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मध्यप्रदेश के 7 जिलों में बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट, 28 जिलों में बादल रहेंगे, बिजली चमकेगी

भोपाल  मध्यप्रदेश के ऊपर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के एक्टिव होने की वजह से इन दिनों प्रदेश का मौसम बदला हुआ है। इसके चलते मंडला, बालाघाट, सीधी-सिंगरौली समेत 7 जिलों में अगले 2 दिन तक ओले गिरने का अलर्ट है। इसके अलावा प्रदेश के आधे हिस्से में तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना है। भोपाल-जबलपुर में भी मौसम बदला रहेगा। 23 मार्च के बाद प्रदेश के रात और दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी। इससे पहले बुधवार को नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, मंडला और मैहर जिलों में मौसम बदला रहा। कुछ जगहों पर बौछारें भी गिरीं। भोपाल में बादल छाए रहे। आज गुरुवार को मंडला, बालाघाट, शहडोल, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज में ओले गिर सकते हैं। सीहोर में गुरुवार सुबह घने बादल छाए रहे। बूंदाबांदी भी हुई। सुबह 8 बजे तक धूप नहीं निकला। इससे पहले बुधवार को नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, मंडला और मैहर जिलों में मौसम बदला रहा। कुछ जगहों पर बौछारें भी गिरीं। भोपाल में बादल छाए रहे। गुरुवार को यहां हल्की बारिश होने का अलर्ट है। इससे दिन के पारे में गिरावट हो सकती है। मंडला, बालाघाट, शहडोल, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज में ओले गिर सकते हैं। भोपाल, विदिशा, सीहोर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी और अनूपपुर में गरज-चमक, तेज आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। इस वजह से बदला एमपी का मौसम बता दें की, मध्यप्रदेश के ऊपर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के एक्टिव होने की वजह से प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी बारिश और ओले गिरने का दौर है। वहीं, एक टर्फ भी गुजर रहा है और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी एक्टिव हो गया है। जिसके असर से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होगा। 22 मार्च तक प्रदेश में मौसम बदला रहेगा। इसके बाद पूर्वी हिस्से के पारे में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी। 25 मार्च से पूरे प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ेगा। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 21 मार्च: मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले, आंधी और गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट है। जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, दमोह, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, अनूपपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, हरदा में गरज-चमक के साथ तेज आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। 22 मार्च: सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बूंदाबांदी और बादल रहेंगे। इस वजह से मौसम में बदलाव दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के एक्टिव होने की वजह से इन दिनों मौसम बदला हुआ है। वहीं, एक टर्फ भी गुजर रहा है। एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी एक्टिव हो गया है। जिसके असर से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होगा। 22 मार्च तक प्रदेश में मौसम बदला रहेगा। इसके बाद पूर्वी हिस्से के पारे में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी। 25 मार्च से पूरे प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ेगा। महीने के आखिरी में चलेगी लू मौसम विभाग के अनुसार, मार्च के आखिरी दिनों में प्रदेश में फिर से गर्मी का असर देखने को मिलेगा। कुछ इलाकों में लू भी चल सकती है। कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। सामान्यतः दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक या सामान्य से 4.6 डिग्री तक अधिक हो तो हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर बता दें कि मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। अगले 4 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा हो सकता है। इस कारण 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड… भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा है। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। महीने के आखिरी में चलेगी लू, अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे  मौसम विभाग के अनुसार, मार्च के आखिरी दिनों में प्रदेश में फिर से गर्मी का असर देखने को मिलेगा। कुछ इलाकों में लू भी चल सकती है। कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। सामान्यतः दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक या सामान्य से 4.6 डिग्री तक अधिक हो तो हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है। बता दें कि मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। अगले 4 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा हो सकता है। इस कारण 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, … Read more

2019 से सेंट्रल इंडिया लॉ इंस्ट्‌टियूट की बॉर काउंसिल ऑफ इंडिया मान्यता समाप्त, फिर भी हो रहा संचालित

जबलपुर जबलपुर के सेंट्रल इंडिया लॉ इंस्ट्‌टियूट पर भोपाल क्राइम ब्रांच एफआईआर की तैयारी में है। साल 2019 से इसकी बॉर काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) मान्यता समाप्त हो चुकी है। इसके बाद भी महाविद्यालय में लगातार छात्रों को एडमिशन दिया जाता रहा। सेंट्रल इंडिया लॉ इंस्ट्‌टियूट सहित अवैध ढंग से संचालित 135 इंस्ट्‌टियूट के खिलाफ जांच के आदेश भोपाल पुलिस के कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र को दिए गए थे। जांच में जबलपुर के सेंट्रल इंडिया लॉ इंस्ट्‌टियूट को अवैध रूप से संचालित करने की बात साफ हुई। अब क्राइम ब्रांच इस इंस्ट्‌टियूट के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है। हाईकोर्ट ने आपराधिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया 11 मार्च को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिना मान्यता वाले विधि पाठ्यक्रम (एलएलबी-एलएलएम) में प्रवेश देने वाले कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का निर्देश दिया। चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर भोपाल को जांच करने और कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए। साथ ही, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अधिकारियों को जांच में सहयोग करने के लिए कहा गया है। छात्रों को काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए मना किया जबलपुर के छात्र वियोम गर्ग, पंकज भट्‌ट शिक्षा पटेल सहित अन्य ने याचिका दायर कर बताया कि उन्होंने सेंट्रल इंडिया लॉ इंस्टीट्यूट, जबलपुर से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। हालांकि, कोर्स पूरा करने के बाद जब उन्होंने मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया, तो उन्हें यह कहकर मना कर दिया गया कि संस्थान की बीसीआई मान्यता समाप्त हो चुकी है। इसका कारण यह था कि संस्थान ने बीसीआई को नवीनीकरण शुल्क जमा नहीं किया था। जानिए हाईकोर्ट ने क्या दिए हैं आदेश     बीसीआई से मान्यता प्राप्त न होने पर शैक्षणिक संस्थान और विश्वविद्यालयों को अपने पोर्टल पर इसका स्पष्ट उल्लेख करना होगा।     ऐसे संस्थानों को यह भी साफ करना होगा कि वे केवल शैक्षणिक प्रयोजन के लिए ही विधि पाठ्यक्रम संचालित करते हैं।     बीसीआई को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी संस्थान छात्रों के करियर के साथ खिलवाड़ न कर सके।     सभी विश्वविद्यालय और विधि कॉलेजों को हर कैलेंडर वर्ष के मार्च महीने में अपने पोर्टल को अपडेट करना होगा, ताकि छात्र गुमराह न हों।     किसी संस्थान की मान्यता समाप्त होने का प्रभाव छात्रों पर नहीं पड़ना चाहिए।     यदि कोई संस्थान धोखाधड़ी करता है, तो बीसीआई उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई कर सकती है। HC ने बीसीआई के इस काम की कड़ी निंदा की छात्रों ने कोर्ट के समक्ष यह मामला उठाया कि बीसीआई कुछ संस्थानों को बैकडेट पर मान्यता देती है। कुछ मामलों में तो 20 साल बाद पिछली तारीख से मान्यता दी गई। इस प्रथा के कारण उन छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है, जो बीसीआई, स्टेट बार, मध्य प्रदेश शासन और विश्वविद्यालय के पोर्टल पर मान्यता के गलत विवरण के आधार पर प्रवेश लेते हैं। हाईकोर्ट ने बीसीआई के इस काम की कड़ी निंदा की है। अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी, जिसमें उच्च शिक्षा विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी और पुलिस कमिश्नर भोपाल को हाजिर रहना होगा।  

संभल में नेजा मेले को लेकर विवाद छिड़ा है, पुलिस-प्रशासन ने मेले को अनुमति नहीं दी, नहीं लगेगा मेला

संभल उत्तर प्रदेश में संभल के बाद अब मुरादाबाद के बिलारी में भी इस साल नेजा मेला नहीं लगेगा। यहां सनातन जागरण मंडल ने इस मेले का विरोध किया है। एसडीएम ने बताया कि इस बार आयोजकों ने मेले की अनुमति ही नहीं मांगी। इसलिए इस बार मेला का आयोजन नहीं होगा। दरअसल, हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर थांवला गांव में लगने वाले नेजा मेला पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की थी। उधर, मेला के आयोजकों ने तय किया है कि एक महीने बाद उसी स्थल पर नुमाइश लगाई जाएगी। संभल में नेजा मेले को लेकर विवाद छिड़ा है। पुलिस-प्रशासन ने मेले को अनुमति नहीं दी है। वहीं, दूसरी ओर मुरादाबाद जिले की बिलारी तहसील क्षेत्र के थांवला गांव में लगने वाला नेजा मेला भी इस बार नहीं लगेगा। आयोजकों ने इस बार मेले के लिए अनुमति नहीं ली है। इसलिए आयोजन नहीं होगा। थांवला में परंपरा रही है कि ग्राम प्रधान के नेतृत्व में मेले का आयोजन होली के बाद पड़ने वाले दूसरे बुधवार को किया जाता रहा है। इस बार बिलारी के हिन्दू संगठन सनातन जागरण मंच ने मेला नहीं लगाए जाने को लेकर एसडीएम बिलारी को ज्ञापन दिया था। ग्राम प्रधान पति इकरार हुसैन इस मेले की नीलामी भी करवा चुके थे। विरोध के बाद नेजा मेले पर पेच फंस गया। उधर, एसडीएम बिलारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि इस बार आयोजकों ने नेजा मेले की अनुमति ही नहीं ली है। इस वजह से मेले का आयोजन नहीं होगा। अब आयोजकों की मंशा है कि जहां नेजा मेला लगता था वहां वह नुमाइश का आयोजन करेंगे।

आज दूसरे दिन भी ईओडब्ल्यू करेगी पूर्व मंत्री लखमा से पूछताछ

रायपुर 2161 करोड़ के शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की टीम आज फिर पूछताछ करेगी. पूछताछ के दूसरे दिन ईओडब्ल्यू के चार अफसर सेन्ट्रल जेल परिसर पहुंचे हैं, जो कवासी लखमा से 7 बिंदुओं पर पूछताछ कर रहे हैं. अफसरों की टीम पूर्व मंत्री लखमा से शराब घोटाले से मिलने वाले कमीशन को लेकर पूछताछ करेगी. बता दें कि कोर्ट ने EOW को 19 और 20 मार्च को पूछताछ करने के इजाजत दी थी. कवासी लखमा से पूछताछ के बाद ईओडब्ल्यू कई लोगों को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है. सचिन पायलट ने की लखमा से मुलाकात गौरतलब है कि बुधवार यानी 19 मार्च को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचकर कवासी लखमा से मुलाकात की. उनके साथ नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, विधायक देवेंद्र यादव समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे. माना जा रहा है कि इस मुलाकात में लखमा की कानूनी लड़ाई और पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई. गौरतलब है कि कवासी लखमा फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय (ED) की न्यायिक रिमांड पर रायपुर जेल में बंद हैं. आबकारी घोटाले को लेकर पहले ही कई बड़े अधिकारियों और कारोबारियों पर शिकंजा कस चुका है. अब देखना होगा कि EOW की पूछताछ से इस मामले में और कौन-कौन से नए खुलासे होते हैं. 21 जनवरी से जेल में हैं कवासी लखमा गौरतलब है कि शराब घोटाले मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था. इससे पहले उनसे 2 बार ED दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई थी. गिरफ्तारी के 7 दिन बाद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को पहले ED ने 7 दिन कस्टोडियल रिमांड में लेकर पूछताछ की थी. उसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक लखमा को 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था. पिछली सुनवाई के दौरान जेल में पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं होने के कारण लखमा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी. सुनवाई के बाद कोर्ट ने लखमा की 18 फरवरी तक रिमांड बढ़ा दी थी. क्या है शराब घोटाला? तत्कालीन भूपेश सरकार में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और CM सचिवालय की तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है. इसमें रायपुर महापौर रहे एजाज ढेबर का भाई अनवर ढेबर अवैध वसूली करता है. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर ED ने 18 नवंबर, 2022 को PMLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. आयकर विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर ED ने जांच के बाद 2161 करोड़ के घोटाले की बात का कोर्ट में पेश चार्जशीट में जिक्र किया था. ED ने अपनी चार्जशीट में बताया कि किस तरह एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के आपराधिक सिंडिकेट के ज़रिए आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया. ED ने चार्जशीट में कहा कि 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के ज़रिए शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया. उसके बाद अधिकारियों, कारोबारियों और राजनैतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के ज़रिए भ्रष्टाचार किया गया, जिससे 2161 करोड़ का घोटाला हुआ. इस मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था. ED ने कोर्ट में 3,841 पन्नों की चार्जशीट की पेश गौरतलब है कि 13 मार्च को शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पेशल कोर्ट में 3,841 पन्नों का चालान पेश किया है, जिसमें जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत 21 अन्य को आरोपी बनाया गया है.अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी.

करौली में मांच दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम, बराबरी पर खत्म हुआ खेल

करौली करौली के समीपवर्ती मांच गांव में बुधवार को आयोजित हुए कुश्ती दंगल में कुश्ती देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए पहलवानों ने दमखम दिखाया। विजेताओं को आयोजन समिति की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए। गांव के पंच पटेलों ने फीता काटकर दंगल का उद्घाटन किया। इसके बाद करौली, धौलपुर, दौसा, भरतपुर, सवाई माधोपुर जिले एवं हरियाणा, पंजाब, दिल्ली आदि राज्यों के पहलवानों ने दंगल में हिस्सा लिया तथा कुश्ती के अनेक दांवपेंच आजमाते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दंगल को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। हजारों दर्शक पहाड़ी पर चढ़ गए और पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कुश्ती देखने का लुत्फ उठाया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया दंगल में करीब 350 कुश्तियां लड़ी गईं। आखिरी कुश्ती अमित पहलवान वाजिदपुर एवं पवन पहलवान नथ्थन अखाड़ा बयाना के बीच 11000 रुपए की हुई जो बराबर रही। आयोजन समिति के सदस्यों ने दोनों पहलवानों को इनामी राशि प्रदान कर पुरस्कृत किया। कुश्ती दंगल के बाद रंदुकड़ी कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें गांव के महिला-पुरुषों ने हिस्सा लिया। बाहर से आए अतिथियों का आयोजन समिति के सदस्यों ने स्वागत किया। कार्यक्रम में लक्खी पटेल, सपोटरा विधायक प्रतिनिधि राम सिंह बालोती, सुरेश मांच, भंवर सिंह एवं पंच पटेल उपस्थित रहे।  

भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे कारोबारी दिन धुआंधार तेजी, सेंसेक्स 899 अंक उछलकर 76,348 पर हुआ बंद

मुंबई भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लगातार चौथे कारोबारी दिन धुआंधार तेजी देखने को मिली। आज सेंसेक्स 899 अंक उछलकर 76,348 के स्तर पर, जबकि निफ्टी 283 अंकों की बढ़त के साथ 23,190 के स्तर पर बंद हुआ। शेयर बाजार की तेजी के 3 प्रमुख कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व का नरम रुख फेडरल रिजर्व ने महंगाई और संभावित मंदी की आशंका के बावजूद इस साल ब्याज दरों में कटौती के संकेत दिए हैं। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि टैरिफ बढ़ने से महंगाई पर कुछ असर पड़ेगा, लेकिन यह ज्यादा समय तक नहीं रहेगा। इससे बाजार की घबराहट कम हुई और निवेशकों की धारणा मजबूत हुई। घरेलू डिमांड और चुनिंदा सेक्टरों की वापसी विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू उपभोक्ता स्टॉक्स में मजबूत खरीदारी देखने को मिली है। कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, इंडिगो और मुथूट फाइनेंस जैसे स्टॉक्स ने 52-वीक हाई छुआ है। इसके अलावा डिफेंस और शिपिंग सेक्टर में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। अमेरिकी बाजारों से सकारात्मक संकेत बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुए। डॉव जोन्स 383 अंक (0.92%) चढ़कर 41,964.63 पर बंद हुआ, S&P 500 में 1.08% की बढ़त रही, और Nasdaq 1.41% उछलकर 17,750.79 पर बंद हुआ। इससे भारतीय बाजार में भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा।   कल बाजार में रही थी तेजी इससे पहले कल यानी 19 मार्च को बाजार में तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 147 अंक ऊपर 75,449 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में 73 अंक की तेजी रही, ये 22,907 के स्तर पर बंद हुआ।

आईआईएम रायपुर के निदेशक काकानी ने सीएम साय से की मुलाकात, पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेने के लिए किया आमंत्रित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक रामकुमार काकानी ने आज सौजन्य मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सीएम साय को 22 एंव 23 मार्च 2025 को आयोजित दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया. मुख्यमंत्री साय ने इस निमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया और इस पहल की सराहना की. इस अवसर पर प्रोफेसर संजीव पाराशर भी उपस्थित थे. नेतृत्व और नीति निर्माण पर केंद्रित होगा कार्यक्रम काकानी ने बताया कि यह विशेष कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के विधायकों के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका उद्देश्य समकालीन प्रबंधन और नीति निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श को बढ़ावा देना है. इस मंच पर प्रख्यात नीति निर्माता, शिक्षाविद और विचारक एकत्र होंगे ताकि विभिन्न विषयों पर सहयोगात्मक सोच और समस्याओं के व्यावहारिक समाधान की प्रक्रिया के संबंध में सारगर्भित विचार विमर्श किया जा सके. छत्तीसगढ़ में नेतृत्व कौशल को नया आयाम देने की पहल भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक काकानी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति और उनके अनुभवजन्य विचार न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगे, बल्कि प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक भी होंगे. काकानी ने यह भी उल्लेख किया कि यह कार्यक्रम विधायकों को प्रभावी नेतृत्व कौशल विकसित करने और नीति निर्माण में नवीन दृष्टिकोण अपनाने के लिए सहयोग करेगा. यह पहल छत्तीसगढ़ में सुशासन और जनहितैषी नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी.

गांधीसागर डूब क्षेत्र में रेत के अवैध खनन के खिलाफ पुलिस, राजस्व और खनिज विभाग ने संयुक्त कार्रवाई

नीमच नीमच जिले की मनासा तहसील के गांव खानखेड़ी और कुंडला गांधीसागर डूब क्षेत्र (बैक वाटर) में रेत के अवैध खनन के खिलाफ पुलिस, राजस्व और खनिज विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की। खानखेड़ी के नदी घाट पर छापेमारी कर चार फाइटर मशीन, चार बड़ी नाव, एक छोटा जहाज और रेत से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की। चंबल नदी के बैंक वाटर में कई मशीनों से अवैध उत्खनन की सूचना पर कलेक्टर ने संज्ञान लिया। कुकड़ेश्वर थाना पुलिस, खनिज विभाग अधिकारी गजेंद्र डाबर, आरआई कुलदीप डाबर, तहसीलदार मुकेश निगम, पटवारी और चौकीदार की टीम मौके पर पहुंची। इसके साथ ही एक अन्य दल पानी के रास्ते होते हुए भी दबिश देने पहुंचा। टीमों ने खानखेड़ी के नदी घाट पर छापा मारा। वहां चार फाइटर मशीन, चार बड़ी नाव और एक छोटा जहाज अवैध उत्खनन में लगे मिले। पास में रेत से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली भी खड़ी थी। सभी नौ मशीनों और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया। कार्रवाई से पहले ही अवैध उत्खनन करने वाले ट्रैक्टर और मशीनें छोड़कर भाग निकले। खनिज अधिनियम की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली और मशीनों के मालिकों व चालकों की जानकारी जुटाई जा रही है। एसडीएम, खनिज विभाग तथा पुलिस की निगरानी में मौके पर ही जब्त की गई मशीनों को नष्ट कर पानी में डूबो दिया। गौरतलब है कि मंदसौर और नीमच जिले में गांधीसागर के बैक वाटर क्षेत्र में लंबे समय से खनन माफियाओं द्वारा नदी में सक्सर मशीन डाल कर रेती का अवैध खनन कर जिले में स्थित चंबल नदी, रेतम नदी के साथ ही मलेनी नदी को खोखला किया जा रहा था। मीडिया में लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद मंदसौर खनिज विभाग द्वारा कुछ दिन पूर्व कार्रवाई की गई थी। उसके बाद अब नीमच जिला प्रशासन और खनिज विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई है।  

उत्तर-पश्चिम रेलवे ने जोधपुर-गांधीधाम-जोधपुर रेलसेवा में विस्तार, अब प्रतिदिन चलेगी ट्रेन

 जोधपुर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने जोधपुर-गांधीधाम-जोधपुर रेलसेवा के संचालन दिवसों में विस्तार करने का निर्णय लिया है। अब यह रेलसेवा सप्ताह में तीन दिन के स्थान पर प्रतिदिन संचालित होगी। इसके साथ ही मार्ग में पड़ने वाले स्टेशनों पर ट्रेन के संचालन समय में भी परिवर्तन किया गया है। उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण ने जानकारी दी कि गाड़ी संख्या 22483 (जोधपुर-गांधीधाम) : यह रेलसेवा 23 मार्च 2025 से सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शनिवार के बजाय प्रतिदिन संचालित होगी। गाड़ी संख्या 22484 (गांधीधाम-जोधपुर) : यह रेलसेवा 24 मार्च 2025 से सप्ताह में मंगलवार, गुरुवार और रविवार के बजाय प्रतिदिन संचालित होगी। समय में परिवर्तन रेलवे ने मार्ग में स्थित विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेन के आगमन और प्रस्थान समय में भी बदलाव किया है। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पहले नए समय सारणी की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी रेलवे स्टेशन से प्राप्त कर लें। रेलवे के इस फैसले से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और उनकी यात्रा अधिक सुगम होगी।

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगी डिटेल, कपिल मिश्रा के उस X में क्या विवादित था? 8 अप्रैल को फैसला

नई दिल्ली दिल्ली सरकार के कानून मंत्री कपिल मिश्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में दिल्ली की अदालत ने पुलिस से कपिल के उस विवादित एक्स पोस्ट की जानकारी मांगी है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इसी के साथ मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल तक के लिए टाल दी है। उस दिन कपिल मिश्रा पर आरोप भी तय हो सकता है। आचार संहिता के उल्लंघन वाले मामले पर आज सुनवाई करते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उत्तरी पश्चिमी जिले के डीसीपी से ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) से उस पोस्ट की जानकारी जुटाने के बारे में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है,जो कथित तौर पर दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने पोस्ट की थी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि डीसीपी अगली सुनवाई से पहले एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। कोर्ट ने आरोप तय करने पर बहस के लिए मामले को 8 अप्रैल को सूचीबद्ध किया है। इससे एक दिन पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने कपिल मिश्रा को कोई राहत न देते हुए निचली अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कपिल मिश्रा के वकील ने निचली अदालत में चल रही सुनवाई को रोकने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR CrPc में दिए गए नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना दर्ज की गई थी। उनके वकील ने यह भी कहा कि ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर किया गया पोस्ट किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से नहीं किया गया था। सोशल मीडिया पोस्ट में किसी भी धर्म या धार्मिक समुदाय का जिक्र नहीं था। इसके अलावा, पोस्ट में CAA प्रदर्शन को लेकर भी कोई टिप्पणी नहीं की गई थी।

सलूंबर वन रेंज में वन विभाग ने पकड़े दो पैंथर

उदयपुर सलूंबर वन रेंज में वन विभाग को दोहरी सफलता मिली है। दो दिनों के भीतर क्षेत्र में दो पैंथर पिंजरे में कैद हो गए। ये दोनों पैंथर शिकार के फेर में खुद ही वन विभाग के जाल में फंस गए। क्षेत्रीय वन अधिकारी दिलीप सिंह ने बताया कि कल्याणा कला और आसपास के गांवों में पैंथर का मूवमेंट काफी समय से देखा जा रहा था। ग्रामीणों ने इसे कई बार कैमरे में भी कैद किया। पैंथर लगातार मवेशियों का शिकार कर रहा था, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। वन विभाग ने पैंथर को पकड़ने के लिए रणनीति बनाई और पिंजरा लगाया। मंगलवार रात पैंथर शिकार की तलाश में पहुंचा। पिंजरे में पहले से ही एक बकरा बांधा गया था। बकरे को देखते ही पैंथर ने उस पर झपट्टा मारा और पिंजरे में कैद हो गया। दूसरे मामले में सलूंबर के थड़ा गांव में भी एक पैंथर पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार ओंकारपुरी गोस्वामी के बाड़े में एक सप्ताह से पैंथर की गतिविधियां देखी जा रही थीं, जिससे ग्रामीण भयभीत थे। वन विभाग ने मंगलवार शाम को पिंजरा लगाया और बुधवार तड़के पैंथर शिकार की तलाश में वहां पहुंचा और पिंजरे में फंस गया। अब वन विभाग की टीम दोनों पैंथरों को सुरक्षित जंगल में छोड़ने की तैयारी कर रही है।  वन विभाग की इस सफलता से स्थानीय लोग राहत महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने विभाग की तत्परता की सराहना की और उम्मीद जताई कि इस तरह की घटनाओं से क्षेत्र में सुरक्षा बनी रहेगी।

जैक फ्रेजर मैक्गर्क के हमवतन दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट ने चेतावनी दी, IPL पर कही बड़ी बात

नई दिल्ली आईपीएल 2025 का नया सीजन शुरू होने वाला है। इस सीजन में बहुत से खिलाड़ी अपनी फॉर्म की तलाश में भी उतरेंगे। ऐसे ही एक खिलाड़ी का नाम है जैक फ्रेजर मैक्गर्क। ऑस्ट्रेलिया का यह आक्रामक बल्लेबाज पिछले कुछ वक्त से फॉर्म में नहीं है। उन्होंने बीते साल आईपीएल में डेब्यू किया था और अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया था। लेकिन फिलहाल उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं। इन सबके बीच जैक फ्रेजर मैक्गर्क के हमवतन दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट ने चेतावनी दी है। गिलक्रिस्ट ने बड़े ही स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आईपीएल यह बर्दाश्त नहीं करता कि आप रिजल्ट नहीं दे रहे हैं। दिल्ली का जीतना होगा दिल गिलक्रिस्ट ने फॉक्स क्रिकेट से कहाकि दिल्ली ने फ्रेजर मैक्गर्क के ऊपर बहुत भरोसा जताया है। इसलिए यह बहुत अहम हो जाता है कि वह टीम को अच्छी शुरुआत दें। पूर्व ऑस्ट्रेलियन विकेटकीपर-बल्लेबाज ने कहाकि जहां तक मैं जानता हूं आईपीएल में मालिक और कोच इतना मेहरबान नहीं होते। अगर आप बहुत लंबे समय तक नाकाम रहते हैं तो आपको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि हालिया खराब फॉर्म के बावजूद दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने फ्रेजर-मैक्गर्क पर भरोसा जताया है। ऐसी उम्मीद है कि वह फाफ डू प्लेसिस के साथ टीम के लिए ओपनिंग करेंगे। हालात कर सकते हैं मदद एडम गिलक्रिस्ट ने कहाकि हालांकि अरुण जेटली स्टेडियम की बैटिंग फ्रेंडली पिच मैक्गर्क के लिए मददगार हो सकती है। पिछले साल उन्होंने जिन पिचों पर बल्लेबाजी की थी वो हाई स्कोरिंग पिचेज थीं। इस बार भी हालात वैसे ही रहेंगे। अब उनके पास मौका है कि वह किस तरह का प्रदर्शन करते हैं। गौरतलब है कि इस धाकड़ बल्लेबाज को शेफील्ड शील्ड टूर्नामेंट दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की टीम में सीमित मौके मिले हैं। ऐसे में उनका फर्स्ट क्लास करियर भी बहुत आगे नहीं बढ़ पाया है। पिछले सीजन में किया था धमाका अगर पिछले सीजन की बात करें तो जैक फ्रेजर मैक्गर्क ने बेहतरीन बल्लेबाजी की थी। उन्हें किसी घायल खिलाड़ी की जगह लिया गया था। मैक्गर्क ने मौके का फायदा उठाते हुए नौ पारियों में 234.04 की स्ट्राइक रेट से 330 रन बनाए थे। आलम यह हुआ कि अच्छे-अच्छे गेंदबाज उनसे खौफ खाने लगे। हालांकि आईपीएल 2024 के बाद टी20 में उनके आंकड़े उतने प्रभावी नहीं रह गए। हालांकि दिल्ली कैपिटल्स ने मैक्गर्क की क्षमता पर भरोसा दिखाया है और ऑक्शन से पहले नौ करोड़ रुपए में उन्हें रिटेन कर लिया। अब मैक्गर्क के पास मौका है कि वह आईपीएल 2025 में अच्छा प्रदर्शन करके 2026 टी20 वर्ल्डकप के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम में दावेदारी पेश करें।

मुख्यमंत्री ने ली विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक

जयपुर,  मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने निर्देश दिए है कि राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रसोई गैस सिलेण्डर सब्सिडी एवं अन्य योजनाओं के अन्तर्गत लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर विभिन्न विभागों की परियोजनाओं एवं योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2024-25 में विभागवार निर्धारित की गई राशि का नियमानुसार एवं समुचित व्यय सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बजट घोषणाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लोककल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध करवाए है, ताकि आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और कार्यक्रमों का सुगमता एवं तत्परता से लाभ मिल सकें। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

विकसित रेल-विकसित भारत विश्व स्तरीय से श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ: एम. जमशेद

भारतीय रेलवे, भारत की विकास कहानी का क्राउचिंग टाइगर, दुनिया की सबसे उल्लेखनीय और कम चर्चित कहानियों में से एक है कि कैसे बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के प्रति जागरूक सार्वजनिक नीति में रणनीतिक निवेश राष्ट्रीय विकास के लिए प्रभावशाली लाभांश हो सकता है। पिछले दशक (2014-2024) के दौरान भारतीय रेलवे ने जो प्रगति की है, वह विकास और प्रगति का स्वर्णिम काल हो सकता है, और यह प्रणाली आज विश्व स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ते रेलवे नेटवर्क में से एक है। इसके संदर्भ में, भारत की कहानी को क्या अलग बनाता है और इसे विकास के लिए समान महत्वाकांक्षा वाले देशों और क्षेत्रों के लिए एक सबक बनाता है? मुख्य बात एक सार्वजनिक नीति दृष्टिकोण था जिसे सबसे अच्छे ढंग से यह कहकर संक्षेप में प्रस्तुत किया जा सकता है कि रेलवे के लिए योजना भारत के साथ और भारत के लिए बनाई गई है। इसका मतलब यह चिन्हित करना था कि यह प्रणाली आम आदमी के लिए रेलवे के रूप में अपनी आवश्यक भूमिका में विश्व स्तरीय और किफायती बनी रहनी चाहिए, साथ ही भारत के 22.4 मिलियन लोगों के दैनिक प्रयासों के साथ-साथ, जो अपने आर्थिक जीवन के एक हिस्से के रूप में इस सेवा का उपयोग करते हैं – और यह कि इसे एक ऐसी प्रणाली के रूप में समानांतर रूप से विकसित होना चाहिए जो भारत के उद्योग, वाणिज्य और 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था की महत्वाकांक्षा का समर्थन करती है। इसके लिए व्यापार करने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव की आवश्यकता थी। अतीत में रेलवे अपनी धीमी विकास दर, आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे की क्षमता संतृप्ति आदि के लिए आलोचना के घेरे में आया था। यह अभी भी उन लोगों से आता है जो पर्याप्त ज्ञान के बिना जानकारी प्राप्त किए पुरानी मानसिकता से चिपके हुए हैं जैसे कि नेटवर्क विकास की अक्सर 1950 के बाद से केवल 68000 किमी तक क्रमिक वृद्धि के लिए आलोचना की जाती है, बिना यह जाने कि लाइन क्षमता वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण बढोतरी ट्रैक किलोमीटर की है जो आज 132000 किमी से अधिक हो गई है। पिछले दशक के साथ इसके प्रदर्शन की दस साल की व्यापक तुलना इस बात को साबित करती है। 2014-2024 के दौरान, 2004-2014 के 14900 की तुलना में कुल 31000 किलोमीटर नये ट्रैक की स्थापना की गई है। इसी तरह कुल संचयी माल लदान 8473 मिलियन टन यानी 12660 मिलियन टन तक बढ़ गया तथा भारतीय रेल ने 8.64 लाख करोड़ के मुकाबले 18.56 लाख करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। इसके साथ ही विद्युतीकरण के फलस्वरूप कार्बन फुटप्रिंट पर बचत 5188 किलोमीटर की तुलना में 44000 किलामीटर से अधिक हो गई है। पिछले दशक में शून्य के मुकाबले 2741 किमी लंबे विश्व स्तरीय डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण, लोको का उत्पादन 4695 से बढ़कर 9168 हो गया है और कोचों का निर्माण 32000 से बढ़कर 54000 हो गया। भारतीय रेल ने उत्पादकता और प्रदर्शन के सभी मापदंडों में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। प्रशासनिक व्यवस्था में प्रमुख सुधार मुख्य बजट के साथ रेलवे बजट के विलय के साथ आया, जिसे स्टीम एज माइंड सेट वाले कई बूमर्स अभी भी बिना किसी स्पष्ट कारण के याद करते हैं। रेलवे को वित्तीय कमी के कारण संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ा, जिसके कारण स्वीकृत परियोजनाओं की बड़ी संख्या में लंबित थी, लेकिन पिछले दशक में जीबीएस में 8.25 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि पिछले दस वर्षों में यह केवल 1.56 लाख करोड़ रुपये था। रेलवे जल्द ही श्रीनगर के लिए अपनी पहली ट्रेन चलाएगा, घाटी में सफर के लिए ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है, इस रेल मार्ग में सबसे ऊंचे पुलों और विशाल पहाड़ों पर नेटवर्क को जोड़ने वाली सबसे लंबी रेल सुरंगों का निर्माण हो चुका है। भारतीय रेलवे अपनी निर्बाध कनेक्टिविटी के लिए 100% विद्युतीकरण को प्राप्त करने वाला पहला प्रमुख रेलवे बनने वाला है, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी और कार्बन फुटप्रिंट में भारी कमी आएगी। रेलवे नेटवर्क में टक्कर रोधी कवच का उपयोग भी यातायात रेलवे प्रणाली में सबसे बड़ा है। भारत मे संचालित रेलगाड़ियां भी ‘विश्व स्तरीय’ से आगे निकल रही हैं। भारतीय रेलवे ने घरेलू आवश्यकताओं के साथ उन्नत वैश्विक तकनीकों का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया है, जिसका लक्ष्य संरक्षित, तेज, स्वच्छ और अधिक आरामदायक रेलगाड़ियां बनाना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय रेल सभी के लिए आसानी से उपलब्ध हो सके। भारतीय रेलवे अपने अनूठे बिजनेस मॉडल के साथ अपने माल ढुलाई राजस्व से यात्री परिहवन के मद के घाटे को वहन करती है और फिर भी लाभदायक बनी रहती है। प्रमुख विकसित रेलवे प्रणालियाँ या तो निजीकरण कर दी गई हैं और उच्च टैरिफ तय करने के लिए स्वतंत्र हैं या अपने घाटे के लिए सरकारी सब्सिडी पर निर्भर हैं, इसके विपरीत भारतीय रेलवे अपने सभी परिचालन और कार्य व्यय का ध्यान रखती है और अपने कैपेक्स के लिए सकल बजटीय सहायता प्राप्त करती है। अन्य साधनों से कड़ी प्रतिस्पर्धा और उत्पन मांग पर निर्भर होने के बावजूद, इसके राजस्व सृजन लक्ष्य साल दर साल रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज करते हुए सफलतापूर्वक हासिल किए जा रहे हैं। यह बात उन बुमर्स और 90 के दशक के बच्चों के लिए आश्चर्य की बात हो सकती है जो भारत में एक साधारण युग को याद करते हैं। “निर्यात गुणवत्ता“ का लेबल लगाने वाली किसी भी चीज़ की कीमत प्रीमियम हुआ करती थी, जबकि सबसे अच्छे उत्पाद – जिन्हें विश्व स्तरीय कहा जाता था – वे यूरोप और अमेरिका के समृद्ध देशों के लिए आरक्षित थे। भारतीयों को अक्सर कुछ गलत सामाजिक-आर्थिक सोच की आड़ में घटिया सामान या सेवाएँ प्रदान की जाती थीं। पीढ़ियों को भारतीय रेलवे जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए भी अपनी अपेक्षाएँ कम करने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालाँकि, 2014 के बाद सरकार के फोकस ने विकास और बुनियादी ढाँचे के निर्माण के प्रति एक दृढ़ प्रगतिशील और प्रेरक दृष्टिकोण अपनाया है। आधुनिक भारत एक ऐसे राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर का हकदार है जो नवाचार की कमी और रूढ़िवादी अंतर्मुखी एजेंडे से मुक्त हो। यह प्रगति आवश्यक रेलवे घटकों के लिए उच्च स्तर के स्थानीयकरण को बनाए रखते हुए और विनिर्माण सुविधाओं को अभूतपूर्व स्तर … Read more

महिलाओं और बालिकाओं के लिए सर्वाइकल एवं ब्रेस्ट कैंसर की निःशुल्क जांच सुविधा : चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि राज्य में एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वस्थ नारी चेतना अभियान चलाकर महिलाओं में ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की प्रशिक्षित स्टाफ के द्वारा स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके अलावा चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालयों में भी सर्वाइकल एवं ब्रेस्ट कैंसर की जांच मुफ्त में की जा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि टोंक, धौलपुर, बारां, बांसवाड़ा, चूरू, झुंझुनूं तथा जैसलमेर में बीपीएल परिवारों की महिलाओं को पहली डिलीवरी में 4 से 6 महीने में 3 लीटर घी दिया जाता है तथा डिलीवरी के बाद 2 लीटर घी दिया जाता है। अन्य जिलों में बीपीएल, आस्था कार्ड धारक, सहरिया परिवार, कथौड़ी जनजाति की महिलाओं को डिलीवरी के बाद 5 लीटर घी सरस का कूपन देकर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अधिक से अधिक महिलाओं को इसका लाभ देने के प्रयास किये जा रहे हैं। श्री खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार के संकल्प पत्र के तहत राज्य की प्रत्येक गर्भवती महिला को पांच लीटर देशी घी उपलब्ध कराने की शुरूआत चरणबद्ध रूप से की जाएगी। इससे पहले विधायक श्री मनीष यादव के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य में एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वस्थ‍ नारी चेतना अभियान के तहत माह अप्रेल 2024 से जनवरी 2025 तक महिलाओं में ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग का जिलेवार एवं संस्थावार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने विगत 1 वर्ष में चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालयों में की गई सर्वाइकल एवं स्तन कैंसर की मुफ्त जांचों का अस्पतालवार विवरण भी सदन के पटल पर रखा। श्री खींवसर ने बताया कि केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देश उपरान्त राज्य में बालिकाओं को मुफ्त एचपीवी वैक्सीन लगाई जायेगी। केन्द्र सरकार द्वारा एचपीवी वैक्सीन को राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी में सम्मिलित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के संकल्प पत्र 2023 में राज्य की प्रत्येक गर्भवती महिला को पांच लीटर देशी घी उपलब्ध कराने के संबंध में की गई घोषणा की क्रियान्विति प्रक्रियाधीन है।

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