शक्ति केंद्र बनने के लिए तैयार है।  

मुख्यमंत्री ने 2 चीते और 3 शावकों को बाड़े से स्वछंद विचरण के लिये किया मुक्त

मध्यप्रदेश की पावन धरा पर रफ्तार भर रहा है चीता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव चीते के कुनबे में हो रही निरंतर वृद्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर्यटन के क्षेत्र में कूनो की बन गई है विशिष्ट पहचान मुख्यमंत्री ने 2 चीते और 3 शावकों को बाड़े से स्वछंद विचरण के लिये किया मुक्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह देखकर अत्यंत सुख की अनुभूति होती है कि कभी एशिया महाद्वीप से विलुप्त हो चुके चीते आज मध्यप्रदेश की पावन धरा पर रफ्तार भर रहे हैं और अपना कुनबा भी बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जीव चराचर जंतु समाना’’ की भावना वाले मध्यप्रदेश की धरा अद्भुत है, जो वन्य-जीवों की आश्रय-स्थली बन गई और कई विलुप्तप्राय वन्य-प्राणियों की अठखेलियों का आँगन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिये वन्य-जीवन को सहेज कर रखने और जैव-विविधता के संरक्षण के लिये प्रतिबद्ध हैं और आगे भी ऐसे नवाचारों के मध्यप्रदेश की पुण्य धरा को गौरवान्वित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को पालपुर-कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता आशा, धीरा और आशा के 3 शावकों को बाड़े से खुले जंगल में स्वछंद विचरण के लिये मुक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीतों की पुनर्स्थापना से कूनो की पर्यटन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पहले 2 चीते खुले जंगल में छोड़े थे, जिससे वन्य जीवन में चीतों की पुन: बसाहट हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आज 5 चीतों को जंगल में छोड़ने का अवसर मिला है। मैं प्रदेशवासियों को इसकी बधाई देता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा करे कि यह चीते अच्छे से बढ़ें और पर्यटकों के लिये आकर्षण का केन्द्र बन सकें। उन्होंने वन्य-जीव संरक्षण और नेशनल पार्क की जैव-विविधता की सुरक्षा में जुटे कर्मियों के समर्पण की सराहना की और उनके कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो अभयारण्य में ईको-टूरिज्म की पहल को प्रोत्साहित किया। इससे न केवल संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिये रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि चीतों की पुनर्स्थापना के लिये भविष्य में कूनो राष्ट्रीय उद्यान को एक आदर्श वन्य-जीव अभयारण्य बनाने के लिये आवश्यकतानुसार प्रबंध किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ग्रामीण आजीविका मिशन की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने जड़ी-बूटियों से निर्मित राखी भेंट की। कूनो नेशनल पार्क से अभी तक 7 चीतों को जंगल में स्वछंद विचरण के लिये छोड़ा गया है। कूनो में वीरा के नये 2 शावकों को मिलाकर कुल 26 चीते हो गये हैं। इन चीतों की मॉनीटरिंग के लिये 2 दल गठित किये गये हैं, जो छोड़े गये शावकों की निगरानी और सुरक्षा करेंगे। कूनो नेशनल पार्क में चीता रिलीज कार्यक्रम के दौरान कमिश्नर ग्वालियर-चंबल श्री मनोज खत्री, आई.जी. चंबल श्री सुशांत सक्सेना, कलेक्टर श्योपुर श्री अर्पित वर्मा, सीसीएफ श्री उत्तम शर्मा और डीएफओ कूनो श्री आर. थिरुकुराल सहित प्रशासनिक एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  

12 फरवरी को मथुरा में अलंकरण समारोह आयोजित, जिसमे वीरता और विशिष्ट सेवा पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा

जम्मू भारतीय सेना की उत्तरी कमान 12 फरवरी को उत्तर प्रदेश के मथुरा सैन्य स्टेशन में एक प्रतिष्ठित अलंकरण समारोह आयोजित करेगी, जिसमें कमान के अधिकारियों और सैनिकों को उनके कर्तव्य से परे बहादुरी के कार्यों और राष्ट्र के लिए विशिष्ट सेवा के लिए वीरता और विशिष्ट सेवा पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तरी कमान इस समारोह में अपने बहादुर और असाधारण सैनिकों और इकाइयों को श्रद्धांजलि देगी। उन्होंने कहा कि उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल एम वी सुचींद्र कुमार उत्तरी कमान के अधिकारियों और सैनिकों को उनके कर्तव्य से परे बहादुरी के कार्यों और राष्ट्र के लिए विशिष्ट सेवा के लिए वीरता और विशिष्ट सेवा पुरस्कारों से सम्मानित करेंगे। प्रवक्ता ने कहा कि विभिन्न इकाइयों को उनके असाधारण पेशेवर कार्यों और अद्वितीय उपलब्धियों के सम्मान में जीओसी-इन-सी यूनिट प्रशस्ति से भी सम्मानित किया जाएगा। उत्तरी कमान और इकाइयों के सैनिकों ने असाधारण साहस का परिचय दिया है और उन्होंने अक्सर अपनी मातृभूमि की संप्रभुता और रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगायी है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘उनके उल्लेखनीय कार्य और बलिदान जुझारूपन, समर्पण और प्रतिबद्धता के उच्चतम मानकों का उदाहरण हैं, जो भारतीय सेना के चरित्र को परिभाषित करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस समारोह के माध्यम से सेना न केवल अपने कर्मियों की व्यक्तिगत और सामूहिक उपलब्धियों का जश्न मनाती है, बल्कि वफादारी, निस्वार्थ सेवा और देशभक्ति के मूल्यों को भी रेखांकित करती है, जो इसके मिशन का अभिन्न अंग हैं। प्रवक्ता के अनुसार, ‘‘यह अलंकरण समारोह राष्ट्र की सुरक्षा और स्वतंत्रता को बनाए रखने में इन नायकों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाएगा, जो भविष्य की पीढ़ियों को उत्कृष्टता और सेवा की विरासत को जारी रखने के लिए प्रेरित करेगा।’’ देश की सबसे पुरानी सैन्य छावनियों में से एक मथुरा सैन्य छावनी को इसकी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के कारण इस समारोह के लिए चुना गया है। समारोह में बड़ी संख्या में सैन्यकर्मी, गणमान्य नागरिक और पुरस्कार विजेताओं के गौरवशाली परिजन शामिल होंगे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- अंतर्विभागीय समन्वय एवं जागरूकता से फ़ाईलेरिया को करें जड़ से ख़त्म

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति और कार्य योजना की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने स्टेट टास्क फ़ोर्स की बैठक में निर्देश दिए कि सभी विभाग अंतर्विभागीय समन्वय और जागरूकता से फायलेरिया को जड़ से ख़त्म करने के लिये अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न विभाग मैदानी अमलों से 10 फ़रवरी से प्रारंभ हो रहे मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन जमीनी कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण सुनिश्चित करें साथ ही अभियान में आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करें। बैठक में स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, वन, नगरीय निकाय और आवास, स्कूल शिक्षा और केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे। वितरित दवाओं का नागरिक अवश्य करें सेवन उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्टेट टास्क फ़ोर्स की बैठक में वर्तमान में प्रदेश में लिम्फेटिक फायलेरियासिस बीमारी की स्थिति, मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन चक्र-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये एक्शन प्लान और फायलेरिया उन्मूलन गतिविधियों के संचालन के लिये अन्य विभागों से अपेक्षाएं एवं सहयोग के विषयों की वृहद् समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर से प्रयास करें। उप मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि एमडीए अभियान में वितरित दवाओं का अवश्य सेवन करें। फायलेरिया के उन्मूलन में सहयोग करें। 4 ज़िलों के 12 ब्लॉक में एमडीए का हुआ सफल क्रियान्वयन मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि मध्यप्रदेश के छतरपुर, दतिया, कटनी, पन्ना, उमरिया रीवा, मउगंज, टीकमगढ़, निवाड़ी फायलेरिया बीमारी से ज्यादा प्रभावित हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष-2025 में नॉन एण्डेमिक जिला शहडोल एमडीए गतिविधि अंतर्गत शामिल किया गया है। वर्ष-2024 में मध्यप्रदेश के 12 जिलों के 35 ब्लॉक में एमडीए का क्रियान्वयन किया गया। वर्ष-2024 में प्रदेश के 4 जिलों सागर, सतना, छिन्दवाड़ा एवं दमोह में एमडीए को सफलतापूर्वक संचालन कर बंद कर दिया गया है। प्रदेश में कुल लिम्फेडिमा के 3059 और हाइड्रोसील के 1011 मामले दर्ज कर विभाग द्वारा सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। एमडीए 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन की योजना प्रदेश में 10 फरवरी से 25 फरवरी तक 9 जिलों के 23 चिन्हित विकासखण्डों में प्रशिक्षित दवा सेवकों के माध्यम से बूथ डे एवं घर-घर भ्रमण के दौरान फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन समस्त पात्र हितग्राहियों को कराया जाएगा। एमडीए अंतर्गत डी.ए. अर्थात् डाय ईथाइल कार्बामैज़िन सीट्रेट (डीईसी) और अल्बेंडाजोल का सेवन शहडोल, दतिया एवं निवाड़ी में और आई.डी.ए अर्थात् ट्रिपल ड्रग – डी.ई.सी, एल्बेण्डाज़ोल एवं आइवरमेक्टिन का सेवन जिला- मउगंज, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, कटनी, उमरिया में कराया जाएगा।  

राजधानी भोपाल में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियां जोरों पर, मेहमान चखेंगे मालवा-निमाड़ का स्वाद

भोपाल  ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। नगर निगम व लोक निर्माण विभाग शहर को संवार रहे हैं। इसी तरह मप्र टूरिज्म बोर्ड मेहमानों की खातिरदारी की व्यवस्था में लगा हुआ है। डाटा सेंटर में निवेश के प्रयास भी किए जा रहे हैं। पहले दिन ही दूसरी समिट ऊर्जा एवं नवकरणीय ऊर्जा की होगी। इसमें खासतौर पर मोहासा बाबई में बन रहे ऊर्जा पार्क को प्रोजेक्ट कर उसमें बड़ी कंपनियों से निवेश आमंत्रित किया जाएगा। बता दें कि भोपाल में 24 फरवरी से दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) शुरू होगी। इसका शुभारंभ पीएम नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को सुबह 10 बजे करेंगे। नामी कंपनियों को आमंत्रण पांच सेक्टर एमएसएमई, खनिज, आईटी, ऊर्जा और नगरीय विकास में सबसे ज्यादा निवेश प्रस्ताव आकर्षित करने के लिए अलग-अलग समिट कराई जाएंगी। इन क्षेत्रों से संबंधित विभाग तैयारी में जुटे हैं। इन समिट में कम से कम एक हजार उद्योगपतियों और निवेशकों को लाने का टारगेट दिया गया है। हालांकि इन समिट में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। 24 को दो विभागीय समिट होंगी। पहली आइटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की। तैयारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और मप्र इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा की जा रही है। टीसीएस, इंफोसिस, आइबीएम जैसी कंपनियों को भी न्योता दिया जा रहा है। हाल ही में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसियों को लॉन्च किया गया है। दूसरे दिन यह होगा 25 को पहली समिट एमएसएमई और स्टार्टअप को लेकर होगी। प्रदेश के एमएसएमई और स्टार्टअप परिदृश्य की ब्रांडिंग की जाएगी। माइनिंग की दूसरी समिट में प्रदेश में उपलब्ध क्रिटिकल मिनरल जैसे ग्रेफाइट, रॉक फॉस्फेट, ग्लूकोनाइट आदि की ब्रांडिंग होगी। एक्सप्लोरेशन और खनिज संबंधी उद्योगों की स्थापना पर फोकस रहेगा। तीसरी समिट नगरीय विकास की होगी। शहरों के विकास, मूलभूत सुविधाओं, बड़ी कचरा प्रबंधन परियोजनाओं, सीवेज ट्रीटमेंट परियोजनाओं आदि के लिए निवेश आमंत्रित किया जाएगा। मेहमान चखेंगे मालवा-निमाड़ का स्वाद भोपाल में 24 और 25 फरवरी को होने जा रहे इंवेस्टर्स समिट में देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों को बुलाया गया है. इसमें रिलायंस समूह के मुकेश अंबानी, अदाणी समूह के गौतम अडानी सहित कई बड़े उद्योगपति के अलावा विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. समिट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी होंगे. उधर समिट में आने वाले देशी-विदेशी मेहमानों को प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के फूड से लुभाया जाएगा. इसके लिए एमपी टूरिज्म द्वारा खाने का मेन्यू तैयार कराया जा रहा है. देश-विदेश के मेहमानों को मालवा के दाल पानिये, मटर मोगरी की सब्जी परोसी जाएगी. वहीं बुंदेखंड के बरा और चंबल के बफोरी भी मेन्यु में शामिल किए जा रहे हैं. स्थानीय खानों के अलावा कॉन्टिनेंटल, चाइनीज फूड भी होंगे. 50 से ज्यादा व्यंजन परोसे जाएंगे ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में उद्योगपतियों के साथ मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के साथ मध्य प्रदेश के आथित्य और अलग-अलग क्षेत्र के स्वाद से भी रू-ब-रू कराया जाएगा. समिट में देश के नामचीन उद्योगपतियों के अलावा दूसरे देशों की बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. समिट में करीबन 5 हजार निवेशकों और कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. इन मेहमानों के सामने मध्य प्रदेश के संस्कृति और खान-पान की ब्रांडिंग भी की जाएगी. इसके लिए मेहमानों के सामने 50 से ज्यादा व्यंजन परोसे जाएंगे. इनमें मध्य प्रदेश की अलग-अलग क्षेत्रों की डिसेस को परोसा जाएगा. इसमें इंडियन और इंटरनेशनल फूड के अलावा स्थानीय डिसेस भी होंगी. इनके हिसाब से अलग-अलग फूड जोन बनाए जाएंगे. दाल बाफले, दाल पानिए परोसे जाएंगे देशी-विदेशी मेहमानों को मालवा क्षेत्र के प्रसिद्ध दाल बाफले परोसे जाएंगे. इसके अलावा दाल पानिये, आमड़ी की भाजी और मटर मोगरी की सब्जी परोसी जाएगी. बुंदेलखंड क्षेत्र के बरा, गक्कड़-भर्ता, चंबल का बफोरी के अलावा मिलेट्स की रोटी और मिलेट्स के स्वीट्स परोसे जाएंगे. मेन्यु में मध्य प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के एक-एक स्पेशल व्यंजन को शामिल किया जाएगा. फूड जोन में व्यंजनों के साथ उनकी खासियत और क्षेत्र के नामों को प्रदर्शित किया जाएगा. दिल्ली-मुंबई से बुलाए जा रहे मसाले पर्यटन विकास निगम के कॉर्पोरेट शेफ सिद्धार्थ वीरेन्द्र बताते हैं कि “मेन्यू में विदेश से आने वाले मेहमानों के स्वाद का विशेष ख्याल रखा जाएगा. हमारी कोशिश है कि यहां आने वाले सभी मेहमान सभी डिसेस का स्वाद लेकर जाएं. व्यंजनों में स्थानीय के साथ इंडियन और इंटरनेशनल फूड को भी शामिल किया जाएगा. कई डिसेज के लिए मुंबई और पुणे से स्पेशल मसालों को बुलाया जा रहा है. इसमें स्नोपी, बूसल, स्प्राट खासतौर से बुलाए जा रहे हैं.

श्रद्धा वालकर मर्डर केस के दो साल… पिता को अंतिम संस्कार का है इंतजार

नई दिल्ली आपको श्रद्धा बाल्कर हत्याकांड तो याद होगा। किस तरह से एक लड़की को प्यार के जाल में फंसाया गया और फिर कर दी गई निर्मम हत्या। इस हत्याकांड के बाद दिल्ली में मानों हड़कंप सा मच गया। लेकिन श्रद्धा के पिता को आज भी बेटी के अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहे हैं। उनका आज भा यही सवाल है कि आखिर कब मिलेगा मेरी बेटी को इंसाफ…. इसी पूरे मामले में आज हम आपको इस खबर का पूरा विशलेषण करने जा रहे हैं। छोटे से बाक्स में बंद है श्रद्धा का शव दिल्ली में एक पुलिस थाने के मालखाने में एक छोटा सा बक्सा रखा है, जिसमें बंद है श्रद्धा वॉल्कर। जिसे आज भी अपने अंतिम संस्कार का इंतजार है। ये वही श्रद्धा वॉल्कर है, जिसे उसके प्रेमी ने मौत की नींद सुला दिया था और लाश के टुकड़ों को कई दिनों तक फ्रीज में बंद रखा था। दो साल पूरे होने को हैं इस मुकदमें को शुरू हुए करीब दो साल पूरे होने वाले हैं। लेकिन अब भी इस केस हर दिन सुनवाई का इंतजार था। अब जाकर अदालत ने फैसला किया है कि मार्च के महीने से अब हर दिन इस केस की सुनवाई होगी। हालांकि इस केस में अभी तक बहुत सी कार्रवाई अधूरी है। महरौली थाने का है पूरा मामला महरौली थाने से लगभग 4 किलोमीटर दूरी पर मौजूद है साकेत कोर्ट। 1 जून 2023 यानी लगभग पिछले पौने दो साल से इसी कोर्ट में श्रद्धा केस की सुनवाई लंबित है। इस सुनवाई के दौरान ऐसा कई बार हुआ जब एक छोटे से बक्से में बंद श्रद्धा को महरौली थाने के मालखाने से निकाल कर कोर्ट में पेश किया गया। यह कहना है पिता का श्रद्धा के पिता विकास वॉल्कर को नवंबर 2022 में पहली बार पता चला था कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है। उनकी बेटी श्रद्धा के इसी दोस्त यानी आफताब पूनावाला ने श्रद्धा का कत्ल करने के बाद लाश के टुकड़ों को महरौली के जंगलों में किस्तों में ठिकाने लगा दिया था। लगभग सवा दो साल से विकास वॉल्कर को पता है कि उनकी बेटी श्रद्धा अब इस दुनिया में नहीं है। श्रद्धा के नाम पर कुछ है तो छोटे से बक्से में बंद उसकी चंद हड्डियां। मगर इस बदकिस्मत बाप की बदनसीबी देखिए कि श्रद्धा तो छोड़िए उसकी लाश के बचे खुचे टुकड़े तक उन्हें अंतिम संस्कार के लिए नहीं सौंपे गए। दो साल काट रहे हैं कोर्ट के चक्कर बीते पौने दो साल से जब जब विकास वॉल्कर साकेत कोर्ट में हाजिर होते हैं, तो बस कभी कभार कोर्ट रूम के अंदर ही उन्हें बक्से में बंद श्रद्धा नजर आ जाती है। न जाने ये कैसा मजाक है जो कानून के नाम पर एक बेबस बाप के साथ किया जा रहा है। जिस बाप की जवान बेटी को पहले ही उससे छीन लिया गया हो, जिसके कत्ल और कत्ल के तरीके की कहानी को सुन कर श्रद्धा को न जानने वाले भी गमजदा हो जाते हों, उसी श्रद्धा के अंतिम संस्कार के लिए पिछले सवा दो साल से उसके बाप को इंतजार कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तराखण्ड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल, 2025 के रोइंग प्रतियोगिता के लाइट वेट डबल स्कल्स इवेंट में मध्यप्रदेश की महिला खिलाड़ी रुक्मणि और पूनम के स्वर्ण पदक तथा रोइंग खेल के महिला-क्वाड्रापल इवेंट में संतोष यादव, खुशप्रीत, पूनम और रुक्मणि को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि भारत की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रुक्मणि और पूनम की इस उपलब्धि से पूरा प्रदेश गौरवान्वित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 38वें राष्ट्रीय खेल, 2025 के रोइंग प्रतियोगिता में पुरूषों के डबल स्कल लाइटवेट इवेंट में मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ी सुशील और नितिन देओल के कांस्य पदक जीतने पर इन्हें भी बधाई देते हुए इनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश का नया केंद्र बन रहा है मध्यप्रदेश

भोपाल सूचना प्रौद्योगिकी अब केवल एक सेक्टर नहीं, बल्कि हर उद्योग की आधारभूत आवश्यकता बन चुका है। स्वास्थ्य से लेकर कृषि, शिक्षा, उद्योग सहित हर क्षेत्र में आईटी की महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्यप्रदेश इस बदलाव का केंद्र बन रहा है, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्ट-अप्स और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी मिलकर नए अवसरों को जन्म दे रहे हैं। राज्य सरकार की आईटी और ईएसडीएम नीति, डेटा सेंटर पार्क, आईटी पार्क्स और इनक्यूबेटर्स के विकास ने मध्यप्रदेश को तकनीकी निवेश के लिए आकर्षक स्थान बनाया है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर आईटी कंपनियों के नए केंद्र बन रहे हैं। टीसीएस, इनफोसिस, यश टेक्नॉलोजीज, इंपीट्स जैसी कंपनियाँ यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 24-25 फरवरी को भोपाल में होने वाली जीआईएस में आईटी, आईटीइएस और ईर्एसडीएम सेक्टर की बड़ी कम्पनियां शामिल होंगी। जिससे मध्यप्रदेश इस सेक्टर में भी नई ऊँचाईयों को प्राप्त करेगा। डिजिटल इंडिया मिशन के साथ कदम मिलाकर मध्यप्रदेश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, ब्लॉक-चेन और साइबर सिक्योरिटी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज आईटी सेक्टर ही नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स और एग्रीटेक सेक्टर में भी तकनीकी नवाचार हो रहे हैं। राज्य में 15 आईटी पार्क और 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन पहले से कार्यरत हैं और आने वाले वर्षों में इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क-3 और 4, 50 एकड़ में डेटा सेंटर पार्क, जबलपुर में 1 लाख वर्गफुट का आईटी टॉवर और कई अन्य परियोजनाएँ डिजिटल विकास को नई गति देंगी। मध्यप्रदेश केवल आईटी निवेश के लिए नहीं, बल्कि वर्क-लाइफ बैलेंस, किफायती ऑपरेशनल लागत और सरकारी सहयोग के कारण भी स्टार्ट-अप्स और आईटी कंपनियों के लिए एक आदर्श स्थान बन रहा है। मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक स्थान, निवेश-अनुकूल नीतियों और अत्याधुनिक अवसंरचना के कारण तेजी से आईटी, आईटीईएस (इन्फोर्मेशन टेक्नॉलोजी इनेबल्ड सर्विसेज) और ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) के लिए एक प्रमुख हब बन रहा है। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) में इस क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसे पूरे देश के बाजारों तक सीधा और सुगम संपर्क प्रदान करती है। राज्य में 6 प्रमुख हवाई अड्डे और 6 इनलैंड कंटेनर डिपो मौजूद हैं, जिससे वैश्विक व्यापार को गति मिलती है। प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और समर्पित फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ा यह राज्य लॉजिस्टिक्स और परिवहन के लिए भी अनुकूल है। वर्तमान में 1 मिलियन वर्गफुट आईटी स्पेस उपलब्ध है, और 5 लाख वर्गफुट का नया आईटी अवसंरचना निर्माण कार्य जारी है। राज्य में डेटा सेंटर पार्क (50 एकड़) विकसित किया जा रहा है, जिससे एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े डेटा केंद्रों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क 3 और 4 विकसित किए जा रहे हैं, जिससे नई आईटी कंपनियों के लिए बेहतरीन अवसर खुलेंगे। एलटीआई माइंड ट्री इंदौर में ₹800 करोड़ रूपये का निवेश कर रहा है और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) रक्षा अनुसंधान एवं विकास के लिए उभरती तकनीकों का एक केंद्र स्थापित कर रहा है। राज्य की आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2023 निवेशकों को विभिन्न प्रकार की रियायतें और सुविधाएँ प्रदान करती है। आईटी और आईटीईएस कंपनियों को ₹30 करोड़ रूपये तक की पूंजीगत सहायता, ईएसडीएम सेक्टर के लिए ₹150 करोड़ रूपये तक की प्रोत्साहन राशि और डेटा सेंटर निवेशकों को 125 करोड़ तक की सहायता उपलब्ध है। भूमि शुल्क में 75 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जबकि स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क पूरी तरह से माफ किया गया है। राज्य सरकार द्वारा ₹10 करोड़ तक की मार्केटिंग सहायता और ₹15 करोड़ तक की रोजगार सहायता प्रदान की जा रही है। छोटे एवं मध्यम उद्यमों को विशेष अनुदान और टैक्स छूट के अतिरिक्त बिजली शुल्क प्रतिपूर्ति ₹2 प्रति यूनिट तक और 100 प्रतिशत बिजली शुल्क की छूट दी जा रही है। भोपाल तेजी से आईटी और ईएसडीएम के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहाँ आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और कई स्टार्ट-अप्स इनक्यूबेटर्स उपलब्ध हैं। रोजगार के बेहतरीन अवसर, जीवन की उच्च गुणवत्ता और निम्न लागत पर व्यवसाय संचालन की सुविधा इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है। जबलपुर, जो अपनी डिफेंस पीएसयू कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रसिद्ध है, तकनीकी निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र है। यहाँ 60 एकड़ का आईटी पार्क और 40 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर मौजूद है। इसके अतिरिक्त 1 लाख वर्गफुट का नया आईटी टॉवर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश को और बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश न केवल अपनी रणनीतिक अवस्थिति, निवेश-अनुकूल नीतियों और तकनीकी अवसंरचना के कारण, बल्कि अपने स्थिर प्रशासन, कुशल मानव संसाधन और सशक्त डिजिटल इको-सिस्टम के कारण भी आईटी और ईएसडीएम उद्योगों के लिए भारत में सबसे आकर्षक निवेश स्थानों में से एक बनता जा रहा है। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाले जीआईएस-2025 में आईटी और टेक्नोलॉजी निवेशकों को प्रदेश की व्यापक संभावनाओं से परिचित होने का बेहतरीन अवसर मिलेगा।

महाकुंभ में स्नानर्थियों की कुल संख्या 40 करोड़ के करीब पहुंच गई, सरकार अनुमानित संख्या के करीब पहुंची

महाकुंभ, प्रयागराज महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. कल शाम 4 बजे तक 63.12 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया. संगम में 63.12 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. अब स्नानर्थियों की कुल संख्या 40 करोड़ के करीब पहुंच गई है. इसके साथ ही सरकार का अनुमानित आंकड़ा वास्तविकता की ओर बढ़ रहा है. वहीं महाकुंभ में 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कल्पवास किया है. 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान महाकुंभ में इस बार 45 करोड़ श्रद्धालुओं के पवित्र संगम में स्नान करने का अनुमान है. हर 12 साल बाद लगने वाले इस कुंभ में 144 साल बाद खास संयोग बन रहा है, क्योंकि अब तक 12 कुंभ पूरे हो चुके हैं. इसी वजह से इसे महाकुंभ कहा जा रहा है और इसमें आने वाला श्रद्धालुओं की संख्या पहले के किसी भी कुंभ से ज्यादा है. ऐसे में कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की गिनती के लिए यूपी सरकार ने हाईटेक उपकरणों का सहारा लिया है और इस बार AI बेस्ड कैमरे की मदद से लोगों की गिनती की जा रही है. अब तक कौन-कौन कर चुका है स्नान महाकुंभ में अब तक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, अखिलेश यादव, रवि किशन, सीएम योगी और उनका पूरा मंत्रिमंडल, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, कवि कुमार विश्वास, 73 देशों के प्रतिनिधिमंडल, भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक समेत कई बड़ी हस्तियां संगम में स्नान कर चुकी हैं. वहीं बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी त्रिवेणी संगम में स्नान किया है.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet