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सचिन तेंदुलकर को बीसीसीआई द्वारा हर महीने 70,000 रुपये की पेंशन दी जाती है

नई दिल्ली क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट जगत में कोई भी पहचान देने की जरूरत नहीं है। उनके योगदान को शब्दों में व्यक्त करना बेहद मुश्किल है। हालांकि, क्रिकेट की दुनिया से रिटायरमेंट लेने के बाद भी उनका संबंध खेल से बना हुआ है। क्या आप जानते हैं कि बीसीसीआई (BCCI) सचिन तेंदुलकर को हर महीने कितनी पेंशन देती है? अगर नहीं, तो इस लेख में हम आपको यही जानकारी देंगे, साथ ही यह भी बताएंगे कि अन्य क्रिकेटरों को क्या पेंशन मिलती है भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2004 में एक पेंशन योजना शुरू की थी, जिसका उद्देश्य रिटायर होने के बाद क्रिकेटरों को वित्तीय सहायता प्रदान करना था। इस योजना के तहत पेंशन राशि खिलाड़ी के टेस्ट मैचों की संख्या पर आधारित थी। यानी, जितने ज्यादा टेस्ट मैच खेले होंगे, उतनी अधिक पेंशन मिलती है। यह योजना क्रिकेटरों की लंबी सेवा और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए बनाई गई थी। सचिन तेंदुलकर को कितनी पेंशन मिलती है? सचिन तेंदुलकर के बारे में यह कहा जाता है कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट को अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर दी। सचिन तेंदुलकर को बीसीसीआई द्वारा हर महीने 70,000 रुपये की पेंशन दी जाती है। यह पेंशन उनकी लंबी क्रिकेट यात्रा और योगदान के आधार पर तय की गई है। बीसीसीआई का यह कदम सचिन जैसे महान खिलाड़ी के सम्मान के रूप में देखा जाता है। अन्य क्रिकेटर्स को क्या मिलती है पेंशन? सचिन तेंदुलकर के अलावा बीसीसीआई कई अन्य महान क्रिकेटरों को भी पेंशन देती है। उदाहरण के तौर पर: युवराज सिंह को हर महीने 60,000 रुपये की पेंशन मिलती है। विनोद कांबली को 6,30,000 रुपये की सालाना पेंशन मिलती है। यह पेंशन क्रिकेटरों को उनके योगदान के आधार पर दी जाती है, और यह उन खिलाड़ियों के लिए एक तरह का सम्मान और उनके क्रिकेट करियर के प्रति सम्मान व्यक्त करने का तरीका है।

उज्जैन में जीआई टैग के लिए प्रेजेंटेशन बैठक हुई, बुरहानुपर के केले में मिनरल्‍स का भंडार, बताईं खूबियां

बुरहानपुर करीब दो साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद गुरुवार को उज्जैन में जीआई टैग के लिए प्रेजेंटेशन बैठक हुई। इस बैठक में प्रदेश के सोलह से ज्यादा जिलों के अधिकारियों को बुलाया गया था, लेकिन दस जिलों के अधिकारी ही शामिल हुए। साथ ही केंद्र सरकार की टीम और जीआई टैग मप्र के डायरेक्टर लक्ष्मीकांत दीक्षित मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार बैठक में शामिल बुरहानपुर जिले के विज्ञानी और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने केले की विशेषता बताई। इसके साथ ही देवास जिले से पहुंचे अधिकारियों ने वहां के खुरचन (मलाई से बना मिष्ठान) और गुलाब जामुन की विशेषता बताई। इसके अलावा जीआई टैग के लिए नरसिंहपुर के बैगन व इमली और इंदौर के आलू को भी शामिल किया गया है। सभी जिलों के अधिकारियों ने अपने उत्पादों की विशेषता, गुणवत्ता और उनमें मौजूद तत्वों के संबंध में जानकारी दी। केंद्र से आई टीम प्रेजेंटेशन के दौरान सामने आए तथ्य व जानकारी लेकर दिल्ली रवाना हो गई है। इस बैठक को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। वहां मीडिया का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित था। बताया जा रहा है कि जल्द ही इस प्रेजेंटेशन का परिणाम आ सकता है। यदि बुरहानपुर के केले को जीआई टैग मिला तो इसके एक्सपोर्ट में कई गुना की वृद्धि संभव है। वर्ष 1960 से शुरू केले का उत्पादन जिले में केेले का उत्पादन वर्ष 1960 से शुरू हुआ था। पहली बार जलगांव से बैलगाड़ी में टिश्यू कल्चर लाकर पांच एकड़ खेत में फसल लगाई गई थी। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य किसानों ने फसल लगाना शुरू किया। इससे पहले तक जिले में मोसम्बी और संतरे की खेती की जाती थी। यह जिला चारों ओर से पहाड़ों से घिरा है। केला उत्पादन के लिए जलवायु पूरी तरह उपयुक्त है। छब्बीस हजार हेक्टेयर में होता है केला जिले में करीब 26 हजार हेक्टेयर में केले का उत्पादन होता है। इस काम में 16 हजार से ज्यादा किसान सक्रिय हैं। चार प्रमुख बिंदुओं पर प्रजेंटेशन तैयार किया था। इनमें जिले में केले का इतिहास, मिट्टी की गुणवत्ता, जलवायु और पोषक तत्व शामिल थे। केले को जीआई टैग प्रदान करने के लिए वर्ष 2023 में आवेदन किया गया था। अब जाकर जीआई टैगिंग के लिए बैठक बुलाई गई। उल्लेखनीय है कि बुरहानपुर का केला स्वाद और गुणवत्ता में हमेशा से बेहतर रहा है। यही वजह है कि इसकी मांग देश के कई राज्यों के साथ खाड़ी देशों तक है।  

समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये किसान भाई 31 मार्च तक करा सकते हैं पंजीयन

ग्वालियर मौजूदा रबी विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये ग्वालियर जिले में 40 पंजीयन केन्द्रों (प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थायें) पर किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। साथ ही किसान भाई एमपी ऑनलाइन कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र एवं कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी अपना पंजीयन करा सकते हैं। सिकमी किसानों के पंजीयन का काम पंजीयन केन्द्रों पर ही किया जायेगा। जिन किसान भाईयों ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है, उनसे 31 मार्च तक पंजीयन कराने का आग्रह किया गया है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ का उपार्जन खरीदी केन्द्रों पर 5 मई तक किया जायेगा। समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी की दर 2600 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जायेगा।

रायपुर बना NFSU का आधिकारिक परिसर, उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बोले- युवाओं को मिलेगा फॉरेंसिक शिक्षा में बेहतरीन अवसर

रायपुर छत्तीसगढ़ को फॉरेंसिक विज्ञान क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राजधानी रायपुर स्थित परिसर को राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) के आधिकारिक परिसर के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है. यह महत्वपूर्ण निर्णय प्रदेश को फॉरेंसिक विज्ञान, अनुसंधान और जांच के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा. अब छत्तीसगढ़ में ही आधुनिक तकनीकों के माध्यम से फॉरेंसिक शिक्षा और अनुसंधान को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा, जिससे न्याय प्रणाली को और प्रभावी बनाया जा सकेगा. इस अभूतपूर्व पहल के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हृदय से आभार व्यक्त किया. उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यह निर्णय न केवल प्रदेश के युवाओं को फॉरेंसिक शिक्षा के बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा, बल्कि जांच और अपराध अनुसंधान के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्यों में शामिल करने में भी सहायक होगा.

देश भर के बैंक कर्मचारी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर सड़क पर, 22 से 30 मार्च बैकिंग सेवाएं प्रभावित

बिलासपुर देश भर के बैंक कर्मचारी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर सड़क पर उतरेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले मार्च में दो दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया है। 24 और 25 मार्च को बैंक बंद रहेंगे। ठीक पहले 22 मार्च को चौथा शनिवार और 23 मार्च को रविवार के अवकाश को मिलाकर बैंक लगातार चार दिन बंद रह सकते हैं। ग्राहकों को इस बीच बैंकिंग कार्यों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यूएफबीयू की ओर से कहा गया है कि सरकार और बैंक प्रबंधन ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 24 और 25 मार्च को हड़ताल अनिवार्य होगी। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज शनिवार और रविवार अवकाश पड़ेगा। इन दो दिनों के बाद हड़ताल के कारण बैंक चार दिन तक बंद रहेंगे। इससे ग्राहकों को अपने जरूरी काम निपटाने में मुश्किल हो सकती है। बैंक कर्मचारी लंबे समय से कई मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं। ये मांगे उठा रहे हैं बैंककर्मी     बैंकिंग में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना।     सभी अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करना।     सभी कैडर में पर्याप्त भर्ती करना।     नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करना। इसके अलावा बैंक कर्मचारी वित्तीय सेवा विभाग के हालिया परफॉर्मेंस समीक्षा से जुड़े निर्देश वापस लेने की मांग कर रहे हैं। पीनबी में 28 और 29 को मार्च को हड़ताल 28-29 मार्च को ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईपीएनबीओए) द्वारा पंजाब नेशनल बैंक की सभी शाखाओं में हड़ताल रहेगी। माना जा रहा है कि मैनेजमेंट बैंक अधिकारियों के हित के विरुद्ध न्यू ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने जा रहा है। हालांकि, पंजाब नेशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के मर्जर के समय यह कहा गया था कि “बेस्ट ऑफ थ्री” की पालिसी लागू की जाएगी। अब ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव को अधिकारी धोखा बता रहे हैं। केवाईसी अपडेट के लिए बैंकों में लग रही कतार मार्च वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना होने के कारण बैंकिंग गतिविधियां तेज हो गई हैं। बैंकों द्वारा पिछले छह महीनों से ग्राहकों को आधार-पैन लिंक और केवाईसी अपडेट करने की सूचना दी जा रही थी। अधिकांश लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब जब बैंकों ने ट्रांजैक्शन पर रोक लगानी शुरू कर दी है, तो ग्राहकों में हड़कंप मच गया है। हड़बड़ी में लोग अपने खाते की प्रक्रिया पूरी करने के लिए बैंकों की ओर दौड़ लगा रहे हैं, जिससे बैंकों में भारी भीड़ उमड़ रही है। शहर के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। बैंक कर्मचारी लगातार लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के लिए कह रहे हैं। मगर, तकनीकी समस्याओं के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है। ग्राहकों का कहना है कि केवाईसी अपडेट के लिए और समय दिया जाना चाहिए, ताकि सभी लोग बिना परेशान हुए अपनी जानकारी अपडेट कर सकें। ग्राहकों को मिल रहे हैं एरर मैसेज साथ ही, बैंक प्रबंधन को तकनीकी समस्याओं को ठीक कर, अधिकृत कर्मचारियों की सहायता से यह प्रक्रिया पूरी करानी चाहिए। दरअसल, बैंकिंग वेबसाइट और मोबाइल ऐप ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इससे ग्राहकों को एरर मैसेज मिल रहे हैं। बुजुर्ग और तकनीकी जानकारी से दूर लोग मोबाइल ऐप या वेबसाइट से खुद प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं। बैंककर्मी अत्यधिक भीड़ और अन्य कार्यों में व्यस्त होने के कारण सभी ग्राहकों की मदद नहीं कर पा रहे। ग्राहक अपने महत्वपूर्ण कार्यों को छोड़कर बैंकों में आ रहे हैं, लेकिन आनलाइन प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। हो सकते हैं यह समाधान     ऑनलाइन पोर्टल की खामियों को जल्द ठीक किया जाए।     केवाईसी अपडेट के लिए विशेष काउंटर बनाए जाएं।     बैंक ग्राहकों को हेल्पडेस्क और फोन सहायता दी जाए।     बुजुर्गों के लिए बैंकों में की जाए विशेष व्यवस्था।  

मध्य प्रदेश के चंदेरी शहर में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देंगी कृतिका कामरा

मुंबई, जानीमानी अभिनेत्री कृतिका कामरा मध्य प्रदेश के चंदेरी शहर में ऐतिहासिक कला रूपों के संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देंगी। कृतिका कामरा जल्द ही अपने गृहनगर मध्य प्रदेश जाएंगी, जहां वे उन महिला कारीगरों से मुलाकात करेंगी, जो उनके 2024 में शुरू किए गए अनोखे फैशन पहल का अहम हिस्सा हैं। यह पहल महिलाओं को सशक्त बनाने और पारंपरिक कला को संरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। कृतिका का मानना है कि हमें उन लोगों का समर्थन करना चाहिए, जो हमारी रचनात्मक दृष्टि को साकार करने में मदद करते हैं। कृतिका अपने इस सफर में उन हुनरमंद महिला कारीगरों के साथ समय बिताएंगी, जिन्होंने उनके इस पहल को निरंतर सहयोग दिया है। वे इस बात को अच्छी तरह समझती हैं कि ज़मीनी स्तर की प्रतिभाओं को अवसर देना और उनके योगदान को पहचानना कितना महत्वपूर्ण है, खासकर हथकरघा और कपड़ा उद्योग में, जिसका चंदेरी, मध्य प्रदेश से गहरा जुड़ाव है। कृतिका कामरा ने कहा,मध्य प्रदेश मेरे दिल के बहुत करीब है। यह सिर्फ मेरा गृहनगर नहीं है, बल्कि यही वह जगह है जहां से मुझे अपने एथनिक वियर के लिए प्रेरणा मिलती है। मैं हमेशा से अपने राज्य के लोगों, खासकर महिला कारीगरों, की किसी न किसी तरह मदद करना चाहती थी। मेरी सफलता में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। उनकी मेहनत, समर्पण और प्रतिभा को पहचानना और उनकी सराहना करना मेरा कर्तव्य है। यह यात्रा सिर्फ उनसे मिलने के लिए नहीं, बल्कि उनकी प्रेरणादायक कहानियों से सीखने और उनसे एक मज़बूत रिश्ता बनाने के लिए भी है। कृतिका कामरा ने कहा, मेरी मां मध्य प्रदेश से हैं, इसलिए इस राज्य और यहां के लोगों से मेरा एक व्यक्तिगत और गहरा जुड़ाव है। बचपन से ही मेरी माँ ने मुझे चंदेरी की खूबसूरती, इसके लोगों और यहां की पारंपरिक हथकरघा कला से परिचित कराया। जब हमने इस पहल की शुरुआत की थी, तब हमारा सबसे बड़ा उद्देश्य महिलाओं को रोज़गार देना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनके काम को एक नया मंच देना था। हम लगातार यह प्रयास कर रहे हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को रोज़गार मिले, उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और उनका जीवन स्तर ऊँचा हो सके। एक अभिनेत्री के रूप में, मेरा हमेशा से मानना रहा है कि हमें अपने माध्यम का उपयोग अगली पीढ़ी की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए करना चाहिए। जैसे-जैसे हमारी पहल आगे बढ़ेगा, हम और अधिक महिलाओं को इससे जोड़कर उन्हें सशक्त करने का प्रयास करेंगे। कृतिका की यह पहल पारंपरिक हथकरघा कला को एक आधुनिक रूप में प्रस्तुत करती है, और वह इसकी हर प्रक्रिया में व्यक्तिगत रूप से गहरी रुचि रखती हैं। उनकी यह यात्रा महिला कारीगरों के साथ जुड़ाव को और मज़बूत करने और उनके योगदान को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।  

बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों को समाज की मुख्य धारा में शामिल करने होंगे विशेष प्रयास

ग्वालियर किशोर न्याय अधिनियम व संशोधित नियमों के तहत निरूद्ध किए गए ऐसे बच्चे जो बाल देखरेख संस्थाओं में रह रहे हैं, उनमें आत्मविश्वास की भावना जागृत करने और समाज की मुख्य धारा में शामिल करने के लिये उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में जिले में विशेष प्रयास किए जायेंगे। उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले में संचालित बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत बच्चों के कल्याण में सहयोग के लिये समाज के प्रतिभाशाली व्यक्तियों की समिति गठित करने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास को दिए हैं। त्यौहारों एवं महत्वपूर्ण दिवसों को बाल देखरेख संस्थाओं में पहुँचकर बच्चों के साथ मनाने व बच्चों को प्रशिक्षण देकर खेलकूद, कला, संगीत व नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें उचित कैरियर मार्गदर्शन दिलाने के प्रयास भी विशेष तौर पर होंगे। ज्ञात हो किशोर न्याय अधिनियम, 2015 (संशोधन 2021), किशोर न्याय आदर्श संशोधन नियम, 2022 (मूल नियम 2016) के प्रावधानों के तहत जिले में संचालित बाल देखरेख संस्थाओं में ऐसे बच्चों को आश्रय दिया जाता है जो विधि का उल्लंघन करते हैं अर्थात अपराधियों अनाथ, बेसहारा, परित्यक्त, घर से भागे हुए, बाल भिक्षुक, बाल तस्करी में लिप्त, शोषण के शिकार, सड़क पर रहते हैं। बाल देखरेख संस्थाओं में पारिवारिक कारणों, अपराधियों के संपर्क में आने, बुरी संगत व अनाथ होने आदि के कारण रह रहे ऐसे बच्चे जो भय व संकोचवश अपनी बात किसी से साझा नहीं कर पाते हैं और कभी-कभी अवसाद की स्थिति में चले जाते है, जिससे उनका मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक विकास प्रभावित होता है। इन परेशानियों से बच्चों को बचाने व उनमें आत्मविश्वास जागृत करने के लिये विशेष प्रयास करने के आदेश उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए हैं। बच्चों की अवसाद की स्थिति से निकालने के तथा उन्हें यह महसूस करवाने के लिए समाज ने उन्हें अलग-थलग नहीं किया है। आप सब भी समाज की मुख्य धारा में समाहित होने के लिए हर तरह से काबिल हैं। इस उद्देश्य से ग्वालियर जिले में प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने ऐसे बच्चों की आवश्यक सहायता तथा सहयोग के लिए समाज के जिम्मेदार और साधन सम्पन्न व्यक्तियों का सहयोग लेने के लिये विभागीय अधिकारियों से कहा है। समाज के प्रभावशाली व्यक्तियों में प्रशासनिक अधिकारी, चार्टड अकाउंटेंट, डॉक्टर, वकील व पेशेवर व्यवसायी हो सकते हैं। समाज के प्रभावशाली व्यक्तियों को बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों की जरूरतों व उनके विकास में सहयोग करने की जिम्मेदारी दिलाने के प्रयास किए जायेंगे। प्रयास ऐसे होंगे, जिससे जरूरतमंद बच्चों का जीवन स्तर ऊँचा उठे और उन्हें खुशहाल जीवन जीने के लिए अच्छा माहौल मिले। बच्चों का जीवन स्तर ऊँचा उठाने व उनमें आत्मविश्वास की भावना को जागृत करने के लिये समाज के जिम्मेदार व्यक्ति बाल देखरेख संस्थाओं को गोद ले सकते हैं। साथ ही बच्चों के समग्र विकास के लिये दान भी प्रभावशाली व्यक्ति दे सकते हैं। बालकों को उचित परामर्श भी महत्वपूर्ण पहलू होगा। पेशेवर व्यक्तियों द्वारा अपने क्षेत्र की सेवाओं के संबंध में बालकों को प्रशिक्षण दिया जा सकता है, जिससे बच्चे उस क्षेत्र को कैरियर के रूप में अपना सकें। बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों के कल्याण, पुवर्नास, शिक्षा एवं रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने में सहयोग राशि राज्य स्तर बैंक ऑफ महाराष्ट्र के बचत बैंक खाता क्र. 60411029562 में दान की जा सकती है। कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने जिम्मेदार व्यक्तियों, संस्थाओं, पेशेवर व्यक्तियों से बच्चों की जिम्मेदारी लेने की अपील की है। साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी, श्री डी. एस. जादौन, महिला एवं बाल विकास विभाग को समाज के प्रभावशाली व्ययकित्यों की समिति गठन किए जाने के निर्देश दिए हैं। यह समिति समय-समय पर बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत बच्चों से भेंट कर उनकी आवश्यकता को समझकर उनका सहयोग कर सकें। ये हैं जिले की बाल देखरेख संस्थायें मातृछाया शिशु कल्याण केन्द्र कस्तूरबा गांधी विश्रान्ति भवन न्यास एसएएफ रोड कम्पू, प्रगति महिला मंडल मॉर्डन स्कूल के पास ठाठीपुर, बाल संप्रेक्षण गृह सिल्वर स्टेट के सामने, माँ कैलादेवी बालिका गृह जेएएच परिसर कम्पू, प्रगति महिला मंडल आदित्यपुरम गोले का मंदिर एवं स्वधार गृह कम्पू ।

पुलिस की बात मानते हुए वे बुलेटप्रूफ गाड़ी का ही इस्तेमाल करें, भाजपा के फायरब्रांड नेता को पुलिस की सलाह

हैदराबाद भाजपा के फायरब्रांड नेता और तेलंगाना के विधायक टी राजा सिंह से हैदराबाद पुलिस ने कहा है कि उन्हें जान का खतरा है, इसलिए पुलिस की बात मानते हुए वे बुलेटप्रूफ गाड़ी का ही इस्तेमाल करें। गोशामहल विधान सभा का प्रतिनिधित्व करने वाले राजा सिंह को हैदराबाद पुलिस ने बुधवार (19 मार्च) को एक नोटिस भेजा है, जिसमें ये कहा गया है। पुलिस ने नोटिस में कहा है कि वे सरकार द्वारा आवंटित बुलेटप्रूफ का ही इस्तेमाल करें और साथ में सुरक्षाकर्मियों को भी रखें। उन्हें अक्सर बुलेट पर भी देखा गया है। एक पुलिस अधिकारी ने ये जानकारी दी है। अधिकारी ने बताया कि विधायक राजा सिंह को नोटिस भेजकर उन्हें बुलेटप्रूफ वाहन का उपयोग करने और आवंटित सुरक्षा कर्मियों का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी या अप्रिय घटना से बचा जा सके। दरअसल, हैदराबाद पुलिस ने भाजपा विधायक को यह नोटिस इसलिए जारी किया है क्योंकि विधायक कई बार बिना सुरक्षाकर्मियों के भी घूमते देखे गए हैं। एहतियातन दी गई है चेतावनी: पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह ऐहतियाती सुरक्षा उपायों के तौर पर एक नियमित चेतावनी है। सिंह को भेजे गए नोटिस में कहा गया है, “आपको लगातार धमकी भरे कॉल आ रहे हैं और यह देखा गया है कि आप अक्सर बिना किसी सुरक्षाकर्मी के आवास और कार्यालय से बाहर निकल जा रहे हैं और जनता के बीच घूम रहे हैं, जो आपके जीवन और सुरक्षा के प्रति लापरवाही दर्शाता है।” औरंगजेब विवाद के बाद चिंता बढ़ी बता दें कि हाल ही में औंरगजेब की कब्र विवाद के बीच नागपुर में हुई हिंसा के बाद हिन्दूवादी नेता टी राजा सिंह ने भी कब्र हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा, “मैं विहिप और बजरंग दल की मांग का समर्थन करता हूं।” माना जा रहा है कि उनके इस बयान से कुछ लोगों में नाराजगी है। इसलिए उन पर हमले हो सकते हैं। इससे पहले भी राजा सिंह ऐसे कई बयान दे चुके हैं, जिस पर किसी खास समुदाय ने नाराजगी जाहिर की है।

30 मार्च को रिलीज होगी सलमान खान की फिल्म सिकंदर

मुंबई,  बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान की फिल्म सिकंदर 30 मार्च को ईद के अवसर पर रिलीज होगी। सलमान खान और रश्मिका मंदाना स्टारर फिल्म सिकंदर काफी चर्चा में है। इस फिल्म का निर्देशन ए. आर. मुरुगदॉस ने किया है जबकि साजिद नाडियाडवाला ने इसे प्रोड्यूस किया है। फिल्म के मेकर्स उत्साह बनाए रखने के लिए नए गाने रिलीज कर रहे हैं। फिल्म को इस साल ईद पर रिलीज करने की योजना बनाई गई है, लेकिन निर्माताओं ने इसकी सटीक तारीख का खुलासा नहीं किया था। हालांकि, आखिरकार अब इंतजार खत्म हो चुका है। अब आधिकारिक तौर पर फिल्म की रिलीज डेट से पर्दा उठ गया है। खुद सलमान खान ने अपने सोशल मीडिया पर ‘सिकंदर’ का नया पोस्टर जारी करते हुए फिल्म की रिलीज की तारीख से पर्दा उठाया। ‘सिकंदर’ 30 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। वहीं, जारी किए गए नए पोस्टर में सलमान खान बेहद दमदार अवतार में नजर आ रहे हैं। जिसमें वह तलवार पकड़े नजर आ रहे हैं।सलमान खान ने अपने इंस्टा हैंडल पर सिकंदर फिल्म का पोस्टर शेयर किया है. इसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा,30 मार्च को दुनियाभर के थिएटर्स में आप सभी से मुलाकात होगी। फिल्म सिंकदर के निर्माता ने साजिद नाडियाडवाला ने सोशल मीडिया पर लिखा, इस बार सिकंदर के साथ मनाए जाएंगे देश के 3 त्योहार. इस बार सेलिब्रेशन होगा ट्रिपल. हम गुड़ी पड़वा, उगादि और ईद के मौके पर आ रहे हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिल भांडेश्वर महादेव मंदिर में की पूजा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तराना स्थित प्राचीन तिल भांडेश्वर महादेव मंदिर में पूजा कर प्रदेश की जनता की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को तराना स्थित तिल भांडेश्वर मंदिर में पूजा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देव दर्शन के बाद कार्यक्रमों में साधु संतों का सम्मान किया और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद भी लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बृह्मलीन महंत श्री प्रकाशनंद जी भारती की समाधि पर पुष्पांजलि और चादर अर्पित की। उन्होंने श्री महारूद्र सहस्त्र चंडी महायज्ञ में आहुति दी और ईश्वर से कामना की कि प्रदेश में सुख समृद्धि बनी रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्दिर परिसर मे पीपल का पौधा रोपा। उन्होंने मंदिर परिसर में सत्संग भवन निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के महामंत्री स्वामी श्री हरि गिरि महाराज और महंत श्री मोहन भारती जी महाराज, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, स्थानीय विधायक, साधु संत और जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

टीशर्ट्स में नारा लिखा था, तमिलनाडु लड़ेगा, तमिलनाडु जीतेगा, परिसीमन में न्याय हो, जिस पर लोकसभा में मच गया हंगामा

नई दिल्ली लोकसभा में गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद कार्यवाही को दो बार शुरू किया गया, लेकिन हंगामे के चलते कुछ ही मिनटों में सदन स्थगित हो गया। अंत में शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए कार्यवाही को स्थगित किया गया। यह पूरा बवाल डीएमके सांसदों की ओर से खास नारे वाली टीशर्ट पहनकर आने को लेकर हुआ। इन टीशर्ट्स में डीएमके सांसदों ने एक नारा लिखवाया था, जिस पर स्पीकर ने ऐतराज जताया। वहीं भाजपा समेत एनडीए के सांसदों ने भी खूब हंगामा किया। टीशर्ट्स में जो नारा लिखा था, वह था- तमिलनाडु लड़ेगा, तमिलनाडु जीतेगा, परिसीमन में न्याय हो। सांसदों के इस तरह नारे लिखी टीशर्ट पहनकर पहुंचने पर स्पीकर ओम बिरला ने सख्त आपत्ति जाहिर की। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्य सदन की मर्यादा और गरिमा का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसा करना संसद की गरिमा का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकत करने से पहले सांसदों को संसद का नियम 349 पढ़ लेना चाहिए। स्पीकर बिरला ने डीएमके सांसदों से कहा, ‘यदि आप नारे लिखी टीशर्ट पहनकर आएंगे तो सदन की कार्यवाही नहीं चलेगी। यदि आप इन टीशर्ट्स को उतारकर आएं, तभी सदन चलेगा।’ टीशर्ट पहनकर आने वाले ज्यादातर सांसद डीएमके के थे। उनका कहना था कि आगामी परिसीमन में तमिलनाडु को नुकसान हो सकता है। इसलिए हम पहले से ही आगाह कर रहे हैं कि ऐसा कोई अन्याय न किया जाए। हंगामे के चलते स्पीकर ने पहले सदन की कार्य़वाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित किया। फिर कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित किया गया। अंत में पूरे दिन के लिए सेशन को स्थगित करना पड़ा। बता दें कि लोकसभा सीटों के परिसीमन को लेकर एमके स्टालिन लगातार हमलावर हैं। उनका कहना है कि नई जनगणना के अनुसार यदि परिसीमन हुआ तो तमिलनाडु में लोकसभा की सीटें 39 की बजाय 31 ही रह जाएंगी। इसी तरह वह केरल, आंध्र, तेलंगाना और कर्नाटक को भी सीटों के कम होने का डर दिखा रहे हैं। स्टालिन और सिद्धारमैया जैसे नेताओं का कहना है कि लोकसभा सीटों का परिसीमन 1971 की जनगणना के अनुसार ही रहना चाहिए।

बेसन और दही से घर पर बनाएं बेहतरीन फेस पैक, दाग-धब्बे होंगे गायब

हर किसी की चाहत होती है कि उसकी त्वचा बेदाग, मुलायम और चमकदार हो, लेकिन बढ़ते प्रदूषण, गलत खान-पान और स्किन केयर में लापरवाही के कारण चेहरे की चमक धीरे-धीरे फीकी पड़ने लगती है। महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने के बावजूद त्वचा से दाग-धब्बे और टैनिंग हटाना एक चुनौती बन जाता है। हालांकि, आपको घबराने की जरूरत नहीं है! अगर आप भी चेहरे के दाग-धब्बों और रुखी त्वचा से परेशान हैं, तो घर पर ही एक बेहतरीन बेसन-दही फेस पैक  बना सकती हैं। यह न सिर्फ स्किन को डीप क्लीन करता है, बल्कि उसे ग्लोइंग और सॉफ्ट भी बनाता है। इस खास फेस पैक में जब हल्दी को शामिल किया जाता है, तो इसके फायदे दोगुने हो जाते हैं। कैसे काम करता है यह फेस पैक? यह फेस पैक पूरी तरह से नेचुरल है और बिना किसी साइड इफेक्ट के आपकी त्वचा को निखारने में मदद करता है। आइए जानते हैं इसमें शामिल सामग्रियों के फायदे।     बेसन: यह एक नेचुरल क्लींजर की तरह काम करता है। यह स्किन से एक्स्ट्रा ऑयल हटाने के साथ-साथ डेड स्किन सेल्स को भी निकालता है, जिससे चेहरा साफ और फ्रेश नजर आता है।     दही: इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को एक्सफोलिएट करने के साथ उसे मॉइस्चराइज भी करता है। इससे स्किन सॉफ्ट और ग्लोइंग बनती है।     हल्दी: यह एक बेहतरीन एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट है। यह पिंपल्स और दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है और स्किन की रेडनेस को भी कम करता है। फेस पैक बनाने का तरीका सामग्री:     2 चम्मच बेसन     1 चम्मच दही     1/2 चम्मच हल्दी     1 चम्मच गुलाब जल (ऑयली स्किन के लिए)     1 चम्मच शहद (ड्राई स्किन के लिए) कैसे बनाएं और लगाएं?     एक कटोरी में बेसन, दही और हल्दी को अच्छे से मिक्स करें।     अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो गुलाब जल मिलाएं। वहीं, अगर आपकी स्किन ड्राई है, तो इसमें शहद मिलाकर अच्छे से मिला लें।     इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें।     हल्के हाथों से स्क्रब करते हुए गुनगुने पानी से धो लें।     इसके बाद चेहरे पर एक अच्छे मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें। क्या हैं फायदे?     दाग-धब्बे और पिंपल्स धीरे-धीरे हल्के होते हैं।     स्किन टोन निखरता है और चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है।     स्किन सॉफ्ट और स्मूद बनती है।     टैनिंग दूर होती है और डेड स्किन हटती है।     यह फेस पैक पूरी तरह से नेचुरल है और किसी तरह के केमिकल से फ्री है। कितनी बार लगाना चाहिए? अगर आपकी त्वचा ज्यादा डल और बेजान नजर आती है, तो हफ्ते में 2-3 बार इस फेस पैक का इस्तेमाल करें। कुछ ही दिनों में आपको फर्क नजर आने लगेगा और आपका चेहरा पहले से ज्यादा निखरा हुआ दिखाई देगा।

Chhattisgarh में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन, सुरक्षाबल ने 30 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया

बीजापुर / कांकेर छत्तीसगढ़ में आज सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। बीजापुर और कांकेर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुए एनकाउंटर में अब तक कुल 30 नक्सली मारे गए हैं। इसमें बीजापुर में 26 और कांकेर में 4 नक्सली मार गिराए गए हैं। आज सुबह 7 बजे से ही लाल आतंक के खिलाफ जवानों का अभियान जारी था। एक बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा के वन क्षेत्र में मुठभेड़ हुई तो दूसरी कांकेर में हुई है। इसमें एक जवान की भी शहादत हुई है। कुल 30 नक्सली एनकाउंटर में ढेर बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा क्षेत्र के अलावा कांकेड़ में भी सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को ठिकाने लगाने में सफलता मिली है। कांकेर जिले में हुई मुठभेड़ में कुल 4 नक्सलियों को मार गिराया गया है। इस ऑपरेशन में अब कुल 30 नक्सलियों को मार गिराया गया है, जिसमें बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा के वन क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में 26 और कांकेर जिले में हुए एनकाउंटर में 4 नक्सली मारे गए हैं। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों के खिलाफ आने वाले दिनों में और भी बड़े ऑपरेशन होंगे. नक्सली कमांडर हिडमा की तलाश में सुरक्षा बल जुटे हुए हैं. हिडमा की तलाश के लिए 125 से ज्यादा गांवों की टेक्निकल मैपिंग की जा रही है. सिक्योरिटी फोर्स छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बॉर्डर पर स्थित करीब 125 गांव का थर्मल इमेजिंग करवा रही है. सुरक्षाबलों ने इस साल अब तक 77 नक्सली ढेर किए हैं. कांकेर में जारी नक्सली ऑपरेशन के बार में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला ने बताया कि मुठभेड़ अभी जारी है और अब तक हमने चार शव और एक स्वचालित राइफल बरामद की है। यह मुठभेड़ कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में हुई, जब माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद एक संयुक्त पुलिस दल को तलाशी अभियान के लिए भेजा गया था। एसपी ने बताया कि तलाशी अभियान अभी भी जारी है और शाम तक विस्तृत जानकारी दी जाएगी। गुरुवार को यह दूसरी मुठभेड़ है क्योंकि सुकमा में भी एक और मुठभेड़ चल रही है,जिसमें अब तक 18 शव बरामद किए जा चुके हैं। सीएम ने थपथपाई पीठ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दो अलग-अलग ऑपरेशनों के बाद,कांकेर और बीजापुर में 26 नक्सलियों के शव मिले हैं। हम अपने सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री का भी यह संकल्प है कि 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाए। हमें विश्वास है कि उनका संकल्प पूरा होगा। यह डबल इंजन सरकार का लाभ है। सुबह से चल रहा था ऑपरेशन छत्तीसगढ़ सरकार के नक्सलियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आज बीजापुर और दंतेवाड़ा के सरहदी में थाना गंगालूर क्षेत्रान्तर्गत माओवादी विरोधी अभियान पर संयुक्त टीम निकली थी। सुबह 7 बजे से माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच लगातार फायरिंग जारी थी। एनकाउंटर वाले क्षेत्र में भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद के साथ दो नक्सलियों के शव बरामद हुआ था। टीम की तरफ से सर्चिंग जारी थी।

गर्मियों में वजन बढ़ाने के लिए ड्राई फ्रूट्स का करें सेवन

कई लोग मोटापे की समस्या से परेशान होते हैं तो कई लोग इस वजह से परेशान होते हैं कि उनका वजन नहीं बढ़ रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि डाइट में कुछ ऐसी चीजें शामिल की जाएं जिससे वजन बढ़ सके। बता दें कि कई लोग बहुत ज्यादा खाते हैं लेकिन उनका वजन नहीं बढ़ता है। वजन नहीं बढ़ने की वजह से भी ऐसे लोग परेशान रहते हैं। उनका कहना रहता है कि पर्याप्त summer diet for weight gain खाना खाने के बाद भी उनका वजन नहीं बढ़ता। ऐसे में आज हम आपको वजन बढ़ाने के लिए कुछ ऐसी चीजे बताने जा रहे हैं। जिन्हें डाइट में शामिल करने से आपा वजन बढ़ने लगता है। गर्मियों में वजन बढ़ाने के लिए आपको अपने आहार में कुछ विशेष चीजें शामिल करनी होंगी। ड्राई फ्रूट्स का सेवन जरूरी  गर्मियों में वजन बढ़ाने के लिए ड्राई फ्रूट्स का सेवन सबसे योग्य है। इसके सेवन से आपका वजन बढ़ने लगता है।ड्राई फ्रूट्स जैसे कि किशमिश, बादाम, और अखरोट वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। ये फ्रूट्स प्रोटीन, फाइबर, और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं जो वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। नट्स और सीड्स नट्स और सीड्स जैसे कि अलसी, चिया सीड्स, और पंपकिन सीड्स भी वजन को बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं। बता दें कि ये नट्स और सीड्स प्रोटीन, फाइबर, और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं जो वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। इनके सेवन से वजन बढ़ने लगता है। दही और पनीर का सेवन दही और पनीर वजन बढ़ाने में काफी मददगार साबित होते हैं। ये दोनों चीजें प्रोटीन से भरपूर होती हैं जो मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं। दही और पनीर का सेवन वेट गेन करने में काफी कारगर उपाय है। इसकी मदद से आपका वजन बढ़ सकता है। शहद, दूध और केला शहद वजन बढ़ाने में मदद करता है। शहद में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है जो वजन बढ़ाने में मददगार साबित होती है।  आप शहद को अपने आहार में शामिल करने के लिए इसे अपने दलिया या दही में मिला सकते हैं। इसके साथ ही आप केला और दूध का सेवन लगातार करके वजन बढ़ा सकते हैं।

‘कन्नप्पा’ के निर्माताओं ने एम मोहन बाबू के जन्मदिन पर महादेव शास्त्री का इंट्रो सॉन्ग लॉन्च किया

मुंबई, कन्नप्पा के निर्माताओं ने दिग्गज एम. मोहन बाबू के जन्मदिन पर महादेव शास्त्री का इंट्रो सॉन्ग रिलीज़ किया है। यह ट्रैक बहुप्रतीक्षित महाकाव्य कन्नप्पा का तीसरा गाना है। जावेद अली द्वारा गाया गया, शेखर अस्तिवा द्वारा लिखा गया और उस्ताद स्टीफन देवसी द्वारा रचित यह ट्रैक एम मोहन बाबू के किरदार महादेव शास्त्री की शक्ति और राजसी आभा को दर्शाता है। फिल्म के मुख्य अभिनेता विष्णु मांचू ने अपने पिता के जन्मदिन के साथ ट्रैक के शक्तिशाली रिलीज़ के बारे में हार्दिक भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा,मेरे पिता हमेशा जीवन से बड़े रहे हैं।  न केवल मेरे लिए, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए जो उनकी विशाल उपस्थिति और सिनेमा के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हैं। आज महादेव शास्त्री के इंट्रो सॉन्ग का अनावरण करना सही लगा, एक ऐसा ट्रैक जो उसी भयंकर ऊर्जा और प्रभावशाली शक्ति को प्रसारित करता है जो वे हर भूमिका में लाते हैं। जावेद अली की दमदार आवाज़, स्टीफन देवसी की शानदार रचना के साथ मिलकर इस गाने को और भी खास बनाती है। जैसा कि हम उनका जन्मदिन मना रहे हैं,यह गीत मेरी हार्दिक श्रद्धांजलि है।उनकी ताकत और कहानी कहने के लिए अथक जुनून का एक संगीतमय अवतार। जन्मदिन मुबारक हो, नन्ना! आपकी आग हम सभी को प्रेरित करती रहे। कन्नप्पा में न केवल एम. मोहन बाबू एक महत्वपूर्ण भूमिका में हैं, बल्कि इसमें कई बेहतरीन कलाकार भी हैं, जिनमें मुख्य भूमिका में विष्णु मांचू और महिला प्रधान भूमिका में प्रीति मुकुंदन शामिल हैं। उनके साथ अक्षय कुमार, प्रभास, मोहनलाल, मुकेश ऋषि और काजल अग्रवाल जैसे मशहूर सितारे भी हैं। यह फिल्म 25 अप्रैल दुनिया भर में रिलीज़ होगी।  

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