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दुर्ग में बाइक सवार को ठोकर मार खंभे से जा टकराई हाइवा, केबिन में घंटों फसे रहे ड्राइवर-हेल्पर

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग में आज सुबह तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है. एक ओवरलोड रेत से भरी हाईवा बाइक सवार को ठोकर मारते हुए एक लोहे के पोल से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हाईवा का सामने का हिस्सा पूरी तरह से अंदर धंस गया, और उसमें बैठे चालक और परिचालक दोनों अंदर फंस गए. दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने दोनों को बाहर निकाला. बता दें, यह हादसा टाउनशिप और पावर हाउस को जोड़ने वाले ओवर ब्रिज पर हुआ, जहां भारी वाहनों को पहले ही प्रतिबंधित किया गया था. तेज रफ्तार हाईवा सेक्टर 1 से नंदिनी जाने वाले ओवर ब्रिज पर आ रहा था. जैसे ही हाईवा ब्रिज से नीचे उतरा, वह अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे बीएसपी कर्मचारी को ठोकर मार दिया. ठोकर लगने से कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत सेक्टर 9 अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

चेल्सी की शानदार वापसी, वेस्ट हैम को 2-1 से हराया

लंदन चेल्सी ने शुरू में पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए वेस्ट हैम को 2-1 से हराकर इंग्लिश प्रीमियर लीग फुटबाल टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा। चेल्सी की यह आठ मैचों में दूसरी जीत है जिससे वह अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। वह अब मैनचेस्टर सिटी से दो अंक ऊपर और तीसरे स्थान पर मौजूद नॉटिंघम फ़ॉरेस्ट से चार अंक पीछे है। वेस्ट हैम 15वें स्थान पर है। पैर की चोट के कारण पिछले छह मैच में नहीं खेल पाने वाले इंग्लैंड के फारवर्ड जारोड बोवेन ने मध्यांतर से तीन मिनट पहले गोल करके वेस्ट हैम को बढ़त दिला दी। जब लग रहा था कि वेस्ट हैम मैच पर नियंत्रण बना रहा है तब चेल्सी ने 64वें मिनट में पलटवार किया। एंज़ो फर्नांडीज के शॉट को लाइन पर रोक दिया गया था, लेकिन स्थानापन्न पेड्रो नेटो ने रिबाउंड पर गोल कर दिया। इसके 10 मिनट बाद वेस्ट हैम के डिफेंडर आरोन वान बिसाका ने आत्मघाती गोल किया जो आखिर में निर्णायक साबित हुआ।  

चाकूबाजों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर न्यायधानी के सरकण्डा थाना क्षेत्र में रविरात हुई चाकूबाजी के 7 आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है. आरोपी मुन्नू खान, रिंकू खान, अकबर खान, असरफ खान, सलमान खान, खिजाम खान, सहाजद खान ने छट्ठी कार्यक्रम के दौरान 3 लोगों से आपसी विवाद के चलते मारपीट और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है. इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है. इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है. जानकारी के अनुसार, सरकण्डा के अशोक नगर मुरूम खदान निवासी ओमप्रकाश मानिकपुरी उर्फ गब्बर (23 वर्ष), पिता दयादास मानिकपुरी ने बीते दिन 2 फरवरी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह रात में करीब 9.30 बजे खाना खाकर घर के बाहर खड़ा था, तभी मोहल्ले का संजू दौड़ते हुये आया और बताया कि पप्पू साहू के घर छट्ठी कार्यक्रम के दौरान श्रवण साहू और मुन्नू खान लोगों से झगड़ा विवाद हो रहा है. इस पर उसने मौके पर जाकर देखा तो श्रवण साहू को उक्त 7 आरोपी मिलकर लात मुक्के डंडे से मारपीट कर रहे थे. ओमप्रकाश ने मारपीट को रोकने की कोशिश की, तो रिंकू खान ने पीछे से पकड़ा और मुन्नू खान मेरी हत्या करने के नियत से चाकू निकालकर पेट में ताबड़तोड़ वार कर चोट पहुंचाया, इसी बीच पीछे से भी किसी ने उसके सिर पर डण्डे से वार किया, जिससे वह बुरी तरह घायल होकर गिर गया. प्रार्थी ओमप्रकाश ने शिकायत में यह भी कहा कि सभी 7 आरोपियों ने एक राय होकर श्रवण साहू और मुझे हत्या करने के नियत से मारपीट और चाकू से हमलाकर मौके से फरार हैं. मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने अप.क्र. – 195/2025, धारा – 109, 191(2), 191(3), 190 बीएनएस,  25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध पंजीबंद्ध कर सभी फरार आरोपियों की पतासाजी कर आज धर दबोचा है. पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया है. पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कुबूल किया है, जिसके बाद सभी को आज न्यायालय में पेश किया गया है. आरोपियों की पहचान: 01. मोह. मुख्तार खान उर्फ मुन्नू पिता करीम खान उम्र 19 वर्ष. 02. मोह. मिराज उर्फ रिंकू पिता मोह. अन्नू उम्र 21 वर्ष. 03. अकबर खान पिता अमजद खान उम्र 19 वर्ष. 04. असरफ खान पिता अमजद खान उम्र 19 वर्ष. 05. सलमान उर्फ बौना खान पिता मुन्ने खान उम्र 24 वर्ष. 06. खिजाम खान पिता सद्दाम खान उम्र 19 वर्ष. 07. सहाजद खान उर्फ छोटू पिता बन्ने खान उम्र 20 वर्ष.     सभी निवासी अशोक नगर एकता कालोनी सरकण्डा,थाना सरकण्डा जिला बिलासपुर (छ.ग.).

एसए 20 के तीसरे सत्र में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद राशिद खान ने कहा- वैसे ही कप्तानी करना चाहता था

गक्बेरहा एसए 20 के तीसरे सत्र में एमआई केपटाउन के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद आत्मविश्वास से ओतप्रोत कप्तान राशिद खान ने कहा कि वह उसी तरह से कप्तानी करना चाहते थे जैसी पिछले साल टी20 विश्व कप में अफगानिस्तान की थी। पिछले दो सत्र में खराब प्रदर्शन और प्लेआफ में जगह नहीं बना पाने के बाद एमआई केपटाउन एसए20 के तीसरे सत्र में नौ मैचों में छह जीत दर्ज करके तीस अंक के साथ शीर्ष पर है। राशिद की कप्तानी में पिछले साल टी20 विश्व कप में अफगानिस्तान की टीम ने सभी को चौंकाते हुए सुपर आठ चरण में आस्ट्रेलिया को हराया और फिर अंतिम चार में पहुंची थी। राशिद ने पार्ल रॉयल्स के खिलाफ पहले क्वालीफायर की पूर्व संध्या पर मीडिया से कहा, ‘‘मैं एमआई केपटाउन की कप्तानी उसी तरह से करना चाहता था जैसे विश्व कप में अफगानिस्तान के लिये की थी। कोच रॉबी पीटरसन ने भी मुझसे यही कहा। इस साल मैं खिलाड़ियों को बेहतर समझता था और उनके साथ काफी समय बिताया था जिससे मुझे पता था कि किस गेंदबाज का इस्तेमाल कब करना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सबसे अहम बात खिलाड़ियों से स्पष्ट संवाद रखना था। उन्हें पता होना चाहिये कि कप्तान के दिमाग में क्या चल रहा है और मुझे पता होना चाहिये कि वे क्या सोच रहे हैं। पहले साल में इससे बेहतर कर सकता था लेकिन हम सब लगातार सीखते हैं।’’ इस अनुभवी लेग स्पिनर ने कहा कि इस बार हर खिलाड़ी जिम्मेदारी लेकर खेला है जिससे उनका काम आसान हो गया। उन्होंने कहा,‘‘पिछले दो साल हमने अच्छी क्रिकेट खेली लेकिन फिनिशिंग नहीं कर सके। इस बार हमने टीम प्रयास से अच्छा किया और जिसे भी मौका मिला, उसने योगदान दिया है। चाहे वह बल्लेबाज हो, गेंदबाज या फील्डर। सबसे अहम बात है कि हम खेल का मजा ले रहे हैं और नतीजों की परवाह नहीं कर रहे।’’ उन्होंने कहा कि टीम में नेतृत्व दल होने से उन्हें काफी मदद मिल रही है। राशिद ने कहा, ‘‘टीम में एक अच्छा नेतृत्व दल होना जरूरी है। खासकर मेरे जैसे विदेशी खिलाड़ी के लिये यहां आकर कप्तानी करना आसान नहीं था लेकिन बाकी सीनियर खिलाड़ियों ने मेरी काफी मदद की। सभी ने मिलकर जिम्मेदारी ली है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिये मुझे यह नहीं सोचना पड़ता कि मैं अकेले फैसले ले रहा हूं। मैं दूसरों की भी सुनता हूं जो काफी अनुभवी हैं। ये खिलाड़ी इन हालात में काफी खेल चुके हैं और यहीं बड़े हुए हैं। उन्हें हालात की अच्छी समझ है और मुझे उनसे काफी मदद मिलती है।’’  

SP-DSP समेत 500 पुलिस वालों ने डाली रेड, मिली 20 करोड़ की अफीम, अफीम की खेती को की नष्ट

रोहतास नशे के खिलाफ बिहार में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 20 करोड़ की अफीम की खेती को नष्ट किया है। बताया जा रहा है कि रोहतास जिले में बिहार- झारखंड के सीमा पर स्थित नौहट्टा थाना के बेलौजा सोनडीला पर एसपी रौशन कुमार के नेतृत्व मे बड़ी छापेमारी की गई। इस दौरान बीस करोड़ के अफीम की खेती को नष्ट किया गया। इस दौरान शराब की कई भट्ठियों को भी ध्वस्त किया गया है। बताया जा रहा है कि एसपी-डीएसपी, 23 थानाध्यक्ष समेत करीब पांच सौ पुलिस बल छापामारी में शामिल थे। इतनी बड़ी संख्या में पुलिस की इस छापेमारी से हड़कंप मच गया। पुलिस ने इस दौरान अफीम की खेती को नष्ट कर नशे पर जोरदार प्रहार किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रोहतास जिले के सुदूर सिंहपुर गांव में अफीम की यह खेती की जा रही है। इसके बाद पुलिस ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने पूरे इलाके को सीज कर दिया। ट्रैक्टर ला कर पुलिस ने पूरी फसल को नष्ट कर दिया। कहा जा रहा है कि अफीम की यह पूरी खेती 10 एकड़ में की गई थी। 10 एकड़ की अफीम की खेती की कीमत 20 करोड़ बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि फसल के पूरी तरह से तैयार होने के बाद इसकी कीमत और भी ज्यादा हो सकती है। खुले आसमान के नीचे अफीम की यह फसल लहलहा रही थी और अफीम की मोटी-मोटी गांठें लहरा रही थीं। हालांकि, अफीम की यह खेती किसने की थी अभी इसके बारे में पुलिस की तरफ से विशेष जानकारी नहीं दी गई है।

एटीपी टूर: मेदवेदेव ने कड़े मुकाबले में वावरिंका को हराया

रोटर्डम विश्व के सातवें नंबर के खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव ने कड़ी चुनौती पेश की और दो पूर्व विजेताओं के बीच मुकाबले में स्विस स्टार स्टेन वावरिंका को हराकर एटीपी रोटर्डम ओपन में वापसी की। दूसरे वरीय खिलाड़ी ने पहले सेट में दो सेट प्वाइंट गंवाने के बावजूद साथी पूर्व चैंपियन वावरिंका पर 6-7(8), 6-4, 6-1 से रोमांचक जीत दर्ज की। हालांकि, उन्होंने 2023 में खिताब जीतने के बाद पहली बार इंडोर हार्ड-कोर्ट एटीपी 500 इवेंट में दूसरे दौर में प्रवेश करने के लिए अच्छी वापसी की। इवेंट के राउंड ऑफ 32 के अन्य मैचों में, वाइल्डकार्ड पर खेल रहे छठे वरीय यूनानी खिलाडी स्टेफानोस सितसिपास ने फ्रांस के क्वालीफायर हेरोल्ड मेयोट को सीधे सेटों में 6-1,7-5 से हराया, जबकि पोलैंड के आठवें वरीय ह्यूबर्ट हर्काज़ ने सेंटर कोर्ट पर 77 मिनट तक चले मुकाबले में इटली के फ्लेवियो कैबोली को 6-3,6-2 से हराया। इटली के क्वालीफायर मटिया बेलुची ने सोमवार रात को नीदरलैंड के मीस रोटगेरिंग को राउंड ऑफ 32 के एक अन्य मुकाबले में 6-3, 6-2 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। मेदवेदेव बनाम वावरिंका मुकाबले पर ध्यान केंद्रित था, क्योंकि दोनों पूर्व चैंपियन हैं और मेदवेदेव कुछ वर्षों के बाद इस इवेंट में वापस आ रहे थे। रोटर्डम में 2015 के खिताब विजेता वावरिंका ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरकार मेदवेदेव के जीत की रेखा पार करने के कारण उनकी ऊर्जा खत्म हो गई। 28 वर्षीय मेदवेदेव का अगला मुकाबला इतालवी क्वालीफायर मटिया बेलुची से होगा। अगर मेदवेदेव इस सप्ताह खिताब जीतने में सफल हो जाते हैं, तो यह रोम में 2023 एटीपी मास्टर्स 1000 के बाद उनका पहला खिताब होगा। यह पहली बार भी होगा जब पूर्व विश्व नंबर 1 खिलाड़ी ने एक ही इवेंट दो बार जीता हो, जबकि उनके पिछले 20 खिताब अलग-अलग टूर्नामेंट में आए हैं। मेदवेदेव को पिछले दो एटीपी मुकाबलों में मात देने के बाद, वावरिंका को आगे की चुनौती का एहसास था और इनका गेम प्लान शुरू से ही स्पष्ट था। 39 वर्षीय वावरिंका ने न केवल लम्बी रैलियों में भाग लिया, बल्कि उन्होंने अपनी निरंतर आक्रामकता के साथ मेदवेदेव पर हमला किया। वावरिंका ने 29 शॉट के सेट प्वाइंट को रोक दिया, जो ओपनर की सबसे लंबी रैली के रूप में दोगुना था, उन्होंने अपना प्रभुत्व स्थापित किया और फोरकोर्ट में प्वाइंट को पूरा किया। उन्होंने खेल के इस पैटर्न का इस्तेमाल 69 मिनट के पहले सेट के अधिकांश समय में मेदवेदेव को परेशान करने के लिए किया, जिसके दौरान स्विस खिलाड़ी ने नेट पर 17 में से 12 अंक जीते। मेदवेदेव पहले सेट के अंत में टॉयलेट ब्रेक से पूरी तरह से अलग खिलाड़ी के रूप में लौटे। पीआईएफ एटीपी रैंकिंग में नंबर 7 ने अपनी आक्रामकता का स्तर बढ़ाया, जिसने धीरे-धीरे वावरिंका से अधिक गलतियां कराना शुरू कर दिया और उनके विनर्स की संख्या में भारी कमी आई, जो दो सेटों के बीच 16 से गिरकर 5 हो गई। जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा, वावरिंका को पहले सेट में कोर्ट के सभी कोणों से विनर्स को फायर करने वाली रेंज को फिर से खोजने के लिए संघर्ष करना पड़ा। मेदवेदेव ने अंतिम सेट में शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें उन्हें एक भी ब्रेक प्वाइंट का सामना नहीं करना पड़ा।  

नर्मदा लोक का काम 150 करोड़ रुपए की लागत से तीन चरणों में, 20 करोड़ से कोरी घाट से नर्मदा घाट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा

नर्मदापुरम उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर नर्मदापुरम में जल्द ही नर्मदा लोक आकार लेना शुरू कर देगा। नर्मदा लोक का काम 150 करोड़ रुपए की लागत से तीन चरणों में किया जाएगा। इसके पहले चरण में 20 करोड़ से कोरी घाट से नर्मदा घाट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। नर्मदापुरम के खर्राघाट से गोंदरी घाट तक 5 किलोमीटर लंबा नर्मदा लोक कॉरिडोर बनेगा। इसकी टेक्निकल स्वीकृति के लिए नगर पालिका ने डीपीआर बनाकर भोपाल भेजी है। स्वीकृति आते ही फरवरी के आखिरी सप्ताह तक टेंडर हो जाएंगे। इसके बाद काम शुरू होगा। नर्मदा लोक की डीपीआर इंदौर की कला आकार एसोसिएट्स ने तैयार की है। नर्मदा लोक कॉरिडोर में खर्राघाट से गोंदरी घाट तक 5 किमी में घाटों की सूरत बदलेगी। पार्किंग, सुरक्षा के मजबूत इंतजाम होंगे। नर्मदा लोक बनाने का काम कामाख्या देवी मंदिर बनाने वाली कंपनी को मिला है। इस प्रोजेक्ट में राजघाट, विवेकानंद घाट और पोस्ट ऑफिस घाट की ड्रॉइंग एक समान रखी गई है। इसमें पूजन-पाठ के लिए गुर्जे बनेंगे। राजघाट पर तर्पण, पिंडदान हो सकेंगे। इसके अलावा घाट का चौड़ीकरण होगा। पोस्ट ऑफिस घाट पर ट्रैक भी बनेगा। नर्मदा लोक कॉरिडोर में ये काम होंगे     प्रवेश द्वारः सेठानी घाट प्रवेश द्वार और कॉरिडोर जयपुरी लाल पत्थरों से बनेगा। द्वार के गेट पर नक्काशी होगी। सलकनपुर की तर्ज पर बाघ का चेहरा और गुंबद रहेगा। कॉरिडोर के बीच में इतिहास की जानकारी मिलेगी।     सेठानी घाटः सेठानी घाट से पर्यटन घाट तक सौंदर्यीकरण किया जाएगा। गुर्जों पर खुले पंडाल बनेंगे। बैठकर नर्मदा दर्शन होंगे। निर्धारित क्षेत्र में जबलपुर के ग्वारी घाट, ओंकारेश्वर की तरह बोटिंग होगी।     210 मीटर का कॉरिडोर: सेठानी घाट से मंगलवारा घाट तक 210 मीटर लंबा कॉरिडोर बनेगा। इसमें पेड़-पौधे, लाइटिंग कर लाल पत्थर से पाथवे का डेवलप होगा।     कोरी घाटः ऊपर पार्किंग बनेगी। ऊपरी हिस्से में ही किड्स प्लाजा बनेगा। घाट पर वाटर एक्टिविटी होगी। पार्क में झूले और पौधे लगेंगे। कोरी घाट से व्यू पॉइंट बनेगा, जिससे नर्मदा का सौंदर्य निहार सकेंगे।     हर्बल पार्क घाटः गोंदरी घाट तक करीब दो किमी के दो वॉकिंग ट्रैक डेवलप होंगे। एक नर्मदा नदी के सामान्य लेवल से सटकर, दूसरा ऊपर हिस्से में बनेगा ताकि बारिश में बाढ़ जैसी स्थिति होने पर भी दूसरा ट्रैक डूबे नहीं। हर्बल पार्क में योग का स्थान भी निर्धारित रहेगा। 12 आसनों की मुद्रा नजर आएगी। पाथ वे और ओपन जिम का उपयोग लोग कर सकेंगे। ट्रैक के दोनों तरफ औषधीय पौधे लगाए जाएंगे।     पर्यटन घाटः पर्यटन घाट को चौपाटी के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां दुकानें बनेंगी। यहां म्यूजिक पॉइंट, सेल्फी पॉइंट, पार्क और लाइट फाउंटेन लगेंगे। बड़ा पार्किंग स्थल बनेगा। श्रद्धालुओं के वाहन सेठानी घाट के बजाय इसी पार्किंग में खड़े होंगे। 2023 में शिवराज ने की थी नर्मदा कॉरिडोर की घोषणा वर्ष 2023 में नर्मदा जयंती पर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी। चौहान नर्मदा जयंती पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा था कि जैसा महाकाल लोक, सलकनपुर में देवी लोक बन रहा है, वैसा ही नर्मदापुरम में मां नर्मदा कॉरिडोर बनाया जाएगा। घोषणा के बाद कॉरिडोर का मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। दो साल तक धीमी गति से चलने के बाद अब जाकर कॉरिडोर बनाने की रूपरेखा तेज हुई है। प्रथम चरण में 20 करोड़ रुपए के काम को टीएस (टेक्निकल स्वीकृति) के लिए भोपाल भेजा गया है। बाढ़ मैनेजमेंट के अनुसार बनाया प्लान लोगों के सुझाव के बाद नर्मदा रिवर फ्रंट के अनुसार डिटेल सर्वे कर डीपीआर बनाई गई है। नगर पालिका सीएमओ हेमेश्वरी पटले ने बताया कि करीब 150 करोड़ रुपए में नर्मदा लोक कॉरिडोर का काम होगा। प्रथम चरण में 20 करोड़ के काम होंगे। टेंडर जारी होने के बाद काम शुरू होगा। बारिश में आने वाली बाढ़ के लेवल को देखते हुए प्लान बनाया गया है। प्रथम चरण की डीपीआर 20 करोड़ रुपए की नगर पालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव ने बताया कि महाकाल लोक जैसा ही नर्मदा लोक कॉरिडोर बनेगा। प्रथम चरण में मंगलवारा घाट से कोरी घाट तक काम होगा। जिसमें सेठानीघाट, नर्मदा लोक द्वार, पर्यटन घाट बनाए जाएंगे। पार्किंग की समस्या खत्म हो जाएगी। दूसरी नदियों की तरह नर्मदापुरम में भी लोग नौका विहार कर सकेंगे। सीएमओ हेमेश्वरी पटले ने कहा कि प्रथम चरण की डीपीआर 20 करोड़ रुपए की बनाई है। टेक्निकल स्वीकृति आते ही टेंडर होगा। प्रथम चरण में सेठानी घाट, कोरी घाट, पर्यटन घाट का काम होगा। बाद में जैसे-जैसे फंड मिलेगा, वैसे-वैसे अगले चरण में मंगलवारा घाट, हर्बल पार्क से गोंदरी घाट तक वॉकिंग खर्रा घाट के काम होंगे। जानिए, नर्मदा जयंती क्यों मनाई जाती है पौराणिक कथाओं के अनुसार, माघ माह में शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मां नर्मदा का अवतरण हुआ था, इसलिए हर साल नर्मदा जयंती मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन नर्मदा नदी में डुबकी लगाने से व्यक्ति के समस्त पापों से छुटकारा मिलता है। ऐसी मान्यता है कि मां नर्मदा की उपासना करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि मिलती है। मध्यप्रदेश के अमरकंटक में नर्मदा जयंती का मुख्य कार्यक्रम होता है। नदी के तट पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। नर्मदापुरम में नर्मदा घाटों को सजाया जाता है। आकर्षक विद्युत साज-सज्जा की जाती है। शाम से देर रात तक सेठानी घाट पर आयोजन नर्मदापुरम में सुबह 9:30 बजे मां नर्मदा जन्मोत्सव मनाया जाएगा। दोपहर 3 बजे मोरछली चौक से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। शाम 5 बजे से रात 8:30 बजे तक सेठानी घाट पर जल मंच से मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी, जो देर रात तक जारी रहेंगी।

पडोसी देश पाकिस्तान से 400 हिंदुओं की अस्थियां भारत पहुंची, मृतकों को भारत में मिलेगा मोक्ष; हरिद्वार में होगा गंगा विसर्जन

अमृतसर  पाकिस्तान से लगभग 400 हिंदुओं की अस्थियां लेकर एक समूह भारत आया है। ये लोग इन अस्थियों को हरिद्वार में गंगा नदी में विसर्जित करना चाहते हैं। साथ ही महाकुंभ में प्रयागराज जाकर पवित्र स्नान करने की भी इच्छा रखते हैं। यह तीसरी बार है जब विभाजन के बाद पाकिस्तान से हिंदुओं की अस्थियां भारत लाई गई हैं। पहले 2011 और 2016 में भी अस्थियां लाई जा चुकी हैं। यह समूह सोमवार को अटारी बॉर्डर पहुंचा। दिल्ली के निगम बोध घाट पर 4 से 21 फरवरी तक अस्थियां रखी जाएंगी। 22 फरवरी को हरिद्वार के कनखल में सीता घाट पर विसर्जन होगा। इसके साथ 100 किलो दूध की आहुति भी दी जाएगी। वीजा एक्सटेंशन की उम्मीद पाकिस्तान से आए हिंदू समूह के पास लखनऊ और हरिद्वार जाने का वीजा है। वे प्रयागराज जाने के लिए वीजा एक्सटेंशन की उम्मीद कर रहे हैं ताकि महाकुंभ में पवित्र स्नान कर सकें। कराची के श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत राम नाथ मिश्र महाराज ने बताया कि पाकिस्तान में कई हिंदुओं की इच्छा होती है कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी अस्थियां गंगा में विसर्जित की जाएं। उनके परिजन उनकी यह अंतिम इच्छा पूरी करना चाहते हैं। ऐसे में अस्थियों को मंदिरों में कलश में सुरक्षित रखा जाता है। जब पर्याप्त संख्या में कलश इकट्ठे हो जाते हैं, तो भारत का वीजा लेने का प्रयास किया जाता है। इस तरह मृतक या उनके परिवार की अंतिम इच्छा पूरी होती है। राम नाथ मिश्र ने बताया कि वे लगभग 400 कलश लेकर आए हैं। ये अस्थियां पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों से एकत्रित की गई हैं। 22 फरवरी को कनखल के सीता घाट पर विसर्जन दिल्ली की श्री देवोथान सेवा समिति के महासचिव विजय शर्मा और अन्य लोग अटारी बॉर्डर पर अस्थियां लेने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि 4 से 21 फरवरी तक अस्थियों को दिल्ली के सबसे पुराने और बड़े श्मशान घाट, निगम बोध घाट पर रखा जाएगा। लोग यहां आकर श्रद्धांजलि दे सकेंगे। 21 फरवरी को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अस्थियों को हरिद्वार ले जाया जाएगा। 22 फरवरी को कनखल के सीता घाट पर विसर्जन होगा। इसके साथ 100 किलो दूध की आहुति दी जाएगी। यह एक पारंपरिक हिंदू रस्म है। विजय शर्मा ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वे उन हिंदुओं को वीजा जारी करें जो अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार हरिद्वार में करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे सभी मंचों के माध्यम से अपनी मांग उठाएंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि पाकिस्तानी हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान हो।

गुजरात में जल्द लागू होगा UCC,सीएम भूपेन्द्र पटेल ने किया कमेटी का ऐलान

अहमदाबाद  उत्तराखंड के बाद अब एक और बीजेपी शासित राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, गुजरात सरकार समान नागरिक संहिता को लागू करने को लेकर मंगलवार को घोषणा कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि गुजरात सरकार आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यूसीसी समिति के बारे में घोषणा कर सकती है। इस समिति में तीन से पांच लोग हो सकते हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूसीसी को लेकर ऐलान करेंगे। गुजरात में वर्तमान में भाजपा की सरकार है, इसे भाजपा का गढ़ भी माना जाता है। पिछले 30 सालों से यहां की सत्ता पर भाजपा काबिज है। उत्तराखंड में यूसीसी लागू गुजरात में 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने यूसीसी को लेकर अपने इरादों को जाहिर किया था। बता दें कि उत्तराखंड में 27 जनवरी को यूसीसी लागू किया गया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी (समान नागरिक संहिता) पोर्टल और नियम को लॉन्च किया। उन्होंने बताया था कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू करके हम संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उत्तराखंड सरकार ने यूसीसी के लिए काफी बातों पर विचार-विमर्श किया। यूसीसी में अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई है। इसके अनुसार, यूसीसी उत्तराखंड और उससे बाहर रहने वाले राज्यों के निवासियों पर लागू होगा। हालांकि, अनुसूचित जनजातियों को छूट दी गई है। UCC के प्रावधान – विवाह और तलाक के लिए कानून एक समान होगा। एक पुरुष और महिला के बीच विवाह तभी हो सकता है जब वे विवाह के लिए योग्य आयु प्राप्त कर चुके हों और विवाह के समय दोनों पक्षों में से किसी का भी कोई जीवित जीवनसाथी न हो। – कपल को मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए और विवाह के लिए सहमति देने में सक्षम होना चाहिए। – UCC के अनुसार, पुरुष की कानूनी विवाह आयु 21 वर्ष और महिला की 18 वर्ष होनी चाहिए, और दोनों पक्ष निषिद्ध संबंधों के दायरे में नहीं होने चाहिए। – UCC 60 दिनों के भीतर विवाह पंजीकरण को भी अनिवार्य बनाता है। हालांकि, यूसीसी का कहना है कि केवल पंजीकरण न होने के कारण विवाह को अमान्य नहीं माना जाएगा। – जिन व्यक्तियों ने पहले ही नियमों के अनुसार अपना विवाह पंजीकृत करा लिया है, उन्हें फिर से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उन्हें पावती देनी होगी। – विवाह पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से कराया जा सकता है। पंजीकरण के लिए आवेदन प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर उप-पंजीयक को निर्णय लेना अनिवार्य है। यदि 15 दिनों के भीतर कोई निर्णय नहीं होता है, तो अधिनियम के अनुसार आवेदन स्वचालित रूप से रजिस्ट्रार को भेज दिया जाएगा। – आवेदन खारिज होने पर पारदर्शी अपील प्रक्रिया उपलब्ध है। साथ ही, गलत जानकारी देने पर दंड का प्रावधान है। – राज्य सरकार विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्रार और उप-रजिस्ट्रार नियुक्त करेगी। – यह वसीयत और कोडिसिल (वसीयतनामा उत्तराधिकार) के निर्माण और निरस्तीकरण के लिए एक सुव्यवस्थित ढांचा प्रदान करती है।

उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर को परास्त किया जा सकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर को परास्त किया जा सकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने दिया जागरूकता फैलाएं – कैंसर को हराएं – जीवन को जिताएं का संदेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व कैंसर दिवस पर कहा है कि सही जानकारी, उचित समय पर जांच और इलाज से कैंसर जैसी बीमारी को परास्त किया जा सकता है। उत्तम स्वास्थ्य ही खुशहाल जीवन का आधार है। उन्होंने कैंसर दिवस पर जागरूकता फैलाएं-कैंसर को हराएं-जीवन को जिताएं का संदेश देते हुए प्रदेशवासियों से कैंसर के संबंध में स्वयं जागरूक रहते हुए समाज को जागरूक करने और स्वस्थ भारत के संकल्प की सिद्धि में सहभागी होने का आव्हान किया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न पं. भीमसेन जोशी की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शास्त्रीय गायक, भारत रत्न, पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पं. भीमसेन जोशी ने समर्पण और सतत् लगन से भारतीय संगीत परंपरा को समृद्ध कर विश्व में इसका मान बढ़ाया। उनकी आवाज और कला का जादू अनंतकाल तक अवस्मिरणीय रहेगा।  

शिवपुरी में दूल्हे के पिता ने मिसाल की पेश, सगुन की बड़ी राशि लौटा दी

 शिवपुरी शिवपुरी जिले के करैरा बीआरसी कार्यालय में पदस्थ शिक्षक अमर सिंह लोधी ने मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने बेटे की सगाई में 40 लाख  रुपए के सगुन की राशि ठुकरा दी है। सिर्फ 501 रुपए लेकर दहेज प्रथा के खिलाफ साहसिक कदम उठाया है। उनके इस फैसले से दुल्हन पक्ष के लोग भावुक हो गए। दहेज प्रथा के खिलाफ कदम उठाकर इस सामाजिक कुरीति से दूर रहने का आह्वान समाज बंधुओं से किया है। दरअसल, बीआरसी कार्यालय में बीएससी की पदस्थ शिक्षक अमर सिंह लोधी के पुत्र कपिल लोधी की सगाई समारोह आयोजित किया गया था। उनका बेटा रेलवे में सहायक उपयंत्री के पद पर चयनित हुआ है। बेटे की अच्छी नौकरी के बाद संबंध पक्का हुआ। संबंध पक्का होने के बाद सगाई समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में वधु पक्ष के द्वारा 40 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की गई। इस घोषणा के बाद कार्यक्रम में अमर सिंह लोधी खड़े हुए और उन्होंने इस दहेज को ठुकराने की घोषणा कर दी। उन्होंने समाज के सभी बंधुओं के सामने कहा कि इन पैसों से मैं अमीर नहीं बन सकता। इस सोच से हम सभी लोगों को दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा ने हमारी परंपराओं को कलंकित कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले सगाई एक शुभ सगुन होता था लेकिन हमने इसे दहेज में बदल दिया। इसलिए हमें हम सभी लोगों को इसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने इस कार्यक्रम में 40 लाख रुपए का जो ऑफर आया था, उसे लेने से इंकार कर दिया। साथ ही कहा कि मुझे तो केवल 501 रुपए का सगुन दे दीजिए। दूल्हे के पिता की मुंह से यह बात सुनकर दुल्हन पक्ष के लोग भावुक हो गए। साथ ही उनके साहसिक कदम की खूब तारीफ हो रही है। अपने बेटे की सगाई समारोह के दौरान 40 लाख रुपए की राशि लेने से इंकार करने वाले अमर सिंह लोधी ने इस सगाई समारोह मौजूद समाज के अन्य बंधुओं से भी अपील की। उन्होंने कहा कि वह इस कुरीति से दूर रहे और समाज में एक जुटता का परिचय देते हुए दहेज प्रथा के खिलाफ खड़े हो। अमर सिंह लोधी इससे पहले तेरहवीं के भोज को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। वहीं, लोधी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष हरिओम नरवरिया ने अमर सिंह लोधी के बेटे की सगाई में दहेज प्रथा के खिलाफ उठाए गए इस कदम का स्वागत किया। हरिओम नरवरिया ने कहा कि समाज के अन्य बंधुओं को भी इस तरह आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में दहेज प्रथा के अलावा तेरहवीं पर होने वाले भोज को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। कई लोगों ने समाज में तेरहवीं का भोज बंद भी कर दिया है। इस तरह की सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ हम आपस में एकजुटता दिखाते हुए काम कर रहे हैं।

कुंभ के पानी को सबसे दूषित बताने पर अब VHP यानी विश्व हिंदू परिषद ने उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की

लखनऊ समाजवादी पार्टी सांसद जया बच्चन की गिरफ्तारी की मांग उठ रही है। उन्होंने कुंभ के पानी को सबसे दूषित बताया था। उन्होंने दावा किया था कि भगदड़ में जान गंवाने वालों की लाशें पानी में फेंक दी गई थीं। इसके बाद अब VHP यानी विश्व हिंदू परिषद ने उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के नेताओं, धार्मिक संगठनों ने भी बच्चन के बयान पर आपत्ति दर्ज कराई थी। मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा, ‘गलत और झूठे बयानों के जरिए सनसनी फैलाने के लिए जया बच्चन को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘महाकुंभ आस्था और भक्ति का आधार हैं, जहां धर्म, कर्म और मोक्ष मिलता है। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हैं।’ क्या बोलीं जया बच्चन संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए सपा सांसद बच्चन ने कहा, ‘अभी सबसे ज्यादा दूषित पानी कहां है? कुंभ में… वहां मची भगदड़ में जिन लोगों की मौत हुई, उनके शव नदी में फेंक दिए गए हैं, जिससे पानी दूषित हो गया है। असली मुद्दों पर कोई बात नहीं कर रहा। सपा सांसद ने इसके साथ ही महाकुम्भ में आने वाले लोगों की संख्या पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘कुंभ में आने वाले आम लोगों को कोई विशेष सुविधा नहीं दी जा रही, उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं है। यह झूठ बोला जा रहा है कि वहां करोड़ों लोग आ चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोग किसी भी समय एक जगह पर कैसे इकट्ठा हो सकते हैं? जया बच्चन का यह बयान ‘एक्स पर दिनभर टॉप ट्रेंड में रहा। भाजपा ने इसे हिंदू आस्था और कुंभ मेले का अपमान करार दिया है। वहीं कई धार्मिक नेताओं और संगठनों ने जया बच्चन से माफी की मांग की है और उनके बयान को ‘गुमराह करने वाला और असंवेदनशील बताया है।

अमेरिका से वापस भेजे जा रहे भारतीय, पर इससे भी होने वाला है एक बड़ा फायदा, जाने कैसे

वाशिंगटन अमेरिका से भारत लौट रहे अवैध प्रवासियों की पहली फ्लाइट चर्चा में है लेकिन इस वापसी के पीछे एक और बड़ा फायदा होने वाला है। पंजाब पुलिस ने लगभग 100 कुख्यात अपराधियों की पूरी हिस्ट्री तैयार कर ली है, जिनमें से 20 के अमेरिका में छिपे होने की आशंका है। अब यह संभावना बढ़ गई है कि अमेरिका से अपराधियों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज हो सकती है। अमेरिका में छिपे हैं पंजाब के वॉन्टेड अपराधी दी ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका में पंजाब के कई कुख्यात अपराधी छिपे हुए हैं। इनमें सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के आरोपी अनमोल बिश्नोई (गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई), पुलिस प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड हमलों में शामिल हैप्पी पासिया, ड्रग तस्कर सरवन भोला, और गोपी नवांशहरिया जैसे नाम शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू भी पंजाब में हिंसा फैलाने और अवैध प्रवास को बढ़ावा देने में शामिल हैं, ऐसे में उसके तैयार किए गए गुर्गे भी इस वापसी में शामिल हो सकते हैं। इस लिहाज से अमेरिका द्वारा अवैध प्रवासियों को वापस भेजने की शुरुआत इस दिशा में भी मददगार साबित हो सकती है। अमेरिकी नीति से मिल सकता है फायदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अवैध प्रवासियों और अपराधियों पर सख्ती की नीति ने पंजाब पुलिस के लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आसान बनाने का मौका दिया है। पुलिस के काउंटर-इंटेलिजेंस यूनिट, एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स पहले से ही इन अपराधियों की फाइलें तैयार कर रही थीं। अब यह जानकारी अमेरिकी एजेंसियों को सौंपने की प्रक्रिया तेज़ कर दी गई है। क्या कहती है पंजाब पुलिस? एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “हम अवैध प्रवासियों की वापसी को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं, लेकिन उन ट्रैवल एजेंट्स की जांच करेंगे, जिन्होंने इन लोगों को गैरकानूनी तरीके से विदेश भेजा। प्रत्यर्पण और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जैसी औपचारिकताएं जरूरी हैं, जिन पर तेजी से काम किया जा रहा है।” कौन हैं वो लोग जो लौट रहे हैं? अब तक पंजाब पुलिस को इस बात की कोई जानकारी नहीं मिली है कि अमेरिका से भेजे गए अवैध प्रवासियों में कौन-कौन शामिल हैं। इस पर जानकारी के लिए पुलिस विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय जांच एजेंसी के संपर्क में है। पंजाब में अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क को कमजोर करने के लिए यह एक अहम मौका है। यदि अमेरिका ने पंजाब के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की, तो राज्य में संगठित अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। यह सिर्फ अवैध प्रवासियों की वापसी नहीं, बल्कि पंजाब में अपराधियों की धरपकड़ का भी एक बड़ा मौका साबित हो सकता है।

भोपाल के मोतीनगर में चौथी लाइन के लिए टूटेंगी 400 झुग्गियां, टाली गई झुग्गियों को हटाने की कार्रवाई

भोपाल राजधानी भोपाल के मोती नगर बस्ती में करीब 400 मकान-झुग्गियों और 110 दुकानों को हटाने की कार्रवाई कुछ समय के ली टाल दी गई है. जिला प्रशासन, नगर निगम और रेलवे ने इससे पहले 4 फरवरी तक बस्ती को खाली करने का नोटिस जारी किया था.   इस बस्ती में रहने वाली राहेला की आज शादी है और उसके हाथों में मेहंदी सजी हुई है. लेकिन शादी की तैयारी छोड़ दुल्हन और उसका परिवार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है. दरअसल, नोटिस के बाद से बस्ती में रहने वालों को बेघर होने का डर सता रहा है. सोमवार को कई लोग दुल्हन राहेला को लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे और मोहलत देने की मांग की. इसके अलावा, अभी परीक्षाओं का समय चल रहा है. ऐसे में बस्ती में रहने वाले बच्चों के सामने भी पढ़ाई का संकट खड़ा हो जाएगा, इसलिए रहवासियों ने फिलहाल प्रशासन से कार्रवाई नहीं करने की मांग की है. बता दें कि सुभाष नगर आरओबी की ​थर्ड लेग के निर्माण और चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए मोती नगर बस्ती को हटाने की कार्रवाई होनी है. फिलहाल बस्ती खाली करने के लिए 4 फरवरी तक की मोहलत दी गई थी, लेकिन रहवासियों की तकलीफों को देखते हुए कार्रवाई को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है. लेकिन कार्रवाई कब तक के लिए टाली गई है? यह फ़िलहाल यहां रहने वालों को पता नहीं चल पाया है.  

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