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31 मार्च से फिर बंद हो जाएगी पोस्‍ट ऑफिस की ये योजना… मिलता है तगड़ा ब्‍याज

नई दिल्ली महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट (MSSC) योजना में निवेश करने के लिए कम समय बचा है. सरकार ने महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट (MSSC) योजना में निवेश का समय अभी तक आगे नहीं बढ़ाया है. पोस्‍ट ऑफिस के तहत संचालित महिलाओं के लिए इस स्‍कीम में निवेश करने का अंतिम दिन 31 मार्च 2025 है. जिन महिलाओं ने अभी तक इस योजना में निवेश नहीं किया है, उनके पास मार्च 2025 तक का वक्‍त है. फिर ये योजना बंद भी हो सकती है या फिर सरकार की ओर से इसे बढ़ाने का फैसला भी आ सकता है. महिलाओं के लिए बेहतर है योजना! भारत सरकार ने महिलाओं और लड़कियों के लिए MSSC (महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र) योजना 31 मार्च 2023 को आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शुरू की गई थी और इसे दो साल के समय के लिए लागू किया गया था. इस स्कीम का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें फाइनेंशियल स्वतंत्रता देना है. इस योजना के तहत 2 साल का मैच्‍योरिटी पीरियड भी दिया गया है. कितना मिलता है ब्‍याज? देश की कोई भी महिला इस योजना में 2 साल के लिए निवेश कर सकती है. इस योजना के तहत तगड़ा ब्‍याज भी दिया जाता है. MSSC योजना पर 7.5% सालाना ब्याज दिया जाता है, जो बैंकों की 2 साल की एफडी से अधिक है. यह एक सेफ योजना है, क्‍योंकि यह सरकार की ओर से संचालित है. इसके तहत अकाउंट पोस्ट ऑफिस या रजिस्टर बैंकों में आसानी से खोला जा सकता है. कितना कर सकते हैं निवेश? इस योजना के तहत कोई भी महिला, जो भारत की निवासी है, न्यूनतम 1,000 रुपये और अधिकतम 2 लाख रुपये का निवेश कर सकती है. 2 साल की अवधि के बाद पूरा मूलधन और ब्याज वापस मिलता है. 1 साल बाद खाताधारक 40% तक की राशि निकाल सकते हैं. महिला सम्मान योजना की शर्तें गंभीर बीमारी या खाताधारक की मृत्यु जैसी कंडीशन में अकाउंट समय से पहले बंद किया जा सकता है. अगर 6 महीने बाद खाताधारक अकाउंट बंद करवाता है, तो ब्याज दर में कटौती हो सकती है. 31 मार्च 2025 तक कर सकते हैं निवेश सरकार ने MSSC योजना को आगे बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं की है. ऐसे में 31 मार्च 2025 तक निवेश करना जरूरी है. यह महिलाओं के लिए सुरक्षित और उच्च ब्याज दर वाला बेहतरीन निवेश विकल्प है.  

उन्नाव में रंग खेलने पर पथराव तो नमाज पढ़ने पर डंडे, होली पर मचा बवाल

उन्नाव उन्नाव में होली के जश्न के बीच फाग जुलूस के दौरान बवाल हो गया. आरोप है कि कुछ अराजकतत्वों ने मुस्लिम क्षेत्र में अभद्र टिप्पणियां कीं और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की. जब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया. हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया. जानकारी के अनुसार, यह मामला उन्नाव के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के गंज मुरादाबाद कस्बे के जोगियाना मोहल्ले का है. सूत्रों के अनुसार, होली के बाद फाग जुलूस निकाला जा रहा था, जिसमें हिंदू समुदाय के लोग गाते-बजाते हुए मुस्लिम बहुल इलाके से गुजर रहे थे. लौटते समय जुलूस में शामिल कुछ लोग शराब के नशे में थे और उन्होंने कुछ घरों पर रंग फेंकते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया. इसके चलते इलाके में तनाव बढ़ गया. घटना के दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने जब माहौल शांत करने की कोशिश की, तो नशे में धुत कुछ लोगों ने पुलिस से बहस शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस पर पथराव किया गया और कुछ अराजक तत्वों ने हाथापाई तक कर डाली. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया, जिससे उपद्रवियों को खदेड़ दिया गया. पथराव और झड़प में 3-4 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। पुलिस ने मामले में कुछ अराजकतत्वों को हिरासत में लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. इस मामले को लेकर सीओ बांगरमऊ अरविंद चौरसिया ने कहा कि होली के दौरान शराब के नशे में कुछ लोग हुड़दंग कर रहे थे और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे. उन्हें समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वे बार-बार माहौल खराब कर रहे थे, इसलिए हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया गया. फिलहाल, इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी बुलाया गया है.  

आज से शुरू हुआ हिंदू पंचांग का पहला महीना चैत्र, जानें इसका महत्व और व्रत-त्योहारों की सूची

भारतीय पंचांग का पहला महीना चैत्र है. चित्रा नक्षत्र से संबंध होने के कारण इसका नाम चैत्र पड़ा है. चैत्र माह से ही वसंत का समापन और ग्रीष्म का आरम्भ होता है. साथ ही शुभता और ऊर्जा का भी आरंभ होता है. इस महीने से ज्योतिष का बहुत गहरा संबंध है. इस बार चैत्र का महीना 15 मार्च यानी आज से शुरू हो रहा है और ये 12 अप्रैल तक रहेगा. आइए आपको चैत्र माह की महिमा बताते हैं. चैत्र माह में पूजा के लाभ इस महीने में सूर्य और देवी की उपासना लाभदायक होती है. इस महीने नाम यश और पद प्रतिष्ठा के लिए सूर्य की उपासना करना उत्तम होता है. शक्ति और ऊर्जा के लिए देवी की उपासना करनी चाहिए. इस महीने में लाल फलों का दान करें और नियमित रूप में पेड़ पौधों में जल डालें. चैत्र में खान-पान के नियम चैत्र के महीने से धीरे-धीरे अनाज खाना कम कर देना चाहिए. पानी अधिक पीएं. ज्यादा से ज्यादा फल खाएं. इस महीने में गुड़ नहीं खाना चाहिए. बल्कि इस महीने में चना खाना बहुत अच्छा होता है. चैत्र में बासी भोजन बिल्कुल नहीं खाना चाहिए. चैत्र में आने वाले पर्व-त्योहार चैत्र में कृष्ण पक्ष की पंचमी को रंग पंचमी मनाई जाती है.  इसी महीने में पापमोचनी एकादशी भी आती है. इस महीने से नवसंवत्सर का आरम्भ भी होता है. वासंतिक नवरात्र का शुभ पर्व भी इसी महीने आता है. इसी माह की नवमी तिथि को श्रीराम जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है. इस दिन तमाम धार्मिक कृत्य और दान आदि करने की परंपरा है पर्व-त्योहारों की सूची 15 मार्च 2025 – चैत्र मास प्रारंभ 16 मार्च 2025 – भाई दूज 17 मार्च 2025 – भालचद्र संकष्टी चतुर्थी 19 मार्च 2025 – रंग पंचमी 21 मार्च 2025 – शीतला सप्तमी 22 मार्च 2025 – शीतला अष्टमी, बसोड़ा, कालाष्टमी 25 मार्च 2025 – पापमोचिनी एकादशी 27 मार्च 2025 – प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि 29 मार्च 2025 – सूर्य ग्रहण, चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2025 – गुड़ी पड़वा, चैत्र नवरात्रि 31 मार्च 2025 – गणगौर 06 अप्रैल 2025 – रामनवमी 12 अप्रैल 2025 – चैत्र पूर्णिमा हनुमान जयंती  

राजनीतिज्ञों, नागरिकों, कार्यकर्ताओं और पत्रकारगणों ने मुख्यमंत्री के साथ मनाई होली, गाए होली गीत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रदेशवासियों को होली पर्व की हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारे त्यौहार सबका मंगल लेकर आते हैं, इसीलिए ऐसे पर्वों पर बधाई और मंगलकामनाएं दीं जाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि ये आनंद मनाने का पर्व है। खुश होकर, आनंद लेकर ही मनाये। उन्होंने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ सभी त्यौहार मनाने का आह्वान किया। समारोह में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध घुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, सांसद खजुराहो वी.डी.शर्मा, समाजसेवी हितानंद शर्मा, सांसद भोपाल आलोक शर्मा, सांसद नर्मदापुरम दर्शन सिंह चौधरी, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, रविन्द्र यति, गणमान्य नागरिक, पत्रकार, अधिकारी और कलाकारों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ होली मनाई। सभी ने बड़े हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की मंगलकामनाएं दीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति के रूप में सुघड़ कलाकारों ने ब्रज, बरसाने और महाकाल की होली का भव्य एवं मनोरम मंचन किया गया। पारम्परिक गीत-संगीत, नृत्य और रंगों की इस अनुपम छटा ने सभी को अभिभूत कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होली भाईचारे, प्रेम और समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमें सामाजिक एकता और सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि वे पर्यावरण का संवेदनशीलतापूर्वक ध्यान रखते हुए होली मनाएं और जल संरक्षण का भी संदेश जन-जन तक पहुंचाएं। उल्लास और उमंग से सराबोर इस होली मिलन समारोह में सभी ने शालीनता के साथ पर्व का आनंद लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच पर प्रस्तुती दे रहे कलाकारों और अतिथियों के साथ रंग बरसे भीगे….., होली के दिन दिल खिल-खिल…..,, दमादम मस्त कलंदर, भोले खेलें होली… जैसे होली गीतों का सस्वर गायन कर सभी के उल्लास को दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे सभी आगंतुकों पर पुष्प-वर्षा के साथ गुलाल उड़ाकर मेजबान के रूप में सबका स्वागत किया।  

ग्राम बगिया में ग्रामीणों संग हर्षोल्लास से मुख्यमंत्री साय ने मनाई होली

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने होली के रंगों में सराबोर अपने गृह ग्राम बगिया में ग्रामीणों के साथ आत्मीयता से होली का पर्व मनाया। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने और होली की शुभकामनाएं देने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी का गर्मजोशी से स्वागत किया, गुलाल लगाया और पर्व की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द्र और आपसी मेलजोल का उत्सव है। यह पर्व हमें हर भेदभाव भूलाकर एकता और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं पर भी चर्चा की। होली के इस उल्लासमय अवसर पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के साथ खुशियों के रंग बांटे, पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया और इस पर्व को सामाजिक सौहार्द्र और उल्लास के साथ मनाया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में नितेश कच्छप और उनकी टीम ने होली के पारंपरिक लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे पूरा माहौल रंगीन और संगीतमय हो गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण, पत्रकार बंधु और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

उड़ीसा राज्य की सहमति से जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर को अस्थायी रूप से एक फीट ऊंचा किया गया

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर में जल प्रवाह को नियंत्रित कर इंद्रावती नदी की मुख्य धारा में पानी छोड़ा गया है। ओडिशा सरकार की सहमति के बाद स्ट्रक्चर में रेत की बोरियां डालकर पानी का प्रवाह सुनिश्चित किया गया, जिससे इंद्रावती नदी में जल स्तर में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल से इंद्रावती नदी के जल संकट के समाधान हेतु चर्चा की। इस पर केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के मुख्यमंत्रियों को समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। जिसके परिणामस्वरूप उड़ीसा राज्य की सहमति से जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर को अस्थायी रूप से एक फीट ऊंचा किया गया, जिससे इंद्रावती नदी के जल प्रवाह में सुधार हुआ। इसके अतिरिक्त, इंद्रावती नदी के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में जमा रेत को हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जिसे अप्रैल के पहले सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में कलेक्टर श्री हरिस एस के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर श्री सी.पी. बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री महेश्वर नाग और जल संसाधन विभाग के ईई श्री वेद पांडेय ने स्थानीय किसानों को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभा कक्ष में पूरी जानकारी दी। इंद्रावती नदी और जोरा नाला की समस्या इंद्रावती नदी का उद्गम ओडिशा राज्य के कालाहांडी जिले के रामपुर धुमाल गांव से हुआ है। यह नदी 534 किलोमीटर की यात्रा के बाद गोदावरी नदी में मिलती है। नदी का कैचमेंट एरिया 41,665 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें ओडिशा में 7,435 वर्ग किमी, छत्तीसगढ़ में 33,735 वर्ग किमी और महाराष्ट्र में 495 वर्ग किमी शामिल हैं। ओडिशा राज्य की सीमा पर ग्राम सूतपदर में इंद्रावती नदी दो भागों में बंट जाती है। एक भाग इंद्रावती नदी के रूप में 5 किमी बहकर ग्राम भेजापदर के पास छत्तीसगढ़ में प्रवेश करता है, जबकि दूसरा भाग जोरा नाला के रूप में 12 किमी बहते हुए शबरी (कोलाब) नदी में मिल जाता है। पहले जोरा नाला का पानी इंद्रावती में आता था, लेकिन धीरे-धीरे इसका बहाव बढ़ने से इंद्रावती का जल प्रवाह कम हो गया। समस्या गंभीर होने पर दिसंबर 2003 में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के प्रमुख अभियंताओं की बैठक में जोरा नाला के मुहाने पर जल विभाजन के लिए कंट्रोल स्ट्रक्चर बनाने का निर्णय लिया गया। यह स्ट्रक्चर ओडिशा सरकार द्वारा बनाया गया, जिसकी डिज़ाइन केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने तैयार की। निर्माण के बाद भी जोरा नाला में अधिक पानी जाने से छत्तीसगढ़ को ग्रीष्म ऋतु में औसतन 40.71% और ओडिशा को 59.29% जल प्रवाह मिला। राज्य सरकार की पहल से समाधान की दिशा में प्रगति इंद्रावती नदी में न्यूनतम जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कई प्रयास किए। 6 जनवरी 2021 को ओडिशा और छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में कंट्रोल स्ट्रक्चर के अपस्ट्रीम में जलभराव रोकने के लिए रेत और बोल्डर हटाने तथा जोरा नाला के घुमाव को सीधा करने का अनुरोध किया गया। वर्ष 2018 के बाद इंद्रावती नदी में सतत जल प्रवाह कम होने की समस्या बनी हुई थी। अब राज्य सरकार के प्रयासों से ओडिशा सरकार का सहयोग प्राप्त हुआ है, जिससे नदी के जल प्रवाह को संतुलित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इससे इंद्रावती नदी में जल प्रवाह बढ़ेगा और किसानों को सिंचाई के लिए पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

पावन अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, आनंद और परस्पर प्रेम की कामना की : CM साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रंगों और उल्लास के महापर्व होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, आनंद और परस्पर प्रेम की कामना की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करने वाला पर्व है। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि जीवन में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के रंग सबसे अनमोल हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली का त्यौहार सदियों से भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग रहा है, जहां भेदभाव मिट जाते हैं, और लोग आपसी स्नेह, उल्लास और उमंग के रंगों में घुल-मिल जाते हैं। यह पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की विजय, प्रेम की जीत और समाज में सौहार्द्र को और मजबूत करने का संदेश देता है। मुख्यमंत्री साय ने सभी प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि हम सभी होली के पावन पर्व को प्रेम, सौहार्द और आनंद के साथ मनाएं, एक-दूसरे के जीवन में खुशियों के रंग भरें और छत्तीसगढ़ की समरसता और एकता को और अधिक सशक्त बनाएं।

CM यादव ने साधु संतों की चरण वंदन करते हुए कहा है कि साधु-संतों का स्नेह और आशीर्वाद इस जन्म की सबसे बड़ी उपलब्धि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साधु संतों की चरण वंदन करते हुए कहा है कि साधु-संतों का स्नेह और आशीर्वाद इस जन्म की सबसे बड़ी उपलब्धि है।उज्जैन में परमात्मा ने जन्म दिया उसके लिए हम सौभाग्यशाली है। बाबा महाकालेश्वर की उज्जयिनी नगरी आध्यात्म ,भारतीय दर्शन,धर्म, गणित,चिकित्सा, धनुर्विद्या और  शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में हमेशा से विख्यात रही है। भगवान कृष्ण ने उज्जैन में सांदीपनी गुरु से शिक्षा प्राप्त की और उसी ज्ञान से श्रीमद भगवतगीता का उपदेश विश्व को दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अग्रणी राष्ट्र बन रहा है। हम आध्यात्मिक नगरी अवंतिका को भारत का सिरमौर बना रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ये बातें उज्जैन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा बड़नगर रोड़ स्थित, पंचायती निरंजनी अखाड़ा में आयोजित “होली के रंग – साधु संतो के संग” कार्यक्रम में सम्मिलित होकर कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और प्रदेश के अन्य धार्मिक नगरों में 1 अप्रैल से शराब-बंदी की जा रही है। हम संपूर्ण प्रदेश में गौ-शालाओं को बढ़ावा दे रहे है। दूध उत्पादन पर बोनस भी दिया जाएगा।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उज्जैन में “होली के रंग-साधु संतों के संग” कार्यक्रम में ढोल, डमरू, वेद ऋचाओं की गूंज के बीच अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पूरी जी महाराज ने गुलाल लगाकर होली की मंगलकामनाएं दी। रविंद्र पूरी जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उज्जैन को संपूर्ण भारत की सांस्कृतिक राजधानी बनाने के लक्ष्य को पूर्ण करने में हम साधु-संत संपूर्ण रूप से साथ है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कार्यक्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पूरी जी महाराज, महामंडलेश्वर शांतिस्वरूपानंद गिरी जी महाराज, महामंडलेश्वर सुमन्नानन्द गिरी जी महाराज,महामंडलेश्वर प्रेमानंद पूरी जी महाराज,महंत डॉक्टर रामेश्वर दास जी महाराज,महंत देवगिरी जी महाराज,महंत शनि भारती जी महाराज,महंत सुरेशानंद पूरी जी महाराज आदि साधु,संत,महंतों का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया।  

महाकाल कॉरिडोर की तरह ऐतिहासिक महादेव घाट के शिव मंदिर और नदी का होगा कायाकल्प

रायपुर महाकाल कॉरिडोर की तरह ऐतिहासिक महादेव घाट के शिव मंदिर और नदी का वह तट जो मंदिर के ठीक पीछे से रायपुरा पुल की ओर जाता है, इसी प्रकार मुक्तिधाम को छोड़ भाठागांव बायपास रोड की ओर जहां आजू-बाजू दुकानें हैं उस एरिया को भी व्यवस्थित किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में नगर निगम के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं. इसका दूसरा चरण सिंचाई और पर्यटन विभाग विकसित करेगा. पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश मूणत ने बताया कि इस कॉरिडोर की तैयारी लंबे समय से चल रही थी. महादेव घाट के महत्व को शासन ने माना और इसे एक नये पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में स्वीकृत देकर राशि जारी कर दी. इसके बाद विसर्जन कुंड से होते हुए टाटीबंध के आगे चंदनीडीह की ओर एक डबल लेन रोड का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है. इस पर भी अगले महीने से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सर्वे करेगा. श्री मूणत ने बताया कि इस रोड के बनने से आधे से अधिक ट्रैफिक डायवर्ट हो जाएगा. लोगों का भिलाई-दुर्ग की ओर भाठागांव, रायपुरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आना-जाना आसान हो जाएगा. इस रोड बनने के साथ ही हम पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से सघन वृक्षारोपण जिसमें मौसमी फलों के वृक्ष लगाकर ऐसे फलों के व्यापार को आगे बढ़ाने का काम करेंगे. चौक से शुरू हो जाएगी व्यवस्था महादेव घाट प्रोजेक्ट का काम रायपुरा का चौक जहां से एक ओर पुल की ओर दूसरा रास्ता सीधे मंदिर में जाता है, इसी मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते से शुरू होगा. इसके बाद ब्रम्हविद् स्कूल की ओर जाने वाली रोड का लगभग 50 से 100 मीटर हिस्सा भी प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा. मंदिर के आसपास दुकानें होंगी व्यवस्थित इस प्रोजेक्ट के संबंध में अधिकारियों ने कहा कि महादेव घाट कॉरिडोर योजना में मंदिर के आसपास की दुकानों को भी व्यवस्थित किया जाएगा. हम इन दुकानों को वहां से हटाने के बजाय उनके लिए आकर्षक व्यवस्था करने की दिशा में काम करेंगे. इससे मंदिर का स्वरूप जो अभी दूर से नहीं दिखता, लोगों को रोड से स्पष्ट दिखाई देगा.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी होली की मंगलकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होली के पावन अवसर पर भोपालवासियों, प्रदेशवासियों, और सभी देशवासियों को मंगलकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि होली का यह रंगों भरा त्यौहार पूरे देश में उल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारा देश दिनों-दिन नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों के जीवन में खुशहाली का रंग भरने के लिए प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास में होली पर मीडिया से चर्चा में कहा कि परमात्मा करे कि हम सबका परस्पर प्रेम और सौहार्द निरंतर यूं ही बढ़ता रहे।हम सभी एक-दूसरे के सुख-दुःख में साझेदारी करते हुए आनंदपूर्वक जीवन व्यतीत करें। होली हो, दीवाली हो या ईद.. हर त्यौहार का असली आनंद मिल-जुलकर मनाने में ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे आपसी भाईचारे को और मजबूत करें तथा सामाजिक समरसता को बनाए रखते हुए रंगों के इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाएं।  

30 मार्च से चैत्र नवरात्र की होगी शुरुआत, आठ दिन का रहेगा पर्वकाल

उज्जैन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 30 मार्च को देवी आराधना का पर्व चैत्र नवरात्र का आरंभ होगा। तिथि मतांतर से इस बार नवरात्र आठ दिन के रहेंगे। खास बात यह है कि महापर्व के दौरान चार दिन रवियोग तथा तीन दिन सर्वार्थसिद्धि योग का संयोग रहेगा। साधना, आराधना की दृष्टि से यह योग बेहद महत्वपूर्ण है। इन योगों में की गई साधना साधक, आराधक को शुभ व मनोवांछित फल प्रदान करती है। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 30 मार्च को रविवार के दिन वासंती नवरात्र का आरंभ होगा। सर्वार्थसिद्धि योग होने से इसकी शुभता और बढ़ी इस दिन रेवती नक्षत्र, बव करण तथा मनी राशि उपरांत मेष राशि का चंद्रमा रहेगा। पंचांग के इन पांच अंगों की मौजूदगी में घट स्थापना का अनुक्रम रहेगा। रेवती पंचक का नक्षत्र है, ऐसे में नवरात्र में की गई देवी की साधना, आराधना पांच गुना शुभफल प्रदान करेगी। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग होने से इसकी शुभता और भी बढ़ गई है। क्योंकि सर्वार्थसिद्धि योग सभी प्रकार की सिद्धि प्रदान करने वाला मना गया है। इस बार नवरात्र का आरंभ और रेवती नक्षत्र में होने से यह विशेष फल प्रदान करेगी क्योंकि रेवती नक्षत्र पंचक का पांचवां नक्षत्र माना जाता है। पांचवां नक्षत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होता है, तो विशेष कल्याणकारी माना गया है। अलग-अलग प्रकार के धर्म ग्रंथो में विशेष कर मुहूर्त चिंतामणि में इसका उल्लेख दिया गया है। इस दृष्टि से भी नवरात्र के दौरान की गई साधना विशेष फल प्रदान करेगी। तिथि का क्षय होने से 8 दिन की नवरात्रि इस बार नवरात्र आठ दिनों के रहेंगे। अलग-अलग पंचांगों में तिथि को लेकर के अलग-अलग प्रकार की गणना में बताया गया है। कुछ पंचांगों में तृतीया, कुछ पंचांग में द्वितीया तथा कुछ पंचांग में तृतीया व चतुर्थी संयुक्त दी गई है। इस दृष्टि से गणना का अलग-अलग प्रभाव दिया गया है। वर्षभर में चार नवरात्र विशेष पं.डब्बावाला ने बताया देवी की साधना, आराधना के लिए वर्षभर में चार नवरात्र विशेष माने गए हैं। इनमें दो प्राकट्य व दो गुप्त नवरात्र बताए हैं। चैत्र व शारदीय नवरात्र को प्राकट्य नवरात्र कहा जाता है। वहीं माद्य व आषाढ़ मास के नवरात्र गुप्त नवरात्र कहे गए हैं। लोकमान्यता में चैत्र नवरात्र बड़ी नवरात्र है, क्योंकि यह सृष्टि के आरंभ का दिन है। उज्जैन के लिए यह नवरात्र विशेष है, क्योंकि इसी दिन नगर दिवस भी मनाया जाता है। देश के 52 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर में चैत्र नवरात्र में देवी का नित नया श्रृंगार होगा। शाम को गोधूलि वेला में दीपमालिका प्रज्वलित की जाएगी। सिद्धपीठ गढ़कालिका माता मंदिर में भी दीपमालिका प्रज्वलित होगी। भक्त माता गढ़कालिका की कुमकुम पूजा करेंगे। शहर के अन्य देवी मंदिरों में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहेगा।

चैत्र नवरात्रि में इन खास मंत्रों का करें जाप, हर इच्छा होगी पूरी

हर साल चैत्र और शारदिय नवरात्र में भक्त मां दुर्गा की अराधना करते हैं. इस दौरान लोग व्रत का पालन भी करते हैं. नवरात्र के पहले दिन विधि-विधान से कलश तथा घटस्थापना की जाती है. इसके बाद पूरे नौ दिन मां भगवती के सभी रुपों की पूजा की जाती है. इस बार चैत्र नवरात्र की शुरुआत 30 मार्च से हो रही है, जबकि इनकी समाप्ति 7 अप्रैल को होगी. इस दौरान मां के सामने घी का दीपकर जलाकर और पूजा और मंत्र जाप करने से व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और सभी प्रकार के कष्टों से भी मुक्ति मिलती है. मां दुर्गा के मंत्र ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥ वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥ दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ सरल मंत्र : ॐ एं ह्रीं क्लीं पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता।। या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नसस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥ सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥ सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥ चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥ एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा। वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी महागौर्यै नमः॥ श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥ सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥ या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

शेख हसीना जल्द ही बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रूप में वापसी करेंगी, डॉ. रब्बी आलम ने किया बड़ा दावा

कोलकाता बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी सहयोगी और अमेरिका अवामी लीग के उपाध्यक्ष डॉ. रब्बी आलम ने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि शेख हसीना जल्द ही बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रूप में वापसी करेंगी। इसके साथ ही, उन्होंने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शेख हसीना को सुरक्षित ठिकाना और यात्रा मार्ग प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया। मिडिया को दिए एंक इंटरव्यू में डॉ. रब्बी आलम ने ये बात कही। उन्होंने कहा, “शेख हसीना बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रूप में वापस आएंगी। युवा पीढ़ी ने गलती की है, लेकिन यह उनकी गलती नहीं है, उन्हें गुमराह किया गया है।” उन्होंने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए इसे “हमले के अधीन” बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश पर हमला हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। राजनीतिक विद्रोह ठीक है, लेकिन बांग्लादेश में ऐसा नहीं हो रहा है। यह एक आतंकवादी विद्रोह है।” साथ ही, उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस को पद छोड़ने और “जहां से आए थे, वहीं वापस जाने” के लिए कहा। उन्होंने कहा, “हम बांग्लादेश के सलाहकार से कहना चाहते हैं कि वह पद छोड़ दें और वापस वहीं चले जाएं जहां से आप आए हैं। डॉ. यूनुस, आप बांग्लादेश के नहीं हैं। यह बांग्लादेश के लोगों के लिए संदेश है कि शेख हसीना वापस आ रही हैं, वह प्रधानमंत्री के रूप में वापस आ रही हैं।” आलम ने भारत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “हमारे कई नेता भारत में शरण लिए हुए हैं, और हम भारत सरकार को इसके लिए बहुत आभारी हैं। मैं पीएम नरेंद्र मोदी को भी हमारी प्रधानमंत्री शेख हसीना के लिए सुरक्षित यात्रा मार्ग प्रदान करने के लिए धन्यवाद देता हूं। हम भारत के लोगों के भी आभारी हैं।” शेख हसीना को पिछले साल अगस्त में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद सत्ता से बेदखल कर दिया गया था, जिसके बाद वह भारत में निर्वासित जीवन बिता रही हैं। उनकी पार्टी अवामी लीग के समर्थक इसे “आतंकी विद्रोह” करार दे रहे हैं। दूसरी ओर, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हसीना की प्रत्यर्पण की मांग की है और उन पर मानवता के खिलाफ अपराधों सहित कई आरोप लगाए हैं। हालांकि, भारत ने अभी तक इस मांग पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है।

अगर कोई व्यक्ति किसी की आय पर निर्भर था, तो वह मुआवजा पाने का अधिकारी होगा, चाहे वह रिश्ते में कोई भी हो- सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में कहा है कि सड़क हादसे में मुआवजा मृतक पर आर्थिक तौर पर निर्भर हर मेंबर को मिलेगा। इस मामले में कानूनी रिप्रेजेंटेटिव की संकीर्ण व्याख्या नहीं की जा सकती है। जो लोग आर्थिक तौर पर मृतक पर निर्भर थे उन्हें दावेदारों की कैटिगरी से बाहर नहीं किया जा सकता है। अदालत ने हाल के फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि कानूनी प्रतिनिधि वह व्यक्ति होता है जो सड़क दुर्घटना में किसी शख्स की मृत्यु के कारण पीड़ित होता है और यह जरूरी नहीं कि केवल पत्नी, पति, माता-पिता या संतान ही हो। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने उस मामले की सुनवाई की जिसमें मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (Motor Accident Claims Tribunal – MACT) ने मुआवजा प्रदान करते समय मृतक के पिता और बहन को आश्रित नहीं माना था। MACT ने माना कि मृतक के पिता उनकी आय पर निर्भर नहीं थे और चूंकि पिता जीवित थे, इसलिए छोटी बहन को भी आश्रित नहीं माना जा सकता था। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने MACT के इस फैसले को बरकरार रखा जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को रद्द करते हुए माना कि निचली अदालतों ने अपीलकर्ताओं को मृतक का आश्रित मानने से इनकार करके गलती की थी। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि मुआवजा केवल पति-पत्नी, माता-पिता या बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी व्यक्तियों तक विस्तार होता है जो मरने वाले के कारण प्रभावित हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजा राशि 17 लाख 52 हजार 500 तय कर दी। क्या है मामला? ग्वालियर में 25 सितंबर 2016 को 24 साल के धीरज सिंह तोमर ऑटो में जा रहे थे। ड्राइवर तेज रफ्तार से ऑटो चला रहा था। लापरवाही के कारण ऑटो दुर्घटनाग्रस्त हो गया और धीरज की मौके पर ही मृत्यु हो गई। एमएसीटी ने मामले में कुल 9,77,200 मुआवजे भुगतान का आदेश दिया गया। मृतक के परिजनों को यह रकम भुगतान किए जाने का निर्देश दिया। लेकिन साथ ही कोर्ट ने मृतक के पिता और बहन को दावेदार नहीं माना और अन्य दावेदारों को यह रकम दिए जाने को कहा गया था। यह फैसला आगे का रास्ता तय करेगा सुप्रीम कोर्ट ने अपीलकर्ताओं जिनमें मृतक के पिता और बहन को मृतक का आश्रित माना और उन्हें मुआवजा प्रदान किया। यह फैसला भविष्य के मामलों में महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा, क्योंकि यह स्पष्ट करता है कि मोटर वाहन दुर्घटनाओं में मुआवजा केवल मृतक के पारंपरिक उत्तराधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन सभी लोगों को मिलेगा जो उसकी आय पर निर्भर थे।  

विदेशों में संपत्ति खरीदने वालों की संख्या में लगातार इजाफा, विदेशी संपत्ति की घोषणा करने वालों की बढ़ी है संख्या

नई दिल्ली विदेशों में संपत्ति रखने वाले या खरीदने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) के आंकड़े बताते हैं कि 30,000 से ज़्यादा टैक्सपेयर्स ने 29,000 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति घोषित की है। CBDT के एक अभियान के बाद यह खुलासा हुआ है। हजारों भारतीय एनआरआई बने इस अभियान में करदाताओं को अपनी विदेशी संपत्ति की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। साथ ही, 6,734 करदाताओं ने अपनी स्थिति ‘निवासी’ से ‘अनिवासी’ में बदल दी है। इन लोगों ने 1,090 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विदेशी आय की घोषणा की है। इस दौरान औसतन हर करदाता ने लगभग 1 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति घोषित की है। गौरतलब है कि आयकर विभाग ने 19,000 से ज़्यादा करदाताओं को नोटिस भेजा था। 125 देशों के बीच इंर्फोमेशन शेयरिंग एग्रगीमेंट लगभग 125 देशों के बीच सूचना साझा करने की व्यवस्था है। भारत 2018 से ही इस व्यवस्था का हिस्सा है। इसके तहत भारत को विदेशी बैंक खातों, उनमें जमा राशि, लाभांश, ब्याज और कुल भुगतान की जानकारी मिलती रहती है। लेकिन, कर अधिकारियों ने पाया कि सभी लोग ज़रूरी जानकारी नहीं दे रहे थे। इसलिए CBDT ने पिछले नवंबर में एक अभियान शुरू किया। इस अभियान में करदाताओं से अपनी विदेशी संपत्ति और आय की घोषणा करने का आग्रह किया गया। उन्हें अपडेटेड टैक्स रिटर्न के ज़रिए यह जानकारी देनी थी। टैक्सपेयर्स को भेजे जा रहे हैं ईमेल इस अभियान के दौरान आयकर विभाग ने 19,500 करदाताओं को ईमेल और टेक्स्ट मैसेज भेजे। इन करदाताओं के पास काफ़ी विदेशी संपत्ति और बैंक खातों में बड़ी रकम थी। विभाग ने लगभग 8,500 लोगों के साथ बैठकें भी कीं। हमारे सहयोगी ईटी को एक सूत्र ने बताया कि लगभग 62% करदाताओं ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपनी ITR में संशोधन करके अपनी विदेशी संपत्ति और आय की घोषणा की। विदेशी संपत्ति की घोषणा करने वालों की बढ़ी है संख्या पिछले कुछ सालों में, अपनी विदेशी संपत्ति और आय की स्वेच्छा से घोषणा करने वाले करदाताओं की संख्या बढ़ी है। वित्त वर्ष 2020-21 में यह संख्या 60,000 थी, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 2.3 लाख हो गई। इस साल जागरूकता अभियान और व्यापक प्रयासों के कारण, स्वैच्छिक घोषणाओं में वित्त वर्ष 2022-23 की तुलना में 45% की वृद्धि हुई है।

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